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मंगलवार, 13 नवंबर 2018

ध्यानपूर्वक



      मैं ऑडिटोरियम में बैठा पास्टर की ओर टकटकी लगाए देख रहा था। मेरी मुद्रा बता रही थी कि मैं बड़े ध्यान से उसके द्वारा कहे जाने वाला सब कुछ सुन और समझ रहा हूँ। अचानक ही मैंने उपस्थित सभी लोगों को हंसते और ताली बजाते हुए सुना। चकित होकर मैंने अपने आस-पास देखा; पास्टर ने संभवतः कुछ हास्यास्पद कहा था, परन्तु मुझे ज़रा भी अंदाजा नहीं था कि उसने क्या कहा है। देखने में तो मैं बड़े ध्यान से उनकी बातें सुन रहा था, परन्तु वास्तविकता में मेरा ध्यान कहीं और था।

      यह संभव है कि जो कहा जा रहा है उसे सुना तो जाए परन्तु उसपर कोई ध्यान न दिया जाए, देखा तो जाए परन्तु गौर न किया जाए, उपस्थित तो रहा जाए परन्तु कहीं और ही मन लगाया जाए। ऐसी स्थिति में हम महत्वपूर्ण संदेशों को नज़रंदाज़ कर सकते हीं, जो हमार लिए, हमारे लाभ के लिए हों।

      जब एज्रा ने परमेश्वर के वचन में से यहूदा के लिए निर्देशों को पढ़ा, तब “...लोग व्यवस्था की पुस्तक पर कान लगाए रहे” (नहेम्याह 8:3)। उन बातों पर ध्यान देने के द्वारा उनमें उन वचनों के विषय  समझ आई (पद 8), जिससे उनमें पश्चाताप आया, जो उनकी जागृति का कारण बना। एक अन्य परिस्थिति में, जब यरूशलेम में मसीही विश्वासियों पर सताव आया (प्रेरितों 8:1) तो फिलिप्पुस ने सामरिया में सामरी लोगों की ओर ध्यान किया। उन सामरी लोगों ने न केवल फिलिप्पुस के द्वारा किए जाने वाले अद्भुत चिन्हों पर ध्यान किया, परन्तु, “लोगों ने सुनकर...एक चित्त हो कर मन लगाया” (पद 6), जिससे “उस नगर में बड़ा आनन्द हुआ” (पद 8)।

      हमारा मन अस्थिर होकर इधर-उधर भटकता रह सकता है, जिससे हम अपने आस-पास की उत्साह-वर्धक बातों पर ध्यान नहीं लगाने पाते हैं। हमें सबसे अधिक ध्यान परमेश्वर के वचन बाइबल की बातों पर लगाना है जिससे कि हम अपने स्वर्गीय पिता परमेश्वर के साथ संगति के अचरज और आनन्द को प्राप्त कर सकें। - लॉरेंस दरमानी


परमेश्वर के वचन को ग्रहण करने के दो भाग होते हैं: 
ध्यानपूर्वक मन लगाना, और दृढ़ता से उनका पालन करना।

व्यवस्था की यह पुस्तक तेरे चित्त से कभी न उतरने पाए, इसी में दिन रात ध्यान दिए रहना, इसलिये कि जो कुछ उस में लिखा है उसके अनुसार करने की तू चौकसी करे; क्योंकि ऐसा ही करने से तेरे सब काम सफल होंगे, और तू प्रभावशाली होगा। - यहोशू 1:8

बाइबल पाठ: नहेम्याह 8:2-6; प्रेरितों 8:4-8
Nehemiah 8:2 तब एज्रा याजक सातवें महीने के पहिले दिन को क्या स्त्री, क्या पुरुष, जितने सुनकर समझ सकते थे, उन सभों के साम्हने व्यवस्था को ले आया।
Nehemiah 8:3 और वह उसकी बातें भोर से दो पहर तक उस चौक के साम्हने जो जलफाटक के साम्हने था, क्या स्त्री, क्या पुरुष और सब समझने वालों को पढ़कर सुनाता रहा; और लोग व्यवस्था की पुस्तक पर कान लगाए रहे।
Nehemiah 8:4 एज्रा शास्त्री, काठ के एक मचान पर जो इसी काम के लिये बना था, ख्ड़ा हो गया; और उसकी दाहिनी अलंग मत्तित्याह, शेमा, अनायाह, ऊरिय्याह, हिल्किय्याह और मासेयाह; और बाई अलंग, पदायाह, मीशाएल, मल्किय्याह, हाशूम, हश्बद्दाना,जकर्याह और मशुल्लाम खड़े हुए।
Nehemiah 8:5 तब एज्रा ने जो सब लोगों से ऊंचे पर था, सभों के देखते उस पुस्तक को खोल दिया; और जब उसने उसको खोला, तब सब लोग उठ खड़े हुए।
Nehemiah 8:6 तब एज्रा ने महान परमेश्वर यहोवा को धन्य कहा; और सब लोगों ने अपने अपने हाथ उठा कर आमेन, आमेन, कहा; और सिर झुका कर अपना अपना माथा भूमि पर टेक कर यहोवा को दण्डवत किया।
Acts 8:4 जो तित्तर बित्तर हुए थे, वे सुसमाचार सुनाते हुए फिरे।
Acts 8:5 और फिलेप्पुस सामरिया नगर में जा कर लोगों में मसीह का प्रचार करने लगा।
Acts 8:6 और जो बातें फिलेप्पुस ने कहीं उन्हें लोगों ने सुनकर और जो चिन्ह वह दिखाता था उन्हें देख देखकर, एक चित्त हो कर मन लगाया।
Acts 8:7 क्योंकि बहुतों में से अशुद्ध आत्माएं बड़े शब्द से चिल्लाती हुई निकल गई, और बहुत से झोले के मारे हुए और लंगड़े भी अच्‍छे किए गए।
Acts 8:8 और उस नगर में बड़ा आनन्द हुआ।


एक साल में बाइबल: 
  • विलापगीत 1-2
  • इब्रानियों 10:1-18



सोमवार, 12 नवंबर 2018

रोटी



      मैं मेक्सिको के एक छोटे शहर में रहती हूँ, जहाँ प्रति प्रातः और संध्या एक विशेष आवाज़ सुनाई देती है: “रोटी!” एक व्यक्ति, अपनी मोटरसाईकिल पर एक बड़े से टोकरे में कई प्रकार की मीठी और नमकीन रोटी बेचता हुआ निकलता है। पहले मैं एक बड़े शहर में रहती थी, जहाँ रोटी खरीदने के लिए मुझे बेकरी तक जाना पड़ता था, परन्तु अब मैं घर पर ही ताज़ी रोटी प्राप्त करने का मज़ा ले सकती हूँ।

      शारीरिक भूख को मिटाने के विचार से आत्मिक भूख की ओर बढ़ाते हैं; और मुझे प्रभु यीशु द्वारा कहे, परमेश्वर के वचन बाइबल में लिखे गए शब्द स्मरण आते हैं, “जीवन की रोटी जो स्वर्ग से उतरी मैं हूं। यदि कोई इस रोटी में से खाए, तो सर्वदा जीवित रहेगा...” (यूहन्ना 6:51)।

      किसी ने कहा है कि सुसमाचार प्रचार वास्तव में एक भिखारी के द्वारा किसी अन्य भिखारी को बताना है कि उसे रोटी कहाँ से प्राप्त हुई। हम में से अनेकों कह सकते हैं कि “एक समय पर मैं आत्मिक रूप से भूखा था, अपने पापों के कारण आत्मिक कुपोषण से मर रहा था। फिर मुझे सुसमाचार मिला। किसी ने मुझे बताया कि मुझे जीवन की रोटी कहाँ मिलेगी – प्रभु यीशु में; और प्रभु यीशु में विश्वास लाने, उससे अपने पापों की क्षमा माँगने तथा उसे अपना जीवन समर्पण करने के द्वारा मेरा जीवन बदल गया, मैं अनन्त मृत्यु से अनन्त जीवन में आ गया।”

      अब हमें यह आदर तथा दायित्व है कि इस जीवन की रोटी की ओर औरों को भी आकर्षित करें, उन्हें भी इसकी बारे में बताएँ। हम प्रभु यीशु मसीह के बारे में अपने पड़ौस में, अपने कार्यस्थल में, अपने स्कूल में, अपने मनोरंजन स्थलों पर, बता सकते हैं। हम प्रभु यीशु के विषय बस में, ट्रेन में, प्रतीक्षालय में, बात कर सकते हैं। हम अपने मित्रों के साथ प्रभु यीशु के सुसमाचार को बाँट सकते हैं।

      प्रभु यीशु मसीह ही जीवन की रोटी हैं, और हम मसीही विश्वासियों को यह सुसमाचार सब तक पहुंचाना है। - कीला ओकोआ


जीवन की रोटी को आप जहाँ कहीं भी हों, औरों के साथ बांटें।

नाशमान भोजन के लिये परिश्रम न करो, परन्तु उस भोजन के लिये जो अनन्त जीवन तक ठहरता है, जिसे मनुष्य का पुत्र तुम्हें देगा, क्योंकि पिता, अर्थात परमेश्वर ने उसी पर छाप कर दी है। - यूहन्ना 6:27

बाइबल पाठ: यूहन्ना 6:34-51
John 6:34 तब उन्होंने उस से कहा, हे प्रभु, यह रोटी हमें सर्वदा दिया कर।
John 6:35 यीशु ने उन से कहा, जीवन की रोटी मैं हूं: जो मेरे पास आएगा वह कभी भूखा न होगा और जो मुझ पर विश्वास करेगा, वह कभी प्यासा न होगा।
John 6:36 परन्तु मैं ने तुम से कहा, कि तुम ने मुझे देख भी लिया है, तोभी विश्वास नहीं करते।
John 6:37 जो कुछ पिता मुझे देता है वह सब मेरे पास आएगा, उसे मैं कभी न निकालूंगा।
John 6:38 क्योंकि मैं अपनी इच्छा नहीं, वरन अपने भेजने वाले की इच्छा पूरी करने के लिये स्वर्ग से उतरा हूं।
John 6:39 और मेरे भेजने वाले की इच्छा यह है कि जो कुछ उसने मुझे दिया है, उस में से मैं कुछ न खोऊं परन्तु उसे अंतिम दिन फिर जिला उठाऊं।
John 6:40 क्योंकि मेरे पिता की इच्छा यह है, कि जो कोई पुत्र को देखे, और उस पर विश्वास करे, वह अनन्त जीवन पाए; और मैं उसे अंतिम दिन फिर जिला उठाऊंगा।
John 6:41 सो यहूदी उस पर कुड़कुड़ाने लगे, इसलिये कि उसने कहा था; कि जो रोटी स्वर्ग से उतरी, वह मैं हूं।
John 6:42 और उन्होंने कहा; क्या यह यूसुफ का पुत्र यीशु नहीं, जिस के माता पिता को हम जानते हैं? तो वह क्योंकर कहता है कि मैं स्वर्ग से उतरा हूं।
John 6:43 यीशु ने उन को उत्तर दिया, कि आपस में मत कुड़कुड़ाओ।
John 6:44 कोई मेरे पास नहीं आ सकता, जब तक पिता, जिसने मुझे भेजा है, उसे खींच न ले; और मैं उसको अंतिम दिन फिर जिला उठाऊंगा।
John 6:45 भविष्यद्वक्ताओं के लेखों में यह लिखा है, कि वे सब परमेश्वर की ओर से सिखाए हुए होंगे। जिस किसी ने पिता से सुना और सीखा है, वह मेरे पास आता है।
John 6:46 यह नहीं, कि किसी ने पिता को देखा परन्तु जो परमेश्वर की ओर से है, केवल उसी ने पिता को देखा है।
John 6:47 मैं तुम से सच सच कहता हूं, कि जो कोई विश्वास करता है, अनन्त जीवन उसी का है।
John 6:48 जीवन की रोटी मैं हूं।
John 6:49 तुम्हारे बाप दादों ने जंगल में मन्ना खाया और मर गए।
John 6:50 यह वह रोटी है जो स्वर्ग से उतरती है ताकि मनुष्य उस में से खाए और न मरे।
John 6:51 जीवन की रोटी जो स्वर्ग से उतरी मैं हूं। यदि कोई इस रोटी में से खाए, तो सर्वदा जीवित रहेगा और जो रोटी मैं जगत के जीवन के लिये दूंगा, वह मेरा मांस है।


एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 51-52
  • इब्रानियों 9



रविवार, 11 नवंबर 2018

बलिदान



      यह इतवार की दोपहर का समय है, मैं अपने घर के बागीचे में बैठी हूँ जो उस चर्च के निकट ही है जिसमें मेरे पति पादरी हैं। मुझे फारसी भाषा में चल रही आराधना और स्तुति गान के शब्द तथा संगीत सुनाई दे रहे हैं। लंडन में स्थित हमारे इस चर्च में ईरानी लोगों की मण्डली भी एकत्रित होती है, और वे सभी अपने मसीही विश्वास के प्रति बहुत जोशीले हैं। वे अपने मसीही विश्वास के लिए उन पर किए गए अत्याचारों और सताव की कहानियों को, उनके कुछ साथियों के मसीही विश्वास के कारण मार डाले जाने को भी बताते हैं, लेकिन ऐसे सताव के बावजूद भी उनके उत्साह को देखते हुए हम अपने आप को विश्वास में कमतर अनुभव करते हैं। ये मसीही विश्वासी, मसीही विश्वास के लिए सबसे पहले शहीद हुए व्यक्ति, स्तिफनुस के पद-चिन्हों पर चल रहे हैं।

      स्तिफनुस प्रारंभिक मसीही मण्डली का एक अगुवा था, और उसके द्वारा होने वाले “बड़े-बड़े अद्भुत काम और चिन्हों” (प्रेरितों 6:8) के कारण यरूशलेम में लोगों का ध्यान उसकी ओर आकर्षित हुआ, और यहूदी धर्म-अधिकारियों ने उसे अपने सामने बुलवाया कि वह अपने मसीही विश्वास के कार्यों के विषय अपना बचाव करे। स्तिफनुस ने न केवल अपने मसीही विश्वास का जोशपूर्ण बचाव किया, वरन उस पर दोष लगाने वालों पर उनके कठोर मन का होने का आरोप भी लगाया। परन्तु स्तिफनुस की बातों को सुनकर बजाए पश्चाताप करने के, उसे पकड़ने और पकड़वाने वाले “उसपर दाँत पीसने लगे” (प्रेरितों 7:54)। वे उसे घसीटते हुए शहर के बाहर ले गए और पत्थरवाह करके मार डाला, जबकि स्तिफनुस उन्हें क्षमा किए जाने की प्रार्थना करता रहा।

      स्तिफनुस और आज भी मसीही विश्वास के लिए सताव सहन कर रहे तथा बलिदान हो रहे मसीहियों की जीवनों का सन्देश हमें स्मरण दिलाता है कि सँसार के प्रत्येक व्यक्ति के प्रति मसीह के प्रेम और करुणा के सन्देश का प्रत्युत्तर सँसार से मिलने वाली क्रूरता और हिंसा भी हो सकता है। यदि हमने आज तक अपने मसीही विश्वास के कारण किसी सताव का सामना नहीं किया है, तो भी हम उन विश्वासियों और कलीसियाओं के लिए प्रार्थना करें जो सताए जा रहे हैं। और यह भी प्रार्थना करें कि जब कभी हम अपने मसीही विश्वास के लिए परखे जाएँ, तो हम अपने प्रभु यीशु के प्रति जिसने हमारे उद्धार के लिए सँसार से इतनी भीषण यातनाएं और मृत्यु सही, वफादार और दृढ़ रह सकें, कभी उसका इन्कार न करें। - एमी बाउचर पाई


हम अपने प्रभु के पदचिन्हों पर चलने के योग्य अनुग्रह पा सकें।

वे इस बात से आनन्‍दित हो कर महासभा के साम्हने से चले गए, कि हम उसके नाम के लिये निरादर होने के योग्य तो ठहरे। और प्रति दिन मन्दिर में और घर घर में उपदेश करने, और इस बात का सुसमाचार सुनाने से, कि यीशु ही मसीह है न रूके। - प्रेरितों 5:41-42

बाइबल पाठ: प्रेरितों 6:8-15; 7:59-60
Acts 6:8 स्‍तिुफनुस अनुग्रह और सामर्थ में परिपूर्ण हो कर लोगों में बड़े बड़े अद्भुत काम और चिन्ह दिखाया करता था।
Acts 6:9 तब उस अराधनालय में से जो लिबरतीनों की कहलाती थी, और कुरेनी और सिकन्‍दिरया और किलिकिया और एशीया के लोगों में से कई एक उठ कर स्‍तिुफनुस से वाद-विवाद करने लगे।
Acts 6:10 परन्तु उस ज्ञान और उस आत्मा का जिस से वह बातें करता था, वे साम्हना न कर सके।
Acts 6:11 इस पर उन्‍होने कई लोगों को उभारा जो कहने लगे, कि हम ने इस को मूसा और परमेश्वर के विरोध में निन्‍दा की बातें कहते सुना है।
Acts 6:12 और लोगों और प्राचीनों और शास्‍त्रियों को भड़काकर चढ़ आए और उसे पकड़कर महासभा में ले आए।
Acts 6:13 और झूठे गवाह खड़े किए, जिन्हों ने कहा कि यह मनुष्य इस पवित्र स्थान और व्यवस्था के विरोध में बोलना नहीं छोड़ता।
Acts 6:14 क्योंकि हम ने उसे यह कहते सुना है, कि यही यीशु नासरी इस जगह को ढ़ा देगा, और उन रीतों को बदल डालेगा जो मूसा ने हमें सौंपी हैं।
Acts 6:15 तब सब लोगों ने जो सभा में बैठे थे, उस की ओर ताक कर उसका मुखड़ा स्वर्गदूत का सा देखा।
Acts 7:59 और वे स्‍तिुफनुस को पत्थरवाह करते रहे, और वह यह कहकर प्रार्थना करता रहा; कि हे प्रभु यीशु, मेरी आत्मा को ग्रहण कर।
Acts 7:60 फिर घुटने टेककर ऊंचे शब्द से पुकारा, हे प्रभु, यह पाप उन पर मत लगा, और यह कहकर सो गया: और शाऊल उसके बध में सहमत था।


एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 50
  • इब्रानियों 8



शनिवार, 10 नवंबर 2018

उद्देश्य



      जेकब डेविस एक दर्जी थे, जो एक समस्या का सामना कर रहे थे। वह अमेरिका के पश्चिमी क्षेत्र में 1800 के वर्षों का समय था, ऐसा समय जब सोने के लिए खदानों में काम करने के लिए बहुत लोग जुटे हुए थे। खानों में काम करते-करते उन खदान कर्मियों की पैंटे बहुत शीघ्र घिस कर फट जाया करती थीं; यही डेविस की समस्या थी। डेविस को एक उपाय सूझा; वे एक स्थानीय कंपनी में, जिसके मालिक लेवे स्ट्रॉस थे, गए और उनसे तम्बू बनाने वाले कपड़े को खरीद लाए, और उससे पैंट बनाना आरंभ कर दिया। उस मज़बूत कपड़े से बनी पैंट बहुत टिकाउ रहीं और इस प्रकार नीली जींस की पैंट का आरंभ हुआ। आज डेनिम कपड़े से बनी जींस, लेवी मार्का सहित, सँसार के सबसे लोकप्रिय वस्त्रों में से हैं, क्योंकि तम्बू बनाने के कपड़े को एक नया उद्देश्य देकर प्रयोग किया गया।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम पाते हैं कि शमौन और उसके मित्र गलील की झील में मछली पकड़ने वाले मछुआरे थे। प्रभु यीशु उनके पास आए और उन्हें अपने साथ चलने को बुलाया जिससे वे उन्हें मनुष्यों के मछुए बनाएं: “और यीशु ने उन से कहा; मेरे पीछे चले आओ; मैं तुम को मनुष्यों के मछुवे बनाऊंगा” (मरकुस 1:17)। प्रभु यीशु ने इन्हें इस नए उद्देश्य के साथ प्रशिक्षित करना आरंभ किया जिससे कि उनके स्वर्गारोहण के पश्चात फिर ये ही लोग परमेश्वर के प्रेम और प्रभु यीशु के बलिदान तथा पुनरुत्थान के द्वारा सँसार के सभी लोगों के लिए सेंत-मेंत उपलब्ध करवाए गए उद्धार के सुसमाचार को सँसार के सभी लोगों तक लेकर जा सकें।

      आज हम मसीह यीशु के प्रेम और उद्धार के सुसमाचार के प्रचार में उन्हीं के उदाहरण का अनुसरण करते हैं। हम मसीही विश्वासियों के जीवनों से आज इस सुसमाचार का प्रचार भी होना है और प्रदर्शन भी, जिससे लोग इस जीवन तथा उद्देश्य को अनन्त काल के लिए बदल देने वाले परमेश्वर के प्रेम को जान सकें और समझ सकें, उसकी सामर्थ्य को प्रत्यक्ष देख सकें। - बिल क्राउडर


मसीह यीशु में मिले नए जीवन के द्वारा हमें एक नया उद्देश्य भी प्राप्त हुआ है।

और वह इस निमित्त सब के लिये मरा, कि जो जीवित हैं, वे आगे को अपने लिये न जीएं परन्तु उसके लिये जो उन के लिये मरा और फिर जी उठा। - 2 कुरिन्थियों 5:15

बाइबल पाठ: मरकुस 1:16-22
Mark 1:16 गलील की झील के किनारे किनारे जाते हुए, उसने शमौन और उसके भाई अन्द्रियास को झील में जाल डालते देखा; क्योंकि वे मछुवे थे।
Mark 1:17 और यीशु ने उन से कहा; मेरे पीछे चले आओ; मैं तुम को मनुष्यों के मछुवे बनाऊंगा।
Mark 1:18 वे तुरन्त जालों को छोड़कर उसके पीछे हो लिए।
Mark 1:19 और कुछ आगे बढ़कर, उसने जब्‍दी के पुत्र याकूब, और उसके भाई यहून्ना को, नाव पर जालों को सुधारते देखा।
Mark 1:20 उसने तुरन्त उन्हें बुलाया; और वे अपने पिता जब्‍दी को मजदूरों के साथ नाव पर छोड़कर, उसके पीछे चले गए।
Mark 1:21 और वे कफरनहूम में आए, और वह तुरन्त सब्त के दिन सभा के घर में जा कर उपदेश करने लगा।
Mark 1:22 और लोग उसके उपदेश से चकित हुए; क्योंकि वह उन्हें शास्‍त्रियों के समान नहीं, परन्तु अधिकारी के समान उपदेश देता था।


एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 48-49
  • इब्रानियों 7



शुक्रवार, 9 नवंबर 2018

मार्गदर्शन



      मैं एक युवक को जानता हूँ जो प्रार्थनाओं में परमेश्वर से चिन्ह माँगता है। आवश्यक नहीं कि यह गलत हो, परन्तु उसकी प्रार्थनाएं बहुधा उसकी भावनाओं की पुष्टि के लिए होती हैं। उदाहरण के लिए, वह प्रार्थना करेगा, “परमेश्वर यदि आप चाहते हैं कि मैं ‘यह’ करूँ, तो आप ‘ऐसा’ कर दीजिए, और मैं समझ जाऊँगा कि यह आपकी इच्छानुसार है।”

      इससे दुविधा उत्पन्न होती है। जैसी वह प्रार्थनाएं करता है, और जैसा उसे लगता है कि परमेश्वर ने उसे उत्तर दिया है, उससे उसकी धारणा बनी है कि उस अपने भूतपूर्व प्रेमिका के पास लौट जाना चाहिए; परन्तु उसकी भूतपूर्व प्रेमिका उतनी ही दृढ़ता से यह मानती है कि ऐसा करना परमेश्वर की इच्छानुसार नहीं है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम पाते हैं कि प्रभु यीशु के समय के धार्मिक अगुवों ने प्रभु से माँग की, कि वह किसी चिन्ह देने के द्वारा अपने दावों को प्रमाणित करें “फरीसियों और सदूकियों ने पास आकर उसे परखने के लिये उस से कहा, कि हमें आकाश का कोई चिन्ह दिखा” (मत्ती 16:1)। वे परमेश्वर से मार्गदर्शन नहीं चाह रहे थे, वे प्रभु के ईश्वरीय अधिकार को चुनौती दे रहे थे। प्रभु ने उन लोगों को उत्तर दिया, “इस युग के बुरे और व्यभिचारी लोग चिन्ह ढूंढ़ते हैं पर यूनुस के चिन्ह को छोड़ कोई और चिन्ह उन्हें न दिया जाएगा, और वह उन्हें छोड़कर चला गया” (मत्ती 16:4)। प्रभु यीशु का उन्हें दिया गया यह कड़ा प्रत्युत्तर, सामान्य रीति से लागू किए जाने के लिए परमेश्वर से चिन्ह माँगने की निषेधाज्ञा नहीं थी। वरन प्रभु उन्हें अपने वचन में उनके मसीहा होने के विषय दी गई स्पष्ट भविष्यवाणियों की अवहेलना करने का दोषी ठहरा रहे थे।

      परमेश्वर चाहता है कि हम प्रार्थनाओं के द्वारा उससे मार्गदर्शन प्राप्त करें (याकूब 1:5)। उसने हमारे मार्गदर्शन के लिए हम मसीही विश्वासियों को अपना पवित्र आत्मा भी प्रदान किया है (यूहन्ना 14:26); और उसका वचन भी हमें सही मार्ग दिखाता है (भजन 119:105)। हमारे मार्गदर्शन के लिए प्रभु यीशु का जीवन भी उदाहरण है, और प्रभु अपने भक्त बुद्धिमान परामार्श्दाताओं तथा अगुवों के द्वारा भी हमारा मार्गदर्शन करता है।

      हम अपनी प्रार्थनाओं के द्वारा परमेश्वर के साथ और निकट संबंध बना सकते हैं, उसे और उसकी इच्छाओं को निकटता से जान सकते हैं। परमेश्वर से स्पष्ट मार्गदर्शन माँगना बुद्दिमता है, परन्तु यह आवश्यक नहीं है कि हम जिस रीति से या जिस रूप में उस मार्गदर्शन की अपेक्षा करें परमेश्वर वैसे ही हमें मार्गदर्शन प्रदान करे। परन्तु वह हमें असहाय कभी नहीं छोड़ता है, किसी-न-किसी रीति से सही मार्गदर्शन अवश्य प्रदान करता है। - टिम गुस्ताफ्सन


परमेश्वर की इच्छा जानने का सर्वोत्तम तरीका है परमेश्वर के आज्ञाकारी बने रहना।

और इस संसार के सदृश न बनो; परन्तु तुम्हारी बुद्धि के नये हो जाने से तुम्हारा चाल-चलन भी बदलता जाए, जिस से तुम परमेश्वर की भली, और भावती, और सिद्ध इच्छा अनुभव से मालूम करते रहो। - रोमियों  12:2

बाइबल पाठ: मत्ती 16:1-4
Matthew 16:1 और फरीसियों और सदूकियों ने पास आकर उसे परखने के लिये उस से कहा, कि हमें आकाश का कोई चिन्ह दिखा।
Matthew 16:2 उसने उन को उत्तर दिया, कि सांझ को तुम कहते हो कि खुला रहेगा क्योंकि आकाश लाल है।
Matthew 16:3 और भोर को कहते हो, कि आज आन्‍धी आएगी क्योंकि आकाश लाल और धुमला है; तुम आकाश का लक्षण देखकर भेद बता सकते हो पर समयों के चिन्‍हों का भेद नहीं बता सकते?
Matthew 16:4 इस युग के बुरे और व्यभिचारी लोग चिन्ह ढूंढ़ते हैं पर यूनुस के चिन्ह को छोड़ कोई और चिन्ह उन्हें न दिया जाएगा, और वह उन्हें छोड़कर चला गया।


एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 46-47
  • इब्रानियों 6



गुरुवार, 8 नवंबर 2018

सहायक



      एक स्थानीय चर्च के स्वयं-सेवियों ने कम आमदनी वाले लोगों के रहने के क्षेत्र में जाकर भोजन का वितरण किया। जिन लोगों को भोजन मिला उनमें से एक वृद्ध महिला भोजन पा कर बहुत खुश हुई; उसने उन स्वयं-सेवियों को भोजन सामग्री रखने वाली अपनी अलमारी दिखाई जो उस समय बिलकुल खाली थी, और उनसे कहा कि वे उसके लिए प्रार्थनाओं का उत्तर बन कर आए हैं।

      चर्च वापस लौट कर आने और अपने अनुभवों के बारे में बताने के समय उन स्वयं-सेवियों में से एक महिला रोने लग गई। उसने बताया, “जब मैं छोटी बच्ची थी, तब वह वृद्ध महिला मेरी सन्डे स्कूल की अध्यापिका हुआ करती थी। अभी भी वह प्रति इतवार नियमित चर्च आती है। किन्तु हम में से किसी को भी यह आभास भी नहीं था कि वह लगभग भूखों मरने की कगार पर जी रही है।”

      स्पष्टतः ये स्वयं-सेवी दूसरों का ध्यान रखने वाले लोग थे जो दूसरों के बोझों को बाँटने का प्रयास कर रहे थे, जैसा कि परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने गलातिया के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में लिखा था (गलतियों 6:2)। परन्तु फिर भी वे उस वृद्ध महिला की आवश्यकता को देख पाने में असफल रहे थे, यद्यपि वे उसे प्रति इतवार चर्च में देखते थे; और उस महिला ने भी अपनी आवश्यकता किसी को नहीं बताई थी। यह हम सब के लिए एक ध्यान देने की बात हो सकती है कि हम अपने आसा-पास के लोगों की आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशील रहें, जैसा कि पौलुस ने लिखा है, “इसलिये जहां तक अवसर मिले हम सब के साथ भलाई करें; विशेष कर के विश्वासी भाइयों के साथ” (गलतियों 6:10)।

      जो लोग साथ आराधना करते हैं, उन्हें यह आदर भी है कि एक-दूसरे की सहायता भी करें जिससे मसीह यीशु की देह का कोई भी भाग बिना देखभाल और सहायता के न रहे। जब हम एक दूसरे को जानेंगे, और एक दूसरे की देखभाल करेंगे, तो हम एक दूसरे के सहायक भी बनेंगे, और मसीह की देह उन्नति पाएगी। - डेव ब्रैनन


दूसरों की देखभाल करना सबसे अधिक कीमत माँगता है, सिवाए देखभाल न करने के।

जिनका भला करना चाहिये, यदि तुझ में शक्ति रहे, तो उनका भला करने से न रुकना। - नीतिवचन 3:27

बाइबल पाठ: गलतियों 6: 1-10
Galatians 6:1 हे भाइयों, यदि कोई मनुष्य किसी अपराध में पकड़ा भी जाए, तो तुम जो आत्मिक हो, नम्रता के साथ ऐसे को संभालो, और अपनी भी चौकसी रखो, कि तुम भी परीक्षा में न पड़ो।
Galatians 6:2 तुम एक दूसरे के भार उठाओ, और इस प्रकार मसीह की व्यवस्था को पूरी करो।
Galatians 6:3 क्योंकि यदि कोई कुछ न होने पर भी अपने आप को कुछ समझता है, तो अपने आप को धोखा देता है।
Galatians 6:4 पर हर एक अपने ही काम को जांच ले, और तब दूसरे के विषय में नहीं परन्तु अपने ही विषय में उसको घमण्‍ड करने का अवसर होगा।
Galatians 6:5 क्योंकि हर एक व्यक्ति अपना ही बोझ उठाएगा।
Galatians 6:6 जो वचन की शिक्षा पाता है, वह सब अच्छी वस्‍तुओं में सिखाने वाले को भागी करे।
Galatians 6:7 धोखा न खाओ, परमेश्वर ठट्ठों में नहीं उड़ाया जाता, क्योंकि मनुष्य जो कुछ बोता है, वही काटेगा।
Galatians 6:8 क्योंकि जो अपने शरीर के लिये बोता है, वह शरीर के द्वारा विनाश की कटनी काटेगा; और जो आत्मा के लिये बोता है, वह आत्मा के द्वारा अनन्त जीवन की कटनी काटेगा।
Galatians 6:9 हम भले काम करने में हियाव न छोड़े, क्योंकि यदि हम ढीले न हों, तो ठीक समय पर कटनी काटेंगे।
Galatians 6:10 इसलिये जहां तक अवसर मिले हम सब के साथ भलाई करें; विशेष कर के विश्वासी भाइयों के साथ।


एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 43-45
  • इब्रानियों 5



बुधवार, 7 नवंबर 2018

कठिन पहाड़



      इडाहो में हमारे घर के उत्तर दिशा में पहाड़ हैं, और उनकी एक चोटी, जगहैंडल पीक के पास एक हिम झील है। उस झील तक का मार्ग एक बहुत कठिन मार्ग है, जो खड़ी चढ़ाइयों और चट्टानों तथा पहाड़ के किनारे के संकरे रास्तों से होकर जाता है। यह बहुत कठिन चढ़ाई का मार्ग है।

      परन्तु इस कठिन चढ़ाई के आरंभ होने से ठीक पहले एक निर्मल पानी का नाला है जो मुलायम और छोटी वनस्पति से भरी धरती में से निकलता है, और हरे-भरे मैदान से होकर बहता है। यह एक शान्त एवं मनोरम स्थान है जहाँ पर चढ़ाई चढ़ने से पहले विश्राम किया जा सकता है, ठंडा पानी पीया जा सकता है और यात्री आने वाली कठिनाई के लिए तैयार हो सकते हैं।

      मसीही जीवन पर लिखी गई जौन बनयन की विख्यात कृति, The Pilgrims Progress में “मसीही विश्वासी” “कठिनाई पर्वत” की जड़ पर पहुंचता है, जिसकी कठिन चढ़ाई को चढ़कर उसे जाना है। उसके लिए वह चढ़ाई जहाँ से आरंभ होती है वहाँ, “निर्मल जल का एक सोता है...मसीही विश्वासी उसपर जाकर वहाँ से जल पीता है, अपने आप को तरोताज़ा करता है, और फिर उस कठिन चढ़ाई पर चढ़ना आरंभ करता है।” यह मसीही जीवन में आने वाली कठिनाईयों को पार करने के लिए मिलने वाली परमेश्वर की सामर्थ्य एवं सहायता का रूपक है।

      हो सकता है कि आज आपके जीवन में भी कोई कठिनाई, कोई पहाड़ हो, और आपको यह चुनौती आपके सहने की सीमा से बाहर लग रही हो। उस चुनौती का सामना करने से पहले, सामर्थ्य तथा तरोताज़गी के सोते, प्रभु परमेश्वर के साथ कुछ समय बिताएं। अपनी समस्त कमजोरी, थकान, असहायता, भय और शंका के साथ उसके पास आएँ, उन्हें उसे सौंप दें, और उसकी सामर्थ्य, बल, और बुद्धिमता – उसके वचन बाइबल के निर्मल जल में से पीकर तृप्त और तरोताज़ा हों। जब आप उसे समर्पित होकर, उसे अपने जीवन का आधार और मार्गदर्शक बना लेंगे, तब प्रभु परमेश्वर, जो आपकी सभी परिस्थितियों को भली-भांति जानता है, वह आपको शान्ति, सांत्वना, आत्मिक बल को भरपूरी से उपलब्ध करवाएगा। वह आपको आपके कठिन पहाड़ पर चढ़ने और पार होने के लिए सामर्थ्य और मार्गदर्शन देगा, आपकी सहायता करेगा। - डेविड रोपर


वह जो सब पर शासन करता है...
उसने मसीही विश्वासी को अपने मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए 
बलवंत और सामर्थी किया। - जौन बनयन, The Pilgrims Progress

और मसीह के उस प्रेम को जान सको जो ज्ञान से परे है, कि तुम परमेश्वर की सारी भरपूरी तक परिपूर्ण हो जाओ। अब जो ऐसा सामर्थी है, कि हमारी बिनती और समझ से कहीं अधिक काम कर सकता है, उस सामर्थ के अनुसार जो हम में कार्य करता है – इफिसियों 3:19-20

बाइबल पाठ: भजन 110
Psalms 110:1 मेरे प्रभु से यहोवा की वाणी यह है, कि तू मेरे दाहिने हाथ बैठ, जब तक मैं तेरे शत्रुओं को तेरे चरणों की चौकी न कर दूं।
Psalms 110:2 तेरे पराक्रम का राजदण्ड यहोवा सिय्योन से बढ़ाएगा। तू अपने शत्रुओं के बीच में शासन कर।
Psalms 110:3 तेरी प्रजा के लोग तेरे पराक्रम के दिन स्वेच्छाबलि बनते हैं; तेरे जवान लोग पवित्रता से शोभायमान, और भोर के गर्भ से जन्मी हुई ओस के समान तेरे पास हैं।
Psalms 110:4 यहोवा ने शपथ खाई और न पछताएगा, कि तू मेल्कीसेदेक की रीति पर सर्वदा का याजक है।
Psalms 110:5 प्रभु तेरी दाहिनी ओर हो कर अपने क्रोध के दिन राजाओं को चूर कर देगा।
Psalms 110:6 वह जाति जाति में न्याय चुकाएगा, रणभूमि लोथों से भर जाएगी; वह लम्बे चौड़े देश के प्रधान को चूर चूर कर देगा।
Psalms 110:7 वह मार्ग में चलता हुआ नदी का जल पीएगा इस कारण वह सिर को ऊंचा करेगा।


एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 40-42
  • इब्रानियों 4