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मंगलवार, 14 अप्रैल 2015

आशा


   डेविड स्कम की मृत्योप्रांत यादगार सभा में हम ने रोग के कारण ग्रसित मस्तिष्क और नाड़ी तंत्र को प्रतिदिन के सामन्य कार्यों के लिए भी ठीक से उपयोग ना कर पाने वाले व्यक्ति की आशावादिता, विश्वास और धैर्य तथा लगन के साथ डटे रहने का उत्सव मनाया। सेरिब्रल पाल्सी से पीड़ित होने के कारण डेविड को अपने जीवन के सभी 74 वर्षों में दैनिक जीवन के साधारण और सामान्य कार्यों को करने के लिए भी बहुत कठिनाईयों का सामना करना पड़ता था। लेकिन इन सब कठिनाईयों के बावजूद वह सदा मुस्कुराता रहता था, तथा दूसरों की सहायता करता रहता था। उसने अपने जीवन में 23,000 से भी अधिक घंटे अस्पताल में स्वयंसेवी कार्यों में बिताए जहाँ वह उन किशोरों को प्रोत्साहित करता था जो सही देख-रेख के अभाव में किसी खतरे में आ जाते थे।

   डेविड की प्रेर्णा का स्त्रोत था परमेश्वर के वचन बाइबल में से यशायाह की पुस्तक का एक भाग - यशायाह 35:3-10 - "ढीले हाथों को दृढ़ करो और थरथराते हुए घुटनों को स्थिर करो। घबराने वालों से कहो, हियाव बान्धो, मत डरो! देखो, तुम्हारा परमेश्वर पलटा लेने और प्रतिफल देने को आ रहा है। हां, परमेश्वर आकर तुम्हारा उद्धार करेगा। तब लंगड़ा हरिण की सी चौकडिय़ां भरेगा और गूंगे अपनी जीभ से जयजयकार करेंगे। क्योंकि जंगल में जल के सोते फूट निकलेंगे और मरूभूमि में नदियां बहने लगेंगी" (यशायाह 35:3-4, 6)। परमेश्वर ने यह प्रतिज्ञा इस्त्राएल की प्रजा को उनके बंधुआई के समय में दी थी, और आज भी यह प्रतिज्ञा हम मसीही विश्वासियों को हमारी उस आशा का स्मरण करवाती है जब मसीह यीशु अपने अनुयायियों को लेने वापस आएगा।

   अपने जीवन के अन्तिम सप्ताहों में, मिलने आने वालों से डेविड बिस्तर के पास लगे मसीह यीशु के बड़े से चित्र को दिखा कर कहता था, "ये मुझे ले जाने के लिए जल्द ही आने वाले हैं।" यही आशा प्रभु यीशु अपने प्रत्येक विश्वासी को देता है कि वह कभी अकेला या बेसहारा नहीं है - ना इस जीवन में और ना ही इस जीवन के पश्चात; और यही आशा हमारे लिए उसका गुणानुवाद करने, उसका धन्यवादी होने और उसका गवाह होने की प्रेर्णा है। - डेविड मैक्कैसलैंड


ऐसे जीवन व्यतीत करें मानो प्रभु यीशु कल ही गया था, और आज ही वापस आ रहा है।

इतना हो कि तू हियाव बान्धकर और बहुत दृढ़ हो कर जो व्यवस्था मेरे दास मूसा ने तुझे दी है उन सब के अनुसार करने में चौकसी करना; और उस से न तो दाहिने मुड़ना और न बांए, तब जहां जहां तू जाएगा वहां वहां तेरा काम सफल होगा। - यहोशू 1:7

बाइबल पाठ: यशायाह 35:3-10
Isaiah 35:3 ढीले हाथों को दृढ़ करो और थरथराते हुए घुटनों को स्थिर करो। 
Isaiah 35:4 घबराने वालों से कहो, हियाव बान्धो, मत डरो! देखो, तुम्हारा परमेश्वर पलटा लेने और प्रतिफल देने को आ रहा है। हां, परमेश्वर आकर तुम्हारा उद्धार करेगा।
Isaiah 35:5 तब अन्धों की आंखे खोली जाएंगी और बहिरों के कान भी खोले जाएंगे; 
Isaiah 35:6 तब लंगड़ा हरिण की सी चौकडिय़ां भरेगा और गूंगे अपनी जीभ से जयजयकार करेंगे। क्योंकि जंगल में जल के सोते फूट निकलेंगे और मरूभूमि में नदियां बहने लगेंगी 
Isaiah 35:7 मृगतृष्णा ताल बन जाएगी और सूखी भूमि में सोते फूटेंगे; और जिस स्थान में सियार बैठा करते हैं उस में घास और नरकट और सरकण्डे होंगे।
Isaiah 35:8 और वहां एक सड़क अर्थात राजमार्ग होगा, उसका नाम पवित्र मार्ग होगा; कोई अशुद्ध जन उस पर से न चलने पाएगा; वह तो उन्हीं के लिये रहेगा और उस मार्ग पर जो चलेंगे वह चाहे मूर्ख भी हों तौभी कभी न भटकेंगे। 
Isaiah 35:9 वहां सिंह न होगा ओर न कोई हिंसक जन्तु उस पर न चढ़ेगा न वहां पाया जाएगा, परन्तु छुड़ाए हुए उस में नित चलेंगे। 
Isaiah 35:10 और यहोवा के छुड़ाए हुए लोग लौटकर जयजयकार करते हुए सिय्योन में आएंगे; और उनके सिर पर सदा का आनन्द होगा; वे हर्ष और आनन्द पाएंगे और शोक और लम्बी सांस का लेना जाता रहेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 25-26
  • लूका 12:32-59


सोमवार, 13 अप्रैल 2015

कहानी


   ’वायर्ड’ पत्रिका को दिए एक साक्षात्कार में फिल्म निर्माता जौर्ज ल्यूकस से पूछा गया कि वह कैसे चाहेंगे कि उन्हें याद किया जाए? उनका उत्तर था, "एक फिल्मकार के रूप में। संभवतः मेरे द्वारा कही गई कुछ कहानियाँ आगे भी प्रासंगिक बनी रहेंगी। यदि आपने बच्चों की परवरिश करी है तो आप जानते हैं कि आपको उन्हें अनेक बातों को बताना और समझाना पड़ता है। यदि आप ऐसा नहीं करते तो फिर वे उन बातों को कठिन और शायद कुछ गलत तरीकों से सीखेंगे। इसलिए पुरानी कहानियों को भी एक ऐसी नई रीति से जो उस पीढ़ी के लिए अर्थपूर्ण हो, बताना पड़ता है। मैं नहीं सोचता कि मैं कभी उन पुरानी कहानियों से आगे निकलूँगा, क्योंकि उन कहानियों को अभी भी सुनाते रहने की आवश्यकता है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में, भजन 78 के भजनकार को ऐसा आभास था कि परमेश्वर के महान कार्यों को भुला दिया जाएगा, उस पीढ़ी की कथा लुप्त हो जाएगी; इसलिए उसने परमेश्वर के लोगों से कहा कि वे परमेश्वर द्वारा पिछली पीढ़ीयों के साथ किए गए छुटकारे के कार्यों का वर्णन अगली पीढ़ी को सुनाने से कभी हिचकिचाए नहीं, थकें नहीं (पद 4)। इस प्रकार बीती पीढ़ी के इतिहास को दोहराते रहने का उद्देश्य केवल ऐतिहासिक बातों तथा तथ्यों को स्मरण रखना ही नहीं था, वरन ऐसा करने के द्वारा परमेश्वर में विश्वास, आज्ञाकारिता और आशा को बनाए रखना था जिससे आने वाली पीढ़ीयाँ अविश्वास और अनाज्ञाकारिता के अन्धकार तथा उनके दुषप्रभावों में पड़ने से बची रह सकें (पद 7-8)।

   हमारे जीवनों में कार्यकारी परमेश्वर की महान सामर्थ तथा अनुग्रह के कारण हम मसीही विश्वासियों में यह लालसा होनी चाहिए कि हम उसकी इन बातों को दूसरों को बताते रहें, अपने जीवनों में अनुभव करे गए उसके कार्यों की गवाही देते रहें, और लोगों तथा आती पीढ़ीयों को परमेश्वर के प्रति विश्वास एवं आज्ञाकारिता रखने के लिए उभारते रहें, उन्हें प्रेरित करते रहें। - मार्विन विलियम्स


बीते समय में परमेश्वर के अनुग्रह की चर्चा, आते समय में उस पर विश्वास रखने के लिए प्रेरित करती हैं।

और तू इन्हें अपने बाल-बच्चों को समझाकर सिखाया करना, और घर में बैठे, मार्ग पर चलते, लेटते, उठते, इनकी चर्चा किया करना। - व्यवस्थाविवरण 6:7

बाइबल पाठ: भजन 78:1-8
Psalms 78:1 हे मेरे लोगों, मेरी शिक्षा सुनो; मेरे वचनों की ओर कान लगाओ! 
Psalms 78:2 मैं अपना मूंह नीतिवचन कहने के लिये खोलूंगा; मैं प्राचीन काल की गुप्त बातें कहूंगा, 
Psalms 78:3 जिन बातों को हम ने सुना, ओर जान लिया, और हमारे बाप दादों ने हम से वर्णन किया है। 
Psalms 78:4 उन्हें हम उनकी सन्तान से गुप्त न रखेंगें, परन्तु होनहार पीढ़ी के लोगों से, यहोवा का गुणानुवाद और उसकी सामर्थ और आश्चर्यकर्मों का वर्णन करेंगें। 
Psalms 78:5 उसने तो याकूब में एक चितौनी ठहराई, और इस्त्राएल में एक व्यवस्था चलाई, जिसके विषय उसने हमारे पितरों को आज्ञा दी, कि तुम इन्हें अपने अपने लड़के बालों को बताना; 
Psalms 78:6 कि आने वाली पीढ़ी के लोग, अर्थात जो लड़के बाले उत्पन्न होने वाले हैं, वे इन्हें जानें; और अपने अपने लड़के बालों से इनका बखान करने में उद्यत हों, जिस से वे परमेश्वर का आसरा रखें, 
Psalms 78:7 और ईश्वर के बड़े कामों को भूल न जाएं, परन्तु उसकी आज्ञाओं का पालन करते रहें; 
Psalms 78:8 और अपने पितरों के समान न हों, क्योंकि उस पीढ़ी के लोग तो हठीले और झगड़ालू थे, और उन्होंने अपना मन स्थिर न किया था, और न उनकी आत्मा ईश्वर की ओर सच्ची रही।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 22-24
  • लूका 12:1-31



रविवार, 12 अप्रैल 2015

ईमानदारी


   हमारे घर के आस-पास के बहुत से परिवार अपने बाग़ीचे में उगने वाले फल, फूल और उनके पौधों को सड़क के किनारे रखकर बेचते हैं। इनमें से कुछ बेचने वाले, खरीदने वालों की ईमानदारी पर विश्वास रखते हैं; उनके उत्पाद के निकट उन्हें बेचने के लिए कोई खड़ा नहीं रहता। जो ग्राहक उनका उत्पाद खरीदना चाहते हैं वे अपनी पसन्द के अनुसार, और जितना उन्हें चाहिए होता है लेकर वहीं रखे एक गुलक या डिब्बे में उनकी कीमत डाल देते हैं, और सामान लेकर चले जाते हैं।

   लेकिन यह ईमानदारी सदा कार्य नहीं करती। मेरी एक सहेली जैकी ने अपने घर के सामने फूल और फूल के पौधे ईमानदारी पद्धति द्वारा बेचने का स्टॉल लगा रखा है। एक दिन उसने अपनी खिड़की से देखा कि एक महिला ने, जो अच्छे कपड़े पहने हुए थी और अच्छे घर की प्रतीत हो रही थी, उसके स्टॉल के सामने अपनी गाड़ी रोकी और वहाँ रखे फूल और पौधे गाड़ी के अन्दर एक एक करके भरने लगी। मेरी सहेली ने मन ही मन अन्दाज़ा लगाया कि उन फूल पौधों पर लगी उसकी मेहनत और लागत से आज उसे कम से कम 50 डॉलर की कमाई तो हो ही जाएगी; और वह अपने और कार्य में लग गई। थोड़ी देर बाद जाकर जब उसने पैसे डालने वाले डिब्बे में देखा तो वह खाली था - वह महिला बिना कोई कीमत डाले सब कुछ उठा कर ले गई थी। ईमानदारी पद्धति उस महिला के साथ कार्यकारी नहीं रही थी!

   संभवतः उस महिला के लिए इस तरह फूल, पौधे उठा लेना कोई छोटी सी बात थी, लेकिन उसका ऐसा करना उसके अन्दर की प्रवृत्ति को दिखाता है। प्रभु यीशु ने अपने चेलों को सिखाया: "जो थोड़े से थोड़े में सच्चा है, वह बहुत में भी सच्चा है: और जो थोड़े से थोड़े में अधर्मी है, वह बहुत में भी अधर्मी है" (लूका 16:10)। अपने जीवन के हर क्षेत्र में ईमानदारी के द्वारा हम अपने उद्धारकर्ता प्रभु यीशु को आदर देते हैं, उसे संसार के सामने गौरवान्वित करते हैं।

   किसी भी मसीही विश्वासी के लिए अनुसरण करने को सबसे अच्छी ईमानदारी पद्धति है परमेश्वर के वचन बाइबल में कुलुस्सियों की मसीही विश्वासी मण्डली को लिखी बात: "और वचन से या काम से जो कुछ भी करो सब प्रभु यीशु के नाम से करो, और उसके द्वारा परमेश्वर पिता का धन्यवाद करो" (कुलुस्सियों 3:17)। हम मसीही विश्वासियों को चाहिए कि हम जीवन के हर क्षेत्र में अपनी ईमानदारी द्वारा अपने तथा जगत के उद्धारकर्ता प्रभु यीशु के सच्चे गवाह बनकर रहें। - सिंडी कैस्पर


ईमानदारी का अर्थ है किसी भी बात के लिए दूसरों द्वारा देख लिए जाने का भय ना रखना।

सच्चे मनुष्य पर बहुत आशीर्वाद होते रहते हैं, परन्तु जो धनी होने में उतावली करता है, वह निर्दोष नहीं ठहरता। - नीतिवचन 28:20

बाइबल पाठ: लूका 16:1-10
Luke 16:1 फिर उसने चेलों से भी कहा; किसी धनवान का एक भण्‍डारी था, और लोगों ने उसके साम्हने उस पर यह दोष लगाया कि यह तेरी सब संपत्ति उड़ाए देता है। 
Luke 16:2 सो उसने उसे बुलाकर कहा, यह क्या है जो मैं तेरे विषय में सुन रहा हूं? अपने भण्‍डारीपन का लेखा दे; क्योंकि तू आगे को भण्‍डारी नहीं रह सकता। 
Luke 16:3 तब भण्‍डारी सोचने लगा, कि अब मैं क्या करूं क्योंकि मेरा स्‍वामी अब भण्‍डारी का काम मुझ से छीन ले रहा है: मिट्टी तो मुझ से खोदी नहीं जाती: और भीख मांगने से मुझे लज्ज़ा आती है। 
Luke 16:4 मैं समझ गया, कि क्या करूंगा: ताकि जब मैं भण्‍डारी के काम से छुड़ाया जाऊं तो लोग मुझे अपने घरों में ले लें। 
Luke 16:5 और उसने अपने स्‍वामी के देनदारों में से एक एक को बुलाकर पहिले से पूछा, कि तुझ पर मेरे स्‍वामी का क्या आता है? 
Luke 16:6 उसने कहा, सौ मन तेल; तब उसने उस से कहा, कि अपनी खाता-बही ले और बैठकर तुरन्त पचास लिख दे। 
Luke 16:7 फिर दूसरे से पूछा; तुझ पर क्या आता है? उसने कहा, सौ मन गेहूं; तब उसने उस से कहा; अपनी खाता-बही ले कर अस्‍सी लिख दे। 
Luke 16:8 स्‍वामी ने उस अधर्मी भण्‍डारी को सराहा, कि उसने चतुराई से काम किया है; क्योंकि इस संसार के लोग अपने समय के लोगों के साथ रीति व्यवहारों में ज्योति के लोगों से अधिक चतुर हैं। 
Luke 16:9 और मैं तुम से कहता हूं, कि अधर्म के धन से अपने लिये मित्र बना लो; ताकि जब वह जाता रहे, तो वे तुम्हें अनन्त निवासों में ले लें। 
Luke 16:10 जो थोड़े से थोड़े में सच्चा है, वह बहुत में भी सच्चा है: और जो थोड़े से थोड़े में अधर्मी है, वह बहुत में भी अधर्मी है।

एक साल में बाइबल:
  • 1 शमूएल 19-21
  • लूका 11:29-54



शनिवार, 11 अप्रैल 2015

भरपाई


   हम में से कोई यह नहीं कह सकता कि उसे अपने जीवन में किसी बात का पछतावा नहीं है। अनेक बार हम अपने द्वारा किए गए बुरे चुनावों के कारण गलत राह पर चल निकलते हैं, उन निर्णयों के लघु एवं दीर्घकालीन दुषपरिणामों को भुगतते हैं। हमारे द्वारा चुनी गई कुछ गलत राहें छोटी होती हैं और हम उनसे शीघ्र ही बाहर निकल आते हैं, तो कुछ लंबी होती हैं, उनसे बाहर निकलने में हमें समय लगता है और उनके कारण मन, मस्तिष्क और देह पर आए दुषप्रभावों को आगे लंबे समय तक देखा जा सकता है।

   मेरे एक मित्र ने अपने जीवन के अनेक वर्ष शराब और नशीले पदार्थों के सेवन में बिता दिए। लेकिन परमेश्वर ने उसके जीवन में अद्भुत काम किया और उसे इन बुरी आदतों से बाहर निकाला; हाल ही में उसने इन आदतों से मिले छुटकारे के 25 वर्ष पूरे किए हैं। वह आज एक सफल व्यवसायी है, उसके पास उससे बहुत प्रेम करने वाली पत्नी है और उसके बच्चे भी प्रभु यीशु से प्रेम करते हैं। अब उसे जीवन के अन्धेरों में पड़े लोगों को प्रभु यीशु की ज्योति में लाने का बहुत लगाव है और वह ऐसा करता भी रहता है; अपने स्वयं के अनुभवों के कारण वह उन लोगों को समझाने के लिए एक अच्छा और समझदार परामर्शदाता होता है। परमेश्वर ने उसके बीते जीवन की बुराई को आज अन्य लोगों की भलाई के लिए प्रयोग करने का मार्ग और सदबुद्धि उसे प्रदान करी है।

   परमेश्वर किसी को कभी नहीं छोड़ता, किसी से हार नहीं मानता, हमारे पार्थिव जीवन की अन्तिम श्वास तक वह हमारे उस के पास लौट आने की प्रतीक्षा करता है, अवसर और मार्ग देता है। इसलिए चाहे आप ने अपने बीते जीवन में कैसे भी बुरे और गलत चुनाव किए हों, परमेश्वर आपको आज और अभी यह अवसर दे रहा है कि अब आप सही चुनाव कर लें, उसके पक्ष में निर्णय ले लें। यह हमारे ऊपर है कि चाहे तो हम दुषपरिणामों को भोगने और पछतावे में दुखी जीवन बिताते रहें, या फिर साधारण विश्वास में प्रभु यीशु के पास आकर उससे पापों की क्षमा माँग लें, अपना जीवन उसे समर्पित कर दें और उसे अवसर दें कि वह हमारे बिगड़े हुए जीवन को संवार कर उसे अपने तथा दूसरों के लिए लाभकारी बना दे। जब भी हम स्वेच्छा तथा पश्चाताप में आकर विश्वास से उस से अपनी इन बुराईयों से चंगाई तथा स्वतंत्रता माँगते हैं, वह अपने अनुग्रह और दया में होकर हमें प्रदान करता है।

   मसीही विश्वास में आने के बाद हमारे बीते बुरे जीवन के कुछ परिणाम यदि हमारे साथ बने भी रहें, तो भी प्रभु यीशु की हमारे साथ बनी हुई उपस्थिति हमें कभी अकेला नहीं छोड़ती और प्रभु में होकर हमारे लिए एक उज्जवल और महिमामय भविष्य सुरक्षित रहता है। - जो स्टोवैल


हमारे बिगड़े जीवन से कुछ सुन्दर और आकर्षक बनाने के लिए परमेश्वर सदा प्रयासरत रहता है।

जब मैं ने अपना पाप तुझ पर प्रगट किया और अपना अधर्म न छिपाया, और कहा, मैं यहोवा के साम्हने अपने अपराधों को मान लूंगा; तब तू ने मेरे अधर्म और पाप को क्षमा कर दिया। - भजन 32:5

बाइबल पाठ: योएल 2:21-27
Joel 2:21 हे देश, तू मत डर; तू मगन हो और आनन्द कर, क्योंकि यहोवा ने बड़े बड़े काम किए हैं! 
Joel 2:22 हे मैदान के पशुओं, मत डरो, क्योंकि जंगल में चराई उगेगी, और वृक्ष फलने लगेंगे; अंजीर का वृक्ष और दाखलता अपना अपना बल दिखाने लगेंगी। 
Joel 2:23 हे सिय्योनियों, तुम अपने परमेश्वर यहोवा के कारण मगन हो, और आनन्द करो; क्योंकि तुम्हारे लिये वह वर्षा, अर्थात बरसात की पहिली वर्षा बहुतायत से देगा; और पहिले के समान अगली और पिछली वर्षा को भी बरसाएगा। 
Joel 2:24 तब खलिहान अन्न से भर जाएंगे, और रसकुण्ड नये दाखमधु और ताजे तेल से उमड़ेंगे। 
Joel 2:25 और जिन वर्षों की उपज अर्बे नाम टिड्डियों, और येलेक, और हासील ने, और गाजाम नाम टिड्डियों ने, अर्थात मेरे बड़े दल ने जिस को मैं ने तुम्हारे बीच भेजा, खा ली थी, मैं उसकी हानि तुम को भर दूंगा।। 
Joel 2:26 तुम पेट भरकर खाओगे, और तृप्त होगे, और अपने परमेश्वर यहोवा के नाम की स्तुति करोगे, जिसने तुम्हारे लिये आश्चर्य के काम किए हैं। और मेरी प्रजा की आशा फिर कभी न टूटेगी। 
Joel 2:27 तब तुम जानोगे कि मैं इस्राएल के बीच में हूं, और मैं, यहोवा, तुम्हारा परमेश्वर हूं और कोई दूसरा नहीं है। और मेरी प्रजा की आशा फिर कभी न टूटेगी।

एक साल में बाइबल:
  • 1 शमूएल 17-18
  • लूका 11:1-28



शुक्रवार, 10 अप्रैल 2015

सरल


   संयुक्त राज्य अमेरिका के चौथे राष्ट्रपति, जेमस मैडिसन ने अमेरिका के संविधान के बनाए जाने में सहयोग दिया था। उन्होंने अपने सह-कार्यकर्ताओं को सचेत किया था कि वे ऐसे नियम नहीं बनाएं जो इतने भारी-भरकम हों कि पढ़े ना जा सकें, या इतने जटिल हों कि समझे ना जा सकें। आज जब मैं कुछ कार्यों के लिए भरे जाने वाले सरकारी दस्तावेज़ों को देखता हूँ तो मुझे लगता है कि राष्ट्रपति जेम्स मैडिसन की नियम बनाने वालों के द्वारा उनकी यह सलाह अभी तक ठीक से समझी तथा स्वीकार नहीं की गई है।

   ऐसे ही अनेक बार परमेश्वर द्वारा संसार के लिए पापों की क्षमा और उद्धार के सुसमाचार के साथ भी होता है; उस सरल से सुसमाचार को आवश्यकता से अधिक जटिल बना कर प्रस्तुत किया जाता है। लेकिन हम आनन्दित हो सकते हैं कि परमेश्वर द्वारा सारे संसार के उद्धार के लिए दिए गए इस सुसमाचार को परमेश्वर का वचन बाइबल बड़े स्पष्ट और सरलता से समझी जा सकने वाली भाषा में प्रस्तुत करता है। प्रभु यीशु ने निकुदिमुस से, जो शास्त्रों का ज्ञाता तथा धर्माधिकारियों का एक प्रमुख था कहा, "क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए" (यूहन्ना 3:16)। अपने पकड़वाए जाने से पहले चेलों से अपनी बातचीत के दौरान "यीशु ने उस से कहा, मार्ग और सच्चाई और जीवन मैं ही हूं; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुंच सकता" (यूहन्ना 14:6)। अनन्त जीवन पाने के लिए फिल्प्पी के जेलर द्वारा किए गए प्रश्न के उत्तर में प्रेरित पौलुस ने उससे कहा, "...प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास कर, तो तू और तेरा घराना उद्धार पाएगा" (प्रेरितों 16:31); तथा कुरिन्थुस की मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में पौलुस ने उन्हें स्मरण दिलाया "इसी कारण मैं ने सब से पहिले तुम्हें वही बात पहुंचा दी, जो मुझे पहुंची थी, कि पवित्र शास्त्र के वचन के अनुसार यीशु मसीह हमारे पापों के लिये मर गया। और गाड़ा गया; और पवित्र शास्त्र के अनुसार तीसरे दिन जी भी उठा" (1 कुरिन्थियों 15:3-4)।

   जगत से किए गए परमेश्वर के प्रेम की गाथा बहुत सरल है; परमेश्वर ने अपने पुत्र को संसार के सभी लोगों को उनके पापों के दण्ड और अनन्त काल की मृत्यु से बचाने के लिए भेजा, और यह प्रभु यीशु पर स्वेच्छा से लाए गए साधारण विश्वास द्वारा संभव है। यह अद्भुत सुसमाचार इतना सरल है कि एक बच्चा भी इसे समझ सकता है, इतना कारगर है कि संसार का कोई भी व्यक्ति, चाहे वह कितना भी बड़ा पापी क्यों ना समझा जाता हो, इसे स्वीकार करने के द्वारा निश्चित ही क्षमा और उद्धार पा सकता है। इस अवसर को नज़रंदाज़ ना करें, सुसमाचार को स्वीकार कर लें। - डेव ऐगनर


प्रभु यीशु में विश्वास द्वारा हम परमेश्वर से पापों के दण्ड की क्षमा और उद्धार प्राप्त करते हैं।

हम तुम्हें और कुछ नहीं लिखते, केवल वह जो तुम पढ़ते या मानते भी हो, और मुझे आशा है, कि अन्‍त तक भी मानते रहोगे। - 2 कुरिन्थियों 1:13

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 15:1-4, 35, 42-50
1 Corinthians 15:1 हे भाइयों, मैं तुम्हें वही सुसमाचार बताता हूं जो पहिले सुना चुका हूं, जिसे तुम ने अंगीकार भी किया था और जिस में तुम स्थिर भी हो। 
1 Corinthians 15:2 उसी के द्वारा तुम्हारा उद्धार भी होता है, यदि उस सुसमाचार को जो मैं ने तुम्हें सुनाया था स्मरण रखते हो; नहीं तो तुम्हारा विश्वास करना व्यर्थ हुआ। 
1 Corinthians 15:3 इसी कारण मैं ने सब से पहिले तुम्हें वही बात पहुंचा दी, जो मुझे पहुंची थी, कि पवित्र शास्त्र के वचन के अनुसार यीशु मसीह हमारे पापों के लिये मर गया। 
1 Corinthians 15:4 ओर गाड़ा गया; और पवित्र शास्त्र के अनुसार तीसरे दिन जी भी उठा। 

1 Corinthians 15:35 अब कोई यह कहेगा, कि मुर्दे किस रीति से जी उठते हैं, और कैसी देह के साथ आते हैं? 

1 Corinthians 15:42 मुर्दों का जी उठना भी ऐसा ही है। शरीर नाशमान दशा में बोया जाता है, और अविनाशी रूप में जी उठता है। 
1 Corinthians 15:43 वह अनादर के साथ बोया जाता है, और तेज के साथ जी उठता है; निर्बलता के साथ बोया जाता है; और सामर्थ के साथ जी उठता है। 
1 Corinthians 15:44 स्‍वाभाविक देह बोई जाती है, और आत्मिक देह जी उठती है: जब कि स्‍वाभाविक देह है, तो आत्मिक देह भी है। 
1 Corinthians 15:45 ऐसा ही लिखा भी है, कि प्रथम मनुष्य, अर्थात आदम, जीवित प्राणी बना और अन्‍तिम आदम, जीवनदायक आत्मा बना। 
1 Corinthians 15:46 परन्तु पहिले आत्मिक न था, पर स्‍वाभाविक था, इस के बाद आत्मिक हुआ। 
1 Corinthians 15:47 प्रथम मनुष्य धरती से अर्थात मिट्टी का था; दूसरा मनुष्य स्‍वर्गीय है। 
1 Corinthians 15:48 जैसा वह मिट्टी का था वैसे ही और मिट्टी के हैं; और जैसा वह स्‍वर्गीय है, वैसे ही और भी स्‍वर्गीय हैं। 
1 Corinthians 15:49 और जैसे हम ने उसका रूप जो मिट्टी का था धारण किया वैसे ही उस स्‍वर्गीय का रूप भी धारण करेंगे। 
1 Corinthians 15:50 हे भाइयों, मैं यह कहता हूं कि मांस और लोहू परमेश्वर के राज्य के अधिकारी नहीं हो सकते, और न विनाश अविनाशी का अधिकारी हो सकता है।

एक साल में बाइबल:
  • 1 शमूएल 15-16
  • लूका 10:25-42



गुरुवार, 9 अप्रैल 2015

महत्वकांक्षा


   क्या महत्वकांक्षी होना गलत है? क्या सर्वोत्त्म बनने की चाहत रखना और उसके लिए सतत प्रयासरत रहना सही नहीं है? सही या गलत होने का उत्तर निर्भर करता है कि महत्वकांक्षी होने और प्रयास करने के पीछे हमारा लक्ष्य और उद्देश्य क्या है - परमेश्वर की या स्वयं अपनी महिमा करना और करवाना।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में थिस्सुलुनीके की मसीही विश्वासी मण्डली को लिखी अपनी पहली पत्री में प्रेरित पौलुस ने उन्हें लिखा कि वे परमेश्वर को भावते हुए जीवन व्यतीत करने वाले बनें (1 थिस्सलुनीकियों 4:1)। कुछ मसीही विश्वासियों के लिए ऐसा करने का निर्णय मसीही विश्वास में आते ही तात्कालिक होता है, तो कुछ अन्य के लिए यह धीरे धीरे समय के साथ आता है तो कुछ और इसे मसीही विश्वास में आने के बाद भी संसार के प्रति अपने लगाव के कारण संसार से ठोकरें खाने और अपने विश्वास में कमज़ोर गिरते-पड़ते कदम रखकर चलने के द्वारा ही सीखते हैं। यह निर्णय जैसे भी आए, लेकिन प्रत्येक मसीही विश्वासी का यह कर्तव्य है कि वह परमेश्वर द्वारा उसके लिए निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने का प्रयास करे ना कि स्वयं अपने द्वारा निर्धारित लक्ष्यों का (इफिसीयों 2:10)।

   इसलिए अपने कार्य के संबंध में हम मसीही विश्वासियों को प्रश्न करना चाहिए, "क्या मेरे द्वारा यह कार्य लेने से दूसरों और परमेश्वर की सेवा और भली भांति होने पाएगी?" जो भी महत्वकांक्षा परमेश्वर की ओर केंद्रित होगी वह अपने से बाहर और दूसरों की भलाई के प्रति होगी, तथा सदा यह देखेगी कि परमेश्वर ने जो गुण और वरदान हमें प्रदान किए हैं क्या हम उनका प्रयोग उसकी इच्छानुसार कर रहे हैं अथवा नहीं। पौलुस ने कहा कि हम "...मन की सीधाई और परमेश्वर के भय से" (कुलुस्सियों 3:22) प्रत्येक कार्य को करें। हम चाहे जो भी कार्य करें, उसे मनुष्यों को दिखाने या प्रसन्न करने के लिए नहीं वरन परमेश्वर को प्रसन्न करने के लिए करें (पद 23-24)।

   हम परमेश्वर में सबसे अधिक आनन्दित और परमेश्वर को सबसे अधिक महिमान्वित तब ही करने पाते हैं जब हम पूरे उत्साह और उत्कर्षता के साथ उसकी इच्छा को पूरी करते हैं ना कि अपनी; उसकी और उसके लोगों की सेवकाई के लिए कार्य करते हैं ना कि अपनी। हमारी महत्वकांक्षाओं और प्रयत्नों की उत्तमता के प्रयासों का सर्वोत्तम और सर्वाधिक योग्य परमेश्वर ही है। - रैन्डी किलगोर


महान बनने के प्रयासों में हम छोटे ही बनते जाते हैं। - ई. स्टैनली जोन्स

निदान, हे भाइयों, हम तुम से बिनती करते हैं, और तुम्हें प्रभु यीशु में समझाते हैं, कि जैसे तुम ने हम से योग्य चाल चलना, और परमेश्वर को प्रसन्न करना सीखा है, और जैसा तुम चलते भी हो, वैसे ही और भी बढ़ते जाओ। - 1 थिस्सलुनीकियों 4:1 

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 3:22-25
Colossians 3:22 हे सेवकों, जो शरीर के अनुसार तुम्हारे स्‍वामी हैं, सब बातों में उन की आज्ञा का पालन करो, मनुष्यों को प्रसन्न करने वालों की नाईं दिखाने के लिये नहीं, परन्तु मन की सीधाई और परमेश्वर के भय से। 
Colossians 3:23 और जो कुछ तुम करते हो, तन मन से करो, यह समझ कर कि मनुष्यों के लिये नहीं परन्तु प्रभु के लिये करते हो। 
Colossians 3:24 क्योंकि तुम जानते हो कि तुम्हें इस के बदले प्रभु से मीरास मिलेगी: तुम प्रभु मसीह की सेवा करते हो। 
Colossians 3:25 क्योंकि जो बुरा करता है, वह अपनी बुराई का फल पाएगा; वहां किसी का पक्षपात नहीं।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 13-14
  • लूका 10:1-24


बुधवार, 8 अप्रैल 2015

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   पहनने को तैयार कपड़े बेचने वाला एक लोकप्रीय उत्पादक का नियम है कि उसकी दुकान में काम करने वाले वे कर्मचारी जो कपड़ों को बेचने के कार्य से संबंधित हैं, वैसे ही कपड़े पहने जैसे उसकी दुकान में नमूने के तौर पर दुकान में रखे पुतलों को पहनाए जाते हैं। उसका यह करने के पीछे जो तर्क है वह है कि दुकान में आने वाले लोग उन्हीं कपड़ों को खरीदने के अधिक इच्छुक होंगे जिन्हें देख कर वे अन्दर आने को आकर्षित होंगे और फिर अन्दर औरों को पहने देखेंगे।

   आज की इस उपभोगता संसकृति में यह विचार रखना सरल प्रतीत हो सकता है कि हम लोगों को वह खरिदने के लिए आकर्षित कर सकते हैं जो अच्छा दिखने वाले अन्य लोग पहनते हैं। बेचने वाले तो हमें यह भी विश्वास दिलाना चाहते हैं कि बाहर से अच्छा दिखने के कारण हम लोगों को आकर्षक लगते हैं।

   कुछ ऐसी ही विचारधारा अनेक मसीही विश्वासियों में भी पाई जाती है - हम अपने आप को संसार के लिए आकर्षक बनाने के द्वारा लोगों को परमेश्वर की ओर आकर्षित कर सकते हैं। लेकिन परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बताती है कि परमेश्वर की नज़रों में क्या आवश्यक है। परमेश्वर हम से यही चाहता है कि अपने चरित्र में हम मसीह यीशु के समान बनते जाएं, संसार के लोगों को प्रभु यीशु के समान दिखाई दें (रोमियों 8:29); यही हमारी छाप है। जब हम अपने जीवनों में प्रभु यीशु के गुणों को, जिनमें करुणा, भलाई, दीनता, सहनशीलता और प्रेम सम्मिलित हैं दिखाते हैं (कुलुस्सियों 3:12) तब ही हमारे जीवन लोगों को परमेश्वर की ओर आकर्षित करने वाले होते हैं।

   बजाए इसके कि हम अपनी ही छवि को चमकाते तथा लोगों के सामने प्रस्तुत करते रहें, हमें चाहिए कि हम प्रभु यीशु की छवि को अपने जीवनों में दिखाएं और सुरक्षित बनाए रखें, क्योंकि हम उसी के स्वरूप में ढाले जा रहे हैं। - जूली ऐकैरमैन लिंक


परमेश्वर के पवित्र आत्मा का एक कार्य है मसीही विश्वासियों को मसीह यीशु की समानता में ढालता जाए।

क्योंकि जिन्हें उसने पहिले से जान लिया है उन्हें पहिले से ठहराया भी है कि उसके पुत्र के स्वरूप में हों ताकि वह बहुत भाइयों में पहिलौठा ठहरे। - रोमियों 8:29

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 3:1-14
Colossians 3:1 सो जब तुम मसीह के साथ जिलाए गए, तो स्‍वर्गीय वस्‍तुओं की खोज में रहो, जहां मसीह वर्तमान है और परमेश्वर के दाहिनी ओर बैठा है। 
Colossians 3:2 पृथ्वी पर की नहीं परन्तु स्‍वर्गीय वस्‍तुओं पर ध्यान लगाओ। 
Colossians 3:3 क्योंकि तुम तो मर गए, और तुम्हारा जीवन मसीह के साथ परमेश्वर में छिपा हुआ है। 
Colossians 3:4 जब मसीह जो हमारा जीवन है, प्रगट होगा, तब तुम भी उसके साथ महिमा सहित प्रगट किए जाओगे। 
Colossians 3:5 इसलिये अपने उन अंगो को मार डालो, जो पृथ्वी पर हैं, अर्थात व्यभिचार, अशुद्धता, दुष्‍कामना, बुरी लालसा और लोभ को जो मूर्ति पूजा के बराबर है। 
Colossians 3:6 इन ही के कारण परमेश्वर का प्रकोप आज्ञा न मानने वालों पर पड़ता है। 
Colossians 3:7 और तुम भी, जब इन बुराइयों में जीवन बिताते थे, तो इन्‍हीं के अनुसार चलते थे। 
Colossians 3:8 पर अब तुम भी इन सब को अर्थात क्रोध, रोष, बैरभाव, निन्‍दा, और मुंह से गालियां बकना ये सब बातें छोड़ दो। 
Colossians 3:9 एक दूसरे से झूठ मत बोलो क्योंकि तुम ने पुराने मनुष्यत्‍व को उसके कामों समेत उतार डाला है। 
Colossians 3:10 और नए मनुष्यत्‍व को पहिन लिया है जो अपने सृजनहार के स्‍वरूप के अनुसार ज्ञान प्राप्त करने के लिये नया बनता जाता है। 
Colossians 3:11 उस में न तो यूनानी रहा, न यहूदी, न खतना, न खतनारिहत, न जंगली, न स्‍कूती, न दास और न स्‍वतंत्र: केवल मसीह सब कुछ और सब में है।
Colossians 3:12 इसलिये परमेश्वर के चुने हुओं की नाईं जो पवित्र और प्रिय हैं, बड़ी करूणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो। 
Colossians 3:13 और यदि किसी को किसी पर दोष देने को कोई कारण हो, तो एक दूसरे की सह लो, और एक दूसरे के अपराध क्षमा करो: जैसे प्रभु ने तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी करो। 
Colossians 3:14 और इन सब के ऊपर प्रेम को जो सिद्धता का कटिबन्‍ध है बान्‍ध लो।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 10-12
  • लूका 9:37-62