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शुक्रवार, 15 दिसंबर 2017

रवैया


   जब मैं बाइबल कॉलेज में पढ़ाई कर रहा था, तो साथ ही अपने मित्र चार्ली के साथ एक फर्नीचर स्टोर में काम भी करता था। हम दोनों एक गृह सज्जा करने वाले के साथ मिलकर कार्य करते थे; जब हम गाड़ी से फरनीचर उतार कर घर में लगा रहे होते थे, वह घर में रहने वालों के साथ बातचीत कर रहा होता था। अकसर हमें फरनीचर कई मंज़िल ऊपर चढ़ाना होता था। मैं और चार्ली बहुधा यह सोचते थे कि कितना अच्छा होता यदि हमारा कार्य उस गृह-सज्जा करने वाले के जैसा होता।

   मिस्त्र की गुलामी से निकलकर, कनान देश पहुँचने तक इस्त्राएल को 40 वर्ष की जंगल की यात्रा से होकर निकलना पड़ा। इस दौरान याजकीय कबीले लेवी में से तीन कुल, कहातियों, गेर्शोनियों, और मरारियों को परमेश्वर की आराधना के तंबू को उठाने-लगाने की सेवा सौंपी गई थी। जब भी इस्त्राएल को यात्रा करनी होती थी, उनका काम था तंबू को खोलने और यात्रा में ले जाने के लिए तैयार करने का; और जब इस्त्राएल कहीं पड़ाव डालकर रहता था इन्ही कुलों के यही लोग तंबू को वापस खड़ा करते थे। उनका कार्य यही था, तंबू को उतारना, अगले स्थान तक लेकर जाना, वहाँ उसे खड़ा करना, और यात्रा के अगले चरण में इसी प्रक्रिया को फिर से दोहराना। उनके कार्य का सीधा सा विवरण था, "...सामान ढ़ोने के लिये उन को सौपा जाए..." (देखें गिनती 4:32)।

   मैं सोचता हूँ कि तंबू यह सेवकाई करने वाले ये लोग क्या कभी वेदी पर बलिदान चढ़ाने और मन्दिर में धूप आदि जलाने वाले पुरोहितों (पद 4-5, 15) को लेकर यह सोचते होंगे कि काश वह कार्य उन्हें भी मिल जाता! बलिदान और धूप वाला यह कार्य उन्हें अधिक सरल और प्रतिष्ठित लगता होगा। परन्तु दोनों कार्य महत्वपूर्ण थे और दोनों ही प्रभु द्वारा सौंपे गए थे।

   अनेकों बार हमें सौंपे गए कार्य, हमारे द्वारा चुने गए कार्य नहीं होते हैं; परन्तु हम सब, हमें सौंपे गए कार्यों के प्रति सही रवैया अवश्य रख सकते हैं। परमेश्वर द्वारा हमें सौंपे गए कार्य के प्रति हमारा रवैया, उसके प्रति हमारी सेवा और समर्पण का माप है। - डेविड मैक्कैसलैण्ड


जब छोटे काम को भी परमेश्वर के लिए किया जाए, तो वह पवित्र कार्य बन जाता है।

जो काम तू ने मुझे करने को दिया था, उसे पूरा कर के मैं ने पृथ्वी पर तेरी महिमा की है। - यूहन्ना 17:4

बाइबल पाठ: गिनती 4:17-32
Numbers 4:17 फिर यहोवा ने मूसा और हारून से कहा, 
Numbers 4:18 कहातियों के कुलों के गोत्रियों को लेवियों में से नाश न होने देना; 
Numbers 4:19 उसके साथ ऐसा करो, कि जब वे परमपवित्र वस्तुओं के समीप आएं तब न मरें परन्तु जीवित रहें; अर्थात हारून और उसके पुत्र भीतर आकर एक एक के लिये उसकी सेवकाई और उसका भार ठहरा दें, 
Numbers 4:20 और वे पवित्र वस्तुओं के देखने को झण भर के लिये भी भीतर आने न पाएं, कहीं ऐसा न हो कि मर जाएं।
Numbers 4:21 फिर यहोवा ने मूसा से कहा, 
Numbers 4:22 गेर्शोनियों की भी गिनती उनके पितरों के घरानों और कुलों के अनुसार कर; 
Numbers 4:23 तीस वर्ष से ले कर पचास वर्ष तक की अवस्था वाले, जितने मिलापवाले तम्बू में सेवा करने को सेना में भरती हों उन सभों को गिन ले। 
Numbers 4:24 सेवा करने और भार उठाने में गेर्शोनियों के कुल वालों की यह सेवकाई हो; 
Numbers 4:25 अर्थात वे निवास के पटों, और मिलापवाले तम्बू और उसके ओहार, और इसके ऊपर वाले सूइसों की खालों के ओहार, और मिलापवाले तम्बू के द्वार के पर्दे, 
Numbers 4:26 और निवास, और वेदी की चारों ओर के आंगन के पर्दों, और आंगन के द्वार के पर्दे, और उनकी डोरियों, और उन में बरतने के सारे सामान, इन सभों को वे उठाया करें; और इन वस्तुओं से जितना काम होता है वह सब भी उनकी सेवकाई में आए। 
Numbers 4:27 और गेर्शोनियों के वंश की सारी सेवकाई हारून और उसके पुत्रों के कहने से हुआ करे, अर्थात जो कुछ उन को उठाना, और जो जो सेवकाई उन को करनी हो, उनका सारा भार तुम ही उन्हें सौपा करो। 
Numbers 4:28 मिलापवाले तम्बू में गेर्शोनियों के कुलों की यही सेवकाई ठहरे; और उन पर हारून याजक का पुत्र ईतामार अधिकार रखे।
Numbers 4:29 फिर मरारियों को भी तू उनके कुलों और पितरों के घरानों के अनुसार गिन लें; 
Numbers 4:30 तीस वर्ष से ले कर पचास वर्ष तक की अवस्था वाले, जितने मिलापवाले तम्बू की सेवा करने को सेना में भरती हों, उन सभों को गिन ले। 
Numbers 4:31 और मिलापवाले तम्बू में की जिन वस्तुओं के उठाने की सेवकाई उन को मिले वे ये हों, अर्थात निवास के तख्ते, बेड़े, खम्भे, और कुसिर्यां, 
Numbers 4:32 और चारों ओर आंगन के खम्भे, और इनकी कुसिर्यां, खूंटे, डोरियां, और भांति भांति के बरतने का सारा सामान; और जो जो सामान ढ़ोने के लिये उन को सौपा जाए उस में से एक एक वस्तु का नाम ले कर तुम गिन दो।

एक साल में बाइबल: 
  • अमोस 1-3
  • प्रकाशितवाक्य 6


गुरुवार, 14 दिसंबर 2017

स्तुति और आराधना


   जर्मनी के विरुद्ध 2014 के फुटबॉल विश्वकप में, घाना के अस्मोह ज्ञान ने जब गोल किया तो उन्होंने अपनी टीम के सदस्यों के साथ मिलकर सामूहिक नृत्य किया। कुछ ही मिनिटों के बद जब जर्मनी के मीरोस्लाव क्लोज़ ने गोल कर दिया, तो उसने आनन्द के मारे दौड़ते हुए कलाबाज़ी खाई। क्लिंट मैथिस ने, जिन्होंने 2002 के फुटबॉल विश्वकप में अमेरिका के लिए गोल किए थे कहा, "फुटबॉल में खुशी मनाना बहुत आकर्षक होता है क्योंकि उनके द्वारा की जाने वाली हरकतों से खिलाडियों का व्यक्तित्व, उनके जीवन-मूल्य, उनकी उमंग का पता चलता है।"

   परमेश्वर के वचन बाइबल में, भजन 150 में भजनकार आहवाहन करता है कि वे सब जिनमें श्वास है, आएं और भिन्न-भिन्न तरीकों से परमेश्वर की स्तुति और आराधना करें। वह कहता है कि हम नरसिंगे, तार वाले वाद्ययन्त्रों, बाँसुरी, झाँझ, और नृत्य के साथ परमेश्वर की स्तुति और आराधना करें। वह हमें प्रोत्साहित करता है कि हम रचनात्मक तरीकों और जोश के साथ प्रभु का आदर करें, उसे श्रद्धा दें; क्योंकि प्रभु महान है, और उसने अपने लोगों के लिए महान कार्य किए हैं। वही सारी स्तुति और आराधना के सर्वथा योग्य है। स्तुति और आराधना के ये बाहरी भाव परमेश्वर के प्रति कृतज्ञता से उमड़ते हुए हृदय से निकल कर आने चाहिएं। भजनकार कहता है, "जितने प्राणी हैं सब के सब याह की स्तुति करें! याह की स्तुति करो" (भजन 150:6)।

   यद्यपि हम प्रभु के आनन्द को अनेकों तरीकों से मना सकते हैं, परन्तु परमेश्वर के प्रति हमारी श्रद्धा अर्थपूर्ण और स्पष्ट होनी चाहिए। जब हम प्रभु के चरित्र के, और हमारे प्रति किए गए उसके महान कार्यों के बारे में सोचते हैं तो उसकी स्तुति और आराधना करने से अपने आप को रोक नहीं पाते हैं। - मार्विन विलियम्स


स्तुति एक मुक्त की गई आत्मा का गीत है।

यहोवा मेरा उद्धार करेगा, इसलिये हम जीवन भर यहोवा के भवन में तार वाले बाजों पर अपने रचे हुए गीत गातें रहेंगे। - यशायाह 38:20

बाइबल पाठ: भजन 150
Psalms 150:1 याह की स्तुति करो! ईश्वर के पवित्रस्थान में उसकी स्तुति करो; उसकी सामर्थ्य से भरे हुए आकाशमण्डल में उसी की स्तुति करो! 
Psalms 150:2 उसके पराक्रम के कामों के कारण उसकी स्तुति करो; उसकी अत्यन्त बड़ाई के अनुसार उसकी स्तुति करो! 
Psalms 150:3 नरसिंगा फूंकते हुए उसकी स्तुति करो; सारंगी और वीणा बजाते हुए उसकी स्तुति करो! 
Psalms 150:4 डफ बजाते और नाचते हुए उसकी स्तुति करो; तार वाले बाजे और बांसुली बजाते हुए उसकी स्तुति करो! 
Psalms 150:5 ऊंचे शब्द वाली झांझ बजाते हुए उसकी स्तुति करो; आनन्द के महाशब्द वाली झांझ बजाते हुए उसकी स्तुति करो! 
Psalms 150:6 जितने प्राणी हैं सब के सब याह की स्तुति करें! याह की स्तुति करो!

एक साल में बाइबल: 
  • योएल 1-3
  • प्रकाशितवाक्य 5


बुधवार, 13 दिसंबर 2017

सिद्ध


   क्रिसमस वर्ष का वह समय होता है जब सिद्ध होने के लिए दबाव सबसे अधिक होता है। हम सबसे सिद्ध समारोह की कल्पना करते हैं और फिर उसे वैसा मनाने के प्रयासों में जुट जाते हैं। हम देने के लिए सबसे सिद्ध उपहारों की कल्पना करके उन्हें खरीदते हैं। हम क्रिसमस के दिन के लिए सबसे सिद्ध भोजन की कल्पना कर के उसे बनाने का प्रयास करते हैं। हम प्रिय जनों और रिश्तेदारों को भेजने के लिए सबसे सिद्ध अभिनन्दन कार्ड्स लेते हैं और पत्र लिखते हैं। परन्तु हमारे ये सारे प्रयास निराशा लाते हैं जब हमारी सिद्ध कल्पना उसे कार्यान्वित करने की हमारी क्षमता से मेल नहीं खाने पाती है। बड़े ध्यान से खरीदे गए हमारे उपहार के लिए हमें अनमना सा धन्यवाद ही सुनने को मिलता है। बड़ी मेहनत और लगन से बनाए गए भोजन का कोई भाग ठीक से पका हुआ नहीं निकलता है। हमारे भेजे गए क्रिसमस कार्ड्स और पत्रों में कोई त्रुटी या अधूरापन रह जाता है। बच्चे उन्हें दिए गए उपहारों को लेकर झगड़ते हैं; और व्यसक भी परस्पर मतभेद की पुरानी दलीलें फिर से उठा लेते हैं।

   ऐसे में, इन बातों को लेकर निराश होने की बजाए, हमें क्रिसमस के महत्व को स्मरण करना चाहिए। हमें क्रिसमस की आवश्यकता है, क्योंकि हम में से कोई भी एक महीना, या एक स्पताह, या एक दिन के लिए भी वह सिद्ध मनुष्य नहीं बन सकता है जैसा हम बनना चाहते हैं। मसीह के जन्म का उत्सव हमारे लिए कितना अधिक अर्थपूर्ण हो जाएगा यदि हम सिद्ध होने की अपनी दोषपूर्ण धारणा और प्रयासों को छोड़ कर, अपने तथा जगत के उद्धारकर्ता प्रभु यीशु मसीह पर अपना ध्यान केंद्रित करें, और ध्यान करें कि हम केवल उसमें ही सिद्ध बन सकते हैं (रोमियों 3:22)।

   यदि इस वर्ष आप का क्रिसमस मनाना सिद्ध नहीं है, तो भी परेशान न हों, और स्मरण करें कि सदा के लिए सिद्ध बनने का एकमात्र मार्ग (इब्रानियों 10:14) है मसीह की धार्मिकता में विश्वास के साथ जीना। - जूली ऐकैरमैन लिंक


केवल मसीह की धार्मिकता पहनने से ही 
हम उसके सिंहासन के समक्ष खड़े हो पाएंगे।

क्योंकि उसने एक ही चढ़ावे के द्वारा उन्हें जो पवित्र किए जाते हैं, सर्वदा के लिये सिद्ध कर दिया है। - इब्रानियों 10:14

बाइबल पाठ: रोमियों 3:20-26
Romans 3:20 क्योंकि व्यवस्था के कामों से कोई प्राणी उसके साम्हने धर्मी नहीं ठहरेगा, इसलिये कि व्यवस्था के द्वारा पाप की पहिचान होती है। 
Romans 3:21 पर अब बिना व्यवस्था परमेश्वर की वह धामिर्कता प्रगट हुई है, जिस की गवाही व्यवस्था और भविष्यद्वक्ता देते हैं। 
Romans 3:22 अर्थात परमेश्वर की वह धामिर्कता, जो यीशु मसीह पर विश्वास करने से सब विश्वास करने वालों के लिये है; क्योंकि कुछ भेद नहीं। 
Romans 3:23 इसलिये कि सब ने पाप किया है और परमेश्वर की महिमा से रहित हैं। 
Romans 3:24 परन्तु उसके अनुग्रह से उस छुटकारे के द्वारा जो मसीह यीशु में है, सेंत मेंत धर्मी ठहराए जाते हैं। 
Romans 3:25 उसे परमेश्वर ने उसके लोहू के कारण एक ऐसा प्रायश्चित्त ठहराया, जो विश्वास करने से कार्यकारी होता है, कि जो पाप पहिले किए गए, और जिन की परमेश्वर ने अपनी सहनशीलता से आनाकानी की; उन के विषय में वह अपनी धामिर्कता प्रगट करे। 
Romans 3:26 वरन इसी समय उस की धामिर्कता प्रगट हो; कि जिस से वह आप ही धर्मी ठहरे, और जो यीशु पर विश्वास करे, उसका भी धर्मी ठहराने वाला हो।

एक साल में बाइबल: 
  • होशै 12-14
  • प्रकाशितवाक्य 4


मंगलवार, 12 दिसंबर 2017

पवित्र-शास्त्र


   अ-पो-ला-पी चीन के यूनान प्रांत की पर्वत शरंखलाओं में बसने वाले अखा कबीले का एक वृद्ध सदस्य है। हाल ही में जब हम अपने मिशनरी दौरे में उससे मिले, तो उसने हम से कहा कि भारी वर्षा के कारण वह परमेश्वर के वचन बाइबल के साप्ताहिक अध्ययन में नहीं जाने पाया था। इसलिए उसने हमसे विनती की कि हम उसके साथ परमेश्वर के वचन से कुछ बाँटें।

   अ-पो-ला-पी पढ़ नहीं सकता है, इसलिए वह साप्ताहिक बाइबल अध्ययन उसके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। हम जब उसे बाइबल से पढ़ कर सुना रहे थे तो वह बड़े ध्यान से सुन रहा था। उसके इस उत्साही रवैये ने मुझे स्मरण दिलाया कि जब हम परमेश्वर के प्रेरित वचन की बातों को गंभीरता से सुनते हैं, तब हम परमेश्वर का आदर करते हैं।

   बाइबल में व्यवस्थाविवरण नामक पुस्तक में मूसा ने इस्त्राएलियों से आग्रह किया कि वे उन नियमों और आज्ञाओं को ध्यान से सुनें, जिन्हें वह उन्हें परमेश्वर की ओर से सिखा रहा था (पद 1)। उसने उन्हें स्मरण दिलाया कि उन शिक्षाओं का स्त्रोत और प्रेरणा, कोई और नहीं स्वयं परमेश्वर ही था। वही परमेश्वर जिसने सिनै में उनसे आग के बीच में से बातें की थीं (पद 12); मूसा ने उन से कहा, "और उसने तुम को अपनी वाचा के दसों वचन बताकर उनके मानने की आज्ञा दी" (पद 13)।

   काश कि हम भी अ-पो-ला-पी के समान परमेश्वर के वचन को सुनने और जानने की गहरी लालसा रखने वाले हों। प्रेरित पौलुस ने हमें 2 तिमुथियुस 3:15-17 में स्मरण दिलाया है कि प्रेरणा से लिखा गया यह बाइबल पवित्र-शास्त्र, हमारी भलाई और उन्नति के लिए दिया गया है, जिससे हम उद्धार और परमेश्वर के मार्गों में बुद्धिमान हो सकें। - पो फ़ैंग चिया


जीवित वचन मसीह को जानने के लिए, लिखित वचन बाइबल का अध्ययन करें।

और बालकपन से पवित्र शास्त्र तेरा जाना हुआ है, जो तुझे मसीह पर विश्वास करने से उद्धार प्राप्त करने के लिये बुद्धिमान बना सकता है। हर एक पवित्रशास्‍त्र परमेश्वर की प्रेरणा से रचा गया है और उपदेश, और समझाने, और सुधारने, और धर्म की शिक्षा के लिये लाभदायक है। ताकि परमेश्वर का जन सिद्ध बने, और हर एक भले काम के लिये तत्‍पर हो जाए। - 2 तिमुथियुस 3:15-17

बाइबल पाठ: व्यवस्थाविवरण 4:9-14
Deuteronomy 4:9 यह अत्यन्त आवश्यक है कि तुम अपने विषय में सचेत रहो, और अपने मन की बड़ी चौकसी करो, कहीं ऐसा न हो कि जो जो बातें तुम ने अपनी आंखों से देखीं उन को भूल जाओ, और वह जीवन भर के लिये तुम्हारे मन से जाती रहे; किन्तु तुम उन्हें अपने बेटों पोतों को सिखाना। 
Deuteronomy 4:10 विशेष कर के उस दिन की बातें जिस में तुम होरेब के पास अपने परमेश्वर यहोवा के साम्हने खड़े थे, जब यहोवा ने मुझ से कहा था, कि उन लोगों को मेरे पास इकट्ठा कर कि मैं उन्हें अपने वचन सुनाऊं, जिस से वे सीखें, ताकि जितने दिन वे पृथ्वी पर जीवित रहें उतने दिन मेरा भय मानते रहें, और अपने लड़के बालों को भी यही सिखाएं। 
Deuteronomy 4:11 तब तुम समीप जा कर उस पर्वत के नीचे खड़े हुए, और वह पहाड़ आग से धधक रहा था, और उसकी लौ आकाश तक पहुंचती थी, और उसके चारों ओर अन्धियारा, और बादल, और घोर अन्धकार छाया हुआ था। 
Deuteronomy 4:12 तक यहोवा ने उस आग के बीच में से तुम से बातें की; बातों का शब्द तो तुम को सुनाईं पड़ा, परन्तु कोई रूप न देखा; केवल शब्द ही शब्द सुन पड़ा। 
Deuteronomy 4:13 और उसने तुम को अपनी वाचा के दसों वचन बताकर उनके मानने की आज्ञा दी; और उन्हें पत्थर की दो पटियाओं पर लिख दिया। 
Deuteronomy 4:14 और मुझ को यहोवा ने उसी समय तुम्हें विधि और नियम सिखाने की आज्ञा दी, इसलिये कि जिस देश के अधिकारी होने को तुम पार जाने पर हो उस में तुम उन को माना करो।

एक साल में बाइबल: 
  • होशै 9-11
  • प्रकाशितवाक्य 3


सोमवार, 11 दिसंबर 2017

भरोसा


   मैं दुसरे विश्वयुद्ध के पैराडॉग्स (पैराशूट द्वारा उतारे जाने वाले कुत्तों) की कहानी से बहुत अचंभित हूँ। जब मित्र-सेना जर्मन सेनाओं पर निर्णायक प्रहार करने की तैयारी कर रही थी, तो उन्हें कुत्तों के सूंघने की तीव्र शक्ति की आवश्यकता हुई, जिससे वे धरती में दबाई गई बारूदी सुरंगों का सूंघ कर पता चला लें और सैनिकों को खतरे से आगाह कर दें। किंतु कुत्तों को ऐसा करने के लिए शत्रु सैनिकों के पीछे उतारना था, और ऐसा केवल पैराशूट द्वारा ही संभव था। परन्तु हम में से अनेकों के समान, कुत्ते स्वभाव ही से ऊँचाई से डरते हैं। परन्तु फिर भी कई सप्ताह के प्रशिक्षण के पश्चात, कुत्तों ने अपने स्वामियों के कहने पर छलांग लगाना सीख लिया।

   मैं सोचता हूँ कि हम में से कितने होंगे जो अपने स्वामी पर भरोसा रख कर उन चुनौतीपूर्ण कार्यों को करने के लिए आगे बढ़ेंगे, जिन्हें करने के लिए हम स्वाभिविक रीति से संकोच करते हैं, या जिन्हें करने से हमें डर लगता है? सम्भव है कि हम अपने स्वभाव से उदार, या क्षमाशील, या धीरजवंत न हों; परन्तु प्रभु यीशु हमें आज्ञा देता है कि उस पर अपना भरोसा बनाए रखते हुए, उन कठिन प्रतीत होने वाले कार्यों को भी करें, जिन से उसके राज्य का प्रसार हो। वह चाहता है कि परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार के समान हम भी कहें, "अपनी करूणा की बात मुझे शीघ्र सुना, क्योंकि मैं ने तुझी पर भरोसा रखा है। जिस मार्ग से मुझे चलना है, वह मुझ को बता दे, क्योंकि मैं अपना मन तेरी ही ओर लगाता हूं" (भजन 143:8)।

   उनकी वीरता के लिए पैराडॉग्स को पदक दिए गए। मेरा विश्वास है कि एक दिन हम भी अपने स्वामी से सुनेंगे, "धन्य हे अच्‍छे और विश्वासयोग्य दास" (मत्ती 25:23), क्योंकि हमने उस पर भरोसा रखते हुए, उसके आदेश पर वहाँ जाने के लिए कदम बढ़ाया, जहाँ जाने में हमें संकोच अथवा भय था। - जो स्टोवेल


प्रभु यीशु पर भरोसा रख कर उससे निवेदन करें कि 
वह आपको दिखाए कि आप उसके लिए कैसे उपयोगी हो सकते हैं।

उसके स्‍वामी ने उस से कहा, धन्य हे अच्‍छे और विश्वासयोग्य दास, तू थोड़े में विश्वासयोग्य रहा, मैं तुझे बहुत वस्‍तुओं का अधिकारी बनाऊंगा अपने स्‍वामी के आनन्द में संभागी हो। - मत्ती 25:23

बाइबल पाठ: भजन 143:7-12
Psalms 143:7 हे यहोवा, फुर्ती कर के मेरी सुन ले; क्योंकि मेरे प्राण निकलने ही पर हैं मुझ से अपना मुंह न छिपा, ऐसा न हो कि मैं कब्र में पड़े हुओं के समान हो जाऊं। 
Psalms 143:8 अपनी करूणा की बात मुझे शीघ्र सुना, क्योंकि मैं ने तुझी पर भरोसा रखा है। जिस मार्ग से मुझे चलना है, वह मुझ को बता दे, क्योंकि मैं अपना मन तेरी ही ओर लगाता हूं।
Psalms 143:9 हे यहोवा, मुझे शत्रुओं से बचा ले; मैं तेरी ही आड़ में आ छिपा हूं। 
Psalms 143:10 मुझ को यह सिखा, कि मैं तेरी इच्छा क्योंकर पूरी करूं, क्योंकि मेरा परमेश्वर तू ही है! तेरा भला आत्मा मुझ को धर्म के मार्ग में ले चले! 
Psalms 143:11 हे यहोवा, मुझे अपने नाम के निमित्त जिला! तू जो धर्मी है, मुझ को संकट से छुड़ा ले! 
Psalms 143:12 और करूणा कर के मेरे शत्रुओं को सत्यानाश कर, और मेरे सब सताने वालों का नाश कर डाल, क्योंकि मैं तेरा दास हूं।

एक साल में बाइबल: 
  • होशै 5-8
  • प्रकाशितवाक्य 2


रविवार, 10 दिसंबर 2017

बचाव


   ऑक्टोबर 2010 में, चिल्ली देश में एक खदान में हुए विस्फोट के कारण 33 खनिक एक भूमिगत खदान में फंस गए। उन्हें बाहर निकालने के प्रयासों में, उनके संभावित भूमिगत स्थान के निकट खुदाई करके बाहर निकलने का मार्ग बनाना था। भूमिगत खदानों के नक्शे बनाने का मैकरेना वाल्देस का कौशल इसमें बहुत काम आया। उन लोगों के बचाए जाने के पश्चात मैकरेना ने कहा, उस सही स्थान का पता लगा कर, जहाँ वे खनिक फंसे हुए थे, ड्रिल करके सही स्थान पर छेद बनाना, जिसके द्वारा उन्हें बाहर निकाला जा सके, ऐसा था मानो 700 मीटर की दूरी से मक्खी मारने के लिए बन्दूक से निशाना लगान। खदानों के अपने अनुभव के कारण, मैकरेना ड्रिल करने वालों को उस स्थान तक पहुँचा सकी जहाँ वे खनिक फंसे हुए थे, और उन्हें नाटकीय ढंग से बचा लिया गया।

   आत्मिक बचाव के प्रयासों में भी निराश हो जाना बहुत सरल होता है। यद्यपि पौलुस प्रेरित के सामने इससे भी बड़ी बाधाएं थीं, फिर भी उसने कहा, "इसलिये जब हम पर ऐसी दया हुई, कि हमें यह सेवा मिली, तो हम हियाव नहीं छोड़ते" (2 कुरिन्थियों 4:1)। "और उन अविश्वासियों के लिये, जिन की बुद्धि को इस संसार के ईश्वर ने अन्‍धी कर दी है, ताकि मसीह जो परमेश्वर का प्रतिरूप है, उसके तेजोमय सुसमाचार का प्रकाश उन पर न चमके" (पद 4) फिर भी पौलुस उनके समक्ष उद्धार के सुसमाचार का प्रचार करता ही रहा। परमेश्वर के द्वारा प्रोत्साहित होकर, जिसने पौलुस के आत्मिक अन्धकार में अपनी ज्योति चमकाई थी (पद 6), पौलुस इस बात में दृढ़ निश्चय था कि परमेश्वर ने जो उसके साथ किया था, वह वही कार्य अन्य लोगों के साथ भी कर सकता है।

   मेरी और आपकी भी ऐसी ही कहानी हो सकती है। परमेश्वर के प्रेम से बाध्य एवं प्रोत्साहित होकर, हमें भी साहस नहीं छोड़ना चाहिए। जैसे मैकरेना ने उन खनिकों के बचाव का नेतृत्व किया, वैसे ही परमेश्वर का पवित्र आत्मा हमारे शब्दों के द्वारा परमेश्वर के प्रेम और अनुग्रह की ज्योति को उनके हृदयों तक पहुँचा सकती है जिन्हें पाप से बचाए जाने की आवश्यकता तो है, परन्तु वे अभी इस बात को समझते, जानते और मानते नहीं हैं। पाप से औरों के बचाव के अपने प्रयासों में कभी साहस न छोड़ें। - सी. पी. हिया


जब आप बचाए जाते हैं, तो फिर औरों को भी बचाना चाहते हैं।

और यदि मैं सुसमाचार सुनाऊं, तो मेरा कुछ घमण्‍ड नहीं; क्योंकि यह तो मेरे लिये अवश्य है; और यदि मैं सुसमाचार न सुनाऊं, तो मुझ पर हाय। - 1 कुरिन्थियों 9:16

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 4:1-6
2 Corinthians 4:1 इसलिये जब हम पर ऐसी दया हुई, कि हमें यह सेवा मिली, तो हम हियाव नहीं छोड़ते। 
2 Corinthians 4:2 परन्तु हम ने लज्ज़ा के गुप्‍त कामों को त्याग दिया, और न चतुराई से चलते, और न परमेश्वर के वचन में मिलावट करते हैं, परन्तु सत्य को प्रगट कर के, परमेश्वर के साम्हने हर एक मनुष्य के विवेक में अपनी भलाई बैठाते हैं। 
2 Corinthians 4:3 परन्तु यदि हमारे सुसमाचार पर परदा पड़ा है, तो यह नाश होने वालों ही के लिये पड़ा है। 
2 Corinthians 4:4 और उन अविश्वासियों के लिये, जिन की बुद्धि को इस संसार के ईश्वर ने अन्‍धी कर दी है, ताकि मसीह जो परमेश्वर का प्रतिरूप है, उसके तेजोमय सुसमाचार का प्रकाश उन पर न चमके। 
2 Corinthians 4:5 क्योंकि हम अपने को नहीं, परन्तु मसीह यीशु को प्रचार करते हैं, कि वह प्रभु है; और अपने विषय में यह कहते हैं, कि हम यीशु के कारण तुम्हारे सेवक हैं। 
2 Corinthians 4:6 इसलिये कि परमेश्वर ही है, जिसने कहा, कि अन्धकार में से ज्योति चमके; और वही हमारे हृदयों में चमका, कि परमेश्वर की महिमा की पहिचान की ज्योति यीशु मसीह के चेहरे से प्रकाशमान हो।

एक साल में बाइबल: 
  • होशै 1-4
  • प्रकाशितवाक्य 1


शनिवार, 9 दिसंबर 2017

अनुग्रह


   एक पुलिस अफ़सर ने चालान काटने के लिए एक महिला की कार को रोका क्योंकि उस महिला ने अपनी छोटी बेटी को कार में बैठाने की बच्चों के लिए उचित सीट नहीं लगा रखी थी। लेकिन चालान काटने के स्थान पर उस पुलिस अफ़सर ने उस महिला से निकट के एक स्टोर पर आने के लिए कहा, जहाँ पर उस अफ़सर ने उस महिला की बेटी के लिए वह सीट उसे खरीद कर दी। वह माँ कुछ कठिन समयों से निकल रही थी, और सीट खरीदने के लायक पैसे नहीं जुटा पा रही थी। आज्ञा उल्लंघन के लिए वह महिला दण्ड की भागी थी, परन्तु उस पुलिस अफ़सर के अनुग्रह से उसे एक उपहार मिल गया। 

   जिसने भी प्रभु यीशु मसीह के साथ अपना व्यक्तिगत संबंध बना लिया है, उसने ऐसा ही कुछ अनुभव किया है। हम में से प्रत्येक, परमेश्वर की अनाज्ञाकारिता करने के कारण, उससे दण्ड का भागी है (सभोपदेशक 7:20)। परन्तु फिर भी, प्रभु यीशु के कारण, हमें परमेश्वर से अनुग्रह, पापों की क्षमा और अनन्त जीवन का वरदान मिलता है: "हम को उस में उसके लोहू के द्वारा छुटकारा, अर्थात अपराधों की क्षमा, उसके उस अनुग्रह के धन के अनुसार मिला है" (इफिसियों 1:7)। प्रभु परमेश्वर के इस अनुग्रह के कारण हम अपने पापों के अन्तिम परिणाम, अर्थात मृत्यु तथा परमेश्वर से अनन्त काल के लिए दूरी, के स्थान पर क्षमा और स्वर्ग में उसके साथ अनन्तकाल तक रहने का जीवन दान पाते हैं (रोमियों 6:23)।

   कुछ अनुग्रह को "व्यवहार में प्रेम" कहते हैं। पुलिस अफ़सर द्वारा दिखाया गया यह अनुग्रह जब उस माँ ने अनुभव किया, तो बाद में इसके बारे में उसने कहा, "मैं सदा उनकी कृतज्ञ रहूँगी! और जैसे ही मैं ऐसा कर पाऊँगी, मैं किसी अन्य के लिए भी ऐसा ही व्यवहार करूँगी।" उस पुलिस अफ़सर द्वारा दिखाए गए अनुग्रह के प्रति उसका यह कृतज्ञता से भरा उदार प्रत्युत्तर हमें प्रोत्साहित करता है कि हम प्रभु यीशु के अनुग्रह के प्रति भी कुछ ऐसा ही महान और कृतज्ञतापूर्ण प्रत्युत्तर दें; उसे अपने जीवनों में सर्वोपरि स्थान प्रदान करें, अपने जीवन उसे समर्पित कर दें। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


अनुग्रह परमेश्वर का उपहार है।

क्योंकि पाप की मजदूरी तो मृत्यु है, परन्तु परमेश्वर का वरदान हमारे प्रभु मसीह यीशु में अनन्त जीवन है। - रोमियों 6:23

बाइबल पाठ: इफिसियों 1:1-10
Ephesians 1:1 पौलुस की ओर से जो परमेश्वर की इच्छा से यीशु मसीह का प्रेरित है, उन पवित्र और मसीह यीशु में विश्वासी लोगों के नाम जो इफिसुस में हैं।
Ephesians 1:2 हमारे पिता परमेश्वर और प्रभु यीशु मसीह की ओर से तुम्हें अनुग्रह और शान्‍ति मिलती रहे।
Ephesians 1:3 हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर और पिता का धन्यवाद हो, कि उसने हमें मसीह में स्‍वर्गीय स्थानों में सब प्रकार की आशीष दी है। 
Ephesians 1:4 जैसा उसने हमें जगत की उत्‍पति से पहिले उस में चुन लिया, कि हम उसके निकट प्रेम में पवित्र और निर्दोष हों। 
Ephesians 1:5 और अपनी इच्छा की सुमति के अनुसार हमें अपने लिये पहिले से ठहराया, कि यीशु मसीह के द्वारा हम उसके लेपालक पुत्र हों, 
Ephesians 1:6 कि उसके उस अनुग्रह की महिमा की स्‍तुति हो, जिसे उसने हमें उस प्यारे में सेंत मेंत दिया। 
Ephesians 1:7 हम को उस में उसके लोहू के द्वारा छुटकारा, अर्थात अपराधों की क्षमा, उसके उस अनुग्रह के धन के अनुसार मिला है। 
Ephesians 1:8 जिसे उसने सारे ज्ञान और समझ सहित हम पर बहुतायत से किया। 
Ephesians 1:9 कि उसने अपनी इच्छा का भेद उस सुमति के अनुसार हमें बताया जिसे उसने अपने आप में ठान लिया था। 
Ephesians 1:10 कि समयों के पूरे होने का ऐसा प्रबन्‍ध हो कि जो कुछ स्वर्ग में है, और जो कुछ पृथ्वी पर है, सब कुछ वह मसीह में एकत्र करे।

एक साल में बाइबल: 
  • दानिय्येल 11-12
  • यहूदा