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मंगलवार, 4 मई 2021

प्रतीक्षा

 

          पुलिस ने एक महिला पर खतरनाक रीति से कार चलाने का दोष और दण्ड लागू किया। स्कूल बस से उतरते हुए बच्चों के लिए कुछ देर सड़क पर प्रतीक्षा करने की बजाए, उसने कार फुटपाथ पर डाली, उनसे आगे निकली और फिर से सड़क पर आ गई।

          यह सच है कि प्रतीक्षा करनी पड़े तो हम अधीर होने लगते हैं। किन्तु प्रतीक्षा हमें कुछ अच्छी बातें भी सिखा और करवा सकती है। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु ने अपने शिष्यों से कहा कि वे यरूशलेम ही में रहकर प्रतीक्षा करें जब तक कि उन्हें पवित्र आत्मा का बपतिस्मा न मिल जाए (प्रेरितों 1:4-5)।

          जब वो शिष्य प्रतीक्षा में ऊपर के कमरे में एकत्रित रहते थे, संभवतः उत्साह और प्रत्याशा से भरे हुए, तब प्रतीत होता है कि वे यह भी समझते थे कि प्रभु द्वारा उन से प्रतीक्षा करने के लिए कहने का अर्थ यह नहीं था कि वे निष्क्रिय होकर बैठे रहें। वे लोग उस स्थान पर एकत्रित होकर प्रार्थना करते रहते थे (पद 14); और पवित्र शास्त्र से शिक्षा पाकर उन्होंने यहूदा के स्थान पर एक अन्य शिष्य को चुनकर नियुक्त किया (पद 26)। जब वे एक मन होकर प्रार्थना और आराधना में लगे हुए थे, तब पवित्र आत्मा उन पर उतर आया (2:1-4)।

          वो शिष्य केवल प्रतीक्षा ही नहीं कर रहे थे; वे तैयारी भी कर रहे थे। जब हम परमेश्वर के निर्देशों की प्रतीक्षा कर रहे हों, तो इसका यह अर्थ नहीं है कि हम अधीर होकर कुछ कर बैठें या फिर निष्क्रिय होकर पड़े रहें। हम प्रतीक्षा के समय को प्रार्थना, आराधना, और संगति रखने में बिता सकते हैं, और जो कार्य प्रभु परमेश्वर हमसे करवा सकता है उसकी प्रत्याशा में वह समय तैयारी करने में बिता सकते हैं। प्रतीक्षा करना हमारे शरीरों, मनों, और मस्तिष्क को आने वाले दायित्व के लिए तैयार करने का समय होना चाहिए।

          निःसंदेह, जब परमेश्वर हम से प्रतीक्षा करने के लिए कहे, तो हम आने वाले दायित्व और आशीष के कारण उत्साहित हों, और प्रभु परमेश्वर भर उसकी योजनाओं के लिए भरोसा रखते हुए, प्रतीक्षा के अपने समय को तैयारी में बिताएँ। - पीटर चिन

 

प्रभु मुझे प्रतीक्षा के समयों में अधीर न होने दें, वरन आते समय के लिए तैयार करें।


जो काम तुझे मिले उसे अपनी शक्ति भर करना, क्योंकि अधोलोक में जहां तू जाने वाला है, न काम न युक्ति न ज्ञान और न बुद्धि है। - सभोपदेशक 9:10

बाइबल पाठ: प्रेरितों 1:1-11

प्रेरितों के काम 1:1 हे थियुफिलुस, मैं ने पहिली पुस्तिका उन सब बातों के विषय में लिखी, जो यीशु ने आरम्भ में किया और करता और सिखाता रहा।

प्रेरितों के काम 1:2 उस दिन तक जब वह उन प्रेरितों को जिन्हें उसने चुना था, पवित्र आत्मा के द्वारा आज्ञा देकर ऊपर उठाया न गया।

प्रेरितों के काम 1:3 और उसने दु:ख उठाने के बाद बहुत से पड़े प्रमाणों से अपने आप को उन्हें जीवित दिखाया, और चालीस दिन तक वह उन्हें दिखाई देता रहा: और परमेश्वर के राज्य की बातें करता रहा।

प्रेरितों के काम 1:4 ओर उन से मिलकर उन्हें आज्ञा दी, कि यरूशलेम को न छोड़ो, परन्तु पिता की उस प्रतिज्ञा के पूरे होने की बाट जोहते रहो, जिस की चर्चा तुम मुझ से सुन चुके हो।

प्रेरितों के काम 1:5 क्योंकि यूहन्ना ने तो पानी में बपतिस्मा दिया है परन्तु थोड़े दिनों के बाद तुम पवित्रात्मा से बपतिस्मा पाओगे।

प्रेरितों के काम 1:6 सो उन्होंने इकट्ठे हो कर उस से पूछा, कि हे प्रभु, क्या तू इसी समय इस्राएल को राज्य फेर देगा?

प्रेरितों के काम 1:7 उसने उन से कहा; उन समयों या कालों को जानना, जिन को पिता ने अपने ही अधिकार में रखा है, तुम्हारा काम नहीं।

प्रेरितों के काम 1:8 परन्तु जब पवित्र आत्मा तुम पर आएगा तब तुम सामर्थ्य पाओगे; और यरूशलेम और सारे यहूदिया और सामरिया में, और पृथ्वी की छोर तक मेरे गवाह होगे।

प्रेरितों के काम 1:9 यह कहकर वह उन के देखते देखते ऊपर उठा लिया गया; और बादल ने उसे उन की आंखों से छिपा लिया।

प्रेरितों के काम 1:10 और उसके जाते समय जब वे आकाश की ओर ताक रहे थे, तो देखो, दो पुरुष श्वेत वस्त्र पहने हुए उन के पास आ खड़े हुए।

प्रेरितों के काम 1:11 और कहने लगे; हे गलीली पुरुषों, तुम क्यों खड़े स्वर्ग की ओर देख रहे हो? यही यीशु, जो तुम्हारे पास से स्वर्ग पर उठा लिया गया है, जिस रीति से तुम ने उसे स्वर्ग को जाते देखा है उसी रीति से वह फिर आएगा।

 

एक साल में बाइबल: 

  • 1 राजाओं 16-18
  • लूका 22:47-71

सोमवार, 3 मई 2021

पड़ौसी

 

          2017 की गर्मियों में, हरिकेन हार्वी नामक एक बहुत प्रचंड चक्रवाधी तूफ़ान ने अमेरिका के खाड़ी तट के क्षेत्र में बहुत तबाही मचाई। उस समय बहुत से लोगों ने आगे बढ़कर ज़रूरतमंद लोगों की भोजन, पानी, वस्त्रों और रहने के स्थान द्वारा सहायता की।

          मेरीलैंड के एक प्यानों-स्टोर के मालिक को लगा कि उसे इससे कुछ और बढ़कर करना चाहिए। उसने विचार किया कि कैसे संगीत ऐसे लोगों में जिनका सब कुछ नष्ट हो गया था एक विशेष प्रकार की चंगाई और सामान्य होने के भाव को जागृत कर सकता है। इसलिए वह और उसके कर्मचारी मिलकर लोगों के पुराने प्यानों ठीक करने लगे और पता लगाने लगे कि किन्हें उनकी सबसे अधिक आवश्यकता है। फिर बसंत के समय में डीनक क्रैमर और उसकी पत्नी लोइस, ट्रक में उन प्यानों को भरकर ह्यूस्टन, टेक्सस के लिए लम्बी यात्रा पर निकले जिससे उस विनाश से प्रभावित क्षेत्र के कृतज्ञ परिवारों, चर्चों और स्कूलों को मुफ्त में उन प्यानों को वितरित कर सकें।

          कभी-कभी हम यह सोच लेते हैं कि शब्द पड़ौसी का अर्थ है कोई ऐसा व्यक्ति जो पास ही में रहता है, या जिसे हम जानते हैं। लेकिन परमेश्वर के वचन बाइबल में, लूका 10 अध्याय में प्रभु यीशु द्वारा दिया गया नेक सामरी व्यक्ति का दृष्टांत है, जो सिखाता है कि पड़ौसी के प्रति प्रेम रखने के लिए कोई सीमाएँ बीच में नहीं आनी चाहिएँ। सामरिया के उस व्यक्ति ने निःसंकोच और बिना कोई कीमत लिए एक घायल अजनबी की सहायता की, यद्यपि वह घायल मनुष्य एक यहूदी था और यहूदी सामरियों को तुच्छ समझते थे।

          जब डीन क्रैमर से पूछा गया कि उसने वो सारे प्यानों ऐसी ही क्यों वितरित कर दिए, तो उसका सीधा सा उत्तर था, “हमें अपनी पड़ौसियों की सहायता करने के लिए कहा गया है।” और प्रभु यीशु ने कहा है परमेश्वर और पड़ौसियों से प्रेम करने से बढ़कर और कोई आज्ञा नहीं है। - सिंडी हैस कैस्पर

 

प्रभु मुझे सभी से प्रेम रखना, उन्हें अपने पड़ौसी समझना सिखाएं।


और तू प्रभु अपने परमेश्वर से अपने सारे मन से और अपने सारे प्राण से, और अपनी सारी बुद्धि से, और अपनी सारी शक्ति से प्रेम रखना। दूसरी यह है, कि तू अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रखना: इस से बड़ी और कोई आज्ञा नहीं। - मरकुस 12:30-31

बाइबल पाठ: लूका 10:25-37

लूका 10:25 और देखो, एक व्यवस्थापक उठा; और यह कहकर, उस की परीक्षा करने लगा; कि हे गुरु, अनन्त जीवन का वारिस होने के लिये मैं क्या करूँ?

लूका 10:26 उसने उस से कहा; कि व्यवस्था में क्या लिखा है तू कैसे पढ़ता है?

लूका 10:27 उसने उत्तर दिया, कि तू प्रभु अपने परमेश्वर से अपने सारे मन और अपने सारे प्राण और अपनी सारी शक्ति और अपनी सारी बुद्धि के साथ प्रेम रख; और अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रख।

लूका 10:28 उसने उस से कहा, तू ने ठीक उत्तर दिया है, यही कर: तो तू जीवित रहेगा।

लूका 10:29 परन्तु उसने अपने आप को धर्मी ठहराने की इच्छा से यीशु से पूछा, तो मेरा पड़ोसी कौन है?

लूका 10:30 यीशु ने उत्तर दिया; कि एक मनुष्य यरूशलेम से यरीहो को जा रहा था, कि डाकुओं ने घेरकर उसके कपड़े उतार लिये, और मार पीट कर उसे अधमरा छोड़कर चले गए।

लूका 10:31 और ऐसा हुआ; कि उसी मार्ग से एक याजक जा रहा था: परन्तु उसे देख के कतरा कर चला गया।

लूका 10:32 इसी रीति से एक लेवी उस जगह पर आया, वह भी उसे देख के कतरा कर चला गया।

लूका 10:33 परन्तु एक सामरी यात्री वहां आ निकला, और उसे देखकर तरस खाया।

लूका 10:34 और उसके पास आकर और उसके घावों पर तेल और दाखरस डालकर पट्टियां बान्‍धी, और अपनी सवारी पर चढ़ाकर सराय में ले गया, और उस की सेवा टहल की।

लूका 10:35 दूसरे दिन उसने दो दीनार निकाल कर सराय के मालिक को दिए, और कहा; इस की सेवा टहल करना, और जो कुछ तेरा और लगेगा, वह मैं लौटने पर तुझे भर दूंगा।

लूका 10:36 अब तेरी समझ में जो डाकुओं में घिर गया था, इन तीनों में से उसका पड़ोसी कौन ठहरा?

लूका 10:37 उसने कहा, वही जिसने उस पर तरस खाया: यीशु ने उस से कहा, जा, तू भी ऐसा ही कर।

 

एक साल में बाइबल: 

  • 1 राजाओं 14-15
  • लूका 22:21-46

रविवार, 2 मई 2021

प्रार्थना

 

          केविन ने अपनी आँख से आँसू पोंछते हुए, मेरी पत्नी केरी को पढ़ने के लिए एक पर्ची पकड़ाई। उसे पता था की मैं और केरी प्रार्थना कर रहे थे कि हमारी बेटी प्रभु यीशु में विश्वास में लौट कर आ जाए। केविन ने बताया कि वह पर्ची उसे, उसकी माँ के देहांत के बाद, उनकी बाइबल में मिली थी, और उसने आशा व्यक्त की, कि हम उसे पढ़ने से प्रोत्साहित होंगे। उस पर्ची में सबसे ऊपर लिखा था “मेरे बेटे केविन के लिए” और उसके नीचे, उसके उद्धार के लिए एक प्रार्थना लिखी हुई थी, जो उसकी माँ केविन के लिए किया करती थी।

          केविन ने आगे बताया, “अब मैं इस पर्ची को हमेशा अपने साथ अपनी बाइबल में रखता हूँ। मेरी माँ पैंतीस वर्ष से भी अधिक तक मेरे उद्धार पाने के लिए प्रार्थना करती रही। तब मैं परमेश्वर से बहुत दूर था, परन्तु आज मैं मसीही विश्वासी हूँ।” उसने हमारी ओर ध्यान से देखते हुए और अपने आँसुओं में से मुसकुराते हुए कहा “अपनी बेटी के लिए प्रार्थना करना कभी न छोड़ना – उत्तर आने में चाहे कितना भी समय क्यों न लग जाए, हिम्मत बनाए रखना।”

          उसके इन प्रोत्साहन के शब्दों से मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु द्वारा प्रार्थना से संबंधित एक दृष्टांत याद आया, जो लूका रचित सुसमाचार में लिखा है। लूका ने प्रभु के इस दृष्टांत का आरंभ इन शब्दों में किया,फिर उसने इस के विषय में कि नित्य प्रार्थना करना और हियाव न छोड़ना चाहिए उन से यह दृष्टान्त कहा” (लूका 18:1)।

          इस दृष्टांत में प्रभु यीशु ने एक “अधर्मी न्यायी”, जो किसी की परवाह नहीं करता था, की तुलना पूर्णतः सिद्ध स्वर्गीय पिता परमेश्वर से, जो सभी की चिंता करता है और चाहता है कि लोग उसके पास आएँ तथा आशीषित हों, की है। उस न्यायी ने केवल इसलिए निवेदन को सुना और न्याय को चुकाया क्योंकि वह बारंबार किए जा रहे निवेदन से और परेशान नहीं होना चाहता था। हम इससे प्रोत्साहित हो सकते हैं कि जब वह अधर्मी न्यायी प्रार्थना का उत्तर दे सकता है, तो सब से प्रेम करने और सब का ध्यान रखने वाला परमेश्वर क्यों हमारी प्रार्थनाओं का उत्तर नहीं देगा। हमारा परमेश्वर पिता चाहता है कि हम उससे प्रार्थना करें। - जेम्स बैंक्स

 

प्रभु परमेश्वर पिता, मुझे आपके कार्य और राज्य के लिए प्रार्थना करते रहने वाला बनाएं।


निरन्तर  प्रार्थना में लगे रहो। - 1 थिस्स्लुनीकियों 5:17

बाइबल पाठ: लूका 18:1-8

लूका 18:1 फिर उसने इस के विषय में कि नित्य प्रार्थना करना और हियाव न छोड़ना चाहिए उन से यह दृष्टान्त कहा।

लूका 18:2 कि किसी नगर में एक न्यायी रहता था; जो न परमेश्वर से डरता था और न किसी मनुष्य की परवाह करता था।

लूका 18:3 और उसी नगर में एक विधवा भी रहती थी: जो उसके पास आ आकर कहा करती थी, कि मेरा न्याय चुकाकर मुझे मुद्दई से बचा।

लूका 18:4 उसने कितने समय तक तो न माना परन्तु अन्त में मन में विचारकर कहा, यद्यपि मैं न परमेश्वर से डरता, और न मनुष्यों की कुछ परवाह करता हूं।

लूका 18:5 तौभी यह विधवा मुझे सताती रहती है, इसलिये मैं उसका न्याय चुकाऊंगा कहीं ऐसा न हो कि घड़ी घड़ी आकर अन्त को मेरा नाक में दम करे।

लूका 18:6 प्रभु ने कहा, सुनो, कि यह अधर्मी न्यायी क्या कहता है?

लूका 18:7 सो क्या परमेश्वर अपने चुने हुओं का न्याय न चुकाएगा, जो रात-दिन उस की दुहाई देते रहते; और क्या वह उन के विषय में देर करेगा?

लूका 18:8 मैं तुम से कहता हूं; वह तुरन्त उन का न्याय चुकाएगा; तौभी मनुष्य का पुत्र जब आएगा, तो क्या वह पृथ्वी पर विश्वास पाएगा?

 

एक साल में बाइबल: 

  • 1 राजाओं 12-13
  • लूका 22:1-20

शनिवार, 1 मई 2021

नुस्खा

 

          ग्रेग और एलिज़ाबेथ ने अपने परिवार में, अपने स्कूल जाने वाले अपने चार बच्चों के साथ एक नियमित “चुटकुलों की रात” निर्धारित कर रखी है। उस रात, उनका प्रत्येक बच्चा उस सप्ताह उन्होंने जो चुटकुले सुने, पढ़े या बनाए, उन्हें परिवार के सामने, जब वे सब रात्रि के भोजन के लिए एकत्रित होते हैं, बताते हैं। उनकी इस परंपरा से घर में भोजन की मेज़ पर आनंदपूर्ण स्मृतियों का एक खज़ाना एकत्रित हो गया है, जो कठिन दिनों में उनके मनों को हलका करता है।

          सुप्रसिद्ध मसीही लेखक सी. एस. ल्युइस ने भोजन की मेज़ पर प्रसन्न वार्तालाप के लाभकारी प्रभावों पर ध्यान किया, और लिखा, “भोजन के समय में आनन्द से हंसते हुए परिवार के समान अच्छा और कुछ नहीं लगता है।”

          एक आनन्दपूर्ण मन को बनाए रखने की बुद्धिमानी के विषय में हम परमेश्वर के वचन बाइबल में लिखा हुआ पाते हैं;मन का आनन्द अच्छी औषधि है, परन्तु मन के टूटने से हड्डियां सूख जाती हैं” (नीतिवचन 17:22)। यह नीतिवचन स्वास्थ्य और चंगाई को प्रोत्साहित करने का एक नुस्खा प्रदान करता है – हम अपने मनों को प्रसन्न-चित्त बनाए रखें – यह ऐसी दवा है जिसकी कीमत बहुत कम होती है, किन्तु लाभ बहुत बड़े होते हैं।

          हम सभी को बाइबल के इस नुस्खे की आवश्यकता है। जब हम अपनी बात-चीत में आनन्द की कोई बात ले आते हैं, तब हम विवादों और असहमति को भी सही परिप्रेक्ष्य में लाकर सुलझा सकते हैं। आनन्दित मन के द्वारा हम शान्ति का अनुभव कर सकते हैं, चाहे हमारा दिन कठिन और तनाव पूर्ण क्यों न रहा हो। परिवार और मित्रों के साथ हँसना एक ऐसा वातावरण उत्पन्न कर सकता है जिस में हम यह एहसास कर सकते हैं कि हम एक-दूसरे के प्रेम के पात्र हैं।

          क्या आपको अपने जीवन में, अपने मन की चंगाई के लिए आनन्द को डालने की आवश्यकता है? पवित्र शास्त्र भी आपको प्रोत्साहित करता है कि एक आनन्दित मन विकसित करें – यह अच्छा नुस्खा है। - लिसा सामरा

 

पिता परमेश्वर, आनन्द और प्रसन्न मन के उपहार के लिए आपका बहुत धन्यवाद।


प्रभु में सदा आनन्दित रहो; मैं फिर कहता हूं, आनन्दित रहो। - फिलिप्पियों 4:4

बाइबल पाठ: नीतिवचन 17:19-22

नीतिवचन 17:19 जो झगड़े-रगड़े में प्रीति रखता, वह अपराध करने में भी प्रीति रखता है, और जो अपने फाटक को बड़ा करता, वह अपने विनाश के लिये यत्न करता है।

नीतिवचन 17:20 जो मन का टेढ़ा है, उसका कल्याण नहीं होता, और उलट-फेर की बात करने वाला विपत्ति में पड़ता है।

नीतिवचन 17:21 जो मूर्ख को जन्माता है वह उस से दु:ख ही पाता है; और मूढ़ के पिता को आनन्द नहीं होता।

नीतिवचन 17:22 मन का आनन्द अच्छी औषधि है, परन्तु मन के टूटने से हड्डियां सूख जाती हैं।

 

एक साल में बाइबल: 

  • 1 राजाओं 10-11
  • लूका 21:20-38

शुक्रवार, 30 अप्रैल 2021

अनुग्रह

 

          यूहन्ना बपतिस्मा देने वाले के समान जंगल में जीवन जीने से पहले, मिस्र की मेरी (344-421 AD) ने अपनी जवानी बुरी अभिलाषाओं और पुरुषों को फुसला कर बुरे रास्ते पर डालने में बिताई थी। अपने इस अनैतिक पेशे के शिखर के समय, उसने यरूशलेम की यात्रा की, ताकि वहाँ आने वाले तीर्थ-यात्रियों को भी पथ-भ्रष्ट कर सके। किन्तु इसके स्थान पर वह स्वयं अपने पापों के लिए कायल हुई, और गहरे पश्चाताप के बाद वह एकांत में पश्चातापी और बैरागी जीवन बिताने लगी। मेरी का यह मौलिक परिवर्तन परमेश्वर के अनुग्रह की महानता, और प्रभु यीशु के क्रूस की पुनःस्थापित कर देने की सामर्थ्य का एक उदाहरण है।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि प्रभु यीशु के शिष्य पतरस ने, थोड़े से ही समय के अन्दर, तीन बार प्रभु का इनकार किया। उसके इस इनकार करने के कुछ ही घंटे पहले वह प्रभु यीशु के लिए अपनी जान भी देने का दावा कर रहा था (लूका 22:33)। इसलिए उसके लिए उसके इस इनकार करने का एहसास, उसकी असफलता का बहुत दुखदायी अनुभव था (पद 61-62)। प्रभु यीशु के मारे जाने और मृतकों में से जी उठने के बाद, पतरस प्रभु के कुछ अन्य शिष्यों के साथ, फिर से मछली पकड़ने चला गया। तब प्रभु यीशु उनके पास आया, उन्हें भोजन करवाया और उनसे बातचीत की (यूहन्ना 21:1-3)। उस वार्तालाप के दौरान, प्रभु ने तीन बार पतरस को अवसर दिया कि वह प्रभु के प्रति अपने प्रेम को व्यक्त करे – उसके हर इनकार के लिए एक बार। और पतरस के हर व्यक्त करने के साथ, प्रभु ने उसे प्रभु के लोगों की देख-रेख करने का दायित्व भी सौंपा (यूहन्ना 21:15-17)। प्रभु के पतरस के प्रति इस अद्भुत अनुग्रह का परिणाम था कि आरंभिक चर्च की स्थापना में पतरस की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका रही, और अन्ततः, उसने प्रभु के लिए अपने प्राण भी दे दिए।

          हम मसीही विश्वासियों में से किसी की भी जीवनी का आरंभ हमारी असफलताओं, बुराइयों, अनैतिक आचरण, परमेश्वर के विमुख होने के वर्णनों के साथ हो सकता है। किन्तु प्रभु परमेश्वर ने अपने अनुग्रह में होकर, हमारी इन प्रभु परमेश्वर के विपरीत बातों से हमें परिवर्तित कर के, हमारे लिए एक महिमित अन्त और आशीषित अनन्तकाल निश्चित कर दिया है। प्रभु यीशु अपने अनुग्रह के द्वारा हमें सभी पापों से छुड़ाता और परिवर्तित करता है। - रेमी ओइडेले

 

प्रभु का अनुग्रह पापियों को परिवर्तित करके संत बना देता है।


परन्तु मैं जो कुछ भी हूं, परमेश्वर के अनुग्रह से हूं: और उसका अनुग्रह जो मुझ पर हुआ, वह व्यर्थ नहीं हुआ परन्तु मैं ने उन सब से बढ़कर परिश्रम भी किया: तौभी यह मेरी ओर से नहीं हुआ परन्तु परमेश्वर के अनुग्रह से जो मुझ पर था। - 1 कुरिन्थियों 15:10

बाइबल पाठ: लूका 22:54-62

लूका 22:54 फिर वे उसे पकड़कर ले चले, और महायाजक के घर में लाए और पतरस दूर ही दूर उसके पीछे पीछे चलता था।

लूका 22:55 और जब वे आंगन में आग सुलगाकर इकट्ठे बैठे, तो पतरस भी उन के बीच में बैठ गया।

लूका 22:56 और एक दासी उसे आग के उजियाले में बैठे देखकर और उस की ओर ताककर कहने लगी, यह भी तो उसके साथ था।

लूका 22:57 ​परन्तु उसने यह कहकर इनकार किया, कि हे नारी, मैं उसे नहीं जानता।

लूका 22:58 थोड़ी देर बाद किसी और ने उसे देखकर कहा, तू भी तो उन्‍हीं में से है: पतरस ने कहा; हे मनुष्य मैं नहीं हूं।

लूका 22:59 कोई घंटे भर के बाद एक और मनुष्य दृढ़ता से कहने लगा, निश्चय यह भी तो उसके साथ था; क्योंकि यह गलीली है।

लूका 22:60 पतरस ने कहा, हे मनुष्य, मैं नहीं जानता कि तू क्या कहता है! वह कह ही रहा था कि तुरन्त मुर्ग ने बांग दी।

लूका 22:61 तब प्रभु ने घूमकर पतरस की ओर देखा, और पतरस को प्रभु की वह बात याद आई जो उसने कही थी, कि आज मुर्ग के बांग देने से पहिले, तू तीन बार मेरा इनकार करेगा।

लूका 22:62 और वह बाहर निकलकर फूट फूट कर रोने लगा।

 

एक साल में बाइबल: 

  • 1राजाओं 8-9
  • लूका 21:1-19

गुरुवार, 29 अप्रैल 2021

समझ

 

          मेरी सहेली के पिता को उनके रोग का भयानक नाम पता चला – कैंसर! लेकिन उस रोग को जानने और उसके इलाज के लिए चल रही कीमोथेरापी के दौरान, उन्होंने प्रभु यीशु मसीह को अपना उद्धारकर्ता स्वीकार किया, और अपना जीवन प्रभु को समर्पित कर दिया। उनका कैंसर दब गया, और अठारह महीने तक दबा रहा। लेकिन जब कैंसर लौट कर आया तो पहले से भी अधिक बढ़ा हुआ था। उनके और उनकी पत्नी के मन में प्रश्न थे, चिंताएँ थीं, लेकिन परमेश्वर में उनका विश्वास डिगा नहीं, प्रभु के साथ अपने अनुभव के कारण वे अपने मसीही विश्वास में स्थिर और दृढ़ बने रहे।

          हम सदा ही यह नहीं समझने पाते हैं कि हमें परीक्षाओं और समस्याओं का सामना क्यों करना पड़ता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में यही अय्यूब का भी अनुभव था। अय्यूब को बहुत ही पीड़ादायक और दुखदायी अनुभवों में से होकर निकलना पड़ा था, उसके पास अपने उन दुखदायी अनुभवों के विषय प्रश्न तो थे, किन्तु कोई उत्तर नहीं थे। किन्तु फिर भी, अय्यूब 12 अध्याय में, समझ में न आ सकने वाली परिस्थितियों और अनुभवों के बावजूद, वह परमेश्वर के लिए कहता है, देखो, जिस को वह ढा दे, वह फिर बनाया नहीं जाता” (अय्यूब 12:14); और “उस में सामर्थ्य और खरी बुद्धि पाई जाती है” (पद 16), तथा “वह जातियों को बढ़ाता, और उन को नाश करता है” (पद 23)। अपनी इस लम्बी सूची में अय्यूब कहीं पर भी परमेश्वर के उद्देश्यों या परमेश्वर द्वारा दुःख और पीड़ाओं को आने देने के किसी भी कारण का कोई भी उल्लेख नहीं करता है। अपनी सभी समस्याओं और अनसुलझे प्रश्नों के बावजूद, अय्यूब पूरे भरोसे के साथ कहता है, ईश्वर में पूरी बुद्धि और पराक्रम पाए जाते हैं; युक्ति और समझ उसी में हैं” (पद 13)।

          आवश्यक नहीं है कि हमें यह समझ आ जाए कि परमेश्वर हमारे जीवनों में संघर्षों और समस्याओं को क्यों आने देता है, लेकिन मेरी सहेली के माता-पिता के समान, हम हमेशा उसमें अपने भरोसे को बनाए रख सकते हैं। प्रभु परमेश्वर हम से प्रेम करता है, और हमें अपने हाथों में संभाले रहता है (पद 10; 1 पतरस 5:6-7)। बुद्धि, सामर्थ्य, और समझ उसी की हैं। - जूली श्वाब

 

प्रभु, आप जो कर रहे हैं वह चाहे मेरी समझ में न भी आए

किन्तु मैं आप पर हमेशा भरोसा बनाए रखूँ।


इसलिये परमेश्वर के बलवन्‍त हाथ के नीचे दीनता से रहो, जिस से वह तुम्हें उचित समय पर बढ़ाए। और अपनी सारी चिन्ता उसी पर डाल दो, क्योंकि उसको तुम्हारा ध्यान है। - 1 पतरस 5:6-7

बाइबल पाठ: अय्यूब 12:10-25

अय्यूब 12:10 उसके हाथ में एक एक जीवधारी का प्राण, और एक एक देहधारी मनुष्य की आत्मा भी रहती है।

अय्यूब 12:11 जैसे जीभ से भोजन चखा जाता है, क्या वैसे ही कान से वचन नहीं परखे जाते?

अय्यूब 12:12 बूढ़ों में बुद्धि पाई जाती है, और लम्बी आयु वालों में समझ होती तो है।

अय्यूब 12:13 ईश्वर में पूरी बुद्धि और पराक्रम पाए जाते हैं; युक्ति और समझ उसी में हैं।

अय्यूब 12:14 देखो, जिस को वह ढा दे, वह फिर बनाया नहीं जाता; जिस मनुष्य को वह बन्द करे, वह फिर खोला नहीं जाता।

अय्यूब 12:15 देखो, जब वह वर्षा को रोक रखता है तो जल सूख जाता है; फिर जब वह जल छोड़ देता है तब पृथ्वी उलट जाती है।

अय्यूब 12:16 उस में सामर्थ्य और खरी बुद्धि पाई जाती है; धोखा देने वाला और धोखा खाने वाला दोनों उसी के हैं।

अय्यूब 12:17 वह मंत्रियों को लूटकर बन्धुआई में ले जाता, और न्यायियों को मूर्ख बना देता है।

अय्यूब 12:18 वह राजाओं का अधिकार तोड़ देता है; और उनकी कमर पर बन्धन बन्धवाता है।

अय्यूब 12:19 वह याजकों को लूटकर बन्धुआई में ले जाता और सामर्थियों को उलट देता है।

अय्यूब 12:20 वह विश्वासयोग्य पुरुषों से बोलने की शक्ति और पुरनियों से विवेक की शक्ति हर लेता है।

अय्यूब 12:21 वह हाकिमों को अपमान से लादता, और बलवानों के हाथ ढीले कर देता है।

अय्यूब 12:22 वह अन्धियारे की गहरी बातें प्रगट करता, और मृत्यु की छाया को भी प्रकाश में ले आता है।

अय्यूब 12:23 वह जातियों को बढ़ाता, और उन को नाश करता है; वह उन को फैलाता, और बन्धुआई में ले जाता है।

अय्यूब 12:24 वह पृथ्वी के मुख्य लोगों की बुद्धि उड़ा देता, और उन को निर्जन स्थानों में जहां रास्ता नहीं है, भटकाता है।

अय्यूब 12:25 वे बिन उजियाले के अन्धेरे में टटोलते फिरते हैं; और वह उन्हें ऐसा बना देता है कि वे मतवाले के समान डगमगाते हुए चलते हैं।

 

एक साल में बाइबल: 

  • 1राजाओं 6-7
  • लूका 20:27-47

बुधवार, 28 अप्रैल 2021

योजना

 

          पुरातत्व विद्वान, डॉ. वॉरविक रॉडवेल सेवा-निवृत्त होने की योजनाएँ बना रहे थे, जब उन्होंने इंग्लैंड के विशाल गिरजाघर लिकफील्ड कैथिड्रल में एक अद्भुत खोज की। वहाँ पर एक अन्य निर्माण करने के लिए, निर्माण कार्य में लगे हुए लोग, उनके निर्देशन में उस चर्च के फर्श के एक भाग की बड़े ध्यान से खुदाई कर रहे थे, और उन्हें एक मूर्ति मिली, जो प्रधान-स्वर्गदूत, जिब्राइल की थी और लगभग 1200 वर्ष पुरानी आँकी गई। इससे उनके सेवा-निवृत्त होने की योजनाएँ स्थगित हो गईं, और उन्हें एक नए और उत्साहवर्धक कार्य के लिए समय लगाना पड़ा।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में मूसा अस्सी वर्ष का था जब उसने एक ऐसा ज्वलंत दृश्य देखा, जिसने उसके जीवन को हमेशा के लिए बदल दिया। यद्यपि मूसा एक मिस्री राजकुमारी का गोद लिया हुआ पुत्र था, फिर भी वह कभी अपनी मूल इस्राएली वंशावली को नहीं भूला, और अपने वंश के लोगों पर होने वाले अत्याचारों से बहुत रोष में था (निर्गमन 2:11-12)। जब उसने एक मिस्री के द्वारा एक इस्राएली पर अत्याचार होते देखा तो उसने उस मिस्री को मार डाला। जब मिस्र के फिरौन को इस बात का पता चला, तो उसने मूसा को मार डालने की योजना बनाई; तब मूसा जान बचाकर भागा, और मिद्यान में जा कर रहने लगा (पद 13-15)।

          इसके चालीस वर्ष के बाद, जब वह अस्सी वर्ष का हुआ, और अपने ससुर की भेड़ों को चरा रहा था, तब “परमेश्वर के दूत ने एक कटीली झाड़ी के बीच आग की लौ में उसको दर्शन दिया; और उसने दृष्टि उठा कर देखा कि झाड़ी जल रही है, पर भस्म नहीं होती” (निर्गमन 3:2 )। परमेश्वर ने मूसा को अपने लोगों, इस्राएलियों को मिस्र के दासत्व से निकाल कर लाने का दायित्व सौंपा (पद 3-22), और उसका जीवन हमेशा के लिए बिलकुल बदल गया।

          आज, जीवन के इस समय में, क्या परमेश्वर आपको अपने बड़े उद्देश्य के लिए कुछ करने के लिए बुला रहा है? उसने आपके आगे के जीवन मार्ग में क्या नई योजनाएँ रखीं हैं? – रूथ ओ-रिली स्मिथ

 

हे पवित्र प्रभु परमेश्वर, मेरे जीवन के सभी दिनों को अपने नियंत्रण में लें, और अपने लिए उपयोग करें।


इस कारण मैं इन दुखों को भी उठाता हूं, पर लजाता नहीं, क्योंकि मैं उसे जिस की मैं ने प्रतीति की है, जानता हूं; और मुझे निश्चय है, कि वह मेरी थाती की उस दिन तक रखवाली कर सकता है। - 2 तीमुथियुस 1:12

बाइबल पाठ: निर्गमन 3:1-10

निर्गमन 3:1 मूसा अपने ससुर यित्रो नाम मिद्यान के याजक की भेड़-बकरियों को चराता था; और वह उन्हें जंगल की परली ओर होरेब नाम परमेश्वर के पर्वत के पास ले गया।

निर्गमन 3:2 और परमेश्वर के दूत ने एक कटीली झाड़ी के बीच आग की लौ में उसको दर्शन दिया; और उसने दृष्टि उठा कर देखा कि झाड़ी जल रही है, पर भस्म नहीं होती।

निर्गमन 3:3 तब मूसा ने सोचा, कि मैं उधर फिरके इस बड़े अचम्भे को देखूंगा, कि वह झाड़ी क्यों नहीं जल जाती।

निर्गमन 3:4 जब यहोवा ने देखा कि मूसा देखने को मुड़ा चला आता है, तब परमेश्वर ने झाड़ी के बीच से उसको पुकारा, कि हे मूसा, हे मूसा। मूसा ने कहा, क्या आज्ञा।

निर्गमन 3:5 उसने कहा इधर पास मत आ, और अपने पांवों से जूतियों को उतार दे, क्योंकि जिस स्थान पर तू खड़ा है वह पवित्र भूमि है।

निर्गमन 3:6 फिर उसने कहा, मैं तेरे पिता का परमेश्वर, और इब्राहीम का परमेश्वर, इसहाक का परमेश्वर, और याकूब का परमेश्वर हूं। तब मूसा ने जो परमेश्वर की ओर निहारने से डरता था अपना मुंह ढांप लिया।

निर्गमन 3:7 फिर यहोवा ने कहा, मैं ने अपनी प्रजा के लोग जो मिस्र में हैं उनके दु:ख को निश्चय देखा है, और उनकी जो चिल्लाहट परिश्रम कराने वालों के कारण होती है उसको भी मैं ने सुना है, और उनकी पीड़ा पर मैं ने चित्त लगाया है ;

निर्गमन 3:8 इसलिये अब मैं उतर आया हूं कि उन्हें मिस्रियों के वश से छुड़ाऊं, और उस देश से निकाल कर एक अच्छे और बड़े देश में जिस में दूध और मधु की धारा बहती है, अर्थात कनानी, हित्ती, एमोरी, परिज्जी, हिव्वी, और यबूसी लोगों के स्थान में पहुंचाऊं।

निर्गमन 3:9 सो अब सुन, इस्राएलियों की चिल्लाहट मुझे सुनाई पड़ी है, और मिस्रियों का उन पर अन्धेर करना भी मुझे दिखाई पड़ा है,

निर्गमन 3:10 इसलिये आ, मैं तुझे फिरौन के पास भेजता हूं कि तू मेरी इस्राएली प्रजा को मिस्र से निकाल ले आए।

 

एक साल में बाइबल: 

  • 1राजाओं 3-5
  • लूका 20:1-26