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शनिवार, 31 मार्च 2018

त्यागे हुए



   रूसी लेखक फोएडर दोस्तोवस्की ने कहा, “किसी समाज की सभ्यता को उसके कैदखानों में जाने से पहचाना जा सकता है।” इस बात को ध्यान में रखते हुए मैंने एक लेख पढ़ा “सँसार के 8 सबसे खतरनाक कैदखाने।” इनमें से एक कैदखाना ऐसा है जिसमें का प्रत्येक कैदी एकांत कारावास में रखा गया है।

   हम मनुष्यों को, समाज में रहने और परस्पर संबंध रखने के लिए बनाया गया है, न कि एकांत के लिए। इसीलिए एकांत कारावास इतना कठोर दण्ड है।

   क्रूस पर चढ़ाए जाने के पश्चात प्रभु यीशु का परमेश्वर पिता से अनन्त संबंध का टूटना, उस परिस्थिति का वह एकांत उनकी सबसे भयानक वेदना थी; और इसीलिए, “तीसरे पहर के निकट यीशु ने बड़े शब्द से पुकारकर कहा, एली, एली, लमा शबक्तनी अर्थात हे मेरे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर, तू ने मुझे क्यों छोड़ दिया?” (मत्ती 27:46)। हमारे पापों के बोझ तले दबे हुए उन्होंने हर पीड़ा को सहा और अपना जीवन बलिदान किया। वहाँ क्रूस पर मसीह यीशु अचानक ही अकेले, त्यागे हुए, परमेश्वर के साथ अपने संबंध से कटे हुए हो गए। परन्तु उनकी इस एकांत की यातना सहन करने से हम मनुष्यों के लिए परमेश्वर पिता से यह प्रतिज्ञा मिली: “...उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा” (इब्रानियों 13:5)।

   प्रभु यीशु ने क्रूस पर त्यागे जाने की और शारीरिक पीड़ा को सहा ताकि हम मनुष्यों को कभी परमेश्वर का त्यागा हुआ न रहना पड़े। आज भी प्रभु यीशु के बलिदान में लाया गया विश्वास, उसके नाम में सच्चे मन से किया गया पापों से पश्चाताप, आपको त्यागे हुए से सदा काल के लिए परमेश्वर का अपनाया हुआ बना देगा। - बिल क्राउडर


जो प्रभु यीशु के हो गए हैं वे कभी अकेले नहीं हो सकते हैं।

परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं। वे न तो लोहू से, न शरीर की इच्छा से, न मनुष्य की इच्छा से, परन्तु परमेश्वर से उत्पन्न हुए हैं। - यूहन्ना 1:12-13

बाइबल पाठ: भजन 22:1-10
Psalms 22:1 हे मेरे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर, तू ने मुझे क्यों छोड़ दिया? तू मेरी पुकार से और मेरी सहायता करने से क्यों दूर रहता है? मेरा उद्धार कहां है?
Psalms 22:2 हे मेरे परमेश्वर, मैं दिन को पुकारता हूं परन्तु तू उत्तर नहीं देता; और रात को भी मैं चुप नहीं रहता।
Psalms 22:3 परन्तु हे तू जो इस्राएल की स्तुति के सिहांसन पर विराजमान है, तू तो पवित्र है।
Psalms 22:4 हमारे पुरखा तुझी पर भरोसा रखते थे; वे भरोसा रखते थे, और तू उन्हें छुड़ाता था।
Psalms 22:5 उन्होंने तेरी दोहाई दी और तू ने उन को छुड़ाया वे तुझी पर भरोसा रखते थे और कभी लज्जित न हुए।
Psalms 22:6 परन्तु मैं तो कीड़ा हूं, मनुष्य नहीं; मनुष्यों में मेरी नामधराई है, और लोगों में मेरा अपमान होता है।
Psalms 22:7 वह सब जो मुझे देखते हैं मेरा ठट्ठा करते हैं, और ओंठ बिचकाते और यह कहते हुए सिर हिलाते हैं,
Psalms 22:8 कि अपने को यहोवा के वश में कर दे वही उसको छुड़ाए, वह उसको उबारे क्योंकि वह उस से प्रसन्न है।
Psalms 22:9 परन्तु तू ही ने मुझे गर्भ से निकाला; जब मैं दूधपिउवा बच्च था, तब ही से तू ने मुझे भरोसा रखना सिखलाया।
Psalms 22:10 मैं जन्मते ही तुझी पर छोड़ दिया गया, माता के गर्भ ही से तू मेरा ईश्वर है।


एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों 11-12
  • लूका 6:1-26



गुरुवार, 20 नवंबर 2014

त्यागा हुआ


   कैरिस्सा स्मिथ अपने 4 महीने की बच्ची के साथ स्थानीय पुस्तकालय में कुछ पुस्तकें देख रही थी, और उसकी बेटी प्रसन्नचित्त होकर मुँह से कुछ आवाज़ें निकाल रही थी। एक वृद्ध व्यक्ति ने बड़े रूखे स्वर में कैरिस्सा से कहा कि या तो कैरिस्सा स्वयं अपनी बच्ची को शान्त कर ले अन्यथा वह कर देगा। कैरिस्सा ने उसे उत्तर दिया, "मैं नहीं जानती कि आपके जीवन में ऐसा क्या है जो एक प्रसन्न बच्ची के कारण आपको दुखी कर रहा है, लेकिन वह जो भी है जो एक प्रसन्न बच्ची को देखकर आपको दुखी कर रहा है, मैं उसके लिए क्षमाप्रार्थी हूँ; लेकिन ना तो मैं अपनी बच्ची को शान्त करूँगी और ना ही आपको उसे शान्त करने दूँगी।" उस वृद्ध ने तुरंत अपना सिर झुकाकर क्षमा माँगी, और फिर कैरिस्सा के साथ 50 वर्ष पहले अपने बेटे की अचानक हुई मृत्यु की कहानी बाँटी, जिसके दुख और आवेश को वह अपने अन्दर दबाए बैठा था।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 13 में दाऊद अपने दुखी मन के विचारों को बड़े खुले रूप में परमेश्वर के सामने रखता है। अपने दुख को व्यक्त करने के लिए वह बड़ी व्यथित परन्तु खरे शब्दों को प्रयोग करता है: "हे परमेश्वर तू कब तक? क्या सदैव मुझे भूला रहेगा? तू कब तक अपना मुखड़ा मुझ से छिपाए रहेगा?" (पद 1) दाऊद के ये प्रश्न उसके अन्दर त्यागा हुआ होने के भय को दिखाते हैं; लेकिन थोड़ी ही देर में दाऊद की यह व्यथित भाषा परमेश्वर से सहायता की पुकार में परिवर्तित हो जाती है और वह परमेश्वर में अपने विश्वास और अपने प्रति उसके प्रेम को दृढ़ता से व्यक्त करता है (पद 3-6)।

   हम सब अपने जीवनों में कठिन समयों से होकर गुज़रते हैं; हमें प्रतीत होता है कि परमेश्वर ने हमें छोड़ दिया है। लेकिन जैसे दाऊद के साथ हुआ, वैसे ही हमारे साथ भी हो सकता है - हमारा शोक आनन्द में परिवर्तित हो सकता है, यदि हम भी दाऊद के समान ही खुले मन से अपनी बात परमेश्वर के सम्मुख रखें, उससे सहायता माँगें और अपने प्रति परमेश्वर के प्रेम में भरोसा व्यक्त करें क्योंकि परमेश्वर का प्रेम अपने बच्चों के प्रति ना कभी बदलता है और ना ही कभी घटता-बढ़ता है। - मार्विन विलियम्स


परमेश्वर हमें कभी नहीं छोड़ेगा, कभी नहीं त्यागेगा।

क्रोध के झकोरे में आकर मैं ने पल भर के लिये तुझ से मुंह छिपाया था, परन्तु अब अनन्त करूणा से मैं तुझ पर दया करूंगा, तेरे छुड़ाने वाले यहोवा का यही वचन है। - यशायाह 54:8

बाइबल पाठ: भजन 13
Psalms 13:1 हे परमेश्वर तू कब तक? क्या सदैव मुझे भूला रहेगा? तू कब तक अपना मुखड़ा मुझ से छिपाए रहेगा? 
Psalms 13:2 मैं कब तक अपने मन ही मन में युक्तियां करता रहूं, और दिन भर अपने हृदय में दुखित रहा करूं, कब तक मेरा शत्रु मुझ पर प्रबल रहेगा? 
Psalms 13:3 हे मेरे परमेश्वर यहोवा मेरी ओर ध्यान दे और मुझे उत्तर दे, मेरी आंखों में ज्योति आने दे, नहीं तो मुझे मृत्यु की नींद आ जाएगी; 
Psalms 13:4 ऐसा न हो कि मेरा शत्रु कहे, कि मैं उस पर प्रबल हो गया; और ऐसा न हो कि जब मैं डगमगाने लगूं तो मेरे शत्रु मगन हों।
Psalms 13:5 परन्तु मैं ने तो तेरी करूणा पर भरोसा रखा है; मेरा हृदय तेरे उद्धार से मगन होगा। 
Psalms 13:6 मैं परमेश्वर के नाम का भजन गाऊंगा, क्योंकि उसने मेरी भलाई की है।

एक साल में बाइबल: 
  • रोमियों 5-8


शनिवार, 1 नवंबर 2014

त्यागा हुआ?


   क्या आप जानते हैं कि परमेश्वर के वचन बाइबल के नए नियम खण्ड में कौन से भजन का सबसे अधिक बार उद्धरण हुआ है? शायद आपने भजन 23 सोचा होगा जो बहुत लोकप्रीय और अकसर प्रयोग किया जाने वाला भजन है; लेकिन नए नियम में सबसे अधिक उद्धरण भजन 22 का हुआ है। भजन 22 आरंभ होता है भजन के लेखक दाऊद के मार्मिक तथा हृदयविदारक शब्दों से जिन्हें प्रभु यीशु मसीह ने क्रूस पर उद्धरित किया, "हे मेरे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर, तू ने मुझे क्यों छोड़ दिया?" (मत्ती 27:46; मरकुस 15:34); दाऊद ने अनुभव किया कि वह त्यागा हुआ है, अकेला पड़ गया है, क्योंकि वह आगे कहता है: "तू मेरी पुकार से और मेरी सहायता करने से क्यों दूर रहता है?" (भजन 22:1)। साथ ही दाऊद ने यह भी अनुभव किया कि वह नज़रन्दाज़ किया हुआ है: "हे मेरे परमेश्वर, मैं दिन को पुकारता हूं परन्तु तू उत्तर नहीं देता" (भजन 22:2)।

   ज़रा उस परिस्थिति की कल्पना कीजिए जिस में दाऊद ने अपने आप को पाया होगा और उसके मन से परमेश्वर को संबोधित यह वेदना की पुकार निकली होगी। लेकिन इस भजन में एक और विलक्षण बात है, इस में वर्णित बातें प्रभु यीशु के जीवन और क्रूस पर चढ़ाए जाने और वहाँ उनके अनुभवों की भविष्यवाणी भी हैं जो प्रभु यीशु के जन्म से लगभग 1000 वर्ष पूर्व दाऊद ने लिखीं, वह भी तब जब क्रूस पर चढ़ाकर दीया जाने वाला मृत्युदण्ड आरंभ भी नहीं हुआ था, और प्रभु यीशु के क्रूस पर चढ़ाए जाने के समय पूरी हुईं!

   क्या आप भी कभी ऐसी किसी परिस्थिति और अनुभव से होकर निकले हैं? क्या आपने भी कभी आकाश की ओर देखकर यह सोचा है कि क्यों परमेश्वर आपकी नहीं सुन रहा है, आपको नज़रन्दाज़ कर रहा है? यदि ऐसा है तो दाऊद के अनुभवों के संसार में आपका भी स्वागत है! लेकिन इस भजन में एक और बात है - दाऊद की प्रत्येक दुखभरी फरियाद के साथ, परमेश्वर का एक गुण भी दिया गया है जो दाऊद को निराशा से निकालकर लाता है। अपने इस अनुभव में होकर दाऊद ने जाना कि परमेश्वर पवित्र है (पद 3), भरोसेमन्द है (पद 4-5), छुड़ाने और बचानेवाला है (पद 8, 20-21), और उसका सामर्थी सहायक है (पद 19)।

   क्या आप भी अपने आपको त्यागा हुआ और अकेला पड़ा हुआ समझते हैं? परमेश्वर पर भरोसा रखिए, दाऊद के समान उसे पुकारिए और उसके गुणों को दोहराईए, और फिर दाउद के समान ही आप भी उसकी स्तुति करने लगेंगे (पद 26)। - डेव ब्रैनन


चाहे हम परमेश्वर की उपस्थिति महसूस ना भी करें, उसकी प्रेम भरी देखभाल हमें सदा ढाँपे रहती है।

क्योंकि वह अभिलाषी जीव को सन्तुष्ट करता है, और भूखे को उत्तम पदार्थों से तृप्त करता है। - भजन 107:9

बाइबल पाठ: भजन 22
Psalms 22:1 हे मेरे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर, तू ने मुझे क्यों छोड़ दिया? तू मेरी पुकार से और मेरी सहायता करने से क्यों दूर रहता है? मेरा उद्धार कहां है? 
Psalms 22:2 हे मेरे परमेश्वर, मैं दिन को पुकारता हूं परन्तु तू उत्तर नहीं देता; और रात को भी मैं चुप नहीं रहता। 
Psalms 22:3 परन्तु हे तू जो इस्राएल की स्तुति के सिहांसन पर विराजमान है, तू तो पवित्र है। 
Psalms 22:4 हमारे पुरखा तुझी पर भरोसा रखते थे; वे भरोसा रखते थे, और तू उन्हें छुड़ाता था। 
Psalms 22:5 उन्होंने तेरी दोहाई दी और तू ने उन को छुड़ाया वे तुझी पर भरोसा रखते थे और कभी लज्जित न हुए।
Psalms 22:6 परन्तु मैं तो कीड़ा हूं, मनुष्य नहीं; मनुष्यों में मेरी नामधराई है, और लोगों में मेरा अपमान होता है। 
Psalms 22:7 वह सब जो मुझे देखते हैं मेरा ठट्ठा करते हैं, और ओंठ बिचकाते और यह कहते हुए सिर हिलाते हैं, 
Psalms 22:8 कि अपने को यहोवा के वश में कर दे वही उसको छुड़ाए, वह उसको उबारे क्योंकि वह उस से प्रसन्न है। 
Psalms 22:9 परन्तु तू ही ने मुझे गर्भ से निकाला; जब मैं दूधपिउवा बच्च था, तब ही से तू ने मुझे भरोसा रखना सिखलाया। 
Psalms 22:10 मैं जन्मते ही तुझी पर छोड़ दिया गया, माता के गर्भ ही से तू मेरा ईश्वर है। 
Psalms 22:11 मुझ से दूर न हो क्योंकि संकट निकट है, और कोई सहायक नहीं। 
Psalms 22:12 बहुत से सांढ़ों ने मुझे घेर लिया है, बाशान के बलवन्त सांढ़ मेरे चारों ओर मुझे घेरे हुए हैं। 
Psalms 22:13 वह फाड़ने और गरजने वाले सिंह की नाईं मुझ पर अपना मुंह पसारे हुए है।
Psalms 22:14 मैं जल की नाईं बह गया, और मेरी सब हडि्डयों के जोड़ उखड़ गए: मेरा हृदय मोम हो गया, वह मेरी देह के भीतर पिघल गया। 
Psalms 22:15 मेरा बल टूट गया, मैं ठीकरा हो गया; और मेरी जीभ मेरे तालू से चिपक गई; और तू मुझे मारकर मिट्टी में मिला देता है। 
Psalms 22:16 क्योंकि कुत्तों ने मुझे घेर लिया है; कुकर्मियों की मण्डली मेरी चारों ओर मुझे घेरे हुए है; वह मेरे हाथ और मेरे पैर छेदते हैं। 
Psalms 22:17 मैं अपनी सब हडि्डयां गिन सकता हूं; वे मुझे देखते और निहारते हैं; 
Psalms 22:18 वे मेरे वस्त्र आपस में बांटते हैं, और मेरे पहिरावे पर चिट्ठी डालते हैं। 
Psalms 22:19 परन्तु हे यहोवा तू दूर न रह! हे मेरे सहायक, मेरी सहायता के लिये फुर्ती कर! 
Psalms 22:20 मेरे प्राण को तलवार से बचा, मेरे प्राण को कुत्ते के पंजे से बचा ले! 
Psalms 22:21 मुझे सिंह के मुंह से बचा, हां, जंगली सांढ़ों के सींगो में से तू ने मुझे बचा लिया है।
Psalms 22:22 मैं अपने भाइयों के साम्हने तेरे नाम का प्रचार करूंगा; सभा के बीच में तेरी प्रशंसा करूंगा। 
Psalms 22:23 हे यहोवा के डरवैयों उसकी स्तुति करो! हे याकूब के वंश, तुम सब उसकी महिमा करो! हे इस्त्राएल के वंश, तुम उसका भय मानो! 
Psalms 22:24 क्योंकि उसने दु:खी को तुच्छ नहीं जाना और न उस से घृणा करता है, ओर न उस से अपना मुख छिपाता है; पर जब उसने उसकी दोहाई दी, तब उसकी सुन ली।
Psalms 22:25 बड़ी सभा में मेरा स्तुति करना तेरी ही ओर से होता है; मैं अपने प्रण को उस से भय रखने वालों के साम्हने पूरा करूंगा 
Psalms 22:26 नम्र लोग भोजन कर के तृप्त होंगे; जो यहोवा के खोजी हैं, वे उसकी स्तुति करेंगे। तुम्हारे प्राण सर्वदा जीवित रहें! 
Psalms 22:27 पृथ्वी के सब दूर दूर देशों के लोग उसको स्मरण करेंगे और उसकी ओर फिरेंगे; और जाति जाति के सब कुल तेरे साम्हने दण्डवत करेंगे। 
Psalms 22:28 क्योंकि राज्य यहोवा की का है, और सब जातियों पर वही प्रभुता करता है।
Psalms 22:29 पृथ्वी के सब हृष्टपुष्ट लोग भोजन कर के दण्डवत करेंगे; वह सब जितने मिट्टी में मिल जाते हैं और अपना अपना प्राण नहीं बचा सकते, वे सब उसी के साम्हने घुटने टेकेंगे। 
Psalms 22:30 एक वंश उसकी सेवा करेगा; दूसरा पीढ़ी से प्रभु का वर्णन किया जाएगा। 
Psalms 22:31 वह आएंगे और उसके धर्म के कामों को एक वंश पर जो उत्पन्न होगा यह कहकर प्रगट करेंगे कि उसने ऐसे ऐसे अद्भुत काम किए।

एक साल में बाइबल: 
  • लूका 22-24