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सोमवार, 25 सितंबर 2017

अनुभव


   मेरे एक मित्र ने मुझे उत्साहवर्धक समाचार सुनाने के लिए रोका, और अगले दस मिनट तक अपने 1 वर्षीय भतीजे का चलने के लिए पहला कदम लेने का वर्णन करता रहा, उसने चलना आरंभ कर दिया! बाद में मुझे एहसास हुआ कि यदि कोई और हमारे वार्तालाप को सुन रहा होता तो उसे यह सब सुनना कैसा विचित्र लगता। अधिकांश लोग चल सकते हैं; इसमें क्या बड़ी बात है?

   मुझे यह भी एहसास हुआ कि बचपन बातों के विशेष होने के ऐसे अवसर प्रदान करता है जो बाद में लगभग लुप्त हो जाते हैं। अपने बच्चों का पालन-पोषण करने के अनुभव के बारे में सोचते हुए मैं इस बात की और भी अधिक अधिक सराहना कर सका कि परमेश्वर हमारे और उसके बीच के संबंध को समझाने के लिए, बच्चों के साथ हमारे संबंध का सहारा लेता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में नए नियम खण्ड में परमेश्वर कहता है कि हम मसीही विश्वासी उसके पुत्र और पुत्रियाँ हैं, सारे अधिकारों और सुविधाओं सहित उसके वारिस हैं (रोमियों 8:16-17)। परमेश्वर का एकलौता पुत्र, प्रभु यीशु मसीह, संसार में इसलिए आया कि हमें पापों की क्षमा और हमारे उध्दार उपलब्ध करवाने के द्वारा, हमारा परमेश्वर के परिवार में लेपालक संतान हो जाना संभव कर सके।

   मेरा मानना है कि मसिही विश्वास के जीवन में मेरा हर लड़खड़ाता हुआ कदम लेना परमेश्वर की दृष्टि में वैसा ही है जैसे माता-पिता अपने बच्चों को चलना सीखते हुए देखकर आनन्दित होते हैं। संभवतः जब सृष्टि के रहस्य खुलेंगे, तब ही हम बच्चों को बढ़ते हुए देख पाने के अनुभव के महत्व को समझने पाएंगे। हो सकता है कि परमेश्वर ने हमें बच्चों से संबंधित ये अनुभव लेना इसलिए संभव किया है जिससे कि हम हमारे प्रति उसके असीम प्रेम की विशेषता के प्रति संवेदनशील हो सकें। हमारे ये अनुभव उसके अद्भुत प्रेम की भरपूरी की झलक मात्र हैं। - फिलिप यैन्सी


हम परमेश्वर के प्रेम के पात्र हैं।

परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं। वे न तो लोहू से, न शरीर की इच्छा से, न मनुष्य की इच्छा से, परन्तु परमेश्वर से उत्पन्न हुए हैं। - यूहन्ना 1:12-13

बाइबल पाठ: रोमियों 8:14-17
Romans 8:14 इसलिये कि जितने लोग परमेश्वर के आत्मा के चलाए चलते हैं, वे ही परमेश्वर के पुत्र हैं। 
Romans 8:15 क्योंकि तुम को दासत्व की आत्मा नहीं मिली, कि फिर भयभीत हो परन्तु लेपालकपन की आत्मा मिली है, जिस से हम हे अब्बा, हे पिता कह कर पुकारते हैं। 
Romans 8:16 आत्मा आप ही हमारी आत्मा के साथ गवाही देता है, कि हम परमेश्वर की सन्तान हैं। 
Romans 8:17 और यदि सन्तान हैं, तो वारिस भी, वरन परमेश्वर के वारिस और मसीह के संगी वारिस हैं, जब कि हम उसके साथ दुख उठाएं कि उसके साथ महिमा भी पाएं।

एक साल में बाइबल: 
  • श्रेष्टगीत 6-8
  • गलतियों 4


रविवार, 24 सितंबर 2017

पाठ


   अमेरिका की तैराक, डारा टॉरेस की 1984 से 2008 तक पाँच ओलंपिक खेलों में प्रगति विलक्षण रही थी। अपने खेल कार्यकाल के अन्त की ओर डारा ने अमेरिका का पचास मीटर की तैराकी का वह कीर्तिमान तोड़ा, जिसे उन्होंने ही पच्चीस वर्ष पूर्व बनाया था। परन्तु उनकी यह यात्रा सदा ही पदक और रिकॉर्ड्स नहीं रही। खिलाड़ी होने के अपने जीवन काल में टॉरेस को अनेकों बाधाओं का भी सामना करना पड़ा, जिनमें चोटें, ऑपरेशन, और अपने से लगभग आधी आयु के खिलाड़ियों के साथ स्पर्धा भी सम्मिलित हैं। उन्होंने कहा, "बचपन से ही मैं प्रतिदिन, हर बात में विजयी होना चाहती रही थी....मैं यह भी जानती थी कि असफलताओं का भी एक सकारात्मक पहलू है; इससे नए सपनों को बल मिलता है।"

   "असफलताओं का भी एक सकारात्मक पहलू है" जीवन के लिए एक बहुत अच्छा पाठ है। टॉरेस की असफलताओं ने उसे नई ऊँचाईयों को छूने के लिए प्रेरित किया। इसी प्रकार असफलताओं का आत्मिक पहलू भी है। परमेश्वर के वचन बाइबल में याकूब ने कहा, "हे मेरे भाइयों, जब तुम नाना प्रकार की परीक्षाओं में पड़ो तो इसको पूरे आनन्द की बात समझो, यह जान कर, कि तुम्हारे विश्वास के परखे जाने से धीरज उत्पन्न होता है" (याकूब 1:2-3)।

   जीवन की कठिनाईयों के प्रति यह दृष्टिकोण रखना सरल तो नहीं है, परन्तु लाभदायक अवश्य है। हमारी परीक्षाएं परमेश्वर के साथ हमारे संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने के अवसर होते हैं। उन परीक्षाओं से हमें धैर्य के उन पाठों को सीखना आरंभ करने के अवसर भी मिलते हैं, जो सफलताएं हमें कभी नहीं सिखा सकतीं। असफलताएं और परीक्षाएं ही हमें परमेश्वर पर विश्वास बनाए रख कर उसके समय और विधि की प्रतीक्षा करना सिखाती हैं, और इस सब में दृढ़ बने रहने के लिए हमें आवश्यक सामर्थ्य प्रदान करती हैं।

   इसीलिए परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार हम से इस पाठ के विषय कहता है कि, "यहोवा की बाट जोहता रह; हियाव बान्ध और तेरा हृदय दृढ़ रहे; हां, यहोवा ही की बाट जोहता रह" (भजन 27:14)। - बिल क्राउडर


जीवन में असफलताएं हमें परमेश्वर के समय और विधि की प्रतीक्षा करना 
और उस पर सहायता तथा सामर्थ्य के लिए भरोसा बनाए रखना सिखाती हैं।

परन्तु जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वे नया बल प्राप्त करते जाएंगे, वे उकाबों के समान उड़ेंगे, वे दौड़ेंगे और श्रमित न होंगे, चलेंगे और थकित न होंगे। - यशायाह 40:31

बाइबल पाठ: भजन 27
Psalms 27:1 यहोवा परमेश्वर मेरी ज्योति और मेरा उद्धार है; मैं किस से डरूं? यहोवा मेरे जीवन का दृढ़ गढ़ ठहरा है, मैं किस का भय खाऊं? 
Psalms 27:2 जब कुकर्मियों ने जो मुझे सताते और मुझी से बैर रखते थे, मुझे खा डालने के लिये मुझ पर चढ़ाई की, तब वे ही ठोकर खाकर गिर पड़े।
Psalms 27:3 चाहे सेना भी मेरे विरुद्ध छावनी डाले, तौभी मैं न डरूंगा; चाहे मेरे विरुद्ध लड़ाई ठन जाए, उस दशा में भी मैं हियाव बान्धे निशचिंत रहूंगा।
Psalms 27:4 एक वर मैं ने यहोवा से मांगा है, उसी के यत्न में लगा रहूंगा; कि मैं जीवन भर यहोवा के भवन में रहने पाऊं, जिस से यहोवा की मनोहरता पर दृष्टि लगाए रहूं, और उसके मन्दिर में ध्यान किया करूं।
Psalms 27:5 क्योंकि वह तो मुझे विपत्ति के दिन में अपने मण्डप में छिपा रखेगा; अपने तम्बू के गुप्त स्थान में वह मुझे छिपा लेगा, और चट्टान पर चढ़ाएगा। 
Psalms 27:6 अब मेरा सिर मेरे चारों ओर के शत्रुओं से ऊंचा होगा; और मैं यहोवा के तम्बू में जयजयकार के साथ बलिदान चढ़ाऊंगा; और उसका भजन गाऊंगा।
Psalms 27:7 हे यहोवा, मेरा शब्द सुन, मैं पुकारता हूं, तू मुझ पर अनुग्रह कर और मुझे उत्तर दे। 
Psalms 27:8 तू ने कहा है, कि मेरे दर्शन के खोजी हो। इसलिये मेरा मन तुझ से कहता है, कि हे यहोवा, तेरे दर्शन का मैं खोजी रहूंगा। 
Psalms 27:9 अपना मुख मुझ से न छिपा। अपने दास को क्रोध कर के न हटा, तू मेरा सहायक बना है। हे मेरे उद्धार करने वाले परमेश्वर मुझे त्याग न दे, और मुझे छोड़ न दे! 
Psalms 27:10 मेरे माता पिता ने तो मुझे छोड़ दिया है, परन्तु यहोवा मुझे सम्भाल लेगा।
Psalms 27:11 हे यहोवा, अपने मार्ग में मेरी अगुवाई कर, और मेरे द्रोहियों के कारण मुझ को चौरस रास्ते पर ले चल। 
Psalms 27:12 मुझ को मेरे सताने वालों की इच्छा पर न छोड़, क्योंकि झूठे साक्षी जो उपद्रव करने की धुन में हैं मेरे विरुद्ध उठे हैं।
Psalms 27:13 यदि मुझे विश्वास न होता कि जीवितों की पृथ्वी पर यहोवा की भलाई को देखूंगा, तो मैं मूर्च्छित हो जाता। 
Psalms 27:14 यहोवा की बाट जोहता रह; हियाव बान्ध और तेरा हृदय दृढ़ रहे; हां, यहोवा ही की बाट जोहता रह!

एक साल में बाइबल: 
  • श्रेष्टगीत 4-5
  • गलतियों 3


शनिवार, 23 सितंबर 2017

प्रेम


   मेरी सहेली ने मुझ से कहा, "वह तुम्हारे लिए बिल्कुल सही है"; वह एक ऐसे पुरुष के बारे में बात कर रही थी जिससे वह हाल ही में मिली थी। मेरी सहेली ने उस पुरुष की नम्र आँखों, उदार मुस्कुराहट, और दयालु हृदय का वर्णन किया। जब मैं उस पुरुष से मिली तो उसके विषय मुझे भी अपनी सहेली के साथ सहमत होना पड़ा। आज वह पुरुष मेरा पति है, और इसमें आश्चर्य की कोई बात नहीं है कि मैं उससे बहुत प्रेम करती हूँ।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में, श्रेष्ठगीत नामक पुस्तक में, वधु अपने प्रेमी का वर्णन करती है। वह कहती है कि उसका प्रेम दाखमधु से भी श्रेष्ठ, और सुगन्धित द्रव्यों से भी अधिक सुगंधित है। उसका यही निष्कर्ष था कि इसलिए कोई आश्चर्य नहीं कि उससे प्रेम किया जाता है।

   परन्तु एक है जो किसी भी सांसारिक प्रिय जन से कहीं अधिक बढ़कर है; जिसका प्रेम भी दाखमधु से कहीं अधिक बढ़कर है। उसका प्रेम हमारी प्रत्येक आवश्यकता की तृप्ति करता है। उसकी सुगंध किसी भी सुगंधित द्रव्य से कहीं अधिक बेहतर है क्योंकि जब उसने अपने आप को हमारे लिए बलिदान किया, तो उसका यह बलिदान परमेश्वर के लिए एक मीठी सुगन्ध बन गया (इफिसियों 5:2)। और अन्ततः, उसका नाम सब नामों से श्रेष्ठ है: "इस कारण परमेश्वर ने उसको अति महान भी किया, और उसको वह नाम दिया जो सब नामों में श्रेष्ठ है" (फिलिप्पियों 2:9)। इसलिए इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि संसार भर में उससे प्रेम किया जाता है, और हम भी उससे प्रेम करते हैं।

   प्रभु यीशु से प्रेम कर पाना एक सौभाग्य है; यह जीवन का सर्वोत्तम अनुभव है! लेकिन क्या हम यह बात प्रभु यीशु से कहने के लिए समय निकालते हैं? क्या हम अपने शब्दों से प्रभु यीशु की सुन्दरता का बखान करते हैं? यदि हमारे जीवन, हमारे प्रभु की सुन्दरता और गुणों का बखान करें, तो इसमें कोई आश्चर्य नहीं होगा कि लोग कहेंगे, इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि आप उससे प्रेम करते हैं। - कीला ओकोआ


परमेश्वर का वचन हमारे प्रति उसके प्रेम को बताता है; 
हमारे शब्द उसके प्रति हमारे प्रेम को बताते हैं।

और प्रेम में चलो; जैसे मसीह ने भी तुम से प्रेम किया; और हमारे लिये अपने आप को सुखदायक सुगन्‍ध के लिये परमेश्वर के आगे भेंट कर के बलिदान कर दिया। - इफिसियों 5:2

बाइबल पाठ: श्रेष्ठगीत 1:1-4
Song of Solomon 1:1 श्रेष्टगीत जो सुलैमान का है।
Song of Solomon 1:2 वह अपने मुंह के चुम्बनों से मुझे चूमे! क्योंकि तेरा प्रेम दाखमधु से उत्तम है, 
Song of Solomon 1:3 तेरे भांति भांति के इत्रों का सुगन्ध उत्तम है, तेरा नाम उंडेले हुए इत्र के तुल्य है; इसीलिये कुमारियां तुझ से प्रेम रखती हैं 
Song of Solomon 1:4 मुझे खींच ले; हम तेरे पीछे दौड़ेंगे राजा मुझे अपने महल में ले आया है। हम तुझ में मगन और आनन्दित होंगे; हम दाखमधु से अधिक तेरे प्रेम की चर्चा करेंगे; वे ठीक ही तुझ से प्रेम रखती हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • श्रेष्टगीत 1-3
  • गलतियों 2


शुक्रवार, 22 सितंबर 2017

पाठ


   मैं झील के शान्त पानी में, एक हरी घास के झुरमुट के निकट मछली पकड़ रहा था। मैंने देखा कि एक बड़ी सी मछली, घास के उस झुरमुट में से निकलकर आई और निरीक्षण करने लगी। मेरी बंसी की डोर के अन्त में लगे चारे की ओर उसने ध्यान से देखा, फिर वापस घास के उस झुरमुट में चली गई। उसने ऐसा कई बार तब तक किया जब तक उसे चारे में लगा काँटा नहीं दिख गया। काँटा देखते ही वह तुरंत मुड़ी, और अपनी दुम झटक कर वापस घास के झुरमुट में जाकर छिप गई, और फिर बाहर नहीं निकली।

   शैतान भी इसी प्रकार हमारे सामने, मछली पकड़ने के डोरी और काँटे के समान, प्रलोभन लटकाता है। चारे के समान वह आकर्षक प्रतीत होता है; लगता है कि उससे तृप्ति मिलेगी, परन्तु वह सारा प्रयोजन हमें फंसाने के लिए होता है। लेकिन उस डोरी और काँटे के समान, शैतान के प्रलोभन के वश की भी सीमा है - वह हमें डोरी के अन्त में लगा चारा और उसमें छिपा काँटा दिखा तो सकता है, परन्तु उसे खा लेने के लिए बाध्य नहीं कर सकता है। उसकी सामर्थ्य का, हमारी इच्छा-शक्ति, हमारी निर्णय लेने के बिन्दु पर आकर अन्त हो जाता है। जब परमेश्वर का पवित्र आत्मा हमें सचेत करे और हम प्रलोभन को स्वीकार करने से इन्कार कर दें, तो शैतान इससे आगे और कुछ नहीं कर सकता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में याकूब लिखता है कि जब हम शैतान का सामना करते हैं तो वह हमारे पास से भाग जाता है (याकूब 4:7)।

   हम मसीही विश्वासी प्रेरित पतरस के शब्दों से, जिसने स्वयं भी बहुत बड़ी परीक्षा का सामना किया था (मत्ती 26:33-35), बहुत सांत्वना पा सकते हैं। पतरस ने लिखा, "सचेत हो, और जागते रहो, क्योंकि तुम्हारा विरोधी शैतान गर्जने वाले सिंह के समान इस खोज में रहता है, कि किस को फाड़ खाए। विश्वास में दृढ़ हो कर, और यह जान कर उसका साम्हना करो..." (1 पतरस 5:8-9)। जिस प्रकार उस बड़ी मछली ने मेरी डोरी और काँटे की उपेक्षा की, परमेश्वर की सहायता और सामर्थ्य से हम भी शैतान के बड़े से बड़े प्रलोभन का सफलतापूर्वक सामना कर सकते हैं। - डेव एग्नर


शैतान के झूठ का परमेश्वर के वचन के सत्य से सामना करें।

इसलिये परमेश्वर के आधीन हो जाओ; और शैतान का साम्हना करो, तो वह तुम्हारे पास से भाग निकलेगा। - याकूब 4:7

बाइबल पाठ: 1 पतरस 5:1-9
1 Peter 5:1 तुम में जो प्राचीन हैं, मैं उन के समान प्राचीन और मसीह के दुखों का गवाह और प्रगट होने वाली महिमा में सहभागी हो कर उन्हें यह समझाता हूं। 
1 Peter 5:2 कि परमेश्वर के उस झुंड की, जो तुम्हारे बीच में हैं रखवाली करो; और यह दबाव से नहीं, परन्तु परमेश्वर की इच्छा के अनुसार आनन्द से, और नीच-कमाई के लिये नहीं, पर मन लगा कर। 
1 Peter 5:3 और जो लोग तुम्हें सौंपे गए हैं, उन पर अधिकार न जताओ, वरन झुंड के लिये आदर्श बनो। 
1 Peter 5:4 और जब प्रधान रखवाला प्रगट होगा, तो तुम्हें महिमा का मुकुट दिया जाएगा, जो मुरझाने का नहीं। 
1 Peter 5:5 हे नवयुवकों, तुम भी प्राचीनों के आधीन रहो, वरन तुम सब के सब एक दूसरे की सेवा के लिये दीनता से कमर बान्‍धे रहो, क्योंकि परमेश्वर अभिमानियों का साम्हना करता है, परन्तु दीनों पर अनुग्रह करता है। 
1 Peter 5:6 इसलिये परमेश्वर के बलवन्‍त हाथ के नीचे दीनता से रहो, जिस से वह तुम्हें उचित समय पर बढ़ाए। 
1 Peter 5:7 और अपनी सारी चिन्‍ता उसी पर डाल दो, क्योंकि उसको तुम्हारा ध्यान है। 
1 Peter 5:8 सचेत हो, और जागते रहो, क्योंकि तुम्हारा विरोधी शैतान गर्जने वाले सिंह के समान इस खोज में रहता है, कि किस को फाड़ खाए। 
1 Peter 5:9 विश्वास में दृढ़ हो कर, और यह जान कर उसका साम्हना करो, कि तुम्हारे भाई जो संसार में हैं, ऐसे ही दुख भुगत रहे हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • सभोपदेशक 10-12
  • गलतियों 1



गुरुवार, 21 सितंबर 2017

स्मरण


   जिस छोटे दफ्तर को किराए पर लेकर मैं अब कार्य कर रही हूँ, वहाँ केवल कुछ मक्खियाँ ही रहा करती थीं; और उन में से अनेक मर चुकी थीं। वे मरी हुई मक्खियाँ चारों ओर, फर्श पर और खिड़कियों की दहलीज़ पर बिखरी पड़ी थीं। काम आरंभ करने से पहले मैंने वहाँ की सफाई करते हुए उन सभी मरी हुई मक्खियों को भी हटा दिया, सिवाए एक के। उस एक मक्खी को मैंने अपने सामने स्पष्ट दिखाई देने वाले स्थान पर रख दिया। वह मरी हुई मक्खी मुझे स्मरण दिलाती है कि मैं प्रत्येक दिन को भली-भांति व्यतीत करूँ। जीवन को स्मरण दिलाने के लिए मृत्यु एक बहुत अच्छा साधन है, और जीवन परमेश्वर से मिला उपहार है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में राजा सुलेमान ने अपनी सभोपदेशक नामक पुस्तक में लिखा, "जो सब जीवतों में है, उसे आशा है" (सभोपदेशक 9:4)। पृथ्वी पर हमारा जीवन हमें अपने आस-पास के संसार को प्रभावित करने और उसका आनन्द लेने का अवसर देता है। हम अच्छे से खा-पी सकते हैं, अपने संबंधों का आनन्द उठा सकते हैं (पद 7, 9)। हम अपने कार्य से भी आनन्द ले सकते हैं। सुलेमान ने यह भी लिखा, "जो काम तुझे मिले उसे अपनी शक्ति भर करना, क्योंकि अधोलोक में जहां तू जाने वाला है, न काम न युक्ति न ज्ञान और न बुध्दि है" (पद 10)। जीवन में हमारा जो भी कार्य या जीविका का साधन हो, हम उसमें प्रभावी हो सकते हैं, और उन सभी कार्यों को अच्छे से कर सकते हैं। हम लोगों को प्रोत्साहित कर सकते हैं, प्रार्थना कर सकते हैं, लोगों के प्रति निष्ठा और प्रेम प्रगट कर सकते हैं।

   सभोपदेशक का लेखक लिखता है, "...वे सब समय और संयोग के वश में हैं। क्योंकि मनुष्य अपना समय नहीं जानता।" (पद 11-12)। हमारे लिए यह जानना कि पृथ्वी पर हमारा जीवन कब समाप्त होगा असंभव है, परन्तु परमेश्वर की सामर्थ्य और प्रभु यीशु द्वारा अनन्त जीवन की प्रतिज्ञा में होकर जीवन में आज आनन्द और उद्देश्य पाना, और भरपूरी का जीवन जीना संभव है, जैसा कि प्रभु यीशु ने कहा: "...मैं इसलिये आया कि वे जीवन पाएं, और बहुतायत से पाएं" (यूहन्ना 10:10)। हम अपने जीवन की अनिश्चितता को स्मरण रखते हुए, जो जीवन मिला है उसे प्रभु यीशु में होकर भरपूरी से जीएं। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


आज का यह दिन परमेश्वर का उपहार है। इसमें आनन्दित हों, इसे भरपूरी से जीएं।

हम को अपने दिन गिनने की समझ दे कि हम बुध्दिमान हो जाएं। - भजन 90:12

बाइबल पाठ: सभोपदेशक 9:4-12
Ecclesiastes 9:4 उसको परन्तु जो सब जीवतों में है, उसे आशा है, क्योंकि जीवता कुत्ता मरे हुए सिंह से बढ़कर है। 
Ecclesiastes 9:5 क्योंकि जीवते तो इतना जानते हैं कि वे मरेंगे, परन्तु मरे हुए कुछ भी नहीं जानते, और न उन को कुछ और बदला मिल सकता है, क्योंकि उनका स्मरण मिट गया है। 
Ecclesiastes 9:6 उनका प्रेम और उनका बैर और उनकी डाह नाश हो चुकी, और अब जो कुछ सूर्य के नीचे किया जाता है उस में सदा के लिये उनका और कोई भाग न होगा।
Ecclesiastes 9:7 अपने मार्ग पर चला जा, अपनी रोटी आनन्द से खाया कर, और मन में सुख मान कर अपना दाखमधु पिया कर; क्योंकि परमेश्वर तेरे कामों से प्रसन्न हो चुका है।
Ecclesiastes 9:8 तेरे वस्त्र सदा उजले रहें, और तेरे सिर पर तेल की घटी न हो।
Ecclesiastes 9:9 अपने व्यर्थ जीवन के सारे दिन जो उसने सूर्य के नीचे तेरे लिये ठहराए हैं अपनी प्यारी पत्नी के संग में बिताना, क्योंकि तेरे जीवन और तेरे परिश्रम में जो तू सूर्य के नीचे करता है तेरा यही भाग है। 
Ecclesiastes 9:10 जो काम तुझे मिले उसे अपनी शक्ति भर करना, क्योंकि अधोलोक में जहां तू जाने वाला है, न काम न युक्ति न ज्ञान और न बुद्धि है।
Ecclesiastes 9:11 फिर मैं ने धरती पर देखा कि न तो दौड़ में वेग दौड़ने वाले और न युध्द में शूरवीर जीतते; न बुध्दिमान लोग रोटी पाते न समझ वाले धन, और न प्रवीणों पर अनुग्रह होता है, वे सब समय और संयोग के वश में हैं। 
Ecclesiastes 9:12 क्योंकि मनुष्य अपना समय नहीं जानता। जैसे मछलियां दुखदाई जाल में बझतीं और चिड़ियें फन्दे में फंसती हैं, वैसे ही मनुष्य दुखदाई समय में जो उन पर अचानक आ पड़ता है, फंस जाते हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • सभोपदेशक 7-9
  • 2 कुरिन्थियों 13


बुधवार, 20 सितंबर 2017

हाथों में


   मैं अस्पताल में ऑपरेशन के स्थान के प्रतीक्षालय में बैठा हुआ था; मेरे पास विचार करने के लिए समय था। कुछ समय पहले भी मैं यहीं पर था, और तब हमें हिला देने वाला समाचार दिया गया था, मेरा एकलौता भाई, जो मुझ से बहुत छोटा था, उसके मस्तिष्क ने काम करना बन्द कर दिया था। आज मैं यहाँ अपनी पत्नि के लिए बैठा हुआ था जिसे एक गंभीर ऑपरेशन से होकर निकलना पड़ रहा था, और मैं उसके परिणाम को सुनने के लिए वहाँ प्रतीक्षा में था, परमेश्वर की शान्त वाणी को सुन रहा था।

   अचानक ही समाचार आया; ऑपरेशन करने वाला सर्जन मुझ से मिलना चाहता था। मैं मिलने के उस एकान्त कमरे में गया। वहाँ मेज़ पर टिशू के दो डिब्बे रखे हुए थे। वे केवल बहती नाक पोंछने के लिए नहीं रखे गए थे, वरन उन कठोर भयावह वाक्यांशों के लिए रखे गए थे, जैसे कि मुझे तब सुनने पड़े थे जब मेरे भाई की मृत्यु हुई थी - "मस्तिष्क मर गया है", "हम कुछ नहीं कर सकते हैं।"

   दुःख और अनिश्चितता के ऐसे समयों में, परमेश्वर का वचन बाइबल दिलासा का अनुपम स्त्रोत है, विशेषकर उसमें भजन संहिता नामक खण्ड। ऐसी स्थिति में खराई से लिखे गए उन भजनों की ओर मुड़ना स्वाभाविक है। ऐसा ही एक भजन है, भजन 31, जो दाऊद द्वारा घोर दुःख के समय में लिखा गया है। दाऊद लिखता है, "मेरा जीवन शोक के मारे और मेरी अवस्था कराहते कराहते घट चली है" (पद 10); उसके इस दुःख को और अधिक बढ़ा देने वाली बात थी कि उसके मित्रों और पड़ौसियों ने उसे छोड़ दिया था (पद 11)।

   परन्तु दाऊद का दृढ़ भरोसा उस सच्चे और जीवते परमेश्वर पर था, जिसके हाथों में उसने अपने आप को छोड़ दिया था: "परन्तु हे यहोवा मैं ने तो तुझी पर भरोसा रखा है, मैं ने कहा, तू मेरा परमेश्वर है। मेरे दिन तेरे हाथ में है;" (पद 14-15)। इस कारण दुःखों का उसका विलाप, एक उत्साह और आशा की पुकार के साथ समाप्त होता है: "हे यहोवा पर आशा रखने वालों हियाव बान्धो और तुम्हारे हृदय दृढ़ रहें!" (भजन 31:24)।

   अब की बार, उस प्रतीक्षालय में सर्जन ने हमें अच्छा समाचार दिया: मेरी पत्नि के पूर्णतः ठीक होने की संभावना थी। परन्तु चाहे यह समाचार न भी आता, फिर भी हम जानते और मानते हैं कि हमारा समस्त समय परमेश्वर के सबल हाथों में सर्वदा सुरक्षित है। - टिम गुस्टाफसन


जब हम अपनी समस्याएं परमेश्वर के हाथों में डाल देते हैं, 
तब वह अपनी शान्ति हमारे हृदयों में डाल देता है।

अपना बोझ यहोवा पर डाल दे वह तुझे संभालेगा; वह धर्मी को कभी टलने न देगा। - भजन 55:22 

बाइबल पाठ: भजन 31:9-18
Psalms 31:9 हे यहोवा, मुझ पर अनुग्रह कर क्योंकि मैं संकट में हूं; मेरी आंखे वरन मेरा प्राण और शरीर सब शोक के मारे घुले जाते हैं। 
Psalms 31:10 मेरा जीवन शोक के मारे और मेरी अवस्था कराहते कराहते घट चली है; मेरा बल मेरे अधर्म के कारण जाता रह, और मेरी हडि्डयां घुल गई।
Psalms 31:11 अपने सब विरोधियों के कारण मेरे पड़ोसियों में मेरी नामधराई हुई है, अपने जान पहिचान वालों के लिये डर का कारण हूं; जो मुझ को सड़क पर देखते है वह मुझ से दूर भाग जाते हैं। 
Psalms 31:12 मैं मृतक के समान लोगों के मन से बिसर गया; मैं टूटे बर्तन के समान हो गया हूं। 
Psalms 31:13 मैं ने बहुतों के मुंह से अपना अपवाद सुना, चारों ओर भय ही भय है! जब उन्होंने मेरे विरुद्ध आपस में सम्मति की तब मेरे प्राण लेने की युक्ति की।
Psalms 31:14 परन्तु हे यहोवा मैं ने तो तुझी पर भरोसा रखा है, मैं ने कहा, तू मेरा परमेश्वर है। 
Psalms 31:15 मेरे दिन तेरे हाथ में है; तू मुझे मेरे शत्रुओं और मेरे सताने वालों के हाथ से छुड़ा। 
Psalms 31:16 अपने दास पर अपने मुंह का प्रकाश चमका; अपनी करूणा से मेरा उद्धार कर।
Psalms 31:17 हे यहोवा, मुझे लज्जित न होने दे क्योंकि मैं ने तुझ को पुकारा है; दुष्ट लज्जित हों और वे पाताल में चुपचाप पड़े रहें। 
Psalms 31:18 जो अंहकार और अपमान से धर्मी की निन्दा करते हैं, उनके झूठ बोलने वाले मुंह बन्द किए जाएं।

एक साल में बाइबल: 
  • सभोपदेशक 4-6
  • 2 कुरिन्थियों 12


मंगलवार, 19 सितंबर 2017

क्लेष


   उस विशाल पर्दे पर निकट से लिया गया चित्र बड़ा तथा स्पष्ट था, इसलिए हम उस मनुष्य के शरीर के गहरे घावों को देख पा रहे थे। एक सैनिक उसे पीट रहा था, जबकि वहाँ खड़ी क्रुध्द भीड़ उस का उपहास कर रही थी; उस मनुष्य का चेहरा खून से लथपथ था। वह दृश्य इतना सजीव प्रतीत हो रहा था कि मैं उस खुले सिनेमा स्थान की शान्ति में बैठा, ऐसे मूँह बना रहा और कसमसा रहा था कि मानो वह यातना मुझे ही दी जा रही थी। परन्तु यह तो केवल एक फिल्म थी जिसमें हम मनुष्यों के लिए प्रभु यीशु द्वारा सही गई यातना और उठाए गए क्लेष का एक सजीव चित्रण किया गया था।

   प्रभु यीशु मसीह द्वारा हमारे लिए उठाए गए दुःखों को स्मरण करवाते हुए, परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पतरस ने लिखा, "और तुम इसी के लिये बुलाए भी गए हो क्योंकि मसीह भी तुम्हारे लिये दुःख उठा कर, तुम्हें एक आदर्श दे गया है, कि तुम भी उसके चिन्ह पर चलो" (1 पतरस 2:21)। जबकि क्लेष विभिन्न प्रकार और तीव्रता में आते हैं, वे अनपेक्षित नहीं हैं। हो सकता है कि हमारे दुःख उतने तीव्र न हों जैसे पौलुस ने सहे थे, जिसने प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास रखने के लिए बेंतों से पीटा जाना, पत्थरवाह किया जाना, और जलयान के टूट जाने के कारण समुद्र में जान का जोखिम उठाना पड़ा। उसे डाकुओं ने घेरा, तथा उसने भूख और प्यास भी सही (2 कुरिन्थियों 11:24-27)। इसी प्रकार संभव है कि हमें वैसे क्लेष भी न उठाने पड़ें जैसे कि उन देशों में लोग उठाते हैं जहाँ मसीही विश्वास स्वीकार्य नहीं है।

   परन्तु हम मसीही विश्वासियों के लिए किसी न किसी रूप में क्लेष आएंगे; चाहे हमें अपना इन्कार करना पड़े, उत्पीड़न सहना पड़े, अपमान सहना पड़े, या ऐसे कार्यों को करने से इन्कार करना पड़े जो प्रभु यीशु को आदर नहीं देते हैं। जब हम इन और ऐसी अनेकों परिस्थितियों में धैर्य दिखाते हैं, अपना बदला नहीं लेते हैं, दूसरों को क्षमा कर देते हैं, अपने भरसक औरों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने का प्रयास करते हैं, तब हम प्रभु यीशु का अनुसरण कर रहे होते हैं।

   हमें जब भी क्लेषों का सामना करना पड़े, तो कोई भी प्रतिक्रीया देने से पूर्व हम थोड़ा थम कर विचार कर लें कि प्रभु यीशु ने हमारे लिए क्या कुछ और कैसे सहा। वह अपने सताने वालों के साथ क्या कुछ कर सकता था, परन्तु उसने उनके लिए क्या कुछ कर के दे दिया। हमारे क्लेष हमें हमारे प्रभु की समानता में ढालने का माध्यम हैं। - लॉरेंस दरमानी


दुःख की पाठशाला में हम वो पाठ सीखते हैं 
जिन्हें हम अन्य किसी पाठशाला में कभी नहीं सीख सकते हैं।

बुराई के बदले किसी से बुराई न करो; जो बातें सब लोगों के निकट भली हैं, उन की चिन्ता किया करो। जहां तक हो सके, तुम अपने भरसक सब मनुष्यों के साथ मेल मिलाप रखो। हे प्रियो अपना पलटा न लेना; परन्तु क्रोध को अवसर दो, क्योंकि लिखा है, पलटा लेना मेरा काम है, प्रभु कहता है मैं ही बदला दूंगा। - रोमियों 12:17-19

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 11:22-30
2 Corinthians 11:22 क्या वे ही इब्रानी हैं? मैं भी हूं: क्या वे ही इस्त्राएली हैं? मैं भी हूँ: क्या वे ही इब्राहीम के वंश के हैं? मैं भी हूं: क्या वे ही मसीह के सेवक हैं? 
2 Corinthians 11:23 (मैं पागल के समान कहता हूं) मैं उन से बढ़कर हूं! अधिक परिश्रम करने में; बार बार कैद होने में; कोड़े खाने में; बार बार मृत्यु के जोखिमों में। 
2 Corinthians 11:24 पांच बार मैं ने यहूदियों के हाथ से उन्‍तालीस उन्‍तालीस कोड़े खाए। 
2 Corinthians 11:25 तीन बार मैं ने बेंतें खाई; एक बार पत्थरवाह किया गया; तीन बार जहाज जिन पर मैं चढ़ा था, टूट गए; एक रात दिन मैं ने समुद्र में काटा। 
2 Corinthians 11:26 मैं बार बार यात्राओं में; नदियों के जोखिमों में; डाकुओं के जोखिमों में; अपने जाति वालों से जोखिमों में; अन्यजातियों से जोखिमों में; नगरों में के जाखिमों में; जंगल के जोखिमों में; समुद्र के जोखिमों में; झूठे भाइयों के बीच जोखिमों में; 
2 Corinthians 11:27 परिश्रम और कष्‍ट में; बार बार जागते रहने में; भूख-प्यास में; बार बार उपवास करने में; जाड़े में; उघाड़े रहने में। 
2 Corinthians 11:28 और और बातों को छोड़कर जिन का वर्णन मैं नहीं करता सब कलीसियाओं की चिन्‍ता प्रति दिन मुझे दबाती है। 
2 Corinthians 11:29 किस की निर्बलता से मैं निर्बल नहीं होता? किस के ठोकर खाने से मेरा जी नहीं दुखता? 
2 Corinthians 11:30 यदि घमण्ड करना अवश्य है, तो मैं अपनी निर्बलता की बातों पर करूंगा।

एक साल में बाइबल: 
  • सभोपदेशक 1-3
  • 2 कुरिन्थियों 11:16-33