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रविवार, 20 सितंबर 2015

समय और अवसर


   जब तकनीकी में अचानक आए परिवर्तनों के कारण एक उच्च-प्रशिक्षण पाए वैज्ञानिक को नौकरी से हाथ धोना पड़ा तो उसे एक फास्ट-फूड रेस्टोरॉन्ट में काम करना पड़ गया। एक संध्या को परमेश्वर के वचन बाइबल के हमारे अध्ययन के पश्चात उसने अपनी परिस्थिति का वर्णन करते हुए कहा कि उसका यह अनुभव बहुत कठिन और दीन करने वाला है; साथ ही उसने यह भी कहा, "एक अच्छी बात जो मैं इसके विषय में कह सकता हूँ वह है कि वहाँ आने वाले जवान लोग मेरे मसीही विश्वास में बड़ी रुचि लेते हैं"। हमारे बाइबल अध्ययन समूह में उपस्थित एक जवान ने तुरंत उससे कहा, "मैं आपकी दीनता और नम्रता की प्रशंसा करता हूँ। मुझे निश्चय है कि इसके पीछे आपका मसीही विश्वास ही है।"

   उस वैज्ञानिक के समान ही जब फिलेप्पुस को अचानक ही सामरिया में चल रही सेवकाई (प्रेरितों 8:4-8) से निकालकर जंगल के एक मार्ग पर लाकर खड़ा कर दिया गया (प्रेरितों 8:26), तो उसे भी बहुत आश्चर्य हुआ होगा। लेकिन उसे वहाँ उसकी भेंट कूश (इथोपिया) देश के एक उच्च राज्य-अधिकारी से हुई जिसे परमेश्वर का वचन समझने की आवश्यकता थी (प्रेरितों 8:27-35), और तब फिलेप्पुस को बात तर्कसंगत लगी होगी।

   जब प्रभु यीशु ने अपने अनुयायियों से वायदा किया कि वह उन्हें कभी अकेला नहीं छोड़ेगा (मत्ती 28:20; इब्रानियों 13:5), तो उसका यह कहना हमारे कठिन एवं अच्छे दोनों समयों के लिए था। अपने जीवन के हर प्रकार के समय में, भले या बुरे, हमारा उद्देश्य होना चाहिए कि हम अपना हर कार्य, हर ज़िम्म्दारी यह स्मरण रखते हुए पूरी करें कि हम यह परमेश्वर के लिए कर रहे हैं, और परमेश्वर को अपने समय और उद्देश्य के अनुसार हमें प्रतिफल देने के लिए अपना धैर्य बनाए रखें।

   क्या आपका समय या कार्यस्थल कठिन है? ऐसे में भी परमेश्वर को अवसर दें, और देखें कि वह आपके द्वारा वहाँ क्या कुछ करता है। - रैंडी किल्गोर


परिस्थित्यों के लिए प्रश्नों को उठाने से उत्तम है परमेश्वर पर विश्वास बनाए रखना जिसके पास परिस्थितियों के लिए कारण हैं।

यीशु ने उन के पास आकर कहा, कि स्वर्ग और पृथ्वी का सारा अधिकार मुझे दिया गया है। इसलिये तुम जा कर सब जातियों के लोगों को चेला बनाओ और उन्हें पिता और पुत्र और पवित्रआत्मा के नाम से बपतिस्मा दो। और उन्हें सब बातें जो मैं ने तुम्हें आज्ञा दी है, मानना सिखाओ: और देखो, मैं जगत के अन्‍त तक सदैव तुम्हारे संग हूं। - मत्ती 28:18-20 

बाइबल पाठ: प्रेरितों 8:4-8, 26-35 
Acts 8:4 जो तित्तर बित्तर हुए थे, वे सुसमाचार सुनाते हुए फिरे। 
Acts 8:5 और फिलेप्पुस सामरिया नगर में जा कर लोगों में मसीह का प्रचार करने लगा। 
Acts 8:6 और जो बातें फिलेप्पुस ने कहीं उन्हें लोगों ने सुनकर और जो चिन्ह वह दिखाता था उन्हें देख देखकर, एक चित्त हो कर मन लगाया। 
Acts 8:7 क्योंकि बहुतों में से अशुद्ध आत्माएं बड़े शब्द से चिल्लाती हुई निकल गई, और बहुत से झोले के मारे हुए और लंगडे भी अच्‍छे किए गए। 
Acts 8:8 और उस नगर में बड़ा आनन्द हुआ।
Acts 8:26 फिर प्रभु के एक स्वर्गदूत ने फिलेप्पुस से कहा; उठ कर दक्‍खिन की ओर उस मार्ग पर जा, जो यरूशलेम से अज्ज़ाह को जाता है, और जंगल में है। 
Acts 8:27 वह उठ कर चल दिया, और देखो, कूश देश का एक मनुष्य आ रहा था जो खोजा और कूशियों की रानी कन्‍दाके का मन्‍त्री और खजांची था, और भजन करने को यरूशलेम आया था। 
Acts 8:28 और वह अपने रथ पर बैठा हुआ था, और यशायाह भविष्यद्वक्ता की पुस्‍तक पढ़ता हुआ लौटा जा रहा था। 
Acts 8:29 तब आत्मा ने फिलेप्पुस से कहा, निकट जा कर इस रथ के साथ हो ले। 
Acts 8:30 फिलेप्पुस ने उस ओर दौड़ कर उसे यशायाह भविष्यद्वक्ता की पुस्‍तक पढ़ते हुए सुना, और पूछा, कि तू जो पढ़ रहा है क्या उसे समझता भी है? 
Acts 8:31 उसने कहा, जब तक कोई मुझे न समझाए तो मैं क्योंकर समझूं और उसने फिलेप्पुस से बिनती की, कि चढ़कर मेरे पास बैठ। 
Acts 8:32 पवित्र शास्त्र का जो अध्याय वह पढ़ रहा था, वह यह था; कि वह भेड़ की नाईं वध होने को पहुंचाया गया, और जैसा मेम्ना अपने ऊन कतरने वालों के साम्हने चुपचाप रहता है, वैसे ही उसने भी अपना मुंह न खोला। 
Acts 8:33 उस की दीनता में उसका न्याय होने नहीं पाया, और उसके समय के लोगों का वर्णन कौन करेगा, क्योंकि पृथ्वी से उसका प्राण उठाया जाता है। 
Acts 8:34 इस पर खोजे ने फिलेप्पुस से पूछा; मैं तुझ से बिनती करता हूं, यह बता कि भविष्यद्वक्ता यह किस विषय में कहता है, अपने या किसी दूसरे के विषय में। 
Acts 8:35 तब फिलेप्पुस ने अपना मुंह खोला, और इसी शास्त्र से आरम्भ कर के उसे यीशु का सुसमाचार सुनाया।

एक साल में बाइबल: 
  • सभोपदेशक 4-6
  • 2 कुरिन्थियों 12


शनिवार, 19 सितंबर 2015

समय


   बहुत से मसीही विश्वासी परमेश्वर के साथ प्रतिदिन प्रार्थना और उसके वचन बाइबल को पढ़ने में बिताना तो चाहते हैं, परन्तु उनके दैनिक जीवन की समय-सारिणी उन्हें ऐसा करने नहीं देती। ऐसे में दिन में यदि कुछ समय मिले और वे उसे परमेश्वर के साथ बिताना चाहें तो बीच में आने वाली कोई अन्य व्यस्तता उनकी हताशा को और बढ़ा देती है।

   प्रसिद्ध मसीही लेखक और प्रचारक ओस्वॉल्ड चैम्बर्स ने प्रभु परमेश्वर के साथ बिताए गए केवल पाँच मिनिटों की जीवन बदलने वाली सामर्थ पर टिप्पणी करी है। परमेश्वर के साथ प्रार्थना और वचन पढ़ने में बिताए गए थोड़े से समय की भी बहुत बड़ी कीमत है; चैम्बर्स ने कहा: "जो हमें संवारता और निखारता है वह बिताए गए समय की मात्रा नहीं वरन उस बदलने, निखारने वाले की सामर्थ है। परमेश्वर और उसके वचन के साथ बिताए गए पाँच मिनिट शेष सारे दिन से भी अधिक कीमती हैं।" हमें यह लग सकता है कि चैम्बर्स ने बात को बहुत बढ़ा-चढ़ा कर कह दिया है, लेकिन यह वास्तविकता है कि प्रार्थना में बिताया गया थोड़ा सा समय भी बहुत प्रभावी प्रतिफल ला सकता है, क्योंकि प्रतिफल देने वाला परमेश्वर सर्वसामर्थी है।

   कई बार हमारे दिन व्यस्त मांगों से भरे होते हैं जो हमें परमेश्वर की आवाज़ को सुनने और उसका प्रत्युत्तर देने से रोकते हैं। लेकिन हम चाहे जैसी परिस्थिति में क्यों ना हों, चाहे कैसे भी स्थान पर क्यों ना हों, हमें अब्राहम के समान परमेश्वर के लिए एक आत्मिक वेदी, एक प्रार्थना का समय बनाए रखना चाहिए; और जैसे वह वेदी अब्राहम के लिए आशीषें लाई थी, परमेश्वर के साथ बिताया हुआ समय हमारे लिए भी आशीषें लेकर आएगा।

   यदि परमेश्वर के साथ बिताए जाने वाले समय को लेकर आपको दिक्कत हो रही है, तो केवल पाँच मिनिट प्रतिदिन के साथ आरंभ कीजिए और फिर जैसा अवसर होता है उसके अनुसार आगे बढ़िए, और देखिए कि यह आपके जीवन में क्या प्रभाव लाता है। हमारा परमेश्वर पिता हमसे मिलने की लालसा रखता है जिससे वह हमारे जीवनों के द्वारा अपनी सामर्थ संसार के सामने प्रगट कर सके; उसे इसका यथासंभव अवसर दीजिए। - डेनिस फिशर


परमेश्वर से वार्तालाप कीजिए - वाह आपके मन की बात सुनने को लालायित रहता है।

देख, यहोवा की दृष्टि सारी पृथ्वी पर इसलिये फिरती रहती है कि जिनका मन उसकी ओर निष्कपट रहता है, उनकी सहायता में वह अपना सामर्थ दिखाए। - 2 इतिहास 16:9

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 12:1-8
Genesis 12:1 यहोवा ने अब्राम से कहा, अपने देश, और अपनी जन्मभूमि, और अपने पिता के घर को छोड़कर उस देश में चला जा जो मैं तुझे दिखाऊंगा। 
Genesis 12:2 और मैं तुझ से एक बड़ी जाति बनाऊंगा, और तुझे आशीष दूंगा, और तेरा नाम बड़ा करूंगा, और तू आशीष का मूल होगा। 
Genesis 12:3 और जो तुझे आशीर्वाद दें, उन्हें मैं आशीष दूंगा; और जो तुझे कोसे, उसे मैं शाप दूंगा; और भूमण्डल के सारे कुल तेरे द्वारा आशीष पाएंगे। 
Genesis 12:4 यहोवा के इस वचन के अनुसार अब्राम चला; और लूत भी उसके संग चला; और जब अब्राम हारान देश से निकला उस समय वह पचहत्तर वर्ष का था। 
Genesis 12:5 सो अब्राम अपनी पत्नी सारै, और अपने भतीजे लूत को, और जो धन उन्होंने इकट्ठा किया था, और जो प्राणी उन्होंने हारान में प्राप्त किए थे, सब को ले कर कनान देश में जाने को निकल चला; और वे कनान देश में आ भी गए। 
Genesis 12:6 उस देश के बीच से जाते हुए अब्राम शकेम में, जहां मोरे का बांज वृक्ष है, पंहुचा; उस समय उस देश में कनानी लोग रहते थे। 
Genesis 12:7 तब यहोवा ने अब्राम को दर्शन देकर कहा, यह देश मैं तेरे वंश को दूंगा: और उसने वहां यहोवा के लिये जिसने उसे दर्शन दिया था, एक वेदी बनाई। 
Genesis 12:8 फिर वहां से कूच कर के, वह उस पहाड़ पर आया, जो बेतेल के पूर्व की ओर है; और अपना तम्बू उस स्थान में खड़ा किया जिसकी पच्छिम की ओर तो बेतेल, और पूर्व की ओर ऐ है; और वहां भी उसने यहोवा के लिये एक वेदी बनाई: और यहोवा से प्रार्थना की।

एक साल में बाइबल: 
  • सभोपदेशक 1-3
  • 2 कुरिन्थियों 11:16-33