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बुधवार, 23 सितंबर 2015

सामर्थी


   कुछ बच्चों को अपने पिता के विषय डींग मारने का बहुत शौक होता है। यदि आप अड़ौस-पड़ौस के बच्चों के आपसी वार्तालाप को छिप कर सुनें तो अकसर बच्चों को एक-दूसरे से कहते पाएंगे, "मेरे पिता तुम्हारे पिता से बड़े हैं"; या फिर, "मेरे पिता तुम्हारे पिता से अधिक चतुर हैं"! परन्तु सबसे बड़ी डींग जो बच्चे मारते हैं वह है, "मेरे पिता तुम्हारे पिता से अधिक बलवान हैं।" यह अन्तिम डींग सामान्यतः चेतावनी के संदर्भ में होती है जब किसी बच्चे को दूसरों द्वारा धमकाया जा रहा होता है; ऐसे में वह बच्चा इस डींग के द्वारा दूसरों को जता देना चाहता है कि धमकाने वाले सचेत हो जाएं नहीं तो वह अपने पिता को ले आएगा, और वे आकर ना सिर्फ सभी बच्चों पर वरन उन के पिताओं पर भी भारी पड़ेंगे।

   यह विश्वास रखना कि सारे मोहल्ले में मेरे पिता ही सबसे बलवान हैं, किसी भी खतरे के समय बच्चे में बड़ा आत्मविश्वास जगाता है। इसीलिए मुझे इस तथ्य से बहुत प्रेम है कि हमारा परमेश्वर पिता सर्वसामर्थी है; क्योंकि इसका सीधा सा तात्पर्य है कि कोई भी परमेश्वर के बल और सामर्थ की बराबरी नहीं कर सकता। इससे भी बढ़कर यह कि हम मसीही विश्वासियों को यह आश्वासन है कि, "जो परमप्रधान के छाए हुए स्थान में बैठा रहे, वह सर्वशक्तिमान की छाया में ठिकाना पाएगा" (भजन 91:1)। इसलिए भजनकार बड़े भरोसे के साथ कह सका "तू न रात के भय से डरेगा, और न उस तीर से जो दिन को उड़ता है" (भजन 91:5)।

   आज का दिन चाहे जो भी परिस्थिति लेकर आए, या फिर आप चाहे कैसी भी समस्या से होकर निकल रहे हों, कभी इस बात को ना भूलें कि मसीही विश्वासी होने के नाते आपका पिता परमेश्वर आपके जीवन की हर बात और समस्या से कहीं अधिक बढ़कर सामर्थी है। इसलिए भरोसा बनाए रखें; उसकी सर्वविद्यमान उपस्थिति इस बात का निश्चय है कि उसकी सामर्थ आपकी बुरी से बुरी परिस्थिति को भी भलाई में बदल देगी। - जो स्टोवैल


हमारा पिता परमेश्वर हमारी बड़ी से बड़ी समस्या से भी कहीं बढ़कर सामर्थी है।

और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं। - रोमियों 8:28

बाइबल पाठ: भजन 91:1-16
Psalms 91:1 जो परमप्रधान के छाए हुए स्थान में बैठा रहे, वह सर्वशक्तिमान की छाया में ठिकाना पाएगा। 
Psalms 91:2 मैं यहोवा के विषय कहूंगा, कि वह मेरा शरणस्थान और गढ़ है; वह मेरा परमेश्वर है, मैं उस पर भरोसा रखूंगा। 
Psalms 91:3 वह तो तुझे बहेलिये के जाल से, और महामारी से बचाएगा; 
Psalms 91:4 वह तुझे अपने पंखों की आड़ में ले लेगा, और तू उसके पैरों के नीचे शरण पाएगा; उसकी सच्चाई तेरे लिये ढाल और झिलम ठहरेगी। 
Psalms 91:5 तू न रात के भय से डरेगा, और न उस तीर से जो दिन को उड़ता है, 
Psalms 91:6 न उस मरी से जो अन्धेरे में फैलती है, और न उस महारोग से जो दिन दुपहरी में उजाड़ता है।
Psalms 91:7 तेरे निकट हजार, और तेरी दाहिनी ओर दस हजार गिरेंगे; परन्तु वह तेरे पास न आएगा। 
Psalms 91:8 परन्तु तू अपनी आंखों की दृष्टि करेगा और दुष्टों के अन्त को देखेगा।
Psalms 91:9 हे यहोवा, तू मेरा शरण स्थान ठहरा है। तू ने जो परमप्रधान को अपना धाम मान लिया है, 
Psalms 91:10 इसलिये कोई विपत्ति तुझ पर न पड़ेगी, न कोई दु:ख तेरे डेरे के निकट आएगा।
Psalms 91:11 क्योंकि वह अपने दूतों को तेरे निमित्त आज्ञा देगा, कि जहां कहीं तू जाए वे तेरी रक्षा करें। 
Psalms 91:12 वे तुझ को हाथों हाथ उठा लेंगे, ऐसा न हो कि तेरे पांवों में पत्थर से ठेस लगे। 
Psalms 91:13 तू सिंह और नाग को कुचलेगा, तू जवान सिंह और अजगर को लताड़ेगा। 
Psalms 91:14 उसने जो मुझ से स्नेह किया है, इसलिये मैं उसको छुड़ाऊंगा; मैं उसको ऊंचे स्थान पर रखूंगा, क्योंकि उसने मेरे नाम को जान लिया है। 
Psalms 91:15 जब वह मुझ को पुकारे, तब मैं उसकी सुनूंगा; संकट में मैं उसके संग रहूंगा, मैं उसको बचा कर उसकी महिमा बढ़ाऊंगा। 
Psalms 91:16 मैं उसको दीर्घायु से तृप्त करूंगा, और अपने किए हुए उद्धार का दर्शन दिखाऊंगा।

एक साल में बाइबल: 
  • श्रेष्ठगीत 1-3
  • गलतियों 2


मंगलवार, 22 सितंबर 2015

प्रभाव


   हाल ही में मैंने अपने कुछ मित्रों के साथ, परमेश्वर के वचन बाइबल के पुराने नियम खण्ड में से इस्त्राएल के राजाओं के बारे में अध्ययन करना आरंभ किया। हम ने उन राजाओं के बारे में दिए गए वर्णन के आधार पर उन्हें अच्छा, बुरा, अकसर बुरा, बहुत बुरा और अत्याधिक बुरा श्रेणियों में रखना आरंभ किया। हमने देखा कि कुछ ही राजा अच्छे थे, बाकी सभी बुरे होने की श्रेणियों में ही आते थे।

   उन राजाओं में राजा दाऊद अच्छा राजा था जिसके विषय में परमेश्वर ने कहा, "...दाऊद के समान न हुआ जो मेरी आज्ञाओं को मानता, और अपने पूर्ण मन से मेरे पीछे पीछे चलता, और केवल वही करता था जो मेरी दृष्टि में ठीक है" (1 राजा 14:8)। दाऊद ने अपने जीवन के द्वारा सब के सामने अनुकरणीय उदाहरण रखा (1 राजा 3:14; 11:38)। जो राजा बुरे होने की श्रेणियों में थे उन्होंने जान-बूझ कर परमेश्वर और उसकी आज्ञाओं का तिरिस्कार किया और अपनी प्रजा को अन्य देवी-देवताओं की तथा मूर्ति-पूजा में ले गए।

   इस्त्राएल के यहूदा तथा इस्त्राएल में विभाजन होने के बाद, इस्त्राएल के प्रथम राजा यारोबाम अत्याधिक बुरा राजा था, "उन पापों के कारण जो यारोबाम ने किए और इस्राएल से कराए थे, यहोवा इस्राएल को त्याग देगा" (1 राजा 14:16)। उसके बुरे उदाहरण तथा प्रभाव के कारण, उसके बाद आने वाले अनेक राजाओं को उसके समान तथा उसकी सी बुराई करने वाले कहा गया (1 राजा 16:2, 19, 26, 31; 22:52)।

   हम में से हर एक अपने प्रभाव का एक क्षेत्र रखता है, और यह प्रभाव भला भी हो सकता है और बुरा भी। प्रभु परमेश्वर की निःसंकोच आज्ञाकारिता एक ऐसी चमकीली रौशनी है जो भलाई का उदाहरण छोड़ती है। हम मसीही विश्वासियों को यह सौभाग्य मिला है कि हम अपने प्रभु के लिए ज्योति बनकर चमक सकें जिससे पाप के अन्धकार में घिरे लोग आकर्षित हों और सच्ची जीवन ज्योति प्रभु यीशु को स्वीकार कर सकें। - सिंडी हैस कैस्पर


छोटी सी ज्योति भी अन्धकार में दूर से चमकती दिखती है।

तुम जगत की ज्योति हो; जो नगर पहाड़ पर बसा हुआ है वह छिप नहीं सकता। और लोग दिया जलाकर पैमाने के नीचे नहीं परन्तु दीवट पर रखते हैं, तब उस से घर के सब लोगों को प्रकाश पहुंचता है। उसी प्रकार तुम्हारा उजियाला मनुष्यों के साम्हने चमके कि वे तुम्हारे भले कामों को देखकर तुम्हारे पिता की, जो स्वर्ग में हैं, बड़ाई करें। मत्ती 5:14-16

बाइबल पाठ: 1 राजा 14:7-16
1 Kings 14:7 तू जा कर यारोबाम से कह कि इस्राएल का परमेश्वर यहोवा तुझ से यों कहता है, कि मैं ने तो तुझ को प्रजा में से बढ़ाकर अपनी प्रजा इस्राएल पर प्रधान किया, 
1 Kings 14:8 और दाऊद के घराने से राज्य छीनकर तुझ को दिया, परन्तु तू मेरे दास दाऊद के समान न हुआ जो मेरी आज्ञाओं को मानता, और अपने पूर्ण मन से मेरे पीछे पीछे चलता, और केवल वही करता था जो मेरी दृष्टि में ठीक है। 
1 Kings 14:9 तू ने उन सभों से बढ़कर जो तुझ से पहिले थे बुराई, की है, और जा कर पराये देवता की उपासना की और मूरतें ढालकर बनाईं, जिस से मुझे क्रोधित कर दिया और मुझे तो पीठ के पीछे फेंक दिया है। 
1 Kings 14:10 इस कारण मैं यारोबाम के घराने पर विपत्ति डालूंगा, वरन मैं यारोबाम के कुल में से हर एक लड़के को ओर क्या बन्धुए, क्या स्वाधीन इस्राएल के मध्य हर एक रहने वाले को भी नष्ट कर डालूंगा: और जैसा कोई गोबर को तब तक उठाता रहता है जब तक वह सब उठा तहीं लिया जाता, वैसे ही मैं यारोबाम के घराने की सफाई कर दूंगा। 
1 Kings 14:11 यारोबाम के घराने का जो कोई नगर में मर जाए, उसको कुत्ते खाएंगे; और जो मैदान में मरे, उसको आकाश के पड़ी खा जाएंगे; क्योंकि यहोवा ने यह कहा है! 
1 Kings 14:12 इसलिये तू उठ और अपने घर जा, और नगर के भीतर तेरे पांव पड़ते ही वह बालक मर जाएगा। 
1 Kings 14:13 उसे तो समस्त इस्राएली छाती पीटकर मिट्टी देंगे; यारोबाम के सन्तानों में से केवल उसी को कबर मिलेगी, क्योंकि यारोबाम के घराने में से उसी में कुछ पाया जाता है जो यहोवा इस्राएल के प्रभु की दृष्टि में भला है। 
1 Kings 14:14 फिर यहोवा इस्राएल के लिये एक ऐसा राजा खड़ा करेगा जो उसी दिन यारोबाम के घराने को नाश कर डालेगा, परन्तु कब? 
1 Kings 14:15 यह अभी होगा। क्योंकि यहोवा इस्राएल को ऐसा मारेगा, जैसा जल की धारा से नरकट हिलाया जाता है, और वह उन को इस अच्छी भूमि में से जो उसने उनके पुरखाओं को दी थी उखाड़ कर महानद के पार तित्तर-बित्तर करेगा; क्योंकि उन्होंने अशेरा ताम मूरतें अपने लिये बनाकर यहोवा को क्रोध दिलाया है। 
1 Kings 14:16 और उन पापों के कारण जो यारोबाम ने किए और इस्राएल से कराए थे, यहोवा इस्राएल को त्याग देगा।

एक साल में बाइबल: 
  • सभोपदेशक 10-12
  • गलतियों 1


सोमवार, 21 सितंबर 2015

शान्ति


   एल्फ्रेड नोबल डाय्नमाईट नामक अति-शक्तिशाली विस्फोटक के अविषकारकर्ता थे, जिससे युद्ध की दिशा बदल गई, और इस अविषकार से उन्होंने बहुत धन कमाया। संभ्वतः डाय्नमाईट के प्रयोग द्वारा युद्ध में हो रहे विधवंस को देखते हुए उन्होंने अपनी वसीयत में प्रावधान किया कि संसार में शान्ति को बढ़ावा देने वाले व्यक्तियों को उनके धन में से सालाना पुरुस्कार दिया जाए। आज यह पुरुस्कार नोबेल शान्ति पुरुस्कार के नाम से जाना जाता है।

   परमेश्वर ने भी सृष्टि की शान्ति के लिए प्रावधान किया, अपने पुत्र प्रभु यीशु मसीह को संसार में भेजा। जब प्रभु यीशु का जन्म हुआ तो स्वर्गदूतों ने स्पष्ट और सन्देहरहित रीति से चरवाहों को प्रभु के आगमन के विषय में सन्देश दिया, "आकाश में परमेश्वर की महिमा और पृथ्वी पर उन मनुष्यों में जिनसे वह प्रसन्न है शान्‍ति हो" (लूका 2:14)।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में शान्ति से तात्पर्य है, सर्वप्रथम परमेश्वर के साथ शान्ति (रोमियों 5:1)। पाप हमें परमेश्वर का बैरी बनाता है (रोमियों 5:10), लेकिन प्रभु यीशु का पृथ्वी पर आना और संसार के सभी लोगों के लिए अपने प्राणों का बलिदान देना, इस बैर के निवारण का मार्ग देता है। अब प्रभु यीशु में उपलब्ध पापों की क्षमा के द्वारा परमेश्वर से बैर के कारण का निवारण तथा परमेश्वर के साथ हमारा मेल-मिलाप हो जाता है। परमेश्वर के साथ हमारे संबंध ठीक हो जाने के बाद, फिर प्रभु यीशु हमारी सहायता करता है कि हम अपने और अन्य लोगों के बीच आई बाधाओं को भी हटा सकें और उनके साथ भी अपने संबंध ठीक कर सकें।

   बाइबल में शान्ति से एक और तात्पर्य है परमेश्वर की शान्ति (फिलिप्पियों 4:7)। अब प्रभु यीशु के अनुयायियों को किसी भी बात को लेकर चिन्तित रहने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि प्रभु यीशु में होकर हमारी पहुँच परमेश्वर तक है और हम उसे अपनी हर बात, हर आवश्यकता निःसंकोच बता सकते हैं।

   अपने अनुयायियों के लिए शान्ति उपलब्ध करवाने के बाद आज प्रभु यीशु परमेश्वर पिता के समक्ष उनके लिए एक सहायक के रूप में निवेदन करता रहता है: "फिर कौन है जो दण्ड की आज्ञा देगा? मसीह वह है जो मर गया वरन मुर्दों में से जी भी उठा, और परमेश्वर की दाहिनी ओर है, और हमारे लिये निवेदन भी करता है" (रोमियों 8:34)। आज प्रभु यीशु मसीह में होकर हम सेंत-मेंत में ना केवल परमेश्वर के साथ शान्ति प्राप्त कर सकते हैं, वरन उससे जो हमारा मध्यस्थ और निवेदक है, परमेश्वर की शान्ति को भी प्राप्त कर सकते हैं। - सी. पी. हिया


सच्ची शान्ति लड़ाई की अनुपस्थिति से नहीं वरन परमेश्वर की उपस्थिति से है। - लवलैस

मैं ने ये बातें तुम से इसलिये कही हैं, कि तुम्हें मुझ में शान्‍ति मिले; संसार में तुम्हें क्‍लेश होता है, परन्तु ढाढ़स बांधो, मैं ने संसार को जीन लिया है। - यूहन्ना 16:33

बाइबल पाठ: इफिसियों 2:11-18
Ephesians 2:11 इस कारण स्मरण करो, कि तुम जो शारीरिक रीति से अन्यजाति हो, (और जो लोग शरीर में हाथ के किए हुए खतने से खतना वाले कहलाते हैं, वे तुम को खतना रहित कहते हैं)। 
Ephesians 2:12 तुम लोग उस समय मसीह से अलग और इस्‍त्राएल की प्रजा के पद से अलग किए हुए, और प्रतिज्ञा की वाचाओं के भागी न थे, और आशाहीन और जगत में ईश्वर रहित थे। 
Ephesians 2:13 पर अब तो मसीह यीशु में तुम जो पहिले दूर थे, मसीह के लोहू के द्वारा निकट हो गए हो। 
Ephesians 2:14 क्योंकि वही हमारा मेल है, जिसने दोनों को एक कर लिया: और अलग करने वाली दीवार को जो बीच में थी, ढा दिया। 
Ephesians 2:15 और अपने शरीर में बैर अर्थात वह व्यवस्था जिस की आज्ञाएं विधियों की रीति पर थीं, मिटा दिया, कि दोनों से अपने में एक नया मनुष्य उत्पन्न कर के मेल करा दे। 
Ephesians 2:16 और क्रूस पर बैर को नाश कर के इस के द्वारा दानों को एक देह बनाकर परमेश्वर से मिलाए। 
Ephesians 2:17 और उसने आकर तुम्हें जो दूर थे, और उन्हें जो निकट थे, दानों को मेल-मिलाप का सुसमाचार सुनाया। 
Ephesians 2:18 क्योंकि उस ही के द्वारा हम दोनों की एक आत्मा में पिता के पास पंहुच होती है।

एक साल में बाइबल: 
  • सभोपदेशक 7-9
  • 2 कुरिन्थियों 13


रविवार, 20 सितंबर 2015

समय और अवसर


   जब तकनीकी में अचानक आए परिवर्तनों के कारण एक उच्च-प्रशिक्षण पाए वैज्ञानिक को नौकरी से हाथ धोना पड़ा तो उसे एक फास्ट-फूड रेस्टोरॉन्ट में काम करना पड़ गया। एक संध्या को परमेश्वर के वचन बाइबल के हमारे अध्ययन के पश्चात उसने अपनी परिस्थिति का वर्णन करते हुए कहा कि उसका यह अनुभव बहुत कठिन और दीन करने वाला है; साथ ही उसने यह भी कहा, "एक अच्छी बात जो मैं इसके विषय में कह सकता हूँ वह है कि वहाँ आने वाले जवान लोग मेरे मसीही विश्वास में बड़ी रुचि लेते हैं"। हमारे बाइबल अध्ययन समूह में उपस्थित एक जवान ने तुरंत उससे कहा, "मैं आपकी दीनता और नम्रता की प्रशंसा करता हूँ। मुझे निश्चय है कि इसके पीछे आपका मसीही विश्वास ही है।"

   उस वैज्ञानिक के समान ही जब फिलेप्पुस को अचानक ही सामरिया में चल रही सेवकाई (प्रेरितों 8:4-8) से निकालकर जंगल के एक मार्ग पर लाकर खड़ा कर दिया गया (प्रेरितों 8:26), तो उसे भी बहुत आश्चर्य हुआ होगा। लेकिन उसे वहाँ उसकी भेंट कूश (इथोपिया) देश के एक उच्च राज्य-अधिकारी से हुई जिसे परमेश्वर का वचन समझने की आवश्यकता थी (प्रेरितों 8:27-35), और तब फिलेप्पुस को बात तर्कसंगत लगी होगी।

   जब प्रभु यीशु ने अपने अनुयायियों से वायदा किया कि वह उन्हें कभी अकेला नहीं छोड़ेगा (मत्ती 28:20; इब्रानियों 13:5), तो उसका यह कहना हमारे कठिन एवं अच्छे दोनों समयों के लिए था। अपने जीवन के हर प्रकार के समय में, भले या बुरे, हमारा उद्देश्य होना चाहिए कि हम अपना हर कार्य, हर ज़िम्म्दारी यह स्मरण रखते हुए पूरी करें कि हम यह परमेश्वर के लिए कर रहे हैं, और परमेश्वर को अपने समय और उद्देश्य के अनुसार हमें प्रतिफल देने के लिए अपना धैर्य बनाए रखें।

   क्या आपका समय या कार्यस्थल कठिन है? ऐसे में भी परमेश्वर को अवसर दें, और देखें कि वह आपके द्वारा वहाँ क्या कुछ करता है। - रैंडी किल्गोर


परिस्थित्यों के लिए प्रश्नों को उठाने से उत्तम है परमेश्वर पर विश्वास बनाए रखना जिसके पास परिस्थितियों के लिए कारण हैं।

यीशु ने उन के पास आकर कहा, कि स्वर्ग और पृथ्वी का सारा अधिकार मुझे दिया गया है। इसलिये तुम जा कर सब जातियों के लोगों को चेला बनाओ और उन्हें पिता और पुत्र और पवित्रआत्मा के नाम से बपतिस्मा दो। और उन्हें सब बातें जो मैं ने तुम्हें आज्ञा दी है, मानना सिखाओ: और देखो, मैं जगत के अन्‍त तक सदैव तुम्हारे संग हूं। - मत्ती 28:18-20 

बाइबल पाठ: प्रेरितों 8:4-8, 26-35 
Acts 8:4 जो तित्तर बित्तर हुए थे, वे सुसमाचार सुनाते हुए फिरे। 
Acts 8:5 और फिलेप्पुस सामरिया नगर में जा कर लोगों में मसीह का प्रचार करने लगा। 
Acts 8:6 और जो बातें फिलेप्पुस ने कहीं उन्हें लोगों ने सुनकर और जो चिन्ह वह दिखाता था उन्हें देख देखकर, एक चित्त हो कर मन लगाया। 
Acts 8:7 क्योंकि बहुतों में से अशुद्ध आत्माएं बड़े शब्द से चिल्लाती हुई निकल गई, और बहुत से झोले के मारे हुए और लंगडे भी अच्‍छे किए गए। 
Acts 8:8 और उस नगर में बड़ा आनन्द हुआ।
Acts 8:26 फिर प्रभु के एक स्वर्गदूत ने फिलेप्पुस से कहा; उठ कर दक्‍खिन की ओर उस मार्ग पर जा, जो यरूशलेम से अज्ज़ाह को जाता है, और जंगल में है। 
Acts 8:27 वह उठ कर चल दिया, और देखो, कूश देश का एक मनुष्य आ रहा था जो खोजा और कूशियों की रानी कन्‍दाके का मन्‍त्री और खजांची था, और भजन करने को यरूशलेम आया था। 
Acts 8:28 और वह अपने रथ पर बैठा हुआ था, और यशायाह भविष्यद्वक्ता की पुस्‍तक पढ़ता हुआ लौटा जा रहा था। 
Acts 8:29 तब आत्मा ने फिलेप्पुस से कहा, निकट जा कर इस रथ के साथ हो ले। 
Acts 8:30 फिलेप्पुस ने उस ओर दौड़ कर उसे यशायाह भविष्यद्वक्ता की पुस्‍तक पढ़ते हुए सुना, और पूछा, कि तू जो पढ़ रहा है क्या उसे समझता भी है? 
Acts 8:31 उसने कहा, जब तक कोई मुझे न समझाए तो मैं क्योंकर समझूं और उसने फिलेप्पुस से बिनती की, कि चढ़कर मेरे पास बैठ। 
Acts 8:32 पवित्र शास्त्र का जो अध्याय वह पढ़ रहा था, वह यह था; कि वह भेड़ की नाईं वध होने को पहुंचाया गया, और जैसा मेम्ना अपने ऊन कतरने वालों के साम्हने चुपचाप रहता है, वैसे ही उसने भी अपना मुंह न खोला। 
Acts 8:33 उस की दीनता में उसका न्याय होने नहीं पाया, और उसके समय के लोगों का वर्णन कौन करेगा, क्योंकि पृथ्वी से उसका प्राण उठाया जाता है। 
Acts 8:34 इस पर खोजे ने फिलेप्पुस से पूछा; मैं तुझ से बिनती करता हूं, यह बता कि भविष्यद्वक्ता यह किस विषय में कहता है, अपने या किसी दूसरे के विषय में। 
Acts 8:35 तब फिलेप्पुस ने अपना मुंह खोला, और इसी शास्त्र से आरम्भ कर के उसे यीशु का सुसमाचार सुनाया।

एक साल में बाइबल: 
  • सभोपदेशक 4-6
  • 2 कुरिन्थियों 12


शनिवार, 19 सितंबर 2015

समय


   बहुत से मसीही विश्वासी परमेश्वर के साथ प्रतिदिन प्रार्थना और उसके वचन बाइबल को पढ़ने में बिताना तो चाहते हैं, परन्तु उनके दैनिक जीवन की समय-सारिणी उन्हें ऐसा करने नहीं देती। ऐसे में दिन में यदि कुछ समय मिले और वे उसे परमेश्वर के साथ बिताना चाहें तो बीच में आने वाली कोई अन्य व्यस्तता उनकी हताशा को और बढ़ा देती है।

   प्रसिद्ध मसीही लेखक और प्रचारक ओस्वॉल्ड चैम्बर्स ने प्रभु परमेश्वर के साथ बिताए गए केवल पाँच मिनिटों की जीवन बदलने वाली सामर्थ पर टिप्पणी करी है। परमेश्वर के साथ प्रार्थना और वचन पढ़ने में बिताए गए थोड़े से समय की भी बहुत बड़ी कीमत है; चैम्बर्स ने कहा: "जो हमें संवारता और निखारता है वह बिताए गए समय की मात्रा नहीं वरन उस बदलने, निखारने वाले की सामर्थ है। परमेश्वर और उसके वचन के साथ बिताए गए पाँच मिनिट शेष सारे दिन से भी अधिक कीमती हैं।" हमें यह लग सकता है कि चैम्बर्स ने बात को बहुत बढ़ा-चढ़ा कर कह दिया है, लेकिन यह वास्तविकता है कि प्रार्थना में बिताया गया थोड़ा सा समय भी बहुत प्रभावी प्रतिफल ला सकता है, क्योंकि प्रतिफल देने वाला परमेश्वर सर्वसामर्थी है।

   कई बार हमारे दिन व्यस्त मांगों से भरे होते हैं जो हमें परमेश्वर की आवाज़ को सुनने और उसका प्रत्युत्तर देने से रोकते हैं। लेकिन हम चाहे जैसी परिस्थिति में क्यों ना हों, चाहे कैसे भी स्थान पर क्यों ना हों, हमें अब्राहम के समान परमेश्वर के लिए एक आत्मिक वेदी, एक प्रार्थना का समय बनाए रखना चाहिए; और जैसे वह वेदी अब्राहम के लिए आशीषें लाई थी, परमेश्वर के साथ बिताया हुआ समय हमारे लिए भी आशीषें लेकर आएगा।

   यदि परमेश्वर के साथ बिताए जाने वाले समय को लेकर आपको दिक्कत हो रही है, तो केवल पाँच मिनिट प्रतिदिन के साथ आरंभ कीजिए और फिर जैसा अवसर होता है उसके अनुसार आगे बढ़िए, और देखिए कि यह आपके जीवन में क्या प्रभाव लाता है। हमारा परमेश्वर पिता हमसे मिलने की लालसा रखता है जिससे वह हमारे जीवनों के द्वारा अपनी सामर्थ संसार के सामने प्रगट कर सके; उसे इसका यथासंभव अवसर दीजिए। - डेनिस फिशर


परमेश्वर से वार्तालाप कीजिए - वाह आपके मन की बात सुनने को लालायित रहता है।

देख, यहोवा की दृष्टि सारी पृथ्वी पर इसलिये फिरती रहती है कि जिनका मन उसकी ओर निष्कपट रहता है, उनकी सहायता में वह अपना सामर्थ दिखाए। - 2 इतिहास 16:9

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 12:1-8
Genesis 12:1 यहोवा ने अब्राम से कहा, अपने देश, और अपनी जन्मभूमि, और अपने पिता के घर को छोड़कर उस देश में चला जा जो मैं तुझे दिखाऊंगा। 
Genesis 12:2 और मैं तुझ से एक बड़ी जाति बनाऊंगा, और तुझे आशीष दूंगा, और तेरा नाम बड़ा करूंगा, और तू आशीष का मूल होगा। 
Genesis 12:3 और जो तुझे आशीर्वाद दें, उन्हें मैं आशीष दूंगा; और जो तुझे कोसे, उसे मैं शाप दूंगा; और भूमण्डल के सारे कुल तेरे द्वारा आशीष पाएंगे। 
Genesis 12:4 यहोवा के इस वचन के अनुसार अब्राम चला; और लूत भी उसके संग चला; और जब अब्राम हारान देश से निकला उस समय वह पचहत्तर वर्ष का था। 
Genesis 12:5 सो अब्राम अपनी पत्नी सारै, और अपने भतीजे लूत को, और जो धन उन्होंने इकट्ठा किया था, और जो प्राणी उन्होंने हारान में प्राप्त किए थे, सब को ले कर कनान देश में जाने को निकल चला; और वे कनान देश में आ भी गए। 
Genesis 12:6 उस देश के बीच से जाते हुए अब्राम शकेम में, जहां मोरे का बांज वृक्ष है, पंहुचा; उस समय उस देश में कनानी लोग रहते थे। 
Genesis 12:7 तब यहोवा ने अब्राम को दर्शन देकर कहा, यह देश मैं तेरे वंश को दूंगा: और उसने वहां यहोवा के लिये जिसने उसे दर्शन दिया था, एक वेदी बनाई। 
Genesis 12:8 फिर वहां से कूच कर के, वह उस पहाड़ पर आया, जो बेतेल के पूर्व की ओर है; और अपना तम्बू उस स्थान में खड़ा किया जिसकी पच्छिम की ओर तो बेतेल, और पूर्व की ओर ऐ है; और वहां भी उसने यहोवा के लिये एक वेदी बनाई: और यहोवा से प्रार्थना की।

एक साल में बाइबल: 
  • सभोपदेशक 1-3
  • 2 कुरिन्थियों 11:16-33


शुक्रवार, 18 सितंबर 2015

योजना


   मेरी सहेली लिंडा बचपन से ही परमेश्वर से बहुत प्रेम करती आई है और उसकी सेवकाई करना चाहती रही है। वह बड़ी होकर डॉक्टर बनना चाहती थी जिससे संसार के उन स्थानों पर जा सके जहाँ चिकित्सीय सहायता कम है और वहाँ अपने चिकत्सीय कौशल के साथ सुसमाचार प्रचार द्वारा परमेश्वर की सेवा कर सके। लेकिन उसके जीवन के लिए परमेश्वर की योजना कुछ और थी। आज लिंडा चिकित्सीय क्षेत्र में ही परमेश्वर की सेवा तो कर रही है, परन्तु उस रीति से नहीं जैसा वह करने की योजना बना रही थी।

   14 वर्ष की आयु में लिंडा को एक ऐसी दीर्घकालीन स्वास्थ्य समस्या ने घेर लिया जिसके लिए उसे गंभीर ऑपरेशनों के लिए वर्ष में ही अनेक बार अस्पताल में भरती होना पड़ा। उसे दिमाग़ का संक्रमण हो गया जिससे वह 2 स्पताह तक बेहोश और 6 महीनों तक अंधी रही। एक बार उसने अपने दो लगातार जन्मदिन, बिना बीच में घर गए, अस्पताल ही में मनाए। उसे कई बार ऐसे अनुभवों से होकर निकलना पड़ा है जिनमें उसके जीवित बच निकलने की कोई आशा नहीं थी। लेकिन आज लिंडा जैसी जोश और उल्लास से भरी तथा परमेश्वर के प्रति कृतज्ञ महिला आपको शायद ही कोई मिले। उसने एक बार मुझ से कहा, कि जैसा उसने चाहा था, उसकी सेवकाई का क्षेत्र अस्पताल ही है, लेकिन वहाँ डॉक्टर के रूप में कार्य करने की बजाए, वह अस्पताल के मरीज़ के रूप में सेवकाई करती है। उसके स्वास्थ्य की दशा चाहे जैसी भी हो, परमेश्वर की ज्योति लिंडा के व्यक्तित्व में होकर चमकती रहती है।

   लिंडा परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पतरस द्वारा कही गई बात को सजीव दिखाती है; वह अपनी इन परीक्षाओं के बावजूद आनन्दित रहती है, उसने परमेश्वर की योजनाओं को अपने जीवन में सहर्ष स्वीकार किया है और उसके मसीही विश्वास की वास्तविकता उसके जीवन से प्रभु परमेश्वर के लिए "...प्रशंसा, और महिमा, और आदर का कारण..." (1 पतरस 1:7) ठहरती है। - जूली ऐकैरमैन लिंक


अपने जीवन के लिए योजनाएं अवश्य बनाए, परन्तु परमेश्वर को उन्हें कार्यन्वित करने दें।

यहोवा को अपने सुख का मूल जान, और वह तेरे मनोरथों को पूरा करेगा। अपने मार्ग की चिन्ता यहोवा पर छोड़; और उस पर भरोसा रख, वही पूरा करेगा। - भजन 37:4-5

बाइबल पाठ: 1 पतरस 1:1-9
1 Peter 1:1 पतरस की ओर से जो यीशु मसीह का प्रेरित है, उन परदेशियों के नाम, जो पुन्‍तुस, गलतिया, कप्‍पदुकिया, आसिया, और बिथुनिया में तित्तर बित्तर हो कर रहते हैं। 
1 Peter 1:2 और परमेश्वर पिता के भविष्य ज्ञान के अनुसार, आत्मा के पवित्र करने के द्वारा आज्ञा मानने, और यीशु मसीह के लोहू के छिड़के जाने के लिये चुने गए हैं। तुम्हें अत्यन्‍त अनुग्रह और शान्‍ति मिलती रहे।। 
1 Peter 1:3 हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर और पिता का धन्यवाद दो, जिसने यीशु मसीह के मरे हुओं में से जी उठने के द्वारा, अपनी बड़ी दया से हमें जीवित आशा के लिये नया जन्म दिया। 
1 Peter 1:4 अर्थात एक अविनाशी और निर्मल, और अजर मीरास के लिये। 
1 Peter 1:5 जो तुम्हारे लिये स्वर्ग में रखी है, जिन की रक्षा परमेश्वर की सामर्थ से, विश्वास के द्वारा उस उद्धार के लिये, जो आने वाले समय में प्रगट होने वाली है, की जाती है। 
1 Peter 1:6 और इस कारण तुम मगन होते हो, यद्यपि अवश्य है कि अब कुछ दिन तक नाना प्रकार की परीक्षाओं के कारण उदास हो। 
1 Peter 1:7 और यह इसलिये है कि तुम्हारा परखा हुआ विश्वास, जो आग से ताए हुए नाशमान सोने से भी कहीं, अधिक बहुमूल्य है, यीशु मसीह के प्रगट होने पर प्रशंसा, और महिमा, और आदर का कारण ठहरे। 
1 Peter 1:8 उस से तुम बिन देखे प्रेम रखते हो, और अब तो उस पर बिन देखे भी विश्वास कर के ऐसे आनन्‍दित और मगन होते हो, जो वर्णन से बाहर और महिमा से भरा हुआ है। 
1 Peter 1:9 और अपने विश्वास का प्रतिफल अर्थात आत्माओं का उद्धार प्राप्त करते हो।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 30-31
  • 2 कुरिन्थियों 11:1-15


गुरुवार, 17 सितंबर 2015

सुन्दर


   मेरे निवास-स्थान की जगह के कारण मुझे परमेश्वर की अद्भुत कारिगरी के अनेक नमूने देखने को मिलते रहते हैं। हाल ही में जंगल में होकर निकलने वाले मार्ग पर गाड़ी चलाते समय मैं पतझड़ के समय, नीले आसमान की पृष्ठभूमि पर, पेड़ों के पत्तों के गहरे लाल एवं विविध पीले रंग की छटाओं को देखकर मंत्रमुग्ध सा रह गया; सब कुछ इतने कलात्मक रूप से सजा हुआ था कि उसकी सुन्दरता स्तब्ध कर देने वाली थी।

   मैं जानता हूँ कि थोड़े ही समय बाद जब तापमान और गिरेगा और शरद ऋतु का आगमन होगा तो बर्फ भी पड़नी आरंभ हो जाएगी। कितनी विचित्र बात है कि उन अनगिनित हिमकणों में से जो एक दूसरे के ऊपर, एक दूसरे के साथ जमा होने लगेंगे, कोई भी दो हिमकण एक समान नहीं होंगे। वे सब एक साथ मिलकर लहरदार चमकीली सफेद चादर से सब कुछ को ढाँप देंगे; उस चमकीली सफेदी की सुन्दरता अलग ही होगी। फिर बसन्त ऋतु के साथ एक अन्य आश्चर्यकर्म को देखने का मौका होगा; निर्जीव ठूँठ के समान दिखने वाले पेड़ों से जीवन की कोंपलें फूट निकलेंगी और धरती तथा पेड़ हरियाली और अनेक प्रकार के अनुपम सुन्दर फूलों के अनेकों रंगों से भर जाएंगे।

   हम अपने चारों ओर जहाँ भी देखें, हमें परमेश्वर की सृजन शक्ति के नमूने देखने को मिलते हैं, जैसे कि परमेश्वर के वचन बाइबल में यशायाह नबी परमेश्वर के विषय में कहता है "...सारी पृथ्वी उसके तेज से भरपूर है" (यशायाह 6:3)। लेकिन इससे भी अधिक विसमित कर देने वाली बात यह है कि यह अद्भुत तथा सुन्दर दिखने वाली सृष्टि, परमेश्वर की कारिगरी का पाप से बिगड़ा हुआ नमूना है (रोमियों 8:18-22); ज़रा सोचिए कि यह सृष्टि यदि अपने बिगड़े हुए स्वरूप में इतनी सुन्दर है तो अपने मूल स्वरूप में और कितनी सुन्दर रही होगी? यह परमेश्वर का अनुग्रह ही है कि पाप से भरे और बिगड़े इस संसार में भी वह अपनी सृष्टि को इतनी सुन्दरता भरता रहता है, हर ऋतु में उसी स्थल को एक अलग ही विलक्षण सुन्दरता प्रदान करता रहता है।

   परमेश्वर का पाप से बिगड़ी सृष्टि को भी सुन्दर करना और रखना हमारे लिए इस बात को समझाने का संकेत है कि परमेश्वर पाप से बिगड़े हुए किसी भी मनुष्य को प्रभु यीशु में उपलब्ध पाप क्षमा, अनुग्रह और दया से ढाँप कर ऐसे ही सुन्दर स्वरूप दे सकता है और हर समय तथा परिस्थिति में उसे सुन्दर बनाए रख सकता है। क्या आपने अपने संवारे जाने के लिए अपने आप को परमेश्वर के हाथों में सौंपा है? - जो स्टोवैल


प्रकृति मे दिखने वाली परमेश्वर की कारिगरी से अपने जीवन के लिए शिक्षा लेना कभी ना भूलें।

हे यहोवा, देवताओं में तेरे तुल्य कौन है? तू तो पवित्रता के कारण महाप्रतापी, और अपनी स्तुति करने वालों के भय के योग्य, और आश्चर्य कर्म का कर्त्ता है। - निर्गमन 15:11

बाइबल पाठ: यशायाह 6:1-5; रोमियों 8:18-22
Isaiah 6:1 जिस वर्ष उज्जिय्याह राजा मरा, मैं ने प्रभु को बहुत ही ऊंचे सिंहासन पर विराजमान देखा; और उसके वस्त्र के घेर से मन्दिर भर गया। 
Isaiah 6:2 उस से ऊंचे पर साराप दिखाई दिए; उनके छ: छ: पंख थे; दो पंखों से वे अपने मुंह को ढांपे थे और दो से अपने पांवों को, और दो से उड़ रहे थे। 
Isaiah 6:3 और वे एक दूसरे से पुकार पुकारकर कह रहे थे: सेनाओं का यहोवा पवित्र, पवित्र, पवित्र है; सारी पृथ्वी उसके तेज से भरपूर है। 
Isaiah 6:4 और पुकारने वाले के शब्द से डेवढिय़ों की नेवें डोल उठीं, और भवन धूंए से भर गया। 
Isaiah 6:5 तब मैं ने कहा, हाय! हाय! मैं नाश हूआ; क्योंकि मैं अशुद्ध होंठ वाला मनुष्य हूं, और अशुद्ध होंठ वाले मनुष्यों के बीच में रहता हूं; क्योंकि मैं ने सेनाओं के यहोवा महाराजाधिराज को अपनी आंखों से देखा है!

Romans 8:18 क्योंकि मैं समझता हूं, कि इस समय के दु:ख और क्लेश उस महिमा के साम्हने, जो हम पर प्रगट होने वाली है, कुछ भी नहीं हैं। 
Romans 8:19 क्योंकि सृष्टि बड़ी आशाभरी दृष्टि से परमेश्वर के पुत्रों के प्रगट होने की बाट जोह रही है। 
Romans 8:20 क्योंकि सृष्टि अपनी इच्छा से नहीं पर आधीन करने वाले की ओर से व्यर्थता के आधीन इस आशा से की गई। 
Romans 8:21 कि सृष्टि भी आप ही विनाश के दासत्व से छुटकारा पाकर, परमेश्वर की सन्तानों की महिमा की स्वतंत्रता प्राप्त करेगी। 
Romans 8:22 क्योंकि हम जानते हैं, कि सारी सृष्टि अब तक मिलकर कराहती और पीड़ाओं में पड़ी तड़पती है।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 27-29
  • 2 कुरिन्थियों 10