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शनिवार, 8 जुलाई 2017

साधारण लोग


   परमेश्वर के वचन बाइबल में न्यायियों की पुस्तक के 6 अध्याय में दर्ज गिदोन की कहानी मुझे प्रेरणा देती है। गिदोन एक किसान था, और स्वभाव से डरपोक भी। जब परमेश्वर ने गिदोन से कहा कि वह इस्त्राएलियों को मिदियानियों के हाथों से छुड़ाए तो गिदोन की प्रतिक्रिया थी, "हे मेरे प्रभु, बिनती सुन, मैं इस्राएल को क्योंकर छुड़ाऊ? देख, मेरा कुल मनश्शे में सब से कंगाल है, फिर मैं अपने पिता के घराने में सब से छोटा हूं" (न्यायियों 6:15)। लेकिन परमेश्वर ने गिदोन को आश्वस्त किया कि वह उसके साथ रहेगा और परमेश्वर की सहायता से गिदोन वह करने पाएगा जो उसे कहा जा रहा है (पद 16)। गिदोन ने परमेश्वर की बात मानी और उसकी आज्ञाकारिता के कारण इस्त्राएल को विजय मिली, और गिदोन का नाम विश्वास के महान नायकों की सूची में लिखा गया (इब्रानियों 11:32)।

   इस्त्राएलियों को मिदियानियों की प्रबल हाथों से छुड़ाने की इस योजना में कई अन्य लोगों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। परमेश्वर ने गिदोन के साथ 300 और लोगों को खड़ा किया, जो सभी वीर योद्धा थे। हमें उनके नाम तो नहीं बताए गए हैं परन्तु उनकी वीरता और आज्ञाकारिता बाइबल में लिखी गई है (न्यायियों 7:5-23)।

   परमेश्वर आज भी साधारण लोगों को अपने लिए असाधारण कार्य करने के लिए बुला रहा है (1 कुरिन्थियों 1:26-27); उसका वायदा है कि जब हम उसके कहे के अनुसार आगे बढ़ेंगे, तो वह और उसकी सामर्थ्य हम में होकर उन कार्यों को पूरा करेगी। क्योंकि हम परमेश्वर के लिए कार्य करने को आगे आए साधारण लोग हैं, इसलिए यह प्रकट है हमारी अपनी सामर्थ्य या बुद्धिमानी नहीं वरन परमेश्वर की सामर्थ्य और योजना हम में होकर कार्य करेगी, साधारण से असाधारण करवाएगी। परमेश्वर की आज्ञाकारिता में निश्चिंत होकर आगे बढ़ें, और परमेश्वर की महिमा होने का माध्यम बनें। - पो फैंग चिया


परमेश्वर साधारण लोगों में होकर अपने असाधारण कार्य पूरे करता है।

हे भाइयो, अपने बुलाए जाने को तो सोचो, कि न शरीर के अनुसार बहुत ज्ञानवान, और न बहुत सामर्थी, और न बहुत कुलीन बुलाए गए। परन्तु परमेश्वर ने जगत के मूर्खों को चुन लिया है, कि ज्ञान वालों को लज्ज़ित करे; और परमेश्वर ने जगत के निर्बलों को चुन लिया है, कि बलवानों को लज्ज़ित करे। - 1 कुरिन्थियों 1:26-27

बाइबल पाठ: न्यायियों 6:1-16
Judges 6:1 तब इस्राएलियों ने यहोवा की दृष्टि में बुरा किया, इसलिये यहोवा ने उन्हें मिद्यानियों के वश में सात वर्ष कर रखा। 
Judges 6:2 और मिद्यानी इस्राएलियों पर प्रबल हो गए। मिद्यानियों के डर के मारे इस्राएलियों ने पहाड़ों के गहरे खड्डों, और गुफाओं, और किलों को अपने निवास बना लिए। 
Judges 6:3 और जब जब इस्राएली बीज बोते तब तब मिद्यानी और अमालेकी और पूर्वी लोग उनके विरुद्ध चढ़ाई कर के 
Judges 6:4 अज्जा तक छावनी डाल डालकर भूमि की उपज नाश कर डालते थे, और इस्राएलियों के लिये न तो कुछ भोजनवस्तु, और न भेड़-बकरी, और न गाय-बैल, और न गदहा छोड़ते थे। 
Judges 6:5 क्योंकि वे अपने पशुओं और डेरों को लिये हुए चढ़ाई करते, और टिड्डियों के दल के समान बहुत आते थे; और उनके ऊंट भी अनगिनत होते थे; और वे देश को उजाड़ने के लिये उस में आया करते थे। 
Judges 6:6 और मिद्यानियों के कारण इस्राएली बड़ी दुर्दशा में पड़ गए; तब इस्राएलियों ने यहोवा की दोहाई दी।
Judges 6:7 जब इस्राएलियों ने मिद्यानियों के कारण यहोवा की दोहाई दी, 
Judges 6:8 तब यहोवा ने इस्राएलियों के पास एक नबी को भेजा, जिसने उन से कहा, इस्राएल का परमेश्वर यहोवा यों कहता है, कि मैं तुम को मिस्र में से ले आया, और दासत्व के घर से निकाल ले आया; 
Judges 6:9 और मैं ने तुम को मिस्रियों के हाथ से, वरन जितने तुम पर अन्धेर करते थे उन सभों के हाथ से छुड़ाया, और उन को तुम्हारे साम्हने से बरबस निकाल कर उनका देश तुम्हें दे दिया; 
Judges 6:10 और मैं ने तुम से कहा, कि मैं तुम्हारा परमेश्वर यहोवा हूं; एमोरी लोग जिनके देश में तुम रहते हो उनके देवताओं का भय न मानना। परन्तु तुम ने मेरा कहना नहीं माना।
Judges 6:11 फिर यहोवा का दूत आकर उस बांजवृझ के तले बैठ गया, जो ओप्रा में अबीएजेरी योआश का था, और उसका पुत्र गिदोन एक दाखरस के कुण्ड में गेहूं इसलिये झाड़ रहा था कि उसे मिद्यानियों से छिपा रखे। 
Judges 6:12 उसको यहोवा के दूत ने दर्शन देकर कहा, हे शूरवीर सूरमा, यहोवा तेरे संग है। 
Judges 6:13 गिदोन ने उस से कहा, हे मेरे प्रभु, बिनती सुन, यदि यहोवा हमारे संग होता, तो हम पर यह सब विपत्ति क्यों पड़ती? और जितने आश्चर्यकर्मों का वर्णन हमारे पुरखा यह कहकर करते थे, कि क्या यहोवा हम को मिस्र से छुड़ा नहीं लाया, वे कहां रहे? अब तो यहोवा ने हम को त्याग दिया, और मिद्यानियों के हाथ कर दिया है। 
Judges 6:14 तब यहोवा ने उस पर दृष्टि कर के कहा, अपनी इसी शक्ति पर जा और तू इस्राएलियों को मिद्यानियों के हाथ से छुड़ाएगा; क्या मैं ने तुझे नहीं भेजा? 
Judges 6:15 उसने कहा, हे मेरे प्रभु, बिनती सुन, मैं इस्राएल को क्योंकर छुड़ाऊ? देख, मेरा कुल मनश्शे में सब से कंगाल है, फिर मैं अपने पिता के घराने में सब से छोटा हूं। 
Judges 6:16 यहोवा ने उस से कहा, निश्चय मैं तेरे संग रहूंगा; सो तू मिद्यानियों को ऐसा मार लेगा जैसा एक मनुष्य को। 

एक साल में बाइबल: 
  • अय्युब 36-37
  • प्रेरितों 15:22-41


शुक्रवार, 7 जुलाई 2017

साथ


   कालेब बीमार था, बहुत बीमार! उसे स्नायु तंत्रिकाओं की बीमारी थी, जिस के कारण वह 5 वर्षीय बालक अस्थायी लकवे से ग्रसित था। उसके चिंतित माता-पिता उसके चँगा होने के लिए प्रार्थना तथा प्रतीक्षा कर रहे थे। धीरे-धीरे कालेब ठीक होने लगा। कई महीनों के बाद डॉक्टरों ने कहा कि अब वह स्कूल जा सकता है, लेकिन तब भी कालेब केवल एक धीमी, असंतुलित चाल ही चल पाता था।

   एक दिन उसके पिता उसे देखने स्कूल पहुँचे और उन्होंने अवकाश के समय में कालेब को बड़े प्रयास के साथ रुक-रुक कर सीढ़ी उतरते और खेल के मैदान की ओर आते देखा। साथ ही उन्होंने देखा कि कालेब का मित्र टायलर उसके पास आया और उसके साथ चलने लगा। उस पूरे अवकाश के समय में टायलर अपने मित्र के साथ खेल के मैदान में धीरे-धीरे चलता रहा जबकि बाकि बच्चे दौड़ लगा रहे थे, खेल रहे थे, उछल-कूद कर रहे थे।

   परमेश्वर के वचन बाइबल के पात्र, अय्युब का भी मन था कि उसे एक मित्र मिले, जो टायलर के समान ही उसके साथ रहे। लेकिन उसके दुःख में जो मित्र उससे मिलने आए, वे अपनी धारणा में दृढ़ थे कि अय्युब में ही कोई बुराई थी जिसके कारण वह दुःख में पड़ा था; उन मित्रों में से एक, एलिफाज़ ने पूछा, "क्या तुझे मालूम है कि कोई निर्दोष भी कभी नाश हुआ है? या कहीं सज्जन भी काट डाले गए?" (अय्युब 4:7); अपने मित्रों से ऐसे दोषारोपण को सुनकर अय्युब ने उन से कहा, "ऐसी बहुत सी बातें मैं सुन चुका हूँ, तुम सब के सब निकम्मे शान्तिदाता हो। क्या व्यर्थ बातों का अन्त कभी होगा?" (अय्युब 16:2)।

   लेकिन प्रभु यीशु का व्यवहार इससे बहुत भिन्न था। क्रूस पर चढ़ाए जाने से पहले की संध्या को, यद्यपि वे जानते थे कि थोड़ी देर में उनके शिष्यों में से एक उन्हें पकड़वाएगा, और फिर यातनाएं देने के बाद उन्हें क्रूस पर चढ़ाया जाएगा, फिर भी उन्होंने अपने शिष्यों का ढाढ़स बढ़ाने और उन्हें आश्वस्त करने, शान्ति देने का कार्य किया। प्रभु ने अपने शिष्यों को पवित्र-आत्मा का आश्वासन दिया, जो सदा उनके साथ रहेगा (यूहन्ना 14:16-17), और उनसे वायदा किया कि, "मैं तुम्हें अनाथ न छोडूंगा, मैं तुम्हारे पास आता हूं" (यूहन्ना 14:18)। मृतकों में से अपने पुनरुत्थान के पश्चात, अपने स्वर्गारोहण से ठीक पहले, प्रभु ने अपने शिष्यों को फिर से आश्वस्त किया, "...और देखो, मैं जगत के अन्‍त तक सदैव तुम्हारे संग हूं" (मत्ती 28:20)|

   प्रभु आज भी हमें कभी अकेला नहीं छोड़ता है; हमारे प्रत्येक कदम के साथ वह कदम मिला कर चलता है, वह सदा हमारे साथ साथ बना रहता है। - टिम गस्टाफसन


कभी-कभी यीशु के समान होने का एक अच्छा तरीका होता है 
शान्ति के साथ किसी आहत मित्र के साथ बैठना।

और मैं पिता से बिनती करूंगा, और वह तुम्हें एक और सहायक देगा, कि वह सर्वदा तुम्हारे साथ रहे। अर्थात सत्य का आत्मा, जिसे संसार ग्रहण नहीं कर सकता, क्योंकि वह न उसे देखता है और न उसे जानता है: तुम उसे जानते हो, क्योंकि वह तुम्हारे साथ रहता है, और वह तुम में होगा। - यूहन्ना 14:16-17

बाइबल पाठ: अय्युब 16:1-5
Job 16:1 तब अय्यूब ने कहा, 
Job 16:2 ऐसी बहुत सी बातें मैं सुन चुका हूँ, तुम सब के सब निकम्मे शान्तिदाता हो। क्या व्यर्थ बातों का अन्त कभी होगा? 
Job 16:3 तू कौन सी बात से झिड़ककर उत्तर देता। 
Job 16:4 जो तुम्हारी दशा मेरी सी होती, तो मैं भी तुम्हारी सी बातें कर सकता; मैं भी तुम्हारे विरुद्ध बातें जोड़ सकता, और तुम्हारे विरुद्ध सिर हिला सकता। 
Job 16:5 वरन मैं अपने वचनों से तुम को हियाव दिलाता, और बातों से शान्ति देकर तुम्हारा शोक घटा देता। 

एक साल में बाइबल: 
  • अय्युब 34-35
  • प्रेरितों 15:1-21


गुरुवार, 6 जुलाई 2017

पत्र


   दो दशकों से भी अधिक समय से, एन्ड्रयू कैरॉल लोगों से आग्रह करते आ रहे हैं कि युद्ध के समय में परिवार या मित्र जनों द्वारा लिखे गए पत्रों को नष्ट नहीं करें। कैरॉल, जो कैलिफोर्निया के चैपमैन विश्वविद्यालय में अमेरिका के युद्ध काल के पत्रों के केंद्र निर्देशक हैं, उन पत्रों को परिवारों को आपस में जोड़ने और एक दूसरे को समझने के लिए अति महत्वपूर्ण धरोहर मानते हैं। उनका कहना है कि वर्तमान युवा पीढ़ी उन पत्रों को पढ़ रही है, उन पर आधारित प्रश्न पूछ रही है और कह रही है कि ’अब हम समझ सकते हैं कि आप ने क्या कुछ बलिदान किया है; क्या कुछ सहा है।’

   परमेश्वर के वचन बाइबल में जब प्रेरित पौलुस रोम में बन्दी था और उसे ज्ञात हुआ कि अब उसका अन्त समय निकट है, तो उसने एक युवा मसीही विश्वासी तिमुथियुस को, जिसे वह अपना "विश्वास में पुत्र" मानता था, पत्र लिखा और उसे अपने मन की बात खोल कर लिखी: "क्योंकि अब मैं अर्घ की नाईं उंडेला जाता हूं, और मेरे कूच का समय आ पहुंचा है। मैं अच्छी कुश्‍ती लड़ चुका हूं मैं ने अपनी दौड़ पूरी कर ली है, मैं ने विश्वास की रखवाली की है। भविष्य में मेरे लिये धर्म का वह मुकुट रखा हुआ है, जिसे प्रभु, जो धर्मी, और न्यायी है, मुझे उस दिन देगा और मुझे ही नहीं, वरन उन सब को भी, जो उसके प्रगट होने को प्रिय जानते हैं" (2 तिमुथियुस 4:6-8)।

   जब हम बाइबल में संकलित उन पत्रों को जिन्हें विश्वास के नायकों ने लिखा है पढ़ते हैं, और उनसे हमें पता चलता है कि मसीह यीशु के प्रति अपने प्रेम के लिए उन्होंने क्या कुछ सहा, तो हमें साहस मिलता है कि हम भी उनके विश्वास और उदाहरण का अनुसरण करें, और उनके समान ही भावी पीढ़ीयों के लिए उदाहारण छोड़ जाएं। हमारे जीवन ही वे पत्र हैं जिन्हें पढ़कर लोग हमारे मसीही विश्वास की विश्वसनियता को जानेंगे। - डेविड मैक्कैसलैंड


अनन्त को ध्यान में रखते हुए अपने जीवन की दौड़ को पूरा करें।

हमारी पत्री तुम ही हो, जो हमारे हृदयों पर लिखी हुई है, और उसे सब मनुष्य पहिचानते और पढ़ते है। यह प्रगट है, कि तुम मसीह की पत्री हो, जिस को हम ने सेवकों के समान लिखा; और जो सियाही से नहीं, परन्तु जीवते परमेश्वर के आत्मा से पत्थर की पटियों पर नहीं, परन्तु हृदय की मांस रूपी पटियों पर लिखी है। - 2 कुरिन्थियों 3:2-3

बाइबल पाठ: 2 तिमुथियुस 4:1-8
2 Timothy 4:1 परमेश्वर और मसीह यीशु को गवाह कर के, जो जीवतों और मरे हुओं का न्याय करेगा, उसे और उसके प्रगट होने, और राज्य को सुधि दिलाकर मैं तुझे चिताता हूं। 
2 Timothy 4:2 कि तू वचन को प्रचार कर; समय और असमय तैयार रह, सब प्रकार की सहनशीलता, और शिक्षा के साथ उलाहना दे, और डांट, और समझा। 
2 Timothy 4:3 क्योंकि ऐसा समय आएगा, कि लोग खरा उपदेश न सह सकेंगे पर कानों की खुजली के कारण अपनी अभिलाषाओं के अनुसार अपने लिये बहुतेरे उपदेशक बटोर लेंगे। 
2 Timothy 4:4 और अपने कान सत्य से फेरकर कथा-कहानियों पर लगाएंगे। 
2 Timothy 4:5 पर तू सब बातों में सावधान रह, दुख उठा, सुसमाचार प्रचार का काम कर और अपनी सेवा को पूरा कर। 
2 Timothy 4:6 क्योंकि अब मैं अर्घ की नाईं उंडेला जाता हूं, और मेरे कूच का समय आ पहुंचा है। 
2 Timothy 4:7 मैं अच्छी कुश्‍ती लड़ चुका हूं मैं ने अपनी दौड़ पूरी कर ली है, मैं ने विश्वास की रखवाली की है। 
2 Timothy 4:8 भविष्य में मेरे लिये धर्म का वह मुकुट रखा हुआ है, जिसे प्रभु, जो धर्मी, और न्यायी है, मुझे उस दिन देगा और मुझे ही नहीं, वरन उन सब को भी, जो उसके प्रगट होने को प्रिय जानते हैं। 

एक साल में बाइबल: 
  • अय्युब 25-27
  • प्रेरितों 12


बुधवार, 5 जुलाई 2017

निमंत्रण


   जब प्रभु यीशु इस पृथ्वी पर थे, तो वे लोगों को अपने पास आने का निमंत्रण दिया करते थे, और उनका यह निमंत्रण आज भी संसार के प्रत्येक जन के लिए उपलब्ध है (यूहन्ना 6:35)। लेकिन प्रभु तथा परमेश्वर पिता के पास ऐसा क्या है जो वे हमें देना चाहते हैं, और जो कहीं और, किसी अन्य के पास उपलब्ध नहीं है? परमेश्वर का वचन बाइबल हमें ऐसी कई बातें बताती है जो हमें प्रभु परमेश्वर से सेंत-मेंत, उपहार स्वरूप, उन पर विश्वास लाने और उनके प्रति अपना जीवन समर्पण करने से मिलती हैं:

   उद्धार: पापों की क्षमा और अनन्त जीवन पाने के लिए प्रभु यीशु ही एकमात्र मार्ग हैं - "क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए" (यूहन्ना 3:16); और "यीशु ने उस से कहा, मार्ग और सच्चाई और जीवन मैं ही हूं; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुंच सकता" (यूहन्ना 14:6)।
   
   सुरक्षा: यदि हम अपना प्राण, देह, आत्मा प्रभु को समर्पित करके उसके शिष्य बनकर पीछे हो लेते हैं तो कोई भी सांसारिक हानि, हमारे लिए हानि नहीं होगी - "उसने भीड़ को अपने चेलों समेत पास बुलाकर उन से कहा, जो कोई मेरे पीछे आना चाहे, वह अपने आपे से इन्कार करे और अपना क्रूस उठा कर, मेरे पीछे हो ले। क्योंकि जो कोई अपना प्राण बचाना चाहे वह उसे खोएगा, पर जो कोई मेरे और सुसमाचार के लिये अपना प्राण खोएगा, वह उसे बचाएगा" (मरकुस 8:34-35)।

   शान्ति: हमारा प्रभु परमेश्वर प्रत्येक परिस्थिति, परेशानी में हमें मार्गदर्शन, शान्ति और सांत्वना देने के लिए सदैव हमारे साथ रहेगा - "हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर, और पिता का धन्यवाद हो, जो दया का पिता, और सब प्रकार की शान्‍ति का परमेश्वर है। वह हमारे सब क्‍लेशों में शान्‍ति देता है; ताकि हम उस शान्‍ति के कारण जो परमेश्वर हमें देता है, उन्हें भी शान्‍ति दे सकें, जो किसी प्रकार के क्‍लेश में हों" (2 कुरिन्थियों 1:3-4)।

   बुद्धिमत्ता: प्रभु परमेश्वर का आश्वासन है वह हमें बुद्धि प्रदान करेगा - "पर यदि तुम में से किसी को बुद्धि की घटी हो, तो परमेश्वर से मांगे, जो बिना उलाहना दिए सब को उदारता से देता है; और उसको दी जाएगी" (याकूब 1:5)।

   सामर्थ्य: यदि हम श्रमित और थके भी हों, प्रभु हमें नई साम्र्थ्य से भर देगा - "वह थके हुए को बल देता है और शक्तिहीन को बहुत सामर्थ देता है। तरूण तो थकते और श्रमित हो जाते हैं, और जवान ठोकर खाकर गिरते हैं; परन्तु जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वे नया बल प्राप्त करते जाएंगे, वे उकाबों की नाईं उड़ेंगे, वे दौड़ेंगे और श्रमित न होंगे, चलेंगे और थकित न होंगे" (यशायाह 40:29-31)।

   बहुतायत का जीवन: जीवन को उसकी संपूर्णता में जीने और उसका आनन्द लेने के क्षमता हमें प्रभु से मिलती है - "चोर किसी और काम के लिये नहीं परन्तु केवल चोरी करने और घात करने और नष्‍ट करने को आता है। मैं इसलिये आया कि वे जीवन पाएं, और बहुतायत से पाएं" (यूहन्ना 10:10)।

प्रभु यीशु का संसार के प्रत्येक जन के लिए खुला निमंत्रण है, "हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा" (मत्ती 11:28) और "जो कुछ पिता मुझे देता है वह सब मेरे पास आएगा, उसे मैं कभी न निकालूंगा" (यूहन्ना 6:37)। - ऐनी सेटास


प्रभु यीशु आशीषित जीवन देने के लिए हमें बुलाता है।

तुम पवित्र शास्त्र में ढूंढ़ते हो, क्योंकि समझते हो कि उस में अनन्त जीवन तुम्हें मिलता है, और यह वही है, जो मेरी गवाही देता है। फिर भी तुम जीवन पाने के लिये मेरे पास आना नहीं चाहते। - यूहन्ना 5:39-40

बाइबल पाठ: यूहन्ना 6:28-40
John 6:28 उन्होंने उस से कहा, परमेश्वर के कार्य करने के लिये हम क्या करें? 
John 6:29 यीशु ने उन्हें उत्तर दिया; परमेश्वर का कार्य यह है, कि तुम उस पर, जिसे उसने भेजा है, विश्वास करो।
John 6:30 तब उन्होंने उस से कहा, फिर तू कौन सा चिन्ह दिखाता है कि हम उसे देखकर तेरी प्रतीति करें, तू कौन सा काम दिखाता है? 
John 6:31 हमारे बाप दादों ने जंगल में मन्ना खाया; जैसा लिखा है; कि उसने उन्हें खाने के लिये स्वर्ग से रोटी दी। 
John 6:32 यीशु ने उन से कहा, मैं तुम से सच सच कहता हूं कि मूसा ने तुम्हें वह रोटी स्वर्ग से न दी, परन्तु मेरा पिता तुम्हें सच्ची रोटी स्वर्ग से देता है।
John 6:33 क्योंकि परमेश्वर की रोटी वही है, जो स्वर्ग से उतरकर जगत को जीवन देती है।
John 6:34 तब उन्होंने उस से कहा, हे प्रभु, यह रोटी हमें सर्वदा दिया कर। 
John 6:35 यीशु ने उन से कहा, जीवन की रोटी मैं हूं: जो मेरे पास आएगा वह कभी भूखा न होगा और जो मुझ पर विश्वास करेगा, वह कभी प्यासा न होगा। 
John 6:36 परन्तु मैं ने तुम से कहा, कि तुम ने मुझे देख भी लिया है, तोभी विश्वास नहीं करते। 
John 6:37 जो कुछ पिता मुझे देता है वह सब मेरे पास आएगा, उसे मैं कभी न निकालूंगा।
John 6:38 क्योंकि मैं अपनी इच्छा नहीं, वरन अपने भेजने वाले की इच्छा पूरी करने के लिये स्वर्ग से उतरा हूं। 
John 6:39 और मेरे भेजने वाले की इच्छा यह है कि जो कुछ उसने मुझे दिया है, उस में से मैं कुछ न खोऊं परन्तु उसे अंतिम दिन फिर जिला उठाऊं। 
John 6:40 क्योंकि मेरे पिता की इच्छा यह है, कि जो कोई पुत्र को देखे, और उस पर विश्वास करे, वह अनन्त जीवन पाए; और मैं उसे अंतिम दिन फिर जिला उठाऊंगा। 

एक साल में बाइबल: 
  • अय्युब 30-31
  • प्रेरितों 13:26-52


मंगलवार, 4 जुलाई 2017

हृदय परिवर्तन


   पुरातत्ववेताओं को 1879 में, वर्तमान इराक (बाइबल के बैबिलोन/बाबुल) से एक छोटी किंतु विलक्षण वस्तु मिली। उस बेलनाकार वस्तु की लंबाई केवल 9 इन्च ही है; और उसे Cyrus Cylinder (सायरस सिलिंडर) कहा गया क्योंकि उसमें राजा कुस्त्रु (Cyrus) द्वारा 2500 वर्ष पहले किए गए एक महत्वपूर्ण कार्य का वर्णन है। उसमें लिखा है कि राजा कुस्त्रु ने लोगों के एक समूह को वापस अपने देश लौट जाने दिया जिससे कि वे जाकर अपने देश के "पवित्र नगरों" को फिर से बनाएं।

   यही घटना परमेश्वर के वचन बाइबल में एज़्रा की पुस्तक के आरंभ में भी लिखी गई है, जहाँ हम पढ़ते हैं कि, "फारस के राजा कुस्रू के पहिले वर्ष में यहोवा ने फारस के राजा कुस्रू का मन उभारा..." (एज़्रा 1:1)। राजा कुस्त्रु ने कहा कि वह बाबुल से कुछ बन्दियों को मुक्त कर रहा है जिससे वे अपने घर यरुशलेम को लौट जाएं, और वहाँ जाकर अपने घरों को और अपने परमेश्वर के मन्दिर को फिर से बनाएं (पद 2-5)। लेकिन इस कहानी से संबंधित और भी कुछ विशेष बात है। यरुशलेम से बाबुल लाए गए उन बन्दियों में से एक बन्दी दानिय्येल ने अपने तथा अपने लोगों के पापों का परमेश्वर के सम्मुख अंगीकार किया और परमेश्वर से विनती की कि वह अपने लोगों को बाबुल की बन्धुवाई से मुक्त करे (दनिय्येल 9); प्रत्युत्तर में परमेश्वर ने एक स्वर्गदूत को दानिय्येल के पास भेजा (पद 20-21)। इसके बाद हम पाते हैं कि परमेश्वर ने राजा कुस्त्रु के दिल को परिवर्तित किया कि वह उन इस्त्राएली बन्दियों को जाने दे (देखें यर्मियाह 25:11-12; 39:10)।

   परमेश्वर का वचन और सायरस सिलिंडर मिल-जुल कर हमें सप्रमाण दिखाते हैं कि परमेश्वर ने एक अन्य जाति तथा गैर यहूदी राजा का भी ऐसा हृदय परिवर्तन किया, कि उसने अपने देश के लोगों की गुलामी में आए इस्त्राएलियों को मुक्त होकर वापस अपने देश चले जाने की आज्ञा दी जिससे कि वे जाकर अपने परमेश्वर की आराधना करने पाएं, उसके लिए मन्दिर को पुनः बनाने पाएं।

   हमारे लिए आज यह घटना बहुत अर्थपूर्ण है। इस संसार में, जो नियंत्रण से बाहर हो चुका प्रतीत होता है, हम आश्वस्त रह सकते हैं कि हमारा प्रभु परमेश्वर संसार के अधिकारियों के हृदयों को परिवर्तित कर सकता है। ऐसा कहना कोई कल्पना नहीं वरन बाइबल का स्पष्ट कथन है: "राजा का मन नालियों के जल के समान यहोवा के हाथ में रहता है, जिधर वह चाहता उधर उसको फेर देता है" (नीतिवचन 21:1); क्योंकि " ...कोई अधिकार ऐसा नहीं, जो परमेश्वर की ओर से न हो; और जो अधिकार हैं, वे परमेश्वर के ठहराए हुए हैं" (रोमियों 13:1)।

   हमारा प्रभु परमेश्वर, जो हमारे तथा हमारे अधिकारियों के हृदयों को परिवर्तित कर सकता है, प्रत्येक परिस्थिति पर नियंत्रण रखता है, और इस बिगड़ते हुए संसार में भी हम उस पर अपना भरोसा बनाए रख सकते हैं। हम उससे प्रार्थना करते रहें कि वह हृदय परिवर्तन के इस कार्य को ज़ारी रखे। - डेव ब्रैनन


असंतोष प्रकट करने और शिकायत करने के स्थान पर प्रार्थना करें।

इस प्रकार मैं प्रार्थना करता, और अपने और अपने इस्राएली जाति भाइयों के पाप का अंगीकार करता हुआ, अपने परमेश्वर यहोवा के सम्मुख उसके पवित्र पर्वत के लिये गिड़गिड़ाकर बिनती करता ही था, तब वह पुरूष जिब्राएल जिसे मैं ने उस समय देखा जब मुझे पहिले दर्शन हुआ था, उसने वेग से उड़ने की आज्ञा पाकर, सांझ के अन्नबलि के समय मुझ को छू लिया; और मुझे समझाकर मेरे साथ बातें करने लगा। - दनिय्येल 9:20-21

बाइबल पाठ: एज़्रा 1:1-8
Ezra 1:1 फारस के राजा कुस्रू के पहिले वर्ष में यहोवा ने फारस के राजा कुस्रू का मन उभारा कि यहोवा का जो वचन यिर्मयाह के मुंह से निकला था वह पूरा हो जाए, इसलिये उसने अपने समस्त राज्य में यह प्रचार करवाया और लिखवा भी दिया: 
Ezra 1:2 कि फारस का राजा कुस्रू यों कहता है: कि स्वर्ग के परमेश्वर यहोवा ने पृथ्वी भर का राज्य मुझे दिया है, और उसने मुझे आज्ञा दी, कि यहूदा के यरूशलेम में मेरा एक भवन बनवा। 
Ezra 1:3 उसकी समस्त प्रजा के लोगों में से तुम्हारे मध्य जो कोई हो, उसका परमेश्वर उसके साथ रहे, और वह यहूदा के यरूशलेम को जा कर इस्राएल के परमेश्वर यहोवा का भवन बनाए - जो यरूशलेम में है वही परमेश्वर है। 
Ezra 1:4 और जो कोई किसी स्थान में रह गया हो, जहां वह रहता हो, उस स्थान के मनुष्य चान्दी, सोना, धन और पशु दे कर उसकी सहायता करें और इस से अधिक परमेश्वर के यरूशलेम के भवन के लिये अपनी अपनी इच्छा से भी भेंट चढ़ाएं।
Ezra 1:5 तब यहूदा और बिन्यामीन के जितने पितरों के घरानों के मुख्य पुरूषों और याजकों और लेवियों का मन परमेश्वर ने उभारा था कि जा कर यरूशलेम में यहोवा के भवन को बनाएं, वे सब उठ खड़े हुए; 
Ezra 1:6 और उनके आस-पास सब रहने वालों ने चान्दी के पात्र, सोना, धन, पशु और अनमोल वस्तुएं देकर, उनकी सहायता की; यह उन सब से अधिक था, जो लोगों ने अपनी अपनी इच्छा से दिया। 
Ezra 1:7 फिर यहोवा के भवन के जो पात्र नबूकदनेस्सर ने यरूशलेम से निकाल कर अपने देवता के भवन में रखे थे, 
Ezra 1:8 उन को कुस्रू राजा ने, मिथ्रदात खजांची से निकलवा कर, यहूदियों के शेशबस्सर नाम प्रधान को गिन कर सौंप दिया। 

एक साल में बाइबल: 
  • अय्युब 28-29
  • प्रेरितों 13:1-25


सोमवार, 3 जुलाई 2017

साहस और सहायता


   बचपन में मैं दो गलियों में स्थित लगभग 140 घरों में अखबार बाँटने का काम करता था; उन गलियों के बीच में एक कब्रिस्तान था। क्योंकि मैं प्रातः का अखबार बाँटा करता था इसलिए मुझे सुबह 3:00 बजे अँधेरे में बाहर गलियों में होना पड़ता था, और एक से दूसरी गली जाने के लिए कब्रिस्तान के किनारे से होकर जाना पड़ता था। कभी-कभी उस कब्रिस्तान से मैं इतना भयभीत होता था कि भागकर एक से दूसरी गली को जाया करता था। मेरा भय तब तक बना रहता जब तक मैं दूसरी ओर पहुँच कर सड़क पर रौशनी के लिए लगे खंबे के नीचे की रौशनी में नहीं पहुँच जाता था। अन्धकार का भय उस ज्योति से दूर हो जाता था।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार ने अन्धकार और भय के बीच के संबंध को समझा, परन्तु साथ ही वह यह भी जानता था कि परमेश्वर उसके सभी भय से कहीं अधिक बड़ा है। भजनकार ने लिखा, "तू न रात के भय से डरेगा, और न उस तीर से जो दिन को उड़ता है, न उस मरी से जो अन्धेरे में फैलती है, और न उस महारोग से जो दिन दुपहरी में उजाड़ता है" (भजन 91:5-6)। न तो रात के भय और न ही कोई बुराई हमें भयभीत करने पाए, क्योंकि हम मसीही विश्वासियों के पास जगत की ज्योति परमेश्वर का पुत्र प्रभु यीशु मसीह है (यूहन्ना 8:12)।

   परमेश्वर के प्रेम, अनुग्रह और सत्य की ज्योति में हमें साहस और सहायता, तथा उसके लिए जीवन व्यतीत करने की सामर्थ्य मिल सकती है। - बिल क्राउडर


यदि आप जगत की ज्योति के साथ चल रहे हैं, 
तो आपको किसी अंधकार से डरने की आवश्यकता नहीं है।

तब यीशु ने फिर लोगों से कहा, जगत की ज्योति मैं हूं; जो मेरे पीछे हो लेगा, वह अन्धकार में न चलेगा, परन्तु जीवन की ज्योति पाएगा। - यूहन्ना 8:12

बाइबल पाठ: भजन 91:1-10
Psalms 91:1 जो परमप्रधान के छाए हुए स्थान में बैठा रहे, वह सर्वशक्तिमान की छाया में ठिकाना पाएगा। 
Psalms 91:2 मैं यहोवा के विषय कहूंगा, कि वह मेरा शरणस्थान और गढ़ है; वह मेरा परमेश्वर है, मैं उस पर भरोसा रखूंगा। 
Psalms 91:3 वह तो तुझे बहेलिये के जाल से, और महामारी से बचाएगा; 
Psalms 91:4 वह तुझे अपने पंखों की आड़ में ले लेगा, और तू उसके पैरों के नीचे शरण पाएगा; उसकी सच्चाई तेरे लिये ढाल और झिलम ठहरेगी। 
Psalms 91:5 तू न रात के भय से डरेगा, और न उस तीर से जो दिन को उड़ता है, 
Psalms 91:6 न उस मरी से जो अन्धेरे में फैलती है, और न उस महारोग से जो दिन दुपहरी में उजाड़ता है।
Psalms 91:7 तेरे निकट हजार, और तेरी दाहिनी ओर दस हजार गिरेंगे; परन्तु वह तेरे पास न आएगा। 
Psalms 91:8 परन्तु तू अपनी आंखों की दृष्टि करेगा और दुष्टों के अन्त को देखेगा।
Psalms 91:9 हे यहोवा, तू मेरा शरण स्थान ठहरा है। तू ने जो परमप्रधान को अपना धाम मान लिया है, 
Psalms 91:10 इसलिये कोई विपत्ति तुझ पर न पड़ेगी, न कोई दु:ख तेरे डेरे के निकट आएगा। 

एक साल में बाइबल: 
  • अय्युब 32-33
  • प्रेरितों 14


रविवार, 2 जुलाई 2017

आग


   मैं उत्तरी घाना के जिस क्षेत्र से आता हूँ, वहाँ दिसंबर से मार्च के बीच के सूखे के समय में मैदानों की घास और झाड़ियों में आग लगना सामान्य बात है। उस सूखे हुए घास और वनस्पति में विनाशकारी आग लगाने के लिए केवल एक छोटी सी चिंगारी काफी होती है। मैंने हवा से उड़कर आई चिंगारियों से कई एकड़ की खेती को जलकर राख होते हुए देखा है; ये चिंगारियाँ मुख्यतः सड़क के किनारे फेंके गई जलती हुई सिग्रेट के टुकड़ों से या किसी के द्वारा किसी काम के लिए असावधानी से जलाई गई आग से आती हैं।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में याकूब ने अपनी पत्री में जीभ को ऐसा ही बताया है, "जीभ भी एक आग है: जीभ हमारे अंगों में अधर्म का एक लोक है और सारी देह पर कलंक लगाती है, और भवचक्र में आग लगा देती है और नरक कुण्ड की आग से जलती रहती है" (याकूब 3:6)। कहीं असावधानी से कही गई कोई झूठी बात, पीठ-पीछे की गई कोई चुगली, कहीं की गई कोई निन्दा या टिप्पणी, इनमें से एक का भी प्रयोग संबंधों को नष्ट कर देने के लिए काफी है। बाइबल में नीतिवचन में लिखा है, "ऐसे लोग हैं जिनका बिना सोच विचार का बोलना तलवार के समान चुभता है, परन्तु बुद्धिमान के बोलने से लोग चंगे होते हैं" (नीतिवचन 12:18)। जैसे आग उपयोगी तथा विनाशक दोनों हो सकती है, उसी प्रकार "जीभ के वश में मृत्यु और जीवन दोनों होते हैं, और जो उसे काम में लाना जानता है वह उसका फल भोगेगा" (नीतिवचन 18:21)।

   यदि हमारे वार्तालाप को परमेश्वर को भावता हुआ तथा हम में उसकी उपस्थिति को प्रगट करने वाला होना है, तो उसे सदा "अनुग्रह सहित" होना चाहिए (कुलुस्सियों 4:6)। यदि किसी विवाद या असहमति में हमें अपने विचार प्रगट करने भी हों, तो परमेश्वर से माँगें कि उस समय में वह हमें ऐसे शब्द और हाव-भाव दे जो शांतिदायक तथा उसे महिमा देने वाले हों, न हो कि हमारे शब्दों की आग से कोई विनाश आए। - लॉरेंस दरमानी


क्रोध और आवेश हमें बुरे शब्दों पर लगाम लगाने के स्थान 
पर उन्हें कहने के लिए विवश कर सकते हैं।

तुम्हारा वचन सदा अनुग्रह सहित और सलोना हो, कि तुम्हें हर मनुष्य को उचित रीति से उत्तर देना आ जाए। - कुलुस्सियों 4:6

बाइबल पाठ: याकूब 3:2-11
James 3:2 इसलिये कि हम सब बहुत बार चूक जाते हैं: जो कोई वचन में नहीं चूकता, वही तो सिद्ध मनुष्य है; और सारी देह पर भी लगाम लगा सकता है। 
James 3:3 जब हम अपने वश में करने के लिये घोड़ों के मुंह में लगाम लगाते हैं, तो हम उन की सारी देह को भी फेर सकते हैं। 
James 3:4 देखो, जहाज भी, यद्यपि ऐसे बड़े होते हैं, और प्रचण्‍ड वायु से चलाए जाते हैं, तौभी एक छोटी सी पतवार के द्वारा मांझी की इच्छा के अनुसार घुमाए जाते हैं। 
James 3:5 वैसे ही जीभ भी एक छोटा सा अंग है और बड़ी बड़ी डींगे मारती है: देखो, थोड़ी सी आग से कितने बड़े वन में आग लग जाती है। 
James 3:6 जीभ भी एक आग है: जीभ हमारे अंगों में अधर्म का एक लोक है और सारी देह पर कलंक लगाती है, और भवचक्र में आग लगा देती है और नरक कुण्ड की आग से जलती रहती है। 
James 3:7 क्योंकि हर प्रकार के बन-पशु, पक्षी, और रेंगने वाले जन्‍तु और जलचर तो मनुष्य जाति के वश में हो सकते हैं और हो भी गए हैं। 
James 3:8 पर जीभ को मनुष्यों में से कोई वश में नहीं कर सकता; वह एक ऐसी बला है जो कभी रुकती ही नहीं; वह प्राण नाशक विष से भरी हुई है। 
James 3:9 इसी से हम प्रभु और पिता की स्‍तुति करते हैं; और इसी से मनुष्यों को जो परमेश्वर के स्‍वरूप में उत्पन्न हुए हैं श्राप देते हैं। 
James 3:10 एक ही मुंह से धन्यवाद और श्राप दोनों निकलते हैं।
James 3:11 हे मेरे भाइयों, ऐसा नहीं होना चाहिए। 

एक साल में बाइबल: 
  • अय्युब 22-24
  • प्रेरितों 11