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रविवार, 3 अप्रैल 2011

गुलाम

जब हम बार बार किसी पाप में पड़ने लगते हैं तो यह दिखाता है कि हम उसके गुलाम हो गए हैं। एडस (AIDS) रोग से पीड़ित और मृत्यु के निकट एक व्यक्ति ने स्वीकार किया कि उसे अपने समलैंगिक जीवन को लेकर पापबोध तो था और वह इससे निकलना भी चाहता था, लेकिन अपने इस अनैतिक जीवन शैली से वह अपने आप को निकाल नहीं सका। एक अन्य जवान व्यक्ति ने माना कि उसकी पत्नि उसे इसलिए छोड़कर चली गई क्योंकि वह अशलीलता (pornography) से अपने आप को दूर नहीं कर पा रहा था; वह इस बात से दुखी तो है, किंतु अब भी अशलीलता को छोड़ नहीं पा रहा है।

बाइबल का पात्र शिमशोन भी पाप का गुलाम हो गया था। वह दलीला से प्रेम लीला में रत रहा, यह जानते हुए भी कि वह उसके दुशमनों से मिली हुई है और अपने प्रेम जाल के द्वारा उसे दुशमनों के हाथों में सौंपना चाहती है। शिमशोन की यह मूर्खता उसकी वासना की गुलामी के कारण थी। जैसे उपरोक्त समलैंगिकता में तथा अशलीलता की लत में पड़े व्यक्ति थे, वैसे ही जानते समझते हुए भी, शिमशोन भी वह नहीं कर पाया जो उसे करना लेना चाहिए था।

एक बार हम गलत मार्ग पर चल निकलें तो वापस मुड़कर बाहर निकल पाना कठिन हो जाता है। प्रभु यीशु ने कहा, "मैं तुम से सच सच कहता हूं कि जो कोई पाप करता है, वह पाप का दास है" (यूहन्ना ८:३४)। पाप क्षणिक शारीरिक आनन्द द्वारा हमें फंसाता देता है और अनन्त खतरे में डाल देता है। पाप और उसकी गुलामी से बचने का एक ही मार्ग है - यीशु के आधीन हो जाओ, उसके दास हो जाओ।

यदि आप किसी बुरी आदत में फंसे हैं जो आपके जीवन को बरबाद कर रही है तो प्रभु यीशु के सम्मुख उस पाप को और उससे निकल पाने की अपनी अस्मर्थता को स्वीकार कर लें और सम्पूर्णतः उसके आधीन हो जाएं; वही आपको बचा सकता है - यह प्रभु का वायदा है। - हर्ब वैन्डर लुग्ट


पाप का आनन्द तो कुछ समय का होता है, किंतु उसके दुषपरिणाम सदाकाल के होते हैं।

मैं तुम से सच सच कहता हूं कि जो कोई पाप करता है, वह पाप का दास है। - यूहन्ना ८:३४

बाइबल पाठ: रोमियों ६:५-२३
Rom 6:6 क्‍योंकि हम जानते हैं कि हमारा पुराना मनुष्यत्‍व उसके साथ क्रूस पर चढ़ाया गया, ताकि पाप का शरीर व्यर्थ हो जाए, ताकि हम आगे को पाप के दासत्‍व में न रहें।
Rom 6:7 क्‍योंकि जो मर गया, वह पाप से छूटकर धर्मी ठहरा।
Rom 6:8 सो यदि हम मसीह के साथ मर गए, तो हमारा विश्वास यह है, कि उसके साथ जीएंगे भी।
Rom 6:9 क्‍योंकि यह जानते हैं, कि मसीह मरे हुओं में से जी उठकर फिर मरने का नहीं, उस पर फिर मृत्यु की प्रभुता नहीं होने की।
Rom 6:10 क्‍योंकि वह जो मर गया तो पाप के लिये एक ही बार मर गया; परन्‍तु जो जीवित है, तो परमेश्वर के लिये जीवित है।
Rom 6:11 ऐसे ही तुम भी अपने आप को पाप के लिये तो मरा, परन्‍तु परमेश्वर के लिये मसीह यीशु में जीवित समझो।
Rom 6:12 इसलिये पाप तुम्हारे मरणहार शरीर में राज्य न करे, कि तुम उस की लालसाओं के अधीन रहो।
Rom 6:13 और न अपने अंगो को अधर्म के हथियार होने के लिये पाप को सौंपो, पर अपने आप को मरे हुओं में से जी उठा हुआ जानकर परमश्‍ेवर को सौंपो, और अपने अंगो को धर्म के हथियार होने के लिये परमेश्वर को सौंपो।
Rom 6:14 और तुम पर पाप की प्रभुता न होगी, क्‍योंकि तुम व्यवस्था के आधीन नहीं वरन अनुग्रह के आधीन हो।
Rom 6:15 तो क्‍या हुआ क्‍या हम इसलिये पाप करें, कि हम व्यवस्था के आधीन नहीं वरन अनुग्रह के आधीन हैं कदापि नहीं।
Rom 6:16 क्‍या तुम नहीं जानते, कि जिस की आज्ञा मानने के लिये तुम अपने आप को दासों की नाईं सौंप देते हो, उसी के दास हो: और जिस की मानते हो, चाहे पाप के, जिस का अन्‍त मृत्यु है, चाहे आज्ञा मानने के, जिस का अन्‍त धामिर्कता है
Rom 6:17 परन्‍तु परमश्‍ेवर का धन्यवाद हो, कि तुम जो पाप के दास थे तौभी मन से उस उपदेश के मानने वाले हो गए, जिस के सांचे में ढाले गए थे।
Rom 6:18 और पाप से छुड़ाए जाकर धर्म के दास हो गए।
Rom 6:19 मैं तुम्हारी शारीरिक र्दुबलता के कारण मनुष्यों की रीति पर कहता हूं, जैसे तुम ने अपने अंगो को कुकर्म के लिये अशुद्धता और कुकर्म के दास करके सौंपा था, वैसे ही अब अपने अंगों को पवित्रता के लिये धर्म के दास करके सौंप दो।
Rom 6:20 जब तुम पाप के दास थे, तो धर्म की ओर से स्‍वतंत्र थे।
Rom 6:21 सो जिन बातों से अब तुम लज्ज़ित होते हो, उन से उस समय तुम क्‍या फल पाते थे?
Rom 6:22 क्‍योंकि उन का अन्‍त तो मृत्यु है परन्‍तु अब पाप से स्‍वतंत्र होकर और परमेश्वर के दास बनकर तुम को फल मिला जिस से पवित्रता प्राप्‍त होती है, और उसका अन्‍त अनन्‍त जीवन है।
Rom 6:23 क्‍योंकि पाप की मजदूरी तो मृत्यु है, परन्‍तु परमेश्वर का बरदान हमारे प्रभु यीशु मसीह में अनन्‍त जीवन है।

एक साल में बाइबल:
  • न्यायियों १९-२१
  • लूका ७:३१-५०

शनिवार, 2 अप्रैल 2011

घातक दोष

व्यक्ति यदि अनुशासित न हो तो उसका नाश हो जाता है। मैं एक ऐसी लड़की को जानता हूँ जो कम उम्र में ही मर जाएगी यदि उसने खाने की अपनी आदतें नहीं बदलीं। मैं एक ऐसे जवान को भी जानता हूँ जो अपने आप को बरबाद करे जा रहा है, क्योंकि उसने कभी अनुशासन नहीं सीखा; वह एक धनाड्य परिवार में पैदा और बड़ा हुआ, लेकिन अपनी जुआ खेलने और शराब पीने की आदत के कारण वह अब आर्थिक बरबादी के कगार पर है।

बाइबल के एक पात्र शिमशोन ने भी अपनी अनुशसनहीनता के कारण कुछ ऐसे निर्णय लिए जिनके कारण वह फिलिस्तियों का कैदी बन गया और उन्होंने उसे अपना बन्दी सेवक बना कर उसकी आँखें निकाल डालीं। उसका पतन आरंभ हुआ जब उसने एक अन्यजाति स्त्री से शादी करने की ज़िद करी। अपने माँ-बाप से उसकी माँग थी "...उसी से मेरा ब्याह करा दे; क्योंकि मुझे वही अच्छी लगती है।" (न्यायियों १४:३) उसके स्वार्थ और भोग विलास की लालसा ने उसे विनाश के मार्ग पर डाल दिया।

बिना आत्म सयंम और अनुशासन के हम अपने बड़े गुणों को व्यर्थ कर सकते हैं और उन्नत्ति के अवसरों को गंवा सकते हैं। कुछ विशेष भोजन वस्तुओं के लिए हमारी लालसाएं, मनोरंजन के साधनों में समय की बरबादी, वासना तृप्ति का अनियंत्रित जीवन, किसी भी कीमत पर सफलता की सीढ़ी चढ़ने की उत्कण्ठा, आदि उदाहरण हैं उन बातों के जो नियंत्रित और उचित रीति से प्रयोग करने से तो लाभकारी किंतु अनुचित और असंयमित प्रयोग से बरबादी का कारण बन जाती हैं।

जो खिलाड़ी खेल-कूद में कीर्तिमान स्थपित करते हैं, वे ऐसा इसलिए कर पाते हैं क्योंकि वे अपने भोजन, जीवन शैली, व्यायाम और अभ्यास में संयम और अनुशासन बरतते हैं। इसी प्रकार वे लोग जो परमेश्वर के साथ नियमित रूप से चलते रहते हैं वे परमेश्वर के अनुशासन का भी पालन करते हैं। उनके जीवन में परमेश्वर के वचन बाइबल को नियमित पढ़ना, नियमित प्रार्थना में समय बिताना और परमेश्वर के आज्ञाकारी रहना प्रमुख होता है।

अनुशासनहीनता बरबादी की गारन्टी है; अनुशासित तथा अत्म संयमित जीवन, जयवन्त जीवन होने की। - हर्ब वैनडर लुग्ट


खुद को अनुशासित रखिए, फिर औरों को आपके लिए यह करने की आवश्यक्ता नहीं होगी।

उसके माता पिता ने उस से कहा, क्या तेरे धाइयों की बेटियों में, वा हमारे सब लोगों में कोई स्त्री नहीं है, कि तू खतनाहीन पलिश्तियों में से स्त्री ब्याहने चाहता है? शिमशोन ने अपने पिता से कहा, उसी से मेरा ब्याह करा दे; क्योंकि मुझे वही अच्छी लगती है। - न्यायियों १४:३

बाइबल पाठ: न्यायियों १६:२१-३०
Jdg 16:21 तब पलिश्तियों ने उसको पकड़कर उसकी आंखें फोड़ डालीं, और उसे अज्जा को ले जा के पीतल की बेडिय़ों से जकड़ दिया; और वह बन्दीगृह में चक्की पीसने लगा।
Jdg 16:22 उसके सिर के बाल मुण्ड जाने के बाद फिर बढ़ने लगे।
Jdg 16:23 तब पलिश्तियों के सरदार अपने दागोन नाम देवता के लिये बड़ा यज्ञ, और आनन्द करने को यह कह कर इकट्ठे हुए, कि हमारे देवता ने हमारे शत्रु शिमशोन को हमारे हाथ में कर दिया है।
Jdg 16:24 और जब लोगों ने उसे देखा, तब यह कह कर अपने देवता की स्तुति की, कि हमारे देवता ने हमारे शत्रु और हमारे देश के नाश करने वाले को, जिस ने हम में से बहुतों को मार भी डाला, हमारे हाथ में कर दिया है।
Jdg 16:25 जब उनका मन मगन हो गया, तब उन्होंने कहा, शिमशोन को बुलवा लो, कि वह हमारे लिये तमाशा करे। इसलिये शिमशोन बन्दीगृह में से बुलवाया गया, और उनके लिये तमाशा करने लगा, और खम्भों के बीच खड़ा कर दिया गया।
Jdg 16:26 तब शिमशोन ने उस लड़के से जो उसका हाथ पकड़े था कहा, मुझे उन खम्भों को जिन से घर सम्भला हुआ है छूने दे, कि मैं उस पर टेक लगाऊं।
Jdg 16:27 वह घर तो स्त्री पुरूषों से भरा हुआ था, पलिश्तियों के सब सरदार भी वहां थे, और छत पर कोई तीन हजार सत्री पुरूष थे, जो शिमशोन को तमाशा करते हुए देख रहे थे।
Jdg 16:28 तब शिमशोन ने यह कह कर यहोवा की दोहाई दी, कि हे प्रभु यहोवा, मेरी सुधि ले; हे परमेश्वर, अब की बार मुझे बल दे, कि मैं पलिश्तियों से अपनी दोनों आंखों का एक ही पलटा लूं।
Jdg 16:29 तब शिमशोन ने उन दोनों बीच वाले खम्भों को जिन से घर सम्भला हुआ था पकड़कर एक पर तो दाहिने हाथ से और दूसरे पर बाएं हाथ से बल लगा दिया।
Jdg 16:30 और शिमशोन ने कहा, पलिश्तियों के संग मेरा प्राण भी जाए। और वह अपना सारा बल लगाकर झुका; तब वह घर सब सरदारों और उस में से सारे लोगों पर गिर पड़ा। सो जिनको उस ने मरते समय मार डाला वे उन से भी अधिक थे जिन्हें उस ने अपने जीवन में मार डाला था।

एक साल में बाइबल:
  • न्यायियों १६-१८
  • लूका ७:१-३०

शुक्रवार, 1 अप्रैल 2011

स्वर्ग के नागरिक

एक व्यक्ति अपने पुराने मित्र से मिलने गया, जो ब्रिटिश सेना में फौजी अफसर था और अफ्रीका के जंगलों में अपने दल के साथ तैनात था। एक दिन जब वह अपने मित्र के तम्बू में आया तो यह देख कर भौंचका रह गया कि उस जंगल में उसका मित्र किसी समारोह में भाग लेने जैसे औपचारिक वस्त्र पहने हुए बैठा था और उसके सामने मेज़ पर भोजन करने के कीमती पात्र सजे हुए थे। उसने अपने मित्र से पूछा कि जंगल में एक तम्बु के अन्दर वह ऐसी ठाठ-बाठ की वेशभूशा पहने और ऐसे कीमती पात्रों से मेज़ सजाकर क्यों बैठा है? उस ब्रिटिश अफसर ने उसे समझाया, "सप्ताह में एक बार मैं इस रीति को मनाता हूँ, जिससे मुझे स्मरण रहे कि मैं कौन हूँ - ब्रिटिश सेना का एक अफसर। मैं अपने वास्तविक घर के तौर तरीकों को बनाए रखना चाहता हूँ और ब्रिटिश लोगों की परम्पराओं के अनुसार जीना चाहता हूँ, चाहे मेरे आस-पास के लोग कैसे भी रहें। मैं नहीं चाहता कि किसी विदेशी आचरण के प्रभाव में आ कर मैं अपने देश के आचरण भूल जाऊँ।

मसीहियों को भी ऐसी ही चिंता होनी चाहिए। प्रभु यीशु के विश्वासी होने के कारण हम स्वर्ग के नागरिक हैं, वहीं की नागरिकता हमारी वास्तविक नागरिकता है; लेकिन अक्सर हम ऐसे व्यवहार करते हैं जैसे यह संसार ही हमारा स्थायी निवास स्थान है। हमें चौकस रहना चाहिए कि हम अपनी स्वर्गीय नागरिकता के अनुसार आचरण के स्थान पर सांसारिक आचरण न अपनाने लगें। हमें ऐसे जीना है कि लोग हमारे जीवनों को देखकर जान सकें कि हम संसार से भिन्न हैं, क्योंकि हम संसार में यात्री और स्वर्ग के नागरिक हैं। - रिचर्ड डी हॉन


जो मसीही संसार से ऊपर उठकर जीते हैं, वे स्वर्ग के निकट रहते हैं।

पर हमारा स्‍वदेश स्‍वर्ग पर है; और हम एक उद्धारकर्ता प्रभु यीशु मसीह के वहां से आने ही बाट जोह रहे हैं। - फिलिप्पियों ३:२०


बाइबल पाठ: फिलिप्पियों ३:१७-२१

Php 3:17 हे भाइयो, तुम सब मिलकर मेरी सी चाल चलो, और उन्‍हें पहिचान रखो, जो इस रीति पर चलते हैं जिस का उदाहरण तुम हम में पाते हो।
Php 3:18 क्‍योंकि बहुतेरे ऐसी चाल चलते हैं, जिन की चर्चा मैं ने तुम से बार बार किया है और अब भी रो रोकर कहता हूं, कि वे अपनी चालचलन से मसीह के क्रूस के बैरी हैं।
Php 3:19 उन का अन्‍त विनाश है, उन का ईश्वर पेट है, वे अपनी लज्ज़ा की बातों पर घमण्‍ड करते हैं, और पृथ्वी की वस्‍तुओं पर मन लगाए रहते हैं।
Php 3:20 पर हमारा स्‍वदेश स्‍वर्ग पर है; और हम एक उद्धारकर्ता प्रभु यीशु मसीह के वहां से आने ही बाट जोह रहे हैं।
Php 3:21 वह अपनी शक्ति के उस प्रभाव के अनुसार जिस के द्वारा वह सब वस्‍तुओं को अपने वश में कर सकता है, हमारी दीन-हीन देह का रूप बदलकर, अपनी महिमा की देह के अनुकूल बना देगा।

एक साल में बाइबल:
  • न्यायियों १३-१५
  • लूका ६:२७-४९

गुरुवार, 31 मार्च 2011

परमेश्वर से बातें

अमेरिकी राष्ट्रपति रौनलड रीएगन के साथ एक घटना घटी - वे एक बुज़ुर्ग अमेरिकी नागरिक से फोन पर बात करना चाह रहे थे। उन्होंने उसे टेलिफोन किया लेकिन उस व्यक्ति को विश्वास ही नहीं हुआ कि फोन पर दूसरी तरफ स्वयं राष्ट्रपति हैं और राष्ट्रपति उससे बात करना चाह रहे हैं, इसलिए उसने फोन काट दिया। राष्ट्रपति फोन मिलाते रहे और वह फोन काटता रहा; ऐसा उसने आधा दर्जन बार किया। आखिरकार टेलिफोन ऑपरेटर ने और उसके पड़ौसी ने उसे समझाया और विश्वास दिलाया कि वास्तव में राष्ट्रपति ही उससे बात करना चाह रहे हैं, फिर उसने १५ मिनिट तक राष्ट्रपति से टेलिफोन पर बातें करीं।

सदियों पहले शमूएल को भी आश्चर्य में डालने वाला बुलावा आया। उसे पता नहीं चला कि कौन उसे बुला रहा है, बुलाने वाला किसी भी राष्ट्रपति से कहीं बढ़कर था। जब शमूएल ने जाना कि स्वयं परमेश्वर उससे बातें कर रहा है, तो उसने ध्यान देकर परमेश्वर की बातें सुनीं।

हम मसीहीयों की प्रतिक्रिया भी कभी कभी कुछ ऐसी ही होती है जब परमेश्वर हमसे बातें करता है। कभी कभी हमें अपने मन की गहराईयों में किसी बात के लिए ऐसा दृढ़ विश्वास होता है जिसे हम समझ नहीं पाते। पहले पहल हम उसे परमेश्वर की आवाज़ की तरह नहीं पहचानते, फिर जब हमें विश्वास हो जाता है कि हाँ परमेश्वर ही है, तो हमें अचम्भा होता कि वह हम से बातें करना चाहता है।

हम भूल जाते हैं कि परमेश्वर अपने प्रत्येक विश्वासी से एक व्यक्तिगत संबंध रखना चाहता है, वह चाहता है कि हम भी उसे व्यक्तिगत रीति से जानें। वह हम से अपने लिखित वचन बाइबल द्वारा बातें करता है, अपने जीवित वचन प्रभु यीशु मसीह द्वारा बातें करता है, और हमारे अन्दर अपने पवित्र आत्मा के रूप में निवास करता है, जो हमें उसका वचन सुनने और समझने की सामर्थ देता है।

परमेश्वर सदा हम से बातें करने के प्रयास में लगा रहता है, इसलिए हमें भी उसकी बात सुनने और मानने के लिए तैयार रहना चाहिए। - मार्ट डी हॉन


दो तरह के मसीही होते हैं, पहले वे जो परमेश्वर की प्रतीक्षा में रहते हैं और दूसरे वे जो परमेश्वर को प्रतीक्षा करवाते रहते हैं।

सो जैसा पवित्र आत्मा कहता है, कि यदि आज तुम उसका शब्‍द सुनो तो अपने मन को कठोर न करो... - इब्रानियों ३:७, ८


बाइबल पाठ: इब्रानियों ३:७-१४

Heb 3:7 सो जैसा पवित्र आत्मा कहता है, कि यदि आज तुम उसका शब्‍द सुनो।
Heb 3:8 तो अपने मन को कठोर न करो, जैसा कि क्रोध दिलाने के समय और परीक्षा के दिन जंगल में किया था।
Heb 3:9 जहां तुम्हारे बाप दादों ने मुझे जांचकर परखा और चालीस वर्ष तक मेरे काम देखे।
Heb 3:10 इस कारण मैं उस समय के लोगों से रूठा रहा, और कहा, कि इन के मन सदा भटकते रहते हैं, और इन्‍होंने मेरे मार्गों को नहीं पहिचाना।
Heb 3:11 तब मैं ने क्रोध में आकर शपथ खाई, कि वे मेरे विश्राम में प्रवेश करने न पाएंगे।
Heb 3:12 हे भाइयो, चौकस रहो, कि तुम में ऐसा बुरा और अविश्वासी मन न हो, जो जीवते परमेश्वर से दूर हट जाए।
Heb 3:13 वरन जिस दिन तक आज का दिन कहा जाता है, हर दिन एक दूसरे को समझाते रहो, ऐसा न हो, कि तुम में से कोई जन पाप के छल में आकर कठोर हो जाए।
Heb 3:14 क्‍योंकि हम मसीह के भागी हुए हैं, यदि हम अपने प्रथम भरोसे पर अन्‍त तक दृढ़ता से स्थिर रहें।

एक साल में बाइबल:
  • न्यायियों ११-१२
  • लूका ६:१-२६

बुधवार, 30 मार्च 2011

परमेश्वर की आवाज़ सुनिए

कई वर्ष पहले, मैं हर सुबह अपनी खिड़की के बाहर एक पक्षी की मधुर चहचहाट की आवाज़ से उठता था। आरंभ में उसके चहकने के संगीत से मैं रोमांचित हो उठता था, लेकिन कुछ समय में मेरे कान उसके गीतों के आदि हो गए, और अन्ततः मुझे उसकी आवाज़ सुननी बन्द हो गई। मैं उस पक्षी के मधुर गान को साधारण सी बात समझने लगा; पक्षी तो अब भी मेरी खिड़की के बाहर रोज़ सुबह गाता है, लेकिन मुझे अब उसका संगीत सुनाई नहीं देता।

कुछ ऐसा ही हमारे साथ बाइबल में होकर परमेश्वर की आवाज़ सुनने के विषय में होता है। जब हम उद्धार पाए ही होते हैं तो हम नियम से बाइबल पढ़ते हैं और ध्यान से उसकी शिक्षाओं से सीखते हैं। परमेश्वर की योजनाओं को बाइबल के पन्नों में खुलता देख हम रोमांचित भी होते हैं। लेकिन समय के साथ बाइबल पढ़ना हमारे लिए औपचारिक्ता बनने लग जाती है और हम उसके सन्देश की ओर पूरा ध्यान देना छोड़ देते हैं। नतीजा यह होता है कि हमें परमेश्वर की आवाज़ सुननी बन्द हो जाती है।

यह दुखदायी स्थिति इतने धीरे धीरे पनपती है कि इसके कमज़ोर कर देने वाले प्रभावों की ओर हमारा ध्यान नहीं जाने पाता। फिर अचानक एक दिन कुछ ऐसा होता है जिससे हमें अपनी कमज़ोरी का एहसास होता है और हम तब जान पाते हैं कि हम क्या खो बैठे हैं। कितना भला हो कि हम शमूएल की तरह परमेश्वर की ओर अपने ध्यान को लगाए रखें और कह सकें, "... कह, क्योंकि तेरा दास सुन रहा है।" (१ शमूएल ३:१०)

प्रतिदिन अपना कुछ समय नियमित रूप से परमेश्वर के वचन को पढ़ने के लिए निर्धारित करें, पढ़ते समय उसकी शिक्षाओं की ओर पूरा ध्यान दें और सभी ध्यन भटकाने वाली बातों को दूर कर दें; तभी हम परमेश्वर की आवाज़ के प्रति जागरूक रह सकेंगे और परमेश्वर की आवाज़ हमारे लिए अर्थहीन नहीं होने पाएगी। - रिचर्ड डी हॉन


जितना अधिक हम पवित्रशास्त्र को पढ़ेंगे, परमेश्वर प्रभु को उतना ही अधिक जान पाएंगे।

... कह, क्योंकि तेरा दास सुन रहा है। - १ शमूएल ३:१०

बाइबल पाठ: १ शमूएल ३:१-१०

1Sa 3:1 और वह बालक शमूएल एली के साम्हने यहोवा की सेवा टहल करता था। और उन दिनों में यहोवा का वचन दुर्लभ था और दर्शन कम मिलता था।
1Sa 3:2 और उस समय ऐसा हुआ कि (एली की आंखे तो धुंघली होने लगी थीं और उसे न सूझ पड़ता था) जब वह अपने स्थान में लेटा हुआ था,
1Sa 3:3 और परमेश्वर का दीपक अब तक बुझा नहीं था, और शमूएल यहेवा के मन्दिर में जंहा परमेश्वर का सन्दूक था लेटा था;
1Sa 3:4 तब यहोवा ने शमूएल को पुकारा और उस ने कहा, क्या आज्ञा!
1Sa 3:5 तब उस ने एली के पास दौड़कर कहा, क्या आज्ञा, तू ने तो मुझे पुकारा है। वह बोला, मैं ने नहीं पुकारा, फिर जा लेट रह। तो वह जाकर लेट गया।
1Sa 3:6 तब यहोवा ने फिर पुकार के कहा, हे शमूएल! शमूएल उठकर एली के पास गया, और कहा, क्या आज्ञा, तू ने तो मुझे पुकारा है। उस ने कहा, हे मेरे बेटे, मैं ने नहीं पुकारा, फिर जा लेट रह।
1Sa 3:7 उस समय तक तो शमूएल यहोवा को नहीं पहचानता था, और न तो यहोवा का वचन ही उस पर प्रगट हुआ था।
1Sa 3:8 फिर तीसरी बार यहोवा ने शमूएल को पुकारा। और वह उठ के एली के पास गया, और कहा, क्या आज्ञा, तू ने तो मुझे पुकारा है। तब एली ने समझ लिया कि इस बालक को यहोवा ने पुकारा है।
1Sa 3:9 इसलिये एली ने शमूएल से कहा, जा लेट रहे; और यदि वह तुझे फिर पुकारे, तो तू कहना, कि हे यहोवा, कह, क्योंकि तेरा दास सुन रहा है तब शमूएल अपने स्थान पर जा कर लेट गया।
1Sa 3:10 तब यहोवा आ खड़ा हुआ, और पहिले की नाईं पुकारा, शमूएल! शमूएल! शमूएल ने कहा, कह, क्योंकि तेरा दास सुन रहा है।

एक साल में बाइबल:
  • न्यायियों ९-१०
  • लूका ५:१७-३९

मंगलवार, 29 मार्च 2011

प्रयास नहीं, केवल विश्वास द्वारा

सुसमाचार प्रचारक जॉर्ज नीडहैम एक प्रसिद्ध और अमीर व्यक्ति से मिलने गए। उस व्यस्त व्यक्ति से नीडहैम ने केवल एक प्रश्न किया, "क्या आपका उद्धार हो गया है?" अमीर व्यक्ति ने उत्तर दिया, "नहीं, परन्तु मैं मसीही बनने का प्रयत्न कर रहा हूँ।" नीडहैम ने पूछा, "कितने समय से आप यह प्रयास कर रहे हैं?" उस व्यक्ति ने उत्तर दिया, "१२ वर्ष से।" सुसमाचार प्रचारक नीडहैम बोले, "मुझे यह कहने की अनुमति दें कि आप बहुत बेवकूफ रहे हैं। इतने वर्ष प्रयास कर के भी आप सफल नहीं हो सके; यदि मैं आपके स्थान पर होता तो मैं प्रयास नहीं विश्वास करता।"

उस शाम को नीडहैम को अचंभा हुआ कि वह व्यक्ति उस चर्च में आया जहाँ नीडहैम प्रचार कर रहा था। उसके चेहरे पर ऐसा शान्ति और आनन्द झलक रहा था जो नीडहैम ने उससे दिन के समय की मुलाकात में नहीं देखा था। सभा के बाद उस व्यक्ति ने नीडहैम से कहा, "मैं वाकई में मूर्ख था, और अपने जीवन के १२ बहुमूल्य वर्ष व्यर्थ प्रयास में गवाँ दिये, जबकि उद्धार मुझे साधारण विश्वास से मिल सकता था।"

बाइबल हमें उद्धार पाने के लिए कुछ काम करने, या प्रयास करने के लिए नहीं कहती। प्रेरित पौलुस ने कहा, "परन्‍तु जो काम नहीं करता वरन भक्तिहीन के धर्मी ठहराने वाले पर विश्वास करता है, उसका विश्वास उसके लिये धामिर्कता गिना जाता है।" (रोमियों ४:५)

अनन्त जीवन पाने का केवल एक ही मार्ग है, प्रयास करना छोड़कर मसीह यीशु पर विश्वास करना आरंभ कर दीजिए। - पौल वैन गोर्डर


उद्धार प्रयास से नहीं, विश्वास से है; उसके लिए कुछ करना नहीं, किए हुए पर विश्वास करना है।

...जो प्यासा हो, वह आए और जो कोई चाहे वह जीवन का जल सेंतमेंत ले। - प्रकाशितवाक्य २२:१७

बाइबल पाठ: रोमियों ४:१-८

Rom 4:1 सो हम क्‍या कहें, कि हमारे शारीरिक पिता इब्राहीम को क्‍या प्राप्‍त हुआ?
Rom 4:2 क्‍योंकि यदि इब्राहीम कामों से धर्मी ठहराया जाता, तो उसे घमण्‍ड करने की जगह होती, परन्‍तु परमेश्वर के निकट नहीं।
Rom 4:3 पवित्र शास्‍त्र क्‍या कहता है? यह कि इब्राहीम ने परमेश्वर पर विश्वास किया, और यह उसके लिये धामिर्कता गिना गया।
Rom 4:4 काम करने वाले की मजदूरी देना दान नहीं, परन्‍तु हक समझा जाता है।
Rom 4:5 परन्‍तु जो काम नहीं करता वरन भक्तिहीन के धर्मी ठहराने वाले पर विश्वास करता है, उसका विश्वास उसके लिये धामिर्कता गिना जाता है।
Rom 4:6 जिसे परमेश्वर बिना कर्मों के धर्मी ठहराता है, उसे दाउद भी धन्य कहता है।
Rom 4:7 कि धन्य वे हैं, जिन के अधर्म क्षमा हुए, और जिन के पाप ढ़ांपे गए।
Rom 4:8 धन्य है वह मनुष्य जिसे परमेश्वर पापी न ठहराए।

एक साल में बाइबल:
  • न्यायियों ७-८
  • लूका ५:१-१६

सोमवार, 28 मार्च 2011

अनुग्रह द्वारा उद्धार

बड़े अक्षरों में लिखे हुए एक शीर्षक ने मेरा ध्यान खींचा: "नए मत में परिवर्तन बहुत पीड़ादायक है।" उस लेख में एक जर्मनी के व्यवसायी का अनुभव लिखा था जिसे एक नए धर्म में अपने परिवर्तन के कार्य को पूरा करने के लिए बहुत पीड़ा दायक रीतियां पूरी करनी पड़ीं थीं। उन पीड़ा दायक रीतियों का उद्देश्य था कि वह अपने नए धर्म और विश्वास के प्रति अपनी वचनबद्धता और समर्पण प्रमाणित कर सके।

तुलना में, प्रभु यीशु द्वारा दिया जाने वाला उद्धार इससे कितना भिन्न तथा सहज है। उद्धार, अनुग्रह द्वारा, केवल साधरण विश्वास से, बिना किसी मानवीय कर्मों के - मसीही विश्वास को अन्य सभी धर्मों से बिलकुल अलग करता है। प्रभु यीशु मसीह में लाए गए विश्वास द्वारा किसी मनुष्य का परिवर्तन अनुभव किसी कष्टदायक रीति को पूरा करने से लागू अथवा संपूर्ण नहीं होता। यह हो सकता है कि मसीह में लाए गए विश्वास के कारण हमें संसार से दुख उठाना पड़े तथा अपने विश्वास को संसार के समक्ष हम अपने भले कार्यों से प्रदर्शित करें, किंतु न तो दुख उठाना और न ही भले कार्य हमें उद्धार देते हैं या उद्धार के योग्य बनाते हैं। पौलूस ने लिखा, "क्‍योंकि हम उसके बनाए हुए हैं, और मसीह यीशु में उन भले कामों के लिये सृजे गए जिन्‍हें परमेश्वर ने पहिले से हमारे करने के लिये तैयार किया।" (इफिसियों २:१०)

मसीह में हमारा उद्धार इस बात से नहीं होता कि हम कितना कष्ट सह सकते हैं, वरन उससे होता है जो मसीह हमारे लिए पहले ही क्रूस पर सह चुका है। प्रभु यीशु का मार्ग कष्टों द्वारा परिवर्तन का मार्ग नहीं है, वह परमेश्वर का वरदान है, तथा परमेश्वर के प्रेम और अनुग्रह ही से है। - रिचर्ड डी हॉन


हम अपने कर्मों की श्रेष्ठता द्वारा नहीं, परमेश्वर के अनुग्रह से उद्धार पाते हैं; यह हमारे कर्मों का नहीं मसीह के मारे जाने और जी उठने का नतीजा है।

तो उस ने हमारा उद्धार किया: और यह धर्म के कामों के कारण नहीं, जो हम ने आप किए, पर अपनी दया के अनुसार, नए जन्म के स्‍नान, और पवित्र आत्मा के हमें नया बनाने के द्वारा हुआ। - तीतुस ३:५



बाइबल पाठ: इफिसियों २:१-१०

Eph 2:1 और उस ने तुम्हें भी जिलाया, जो अपने अपराधों और पापों के कारण मरे हुए थे।
Eph 2:2 जिन में तुम पहिले इस संसार की रीति पर, और आकाश के अधिकार के हाकिम अर्थात उस आत्मा के अनुसार चलते थे, जो अब भी आज्ञा न मानने वालों में कार्य करता है।
Eph 2:3 इन में हम भी सब के सब पहिले अपने शरीर की लालसाओं में दिन बिताते थे, और शरीर, और मन की मनसाएं पूरी करते थे, और और लोगों के समान स्‍वभाव ही से क्रोध की सन्‍तान थे।
Eph 2:4 परन्‍तु परमेश्वर ने जो दया का धनी है अपने उस बड़े प्रेम के कारण, जिस से उस ने हम से प्रेम किया।
Eph 2:5 जब हम अपराधों के कारण मरे हुए थे, तो हमें मसीह के साथ जिलाया; (अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है।)
Eph 2:6 और मसीह यीशु में उसके साथ उठाया, और स्‍वर्गीय स्थानों में उसके साथ बैठाया।
Eph 2:7 कि वह अपनी उस कृपा से जो मसीह यीशु में हम पर है, आने वाले समयों में अपने अनुग्रह का असीम धन दिखाए।
Eph 2:8 क्‍योंकि विश्वास के द्वारा अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है, और यह तुम्हारी ओर से नहीं, वरन परमेश्वर का दान है।
Eph 2:9 और न कर्मों के कारण, ऐसा न हो कि कोई घमण्‍ड करे।
Eph 2:10 क्‍योंकि हम उसके बनाए हुए हैं, और मसीह यीशु में उन भले कामों के लिये सृजे गए जिन्‍हें परमेश्वर ने पहिले से हमारे करने के लिये तैयार किया।

एक साल में बाइबल:
  • न्यायियों ४-६
  • लूका ४:३१-४४