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बुधवार, 19 जुलाई 2017

बड़ाई


   अमेरिका में अश्वेत नागरिकों को उनके अधिकारों को दिलवाने वाली एक प्रमुख महिला रोज़ा पार्कर का निधन 2005 में हुआ। उनके निधन पर प्रसिद्ध टी.वी. कार्यक्रम प्रस्तुतकर्ता, ओप्रा विन्फ्रे ने इसे अपना सौभाग्य समझा कि उन्हें उनके बारे में कुछ कहने का अवसर दिया गया। रोज़ा पार्कर के साथ 1955 में हुई घटना, जब उन्होंने बस में यात्रा करने के समय एक श्वेत व्यक्ति के लिए अपनी सीट छोड़ने से इंकार किया था, के विषय में  उनकी बड़ाई करते हुए ओप्रा ने कहा, "मैं बहुधा सोचती हूँ कि ऐसा करने के लिए कैसे साहस की आवश्यकता रही होगी - उस समय के जातिवाद संबंधी सामाजिक वातावरण को जानते हुए और यह भी जानते हुए कि इस प्रातिरोध के कारण उनके साथ कुछ भी हो सकता था - फिर भी अपनी सीट पर बने रहना, उसे न छोड़ना, इसके लिए उन्हें कैसी कीमत चुकानी पड़ी होगी। परन्तु उन्होंने अपनी भलाई की परवाह किए बिना यह किया और हम सब के लिए जीवन बेहतर बना दिया।"

   बड़ाई केवल अन्तयेष्टि के समय ही नहीं वरन अनेकों अन्य समयों पर की जा सकती है। परमेश्वर के वचन बाइबल में, इफसुस के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री की आरंभिक पंक्तियाँ प्रेरित पौलुस द्वारा की गई परमेश्वर की बड़ाई है; उसने लिखा, "हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर और पिता का धन्यवाद हो, कि उसने हमें मसीह में स्‍वर्गीय स्थानों में सब प्रकार की आशीष दी है" (इफिसियों 1:3)। पौलुस ने इफसुस के मसीही विश्वासियों को आमंत्रित किया कि वे भी उसके साथ मिलकर परमेश्वर की बड़ाई करें, उन सब आत्मिक आशीषों के लिए जो परमेश्वर से मिली हैं: परमेश्वर ने उन्हें चुना और अपनी लेपालक संतान बना लिया; प्रभु यीशु ने पाप के बन्धनों से छुड़ाया, पापों को क्षमा किया और सुसमाचार का भेद प्रकट किया; परमेश्वर के पवित्र आत्मा द्वारा उन पर छाप लगी और गारण्टी मिली। यह महान उद्धार केवल परमेश्वर के अनुग्रह का कार्य था।

   हम मसीह यीशु में होकर मिलने वाली परमेश्वर की आशीषों पर अपने ध्यान केंद्रित रखें; जब हम यह करेंगे, तो हम पाएंगे कि हमारे हृदय, उसकी महिमा और स्तुति करने के लिए, परमेश्वर की बड़ाई से उमड़ रहे हैं। - मार्विन विलियम्स


पाप के बन्धनों से मुक्त हुई आत्मा से निकला स्तुति-गीत ही बड़ाई है।

धन्य है, यहोवा परमेश्वर जो इस्राएल का परमेश्वर है; आश्चर्य कर्म केवल वही करता है। उसका महिमायुक्त नाम सर्वदा धन्य रहेगा; और सारी पृथ्वी उसकी महिमा से परिपूर्ण होगी। आमीन फिर आमीन। - भजन 72:18-19

बाइबल पाठ: इफिसियों 1:1-14
Ephesians 1:1 पौलुस की ओर से जो परमेश्वर की इच्छा से यीशु मसीह का प्रेरित है, उन पवित्र और मसीह यीशु में विश्वासी लोगों के नाम जो इफिसुस में हैं।
Ephesians 1:2 हमारे पिता परमेश्वर और प्रभु यीशु मसीह की ओर से तुम्हें अनुग्रह और शान्‍ति मिलती रहे।
Ephesians 1:3 हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर और पिता का धन्यवाद हो, कि उसने हमें मसीह में स्‍वर्गीय स्थानों में सब प्रकार की आशीष दी है। 
Ephesians 1:4 जैसा उसने हमें जगत की उत्‍पति से पहिले उस में चुन लिया, कि हम उसके निकट प्रेम में पवित्र और निर्दोष हों। 
Ephesians 1:5 और अपनी इच्छा की सुमति के अनुसार हमें अपने लिये पहिले से ठहराया, कि यीशु मसीह के द्वारा हम उसके लेपालक पुत्र हों, 
Ephesians 1:6 कि उसके उस अनुग्रह की महिमा की स्‍तुति हो, जिसे उसने हमें उस प्यारे में सेंत मेंत दिया। 
Ephesians 1:7 हम को उस में उसके लोहू के द्वारा छुटकारा, अर्थात अपराधों की क्षमा, उसके उस अनुग्रह के धन के अनुसार मिला है। 
Ephesians 1:8 जिसे उसने सारे ज्ञान और समझ सहित हम पर बहुतायत से किया। 
Ephesians 1:9 कि उसने अपनी इच्छा का भेद उस सुमति के अनुसार हमें बताया जिसे उसने अपने आप में ठान लिया था। 
Ephesians 1:10 कि समयों के पूरे होने का ऐसा प्रबन्‍ध हो कि जो कुछ स्वर्ग में है, और जो कुछ पृथ्वी पर है, सब कुछ वह मसीह में एकत्र करे। 
Ephesians 1:11 उसी में जिस में हम भी उसी की मनसा से जो अपनी इच्छा के मत के अनुसार सब कुछ करता है, पहिले से ठहराए जा कर मीरास बने। 
Ephesians 1:12 कि हम जिन्हों ने पहिले से मसीह पर आशा रखी थी, उस की महिमा की स्‍तुति के कारण हों। 
Ephesians 1:13 और उसी में तुम पर भी जब तुम ने सत्य का वचन सुना, जो तुम्हारे उद्धार का सुसमाचार है, और जिस पर तुम ने विश्वास किया, प्रतिज्ञा किए हुए पवित्र आत्मा की छाप लगी। 
Ephesians 1:14 वह उसके मोल लिये हुओं के छुटकारे के लिये हमारी मीरास का बयाना है, कि उस की महिमा की स्‍तुति हो।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 23-25
  • प्रेरितों 21:18-40


मंगलवार, 18 जुलाई 2017

मेरी रीति


   दो छोटे बालक धागों और डंडियों के साथ एक जटिल खेल को खेल रहे थे। थोड़े समय में जो उनमें से बड़ा था, अपने मित्र की ओर मुड़ कर बोला, "तुम इसे सही रीति से नहीं खेल रहे हो। यह मेरा खेल है और हम इसे मेरी रीति से ही खेलेंगे। अब तुम इसे नहीं खेलोगे।" अपनी रीति से काम करवाने की प्रवृत्ति बालकपन में ही आरंभ हो जाती है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल की एक घटना है जहाँ नामान नामक एक व्यक्ति है जिसे अपनी रीति से कार्य करवाने की आदत थी। नामान अराम के राजा का सेनापति था; परन्तु साथ ही उसे कोढ़ भी था। एक दिन नामान की पत्नि की दासी, एक छोटी लड़की ने, जिसे इस्त्राएल से बन्दी बनाकर लाया गया था, परामर्श दिया कि नामान इसत्राएल में रहने वाले परमेश्वर के भविष्यद्वक्ता एलीशा के पास जाए क्योंकि एलीशा उसे चँगा कर सकता था। नामान अपने रोग को लेकर परेशान था, इसलिए उस लड़की की बात पर विश्वास करके अपने शत्रुओं के इलाके में अपनी चँगाई के लिए जाने को तैयार हो गया; परन्तु उसके अन्दर भावना थी कि भविष्यद्वक्ता बाहर निकलकर बड़े आदर के साथ उसका स्वागत करे और जैसी उसकी आशा थी, उस ही के अनुसार उसे चँगा करे। इसलिए नामान के आने पर जब एलीशा ने उसके पास बाहर आए बिना भीतर से ही सन्देश भिजवा दिया कि नामान जाकर सात बार यरदन नदी में डुबकी लगाकर नहा ले, तो नामान बहुत क्रोधित हुआ और उसने ऐसा करने से इंकार कर दिया (2 राजा 5:10-12)। लेकिन उसके सेवकों ने उसे समझाया, और जब नामान ने नम्र होकर परमेश्वर द्वारा भेजे गए निर्देश के नुसार किया तब वह तुरंत चँगा हो गया (पद 13-14)।

   संभवतः हम में से प्रत्येक के जीवन में यह अनुभव अवश्य आया होगा जब हमने किसी बात को लेकर परमेश्वर से कहा हो कि "मैं तो यह अपनी रीति से ही करूँगा।" परन्तु परमेश्वर का तरीका ही सबसे अच्छा तरीका होता है। इसलिए प्रार्थना करें कि परमेश्वर हमें ऐसा नम्र मन दे जो स्वेच्छा से हमारी अपनी रीति नहीं वरन परमेश्वर की रीति का पालन करना चाहते हैं। - मेरियन स्ट्राउड


नम्रता का अर्थ है अपने बारे में सही आँकलन करना। - चार्ल्स स्पर्जन

ऐसा मार्ग है, जो मनुष्य को ठीक देख पड़ता है, परन्तु उसके अन्त में मृत्यु ही मिलती है। - नीतिवचन 14:12 

बाइबल पाठ: 2 राजा 5:1-15
2 Kings 5:1 अराम के राजा का नामान नाम सेनापति अपने स्वामी की दृष्टि में बड़ा और प्रतिष्ठित पुरुष था, क्योंकि यहोवा ने उसके द्वारा अरामियों को विजयी किया था, और यह शूरवीर था, परन्तु कोढ़ी था। 
2 Kings 5:2 अरामी लोग दल बान्ध कर इस्राएल के देश में जा कर वहां से एक छोटी लड़की बन्धुवाई में ले आए थे और वह नामान की पत्नी की सेवा करती थी। 
2 Kings 5:3 उसने अपनी स्वामिन से कहा, जो मेरा स्वामी शोमरोन के भविष्यद्वक्ता के पास होता, तो क्या ही अच्छा होता! क्योंकि वह उसको कोढ़ से चंगा कर देता। 
2 Kings 5:4 तो किसी ने उसके प्रभु के पास जा कर कह दिया, कि इस्राएली लड़की इस प्रकार कहती है। 
2 Kings 5:5 अराम के राजा ने कहा, तू जा, मैं इस्राएल के राजा के पास एक पत्र भेजूंगा; तब वह दस किक्कार चान्दी और छ:हजार टुकड़े सोना, और दस जोड़े कपड़े साथ ले कर रवाना हो गया। 
2 Kings 5:6 और वह इस्राएल के राजा के पास वह पत्र ले गया जिस में यह लिखा था, कि जब यह पत्र तुझे मिले, तब जानना कि मैं ने नामान नाम अपने एक कर्मचारी को तेरे पास इसलिये भेजा है, कि तू उसका कोढ़ दूर कर दे। 
2 Kings 5:7 इस पत्र के पढ़ने पर इस्राएल का राजा अपने वस्त्र फाड़ कर बोला, क्या मैं मारने वाला और जिलाने वाला परमेश्वर हूँ कि उस पुरुष ने मेरे पास किसी को इसलिये भेजा है कि मैं उसका कोढ़ दूर करूं? सोच विचार तो करो, वह मुझ से झगड़े का कारण ढूंढ़ता होगा। 
2 Kings 5:8 यह सुनकर कि इस्राएल के राजा ने अपने वस्त्र फाड़े हैं, परमेश्वर के भक्त एलीशा ने राजा के पास कहला भेजा, तू ने क्यों अपने वस्त्र फाड़े हैं? वह मेरे पास आए, तब जान लेगा, कि इस्राएल में भविष्यद्वक्ता तो है। 
2 Kings 5:9 तब नामान घोड़ों और रथों समेत एलीशा के द्वार पर आकर खड़ा हुआ। 
2 Kings 5:10 तब एलीशा ने एक दूत से उसके पास यह कहला भेजा, कि तू जा कर यरदन में सात बार डुबकी मार, तब तेरा शरीर ज्यों का त्यों हो जाएगा, और तू शुद्ध होगा। 
2 Kings 5:11 परन्तु नामान क्रोधित हो यह कहता हुआ चला गया, कि मैं ने तो सोचा था, कि अवश्य वह मेरे पास बाहर आएगा, और खड़ा हो कर अपने परमेश्वर यहोवा से प्रार्थना कर के कोढ़ के स्थान पर अपना हाथ फेर कर कोढ़ को दूर करेगा! 
2 Kings 5:12 क्या दमिश्क की अबाना और पर्पर नदियां इस्राएल के सब जलाशयों से अत्तम नहीं हैं? क्या मैं उन में स्नान कर के शुद्ध नहीं हो सकता हूँ? इसलिये वह जलजलाहट से भरा हुआ लौट कर चला गया। 
2 Kings 5:13 तब उसके सेवक पास आकर कहने लगे, हे हमारे पिता यदि भविष्यद्वक्ता तुझे कोई भारी काम करने की आज्ञा देता, तो क्या तू उसे न करता? फिर जब वह कहता है, कि स्नान कर के शुद्ध हो जा, तो कितना अधिक इसे मानना चाहिये। 
2 Kings 5:14 तब उसने परमेश्वर के भक्त के वचन के अनुसार यरदन को जा कर उस में सात बार डुबकी मारी, और उसका शरीर छोटे लड़के का सा हो गया; उौर वह शुद्ध हो गया। 
2 Kings 5:15 तब वह अपने सब दल बल समेत परमेश्वर के भक्त के यहां लौट आया, और उसके सम्मुख खड़ा हो कर कहने लगा सुन, अब मैं ने जान लिया है, कि समस्त पृथ्वी में इस्राएल को छोड़ और कहीं परमेश्वर नहीं है। इसलिये अब अपने दास की भेंट ग्रहण कर।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 20-22
  • प्रेरितों 21:1-17


सोमवार, 17 जुलाई 2017

सुसमाचार


   मैं चार किशोरों और एक बेघर जवान व्यक्ति के साथ निर्धनों के लिए भोजन उपलब्ध करवाने वाले एक स्थान में बैठा हुआ था, और उस जवान के प्रति उन किशोरों की अनुकंपा को देखकर बहुत प्रभावित हुआ। पहले वे धैर्य और नम्रता के साथ उस जवान से उसके बारे में और उसकी विश्वास धारणाओं के बारे में सुनते रहे, फिर उन्होंने कोमलता से प्रभु यीशु मसीह में आशा और आनन्द का सुसमाचार उसके सामने प्रस्तुत किया। दुःख की बात है कि उस जवान ने उनकी बात को मानने और प्रभु यीशु पर विश्वास करने से इंकार कर दिया।

   जब हम उस स्थान से जा रहे थे तो एक किशोरी ने आँखों में आँसुओं के साथ कहा कि वह कदापि नहीं चाहती है कि उस व्यक्ति की मृत्यु प्रभु यीशु को जाने बिना हो जाए। अपने हृदय की गहराईयों से वह उस व्यक्ति के लिए दुःखी थी, जिसने उद्धारकर्ता प्रभु यीशु के प्रेम के निमंत्रण को, कम से कम अभी के लिए, ठुकरा दिया था।

   उस किशोरी के आँसुओं से मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल के एक प्रमुख पात्र, प्रेरित पौलुस का ध्यान आया जो प्रभु की सेवकाई बड़ी नम्रता से करता था और अपने जाति-भाई इस्त्राएलियों के लिए उसके हृदय में बहुत दुःख था; उसकी गहरी चाह थी कि उसके समान अन्य इस्त्राएली भी प्रभु यीशु पर विश्वास ले आएं (रोमियों 9:1-5)। अपने इस्त्राएली भाई-बहनों के प्रति पौलुस की चिंता और अनुकंपा, अनेकों बार उसकी आँखों में उनके लिए आँसू लेकर आई होगी।
   
   यदि उनके प्रति, जिन्होंने प्रभु यीशु में होकर परमेश्वर से मिलने वाली पापों की क्षमा को स्वीकार नहीं किया है, हम वास्तव में चिंता रखते हैं तो उनके साथ सुसमाचार को बाँटने के लिए हम कोई न कोई तरीका ढूँढ़ लेंगे। अपने विश्वास के भरोसे को थामे हुए, अनुकंपा के आँसुओं के साथ, आईये हम सुसमाचार को उनके पास लेकर जाएं जिन्हें जगत के उद्धाकर्ता, प्रभु यीशु मसीह को जानने की आवश्यकता है। - डेव ब्रैनन


सुसमाचार बाँटने का अर्थ है एक व्यक्ति दूसरे तक अच्छा समाचार पहुँचाए।

क्योंकि मैं सुसमाचार से नहीं लजाता, इसलिये कि वह हर एक विश्वास करने वाले के लिये, पहिले तो यहूदी, फिर यूनानी के लिये उद्धार के निमित परमेश्वर की सामर्थ है। क्योंकि उस में परमेश्वर की धामिर्कता विश्वास से और विश्वास के लिये प्रगट होती है; जैसा लिखा है, कि विश्वास से धर्मी जन जीवित रहेगा। - रोमियों 1:16-17

बाइबल पाठ: रोमियों 9:1-5
Romans 9:1 मैं मसीह में सच कहता हूं, झूठ नहीं बोलता और मेरा विवेक भी पवित्र आत्मा में गवाही देता है। 
Romans 9:2 कि मुझे बड़ा शोक है, और मेरा मन सदा दुखता रहता है। 
Romans 9:3 क्योंकि मैं यहां तक चाहता था, कि अपने भाईयों, के लिये जो शरीर के भाव से मेरे कुटुम्बी हैं, आप ही मसीह से शापित हो जाता। 
Romans 9:4 वे इस्त्राएली हैं; और लेपालकपन का हक और महिमा और वाचाएं और व्यवस्था और उपासना और प्रतिज्ञाएं उन्हीं की हैं। 
Romans 9:5 पुरखे भी उन्हीं के हैं, और मसीह भी शरीर के भाव से उन्हीं में से हुआ, जो सब के ऊपर परम परमेश्वर युगानुयुग धन्य है। आमीन।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 18-19
  • प्रेरितों 20:17-38


रविवार, 16 जुलाई 2017

नाम


   सभी घर-परिवारों में परिवार से संबंधित कुछ विशिष्ट कहानियाँ होती हैं। हमारे परिवार में भी ऐसी ही एक कहानी है, और यह कहानी मेरे नाम से संबंधित है। मेरे माता-पिता के विवाह के आरंभिक समय में उनमें अपने पहले पुत्र के नाम को लेकर असहमति रहती थी। मेरी माँ चाहती थीं कि पुत्र का वही नाम हो जो पिता का है, परन्तु मेरे पिता इससे सहमत नहीं थे। बहुत चर्चा के बाद उन्होंने एक समझौता किया; उनमें इस बात पर सहमति बनी कि यदि पुत्र हुआ और वह पिताजी के जन्मदिन पर पैदा हुआ तो उसका नाम वही होगा जो पिताजी का है। आशचर्यजनक रूप से, मेरा जन्म अपने पिता के जन्मदिन पर ही हुआ, इसलिए मुझे मेरे पिता का नाम दिया गया, और उसके साथ "जूनियर" लगा दिया गया।

   बच्चों को नाम देना तो समय जितना ही प्राचीन है। परमेश्वर के वचन बाइबल में जब प्रभु यीशु के जन्म से पहले यूसुफ अपनी मंगेतर मरियम के गर्भवती होने के समाचार को लेकर परेशान था तो परमेश्वर की ओर से भेजे गए स्वर्गदूत ने उसके असमंजस को दूर किया और आने वाले जगत के उद्धारकर्ता के नाम के बारे में भी निर्देष दिए: "वह पुत्र जनेगी और तू उसका नाम यीशु रखना; क्योंकि वह अपने लोगों का उन के पापों से उद्धार करेगा" (मत्ती 1:21)। न केवल उस बालक का नाम यीशु होना था वरन यह नाम उसके संसार में आने के उद्देश्य को भी बताता है - मानव जाति को उसके पाप से बचाने का मार्ग देना। इसीलिए यीशु नाम सब नामों से श्रेष्ठ और सर्वोच्च नाम है।

   हमारे हृदय की अभिलाषा यीशु नाम के प्रति समर्पित होकर इस अद्भुत नाम को अपने जीवनों से आदर देते रहने की होनी चाहिए। - बिल क्राउडर जूनियर


यीशु : उसका नाम और उसका उद्देश्य दोनों एक ही हैं।

परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं। वे न तो लोहू से, न शरीर की इच्छा से, न मनुष्य की इच्छा से, परन्तु परमेश्वर से उत्पन्न हुए हैं। - यूहन्ना 1:12-13

बाइबल पाठ: मत्ती 1:18-25
Matthew 1:18 अब यीशु मसीह का जन्म इस प्रकार से हुआ, कि जब उस की माता मरियम की मंगनी यूसुफ के साथ हो गई, तो उन के इकट्ठे होने के पहिले से वह पवित्र आत्मा की ओर से गर्भवती पाई गई। 
Matthew 1:19 सो उसके पति यूसुफ ने जो धर्मी था और उसे बदनाम करना नहीं चाहता था, उसे चुपके से त्याग देने की मनसा की। 
Matthew 1:20 जब वह इन बातों के सोच ही में था तो प्रभु का स्वर्गदूत उसे स्‍वप्‍न में दिखाई देकर कहने लगा; हे यूसुफ दाऊद की सन्तान, तू अपनी पत्‍नी मरियम को अपने यहां ले आने से मत डर; क्योंकि जो उसके गर्भ में है, वह पवित्र आत्मा की ओर से है। 
Matthew 1:21 वह पुत्र जनेगी और तू उसका नाम यीशु रखना; क्योंकि वह अपने लोगों का उन के पापों से उद्धार करेगा। 
Matthew 1:22 यह सब कुछ इसलिये हुआ कि जो वचन प्रभु ने भविष्यद्वक्ता के द्वारा कहा था; वह पूरा हो। 
Matthew 1:23 कि, देखो एक कुंवारी गर्भवती होगी और एक पुत्र जनेगी और उसका नाम इम्मानुएल रखा जाएगा जिस का अर्थ यह है “परमेश्वर हमारे साथ”। 
Matthew 1:24 सो यूसुफ नींद से जागकर प्रभु के दूत की आज्ञा अनुसार अपनी पत्‍नी को अपने यहां ले आया। 
Matthew 1:25 और जब तक वह पुत्र न जनी तब तक वह उसके पास न गया: और उसने उसका नाम यीशु रखा।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 16-17
  • प्रेरितों 20:1-16


शनिवार, 15 जुलाई 2017

परिवर्तित हृदय


   अफ्रीकी देश घाना में 1970 के दशक में, दीवारों तथा सार्वजनिक सूचना पटलों पर, एक पोस्टर दिखाई देना आरंभ हुआ - "मनुष्य का हृदय"। इस पोस्टर में दो तस्वीरें थीं; पहली में एक बहुत अप्रसन्न और दुःखी मनुष्य था जिसके हृदय में बुराई और घृणित बातों के चिन्ह, अनेकों प्रकार के रेंगने वाले जन्तु भरे हुए थे। दूसरी तस्वीर थी एक बहुत प्रसन्न और शान्त मनुष्य और उसके हृदय की जो बिलकुल स्वच्छ था। इन दोनों तस्वीरो के नीचे एक प्रश्न लिखा हुआ था, "आपके हृदय की दशा क्या है?"

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु ने बताया है कि मनुष्य किस से दूषित होता है: "पर जो कुछ मुंह से निकलता है, वह मन से निकलता है, और वही मनुष्य को अशुद्ध करता है। क्योंकि कुचिन्‍ता, हत्या, परस्त्रीगमन, व्यभिचार, चोरी, झूठी गवाही और निन्‍दा मन ही से निकलतीं है" (मत्ती 15:18-19); यह उस मनुष्य के हृदय की दशा है जो परमेश्वर से दूर है। भविष्यद्वक्ता यहेजकेल के दिनों में इस्त्राएलियों की भी यही दशा थी, और उनके पापों के कारण विवश होकर उन्हें देश छोड़कर जाना पड़ा (यहेजकेल 36:23)।

   परन्तु पाप में फंसे और पाप के कारण विस्थापित हुए उन लोगों से परमेश्वर ने एक अद्भुत प्रतिज्ञा की: "मैं तुम को नया मन दूंगा, और तुम्हारे भीतर नई आत्मा उत्पन्न करूंगा; और तुम्हारी देह में से पत्थर का हृदय निकाल कर तुम को मांस का हृदय दूंगा" (यहेजकेल 36:26)। परमेश्वर की यही प्रतिज्ञा आज प्रभु यीशु मसीह में होकर सारे संसार के सभी लोगों के लिए भी उपलब्ध है। जब हम अपने पापों को मानकर प्रभु यीशु से उनके लिए क्षमा माँगते हैं, अपना जीवन स्वेच्छा से उसे समर्पित करते हैं तो पाप से भरे हमारे हृदय को वह धोकर शुद्ध और स्वच्छ करता है, उसे पाप से अपनी ओर परिवर्तित करता है। परमेश्वर का कोटि-कोटि धन्यवाद हो उसकी क्षमा और उद्धार के इस अद्भुत उपहार के लिए। - लॉरेंस दरमानी


जीवन के नए आरंभ के लिए, परमेश्वर से एक नया हृदय माँगें।

भला, मनुष्य मन के भले भण्‍डार से भली बातें निकालता है; और बुरा मनुष्य बुरे भण्‍डार से बुरी बातें निकालता है। - मत्ती 12:35

बाइबल पाठ: यहेजकेल 36:18-31
Ezekiel 36:18 सो जो हत्या उन्होंने देश में की, और देश को अपनी मूरतों के द्वारा अशुद्ध किया, इसके कारण मैं ने उन पर अपनी जलजलाहट भड़काई। 
Ezekiel 36:19 और मैं ने उन्हें जाति-जाति में तितर-बितर किया, और वे देश देश में छितर गए; उनके चालचलन और कामों के अनुसार मैं ने उन को दण्ड दिया। 
Ezekiel 36:20 परन्तु जब वे उन जातियों में पहुंचे जिन में वे पहुंचाए गए, तब उन्होंने मेरे पवित्र नाम को अपवित्र ठहराया, क्योंकि लोग उनके विषय में यह कहने लगे, ये यहोवा की प्रजा हैं, परन्तु उसके देश से निकाले गए हैं। 
Ezekiel 36:21 परन्तु मैं ने अपने पवित्र नाम की सुधि ली, जिसे इस्राएल के घराने ने उन जातियों के बीच अपवित्र ठहराया था, जहां वे गए थे। 
Ezekiel 36:22 इस कारण तू इस्राएल के घराने से कह, परमेश्वर यहोवा यों कहता है, हे इस्राएल के घराने, मैं इस को तुम्हारे निमित्त नहीं, परन्तु अपने पवित्र नाम के निमित्त करता हूँ जिसे तुम ने उन जातियों में अपवित्र ठहराया जहां तुम गए थे। 
Ezekiel 36:23 और मैं अपने बड़े नाम को पवित्र ठहराऊंगा, जो जातियों में अपवित्र ठहराया गया, जिसे तुम ने उनके बीच अपवित्र किया; और जब मैं उनकी दृष्टि में तुम्हारे बीच पवित्र ठहरूंगा, तब वे जातियां जान लेंगी कि मैं यहोवा हूँ, परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है। 
Ezekiel 36:24 मैं तुम को जातियों में से ले लूंगा, और देशों में से इकट्ठा करूंगा; और तुम को तुम्हारे निज देश में पहुंचा दूंगा। 
Ezekiel 36:25 मैं तुम पर शुद्ध जल छिड़कूंगा, और तुम शुद्ध हो जाओगे; और मैं तुम को तुम्हारी सारी अशुद्धता और मूरतों से शुद्ध करूंगा। 
Ezekiel 36:26 मैं तुम को नया मन दूंगा, और तुम्हारे भीतर नई आत्मा उत्पन्न करूंगा; और तुम्हारी देह में से पत्थर का हृदय निकाल कर तुम को मांस का हृदय दूंगा। 
Ezekiel 36:27 और मैं अपना आत्मा तुम्हारे भीतर देकर ऐसा करूंगा कि तुम मेरी विधियों पर चलोगे और मेरे नियमों को मान कर उनके अनुसार करोगे। 
Ezekiel 36:28 तुम उस देश में बसोगे जो मैं ने तुम्हारे पितरों को दिया था; और तुम मेरी प्रजा ठहरोगे, और मैं तुम्हारा परमेश्वर ठहरूंगा। 
Ezekiel 36:29 और मैं तुम को तुम्हारी सारी अशुद्धता से छुड़ाऊंगा, और अन्न उपजने की आज्ञा देकर, उसे बढ़ाऊंगा और तुम्हारे बीच अकाल न डालूंगा। 
Ezekiel 36:30 मैं वृक्षों के फल और खेत की उपज बढ़ाऊंगा, कि जातियों में अकाल के कारण फिर तुम्हारी नामधराई न होगी। 
Ezekiel 36:31 तब तुम अपने बुरे चालचलन और अपने कामों को जो अच्छे नहीं थे, स्मरण कर के अपने अधर्म और घिनौने कामों के कारण अपने आप से घृणा करोगे।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 13-15
  • प्रेरितों 19:21-41


शुक्रवार, 14 जुलाई 2017

सहकर्मी


   18वीं शताब्दी के अन्त की ओर विलियम केरी को मिशनरी होकर भारत जाने और प्रभु यीशु का सुसमाचार सुनाने के लिए परमेश्वर की बुलाहट की अनुभूति हुई। उसके आस-पास के पादरियों ने उसका उपहास किया और कहा: "हे जवान, यदि परमेश्वर भारत में किसी को बचाना चाहगा तो वो यह कार्य बिना हमारे या तुम्हारे करने में सक्षम है।" उपहास करने वाले यह भूल गए थे कि परमेश्वर पृथ्वी पर हमारे बिना बहुत ही कम करता है। उसके लगभग सभी कार्य मनुष्यों में होकर, उनके द्वारा किए जाते हैं। परमेश्वर ही मनुष्यों को बुलाकर अपनी सेवकाई के लिए तैयार करता है, और आवश्यक संसाधनों का प्रबंध करके उन्हें उस सेवकाई के लिए भेजता है।

   पृथ्वी पर परमेश्वर के कार्यों में उसके सहकर्मी होने के नाते हमें इस बात को सुनिश्चित करना है कि हमारे द्वारा उस ही की इच्छा सदा पूरी होती रहे; और हमें अपने आप को पूर्णतया परमेश्वर के प्रति समर्पित कर देना है, चाहे उसके लिए कोई भी कीमत क्यों न चुकानी पड़े। शिष्यों को प्रार्थना करना सिखाते समय प्रभु यीशु ने उन्हें प्रार्थना में परमेश्वर से यह माँगना सिखाया: "सो तुम इस रीति से प्रार्थना किया करो; हे हमारे पिता, तू जो स्वर्ग में है; तेरा नाम पवित्र माना जाए। तेरा राज्य आए; तेरी इच्छा जैसी स्वर्ग में पूरी होती है, वैसे पृथ्वी पर भी हो। हमारी दिन भर की रोटी आज हमें दे। और जिस प्रकार हम ने अपने अपराधियों को क्षमा किया है, वैसे ही तू भी हमारे अपराधों को क्षमा कर। और हमें परीक्षा में न ला, परन्तु बुराई से बचा; क्योंकि राज्य और पराक्रम और महिमा सदा तेरे ही हैं।” आमीन" (मत्ती 6:9-13)। प्रभु द्वारा सिखाई गई प्रार्थना के यह शब्द मात्र शान्त निवेदन नहीं हैं, वरन पवित्र माँगें हैं - हमें न्याय दीजिए! संसार को सही कीजिए!

   हमें और परमेश्वर को पृथ्वी पर भिन्न भूमिकाएं निभानी हैं। हमारी भूमिका है कि हम प्रभु यीशु के पदचिन्हों पर चलें और अपने कर्मों तथा प्रार्थनाओं द्वारा उसके स्वर्गीय राज्य के लिए कार्य करें। जैसा प्रेरित पौलुस परमेश्वर के वचन बाइबल में कुलुस्से के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में कहता है हम पृथ्वी पर मसीह की देह हैं (कुलुस्सियों 1:24), और प्रभु अपनी देह के द्वारा अपने कार्य करता है। जिनकी हम सेवा करते हैं, हम में होकर मसीह यीशु भी उनकी सेवा करता है। जब हम दुःखियों की ओर हाथ बढ़ाकर उनसे दया और करुणा का व्यवहार करते हैं, वे बढ़े हुए हाथ मसीह यीशु के भी होते हैं। परमेश्वर हम मसीही विश्वासियों में होकर कार्य करता है, हमें अपना सहकर्मी बनाता है। - फिलिप यैन्सी


परमेश्वर से महान अपेक्षाएं रखें; 
परमेश्वर के लिए महान कार्य करने के प्रयास करें। - विलियम केरी

क्योंकि हम परमेश्वर के सहकर्मी हैं; तुम परमेश्वर की खेती और परमेश्वर की रचना हो। - 1 कुरिन्थियों 3:9

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 1:24-31
1 Corinthians 1:24 परन्तु जो बुलाए हुए हैं क्या यहूदी, क्या यूनानी, उन के निकट मसीह परमेश्वर की सामर्थ, और परमेश्वर का ज्ञान है। 
1 Corinthians 1:25 क्योंकि परमेश्वर की मूर्खता मनुष्यों के ज्ञान से ज्ञानवान है; और परमेश्वर की निर्बलता मनुष्यों के बल से बहुत बलवान है।
1 Corinthians 1:26 हे भाइयो, अपने बुलाए जाने को तो सोचो, कि न शरीर के अनुसार बहुत ज्ञानवान, और न बहुत सामर्थी, और न बहुत कुलीन बुलाए गए। 
1 Corinthians 1:27 परन्तु परमेश्वर ने जगत के मूर्खों को चुन लिया है, कि ज्ञान वालों को लज्ज़ित करे; और परमेश्वर ने जगत के निर्बलों को चुन लिया है, कि बलवानों को लज्ज़ित करे। 
1 Corinthians 1:28 और परमेश्वर ने जगत के नीचों और तुच्‍छों को, वरन जो हैं भी नहीं उन को भी चुन लिया, कि उन्हें जो हैं, व्यर्थ ठहराए। 
1 Corinthians 1:29 ताकि कोई प्राणी परमेश्वर के साम्हने घमण्‍ड न करने पाए। 
1 Corinthians 1:30 परन्तु उसी की ओर से तुम मसीह यीशु में हो, जो परमेश्वर की ओर से हमारे लिये ज्ञान ठहरा अर्थात धर्म, और पवित्रता, और छुटकारा। 
1 Corinthians 1:31 ताकि जैसा लिखा है, वैसा ही हो, कि जो घमण्‍ड करे वह प्रभु में घमण्‍ड करे।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 10-12
  • प्रेरितों 19:1-20


गुरुवार, 13 जुलाई 2017

कोई भय नहीं


   मुझे प्रभु यीशु के संपर्क में लाने वाले व्यक्ति फ्रांसिस एलेन थे, और अब वह समय निकट था जब फ्रांसिस को प्रभु यीशु से साक्षात मिलना था। उनके अन्त समय पर मैं उनके घर में ही था, और अलविदा के साथ ही मैं उन से कुछ ऐसा भी कहना चाहता था जो यादगार और सार्थक हो। लगभग एक घंटे तक मैं उनके बिस्तर के किनारे खड़ा रहा। मेरे द्वारा अपने विषय में सुनाई जाने वाली कहानियों को सुनकर वे ज़ोर से हंसते रहे। फिर वे थक गए, और हम गंभीर हो गए, और उन्होंने अपनी शेष शक्ति मेरे जीवन में उन्हें अभी भी दिखने वाले खुरदरे किनारों को संवारने में लगाई। मैं सुनता रहा और उनसे अलविदा के लिए कुछ कहने का प्रयास करता रहा।

   मुझे कुछ कह पाने का अवसर मिलने से पहले ही उन्होंने मुझे रोक दिया, और बोले, "रैंडी, जो मैंने तुम्हें सिखाया है उसे सदा स्मरण रखना। हमें जीवन की कहानी से कोई भय नहीं है क्योंकि हम जानते हैं कि उसका अन्त कैसे होगा। मुझे किसी बात का कोई भय नहीं है; तुम बस जाकर वह करो जो मैंने तुम्हें सिखाया है।" उनके ये चुनौती भरे शब्द मुझे प्रेरित पौलुस द्वारा परमेश्वर के वचन बाइबल में फिलिप्पी के विश्वासियों को कहे गए शब्दों की याद दिलाते हैं। पौलुस ने फिलिप्पी के मसीही विश्वासियों से कहा: "जो बातें तुम ने मुझ से सीखीं, और ग्रहण की, और सुनी, और मुझ में देखीं, उन्‍हीं का पालन किया करो, तब परमेश्वर जो शान्‍ति का सोता है तुम्हारे साथ रहेगा" (फिलिप्पियों 4:9)।

   अपने जीवन के अन्तिम दिन में भी फ्रांसिस की आँखों में वही चमक थी जो तब थी जब मैं पहली बार उनसे मिला था। उनके मन में कोई भय नहीं था। मैं जो लिखता हूँ, जो कहानियाँ बताता हूँ और लोगों के मध्य जो सेवकाई करता हूँ, उन सब में फ्रांसिस का स्पर्श होता है।

   अपनी जीवन यात्रा में हम उन्हें कभी न भूलें जिन्होंने हमें आत्मिक जीवन में प्रोत्साहित किया है; हमारे जीवनों में जिनके परिश्रम के कारण आज अपने भविष्य को लेकर हमारे जीवनों में भी कोई भय नहीं है। - रैंडी किलगोर


ऐसे जीओ कि जब लोग आपको जानें तो वे मसीह यीशु को भी जानना चाहें।

मत डर, क्योंकि मैं तेरे संग हूं, इधर उधर मत ताक, क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर हूं; मैं तुझे दृढ़ करूंगा और तेरी सहायता करूंगा, अपने धर्ममय दाहिने हाथ से मैं तुझे सम्हाले रहूंगा। - यशायाह 41:10

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 4:1-9
Philippians 4:1 इसलिये हे मेरे प्रिय भाइयों, जिन में मेरा जी लगा रहता है जो मेरे आनन्द और मुकुट हो, हे प्रिय भाइयो, प्रभु में इसी प्रकार स्थिर रहो।
Philippians 4:2 मैं यूओदिया को भी समझाता हूं, और सुन्‍तुखे को भी, कि वे प्रभु में एक मन रहें। 
Philippians 4:3 और हे सच्चे सहकर्मी मैं तुझ से भी बिनती करता हूं, कि तू उन स्‍त्रियों की सहयता कर, क्योंकि उन्होंने मेरे साथ सुसमाचार फैलाने में, क्‍लेमेंस और मेरे उन और सहकिर्मयों समेत परिश्रम किया, जिन के नाम जीवन की पुस्‍तक में लिखे हुए हैं। 
Philippians 4:4 प्रभु में सदा आनन्‍दित रहो; मैं फिर कहता हूं, आनन्‍दित रहो। 
Philippians 4:5 तुम्हारी कोमलता सब मनुष्यों पर प्रगट हो: प्रभु निकट है। 
Philippians 4:6 किसी भी बात की चिन्‍ता मत करो: परन्तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और बिनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं। 
Philippians 4:7 तब परमेश्वर की शान्‍ति, जो समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरिक्षत रखेगी।
Philippians 4:8 निदान, हे भाइयों, जो जो बातें सत्य हैं, और जो जो बातें आदरणीय हैं, और जो जो बातें उचित हैं, और जो जो बातें पवित्र हैं, और जो जो बातें सुहावनी हैं, और जो जो बातें मनभावनी हैं, निदान, जो जो सदगुण और प्रशंसा की बातें हैं, उन्‍हीं पर ध्यान लगाया करो। 
Philippians 4:9 जो बातें तुम ने मुझ से सीखीं, और ग्रहण की, और सुनी, और मुझ में देखीं, उन्‍हीं का पालन किया करो, तब परमेश्वर जो शान्‍ति का सोता है तुम्हारे साथ रहेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 7-9
  • प्रेरितों 18