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गुरुवार, 16 जुलाई 2020

विश्वासयोग्य


     जब भी कोई ऐसा व्यक्ति, जिसका पिछला इतिहास लिए गए कर्जे के प्रति समय से न चुकाने, या चुकाने में रूचि न रखने का रहा हो, किसी नए क़र्ज़ को लेना चाहता है, तो कर्जा देने वाले उसे क़र्ज़ देने से हिचकिचाते हैं, वे उसके साथ जोखिम उठाना नहीं चाहते हैं। तब वह कर्ज़ा लेने की इच्छा रखने वाला किसी ऐसे व्यक्ति को ढूँढ़ता है जो अपने कर्जे चुकाने के इतिहास में सही रहा हो, और फिर उस व्यक्ति से अपना नाम भी उस कर्ज़ा लेने में जोड़ने का निवेदन करता है। उस साथ में नाम लिखवाने और हस्ताक्षर करने वाले के द्वारा कर्ज़ा देने वालों को आश्वस्त किया जाता है कि लिया गया कर्ज़ा समय से चुकाया जाएगा।

     जब कोई व्यक्ति हमसे कोई वायदा करता है – चाहे आर्थिक, वैवाहिक, या अन्य किसी बात के सम्बन्ध में, तो हमारी अपेक्षा रहती है कि वह उन वायदों को पूरा भी करेगा। यदि हम आश्वास्त होना चाहते हैं कि परमेश्वर भी अपने वायदों को पूरा करेगा, तो परमेश्वर के वचन बाइबल में परमेश्वर द्वारा अब्राहम को दिए गए वायदों को देखें। परमेश्वर ने अब्राहम से वायदा किया कि वह उसे आशीषित करेगा और बहुत वंशज देगा (देखें उत्पत्ति 22:17; इब्रानियों 6:14), और अब्राहम ने परमेश्वर की बात पर विश्वास किया। सारी सृष्टि का सृष्टिकर्ता होने के कारण, परमेश्वर से बढ़कर कोई नहीं है; इसलिए केवल परमेश्वर स्वयं ही अपने वायदे की पूर्ति का आश्वासन दे सकता था।

     अब्राहम को अपने पुत्र के जन्म लेने की प्रतीक्षा करनी पड़ी (इब्रानियों 6:15), किन्तु स्वयं नहीं देख सका कि उसके वंशज कितने अधिक हो जाएँगे, परन्तु परमेश्वर अपने वायदे में विश्वासयोग्य रहा। जब परमेश्वर हमसे वायदा करता है कि सदैव हमारे साथ रहेगा (इब्रानियों 13:5, 6), हमें अपने हाथों में सुरक्षित सम्भाले रखेगा (यूहन्ना 10:29), और हमें शान्ति तथा सांत्वना देगा (2 कुरिन्थियों 1:3-4), तो हम भरोसा रख सकते हैं कि वह अपने वायदे के प्रति विश्वासयोग्य रहेगा। - कर्स्टन होल्मबर्ग

 

परमेश्वर के वायदे पक्के होते हैं।


तुम्हारा स्‍वभाव लोभरिहत हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा। इसलिये हम बेधड़क हो कर कहते हैं, कि प्रभु, मेरा सहायक है; मैं न डरूंगा; मनुष्य मेरा क्या कर सकता है। - इब्रानियों 13:5-6

बाइबल पाठ: इब्रानियों 6:13-20

इब्रानियों 6:13 और परमेश्वर ने इब्राहीम को प्रतिज्ञा देते समय जब कि शपथ खाने के लिये किसी को अपने से बड़ा न पाया, तो अपनी ही शपथ खाकर कहा।

इब्रानियों 6:14 कि मैं सचमुच तुझे बहुत आशीष दूंगा, और तेरी सन्तान को बढ़ाता जाऊंगा।

इब्रानियों 6:15 और इस रीति से उसने धीरज धर कर प्रतिज्ञा की हुई बात प्राप्त की।

इब्रानियों 6:16 मनुष्य तो अपने से किसी बड़े की शपथ खाया करते हैं और उन के हर एक विवाद का फैसला शपथ से पक्का होता है।

इब्रानियों 6:17 इसलिये जब परमेश्वर ने प्रतिज्ञा के वारिसों पर और भी साफ रीति से प्रगट करना चाहा, कि उसकी मनसा बदल नहीं सकती तो शपथ को बीच में लाया।

इब्रानियों 6:18 ताकि दो बे-बदल बातों के द्वारा जिन के विषय में परमेश्वर का झूठा ठहरना अन्‍होना है, हमारा दृढ़ता से ढाढ़स बन्ध जाए, जो शरण लेने को इसलिये दौड़े है, कि उस आशा को जो साम्हने रखी हुई है प्राप्त करें।

इब्रानियों 6:19 वह आशा हमारे प्राण के लिये ऐसा लंगर है जो स्थिर और दृढ़ है, और परदे के भीतर तक पहुंचता है।

इब्रानियों 6:20 जहां यीशु मलिकिसिदक की रीति पर सदा काल का महायाजक बन कर, हमारे लिये अगुआ की रीति पर प्रवेश हुआ है।    

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 16-17
  • प्रेरितों 20:1-16



बुधवार, 15 जुलाई 2020

उपहार


     मैं अपने घर लन्दन लौटने के लिए अपना सामान रख रही थी, मेरी माँ मेरे पास आई और मुझे एक उपहार दिया – उनकी एक अंगूठी जिसे मैं लम्बे समय से पसंद करती आई थी। मैंने चकित हो कर उन से पूछा, “यह किस लिए है?” उन्होंने उत्तर दिया, “मुझे लगता है कि अब तुम्हें इसका आनन्द लेना चाहिए। मेरे देहांत तक की प्रतीक्षा क्यों करें? और वैसे भी अब यह मेरी ऊंगली में आती भी नहीं है।” मैंने मुस्कुराते हुए उनसे मिले इस अनापेक्षित उपहार को स्वीकार कर लिया, एक विरासित जो समय से पहले ही मुझे दे दी गई, और जिसका आनन्द मैं आज भी ले रही हूँ।

     मेरी माँ ने तो मुझे एक भौतिक उपहार दिया था। परन्तु हमारे परमेश्वर ने अपने वचन बाइबल में हमसे प्रतिज्ञा की है कि वह हमें अपना पवित्र आत्मा देगा (लूका 11:13)। प्रभु यीशु ने अपने शिष्यों से पूछा कि यदि पाप से बिगड़े हुए होने पर भी सांसारिक माता-पिता अपने बच्चों को उनकी आवश्यकताएं और भोजन (अंडे, मछली, आदि) देते हैं, तो हमारा स्वर्गीय पिता परमेश्वर हमें और कितना बढ़कर देगा। उसके पवित्र आत्मा के उपहार के द्वारा हम आशा, प्रेम, आनन्द, और शान्ति का अनुभव कठिन परिस्थितियों में भी कर सकते हैं (यूहन्ना 16:13), और हम इन उपहारों को औरों के साथ भी बाँट सकते हैं।

     हो सकता है कि हमारे बड़े होने के दिनों में हमारे माता-पिता हमें वह पूर्ण प्रेम और देखभाल नहीं दिखा सके हों जिसकी हमें अपेक्षा थी। या यह भी हो सकता है कि हमारे माता-पिता बलिदान-पूर्ण प्रेम के सजीव उदाहरण रहे हों। या हमारे अनुभव इन दोनों के मध्य के रहे हों। सांसारिक माता-पिता के साथ हमारे अनुभव जो भी रहे हों, लेकिन हम अपने स्वर्गीय पिता परमेश्वर की इस प्रतिज्ञा पर अटूट विश्वास रख सकते हैं कि वह हम से निर्बाध, अत्याधिक प्रेम रखता है। उसने हमारे उद्धार के लिए अपने प्रीय पुत्र प्रभु यीशु मसीह को, और हमारे साथ रहने के लिए अपने पवित्र आत्मा को हमें उपहार में दिया है। - एमी बाउचर पाई

 

हमारा पिता परमेश्वर उत्तम उपहार देता है।


यूहन्ना 3:16 क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए।

बाइबल पाठ: लूका 11:9-13

लूका 11:9 और मैं तुम से कहता हूं; कि मांगो, तो तुम्हें दिया जाएगा; ढूंढ़ों तो तुम पाओगे; खटखटाओ, तो तुम्हारे लिये खोला जाएगा।

लूका 11:10 क्योंकि जो कोई मांगता है, उसे मिलता है; और जो ढूंढ़ता है, वह पाता है; और जो खटखटाता है, उसके लिये खोला जाएगा।

लूका 11:11 तुम में से ऐसा कौन पिता होगा, कि जब उसका पुत्र रोटी मांगे, तो उसे पत्थर दे: या मछली मांगे, तो मछली के बदले उसे सांप दे?

लूका 11:12 या अण्‍डा मांगे तो उसे बिच्‍छू दे?

लूका 11:13 सो जब तुम बुरे हो कर अपने लड़के-बालों को अच्छी वस्‍तुएं देना जानते हो, तो स्‍वर्गीय पिता अपने मांगने वालों को पवित्र आत्मा क्यों न देगा।    

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 13-15

  • प्रेरितों 19:21-41


मंगलवार, 14 जुलाई 2020

छिपा


     मैं एक स्थानीय चर्च में अतिथि-उपदेशक हो कर सन्देश दे रहा था, और मेरा विषय था परमेश्वर के समक्ष अपने टूटेपन को प्रस्तुत करना और वह चंगाई जो वह देना चाहता है उससे प्राप्त करने की एक सच्ची कहानी। सन्देश के बाद प्रार्थना के साथ समाप्त करने से पहले, उस चर्च के पास्टर ने  खड़े हो कर और उपस्थित लोगों को गंभीरता से देखते हुए कहा, “आप का पास्टर होने के नाते, मेरा यह सौभाग्य है कि मैं आप से सप्ताह के दौरान मिलता हूँ और आपके टूटेपन की हृदय विदारक कहानियों को सुनता हूँ। और फिर सप्ताहांत में आकर आराधना सभा के समय मुझे दुःख के साथ आप लोगों को अपनी पीड़ाओं को छुपाते हुए देखना पड़ता है।”

     मेरा हृदय उन छिपी हुई पीड़ाओं को लेकर, जिन्हें चंगा करने के लिए प्रभु परमेश्वर आया था, दुखता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में इब्रानियों की पत्री का लेखक परमेश्वर के वचन को जीवित और कार्यकारी बताता है। सामान्यतः इस शब्द “वचन” को बाइबल के लिए प्रयुक्त किया गया समझा जाता है, परन्तु यह इस से भी बढ़कर है। प्रभु यीशु ही परमेश्वर का जीवित वचन हैं (यूहन्ना 1:1-2,14)। वह हमारे विचारों और व्यवहारों का आंकलन करता है – और फिर भी हम से प्रेम करता है।

     प्रभु यीशु ने अपना बलिदान इस लिए दिया जिस से हमें हर समय, हर बात के लिए परमेश्वर के समक्ष उपस्थित होने का मार्ग मिल सके। यद्यपि हम सब यह जानते हैं कि आपस में हर किसी के साथ अपनी हर बात को साझा नहीं किया जा सकता है, लेकिन हम यह भी जानते हैं कि चर्च एक ऐसा स्थान है जहाँ हम जो मसीह यीशु के अनुयायी, तथा अपने टूटेपन के लिए परमेश्वर के क्षमा पाए हुए लोग हैं, बिना ग्लानि के रह सकते हैं। चर्च को वह स्थान होना चाहिए जहाँ “तुम एक दूसरे के भार उठाओ, और इस प्रकार मसीह की व्यवस्था को पूरी करो” (गलातियों 6:2)।

     आज आप औरों से क्या छिपा रहे हैं? क्या आप उसे परमेश्वर से भी छुपाने का प्रयास कर रहे हैं? परमेश्वर हमें मसीह यीशु में होकर देखता है, और हमारी हर बात को जानता है, फिर भी हम से प्रेम करता है। क्या आप उस से छिपाते रहेंगे, या उस से अपने मन की बात कहकर, उसके प्रेम और चंगाई को प्राप्त कर लेंगे? – एलिसा मॉर्गन

 

परमेश्वर, प्रेमी पिता के समान, हमें देखता है।


जो अपने अपराध छिपा रखता है, उसका कार्य सफल नहीं होता, परन्तु जो उन को मान लेता और छोड़ भी देता है, उस पर दया की जायेगी। - नीतिवचन 28:13

बाइबल पाठ: इब्रानियों 4:12-13

इब्रानियों 4:12 क्योंकि परमेश्वर का वचन जीवित, और प्रबल, और हर एक दोधारी तलवार से भी बहुत चोखा है, और जीव, और आत्मा को, और गांठ गांठ, और गूदे गूदे को अलग कर के, वार पार छेदता है; और मन की भावनाओं और विचारों को जांचता है।

इब्रानियों 4:13 और सृष्‍टि की कोई वस्तु उस से छिपी नहीं है वरन जिस से हमें काम है, उस की आंखों के साम्हने सब वस्तुएं खुली और बेपरदा हैं।    

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 10-12
  • प्रेरितों 19:1-20


सोमवार, 13 जुलाई 2020

जानता


     क्या परमेश्वर मेरे बारे में जानता था जब मैं उस रात अपने गाँव जाने के लिए 100 मील की यात्रा गाड़ी चलाकर कर रहा था? मैं जिस हाल में था, उसे ध्यान में रखते हुए, उत्तर इतना सीधा नहीं है। मुझे तेज़ बुखार था, सिर बहुत दर्द कर रहा था। मैंने प्रार्थना की, “प्रभु मैं जानता हूँ कि आप मेरे साथ हैं, परन्तु मैं पीड़ा में पड़ा हूँ!”

     थका हुआ और कमज़ोर, मैंने गाड़ी एक छोटे से गाँव के पास सड़क के किनारे कर के खड़ी कर दी। दस मिनिट के बाद मुझे आवाज़ सुनाई दी; “हैलो; क्या तुम्हें किसी सहायता की आवश्यकता है?” उस निकट के गाँव का एक आदमी अपने साथियों के साथ आकर मुझ से बात कर रहा था। उनकी उपस्थिति मुझे अच्छी लगी। जब उन्होंने मुझे अपने गाँव का नाम बताया, तो मैं चकित रह गया; वहां की स्थानीय भाषा में वह नाम था ‘ना मि न’याला’ जिसका अर्थ होता है, “राजा मेरे बारे में जानता है”। मैं इस गाँव के पास से होकर दर्जनों बार गुज़रा था, परन्तु कभी वहाँ रुका नहीं था। लेकिन उस दिन प्रभु ने उस गाँव के नाम के द्वारा मुझे आश्वस्त किया, कि राजा, अर्थात वह, मेरे साथ था जब मैं अस्वस्थ अवस्था में सड़क के किनारे अकेला खड़ा हुआ था। इस सबसे प्रोत्साहित होकर मैं निकट के दवाखाने तक गया।

     हम जब अपने दैनिक कार्यों में, विभिन्न स्थानों पर और विभिन्न परिस्थितियों में, लगे होते हैं, परमेश्वर हमारे बारे में सब जानता है, चाहे हमारे हाल कैसे भी हों (भजन 139:1-4, 7-12)। वह हमें कभी नहीं छोड़ता और न कभी त्यागता है, और न ही वह कभी इतना व्यस्त होता है कि हमारे अनदेखी कर दे। हम चाहे किसी कठिनाई अथवा समस्या में हों, चाहे “अन्धकार” या “रात्रि” में हों (पद 11-12), हम उसकी दृष्टि से कभी ओझल नहीं होते हैं। यह सत्य हमें बहुत आशा और आश्वासन देता है, और हमें हमारे सृष्टिकर्ता, और मार्गदर्शक प्रभु की स्तुति और आराधना करने के लिए प्रेरित करता है, क्योंकि हमारा प्रभु हमें हर परिस्थिति में, हर समय जानता है। - लॉरेंस दर्मानी

 

हम चाहे जहाँ भी हों, प्रभु हमारे बारे में जानता है।


क्योंकि मनुष्य के मार्ग यहोवा की दृष्टि से छिपे नहीं हैं, और वह उसके सब मार्गों पर ध्यान करता है। -  नीतिवचन 5:21

बाइबल पाठ: भजन 139:1-4  

भजन संहिता 139:1 हे यहोवा, तू ने मुझे जांच कर जान लिया है।।

भजन संहिता 139:2 तू मेरा उठना बैठना जानता है; और मेरे विचारों को दूर ही से समझ लेता है।

भजन संहिता 139:3 मेरे चलने और लेटने की तू भली भांति छानबीन करता है, और मेरी पूरी चालचलन का भेद जानता है।

भजन संहिता 139:4 हे यहोवा, मेरे मुंह में ऐसी कोई बात नहीं जिसे तू पूरी रीति से न जानता हो।      

 

एक साल में बाइबल: भजन 7-9; प्रेरितों 18


रविवार, 12 जुलाई 2020

लंगर


     क्या आप चिंता करने वाले हैं? मैं तो हूँ। मैं लगभग प्रतिदिन चिंता के साथ संघर्ष करता हूँ। मैं छोटी-छोटी बातों के लिए भी चिंता करता हूँ। कभी-कभी ऐसा लगता है जैसे मैं हर बात के लिए चिंता करता हूँ। एक बार, अपनी किशोरावस्था में, मैंने पुलिस को बुला लिया जब मेरे माता-पिता को घर लौटने में चार घंटे का विलंब हुआ।

     पवित्र शास्त्र हमें बारंबार स्मरण दिलाता है कि हम भयभीत न हों। परमेश्वर की भलाई और सामर्थ्य के कारण, क्योंकि उसने हमारे उद्धार के लिए बलिदान होने को प्रभु यीशु मसीह को भेजा, और क्योंकि उसने हमारे मार्गदर्शन के लिए अपने पवित्र आत्मा को हमें दिया है, इसलिए हमें हमारे भय को हमारे जीवनों पर राज्य नहीं करने देना चाहिए। बहुत संभव है कि हमें कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़े, परन्तु परमेश्वर ने प्रतिज्ञा की है कि वह सभी परिस्थितियों में हमारे साथ रहेगा।

     एक खण्ड जिसने भयपूर्ण समयों में मेरी बहुत सहायता की है, यशायाह 51:12-16 है। यहाँ, परमेश्वर ने अपने लोगों को, जिन्होंने बहुत सताव को झेला था, स्मरण करवाया, कि वह हमेशा उनके साथ है, और उनके साथ सदा बनी रहने वाली उसकी शान्तिदायक उपस्थिति ही वास्तविक अंतिम सच्चाई है। परिस्थितियाँ चाहे कितनी भी खराब क्यों न लगें, परमेश्वर ने अपने लोगों को यशायाह में होकर कहा, “मैं, मैं ही तेरा शांतिदाता हूँ” (पद 12)।

     मुझे यह प्रतिज्ञा बहुत पसंद है। ये शब्द मेरी आत्मा के लिए भावनाओं को स्थिर करने वाले लंगर के समान हैं। मैंने बारंबार इन शब्दों को थामा है, जब भी जीवन अभिभूत करने वाला प्रतीत हुआ है; जब भी मेरे अपने भय ने (पद 13) मुझे अभिभूत किया है। इस खण्ड के द्वारा परमेश्वर हमें स्मरण दिलाता है कि हम अपने भय पर से आँख उठा कर विश्वास तथा निर्भरता के साथ उसकी ओर देखें, वह जो आकाश का ताननेवाला है, जो हमें शान्ति देने का वायदा करता है, जो हमारे जीवन का स्थिर लंगर है। - एडम होल्ज़

 

परमेश्वर की शान्तिदायक उपस्थिति हमारे सभी भय से अधिक प्रबल है।


और उसने मुझ से कहा, मेरा अनुग्रह तेरे लिये बहुत है; क्योंकि मेरी सामर्थ्य निर्बलता में सिद्ध होती है; इसलिये मैं बड़े आनन्द से अपनी निर्बलताओं पर घमण्‍ड करूंगा, कि मसीह की सामर्थ्य मुझ पर छाया करती रहे। इस कारण मैं मसीह के लिये निर्बलताओं, और निन्‍दाओं में, और दरिद्रता में, और उपद्रवों में, और संकटों में, प्रसन्न हूं; क्योंकि जब मैं निर्बल होता हूं, तभी बलवन्‍त होता हूं। - 2 कुरिन्थियों 12:9-10

बाइबल पाठ: यशायाह 51:12-16

यशायाह 51:12 मैं, मैं ही तेरा शान्तिदाता हूं; तू कौन है जो मरने वाले मनुष्य से, और घास के समान मुर्झाने वाले आदमी से डरता है,

यशायाह 51:13 और आकाश के तानने वाले और पृथ्वी की नेव डालने वाले अपने कर्ता यहोवा को भूल गया है, और जब द्रोही नाश करने को तैयार होता है तब उसकी जलजलाहट से दिन भर लगातार थरथराता है? परन्तु द्रोही की जलजलाहट कहां रही?

यशायाह 51:14 बंधुआ शीघ्र ही स्वतन्त्र किया जाएगा; वह गड़हे में न मरेगा और न उसे रोटी की कमी होगी।

यशायाह 51:15 जो समुद्र को उथल-पुथल करता जिस से उसकी लहरों में गरजन होती है, वह मैं ही तेरा परमेश्वर यहोवा हूं मेरा नाम सेनाओं का यहोवा है। और मैं ने तेरे मुंह में अपने वचन डाले,

यशायाह 51:16 और तुझे अपने हाथ की आड़ में छिपा रखा है; कि मैं आकाश को तानूं और पृथ्वी की नेव डालूं, और सिय्योन से कहूं, तुम मेरी प्रजा हो।     

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 4-6
  • प्रेरितों 17:16-34


शनिवार, 11 जुलाई 2020

परिवार


     जब मैं और मेरे पति, उनकी बहन के निकट रहने के लिए एक दूसरे शहर को स्थानांतरित हुए, तो हमें पता नहीं था कि हम कहाँ रहेंगे या काम करेंगे। एक किराए का घर ढूँढने में स्थानीय चर्च ने हमारी सहायता की, और उस घर में कई शयन-कक्ष थे। हम एक कमरे में रह सकते थे, और अन्य कमरों को वहाँ अध्ययन के लिए आने वाले अंतर्राष्ट्रीय विद्यार्थियों को किराए पर दे सकते थे। अगले तीन वर्षों तक हम ऐसे परदेशी थे, जो संसार भर से आने वाले अन्य परदेशियों का स्वागत करते थे, उनके साथ अपने घर और भोजन को साझा करते थे। और वे लोग हमारे साथ परमेश्वर के वचन बाइबल के अध्ययन में सम्मिलित होने के लिए हर शुक्रवार को अन्य दर्जनों अंतर्राष्ट्रीय विद्यार्थियों को लाया करते थे।

     परमेश्वर के लोग जानते हैं कि घर से दूर होने का क्या अर्थ होता है। सैंकड़ों वर्षों तक, इस्राएली मिस्र में परदेशी थे, दास थे। लैव्यव्यवस्था 19 में, अन्य चिर-परिचित निर्देशों जैसे कि “अपने माता और पिता का आदर करना” और “चोरी न करना” (पद 3, 11) के साथ परमेश्वर ने अपने लोगों को स्मरण दिलाया कि वे दयालु होकर परदेशियों की देखभाल करें, क्योंकि उन्हें परदेशी तथा आतंकित होने का अनुभव था (पद 33-34)।

     आज प्रभु परमेश्वर के अनुयायी होते हुए हम में से अधिकाँश ने वास्तव में निर्वासित होने के अनुभव को नहीं जाना है, परन्तु हम सभी यह जानते हैं की पृथ्वी पर “परदेशी” होकर रहने (1 पतरस 2:11) का क्या अनुभव होता है – वे लोग जो यहाँ पर भी अपने आप को बाहर का अनुभव करते हैं, परमेश्वर के स्वर्गीय राज्य के साथ संबंधित होने के कारण। हमें पहुनाई करने वाले समुदाय के निर्माण के लिए कहा गया है, जहाँ परदेशी परमेश्वर के परिवार के सदस्य बनने के लिए अन्य परदेशियों का स्वागत करते हैं।

     उस नए शहर में जो उदार और प्रेमपूर्ण स्वागत मुझे और मेरे पति को मिला, उसने हमें उस स्वागत को औरों तक पहुंचाने के लिए प्रोत्साहित किया, और यही परमेश्वर के परिवार का सदस्य होने का मर्म है (रोमियों 12:13)।

 

आज हम किसे पहुनाई दिखा सकते हैं?


पहुनाई करना न भूलना, क्योंकि इस के द्वारा कितनों ने अनजाने स्‍वर्गदूतों की पहुनाई की है। - इब्रानियों 13:2

बाइबल पाठ: लैव्यव्यवस्था 19:1-9, 33-34

लैव्यव्यवस्था 19:1 फिर यहोवा ने मूसा से कहा,

लैव्यव्यवस्था 19:2 इस्त्राएलियों की सारी मण्डली से कह, कि तुम पवित्र बने रहो; क्योंकि मैं तुम्हारा परमेश्वर यहोवा पवित्र हूं।

लैव्यव्यवस्था 19:3 तुम अपनी अपनी माता और अपने अपने पिता का भय मानना, और मेरे विश्राम दिनों को मानना; मैं तुम्हारा परमेश्वर यहोवा हूं।

लैव्यव्यवस्था 19:4 तुम मूरतों की ओर न फिरना, और देवताओं की प्रतिमाएं ढालकर न बना लेना; मैं तुम्हारा परमेश्वर यहोवा हूं।

लैव्यव्यवस्था 19:5 जब तुम यहोवा के लिये मेलबलि करो, तब ऐसा बलिदान करना जिससे मैं तुम से प्रसन्न हो जाऊं।

लैव्यव्यवस्था 19:6 उसका मांस बलिदान के दिन और दूसरे दिन खाया जाए, परन्तु तीसरे दिन तक जो रह जाए वह आग में जला दिया जाए।

लैव्यव्यवस्था 19:7 और यदि उस में से कुछ भी तीसरे दिन खाया जाए, तो यह घृणित ठहरेगा, और ग्रहण न किया जाएगा।

लैव्यव्यवस्था 19:8 और उसका खानेवाला यहोवा के पवित्र पदार्थ को अपवित्र ठहराता है, इसलिये उसको अपने अधर्म का भार स्वयं उठाना पड़ेगा; और वह प्राणी अपने लोगों में से नाश किया जाएगा।

लैव्यव्यवस्था 19:9 फिर जब तुम अपने देश के खेत काटो तब अपने खेत के कोने कोने तक पूरा न काटना, और काटे हुए खेत की गिरी पड़ी बालों को न चुनना।

लैव्यव्यवस्था 19:33 और यदि कोई परदेशी तुम्हारे देश में तुम्हारे संग रहे, तो उसको दु:ख न देना।

लैव्यव्यवस्था 19:34 जो परदेशी तुम्हारे संग रहे वह तुम्हारे लिये देशी के समान हो, और उस से अपने ही समान प्रेम रखना; क्योंकि तुम भी मिस्र देश में परदेशी थे; मैं तुम्हारा परमेश्वर यहोवा हूं।     

 एक साल में बाइबल: 

  • भजन 1-3
  • प्रेरितों 17:1-15

शुक्रवार, 10 जुलाई 2020

अद्भुत


     समुद्री जीवों के एक जीव-विज्ञानी ने कहा, “आप जब भी समुद्र की गहराईयों से कोई नमूने एकत्रित करते हैं, आप को कोई-न-कोई नई प्रजाति मिलती है।” अभी हाल ही के एक वर्ष में, वैज्ञानिकों ने 1,451 प्रकार के समुद्री जीवों की प्रजातियों की पहचान की। उन गहराईयों में क्या कुछ छिपा है, हम इसका आधा भी नहीं जानते हैं।

     परमेश्वर के वचन बाइबल में अय्यूब की पुस्तक के अध्याय 38-40 में परमेश्वर ने अय्यूब के लाभ के लिए अपनी सृष्टि की समीक्षा की। इन तीन काव्यात्मक अध्यायों में परमेश्वर ने मौसम के आश्चर्यों, सृष्टि की विशालता, और उनके विभिन्न निवास स्थानों में प्राणियों की विविधता के बारे में बातें कीं। फिर परमेश्वर ने रहस्यमयी लिव्यतान के बारे में बताया – एक पूरे अध्याय में। लिव्यातान के समान कोई अन्य प्राणी नहीं है; उस पर भालों को विफल कर देने वाली कवच समान चमड़ी है (अय्यूब 41:7, 13), वह प्रबल किन्तु मनोहर है (पद 12), उसके दांत डरावने हैं (पद 14), उसके मुंह से जलते हुए पलीते निकलते हैं, उसके नथुनों से धुआं निकलता है (पद 19, 20); धरती पर उसके तुल्य और कोई नहीं है (पद 33)।

     चलिए ठीक है; परमेश्वर किसी ऐसे विशाल जन्तु के विषय बात करता है जिसे हमने नहीं देखा है। क्या अय्यूब 41 अध्याय का यही महत्त्व है?

     नहीं! अय्यूब 41 परमेश्वर के अद्भुत चरित्र के प्रति हमारी समझ को और विस्तृत कर देता है। भजनकार ने इसे और समझा कर लिखते हुए कहा, “इसी प्रकार समुद्र बड़ा और बहुत ही चौड़ा है, और उस में अनगिनित जलचर जीव- जन्तु, क्या छोटे, क्या बड़े भरे पड़े हैं। उस में जहाज भी आते जाते हैं, और लिव्यातान भी जिसे तू ने वहां खेलने के लिये बनाया है” (भजन संहिता 104:25-26)। अय्यूब में दिए गए लिव्यतान के भयावह वर्णन के बाद, हम सीखते हैं कि परमेश्वर ने अपने सबसे भयावह जीव के खेलने के लिए भी एक स्थान बनाया है।

     हमारे पास वर्तमान में खोजने के लिए समुद्र है; और हमारे अनन्तकाल में हम हमारे भव्य परमेश्वर की रहस्यमय, अद्भुत सृष्टि को खोजेंगे। - टिम गुस्ताफ्सन

 

सृष्टि के जीव-जंतुओं की खोज हमें हमारे सृष्टिकर्ता के बारे में सिखाती है।


सर्वशक्तिमान जो अति सामार्थी है, और जिसका भेद हम पा नहीं सकते, वह न्याय और पूर्ण धर्म को छोड़ अत्याचार नहीं कर सकता। - अय्यूब 37:23

बाइबल पाठ: अय्यूब 41:12-34

अय्युब 41:12 मैं उसके अंगों के विषय, और उसके बड़े बल और उसकी बनावट की शोभा के विषय चुप न रहूंगा।

अय्युब 41:13 उसके ऊपर के पहिरावे को कौन उतार सकता है? उसके दांतों की दोनों पांतियों के अर्थात जबड़ों के बीच कौन आएगा?

अय्युब 41:14 उसके मुख के दोनों किवाड़ कौन खोल सकता है? उसके दांत चारों ओर से डरावने हैं।

अय्युब 41:15 उसके छिलकों की रेखाएं घमण्ड का कारण हैं; वे मानो कड़ी छाप से बन्द किए हुए हैं।

अय्युब 41:16 वे एक दूसरे से ऐसे जुड़े हुए हैं, कि उन में कुछ वायु भी नहीं पैठ सकती।

अय्युब 41:17 वे आपस में मिले हुए और ऐसे सटे हुए हैं, कि अलग अलग नहीं हो सकते।

अय्युब 41:18 फिर उसके छींकने से उजियाला चमक उठता है, और उसकी आंखें भोर की पलकों के समान हैं।

अय्युब 41:19 उसके मुंह से जलते हुए पलीते निकलते हैं, और आग की चिनगारियां छूटती हैं।

अय्युब 41:20 उसके नथुनों से ऐसा धुआं निकलता है, जैसा खौलती हुई हांड़ी और जलते हुए नरकटों से।

अय्युब 41:21 उसकी सांस से कोयले सुलगते, और उसके मुंह से आग की लौ निकलती है।

अय्युब 41:22 उसकी गर्दन में सामर्थ्य बनी रहती है, और उसके साम्हने डर नाचता रहता है।

अय्युब 41:23 उसके मांस पर मांस चढ़ा हुआ है, और ऐसा आपस में सटा हुआ है जो हिल नहीं सकता।

अय्युब 41:24 उसका हृदय पत्थर सा दृढ़ है, वरन चक्की के निचले पाट के समान दृढ़ है।

अय्युब 41:25 जब वह उठने लगता है, तब सामर्थी भी डर जाते हैं, और डर के मारे उनकी सुध बुध लोप हो जाती है।

अय्युब 41:26 यदि कोई उस पर तलवार चलाए, तो उस से कुछ न बन पड़ेगा; और न भाले और न बर्छी और न तीर से।

अय्युब 41:27 वह लोहे को पुआल सा, और पीतल को सड़ी लकड़ी सा जानता है।

अय्युब 41:28 वह तीर से भगाया नहीं जाता, गोफन के पत्थर उसके लिये भूसे से ठहरते हैं।

अय्युब 41:29 लाठियां भी भूसे के समान गिनी जाती हैं; वह बर्छी के चलने पर हंसता है।

अय्युब 41:30 उसके निचले भाग पैने ठीकरे के समान हैं, कीच पर मानो वह हेंगा फेरता है।

अय्युब 41:31 वह गहिरे जल को हंडे के समान मथता है: उसके कारण नील नदी मरहम की हांडी के समान होती है।

अय्युब 41:32 वह अपने पीछे चमकीली लीक छोड़ता जाता है। गहिरा जल मानो श्वेत दिखाई देने लगता है।

अय्युब 41:33 धरती पर उसके तुल्य और कोई नहीं है, जो ऐसा निर्भय बनाया गया है।

अय्युब 41:34 जो कुछ ऊंचा है, उसे वह ताकता ही रहता है, वह सब घमणिडयों के ऊपर राजा है।     

 

एक साल में बाइबल: 

  • अय्यूब 41-42
  • प्रेरितों 16:22-40