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गुरुवार, 18 जुलाई 2019

तैयार



      मेरे शहर के एक चर्च में लोगों का स्वागत करने के लिए एक अद्वितीय कार्ड का प्रयोग किया जाता है; ऐसा कार्ड जिससे सब के लिए परमेश्वर का प्रेम और अनुग्रह प्रदर्शित होता है। उस कार्ड पर लिखा है, “यदि आप एक...संत, पापी, पराजित, विजयी” – और इससे आगे अनेकों अन्य शब्द जो संघर्षरत लोगों की स्थिति का वर्णन करते हैं, जैसे कि – “शराबी , पाखंडी, धोखेबाज़, भयभीत, अनुपयुक्त...हैं, तो आपका यहाँ पर स्वागत है।” उस चर्च के एक पास्टर ने मुझे बताया कि, “प्रत्येक इतवार को होने वाली आराधना सभा में, चर्च में उपस्थित हम सभी लोग ऊँची आवाज़ में इसे एक साथ पढ़ते हैं।”

      कितनी ही बार हम उपनामों को स्वीकार कर लेते हैं और उन्हें हमें परिभाषित करने देते हैं। परन्तु परमेश्वर का अनुग्रह उपनामों की कोई परवाह नहीं करता है, क्योंकि उसका अनुग्रह हमारे प्रति उसके प्रेम पर आधारित है, न कि हमारे अपने प्रति आँकलन पर। हम अपने आप को चाहे अद्भुत समझें अथवा भयानक, योग्य समझें अथवा अयोग्य और अनुपयुक्त, हम परमेश्वर से अनन्त जीवन का दान प्राप्त कर सकते हैं। प्रेरित पौलुस ने रोम के मसीही विश्वासियों को स्मरण दिलाया कि, “क्योंकि जब हम निर्बल ही थे, तो मसीह ठीक समय पर भक्तिहीनों के लिये मरा” (रोमियों 5:6)।

      प्रभु की हमसे यह अपेक्षा नहीं है कि हम अपने आप परिवर्तित हो जाएँगे। वरन वह हमें आमंत्रित करता है कि हम जैसे भी हैं, वैसे ही उसके पास आ जाएँ, और हमें उसमें आशा, चंगाई और स्वतंत्रता मिलेगी : “परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा” (पद 8)। हम जैसे भी हैं, जो भी हैं, जहाँ भी हैं, हमारी यथास्थिति में प्रभु परमेश्वर हमें स्वीकार करने के लिए तैयार है। - डेविड मैक्कैस्लैंड


परमेश्वर की क्षमा हमारे पराजित अथवा घमण्डी, 
किसी भी उपनाम की उपेक्षा करने को तैयार है।

यहोवा कहता है, आओ, हम आपस में वादविवाद करें: तुम्हारे पाप चाहे लाल रंग के हों, तौभी वे हिम के समान उजले हो जाएंगे; और चाहे अर्गवानी रंग के हों, तौभी वे ऊन के समान श्वेत हो जाएंगे। यदि तुम आज्ञाकारी हो कर मेरी मानो। - यशायाह 1:18-19

बाइबल पाठ: रोमियों 5:1-11
Romans 5:1 सो जब हम विश्वास से धर्मी ठहरे, तो अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर के साथ मेल रखें।
Romans 5:2 जिस के द्वारा विश्वास के कारण उस अनुग्रह तक, जिस में हम बने हैं, हमारी पहुंच भी हुई, और परमेश्वर की महिमा की आशा पर घमण्ड करें।
Romans 5:3 केवल यही नहीं, वरन हम क्लेशों में भी घमण्ड करें, यही जानकर कि क्लेश से धीरज।
Romans 5:4 ओर धीरज से खरा निकलना, और खरे निकलने से आशा उत्पन्न होती है।
Romans 5:5 और आशा से लज्ज़ा नहीं होती, क्योंकि पवित्र आत्मा जो हमें दिया गया है उसके द्वारा परमेश्वर का प्रेम हमारे मन में डाला गया है।
Romans 5:6 क्योंकि जब हम निर्बल ही थे, तो मसीह ठीक समय पर भक्तिहीनों के लिये मरा।
Romans 5:7 किसी धर्मी जन के लिये कोई मरे, यह तो र्दुलभ है, परन्तु क्या जाने किसी भले मनुष्य के लिये कोई मरने का भी हियाव करे।
Romans 5:8 परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा।
Romans 5:9 सो जब कि हम, अब उसके लोहू के कारण धर्मी ठहरे, तो उसके द्वारा क्रोध से क्यों न बचेंगे?
Romans 5:10 क्योंकि बैरी होने की दशा में तो उसके पुत्र की मृत्यु के द्वारा हमारा मेल परमेश्वर के साथ हुआ फिर मेल हो जाने पर उसके जीवन के कारण हम उद्धार क्यों न पाएंगे?
Romans 5:11 और केवल यही नहीं, परन्तु हम अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा जिस के द्वारा हमारा मेल हुआ है, परमेश्वर के विषय में घमण्ड भी करते हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 20-22
  • प्रेरितों 21:1-17



बुधवार, 17 जुलाई 2019

समान



      बच्चे का अपने माता-पिता की नकल उतारते देखना कितना रोचक लगता है। हमनें कितनी ही बार देखा है कि कोई छोटा बच्चा अपने पिता के समान कार का काल्पनिक स्टीयरिंग पकडे हुए पिता द्वारा की जा रही कार चलाने की क्रियाओं का अनुसरण करता रहता है, अपने पिता पर ध्यान लगे हुए कि वे आगे क्या करते हैं।

      मुझे स्मरण है कि मैं बचपन में यही किया करता था; मेरे लिए अपने पिता के समान क्रियाएँ करने से मिलने वाले आनन्द से बढ़कर और कोई आनन्द नहीं था। और मुझे निश्चय है कि मेरे पिता के लिए भी मुझे उनकी नकल करते देखना बहुत आनन्दायक होता होगा।

      मैं यह सोचना चाहता हूँ कि हमारे स्वर्गीय परमेश्वर पिता को भी ऐसा ही अनुभव होता होगा जब उन्होंने अपने प्रिय पुत्र, प्रभु यीशु मसीह को भी बिल्कुल वही करते देखा होगा जो पिता करता है – भटके हुओं तक पहुँचना, ज़रूरतमंदों की सहायता करना,और बीमारों को चँगा करना। प्रभु यीशु मसीह ने कहा, “...पुत्र आप से कुछ नहीं कर सकता, केवल वह जो पिता को करते देखता है, क्योंकि जिन जिन कामों को वह करता है उन्हें पुत्र भी उसी रीति से करता है” (यूहन्ना 5:19)।

      हम मसीही विश्वासियों को भी ऐसा ही करने के लिए बुलाया गया है – “इसलिये प्रिय, बालकों के समान परमेश्वर के सदृश बनो। और प्रेम में चलो; जैसे मसीह ने भी तुम से प्रेम किया; और हमारे लिये अपने आप को सुखदायक सुगन्‍ध के लिये परमेश्वर के आगे भेंट कर के बलिदान कर दिया” (इफिसियों 5:1-2)। जब हम प्रभु यीशु मसीह की समानता में बढ़ते जाते हैं, हम यह भी प्रयास करें कि परमेश्वर पिता के समान ही प्रेम करें, उसके समान क्षमा करें, उसके समान ही औरों की देखभाल एवँ चिंता करें, और ऐसे जीवन जीएँ जैसा उसे भाता है। पवित्र-आत्मा की सहायता से पिता परमेश्वर के द्वारा की जाने वाली बातों की नकल करना आनन्दित करता है, क्योंकि हम जानते हैं कि इसके लिए स्वर्ग में हमारे लिए महान प्रतिफल रखा हुआ है। - लेजली कोह


परमेश्वर पिता ने हमें अपना पवित्र-आत्मा दिया 
जिससे हम उसके पुत्र की समानता में हो जाएँ।

परन्तु जब हम सब के उघाड़े चेहरे से प्रभु का प्रताप इस प्रकार प्रगट होता है, जिस प्रकार दर्पण में, तो प्रभु के द्वारा जो आत्मा है, हम उसी तेजस्‍वी रूप में अंश अंश कर के बदलते जाते हैं। - 2 कुरिन्थियों 3:18

बाइबल पाठ: यूहन्ना 5:17-20
John 5:17 इस पर यीशु ने उन से कहा, कि मेरा पिता अब तक काम करता है, और मैं भी काम करता हूं।
John 5:18 इस कारण यहूदी और भी अधिक उसके मार डालने का प्रयत्न करने लगे, कि वह न केवल सब्त के दिन की विधि को तोड़ता, परन्तु परमेश्वर को अपना पिता कह कर, अपने आप को परमेश्वर के तुल्य ठहराता था।
John 5:19 इस पर यीशु ने उन से कहा, मैं तुम से सच सच कहता हूं, पुत्र आप से कुछ नहीं कर सकता, केवल वह जो पिता को करते देखता है, क्योंकि जिन जिन कामों को वह करता है उन्हें पुत्र भी उसी रीति से करता है।
John 5:20 क्योंकि पिता पुत्र से प्रीति रखता है और जो जो काम वह आप करता है, वह सब उसे दिखाता है; और वह इन से भी बड़े काम उसे दिखाएगा, ताकि तुम अचम्भा करो।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 18-19
  • प्रेरितों 20:17-38



मंगलवार, 16 जुलाई 2019

जड़ें



      अमेरिका के सिकोया वृक्ष सँसार के सबसे विशाल और टिकाऊ वृक्षों में से एक है। वह एक वृक्ष 300 फीट ऊँचा,  25 लाख पौंड (11 लाख किलो) वज़नी, और 3000 वर्ष तक जीवित रहने वाला हो सकता है। इस विशाल सिकोया वृक्ष का यह प्रदर्शित आकार और वैभव, सतह के नीचे अदृश्य जड़ों पर आधारित है। उसकी जड़ें बारह से पन्द्रह फुट गहरी और एक एकड़ भूमि में फ़ैली हुई तथा अन्य वृक्षों की जड़ों के साथ उलझकर जाल बनाए हुए होती हैं, जिससे इसका ऊँचे आकार और भारी वज़न को संभला रहता है।

      परन्तु सिकोया वृक्ष की जड़ों का यह विशाल जाल प्रभु यीशु के जीवन को आधार देने वाले इस्राएल के राष्ट्रीय इतिहास, धर्म और परमेश्वर के वचन की बातों की तुलना में बहुत छोटा है। परमेश्वर के वचन बाइबल में एक स्थान पर हम देखते हैं कि प्रभु ने उन धार्मिक अगुवों से जो पवित्रशास्त्र से प्रेम करने का दावा करते थे कहा कि उनका वही पवित्रशास्त्र प्रभु यीशु के विषय बताता है (यूहन्ना 5:39)। नासरत के एक आराधनालय  में प्रभु यीशु ने यशायाह नबी की पुस्तक को लेकर खोला और उसके एक भाग को सबके सामने पढ़कर कहा, “...आज ही यह लेख तुम्हारे साम्हने पूरा हुआ है” (लूका 4:21)।

      बाद में, अपने पुनरुत्थान के पश्चात प्रभु यीशु ने अपने चेलों को समझाया कि कैसे मूसा, भविष्यद्वक्ताओं, और भजन की पुस्तकें, आदि समस्त पवित्रशास्त्र उसके बारे में बताता है और दिखाता है कि क्यों उसके लिए यह अनिवार्य था कि वह दुःख उठाए, मारा जाए, और मृतकों में से जी उठे (24:46)।

      कैसा अद्भुत अनुग्रह और वैभव – प्रभु यीशु राष्ट्र के इतिहास और पवित्रशास्त्र का आधार है और आज हमारे जीवन की जड़ें उस ही में लाए गए विश्वास के द्वारा स्थिर होती हैं। - मार्ट डीहान


समस्त पवित्रशास्त्र हमें दिखाता है कि प्रभु यीशु हमारे जीवनों के लिए आवश्यक हैं।

तब मैं[यीशु] ने कहा, देख, मैं आ गया हूं, (पवित्र शास्त्र में मेरे विषय में लिखा हुआ है) ताकि हे परमेश्वर तेरी इच्छा पूरी करूं। - इब्रानियों 10:7

बाइबल पाठ: लूका 24: 36-49
Luke 24:36 वे ये बातें कह ही रहे ये, कि वह आप ही उन के बीच में आ खड़ा हुआ; और उन से कहा, तुम्हें शान्ति मिले।
Luke 24:37 परन्तु वे घबरा गए, और डर गए, और समझे, कि हम किसी भूत को देखते हैं।
Luke 24:38 उसने उन से कहा; क्यों घबराते हो और तुम्हारे मन में क्यों सन्‍देह उठते हैं?
Luke 24:39 मेरे हाथ और मेरे पांव को देखो, कि मैं वहीं हूं; मुझे छूकर देखो; क्योंकि आत्मा के हड्डी मांस नहीं होता जैसा मुझ में देखते हो।
Luke 24:40 यह कहकर उसने उन्हें अपने हाथ पांव दिखाए।
Luke 24:41 जब आनन्द के मारे उन को प्रतीति न हुई, और आश्चर्य करते थे, तो उसने उन से पूछा; क्या यहां तुम्हारे पास कुछ भोजन है?
Luke 24:42 उन्होंने उसे भूनी मछली का टुकड़ा दिया।
Luke 24:43 उसने ले कर उन के साम्हने खाया।
Luke 24:44 फिर उसने उन से कहा, ये मेरी वे बातें हैं, जो मैं ने तुम्हारे साथ रहते हुए, तुम से कही थीं, कि अवश्य है, कि जितनी बातें मूसा की व्यवस्था और भविष्यद्वक्ताओं और भजनों की पुस्‍तकों में, मेरे विषय में लिखी हैं, सब पूरी हों।
Luke 24:45 तब उसने पवित्र शास्त्र बूझने के लिये उन की समझ खोल दी।
Luke 24:46 और उन से कहा, यों लिखा है; कि मसीह दु:ख उठाएगा, और तीसरे दिन मरे हुओं में से जी उठेगा।
Luke 24:47 और यरूशलेम से ले कर सब जातियों में मन फिराव का और पापों की क्षमा का प्रचार, उसी के नाम से किया जाएगा।
Luke 24:48 तुम इन सब बातें के गवाह हो।
Luke 24:49 और देखो, जिस की प्रतिज्ञा मेरे पिता ने की है, मैं उसको तुम पर उतारूंगा और जब तक स्वर्ग से सामर्थ न पाओ, तब तक तुम इसी नगर में ठहरे रहो।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 16-17
  • प्रेरितों 20:1-16



सोमवार, 15 जुलाई 2019

तैयार



      हाई-स्कूल की पढ़ाई करने के दिनों में मैंने दो वर्ष तक एक रेस्टोरेंट में  काम किया। उस काम के कुछ भाग कठिन होते थे, जैसे कि क्रोधित ग्राहक की डाँट सुनना और क्षमा भी माँगना उसके उस सैंडविच में पड़े चीज़ के अतिरिक्त टुकड़े के लिए, जिसे मैंने बनाया भी नहीं था। वहाँ से छोड़ने के पश्चात, मैंने अपने विश्वविद्यालय में कंप्यूटर का कार्य करने के लिए आवेदन दिया। मुझे नौकरी पर रखने वाले लोग, मेरे कंप्यूटर कौशल से अधिक मेरे उस रेस्टोरेंट में किए गए कार्य के अनुभव में रुचि ले रहे थे; वे जानना चाहते थे कि मैंने लोगों के साथ व्यवहार करना सीख लिया है कि नहीं। अरुचिकर परिस्थितियों में रहकर भी कार्य करने के मेरे अनुभव ने मुझे एक और बेहतर कार्य के लिए तैयार कर दिया था!

      परमेश्वर के वचन बाइबल के एक नायक दाऊद की लड़कपन की एक घटना में हम देखते हैं कि वह भी कठिनाईयों द्वारा बड़े कार्य के लिए तैयार किया गया। जब इस्राएल के सामने चुनौती थी कि कोई जाकर गोलियत से लड़े, तो इस कार्य के लिए कोई भी हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। परन्तु दाऊद ने आगे बढ़कर इस चुनौती को स्वीकार किया। राजा शाऊल उसे गोलियत से लड़ने भेजने में हिचकिचा रहा था, परन्तु दाऊद ने उसे समझाया कि अपनी भेड़ों को बचाने के लिए वह शेर और भालू से लड़ चुका है, उन्हें मार चुका है (1 शमूएल 17:34-36)। दाऊद ने बड़े विश्वास के साथ कहा, “...यहोवा जिसने मुझे सिंह और भालू दोनों के पंजे से बचाया है, वह मुझे उस पलिश्ती के हाथ से भी बचाएगा...” (पद 37)।

      चरवाहा होने से दाऊद ने कोई आदर नहीं पाया था, परन्तु उससे वह गोलियत से लड़ने के लिए तैयार किया गया, और अन्ततः इस्राएल का सबसे महान राजा बना। हो सकता है कि हम कुछ कठिन परिस्थितियों से होकर निकल रहे हैं, जो हमें समझ नहीं आ रही हैं, हमें विचलित कर रही हैं। परन्तु परमेश्वर हमें कुछ और भी अधिक महान के लिए तैयार कर रहा है; उसपर भरोसा और धैर्य बनाए रखें। - जूली श्वाब


परमेश्वर वर्तमान परिस्थितियों के द्वारा हमें भविष्य के लिए तैयार करता है।

इसलिये परमेश्वर के बलवन्‍त हाथ के नीचे दीनता से रहो, जिस से वह तुम्हें उचित समय पर बढ़ाए। और अपनी सारी चिन्‍ता उसी पर डाल दो, क्योंकि उसको तुम्हारा ध्यान है। - 1 पतरस 5:6-7

बाइबल पाठ: 1 शमूएल 17:8, 32-37, 48-50
1 Samuel 17:8 वह खड़ा हो कर इस्राएली पांतियों को ललकार के बोला, तुम ने यहां आकर लड़ाई के लिये क्यों पांति बान्धी है? क्या मैं पलिश्ती नहीं हूं, और तुम शाऊल के आधीन नहीं हो? अपने में से एक पुरूष चुना, कि वह मेरे पास उत्तर आए।
1 Samuel 17:32 तब दाऊद ने शाऊल से कहा, किसी मनुष्य का मन उसके कारण कच्चा न हो; तेरा दास जा कर उस पलिश्ती से लड़ेगा।
1 Samuel 17:33 शाऊल ने दाऊद से कहा, तू जा कर उस पलिश्ती के विरुद्ध नहीं युद्ध कर सकता; क्योंकि तू तो लड़का ही है, और वह लड़कपन ही से योद्धा है।
1 Samuel 17:34 दाऊद ने शाऊल से कहा, तेरा दास अपने पिता की भेड़ बकरियां चराता था; और जब कोई सिंह वा भालू झुंड में से मेम्ना उठा ले गया,
1 Samuel 17:35 तब मैं ने उसका पीछा कर के उसे मारा, और मेम्ने को उसके मुंह से छुड़ाया; और जब उसने मुझ पर चढ़ाई की, तब मैं ने उसके केश को पकड़कर उसे मार डाला।
1 Samuel 17:36 तेरे दास ने सिंह और भालू दोनों को मार डाला; और वह खतनारहित पलिश्ती उनके समान हो जाएगा, क्योंकि उसने जीवित परमेश्वर की सेना को ललकारा है।
1 Samuel 17:37 फिर दाऊद ने कहा, यहोवा जिसने मुझे सिंह और भालू दोनों के पंजे से बचाया है, वह मुझे उस पलिश्ती के हाथ से भी बचाएगा। शाऊल ने दाऊद से कहा, जा, यहोवा तेरे साथ रहे।
1 Samuel 17:48 जब पलिश्ती उठ कर दाऊद का साम्हना करने के लिये निकट आया, तब दाऊद सेना की ओर पलिश्ती का साम्हना करने के लिये फुर्ती से दौड़ा।
1 Samuel 17:49 फिर दाऊद ने अपनी थैली में हाथ डालकर उस में से एक पत्थर निकाला, और उसे गोफन में रखकर पलिश्ती के माथे पर ऐसा मारा कि पत्थर उसके माथे के भीतर घुस गया, और वह भूमि पर मुंह के बल गिर पड़ा।
1 Samuel 17:50 यों दाऊद ने पलिश्ती पर गोफन और एक ही पत्थर के द्वारा प्रबल हो कर उसे मार डाला; परन्तु दाऊद के हाथ में तलवार न थी।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 13-15
  • प्रेरितों 19:21-41



रविवार, 14 जुलाई 2019

आमने-सामने



      यद्यपि आज सँसार इलेक्ट्रौनिक विधि से इतनी निकटता से जुड़ा हुआ है, फिर भी आमने-सामने होकर वार्तालाप करने का समय सर्वोत्तम होता है। जब हम एक दूसरे के साथ अपनी मन की बात बाँटते हैं, एक दूसरे के साथ हंसते हैं, तो एक दूसरे के चहरे के भाव देखकर ही भावनाओं को समझ जाते हैं। जो परस्पर प्रेम करते हैं, चाहे परिवार जन हो या मित्रगण, वे आमने-सामने ही संगति रखना पसन्द करते हैं।

      हम यही आमने-सामने की संगति, परमेश्वर के वचन बाइबल में, परमेश्वर और मूसा के मध्य देखते हैं। परमेश्वर ने मूसा को चुना कि वह उसके लोगों को मिस्त्र के दासत्व से निकालकर लाए। परमेश्वर के साथ चलते-चलते मूसा परमेश्वर पर अपने भरोसे में बढ़ता गया। इस्राएल के लोग तो परमेश्वर के विरुद्ध बलवा और अनाज्ञाकारिता और मूर्तिपूजा में भी पड़े, परन्तु मूसा परमेश्वर के साथ बना रहा। जब उन इस्राएलियों ने परमेश्वर के स्थान पर सोने के बछड़े की उपासना की (देखें निर्गमन 32), तो मूसा ने परमेश्वर से मिलने के लिए छावनी के बाहर तम्बू लगा लिया, और इस्राएली दूर ही से देख सकते थे (33:7-11)। जब परमेश्वर की उपस्थिति का सूचक बादल का खंबा उस तम्बू पर उतरा तो मूसा ने उन लोगों के लिए विनती की; और परमेश्वर ने आश्वस्त किया कि उसकी उपस्थिति उनके साथ बनी रहेगी (पद 14)।

      क्रूस पर प्रभु यीशु मसीह की मृत्यु और उनके मृतकों में से पुनरुत्थान के कारण अब हमें मूसा के समान किसी की आवश्यकता नहीं है कि हमारे लिए परमेश्वर से विनती करे – अब प्रभु यीशु अपने अनुयायियों के लिए यह कार्य करते रहते हैं। प्रभु यीशु मसीह में लाए गए विश्वास और उससे मिलने वाली पापों की क्षमा के कारण हम परमेश्वर के मित्र हो गए हैं (यूहन्ना 15:15), उसके साथ हमारा मेल-मिलाप हो गया है (रोमियों 5: 1, 10)। अब हम भी प्रार्थना में प्रभु परमेश्वर के साथ मिल सकते हैं और उससे ऐसे बात कर सकते हैं जैसे कोई मित्र के साथ आमने-सामने बातचीत करता है। - एमी बाउचर पाई


हम प्रभु परमेश्वर के साथ ऐसे बात कर सकते हैं, जैसे मित्र के साथ।

फिर कौन है जो दण्ड की आज्ञा देगा? मसीह वह है जो मर गया वरन मुर्दों में से जी भी उठा, और परमेश्वर की दाहिनी ओर है, और हमारे लिये निवेदन भी करता है। - रोमियों 8:34

बाइबल पाठ: निर्गमन 33:7-14
Exodus 33:7 मूसा तम्बू को छावनी से बाहर वरन दूर खड़ा कराया करता था, और उसको मिलापवाला तम्बू कहता था। और जो कोई यहोवा को ढूंढ़ता वह उस मिलापवाले तम्बू के पास जो छावनी के बाहर था निकल जाता था।
Exodus 33:8 और जब जब मूसा तम्बू के पास जाता, तब तब सब लोग उठ कर अपने अपने डेरे के द्वार पर खड़े हो जाते, और जब तक मूसा उस तम्बू में प्रवेश न करता था तब तक उसकी ओर ताकते रहते थे।
Exodus 33:9 और जब मूसा उस तम्बू में प्रवेश करता था, तब बादल का खम्भा उतर के तम्बू के द्वार पर ठहर जाता था, और यहोवा मूसा से बातें करने लगता था।
Exodus 33:10 और सब लोग जब बादल के खम्भे को तम्बू के द्वार पर ठहरा देखते थे, तब उठ कर अपने अपने डेरे के द्वार पर से दण्डवत करते थे।
Exodus 33:11 और यहोवा मूसा से इस प्रकार आमने-सामने बातें करता था, जिस प्रकार कोई अपने भाई से बातें करे। और मूसा तो छावनी में फिर आता था, पर यहोशू नाम एक जवान, जो नून का पुत्र और मूसा का टहलुआ था, वह तम्बू में से न निकलता था।।
Exodus 33:12 और मूसा ने यहोवा से कहा, सुन तू मुझ से कहता है, कि इन लोगों को ले चल; परन्तु यह नहीं बताया कि तू मेरे संग किस को भेजेगा। तौभी तू ने कहा है, कि तेरा नाम मेरे चित्त में बसा है, और तुझ पर मेरे अनुग्रह की दृष्टि है।
Exodus 33:13 और अब यदि मुझ पर तेरे अनुग्रह की दृष्टि हो, तो मुझे अपनी गति समझा दे, जिस से जब मैं तेरा ज्ञान पाऊं तब तेरे अनुग्रह की दृष्टि मुझ पर बनी रहे। फिर इसकी भी सुधि कर कि यह जाति तेरी प्रजा है।
Exodus 33:14 यहोवा ने कहा, मैं आप चलूंगा और तुझे विश्राम दूंगा।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 10-12
  • प्रेरितों 19:1-20



शनिवार, 13 जुलाई 2019

जानता



      सृष्टि की भव्यता आश्चर्यजनक है। इस समय चन्द्रमा हमारे चारों ओर 23,00 मील प्रति घंटे की गति से घूम रहा है। हमारी पृथ्वी, सूर्य के चारों ओर 66,000 मील प्रति घंटे की गति से घूम रही है। हमारा सूर्य, हमारी आकाशगंगा के खरबों तारा समूहों और नक्षत्रों में से एक है। और हमारी आकाशगंगा अंतरिक्ष में फ़ैली अरबों आकाशगंगाओं में से एक है।

      इस विशाल विस्तृत सृष्टि में हमारी पृथ्वी एक छोटे से कंकड़ के समान है, और हमारा अपना अस्तित्व रेत के एक कण के समान है। किन्तु फिर भी, परमेश्वर के वचन बाइबल के अनुसार, इस विशाल अद्भुत सृष्टि का सृष्टिकर्ता परमेश्वर हम में से प्रत्येक पर निकटता से ध्यान रखता है, और हमारे बारे में सब कुछ जानता है। उसने हमें तब भी देखा था जब पृथ्वी पर हमारा अस्तित्व भी नहीं था (भजन 139:13-16)। वह हमारे प्रत्येक विचार और वार्तालाप को जानता है और हमारे दैनिक जीवन की कोई भी बात उससे छुपी हुई नहीं रहती है (पद 1-6)।

      कभी-कभी इस पर विश्वास करना कठिन होता है। इस छोटे से ‘कंकड़’ पर अनेकों बड़ी समस्याएँ, जैसे कि युद्ध और अकाल, होती रहती हैं; और अपने व्यक्तिगत कठिनाईयों के समयों में हम परमेश्वर की देखभाल पर प्रश्न उठा सकते हैं। परन्तु जब राजा दाऊद ने भजन 139 लिखा था, वह स्वयँ भी कठिनाईयों में से होकर निकल रहा था (पद 19-20)। और जब प्रभु यीशु ने कहा कि परमेश्वर हमारे सिर के बालों का भी हिसाब रखता है (मत्ती 10:30), तब वह क्रूस पर चढ़ाए जाने के समय में रह रहा था। बाइबल में उल्लेखित हमारे प्रति परमेश्वर की देखभाल और ध्यान रखने की बात कोई व्यर्थ अभिलाषा मात्र नहीं है; यह एक वास्तविकता है।

      वह परमेश्वर जो इन अनगिनित नक्षत्रों और तारा समूहों तथा तारागणों को संचालित करता है, हमें भी निकटता से जानता है, हमारी प्रत्येक बात का ध्यान रखता है, हमारी हर एक जानकारी रखता है; और यह हमें आश्वस्त करता है। - शेरिडन वोयसी


सृष्टि का परमेश्वर हमें निकटता से जानता है और हमारा ध्यान रखता है।

और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं। - रोमियों 8:28

बाइबल पाठ: भजन 139:1-18
Psalms 139:1 हे यहोवा, तू ने मुझे जांच कर जान लिया है।
Psalms 139:2 तू मेरा उठना बैठना जानता है; और मेरे विचारों को दूर ही से समझ लेता है।
Psalms 139:3 मेरे चलने और लेटने की तू भली भांति छानबीन करता है, और मेरी पूरी चालचलन का भेद जानता है।
Psalms 139:4 हे यहोवा, मेरे मुंह में ऐसी कोई बात नहीं जिसे तू पूरी रीति से न जानता हो।
Psalms 139:5 तू ने मुझे आगे पीछे घेर रखा है, और अपना हाथ मुझ पर रखे रहता है।
Psalms 139:6 यह ज्ञान मेरे लिये बहुत कठिन है; यह गम्भीर और मेरी समझ से बाहर है।
Psalms 139:7 मैं तेरे आत्मा से भाग कर किधर जाऊं? वा तेरे साम्हने से किधर भागूं?
Psalms 139:8 यदि मैं आकाश पर चढूं, तो तू वहां है! यदि मैं अपना बिछौना अधोलोक में बिछाऊं तो वहां भी तू है!
Psalms 139:9 यदि मैं भोर की किरणों पर चढ़ कर समुद्र के पार जा बसूं,
Psalms 139:10 तो वहां भी तू अपने हाथ से मेरी अगुवाई करेगा, और अपने दाहिने हाथ से मुझे पकड़े रहेगा।
Psalms 139:11 यदि मैं कहूं कि अन्धकार में तो मैं छिप जाऊंगा, और मेरे चारों ओर का उजियाला रात का अन्धेरा हो जाएगा,
Psalms 139:12 तौभी अन्धकार तुझ से न छिपाएगा, रात तो दिन के तुल्य प्रकाश देगी; क्योंकि तेरे लिये अन्धियारा और उजियाला दोनों एक समान हैं।
Psalms 139:13 मेरे मन का स्वामी तो तू है; तू ने मुझे माता के गर्भ में रचा।
Psalms 139:14 मैं तेरा धन्यवाद करूंगा, इसलिये कि मैं भयानक और अद्भुत रीति से रचा गया हूं। तेरे काम तो आश्चर्य के हैं, और मैं इसे भली भांति जानता हूं।
Psalms 139:15 जब मैं गुप्त में बनाया जाता, और पृथ्वी के नीचे स्थानों में रचा जाता था, तब मेरी हडि्डयां तुझ से छिपी न थीं।
Psalms 139:16 तेरी आंखों ने मेरे बेडौल तत्व को देखा; और मेरे सब अंग जो दिन दिन बनते जाते थे वे रचे जाने से पहिले तेरी पुस्तक में लिखे हुए थे।
Psalms 139:17 और मेरे लिये तो हे ईश्वर, तेरे विचार क्या ही बहुमूल्य हैं! उनकी संख्या का जोड़ कैसा बड़ा है।
Psalms 139:18 यदि मैं उन को गिनता तो वे बालू के किनकों से भी अधिक ठहरते। जब मैं जाग उठता हूं, तब भी तेरे संग रहता हूं।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 7-9
  • प्रेरितों 18



शुक्रवार, 12 जुलाई 2019

प्रार्थना



      प्रार्थना करने की इच्छुक एक महिला ने एक खाली कुर्सी को खींचा, और उसके सामने घुटने टेकते हुए आंसुओं से भीगी आँखों के साथ कहा, “मेरे प्रिय स्वर्गीय पिता, कृपया यहाँ बैठें; मुझे और आपको कुछ बात करनी आवश्यक है!” और फिर उस खाली कुर्सी की ओर ध्यान से देखते हुए , वह प्रार्थना करने लगी। उसने प्रभु के समक्ष आने में भरोसा दिखाया; उसने विश्वास किया कि प्रभु वहाँ उसके पास उस कुर्सी पर बैठा हुआ है, और उसके निवेदन को सुन रहा है।

      प्रभु के साथ वार्तालाप में बिताया गया समय बहुत महत्वपूर्ण होता है। जब हम परस्पर संभागी होकर उसके निकट आते हैं, वह भी हमारे निकट आता है (याकूब 4:8)। प्रभु ने हमें आश्वासन दिया है, “और देखो, मैं जगत के अन्त तक सदैव तुम्हारे संग हूं” (मत्ती 28:20)। हमारा स्वर्गीय पिता सदा हमारी बाट जोहता है कि हम उसके पास आएँ और अपने मन की बात उससे कहें; वह हमारी सुनने के लिए सदा तैयार रहता है।

      ऐसे भी समय आते हैं जब हमारे लिए प्रार्थना कर पाना कठिन होता है, हमारी थकान, नींद, बीमारी, या दुर्बलता के कारण। परन्तु हम किसी भी कारण से असक्षम अथवा दुर्बल हों, प्रभु परमेश्वर हमारी हर परिक्षा में हमारे प्रति सहानुभूति रखता है (इब्रानियों 4:15)। इसलिए हम “हम अनुग्रह के सिंहासन के निकट हियाव बान्‍धकर चलें, कि हम पर दया हो, और वह अनुग्रह पाएं, जो आवश्यकता के समय हमारी सहायता करे” (पद 16)। - लॉरेंस दरमानी


परमेश्वर सर्वव्यापी है, सदा उपलब्ध रहता है, और सर्वदा सुनता है।

परमेश्वर के निकट आओ, तो वह भी तुम्हारे निकट आएगा: हे पापियों, अपने हाथ शुद्ध करो; और हे दुचित्ते लोगों अपने हृदय को पवित्र करो। - याकूब 4:8

बाइबल पाठ: इब्रानियों 4:14-16
Hebrews 4:14 सो जब हमारा ऐसा बड़ा महायाजक है, जो स्‍वर्गों से हो कर गया है, अर्थात परमेश्वर का पुत्र यीशु; तो आओ, हम अपने अंगीकार को दृढ़ता से थामें रहे।
Hebrews 4:15 क्योंकि हमारा ऐसा महायाजक नहीं, जो हमारी निर्बलताओं में हमारे साथ दुखी न हो सके; वरन वह सब बातों में हमारे समान परखा तो गया, तौभी निष्‍पाप निकला।
Hebrews 4:16 इसलिये आओ, हम अनुग्रह के सिंहासन के निकट हियाव बान्धकर चलें, कि हम पर दया हो, और वह अनुग्रह पाएं, जो आवश्यकता के समय हमारी सहायता करे।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 4-6
  • प्रेरितों 17:16-34