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Saturday, January 31, 2015

बचाए गए



   दक्षिण अमेरिका के चिली देश में सन 2010 में एक गहरी खदान में बड़ा विस्फोट हुआ और 33 खदान मज़दूर धरती की सतह से 2000 फीट नीचे खान के अन्दर फंस गए। उन्हें बचाने के लिए एक बड़ा बचाव अभियान आरंभ हुआ जिसके अन्तर्गत 69 दिनों के अथक दिन-रात प्रयास के बाद उन मज़दूरों तक पहुँचा जा सका और उन्हें बाहर निकाला जा सका। उन मज़दूरों तक पहुँचने वाला पहला व्यक्ति था मैनुएल गोंसालेज़, जो अपनी जान पर बड़ा जोखिम उठाकर उन फंसे हुए मज़दूरों तक पहुँचा और उन्हें ऊपर सतह पर भेजना आरंभ किया। संसार भर में टेलिविज़न के द्वारा बचाए जाना का यह दृश्य दिखाया जा रहा था और संसार आश्चर्य के साथ एक एक कर के खान की गहराईयों से मुक्त होकर सतह पर आने वाले प्रत्येक मज़दूर को देख रहा था। संसार भर में इस बचाए जाने के अभियान से जुड़े सभी लोगों की, विशेषकर उनकी जिन्होंने अपनी जान पर खेल कर इसे किया, बहुत प्रशंसा हुई।

   परमेश्वर का वचन बाइबल हमें इस अभियान से भी अधिक कठिन और खतरनाक बचाए जाने के अभियान के बारे में बताती है - मानव जाति को पाप के विनाश से बचाए जाने के अभियान के बारे में। हमारे आदि माता-पिता द्वारा परमेश्वर की अनाज्ञाकारिता के कारण समस्त मानव जाति पाप के दुष्परिणामों के आधीन आ गई (उत्पत्ति 2:17; 3:6, 19; रोमियों 5:12)। पाप की इस प्रवृति तथा प्रभावों से कोई मनुष्य अपने आप को किसी भी रीति से मुक्त कर पाने में सफल नहीं होने पाया; इस कारण सभी मनुष्य मृत्यु - शारीरिक एवं अनन्त काल की परमेश्वर से दूरी के भागी हैं। लेकिन परमेश्वर सभी मनुष्यों से प्रेम करता है, उन्हें विनाश में जाते नहीं देखना चाहता इसलिए परमेश्वर ने उनकी मुक्ति के लिए मार्ग दिया - प्रभु यीशु जिसने समस्त मनुष्यों के सभी पापों को अपने ऊपर लेकर उनका दण्ड, अर्थात मृत्यु, सभी के बदले सह ली। अब जो कोई स्वेच्छा से प्रभु यीशु के इस कार्य को स्वीकार करके अपने पापों के लिए उससे क्षमा माँग कर अपना जीवन उसके हाथों में समर्पित कर देता है वह पाप के बन्धन तथा दुष्परिणाम से मुक्त हो जाता है (रोमियों 5:8-11; 10:9-11; इफीसियों 2:1-10)।

   प्रभु यीशु मृतकों में से अनन्तकाल के लिए पुनः जी उठने और फिर कभी ना मरने वालों में प्रथम हो गया, और जितने प्रभु यीशु में विश्वास करके उसे अपना मुक्तिदाता ग्रहण करते हैं वे भी उसके समान अनन्त जिवन के भागी हो जाएंगे (रोमियों 8:11)।

   क्या आप अभी भी अपने पापों की गहराईयों में फँसे हैं? प्रभु यीशु में पापों की क्षमा और अविनाशी उद्धार के उपहार को स्वेच्छा से स्वीकार कर लें, और उसके साथ अनन्तकाल तक रहने का आनन्द प्राप्त कर लें (प्रेरितों 16:31; इफिसियों 2:1; कुलुस्सियों 2:13)। - सी. पी. हिया


अपने क्रूस पर दिए बलिदान के द्वारा प्रभु यीशु अपने सभी विश्वासियों को बचाता एवं मुक्त करता है।

और यदि उसी का आत्मा जिसने यीशु को मरे हुओं में से जिलाया तुम में बसा हुआ है; तो जिसने मसीह को मरे हुओं में से जिलाया, वह तुम्हारी मरनहार देहों को भी अपने आत्मा के द्वारा जो तुम में बसा हुआ है जिलाएगा। - रोमियों 8:11

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 15:1-4; 19-25
1 Corinthians 15:1 हे भाइयों, मैं तुम्हें वही सुसमाचार बताता हूं जो पहिले सुना चुका हूं, जिसे तुम ने अंगीकार भी किया था और जिस में तुम स्थिर भी हो। 
1 Corinthians 15:2 उसी के द्वारा तुम्हारा उद्धार भी होता है, यदि उस सुसमाचार को जो मैं ने तुम्हें सुनाया था स्मरण रखते हो; नहीं तो तुम्हारा विश्वास करना व्यर्थ हुआ। 
1 Corinthians 15:3 इसी कारण मैं ने सब से पहिले तुम्हें वही बात पहुंचा दी, जो मुझे पहुंची थी, कि पवित्र शास्त्र के वचन के अनुसार यीशु मसीह हमारे पापों के लिये मर गया। 
1 Corinthians 15:4 ओर गाड़ा गया; और पवित्र शास्त्र के अनुसार तीसरे दिन जी भी उठा। 
1 Corinthians 15:19 यदि हम केवल इसी जीवन में मसीह से आशा रखते हैं तो हम सब मनुष्यों से अधिक अभागे हैं। 
1 Corinthians 15:20 परन्तु सचमुच मसीह मुर्दों में से जी उठा है, और जो सो गए हैं, उन में पहिला फल हुआ। 
1 Corinthians 15:21 क्योंकि जब मनुष्य के द्वारा मृत्यु आई; तो मनुष्य ही के द्वारा मरे हुओं का पुनरुत्थान भी आया। 
1 Corinthians 15:22 और जैसे आदम में सब मरते हैं, वैसा ही मसीह में सब जिलाए जाएंगे। 
1 Corinthians 15:23 परन्तु हर एक अपनी अपनी बारी से; पहिला फल मसीह; फिर मसीह के आने पर उसके लोग। 
1 Corinthians 15:24 इस के बाद अन्‍त होगा; उस समय वह सारी प्रधानता और सारा अधिकार और सामर्थ का अन्‍त कर के राज्य को परमेश्वर पिता के हाथ में सौंप देगा। 
1 Corinthians 15:25 क्योंकि जब तक कि वह अपने बैरियों को अपने पांवों तले न ले आए, तब तक उसका राज्य करना अवश्य है।

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 25-26
  • मत्ती 20:17-34



Friday, January 30, 2015

बाधाएं



   मैंने कुछ लोगों को इस रवैये के साथ कार्य करते देखा है कि यदि उन्हें कोई ऐसा विचार आता है जो उनकी दृष्टि में अच्छा है, या कोई ऐसा अवसर दिखाई देता है जो उन्हें लाभप्रद प्रतीत होता है तो वे उसे पूरा करने के लिए कुछ भी करने को तैयार हो जाते हैं, उस की पूर्ति के लिए अपने सारे साधन लगा देते हैं, और यदि उस पूर्ति में कोई बाधा आए तो उन्हें फिर चाहे बाधा के ऊपर होकर जाना पड़े या फिर उसके नीचे से, चाहे बाधा में होकर जाना पड़े या बाधा के इर्द-गिर्द घूम कर, लेकिन उस पूर्ति के लिए वह बाधा को हर रीति से पार करने के लिए तैयार रहते हैं। उनकी यह निष्ठा अच्छी तो प्रतीत होती है, लेकिन आवश्यक नहीं कि यह बात हमेशा सही ही हो; और इस बात को प्रमाणित करने के लिए मैं बिलाम नामक एक आदमी तथा उसके गदहे को आपके सामने रखना चाहता हूँ।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में बिलाम नाम के एक व्यक्ति का उल्लेख आता है जो पहली नज़र में परमेश्वर का आज्ञाकारी भक्त दिखाई देता है, लेकिन वास्तव में परमेश्वर के नाम से अपनी ही लालसाओं और लालचों के आधीन कार्य करने वाला था। जब परमेश्वर इस्त्राएल को मिस्त्र के दासत्व से निकाल कर कनान देश में बसाने के लिए ले कर जा रहा था, तो मार्ग के एक स्थान के राजा ने उन इस्त्राएलियों का नाश करने के लिए बिलाम की सहायता माँगी, और बिलाम को इसके प्रतिफल में अच्छा ईनाम देने का वायदा किया। बिलाम ने परमेश्वर से इस बात के लिए आज्ञा माँगी लेकिन परमेश्वर ने उसे मना कर दिया। तब राजा ने बिलाम को और भी अधिक ईनाम का लालच दिया, और बिलाम फिर से परमेश्वर से इस्त्राएल के विरुद्ध हाथ बढ़ाने की अनुमति माँगने लगा। क्योंकि परमेश्वर बिलाम के हृदय की दशा जानता था, इसलिए उसने बिलाम को आज्ञा तो दे दी लेकिन कुछ सख्त शर्तें साथ जोड़ दीं, लेकिन फिर भी परमेश्वर बिलाम से प्रसन्न नहीं था। इसलिए जब बिलाम इस्त्राएल को श्राप देने के लिए अपने गदहे पर बैठा जा रहा था तो मार्ग में एक बहुत संकरे स्थान पर परमेश्वर ने अपने एक दूत को खड़ा कर दिया जिससे बिलाम का आगे बढ़ना रुक जाए; बिलाम उस दूत को नहीं देख पा रहा था लेकिन वह उसके गदहे को दिखाई दे रहा था और वह जानवर उस दूत को देख कर वहीं रुक गया। बिलाम के बहुत प्रयास करने पर भी जब वह गदहा आगे नहीं बढ़ा तो बिलाम गदहे पर बहुत क्रोधित हुआ और उसे पीटा भी। तब परमेश्वर का दूत उस पर प्रगट हुआ और बिलाम को अपनी गलती का एहसास हुआ।

   बिलाम के साथ हुई यह घटना हमें सिखाती है कि ज़रूरी नहीं कि प्रत्येक बाधा से पार निकलने का प्रयास किया जाए; कभी कभी परमेश्वर हमारे मार्ग अवरुद्ध करता है ताकि हम कुछ मूर्खतापूर्ण या अनुचित ना कर बैठें। इसलिए जब हमारी कुछ योजनाएं पूरी नहीं हो पा रही हों, कुछ प्रयास बारंबार विफल हो रहे हों तो हमें यही नहीं मान लेना चाहिए कि शैतान हमारे रास्ते में बाधा डाल रहा है। हो सकता है कि परमेश्वर ही वह बाधा डाल रहा हो जिससे हम किसी नुकसान में पड़ने से बच जाएं। इसलिए बाधा में भी परमेश्वर की इच्छा जानने और फिर उस इच्छा के अनुसार कार्य करने की प्रवृति रखना लाभप्रद है। - जूली ऐकरमैन लिंक


परमेश्वर हर समय अपने बच्चों की रखवाली तथा रक्षा करता रहता है; तब भी जब उन्हें आभास भी नहीं होता कि उन्हें उसकी आवश्यकता है।

और मैं तुझे तेरे लोगों से और अन्यजातियों से बचाता रहूंगा, जिन के पास मैं अब तुझे इसलिये भेजता हूं। कि तू उन की आंखे खोले, कि वे अंधकार से ज्योति की ओर, और शैतान के अधिकार से परमेश्वर की ओर फिरें; कि पापों की क्षमा, और उन लोगों के साथ जो मुझ पर विश्वास करने से पवित्र किए गए हैं, मीरास पाएं। - प्रेरितों 26:17-18

बाइबल पाठ: गिनती 22:10-34
Numbers 22:10 बिलाम ने परमेश्वर से कहा सिप्पोर के पुत्र मोआब के राजा बालाक ने मेरे पास यह कहला भेजा है, 
Numbers 22:11 कि सुन, जो दल मिस्र से निकल आया है उस से भूमि ढंप गई है; इसलिये आकर मेरे लिये उन्हें शाप दे; सम्भव है कि मैं उनसे लड़कर उन को बरबस निकाल सकूंगा। 
Numbers 22:12 परमेश्वर ने बिलाम से कहा, तू इनके संग मत जा; उन लोगों को शाप मत दे, क्योंकि  वे आशीष के भागी हो चुके हैं। 
Numbers 22:13 भोर को बिलाम ने उठ कर बालाक के हाकिमों से कहा, तुम अपने देश को चले जाओ; क्योंकि यहोवा मुझे तुम्हारे साथ जाने की आज्ञा नहीं देता। 
Numbers 22:14 तब मोआबी हाकिम चले गए और बालाक के पास जा कर कहा, कि बिलाम ने हमारे साथ आने से ना किया है। 
Numbers 22:15 इस पर बालाक ने फिर और हाकिम भेजे, जो पहिलों से प्रतिष्ठित और गिनती में भी अधिक थे। 
Numbers 22:16 उन्होंने बिलाम के पास आकर कहा, कि सिप्पोर का पुत्र बालाक यों कहता है, कि मेरे पास आने से किसी कारण ना न कर; 
Numbers 22:17 क्योंकि मैं निश्चय तेरी बड़ी प्रतिष्ठा कर