ई-मेल संपर्क / E-Mail Contact

इन संदेशों को ई-मेल से प्राप्त करने के लिए अपना ई-मेल पता इस ई-मेल पर भेजें : rozkiroti@gmail.com / To Receive these messages by e-mail, please send your e-mail id to: rozkiroti@gmail.com

शुक्रवार, 22 मई 2015

आवश्यकताएं


   भोजन मेरे लिए जीवन की आवश्यकता से बढ़कर जीवन का एक अति आनन्दायक भाग है। मुझे बहुत अच्छा लगता है जब मैं अच्छे से बनाए गए भोजन का आनन्द लेने बैठता हूँ, विशेषकर तब जब मैं भूखा होता हूँ। मेरे विचार से प्रभु यीशु के चेले भी, जब वे लौट कर उस कूएं पर आए जहाँ प्रभु यीशु उस सामरी स्त्री से वार्तालाप कर रहा था, भोजन के लिए भूखे थे। जब उन्होंने प्रभु से आग्रह किया कि वह भोजन ग्रहण कर ले, तो प्रभु ने उनसे कहा के उसके पास ऐसा भोजन है जिसके बारे में वे नहीं जानते; यह उत्तर सुनकर उन चेलों को लगा कि किसी अन्य ने आकर प्रभु को भोजन दिया है (यूहन्ना 4:31-33)।

   मुझे ऐसा भी लगता है कि वे चेले भोजन के बारे में सोचने में इतने व्यस्त थे कि उन्हें उसके आगे कुछ सूझ ही नहीं पड़ रहा था। जो वहाँ उस कूएं पर घटित हो रहा था, वे उस बात के महत्व से बिलकुल अनभिज्ञ थे। प्रभु यीशु के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात थी, "...मेरा भोजन यह है, कि अपने भेजने वाले की इच्छा के अनुसार चलूं और उसका काम पूरा करूं" (यूहन्ना 4:34); और जब चेले लौट कर उस कुएं पर आए, उस समय प्रभु का पूरा ध्यान उस सामरी स्त्री की आत्मिक आवश्यकताओं पर केंद्रित था, क्योंकि उस स्त्री की वह आत्मिक आवश्यकता केवल प्रभु ही पूरी कर सकता था।

   तत्कालीन आवश्यकताओं में उलझ कर अन्य बातों को नज़रन्दाज़ कर देना सरल होता है; लेकिन हमारा उद्धारकर्ता प्रभु परमेश्वर हमें अपनी व्यक्तिगत आवश्यकताओं से आगे निकल कर उन लोगों की आवश्यकताओं के बारे में भी सोचने को कहता है जो अपने जीवन की गहरी आत्मिक ज़रूरतों के उत्तर खोज रहे हैं, उत्तर जो केवल प्रभु यीशु के पास हैं।

   इसलिए प्रभु यीशु के साथ मिलकर चलें, और उसकी सामर्थ तथा मार्गदर्शन से दूसरों तक उस आत्मिक भोजन के सन्देश को पहुँचाएं जिसकी उन्हें आवश्यकता है; ऐसी आवश्यकता जो केवल प्रभु यीशु में ही पूरी हो सकती है। - जो स्टोवैल


अपने आस-पास के लोगों की आवश्यकताओं के निवारण का माध्यम बनने के लिए लालायित रहें।

यीशु ने उन से कहा, जीवन की रोटी मैं हूं: जो मेरे पास आएगा वह कभी भूखा न होगा और जो मुझ पर विश्वास करेगा, वह कभी प्यासा न होगा। - यूहन्ना 6:35

बाइबल पाठ: यूहन्ना 4:27-38
John 4:27 इतने में उसके चेले आ गए, और अचंभा करने लगे, कि वह स्त्री से बातें कर रहा है; तौभी किसी ने न कहा, कि तू क्या चाहता है? या किस लिये उस से बातें करता है।
John 4:28 तब स्त्री अपना घड़ा छोड़कर नगर में चली गई, और लोगों से कहने लगी।
John 4:29 आओ, एक मनुष्य को देखो, जिसने सब कुछ जो मैं ने किया मुझे बता दिया: कहीं यह तो मसीह नहीं है?
John 4:30 सो वे नगर से निकलकर उसके पास आने लगे।
John 4:31 इतने में उसके चेले यीशु से यह बिनती करने लगे, कि हे रब्बी, कुछ खा ले।
John 4:32 परन्तु उसने उन से कहा, मेरे पास खाने के लिये ऐसा भोजन है जिसे तुम नहीं जानते।
John 4:33 तब चेलों ने आपस में कहा, क्या कोई उसके लिये कुछ खाने को लाया है?
John 4:34 यीशु ने उन से कहा, मेरा भोजन यह है, कि अपने भेजने वाले की इच्छा के अनुसार चलूं और उसका काम पूरा करूं।
John 4:35 क्या तुम नहीं कहते, कि कटनी होने में अब भी चार महीने पड़े हैं? देखो, मैं तुम से कहता हूं, अपनी आंखे उठा कर खेतों पर दृष्टि डालो, कि वे कटनी के लिये पक चुके हैं।
John 4:36 और काटने वाला मजदूरी पाता, और अनन्त जीवन के लिये फल बटोरता है; ताकि बोने वाला और काटने वाला दोनों मिलकर आनन्द करें।
John 4:37 क्योंकि इस पर यह कहावत ठीक बैठती है कि बोने वाला और है और काटने वाला और।
John 4:38 मैं ने तुम्हें वह खेत काटने के लिये भेजा, जिस में तुम ने परिश्रम नहीं किया: औरों ने परिश्रम किया और तुम उन के परिश्रम के फल में भागी हुए।

एक साल में बाइबल: 

  • 1 इतिहास 16-18
  • यूहन्ना 7:28-53


गुरुवार, 21 मई 2015

परित्याग


   बहुत वर्ष पहले की बात है, मैं अपने पति के साथ वॉशिंगटन स्थित स्मिथ्सोनियन वायु तथा अन्तरिक्ष संग्रहालय देखने गई हुई थी। उस संग्रहालय में घूमते हुए हमने एक स्थान पर छोड़ा हुआ छोटे बच्चों को ले चलने वाला स्ट्रोलर देखा जिसके आस-पास कोई नहीं था। हमारा पहला अन्दाज़ा था कि उसके वज़नी होने के कारण अभिभावकों ने स्ट्रोलर को वहाँ छोड़ दिया और बच्चे को अपने साथ उठा कर घूम रहे थे। लेकिन उस स्ट्रोलर के निकट आने पर हमने देखा कि उसमें एक बच्चा सो रहा था। तुरंत ही हमारे अन्दर प्रश्न उठने लगे - उसके माता-पिता कहाँ हैं? उस बच्चे के साथ कोई क्यों नहीं है? क्या बच्चे का कोई भाई अथवा बहन या फिर उसकी देखभाल करने को नियुक्त कोई भी जन नहीं है? हम काफी देर तक उस बच्चे के स्ट्रोलर के पास घूमते रहे लेकिन कोई उसे अपनाने नहीं आया; अन्ततः हमने संग्रहालय के एक कर्मचारी को बुलाकर उसे परिस्थिति से अवगत कराया। उसके बारे में जो अन्तिम बात हम जानते हैं वह है कि उस बच्चे और स्ट्रोलर को किसी सुरक्षित स्थान पर ले जाया जा रहा था।

   उस अनुभव ने मुझे त्यागे जाने के बारे में सोचने पर विवश किया। यह जानना कि कोई आपके साथ नहीं है, आपके लिए नहीं है, आप बिलकुल अकेले हैं, किसी को आपकी ज़रा भी परवाह या चिंता नहीं है एक बहुत ही अभिभूत कर देने वाला कष्टदायक अनुभव है। किंतु चाहे लोग हमारा परित्याग कर दें, प्रत्येक मसीही विश्वासी को यह आश्वासन है कि परमेश्वर उसे कभी नहीं छोड़ेगा (व्यवस्थाविवरण 31:8); उसका प्रेम और उसकी उपस्थिति हमारे साथ सदा बनी रहेगी। हमारे तथा जगत के उद्धारकर्ता प्रभु यीशु ने अपने अनुयायियों से वायदा किया है, "...और देखो, मैं जगत के अन्‍त तक सदैव तुम्हारे संग हूं" (मत्ती 28:20)।

   प्रभु परमेश्वर अपने वायदों में कभी नहीं चूकता। चाहे औरों ने हमें किसी भी कारण से त्याग दिया हो, हम फिर भी इस बात में आश्वस्त रह सकते हैं कि परमेश्वर के प्रेम से हमें कोई परिस्थिति, कोई व्यक्ति, कोई बात अलग नहीं कर सकती (रोमियों 8:35-39); वह कभी भी हमारा परित्याग नहीं करेगा। - सिंडी हैस कैस्पर


परमेश्वर की साथ बनी उपस्थिति का आश्वासन ही हमारी शांति का स्त्रोत है।

और तेरे आगे आगे चलने वाला यहोवा है; वह तेरे संग रहेगा, और न तो तुझे धोखा देगा और न छोड़ देगा; इसलिये मत डर और तेरा मन कच्चा न हो। - व्यवस्थाविवरण 31:8

बाइबल पाठ: यशायाह 49:13-16
Isaiah 49:13 हे आकाश, जयजयकार कर, हे पृथ्वी, मगन हो; हे पहाड़ों, गला खोल कर जयजयकार करो! क्योंकि यहोवा ने अपनी प्रजा को शान्ति दी है और अपने दीन लोगों पर दया की है।
Isaiah 49:14 परन्तु सिय्योन ने कहा, यहोवा ने मुझे त्याग दिया है, मेरा प्रभु मुझे भूल गया है। 
Isaiah 49:15 क्या यह हो सकता है कि कोई माता अपने दूधपिउवे बच्चे को भूल जाए और अपने जन्माए हुए लड़के पर दया न करे? हां, वह तो भूल सकती है, परन्तु मैं तुझे नहीं भूल सकता। 
Isaiah 49:16 देख, मैं ने तेरा चित्र हथेलियों पर खोदकर बनाया है; तेरी शहरपनाह सदैव मेरी दृष्टि के साम्हने बनी रहती है।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 इतिहास 13-15
  • यूहन्ना 7:1-27


बुधवार, 20 मई 2015

आतिथ्य


   सन 1987 में मुझे कैलिफोर्निया के लौंग बीच क्षेत्र में सेवकाई के लिए स्थानान्तरित किया गया और हम सपरिवार वहाँ रहने के लिए पहुँचे। हमें हवाई अड्डे से हमारे नए घर तक ले जाने के लिए मेरी सहायक गाड़ी लेकर आई; हम जब हवाई अड्डे से निकलकर मुख्य मार्ग पर पहुँचे तो हमारे सामने वाली कार के पीछे लिखा दिखाई दिया: "कैलिफोर्निया में पधारने के लिए धन्यवाद...अब अपने घर वापस लौट जाईए!" इस वाक्य का दृष्टिकोण रखना किसी भी रीति से एक अच्छे आतिथ्य का दृष्टिकोण नहीं कहा जा सकता था।

   मैं सोचता हूँ कि कहीं अपने जीवनों से कभी हम भी जाने-अनजाने अपने आस-पास के लोगों को ऐसे ही नकारात्मक संकेत तो नहीं देते हैं? चाहे हम चर्च में हों या पड़ौसियों के साथ हों या किसी सामाजिक आयोजन में एकत्रित हुए हों, ऐसा हो सकता है कि हम लोगों को अपने हाव-भाव तथा बर्ताव से यह आभास दिलाएं कि उनका हमारे मध्य स्वागत नहीं है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में, रोमियों 2:13 में प्रेरित पौलुस ने अपने पाठकों को यह निर्देश दिए कि पहुनाई करने में लगे रहें। बाइबल में इब्रानियों के नाम लिखी गई पत्री तो इससे भी बढ़कर कहती है कि, "पहुनाई करना न भूलना, क्योंकि इस के द्वारा कितनों ने अनजाने स्‍वर्गदूतों की पहुनाई की है" (इब्रानियों 13:2)। जो लोग हमारे संपर्क में आते हैं उनके साथ अनुग्रहपूर्ण कृपा का बर्ताव करके हम मसीही विश्वासी अपने उद्धारकर्ता प्रभु यीशु मसीह का संपूर्ण संसार के उद्धार के लिए दिया गया निमंत्रण दोहराते हैं, जहाँ प्रभु ने कहा, "... जो प्यासा हो, वह आए और जो कोई चाहे वह जीवन का जल सेंतमेंत ले" (प्रकाशितवाक्य 22:17)।

   किसी को प्रेम पूर्वक आतिथ्य दिखाना उसके लिए परमेश्वर से मिलने वाले उद्धार एवं अनन्तकाल की आशीष का द्वार खोलने का माध्यम हो सकता है। इसलिए पहुनाई करने को कभी नज़रन्दाज़ ना करें। - बिल क्राऊडर


ऐसे जीएं कि जब लोग आपको जानें तो वे आपके प्रभु यीशु के बारे में जानने के लिए भी उत्सुक्त हो जाएं।

पवित्र लोगों को जो कुछ अवश्य हो, उस में उन की सहायता करो; पहुनाई करने मे लगे रहो। - रोमियों 2:13

बाइबल पाठ: प्रकाशितवाक्य 22:16-21
Revelation 22:16 मुझ यीशु ने अपने स्वर्गदूत को इसलिये भेजा, कि तुम्हारे आगे कलीसियाओं के विषय में इन बातों की गवाही दे: मैं दाऊद का मूल, और वंश, और भोर का चमकता हुआ तारा हूं। 
Revelation 22:17 और आत्मा, और दुल्हिन दोनों कहती हैं, आ; और सुनने वाला भी कहे, कि आ; और जो प्यासा हो, वह आए और जो कोई चाहे वह जीवन का जल सेंतमेंत ले। 
Revelation 22:18 मैं हर एक को जो इस पुस्‍तक की भविष्यद्वाणी की बातें सुनता है, गवाही देता हूं, कि यदि कोई मनुष्य इन बातों में कुछ बढ़ाए, तो परमेश्वर उन विपत्तियों को जो इस पुस्‍तक में लिखीं हैं, उस पर बढ़ाएगा। 
Revelation 22:19 और यदि कोई इस भविष्यद्वाणी की पुस्‍तक की बातों में से कुछ निकाल डाले, तो परमेश्वर उस जीवन के पेड़ और पवित्र नगर में से जिस की चर्चा इस पुस्‍तक में है, उसका भाग निकाल देगा। 
Revelation 22:20 जो इन बातों की गवाही देता है, वह यह कहता है, हां शीघ्र आने वाला हूं। आमीन। हे प्रभु यीशु आ। 
Revelation 22:21 प्रभु यीशु का अनुग्रह पवित्र लोगों के साथ रहे। आमीन।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 इतिहास 10-12
  • यूहन्ना 6:45-71


मंगलवार, 19 मई 2015

लगातार


   परमेश्वर के वचन बाइबल के नए नियम खण्ड की पाँचवी पुस्तक का शीर्षक है प्रेरितों के कार्य, और इस पुस्तक में प्रभु यीशु के अनुयायियों के नेतृत्व में आरंभ हुई सर्वप्रथम मसीही विश्वासी मण्डली के कार्यों का विवरण दिया गया है। कुछ बाइबल-विद्वानों का मानना है कि इस पुस्तक का अधिक उचित नाम पवित्र आत्मा के कार्य हो सकता है, क्योंकि परमेश्वर के पवित्र आत्मा ने ही उन अनुयायियों को प्रत्येक कठिनाई और परीक्षा के समय में सामर्थ प्रदान करा।

   प्रभु यीशु ने अपने स्वर्गारोहण से ठीक पहले अपने शिष्यों को निर्देश दिया, "परन्तु जब पवित्र आत्मा तुम पर आएगा तब तुम सामर्थ पाओगे; और यरूशलेम और सारे यहूदिया और सामरिया में, और पृथ्वी की छोर तक मेरे गवाह होगे" (प्रेरितों 1:8)। प्रभु यीशु के इन शब्दों के साथ, पृथ्वी पर परमेश्वर के कार्य का एक अध्याय समाप्त और एक नया अध्याय आरंभ हुआ; आज हम मसीही विश्वासी तब से लेकर आज तक लगातार चल रहे इस नए अध्याय के भाग हैं।

   प्रेरितों के कार्य नामक इस पुस्तक में पतरस, यूहन्ना, बरनबास, पौलुस, दोर्कस, लिडिया और अन्य अनेक प्रभु यीशु के अनुयायियों के विश्वासपूर्ण कार्यों एवं सेवकाई तथा मसीही विश्वासियों की मण्डली के आरंभिक दिनों में हुई बातों का वर्णन दिया गया है। ये सामान्य और साधारण से लोग परमेश्वर के पवित्र आत्मा से मिलने वाली सामर्थ के द्वारा परमेश्वर के प्रेम और सुसमाचार के प्रबल गवाह बने और उन्होंने परमेश्वर के वचन को अनेक कठिनाईयाँ तथा जोखिम सहते हुए संसार के अनेक स्थानों तक पहुँचाया।

   उनकी यह कहानी आज भी हम में होकर लगातार लिखी जा रही है। हम मसीही विश्वासी जब परमेश्वर पर विश्वास रखते हुए, प्रभु यीशु में मिलने वाली पापों की क्षमा और उद्धार के सुसमाचार को संसार के सभी लोगों तक ले कर जाते हैं तो हमारे कार्यों को लेकर, मानव जाति के उद्धार की कहानी में परमेश्वर नए पृष्ठ लगातार जोड़ता रहता है। - डेविड मैक्कैसलैंड


लोग विश्वास की सच्ची कहानियों को तब ही स्वीकार करते हैं जब वे उन्हें प्रत्यक्ष देखते हैं।

और उसने उन से कहा, तुम सारे जगत में जा कर सारी सृष्‍टि के लोगों को सुसमाचार प्रचार करो। - मरकुस 16:15

बाइबल पाठ: प्रेरितों 1:1-11
Acts 1:1 हे थियुफिलुस, मैं ने पहिली पुस्तिका उन सब बातों के विषय में लिखी, जो यीशु ने आरम्भ में किया और करता और सिखाता रहा। 
Acts 1:2 उस दिन तक जब वह उन प्रेरितों को जिन्हें उसने चुना था, पवित्र आत्मा के द्वारा आज्ञा देकर ऊपर उठाया न गया। 
Acts 1:3 और उसने दु:ख उठाने के बाद बहुत से पड़े प्रमाणों से अपने आप को उन्हें जीवित दिखाया, और चालीस दिन तक वह उन्हें दिखाई देता रहा: और परमेश्वर के राज्य की बातें करता रहा। 
Acts 1:4 ओर उन से मिलकर उन्हें आज्ञा दी, कि यरूशलेम को न छोड़ो, परन्तु पिता की उस प्रतिज्ञा के पूरे होने की बाट जोहते रहो, जिस की चर्चा तुम मुझ से सुन चुके हो। 
Acts 1:5 क्योंकि यूहन्ना ने तो पानी में बपतिस्मा दिया है परन्तु थोड़े दिनों के बाद तुम पवित्रात्मा से बपतिस्मा पाओगे। 
Acts 1:6 सो उन्हों ने इकट्ठे हो कर उस से पूछा, कि हे प्रभु, क्या तू इसी समय इस्त्राएल को राज्य फेर देगा? 
Acts 1:7 उसने उन से कहा; उन समयों या कालों को जानना, जिन को पिता ने अपने ही अधिकार में रखा है, तुम्हारा काम नहीं। 
Acts 1:8 परन्तु जब पवित्र आत्मा तुम पर आएगा तब तुम सामर्थ पाओगे; और यरूशलेम और सारे यहूदिया और सामरिया में, और पृथ्वी की छोर तक मेरे गवाह होगे। 
Acts 1:9 यह कहकर वह उन के देखते देखते ऊपर उठा लिया गया; और बादल ने उसे उन की आंखों से छिपा लिया। 
Acts 1:10 और उसके जाते समय जब वे आकाश की ओर ताक रहे थे, तो देखो, दो पुरूष श्वेत वस्‍त्र पहिने हुए उन के पास आ खड़े हुए। 
Acts 1:11 और कहने लगे; हे गलीली पुरूषों, तुम क्यों खड़े स्वर्ग की ओर देख रहे हो? यही यीशु, जो तुम्हारे पास से स्वर्ग पर उठा लिया गया है, जिस रीति से तुम ने उसे स्वर्ग को जाते देखा है उसी रीति से वह फिर आएगा।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 इतिहास 7-9
  • यूहन्ना 6:22-44


सोमवार, 18 मई 2015

निश्चित उद्धार


   कहा जाता है कि इंग्लैण्ड की महारानी विक्टोरिया एक चर्च उपासना के समय अत्यन्त भाव-विभोर हो गईं। बाद में उन्होंने अपने पास्टर से पूछा, "क्या कोई इस जीवन में ही आने वाले अनन्त जीवन की सुरक्षा के विषय में पूर्ण्तयः निश्चित हो सकता है?" उस पास्टर के पास महारानी के लिए कोई उत्तर नहीं था। लेकिन एक प्रचारक, जौन टाउनसेण्ड ने महारानी के इस प्रश्न के बारे में सुना, और इस बारे में बहुत प्रार्थना करने के बाद उसने महारानी को एक पत्र भेजा, जिसमें लिखा था, "काँपते हाथों किंतु प्रेम से भरे हृदय के साथ, और क्योंकि मैं यह जानता हूँ कि हम प्रभु यीशु द्वारा हमारे लिए बनाए हुए उस घर में अनन्त काल के लिए सुरक्षित हो सकते हैं, मैं महारानी से आग्रह करता हूँ कि वे परमेश्वर के वचन बाइबल से यूहन्ना 3:16 और रोमियों 10:9-10 पढ़ें।"

   दो सप्ताह पश्चात उस प्रचारक जौन टाउनसेण्ड को महारानी से उत्तर प्राप्त हुआ जिसमें उन्होंने लिखा था, "...परमेश्वर के वचन के जो खण्ड बताए वे मैंने प्रार्थनापूर्वक ध्यान से पढ़े हैं। मैं मसीह के द्वारा मेरे लिए पूर्ण किए गए कार्य में विश्वास करती हूँ और विश्वास करती हूँ कि परमेश्वर के अनुग्रह से उस स्थान में आपको देखने पाऊँगी जिसके विषय में प्रभु यीशु ने कहा कि ’मैं तुम्हारे लिए जगह तैयार करने जाता हूँ’। - विक्टोरिया ग्युएल्फ"

   वह प्रचारक जौन टाउनसेण्ड इस बात के लिए निश्चित था कि हम इस जीवन में अनन्त जीवन की सुरक्षा के विषय में निश्चित हो सकते हैं (पद 9) और वह इस सुरक्षा को लेकर दूसरों के बारे में भी चिंता करता था। आज आप भी इस पर विचार कीजिए कि यूहन्ना 3:16 और रोमियों 10:9-10 आपके तथा आपके अनन्त जीवन के लिए क्या महत्व रखते हैं। परमेश्वर आपको यह आश्वासन देना चाहता है कि आपके पाप क्षमा किए गए हैं और मृत्यु के बाद आप भी उसके साथ अनन्त काल तक रह सकते हैं। - ब्रेंट हैकेट, निर्देशक आर.बी.सी. कैनडा


जो जीवन परमेश्वर के अपरिवर्तनीय अनुग्रह में रोपे गए हैं वे वहाँ से कभी उखाड़े नहीं जा सकते।

क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए। - यूहन्ना 3:16

बाइबल पाठ: रोमियों 10:8-15
Romans 10:8 परन्तु वह क्या कहती है? यह, कि वचन तेरे निकट है, तेरे मुंह में और तेरे मन में है; यह वही विश्वास का वचन है, जो हम प्रचार करते हैं। 
Romans 10:9 कि यदि तू अपने मुंह से यीशु को प्रभु जानकर अंगीकार करे और अपने मन से विश्वास करे, कि परमेश्वर ने उसे मरे हुओं में से जिलाया, तो तू निश्चय उद्धार पाएगा। 
Romans 10:10 क्योंकि धामिर्कता के लिये मन से विश्वास किया जाता है, और उद्धार के लिये मुंह से अंगीकार किया जाता है। 
Romans 10:11 क्योंकि पवित्र शास्त्र यह कहता है कि जो कोई उस पर विश्वास करेगा, वह लज्जित न होगा। 
Romans 10:12 यहूदियों और यूनानियों में कुछ भेद नहीं, इसलिये कि वह सब का प्रभु है; और अपने सब नाम लेने वालों के लिये उदार है। 
Romans 10:13 क्योंकि जो कोई प्रभु का नाम लेगा, वह उद्धार पाएगा। 
Romans 10:14 फिर जिस पर उन्होंने विश्वास नहीं किया, वे उसका नाम क्योंकर लें? और जिस की नहीं सुनी उस पर क्योंकर विश्वास करें? 
Romans 10:15 और प्रचारक बिना क्योंकर सुनें? और यदि भेजे न जाएं, तो क्योंकर प्रचार करें? जैसा लिखा है, कि उन के पांव क्या ही सुहावने हैं, जो अच्छी बातों का सुसमाचार सुनाते हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 इतिहास 4-6
  • यूहन्ना 6:1-21


रविवार, 17 मई 2015

सामर्थी भुजा


   मेरी सहेली जोएन बड़े संगीत समारोहों में प्यानों-वादक बनकर स्थान स्थान की यात्रा करना चाहती थी। इस उद्देश्य से उसने कॉलेज में प्यानो बजाना सीखने को अपना मुख्य विषय बनाया; लेकिन सीखने के अभ्यास में उसके दाहिनी भुजा में दर्द आरंभ हो गया जिससे उसका दाहिनी भुजा इतनी कमज़ोर हो गई कि वह प्यानो उस प्रकार से नहीं बजा पाती थी जैसा उसे अपनी इच्छा की पूर्ति के लिए बजाने की आवश्यकता थी। अन्ततः कॉलेज से जोएन संगीत इतिहास तथा साहित्य में स्नातक उपाधि लेकर निकली।

   जोएन प्रभु यीशु को अपने उद्धारकर्ता के रूप में जानती और मानती थी किंतु अपने इस अनुभव के कारण वह वर्षों तक प्रभु के प्रति उदासीन बनी रही। फिर उसके जीवन में कुछ और कठिन समस्याएं आईं जिनमें होकर उसने परमेश्वर की बुलाहट को समझा और जोएन परमेश्वर के पास लौट कर आ गई। धीरे धीरे उसकी भुजा में बल भी वापस आना आरंभ हो गया, उसका प्यानो बजाना भी अच्छा हो गया और संगीत समारोहों में प्यानो बजाने के लिए यात्रा करने का उसका स्वप्न भी पूरा हुआ। आज वह कहती है कि, "अब मैं अपनी इच्छा और महिमा के लिए नहीं वरन परमेश्वर की इच्छा और महिमा के लिए प्यानो बजाती हूँ। परमेश्वर ने अपना हाथ बढ़ाकर मुझे छूआ, मेरे आत्मिक जीवन को सुदृढ़ किया और मेरी बाँह में बल दिया जिससे मैं उसके द्वारा दिए गए इस वरदान को उस की ही महिमा के लिए उपयोग कर सकूँ।"

   परमेश्वर ने मूसा से वायदा किया कि उसकी बढ़ी हुई भुजा इस्त्राएलियों को मिस्त्र से निकाल लाएगी (निर्गमन 6:6)। परमेश्वर ने अपने वायदे को पूरा किया यद्यपि वे इस्त्राएली बार बार उसके विरुद्ध बलवा करते और उस पर अविश्वास करते थे (निर्गमन 14:30-31)। परमेश्वर की सामर्थी भुजा आज हमारे हित के लिए भी बढ़ी हुई रहती है। हमारी परिस्थिति का चाहे जो भी परिणाम हो, हम इस बात से आश्वस्त रह सकते हैं कि उसके द्वारा अपने बच्चों के लिए बनाई गई प्रत्येक योजना पूरी होगी और सब बातों से उसके बच्चों की भलाई ही होगी। हम परमेश्वर की सामर्थी भुजा पर विश्वास बनाए रख सकते हैं। ऐनी सेटास


जब परमेश्वर की सामर्थ आपको पीछे से और उसकी बाहें आपको नीचे से सहारा दें तो सामने से जो भी आए, आप उसका सामना निसंकोच कर सकते हैं।

और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं। - रोमियों 8:28

बाइबल पाठ: निर्गमन 6:1-8
Exodus 6:1 तब यहोवा ने मूसा से कहा, अब तू देखेगा कि मैं फिरौन से क्या करूंगा; जिस से वह उन को बरबस निकालेगा, वह तो उन्हें अपने देश से बरबस निकाल देगा।
Exodus 6:2 और परमेश्वर ने मूसा से कहा, कि मैं यहोवा हूं। 
Exodus 6:3 मैं सर्वशक्तिमान ईश्वर के नाम से इब्राहीम, इसहाक, और याकूब को दर्शन देता था, परन्तु यहोवा के नाम से मैं उन पर प्रगट न हुआ। 
Exodus 6:4 और मैं ने उनके साथ अपनी वाचा दृढ़ की है, अर्थात कनान देश जिस में वे परदेशी हो कर रहते थे, उसे उन्हें दे दूं। 
Exodus 6:5 और इस्राएली जिन्हें मिस्री लोग दासत्व में रखते हैं उनका कराहना भी सुनकर मैं ने अपनी वाचा को स्मरण किया है। 
Exodus 6:6 इस कारण तू इस्राएलियों से कह, कि मैं यहोवा हूं, और तुम को मिस्रियों के बोझों के नीचे से निकालूंगा, और उनके दासत्व से तुम को छुड़ाऊंगा, और अपनी भुजा बढ़ाकर और भारी दण्ड देकर तुम्हें छुड़ा लूंगा, 
Exodus 6:7 और मैं तुम को अपनी प्रजा बनाने के लिये अपना लूंगा, और मैं तुम्हारा परमेश्वर ठहरूंगा; और तुम जान लोगे कि मैं तुम्हारा परमेश्वर यहोवा हूं जो तुम्हें मिस्रियों के बोझों के नीचे से निकाल ले आया। 
Exodus 6:8 और जिस देश के देने की शपथ मैं ने इब्राहीम, इसहाक, और याकूब से खाई थी उसी में मैं तुम्हें पहुंचाकर उसे तुम्हारा भाग कर दूंगा। मैं तो यहोवा हूं।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 इतिहास 1-3
  • यूहन्ना 5:25-47



शनिवार, 16 मई 2015

मेल-मिलाप


   मैं अपने दामाद के साथ एक खेल प्रतियोगिता देखने गया हुआ था; हम वहाँ उस खेल को भी और वहाँ बैठे लोगों को भी देखने के मज़े ले रहे थे। एक घटना के दौरान उपस्थित लोगों में से एक ने, मानव व्यवहार के अच्छे और बुरे दोनों पक्षों को दिखाया। वह बाहर से आया और अपने बैठने के स्थान का अता-पता भूल गया। अपने स्थान को ढूँढ़ने के लिए वह खड़ा होकर इधर-उधर देखने लगा, किंतु उसके हमारे सामने खड़े होने से हमारा तथा हमारे पीछे बैठे एक अन्य व्यक्ति का दृश्य बाधित हो गया। हमारे पीछे वाले व्यक्ति ने उससे कहा, "कृप्या आगे बढ़िए; आप हमें खेल देखने नहीं दे रहे हैं।" अपना स्थान ढूँढ़ रहे उस व्यक्ति ने व्यंगात्मक रीति से उत्तर दिया, "बुरा है" और वहीं खड़ा देखता रहा; जब पुनः उससे यही आग्रह किया गया तो उसने खिसिया कर और भी तीखेपन से उत्तर दिया। कुछ देर पश्चात वह व्यक्ति आगे बढ़ गया। लेकिन थोड़ी देर बाद और भी आश्चरय की बात हुई; वह व्यक्ति लौट कर वापस आया और जिस व्यक्ति से वह खिसिया कर बोला था, उसे संबोधित करते हुए कहा, "श्रीमान, मुझे माफ करें; मैं अपना स्थान पहचान नहीं पाने के कारण परेशान था।" उन दोनों ने हाथ मिलाए और सारी घटना एक अच्छे वातावरण में समाप्त हो गई।

   उनके इस वार्तालाप ने मुझे सोचने पर बाध्य किया; जीवन के सफर में अनेक परिस्थितियाँ हमें खिसिया सकती हैं और हमसे हमारे मसीही विश्वास के विरुद्ध व्यवहार करवा सकती हैं। यदि ऐसा हो तो परमेश्वर से प्रार्थना करें कि वह हमें हिम्मत दे कि हम जाकर उन से क्षमा याचना कर सकें जिन्हें हमने अपने व्यवहार से दुखी किया है। हमारे प्रभु यीशु ने हमें सिखाया है कि हमारी आराधना परमेश्वर को तब ही स्वीकार होगी (मत्ती 5:23-24)।

   जब हम दूसरों के साथ मेल-मिलाप बनाए रखने को अपनी प्राथमिकता बनाए रखते हैं, हम परमेश्वर का भी आदर करते हैं। जब हम मनुष्यों के साथ मेल-मिलाप के संग रहेंगे तो परमेश्वर पिता के संग भी सहभागिता का आनन्द ले सकेंगे। - डेव ब्रैनन


पाप का अंगीकार ही वह भूमि है जिसमें क्षमा फलती-फूलती है।

यदि कोई कहे, कि मैं परमेश्वर से प्रेम रखता हूं; और अपने भाई से बैर रखे; तो वह झूठा है: क्योंकि जो अपने भाई से, जिसे उसने देखा है, प्रेम नहीं रखता, तो वह परमेश्वर से भी जिसे उसने नहीं देखा, प्रेम नहीं रख सकता। और उस से हमें यह आज्ञा मिली है, कि जो कोई अपने परमेश्वर से प्रेम रखता है, वह अपने भाई से भी प्रेम रखे। - 1 यूहन्ना 4:20-21

बाइबल पाठ: मत्ती 5:21-26
Matthew 5:21 तुम सुन चुके हो, कि पूर्वकाल के लोगों से कहा गया था कि हत्या न करना, और जो कोई हत्या करेगा वह कचहरी में दण्‍ड के योग्य होगा। 
Matthew 5:22 परन्तु मैं तुम से यह कहता हूं, कि जो कोई अपने भाई पर क्रोध करेगा, वह कचहरी में दण्‍ड के योग्य होगा: और जो कोई अपने भाई को निकम्मा कहेगा वह महासभा में दण्‍ड के योग्य होगा; और जो कोई कहे “अरे मूर्ख” वह नरक की आग के दण्‍ड के योग्य होगा। 
Matthew 5:23 इसलिये यदि तू अपनी भेंट वेदी पर लाए, और वहां तू स्मरण करे, कि मेरे भाई के मन में मेरी ओर से कुछ विरोध है, तो अपनी भेंट वहीं वेदी के साम्हने छोड़ दे। 
Matthew 5:24 और जा कर पहिले अपने भाई से मेल मिलाप कर; तब आकर अपनी भेंट चढ़ा। 
Matthew 5:25 जब तक तू अपने मुद्दई के साथ मार्ग ही में हैं, उस से झटपट मेल मिलाप कर ले कहीं ऐसा न हो कि मुद्दई तुझे हाकिम को सौंपे, और हाकिम तुझे सिपाही को सौंप दे और तू बन्‍दीगृह में डाल दिया जाए। 
Matthew 5:26 मैं तुम से सच कहता हूं कि जब तक तू कौड़ी कौड़ी भर न दे तब तक वहां से छूटने न पाएगा।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 राजा 24-25
  • यूहन्ना 5:1-24