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Tuesday, May 31, 2016

रूपांतरण


   मैं अपने बेटे को स्कूल से लेकर कार द्वारा घर वापस आ रही थी कि बर्फ गिरनी आरंभ हो गई; सफेद रूई के मुलायम रेशों के समान बर्फ लगातार और काफी मात्रा में गिरनी आरंभ हो गई, जिसके कारण यातायात धीमा होता गया और अंततः थम भी गया। सड़क पर खड़ी गाड़ियों के बीच में हम भी खड़े हो गए, और कार के अन्दर से बाहर हो रहे रूपांतरण को देखने लगे - मिट्टी के गहरे भूरे-काले रंग सफेद बर्फ से ढक गए और सफेद हो गए, मकानों पर गिरने वाली बर्फ ने उनके भिन्न रंग छुपा कर सफेद बना दिए, उन मकानों के किनारे अब गोलाकार हो गए, पेड़ों की डालियों पर भी बर्फ आ गई - दूर दूर तक, चारों ओर, सब कुछ एक निर्मल सफेद चादर से ढंप गया।

   इस बर्फबारी से हुए रूपांतरण ने मुझे एक आत्मिक सत्य की भी याद दिलाई - जैसे उस बर्फ ने सब कुछ को ढांप कर सफेद कर दिया, उनके स्वरूप का परिवर्तन कर दिया, वैसे ही प्रभु यीशु के बलिदान में होकर हम को उपलब्ध करवाया गया परमेश्वर का अनुग्रह भी हमारे सारे पाप ढांप कर हमें निर्मल कर देता है। लेकिन बर्फ से हुए उस रूपांतरण और परमेश्वर के अनुग्रह से होने वाले हमारे रूपांतरण में एक भारी अन्तर है - अनुग्रह अस्थायी रूप से केवल ढांपता ही नहीं है, वरन वह हमारे पाप और उसके सभी दुषप्रभावों को स्थायी रूप से मिटा देता है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में परमेश्वर ने अपने भविष्यद्वक्ता यशायाह में होकर अपने लोगों से आग्रह किया: "...आओ, हम आपस में वादविवाद करें: तुम्हारे पाप चाहे लाल रंग के हों, तौभी वे हिम की नाईं उजले हो जाएंगे; और चाहे अर्गवानी रंग के हों, तौभी वे ऊन के समान श्वेत हो जाएंगे" (यशायाह 1:18)। जब परमेश्वर ने यह बात कही, उस समय परमेश्वर की प्रजा इस्त्राएल पाप की पीड़ादायक स्थिति में धंसा हुआ था, परमेश्वर से दूर हो गया था (यशायाह 1:4)। इसीलिए परमेश्वर ने उनकी तुलना खुले घावों और सड़ान से भरे शरीर से भी करी (यशायाह 1:6)। उन लोगों के पाप चाहे कितने भी बुरे थे, लेकिन परमेश्वर उन पर अपना अनुग्रह बढ़ाना चाहता था, उन्हें पुनः स्वस्थ और स्वच्छ करना चाहता था। 

   आज भी समस्त संसार के हर व्यक्ति के लिए प्रभु यीशु में लाए गए विश्वास और समर्पण द्वारा परमेश्वर की क्षमा और अनुग्रह का यह द्वार खुला है, सेंत-मेंत उपलब्ध है। पाप हमारे जीवनों को दूषित और दाग़दार बना देता है, लेकिन जब हम उन पापों का अंगीकार करके प्रभु यीशु से उनकी क्षमा मांगते हैं तो परमेश्वर का वचन हमें आश्वस्त करता है कि "हम को उस में उसके लोहू के द्वारा छुटकारा, अर्थात अपराधों की क्षमा, उसके उस अनुग्रह के धन के अनुसार मिला है" (इफिसियों 1:7) और उसका यह अनुग्रह हमारा रूपांतरण करके हमें अनन्तकाल के लिए परमेश्वर की सन्तान बना देता है (यूहन्ना 1:12-13)। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


पापों के दाग़ केवल प्रभु यीशु मसीह के लोहू से ही धुल सकते हैं।

मैं ने तेरे अपराधों को काली घटा के समान और तेरे पापों को बादल के समान मिटा दिया है; मेरी ओर फिर लौट आ, क्योंकि मैं ने तुझे छुड़ा लिया है। - यशायाह 44:22

बाइबल पाठ: यशायाह 1:1-18
Isaiah 1:1 आमोस के पुत्र यशायाह का दर्शन, जिस को उसने यहूदा और यरूशलेम के विषय में उज्जियाह, योताम, आहाज, और हिजकिय्याह नाम यहूदा के राजाओं के दिनों में पाया। 
Isaiah 1:2 हे स्वर्ग सुन, और हे पृथ्वी कान लगा; क्योंकि यहोवा कहता है: मैं ने बाल-बच्चों का पालन पोषण किया, और उन को बढ़ाया भी, परन्तु उन्होंने मुझ से बलवा किया। 
Isaiah 1:3 बैल तो अपने मालिक को और गदहा अपने स्वामी की चरनी को पहिचानता है, परन्तु इस्राएल मुझें नहीं जानता, मेरी प्रजा विचार नहीं करती।
Isaiah 1:4 हाय, यह जाति पाप से कैसी भरी है! यह समाज अधर्म से कैसा लदा हुआ है! इस वंश के लोग कैसे कुकर्मी हैं, ये लड़के-बाले कैसे बिगड़े हुए हैं! उन्होंने यहोवा को छोड़ दिया, उन्होंने इस्राएल के पवित्र को तुच्छ जाना है! वे पराए बनकर दूर हो गए हैं।
Isaiah 1:5 तुम बलवा कर कर के क्यों अधिक मार खाना चाहते हो? तुम्हारा सिर घावों से भर गया, और तुम्हारा हृदय दु:ख से भरा है। 
Isaiah 1:6 नख से सिर तक कहीं भी कुछ आरोग्यता नहीं, केवल चोट और कोड़े की मार के चिन्ह और सड़े हुए घाव हैं जो न दबाये गए, न बान्धे गए, न तेल लगा कर नरमाये गए हैं।
Isaiah 1:7 तुम्हारा देश उजड़ा पड़ा है, तुम्हारे नगर भस्म हो गए हैं; तुम्हारे खेतों को परदेशी लोग तुम्हारे देखते ही निगल रहे हैं; वह परदेशियों से नाश किए हुए देश के समान उजाड़ है। 
Isaiah 1:8 और सिय्योन की बेटी दाख की बारी में की झोंपड़ी की नाईं छोड़ दी गई है, वा ककड़ी के खेत में की छपरिया या घिरे हुए नगर के समान अकेली खड़ी है। 
Isaiah 1:9 यदि सेनाओं का यहोवा हमारे थोड़े से लोगों को न बचा रखता, तो हम सदोम के समान हो जाते, और अमोरा के समान ठहरते।
Isaiah 1:10 हे सदोम के न्याइयों, यहोवा का वचन सुनो! हे अमोरा की प्रजा, हमारे परमेश्वर की शिक्षा पर कान लगा। 
Isaiah 1:11 यहोवा यह कहता है, तुम्हारे बहुत से मेलबलि मेरे किस काम के हैं? मैं तो मेढ़ों के होमबलियों से और पाले हुए पशुओं की चर्बी से अघा गया हूं; 
Isaiah 1:12 मैं बछड़ों वा भेड़ के बच्चों वा  बकरों के लोहू से प्रसन्न नहीं होता। तुम जब अपने मुंह मुझे दिखाने के लिये आते हो, तब यह कौन चाहता है कि तुम मेरे आंगनों को पांव से रौंदो? 
Isaiah 1:13 व्यर्थ अन्नबलि फिर मत लाओ; धूप से मुझे घृणा है। नये चांद और विश्रामदिन का मानना, और सभाओं का प्रचार करना, यह मुझे बुरा लगता है। महासभा के साथ ही साथ अनर्थ काम करना मुझ से सहा नहीं जाता। 
Isaiah 1:14 तुम्हारे नये चांदों और नियत पर्वों के मानने से मैं जी से बैर रखता हूं; वे सब मुझे बोझ से जान पड़ते हैं, मैं उन को सहते सहते उकता गया हूं। 
Isaiah 1:15 जब तुम मेरी ओर हाथ फैलाओ, तब मैं तुम से मुंह फेर लूंगा; तुम कितनी ही प्रार्थना क्यों न करो, तौभी मैं तुम्हारी न सुनूंगा; क्योंकि तुम्हारे हाथ खून से भरे हैं। 
Isaiah 1:16 अपने को धोकर पवित्र करो: मेरी आंखों के साम्हने से अपने बुरे कामों को दूर करो; भविष्य में बुराई करना छोड़ दो, 
Isaiah 1:17 भलाई करना सीखो; यत्न से न्याय करो, उपद्रवी को सुधारो; अनाथ का न्याय चुकाओ, विधवा का मुकद्दमा लड़ो।
Isaiah 1:18 यहोवा कहता है, आओ, हम आपस में वादविवाद करें: तुम्हारे पाप चाहे लाल रंग के हों, तौभी वे हिम की नाईं उजले हो जाएंगे; और चाहे अर्गवानी रंग के हों, तौभी वे ऊन के समान श्वेत हो जाएंगे।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 13-14
  • यूहन्ना 12:1-26


Monday, May 30, 2016

आवश्यक


   जौर्डीन कैस्टर जन्म से ही दृष्टिहीन है, लेकिन यह उसके लिए एक भरपूर और उपयोगी जीवन जीने में बाधा नहीं बन सका। उन पर बनाया गया वृत चित्र Can You See How I see? उनकी जीवन-कहानी बताता है। उन्होंने अपनी शिक्षा के दौरान अपने स्कूल में अति श्रेष्ठ स्तर बना कर रखा, थोड़ी सी सहायता के साथ उन्हें साईकिल चलाना और बर्फ की ढालों पर स्की करके नीचे आना बहुत अच्छा लगता है। अब वे विश्वविद्यालय में कंप्यूटर तकनीकी की पढ़ाई कर रही हैं और उनका ध्येय है कि वे ऐसी कंप्यूटर प्रणालियाँ विकसित करें जो दृष्टिहीनों की सहायता में काम आ सकें।

   अपनी दृष्टिहीन्ता के विषय में जौर्डीन का कहना है: "यदि मेरे लिए संभव होता कि मैं अपनी दृष्टिहीनता वापस लौटा सकूँ, तो भी मैं ऐसा नहीं करती। मेरा मानना है कि परमेश्वर ने हम सब को जैसे हम हैं एक उद्देश्य और योजना के अन्तर्गत बनाया है...और मेरी दृष्टिहीनता मेरे भविष्य तथा मेरे जीवन की उपलब्धियों का भाग है।" जौर्डीन जीवन के प्रति इतना सकारात्मक रवैया कैसे बनाए रख सकती हैं? वे एक मसीही विश्वासी भी हैं, और प्रभु यीशु की अनुयायी होने के नाते वे यह भली-भांति जानती और समझती हैं कि उनके जीवन तथा जीवन की सभी परिस्थितियों का समपूर्ण नियंत्रण तथा संचालन प्रभु परमेश्वर के हाथों में है, जो सदा उनके भले के लिए ही कार्य करता है, हर बात और हर परिस्थिति में उनके लिए भलाई ही उत्पन्न करता है। उनका यह विश्वास उन्हें वह अवसर प्रदान करता है जो अन्य लोगों को संभव नहीं लगते। जौर्डीन का जीवन परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस द्वारा फिलिप्पी के मसीही विश्वासियों को लिखी गई बात: "जो मुझे सामर्थ देता है उस में मैं सब कुछ कर सकता हूं" (फिलिप्पियों 4:13) को चरितार्थ करता है।

   हमारी कमज़ोरियाँ और ताकत चाहे जो भी हों, परमेश्वर का सामर्थी हाथ हमें वह सब कुछ प्रदान कर सकता है जो हमें परमेश्वर के लिए उपयोगी होने और संसार में उसकी महिमा के लिए कार्य करने के लिए आवश्यक है। आपकी परिस्थिति चाहे कैसी भी हो, विश्वास के साथ परमेश्वर के हाथ को थामें रहें और वह आप के लिए जो आवश्यक है आपको देता रहेगा, आपकी भरपूरी और उपयोगिता को बनाए रखेगा। - डेनिस फिशर


परमेश्वर जब किसी कार्य के लिए बुलाता है तो उसके लिए आवश्यक सामर्थ भी प्रदान करता है।

मत डर, क्योंकि मैं तेरे संग हूं, इधर उधर मत ताक, क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर हूं; मैं तुझे दृढ़ करूंगा और तेरी सहायता करूंगा, अपने धर्ममय दाहिने हाथ से मैं तुझे सम्हाले रहूंगा। - यशायाह 41:10

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 4:4-13
Philippians 4:4 प्रभु में सदा आनन्‍दित रहो; मैं फिर कहता हूं, आनन्‍दित रहो। 
Philippians 4:5 तुम्हारी कोमलता सब मनुष्यों पर प्रगट हो: प्रभु निकट है। 
Philippians 4:6 किसी भी बात की चिन्‍ता मत करो: परन्तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और बिनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं। 
Philippians 4:7 तब परमेश्वर की शान्‍ति, जो समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरिक्षत रखेगी।
Philippians 4:8 निदान, हे भाइयों, जो जो बातें सत्य हैं, और जो जो बातें आदरणीय हैं, और जो जो बातें उचित हैं, और जो जो बातें पवित्र हैं, और जो जो बातें सुहावनी हैं, और जो जो बातें मनभावनी हैं, निदान, जो जो सदगुण और प्रशंसा की बातें हैं, उन्‍हीं पर ध्यान लगाया करो। 
Philippians 4:9 जो बातें तुम ने मुझ से सीखीं, और ग्रहण की, और सुनी, और मुझ में देखीं, उन्‍हीं का पालन किया करो, तब परमेश्वर जो शान्‍ति का सोता है तुम्हारे साथ रहेगा।
Philippians 4:10 मैं प्रभु में बहुत आनन्‍दित हूं कि अब इतने दिनों के बाद तुम्हारा विचार मेरे विषय में फिर जागृत हुआ है; निश्‍चय तुम्हें आरम्भ में भी इस का विचार था, पर तुम्हें अवसर न मिला। 
Philippians 4:11 यह नहीं कि मैं अपनी घटी के कारण यह कहता हूं; क्योंकि मैं ने यह सीखा है कि जिस दशा में हूं, उसी में सन्‍तोष करूं। 
Philippians 4:12 मैं दीन होना भी जानता हूं और बढ़ना भी जानता हूं: हर एक बात और सब दशाओं में तृप्‍त होना, भूखा रहना, और बढ़ना-घटना सीखा है। 
Philippians 4:13 जो मुझे सामर्थ देता है उस में मैं सब कुछ कर सकता हूं।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 10-12
  • यूहन्ना 11:30-57


Sunday, May 29, 2016

नायक


   जे. आर. आर. टोलकिन के उपन्यास The Hobbit में बौने एकत्रित होते हैं कि भयानक दैत्य स्मौग द्वारा चुराया गया उनका धन उससे वापस लेकर आएं। यह करना बहुत जोखिम का कार्य था, किंतु इस खतरे के बावजुद, इस अभियान में उनका उप-नायक बौना बालिन अपने राजा और अभियान के प्रधान नायक थोरिन के विषय में कहता है, "यह एक है मैं जिसका अनुसरण कर सकता हूँ, जिसे मैं अपना राजा स्वीकार कर सकता हूँ।" उस खतरनाक अभियान के लिए बालिन की कटिबद्धता और समर्पण उसके नायक और अगुवे थोरिन में उसके विश्वास पर आधारित थी।

   पृथ्वी पर अपनी सेवकाई के आरंभ में प्रभु यीशु ने अपने साथ कार्य करने के लिए कुछ अनुयायियों को चुना, जो उसके साथ मिलकर परमेश्वर की सृष्टि से चुराए गए तथा पाप के दास्त्व में डाले गए, हम मनुष्यों, को शत्रु शैतान के चंगुल से निकाल कर ला सकें। अपने अनुयायियों को चुनने के साथ ही प्रभु यीशु ने उनसे कहा, "मेरे पीछे चले आओ" (मत्ती 4:19)। अब प्रभु यीशु के उन चेलों के लिए जीवन में एक बहुत बड़ा परिवर्तन आना था - वे मछली पकड़ने वाले व्यक्ति अब पाप के दास्तव में खोए हुए लोगों को निकाल कर लाने वाले बन रहे थे। यह कोई सरल कार्य नहीं था, इसीलिए प्रभु यीशु ने इस कार्य को प्रतिदिन क्रूस उठाकर उसके पीछे चलने के समान बताया (लूका 9:23)। जो बात तब उन चेलों के लिए लागू थी वही प्रभु यीशु के वर्तमान अनुयायियों, आज के हम मसीही विश्वासियों, के लिए भी ठीक वैसे ही लागू है।

   आज यदि हमें प्रभु यीशु द्वारा अपने चेलों को दिया गया यह आत्माएं बचाने का कार्य कठिन और घबरा देने वाला लगे तो हम किस प्रकार इसमें अपने आप को लगाए रख सकते हैं? अपनी नज़रों को अपने नायक, अपने राजा प्रभु यीशु पर लगाए रखने के द्वारा; उसके चरित्र और जीवन पर मनन करने, उसकी शिक्षाओं को मानने, और बालिन के समान प्रभु यीशु के लिए "यह एक है मैं जिसका अनुसरण कर सकता हूँ, जिसे मैं अपना राजा स्वीकार कर सकता हूँ" अंगीकार करने के द्वारा। - जो स्टोवैल


अपने आस-पास के लोगों के जीवनों में प्रवेश पाने के लिए अपने नायक का अनुसरण करते रहें।

उसने सब से कहा, यदि कोई मेरे पीछे आना चाहे, तो अपने आप से इन्कार करे और प्रति दिन अपना क्रूस उठाए हुए मेरे पीछे हो ले। - लूका 9:23

बाइबल पाठ: मत्ती 4:17-25
Matthew 4:17 उस समय से यीशु प्रचार करना और यह कहना आरम्भ किया, कि मन फिराओ क्योंकि स्वर्ग का राज्य निकट आया है। 
Matthew 4:18 उसने गलील की झील के किनारे फिरते हुए दो भाइयों अर्थात शमौन को जो पतरस कहलाता है, और उसके भाई अन्द्रियास को झील में जाल डालते देखा; क्योंकि वे मछवे थे। 
Matthew 4:19 और उन से कहा, मेरे पीछे चले आओ, तो मैं तुम को मनुष्यों के पकड़ने वाले बनाऊंगा। 
Matthew 4:20 वे तुरन्त जालों को छोड़कर उसके पीछे हो लिए। 
Matthew 4:21 और वहां से आगे बढ़कर, उसने और दो भाइयों अर्थात जब्‍दी के पुत्र याकूब और उसके भाई यूहन्ना को अपने पिता जब्‍दी के साथ नाव पर अपने जालों को सुधारते देखा; और उन्हें भी बुलाया 
Matthew 4:22 वे तुरन्त नाव और अपने पिता को छोड़कर उसके पीछे हो लिए।
Matthew 4:23 और यीशु सारे गलील में फिरता हुआ उन की सभाओं में उपदेश करता और राज्य का सुसमाचार प्रचार करता, और लोगों की हर प्रकार की बीमारी और दुर्बल्ता को दूर करता रहा। 
Matthew 4:24 और सारे सूरिया में उसका यश फैल गया; और लोग सब बीमारों को, जो नाना प्रकार की बीमारियों और दुखों में जकड़े हुए थे, और जिन में दुष्टात्माएं थीं और मिर्गी वालों और झोले के मारे हुओं को उसके पास लाए और उसने उन्हें चंगा किया। 
Matthew 4:25 और गलील और दिकापुलिस और यरूशलेम और यहूदिया से और यरदन के पार से भीड़ की भीड़ उसके पीछे हो ली।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 7-9
  • यूहन्ना 11:1-29


Saturday, May 28, 2016

सुरक्षा


   बीसवीं सदी के आरंभिक दशकों में आई आर्थिक महामंदी के दौर से उभरने के वर्षों बाद भी लोग स्टॉक मार्केट में निवेश करने से घबराते थे, निवेशकों के भरोसे को पुनः स्थापित कर पाना कठिन हो गया था। ऐसे में, 1952 में हैरी मार्कोविट्ज़ ने राय दी कि निवेशकों को किसी एक कंपनी या उद्योग में निवेश करने की बजाए अनेकों उद्योगों और कंपनियों में थोड़ा-थोड़ा धन निवेश करना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह चयन करने के लिए कि किस कंपनी या उद्योग में निवेश करना चाहिए कुछ सिद्धान्तों को भी बताया जिस से उन अनिश्चित समयों में निवेशकों को निवेश करने में बहुत सहायता मिली। सन 1990 में मार्कोविट्ज़ और दो अन्य लोगों को इस सिद्धांत के लिए अर्थविज्ञान का नोबेल पुरुस्कार दिया गया।

   उस समय के उन आशंकित निवेशकों के समान हम मसीही विश्वासी भी कभी-कभी अपने आप को आशंकित अनुभव कर सकते हैं। अपने बीते व्यक्तिगत जीवन में आई किसी ’तबाही’ या कठिनाई से निकल कर, जीवन के टुकड़ों को एकत्रित करके आगे बढ़ पाने से भयभीत और अनिश्चित अनुभव कर सकते हैं। संभवतः हमें भी किसी "मार्कोविट्ज़ पल" की प्रतीक्षा है जिस की सहायता से हम अपनी पिछली हार से उभर कर सुरक्षित हो कर आगे बढ़ सकें।

   ऐसे अनिश्चित समयों में हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि हमारे प्रभु यीशु ने पहले से ही हमारे लिए हर निराशा से निकल कर सुरक्षित आगे बढ़ने का मार्ग तैयार करके दे रखा है। प्रभु ने हमारी बीती शर्म की बातों को ढांप दिया है, हमें बीती सभी बातों से स्वतंत्र करके अपने साथ संगति में ले लिया है, वह हमें अपने साथ लेकर चलता है, हमें परमेश्वर की महिमा के लिए उपयोगी बनाता है। प्रभु यीशु ने सारे संसार के सभी लोगों को पाप के दण्ड से स्वतंत्र करने के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया, वह हम सब के उद्धार के लिए मृतकों में से पुनः जीवित हो उठा है; इसीलिए यदि हम गिर भी जाएं तो उसके साथ उठकर खड़े हो सकते हैं, क्योंकि "वह करुणा से प्रीति रखता है" (मीका 7:18)।

   जिस पल हम प्रभु यीशु को अपना जीवन समर्पित करते हैं उसी पल से हमारे लिए अनन्त आशीष और शांति का काल आरंभ हो जाता है। ऐसा समय जिसमें वह हमें अंश अंश करके अपनी समानता में बदलना आरंभ कर देता है, हमें वैसे आत्मिक जन बनाता है जैसे होने की हमारी लालसा रहती है, जो परमेश्वर की सन्तान होने को प्रत्यक्ष दर्शाते हैं। - रैंडी किलगोर


अपनी विफलताओं से आँखें उठाकर ऊपर देखें, 
और आप प्रभु परमेश्वर को अपने साथ खड़ा पाएंगे।

प्रभु तो आत्मा है: और जहां कहीं प्रभु का आत्मा है वहां स्‍वतंत्रता है। परन्तु जब हम सब के उघाड़े चेहरे से प्रभु का प्रताप इस प्रकार प्रगट होता है, जिस प्रकार दर्पण में, तो प्रभु के द्वारा जो आत्मा है, हम उसी तेजस्‍वी रूप में अंश अंश कर के बदलते जाते हैं। 2 कुरिन्थियों 3:17-18

बाइबल पाठ: मीका 7:5-9, 18-20
Micah 7:5 मित्र पर विश्वास मत करो, परममित्र पर भी भरोसा मत रखो; वरन अपनी अर्द्धांगिन से भी संभल कर बोलना। 
Micah 7:6 क्योंकि पुत्र पिता का अपमान करता, और बेटी माता के, और पतोह सास के विरुद्ध उठती है; मनुष्य के शत्रु उसके घर ही के लोग होते हैं। 
Micah 7:7 परन्तु मैं यहोवा की ओर ताकता रहूंगा, मैं अपने उद्धारकर्ता परमेश्वर की बाट जोहता रहूंगा; मेरा परमेश्वर मेरी सुनेगा।
Micah 7:8 हे मेरी बैरिन, मुझ पर आनन्द मत कर; क्योंकि ज्योंही मैं गिरूंगा त्योंही उठूंगा; और ज्योंही मैं अन्धकार में पडूंगा त्योंहि यहोवा मेरे लिये ज्योति का काम देगा। 
Micah 7:9 मैं ने यहोवा के विरुद्ध पाप किया है, इस कारण मैं उस समय तक उसके क्रोध को सहता रहूंगा जब तक कि वह मेरा मुकद्दमा लड़ कर मेरा न्याय न चुकाएगा। उस समय वह मुझे उजियाले में निकाल ले आएगा, और मैं उसका धर्म देखूंगा। 
Micah 7:18 तेरे समान ऐसा परमेश्वर कहां है जो अधर्म को क्षमा करे और अपने निज भाग के बचे हुओं के अपराध को ढांप दे? वह अपने क्रोध को सदा बनाए नहीं रहता, क्योंकि वह करूणा से प्रीति रखता है। 
Micah 7:19 वह फिर हम पर दया करेगा, और हमारे अधर्म के कामों को लताड़ डालेगा। तू उनके सब पापों को गहिरे समुद्र में डाल देगा। 
Micah 7:20 तू याकूब के विषय में वह सच्चई, और इब्राहीम के विषय में वह करूणा पूरी करेगा, जिस की शपथ तू प्राचीनकाल के दिनों से ले कर अब तक हमारे पितरों से खाता आया है।

एक साल में बाइबल: 

  • 2 इतिहास 4-6
  • यूहन्ना 10:24-42

Friday, May 27, 2016

द्वार


   मेरा दफ्तर मेरे घर की ज़मीनी मंज़िल पर है, इसलिए काम के समय कुछ चीज़ों के लिए मुझे अकसर ऊपर की मंज़िल के कमरों में आना-जाना पड़ता है। लेकिन मेरे साथ अकसर ऐसा भी होता है कि ऊपर पहुँचने तक मैं भूल चुली होती हूँ कि मैं ऊपर आई किस लिए हूँ! शोधकर्ता गेब्रियल रदवन्सकी ने इस प्रकार भूल जाने को समझाने के लिए एक व्याख्या दी है; तीन भिन्न प्रकार के प्रयोगों के आधार पर उनका कहना है कि कोई भी द्वार मस्तिष्क के लिए एक सीमा का संकेत देता है। जब हम एक द्वार पार करते हैं तो मस्तिष्क उस द्वार से पहले की सभी बातें और घटनाएं वर्तमान स्मरण से हटा कर मस्तिष्क के स्मरण-स्थान में डाल देता है; जब मैं अपने दफ्तर से निकल कर ऊपर की मंज़िल के कमरे में पहुँचती हूँ तो मस्तिष्क में मेरा वर्तमान स्मरण खाली होता है और वह कार्य पीछे कहीं स्मरण-स्थान में रखा जा चुका होता है, और मैं उस कमरे में खड़ी खिसियाती रहती हूँ यह सोचती हुई कि मैं वहाँ किस लिए आई हूँ।

   लेकिन हमारा भूलना हमारे लिए एक आशीष भी हो सकता है - रात को जब बत्ती बुझाकर बिस्तर पर लेटते हैं तो दिन भर की परेशानियों और चिंताओं को भूला कर अच्छी नींद लेना आने वाले दिन के लिए भला होता है; यदि हम उन चिंताओं और परेशानियों को नहीं भुला पाते तो फिर हमें अच्छे से नींद भी नहीं आती जो अगले दिन पर बुरा प्रभाव डालता है।

   जब मैं इस बात पर विचार करती हूँ कि प्रभु यीशु ने अपने आप को द्वार कहा (यूहन्ना 10:7, 9) तो उपरोक्त के संदर्भ में यह मेरे लिए एक शांति का सूचक है। प्रभु यीशु ने अपने जीवन के समकालीन कार्य पद्धति को लेकर यह बात कही थी - जब भेड़ें भेड़शाला के द्वार से अन्दर चली जाती थीं तो वे एक सुरक्षित स्थान में पहुँच जाती थीं। चरवाहा उस भेड़शाला के द्वार के बाहर ही लेट जाता था। यदि कोई चोर या जानवर भेड़ों को नुकसान पहुँचाने के लिए आता तो वह द्वार पर सो रहे चरवाहे से होकर ही भीतर जा सकता था, और इस प्रकार चरवाहा अन्दर सो रही भेड़ों की रखवाली करता और सुरक्षा बनकर रहता था।

   हम मसीही विश्वासियों के लिए प्रभु यीशु हमारा द्वार है जिसमें होकर हम परमेश्वर की सुरक्षा में प्रवेश पाते हैं, और वही हमारा महान चरवाहा भी है जो हमारे और शत्रु शैतान के बीच हमारी सुरक्षा के लिए सदा तैनात रहता है। प्रभु यीशु रूपी द्वार को पार करके हम अपनी सभी चिंताएं और खतरों को भूला कर, उनसे निश्चिंत होकर विश्राम कर सकते हैं क्योंकि हमारा रखवाला ना कभी ऊँघता है और ना कभी सोता है (भजन 121:4)। - जूली ऐकैरमैन लिंक


प्रभु यीशु वह द्वार है जो हमें भीतर सुरक्षित और खतरों को बाहर रखता है।

सुन, इस्राएल का रक्षक, न ऊंघेगा और न सोएगा। - भजन 121:4

बाइबल पाठ: यूहन्ना 10:1-10
John 10:1 मैं तुम से सच सच कहता हूं, कि जो कोई द्वार से भेड़शाला में प्रवेश नहीं करता, परन्तु और किसी ओर से चढ़ जाता है, वह चोर और डाकू है। 
John 10:2 परन्तु जो द्वार से भीतर प्रवेश करता है वह भेड़ों का चरवाहा है। 
John 10:3 उसके लिये द्वारपाल द्वार खोल देता है, और भेंड़ें उसका शब्द सुनती हैं, और वह अपनी भेड़ों को नाम ले ले कर बुलाता है और बाहर ले जाता है। 
John 10:4 और जब वह अपनी सब भेड़ों को बाहर निकाल चुकता है, तो उन के आगे आगे चलता है, और भेड़ें उसके पीछे पीछे हो लेती हैं; क्योंकि वे उसका शब्द पहचानती हैं। 
John 10:5 परन्तु वे पराये के पीछे नहीं जाएंगी, परन्तु उस से भागेंगी, क्योंकि वे परायों का शब्द नहीं पहचानती। 
John 10:6 यीशु ने उन से यह दृष्‍टान्‍त कहा, परन्तु वे न समझे कि ये क्या बातें हैं जो वह हम से कहता है।
John 10:7 तब यीशु ने उन से फिर कहा, मैं तुम से सच सच कहता हूं, कि भेड़ों का द्वार मैं हूं। 
John 10:8 जितने मुझ से पहिले आए; वे सब चोर और डाकू हैं परन्तु भेड़ों ने उन की न सुनी। 
John 10:9 द्वार मैं हूं: यदि कोई मेरे द्वारा भीतर प्रवेश करे तो उद्धार पाएगा और भीतर बाहर आया जाया करेगा और चारा पाएगा। 
John 10:10 चोर किसी और काम के लिये नहीं परन्तु केवल चोरी करने और घात करने और नष्‍ट करने को आता है। मैं इसलिये आया कि वे जीवन पाएं, और बहुतायत से पाएं।

एक साल में बाइबल: 

  • 2 इतिहास 1-3
  • यूहन्ना 10:1-23