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बुधवार, 4 नवंबर 2015

अनुकंपा


   अमेरिका के गृह युद्ध (1861-1865) में रिचर्ड कर्कलैंड सेना में सार्जेंट थे। फ्रड्रिकबर्ग के युद्ध में मेरीज़ हाईट्स नामक स्थान पर विरोधी पक्ष के अनेक घायल सैनिकों को युद्ध भूमि पर छोड़ शेष सेना पीछे हट गई थी। रिचर्ड ने उन घायल सैनिकों की सहायता के लिए अनुमति ली, खाने-पीने की वस्तुएं जमा करीं और सुरक्षा के लिए बनाई गई दीवार को लांघ कर दूसरी ओर पहुँच गया और दुश्मन की सेना के घायल सैनिकों की सेवा करने लगा। अपनी जान को जोखिम में डाल कर मेरीज़ हाईट्स का यह फरिश्ता मसीह यीशु की अपने चेलों को दी गई आज्ञा, अपने दुश्मनों से भी प्रेम करो (मत्ती 5:44) को पूरा करता रहा, प्रभु यीशु की अनुकंपा दुश्मन सैनिकों में बाँटता रहा।

   हम में से बहुत कम के पास रिचर्ड के समान दुश्मन सैनिकों के बीच अनुकंपा दिखाने का अवसर होगा, लेकिन हमारे चारों ओर ऐसे लोगों की कमी नहीं है जो दुखों, निराशाओं और परेशानियों में जीवन व्यतित कर रहे हैं; कोई अकेला रह गया है, किसी को हानि उठानी पड़ी है, कोई बीमार है; लेकिन एक व्याधि है जिसने सबको परेशान किया हुआ है - पाप का रोग और उसके दुषपरिणाम। हमारी अपनी व्यस्तताओं और अन्य बातों में लगे ध्यान के कारण शान्ति और अनुकंपा के लिए उनकी पुकार चाहे हमें सुनाई नहीं देती लेकिन वे इस प्रतीक्षा में हैं कि कोई उनके पास आए, उन्हें शान्ति दे, उनके दुख को बाँटे।

   प्रेरित पौलुस ने रोम के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में, परमेश्वर के वचन की नीतिवचन 25:21-22 में कही बात को दोहराया: "परन्तु यदि तेरा बैरी भूखा हो तो उसे खाना खिला; यदि प्यासा हो, तो उसे पानी पिला; क्योंकि ऐसा करने से तू उसके सिर पर आग के अंगारों का ढेर लगाएगा" (रोमियों 12:20)। पौलुस ने उन्हें आगे समझाया, "बुराई से न हारो परन्तु भलाई से बुराई का जीत लो" (रोमियों 12:21)। पौलुस द्वारा कही गई यह बात हमें रिचर्ड कर्कलैंड का अनुकरण करने को प्रेरित करती है।
   
   आज हमारे लिए भी समय है कि हम अपनी सुरक्षा की दीवार को लांघ कर प्रभु यीशु की वह अनुकंपा दुखी लोगों के साथ बाँटें जो उसने हमारे साथ बाँटी है। - रैंडी किल्गोर


चाहे अनुराग करना हमारे वश में ना हो, अनुकंपा दिखाना सदा हमारे वश में रहता है। - सैमुएल जौनसन

यदि तेरा बैरी भूखा हो तो उसको रोटी खिलाना; और यदि वह प्यासा हो तो उसे पानी पिलाना; क्योंकि इस रीति तू उसके सिर पर अंगारे डालेगा, और यहोवा तुझे इसका फल देगा। - नीतिवचन 25:21-22

बाइबल पाठ: रोमियों 12:14-21
Romans 12:14 अपने सताने वालों को आशीष दो; आशीष दो श्राप न दो। 
Romans 12:15 आनन्द करने वालों के साथ आनन्द करो; और रोने वालों के साथ रोओ। 
Romans 12:16 आपस में एक सा मन रखो; अभिमानी न हो; परन्तु दीनों के साथ संगति रखो; अपनी दृष्टि में बुद्धिमान न हो। 
Romans 12:17 बुराई के बदले किसी से बुराई न करो; जो बातें सब लोगों के निकट भली हैं, उन की चिन्ता किया करो। 
Romans 12:18 जहां तक हो सके, तुम अपने भरसक सब मनुष्यों के साथ मेल मिलाप रखो। 
Romans 12:19 हे प्रियो अपना पलटा न लेना; परन्तु क्रोध को अवसर दो, क्योंकि लिखा है, पलटा लेना मेरा काम है, प्रभु कहता है मैं ही बदला दूंगा। 
Romans 12:20 परन्तु यदि तेरा बैरी भूखा हो तो उसे खाना खिला; यदि प्यासा हो, तो उसे पानी पिला; क्योंकि ऐसा करने से तू उसके सिर पर आग के अंगारों का ढेर लगाएगा। 
Romans 12:21 बुराई से न हारो परन्तु भलाई से बुराई का जीत लो।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 32-33
  • इब्रानियों 1


मंगलवार, 3 नवंबर 2015

शान्त हों


   फ्रांस के पैरिस शहर में सन 1924 में आयोजित ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले धावक एरिक लिडिल की जीवनी पर एक फिल्म Chariots of Fire बनी। स्वर्ण पदक जीतने के पश्चात एरिक मिशनरी होकर चीन चले गए। कुछ वर्षों के बाद जब दूसरा विश्व-युद्ध आरंभ हुआ तो एरिक ने अपने परिवार को सुरक्षा के लिए कैनडा भेज दिया, लेकिन वे स्वयं चीन में ही रह गए। शीघ्र ही एरिक और अन्य प्रवासी मिशनरियों को एक जापानी शिविर में कैद करके रख दिया गया। कई महीनों की बन्धुवाई के बाद एरिक बीमार पड़े और डॉक्टरों को लगा कि उन्हें दिमाग़ में रसौली हो गई है।

   जिस अस्पताल में एरिक को रखा गया उसके निकट प्रत्येक इतवार को एक बैन्ड कुछ धुनें बजाया करता था। एक दिन एरिक ने उन से आग्रह किया कि वे मसीही भजन Be Still My Soul (मेरे मन शान्त रह) बजाएं। इस भजन के बोल हैं, "मेरे मन शान्त रह, समय निकट आ रहा है / जब हम सदा काल के लिए प्रभु के साथ होंगे / जब सब निराशाएं, दुख और भय जाते रहेंगे, / शोक ना होगा, प्रेम का पवित्र आनन्द पुनःस्थापित होगा / मेरे मन शान्त रह; अब परिवर्तन और आँसुओं का समय जाता रहेगा / अन्ततः हम सब सुरक्षित और आशीशित होकर एक साथ मिलेंगे। मैं सोचता हूँ कि उन दिनों एरिक इस गीत को स्मरण कर रहे थे, इस पर मनन कर रहे थे। उस बीमारी में यह भजन उनके लिए बहुत शान्तिदायक था और इस घटना के तीन दिन पश्चात उनका देहांत हो गया।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में दाऊद ने अपने एक भजन में लिखा, "चुप हो जाओ, और जान लो, कि मैं ही परमेश्वर हूं..." (भजन 46:10)। अपने जीवन के गहन अन्धकार के समय में भी हम शान्त रह सकते हैं क्योंकि हमारे प्रभु यीशु ने हमारे लिए मृत्यु पर जय प्राप्त करी है, और आज उसमें आशीशित अनन्त जीवन उसपर विश्वास करने वाले सभी लोगों को सेंत-मेंत उपलब्ध है।

   इसलिए हम शान्त हों और प्रभु को हमारे हर भय का समाधान करने दें। - बिल क्राउडर


हमारे विचिलित मन का कोलाहल परमेश्वर की कोमल आवाज़ से शान्त हो जाता है।

परन्तु यहोवा अपने पवित्र मन्दिर में है; समस्त पृथ्वी उसके साम्हने शान्त रहे। - हबकुक 2:20

बाइबल पाठ: भजन 46:1-11
Psalms 46:1 परमेश्वर हमारा शरणस्थान और बल है, संकट में अति सहज से मिलने वाला सहायक। 
Psalms 46:2 इस कारण हम को कोई भय नहीं चाहे पृथ्वी उलट जाए, और पहाड़ समुद्र के बीच में डाल दिए जाएं; 
Psalms 46:3 चाहे समुद्र गरजे और फेन उठाए, और पहाड़ उसकी बाढ़ से कांप उठें।। 
Psalms 46:4 एक नदी है जिसकी नहरों से परमेश्वर के नगर में अर्थात परमप्रधान के पवित्र निवास भवन में आनन्द होता है। 
Psalms 46:5 परमेश्वर उस नगर के बीच में है, वह कभी टलने का नहीं; पौ फटते ही परमेश्वर उसकी सहायता करता है। 
Psalms 46:6 जाति जाति के लोग झल्ला उठे, राज्य राज्य के लोग डगमगाने लगे; वह बोल उठा, और पृथ्वी पिघल गई। 
Psalms 46:7 सेनाओं का यहोवा हमारे संग है; याकूब का परमेश्वर हमारा ऊंचा गढ़ है।
Psalms 46:8 आओ, यहोवा के महाकर्म देखो, कि उसने पृथ्वी पर कैसा कैसा उजाड़ किया है। 
Psalms 46:9 वह पृथ्वी की छोर तक लड़ाइयों को मिटाता है; वह धनुष को तोड़ता, और भाले को दो टुकड़े कर डालता है, और रथों को आग में झोंक देता है! 
Psalms 46:10 चुप हो जाओ, और जान लो, कि मैं ही परमेश्वर हूं। मैं जातियों में महान हूं, मैं पृथ्वी भर में महान हूं! 
Psalms 46:11 सेनाओं का यहोवा हमारे संग है; याकूब का परमेश्वर हमारा ऊंचा गढ़ है।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 30-31
  • फिलेमौन 1


सोमवार, 2 नवंबर 2015

जाँच


   अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव अभियानों में प्रत्याशियों के बीच बहस और भाषणों में अनेक प्रकार के दावे करना चलता रहता है, जो रेडियो और टेलिविज़न पर व्यापक रीति से दिखाया जाता है। बहस में कही गई बातों और भाषणों में किए गए दावों की सत्यता की जाँच करने के लिए विशलेषण करने वालों का दल भी होता है जो यह बताता रहता है कि कौन सा प्रत्याशी कितना सच बोल रहा है और कौन तथ्यों को अपने लाभ के लिए तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत कर रहा है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित युहन्ना ने प्रभु यीशु और कुछ लोगों के बीच, जो यह माने बैठे थे कि प्रभु यीशु झूठ बोल रहा है, हुई एक बहस को दर्ज किया है। प्रभु यीशु ने उन लोगों से कहा, "...यदि तुम मेरे वचन में बने रहोगे, तो सचमुच मेरे चेले ठहरोगे। और सत्य को जानोगे, और सत्य तुम्हें स्‍वतंत्र करेगा" (यूहन्ना 8:31-32)। लेकिन उन लोगों का कहना था कि "...हम तो इब्राहीम के वंश से हैं और कभी किसी के दास नहीं हुए; फिर तू क्योंकर कहता है, कि तुम स्‍वतंत्र हो जाओगे?" (यूहन्ना 8:33)। बहस होती रही और प्रभु यीशु ने बार बार यह दोहराया कि वह सच कह रहा है (पद 34, 40, 45-46, 51); कुछ ने उनकी बात पर विश्वास किया, परन्तु अन्य उनसे क्रोधित रहे, उनकी बातों पर विश्वास नहीं किया।

   एक तरह से यही बहस आज भी ज़ारी है। जो प्रभु यीशु का विरोध करते हैं वे उनकी बातों को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत करते हैं, उनके अर्थ बिगाड़ कर बताते हैं, उनके कथनों पर सन्देह करते और लाते हैं। लेकिन प्रभु यीशु का आज भी वही दावा है कि वो सच कह रहे हैं और उन पर विश्वास करने वाले सभी लोगों को एक ऐसी अद्भुत स्वतंत्रता देते हैं जो कहीं और कदापि नहीं मिल सकती।

   बाइबल में दी गई प्रभु यीशु की जीवनी, शिक्षाएं और कथन वास्तव में जाँचे जाने के योग्य हैं। परमेश्वर स्वयं हमें कहता है, "सब बातों को परखो: जो अच्छी है उसे पकड़े रहो" (1 थिस्सुलुनीकियों 5:21); अब फैसला हमारे हाथों में है। - डेविड मैक्कैसलैंड


परमेश्वर का सत्य हर जाँच पर खरा उतरता है।

परखकर देखो कि यहोवा कैसा भला है! क्या ही धन्य है वह पुरूष जो उसकी शरण लेता है। - भजन 34:8

बाइबल पाठ: यूहन्ना 8:31-47
John 8:31 तब यीशु ने उन यहूदियों से जिन्हों ने उन की प्रतीति की थी, कहा, यदि तुम मेरे वचन में बने रहोगे, तो सचमुच मेरे चेले ठहरोगे। 
John 8:32 और सत्य को जानोगे, और सत्य तुम्हें स्‍वतंत्र करेगा। 
John 8:33 उन्होंने उसको उत्तर दिया; कि हम तो इब्राहीम के वंश से हैं और कभी किसी के दास नहीं हुए; फिर तू क्योंकर कहता है, कि तुम स्‍वतंत्र हो जाओगे? 
John 8:34 यीशु ने उन को उत्तर दिया; मैं तुम से सच सच कहता हूं कि जो कोई पाप करता है, वह पाप का दास है। 
John 8:35 और दास सदा घर में नहीं रहता; पुत्र सदा रहता है। 
John 8:36 सो यदि पुत्र तुम्हें स्‍वतंत्र करेगा, तो सचमुच तुम स्‍वतंत्र हो जाओगे। 
John 8:37 मैं जानता हूं कि तुम इब्राहीम के वंश से हो; तौभी मेरा वचन तुम्हारे हृदय में जगह नहीं पाता, इसलिये तुम मुझे मार डालना चाहते हो। 
John 8:38 मैं वही कहता हूं, जो अपने पिता के यहां देखा है; और तुम वही करते रहते हो जो तुमने अपने पिता से सुना है। 
John 8:39 उन्होंने उन को उत्तर दिया, कि हमारा पिता तो इब्राहीम है: यीशु ने उन से कहा; यदि तुम इब्राहीम के सन्तान होते, तो इब्राहीम के समान काम करते। 
John 8:40 परन्तु अब तुम मुझ ऐसे मनुष्य को मार डालना चाहते हो, जिसने तुम्हें वह सत्य वचन बताया जो परमेश्वर से सुना, यह तो इब्राहीम ने नहीं किया था। 
John 8:41 तुम अपने पिता के समान काम करते हो: उन्होंने उस से कहा, हम व्यभिचार से नहीं जन्मे; हमारा एक पिता है अर्थात परमेश्वर। 
John 8:42 यीशु ने उन से कहा; यदि परमेश्वर तुम्हारा पिता होता, तो तुम मुझ से प्रेम रखते; क्योंकि मैं परमेश्वर में से निकल कर आया हूं; मैं आप से नहीं आया, परन्तु उसी ने मुझे भेजा। 
John 8:43 तुम मेरी बात क्यों नहीं समझते? इसलिये कि मेरा वचन सुन नहीं सकते। 
John 8:44 तुम अपने पिता शैतान से हो, और अपने पिता की लालसाओं को पूरा करना चाहते हो। वह तो आरम्भ से हत्यारा है, और सत्य पर स्थिर न रहा, क्योंकि सत्य उस में है ही नहीं: जब वह झूठ बोलता, तो अपने स्‍वभाव ही से बोलता है; क्योंकि वह झूठा है, वरन झूठ का पिता है। 
John 8:45 परन्तु मैं जो सच बोलता हूं, इसीलिये तुम मेरी प्रतीति नहीं करते। 
John 8:46 तुम में से कौन मुझे पापी ठहराता है? और यदि मैं सच बोलता हूं, तो तुम मेरी प्रतीति क्यों नहीं करते? 
John 8:47 जो परमेश्वर से होता है, वह परमेश्वर की बातें सुनता है; और तुम इसलिये नहीं सुनते कि परमेश्वर की ओर से नहीं हो।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 27-29
  • तीतुस 3


रविवार, 1 नवंबर 2015

प्रेम


   मैंने एक दुकान में पटिया लिखा एक वाक्य देखा, "मन की जाँच इससे नहीं है कि आप दूसरों से कितना प्रेम करते हैं, वरन इससे है कि लोग आपसे कितना प्रेम करते हैं" और इस कथन का उद्धरण किया गया था बच्चों की एक प्रसिद्ध और लोकप्रीय कथा Wizard of Oz से। निःसन्देह Wizard of Oz एक अच्छी कहानी है, लेकिन आत्मिक बातों के लिए कहानियाँ भरोसेमन्द और सदा सत्य कहने वाला स्त्रोत नहीं होतीं। आत्मिक बातों का सदा सत्य बताने वाला और भरोसेमन्द स्त्रोत है परमेश्वर का वचन बाइबल।

   परमेश्वर ने अपने वचन बाइबल में कहा, "...सब आज्ञाओं में से यह मुख्य है; हे इस्राएल सुन; प्रभु हमारा परमेश्वर एक ही प्रभु है। और तू प्रभु अपने परमेश्वर से अपने सारे मन से और अपने सारे प्राण से, और अपनी सारी बुद्धि से, और अपनी सारी शक्ति से प्रेम रखना। और दूसरी यह है, कि तू अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रखना: इस से बड़ी और कोई आज्ञा नहीं" (मरकुस 12:29-31)। बाइबल हमें ना केवल परमेश्वर से प्रेम करना सिखाती है, वरन मनुष्यों से भी प्रेम करने को कहती है, उन से भी जो हमारे विरोधी और बैरी हैं (मत्ती 5:43-48) जिससे कि हम अपने परमेश्वर पिता के गुण प्रकट करें। ना केवल हमें सब मनुष्यों से प्रेम रखना है परन्तु साथ ही प्रत्युत्तर में कुछ पाने की आशा रखने की बजाए यदि प्रत्युत्तर में बैर भी मिले तो उसमें भी परमेश्वर के धन्यवादी होना, आनन्दित होना है, "धन्य हो तुम, जब मनुष्य मेरे कारण तुम्हारी निन्दा करें, और सताएं और झूठ बोल बोलकर तुम्हरो विरोध में सब प्रकार की बुरी बात कहें। आनन्‍दित और मगन होना क्योंकि तुम्हारे लिये स्वर्ग में बड़ा फल है इसलिये कि उन्होंने उन भविष्यद्वक्ताओं को जो तुम से पहिले थे इसी रीति से सताया था" (मत्ती 5:11-12)।

   जब बात प्रेम की आती है तो समझने के लिए जो अति आवश्यक बात है वह है कि प्रेम का स्त्रोत परमेश्वर है (1 यूहन्ना 4:7-8); जैसे मूसा ने इस्त्राएलियों से कहा कि परमेश्वर उनसे प्रेम करने से प्रसन्न होता है (व्यवस्थाविवरण 10:15) इसीलिए उन्हें भी अन्य लोगों से प्रेम करना है, परदेशियों से भी (पद 19)। परमेश्वर चाहता है कि जो उसके प्रेम के पात्र हैं वे उसके प्रेम को दूसरों तक पहुँचाने का माध्यम भी बनें।

   हम प्रेम इसलिए कर सकते हैं क्योंकि परमेश्वर ने हम से प्रेम किया और हमें प्रेम करना सिखाया है (1 यूहन्ना 4:19)। - जूली ऐकैरमैन लिंक


जो प्रेम नहीं रखता, वह परमेश्वर को नहीं जानता है, क्योंकि परमेश्वर प्रेम है। - 1 यूहन्ना 4:8

हम इसलिये प्रेम करते हैं, कि पहिले उसने हम से प्रेम किया। - 1 यूहन्ना 4:19

बाइबल पाठ: व्यवस्थाविवरण 10:12-22
Deuteronomy 10:12 और अब, हे इस्राएल, तेरा परमेश्वर यहोवा तुझ से इसके सिवाय और क्या चाहता है, कि तू अपने परमेश्वर यहोवा का भय मानें, और उसके सारे मार्गों पर चले, उस से प्रेम रखे, और अपने पूरे मन और अपने सारे प्राण से उसकी सेवा करे, 
Deuteronomy 10:13 और यहोवा की जो जो आज्ञा और विधि मैं आज तुझे सुनाता हूं उन को ग्रहण करे, जिस से तेरा भला हो? 
Deuteronomy 10:14 सुन, स्वर्ग और सब से ऊंचा स्वर्ग भी, और पृथ्वी और उस में जो कुछ है, वह सब तेरे परमेश्वर यहोवा ही का है; 
Deuteronomy 10:15 तौभी यहोवा ने तेरे पूर्वजों से स्नेह और प्रेम रखा, और उनके बाद तुम लोगों को जो उनकी सन्तान हो सर्व देशों के लोगों के मध्य में से चुन लिया, जैसा कि आज के दिन प्रगट है। 
Deuteronomy 10:16 इसलिये अपने अपने हृदय का खतना करो, और आगे को हठीले न रहो। 
Deuteronomy 10:17 क्योंकि तुम्हारा परमेश्वर यहोवा वही ईश्वरों का परमेश्वर और प्रभुओं का प्रभु है, वह महान्‌ पराक्रमी और भय योग्य ईश्वर है, जो किसी का पक्ष नहीं करता और न घूस लेता है। 
Deuteronomy 10:18 वह अनाथों और विधवा का न्याय चुकाता, और परदेशियों से ऐसा प्रेम करता है कि उन्हें भोजन और वस्त्र देता है। 
Deuteronomy 10:19 इसलिये तुम भी परदेशियों से प्रेम भाव रखना; क्योंकि तुम भी मिस्र देश में परदेशी थे। 
Deuteronomy 10:20 अपने परमेश्वर यहोवा का भय मानना; उसी की सेवा करना और उसी से लिपटे रहना, और उसी के नाम की शपथ खाना। 
Deuteronomy 10:21 वही तुम्हारी स्तुति के योग्य है; और वही तेरा परमेश्वर है, जिसने तेरे साथ वे बड़े महत्व के और भयानक काम किए हैं, जिन्हें तू ने अपनी आंखों से देखा है। 
Deuteronomy 10:22 तेरे पुरखा जब मिस्र में गए तब सत्तर ही मनुष्य थे; परन्तु अब तेरे परमेश्वर यहोवा ने तेरी गिनती आकाश के तारों के समान बहुत कर दिया है।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 24-26
  • तीतुस 2


शनिवार, 31 अक्टूबर 2015

प्रेम-दृष्टि


   मार्क सालेम के कार्यक्रमों में आने वाले अनेक लोग यह मानते हैं कि वह उनके मन को पढ़ लेता है; लेकिन मार्क ऐसा कोई दावा नहीं करता। मार्क का कहना है कि वह ना तो कोई जादूगर है और ना ही उसमें लोगों के अन्दर देख पाने की क्षमता है, वह तो केवल उसके पास आने वाले लोगों की हर बात को बारीकी से देखता है और उसका आंकलन करता है। मार्क ने लेखिका जेनिफर मुलसन से एक साक्षात्कार में कहा, "हम एक ऐसे संसार में रहते हैं जो हमारे लिए प्रायः अदृश्य है क्योंकि हम बातों पर ध्यान नहीं देते हैं...मैं लोगों द्वारा प्रगट करी जा रही बातों के प्रति अति संवेदनशील रहता हूँ।"

   यह जानना रुचिकर है कि प्रभु यीशु लोगों में क्या देखते थे। अनन्त जीवन के खोजी एक धनी जवान व्यक्ति से हुई प्रभु यीशु की बातचीत इसका एक अच्छा उदाहरण प्रस्तुत करती है। यह बातचीत परमेश्वर के वचन बाइबल में मत्ती, मरकुस और लूका नामक तीन पुस्तकों में दर्ज है। मरकुस ने अपने विवरण में एक रोचक बात लिखी है, "यीशु ने उस पर दृष्टि कर के उस से प्रेम किया..." (मरकुस 10:21)। क्योंकि यह जवान व्यक्ति धनवान था, संभवतः कुछ लोग उससे ईर्ष्या करते होंगे; या उसके आज्ञाओं को लड़कपन से मानते आने (मरकुस10:19-20) के दावे को लेकर उसे घमण्डी समझते होंगे, लेकिन प्रभु यीशु मे उसे प्रेम-दृष्टि से देखा।

   इस घटना को पढ़ते समय हम अकसर उस अमीर जवान व्यक्ति के अपने धनसंपत्ति को त्यागकर प्रभु यीशु के पीछे हो लेने से इंकार करने और वापस लौट जाने (पद 22) पर ध्यान करते हैं; प्रभु यीशु के चेलों ने भी ऐसा ही किया और किसी धनी व्यक्ति के परमेश्वर के राज्य में प्रवेश कर पाने की कठिनाई से चकित हुए (पद 26), लेकिन प्रभु यीशु ने फिर से अपने प्रेम का उदाहरण देते हुए चेलों से कहा, "...मनुष्यों से तो यह नहीं हो सकता, परन्तु परमेश्वर से हो सकता है; क्योंकि परमेश्वर से सब कुछ हो सकता है" (पद 27)।

   आज भी प्रभु यीशु संसार के हर जन को प्रेम-दृष्टि से देखता है, हर जन को अपने पास आमंत्रित करता है, सभी को उसके पास लौट आने की प्रतीक्षा करता है। प्रभु यीशु के इस निमंत्रण के प्रति आपका प्रत्युत्तर क्या है? - डेविड मैक्कसलैंड


परमेश्वर के पास सब कुछ देखने और जानने वाली दृष्टि और सबको क्षमा कर देने वाला मन है।

यह हमारे उद्धारकर्ता परमेश्वर को अच्छा लगता, और भाता भी है। वह यह चाहता है, कि सब मनुष्यों का उद्धार हो; और वे सत्य को भली भांति पहिचान लें। - 1 तिमुथियुस 2:3-4

बाइबल पाठ: मरकुस 10:17-27
Mark 10:17 और जब वह निकलकर मार्ग में जाता था, तो एक मनुष्य उसके पास दौड़ता हुआ आया, और उसके आगे घुटने टेककर उस से पूछा हे उत्तम गुरू, अनन्त जीवन का अधिकारी होने के लिये मैं क्या करूं? 
Mark 10:18 यीशु ने उस से कहा, तू मुझे उत्तम क्यों कहता है? कोई उत्तम नहीं, केवल एक अर्थात परमेश्वर। 
Mark 10:19 तू आज्ञाओं को तो जानता है; हत्या न करना, व्यभिचार न करना, चोरी न करना, झूठी गवाही न देना, छल न करना, अपने पिता और अपनी माता का आदर करना। 
Mark 10:20 उसने उस से कहा, हे गुरू, इन सब को मैं लड़कपन से मानता आया हूं। 
Mark 10:21 यीशु ने उस पर दृष्टि कर के उस से प्रेम किया, और उस से कहा, तुझ में एक बात की घटी है; जा, जो कुछ तेरा है, उसे बेच कर कंगालों को दे, और तुझे स्वर्ग में धन मिलेगा, और आकर मेरे पीछे हो ले। 
Mark 10:22 इस बात से उसके चेहरे पर उदासी छा गई, और वह शोक करता हुआ चला गया, क्योंकि वह बहुत धनी था। 
Mark 10:23 यीशु ने चारों ओर देखकर अपने चेलों से कहा, धनवानों को परमेश्वर के राज्य में प्रवेश करना कैसा कठिन है! 
Mark 10:24 चेले उस की बातों से अचंभित हुए, इस पर यीशु ने फिर उन को उत्तर दिया, हे बालको, जो धन पर भरोसा रखते हैं, उन के लिये परमेश्वर के राज्य में प्रवेश करना कैसा कठिन है! 
Mark 10:25 परमेश्वर के राज्य में धनवान के प्रवेश करने से ऊंट का सूई के नाके में से निकल जाना सहज है! 
Mark 10:26 वे बहुत ही चकित हो कर आपस में कहने लगे तो फिर किस का उद्धार हो सकता है? 
Mark 10:27 यीशु ने उन की ओर देखकर कहा, मनुष्यों से तो यह नहीं हो सकता, परन्तु परमेश्वर से हो सकता है; क्योंकि परमेश्वर से सब कुछ हो सकता है।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 22-23
  • तीतुस 1


शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2015

अन्तिम अध्याय


   मेरी एक सहेली, जब भी कोई नई रोमांचक किताब पढ़ना आरंभ करती है, वह अन्तिम अध्याय को पहले पढ़ लेती है; उसका कहना है कि ऐसा करने से कथानक से संबंधित उत्सुकता समाप्त हो जाती है और फिर वह शान्त होकर किताब को पढ़ सकती है। ऐसा ही हम मसीही विश्वासियों के साथ भी है; क्योंकि प्रभु यीशु द्वारा संसार की गाथा का अन्त हम पर प्रगट कर दिया गया है इसलिए वर्तमान की सभी अशान्ति, विपित्तियों और अव्यवस्था के बीच हम शान्ति के केंद्र बनकर जी सकते हैं।

   प्रभु यीशु ने हमें आश्वस्त किया है, "मैं ने ये बातें तुम से इसलिये कही हैं, कि तुम्हें मुझ में शान्‍ति मिले; संसार में तुम्हें क्‍लेश होता है, परन्तु ढाढ़स बांधो, मैं ने संसार को जीत लिया है" (यूहन्ना 16:33)। प्रभु यीशु का यह आश्वासन हमें हमारी प्रतिदिन की समस्याओं पर जयवन्त करता है। हमारे चारों ओर चाहे राज्य गिरें, चाहे हमारे मित्र बदल जाएं, या हमारे अराधनालय बन्द कर दिए जाएं, या फिर समुद्र चढ़ आए अथवा पर्वत हम पर टूट जाएं, लेकिन प्रभु यीशु में होकर हम शान्त बने रह सकते हैं - कैसे? यह स्मरण करते हुए कि प्रभु यीशु का आगमन निकट है (याकूब 5:8)।

   प्रभु यीशु ने अपने दूसरे आगमन के जो चिन्ह अपने चेलों को बताए थे वे सब पूरे हो चले हैं; इससे हम जानते हैं कि अब उसका आगमन बहुत निकट है, वरन वह द्वार ही पर है। प्रभु किसी भी क्षण आ सकता है और उसके आगमन के साथ हर गलत बात ठीक कर दी जाएगी, यह संसार और इसकी हर बात प्रभु की आधीनता में हो जाएगी, वह सब कुछ ठीक और सही कर देगा, और तब "पृथ्वी यहोवा की महिमा के ज्ञान से ऐसी भर जाएगी जैसे समुद्र जल से भर जाता है" (हबकुक 2:14)।

   प्रभु यीशु ने कहा, "...हां मैं शीघ्र आने वाला हूं" (प्रकाशितवाक्य 22:20)। आज प्रभु यीशु के आगमन का दिन हो सकता है! परमेश्वर के वचन बाइबल के अन्तिम अध्याय में प्रभु द्वारा कही गई अन्तिम बात यही है; यह पूरी अवश्य ही होगी, संभवतः आज ही! - डेविड रोपर


प्रभु यीशु के पुनःआगमन से अधिक व्यावाहरिक दैनिक मसीही जीवन को प्रभावित करने वाला सिद्धांत कोई अन्य नहीं है।

तुम भी धीरज धरो, और अपने हृदय को दृढ़ करो, क्योंकि प्रभु का शुभागमन निकट है। - याकूब 5:8

बाइबल पाठ: प्रकाशितवाक्य 22:6-20
Revelation 22:6 फिर उसने मुझ से कहा, ये बातें विश्वास के योग्य, और सत्य हैं, और प्रभु ने जो भविष्यद्वक्ताओं की आत्माओं का परमेश्वर है, अपने स्वर्गदूत को इसलिये भेजा, कि अपने दासों को वे बातें जिन का शीघ्र पूरा होना अवश्य है दिखाए। 
Revelation 22:7 देख, मैं शीघ्र आने वाला हूं; धन्य है वह, जो इस पुस्‍तक की भविष्यद्वाणी की बातें मानता है।
Revelation 22:8 मैं वही यूहन्ना हूं, जो ये बातें सुनता, और देखता था; और जब मैं ने सुना, और देखा, तो जो स्वर्गदूत मुझे ये बातें दिखाता था, मैं उसके पांवों पर दण्‍डवत करने के लिये गिर पड़ा। 
Revelation 22:9 और उसने मुझ से कहा, देख, ऐसा मत कर; क्योंकि मैं तेरा और तेरे भाई भविष्यद्वक्ताओं और इस पुस्‍तक की बातों के मानने वालों का संगी दास हूं; परमेश्वर ही को दण्‍डवत कर।
Revelation 22:10 फिर उसने मुझ से कहा, इस पुस्‍तक की भविष्यद्ववाणी की बातों को बन्‍द मत कर; क्योंकि समय निकट है।
Revelation 22:11 जो अन्याय करता है, वह अन्याय ही करता रहे; और जो मलिन है, वह मलिन बना रहे; और जो धर्मी है, वह धर्मी बना रहे; और जो पवित्र है, वह पवित्र बना रहे। 
Revelation 22:12 देख, मैं शीघ्र आने वाला हूं; और हर एक के काम के अनुसार बदला देने के लिये प्रतिफल मेरे पास है। 
Revelation 22:13 मैं अलफा और ओमिगा, पहिला और पिछला, आदि और अन्‍त हूं। 
Revelation 22:14 धन्य वे हैं, जो अपने वस्‍त्र धो लेते हैं, क्योंकि उन्हें जीवन के पेड़ के पास आने का अधिकार मिलेगा, और वे फाटकों से हो कर नगर में प्रवेश करेंगे। 
Revelation 22:15 पर कुत्ते, और टोन्‍हें, और व्यभिचारी, और हत्यारे और मूर्तिपूजक, और हर एक झूठ का चाहने वाला, और गढ़ने वाला बाहर रहेगा।
Revelation 22:16 मुझ यीशु ने अपने स्वर्गदूत को इसलिये भेजा, कि तुम्हारे आगे कलीसियाओं के विषय में इन बातों की गवाही दे: मैं दाऊद का मूल, और वंश, और भोर का चमकता हुआ तारा हूं।
Revelation 22:17 और आत्मा, और दुल्हिन दोनों कहती हैं, आ; और सुनने वाला भी कहे, कि आ; और जो प्यासा हो, वह आए और जो कोई चाहे वह जीवन का जल सेंतमेंत ले।
Revelation 22:18 मैं हर एक को जो इस पुस्‍तक की भविष्यद्वाणी की बातें सुनता है, गवाही देता हूं, कि यदि कोई मनुष्य इन बातों में कुछ बढ़ाए, तो परमेश्वर उन विपत्तियों को जो इस पुस्‍तक में लिखीं हैं, उस पर बढ़ाएगा। 
Revelation 22:19 और यदि कोई इस भविष्यद्वाणी की पुस्‍तक की बातों में से कुछ निकाल डाले, तो परमेश्वर उस जीवन के पेड़ और पवित्र नगर में से जिस की चर्चा इस पुस्‍तक में है, उसका भाग निकाल देगा।। 
Revelation 22:20 जो इन बातों की गवाही देता है, वह यह कहता है, हां मैं शीघ्र आने वाला हूं। आमीन। हे प्रभु यीशु आ।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 20-21
  • 2 तिमुथियुस 4


गुरुवार, 29 अक्टूबर 2015

अद्भुत


   जैसे ही हमारा वायुयान उतरने लगा, विमान परिचारिका ने उतरने से संबंधित जानकारी पढ़नी आरंभ कर दी; उसका बताने का तरीका ऐसा था मानों वह उस दिन में हज़ारवीं बार दोहरा रही हो - ना कोई रुचि और ना ही कोई भावना; रूखी नीरस आवाज़ में उसने जानकारी की सूचि को पढ़कर समाप्त करते हुए कहा, "आपका दिन अत्युत्तम रहे" जबकि उसके कहने के लहज़े में उस दिन को विशेष बताने लायक कुछ भी नहीं था।

   कभी कभी मुझे लगता है कि परमेश्वर के साथ अपने संबंध को हम ऐसे ही देखते हैं - औपचारिक, उबाऊ, बेपरवाह, उदासीन। प्रभु यीशु में होकर हमें परमेश्वर की सन्तान होने, उसके परिवार के सदस्य होने का गौरव प्राप्त हुआ है; लेकिन इस अद्भुत सच्चाई के साथ जो अचरज और आनन्द जुड़ा होना चाहिए अनेक बार वह हमारे जीवनों से दिखाई नहीं देता।

   अय्युब ने परमेश्वर से अपनी परेशानियों और दुखों को लेकर प्रश्न किया, लेकिन जब परमेश्वर ने उसे उत्तर देना और उससे अपनी सृष्टि की अद्भुत बातें बयान करना आरंभ किया तो अय्युब अपने सृष्टिकर्ता और उसकी अद्भुत सृष्टि का वर्णन सुनकर नतमस्तक हो गया, और शर्मिंदगी के साथ परमेश्वर से बोला, तू ने पूछा "तू कौन है जो ज्ञान रहित हो कर युक्ति पर परदा डालता है? परन्तु मैं ने तो जो नहीं समझता था वही कहा, अर्थात जो बातें मेरे लिये अधिक कठिन और मेरी समझ से बाहर थीं जिन को मैं जानता भी नहीं था" (अय्युब 42:3)।

   मेरी लालसा है कि परमेश्वर और मेरे प्रति उसके अद्भुत प्रेम की अद्भुत सच्चाई मेरे मन को पकड़ ले, वश में कर ले - प्रभु यीशु पर लाए गए विश्वास द्वारा परमेश्वर की सन्तान हो जाना - क्या ही अद्भुत बात है! - बिल क्राउडर


परमेश्वर और हमारे प्रति उसके प्रेम से बढ़कर अद्भुत कोई भी अन्य बात नहीं है।

देखो, हम धीरज धरने वालों को धन्य कहते हैं: तुम ने अय्यूब के धीरज के विषय में तो सुना ही है, और प्रभु की ओर से जो उसका प्रतिफल हुआ उसे भी जान लिया है, जिस से प्रभु की अत्यन्‍त करूणा और दया प्रगट होती है। - याकूब 5:11

बाइबल पाठ: अय्युब 42:1-6
Job 42:1 तब अय्यूब ने यहोवा को उत्तर दिया; 
Job 42:2 मैं जानता हूँ कि तू सब कुछ कर सकता है, और तेरी युक्तियों में से कोई रुक नहीं सकती। 
Job 42:3 तू कौन है जो ज्ञान रहित हो कर युक्ति पर परदा डालता है? परन्तु मैं ने तो जो नहीं समझता था वही कहा, अर्थात जो बातें मेरे लिये अधिक कठिन और मेरी समझ से बाहर थीं जिन को मैं जानता भी नहीं था। 
Job 42:4 मैं निवेदन करता हूं सुन, मैं कुछ कहूंगा, मैं तुझ से प्रश्न करता हूँ, तू मुझे बता दे। 
Job 42:5 मैं कानों से तेरा समाचार सुना था, परन्तु अब मेरी आंखें तुझे देखती हैं; 
Job 42:6 इसलिये मुझे अपने ऊपर घृणा आती है, और मैं धूलि और राख में पश्चात्ताप करता हूँ।

एक साल में बाइबल: यिर्मयाह 18-19; 2 तिमुथियुस 3