ई-मेल संपर्क / E-Mail Contact

इन संदेशों को ई-मेल से प्राप्त करने के लिए अपना ई-मेल पता इस ई-मेल पर भेजें : rozkiroti@gmail.com / To Receive these messages by e-mail, please send your e-mail id to: rozkiroti@gmail.com

शनिवार, 15 दिसंबर 2018

निद्रा



      बीते समय के एक स्कॉटिश पास्टर, हेनरी डरबनविले, अपनी कलीसिया की एक वृद्ध महिला की कहानी बताया करते थे, जो स्कॉटलैंड के एक सुदूर क्षेत्र में रहती थी। उसकी बड़ी लालसा थी कि वह एडिनबरा शहर को देखे परन्तु यात्रा करने से डरती थी, क्योंकि यात्रा के दौरान ट्रेन को एक लंबी और अंधेरी सुरंग से होकर निकालना होता था।

      परन्तु एक दिन कुछ परिस्थितियों ने उसे बाध्य कर दिया और उसे एडिनबरा जाना ही पड़ा। जैसे जैसे ट्रेन शहर की ओर बढ़ती जाती थी, उसकी घबराहट भी बढ़ती जाती थी। परन्तु ट्रेन के उस सुरंग तक पहुँचने से पहले ही, वह महिला थकान के मारे सो गई; और जब उसकी आँख ख्हुली तो ट्रेन सुरंग से सुरंग निकल चुकी थी, और वह एडिनबरा शहर में पहुँच चुकी थी।

      यह संभव है कि हम में से कुछ मृत्यु का अनुभव नहीं करेंगे। जब प्रभु यीशु मसीह का आगमन होगा तब जो मसीही विश्वासी जीवित हैं, वे “हवा में प्रभु से मिलेंगे” (1 थिस्सलुनीकियों 4:17)। परन्तु हम में से अधिकांश मृत्यु से होकर स्वर्ग पहुँचेंगे। बहुतेरों के लिए यह विचार बहुत घबराहट उत्पन्न करता है। उन्हें लगता है कि मृत्यु की प्रक्रिया सहन करना उन के लिए बहुत कठिन होगा।

      अपने उद्धारकर्ता प्रभु यीशु मसीह के आश्वासन द्वारा हम निश्चिन्त रह सकते हैं कि जब भी हम आपनी आँखे मूंद कर मृत्यु से होते हुए स्वर्ग जाएँगे, उस निद्रा से हमारी आंखे हमारे प्रभु परमेश्वर की उपस्थिति में खुलेंगी। जैसा जौन डॉन ने कहा “एक छोटी सी निद्रा के पश्चात हम अनानात्काल के लिए जाग उठेंगे।” – डेविड रोपर


स्वर्ग का सबसे महान आनन्द प्रभु यीशु को देखना, उसके साथ होना, होगा।

इसलिये हम ढाढ़स बान्‍धे रहते हैं, और देह से अलग हो कर प्रभु के साथ रहना और भी उत्तम समझते हैं। - 2 कुरिन्थियों 5:8

बाइबल पाठ: 1 थिस्सलुनीकियों 4:13-18
1 Thessalonians 4:13 हे भाइयों, हम नहीं चाहते, कि तुम उनके विषय में जो सोते हैं, अज्ञात रहो; ऐसा न हो, कि तुम औरों के समान
 शोक करो जिन्हें आशा नहीं।
1 Thessalonians 4:14 क्योंकि यदि हम प्रतीति करते हैं, कि यीशु मरा, और जी भी उठा, तो वैसे ही परमेश्वर उन्हें भी जो यीशु में सो गए हैं, उसी के साथ ले आएगा।
1 Thessalonians 4:15 क्योंकि हम प्रभु के वचन के अनुसार तुम से यह कहते हैं, कि हम जो जीवित हैं, और प्रभु के आने तक बचे रहेंगे तो सोए हुओं से कभी आगे न बढ़ेंगे।
1 Thessalonians 4:16 क्योंकि प्रभु आप ही स्वर्ग से उतरेगा; उस समय ललकार, और प्रधान दूत का शब्द सुनाई देगा, और परमेश्वर की तुरही फूंकी जाएगी, और जो मसीह में मरे हैं, वे पहिले जी उठेंगे।
1 Thessalonians 4:17 तब हम जो जीवित और बचे रहेंगे, उन के साथ बादलों पर उठा लिये जाएंगे, कि हवा में प्रभु से मिलें, और इस रीति से हम सदा प्रभु के साथ रहेंगे।
1 Thessalonians 4:18 सो इन बातों से एक दूसरे को शान्‍ति दिया करो।
                                                                                                                                                        

एक साल में बाइबल: 
  • अमोस 1-3
  • प्रकाशितवाक्य 6



शुक्रवार, 14 दिसंबर 2018

ज्योति



      वह अंधकारमय सुबह थी; आकाश पर बादल छाए हुए थे, और वातावरण अन्धेरा होने के कारण मुझे पुस्तक पढ़ने के लिए बत्ती जलानी पड़ी। मैंने पढ़ना आरंभ ही किया था, कि कमरे में रौशनी भर गई। मैंने आँखें उठाकर देखा तो पाया कि हवा बादलों को उड़ा ले जा रही थी, आकाश खुलने लगा था और चमकते हुए सूरज की ज्योति छाने लग गई थी।

      मैं यह दृश्य देखने के लिए खिड़की तक गया, और मेरे मन में एक विचार आया: मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित यूहन्ना द्वारा अपनी पहली पत्री में लिखा एक पद स्मरण हो आया – “...क्योंकि अन्धकार मिटता जाता है और सत्य की ज्योति अभी चमकने लगी है” (1 यूहन्ना 2:8)। प्रेरित ने ये शब्द मसीही विश्वासियों को प्रोत्साहित करने के लिए लिखे थे। उसने आगे कहा, “जो कोई अपने भाई से प्रेम रखता है, वह ज्योति में रहता है, और ठोकर नहीं खा सकता” (पद 10)। इसकी तुलना में उसने लोगों से घृणा करने को अन्धकार में भटकने के समान कहा। घृणा दिशा को भ्रमित कर देने वाली होती है: वह हमारे नैतिक दिशा बोध को बिगाड़ देती है।

      लोगों से प्रेम करना सदा ही सरल नहीं होता है। खिड़की से बाहर देखते हुए मुझे ध्यान आया कि कुंठा, क्षमा, और विश्वासयोग्यता सभी परमेश्वर के प्रेम और ज्योति के साथ गहन संपर्क बनाए रखने के भाग हैं। जब हम घृणा के स्थान पर प्रेम का चुनाव करते हैं, तब हम उसके साथ अपने संबंध को दिखाते हैं, और उसकी ज्योति को अपने चारों ओर के सँसार पर प्रतिबिंबित करते हैं: “जो समाचार हम ने उस से सुना, और तुम्हें सुनाते हैं, वह यह है; कि परमेश्वर ज्योति है: और उस में कुछ भी अन्धकार नहीं” (1 यूहन्ना 1:5)। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


लोगों से प्रेम करने का चुनाव करना सँसार को दिखाता है कि परमेश्वर कैसा है।

हे बालकों, हम वचन और जीभ ही से नहीं, पर कार्य और सत्य के द्वारा भी प्रेम करें। - 1 यूहन्ना 3:18

बाइबल पाठ: 1 यूहन्ना 2:3-11
1 John 2:3 यदि हम उस की आज्ञाओं को मानेंगे, तो इस से हम जान लेंगे कि हम उसे जान गए हैं।
1 John 2:4 जो कोई यह कहता है, कि मैं उसे जान गया हूं, और उस की आज्ञाओं को नहीं मानता, वह झूठा है; और उस में सत्य नहीं।
1 John 2:5 पर जो कोई उसके वचन पर चले, उस में सचमुच परमेश्वर का प्रेम सिद्ध हुआ है: हमें इसी से मालूम होता है, कि हम उस में हैं।
1 John 2:6 सो कोई यह कहता है, कि मैं उस में बना रहता हूं, उसे चाहिए कि आप भी वैसा ही चले जैसा वह चलता था।
1 John 2:7 हे प्रियों, मैं तुम्हें कोई नई आज्ञा नहीं लिखता, पर वही पुरानी आज्ञा जो आरम्भ से तुम्हें मिली है; यह पुरानी आज्ञा वह वचन है, जिसे तुम ने सुना है।
1 John 2:8 फिर मैं तुम्हें नई आज्ञा लिखता हूं; और यह तो उस में और तुम में सच्ची ठहरती है; क्योंकि अन्धकार मिटता जाता है और सत्य की ज्योति अभी चमकने लगी है।
1 John 2:9 जो कोई यह कहता है, कि मैं ज्योति में हूं; और अपने भाई से बैर रखता है, वह अब तक अन्धकार ही में है।
1 John 2:10 जो कोई अपने भाई से प्रेम रखता है, वह ज्योति में रहता है, और ठोकर नहीं खा सकता।
1 John 2:11 पर जो कोई अपने भाई से बैर रखता है, वह अन्धकार में है, और अन्धकार में चलता है; और नहीं जानता, कि कहां जाता है, क्योंकि अन्धकार ने उस की आंखे अन्‍धी कर दी हैं।
                                                                                                                                                        

एक साल में बाइबल: 
  • योएल 1-3
  • प्रकाशितवाक्य 5



गुरुवार, 13 दिसंबर 2018

समाचार



      इंटरनैट, टेलिविज़न, रेडियो और मोबाइल उपकरणों से होकर सँसार के समाचारों की बौछार हम तक पहुँचती रहती है। उसमें से अधिकांश समाचार यही बताते हैं कि सँसार में क्या गलत या बुरा हो रहा है – अपराध, आतंकवाद, युद्ध, और आर्थिक समस्याएं। फिर भी ऐसे भी समय होते हैं जब उदासी और निराशा के गहन अन्धकार को चीरते हुए कुछ अच्छे समाचार भी आते हैं – निःस्वार्थ किए गए कार्यों के विवरण, चिकित्सा पद्धति में होनेवाली कोई नई खोज, या युद्ध से बर्बाद स्थानों में शान्ति बहाली की कोई आशा।

      परमेश्वर के पुराने नियम खण्ड में दो लोगों के शब्दों से संघर्ष से व्यथित लोगों को बड़ी राहत मिली।

      एक क्रूर और बलवान देश पर आने वाले परमेश्वर के न्याय का वर्णन करते हुए नहूम ने कहा, “देखो, पहाड़ों पर शुभसमाचार का सुनाने वाला और शान्ति का प्रचार करने वाला आ रहा है!” (नहूम 1:15)। इस समाचार से उस क्रूरता से त्रस्त सभी लोगों में आशा का संचार हुआ।

      ऐसे ही शब्द यशायाह की पुस्तक में भी मिलते हैं: “पहाड़ों पर उसके पांव क्या ही सुहावने हैं जो शुभ समाचार लाता है, जो शान्ति की बातें सुनाता है और कल्याण का शुभ समाचार और उद्धार का सन्देश देता है” (यशायाह 52:7)।

      नहूम और यशायाह द्वारा की गई आशा की भविष्यवाणियों की परिपूर्णता अन्ततः उस पहले क्रिसमस के समय हुई जब, “तब स्वर्गदूत ने उन से कहा, मत डरो; क्योंकि देखो मैं तुम्हें बड़े आनन्द का सुसमाचार सुनाता हूं जो सब लोगों के लिये होगा। कि आज दाऊद के नगर में तुम्हारे लिये एक उद्धारकर्ता जन्मा है, और यही मसीह प्रभु है” (लूका 2:10-11)।

      प्रतिदिन हमारे जीवनों के लिए सबसे महत्वपूर्ण समाचार वही सर्वोत्तम सुसमाचार है – प्रभु यीशु ही सारे जगत का उद्धारकर्ता है! – डेविड मैक्कैस्लैंड


प्रभु यीशु के जन्म का समाचार ही वह सर्वोत्तम समाचार है जो सँसार ने कभी भी सुना है।

और किसी दूसरे के द्वारा उद्धार नहीं; क्योंकि स्वर्ग के नीचे मनुष्यों में और कोई दूसरा नाम नहीं दिया गया, जिस के द्वारा हम उद्धार पा सकें। - प्रेरितों 4:12

बाइबल पाठ: नहूम 1:7-15
Nahum 1:7 यहोवा भला है; संकट के दिन में वह दृढ़ गढ़ ठहरता है, और अपने शरणागतों की सुधी रखता है।
Nahum 1:8 परन्तु वह उमड़ती हुई धारा से उसके स्थान का अन्त कर देगा, और अपने शत्रुओं को खदेड़ कर अन्धकार में भगा देगा।
Nahum 1:9 तुम यहोवा के विरुद्ध क्या कल्पना कर रहे हो? वह तुम्हारा अन्त कर देगा; विपत्ति दूसरी बार पड़ने न पाएगी।
Nahum 1:10 क्योंकि चाहे वे कांटों से उलझे हुए हों, और मदिरा के नशे में चूर भी हों, तौभी वे सूखी खूंटी के समान भस्म किए जाएंगे।
Nahum 1:11 तुझ में से एक निकला है, जो यहोवा के विरुद्ध कल्पना करता और नीचता की युक्ति बान्धता है।
Nahum 1:12 यहोवा यों कहता है, चाहे वे सब प्रकार के सामर्थी हों, और बहुत भी हों, तौभी पूरी रीति से काटे जाएंगे और शून्य हो जाएंगे। मैं ने तुझे दु:ख दिया है, परन्तु फिर न दूंगा।
Nahum 1:13 क्योंकि अब मैं उसका जूआ तेरी गर्दन पर से उतार कर तोड़ डालूंगा, और तेरा बन्धन फाड़ डालूंगा।
Nahum 1:14 यहोवा ने तेरे विषय में यह आज्ञा दी है कि आगे को तेरा वंश न चले; मैं तेरे देवालयों में से ढली और गढ़ी हुई मूरतों को काट डालूंगा, मैं तेरे लिये कबर खोदूंगा, क्योंकि तू नीच है।
Nahum 1:15 देखो, पहाड़ों पर शुभसमाचार का सुनाने वाला और शान्ति का प्रचार करने वाला आ रहा है! अब हे यहूदा, अपने पर्व मान, और अपनी मन्नतें पूरी कर, क्योंकि वह ओछा फिर कभी तेरे बीच में हो कर न चलेगा, और पूरी रीति से नाश हुआ है।


एक साल में बाइबल: 
  • होशे 12-14
  • प्रकाशितवाक्य 4



बुधवार, 12 दिसंबर 2018

धन



      अपने जीविका अर्जित करने के आरंभिक वर्षों में, मैं एक ऐसा कार्य कर रहा था जिसे मैं पेशे से अधिक मिशन सेवकाई समझता था, और मुझे एक दूसरी कंपनी ने एक ऐसे पद की पेशकश की जहाँ मुझे वेतन में खासी बढ़ोतरी मिलने पाएगी। उस पद को स्वीकार करके वहाँ से जाने के द्वारा मेरे परिवार को अवश्य ही आर्थिक लाभ तो होता। परन्तु एक समस्या थी, मैं किसी भी नई नौकरी की तलाश में नहीं था क्योंकि मुझे अपना तत्कालीन कार्य बहुत पसन्द था, और वह एक बुलाहट में विक्सित होता जा रहा था। परन्तु नई नौकरी में मिलने वाला धन मेरे लिए एक प्रबल प्रलोभन था।

      मैंने अपने पिता से, जो तब सत्तर वर्ष के थे, इस विषय में बात की, और उन्हें सारी परिस्थिति समझाई। यद्यपि कभी मेरे पिता का मस्तिष्क तीक्षण हुआ करता था, परन्तु अब वर्षों के दबाव और पक्षाघात के कारण वह दुर्बल हो गया था। फिर भी, उनका उत्तर स्पष्ट और सटीक था: “पैसे के बारे में सोचना भी मत। यह सोचो कि तुम वहाँ करोगे क्या?”

      पल भर में मैनें निर्णय ले लिया। जिस नौकरी से मैं प्रेम करता था उसे बदलने का मेरा एकमात्र कारण पैसा ही होता! मैंने इस मार्गदर्शन के लिए अपने पिता का धन्यवाद किया।

      प्रभु यीशु ने अपने पहाड़ी उपदेश का महत्वपूर्ण भाग पैसे और उससे हमारे लगाव पर केंद्रित किया। प्रभु ने हमें सिखाया कि हम धन एकत्रित करने पर नहीं परन्तु अपनी “रोज़ की रोटी” के लिए प्रार्थना करें (मत्ती 6:11)। उन्होंने सचेत किया कि पृथ्वी पर धन एकत्रित न करें, और पक्षियों तथा फूलों का उदाहरण दिया कि परमेश्वर अपनी सृष्टि की बड़े लगाव से देखभाल करता है (पद 19-31)। प्रभु यीशु ने कहा, “इसलिये पहिले तुम उसके राज्य और धर्म की खोज करो तो ये सब वस्तुएं भी तुम्हें मिल जाएंगी” (पद 33)।

      अवश्य, धन महत्वपूर्ण है; परन्तु हमारे निर्णय लेने की प्रक्रिया का नियंत्रण धन के आधार पर नहीं होना चाहिए। कठिन समय और बड़े निर्णय हमारे विश्वास में बढ़ने के लिए नए अवसर होते हैं। हमारा स्वर्गीय पिता हमारी चिन्ता करता है। - टिम गुस्ताफ्सन


कभी भी प्रलोभन को अवसर समझने की गलती न करें।

अपने लिये पृथ्वी पर धन इकट्ठा न करो; जहां कीड़ा और काई बिगाड़ते हैं, और जहां चोर सेंध लगाते और चुराते हैं। परन्तु अपने लिये स्वर्ग में धन इकट्ठा करो, जहां न तो कीड़ा, और न काई बिगाड़ते हैं, और जहां चोर न सेंध लगाते और न चुराते हैं। क्योंकि जहां तेरा धन है वहां तेरा मन भी लगा रहेगा। - मत्ती 6:19-21

बाइबल पाठ: मत्ती 6:24-34
Matthew 6:24 कोई मनुष्य दो स्‍वामियों की सेवा नहीं कर सकता, क्योंकि वह एक से बैर ओर दूसरे से प्रेम रखेगा, या एक से मिला रहेगा और दूसरे को तुच्‍छ जानेगा; “तुम परमेश्वर और धन दोनों की सेवा नहीं कर सकते
Matthew 6:25 इसलिये मैं तुम से कहता हूं, कि अपने प्राण के लिये यह चिन्‍ता न करना कि हम क्या खाएंगे? और क्या पीएंगे? और न अपने शरीर के लिये कि क्या पहिनेंगे? क्या प्राण भोजन से, और शरीर वस्‍त्र से बढ़कर नहीं?
Matthew 6:26 आकाश के पक्षियों को देखो! वे न बोते हैं, न काटते हैं, और न खत्तों में बटोरते हैं; तौभी तुम्हारा स्‍वर्गीय पिता उन को खिलाता है; क्या तुम उन से अधिक मूल्य नहीं रखते।
Matthew 6:27 तुम में कौन है, जो चिन्‍ता कर के अपनी अवस्था में एक घड़ी भी बढ़ा सकता है
Matthew 6:28 और वस्‍त्र के लिये क्यों चिन्‍ता करते हो? जंगली सोसनों पर ध्यान करो, कि वै कैसे बढ़ते हैं, वे न तो परिश्रम करते हैं, न कातते हैं।
Matthew 6:29 तौभी मैं तुम से कहता हूं, कि सुलैमान भी, अपने सारे वैभव में उन में से किसी के समान वस्‍त्र पहिने हुए न था।
Matthew 6:30 इसलिये जब परमेश्वर मैदान की घास को, जो आज है, और कल भाड़ में झोंकी जाएगी, ऐसा वस्‍त्र पहिनाता है, तो हे अल्पविश्वासियों, तुम को वह क्योंकर न पहिनाएगा?
Matthew 6:31 इसलिये तुम चिन्‍ता कर के यह न कहना, कि हम क्या खाएंगे, या क्या पीएंगे, या क्या पहिनेंगे?
Matthew 6:32 क्योंकि अन्यजाति इन सब वस्‍तुओं की खोज में रहते हैं, और तुम्हारा स्‍वर्गीय पिता जानता है, कि तुम्हें ये सब वस्तुएं चाहिए।
Matthew 6:33 इसलिये पहिले तुम उसके राज्य और धर्म की खोज करो तो ये सब वस्तुएं भी तुम्हें मिल जाएंगी।
Matthew 6:34 सो कल के लिये चिन्‍ता न करो, क्योंकि कल का दिन अपनी चिन्‍ता आप कर लेगा; आज के लिये आज ही का दुख बहुत है।


एक साल में बाइबल: 
  • होशे 9-11
  • प्रकाशितवाक्य 3



मंगलवार, 11 दिसंबर 2018

प्रार्थना



      परमेश्वर बहुधा हमारी प्रार्थनाओं के द्वारा अपने कार्य करता है। हम इसका एक उदाहरण परमेश्वर के वचन बाइबल में एलिय्याह भविष्यद्वक्ता के साथ हुई एक घटना में देखते हैं, जब परमेश्वर ने एलिय्याह से कहा कि वह देश में साढ़े-तीन वर्ष से चले आ रहे अकाल का अन्त करके वर्षा को भेजेगा (याकूब 5:17)। यद्यपि परमेश्वर ने वर्षा भेजने की प्रतिज्ञा की थी, हम देखते हैं कि इसके थोड़े ही समय के पश्चात ही “...एलिय्याह कर्म्मेल की चोटी पर चढ़ गया, और भूमि पर गिर कर अपना मुंह घुटनों के बीच किया” – वह बड़ी अभिलाषा के साथ वर्षा के लिए प्रार्थना करने लगा (1 राजा 18:42); और प्रार्थना करते हुए एलिय्याह ने अपने सेवक को सात बार भेजा कि वह जाकर समुद्र की ओर देखकर बताए कि वर्षा के आने के कोई आसार दिखाई दे रहे हैं कि नहीं (पद 43)।

      एलिय्याह समझता था कि परमेश्वर चाहता है कि हम दीनता से की गई निरन्तर प्रार्थना द्वारा उसके कार्य में सम्मिलित हों। हमारी मानवीय सीमाओं के होते हुए भी, परमेश्वर हमारी प्रार्थनाओं के अद्भुत उत्तर दे सकता है। इसीलिए बाइबल में याकूब अपनी पत्री में लिखा, “इसलिये तुम आपस में एक दूसरे के साम्हने अपने अपने पापों को मान लो; और एक दूसरे के लिये प्रार्थना करो, जिस से चंगे हो जाओ; धर्मी जन की प्रार्थना के प्रभाव से बहुत कुछ हो सकता है। एलिय्याह भी तो हमारे समान दुख-सुख भोगी मनुष्य था; और उसने गिड़िगड़ा कर प्रार्थना की; कि मेंह न बरसे; और साढ़े तीन वर्ष तक भूमि पर मेंह नहीं बरसा” हमें यह स्मरण करवाते हुए कि एलिय्याह हमारे समान ही दुःख-सुख भोगी मनुष्य था (याकूब 5:16-17)।

      जब हम अपनी विश्वासयोग्य प्रार्थनाओं के द्वारा परमेश्वर की सेवा करने की ठान लेते हैं, जैसे कि एलिय्याह ने किया, हम एक अनुपम विशेषाधिकार का प्रयोग करते हैं – और तब हमें कभी भी परमेश्वर द्वारा किए जाने वाले किसी अद्भुत आश्चर्यकर्म को प्रत्यक्ष देख पाने का अवसर होता है। - जेम्स बैंक्स


हमारे द्वारा की गई महान अपेक्षाएं परमेश्वर को आदर देती हैं।

पर विश्वास से मांगे, और कुछ सन्‍देह न करे; क्योंकि सन्‍देह करने वाला समुद्र की लहर के समान है जो हवा से बहती और उछलती है। ऐसा मनुष्य यह न समझे, कि मुझे प्रभु से कुछ मिलेगा। - याकूब 1:6-7

बाइबल पाठ: 1 राजा 18:41-45
1 Kings 18:41 फिर एलिय्याह ने अहाब से कहा, उठ कर खा पी, क्योंकि भारी वर्षा की सनसनाहट सुन पड़ती है।
1 Kings 18:42 तब अहाब खाने पीने चला गया, और एलिय्याह कर्म्मेल की चोटी पर चढ़ गया, और भूमि पर गिर कर अपना मुंह घुटनों के बीच किया।
1 Kings 18:43 और उसने अपने सेवक से कहा, चढ़कर समुद्र की ओर दृष्टि कर देख, तब उसने चढ़ कर देखा और लौट कर कहा, कुछ नहीं दीखता। एलिय्याह ने कहा, फिर सात बार जा।
1 Kings 18:44 सातवीं बार उसने कहा, देख समुद्र में से मनुष्य का हाथ सा एक छोटा बादल उठ रहा है। एलिय्याह ने कहा, अहाब के पास जा कर कह, कि रथ जुतवा कर नीचे जा, कहीं ऐसा न हो कि तू वर्षा के कारण रुक जाए।
1 Kings 18:45 थोड़ी ही देर में आकाश वायु से उड़ाई हुई घटाओं, और आन्धी से काला हो गया और भारी वर्षा होने लगी; और अहाब सवार हो कर यिज्रेल को चला।


एक साल में बाइबल: 
  • होशे 5-8
  • प्रकाशितवाक्य 2



सोमवार, 10 दिसंबर 2018

मित्रता



      चार्ल्स लोएरी ने अपने मित्र से अपनी पीठ के निचले भाग में हो रहे दर्द के विषय शिकायत की। उसे अपने मित्र से सहानुभूतिपूर्ण प्रत्युत्तर की अपेक्षा था, परन्तु उसके मित्र ने उसे एक ईमानदार आंकलन दिया। उसके मित्र ने कहा, “मुझे नहीं लगता है कि तुम्हारे पीठ में कोई समस्या है; समस्या है तुम्हारा पेट। तुम्हारा पेट इतना बड़ा है कि वह पीठ को असंतुलित कर रहा है।”

      REV! पत्रिका में लिखे गए अपने लेख में चार्ल्स ने इस बात को बताते हुए कहा कि उसने अपने मित्र की बात का बुरा मान लेने के प्रलोभन का डट कर सामना किया। उसने वज़न कम करना आरंभ किया, और वज़न कम हो जाने के साथ उसके कमर दर्द की समस्या भी चली गई। चार्ल्स ने परमेश्वर के वचन बाइबल की बात को पहचाना कि, “खुली हुई डांट गुप्त प्रेम से उत्तम है। जो घाव मित्र के हाथ से लगें वह विश्वासयोग्य है परन्तु बैरी अधिक चुम्बन करता है” (नीतिवचन 27:5-6)।

      समस्या यह है कि हम बहुधा आलोचना द्वारा बचाए जाने की अपेक्षा, प्रशंसा के द्वारा बर्बाद हो जाना अधिक पसन्द करते हैं, क्योंकि आलोचना से पीड़ा होती है। आलोचना हमारे अहम को ठेस पहुंचाती है, हमें विचलित करती है और हमें बदलने के लिए कहती है।

      सच्चे मित्र हमें आहत करने से सुखी नहीं होते हैं; वे हमसे इतना प्रेम करते हैं कि हमें धोखे में रखना नहीं चाहते हैं। वे ही लोग हैं जो साहस करके हमें सप्रेम वह बताते हैं जिसे हम जानते तो हैं परन्तु उसे स्वीकार करके उसके अनुसार चलने और जीवन जीने में आनाकानी करते हैं। मित्र हमें न केवल वह बताते हैं जो हम सुनना चाहते हैं, वरन वह भी जिसे वास्तव में सुनने की हमें आवश्यकता है।

      बाइबल के एक प्रमुख पात्र, राजा सुलेमान ने ऐसी मित्रता को अपने द्वारा लिखे नीतिवचनों में आदर दिया। प्रभु यीशु मसीह ने तो इससे भी बढ़कर हमारे लिए किया, उसने हमारे विषय सत्य को हमें बताने के लिए हमारे द्वारा उसे तिरिस्कार करने के घाव भी सहे, और हमारे पापों की क्षमा और उद्धार के लिए अपने आप को बलिदान भी कर दिया तथा तीसरे दिन मृतकों में से जी उठा, और दिखा दिया कि वह हम से कितना प्रेम करता है। - पो फंग चिया


मित्र वही है जो आपको प्रेम के साथ सत्य बता सकता है।

इस से बड़ा प्रेम किसी का नहीं, कि कोई अपने मित्रों के लिये अपना प्राण दे। जो कुछ मैं तुम्हें आज्ञा देता हूं, यदि उसे करो, तो तुम मेरे मित्र हो। - यूहन्ना 15:13-14

बाइबल पाठ: नीतिवचन 27:5-10
Proverbs 27:5 खुली हुई डांट गुप्त प्रेम से उत्तम है।
Proverbs 27:6 जो घाव मित्र के हाथ से लगें वह विश्वासयोग्य है परन्तु बैरी अधिक चुम्बन करता है।
Proverbs 27:7 सन्तुष्ट होने पर मधु का छत्ता भी फीका लगता है, परन्तु भूखे को सब कड़वी वस्तुएं भी मीठी जान पड़ती हैं।
Proverbs 27:8 स्थान छोड़ कर घूमने वाला मनुष्य उस चिडिय़ा के समान है, जो घोंसला छोड़ कर उड़ती फिरती है।
Proverbs 27:9 जैसे तेल और सुगन्ध से, वैसे ही मित्र के हृदय की मनोहर सम्मति से मन आनन्दित होता है।
Proverbs 27:10 जो तेरा और तेरे पिता का भी मित्र हो उसे न छोड़ना; और अपनी विपत्ति के दिन अपने भाई के घर न जाना। प्रेम करने वाला पड़ोसी, दूर रहने वाले भाई से कहीं उत्तम है।


एक साल में बाइबल: 
  • होशे 1-4
  • प्रकाशितवाक्य 1



रविवार, 9 दिसंबर 2018

प्रोत्साहन



      एक पुराना गाना है, “If We Make it Through December” जो एक ऐसे व्यक्ति की कहानी बताता है जिसे फैक्ट्री के कार्य से निकाल दिया जाता है और उसके पास अपने बेटी के लिए क्रिसमस के उपहार खरीदने के लिए कोई पैसा नहीं होता है। यद्यपि दिसंबर वर्ष का आनन्द मनाने का समय होता है, उसका जीवन अन्धेरा और ठंडा था।

      निराशा दिसंबर के लिए अनूठी तो नहीं है, परन्तु उस समय बढ़ सकती है। हमारी अपेक्षाएं बड़ी हो सकती हैं, हमारी उदासी और गहरी हो सकती है। ऐसे में थोड़ा सा प्रोत्साहन बहुत सहायक हो सकता है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में नए नियम खण्ड का एक पात्र है यूसुफ, जो साइप्रस का निवासी था, प्रभु यीशु के आरंभिक अनुयायियों में से था, और प्रेरित उसे बरनाबास अर्थात “शान्ति का पुत्र” भी कहते थे। उससे हमारी मुलाकात प्रेरितों 4:36-37 में होती है, जब उसने अपनी भूमि बेचकर अन्य विश्वासियों की आवश्यकता में उनकी सहायता के लिए वह पैसा दान कर दिया। बाद में हम देखते हैं कि जब अन्य शिष्य पौलुस से भयभीत थे, क्योंकि पहले शाउल (पौलुस का पहला नाम) यीशु के शिष्यों का शत्रु हुआ करता था, तो बरनाबास ही था जो मसीह द्वारा उसके परिवर्तन पर विश्वास करके,पौलुस को खोजकर अन्य शिष्यों के पास लेकर लाया और उसका समर्थन किया, उसे अन्य शिष्यों से मिलवाया  (प्रेरितों 9:26-27)।

      हमारे चारों ओर ऐसे लोग हैं जिन्हें प्रोत्साहन की आवश्यकता है। समय से कहा गया एक शब्द, एक फोन, या एक प्रार्थना, मसीह में उनके विश्वास को सहारा दे सकती है, उन्हें संभाल सकती है।

      बरनाबास की उदारता और सहायता दिखाते हैं कि शान्ति या प्रोत्साहन का पुत्र होने का अभिप्राय क्या होता है। हो सकता है कि यह प्रोत्साहन ही वह सबसे अच्छा उपहार है जिसे आप इस क्रिसमस काल में किसी को दे सकें। - डेविड मैक्कोस्लैंड


प्रोत्साहन किसे को दिया गया सर्वोत्तम उपहार हो सकता है।

हे भाइयों, यदि कोई मनुष्य किसी अपराध में पकड़ा भी जाए, तो तुम जो आत्मिक हो, नम्रता के साथ ऐसे को संभालो, और अपनी भी चौकसी रखो, कि तुम भी परीक्षा में न पड़ो। - गलातियों 6:1

बाइबल पाठ: प्रेरितों 4:32-37; 9:26-27
Acts 4:32 और विश्वास करने वालों की मण्‍डली एक चित्त और एक मन के थे यहां तक कि कोई भी अपनी सम्पति अपनी नहीं कहता था, परन्तु सब कुछ साझे का था।
Acts 4:33 और प्रेरित बड़ी सामर्थ से प्रभु यीशु के जी उठने की गवाही देते रहे और उन सब पर बड़ा अनुग्रह था।
Acts 4:34 और उन में कोई भी दरिद्र न था, क्योंकि जिन के पास भूमि या घर थे, वे उन को बेच बेचकर, बिकी हुई वस्‍तुओं का दाम लाते, और उसे प्रेरितों के पांवों पर रखते थे।
Acts 4:35 और जैसी जिसे आवश्यकता होती थी, उसके अनुसार हर एक को बांट दिया करते थे।
Acts 4:36 और यूसुफ नाम, कुप्रुस का एक लेवी था जिसका नाम प्रेरितों ने बरनबास (अर्थात शान्‍ति का पुत्र) रखा था।
Acts 4:37 उस की कुछ भूमि थी, जिसे उसने बेचा, और दाम के रूपये लाकर प्रेरितों के पांवों पर रख दिए।

Acts 9:26 यरूशलेम में पहुंचकर उसने चेलों के साथ मिल जाने का उपाय किया: परन्तु सब उस से डरते थे, क्योंकि उन को प्रतीति न होता था, कि वह भी चेला है।
Acts 9:27 परन्तु बरनबास ने उसे अपने साथ प्रेरितों के पास ले जा कर उन से कहा, कि इस ने किस रीति से मार्ग में प्रभु को देखा, और इस ने इस से बातें कीं; फिर दमिश्क में इस ने कैसे हियाव से यीशु के नाम का प्रचार किया।


एक साल में बाइबल: 
  • दानिय्येल 11-12
  • यहूदा