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शुक्रवार, 27 मई 2016

द्वार


   मेरा दफ्तर मेरे घर की ज़मीनी मंज़िल पर है, इसलिए काम के समय कुछ चीज़ों के लिए मुझे अकसर ऊपर की मंज़िल के कमरों में आना-जाना पड़ता है। लेकिन मेरे साथ अकसर ऐसा भी होता है कि ऊपर पहुँचने तक मैं भूल चुली होती हूँ कि मैं ऊपर आई किस लिए हूँ! शोधकर्ता गेब्रियल रदवन्सकी ने इस प्रकार भूल जाने को समझाने के लिए एक व्याख्या दी है; तीन भिन्न प्रकार के प्रयोगों के आधार पर उनका कहना है कि कोई भी द्वार मस्तिष्क के लिए एक सीमा का संकेत देता है। जब हम एक द्वार पार करते हैं तो मस्तिष्क उस द्वार से पहले की सभी बातें और घटनाएं वर्तमान स्मरण से हटा कर मस्तिष्क के स्मरण-स्थान में डाल देता है; जब मैं अपने दफ्तर से निकल कर ऊपर की मंज़िल के कमरे में पहुँचती हूँ तो मस्तिष्क में मेरा वर्तमान स्मरण खाली होता है और वह कार्य पीछे कहीं स्मरण-स्थान में रखा जा चुका होता है, और मैं उस कमरे में खड़ी खिसियाती रहती हूँ यह सोचती हुई कि मैं वहाँ किस लिए आई हूँ।

   लेकिन हमारा भूलना हमारे लिए एक आशीष भी हो सकता है - रात को जब बत्ती बुझाकर बिस्तर पर लेटते हैं तो दिन भर की परेशानियों और चिंताओं को भूला कर अच्छी नींद लेना आने वाले दिन के लिए भला होता है; यदि हम उन चिंताओं और परेशानियों को नहीं भुला पाते तो फिर हमें अच्छे से नींद भी नहीं आती जो अगले दिन पर बुरा प्रभाव डालता है।

   जब मैं इस बात पर विचार करती हूँ कि प्रभु यीशु ने अपने आप को द्वार कहा (यूहन्ना 10:7, 9) तो उपरोक्त के संदर्भ में यह मेरे लिए एक शांति का सूचक है। प्रभु यीशु ने अपने जीवन के समकालीन कार्य पद्धति को लेकर यह बात कही थी - जब भेड़ें भेड़शाला के द्वार से अन्दर चली जाती थीं तो वे एक सुरक्षित स्थान में पहुँच जाती थीं। चरवाहा उस भेड़शाला के द्वार के बाहर ही लेट जाता था। यदि कोई चोर या जानवर भेड़ों को नुकसान पहुँचाने के लिए आता तो वह द्वार पर सो रहे चरवाहे से होकर ही भीतर जा सकता था, और इस प्रकार चरवाहा अन्दर सो रही भेड़ों की रखवाली करता और सुरक्षा बनकर रहता था।

   हम मसीही विश्वासियों के लिए प्रभु यीशु हमारा द्वार है जिसमें होकर हम परमेश्वर की सुरक्षा में प्रवेश पाते हैं, और वही हमारा महान चरवाहा भी है जो हमारे और शत्रु शैतान के बीच हमारी सुरक्षा के लिए सदा तैनात रहता है। प्रभु यीशु रूपी द्वार को पार करके हम अपनी सभी चिंताएं और खतरों को भूला कर, उनसे निश्चिंत होकर विश्राम कर सकते हैं क्योंकि हमारा रखवाला ना कभी ऊँघता है और ना कभी सोता है (भजन 121:4)। - जूली ऐकैरमैन लिंक


प्रभु यीशु वह द्वार है जो हमें भीतर सुरक्षित और खतरों को बाहर रखता है।

सुन, इस्राएल का रक्षक, न ऊंघेगा और न सोएगा। - भजन 121:4

बाइबल पाठ: यूहन्ना 10:1-10
John 10:1 मैं तुम से सच सच कहता हूं, कि जो कोई द्वार से भेड़शाला में प्रवेश नहीं करता, परन्तु और किसी ओर से चढ़ जाता है, वह चोर और डाकू है। 
John 10:2 परन्तु जो द्वार से भीतर प्रवेश करता है वह भेड़ों का चरवाहा है। 
John 10:3 उसके लिये द्वारपाल द्वार खोल देता है, और भेंड़ें उसका शब्द सुनती हैं, और वह अपनी भेड़ों को नाम ले ले कर बुलाता है और बाहर ले जाता है। 
John 10:4 और जब वह अपनी सब भेड़ों को बाहर निकाल चुकता है, तो उन के आगे आगे चलता है, और भेड़ें उसके पीछे पीछे हो लेती हैं; क्योंकि वे उसका शब्द पहचानती हैं। 
John 10:5 परन्तु वे पराये के पीछे नहीं जाएंगी, परन्तु उस से भागेंगी, क्योंकि वे परायों का शब्द नहीं पहचानती। 
John 10:6 यीशु ने उन से यह दृष्‍टान्‍त कहा, परन्तु वे न समझे कि ये क्या बातें हैं जो वह हम से कहता है।
John 10:7 तब यीशु ने उन से फिर कहा, मैं तुम से सच सच कहता हूं, कि भेड़ों का द्वार मैं हूं। 
John 10:8 जितने मुझ से पहिले आए; वे सब चोर और डाकू हैं परन्तु भेड़ों ने उन की न सुनी। 
John 10:9 द्वार मैं हूं: यदि कोई मेरे द्वारा भीतर प्रवेश करे तो उद्धार पाएगा और भीतर बाहर आया जाया करेगा और चारा पाएगा। 
John 10:10 चोर किसी और काम के लिये नहीं परन्तु केवल चोरी करने और घात करने और नष्‍ट करने को आता है। मैं इसलिये आया कि वे जीवन पाएं, और बहुतायत से पाएं।

एक साल में बाइबल: 

  • 2 इतिहास 1-3
  • यूहन्ना 10:1-23


शनिवार, 11 जुलाई 2015

मार्ग


   अपनी पुस्तक A Sweet and Bitter Providence में लेखक जॉन पाइपर परमेश्वर द्वारा दिए जाने वाले मार्गदर्शन और प्रावधानों के बारे कुछ विचार प्रस्तुत करता है; जैसे: "जीवन, एक आशीष से दूसरी आशीष तक और फिर अन्ततः स्वर्ग तक पहुँचाने वाली सीधी रेखा नहीं है। जीवन परेशानियों से भरा एक घुमावदार मार्ग है...परमेश्वर हर परेशानी के आने पर प्रगट होकर उसे मिटाने नहीं आता। परमेश्वर हमारे जीवन मार्ग की दिशा और अपनी दूरगामी योजनाओं के निर्धारित परिणामों के अनुसार हमारी परेशानियों का प्रबंधन करता है जिससे अनन्तः हमारी भलाई और प्रभु यीशु की महिमा हो।"

   जब यहूदी अपने सालाना पर्वों को मनाने यरुशलेम आते थे तो उन्हें निश्चय रहता था कि परमेश्वर उनकी दिशा और घुमावदार तथा परेशानियों से भरे मार्गों को नियंत्रित कर रहा है। अपनी यात्रा के दौरान वे अनेक भजन गाते थे, जिनमें से एक था भजन 121। इस भजन के आरंभ में लिखा गया प्रश्न: "...मुझे सहायता कहां से मिलेगी?" उनके किसी सन्देह को नहीं वरन परम-प्रधान और सब बातों पर नियंत्रण रखने वाले परमेश्वर पर उनके विश्वास को दिखाता था (पद 1-2)। वे जानते थे कि संसार के रक्षक या सुरक्षाकर्मी ऊँघ सकते हैं, संसार के देवी-देवता सो सकते हैं और उन के उपासक उन्हें उनकी निद्रा से जगाने के प्रयास भी करते हैं (1 राजा 18:27), परन्तु इस्त्राएल का परमेश्वर सदा जागृत और सचेत रहता है और उनकी रक्षा करता रहता है (पद 3-4)। परमेश्वर यहोवा अपनी प्रजा के साथ बना रहता है, उनकी सहायता तथा रक्षा करता है।

   जीवन मार्ग अनदेखे और अनजाने खतरों से भरा एक घुमावदार मार्ग है, परन्तु उन इस्त्राएलियों के समान ही हम मसीही विश्वासी भी अपने जीवन मार्ग पर परमेश्वर पिता की लगातार हमारे साथ बनी रहने वाली उपस्थिति, उसकी सुरक्षा, उसके प्रावधानों और उस की देखरेख के लिए निश्चित एवं निश्चिंत रह सकते हैं। - मार्विन विलियम्स


परेशानियों का कुछ पता नहीं है; परमेश्वर की उपस्थिति और प्रावधान निश्चित हैं।

हे यहोवा के प्रेमियों, बुराई से घृणा करो; वह अपने भक्तों के प्राणों की रक्षा करता, और उन्हें दुष्टों के हाथ से बचाता है। - भजन 97:10

बाइबल पाठ: भजन 121:1-8
Psalms 121:1 मैं अपनी आंखें पर्वतों की ओर लगाऊंगा। मुझे सहायता कहां से मिलेगी? 
Psalms 121:2 मुझे सहायता यहोवा की ओर से मिलती है, जो आकाश और पृथ्वी का कर्ता है।
Psalms 121:3 वह तेरे पांव को टलने न देगा, तेरा रक्षक कभी न ऊंघेगा। 
Psalms 121:4 सुन, इस्राएल का रक्षक, न ऊंघेगा और न सोएगा।
Psalms 121:5 यहोवा तेरा रक्षक है; यहोवा तेरी दाहिनी ओर तेरी आड़ है। 
Psalms 121:6 न तो दिन को धूप से, और न रात को चांदनी से तेरी कुछ हानि होगी।
Psalms 121:7 यहोवा सारी विपत्ति से तेरी रक्षा करेगा; वह तेरे प्राण की रक्षा करेगा। 
Psalms 121:8 यहोवा तेरे आने जाने में तेरी रक्षा अब से ले कर सदा तक करता रहेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 1-3
  • प्रेरितों 17:1-15


शनिवार, 20 जून 2015

शरणस्थान


  एक दिन मैं एक बड़ी झील के किनारे घूम रही थी; चलते चलते मैं बड़े बड़े पत्थरों और चट्टानों के निकट पहुँची और मेरा ध्यान उन चट्टानों के बीच अन्दर को बने एक छोटे से सुरक्षित स्थान की ओर गया जहाँ एक छोटा सा पौधा जड़ पकड़े हुए उग रहा था। प्रतीत हो रहा था कि उस पौधे को बढ़ने के लिए ना केवल पर्याप्त धूप और पानी उपलब्ध हो रहा है, वरन उन चट्टानों के बीच अन्दर को होने के कारण एक और महत्वपूर्ण चीज़ भी मिल रही है - सुरक्षा। वहाँ किसी भी बारिश-तूफान या तेज़ हवा से उसके कोमल पत्तों को कोई हानि नहीं हो सकती थी।

   उस पौधे के उस सुरक्षित स्थान को देखकर मुझे प्रसिद्ध मसीही भजन, "यीशु मेरे शरणस्थान, तुझ में मेरा है कल्याण" स्मरण हो आया। उस भजन के शब्द उन बातों को व्यक्त करते हैं जिन्हें हम तब चाहते हैं जब हमारा सामना हमारे प्रति बुरे इरादे रखने वाले क्रूर लोगों से होता है जो परमेश्वर को कोई मान्यता या आदर नहीं देते (भजन 94:4-7)। जब हम किसी के बुरे इरादों का निशाना बनते हैं, हम भजनकार की गवाही: "परन्तु यहोवा मेरा गढ़, और मेरा परमेश्वर मेरी शरण की चट्टान ठहरा है" (भजन 94:22) को स्मरण कर सकते हैं।

   एक चट्टान के समान हमारा परमेश्वर भरोसेमन्द और मज़बूत है; एक शरणस्थान के रूप में वह हमें संकटों और स्मस्याओं के टल जाने तक सुरक्षित रख सकता है। भजनकार हमें स्मरण दिलाता है: "वह तुझे अपने पंखों की आड़ में ले लेगा, और तू उसके पैरों के नीचे शरण पाएगा; उसकी सच्चाई तेरे लिये ढाल और झिलम ठहरेगी" (भजन 91:4)। जब परमेश्वर हमारा रक्षक है तो हमें इस बात से घबराने की आवश्यकता नहीं है कि दूसरे हमारा क्या बिगाड़ सकते हैं; हम हर बात और परिस्थिति में विश्वास रख सकते हैं कि जब भी परेशानियाँ आएंगी तब परमेश्वर हमें संभालेगा, हमारा शरणस्थान बना रहेगा। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


परमेश्वर अपने लोगों के लिए सदा का शरणस्थान है।

मेरा चट्टानरूपी परमेश्वर है, जिसका मैं शरणागत हूँ, मेरी ढाल, मेरा बचाने वाला सींग, मेरा ऊंचा गढ़, और मेरा शरण स्थान है, हे मेरे उद्धार कर्त्ता, तू उपद्रव से मेरा उद्धार किया करता है। - 2 शमूएल 22:3

बाइबल पाठ: भजन 94
Psalms 94:1 हे यहोवा, हे पलटा लेने वाले ईश्वर, हे पलटा लेने वाले ईश्वर, अपना तेज दिखा! 
Psalms 94:2 हे पृथ्वी के न्यायी उठ; और घमण्ड़ियों को बदला दे! 
Psalms 94:3 हे यहोवा, दुष्ट लोग कब तक, दुष्ट लोग कब तक डींग मारते रहेंगे? 
Psalms 94:4 वे बकते और ढ़िठाई की बातें बोलते हैं, सब अनर्थकारी बड़ाई मारते हैं। 
Psalms 94:5 हे यहोवा, वे तेरी प्रजा को पीस डालते हैं, वे तेरे निज भाग को दु:ख देते हैं। 
Psalms 94:6 वे विधवा और परदेशी का घात करते, और अनाथों को मार डालते हैं; 
Psalms 94:7 और कहते हैं, कि याह न देखेगा, याकूब का परमेश्वर विचार न करेगा। 
Psalms 94:8 तुम जो प्रजा में पशु सरीखे हो, विचार करो; और हे मूर्खों तुम कब तक बुद्धिमान हो जाओगे? 
Psalms 94:9 जिसने कान दिया, क्या वह आप नहीं सुनता? जिसने आंख रची, क्या वह आप नहीं देखता? 
Psalms 94:10 जो जाति जाति को ताड़ना देता, और मनुष्य को ज्ञान सिखाता है, क्या वह न समझाएगा? 
Psalms 94:11 यहोवा मनुष्य की कल्पनाओं को तो जानता है कि वे मिथ्या हैं। 
Psalms 94:12 हे याह, क्या ही धन्य है वह पुरूष जिस को तू ताड़ना देता है, और अपनी व्यवस्था सिखाता है, 
Psalms 94:13 क्योंकि तू उसको विपत्ति के दिनों में उस समय तक चैन देता रहता है, जब तक दुष्टों के लिये गड़हा नहीं खोदा जाता। 
Psalms 94:14 क्योंकि यहोवा अपनी प्रजा को न तजेगा, वह अपने निज भाग को न छोड़ेगा; 
Psalms 94:15 परन्तु न्याय फिर धर्म के अनुसार किया जाएगा, और सारे सीधे मन वाले उसके पीछे पीछे हो लेंगे। 
Psalms 94:16 कुकर्मियों के विरुद्ध मेरी ओर कौन खड़ा होगा? मेरी ओर से अनर्थकारियों का कौन साम्हना करेगा? 
Psalms 94:17 यदि यहोवा मेरा सहायक न होता, तो क्षण भर में मुझे चुपचाप हो कर रहना पड़ता। 
Psalms 94:18 जब मैं ने कहा, कि मेरा पांव फिसलने लगा है, तब हे यहोवा, तेरी करूणा ने मुझे थाम लिया। 
Psalms 94:19 जब मेरे मन में बहुत सी चिन्ताएं होती हैं, तब हे यहोवा, तेरी दी हुई शान्ति से मुझ को सुख होता है। 
Psalms 94:20 क्या तेरे और दुष्टों के सिंसाहन के बीच सन्धि होगी, जो कानून की आड़ में उत्पात मचाते हैं? 
Psalms 94:21 वे धर्मी का प्राण लेने को दल बान्धते हैं, और निर्दोष को प्राणदण्ड देते हैं। 
Psalms 94:22 परन्तु यहोवा मेरा गढ़, और मेरा परमेश्वर मेरी शरण की चट्टान ठहरा है। 
Psalms 94:23 और उसने उनका अनर्थ काम उन्हीं पर लौटाया है, और वह उन्हें उन्हीं की बुराई के द्वारा सत्यानाश करेगा; हमारा परमेश्वर यहोवा उन को सत्यानाश करेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • एस्तेर 1-2
  • प्रेरितों 5:1-21



शुक्रवार, 25 अक्टूबर 2013

खरा न्याय

   प्रकाशन में मेरा एक पूर्व सहकर्मी लगभग एक वर्ष तक इसी भय में जीता और कार्य करता रहा कि बस अब उसकी नौकरी गई। ऐसा इसलिए क्योंकि उस विभाग में आया एक नया अधिकारी, अनजाने कारणों से मेरे मित्र की व्यक्तिगत फाईल में उसके विरुद्ध नकारात्मक बातें भरता जा रहा था। फिर एक दिन ऐसा आया जब मेरे मित्र को लगा कि बस आज तो मेरी नौकरी गई ही समझो; उस दिन नौकरी तो गई, लेकिन मेरे मित्र की नहीं वरन उस अधिकारी की जो मेरे मित्र के विरुद्ध कार्य कर रहा था।

   एक ऐसी ही घटना हम परमेश्वर के वचन बाइबल के पुराने नियम नामक खण्ड में एस्तेर की पुस्तक में दर्ज पाते हैं। जब इस्त्राएलियों को बन्धुआ बनाकर बेबिलोन ले जाया गया, तो मोर्देकै नामक एक इस्त्राएली ऐसी ही परिस्थिति में आ पड़ा। उस समय के राजा क्षयर्ष का सबसे चहेता अधिकारी हमान राजा की उस पर बनी हुई कृपादृष्टि के कारण घमण्ड में ऐसा फूल गया कि उसने रीति बना दी की प्रत्येक अधिकारी उसके सामने झुक कर दण्डवत करे। लेकिन मोरदकै परमेश्वर को छोड़ किसी अन्य के आगे झुकना और दण्डवत करना स्वीकार नहीं करता था (एस्तेर 3:1-2)। मोरदकै के इस रवैये से हमान क्रोधित हो उठा और उसने मोरदकै सहित सभी इस्त्राएलियों को मार डालने का षड़यंत्र रच डाला। हमान ने राजा क्षयर्ष को मना लिया कि वह एक राजाज्ञा पर हस्ताक्षर करे जिसमें एक विशेष दिन राज्य के सभी लोगों को उनके इलाके में पाए जाने वाले इस्त्राएलियों को घात करने की खुली छूट दी गई (एस्तेर 3:5-6), और उसने यह राजाज्ञा सारे राज्य में सुनवा दी। मोरदकै के लिए हमान ने अपने घर में एक ऊँचा फांसी का स्थान बनवाया जिससे सब उसकी मृत्यु को देख सकें (एस्तेर 5:14)। लेकिन परमेश्वर के लोग इस्त्राएली, उपवास और प्रार्थना में लग गए और परिस्थितियों ने नाटकीय मोड़ लिया; राजा द्वारा मोर्दकै को हमान के हाथों सम्मानित करवाया गया, तथा फिर और भी नाटकीय घटनाक्रम में हमान राजा की नज़रों से एकदम गिर गया और उस पर राजा की ओर से मृत्यु दण्ड की आज्ञा सुना दी गई तथा इस्त्राएलियों को अपना बचाव करने की छूट दे दी गई। राजा की आज्ञा के अन्तर्गत घमण्डी हमान को उसी फांसी के स्थान पर लटका दिया गया जो उसने मोर्दकै के लिए बनवाया था (एस्तेर 7:9-10; 8)।

   यह सच है कि हर किसी को इस नाटकीय रूप में न्याय तो नहीं मिलता, लेकिन यह भी सच है कि परमेश्वर का वचन हमें आश्वस्त करता है कि परमेश्वर एक दिन सबका न्याय अवश्य चुकाएगा (रोमियों 12:19)। हम मसीही विश्वसियों को परमेश्वर से निर्देश है कि उसके खरे न्याय की प्रतीक्षा करते हुए हमें अपना पलटा आप नहीं लेना है वरन इस कार्य को उसके हाथ में ही छोड़ देना है। हमारा कर्तव्य है अपने और जगत के उद्धारकर्ता प्रभु यीशु के जीवन और शिक्षाओं को संसार के सामने अपने जीवन से प्रगट करते रहना; हमारा प्रतिफल परमेश्वर के हाथों में सुरक्षित है। - जूली ऐकैर्मैन लिंक


परमेश्वर का न्याय अवश्यंभावी है, खरा है, पक्षपात रहित है। उसके भय में जीवन बिताएं।

हे प्रियो अपना पलटा न लेना; परन्तु क्रोध को अवसर दो, क्योंकि लिखा है, पलटा लेना मेरा काम है, प्रभु कहता है मैं ही बदला दूंगा। - रोमियों 12:19

बाइबल पाठ: एस्तेर 3:1-11; 7:1-10
Esther 3:1 इन बातों के बाद राजा क्षयर्ष ने अगामी हम्मदाता के पुत्र हामान को उच्च पद दिया, और उसको महत्व देकर उसके लिये उसके साथी हाकिमों के सिंहासनों से ऊंचा सिंहासन ठहराया। 
Esther 3:2 और राजा के सब कर्मचारी जो राजभवन के फाटक में रहा करते थे, वे हामान के साम्हने झुककर दण्डवत किया करते थे क्योंकि राजा ने उसके विषय ऐसी ही आज्ञा दी थी; परन्तु मोर्दकै न तो झुकता था और न उसको दण्डवत करता था। 
Esther 3:3 तब राजा के कर्मचारी जो राजभवन के फाटक में रहा करते थे, उन्होंने मोर्दकै से पूछा, 
Esther 3:4 तू राजा की आज्ञा क्यों उलंघन करता है? जब वे उस से प्रतिदिन ऐसा ही कहते रहे, और उसने उनकी एक न मानी, तब उन्होंने यह देखने की इच्छा से कि मोर्दकै की यह बात चलेगी कि नहीं, हामान को बता दिया; उसने तो उन को बता दिया था कि मैं यहूदी हूँ। 
Esther 3:5 जब हामान ने देखा, कि मोर्दकै नहीं झुकता, और न मुझ को दण्डवत करता है, तब हामान बहुत ही क्रोधित हुआ। 
Esther 3:6 उसने केवल मोर्दकै पर हाथ चलाना अपनी मर्यादा के नीचे जाना। क्योंकि उन्होंने हामान को यह बता दिया था, कि मोर्दकै किस जाति का है, इसलिये हामान ने क्षयर्ष के साम्राज्य में रहने वाले सारे यहूदियों को भी मोर्दकै की जाति जानकर, विनाश कर डालने की युक्ति निकाली। 
Esther 3:7 राजा क्षयर्ष के बारहवें वर्ष के नीसान नाम पहिले महीने में, हामान ने अदार नाम बारहवें महीने तक के एक एक दिन और एक एक महीने के लिये “पूर” अर्थात चिट्ठी अपने साम्हने डलवाई। 
Esther 3:8 और हामान ने राजा क्षयर्ष से कहा, तेरे राज्य के सब प्रान्तों में रहने वाले देश देश के लोगों के मध्य में तितर बितर और छिटकी हुई एक जाति है, जिसके नियम और सब लोगों के नियमों से भिन्न हैं; और वे राजा के कानून पर नहीं चलते, इसलिये उन्हें रहने देना राजा को लाभदायक नहीं है। 
Esther 3:9 यदि राजा को स्वीकार हो तो उन्हें नष्ट करने की आज्ञा लिखी जाए, और मैं राजा के भणडारियों के हाथ में राजभणडार में पहुंचाने के लिये, दस हजार किक्कार चान्दी दूंगा। 
Esther 3:10 तब राजा ने अपनी अंगूठी अपने हाथ से उतार कर अगागी हम्मदाता के पुत्र हामान को, जो यहूदियों का बैरी था दे दी। 
Esther 3:11 और राजा ने हामान से कहा, वह चान्दी तुझे दी गई है, और वे लोग भी, ताकि तू उन से जैसा तेरा जी चाहे वैसा ही व्यवहार करे। 

Esther 7:1 सो राजा और हामान एस्तेर रानी की जेवनार में आगए। 
Esther 7:2 और राजा ने दूसरे दिन दाखमधु पीते-पीते एस्तेर से फिर पूछा, हे एस्तेर रानी! तेरा क्या निवेदन है? वह पूरा किया जाएगा। और तू क्या मांगती है? मांग, और आधा राज्य तक तुझे दिया जाएगा। 
Esther 7:3 एस्तेर रानी ने उत्तर दिया, हे राजा! यदि तू मुझ पर प्रसन्न है, और राजा को यह स्वीकार हो, तो मेरे निवेदन से मुझे, और मेरे मांगने से मेरे लोगों को प्राणदान मिले। 
Esther 7:4 क्योंकि मैं और मेरी जाति के लोग बेच डाले गए हैं, और हम सब विध्वंसघात और नाश किए जाने वाले हैं। यदि हम केवल दास-दासी हो जाने के लिये बेच डाले जाते, तो मैं चुप रहती; चाहे उस दशा में भी वह विरोधी राजा की हानि भर न सकता। 
Esther 7:5 तब राजा क्षयर्ष ने एस्तेर रानी से पूछा, वह कौन है? और कहां है जिसने ऐसा करने की मनसा की है? 
Esther 7:6 एस्तेर ने उत्तर दिया है कि वह विरोधी और शत्रु यही दुष्ट हामान है। तब हामान राजा-रानी के साम्हने भयभीत हो गया। 
Esther 7:7 राजा तो जलजलाहट में आ, मधु पीने से उठ कर, राजभवन की बारी में निकल गया; और हामान यह देखकर कि राजा ने मेरी हानि ठानी होगी, एस्तेर रानी से प्राणदान मांगने को खड़ा हुआ। 
Esther 7:8 जब राजा राजभवन की बारी से दाखमधु पीने के स्थान में लौट आया तब क्या देखा, कि हामान उसी चौकी पर जिस पर एस्तेर बैठी है पड़ा है; और राजा ने कहा, क्या यह घर ही में मेरे साम्हने ही रानी से बरबस करना चाहता है? राजा के मुंह से यह वचन निकला ही था, कि सेवकों ने हामान का मुंह ढांप दिया। 
Esther 7:9 तब राजा के साम्हने उपस्थित रहने वाले खोजों में से हर्वोना नाम एक ने राजा से कहा, हामान के यहां पचास हाथ ऊंचा फांसी का एक खम्भा खड़ा है, जो उसने मोर्दकै के लिये बनवाया है, जिसने राजा के हित की बात कही थी। राजा ने कहा, उसको उसी पर लटका दो। 
Esther 7:10 तब हामान उसी खम्भे पर जो उसने मोर्दकै के लिये तैयार कराया था, लटका दिया गया। इस पर राजा की जलजलाहट ठंडी हो गई।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मियाह 6-8 
  • 1 तीमुथियुस 5


गुरुवार, 24 अक्टूबर 2013

क्लेष, सेवकाई और प्रतिफल

   परमेश्वर के वचन बाइबल में परमेश्वर के एक महान नबी यिर्मयाह को, आम तौर से ’विलाप करना वाला नबी’ की संज्ञा भी दी जाती है। यिर्मयाह संभवतः एक संवेदनशील और उदास स्वभाव का व्यक्ति था, जिसका हृदय उसके लोगों इस्त्राएल द्वारा परमेश्वर की लगातार अनाज्ञाकारिता तथा उसके दुषपरिणामों के कारण टूट गया और उसकी उदासी और भी अधिक बढ़ गई। विलाप करने की उसकी क्षमता अद्भुत थी; इस्त्राएल की दुर्दशा को देखकर वह कहता है: "भला होता, कि मेरा सिर जल ही जल, और मेरी आंखें आँसुओं का सोता होतीं, कि मैं रात दिन अपने मारे हुए लोगों के लिये रोता रहता" (यिर्मियाह 9:1)।

   यद्यपि यिर्मियाह अपने राष्ट्र के पाप और उसके परिणाम के लिए शोकित था, लेकिन इस्त्राएल के लोगों ने उसके इस दुख को नहीं समझा, वरन परमेश्वर के न्याय की चेतावनी देने के लिए उसे ही सताया गया; यहां तक कि इस्त्राएल को परमेश्वर की ओर लौटने और पापों से पश्चाताप करने की उसकी पुकार के लिए एक बार उसे दलदल से भरे एक अन्धे कुएं में कैद कर दिया गया (यिर्मियाह 38:6)। परमेश्वर की आज्ञाकारिता में चलने और परमेश्वर के सन्देश को लोगों तक पहुँचाने के उसके प्रयासों का प्रतिफल उसे इस प्रकार दिया गया। लेकिन उन परिस्थितियों में भी परमेश्वर ने उसे नहीं छोड़ा, और ना ही यिर्मियाह ने परमेश्वर पर या अपनी सेवकाई शक किया; वह निराश अवश्य हुआ, लेकिन उसने परमेश्वर में अपने विश्वास को टलने नहीं दिया और पीछे नहीं हटा।

   कभी कभी अपने परमेश्वर की सेवकाई करने और उसकी आज्ञाकरिता में बने रहने के प्रयासों में हमें दुखदायी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, हमें गलत समझा जाता है, सताया जाता है और हमारे दिल भी टूटते हैं। ऐसे में हम यिर्मियाह के जीवन और उसकी सहनशीलता से पाठ सीख सकते हैं। यिर्मियाह को अपनी परमेश्वर से मिली बुलाहट और सेवकाई पर इतना दृढ़ विश्वास था कि कोई परिस्थिति, कोई प्रयास उसे इस सेवकाई को करने से डिगा नहीं सका; वह कहता है: "यदि मैं कहूं, मैं उसकी चर्चा न करूंगा न उसके नाम से बोलूंगा, तो मेरे हृदय की ऐसी दशा होगी मानो मेरी हड्डियों में धधकती हुई आग हो, और मैं अपने को रोकते रोकते थक गया पर मुझ से रहा नहीं जाता" (यिर्मियाह 20:9)।

   केवल यिर्मियाह का ही यह हाल नहीं था। परमेश्वर के प्रत्येक नबी और जन को सताया गया, गलत समझा गया, तिरिस्कृत किया गया, और कईयों को उनकी सेवकाई के लिए मार भी डाला गया; यहाँ तक कि प्रभु यीशु को भी इन्हीं बातों का सामना करना पड़ा। परन्तु ये सभी अपने विश्वास और अपनी सेवकाई में अडिग खड़े रहे, परमेश्वर द्वारा दी गई ज़िम्मेदारी को भरसक निभाते रहे, और आज सारे संसार में आदर के पात्र हैं, परमेश्वर के वचन में स्थान पाते हैं, तथा हमारे लिए प्रेर्णा और मार्गदर्शन का स्त्रोत हैं।

   क्या परमेश्वर की सेवकाई में आपको निराशाओं और कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है? क्या आपका मन भी दुखी है, हृदय टूट रहा है? हियाव रखिए, इन परिस्थितियों का सामना करने वाले ना तो आप पहले और ना ही अकेले जन हैं। आश्वस्त रहिए, जैसे परमेश्वर ने यिर्मियाह और अपने अन्य लोगों को नहीं छोड़ा, आपको भी नहीं छोड़ेगा; जैसे उन्होंने अपनी सेवकाई पूरी कर के एक बड़ा प्रतिफल पाया, आपके लिए भी परमेश्वर की ओर से एक बड़ा प्रतिफल रखा हुआ है (2 तीमुथियुस 4:8)। परमेश्वर से प्रार्थना कीजिए और अपने हृदय के लिए ताज़गी एवं सामर्थ मांगिए तथा उसकी पवित्र आत्मा की सहायता से, हरेक निराशा और सताव के बावजूद, अपनी सेवकाई को पूरा करने में लगे रहिए। अन्ततः, सेवकाई पूरा करने पर जो प्रतिफल मिलेगा, उसके सामने आज के ये दुख कुछ भी नहीं हैं (2 कुरिन्थियों 4:17)। - डेनिस फिशर


मसीह यीशु की कोई भी सेवकाई बिना प्रतिफल या महत्वहीन नहीं है।

इसलिये हम हियाव नहीं छोड़ते; यद्यपि हमारा बाहरी मनुष्यत्‍व नाश भी होता जाता है, तौभी हमारा भीतरी मनुष्यत्‍व दिन प्रतिदिन नया होता जाता है। क्योंकि हमारा पल भर का हल्का सा क्‍लेश हमारे लिये बहुत ही महत्‍वपूर्ण और अनन्त महिमा उत्पन्न करता जाता है। - 2 कुरिन्थियों 4:16-17

बाइबल पाठ: यिर्मियाह 20:7-13
Jeremiah 20:7 हे यहोवा, तू ने मुझे धोखा दिया, और मैं ने धोखा खाया; तू मुझ से बलवन्त है, इस कारण तू मुझ पर प्रबल हो गया। दिन भर मेरी हंसी होती है; सब कोई मुझ से ठट्ठा करते हैं। 
Jeremiah 20:8 क्योंकि जब मैं बातें करता हूँ, तब मैं जोर से पुकार पुकारकर ललकारता हूँ कि उपद्रव और उत्पात हुआ, हां उत्पात! क्योंकि यहोवा का वचन दिन भर मेरे लिये निन्दा और ठट्ठा का कारण होता रहता है। 
Jeremiah 20:9 यदि मैं कहूं, मैं उसकी चर्चा न करूंगा न उसके नाम से बोलूंगा, तो मेरे हृदय की ऐसी दशा होगी मानो मेरी हड्डियों में धधकती हुई आग हो, और मैं अपने को रोकते रोकते थक गया पर मुझ से रहा नहीं जाता। 
Jeremiah 20:10 मैं ने बहुतों के मुंह से अपना अपवाद सुना है। चारों ओर भय ही भय है! मेरी जान पहचान के सब जो मेरे ठोकर खाने की बाट जोहते हैं, वे कहते हैं, उसके दोष बताओ, तब हम उनकी चर्चा फैला देंगे। कदाचित वह धोखा खाए, तो हम उस पर प्रबल हो कर, उस से बदला लेंगे। 
Jeremiah 20:11 परन्तु यहोवा मेरे साथ है, वह भयंकर वीर के समान है; इस कारण मेरे सताने वाले प्रबल न होंगे, वे ठोकर खाकर गिरेंगे। वे बुद्धि से काम नहीं करते, इसलिये उन्हें बहुत लज्जित होना पड़ेगा। उनका अपमान सदैव बना रहेगा और कभी भूला न जाएगा। 
Jeremiah 20:12 हे सेनाओं के यहोवा, हे धर्मियों के परखने वाले और हृदय और मन के ज्ञाता, जो बदला तू उन से लेगा, उसे मैं देखूं, क्योंकि मैं ने अपना मुक़द्दमा तेरे ऊपर छोड़ दिया है। 
Jeremiah 20:13 यहोवा के लिये गाओ; यहोवा की स्तुति करो! क्योंकि वह दरिद्र जन के प्राण को कुकमिर्यों के हाथ से बचाता है।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मियाह 3-5 
  • 1 तीमुथियुस 4


बुधवार, 23 अक्टूबर 2013

मेरा अच्छा रक्षक

   एक इतवार के दिन, चर्च में आराधना आरंभ होने के पहले के समय में, ऑर्गन बजाने वाला व्यक्ति एक ऐसे गीत की धुन बजा रहा था जो मेरे लिए नया था। मैंने स्तुति गीत की पुस्तक में से उस गीत को खोला, और पाया कि उस गीत का शीर्षक था, "The Lord My Shepherd Guards Me Well" ("प्रभु मेरा चरवाहा मेरा अच्छा रक्षक है"); वह परमेश्वर के वचन के एक बहुत ही जाने-पहचाने खण्ड, भजन 23, को लेकर गीत के रूप में लिखा गया था तथा भजन 23 की बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति था.

   भजन 23 सदा ही परमेश्वर से प्रेम करने वाले लोगों के लिए एक प्रीय भजन और कठिन समयों में शांति तथा आश्वासन का भजन रहा है। राजा दाऊद द्वारा, अपने अनुभवों के आधार पर लिखा यह भजन परमेश्वर की लगातार बनी रहने वाली देखभाल और उसके प्रेम को बताता है:
यहोवा मेरा चरवाहा है, मुझे कुछ घटी न होगी। 
वह मुझे हरी हरी चराइयों में बैठाता है; 
वह मुझे सुखदाई जल के झरने के पास ले चलता है; 
वह मेरे जी में जी ले आता है। 
धर्म के मार्गो में वह अपने नाम के निमित्त मेरी अगुवाई करता है। 
चाहे मैं घोर अन्धकार से भरी हुई तराई में हो कर चलूं, 
तौभी हानि से न डरूंगा, क्योंकि तू मेरे साथ रहता है; 
तेरे सोंटे और तेरी लाठी से मुझे शान्ति मिलती है।
तू मेरे सताने वालों के साम्हने मेरे लिये मेज बिछाता है; 
तू ने मेरे सिर पर तेल मला है, मेरा कटोरा उमण्ड रहा है। 
निश्चय भलाई और करूणा जीवन भर मेरे साथ साथ बनी रहेंगी; 
और मैं यहोवा के धाम में सर्वदा वास करूंगा।
हम चाहे कितनी ही बार या किसी भी परिस्थिति में भजन 23 को पढ़ें, उसका सन्देश परमेश्वर की हमारे प्रति देखभाल और प्रेम को एक नई ताज़गी के साथ प्रस्तुत करता है।

   भजन 23 में व्यक्त यह छवि उन लोगों के लिए नई नहीं थी जिन्होंने प्रभु यीशु को यह कहते हुए सुना: "अच्छा चरवाहा मैं हूं; अच्छा चरवाहा भेड़ों के लिये अपना प्राण देता है। मज़दूर जो न चरवाहा है, और न भेड़ों का मालिक है, भेड़िए को आते हुए देख, भेड़ों को छोड़कर भाग जाता है, और भेड़िय़ा उन्हें पकड़ता और तित्तर-बित्तर कर देता है। वह इसलिये भाग जाता है कि वह मजदूर है, और उसको भेड़ों की चिन्‍ता नहीं। अच्छा चरवाहा मैं हूं; जिस तरह पिता मुझे जानता है, और मैं पिता को जानता हूं" (यूहन्ना 10:11-14)। भाड़े पर रखे हुए मज़दूर की अपेक्षा, जो खतरे को देखकर भेड़ों को छोड़कर भाग खड़ा होता है, चरवाहा भेड़ों के साथ ही बना रहता है और उनकी रक्षा करता है।

   यदि आप प्रभु यीशु से पापों की क्षमा और उद्धार प्राप्त करके उसके जन, अर्थात उसकी भेड़ बन गए हैं तो विश्वास रखिए कि आज आप किसी भी परिस्थिति का सामना क्यों ना कर रहे हों, प्रभु यीशु आपको नाम से जानता है, आपकी क्षमता को जानता है, आपकी परिस्थिति को जानता है और वह आपका साथ कभी नहीं छोड़ेगा, वह आपको हर खतरे में से सुरक्षित निकाल कर लेकर आएगा। आप भी निश्चिंत होकर, पूरे विश्वास के साथ कह सकते हैं, "प्रभु मेरा चरवाहा मेरा अच्छा रक्षक है"। - डेविड मैक्कैसलैंड


वह मेमना जो हमारे पापों की क्षमा और उद्धार के लिए बलिदान हुआ, वही आज हमारा मार्गदर्शक चरवाहा और रक्षक है।

इसी तरह मैं अपनी भेड़ों को जानता हूं, और मेरी भेड़ें मुझे जानती हैं, और मैं भेड़ों के लिये अपना प्राण देता हूं। - यूहन्ना 10:15

बाइबल पाठ: यूहन्ना 10:7-15
John 10:7 तब यीशु ने उन से फिर कहा, मैं तुम से सच सच कहता हूं, कि भेड़ों का द्वार मैं हूं। 
John 10:8 जितने मुझ से पहिले आए; वे सब चोर और डाकू हैं परन्तु भेड़ों ने उन की न सुनी। 
John 10:9 द्वार मैं हूं: यदि कोई मेरे द्वारा भीतर प्रवेश करे तो उद्धार पाएगा और भीतर बाहर आया जाया करेगा और चारा पाएगा। 
John 10:10 चोर किसी और काम के लिये नहीं परन्तु केवल चोरी करने और घात करने और नष्‍ट करने को आता है। मैं इसलिये आया कि वे जीवन पाएं, और बहुतायत से पाएं। 
John 10:11 अच्छा चरवाहा मैं हूं; अच्छा चरवाहा भेड़ों के लिये अपना प्राण देता है। 
John 10:12 मजदूर जो न चरवाहा है, और न भेड़ों का मालिक है, भेड़िए को आते हुए देख, भेड़ों को छोड़कर भाग जाता है, और भेड़िय़ा उन्हें पकड़ता और तित्तर बित्तर कर देता है। 
John 10:13 वह इसलिये भाग जाता है कि वह मजदूर है, और उसको भेड़ों की चिन्‍ता नहीं। 
John 10:14 अच्छा चरवाहा मैं हूं; जिस तरह पिता मुझे जानता है, और मैं पिता को जानता हूं। 
John 10:15 इसी तरह मैं अपनी भेड़ों को जानता हूं, और मेरी भेड़ें मुझे जानती हैं, और मैं भेड़ों के लिये अपना प्राण देता हूं।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मियाह 1-2 
  • 1 तीमुथियुस 3


शुक्रवार, 21 जनवरी 2011

उद्धारकर्ता मेमना और न्यायी सिंह

प्रभु यीशु हमारे पापों के लिये अपने प्राण देने आया, और जो कोई उस पर विश्वास लाता है, वह उसे पाप के दण्ड से बचा लेता है। लेकिन एक समय आएगा जब पृथ्वी के लोगों के लिये पापों से उद्धार के लिये दिया गया यह अवसर जाता रहेगा। तब वह मेमना जो पापों के लिये बलिदान हुआ, फिर सिंह बन कर न्याय सिंहासन पर बैठेगा, और जितनों ने उसके उद्धार के प्रस्ताव को ठुकराया था वे सब उसके न्याय के आधीन होंगे।

बाइबल शिक्षक और लेखक वॉरन रिस्बी ने अपनी एक पुस्तक "Discover Yourself in the Psalms" में एक प्रचारक द्वारा सुनाई गई छोटी कहानी बताई: "एक घोड़ा बिदक गया और उससे जुति हुई बघ्घी लेकर भाग निकला। उस बघ्घी में एक बच्चा बैठा था। बच्चे की जान खतरे में देखकर एक नौजवान ने अपनी जान जोखिम में डाली और घोड़े को पकड़ कर काबू में कर लिया। यह बच्चा आगे चलकर बड़ा अपराधी हो गया। एक दिन वह पकड़ा गया और न्यायाधीश के सामने दण्ड के लिये लाया गया। उस अपराधी ने अपने न्यायाधीश को पहिचान लिया कि वह वही व्यक्ति था जिसने कई साल पहले उसकी जान बचाई थी। अपने उस अनुभव का उल्लेख करके अपराधी ने न्यायाधीश से पुनः अपने प्राणों के रक्षा की याचना करी। लेकिन न्यायाधीश ने उत्तर दिया: "ऐ जवान, उस समय की स्थिति में मैं तुम्हारा रक्षक था और मैंने तुम्हारी रक्षा करी, परन्तु आज मैं तुम्हारा न्यायी हूँ और मुझे तुम्हारी आज की स्थिति के आधार पर ही तुम्हारा न्याय करना है। तुम्हारे अपराधों के लिये मैं तुम्हें मृत्यु दण्ड की आज्ञा देता हूँ।"

आज प्रभु यीशु हमारे पापों के लिये मारा गया मेमना है, और उसका उद्धार का अवसर हमारे लिये खुला है। लेकिन अगर हम विश्वास में उसकी ओर नहीं मुड़ते और उसके उद्धार के प्रस्ताव को नहीं अपनाते, तो एक दिन वह हमारा न्यायी होगा जो खराई से हमारे उन पापों के अनुसार हमारा न्याय करेगा, जिनकी क्षमा के अवसर का हमने लाभ नहीं उठाया। वह तब कहेगा : "पृथ्वी पर मैं तुम्हारा उद्धारकर्ता था परन्तु तुमने मुझ पर विश्वास नहीं किया। अब यहां मैं तुम्हारा न्यायी हूँ, और तुम्हारे पापों में बने रहने की दशा के अनुसार, न्याय की मांग है कि अपने पापों के दण्ड के लिये तुम अनन्तकाल के नरक में डाले जाओ।"

जो अभी मेमने पर विश्वास लाएंगे, बाद में उन्हें न्यायासन पर विराजमन सिंह के न्याय का सामना नहीं करना पड़ेगा। - डेव एगनर


पृथ्वी पर रहकर जो हम मसीह के साथ करते हैं वही निर्धारित करता है कि स्वर्ग में मसीह हमारे साथ क्या करेगा।

तब उन प्राचीनों में से एक ने मुझे से कहा, मत रो, देख, यहूदा के गोत्र का वह सिंह, जो दाऊद का मूल है, उस पुस्‍तक को खोलने और उसकी सातों मुहर तोड़ने के लिये जयवन्‍त हुआ है। और मैं ने उस सिंहासन और चारों प्राणियों और उन प्राचीनों के बीच में, मानों एक वध किया हुआ मेम्ना खड़ा देखा: उसके सात सींग और सात आंखे थीं, ये परमेश्वर की सातों आत्माएं हैं, जो सारी पृथ्वी पर भेजी गई हैं। - प्रकाशितवाक्य ५:५, ६


बाइबल पाठ: प्रकाशितवाक्य ५

और जो सिंहासन पर बैठा था, मैं ने उसके दाहिने हाथ में एक पुस्‍तक देखी, जो भीतर और बाहर लिखी हुई थी, और वह सात मुहर लगाकर बन्‍द की गई थी।
फिर मैं ने एक बलवन्‍त स्‍वर्गदूत को देखा जो ऊंचे शब्‍द से यह प्रचार करता था कि इस पुस्‍तक के खोलने और उस की मुहरें तोड़ने के योग्य कौन है?
और न स्‍वर्ग में, न पृथ्वी पर, न पृथ्वी के नीचे कोई उस पुस्‍तक को खोलने या उस पर दृष्‍टि डालने के योग्य निकला।
और मैं फूट फूट कर रोने लगा, क्‍योंकि उस पुस्‍तक के खोलने, या उस पर दृष्‍टि करने के योग्य कोई न मिला।
तब उन प्राचीनों में से एक ने मुझे से कहा, मत रो, देख, यहूदा के गोत्र का वह सिंह, जो दाऊद का मूल है, उस पुस्‍तक को खोलने और उसकी सातों मुहर तोड़ने के लिये जयवन्‍त हुआ है।
और मैं ने उस सिंहासन और चारों प्राणियों और उन प्राचीनों के बीच में, मानों एक वध किया हुआ मेम्ना खड़ा देखा: उसके सात सींग और सात आंखे थीं, ये परमेश्वर की सातों आत्माएं हैं, जो सारी पृथ्वी पर भेजी गई हैं।
उस ने आकर उसके दाहिने हाथ से जो सिंहासन पर बैठा था, वह पुस्‍तक ले ली,
और जब उस ने पुस्‍तक ले ली, तो वे चारों प्राणी और चौबीसों प्राचीन उस मेम्ने के साम्हने गिर पड़े, और हर एक के हाथ में वीणा और धूप से भरे हुए सोने के कटोरे थे, ये तो पवित्र लोगों की प्रार्थनाएं हैं।
और वे यह नया गीत गाने लगे, कि तू इस पुस्‍तक के लेने, और उसकी मुहरें खोलने के योग्य है क्‍योंकि तू ने वध होकर अपने लोहू से हर एक कुल, और भाषा, और लोग, और जाति में से परमेश्वर के लिये लोगों को मोल लिया है।
और उन्‍हें हमारे परमेश्वर के लिये एक राज्य और याजक बनाया और वे पृथ्वी पर राज्य करते हैं।
और जब मैं ने देखा, तो उस सिंहासन और उन प्राणियों और उन प्राचीनों की चारों ओर बहुत से स्‍वर्गदूतों का शब्‍द सुना, जिन की गिनती लाखों और करोड़ों की थी।
और वे ऊंचे शब्‍द से कहते थे, कि वध किया हुआ मेम्ना ही सामर्थ, और धन, और ज्ञान, और शक्ति, और आदर, और महिमा, और धन्यवाद के योग्य है।
फिर मैं ने स्‍वर्ग में, और पृथ्वी पर, और पृथ्वी के नीचे, और समुद्र की सब सृजी हुई वस्‍तुओं को, और सब कुछ को जो उन में हैं, यह कहते सुना, कि जो सिंहासन पर बैठा है, उसका, और मेम्ने का धन्यवाद, और आदर, और महिमा, और राज्य, युगानुयुग रहे।
और चारों प्राणियों ने आमीन कहा, और प्राचीनों ने गिरकर दण्‍डवत किया।

एक साल में बाइबल:
  • निर्गमन १-३
  • मत्ती १४:१-२१