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शनिवार, 26 नवंबर 2016

पकड़ो


   बहुत साल पहले, मैंने अपने बेटों के साथ मोन्टाना प्रांत की मैडिसन नदी में मछली पकड़ने और घूमने का आनन्द लिया; हमारे साथ सहायता के लिए वहाँ के दो व्यक्ति भी थे जो हमारे लिए नाव चला रहे थे, हमारा मार्ग-दर्शन कर रहे थे और मछली पकड़ने में हमारी सहायता कर रहे थे। जो सहायक मेरे साथ था, वह सारी उम्र उस नदी पर रहा था, और अच्छे से जानता था कि बड़ी ट्राउट मछलियाँ कहाँ होती हैं। वह शाँत रहने वाला व्यक्ति था और जितना समय वह हमारे साथ रहा उसने मुश्किल से दो दर्जन शब्द ही बोले होंगे, लेकिन उन थोड़े से शब्दों ने मेरे दिन बना दिए।

   हम अशांत पानी में छोटे चारे से मछली पकड़ रहे थे। मेरी दृष्टि भी पहले के मुकाबले कमज़ोर हो चुकी थी, और इस कारण बहुत सी मछलियाँ मेरे हाथ से निकल जा रही थीं। यह देखकर मेरे सहायक ने, जो धैर्य की प्रतिमूर्ति भी था, मुझे सचेत करना आरंभ किया; जैसे ही वह मछली को चारे की ओर बढ़ते देखता वह फुसफुसा कर बोलता, "पकड़ो"। जैसे ही मैं उसका संकेत सुनता, मैं अपनी बंसी का अगला भाग उठा लेता और मछली भी उस चारे के पीछे फंसी हुई उठी चली आती।

   मैंने अनेकों बार उस सहायक के बारे में और प्रभु यीशु द्वारा अपने शिष्यों को मनुष्यों का मछुआरा (मत्ती 4:18-19), कहने के बारे में सोचा है। हमारे पास प्रतिदिन लोगों को प्रभु के पास लाने के अनेकों अवसर होते हैं - लोग जो हमारे आसपास कुछ ऐसी "चीज़" को ढूँढ़ते हुए घूमते हैं जिसके लिए वे बेचैन हैं, जो उन्हें शान्ति दे सके। शान्ति के खोजी ऐसे लोगों को प्रभु यीशु, उसके प्रेम और उसमें मिलने वाली आशा तथा अनन्त शान्ति के बारे में बताना ही वे अवसर हैं जिन्हें यदि हम सचेत ना किए जाएं तो नज़रंदाज़ कर देंगे, अवसर को गवाँ देंगे।

   प्रत्येक के हृदय और आवश्यकता को जानने वाला हमारा महान प्रभु परमेश्वर हमें ऐसे मन और हृदय दे कि हम उसकी फुसफुसाहट को सुन सकें, और जब वह कहे "पकड़ो" तो उसके निर्देशों का पालन करें। - डेविड रोपर


जब भी परमेश्वर का आत्मा उभारे, उस के कहे अनुसार कार्य करें।

उसने गलील की झील के किनारे फिरते हुए दो भाइयों अर्थात शमौन को जो पतरस कहलाता है, और उसके भाई अन्द्रियास को झील में जाल डालते देखा; क्योंकि वे मछवे थे। और उन से कहा, मेरे पीछे चले आओ, तो मैं तुम को मनुष्यों के पकड़ने वाले बनाऊंगा। - मत्ती 4:18-19

बाइबल पाठ: लूका 5:1-10
Luke 5:1 जब भीड़ उस पर गिरी पड़ती थी, और परमेश्वर का वचन सुनती थी, और वह गन्नेसरत की झील के किनारे पर खड़ा था, तो ऐसा हुआ। 
Luke 5:2 कि उसने झील के किनारे दो नावें लगी हुई देखीं, और मछुवे उन पर से उतरकर जाल धो रहे थे। 
Luke 5:3 उन नावों में से एक पर जो शमौन की थी, चढ़कर, उसने उस से बिनती की, कि किनारे से थोड़ा हटा ले चले, तब वह बैठकर लोगों को नाव पर से उपदेश देने लगा। 
Luke 5:4 जब वे बातें कर चुका, तो शमौन से कहा, गहिरे में ले चल, और मछिलयां पकड़ने के लिये अपने जाल डालो। 
Luke 5:5 शमौन ने उसको उत्तर दिया, कि हे स्‍वामी, हम ने सारी रात मेहनत की और कुछ न पकड़ा; तौभी तेरे कहने से जाल डालूंगा। 
Luke 5:6 जब उन्होंने ऐसा किया, तो बहुत मछिलयां घेर लाए, और उन के जाल फटने लगे। 
Luke 5:7 इस पर उन्होंने अपने साथियों को जो दूसरी नाव पर थे, संकेत किया, कि आकर हमारी सहायता करो: और उन्होंने आकर, दोनों नाव यहां तक भर लीं कि वे डूबने लगीं। 
Luke 5:8 यह देखकर शमौन पतरस यीशु के पांवों पर गिरा, और कहा; हे प्रभु, मेरे पास से जा, क्योंकि मैं पापी मनुष्य हूं। 
Luke 5:9 क्योंकि इतनी मछिलयों के पकड़े जाने से उसे और उसके साथियों को बहुत अचम्भा हुआ। 
Luke 5:10 और वैसे ही जब्‍दी के पुत्र याकूब और यूहन्ना को भी, जो शमौन के सहभागी थे, अचम्भा हुआ: तब यीशु ने शमौन से कहा, मत डर: अब से तू मनुष्यों को जीवता पकड़ा करेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजेकल 27-29
  • 1 पतरस 3


शुक्रवार, 28 जनवरी 2011

ब्लोफिश जैसी पृवर्ती

एक समुद्री मछली - ब्लोफिश, मछुआरों के लिये कोई उपयोगिता नहीं रखती। ब्लोफिश का मुँह तो बड़ा सा होता है लेकिन शरीर जीर्ण चमड़े जैसा दिखने वाला और झुर्रीदार होता है। जब इस उलटा करके उसे ज़रा सा गुदगुदाओ तो वह अपने अन्दर हवा भर कर गेंद की तरह बड़ा सा गोलाकार स्वरूप ले लेती है।

कुछ लोग भी ऐसे ही हो सकते हैं - अपनी बघारने के लिये बड़ा मुँह किंतु अनाकर्षक जीवन। उनकी ज़रा सी प्रशंसा कीजिये, थोड़ा सा उनके अहम को गुदगुदाइये और वे फूल कर कुप्पा हो जाते हैं, घमंड से भर जाते हैं। वे फूली हुई ब्लोफिश के समान ही होते हैं - केवल दिखने में बड़े परन्तु अन्दर से केवल हवा। उनमें कुछ भी सार्थक नहीं होता।

यह व्याधि और भी कई रूप ले लेती है जिनके परिणाम बहुत गंभीर होते हैं। उदाहरण स्वरूप उन मसीही लोगों को देखिये जिन्हें पौलुस प्रेरित ने १ कुरिन्थियों ५ अध्याय में संबोधित किया - वे व्यभिचार से समझौता करे बैठे थे। अपने मध्य में विद्यमान ऐसे पाप पर दुखी होने कि बजाए, वे उसपर घमंड कर रहे थे (१ कुरिन्थियों ५:२)। यह उनकी आत्मिक अपरिपक्क्वता और उनमें विद्यमान शारीरिकता के लक्षण थे - उन बातों के लिये गर्व करना जिनके लिये दुखी होना चाहिये।

परमेश्वर चाहता है कि हम मसीह में बने रहें न कि घमंड में। परमेश्वर की सन्तान का व्यवहार लगातार वैसा होना चाहिये जैसा पौलुस ने फिलिप्पियों को लिखा था। उसने कहा "विरोध या झूठी बड़ाई के लिये कुछ न करो पर दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्‍छा समझो।" (फिलिप्पियों २:३)

यदि हम इस बात को गंभीरता से लेंगे और मानेंगे तो हमारे जीवनों में ब्लोफिश जैसी पृवर्ती नहीं होगी। - पौल वैन गौर्डर


हम अपना आकार जितना छोटा करेंगे, अपना काम करने के लिये परमेश्वर को उतना स्थान अधिक मिलेगा।

विरोध या झूठी बड़ाई के लिये कुछ न करो पर दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्‍छा समझो। - फिलिप्पियों २:३


बाइबल पाठ: फिलिप्पियों २:१-८

सो यदि मसीह में कुछ शान्‍ति और प्रेम से ढाढ़स और आत्मा की सहभागिता, और कुछ करूणा और दया है।
तो मेरा यह आनन्‍द पूरा करो कि एक मन रहो और एक ही प्रेम, एक ही चित्त, और एक ही मनसा रखो।
विरोध या झूठी बड़ाई के लिये कुछ न करो पर दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्‍छा समझो।
हर एक अपनी ही हित की नहीं, बरन दूसरों के हित की भी चिन्‍ता करे।
जैसा मसीह यीशु का स्‍वभाव था वैसा ही तुम्हारा भी स्‍वभाव हो।
जिस ने परमेश्वर के स्‍वरूप में होकर भी परमेश्वर के तुल्य होने को अपने वश में रखने की वस्‍तु न समझा।
वरन अपने आप को ऐसा शून्य कर दिया, और दास का स्‍वरूप धारण किया, और मनुष्य की समानता में हो गया।
और मनुष्य के रूप में प्रगट होकर अपने आप को दीन किया, और यहां तक आज्ञाकारी रहा, कि मृत्यु, हां, क्रूस की मृत्यु भी सह ली।

एक साल में बाइबल:
  • निर्गमन १९-२०
  • मत्ती १८:२१-३५

सोमवार, 17 जनवरी 2011

आता तूफान

मैं अपने मित्र के साथ झील में नाव में था और हम मछली पकड़ रहे थे। अचानक दूर हमने बादलों की गड़गड़ाहट की आवाज़ सुनी। वह आने वाले तूफान की चेतावनी थी। मुझे लगा कि अभी तूफान के आने में देर है, इसलिये मैं ने अपने अपने मित्र की बात पर ध्यान नहीं दिया कि हमें शीघ्र वापस किनारे पहुंच कर घर की ओर चल देना चाहिये। मैं सोच रहा था कि तूफान दिशा बदल कर हम से दूर निकल जाएगा। तभी परिस्थिति अचानक बदल गई, हवा में तेज़ी आ गई और हमारे ऊपर आकाश में बादल भरने लगे। यह देखकर हमने अपनी नाव के इंजन को चालू करने की कोशिश करी परन्तु वह नहीं चला। मेरा मित्र अपनी पूरी शक्ति से नाव खेने लगा और मैं इंजन चालू करने के प्रयास करता रहा। पानी में ऊंची लहरें उठने लगीं और तेज़ बारिश आरंभ हो गई, और तूफान की तेज़ हवा हमारी नाव को पतझड़ के पत्ते की तरह डगमगाने लगी। बड़ी मुशकिल से हम सही सलामत किनारे पहुंच पाए।

इस अनुभव ने मुझे एक बहुमूल्य शिक्षा और बड़ा सन्देश सिखाया - न्याय का दिन आ रहा है! वह दिन कहीं दूर प्रतीत तो हो सकता है, लेकिन वह अचानक ऊपर आ पड़ेगा और उस समय बचाव का कोई मार्ग नहीं रहेगा। जिन बातों पर हम अपनी सुरक्षा के लिये आज भरोसा करते हैं वे ऐन मौके पर मिथ्या सबित हो जाएंगी और हम गंभीर खतरे में पड़ जाएंगे।

जीवन के अन्त और न्याय के लक्षणों को पहिचन कर उनके प्रति जागृत रहने में ही सच्ची बुद्धिमानी है। अपने काम पर निकलने से पहले आज दर्पण में अपने आप को ग़ौर से देखिये और उन चिन्हों को पहिचानने का प्रयास कीजिए। सफेद होते बाल, चेहरे पर आती झुर्रियां, जोड़ों में बढ़ती अकड़ाहट और दुखन, काम करने से सांस का तेज़ हो जाना, कभी कभी चक्कर आ जाना, ये सब उस आने वाले ’तूफान’ के लक्षण हैं जो एक न एक दिन घेर ही लेगा।

इससे पहले कि बहुत देर हो जाए क्यों न मसीह यीशु में अपना शरणस्थान बना लें और सुरक्षित हो जाएं? अपने ’इंजन’ और अपनी ’नाव खेने’ की शक्ति पर भरोसा न रखें, ये न जाने कब धोखा दे जाएं। - एम. आर. डी हॉन


जब तक हम मृत्यु और मृत्यु के पश्चात के लिये तैयार न हों, हम जीने के लिये भी तैयार नहीं हैं।

...मनुष्यों के लिये एक बार मरना और उसके बाद न्याय का होना नियुक्त है। - इब्रानियों ९:२७


बाइबल पाठ: नीतिवचन २९:१-६

जो बार बार डांटे जाने पर भी हठ करता है, वह अचानक नाश हो जाएगा और उसका कोई भी उपाय काम न आएगा।
जब धर्मी लोग शिरोमणि होते हैं, तब प्रजा आनन्दित होती है; परन्तु जब दुष्ट प्रभुता करता है तब प्रजा हाथ मारती है।
जो पुरूष बुद्धि से प्रीति रखता है, अपने पिता को आनन्दित करता है; परन्तु वेश्याओं की संगति करने वाला धन को उड़ा देता है।
राजा न्याय से देश को स्थिर करता है, परन्तु जो बहुत घूस लेता है उसको उलट देता है।
जो पुरूष किसी से चिकनी चुपड़ी बातें करता है, वह उसके पैरों के लिये जाल लगाता है।
बुरे मनुष्य का अपराध फन्दा होता है, परन्तु धर्मी आनन्दित हो कर जयजयकार करता है।

एक साल में बाइबल:
  • उत्पत्ति ४१-४२
  • मत्ती १२:१-२३