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मंगलवार, 11 जुलाई 2017

मरुस्थल


   सूखे, धूल भरे, खतरनाक - मरुस्थल - ऐसे स्थान जहाँ जीवन देने वाला जल कम, और वातावरण जीवन के प्रतिकूल होता है। इसलिए इसमें आश्चर्य की कोई बात नहीं है कि किसी ऐसे स्थान को जहाँ पर जीवन नहीं है मरुस्थल के समान कहा जाता है। ऐसे स्थानों पर जीवन बहुत कठिन होता है, बहुत कम लोग वहाँ रहना चाहते हैं; परन्तु कभी-कभी हम ऐसे स्थानों से बच नहीं पाते हैं।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में, परमेश्वर के लोग मरुस्थल के जीवन से परिचित थे। इस्त्राएल सहित अधिकांश मध्य-पूर्व, मरुस्थल है। परन्तु यहाँ पर भी हरियाले अपवाद होते हैं; जैसे कि यरदन घाटी और गलील की झील के आस-पास के इलाके। परमेश्वर ने "अपने परिवार" का पालन-पोषण ऐसे ही स्थान पर करने का निर्णय लिया, ऐसा स्थान जो निर्जन स्थान से घिरा हुआ है, ऐसा स्थान जहाँ वह अपने बच्चों पर अपनी भलाई प्रकट कर सकता है, जब वे अपनी सुरक्षा और प्रतिदिन के भोजन के लिए उस पर निर्भर रहें (यशायाह 48:16-22)।

   आज हम में से अधिकांश जन यथार्थ में किसी मरुस्थल में नहीं रहते हैं, परन्तु हम में से लगभग सभी, कभी-न-कभी अपने जीवनों में मरुस्थल के सूखेपन और अकेलेपन से होकर निकलते हैं। ऐसे अनुभवों से कभी तो हमें न चाहते हुए भी मजबूरी में होकर निकलना पड़ता है, और कभी आज्ञाकारिता निभाने के लिए। जब कोई हमें छोड़ दे, या हमारे शरीर किसी रोग से ग्रसित हो जाएं, हम ऐसी परिस्थितियों में आ जाते हैं जहाँ संसाधन कम और जीवन कठिन हो जाता है।

   परन्तु चाहे वास्तव में अथवा आलंकारिक रीति से, मरुस्थल से होकर निकलना हमें स्मरण दिलाता है कि हम अपने भरण-पोषण के लिए परमेश्वर पर निर्भर हैं; उस ही की दया और कृपदृष्टि हमारी प्रत्येक आवश्यकता की पूर्ति करती है। मरुस्थल का यह पाठ हमें अपने समृद्धि और बहुतायत के समयों में भी कभी भूलना नहीं चाहिए। - जूली ऐकैरमैन लिंक


प्रत्येक मरुस्थल में परमेश्वर अपने अनुग्रह का मरुद्द्यान उपलब्ध करवा सकता है।

जब दीन और दरिद्र लोग जल ढूंढ़ने पर भी न पाएं और उनका तालू प्यास के मारे सूख जाए; मैं यहोवा उनकी बिनती सुनूंगा, मैं इस्राएल का परमेश्वर उन को त्याग न दूंगा मैं मुण्डे टीलों से भी नदियां और मैदानों के बीच में सोते बहऊंगा; मैं जंगल को ताल और निर्जल देश को सोते ही सोते कर दूंगा। - यशायाह 41:17-18

बाइबल पाठ: यशायाह 48:16-22
Isaiah 48:16 मेरे निकट आकर इस बात को सुनो: आदि से ले कर अब तक मैं ने कोई भी बात गुप्त में नहीं कही; जब से वह हुआ तब से मैं वहां हूं। और अब प्रभु यहोवा ने और उसकी आत्मा ने मुझे भेज दिया है।
Isaiah 48:17 यहोवा जो तेरा छुड़ाने वाला और इस्राएल का पवित्र है, वह यों कहता है, मैं ही तेरा परमेश्वर यहोवा हूं जो तुझे तेरे लाभ के लिये शिक्षा देता हूं, और जिस मार्ग से तुझे जाना है उसी मार्ग पर तुझे ले चलता हूं। 
Isaiah 48:18 भला होता कि तू ने मेरी आज्ञाओं को ध्यान से सुना होता! तब तेरी शान्ति नदी के समान और तेरा धर्म समुद्र की लहरों के नाईं होता; 
Isaiah 48:19 तेरा वंश बालू के किनकों के तुल्य होता, और तेरी निज सन्तान उसके कणों के समान होती; उनका नाम मेरे सम्मुख से न कभी काटा और न मिटाया जाता।
Isaiah 48:20 बाबुल में से निकल जाओ, कसदियों के बीच में से भाग जाओ; जयजयकार करते हुए इस बात को प्रचार कर के सुनाओ, पृथ्वी की छोर तक इसकी चर्चा फैलाओ; कहते जाओ कि यहोवा ने अपने दास याकूब को छुड़ा लिया है! 
Isaiah 48:21 जब वह उन्हें निर्जल देशों में ले गया, तब वे प्यासे न हुए; उसने उनके लिये चट्टान में से पानी निकाला; उसने चट्टान को चीरा और जल बह निकला। 
Isaiah 48:22 दुष्टों के लिये कुछ शान्ति नहीं, यहोवा का यही वचन है। 

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 1-3
  • प्रेरितों 17:1-15


सोमवार, 10 जुलाई 2017

भार


   आप एक साइकिल के साथ जो ढो सकते हैं वह अद्भुत है। एक औसत व्यसक साइकिल से जुड़े विशेष ट्रेलर और कुछ निश्चय के साथ 300 पाउंड का भार 10 मील प्रति घंटा की रफतार से ले जा सकता है। लेकिन एक समस्या है; जितना अधिक भार ढोने का प्रयास करेंगे, रफतार उतनी ही धीमी होती जाएगी। यदि 600 पाउंड का भार ढोना हो तो केवल 8 मील प्रति घंटा की रफतार से ही चलने पाएंगे।

   परमेश्वर के वचन बाइबल का एक प्रमुख पात्र मूसा, जब इस्त्राएलियों को मिस्त्र की गुलामी से निकाल कर कनान देश की ओर उन्हें लेकर चला, तो उसे एक अन्य ही प्रकार का भार उठाना पड़ रहा था - भावनात्मक भार, जिसने उसे जड़ कर दिया था। वे इस्त्राएली थोड़े-थोड़े समय में अनेकों बातों के लिए कुड़कुड़ाते और परमेश्वर तथा मूसा पर दोषारोपण करते रहते थे; साथ ही मूसा को उनके व्यक्तिगत वाद-विवाद भी सुलझाते रहना पड़ता था। उनके विलाप और शिकायतों को सुनते-सुनते मूसा अघा गया, और थक कर उसने परमेश्वर से कहा, "मैं अकेला इन सब लोगों का भार नहीं सम्भाल सकता, क्योंकि यह मेरी शक्ति के बाहर है" (गिनती 11:14)।

   अपने आप में मूसा इस समस्या का समाधान पाने में असक्षम था। परन्तु परमेश्वर ने मूसा से कहा कि वह 70 लोगों को अपने साथ खड़े होने तथा उसके भार को बाँटने के लिए चुने: "...वे इन लोगों का भार तेरे संग उठाए रहेंगे, और तुझे उसको अकेले उठाना न पड़ेगा" (पद 17)।

   मसीह यीशु के अनुयायी होने के कारण हमें भी अपने भार अकेले उठाते रहने की आवश्यकता नहीं है। हमारे साथ हमारा प्रभु सदैव बना रहता है, और वह सदा हमारी सहायता के लिए तत्पर और तैयार रहता है। उसने अपनी मण्डली में हमें ऐसे भाई-बहन दिए हैं जो हमारा भार उठाने में हमारे सहायक हो सकते हैं। जब हम अपने भार उसे सौंपते हैं, तो वह हमें आवश्यक बुद्धिमानी और सहायता भी देता है कि उस भार को उठाया जा सके। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


परमेश्वर की सहायता केवल प्रार्थना की दूरी पर उपलब्ध रहती है।

हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा। - मत्ती 11:28 

बाइबल पाठ: गिनती 11:1-17
Numbers 11:1 फिर वे लोग बुड़बुड़ाने और यहोवा के सुनते बुरा कहने लगे; निदान यहोवा ने सुना, और उसका कोप भड़क उठा, और यहोवा की आग उनके मध्य जल उठी, और छावनी के एक किनारे से भस्म करने लगी। 
Numbers 11:2 तब मूसा के पास आकर चिल्लाए; और मूसा ने यहोवा से प्रार्थना की, तब वह आग बुझ गई, 
Numbers 11:3 और उस स्थान का नाम तबेरा पड़ा, क्योंकि यहोवा की आग उन में जल उठी थी।
Numbers 11:4 फिर जो मिली-जुली भीड़ उनके साथ थी वह कामुकता करने लगी; और इस्त्राएली भी फिर रोने और कहने लगे, कि हमें मांस खाने को कौन देगा। 
Numbers 11:5 हमें वे मछलियां स्मरण हैं जो हम मिस्र में सेंत-मेंत खाया करते थे, और वे खीरे, और खरबूजे, और गन्दने, और प्याज, और लहसुन भी; 
Numbers 11:6 परन्तु अब हमारा जी घबरा गया है, यहां पर इस मन्ना को छोड़ और कुछ भी देख नहीं पड़ता। 
Numbers 11:7 मन्ना तो धनिये के समान था, और उसका रंग रूप मोती का सा था। 
Numbers 11:8 लोग इधर उधर जा कर उसे बटोरते, और चक्की में पीसते वा ओखली में कूटते थे, फिर तसले में पकाते, और उसके फुलके बनाते थे; और उसका स्वाद तेल में बने हुए पुए का सा था। 
Numbers 11:9 और रात को छावनी में ओस पड़ती थी तब उसके साथ मन्ना भी गिरता था। 
Numbers 11:10 और मूसा ने सब घरानों के आदमियों को अपने अपने डेरे के द्वार पर रोते सुना; और यहोवा का कोप अत्यन्त भड़का, और मूसा को भी बुरा मालूम हुआ। 
Numbers 11:11 तब मूसा ने यहोवा से कहा, तू अपने दास से यह बुरा व्यवहार क्यों करता है? और क्या कारण है कि मैं ने तेरी दृष्टि में अनुग्रह नहीं पाया, कि तू ने इन सब लोगों का भार मुझ पर डाला है? 
Numbers 11:12 क्या ये सब लोग मेरे ही कोख में पड़े थे? क्या मैं ही ने उन को उत्पन्न किया, जो तू मुझ से कहता है, कि जैसे पिता दूध पीते बालक को अपनी गोद में उठाए उठाए फिरता है, वैसे ही मैं इन लोगों को अपनी गोद में उठा कर उस देश में ले जाऊं, जिसके देने की शपथ तू ने उनके पूर्वजों से खाई है? 
Numbers 11:13 मुझे इतना मांस कहां से मिले कि इन सब लोगों को दूं? ये तो यह कह कहकर मेरे पास रो रहे हैं, कि तू हमे मांस खाने को दे। 
Numbers 11:14 मैं अकेला इन सब लोगों का भार नहीं सम्भाल सकता, क्योंकि यह मेरी शक्ति के बाहर है। 
Numbers 11:15 और जो तुझे मेरे साथ यही व्यवहार करना है, तो मुझ पर तेरा इतना अनुग्रह हो, कि तू मेरे प्राण एकदम ले ले, जिस से मैं अपनी दुर्दशा न देखने पाऊं।
Numbers 11:16 यहोवा ने मूसा से कहा, इस्त्राएली पुरनियों में से सत्तर ऐसे पुरूष मेरे पास इकट्ठे कर, जिन को तू जानता है कि वे प्रजा के पुरनिये और उनके सरदार हैं; और मिलापवाले तम्बू के पास ले आ, कि वे तेरे साथ यहां खड़े हों। 
Numbers 11:17 तब मैं उतरकर तुझ से वहां बातें करूंगा; और जो आत्मा तुझ में है उस में से कुछ ले कर उन में समवाऊंगा; और वे इन लोगों का भार तेरे संग उठाए रहेंगे, और तुझे उसको अकेले उठाना न पड़ेगा। 

एक साल में बाइबल: 
  • अय्युब 41-42
  • प्रेरितों 16:22-40


रविवार, 9 जुलाई 2017

अनुग्रह


   कुछ वर्ष पहले, उस समय अमेरिका की सेना में द्वितीय स्थान पर आसीन, चार सितारा जनरल पीटर चियारेली को एक औपचारिक भोज में राष्ट्रपति की एक वरिष्ठ सलाहाकार ने गलती से वेटर समझ लिया। अपनी वर्दी पहने हुए जनरल पीटर उसके पीछे ही खड़े थे और उस सलाहकार ने उनसे उसके लिए कुछ पीने के लिए लाने को कहा। लेकिन तुरंत ही उसे अपनी गलती का एहसास हुआ, और जनरल ने उसकी शर्मिंदगी को घटाने के लिए हंसते हुए उसके ग्लास में पेय डाला, और उसे निमंत्रण भी दिया कि वह उनके परिवार के साथ भोजन करने कभी उनके घर पर आए।

   शब्द अनुग्रहकारी, अनुग्रह शब्द से आया है, और उसका अर्थ होता है दया या कृपा का कार्य करने वाला, जैसा कि जनरल ने उस सलाहकार के साथ किया। लेकिन मसीह यीशु के अनुयायियों के लिए इसका इससे भी गहरा अर्थ होता है। परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बताती है कि हम उसके सर्वथा अयोग्य होने के बावजूद भी सेंत-मेंत में परमेश्वर की अद्भुत और महान कृपा, उसके अनुग्रह के पात्र हुए हैं, जिसे परमेश्वर ने हमें अपने पुत्र प्रभु यीशु मसीह में होकर प्रदान किया है (इफिसियों 2:8)।

   क्योंकि हमने अनुग्रह पाया है, हमें इसे दूसरों के साथ अपने व्यवहार में भी प्रदर्शित करना है, जैसे कि उनसे होने वाले वार्तालाप में अनुग्रह से भरे शब्द बोलने हैं, "बुद्धिमान के वचनों के कारण अनुग्रह होता है, परन्तु मूर्ख अपने वचनों के द्वारा नाश होते हैं" (सभोपदेशक 10:12)। हमारे हृदय में रहने वाला अनुग्रह हमारे शब्दों और कार्यों के द्वारा प्रकट होता है (कुलुस्सियों 3:16-17)।

   भेंट में मिले अनुग्रह को दूसरों तक पहुँचाना पवित्र-आत्मा से भरे मसीही अनुयायी के जीवन का लक्षण है। जैसे मसीह ने हम पर अनुग्रह किया, हमे औरों पर करना है। - सिंडी हैस कैसपर


हृदय में विद्यमान परमेश्वर का अनुग्रह जीवन में भले कार्य उत्पन्न करता है।

मसीह के वचन को अपने हृदय में अधिकाई से बसने दो; और सिद्ध ज्ञान सहित एक दूसरे को सिखाओ, और चिताओ, और अपने अपने मन में अनुग्रह के साथ परमेश्वर के लिये भजन और स्‍तुतिगान और आत्मिक गीत गाओ। और वचन से या काम से जो कुछ भी करो सब प्रभु यीशु के नाम से करो, और उसके द्वारा परमेश्वर पिता का धन्यवाद करो। - कुलुस्सियों 3:16-17

बाइबल पाठ: इफिसियों 2:1-10
Ephesians 2:1 और उसने तुम्हें भी जिलाया, जो अपने अपराधों और पापों के कारण मरे हुए थे। 
Ephesians 2:2 जिन में तुम पहिले इस संसार की रीति पर, और आकाश के अधिकार के हाकिम अर्थात उस आत्मा के अनुसार चलते थे, जो अब भी आज्ञा न मानने वालों में कार्य करता है। 
Ephesians 2:3 इन में हम भी सब के सब पहिले अपने शरीर की लालसाओं में दिन बिताते थे, और शरीर, और मन की मनसाएं पूरी करते थे, और और लोगों के समान स्‍वभाव ही से क्रोध की सन्तान थे। 
Ephesians 2:4 परन्तु परमेश्वर ने जो दया का धनी है; अपने उस बड़े प्रेम के कारण, जिस से उसने हम से प्रेम किया। 
Ephesians 2:5 जब हम अपराधों के कारण मरे हुए थे, तो हमें मसीह के साथ जिलाया; (अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है)। 
Ephesians 2:6 और मसीह यीशु में उसके साथ उठाया, और स्‍वर्गीय स्थानों में उसके साथ बैठाया। 
Ephesians 2:7 कि वह अपनी उस कृपा से जो मसीह यीशु में हम पर है, आने वाले समयों में अपने अनुग्रह का असीम धन दिखाए। 
Ephesians 2:8 क्योंकि विश्वास के द्वारा अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है, और यह तुम्हारी ओर से नहीं, वरन परमेश्वर का दान है। 
Ephesians 2:9 और न कर्मों के कारण, ऐसा न हो कि कोई घमण्‍ड करे। 
Ephesians 2:10 क्योंकि हम उसके बनाए हुए हैं; और मसीह यीशु में उन भले कामों के लिये सृजे गए जिन्हें परमेश्वर ने पहिले से हमारे करने के लिये तैयार किया। 

एक साल में बाइबल: 
  • अय्युब 38-40
  • प्रेरितों 16:1-21


शनिवार, 8 जुलाई 2017

साधारण लोग


   परमेश्वर के वचन बाइबल में न्यायियों की पुस्तक के 6 अध्याय में दर्ज गिदोन की कहानी मुझे प्रेरणा देती है। गिदोन एक किसान था, और स्वभाव से डरपोक भी। जब परमेश्वर ने गिदोन से कहा कि वह इस्त्राएलियों को मिदियानियों के हाथों से छुड़ाए तो गिदोन की प्रतिक्रिया थी, "हे मेरे प्रभु, बिनती सुन, मैं इस्राएल को क्योंकर छुड़ाऊ? देख, मेरा कुल मनश्शे में सब से कंगाल है, फिर मैं अपने पिता के घराने में सब से छोटा हूं" (न्यायियों 6:15)। लेकिन परमेश्वर ने गिदोन को आश्वस्त किया कि वह उसके साथ रहेगा और परमेश्वर की सहायता से गिदोन वह करने पाएगा जो उसे कहा जा रहा है (पद 16)। गिदोन ने परमेश्वर की बात मानी और उसकी आज्ञाकारिता के कारण इस्त्राएल को विजय मिली, और गिदोन का नाम विश्वास के महान नायकों की सूची में लिखा गया (इब्रानियों 11:32)।

   इस्त्राएलियों को मिदियानियों की प्रबल हाथों से छुड़ाने की इस योजना में कई अन्य लोगों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। परमेश्वर ने गिदोन के साथ 300 और लोगों को खड़ा किया, जो सभी वीर योद्धा थे। हमें उनके नाम तो नहीं बताए गए हैं परन्तु उनकी वीरता और आज्ञाकारिता बाइबल में लिखी गई है (न्यायियों 7:5-23)।

   परमेश्वर आज भी साधारण लोगों को अपने लिए असाधारण कार्य करने के लिए बुला रहा है (1 कुरिन्थियों 1:26-27); उसका वायदा है कि जब हम उसके कहे के अनुसार आगे बढ़ेंगे, तो वह और उसकी सामर्थ्य हम में होकर उन कार्यों को पूरा करेगी। क्योंकि हम परमेश्वर के लिए कार्य करने को आगे आए साधारण लोग हैं, इसलिए यह प्रकट है हमारी अपनी सामर्थ्य या बुद्धिमानी नहीं वरन परमेश्वर की सामर्थ्य और योजना हम में होकर कार्य करेगी, साधारण से असाधारण करवाएगी। परमेश्वर की आज्ञाकारिता में निश्चिंत होकर आगे बढ़ें, और परमेश्वर की महिमा होने का माध्यम बनें। - पो फैंग चिया


परमेश्वर साधारण लोगों में होकर अपने असाधारण कार्य पूरे करता है।

हे भाइयो, अपने बुलाए जाने को तो सोचो, कि न शरीर के अनुसार बहुत ज्ञानवान, और न बहुत सामर्थी, और न बहुत कुलीन बुलाए गए। परन्तु परमेश्वर ने जगत के मूर्खों को चुन लिया है, कि ज्ञान वालों को लज्ज़ित करे; और परमेश्वर ने जगत के निर्बलों को चुन लिया है, कि बलवानों को लज्ज़ित करे। - 1 कुरिन्थियों 1:26-27

बाइबल पाठ: न्यायियों 6:1-16
Judges 6:1 तब इस्राएलियों ने यहोवा की दृष्टि में बुरा किया, इसलिये यहोवा ने उन्हें मिद्यानियों के वश में सात वर्ष कर रखा। 
Judges 6:2 और मिद्यानी इस्राएलियों पर प्रबल हो गए। मिद्यानियों के डर के मारे इस्राएलियों ने पहाड़ों के गहरे खड्डों, और गुफाओं, और किलों को अपने निवास बना लिए। 
Judges 6:3 और जब जब इस्राएली बीज बोते तब तब मिद्यानी और अमालेकी और पूर्वी लोग उनके विरुद्ध चढ़ाई कर के 
Judges 6:4 अज्जा तक छावनी डाल डालकर भूमि की उपज नाश कर डालते थे, और इस्राएलियों के लिये न तो कुछ भोजनवस्तु, और न भेड़-बकरी, और न गाय-बैल, और न गदहा छोड़ते थे। 
Judges 6:5 क्योंकि वे अपने पशुओं और डेरों को लिये हुए चढ़ाई करते, और टिड्डियों के दल के समान बहुत आते थे; और उनके ऊंट भी अनगिनत होते थे; और वे देश को उजाड़ने के लिये उस में आया करते थे। 
Judges 6:6 और मिद्यानियों के कारण इस्राएली बड़ी दुर्दशा में पड़ गए; तब इस्राएलियों ने यहोवा की दोहाई दी।
Judges 6:7 जब इस्राएलियों ने मिद्यानियों के कारण यहोवा की दोहाई दी, 
Judges 6:8 तब यहोवा ने इस्राएलियों के पास एक नबी को भेजा, जिसने उन से कहा, इस्राएल का परमेश्वर यहोवा यों कहता है, कि मैं तुम को मिस्र में से ले आया, और दासत्व के घर से निकाल ले आया; 
Judges 6:9 और मैं ने तुम को मिस्रियों के हाथ से, वरन जितने तुम पर अन्धेर करते थे उन सभों के हाथ से छुड़ाया, और उन को तुम्हारे साम्हने से बरबस निकाल कर उनका देश तुम्हें दे दिया; 
Judges 6:10 और मैं ने तुम से कहा, कि मैं तुम्हारा परमेश्वर यहोवा हूं; एमोरी लोग जिनके देश में तुम रहते हो उनके देवताओं का भय न मानना। परन्तु तुम ने मेरा कहना नहीं माना।
Judges 6:11 फिर यहोवा का दूत आकर उस बांजवृझ के तले बैठ गया, जो ओप्रा में अबीएजेरी योआश का था, और उसका पुत्र गिदोन एक दाखरस के कुण्ड में गेहूं इसलिये झाड़ रहा था कि उसे मिद्यानियों से छिपा रखे। 
Judges 6:12 उसको यहोवा के दूत ने दर्शन देकर कहा, हे शूरवीर सूरमा, यहोवा तेरे संग है। 
Judges 6:13 गिदोन ने उस से कहा, हे मेरे प्रभु, बिनती सुन, यदि यहोवा हमारे संग होता, तो हम पर यह सब विपत्ति क्यों पड़ती? और जितने आश्चर्यकर्मों का वर्णन हमारे पुरखा यह कहकर करते थे, कि क्या यहोवा हम को मिस्र से छुड़ा नहीं लाया, वे कहां रहे? अब तो यहोवा ने हम को त्याग दिया, और मिद्यानियों के हाथ कर दिया है। 
Judges 6:14 तब यहोवा ने उस पर दृष्टि कर के कहा, अपनी इसी शक्ति पर जा और तू इस्राएलियों को मिद्यानियों के हाथ से छुड़ाएगा; क्या मैं ने तुझे नहीं भेजा? 
Judges 6:15 उसने कहा, हे मेरे प्रभु, बिनती सुन, मैं इस्राएल को क्योंकर छुड़ाऊ? देख, मेरा कुल मनश्शे में सब से कंगाल है, फिर मैं अपने पिता के घराने में सब से छोटा हूं। 
Judges 6:16 यहोवा ने उस से कहा, निश्चय मैं तेरे संग रहूंगा; सो तू मिद्यानियों को ऐसा मार लेगा जैसा एक मनुष्य को। 

एक साल में बाइबल: 
  • अय्युब 36-37
  • प्रेरितों 15:22-41


शुक्रवार, 7 जुलाई 2017

साथ


   कालेब बीमार था, बहुत बीमार! उसे स्नायु तंत्रिकाओं की बीमारी थी, जिस के कारण वह 5 वर्षीय बालक अस्थायी लकवे से ग्रसित था। उसके चिंतित माता-पिता उसके चँगा होने के लिए प्रार्थना तथा प्रतीक्षा कर रहे थे। धीरे-धीरे कालेब ठीक होने लगा। कई महीनों के बाद डॉक्टरों ने कहा कि अब वह स्कूल जा सकता है, लेकिन तब भी कालेब केवल एक धीमी, असंतुलित चाल ही चल पाता था।

   एक दिन उसके पिता उसे देखने स्कूल पहुँचे और उन्होंने अवकाश के समय में कालेब को बड़े प्रयास के साथ रुक-रुक कर सीढ़ी उतरते और खेल के मैदान की ओर आते देखा। साथ ही उन्होंने देखा कि कालेब का मित्र टायलर उसके पास आया और उसके साथ चलने लगा। उस पूरे अवकाश के समय में टायलर अपने मित्र के साथ खेल के मैदान में धीरे-धीरे चलता रहा जबकि बाकि बच्चे दौड़ लगा रहे थे, खेल रहे थे, उछल-कूद कर रहे थे।

   परमेश्वर के वचन बाइबल के पात्र, अय्युब का भी मन था कि उसे एक मित्र मिले, जो टायलर के समान ही उसके साथ रहे। लेकिन उसके दुःख में जो मित्र उससे मिलने आए, वे अपनी धारणा में दृढ़ थे कि अय्युब में ही कोई बुराई थी जिसके कारण वह दुःख में पड़ा था; उन मित्रों में से एक, एलिफाज़ ने पूछा, "क्या तुझे मालूम है कि कोई निर्दोष भी कभी नाश हुआ है? या कहीं सज्जन भी काट डाले गए?" (अय्युब 4:7); अपने मित्रों से ऐसे दोषारोपण को सुनकर अय्युब ने उन से कहा, "ऐसी बहुत सी बातें मैं सुन चुका हूँ, तुम सब के सब निकम्मे शान्तिदाता हो। क्या व्यर्थ बातों का अन्त कभी होगा?" (अय्युब 16:2)।

   लेकिन प्रभु यीशु का व्यवहार इससे बहुत भिन्न था। क्रूस पर चढ़ाए जाने से पहले की संध्या को, यद्यपि वे जानते थे कि थोड़ी देर में उनके शिष्यों में से एक उन्हें पकड़वाएगा, और फिर यातनाएं देने के बाद उन्हें क्रूस पर चढ़ाया जाएगा, फिर भी उन्होंने अपने शिष्यों का ढाढ़स बढ़ाने और उन्हें आश्वस्त करने, शान्ति देने का कार्य किया। प्रभु ने अपने शिष्यों को पवित्र-आत्मा का आश्वासन दिया, जो सदा उनके साथ रहेगा (यूहन्ना 14:16-17), और उनसे वायदा किया कि, "मैं तुम्हें अनाथ न छोडूंगा, मैं तुम्हारे पास आता हूं" (यूहन्ना 14:18)। मृतकों में से अपने पुनरुत्थान के पश्चात, अपने स्वर्गारोहण से ठीक पहले, प्रभु ने अपने शिष्यों को फिर से आश्वस्त किया, "...और देखो, मैं जगत के अन्‍त तक सदैव तुम्हारे संग हूं" (मत्ती 28:20)|

   प्रभु आज भी हमें कभी अकेला नहीं छोड़ता है; हमारे प्रत्येक कदम के साथ वह कदम मिला कर चलता है, वह सदा हमारे साथ साथ बना रहता है। - टिम गस्टाफसन


कभी-कभी यीशु के समान होने का एक अच्छा तरीका होता है 
शान्ति के साथ किसी आहत मित्र के साथ बैठना।

और मैं पिता से बिनती करूंगा, और वह तुम्हें एक और सहायक देगा, कि वह सर्वदा तुम्हारे साथ रहे। अर्थात सत्य का आत्मा, जिसे संसार ग्रहण नहीं कर सकता, क्योंकि वह न उसे देखता है और न उसे जानता है: तुम उसे जानते हो, क्योंकि वह तुम्हारे साथ रहता है, और वह तुम में होगा। - यूहन्ना 14:16-17

बाइबल पाठ: अय्युब 16:1-5
Job 16:1 तब अय्यूब ने कहा, 
Job 16:2 ऐसी बहुत सी बातें मैं सुन चुका हूँ, तुम सब के सब निकम्मे शान्तिदाता हो। क्या व्यर्थ बातों का अन्त कभी होगा? 
Job 16:3 तू कौन सी बात से झिड़ककर उत्तर देता। 
Job 16:4 जो तुम्हारी दशा मेरी सी होती, तो मैं भी तुम्हारी सी बातें कर सकता; मैं भी तुम्हारे विरुद्ध बातें जोड़ सकता, और तुम्हारे विरुद्ध सिर हिला सकता। 
Job 16:5 वरन मैं अपने वचनों से तुम को हियाव दिलाता, और बातों से शान्ति देकर तुम्हारा शोक घटा देता। 

एक साल में बाइबल: 
  • अय्युब 34-35
  • प्रेरितों 15:1-21


गुरुवार, 6 जुलाई 2017

पत्र


   दो दशकों से भी अधिक समय से, एन्ड्रयू कैरॉल लोगों से आग्रह करते आ रहे हैं कि युद्ध के समय में परिवार या मित्र जनों द्वारा लिखे गए पत्रों को नष्ट नहीं करें। कैरॉल, जो कैलिफोर्निया के चैपमैन विश्वविद्यालय में अमेरिका के युद्ध काल के पत्रों के केंद्र निर्देशक हैं, उन पत्रों को परिवारों को आपस में जोड़ने और एक दूसरे को समझने के लिए अति महत्वपूर्ण धरोहर मानते हैं। उनका कहना है कि वर्तमान युवा पीढ़ी उन पत्रों को पढ़ रही है, उन पर आधारित प्रश्न पूछ रही है और कह रही है कि ’अब हम समझ सकते हैं कि आप ने क्या कुछ बलिदान किया है; क्या कुछ सहा है।’

   परमेश्वर के वचन बाइबल में जब प्रेरित पौलुस रोम में बन्दी था और उसे ज्ञात हुआ कि अब उसका अन्त समय निकट है, तो उसने एक युवा मसीही विश्वासी तिमुथियुस को, जिसे वह अपना "विश्वास में पुत्र" मानता था, पत्र लिखा और उसे अपने मन की बात खोल कर लिखी: "क्योंकि अब मैं अर्घ की नाईं उंडेला जाता हूं, और मेरे कूच का समय आ पहुंचा है। मैं अच्छी कुश्‍ती लड़ चुका हूं मैं ने अपनी दौड़ पूरी कर ली है, मैं ने विश्वास की रखवाली की है। भविष्य में मेरे लिये धर्म का वह मुकुट रखा हुआ है, जिसे प्रभु, जो धर्मी, और न्यायी है, मुझे उस दिन देगा और मुझे ही नहीं, वरन उन सब को भी, जो उसके प्रगट होने को प्रिय जानते हैं" (2 तिमुथियुस 4:6-8)।

   जब हम बाइबल में संकलित उन पत्रों को जिन्हें विश्वास के नायकों ने लिखा है पढ़ते हैं, और उनसे हमें पता चलता है कि मसीह यीशु के प्रति अपने प्रेम के लिए उन्होंने क्या कुछ सहा, तो हमें साहस मिलता है कि हम भी उनके विश्वास और उदाहरण का अनुसरण करें, और उनके समान ही भावी पीढ़ीयों के लिए उदाहारण छोड़ जाएं। हमारे जीवन ही वे पत्र हैं जिन्हें पढ़कर लोग हमारे मसीही विश्वास की विश्वसनियता को जानेंगे। - डेविड मैक्कैसलैंड


अनन्त को ध्यान में रखते हुए अपने जीवन की दौड़ को पूरा करें।

हमारी पत्री तुम ही हो, जो हमारे हृदयों पर लिखी हुई है, और उसे सब मनुष्य पहिचानते और पढ़ते है। यह प्रगट है, कि तुम मसीह की पत्री हो, जिस को हम ने सेवकों के समान लिखा; और जो सियाही से नहीं, परन्तु जीवते परमेश्वर के आत्मा से पत्थर की पटियों पर नहीं, परन्तु हृदय की मांस रूपी पटियों पर लिखी है। - 2 कुरिन्थियों 3:2-3

बाइबल पाठ: 2 तिमुथियुस 4:1-8
2 Timothy 4:1 परमेश्वर और मसीह यीशु को गवाह कर के, जो जीवतों और मरे हुओं का न्याय करेगा, उसे और उसके प्रगट होने, और राज्य को सुधि दिलाकर मैं तुझे चिताता हूं। 
2 Timothy 4:2 कि तू वचन को प्रचार कर; समय और असमय तैयार रह, सब प्रकार की सहनशीलता, और शिक्षा के साथ उलाहना दे, और डांट, और समझा। 
2 Timothy 4:3 क्योंकि ऐसा समय आएगा, कि लोग खरा उपदेश न सह सकेंगे पर कानों की खुजली के कारण अपनी अभिलाषाओं के अनुसार अपने लिये बहुतेरे उपदेशक बटोर लेंगे। 
2 Timothy 4:4 और अपने कान सत्य से फेरकर कथा-कहानियों पर लगाएंगे। 
2 Timothy 4:5 पर तू सब बातों में सावधान रह, दुख उठा, सुसमाचार प्रचार का काम कर और अपनी सेवा को पूरा कर। 
2 Timothy 4:6 क्योंकि अब मैं अर्घ की नाईं उंडेला जाता हूं, और मेरे कूच का समय आ पहुंचा है। 
2 Timothy 4:7 मैं अच्छी कुश्‍ती लड़ चुका हूं मैं ने अपनी दौड़ पूरी कर ली है, मैं ने विश्वास की रखवाली की है। 
2 Timothy 4:8 भविष्य में मेरे लिये धर्म का वह मुकुट रखा हुआ है, जिसे प्रभु, जो धर्मी, और न्यायी है, मुझे उस दिन देगा और मुझे ही नहीं, वरन उन सब को भी, जो उसके प्रगट होने को प्रिय जानते हैं। 

एक साल में बाइबल: 
  • अय्युब 25-27
  • प्रेरितों 12


बुधवार, 5 जुलाई 2017

निमंत्रण


   जब प्रभु यीशु इस पृथ्वी पर थे, तो वे लोगों को अपने पास आने का निमंत्रण दिया करते थे, और उनका यह निमंत्रण आज भी संसार के प्रत्येक जन के लिए उपलब्ध है (यूहन्ना 6:35)। लेकिन प्रभु तथा परमेश्वर पिता के पास ऐसा क्या है जो वे हमें देना चाहते हैं, और जो कहीं और, किसी अन्य के पास उपलब्ध नहीं है? परमेश्वर का वचन बाइबल हमें ऐसी कई बातें बताती है जो हमें प्रभु परमेश्वर से सेंत-मेंत, उपहार स्वरूप, उन पर विश्वास लाने और उनके प्रति अपना जीवन समर्पण करने से मिलती हैं:

   उद्धार: पापों की क्षमा और अनन्त जीवन पाने के लिए प्रभु यीशु ही एकमात्र मार्ग हैं - "क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए" (यूहन्ना 3:16); और "यीशु ने उस से कहा, मार्ग और सच्चाई और जीवन मैं ही हूं; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुंच सकता" (यूहन्ना 14:6)।
   
   सुरक्षा: यदि हम अपना प्राण, देह, आत्मा प्रभु को समर्पित करके उसके शिष्य बनकर पीछे हो लेते हैं तो कोई भी सांसारिक हानि, हमारे लिए हानि नहीं होगी - "उसने भीड़ को अपने चेलों समेत पास बुलाकर उन से कहा, जो कोई मेरे पीछे आना चाहे, वह अपने आपे से इन्कार करे और अपना क्रूस उठा कर, मेरे पीछे हो ले। क्योंकि जो कोई अपना प्राण बचाना चाहे वह उसे खोएगा, पर जो कोई मेरे और सुसमाचार के लिये अपना प्राण खोएगा, वह उसे बचाएगा" (मरकुस 8:34-35)।

   शान्ति: हमारा प्रभु परमेश्वर प्रत्येक परिस्थिति, परेशानी में हमें मार्गदर्शन, शान्ति और सांत्वना देने के लिए सदैव हमारे साथ रहेगा - "हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर, और पिता का धन्यवाद हो, जो दया का पिता, और सब प्रकार की शान्‍ति का परमेश्वर है। वह हमारे सब क्‍लेशों में शान्‍ति देता है; ताकि हम उस शान्‍ति के कारण जो परमेश्वर हमें देता है, उन्हें भी शान्‍ति दे सकें, जो किसी प्रकार के क्‍लेश में हों" (2 कुरिन्थियों 1:3-4)।

   बुद्धिमत्ता: प्रभु परमेश्वर का आश्वासन है वह हमें बुद्धि प्रदान करेगा - "पर यदि तुम में से किसी को बुद्धि की घटी हो, तो परमेश्वर से मांगे, जो बिना उलाहना दिए सब को उदारता से देता है; और उसको दी जाएगी" (याकूब 1:5)।

   सामर्थ्य: यदि हम श्रमित और थके भी हों, प्रभु हमें नई साम्र्थ्य से भर देगा - "वह थके हुए को बल देता है और शक्तिहीन को बहुत सामर्थ देता है। तरूण तो थकते और श्रमित हो जाते हैं, और जवान ठोकर खाकर गिरते हैं; परन्तु जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वे नया बल प्राप्त करते जाएंगे, वे उकाबों की नाईं उड़ेंगे, वे दौड़ेंगे और श्रमित न होंगे, चलेंगे और थकित न होंगे" (यशायाह 40:29-31)।

   बहुतायत का जीवन: जीवन को उसकी संपूर्णता में जीने और उसका आनन्द लेने के क्षमता हमें प्रभु से मिलती है - "चोर किसी और काम के लिये नहीं परन्तु केवल चोरी करने और घात करने और नष्‍ट करने को आता है। मैं इसलिये आया कि वे जीवन पाएं, और बहुतायत से पाएं" (यूहन्ना 10:10)।

प्रभु यीशु का संसार के प्रत्येक जन के लिए खुला निमंत्रण है, "हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा" (मत्ती 11:28) और "जो कुछ पिता मुझे देता है वह सब मेरे पास आएगा, उसे मैं कभी न निकालूंगा" (यूहन्ना 6:37)। - ऐनी सेटास


प्रभु यीशु आशीषित जीवन देने के लिए हमें बुलाता है।

तुम पवित्र शास्त्र में ढूंढ़ते हो, क्योंकि समझते हो कि उस में अनन्त जीवन तुम्हें मिलता है, और यह वही है, जो मेरी गवाही देता है। फिर भी तुम जीवन पाने के लिये मेरे पास आना नहीं चाहते। - यूहन्ना 5:39-40

बाइबल पाठ: यूहन्ना 6:28-40
John 6:28 उन्होंने उस से कहा, परमेश्वर के कार्य करने के लिये हम क्या करें? 
John 6:29 यीशु ने उन्हें उत्तर दिया; परमेश्वर का कार्य यह है, कि तुम उस पर, जिसे उसने भेजा है, विश्वास करो।
John 6:30 तब उन्होंने उस से कहा, फिर तू कौन सा चिन्ह दिखाता है कि हम उसे देखकर तेरी प्रतीति करें, तू कौन सा काम दिखाता है? 
John 6:31 हमारे बाप दादों ने जंगल में मन्ना खाया; जैसा लिखा है; कि उसने उन्हें खाने के लिये स्वर्ग से रोटी दी। 
John 6:32 यीशु ने उन से कहा, मैं तुम से सच सच कहता हूं कि मूसा ने तुम्हें वह रोटी स्वर्ग से न दी, परन्तु मेरा पिता तुम्हें सच्ची रोटी स्वर्ग से देता है।
John 6:33 क्योंकि परमेश्वर की रोटी वही है, जो स्वर्ग से उतरकर जगत को जीवन देती है।
John 6:34 तब उन्होंने उस से कहा, हे प्रभु, यह रोटी हमें सर्वदा दिया कर। 
John 6:35 यीशु ने उन से कहा, जीवन की रोटी मैं हूं: जो मेरे पास आएगा वह कभी भूखा न होगा और जो मुझ पर विश्वास करेगा, वह कभी प्यासा न होगा। 
John 6:36 परन्तु मैं ने तुम से कहा, कि तुम ने मुझे देख भी लिया है, तोभी विश्वास नहीं करते। 
John 6:37 जो कुछ पिता मुझे देता है वह सब मेरे पास आएगा, उसे मैं कभी न निकालूंगा।
John 6:38 क्योंकि मैं अपनी इच्छा नहीं, वरन अपने भेजने वाले की इच्छा पूरी करने के लिये स्वर्ग से उतरा हूं। 
John 6:39 और मेरे भेजने वाले की इच्छा यह है कि जो कुछ उसने मुझे दिया है, उस में से मैं कुछ न खोऊं परन्तु उसे अंतिम दिन फिर जिला उठाऊं। 
John 6:40 क्योंकि मेरे पिता की इच्छा यह है, कि जो कोई पुत्र को देखे, और उस पर विश्वास करे, वह अनन्त जीवन पाए; और मैं उसे अंतिम दिन फिर जिला उठाऊंगा। 

एक साल में बाइबल: 
  • अय्युब 30-31
  • प्रेरितों 13:26-52