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Wednesday, November 30, 2016

"जैसा है"


   यदि बिक्री के लिए रखे गए घर के साथ कहा जाता है "जैसा है" तो इसका तात्पर्य है कि विक्रेता उस घर की मरम्मात करवा पाने में या तो असमर्थ है या फिर उस पर कोई खर्च करना नहीं चाहता है। उस घर के लिए आवश्यक जो भी मरम्मत की आवश्यकता होगी वह खरीदने वाला सौदा पूरा और पक्का हो जाने के पश्चात अपने आप और अपनी ज़िम्मेदारी पर करवाएगा। किसी अचल संपत्ति पर "जैसा है" की सूचना के लगे होने का तात्पर्य है, "खरीद्दार सतर्क रहे; मकान पर काफी खर्चा करने की संभावना है।"

   कितना विलक्षण है कि जब प्रभु यीशु ने समस्त संसार के सभी मनुष्यों के लिए अपने प्राणों का बलिदान किया, तो उन्होंने हमारी पापमय दशा और उसके कारण हम में आने वाली विकृतियों के बावजूद हमारे लिए सर्वोच्च कीमत चुकाई। परमेश्वर के वचन बाइबल की अन्तिम पुस्तक, प्रकाशितवाक्य के पाँचवें अध्याय में स्वर्ग के एक दृश्य को दिखाया गया है जहाँ "न स्वर्ग में, न पृथ्वी पर, न पृथ्वी के नीचे कोई उस पुस्‍तक को खोलने या उस पर दृष्टि डालने के योग्य निकला। और मैं फूट फूटकर रोने लगा, क्योंकि उस पुस्‍तक के खोलने, या उस पर दृष्टि करने के योग्य कोई न मिला। तब उन प्राचीनों में से एक ने मुझे से कहा, मत रो; देख, यहूदा के गोत्र का वह सिंह, जो दाऊद का मूल है, उस पुस्‍तक को खोलने और उसकी सातों मुहरें तोड़ने के लिये जयवन्‍त हुआ है" (प्रकाशितवाक्य 5:3-5)। वह मेमना बनकर आता है और एक नए गीत में स्तुति का विषय बन जाता है: "और वे यह नया गीत गाने लगे, कि तू इस पुस्‍तक के लेने, और उसकी मुहरें खोलने के योग्य है; क्योंकि तू ने वध हो कर अपने लोहू से हर एक कुल, और भाषा, और लोग, और जाति में से परमेश्वर के लिये लोगों को मोल लिया है। और उन्हें हमारे परमेश्वर के लिये एक राज्य और याजक बनाया; और वे पृथ्वी पर राज्य करते हैं" (प्रकाशितवाक्य 5:9-10)।

   प्रभु यीशु मसीह ने हमारे उद्धार और हमारे परमेश्वर से मेल-मिलाप के लिए स्वेच्छा से अपने लहू द्वारा हमारी कीमत चुका दी है; उसने हमारी "जैसे हैं" दशा में, हमारी त्रुटियों, अपूर्णताओं, और अनिवार्य सुधार-संवार आवश्यकता होने की स्थिति के बावजूद हमारे लिए अपनी जान से कीमत चुका दी है। अब साधारण विश्वास के द्वारा स्वेच्छा से हम उसके स्वामित्व को, उसके द्वारा किए जाने वाले हमारे सुधार-संवार को स्वीकार कर सकते हैं, अपने आप को परमेश्वर की महिमा के लिए प्रयोग होने वाले पात्र बना सकते हैं।

   कैसी अद्भुत बात है कि परमेश्वर ने हमारे बारे में सब कुछ भली-भांति जानने के बावजूद भी, हमारी "जैसे हैं" दशा में भी, हम से प्रेम किया और हमें संवारने के लिए अपने पुत्र की कीमत पर हमें अपने पास बुला लिया। - डेविड मैक्कैसलैंड


परमेश्वर हमें अन्दर-बाहर भली-भांति जानता है; 
उसके लिए कोई भी सुधारे-संवारे जाने की सीमा से बाहर नहीं है।

सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्‍टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं। - 2 कुरिन्थियों 5:17

बाइबल पाठ: प्रकाशितवाक्य 5:1-12
Revelation 5:1 और जो सिंहासन पर बैठा था, मैं ने उसके दाहिने हाथ में एक पुस्‍तक देखी, जो भीतर और बाहर लिखी हुई भी, और वह सात मुहर लगा कर बन्‍द की गई थी। 
Revelation 5:2 फिर मैं ने एक बलवन्‍त स्वर्गदूत को देखा जो ऊंचे शब्द से यह प्रचार करता था कि इस पुस्‍तक के खोलने और उस की मुहरें तोड़ने के योग्य कौन है? 
Revelation 5:3 और न स्वर्ग में, न पृथ्वी पर, न पृथ्वी के नीचे कोई उस पुस्‍तक को खोलने या उस पर दृष्टि डालने के योग्य निकला। 
Revelation 5:4 और मैं फूट फूटकर रोने लगा, क्योंकि उस पुस्‍तक के खोलने, या उस पर दृष्टि करने के योग्य कोई न मिला। 
Revelation 5:5 तब उन प्राचीनों में से एक ने मुझे से कहा, मत रो; देख, यहूदा के गोत्र का वह सिंह, जो दाऊद का मूल है, उस पुस्‍तक को खोलने और उसकी सातों मुहरें तोड़ने के लिये जयवन्‍त हुआ है। 
Revelation 5:6 और मैं ने उस सिंहासन और चारों प्राणियों और उन प्राचीनों के बीच में, मानों एक वध किया हुआ मेम्ना खड़ा देखा: उसके सात सींग और सात आंखे थीं; ये परमेश्वर की सातों आत्माएं हैं, जो सारी पृथ्वी पर भेजी गई हैं। 
Revelation 5:7 उसने आ कर उसके दाहिने हाथ से जो सिंहासन पर बैठा था, वह पुस्‍तक ले ली, 
Revelation 5:8 और जब उसने पुस्‍तक ले ली, तो वे चारों प्राणी और चौबीसों प्राचीन उस मेम्ने के साम्हने गिर पड़े; और हर एक के हाथ में वीणा और धूप से भरे हुए सोने के कटोरे थे, ये तो पवित्र लोगों की प्रार्थनाएं हैं। 
Revelation 5:9 और वे यह नया गीत गाने लगे, कि तू इस पुस्‍तक के लेने, और उसकी मुहरें खोलने के योग्य है; क्योंकि तू ने वध हो कर अपने लोहू से हर एक कुल, और भाषा, और लोग, और जाति में से परमेश्वर के लिये लोगों को मोल लिया है। 
Revelation 5:10 और उन्हें हमारे परमेश्वर के लिये एक राज्य और याजक बनाया; और वे पृथ्वी पर राज्य करते हैं। 
Revelation 5:11 और जब मैं ने देखा, तो उस सिंहासन और उन प्राणियों और उन प्राचीनों के चारों ओर बहुत से स्‍वर्गदूतों का शब्द सुना, जिन की गिनती लाखों और करोड़ों की थी। 
Revelation 5:12 और वे ऊंचे शब्द से कहते थे, कि वध किया हुआ मेम्ना ही सामर्थ, और धन, और ज्ञान, और शक्ति, और आदर, और महिमा, और धन्यवाद के योग्य है।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजेकल 37-39
  • 2 पतरस 2


Tuesday, November 29, 2016

अन्त


   परमेश्वर के वचन बाइबल के कथानक का अन्त वहीं पर होता है जहाँ से वह आरंभ हुआ था। उस अन्त में परमेश्वर और मनुष्य के बीच का टूटा हुआ रिश्ता अन्ततः ठीक होकर पुनःस्थापित हो जाता है, और उत्पत्ति 3 में आया श्राप मिट जाता है। आरंभ के अदन की वाटिका के दृश्य से ली गई छवियों के समान, अन्तिम पुस्तक प्रकाशितवाक्य में एक नदी और जीवन के वृक्ष का चित्रण है (प्रकाशितवाक्य 22:1-2); लेकिन यहाँ वाटिका के स्थान पर एक बड़ा शहर है जो परमेश्वर के आराधकों से भरा हुआ है, और जहाँ मृत्यु या किसी भी प्रकार की उदासी वहाँ के दृश्य पर कभी कोई अन्धकार नहीं लाने पाएंगे। जब हम मसीही विश्वासी उस नए आकाश और नई पृथ्वी में अपनी आँखें खोलेंगे वह इस कथानक का सुखद अन्त होगा।

   स्वर्ग कोई वैकलपिक विश्वास या बाद में जोड़ा गया विचार नहीं है; वह समस्त सृष्टि की अन्तिम दोषमुक्ति है। बाइबल कभी मानव त्रासदी और निराशाओं को छोटा या महत्वहीन करके नहीं आंकती; बाइबल के समान कष्टप्रद होने तक खरी और सच्ची पुस्तक और कोई नहीं है। लेकिन इन सब के वास्तविक होने के अंगीकार के साथ बाइबल इनके बारे में एक शब्द और जोड़ देती है: अस्थायी। जो हम अब अनुभव कर रहे हैं वह सदा नहीं रहेगा (2 कुरिन्थियों 4:17-18); सृष्टि के सुखद पुनःनिर्माण का समय भी आएगा।

   जो मसीही विश्वासी अपने आप को किसी दुःख या टूटे हुए घर-परिवारों, या आर्थिक तंगी, या किसी भय में फंसा हुआ अनुभव करते हैं, हम सब के लिए, हमारे प्रभु परमेश्वर की ओर से स्वर्ग में स्वास्थ्य, आनन्द और शान्ति से परिपूर्ण अनन्त भविष्य का वायदा है। बाइबल का आरंभ उत्पत्ति की पुस्तक में एक मुक्तिदाता के वायदे (उत्पत्ति 3:15) के साथ होता है, और अन्त भी उसी मुक्तिदाता के वायदे - अनन्त सुखद भविष्य के साथ होता है (प्रकाशितवाक्य 21:1-7), जब अन्त एक नया आरंभ होगा। - फिलिप यैन्सी


स्वर्ग के लाभ पृथ्वी की हानियों की पूर्ति से कहीं अधिक बढ़कर होंगे।

क्योंकि हमारा पल भर का हल्का सा क्‍लेश हमारे लिये बहुत ही महत्‍वपूर्ण और अनन्त महिमा उत्पन्न करता जाता है। और हम तो देखी हुई वस्‍तुओं को नहीं परन्तु अनदेखी वस्‍तुओं को देखते रहते हैं, क्योंकि देखी हुई वस्तुएं थोड़े ही दिन की हैं, परन्तु अनदेखी वस्तुएं सदा बनी रहती हैं। - 2 कुरिन्थियों 4:17-18

बाइबल पाठ: प्रकाशितवाक्य 21:1-7
Revelation 21:1 फिर मैं ने नये आकाश और नयी पृथ्वी को देखा, क्योंकि पहिला आकाश और पहिली पृथ्वी जाती रही थी, और समुद्र भी न रहा। 
Revelation 21:2 फिर मैं ने पवित्र नगर नये यरूशलेम को स्वर्ग पर से परमेश्वर के पास से उतरते देखा, और वह उस दुल्हिन के समान थी, जो अपने पति के लिये सिंगार किए हो। 
Revelation 21:3 फिर मैं ने सिंहासन में से किसी को ऊंचे शब्द से यह कहते सुना, कि देख, परमेश्वर का डेरा मनुष्यों के बीच में है; वह उन के साथ डेरा करेगा, और वे उसके लोग होंगे, और परमेश्वर आप उन के साथ रहेगा; और उन का परमेश्वर होगा। 
Revelation 21:4 और वह उन की आंखों से सब आंसू पोंछ डालेगा; और इस के बाद मृत्यु न रहेगी, और न शोक, न विलाप, न पीड़ा रहेगी; पहिली बातें जाती रहीं। 
Revelation 21:5 और जो सिंहासन पर बैठा था, उसने कहा, कि देख, मैं सब कुछ नया कर देता हूं: फिर उसने कहा, कि लिख ले, क्योंकि ये वचन विश्वास के योग्य और सत्य हैं। 
Revelation 21:6 फिर उसने मुझ से कहा, ये बातें पूरी हो गई हैं, मैं अलफा और ओमिगा, आदि और अन्‍त हूं: मैं प्यासे को जीवन के जल के सोते में से सेंतमेंत पिलाऊंगा। 
Revelation 21:7 जो जय पाए, वही इन वस्‍तुओं का वारिस होगा; और मैं उसका परमेश्वर होऊंगा, और वह मेरा पुत्र होगा।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजेकल 35-36
  • 2 पतरस 1


Monday, November 28, 2016

शान्तिदायक


   अफ्रिका की स्वाहीलि भाषा में "अमानी" का अर्थ होता है "शान्ति"; और यह नाम है एक लैब्राडोर रिट्रीवर जाति के पिल्ले का, जिसके कुछ विशेष मित्र हैं। इस पिल्ले, अमानी, को डैलस के चिड़ियाघर में चीते के दो शावकों के साथ रखा गया है। प्राणी शस्त्रियों ने इन्हें एक साथ इसलिए रखा है क्योंकि कुत्ते सार्वजनिक स्थितियों में भी अकसर शान्त ही रहते हैं; इसलिए उन विशेषज्ञों का मानना है कि अमानी की उपस्थिति साथ साथ बढ़ते हुए उन चीतों को भी शान्त बनाए रखेगी।

   परमेश्वर के वचन बाइबल का एक प्रमुख पात्र, दाऊद, इस्त्राएल के पहले राजा शाऊल के लिए शान्तिदायक होता था, जब भी शाऊल पर उसे अशान्त कर देने वाला दुष्ट-आत्मा आता था (1 शमूएल 16:14)। जब शाऊल के सेवकों ने शाऊल के अशान्त होने जाने के बारे में जाना, तो उन्हें लगा कि संगीत उसकी समस्या का समाधान हो सकता है। इसलिए शाऊल का एक सेवक दाऊद को, जो कुशल हार्प (तारों वाला एक संगीत वाद्य) वादक था, बुला लाया। जब भी राजा परेशान होता, दाऊद उसके लिए हार्प बजाता, और "शाऊल चैन पाकर अच्छा हो जाता था, और वह दुष्ट आत्मा उस में से हट जाता था" (1 शमूएल 16:23)।

   जब भी हम क्रोध, आवेश, भय, उदासी या अन्य किसी कारणवश परेशान हों, तब हम सभी तरोताज़ा और स्वच्छानन्दित होना चाहते हैं। बाइबल का परमेश्वर "शान्ति का परमेश्वर" है (इब्रानियों १३:२०-२१); जो कोई भी स्वेच्छा से उस प्रभु परमेश्वर पर विश्वास लाता है और उससे अपने पापों की क्षमा माँग कर अपना जीवन उसे समर्पित कर देता है, उसे वह अपना पवित्र आत्मा देता है जो उसके अन्दर निवास करता है, उसका मार्ग-दर्शन करता है उसे शान्ति में बनाए रखता है। जब कभी हम विचलित, या चिंतित हों, हमें स्मरण कर लेना चाहिए कि परमेश्वर का आत्मा हमें सामर्थ, प्रेम और आत्मसंयम के लिए दिया गया है: "क्योंकि परमेश्वर ने हमें भय की नहीं पर सामर्थ, और प्रेम, और संयम की आत्मा दी है" (2 तिमुथियुस 1:7)।

   हमारे जीवनों में परमेश्वर का प्रभाव हमें शान्त बनाता है, जिससे हम स्वयं भी शान्त रहें और दूसरों के लिए भी शान्तिदायक बने रहें (2 कुरिन्थियों 1:3-4)। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट

प्रभु यीशु ने कहा: "मैं तुम्हें शान्‍ति दिए जाता हूं, अपनी शान्‍ति तुम्हें देता हूं; 
जैसे संसार देता है, मैं तुम्हें नहीं देता: तुम्हारा मन न घबराए और न डरे" (यूहन्ना 14:27)।

हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर, और पिता का धन्यवाद हो, जो दया का पिता, और सब प्रकार की शान्‍ति का परमेश्वर है। वह हमारे सब क्‍लेशों में शान्‍ति देता है; ताकि हम उस शान्‍ति के कारण जो परमेश्वर हमें देता है, उन्हें भी शान्‍ति दे सकें, जो किसी प्रकार के क्‍लेश में हों। - 2 कुरिन्थियों 1:3-4

बाइबल पाठ: 1 शमूएल 16:14-23
1 Samuel 16:14 और यहोवा का आत्मा शाऊल पर से उठ गया, और यहोवा की ओर से एक दुष्ट आत्मा उसे घबराने लगा। 
1 Samuel 16:15 और शाऊल के कर्मचारियों ने उस से कहा, सुन, परमेश्वर की ओर से एक दुष्ट आत्मा तुझे घबराता है। 
1 Samuel 16:16 हमारा प्रभु अपने कर्मचारियों को जो उपस्थित हैं आज्ञा दे, कि वे किसी अच्छे वीणा बजाने वाले को ढूंढ़ ले आएं; और जब जब परमेश्वर की ओर से दुष्ट आत्मा तुझ पर चढ़े, तब तब वह अपने हाथ से बजाए, और तू अच्छा हो जाए। 
1 Samuel 16:17 शाऊल ने अपने कर्मचारियों से कहा, अच्छा, एक उत्तम बजवैया देखो, और उसे मेरे पास लाओ। 
1 Samuel 16:18 तब एक जवान ने उत्तर देके कहा, सुन, मैं ने बेतलहमी यिशै के एक पुत्र को देखा जो वीणा बजाना जानता है, और वह वीर योद्धा भी है, और बात करने में बुद्धिमान और रूपवान भी है; और यहोवा उसके साथ रहता है। 
1 Samuel 16:19 तब शाऊल ने दूतों के हाथ यिशै के पास कहला भेजा, कि अपने पुत्र दाऊद को जो भेड़-बकरियों के साथ रहता है मेरे पास भेज दे। 
1 Samuel 16:20 तब यिशै ने रोटी से लदा हुआ एक गदहा, और कुप्पा भर दाखमधु, और बकरी का एक बच्चा ले कर अपने पुत्र दाऊद के हाथ से शाऊल के पास भेज दिया। 
1 Samuel 16:21 और दाऊद शाऊल के पास जा कर उसके साम्हने उपस्थित रहने लगा। और शाऊल उस से बहुत प्रीति करने लगा, और वह उसका हथियार ढोने वाला हो गया। 
1 Samuel 16:22 तब शाऊल ने यिशै के पास कहला भेजा, कि दाऊद को मेरे साम्हने उपस्थित रहने दे, क्योंकि मैं उस से बहुत प्रसन्न हूं। 
1 Samuel 16:23 और जब जब परमेश्वर की ओर से वह आत्मा शाऊल पर चढ़ता था, तब तब दाऊद वीणा ले कर बजाता; और शाऊल चैन पाकर अच्छा हो जाता था, और वह दुष्ट आत्मा उस में से हट जाता था।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजेकल 33-34
  • 1 पतरस 5


Sunday, November 27, 2016

आराधना


   परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 150 आराधना का ना केवल एक सुन्दर उदाहरण है, वरन आराधना करने का एक सुन्दर पाठ भी है। इस भजन से हम सीखते हैं कि परमेश्वर की आराधना कहाँ करनी है, क्यों करनी है, कैसे करनी है, और किसे करनी है। इन्हीं बिन्दुओं को थोड़ा विस्तार से देखते हैं:

   हम आराधना कहाँ करें? परमेश्वर के पवित्रस्थान में और उसकी सामर्थ्य से भरे आकाशमण्डल में (पद 1)। हम संसार में जहाँ कही भी हों, वही हमारे लिए सृष्टिकर्ता प्रभु परमेश्वर की आराधना करने का उपयुक्त स्थान है।

   हम आराधना क्यों करें? सर्व प्रथम परमेश्वर के पराक्रम के कार्यों के लिए। दूसरा, परमेश्वर की हस्ती के कारण; भजनकार उसकी आराधना उसकी अत्यन्त बड़ाई के कारण करता है (पद 2)। सर्वशक्तिमान सृष्टिकर्ता परमेश्वर सारी सृष्टि पालनहार भी है।

   हम आराधना कैसे करें? ऊँचे स्वर के साथ; धीमी आवाज़ में; शान्तिदायक रीति से; उत्साहपूर्वक; लयबद्ध होकर; हिम्मत के साथ; अनायास भी; बेधड़क भी। दूसरे शब्दों में हम परमेश्वर की आराधना अनेकों प्रकार से और अनेकों अवसरों पर कर सकते हैं (पद 3-5)।

   आराधना कौन करे? "जितने प्राणी हैं सब के सब" (पद 6)। जवान और बुज़ुर्ग; अमीर और ग़रीब; निर्बल और बलवान; प्रत्येक जीवता प्राणी। परमेश्वर की इच्छा है कि जितनों को उसने जीवन का श्वास दिया है, वे उस श्वास का उपयोग उसकी सामर्थ और महानता के अंगीकार के लिए करें।

   आराधना परमेश्वर के प्रति, जो सर्वदा महिमा में राज्य करता है, कृतज्ञता की हमारी उत्साहपूर्ण अभिव्यक्ति है। - जूली ऐकैरमैन लिंक


आराधना परमेश्वर द्वारा आनन्दित किए गए हृदय से निकलने वाले उद्गारों का प्रवाह है।

याह की स्तुति करो। हे मेरे मन यहोवा की स्तुति कर! मैं जीवन भर यहोवा की स्तुति करता रहूंगा; जब तक मैं बना रहूंगा, तब तक मैं अपने परमेश्वर का भजन गाता रहूंगा। - भजन 146:1-2

बाइबल पाठ: भजन 150
Psalms 150:1 याह की स्तुति करो! ईश्वर के पवित्रस्थान में उसकी स्तुति करो; उसकी सामर्थ्य से भरे हुए आकाशमण्डल में उसी की स्तुति करो! 
Psalms 150:2 उसके पराक्रम के कामों के कारण उसकी स्तुति करो; उसकी अत्यन्त बड़ाई के अनुसार उसकी स्तुति करो! 
Psalms 150:3 नरसिंगा फूंकते हुए उसकी स्तुति करो; सारंगी और वीणा बजाते हुए उसकी स्तुति करो! 
Psalms 150:4 डफ बजाते और नाचते हुए उसकी स्तुति करो; तार वाले बाजे और बांसुली बजाते हुए उसकी स्तुति करो! 
Psalms 150:5 ऊंचे शब्द वाली झांझ बजाते हुए उसकी स्तुति करो; आनन्द के महाशब्द वाली झांझ बजाते हुए उसकी स्तुति करो! 
Psalms 150:6 जितने प्राणी हैं सब के सब याह की स्तुति करें! याह की स्तुति करो!

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजेकल 30-32
  • 1 पतरस 4


Saturday, November 26, 2016

पकड़ो


   बहुत साल पहले, मैंने अपने बेटों के साथ मोन्टाना प्रांत की मैडिसन नदी में मछली पकड़ने और घूमने का आनन्द लिया; हमारे साथ सहायता के लिए वहाँ के दो व्यक्ति भी थे जो हमारे लिए नाव चला रहे थे, हमारा मार्ग-दर्शन कर रहे थे और मछली पकड़ने में हमारी सहायता कर रहे थे। जो सहायक मेरे साथ था, वह सारी उम्र उस नदी पर रहा था, और अच्छे से जानता था कि बड़ी ट्राउट मछलियाँ कहाँ होती हैं। वह शाँत रहने वाला व्यक्ति था और जितना समय वह हमारे साथ रहा उसने मुश्किल से दो दर्जन शब्द ही बोले होंगे, लेकिन उन थोड़े से शब्दों ने मेरे दिन बना दिए।

   हम अशांत पानी में छोटे चारे से मछली पकड़ रहे थे। मेरी दृष्टि भी पहले के मुकाबले कमज़ोर हो चुकी थी, और इस कारण बहुत सी मछलियाँ मेरे हाथ से निकल जा रही थीं। यह देखकर मेरे सहायक ने, जो धैर्य की प्रतिमूर्ति भी था, मुझे सचेत करना आरंभ किया; जैसे ही वह मछली को चारे की ओर बढ़ते देखता वह फुसफुसा कर बोलता, "पकड़ो"। जैसे ही मैं उसका संकेत सुनता, मैं अपनी बंसी का अगला भाग उठा लेता और मछली भी उस चारे के पीछे फंसी हुई उठी चली आती।

   मैंने अनेकों बार उस सहायक के बारे में और प्रभु यीशु द्वारा अपने शिष्यों को मनुष्यों का मछुआरा (मत्ती 4:18-19), कहने के बारे में सोचा है। हमारे पास प्रतिदिन लोगों को प्रभु के पास लाने के अनेकों अवसर होते हैं - लोग जो हमारे आसपास कुछ ऐसी "चीज़" को ढूँढ़ते हुए घूमते हैं जिसके लिए वे बेचैन हैं, जो उन्हें शान्ति दे सके। शान्ति के खोजी ऐसे लोगों को प्रभु यीशु, उसके प्रेम और उसमें मिलने वाली आशा तथा अनन्त शान्ति के बारे में बताना ही वे अवसर हैं जिन्हें यदि हम सचेत ना किए जाएं तो नज़रंदाज़ कर देंगे, अवसर को गवाँ देंगे।

   प्रत्येक के हृदय और आवश्यकता को जानने वाला हमारा महान प्रभु परमेश्वर हमें ऐसे मन और हृदय दे कि हम उसकी फुसफुसाहट को सुन सकें, और जब वह कहे "पकड़ो" तो उसके निर्देशों का पालन करें। - डेविड रोपर


जब भी परमेश्वर का आत्मा उभारे, उस के कहे अनुसार कार्य करें।

उसने गलील की झील के किनारे फिरते हुए दो भाइयों अर्थात शमौन को जो पतरस कहलाता है, और उसके भाई अन्द्रियास को झील में जाल डालते देखा; क्योंकि वे मछवे थे। और उन से कहा, मेरे पीछे चले आओ, तो मैं तुम को मनुष्यों के पकड़ने वाले बनाऊंगा। - मत्ती 4:18-19

बाइबल पाठ: लूका 5:1-10
Luke 5:1 जब भीड़ उस पर गिरी पड़ती थी, और परमेश्वर का वचन सुनती थी, और वह गन्नेसरत की झील के किनारे पर खड़ा था, तो ऐसा हुआ। 
Luke 5:2 कि उसने झील के किनारे दो नावें लगी हुई देखीं, और मछुवे उन पर से उतरकर जाल धो रहे थे। 
Luke 5:3 उन नावों में से एक पर जो शमौन की थी, चढ़कर, उसने उस से बिनती की, कि किनारे से थोड़ा हटा ले चले, तब वह बैठकर लोगों को नाव पर से उपदेश देने लगा। 
Luke 5:4 जब वे बातें कर चुका, तो शमौन से कहा, गहिरे में ले चल, और मछिलयां पकड़ने के लिये अपने जाल डालो। 
Luke 5:5 शमौन ने उसको उत्तर दिया, कि हे स्‍वामी, हम ने सारी रात मेहनत की और कुछ न पकड़ा; तौभी तेरे कहने से जाल डालूंगा। 
Luke 5:6 जब उन्होंने ऐसा किया, तो बहुत मछिलयां घेर लाए, और उन के जाल फटने लगे। 
Luke 5:7 इस पर उन्होंने अपने साथियों को जो दूसरी नाव पर थे, संकेत किया, कि आकर हमारी सहायता करो: और उन्होंने आकर, दोनों नाव यहां तक भर लीं कि वे डूबने लगीं। 
Luke 5:8 यह देखकर शमौन पतरस यीशु के पांवों पर गिरा, और कहा; हे प्रभु, मेरे पास से जा, क्योंकि मैं पापी मनुष्य हूं। 
Luke 5:9 क्योंकि इतनी मछिलयों के पकड़े जाने से उसे और उसके साथियों को बहुत अचम्भा हुआ। 
Luke 5:10 और वैसे ही जब्‍दी के पुत्र याकूब और यूहन्ना को भी, जो शमौन के सहभागी थे, अचम्भा हुआ: तब यीशु ने शमौन से कहा, मत डर: अब से तू मनुष्यों को जीवता पकड़ा करेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजेकल 27-29
  • 1 पतरस 3


Friday, November 25, 2016

आश्वस्त


   परिवार के रूप में एकसाथ होने का यह छुट्टी का हमारा आखिरी समय था; इसके पश्चात हमारे सबसे बड़े बेटे ने कॉलेज चले जाना था। समुद्र तट के निकट के उस चर्च में हम एक साथ एक पंक्ति में अन्तिम बेन्च पर बैठे हुए थे, और अपने पाँचों बच्चों को सुव्यवस्थित बैठा देख कर मेरा हृदय प्रेम से भर उठा। आते समय में उन पर आने वाले दबावों और जिन चुनौतियों का उन्हें सामना करना पड़ेगा, उसका विचार करके मैंने मन ही में प्रार्थना करी, "प्रभु, कृपया इन्हें अपने निकट बनाए रखना और इनके आत्मिक जीवन की रक्षा करना।

   चर्च सभा में गाए गए अन्तिम स्तुति-गीत का कोरस बहुत उत्साहवर्धक था, वह परमेश्वर के वचन बाइबल के 2 तिमुथियुस 1:12 पर आधारित था जहाँ लिखा है: "इस कारण मैं इन दुखों को भी उठाता हूं, पर लजाता नहीं, क्योंकि मैं उसे जिस की मैं ने प्रतीति की है, जानता हूं; और मुझे निश्‍चय है, कि वह मेरी थाती की उस दिन तक रखवाली कर सकता है" इस से मुझे बहुत शांति मिली क्योंकि मैं आश्वस्त हुई कि परमेश्वर उनकी आत्माओं की रक्षा करेगा।

   इस बात को कई वर्ष बीत चुके हैं। इस समय में मेरे कुछ बच्चों के लिए इधर-उधर भटकने के, और कुछ के लिए पूर्णतया विद्रोह कर देने के अवसर हुए हैं। कभी कभी परमेश्वर की विश्वासयोग्यता को लेकर मन में संदेह भी आए हैं। ऐसे में मुझे बाइबल का प्रमुख पात्र अब्राहम स्मरण हो आता है; वह परिस्थितियों में पड़कर लड़खड़ाया तो परन्तु परमेश्वर से उसे मिली प्रतिज्ञाओं (उत्पत्ति 15:5-6; रोमियों 4:20-21) में विश्वास को लेकर कभी भी गिरा नहीं। वर्षों की प्रतीक्षा और अपने ही तरीके से परमेश्वर के कार्य को आगे बढ़ाने के असफल प्रयत्नों के बावजूद, अब्राहम परमेश्वर की प्रतिज्ञा को थाम कर चलता रहा जब तक कि इसहाक का जन्म नहीं हो गया।

   भरोसा रखने का स्मरण दिलाने वाली यह बात मुझे प्रोत्साहित करती है। हम प्रार्थना में परमेश्वर के सामने अपने निवेदन रखते हैं। हम स्मरण रखते हैं कि उसे हमारी चिंता रहती है। हम जानते हैं कि वह सर्वसामर्थी है। उसमें भरोसा रखकर हम आश्वस्त रहते हैं कि वह जो भी करेगा हमारी भलाई ही के लिए करेगा। - मेरियन स्ट्राउड


धैर्य के कुछ पाठ सीखने में लंबा समय लगता है।

किसी भी बात की चिन्‍ता मत करो: परन्तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और बिनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं। तब परमेश्वर की शान्‍ति, जो समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरिक्षत रखेगी। - फिलिप्पियों 4:6-7

बाइबल पाठ: रोमियों 4:16-22
Romans 4:16 इसी कारण वह विश्वास के द्वारा मिलती है, कि अनुग्रह की रीति पर हो, कि प्रतिज्ञा सब वंश के लिये दृढ़ हो, न कि केवल उसके लिये जो व्यवस्था वाला है, वरन उन के लिये भी जो इब्राहीम के समान विश्वास वाले हैं: वही तो हम सब का पिता है। 
Romans 4:17 जैसा लिखा है, कि मैं ने तुझे बहुत सी जातियों का पिता ठहराया है उस परमेश्वर के साम्हने जिस पर उसने विश्वास किया और जो मरे हुओं को जिलाता है, और जो बातें हैं ही नहीं, उन का नाम ऐसा लेता है, कि मानो वे हैं। 
Romans 4:18 उसने निराशा में भी आशा रखकर विश्वास किया, इसलिये कि उस वचन के अनुसार कि तेरा वंश ऐसा होगा वह बहुत सी जातियों का पिता हो। 
Romans 4:19 और वह जो एक सौ वर्ष का था, अपने मरे हुए से शरीर और सारा के गर्भ की मरी हुई की सी दशा जानकर भी विश्वास में निर्बल न हुआ। 
Romans 4:20 और न अविश्वासी हो कर परमेश्वर की प्रतिज्ञा पर संदेह किया, पर विश्वास में दृढ़ हो कर परमेश्वर की महिमा की। 
Romans 4:21 और निश्चय जाना, कि जिस बात की उसने प्रतिज्ञा की है, वह उसे पूरी करने को भी सामर्थी है। 
Romans 4:22 इस कारण, यह उसके लिये धामिर्कता गिना गया।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजेकल 24-26
  • 1 पतरस 2


Thursday, November 24, 2016

उपस्थिति और आशा


   जब मैंने परमेश्वर के वचन बाइबल से यिर्मयाह 1 से 4 का खण्ड पढ़ने के लिए खोला तो उस खण्ड के शीर्षक: "विलाप के समय में आशा" ने मुझे चकित किया; मैं लगभग रो ही पड़ी। मेरे लिए इस शीर्षक का समय बिलकुल उचित था, क्योंकि उन दिनों मैं अपनी माँ के देहाँत के बाद शोक के समय से निकल रही थी।

   उससे पहले दिन भी, अपने पास्टर द्वारा दिए गए प्रवचन को सुनकर भी मैंने कुछ ऐसा ही अनुभव किया। उस प्रवचन का शीर्षक था "सताव में आनन्दित होना"; उसे उन्होंने 1 पतरस 1:3-9 से लिया था। उस प्रवचन के दौरान उन्होंने अपने जीवन से एक उदाहरण दिया: उनके पिता के देहाँत की पहली बरसी का। वह प्रवचन अनेकों के लिए बहुत अर्थपूर्ण तो था ही, परन्तु मेरे लिए तो जैसे यह परमेश्वर से आने वाला उपहार था। यह और अन्य ऐसी घटनाएं, तथा परमेश्वर के वचन की बातें, इस बात का संकेत थे कि मेरे शोक के समय में भी परमेश्वर ने मुझे अकेला नहीं छोड़ा है।

   यद्यपि शोक का मार्ग कठिन होता है, लेकिन उस में भी परमेश्वर हमारे साथ अपनी अटल उपस्थिति के संकेत पहुँचाता रहता है। जब इस्त्राएलियों को ढिठाई और परमेश्वर की अनाज्ञाकारिता के करण वाचा किए हुए देश से निकलने का दण्ड सहना पड़ा, तब भी परमेश्वर ने यिर्मयाह जैसे भविष्यद्वक्ताओं को उनके पास भेज कर उन्हें आशा दी कि पश्चाताप द्वारा परमेश्वर के साथ उनका मेल-मिलाप फिर से हो सकता है। और उन्हें, जिन्हें वह परीक्षा के समय में से होकर लिए चलता है, वह अपनी उपस्थिति का एहसास अपने विश्वासियों के समुदाय से मिलने वाले प्रेम और देखभाल में होकर करवाता है: "सो जब कि तुम ने भाईचारे की निष्‍कपट प्रीति के निमित्त सत्य के मानने से अपने मनों को पवित्र किया है, तो तन मन लगा कर एक दूसरे से अधिक प्रेम रखो" (1 पतरस 1:22)।

   पृथ्वी पर आने वाली परीक्षाओं के समय में परमेश्वर की उपस्थिति के ये संकेत परमेश्वर के इस वायदे की खराई को दर्शाते हैं कि प्रभु यीशु के पुनरुत्थान के समान जब हम मसीही विश्वासियों का भी वैसा ही पुनरुत्थान होगा, तो प्रभु परमेश्वर की अनन्तकाल की उपस्थिति में परम आनन्द से परिपूर्ण अनन्त जीवन की भव्य आशा हमारी प्रतीक्षा कर रही है। - जूली ऐकैरमैन लिंक


हमें अपने आँसुओं के लिए कभी शर्मिंदा नहीं होना चाहिए। - डिकिन्स

हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर, और पिता का धन्यवाद हो, जो दया का पिता, और सब प्रकार की शान्‍ति का परमेश्वर है। वह हमारे सब क्‍लेशों में शान्‍ति देता है; ताकि हम उस शान्‍ति के कारण जो परमेश्वर हमें देता है, उन्हें भी शान्‍ति दे सकें, जो किसी प्रकार के क्‍लेश में हों। - 2 कुरिन्थियों 1:3-4

बाइबल पाठ: 1 पतरस 1:1-9
1 Peter 1:1 पतरस की ओर से जो यीशु मसीह का प्रेरित है, उन परदेशियों के नाम, जो पुन्‍तुस, गलतिया, कप्‍पदुकिया, आसिया, और बिथुनिया में तित्तर बित्तर हो कर रहते हैं। 
1 Peter 1:2 और परमेश्वर पिता के भविष्य ज्ञान के अनुसार, आत्मा के पवित्र करने के द्वारा आज्ञा मानने, और यीशु मसीह के लोहू के छिड़के जाने के लिये चुने गए हैं। तुम्हें अत्यन्‍त अनुग्रह और शान्‍ति मिलती रहे।
1 Peter 1:3 हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर और पिता का धन्यवाद दो, जिसने यीशु मसीह के मरे हुओं में से जी उठने के द्वारा, अपनी बड़ी दया से हमें जीवित आशा के लिये नया जन्म दिया। 
1 Peter 1:4 अर्थात एक अविनाशी और निर्मल, और अजर मीरास के लिये। 
1 Peter 1:5 जो तुम्हारे लिये स्वर्ग में रखी है, जिस की रक्षा परमेश्वर की सामर्थ से, विश्वास के द्वारा उस उद्धार के लिये, जो आने वाले समय में प्रगट होने वाली है, की जाती है। 
1 Peter 1:6 और इस कारण तुम मगन होते हो, यद्यपि अवश्य है कि अब कुछ दिन तक नाना प्रकार की परीक्षाओं के कारण उदास हो। 
1 Peter 1:7 और यह इसलिये है कि तुम्हारा परखा हुआ विश्वास, जो आग से ताए हुए नाशमान सोने से भी कहीं, अधिक बहुमूल्य है, यीशु मसीह के प्रगट होने पर प्रशंसा, और महिमा, और आदर का कारण ठहरे। 
1 Peter 1:8 उस से तुम बिन देखे प्रेम रखते हो, और अब तो उस पर बिन देखे भी विश्वास कर के ऐसे आनन्‍दित और मगन होते हो, जो वर्णन से बाहर और महिमा से भरा हुआ है। 
1 Peter 1:9 और अपने विश्वास का प्रतिफल अर्थात आत्माओं का उद्धार प्राप्त करते हो।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजेकल 22-23
  • 1 पतरस 1


Wednesday, November 23, 2016

क्षमा


   दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान, नेदेरलैन्डस में रहने वाला कोरी टेन बूम का परिवार घड़ियाँ बनाने का कार्य करता था, और वे यहूदी परिवारों को नाट्ज़ी आताताईयों से बचाने में सक्रीय भूमिका निभा रहे थे। यहूदियों के लिए उनकी इस सहायता के कारण अन्ततः उन सब को कैद करके नज़रबन्दी-शिविर में डाल दिया गया, जहाँ 10 दिन बाद कोरी के पिता का देहान्त हो गया। कोरी कि बहन बेट्सी का भी उसी शिविर में देहांत हुआ। जब बेट्सी और कोरी शिविर में साथ थे, तो बेट्सी के मसीही विश्वास ने कोरी के मसीही विश्वास को और दृढ़ किया।

   कोरी के इसी विश्वास ने उसे योग्य किया कि वह उन निर्मम आताताई शिविर के पहरेदारों को क्षमा कर सके। जबकि उन शिविरों के बन्द होने के बाद उन सताने वालों के प्रति नफरत और बदले की भावना अनेकों जीवनों को बरबाद कर रही थी, कोरी ने सत्य को पहचाना: नफरत उसे ही अधिक हानि पहुँचाती है जो नफरत अपने अन्दर पलने देता है, चाहे उस नफरत का कारण कितना ही जायज़ क्यों ना हो।

   कोरी के समान, हम में से प्रत्येक के पास यह अवसर होता है कि अपने बैरियों तथा शत्रुओं को क्षमा करें, उनसे प्रेम करें। क्षमा करना उस अपराध का ना तो इन्कार करता है और ना ही उसे सही होने का बहाना देता है, परन्तु जब हम क्षमा करते हैं तो हम संसार के सामने अपने प्रभु परमेश्वर और उस में हमारे विश्वास को व्यावाहरिक रूप में दिखाते हैं; क्योंकि हमारे प्रभु ने हम से कहा है: "और एक दूसरे पर कृपाल, और करूणामय हो, और जैसे परमेश्वर ने मसीह में तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी एक दूसरे के अपराध क्षमा करो" (इफिसियों 4:32)।

   यदि आप उसे अपने जीवन में यह करने दें तो परमेश्वर आपकी सहायता करेगा कि प्रत्येक क्रोधपूर्ण दुर्भावना आपके जीवन से दूर हो जाए तथा उसके पवित्रात्मा का गहरा कार्य आपके जीवन को संवार एवं सुधार दे, जिससे आप में होकर हमारा तथा समस्त जगत का उद्धाकर्ता मसीह यीशु दूसरों को व्यावाहरिक रूप में दिखाई दे। - रैंडी किलगोर


जब हम किसी को क्षमा करते हैं तब उस समय हम अपने जीवन के 
किसी भी अन्य पल की अपेक्षा मसीह यीशु की समानता में अधिक होते हैं।

परन्तु मैं तुम से यह कहता हूं, कि अपने बैरियों से प्रेम रखो और अपने सताने वालों के लिये प्रार्थना करो। जिस से तुम अपने स्‍वर्गीय पिता की सन्तान ठहरोगे क्योंकि वह भलों और बुरों दोनों पर अपना सूर्य उदय करता है, और धर्मियों और अधर्मियों दोनों पर मेंह बरसाता है। - मत्ती 5:44-45

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 3:12-17
Colossians 3:12 इसलिये परमेश्वर के चुने हुओं की नाईं जो पवित्र और प्रिय हैं, बड़ी करूणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो। 
Colossians 3:13 और यदि किसी को किसी पर दोष देने को कोई कारण हो, तो एक दूसरे की सह लो, और एक दूसरे के अपराध क्षमा करो: जैसे प्रभु ने तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी करो। 
Colossians 3:14 और इन सब के ऊपर प्रेम को जो सिद्धता का कटिबन्‍ध है बान्‍ध लो। 
Colossians 3:15 और मसीह की शान्‍ति जिस के लिये तुम एक देह हो कर बुलाए भी गए हो, तुम्हारे हृदय में राज्य करे, और तुम धन्यवादी बने रहो। 
Colossians 3:16 मसीह के वचन को अपने हृदय में अधिकाई से बसने दो; और सिद्ध ज्ञान सहित एक दूसरे को सिखाओ, और चिताओ, और अपने अपने मन में अनुग्रह के साथ परमेश्वर के लिये भजन और स्‍तुतिगान और आत्मिक गीत गाओ। 
Colossians 3:17 और वचन से या काम से जो कुछ भी करो सब प्रभु यीशु के नाम से करो, और उसके द्वारा परमेश्वर पिता का धन्यवाद करो।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजेकल 20-21
  • याकूब 5


Tuesday, November 22, 2016

शोक


   बीच बॉयज़ बैण्ड के दो सदस्यों, ब्रायन विलसन और माईक लव ने नवंबर 1963 में एक अनूठा प्रेम-गीत लिखा जो उनकी विशिष्ट आशावादी शैली से बिलकुल भिन्न था; वह खोए हुए प्रेम के बारे में लिखा गया शोकपूर्ण गीत था। बाद में माईक ने कहा, "ऐसी हानि चाहे जितनी भी कठिन क्यों ना हो, जो एक भली बात उस से निकल कर आती है वह है कि आपको प्रेम करने का अनुभव तो हुआ।" उन्होंने उस गीत का शीर्षक रखा "The Warmth of the Sun." गीत लिखने के लिए शोक का उत्प्रेरक होना कोई नई बात नहीं है; अनेकों कवियों और गीतकारों ने दुःख भरे अनुभवों में होकर अति उत्तम कविताएं और गीत लिखें हैं।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भी हम देखते हैं कि दाऊद के सबसे मर्मस्पर्शी भजनों में से कुछ गहरी व्यक्तिगत हानि के समय में लिखे गए, जैसे कि भजन 6, जिसके शब्द शोक से भरे हैं। यद्यपि हमें यह नहीं बताया गया है कि इस भजन को लिखते समय दाऊद किस परिस्थिति से होकर निकल रहा था, परन्तु उसका शोक प्रकट है: "मैं कराहते कराहते थक गया; मैं अपनी खाट आंसुओं से भिगोता हूं; प्रति रात मेरा बिछौना भीगता है। मेरी आंखें शोक से बैठी जाती हैं, और मेरे सब सताने वालों के कारण वे धुन्धला गई हैं" (पद 6-7)।

   लेकिन यह भजन का अन्त नहीं है। दाऊद ने दर्द और हानि को सहा, परन्तु साथ ही उसने परमेश्वर की सांत्वना का भी अनुभव किया; इसलिए उसने आगे, भजन के अन्त में लिखा: "यहोवा ने मेरा गिड़गिड़ाना सुना है; यहोवा मेरी प्रार्थना को ग्रहण भी करेगा" (पद 9)।

   अपने शोक में ना केवल दाऊद ने एक भजन पाया, उसने परमेश्वर पर विश्वास रखने का कारण, जिसकी विश्वासयोग्यता जीवन की हर कठिन परिस्थिति में भी साथ बनी रहती है, भी पाया। परमेश्वर की उपस्थिति की गरमाहट में, हमारे शोक को भी आशा का परिपेक्ष मिल जाता है। - बिल क्राउडर


दुःख भरा गीत हमारे हृदयों को परमेश्वर की ओर मोड़ सकता है; 
जिसका आनन्द अनन्तकाल का है।

तू ने मेरे लिये विलाप को नृत्य में बदल डाला, तू ने मेरा टाट उतरवाकर मेरी कमर में आनन्द का पटुका बान्धा है; ताकि मेरी आत्मा तेरा भजन गाती रहे और कभी चुप न हो। हे मेरे परमेश्वर यहोवा, मैं सर्वदा तेरा धन्यवाद करता रहूंगा। - भजन 30:11-12

बाइबल पाठ: भजन 6
Psalms 6:1 हे यहोवा, तू मुझे अपने क्रोध में न डांट, और न झुंझलाहट में मुझे ताड़ना दे। 
Psalms 6:2 हे यहोवा, मुझ पर अनुग्रह कर, क्योंकि मैं कुम्हला गया हूं; हे यहोवा, मुझे चंगा कर, क्योंकि मेरी हडि्डयों में बेचैनी है। 
Psalms 6:3 मेरा प्राण भी बहुत खेदित है। और तू, हे यहोवा, कब तक? 
Psalms 6:4 लौट आ, हे यहोवा, और मेरे प्राण बचा अपनी करूणा के निमित्त मेरा उद्धार कर। 
Psalms 6:5 क्योंकि मृत्यु के बाद तेरा स्मरण नहीं होता; अधोलोक में कौन तेरा धन्यवाद करेगा? 
Psalms 6:6 मैं कराहते कराहते थक गया; मैं अपनी खाट आंसुओं से भिगोता हूं; प्रति रात मेरा बिछौना भीगता है। 
Psalms 6:7 मेरी आंखें शोक से बैठी जाती हैं, और मेरे सब सताने वालों के कारण वे धुन्धला गई हैं।
Psalms 6:8 हे सब अनर्थकारियों मेरे पास से दूर हो; क्योंकि यहोवा ने मेरे रोने का शब्द सुन लिया है। 
Psalms 6:9 यहोवा ने मेरा गिड़गिड़ाना सुना है; यहोवा मेरी प्रार्थना को ग्रहण भी करेगा। 
Psalms 6:10 मेरे सब शत्रु लज्जित होंगे और बहुत घबराएंगे; वे लौट जाएंगे, और एकाएक लज्जित होंगे।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजेकल 18-19
  • याकूब 4


Monday, November 21, 2016

ध्यान


   यरूशालेम के निकट स्थित अबु घोष नामक गाँव के एक रेस्ट्रॉन्ट के मालिक, जॉदत इब्राहिम, ने अपने ग्राहकों को 50% छूट देने की घोषणा करी यदि वे जितने समय उसके रेस्ट्रॉन्ट में बैठते हैं, उतने समय तक अपने मोबाइल फोन बन्द रखें। जॉदत का मानना है कि स्मार्टफोन के कारण भोजन करते समय का वातावरण संगति और संवाद से हटकर फोन पर सर्फिंग, टेक्सटिंग, और व्यावसायिक बातचीत करते रहने का हो गया है। जॉदत कहते हैं, "टेक्नॉलॉजी बहुत अच्छी चीज़ है; परन्तु जब आप परिवार और मित्र जनों के साथ होते हैं, तो आधा घण्टा थम कर भोजन तथा संगति का आनन्द लें।"

   हमारे लिए, संसार की कितनी ही बातों के द्वारा, दूसरों के या प्रभु यीशु के प्रति अपने संबंधों में, उन पर से अपना ध्यान हटा लेना कितना सरल हो गया है। प्रभु यीशु ने अपने अनुयायियों से कहा कि आत्मिक ध्यान के भंग होने का आरंभ मन के संवेदनहीन हो जाने, कानों के कम सुनने, और आँखों से कम दिखने के साथ होता है (मत्ती 13:15)। बीज बोने वाले व्यक्ति के उदाहरण के द्वारा, प्रभु यीशु ने उन बीजों की, जो झाड़ियों में गिरे थे, तुलना ऐसे व्यक्ति से करी जो परमेश्वर का वचन सुनता तो है परन्तु जिसका मन और ही बातों पर केन्द्रित होता है; जिस कारण वह: "...वचन को सुनता है, पर इस संसार की चिन्‍ता और धन का धोखा वचन को दबाता है, और वह फल नहीं लाता" (मत्ती 13:22)।

   प्रतिदिन ऐसा समय निकालना, जिस में हम संसार और संसार की बातों से ध्यान हटा कर, अपना मन और ध्यान प्रभु यीशु और उसकी बातों पर लगाएं, हमारे लिए बहुत लाभदायक होगा। - डेविड मैक्कैसलैंड


मसीह यीशु पर ध्यान केंद्रित करने से बाकी सब कुछ स्वतः ही सही परिपेक्ष में आ जाता है।

इसलिये पहिले तुम उस [परमेश्वर] के राज्य और धर्म की खोज करो तो ये सब वस्तुएं भी तुम्हें मिल जाएंगी। - मत्ती 6:33

बाइबल पाठ: मत्ती 13:13-23
Matthew 13:13 मैं उन से दृष्‍टान्‍तों में इसलिये बातें करता हूं, कि वे देखते हुए नहीं देखते; और सुनते हुए नहीं सुनते; और नहीं समझते। 
Matthew 13:14 और उन के विषय में यशायाह की यह भविष्यद्ववाणी पूरी होती है, कि तुम कानों से तो सुनोगे, पर समझोगे नहीं; और आंखों से तो देखोगे, पर तुम्हें न सूझेगा। 
Matthew 13:15 क्योंकि इन लोगों का मन मोटा हो गया है, और वे कानों से ऊंचा सुनते हैं और उन्होंने अपनी आंखें मूंद लीं हैं; कहीं ऐसा न हो कि वे आंखों से देखें, और कानों से सुनें और मन से समझें, और फिर जाएं, और मैं उन्हें चंगा करूं। 
Matthew 13:16 पर धन्य है तुम्हारी आंखें, कि वे देखती हैं; और तुम्हारे कान, कि वे सुनते हैं। 
Matthew 13:17 क्योंकि मैं तुम से सच कहता हूं, कि बहुत से भविष्यद्वक्ताओं ने और धर्मियों ने चाहा कि जो बातें तुम देखते हो, देखें पर न देखीं; और जो बातें तुम सुनते हो, सुनें, पर न सुनीं। 
Matthew 13:18 सो तुम बोने वाले का दृष्‍टान्‍त सुनो। 
Matthew 13:19 जो कोई राज्य का वचन सुनकर नहीं समझता, उसके मन में जो कुछ बोया गया था, उसे वह दुष्‍ट आकर छीन ले जाता है; यह वही है, जो मार्ग के किनारे बोया गया था। 
Matthew 13:20 और जो पत्थरीली भूमि पर बोया गया, यह वह है, जो वचन सुनकर तुरन्त आनन्द के साथ मान लेता है। 
Matthew 13:21 पर अपने में जड़ न रखने के कारण वह थोड़े ही दिन का है, और जब वचन के कारण क्‍लेश या उपद्रव होता है, तो तुरन्त ठोकर खाता है। 
Matthew 13:22 जो झाड़ियों में बोया गया, यह वह है, जो वचन को सुनता है, पर इस संसार की चिन्‍ता और धन का धोखा वचन को दबाता है, और वह फल नहीं लाता। 
Matthew 13:23 जो अच्छी भूमि में बोया गया, यह वह है, जो वचन को सुनकर समझता है, और फल लाता है कोई सौ गुना, कोई साठ गुना, कोई तीस गुना।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजेकल 16-17
  • याकूब 3


Sunday, November 20, 2016

सहायक


   अलास्का के बैरो शहर के हाई स्कूल के प्रबन्धक यह देख देख कर थक चुके थे कि उनके छात्रों में से लगभग 50 प्रतिशत किसी ना किसी समस्या में पड़कर स्कूल छोड़ देते हैं। छात्रों की स्कूल में रुचि बनाए रखने और समस्याओं में पड़ने से बचाने के प्रयास में उन्होंने स्कूल की फुटबॉल टीम बनाई, जिसमें भाग लेने के द्वारा छात्रों को व्यक्तिगत कौशल विकसित करने, परस्पर सहयोग के साथ कार्य करने और जीवन के पाठ सीखने का अवसर मिले। बैरो में फुटबॉल खेलने के साथ समस्या यह है कि बैरो आई्सलैंड से भी अधिक उत्तर में है, इसलिए वहाँ घास का मैदान नहीं बन सकता क्योंकि वहाँ की ठंड के कारण वहाँ घास उगती ही नहीं है। इसलिए उन्हें फूटबॉल कंकर भरे मिट्टी के मैदान पर खेलनी पड़ती थी।

   वहाँ से चार हज़ार मील दक्षिण में, अमेरिका एक अन्य शहर फ्लोरिडा में कैथी पारकर ने इस फुटबॉल टीम और उन के खेलने के खतरनाक स्थान, और उस फुटबॉल टीम द्वारा उन छात्रों में आने वाले सकारात्मक परिवर्तनों के बारे में सुना। कैथी को लगा कि परमेश्वर उसे सहायता करने के लिए उकसा रहा है, और उसने उनके लिए कुछ करने की ठानी। इसके लगभग एक वर्ष पश्चात, उन्होंने बैरो में फुटबॉल खेलने के एक नए कृत्रिम घास के मैदान का समर्पण समारोह किया। कैथी ने बैरो के उन छात्रों की सहायता के लिए, जिन्हें वह जानती भी नहीं थी, हज़ारों डॉलर एकत्रित करके यह संभव कर दिया।

   बात फुटबॉल की नहीं है, और ना ही पैसे की है; बात है परमेश्वर के वचन बाइबल में दिए गए परमेश्वर के निर्देश "पर भलाई करना, और उदारता न भूलो; क्योंकि परमेश्वर ऐसे बलिदानों से प्रसन्न होता है" (इब्रानियों 13:16) के पालन करने की। प्रेरित याकूब हमें स्मरण कराता है कि हम अपना विश्वास अपने कार्यों से प्रमाणित करते हैं (याकूब 2:18)। हमारे संसार में अनेकों लोगों की भिन्न भिन्न तथा अभिभूत कर देने वाली आवश्यकताएं हैं; परन्तु जब हम, तब, जैसा कि प्रभु यीशु ने कहा है (मरकुस 12:31) अपने पड़ौसी से अपने समान प्रेम रखते हैं, जब हम उन के सहायक बनते हैं, तब हम परमेश्वर के प्रेम को लोगों तक पहुँचाते हैं। - डेव ब्रैनन


परमेश्वर के लिए अपने हृदय को खोलें जिससे अनुकंपा सीखें; 
अपने हाथों को औरों के लिए खोलें जिससे सहायता करने पाएं।

यीशु ने उसे उत्तर दिया, सब आज्ञाओं में से यह मुख्य है; हे इस्राएल सुन; प्रभु हमारा परमेश्वर एक ही प्रभु है। और तू प्रभु अपने परमेश्वर से अपने सारे मन से और अपने सारे प्राण से, और अपनी सारी बुद्धि से, और अपनी सारी शक्ति से प्रेम रखना। और दूसरी यह है, कि तू अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रखना: इस से बड़ी और कोई आज्ञा नहीं। - मरकुस 12:29-31

बाइबल पाठ: याकूब 2:14-20
James 2:14 हे मेरे भाइयों, यदि कोई कहे कि मुझे विश्वास है पर वह कर्म न करता हो, तो उस से क्या लाभ? क्या ऐसा विश्वास कभी उसका उद्धार कर सकता है? 
James 2:15 यदि कोई भाई या बहिन नगें उघाड़े हों, और उन्हें प्रति दिन भोजन की घटी हो। 
James 2:16 और तुम में से कोई उन से कहे, कुशल से जाओ, तुम गरम रहो और तृप्‍त रहो; पर जो वस्तुएं देह के लिये आवश्यक हैं वह उन्हें न दे, तो क्या लाभ? 
James 2:17 वैसे ही विश्वास भी, यदि कर्म सहित न हो तो अपने स्‍वभाव में मरा हुआ है। 
James 2:18 वरन कोई कह सकता है कि तुझे विश्वास है, और मैं कर्म करता हूं: तू अपना विश्वास मुझे कर्म बिना तो दिखा; और मैं अपना विश्वास अपने कर्मों के द्वारा तुझे दिखाऊंगा। 
James 2:19 तुझे विश्वास है कि एक ही परमेश्वर है: तू अच्छा करता है: दुष्टात्मा भी विश्वास रखते, और थरथराते हैं। 
James 2:20 पर हे निकम्मे मनुष्य क्या तू यह भी नहीं जानता, कि कर्म बिना विश्वास व्यर्थ है?

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजेकल 14-15
  • याकूब 2


Saturday, November 19, 2016

अलविदा


   मैक्स लुकाडो ने जब हाफ-आयरनमैन प्रतियोगिता में भाग लिया तो उसके अन्तर्गत उन्होंने शिकायत करने के नकारात्मक प्रभाव की सामर्थ का एहसास किया। उन्होंने कहा, "1.2 मील तैरने और 56 मील साइकिल चलाने के बाद, मुझे लग रहा था कि 13.1 मील पैदल दौड़ने के लायक शक्ति अब मुझ में नहीं है। ऐसा ही मेरे साथ दौड़ने वाले एक और प्रतियोगी को लग रहा था; वह कहने लगा, ’क्या बेकार बात है, इस दौड़ में भाग लेना मेरे जीवन का सबसे मूर्खतापूर्ण निर्णय था।’ मैंने तुरंत उससे कहा ’अलविदा’ और आगे बढ़ गया।" मैक्स जानते थे कि यदि वे अधिक देर तक उसकी यह शिकायत सुनते रहेंगे, तो वे भी उसके साथ नकारात्मक विचारों में सहमत होना आरंभ कर देंगे, जिसका गलत फिर प्रभाव उनके भाग लेने पर पड़ेगा। इसलिए उन्होंने उसे अलविदा कहकर अपनी दौड़ ज़ारी रखी।

   जब परमेश्वर इस्त्राएल को मिस्त्र के दासत्व से निकालकर कनान देश में बसाने के लिए ले जा रहा था तो बहुत से ग़ैर-इस्त्राएलियों की एक मिली-जुली भीड़ मिस्त्र से निकलकर उनके साथ चल दी। उनके बियाबान के मार्ग में परमेश्वर उनका मार्गदर्शक था, उनके साथ-साथ चलता था, उनकी रक्षा करता था और वह उन्हें प्रतिदिन भोजन के लिए मन्ना और पीने का पानी प्रदान करता था। लेकिन वे इस्त्राएली उस मिली-जुली भीड़ की बातों में आकर परमेश्वर के विरूद्ध कुड़कुड़ाने लगे, परमेश्वर के प्रावधान को तुच्छ कहने लगे (गिनती 11:6); वे भूल गए कि मन्ना उन्हें परमेश्वर की ओर से मिलने वाली प्रेम भरी भेंट है। क्योंकि इस प्रकार शिकायत करना और कुड़कुड़ाना हृदय को कृतघ्नता से विषैला बना देता है, इसलिए परमेश्वर को उनके अन्दर पनपने वाले इस विष का न्याय करना पड़ा।

   शिकायत और कृतघ्नता से बचने, उसे अलविदा कहने का सटीक उपाय है हृदय को परमेश्वर की आराधना, स्तुति और धन्यवाद से भर लेना; प्रतिदिन परमेश्वर की भलाई और विश्वासयोग्यता के स्मरण को दोहराते रहना। - मार्विन विलियम्स


परमेश्वर की विश्वासयोग्यता का प्रचार करना 
असन्तोष की आवाज़ को मूक कर देता है।

विपत्ति और कल्याण, क्या दोनों परमप्रधान की आज्ञा से नहीं होते? सो जीवित मनुष्य क्यों कुड़कुड़ाए? और पुरुष अपने पाप के दण्ड को क्यों बुरा माने? - विलापगीत 3:38-39

बाइबल पाठ: गिनती 11:1-10
Numbers 11:1 फिर वे लोग बुड़बुड़ाने और यहोवा के सुनते बुरा कहने लगे; निदान यहोवा ने सुना, और उसका कोप भड़क उठा, और यहोवा की आग उनके मध्य जल उठी, और छावनी के एक किनारे से भस्म करने लगी। 
Numbers 11:2 तब मूसा के पास आकर चिल्लाए; और मूसा ने यहोवा से प्रार्थना की, तब वह आग बुझ गई, 
Numbers 11:3 और उस स्थान का नाम तबेरा पड़ा, क्योंकि यहोवा की आग उन में जल उठी थी।
Numbers 11:4 फिर जो मिली-जुली भीड़ उनके साथ थी वह कामुकता करने लगी; और इस्त्राएली भी फिर रोने और कहने लगे, कि हमें मांस खाने को कौन देगा। 
Numbers 11:5 हमें वे मछलियां स्मरण हैं जो हम मिस्र में सेंतमेंत खाया करते थे, और वे खीरे, और खरबूजे, और गन्दने, और प्याज, और लहसुन भी; 
Numbers 11:6 परन्तु अब हमारा जी घबरा गया है, यहां पर इस मन्ना को छोड़ और कुछ भी देख नहीं पड़ता। 
Numbers 11:7 मन्ना तो धनिये के समान था, और उसका रंग रूप मोती का सा था। 
Numbers 11:8 लोग इधर उधर जा कर उसे बटोरते, और चक्की में पीसते वा ओखली में कूटते थे, फिर तसले में पकाते, और उसके फुलके बनाते थे; और उसका स्वाद तेल में बने हुए पुए का सा था। 
Numbers 11:9 और रात को छावनी में ओस पड़ती थी तब उसके साथ मन्ना भी गिरता था। 
Numbers 11:10 और मूसा ने सब घरानों के आदमियों को अपने अपने डेरे के द्वार पर रोते सुना; और यहोवा का कोप अत्यन्त भड़का, और मूसा को भी बुरा मालूम हुआ।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजेकल 11-13
  • याकूब 1


Friday, November 18, 2016

सामर्थ


   परमेश्वर की महान सृष्टि की अद्भुत बातों पर जब मैं विचार करता हूँ, तो मैं विशाल सिकोइया वृक्ष को लेकर आश्चर्यचकित होता हूँ। जंगल के ये विशालकाय वृक्ष 300 फीट तक ऊँचे हो जाते हैं और इनके तनों की मोटाई का व्यास 20 फीट तक हो जाता है। ये 3000 वर्ष तक जीवित रह सकते हैं और आग लगने से जलते नहीं; वरन जंगल की आग की गरमी से इन वृक्षों के फल फट जाते हैं और बीज नीचे राख द्वारा उपजाऊ बन गई धरती पर गिरकर उगने पाते हैं। संभवतः सबसे अधिक आश्चर्यचकित कर देने वाला तथ्य है कि ये केवल तीन फीट गहरी मिट्टी में भी उग सकते हैं और तेज़ तूफानों के झकझोरों को सहन कर सकते हैं। उनकी इस सामर्थ का राज़ है उनकी जड़ों का आपस में एक दूसरे के साथ घुलमिलकर फंसा हुआ होना, जो उन्हें साथ-साथ खड़े रहने और एक दूसरे के साथ अपनी सामर्थ के स्त्रोत बाँटने देता है।

   हमारे लिए भी परमेश्वर की ऐसी ही योजना है। जीवन के थपेड़ों में हमारा स्थिर खड़े रहना निर्भर करता है उस प्रेम और सहारे पर जो हमें परमेश्वर से तथा एक दूसरे से मिलता है; इसीलिए इब्रानियों का लेखक कहता है कि हम भलाई करना और उदारता दिखाना ना भूलें (इब्रानियों 13:16)। थोड़ा विचार कीजिए कि यदि लोग हमारे साथ अपनी सामर्थ और सहारे की जड़ें बाँट ना रहे होते तो हमारे लिए परेशानियों में स्थिर खड़ा रहना कितना कठिन हो जाता।

   प्रोत्साहन के शब्दों, दूसरों के लिए प्रार्थना, एक -दूसरे के दुःख बाँटना, एक दूसरे को थामे रहना, और कभी-कभी बस एक दूसरे के साथ बैठ कर अपनी प्रेम भरी उपस्थिति उपलब्ध कराने में कितनी सामर्थ है; इसलिए हमें एक साथ इकट्ठा होना नहीं छोड़ना चाहिए। - जो स्टोवैल


आपके जीवन में परमेश्वर के प्रेम की जड़ों को दूसरों के साथ भी, 
जिन्हें आपके सहारे की आवश्यकता है, घुलमिल जाने दें।

और एक दूसरे के साथ इकट्ठा होना ने छोड़ें, जैसे कि कितनों की रीति है, पर एक दूसरे को समझाते रहें; और ज्यों ज्यों उस दिन को निकट आते देखो, त्यों त्यों और भी अधिक यह किया करो। - इब्रानियों 10:25

बाइबल पाठ: इब्रानियों 13:15-25
Hebrews 13:15 इसलिये हम उसके द्वारा स्‍तुति रूपी बलिदान, अर्थात उन होठों का फल जो उसके नाम का अंगीकार करते हैं, परमेश्वर के लिये सर्वदा चढ़ाया करें। 
Hebrews 13:16 पर भलाई करना, और उदारता न भूलो; क्योंकि परमेश्वर ऐसे बलिदानों से प्रसन्न होता है। 
Hebrews 13:17 अपने अगुवों की मानो; और उनके आधीन रहो, क्योंकि वे उन की नाईं तुम्हारे प्राणों के लिये जागते रहते, जिन्हें लेखा देना पड़ेगा, कि वे यह काम आनन्द से करें, न कि ठंडी सांस ले ले कर, क्योंकि इस दशा में तुम्हें कुछ लाभ नहीं। 
Hebrews 13:18 हमारे लिये प्रार्थना करते रहो, क्योंकि हमें भरोसा है, कि हमारा विवेक शुद्ध है; और हम सब बातों में अच्छी चाल चलना चाहते हैं। 
Hebrews 13:19 और इस के करने के लिये मैं तुम्हें और भी समझाता हूं, कि मैं शीघ्र तुम्हारे पास फिर आ सकूं।
Hebrews 13:20 अब शान्‍तिदाता परमेश्वर जो हमारे प्रभु यीशु को जो भेड़ों का महान रखवाला है सनातन वाचा के लोहू के गुण से मरे हुओं में से जिला कर ले आया। 
Hebrews 13:21 तुम्हें हर एक भली बात में सिद्ध करे, जिस से तुम उस की इच्छा पूरी करो, और जो कुछ उसको भाता है, उसे यीशु मसीह के द्वारा हम में उत्पन्न करे, जिस की बड़ाई युगानुयुग होती रहे। आमीन।
Hebrews 13:22 हे भाइयों मैं तुम से बिनती करता हूं, कि इन उपदेश की बातों को सह लो; क्योंकि मैं ने तुम्हें बहुत संक्षेप में लिखा है। 
Hebrews 13:23 तुम यह जान लो कि तीमुथियुस हमारा भाई छूट गया है और यदि वह शीघ्र आ गया, तो मैं उसके साथ तुम से भेंट करूंगा। 
Hebrews 13:24 अपने सब अगुवों और सब पवित्र लोगों को नमस्‍कार कहो। इतालिया वाले तुम्हें नमस्‍कार कहते हैं।
Hebrews 13:25 तुम सब पर अनुग्रह होता रहे। आमीन।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजेकल 8-10
  • इब्रानियों 13


Thursday, November 17, 2016

सुरक्षित


   गरजने वाला शेर जंगल का राजा माना जाता है। लेकिन सामान्यतः जो शेर हम में से अधिकांश देखने पाते हैं वे चिड़ियाघर में रखे गए सुस्त शेर होते हैं। इन सुस्त शेरों का दिन आराम करने में बीतता है; उन्हें भोजन के लिए कोई प्रयास नहीं करना पड़ता है, भोजन भी उन्हें परोस दिया जाता है।

   लेकिन अपने प्राकृतिक आवास में शेर आराम के साथ सुस्त जीवन नहीं बिताते। उन्हें जब भूख लगती है तो उन्हें शिकार करने के लिए जाना होता है। शिकार में वे बच्चों, कमज़ोरों, बीमारों या घायल जानवरों को ढूँढ़ते हैं जो सरलता से उनका शिकार बन जाते हैं। ऊँची घास छिपकर वे धीरे-धीरे अपने शिकार की ओर बढ़ते हैं, शिकार के निकट पहुँच कर अचानक ही झपटा मारकर अपने पंजे उसमें गड़ा देते हैं और अपने आहार के लिए उसे दबोच लेते हैं।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पतरस ने शैतान के लिए गरजने वाले सिंह रूपक अलंकार का प्रयोग किया है। वह बड़ा आश्वस्त शिकारी है, जो अपने अहेर के लिए सरलता से पकड़ में आ जाने वाले शिकार की तलाश में रहता है: "सचेत हो, और जागते रहो, क्योंकि तुम्हारा विरोधी शैतान गर्जने वाले सिंह की नाईं इस खोज में रहता है, कि किस को फाड़ खाए" (1 पतरस 5:8)। इस शत्रु का सामना करने के लिए, परमेश्वर की सन्तान को बड़ा सचेत होकर, परमेश्वर के सारे हथियार बांधे हुए तैयार रहना चाहिए: "निदान, प्रभु में और उस की शक्ति के प्रभाव में बलवन्‍त बनो। परमेश्वर के सारे हथियार बान्‍ध लो; कि तुम शैतान की युक्तियों के साम्हने खड़े रह सको" (इफिसियों 6:10-11)।

   अच्छा समाचार यह है कि शैतान चाहे जैसा और जितना भी आश्वस्त प्रतीत हो, वास्तव में वह एक हारा हुआ शत्रु है - प्रभु यीशु ने उसे हमारे लिए हरा दिया है। यद्यपि शैतान बहुत बलवान शत्रु है, परन्तु जो प्रभु यीशु से मिलने वाले उद्धार और पापों की क्षमा, परमेश्वर के वचन के अध्ययन तथा पालन एवं प्रार्थना करने के द्वारा प्रभु में होकर सुरक्षित हो गए हैं, उन्हें इस गरजने वाले सिंह से डरने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि उन की "...रक्षा परमेश्वर की सामर्थ से, विश्वास के द्वारा उस उद्धार के लिये, जो आने वाले समय में प्रगट होने वाली है, की जाती है" (1 पतरस 1:5)। याकूब हमें आश्वस्त करता है, कि यदि हम परमेश्वर की आधीनता में रहकर शैतान का सामना करेंगे, तो सुरक्षित रहेंगे (याकूब 4:6-7)। - सिंडी हैस कैस्पर


परमेश्वर के हथियारों के कवच को कोई बुराई बेध नहीं सकती है।

वह तो और भी अनुग्रह देता है; इस कारण यह लिखा है, कि परमेश्वर अभिमानियों से विरोध करता है, पर दीनों पर अनुग्रह करता है। इसलिये परमेश्वर के आधीन हो जाओ; और शैतान का साम्हना करो, तो वह तुम्हारे पास से भाग निकलेगा। - याकूब 4:6-7

बाइबल पाठ: इफिसियों 6:10-18
Ephesians 6:10 निदान, प्रभु में और उस की शक्ति के प्रभाव में बलवन्‍त बनो। 
Ephesians 6:11 परमेश्वर के सारे हथियार बान्‍ध लो; कि तुम शैतान की युक्तियों के साम्हने खड़े रह सको। 
Ephesians 6:12 क्योंकि हमारा यह मल्लयुद्ध, लोहू और मांस से नहीं, परन्तु प्रधानों से और अधिकारियों से, और इस संसार के अन्धकार के हाकिमों से, और उस दुष्‍टता की आत्मिक सेनाओं से है जो आकाश में हैं। 
Ephesians 6:13 इसलिये परमेश्वर के सारे हथियार बान्‍ध लो, कि तुम बुरे दिन में साम्हना कर सको, और सब कुछ पूरा कर के स्थिर रह सको। 
Ephesians 6:14 सो सत्य से अपनी कमर कसकर, और धार्मिकता की झिलम पहिन कर। 
Ephesians 6:15 और पांवों में मेल के सुसमाचार की तैयारी के जूते पहिन कर। 
Ephesians 6:16 और उन सब के साथ विश्वास की ढाल ले कर स्थिर रहो जिस से तुम उस दुष्‍ट के सब जलते हुए तीरों को बुझा सको। 
Ephesians 6:17 और उद्धार का टोप, और आत्मा की तलवार जो परमेश्वर का वचन है, ले लो। 
Ephesians 6:18 और हर समय और हर प्रकार से आत्मा में प्रार्थना, और बिनती करते रहो, और इसी लिये जागते रहो, कि सब पवित्र लोगों के लिये लगातार बिनती किया करो।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजेकल 5-7
  • इब्रानियों 12


Wednesday, November 16, 2016

निर्देशक


   जब अभिनेता और अभिनेत्रियाँ फिल्मों के बनाए जाते समय कार्य करते हैं, तो वह फिल्म का निर्देशक ही होता है जो उस फिल्म का संपूर्ण स्वरूप जानता है और उसी स्वरूप के अनुसार वह उनका निर्देशन करता है। अभिनेत्री मेरियन कोटिलार्ड ने स्वीकार किया कि हाल ही में जिस फिल्म में वे अभिनय कर रही थीं उसके बनाए जाने के समय उन्हें उनके निर्देशक द्वारा कही और की जाने वाली सभी बातें समझ नहीं आ रही थीं। उन्होंने कहा, "मुझे बड़ा रोचक लगा अपने आप को किसी अन्य के हाथ में छोड़ कर, भटके हुए के समान इधर-उधर कुछ-कुछ करती रहूँ, क्योंकि मैं जानती थी कि मेरा एक अद्भुत मार्गदर्शक है....आप अपने आप को एक कहानी और निर्देशक के हाथों में छोड़ देते हैं और  अन्ततः वह सब बातों को मिलाकर अच्छा काम करवा देता है।"

   मेरे विचार में परमेश्वर के वचन बाइबल में यहोशू भी अपने जीवन के निर्देशक के बारे में कुछ ऐसा ही कहता होगा। आज के बाइबल पाठ में, इस्त्राएल का यह नया नियुक्त अगुवा प्रतिज्ञा किए हुई देश की कगार पर खड़ा है; बीस लाख से भी अधिक इस्त्राएली उसकी ओर नेतृत्व के लिए देख रहे हैं कि वह उन्हें लेजाकर उस देश कनान देश में बसाए। वह इस कार्य को कैसे करता? परमेश्वर ने उसे इस कार्य को करने के लिए कोई विस्तृत निर्देशन-लेख नहीं दिया, लेकिन उसे यह आश्वासन अवश्य दिया कि वह यहोशू के साथ-साथा सदा बना रहेगा, उसके साथ जाएगा।

   परमेश्वर ने यहोशू से कहा, "तेरे जीवन भर कोई तेरे साम्हने ठहर न सकेगा; जैसे मैं मूसा के संग रहा वैसे ही तेरे संग भी रहूंगा; और न तो मैं तुझे धोखा दूंगा, और न तुझ को छोडूंगा" (यहोशू 1:5)। परमेश्वर ने यहोशू को आज्ञा दी कि वह परमेश्वर के वचन में दी गई बातों का अध्ययन करे और उनका पालन करे (पद 7-8), और उसे वायदा दिया कि जहाँ कहीं भी यहोशू जाएगा परमेश्वर उसके साथ बना रहेगा। यहोशू ने पूरे समर्पण और निष्ठा के साथ अपने इस अद्भुत मार्गदर्शक की बात को स्वीकार किया और उसका पालन किया, और परिणामस्वरूप, बाइबल में यहोशू के वृतांत के अन्त की ओर आया है कि "जितनी भलाई की बातें यहोवा ने इस्राएल के घराने से कही थीं उन में से कोई भी न छूटी; सब की सब पूरी हुई" (यहोशू 21:45)।

   आज हम भी अपने जीवनों को इस महान और अद्भुत निर्देशक, परमेश्वर, के हाथों में यहोशू ही के समान पूर्णतया समर्पित कर के तथा उसके वचन और निर्देशों का पालन कर के यहोशू के समान ही परमेश्वर की विश्वासयोग्यता के उत्तम प्रतिफल पा सकते हैं। - पोह फैंग चिया


परमेश्वर में विश्वास यह कभी नहीं देखता कि उसे कहाँ ले जाया जा रहा है; 
वह तो बस अपने मार्गदर्शक को और उसके प्रेम को जानता है और उसकी मानता है। -ऑस्वॉल्ड चैम्बर्स

तब उन्होंने संकट में यहोवा की दोहाई दी, और उसने उन को सकेती से छुड़ाया; और उन को ठीक मार्ग पर चलाया, ताकि वे बसने के लिये किसी नगर को जा पहुंचे। लोग यहोवा की करूणा के कारण, और उन आश्चर्यकर्मों के कारण, जो वह मनुष्यों के लिये करता है, उसका धन्यवाद करें! - भजन 107:6-8

बाइबल पाठ: यहोशू 1:1-9
Joshua 1:1 यहोवा के दास मूसा की मृत्यु के बाद यहोवा ने उसके सेवक यहोशू से जो नून का पुत्र था कहा, 
Joshua 1:2 मेरा दास मूसा मर गया है; सो अब तू उठ, कमर बान्ध, और इस सारी प्रजा समेत यरदन पार हो कर उस देश को जा जिसे मैं उन को अर्थात इस्राएलियों को देता हूं। 
Joshua 1:3 उस वचन के अनुसार जो मैं ने मूसा से कहा, अर्थात जिस जिस स्थान पर तुम पांव धरोगे वह सब मैं तुम्हे दे देता हूं। 
Joshua 1:4 जंगल और उस लबानोन से ले कर परात महानद तक, और सूर्यास्त की ओर महासमुद्र तक हित्तियों का सारा देश तुम्हारा भाग ठहरेगा। 
Joshua 1:5 तेरे जीवन भर कोई तेरे साम्हने ठहर न सकेगा; जैसे मैं मूसा के संग रहा वैसे ही तेरे संग भी रहूंगा; और न तो मैं तुझे धोखा दूंगा, और न तुझ को छोडूंगा। 
Joshua 1:6 इसलिये हियाव बान्धकर दृढ़ हो जा; क्योंकि जिस देश के देने की शपथ मैं ने इन लोगों के पूर्वजों से खाई थी उसका अधिकारी तू इन्हें करेगा। 
Joshua 1:7 इतना हो कि तू हियाव बान्धकर और बहुत दृढ़ हो कर जो व्यवस्था मेरे दास मूसा ने तुझे दी है उन सब के अनुसार करने में चौकसी करना; और उस से न तो दाहिने मुड़ना और न बांए, तब जहां जहां तू जाएगा वहां वहां तेरा काम सफल होगा। 
Joshua 1:8 व्यवस्था की यह पुस्तक तेरे चित्त से कभी न उतरने पाए, इसी में दिन रात ध्यान दिए रहना, इसलिये कि जो कुछ उस में लिखा है उसके अनुसार करने की तू चौकसी करे; क्योंकि ऐसा ही करने से तेरे सब काम सफल होंगे, और तू प्रभावशाली होगा। 
Joshua 1:9 क्या मैं ने तुझे आज्ञा नहीं दी? हियाव बान्धकर दृढ़ हो जा; भय न खा, और तेरा मन कच्चा न हो; क्योंकि जहां जहां तू जाएगा वहां वहां तेरा परमेश्वर यहोवा तेरे संग रहेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजेकल 3-4
  • इब्रानियों 11:20-40


Tuesday, November 15, 2016

सचेत


   सन 2002 में 31.4 करोड़ अमेरिकी डॉलर की लॉटरी जीतने के बाद एक आनन्दित व्यवसायी ने उस पैसे के सदुपयोग के लिए उच्च अभिलाषाएं व्यक्त करीं। वह दान-धर्म के कार्य करने के लिए संस्था स्थापित करने, बर्खास्त किए गए कर्मचारियों को वापस काम पर रखने और परिवार के लिए अच्छे कार्य करने कि बातें करता था। लॉटरी जीतने के समय वह धनी था, उसने पत्रकारों से कहा कि यह धन जीतना उसे बदलेगा नहीं।

   कुछ वर्ष पश्चात उसके बारे में पता लगाकर लिखे गए एक लेख ने इससे बिलकुल भिन्न ही स्थिति दिखाई। सबसे बड़ी लॉटरी के जीतने के पश्चात वह कानूनी समस्याओं में पड़ गया, उसने अपनी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा गवाँ दी, और जुए में सारा धन हार गया।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में आगूर नामक एक विचारशील व्यक्ति ने ऐसी हृदय-विदारक परिस्थितियों से संबंधित कुछ बातें लिखीं। अपनी स्वाभाविक प्रतिक्रियाओं के कारण झुका दिए गए (नीतिवचन 30:2-3) आगूर ने बहुत अधिक अथवा बहुत कम संपदा में होने के बारे में लिखा। उसने परमेश्वर से प्रार्थना करी, "व्यर्थ और झूठी बात मुझ से दूर रख; मुझे न तो निर्धन कर और न धनी बना; प्रतिदिन की रोटी मुझे खिलाया कर। ऐसा न हो, कि जब मेरा पेट भर जाए, तब मैं इन्कार कर के कहूं कि यहोवा कौन है? वा अपना भाग खो कर चोरी करूं, और अपने परमेश्वर का नाम अनुचित रीति से लूं" (नीतिवचन 30:8-9)।

   आगूर ने बहुतायत और दरिद्रता के, तथा अपनी ही प्रवृतियों के कारण जीवन में आने वाली चुनौतियों को देखा था। ये सभी बातें मिलकर हमें हमारे प्रभु पर हर बात, हर परिस्थिति में निर्भर रहने के लिए प्रेरित करती हैं, जिसने हमें प्रार्थना में कहना सिखाया, "हमारी दिन भर की रोटी आज हमें दे" (मत्ती 6:11), तथा इनमें से प्रत्येक बात हमें सचेत रहने का कारण देती है। - मार्ट डिहॉन


असंतोष धनी लोगों को निर्धन, तथा संतोष निर्धनों को धनी बना देता है।

पर सन्‍तोष सहित भक्ति बड़ी कमाई है। क्योंकि न हम जगत में कुछ लाए हैं और न कुछ ले जा सकते हैं। और यदि हमारे पास खाने और पहिनने को हो, तो इन्‍हीं पर सन्‍तोष करना चाहिए। पर जो धनी होना चाहते हैं, वे ऐसी परीक्षा, और फंदे और बहुतेरे व्यर्थ और हानिकारक लालसाओं में फंसते हैं, जो मनुष्यों को बिगाड़ देती हैं और विनाश के समुद्र में डूबा देती हैं। - 1 तिमुथियुस 6:6-9

बाइबल पाठ नीतिवचन 30:1-9
Proverbs 30:1 याके के पुत्र आगूर के प्रभावशाली वचन। उस पुरूष ने ईतीएल और उक्काल से यह कहा, 
Proverbs 30:2 निश्चय मैं पशु सरीखा हूं, वरन मनुष्य कहलाने के योग्य भी नहीं; और मनुष्य की समझ मुझ में नहीं है। 
Proverbs 30:3 न मैं ने बुद्धि प्राप्त की है, और न परमपवित्र का ज्ञान मुझे मिला है। 
Proverbs 30:4 कौन स्वर्ग में चढ़ कर फिर उतर आया? किस ने वायु को अपनी मुट्ठी में बटोर रखा है? किस ने महासागर को अपने वस्त्र में बान्ध लिया है? किस ने पृथ्वी के सिवानों को ठहराया है? उसका नाम क्या है? और उसके पुत्र का नाम क्या है? यदि तू जानता हो तो बता! 
Proverbs 30:5 ईश्वर का एक एक वचन ताया हुआ है; वह अपने शरणागतों की ढाल ठहरा है। 
Proverbs 30:6 उसके वचनों में कुछ मत बढ़ा, ऐसा न हो कि वह तुझे डांटे और तू झूठा ठहरे।
Proverbs 30:7 मैं ने तुझ से दो वर मांगे हैं, इसलिये मेरे मरने से पहिले उन्हें मुझे देने से मुंह न मोड़: 
Proverbs 30:8 अर्थात व्यर्थ और झूठी बात मुझ से दूर रख; मुझे न तो निर्धन कर और न धनी बना; प्रतिदिन की रोटी मुझे खिलाया कर। 
Proverbs 30:9 ऐसा न हो, कि जब मेरा पेट भर जाए, तब मैं इन्कार कर के कहूं कि यहोवा कौन है? वा अपना भाग खो कर चोरी करूं, और अपने परमेश्वर का नाम अनुचित रीति से लूं।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजेकल 1-2
  • इब्रानियों 11:1-19


Monday, November 14, 2016

आशा


   जब अमेरिका के लोक गायक जॉर्ज जोन्स का 81 वर्ष की आयु में निधन हुआ, तो उसके प्रशंसकों ने उसकी अनोखी आवाज़, उसके कठिन जीवन और व्यक्तिगत संघर्षों को स्मरण किया। उसके अनेकों गीत उसकी अपनी उत्कंठाओं और निराशाओं को प्रतिबिंबित करते थे, उसके गाने की शैली ने लोगों को गहराई से छूआ था। शिकागो ट्रिब्यून नामक समाचार-पत्र के संगीत आलोचक ग्रेग कोट ने लिखा, "उसकी आवाज़ टूटे हुए हृदय को व्यक्त करने के लिए बनी थी।"

   परमेश्वर के वचन बाइबल में विलापगीत की पुस्तक यहूदा राष्ट्र द्वारा ढिटाई में परमेश्वर का अनुसरण करने से इंकार करने के कारण यिर्मयाह की वेदना को दिखाती है। यिर्मयाह को अकसर "विलाप करने वाला भविष्यद्वक्ता" कहा जाता है; वह यरूशालेम के विनाश का साक्षी हुआ और उसने अपने लोगों को बन्धुआई में जाते हुए देखा। दुःख से अभिभूत होकर वह यरूशालेम की सड़कों पर घूमता और विलाप करता हुआ फिरता रहा (विलापगीत 1:1-5)।

   लेकिन फिर भी, गहन अन्धकार के अपने इस समय में, यिर्मयाह ने कहा, "परन्तु मैं यह स्मरण करता हूँ, इसीलिये मुझे आाशा है: हम मिट नहीं गए; यह यहोवा की महाकरुणा का फल है, क्योंकि उसकी दया अमर है। प्रति भोर वह नई होती रहती है; तेरी सच्चाई महान है" (विलापगीत 3:21-23)।

   हम चाहे अपने, या किसी और के निर्णयों एवं चुनावों के कारण दुःख उठाएं, ऐसी परिस्थितियों में हताशा से अभिभूत हो जाने का खतरा हमारे सामने बना रहता है। जब लगता है कि सब कुछ खो गया है, हम परमेश्वर की विश्वासयोग्यता को थाम कर कह सकते हैं: "मेरे मन ने कहा, यहोवा मेरा भाग है, इस कारण मैं उस में आशा रखूंगा" (विलापगीत 3:24)।

   प्रत्येक परिस्थिति में परमेश्वर ही कभी ना टलने या बदलने वाली हमारी एकमात्र विश्वासयोग्य आशा है। - डेविड मैक्कैसलैंड


परमेश्वर की विश्वासयोग्यता का लंगर सबसे तीव्र तूफानों में भी हमें स्थिर रखता है।

परमेश्वर हमारा शरणस्थान और बल है, संकट में अति सहज से मिलने वाला सहायक। इस कारण हम को कोई भय नहीं चाहे पृथ्वी उलट जाए, और पहाड़ समुद्र के बीच में डाल दिए जाएं; चाहे समुद्र गरजे और फेन उठाए, और पहाड़ उसकी बाढ़ से कांप उठें। - भजन 46:1-3

बाइबल पाठ: विलापगीत 3:1-6, 15-25
Lamentations 3:1 उसके रोष की छड़ी से दु:ख भोगने वाला पुरुष मैं ही हूं; 
Lamentations 3:2 वह मुझे ले जा कर उजियाले में नहीं, अन्धियारे ही में चलाता है; 
Lamentations 3:3 उसका हाथ दिन भर मेरे ही विरुद्ध उठता रहता है। 
Lamentations 3:4 उसने मेरा मांस और चमड़ा गला दिया है, और मेरी हड्डियों को तोड़ दिया है; 
Lamentations 3:5 उसने मुझे रोकने के लिये किला बनाया, और मुझ को कठिन दु:ख और श्रम से घेरा है; 
Lamentations 3:6 उसने मुझे बहुत दिन के मरे हुए लोगों के समान अन्धेरे स्थानों में बसा दिया है। 
Lamentations 3:15 उसने मुझे कठिन दु:ख से भर दिया, और नागदौना पिलाकर तृप्त किया है। 
Lamentations 3:16 उसने मेरे दांतों को कंकरी से तोड़ डाला, और मुझे राख से ढांप दिया है; 
Lamentations 3:17 और मुझ को मन से उतार कर कुशल से रहित किया है; मैं कल्याण भूल गया हूँ; 
Lamentations 3:18 इसलिऐ मैं ने कहा, मेरा बल नाश हुआ, और मेरी आश जो यहोवा पर थी, वह टूट गई है। 
Lamentations 3:19 मेरा दु:ख और मारा मारा फिरना, मेरा नागदौने और-और विष का पीना स्मरण कर! 
Lamentations 3:20 मैं उन्हीं पर सोचता रहता हूँ, इस से मेरा प्राण ढला जाता है। 
Lamentations 3:21 परन्तु मैं यह स्मरण करता हूँ, इसीलिये मुझे आाशा है: 
Lamentations 3:22 हम मिट नहीं गए; यह यहोवा की महाकरुणा का फल है, क्योंकि उसकी दया अमर है। 
Lamentations 3:23 प्रति भोर वह नई होती रहती है; तेरी सच्चाई महान है। 
Lamentations 3:24 मेरे मन ने कहा, यहोवा मेरा भाग है, इस कारण मैं उस में आशा रखूंगा। 
Lamentations 3:25 जो यहोवा की बाट जोहते और उसके पास जाते हैं, उनके लिये यहोवा भला है।

एक साल में बाइबल: 
  • विलापगीत 3-5
  • इब्रानियों 10:19-39


Sunday, November 13, 2016

उपहार


   मुझे क्रिसमस बहुत पसंद है। उस समय के मौसम की सुन्दरता और अचरज तथा प्रभु यीशु के जन्म का उत्सव मनाना उसे मेरे लिए वर्ष का सर्वोत्तम समय बना देता है। लेकिन हाल के कुछ वर्षों से, मेरे लिए यह समय बढ़ती हुई झुँझुलाहट का समय होता जा रहा है, क्योंकि प्रतिवर्ष क्रिसमस से संबंधित सामग्री बाज़ार में अधिकाधिक जल्दी आने लग गया है और बढ़ते-बढ़ते यह पतझड़ के आरंभ तक पहुँच गया है।

   पहले क्रिसमस का समय दिसंबर माह तक ही सीमित था, परन्तु अब हम पाते हैं कि रेडियो पर क्रिसमस संगीत नवंबर के आरंभ से ही प्रसारित होने लगता है। दुकानें अब क्रिसमस संबंधित विशेष बिक्री के विज्ञापन अक्टूबर से ही करने लगती हैं, और क्रिसमस की मिठाई सितंबर के अन्त से ही मिलने लग जाती है। यदि हम सतर्क नहीं रहे तो यह बढ़ती हुई भरमार हमारी भावनाओं को कुन्द कर देगी; जो समय आदर और कृतज्ञता का होना चाहिए उसका मज़ा किरकिरा कर देगी।

   जब यह झुँझुलाहट मेरे मन में उठने लगती है, तो मैं एक काम करने का प्रयास करता हूँ: स्मरण करना। मैं अपने आप को स्मरण कराता हूँ कि क्रिसमस का अर्थ क्या है; मसीह यीशु कौन है और वह पृथ्वी पर क्यों आया। मैं क्षमा करने वाले परमेश्वर के प्रेम और अनुग्रह को स्मरण करता हूँ जिसने मुझे और संसार के सभी लोगों को बचाने के लिए अपने पुत्र को मानव रूप में बलिदान होने के लिए भेजा। मैं स्मरण करता हूँ कि अन्ततः केवल एक ही उपहार का महत्व है - परमेश्वर के अवर्णनीय उपहार का (2 कुरिन्थियों 9:15)। मैं स्मरण करता हूँ कि उद्धार के उपहार के रूप में मसीह यीशु स्वयं अपने आप को हमारे लिए दे देने के लिए आया था।

   प्रभु यीशु वर्ष भर हमारा जीवन है, परमेश्वर द्वारा दिया गया सदा काल का अद्भुत उपहार। - बिल क्राउडर


प्रभु यीशु अनन्त जीवन के लिए हमारा उपहार है।

परमेश्वर को उसके उस दान के लिये जो वर्णन से बाहर है, धन्यवाद हो। - 2 कुरिन्थियों 9:15

बाइबल पाठ: गलतियों 4:1-7
Galatians 4:1 मैं यह कहता हूं, कि वारिस जब तक बालक है, यद्यपि सब वस्‍तुओं का स्‍वामी है, तौभी उस में और दास में कुछ भेद नहीं। 
Galatians 4:2 परन्तु पिता के ठहराए हुए समय तक रक्षकों और भण्‍डारियों के वश में रहता है। 
Galatians 4:3 वैसे ही हम भी, जब बालक थे, तो संसार की आदि शिक्षा के वश में हो कर दास बने हुए थे। 
Galatians 4:4 परन्तु जब समय पूरा हुआ, तो परमेश्वर ने अपने पुत्र को भेजा, जो स्त्री से जन्मा, और व्यवस्था के आधीन उत्पन्न हुआ। 
Galatians 4:5 ताकि व्यवस्था के आधीनों को मोल ले कर छुड़ा ले, और हम को लेपालक होने का पद मिले। 
Galatians 4:6 और तुम जो पुत्र हो, इसलिये परमेश्वर ने अपने पुत्र के आत्मा को, जो हे अब्‍बा, हे पिता कह कर पुकारता है, हमारे हृदय में भेजा है। 
Galatians 4:7 इसलिये तू अब दास नहीं, परन्तु पुत्र है; और जब पुत्र हुआ, तो परमेश्वर के द्वारा वारिस भी हुआ।

एक साल में बाइबल: 
  • विलापगीत 1-2
  • इब्रानियों 10:1-18


Saturday, November 12, 2016

कलाकृति


   बेलफास्ट, उत्तरी आयरलैंड में जो 11 एकड़ के खाली मैदान से आरंभ हुआ था, उसका अन्त ब्रिटेन के सबसे बड़े भूमिचित्र के रूप में हुआ। कलाकार जॉर्ज रॉड्रिगुएज़-गेराडा द्वारा बनाई गई "विश" नामक यह कलाकृति लकड़ी की 30,000 खूँटियों, 2000 टन मिट्टी, 2000 टन रेत और अनेकों अन्य सामग्री जैसे कि घास, पत्थर और रस्सी आदि से बनी है।

   इसके बनने के आरंभ में केवल कलाकार ही जानता था कि उसकी कलाकृति का अन्तिम स्वरूप क्या होगा। जॉर्ज ने मज़दूरों और स्वयंसेवकों को इस कार्य के लिए भरती किया, अपने साथ लिया; और वे उसके निर्देशों के अनुसार सामग्री को ढोने और एक से दूसरे स्थान पर पहुँचाने में लगे रहे। यह सब कार्य करते समय उन्हें ज़रा भी आभास नहीं था कि कुछ विस्मित कर देने वाला तैयार होकर प्रगट होने वाला है; लेकिन ऐसा ही हुआ। धरती पर से वह चित्र कुछ विशेष प्रतीत नहीं होता है; लेकिन ऊपर आकाश से देखने वाले एक छोटी लड़की का मुस्कुराता हुए चेहरे का एक विशाल चित्र देखने पाते हैं।

   परमेश्वर इस संसार में, हम मसीही विश्वासियों को साथ लेकर इससे भी कुछ विलक्षण और महान कर रहा है। जैसा प्रेरित पौलुस ने कुरिन्थुस के मसीही विशवासियों को लिखा, हम परमेश्वर के सहकर्मी हैं (1 कुरिन्थियों 3:9) जिनमें होकर वह इस कार्य को साकार कर रहा है। परमेश्वर के वचन बाइबल में परमेश्वर अपने लोगों को स्मरण कराता है कि वही है जो  "...पृथ्वी के घेरे के ऊपर आकाशमण्डल पर विराजमान है; और पृथ्वी के रहने वाले टिड्डी के तुल्य है; जो आकाश को मलमल की नाईं फैलाता और ऐसा तान देता है जैसा रहने के लिये तम्बू ताना जाता है" (यशायाह 40:22)।

   आज चाहे हम परमेश्वर द्वारा बनाई जा रही इस कलाकृति का अन्तिम स्वरूप नहीं देख अथवा समझ पाते हैं, लेकिन फिर भी हम उसके कार्य में उसके निर्देशानुसार लगे रहते हैं, इस विश्वास के साथ कि हम एक अद्भुत कलाकृति का भाग हैं - ना केवल उसके बनाने में वरन उस कलाकृति में भी। अन्ततः वह एक ऐसी कलाकृति होगी जो बनेगी तो पृथ्वी पर, परन्तु देखी जाएगी स्वर्ग से। - जूली ऐकैरमैन लिंक


परमेश्वर हमें अपनी महान कलाकृति को बनाने में प्रयुक्त कर रहा है।

क्योंकि हम परमेश्वर के सहकर्मी हैं; तुम परमेश्वर की खेती और परमेश्वर की रचना हो। - 1 कुरिन्थियों 3:9 

बाइबल पाठ: यशायाह 40:21-31
Isaiah 40:21 क्या तुम नहीं जानते? क्या तुम ने नहीं सुना? क्या तुम को आरम्भ ही से नहीं बताया गया? क्या तुम ने पृथ्वी की नेव पड़ने के समय ही से विचार नहीं किया? 
Isaiah 40:22 यह वह है जो पृथ्वी के घेरे के ऊपर आकाशमण्डल पर विराजमान है; और पृथ्वी के रहने वाले टिड्डी के तुल्य है; जो आकाश को मलमल की नाईं फैलाता और ऐसा तान देता है जैसा रहने के लिये तम्बू ताना जाता है; 
Isaiah 40:23 जो बड़े बड़े हाकिमों को तुच्छ कर देता है, और पृथ्वी के अधिकारियों को शून्य के समान कर देता है।
Isaiah 40:24 वे रोपे ही जाते, वे बोए ही जाते, उनके ठूंठ भूमि में जड़ ही पकड़ पाते कि वह उन पर पवन बहाता और वे सूख जाते, और आंधी उन्हें भूसे की नाईं उड़ा ले जाती है।
Isaiah 40:25 सो तुम मुझे किस के समान बताओगे कि मैं उसके तुल्य ठहरूं? उस पवित्र का यही वचन है। 
Isaiah 40:26 अपनी आंखें ऊपर उठा कर देखो, किस ने इन को सिरजा? वह इन गणों को गिन गिनकर निकालता, उन सब को नाम ले ले कर बुलाता है? वह ऐसा सामर्थी और अत्यन्त बली है कि उन में से कोई बिना आए नहीं रहता।
Isaiah 40:27 हे याकूब, तू क्यों कहता है, हे इस्राएल तू क्यों बोलता है, मेरा मार्ग यहोवा से छिपा हुआ है, मेरा परमेश्वर मेरे न्याय की कुछ चिन्ता नहीं करता? 
Isaiah 40:28 क्या तुम नहीं जानते? क्या तुम ने नहीं सुना? यहोवा जो सनातन परमेश्वर और पृथ्वी भर का सिरजनहार है, वह न थकता, न श्रमित होता है, उसकी बुद्धि अगम है। 
Isaiah 40:29 वह थके हुए को बल देता है और शक्तिहीन को बहुत सामर्थ देता है। 
Isaiah 40:30 तरूण तो थकते और श्रमित हो जाते हैं, और जवान ठोकर खाकर गिरते हैं; 
Isaiah 40:31 परन्तु जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वे नया बल प्राप्त करते जाएंगे, वे उकाबों की नाईं उड़ेंगे, वे दौड़ेंगे और श्रमित न होंगे, चलेंगे और थकित न होंगे।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 51-52
  • इब्रानियों 9


Friday, November 11, 2016

ज्योति


   अमेरिका के गृह युद्ध (1861-1865) से पूर्व, भगोड़े दास "भूमिगत रेलमार्ग" का अनुसरण करके स्वतंत्रता प्राप्त करते थे। "भूमिगत रेलमार्ग" दास प्रथा का पालन करने वाले दक्षिणी अमेरिका से, दास प्रथा से मुक्ति दिलाने की आवाज़ बुलन्द करने वाले उत्तरी अमेरिका तक जाने के गुप्त मार्गों और उनकी सहायता करने वाले दासत्व-विरोधियों के लिए प्रयुक्त होने वाली एक उक्ति थी। भगोड़े दास उत्तरी अमेरिका पहुँचने के लिए रात भर अनेकों मील चलते थे, उनको सही मार्ग पर बने रहने का मार्गदर्शन तारामण्डल में सप्तर्षि से मिलता था, जो ध्रुव तारे की ओर संकेत करता था। कुछ लोग यह भी मानते हैं कि मार्ग के दिशानिर्देषों का उन्होंने सांकेतिक भाषा में एक गीत भी बना लिया था, जिसे वे गाते और मार्ग को पहचानते जाते थे, ताकि खो ना जाएं। सप्तर्षि तारामण्डल और दासत्व-विरोधी सहायक उन के लिए दासत्व के जीवन से मुक्ति के जीवन का मार्ग दिखाने का कार्य करने वाली ज्योति थे।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने हम मसीही विश्वासियों को जगत की ज्योति बनकर चमकने का आहवाहन किया है (फिलिप्पियों 2:15), जिससे संसार भर में जो भी लोग परमेश्वर के सत्य, पाप से छुटकारा और आत्मिक स्वतंत्रता के खोजी हैं वे सही मार्ग पा सकें, उस पर बने रह सकें।

   हम पाप और बुराई के अन्धकार से भरे संसार में रहते हैं, एक ऐसे संसार में जिसे प्रभु यीशु की ज्योति को देखने और उससे पाप तथा अनन्त विनाश से स्वतंत्रता पा लेने की बहुत आवश्यकता है। हमारी बुलाहट परमेश्वर के सत्य को संसार के सामने चमकाना है, जिससे लोग अनन्त जीवन, उद्धार और आत्मिक स्वतंत्रता के मार्ग की ओर आ सकें, और यह सब पाने के लिए प्रभु तक पहुँच सकें। हम मसीह यीशु की ओर, जो एकमात्र सच्चा मार्ग, संपूर्ण सत्य तथा अनन्त आशीश का जीवनदायक है (यूहन्ना 14:6) संकेत करने वाले लोग हैं; हमें इस संसार में प्रभु की ज्योति बनकर चमकना है। - डेनिस फिशर


प्रभु यीशु की ज्योति को प्रतिबिंबित करके संसार को रौशन कर दें।

यीशु ने उस से कहा, मार्ग और सच्चाई और जीवन मैं ही हूं; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुंच सकता। - यूहन्ना 14:6

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 2:12-18
Philippians 2:12 सो हे मेरे प्यारो, जिस प्रकार तुम सदा से आज्ञा मानते आए हो, वैसे ही अब भी न केवल मेरे साथ रहते हुए पर विशेष कर के अब मेरे दूर रहने पर भी डरते और कांपते हुए अपने अपने उद्धार का कार्य पूरा करते जाओ। 
Philippians 2:13 क्योंकि परमेश्वर ही है, जिस ने अपनी सुइच्‍छा निमित्त तुम्हारे मन में इच्छा और काम, दोनों बातों के करने का प्रभाव डाला है। 
Philippians 2:14 सब काम बिना कुड़कुड़ाए और बिना विवाद के किया करो। 
Philippians 2:15 ताकि तुम निर्दोष और भोले हो कर टेढ़े और हठीले लोगों के बीच परमेश्वर के निष्‍कलंक सन्तान बने रहो, (जिन के बीच में तुम जीवन का वचन लिये हुए जगत में जलते दीपकों की नाईं दिखाई देते हो)। 
Philippians 2:16 कि मसीह के दिन मुझे घमण्‍ड करने का कारण हो, कि न मेरा दौड़ना और न मेरा परिश्रम करना व्यर्थ हुआ। 
Philippians 2:17 और यदि मुझे तुम्हारे विश्वास के बलिदान और सेवा के साथ अपना लोहू भी बहाना पड़े तौभी मैं आनन्‍दित हूं, और तुम सब के साथ आनन्द करता हूं। 
Philippians 2:18 वैसे ही तुम भी आनन्‍दित हो, और मेरे साथ आनन्द करो।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 50
  • इब्रानियों 8


Thursday, November 10, 2016

अनुसरण


   मेरा एक मित्र भ्रमण के लिए यरुशालेम गया हुआ था, वहाँ उसने एक वृद्ध रब्बी (यहूदी धर्मगुरु) को यरुशालेम की प्रसिद्ध Wailing Wall के पास से चलकर जाते हुए देखा। उस दृश्य की रोचक बात वह रब्बी नहीं वरन उसके पीछे चलने वाले पाँच जवान थे। वे पाँचों भी अपने रब्बी के समान झुक कर, लंगड़ा कर चल रहे थे। कोई भी रूढ़िवादी यहूदी उन्हें देखकर समझ लेता कि वे क्यों अपने गुरु की नकल कर रहे थे - वे अनुयायी थे।

   यहूदी मत के इतिहास में एक यहूदी जवान के लिए सबसे आदरणीय बात होती थी कि वह अपने स्थानीय रब्बी का अनुयायी बन सके। ये अनुयायी रब्बी के चरणों पर बैठकर उससे सीखते थे। वे रब्बी के शब्दों, हाव-भाव और परिस्थित्यों तथा अन्य लोगों के प्रति उसके प्रत्युत्तर का अध्ययन करते। एक अनुयायी अपने रब्बी की सेवा के लिए छोटे से छोटा कार्य करने को बड़े आदर की बात मानता था। क्योंकि वे अपने रब्बी का सम्मान करते थे इसलिए उसके समान बनने के लिए दृढ़ निश्चय रखते थे।

   जब प्रभु यीशु ने चेलों को अपने पीछे हो लेने के लिए बुलाया (मत्ती 4:19), तो यह उनके जीवन बदल देने के लिए उसका निमंत्रण था, जिससे वे प्रभु के समान बन सकें और उद्धारकर्ता के खोजियों के प्रति प्रभु के समान ही मनोभाव रख सकें। प्रभु का अनुयायी होने का उच्च आदर हमारे जीवनों से भी प्रदर्शित होना चाहिए। संसार हम पर नज़र लगाए हुए है, इसलिए हमें भी प्रभु यीशु के समान ही वार्तालाप, विचार और व्यवहार रखना चाहिए - प्रभु यीशु ने, जो हमारा रब्बी, हमारा गुरु हमारा उद्धारकर्ता परमेश्वर है, हमें संसार के सम्मुख अपना अनुसरण करने के लिए बुलाया है। - जो स्टोवैल


प्रभु यीशु का अनुसरण करें और सारे संसार को जान लेने दें कि वह आपका रब्बी है।

यीशु ने उन के पास आकर कहा, कि स्वर्ग और पृथ्वी का सारा अधिकार मुझे दिया गया है। इसलिये तुम जा कर सब जातियों के लोगों को चेला बनाओ और उन्हें पिता और पुत्र और पवित्रआत्मा के नाम से बपतिस्मा दो। और उन्हें सब बातें जो मैं ने तुम्हें आज्ञा दी है, मानना सिखाओ: और देखो, मैं जगत के अन्‍त तक सदैव तुम्हारे संग हूं। - मत्ती 28:18-20

बाइबल पाठ: मत्ती 4:17-25
Matthew 4:17 उस समय से यीशु प्रचार करना और यह कहना आरम्भ किया, कि मन फिराओ क्योंकि स्वर्ग का राज्य निकट आया है। 
Matthew 4:18 उसने गलील की झील के किनारे फिरते हुए दो भाइयों अर्थात शमौन को जो पतरस कहलाता है, और उसके भाई अन्द्रियास को झील में जाल डालते देखा; क्योंकि वे मछवे थे। 
Matthew 4:19 और उन से कहा, मेरे पीछे चले आओ, तो मैं तुम को मनुष्यों के पकड़ने वाले बनाऊंगा। 
Matthew 4:20 वे तुरन्त जालों को छोड़कर उसके पीछे हो लिए। 
Matthew 4:21 और वहां से आगे बढ़कर, उसने और दो भाइयों अर्थात जब्‍दी के पुत्र याकूब और उसके भाई यूहन्ना को अपने पिता जब्‍दी के साथ नाव पर अपने जालों को सुधारते देखा; और उन्हें भी बुलाया 
Matthew 4:22 वे तुरन्त नाव और अपने पिता को छोड़कर उसके पीछे हो लिए।
Matthew 4:23 और यीशु सारे गलील में फिरता हुआ उन की सभाओं में उपदेश करता और राज्य का सुसमाचार प्रचार करता, और लोगों की हर प्रकार की बीमारी और दुर्बल्ता को दूर करता रहा। 
Matthew 4:24 और सारे सूरिया में उसका यश फैल गया; और लोग सब बीमारों को, जो नाना प्रकार की बीमारियों और दुखों में जकड़े हुए थे, और जिन में दुष्टात्माएं थीं और मिर्गी वालों और झोले के मारे हुओं को उसके पास लाए और उसने उन्हें चंगा किया। 
Matthew 4:25 और गलील और दिकापुलिस और यरूशलेम और यहूदिया से और यरदन के पार से भीड़ की भीड़ उसके पीछे हो ली।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 48-49
  • इब्रानियों 7


Wednesday, November 9, 2016

दीवारें


   दूसरे विश्वयुद्ध के बाद के वर्षों को "शीत युद्ध" का समय कहा जाता है, जिसमें देश एक-दूसरे को डराने-धमकाने और वर्चस्व के लिए एक-दूसरे पर पैंतरे आज़माते रहे। इस सुलगते हुए वैमनस्य का एक चिन्ह था बर्लिन शहर को विभाजित करने वाली दीवार, जिसे अगस्त 1961 में खड़ा किया गया, और जो लगभग तीन दशक तक शीत युद्ध का प्रबल चिन्ह बनी रही। फिर 9 नवंबर 1989 को यह घोषणा करी गई कि उस दीवार की पूर्व और पश्चिम, दोनों ओर रहने वाले नागरिक स्वतंत्रता पूर्वक दीवार के पार एक दूसरे के पास आ-जा सकते हैं। इसके एक वर्ष पश्चात उस दीवार को गिरा दिया गया।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में यूसुफ के जीवन का वृतांत दिया गया है जो चिर-परिचित है। युसुफ अपने पिता का दुलारा बेटा था जिस कारण उसके अन्य भाई उससे ईर्ष्या तथा बैर करते थे (उत्पत्ति 37-50)। उन भाईयों मे अवसर पाकर यूसुफ को गुलामी में बेच दिया और पिता से झूठ बोल दिया कि यूसुफ को किसी जानवर ने मार डाला है। लेकिन यूसुफ ने अपने तथा अपने भाईयों के बीच बैर की दीवार खड़ी नहीं करी। वर्षों पश्चात, परमेश्वर की अद्भुत योजना और तरीकों से यूसुफ मिस्त्र का प्रधानमंत्री बन गया और जब उस इलाके में भयानक अकाल पड़ा तो यूसुफ के भाई, जो उसके बारे में अब कुछ नहीं जानते थे, उसके पास मिस्त्र में भोजन लेने आए। यूसुफ ने उन से दया और प्रेम का ही बर्ताव किया, उन्हें अपने पास मिस्त्र में रहने के लिए बुलाया और उनकी आशंकाओं को शांत करते तथा अपने संबंध को दृढ़ करते हुए उन से कहा, "यद्यपि तुम लोगों ने मेरे लिये बुराई का विचार किया था; परन्तु परमेश्वर ने उसी बात में भलाई का विचार किया, जिस से वह ऐसा करे, जैसा आज के दिन प्रगट है, कि बहुत से लोगों के प्राण बचे हैं। सो अब मत डरो: मैं तुम्हारा और तुम्हारे बाल-बच्चों का पालन पोषण करता रहूंगा; इस प्रकार उसने उन को समझा बुझाकर शान्ति दी" (उत्पत्ति 50:20-21)।

   मनुष्यों द्वारा बनाई गई एक दमनात्मक दीवार 25 वर्ष से भी अधिक पहले ढा दी गई, जिससे वहाँ के निवासियों को परस्पर मिलने की स्वतंत्रता और परिवारों को फिर से एक हो जाने अवसर मिल गया। यदि आपने किसी के साथ क्रोध और विभाजन करने वाली कोई दीवारें खड़ी कर लीं हैं, तो परमेश्वर की सहायता से उन्हें ढा दें और प्रेम के साथ अपने संबंधों को पुनःस्थापित कर लें। - डेविड मैक्कैसलैंड


क्रोध तथा बैर जो दीवारें खड़ी करते हैं, प्रेम उन्हें गिरा देता है।

प्रेम धीरजवन्‍त है, और कृपाल है; प्रेम डाह नहीं करता; प्रेम अपनी बड़ाई नहीं करता, और फूलता नहीं। वह अनरीति नहीं चलता, वह अपनी भलाई नहीं चाहता, झुंझलाता नहीं, बुरा नहीं मानता। कुकर्म से आनन्‍दित नहीं होता, परन्तु सत्य से आनन्‍दित होता है। वह सब बातें सह लेता है, सब बातों की प्रतीति करता है, सब बातों की आशा रखता है, सब बातों में धीरज धरता है। - 1 कुरिन्थियों 13:4-7

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 50:15-21
Genesis 50:15 जब यूसुफ के भाइयों ने देखा कि हमारा पिता मर गया है, तब कहने लगे, कदाचित यूसुफ अब हमारे पीछे पड़े, और जितनी बुराई हम ने उस से की थी सब का पूरा पलटा हम से ले। 
Genesis 50:16 इसलिये उन्होंने यूसुफ के पास यह कहला भेजा, कि तेरे पिता ने मरने से पहिले हमें यह आज्ञा दी थी, 
Genesis 50:17 कि तुम लोग यूसुफ से इस प्रकार कहना, कि हम बिनती करते हैं, कि तू अपने भाइयों के अपराध और पाप को क्षमा कर; हम ने तुझ से बुराई तो की थी, पर अब अपने पिता के परमेश्वर के दासों का अपराध क्षमा कर। उनकी ये बातें सुनकर यूसुफ रो पड़ा।
Genesis 50:18 और उसके भाई आप भी जाकर उसके साम्हने गिर पड़े, और कहा, देख, हम तेरे दास हैं। 
Genesis 50:19 यूसुफ ने उन से कहा, मत डरो, क्या मैं परमेश्वर की जगह पर हूं? 
Genesis 50:20 यद्यपि तुम लोगों ने मेरे लिये बुराई का विचार किया था; परन्तु परमेश्वर ने उसी बात में भलाई का विचार किया, जिस से वह ऐसा करे, जैसा आज के दिन प्रगट है, कि बहुत से लोगों के प्राण बचे हैं। 
Genesis 50:21 सो अब मत डरो: मैं तुम्हारा और तुम्हारे बाल-बच्चों का पालन पोषण करता रहूंगा; इस प्रकार उसने उन को समझा बुझाकर शान्ति दी।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 46-47
  • इब्रानियों 6