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रविवार, 13 जनवरी 2019

भरोसा



      हमारा बेटा सात वर्ष तक नशीले पदार्थों के सेवन की लत से जूझता रहा, और उस समय के दौरान मैंने तथा मेरी पत्नि ने कई प्रकार की कठिनाईयों का सामना किया। उसके इस लत से छूटने और स्वस्थ होने की प्रतीक्षा करते हुए हमने छोटी-छोटी विजयों के लिए आनदित होना सीखा। यदि चौबीस-घंटे के समय में कुछ बुरा नहीं होता था, तो हम एक-दूसरे से “आज दिन अच्छा रहा” कहकर आनन्दित होते थे। यह छोटा सा वाक्य हमारे लिए परमेश्वर के प्रति छोटी-से-छोटी बात के लिए धन्यवादी रहने का स्मरण बन गया।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 126:3 में परमेश्वर की कोमल कृपा का एक और भी उत्तम स्मरण-वाक्य मिलता है, जो यह भी ध्यान दिलाता है कि परमेश्वर की करुणा का हमारे लिए अर्थ क्या है: “यहोवा ने हमारे साथ बड़े बड़े काम किए हैं; और इस से हम आनन्दित हैं” यह कितना अच्छा पद है सदा स्मरण रखने के लिए कि प्रभु यीशु ने अपने प्रेम और अनुग्रह में होकर क्रूस पर हमारे तथा सँसार के प्रत्येक जन के लिए क्या किया है। किसी भी दिन की कठिनाईयां इस तथ्य को बदल नहीं सकती हैं कि चाहे कुछ हो जाए, हमारे प्रभु ने अथाह दयालुता दिखाई है, और हमारे प्रति उसका प्रेम सदा बना रहता है।

      हम जब कठिन समयों से निकलकर आते हैं और ध्यान करते हैं कि परमेश्वर हमारे प्रति विश्वासयोग्य बना रहा है, तो यह हमें उस अगले अनुभव के लिए तैयार करता है जब जीवन की परिस्थतियां फिर से कठिन हो सकती हैं। हम चाहे यह नहीं जानने या समझने पाएँ कि प्रभु परमेश्वर उन कठिन परिस्थितियों में से हमें कैसे सुरक्षित निकाल ले जाएगा, परन्तु बीते समय की उसकी कृपा और अनुग्रह हमें आश्वस्त करता है कि आगे भी ऐसा ही होगा – हम उसपर हर बात के लिए सदा भरोसा रख सकते हैं। - जेम्स बैंक्स


हम चाहे परमेश्वर के हाथ को देखने ना पाएँ, 
किन्तु हम उसके हृदय पर भरोसा रख सकते हैं।

यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि वह भला है, और उसकी करूणा सदा की है। - भजन 136:1

बाइबल पाठ: भजन 126
Psalms 126:1 जब यहोवा सिय्योन से लौटने वालों को लौटा ले आया, तब हम स्वप्न देखने वाले से हो गए।
Psalms 126:2 तब हम आनन्द से हंसने और जयजयकार करने लगे; तब जाति जाति के बीच में कहा जाता था, कि यहोवा ने, इनके साथ बड़े बड़े काम किए हैं।
Psalms 126:3 यहोवा ने हमारे साथ बड़े बड़े काम किए हैं; और इस से हम आनन्दित हैं।
Psalms 126:4 हे यहोवा, दक्खिन देश के नालों के समान, हमारे बन्धुओं को लौटा ले आ!
Psalms 126:5 जो आंसू बहाते हुए बोते हैं, वे जयजयकार करते हुए लवने पाएंगे।
Psalms 126:6 चाहे बोने वाला बीज ले कर रोता हुआ चला जाए, परन्तु वह फिर पूलियां लिये जयजयकार करता हुआ निश्चय लौट आएगा।
                                                                                                                                                        
एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 31-32
  • मत्ती 9:18-38



शनिवार, 12 जनवरी 2019

अनुग्रह



      एक अन्तर्राष्ट्रीय शोध कंपनी ने सन 2015 में बताया कि लोगों पर निगरानी रखने के लिए, सँसार भर में, दो करोड़ पैंतालीस लाख कैमरे लगे हुए हैं, और उनकी संख्या प्रतिवर्ष 15 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है। इसके अतिरिक्त, प्रतिदिन करोड़ों लोग अपने मोबाइल फोन के द्वारा अनगिनित फोटो और वीडियो लेते रहते हैं, अपने जन्मदिन की पार्टी से लेकर बैक में की जा रही लूट तक की, हर प्रकार की घटनाओं की, या यूं ही। हम चाहे इस बढ़ती हुई सुरक्षा की सराहना करें, अथवा घटते हुए व्यक्तिगत समय, स्थान और जीवन की निन्दा करें, हम एक ऐसे समाज में रहते हैं जहाँ कैमरे के द्वारा हम निरन्तर निगाहों तथा सर्वेक्षण में बने रहते हैं।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में इब्रानियों की पुस्तक में लिखा है कि हम परमेश्वर के साथ अपने संबंध में उसकी दृष्टि में सदा बने रहते हैं, कैमरों की निगाहों में होने से कहीं अधिक। परमेश्वर का वचन, एक दो-धारी तलवार के समान, हमारे व्यक्तित्व के सबसे गहरे स्थान तक उतर जाता है और “...मन की भावनाओं और विचारों को जांचता है। और सृष्‍टि की कोई वस्तु उस से छिपी नहीं है वरन जिस से हमें काम है, उस की आंखों के साम्हने सब वस्तुएं खुली और बेपरदा हैं” (इब्रानियों 4:12-13)।

      क्योंकि हमारे उद्धारकर्ता प्रभु यीशु ने हमारे समान निर्बलताओं, परिस्थितियों और परीक्षाओं का अनुभव किया किन्तु पाप नहीं किया, इसलिए उसमें होकर हम “...अनुग्रह के सिंहासन के निकट हियाव बान्‍धकर चलें, कि हम पर दया हो, और वह अनुग्रह पाएं, जो आवश्यकता के समय हमारी सहायता करे” (पद 15-16)। हमें प्रभु परमेश्वर से भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है, परन्तु हमें उसमें आश्वस्त रहना चाहिए कि हम जब भी उसके पास आएँगे, उसका अनुग्रह हमारे लिए उपलब्ध एवँ कार्यकारी मिलेगा। - डेविड मैक्कैस्लैंड


प्रभु परमेश्वर की दृष्टि और अनुग्रह से हमारे जीवन की कोई भी बात छुपी नहीं है।

क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए। परमेश्वर ने अपने पुत्र को जगत में इसलिये नहीं भेजा, कि जगत पर दंड की आज्ञा दे परन्तु इसलिये कि जगत उसके द्वारा उद्धार पाए। - यूहन्ना 3:16-17

बाइबल पाठ: इब्रानियों 4:12-16
Hebrews 4:12 क्योंकि परमेश्वर का वचन जीवित, और प्रबल, और हर एक दोधारी तलवार से भी बहुत चोखा है, और जीव, और आत्मा को, और गांठ गांठ, और गूदे गूदे को अलग कर के, वार पार छेदता है; और मन की भावनाओं और विचारों को जांचता है।
Hebrews 4:13 और सृष्‍टि की कोई वस्तु उस से छिपी नहीं है वरन जिस से हमें काम है, उस की आंखों के साम्हने सब वस्तुएं खुली और बेपरदा हैं।
Hebrews 4:14 सो जब हमारा ऐसा बड़ा महायाजक है, जो स्‍वर्गों से हो कर गया है, अर्थात परमेश्वर का पुत्र यीशु; तो आओ, हम अपने अंगीकार को दृढ़ता से थामें रहे।
Hebrews 4:15 क्योंकि हमारा ऐसा महायाजक नहीं, जो हमारी निर्बलताओं में हमारे साथ दुखी न हो सके; वरन वह सब बातों में हमारे समान परखा तो गया, तौभी निष्‍पाप निकला।
Hebrews 4:16 इसलिये आओ, हम अनुग्रह के सिंहासन के निकट हियाव बान्‍धकर चलें, कि हम पर दया हो, और वह अनुग्रह पाएं, जो आवश्यकता के समय हमारी सहायता करे।
                                                                                                                                                        
एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 29-30
  • मत्ती 9:1-17



शुक्रवार, 11 जनवरी 2019

मिलकर



      मेरी पत्नि कई प्रकार की सब्जियों को एक साथ मीट के साथ मिलाकर बहुत स्वादिष्ट भोजन बनाती है। वह विभिन्न सब्जियों और मसालों को लेकर, उसमें मीट के टुकड़े डाल कर धीमी आंच पर उन्हें पकने के लिए रख देती है। छः से सात घंटे पकने के पश्चात उस से उठने वाली सुगंध घर में भर जाती है और उस पके हुए भोजन का स्वाद लाजवाब होता है। यह मेरे लिए सदा ही लाभदायक रहता है कि मैं जल्दबाज़ी न करूँ, वरन धैर्य से उन सभी वस्तुओं को एक साथ मिलकर पक जाने दूँ। उनके साथ पक जाने से जो स्वाद और सुगंध आती है वह उनके अकेले-अकेले पकने में कभी नहीं आ पाती है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में जब पौलुस ने, सताव के परिप्रेक्ष्य में वाक्याँश “सब...मिलकर” का प्रयोग किया तो उसने मूल भाषा में वह शब्द प्रयोग किया जिससे हमें आज सहक्रियता  शब्द मिलता है। रोम के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में पौलुस ने लिखा, “और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं” (रोमियों 8:28)। वह चाहता था कि रोम में रहने वाले वे मसीही विश्वासी जान लें के परमेश्वर, जो उनके सताव का रचियता नहीं था, उनकी समस्त परिस्थितियों को लेकर, उन्हें अपनी ईश्वरीय योजना के साथ सहक्रिय करके, अन्ततः उन सब बातों को मिलाकर उनके लिए अद्भुत भलाई ही उत्पन्न करके देगा। पौलुस जिस भलाई की बात कर रहा था वह भौतिक एवं नाश्मान बातें जैसे स्वास्थ्य, संपदा, प्रसिद्धी, या सफलता आदि नहीं थी वरन परमेश्वर के पुत्र, प्रभु यीशु मसीह के स्वरूप में ढलना था (पद 29)।

      हम भी धैर्य तथा भरोसे के साथ प्रतीक्षा करें, क्योंकि हमारा स्वर्गीय पिता हमारे प्रति लाए जा रहे सारे दुखों, परेशानियों, बुराईयों आदि को लेकर, उन्हें अपनी भलाई के साथ मिलाकर, हमारी भलाई तथा अपनी महिमा के लिए विलक्षण कार्य कर रहा है। वह कार्य जब तैयार होकर हमारे समक्ष आएगा तो उसकी उत्तमता को देखकर हम चकित हो जाएँगे। वह हमें प्रभु यीशु मसीह के स्वरूप में ढाल रहा है। - मार्विन विलियम्स


परमेश्वर के प्रति धैर्य तथा उसके समय की प्रतीक्षा सदा ही हमें उन्नति प्रदान करती है।

परन्तु जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वे नया बल प्राप्त करते जाएंगे, वे उकाबों की नाईं उड़ेंगे, वे दौड़ेंगे और श्रमित न होंगे, चलेंगे और थकित न होंगे। - यशायाह 40:31

बाइबल पाठ: रोमियों 8:28-39
Romans 8:28 और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं।
Romans 8:29 क्योंकि जिन्हें उसने पहिले से जान लिया है उन्हें पहिले से ठहराया भी है कि उसके पुत्र के स्वरूप में हों ताकि वह बहुत भाइयों में पहिलौठा ठहरे।
Romans 8:30 फिर जिन्हें उसने पहिले से ठहराया, उन्हें बुलाया भी, और जिन्हें बुलाया, उन्हें धर्मी भी ठहराया है, और जिन्हें धर्मी ठहराया, उन्हें महिमा भी दी है।
Romans 8:31 सो हम इन बातों के विषय में क्या कहें? यदि परमेश्वर हमारी ओर है, तो हमारा विरोधी कौन हो सकता है?
Romans 8:32 जिसने अपने निज पुत्र को भी न रख छोड़ा, परन्तु उसे हम सब के लिये दे दिया: वह उसके साथ हमें और सब कुछ क्योंकर न देगा?
Romans 8:33 परमेश्वर के चुने हुओं पर दोष कौन लगाएगा? परमेश्वर वह है जो उन को धर्मी ठहराने वाला है।
Romans 8:34 फिर कौन है जो दण्ड की आज्ञा देगा? मसीह वह है जो मर गया वरन मुर्दों में से जी भी उठा, और परमेश्वर की दाहिनी ओर है, और हमारे लिये निवेदन भी करता है।
Romans 8:35 कौन हम को मसीह के प्रेम से अलग करेगा? क्या क्लेश, या संकट, या उपद्रव, या अकाल, या नंगाई, या जोखिम, या तलवार?
Romans 8:36 जैसा लिखा है, कि तेरे लिये हम दिन भर घात किए जाते हैं; हम वध होने वाली भेंड़ों के समान गिने गए हैं।
Romans 8:37 परन्तु इन सब बातों में हम उसके द्वारा जिसने हम से प्रेम किया है, जयवन्त से भी बढ़कर हैं।
Romans 8:38 क्योंकि मैं निश्चय जानता हूं, कि न मृत्यु, न जीवन, न स्वर्गदूत, न प्रधानताएं, न वर्तमान, न भविष्य, न सामर्थ्य, न ऊंचाई,
Romans 8:39 न गहिराई और न कोई और सृष्टि, हमें परमेश्वर के प्रेम से, जो हमारे प्रभु मसीह यीशु में है, अलग कर सकेगी।
                                                                                                                                                        
एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 27-28
  • मत्ती 8:18-34



गुरुवार, 10 जनवरी 2019

भलाई



      कुछ लोगों का मानना है कि अमेरिका की लेखिका एन हरबर्ट ने 1982 में एक रेस्टॉरेंट के मेजपोश पर यों ही यह वाक्याँश “निरुद्देश्य ही भलाई के कार्य और बस यूँ ही सुन्दरता के कार्य करते रहें” लिख दिया था। तब से लेकर आज तक इस वाक्यांश का मनोभाव फिल्मों और साहित्य के द्वारा लोकप्रिय किया जाता रहा है, और हमारे वार्तालाप के शब्द संग्रह का एक भाग बन गया है।

      प्रश्न यह है कि “क्यों?” हमें क्यों कृपालु होना या भलाई करनी चाहिए? जो प्रभु यीशु के अनुयायी हैं उनके लिए उत्तर स्पष्ट है: परमेश्वर के कृपालुता और दया को दिखाने के लिए।

      परमेश्वर के वचन बाइबल के पुराने नियम खण्ड में इसका एक अच्छा उदाहरण है, जो रूत की कहानी में मिलता है। रूत एक मोआबी स्त्री थी जिसका विवाह एक इस्राएली पुरुष से हुआ था, किन्तु उनके पतियों का देहांत हो जाने के कारण वह और उसकी विधवा सास अब इस्राएल में रहने वापस आ गए थे। रूत परदेसी थी, जिन लोगों के मध्य अब वह रह रही थी न तो उनकी भाषा जानती थी और न ही उनके रीति-रिवाज़, किन्तु वह इस्राएल के परमेश्वर पर विश्वास करती थी। वे लोग बहुत निर्धन थे और लोगों की कृपा पर निर्भर थे, किन्तु लोग उनका ध्यान कम ही करते थे।

      किन्तु एक इस्राएली, बोअज, ने रूत पर अनुग्रह किया और उसके हृदय को छू लिया (रूत 2:13)। उसने रूत को अनुमति दी कि उस समय चल रही कटनी के समय में वह जाकर उसके खेत में से अनाज की बालियाँ बीन ले, वरन अपने काम करने वालों को निर्देश भी दिए कि वे रूत के बीनने के लिए जान-बूझकर बालियाँ भूमि पर गिरने दें। आगे चलकर, रूत के उत्तम चरित्र और विश्वासयोग्यता से प्रभावित होकर बो बोअज ने रूत से विवाह भी किया, और बो बोअज एवँ रूत की संतानों के वंश से राजा दाऊद और फिर प्रभु यीशु मसीह भी आए; और प्रभु यीशु मसीह सँसार के सभी लोगों के लिए पाप क्षमा और उद्धार का मार्ग बनाकर देने वाले हुए (मत्ती 1:1-16)।

      हम नहीं जानते हैं कि यीशु के नाम में किए गए भलाई और कृपालुता के एक कार्य के दूरगामी परिणाम क्या होंगे, कहाँ तक जाएँगे; बस निरुद्देश्य भलाई करते रहिए। - डेविड रोपर


भलाई करना आरंभ करने में कभी देर नहीं होती है।

मैं तुम से सच कहता हूं, कि तुम ने जो मेरे इन छोटे से छोटे भाइयों में से किसी एक के साथ किया, वह मेरे ही साथ किया। - मत्ती 25:40

बाइबल पाठ: रूत 2: 4-17
Ruth 2:4 और बोअज बेतलेहेम से आकर लवने वालों से कहने लगा, यहोवा तुम्हारे संग रहे, और वे उस से बोले, यहोवा तुझे आशीष दे।
Ruth 2:5 तब बोअज ने अपने उस सेवक से जो लवने वालों के ऊपर ठहराया गया था पूछा, वह किस की कन्या है।
Ruth 2:6 जो सेवक लवने वालों के ऊपर ठहराया गया था उसने उत्तर दिया, वह मोआबिन कन्या है, जो नाओमी के संग मोआब देश से लौट आई है।
Ruth 2:7 उसने कहा था, मुझे लवने वालों के पीछे पीछे पूलों के बीच बीनने और बालें बटोरने दे। तो वह आई, और भोर से अब तक यहीं है, केवल थोड़ी देर तक घर में रही थी।
Ruth 2:8 तब बोअज ने रूत से कहा, हे मेरी बेटी, क्या तू सुनती है? किसी दूसरे के खेत में बीनने को न जाना, मेरी ही दासियों के संग यहीं रहना।
Ruth 2:9 जिस खेत को वे लवतीं हों उसी पर तेरा ध्यान बन्धा रहे, और उन्हीं के पीछे पीछे चला करना। क्या मैं ने जवानों को आज्ञा नहीं दी, कि तुझ से न बोलें? और जब जब तुझे प्यास लगे, तब तब तू बरतनों के पास जा कर जवानों का भरा हुआ पानी पीना।
Ruth 2:10 तब वह भूमि तक झुककर मुंह के बल गिरी, और उस से कहने लगी, क्या कारण है कि तू ने मुझ परदेशिन पर अनुग्रह की दृष्टि कर के मेरी सुधि ली है?
Ruth 2:11 बोअज ने उत्तर दिया, जो कुछ तू ने पति मरने के पीछे अपनी सास से किया है, और तू किस रीति अपने माता पिता और जन्मभूमि को छोड़कर ऐसे लोगों में आई है जिन को पहिले तू ने जानती थी, यह सब मुझे विस्तार के साथ बताया गया है।
Ruth 2:12 यहोवा तेरी करनी का फल दे, और इस्राएल का परमेश्वर यहोवा जिसके पंखों के तले तू शरण लेने आई है तुझे पूरा बदला दे
Ruth 2:13 उसने कहा, हे मेरे प्रभु, तेरे अनुग्रह की दृष्टि मुझ पर बनी रहे, क्योंकि यद्यपि मैं तेरी दासियों में से किसी के भी बराबर नहीं हूं, तौभी तू ने अपनी दासी के मन में पैठनेवाली बातें कहकर मुझे शान्ति दी है।
Ruth 2:14 फिर खाने के समय बोअज ने उस से कहा, यहीं आकर रोटी खा, और अपना कौर सिरके में बोर। तो वह लवने वालों के पास बैठ गई; और उसने उसको भुनी हुई बालें दी; और वह खाकर तृप्त हुई, वरन कुछ बचा भी रखा।
Ruth 2:15 जब वह बीनने को उठी, तब बोअज ने अपने जवानों को आज्ञा दी, कि उसको पूलों के बीच बीच में भी बीनने दो, और दोष मत लगाओ।
Ruth 2:16 वरन मुट्ठी भर जाने पर कुछ कुछ निकाल कर गिरा भी दिया करो, और उसके बीनने के लिये छोड़ दो, और उसे घुड़को मत।
Ruth 2:17 सो वह सांझ तक खेत में बीनती रही; तब जो कुछ बीन चुकी उसे फटका, और वह कोई एपा भर जौ निकला।
                                                                                                                                                        
एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 25-26
  • मत्ती 8:1-17



बुधवार, 9 जनवरी 2019

बहाल



      2014 में, केंटकी में स्थित नैशनल कौर्वेट संग्राहलय के नीचे की ज़मीन धंसने से बने गढ्ढे में आठ पुरानी और अनमोल शेवरले कौर्वेट कारें समा गईं और बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गईं – कुछ तो मरम्मत हो पाने के लायक भी नहीं रहीं। उनमें से एक कार पर बहुत ध्यान और परिश्रम किया गया – दस-लाखवीं कौर्वेट कार पर, जो कि 1992 में बनी थी, और उस संग्रहालय की सबसे बहुमूल्य कार थी। उसे गढ्ढे से निकालने के बाद इस बेशकीमती कार के साथ किया गया कार्य विलक्षण है। विशेषज्ञों ने उस कार को, उसके मूल भागों की मरम्मत करने के द्वारा, पहले जैसी स्थिति में बहाल कर दिया। गढ्ढे से निकाले जाने के पश्चात उस कार की बहुत बुरी दशा थी, परन्तु अब बहाल होने के बाद वह वैसी ही नई दिखती है जैसी वह बनाए जाने के दिन थी।

      पुरानी और क्षतिग्रस्त को नया कर दिया गया।

      यह एक उदाहरण है उस महान बहाली का, जो प्रभु यीशु के विश्वासियों के लिए परमेश्वर ने रख छोड़ी है। परमेश्वर के वचन बाइबल की अंतिम पुस्तक, प्रकाशिवाक्य 21:1 में प्रेरित यूहन्ना “नये आकाश और नयी पृथ्वी” को देखने के विषय लिखता है। बहुत से बाइबल के विद्वान यहाँ प्रयुक्त “नए” शब्द को, अपने अध्ययन के आधार पर “बहाल किया गया” मानते हैं; अर्थात पुराने की क्षतिग्रस्त स्थिति को हटा देने और मरम्मत कर देने के पश्चात एक “नूतन” या “नवीनीकृत” द्वारा उस का स्थान ले लेना। उनकी इस व्याख्या के अनुसार, इस वर्तमान पृथ्वी पर जो कुछ भी ख़राब है, परमेश्वर मसीही विश्वासियों के उसके साथ रहने के लिए उसकी मरम्मत कर के एक नूतन किन्तु परिचित पृथ्वी को बहाल कर देगा।

      यह विचार करने के लिए कितनी अद्भुत बात है: एक नई, नूतन, परिचित, और सुन्दर पृथ्वी। परमेश्वर के कार्यकौशल की भव्यता की कल्पना कीजिए! – डेव ब्रैनन


हमारा सृष्टिकर्ता परमेश्वर सब कुछ नया कर देता है।

तेरा सूर्य फिर कभी अस्त न होगा और न तेरे चन्द्रमा की ज्योति मलिन होगी; क्योंकि यहोवा तेरी सदैव की ज्योति होगा और तरे विलाप के दिन समाप्त हो जाएंगे। - यशायाह 60:20

बाइबल पाठ: प्रकाशितवाक्य 21:1-5
Revelation 21:1 फिर मैं ने नये आकाश और नयी पृथ्वी को देखा, क्योंकि पहिला आकाश और पहिली पृथ्वी जाती रही थी, और समुद्र भी न रहा।
Revelation 21:2 फिर मैं ने पवित्र नगर नये यरूशलेम को स्वर्ग पर से परमेश्वर के पास से उतरते देखा, और वह उस दुल्हिन के समान थी, जो अपने पति के लिये सिंगार किए हो।
Revelation 21:3 फिर मैं ने सिंहासन में से किसी को ऊंचे शब्द से यह कहते सुना, कि देख, परमेश्वर का डेरा मनुष्यों के बीच में है; वह उन के साथ डेरा करेगा, और वे उसके लोग होंगे, और परमेश्वर आप उन के साथ रहेगा; और उन का परमेश्वर होगा।
Revelation 21:4 और वह उन की आंखों से सब आंसू पोंछ डालेगा; और इस के बाद मृत्यु न रहेगी, और न शोक, न विलाप, न पीड़ा रहेगी; पहिली बातें जाती रहीं।
Revelation 21:5 और जो सिंहासन पर बैठा था, उसने कहा, कि देख, मैं सब कुछ नया कर देता हूं: फिर उसने कहा, कि लिख ले, क्योंकि ये वचन विश्वास के योग्य और सत्य हैं।
                                                                                                                                                        
एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 23-24
  • मत्ती 7



मंगलवार, 8 जनवरी 2019

बोझ



      गाँव की एक सड़क पर अपने छोटे ट्रक को चलाकर ले जाते हुए एक व्यक्ति ने एक महिला को देखा जो भारी बोझ उठाए हुए जा रही थी। उसने रुककर उस महिला की सहायता के लिए अपने ट्रक में बैठने के लिए कहा। महिला ने धन्यवाद सहित उसका प्रस्ताव स्वीकार कर लिया और ट्रक में पीछे बैठ गई। थोड़ी से देर में उस व्यक्ति ने एक विचित्र बात देखी – वह महिला ट्रक में बैठी होने के बावजूद, अभी भी अपने बोझ को स्वयँ ही उठाए हुए थी। चकित होकर उस व्यक्ति ने महिला से कहा, “महोदया, कृपया अपना बोझ उतार कर ट्रक में ही रख दें। मेरा ट्रक आपके बोझ को उठाने पाने में सक्षम है; आप बस आराम से बैठ जाईए।”

      जीवन की अनेकों चुनौतियों में से पार होते हुए हम भय, चिन्ता, और घबराहट के अपने बोझ के साथ क्या करते हैं? प्रभु में आराम से हो जाने के स्थान पर, मैं बहुधा उस महिला के समान ही करता हूँ। परमेश्वर के वचन बाइबल में लिखा है कि प्रभु यीशु ने कहा, “हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा” (मत्ती 11:28), परन्तु फिर भी मैं जानता हूँ कि अनेकों बार जिस बोझ को मुझे प्रभु को सौंप देना चाहिए था, मैं फिर भी स्वयं ही उसे उठाए हुए रहता हूँ।

      हम जब प्रार्थना में प्रभु के पास आते हैं तो अपने बोझ वहाँ उतार कर उसे सौंप सकते हैं। प्रेरित पतरस कहता है, “और अपनी सारी चिन्‍ता उसी पर डाल दो, क्योंकि उसको तुम्हारा ध्यान है” (1 पतरस 5:7)। क्योंकि प्रभु यीशु हमारी चिंता और देखभाल करता है इसलिए हम उस पर भरोसा रख कर विश्राम कर सकते हैं, निश्चिन्त हो सकते हैं। जीवन के उन बोझों को लिए फिरने की बजाए जो हमें थका देते हैं, निराश करते हैं, हमें उन्हें प्रभु को सौंप देना चाहिए, और उन्हें उसे ही उठाने देना चाहिए। - लॉरेंस दरमानी


प्रार्थना वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा बोझों का स्थान बदलता है।

हे याकूब के घराने, हे इस्राएल के घराने के सब बचे हुए लोगो, मेरी ओर कान लगाकर सुनो; तुम को मैं तुम्हारी 
उत्पत्ति ही से उठाए रहा और जन्म ही से लिये फिरता आया हूं। तुम्हारे बुढ़ापे में भी मैं वैसा ही बना रहूंगा और तुम्हारे बाल पकने के समय तक तुम्हें उठाए रहूंगा। मैं ने तुम्हें बनाया और तुम्हें लिये फिरता रहूंगा; - यशायाह 46:3-4

बाइबल पाठ: मत्ती 11:25-30
Matthew 11:25 उसी समय यीशु ने कहा, हे पिता, स्वर्ग और पृथ्वी के प्रभु; मैं तेरा धन्यवाद करता हूं, कि तू ने इन बातों को ज्ञानियों और समझदारों से छिपा रखा, और बालकों पर प्रगट किया है।
Matthew 11:26 हां, हे पिता, क्योंकि तुझे यही अच्छा लगा।
Matthew 11:27 मेरे पिता ने मुझे सब कुछ सौंपा है, और कोई पुत्र को नहीं जानता, केवल पिता; और कोई पिता को नहीं जानता, केवल पुत्र और वह जिस पर पुत्र उसे प्रगट करना चाहे।
Matthew 11:28 हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा।
Matthew 11:29 मेरा जूआ अपने ऊपर उठा लो; और मुझ से सीखो; क्योंकि मैं नम्र और मन में दीन हूं: और तुम अपने मन में विश्राम पाओगे।
Matthew 11:30 क्योंकि मेरा जूआ सहज और मेरा बोझ हल्का है।
                                                                                                                                                        
एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 20-22
  • मत्ती 6:19-34



सोमवार, 7 जनवरी 2019

संसाधन



      अगस्त 2010 में, सँसार का ध्यान चिली देश के कोपिआको इलाके में एक खान के साथ जुड़ी हुई घटनाओं पर लगा हुआ था। एक खान में हुई दुर्घटना के कारण, तैंतीस खनिक धरती की सतह से 2,300 फीट नीचे फंसे हुए थे। उन्हें कोई आशा नहीं थी कि कोई सहायता उन तक कभी पहुँचेगी भी कि नहीं। सत्रह दिनों की प्रतीक्षा के पश्चात, उन्होंने ड्रिल मशीन की आवाज़ सुनी और बचाव दल ने उस खान की सुरंग की छत में एक छेद बनाने में सफलता पा ली। उसके बाद तीन और छेद बनाए गए, जिससे उन फंसे हुए खनिकों को पानी, भोजन और दवाईयाँ पहुँचने का मार्ग बन गया। वे खनिक अब सतह के साथ संपर्क के उन छेदों पर निर्भर थे, जहाँ से उनके जीवन के लिए आवश्यक संसाधनों को पहुंचाया जा रहा था। अन्ततः उनहत्तरवें दिन उन में से अंतिम खनिक को बाहर निकाल लिया गया।

      इस सँसार में हम में से कोई भी, हमारी अपनी क्षमता और योग्यता से बाहर, परमेश्वर द्वारा उपलब्ध करवाए जा रहे संसाधनों के बिना जीवित नहीं रह सकता है। इस सृष्टि का सृष्टिकर्ता, परमेश्वर, ही सँसार के प्रत्येक व्यक्ति को हमारी आवश्यकता की प्रत्येक वस्तु उपलब्ध करवाता है। जैसे उन खनिकों के लिए वे छेद आवश्यक वस्तुओं के लिए संपर्क माध्यम थे, हम मसीही विश्वासियों के लिए प्रार्थना परमेश्वर से हमारे संपर्क का साधन है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि प्रभु यीशु ने अपने शिष्यों को प्रोत्साहित किया कि वे परमेश्वर से प्रार्थना करें, हर बात के लिए, अपनी प्रतिदिन की रोटी के लिए भी (मत्ती 6:11)। जैसे आज, वैसे ही उस समय भी रोटी जीवन का बुनियादी संसाधन थी, और लोगों की दैनिक आवश्यकताओं को चित्रित करती थी। प्रभु यीशु की यह शिक्षा न केवल प्रतिदिन के भोजन के लिए थी, वरन हमारी सभी भौतिक आवश्यकताओं, आराम, चंगाई, साहस, बुद्धिमता आदि के लिए भी थी।

      प्रार्थना के द्वारा हम कभी भी परमेश्वर तक पहुँच सकते हैं, और अपनी बात उसके समक्ष रख सकते हैं। यद्यपि वह हमारे माँगने से पहले जानता है कि हमें किस वस्तु की आवश्यकता है, परन्तु फिर भी वह हम से बात करना चाहता है, हमारी सुनना चाहता है। आज आप किस बात को लेकर परेशान हैं? निःसंकोच प्रभु परमेश्वर के पास जाईए और उससे कहिए; “जितने यहोवा को पुकारते हैं, अर्थात जितने उसको सच्चाई से पुकारते हें; उन सभों के वह निकट रहता है” (भजन 145:18); उसके संसाधन आपके लिए उपलब्ध हैं। - बिल क्राउडर


प्रार्थना विश्वास की आवाज़ है, इस भरोसे पर कि परमेश्वर जानता है और देखभाल करता है।

जिस से तुम अपने स्‍वर्गीय पिता की सन्तान ठहरोगे क्योंकि वह भलों और बुरों दोनों पर अपना सूर्य उदय करता है, और धर्मियों और अधर्मियों दोनों पर मेंह बरसाता है। - मत्ती 5:45

बाइबल पाठ: मत्ती :6:9-15
Matthew 6:9 सो तुम इस रीति से प्रार्थना किया करो; “हे हमारे पिता, तू जो स्वर्ग में है; तेरा नाम पवित्र माना जाए।
Matthew 6:10 तेरा राज्य आए; तेरी इच्छा जैसी स्वर्ग में पूरी होती है, वैसे पृथ्वी पर भी हो।
Matthew 6:11 हमारी दिन भर की रोटी आज हमें दे।
Matthew 6:12 और जिस प्रकार हम ने अपने अपराधियों को क्षमा किया है, वैसे ही तू भी हमारे अपराधों को क्षमा कर।
Matthew 6:13 और हमें परीक्षा में न ला, परन्तु बुराई से बचा; क्योंकि राज्य और पराक्रम और महिमा सदा तेरे ही हैं।आमीन।
Matthew 6:14 इसलिये यदि तुम मनुष्य के अपराध क्षमा करोगे, तो तुम्हारा स्‍वर्गीय पिता भी तुम्हें क्षमा करेगा।
Matthew 6:15 और यदि तुम मनुष्यों के अपराध क्षमा न करोगे, तो तुम्हारा पिता भी तुम्हारे अपराध क्षमा न करेगा।
                                                                                                                                                        
एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 18-19
  • मत्ती 6:1-18