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बुधवार, 15 अगस्त 2018

यादें



      मैं एक छोटे से नगर में एक होटल में रुका हुआ था, और मैंने देखा कि होटल के सामने एक चर्च में आराधना सभा हो रही है, लोग चर्च में खचाकच भरे हुए हैं, अन्दर शायद तिल रखने की भी जगह नहीं होगी, क्योंकि लोग बाहर आँगन तथा गलियारे और सड़क तक खड़े हुए थे। पास ही में मैंने शव ले जाने वाली गाड़ी भी देखी, जिससे मुझे अंदाजा हुआ कि वहाँ अंतिम संस्कार की सभा चल रही थी। उपस्थित भीड़ को देखकर मैंने अंदाजा लगाया कि किसी स्थानीय नायक का अंतिम संस्कार है, संभवतः कोई धनी व्यापारी, या कोई प्रसिद्ध व्यक्ति।

      जिज्ञासावश मैंने होटल के स्वागत डेस्क पर बैठे कर्मचारी से पूछा, “अंतिम संस्कार के लिए इतने लोगों का एकत्रित होना अद्भुत है; क्या वह इस नगर का कोई प्रसिद्ध व्यक्ति था?” उस कर्मचारी ने उत्तर दिया, “नहीं; न तो वह धनी था और न ही प्रसिद्ध; परन्तु वह एक भला मनुष्य था।”

      इससे मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में नीतिवचन का एक पद स्मरण हो आया: “बड़े धन से अच्छा नाम अधिक चाहने योग्य है, और सोने चान्दी से औरों की प्रसन्नता उत्तम है” (नीतिवचन 22:1)। हमारे लिए इस बात पर विचार करना अच्छा होगा कि हम अपने पीछे अपने परिवार, मित्रों, और पड़ौसियों के मध्य अपने विषय क्या यादें छोड़ कर जाएँगे! परमेश्वर के दृष्टिकोण से तब महत्व हमारी योग्यताओं के विवरण या हमारे एकत्रित धन का नहीं होगा, वरन उस जीवन का होगा जो हमने जिया और जिसके संदर्भ में लोग हमें तब याद करेंगे।

      जब मेरे एक मित्र का देहान्त हुआ तब उसकी पुत्री ने लिखा, “इस सँसार से एक धर्मी व्यक्ति चला गया है; और आज के सँसार के हिसाब से यह कोई छोटी बात नहीं है!” हमारा जीवन और हमारे बाद हमारी यादें ऐसी होनी चाहिएँ जो परमेश्वर को महिमा दें। - जो स्टोवैल


परमेश्वर के नाम की महिमा के लिए जीएँ और अपनी यादें छोड़ें।

धर्मी को स्मरण कर के लोग आशीर्वाद देते हैं, परन्तु दुष्टों का नाम मिट जाता है। - नीतिवचन 10:7

बाइबल पाठ: नीतिवचन 22:1-16
Proverbs 22:1 बड़े धन से अच्छा नाम अधिक चाहने योग्य है, और सोने चान्दी से औरों की प्रसन्नता उत्तम है।
Proverbs 22:2 धनी और निर्धन दोनों एक दूसरे से मिलते हैं; यहोवा उन दोनों का कर्त्ता है।
Proverbs 22:3 चतुर मनुष्य विपत्ति को आते देख कर छिप जाता है; परन्तु भोले लोग आगे बढ़ कर दण्ड भोगते हैं।
Proverbs 22:4 नम्रता और यहोवा के भय मानने का फल धन, महिमा और जीवन होता है।
Proverbs 22:5 टेढ़े मनुष्य के मार्ग में कांटे और फन्दे रहते हैं; परन्तु जो अपने प्राणों की रक्षा करता, वह उन से दूर रहता है।
Proverbs 22:6 लड़के को शिक्षा उसी मार्ग की दे जिस में उसको चलना चाहिये, और वह बुढ़ापे में भी उस से न हटेगा।
Proverbs 22:7 धनी, निर्धन लोगों पर प्रभुता करता है, और उधार लेने वाला उधार देने वाले का दास होता है।
Proverbs 22:8 जो कुटिलता का बीज बोता है, वह अनर्थ ही काटेगा, और उसके रोष का सोंटा टूटेगा।
Proverbs 22:9 दया करने वाले पर आशीष फलती है, क्योंकि वह कंगाल को अपनी रोटी में से देता है।
Proverbs 22:10 ठट्ठा करने वाले को निकाल दे, तब झगड़ा मिट जाएगा, और वाद-विवाद और अपमान दोनों टूट जाएंगे।
Proverbs 22:11 जो मन की शुद्धता से प्रीति रखता है, और जिसके वचन मनोहर होते हैं, राजा उसका मित्र होता है।
Proverbs 22:12 यहोवा ज्ञानी पर दृष्टि कर के, उसकी रक्षा करता है, परन्तु विश्वासघाती की बातें उलट देता है।
Proverbs 22:13 आलसी कहता है, बाहर तो सिंह होगा! मैं चौक के बीच घात किया जाऊंगा।
Proverbs 22:14 पराई स्त्रियों का मुंह गहिरा गड़हा है; जिस से यहोवा क्रोधित होता, वही उस में गिरता है।
Proverbs 22:15 लड़के के मन में मूढ़ता की गाँठ बन्धी रहती है, परन्तु छड़ी की ताड़ना के द्वारा वह उस से दूर की जाती है।
Proverbs 22:16 जो अपने लाभ के निमित्त कंगाल पर अन्धेर करता है, और जो धनी को भेंट देता, वे दोनों केवल हानि ही उठाते हैं।


एक साल में बाइबल: 
  • भजन 91-93
  • रोमियों 15:1-13



मंगलवार, 14 अगस्त 2018

पिता



      मैं उस समय चर वर्ष का था और अफ्रीका के घाना देश में रहता था, जहाँ मौसम अधिकतर सूखा रहता है। मैं पसीने से लथपथ अपने पिता के पास धरती पर बिछे हुई चटाई पर लेटा हुआ सो रहा था, और प्यास के मारे मेरा गला सूख रहा था। प्यास से बेचैन होकर मैंने अपने पिता को हिलाकर उठाया; वे उठे और रात की गर्मी में जाकर मेरे लिए पानी लाए और मुझे पिलाया। जैसा उन्होंने उस रात किया, मेरे सारे जीवन भर वे मेरा ध्यान रखते रहे, मेरी आवश्यकताओं की पूर्ति करते रहे।

      कुछ लोगों ने अपने जीवनों में अच्छे पिता की छवि का अनुभव नहीं किया होगा; परन्तु हम मसीही विश्वासियों के पास ऐसा पिता है जो बलवंत है, और सदा उपस्थित एवँ उपलब्ध रहता है, हमें कभी निराश नहीं करता है – हमारा परमेश्वर पिता। प्रभु यीशु ने हमें अपने पिता परमेश्वर से प्रार्थना करना सिखाया (मत्ती 6:9) और हमें बताया कि जब हमारे सामने हमारी दैनिक आवश्यकताएँ होती हैं – भोजन, वस्त्र, रहने का स्थान, और सुरक्षा (पद 31), तब भी हमारा परमेश्वर पिता हमारे माँगने से पहले हमारी आवश्यकताएं जानता है (पद 8)।

      हमारा ऐसा पिता है जो हमेशा उपलब्ध रहता है। दिन हो या रात, जब भी परिस्थितियाँ कठिन हों, हम भरोसा रख सकते हैं कि वह हमें कभी नहीं छोड़ेगा। उसने हमारी देखभाल करते रहने का वायदा किया है, और वह हमारी आवश्यकताओं को हमसे पहले और हमसे बेहतर जानता है। - लॉरेंस दरमानी


हमारा प्रेमी परमेश्वर पिता हम पर से अपनी नज़रें कभी नहीं हटाता है।

सो तुम उन के समान न बनो, क्योंकि तुम्हारा पिता तुम्हारे मांगने से पहिले ही जानता है, कि तुम्हारी क्या क्या आवश्यक्ता है। सो तुम इस रीति से प्रार्थना किया करो; “हे हमारे पिता, तू जो स्वर्ग में है; तेरा नाम पवित्र माना जाए। - मत्ती 6:8-9

बाइबल पाठ: मत्ती 6:25-34
Matthew 6:25 इसलिये मैं तुम से कहता हूं, कि अपने प्राण के लिये यह चिन्‍ता न करना कि हम क्या खाएंगे? और क्या पीएंगे? और न अपने शरीर के लिये कि क्या पहिनेंगे? क्या प्राण भोजन से, और शरीर वस्‍त्र से बढ़कर नहीं?
Matthew 6:26 आकाश के पक्षियों को देखो! वे न बोते हैं, न काटते हैं, और न खत्तों में बटोरते हैं; तौभी तुम्हारा स्‍वर्गीय पिता उन को खिलाता है; क्या तुम उन से अधिक मूल्य नहीं रखते।
Matthew 6:27 तुम में कौन है, जो चिन्‍ता कर के अपनी अवस्था में एक घड़ी भी बढ़ा सकता है
Matthew 6:28 और वस्‍त्र के लिये क्यों चिन्‍ता करते हो? जंगली सोसनों पर ध्यान करो, कि वै कैसे बढ़ते हैं, वे न तो परिश्रम करते हैं, न कातते हैं।
Matthew 6:29 तौभी मैं तुम से कहता हूं, कि सुलैमान भी, अपने सारे वैभव में उन में से किसी के समान वस्‍त्र पहिने हुए न था।
Matthew 6:30 इसलिये जब परमेश्वर मैदान की घास को, जो आज है, और कल भाड़ में झोंकी जाएगी, ऐसा वस्‍त्र पहिनाता है, तो हे अल्पविश्वासियों, तुम को वह क्योंकर न पहिनाएगा?
Matthew 6:31 इसलिये तुम चिन्‍ता कर के यह न कहना, कि हम क्या खाएंगे, या क्या पीएंगे, या क्या पहिनेंगे?
Matthew 6:32 क्योंकि अन्यजाति इन सब वस्‍तुओं की खोज में रहते हैं, और तुम्हारा स्‍वर्गीय पिता जानता है, कि तुम्हें ये सब वस्तुएं चाहिए।
Matthew 6:33 इसलिये पहिले तुम उसे राज्य और धर्म की खोज करो तो ये सब वस्तुएं भी तुम्हें मिल जाएंगी।
Matthew 6:34 सो कल के लिये चिन्‍ता न करो, क्योंकि कल का दिन अपनी चिन्‍ता आप कर लेगा; आज के लिये आज ही का दुख बहुत है।


एक साल में बाइबल: 
  • भजन 89-90
  • रोमियों 14



सोमवार, 13 अगस्त 2018

भरोसा



      यद्यपि मैं प्रतिदिन अपने काम को करने के लिए टेक्नालॉजी पर निर्भर करता हूँ, मैं यह नहीं समझ पाता हूँ कि वह कैसे कार्य करती है। मैं अपने कम्प्यूटर को चालू करता हूँ, लिखने के लिए वर्ड डॉक्यूमेंट खोलता हूँ, और लिखने के अपने काम को करने लगता हूँ। लिखने के मेरे कार्य में मेरा माईक्रोचिप्स, हार्ड ड्राईव, वाई-फाई कनेक्शन, रंगीन डिस्प्ले आदि की टेक्नालॉजी की कार्यविधि को नहीं समझ पाना बाधा नहीं बनता है।

      एक प्रकार से यही बात हमारे और परमेश्वर के संबंधों को समझने पर भी लागू होती है। परमेश्वर के वचन बाइबल में यशायाह 55:8-9 हमें स्मरण दिलाता है कि परमेश्वर हम से बहुत बढ़कर और अति महान है: “क्योंकि यहोवा कहता है, मेरे विचार और तुम्हारे विचार एक समान नहीं है, न तुम्हारी गति और मेरी गति एक सी है। क्योंकि मेरी और तुम्हारी गति में और मेरे और तुम्हारे सोच विचारों में, आकाश और पृथ्वी का अन्तर है।”

      चाहे हम परमेश्वर के बारे में सब कुछ समझ नहीं पाएँ, लेकिन इसे उस पर हमें भरोसा करने में बाधा नहीं बनना चाहिए। उसने हमारे प्रति अपने प्रेम को बारम्बार प्रमाणित किया है। प्रेरित पौलुस ने लिखा, “परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा” (रोमियों 5:8)। परमेश्वर के इस प्रेम पर भरोसा बनाए रखते हुए हम उसके साथ चलते रह सकते हैं, चाहे जीवन की बातें हमारी समझा में आएँ अथवा नहीं। - बिल क्राउडर


यदि परमेश्वर हमारी बुद्धि के द्वारा समझा जा सकता, 
तो हमारी उपासना के योग्य नहीं होता।

परखकर देखो कि यहोवा कैसा भला है! क्या ही धन्य है वह पुरूष जो उसकी शरण लेता है। हे यहोवा के पवित्र लोगो, उसका भय मानो, क्योंकि उसके डरवैयों को किसी बात की घटी नहीं होती! – भजन 34:8-9

बाइबल पाठ: यशायाह 55:6-13
Isaiah 55:6 जब तक यहोवा मिल सकता है तब तक उसकी खोज में रहो, जब तक वह निकट है तब तक उसे पुकारो;
Isaiah 55:7 दुष्ट अपनी चालचलन और अनर्थकारी अपने सोच विचार छोड़कर यहोवा ही की ओर फिरे, वह उस पर दया करेगा, वह हमारे परमेश्वर की ओर फिरे और वह पूरी रीति से उसको क्षमा करेगा।
Isaiah 55:8 क्योंकि यहोवा कहता है, मेरे विचार और तुम्हारे विचार एक समान नहीं हैं, न तुम्हारी गति और मेरी गति एक सी है।
Isaiah 55:9 क्योंकि मेरी और तुम्हारी गति में और मेरे और तुम्हारे सोच विचारों में, आकाश और पृथ्वी का अन्तर है।
Isaiah 55:10 जिस प्रकार से वर्षा और हिम आकाश से गिरते हैं और वहां यों ही लौट नहीं जाते, वरन भूमि पर पड़कर उपज उपजाते हैं जिस से बोने वाले को बीज और खाने वाले को रोटी मिलती है,
Isaiah 55:11 उसी प्रकार से मेरा वचन भी होगा जो मेरे मुख से निकलता है; वह व्यर्थ ठहरकर मेरे पास न लौटेगा, परन्तु, जो मेरी इच्छा है उसे वह पूरा करेगा, और जिस काम के लिये मैं ने उसको भेजा है उसे वह सफल करेगा।
Isaiah 55:12 क्योंकि तुम आनन्द के साथ निकलोगे, और शान्ति के साथ पहुंचाए जाओगे; तुम्हारे आगे आगे पहाड़ और पहाडिय़ां गला खोल कर जयजयकार करेंगी, और मैदान के सब वृक्ष आनन्द के मारे ताली बजाएंगे।
Isaiah 55:13 तब भटकटैयों के स्थान पर सनौवर उगेंगे; और बिच्छु पेड़ों के स्थान पर मेंहदी उगेगी; और इस से यहोवा का नाम होगा, जो सदा का चिन्ह होगा और कभी न मिटेगा।


एक साल में बाइबल: 
  • भजन 87-88
  • रोमियों 13



रविवार, 12 अगस्त 2018

विचार



      जब मार्शल मेक्लूहन ने 1964 में वाक्याँश “मीडिया ही सन्देश है” दिया था, उस समय पर्सनल कम्पूटर नहीं थे, मोबाइल फोन काल्पनिक वैज्ञानिक कहानियों में होते थे और इंटरनैट का अस्तित्व नहीं था। आज हम समझ सकते हैं कि इस डिजिटल युग में हमारे विचारों को प्रभावित करने के संबंध में वह कैसी महान दूरदर्शिता थी। निकोलस कार्र की पुस्तक, The Shallows: What the Internet is Doing to Our Brains में उन्होंने लिखा है “[मीडिया] हमारे विचारों के लिए न केवल सामग्री प्रदान करता है, वरन वह हमारे विचारों की प्रक्रिया को भी प्रभावित करता है। और नैट एकाग्र रहने और विचार करने की मेरी क्षमता को कम करता चला जा रहा है। चाहे मैं ऑनलाइन हूँ अथवा नहीं, मेरा मस्तिष्क अब जानकारी को वैसे ग्रहण करना चाहता है जैसे नैट उसे वितरित करता है: अति शीघ्रता से प्रवाहित होते रहने वाले टुकड़ों में।”

      मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल के जे. बी. फिलिप्स के अनुवाद में रोमियों 12:2 को जिस प्रकार से कहा गया है वह पसन्द है: “अपने चारों ओर के संसार को आपको दबाकर अपने सांचे में न ढालने दें, परन्तु परमेश्वर को अन्दर से आपके मनों को नए सांचों में ढालने दें, जिससे आप व्यावाहारिक रीति से प्रमाणित कर सकें कि आपके लिए परमेश्वर की योजनाएं भली हैं, उसकी सभी मांगों को पूरा करती हैं और आपको सच्ची परिपक्वता की ओर ले जाती हैं।” यह बात आज हमारे लिए कितनी प्रासंगिक है, जब हम देखते हैं कि सँसार हमारे विचारों और मनों द्वारा सामग्री पर कार्यवाही करने की क्षमता और विधि को कैसे प्रभावित कर रहा है।

      हम अपने चारों से आती रहने वाली जानकारी की बाढ़ को तो नहीं रोक सकते हैं, परन्तु हम परमेश्वर सेः माँग सकते हैं कि वह हमारी सहायता करे कि हम अपने ध्यान उसी पर केंद्रित रखें और हमारे जीवनों में उसकी उपस्थिति के द्वारा अपने विचारों को ढाले जाने दें। - डेविड मैक्कैस्लैंड


सँसार को नहीं, परन्तु परमेश्वर के आत्मा को अपने मन-विचारों को ढालने दें।

हे परमेश्वर, मेरे अन्दर शुद्ध मन उत्पन्न कर, और मेरे भीतर स्थिर आत्मा नये सिरे से उत्पन्न कर। - भजन 51:10

बाइबल पाठ: रोमियों 12:1-8
Romans 12:1 इसलिये हे भाइयों, मैं तुम से परमेश्वर की दया स्मरण दिला कर बिनती करता हूं, कि अपने शरीरों को जीवित, और पवित्र, और परमेश्वर को भावता हुआ बलिदान कर के चढ़ाओ: यही तुम्हारी आत्मिक सेवा है।
Romans 12:2 और इस संसार के सदृश न बनो; परन्तु तुम्हारी बुद्धि के नये हो जाने से तुम्हारा चाल-चलन भी बदलता जाए, जिस से तुम परमेश्वर की भली, और भावती, और सिद्ध इच्छा अनुभव से मालूम करते रहो।
Romans 12:3 क्योंकि मैं उस अनुग्रह के कारण जो मुझ को मिला है, तुम में से हर एक से कहता हूं, कि जैसा समझना चाहिए, उस से बढ़कर कोई भी अपने आप को न समझे पर जैसा परमेश्वर ने हर एक को परिमाण के अनुसार बांट दिया है, वैसा ही सुबुद्धि के साथ अपने को समझे।
Romans 12:4 क्योंकि जैसे हमारी एक देह में बहुत से अंग हैं, और सब अंगों का एक ही सा काम नहीं।
Romans 12:5 वैसा ही हम जो बहुत हैं, मसीह में एक देह हो कर आपस में एक दूसरे के अंग हैं।
Romans 12:6 और जब कि उस अनुग्रह के अनुसार जो हमें दिया गया है, हमें भिन्न भिन्न वरदान मिले हैं, तो जिस को भविष्यद्वाणी का दान मिला हो, वह विश्वास के परिमाण के अनुसार भविष्यद्वाणी करे।
Romans 12:7 यदि सेवा करने का दान मिला हो, तो सेवा में लगा रहे, यदि कोई सिखाने वाला हो, तो सिखाने में लगा रहे।
Romans 12:8 जो उपदेशक हो, वह उपदेश देने में लगा रहे; दान देनेवाला उदारता से दे, जो अगुआई करे, वह उत्साह से करे, जो दया करे, वह हर्ष से करे।


एक साल में बाइबल: 
  • भजन 84-86
  • रोमियों 12



शनिवार, 11 अगस्त 2018

डर



      परमेश्वर के वचन बाइबल में, लगभग जब भी कोई स्वर्गदूत मनुष्यों के समक्ष प्रगट होता है, तो उसके प्रथम शब्द सामान्यतः होते हैं, “मत डर” (दानिय्येल 10:12; मत्ती 28:5; प्रकाशितवाक्य 1:27)। यह कोई अचरज की बात नहीं है, क्योंकि जब भी कोई दिव्य पृथ्वी के निवासियों के संपर्क में आता है, वे डर के मारे काँपते हुए औंधे मुँह गिर पड़ते हैं। परन्तु लूका हमें परमेश्वर के ऐसे स्वरूप में आने की बात बताता है जिसे देखकर, जिससे बातचीत करके डर नहीं लगता है। प्रभु यीशु में होकर, जो गौशाले में जन्मे और जिन्हें चरनी में लेटाया गया, परमेश्वर ने अपने समीप आने का वह माध्यम दिया जिससे डर न लगे। एक नवजात शिशु से कम डरावना और क्या हो सकता है?

      संदेह करने वाले अपनी उलझनों में पड़े हुए प्रभु यीशु की संपूर्ण सेवकाई में उसपर नज़रें लगाए रहे। यह कैसे हो सकता है कि एक बढ़ाई की सन्तान, बैतलहम का वह शिशु, जगत का उद्धारकर्ता हो? परन्तु चरवाहों के उस झुण्ड के मन में कोई संदेह नहीं था कि वह कौन है, क्योंकि उन्होंने सुसमाचार का यह सन्देश स्वर्गदूतों के एक समूह से सुना था (लूका 2:8-14)।

      परमेश्वर ने मानव स्वरूप क्यों धारण कर लिया? बाइबल इसके अनेकों कारण बताती है – कुछ गूढ़ धर्मविज्ञानी और कुछ काफी व्यवाहारिक। प्रभु यीशु का किशोरावस्था में, मंदिर में कुछ रब्बियों को शिक्षा देना हमारे सामने एक संकेत रखता है (पद 46)। पहली बार ऐसा हुआ कि सामान्य लोग देह में अवतरित प्रभु परमेश्वर के साथ वार्तालाप, वाद-विवाद कर सके। यीशु ने सबसे बातचीत की – अपने माता-पिता, धर्मशिक्षकों (रब्बीयों), एक गरीब विधवा – सभी के साथ, बिना पहले यह कहे कि “मत डर”।

      प्रभु यीशु में होकर परमेश्वर हमारे बहुत निकट आ जाता है। - फिलिप यैन्सी


देहधारी प्रभु परमेश्वर, डर का अन्त है। एफ. बी. मेयर.

परमेश्वर की सहायता से मैं उसके वचन की प्रशंसा करूंगा, परमेश्वर पर मैं ने भरोसा रखा है, मैं नहीं डरूंगा। कोई प्राणी मेरा क्या कर सकता है? – भजन 56:4

बाइबल पाठ:लूका 2:8-10
Luke 2:8 और उस देश में कितने गड़ेरिये थे, जो रात को मैदान में रहकर अपने झुण्ड का पहरा देते थे।
Luke 2:9 और प्रभु का एक दूत उन के पास आ खड़ा हुआ; और प्रभु का तेज उन के चारों ओर चमका, और वे बहुत डर गए।
Luke 2:10 तब स्वर्गदूत ने उन से कहा, मत डरो; क्योंकि देखो मैं तुम्हें बड़े आनन्द का सुसमाचार सुनाता हूं जो सब लोगों के लिये होगा।
Luke 2:11 कि आज दाऊद के नगर में तुम्हारे लिये एक उद्धारकर्ता जन्मा है, और यही मसीह प्रभु है।
Luke 2:12 और इस का तुम्हारे लिये यह पता है, कि तुम एक बालक को कपड़े में लिपटा हुआ और चरनी में पड़ा पाओगे।
Luke 2:13 तब एकाएक उस स्वर्गदूत के साथ स्‍वर्गदूतों का दल परमेश्वर की स्‍तुति करते हुए और यह कहते दिखाई दिया।
Luke 2:14 कि आकाश में परमेश्वर की महिमा और पृथ्वी पर उन मनुष्यों में जिनसे वह प्रसन्न है शान्‍ति हो।
Luke 2:15 जब स्वर्गदूत उन के पास से स्वर्ग को चले गए, तो गड़ेरियों ने आपस में कहा, आओ, हम बैतलहम जा कर यह बात जो हुई है, और जिसे प्रभु ने हमें बताया है, देखें।
Luke 2:16 और उन्होंने तुरन्त जा कर मरियम और यूसुफ को और चरनी में उस बालक को पड़ा देखा।
Luke 2:17 इन्हें देखकर उन्होंने वह बात जो इस बालक के विषय में उन से कही गई थी, प्रगट की।
Luke 2:18 और सब सुनने वालों ने उन बातों से जो गड़िरयों ने उन से कहीं आश्चर्य किया।
Luke 2:19 परन्तु मरियम ये सब बातें अपने मन में रखकर सोचती रही।
Luke 2:20 और गड़ेरिये जैसा उन से कहा गया था, वैसा ही सब सुनकर और देखकर परमेश्वर की महिमा और स्‍तुति करते हुए लौट गए।


एक साल में बाइबल: 
  • भजन 81-83
  • रोमियों 11:19-36



शुक्रवार, 10 अगस्त 2018

सुरक्षा



      ब्रिटेन में रहने के कारण मैं सामान्यतः धूप में निकलने से होने वाले त्वचा के गहरे रंग के लिए चिन्तित नहीं होती हूँ, क्योंकि अधिकानाशातः सूर्य बादलों से छुपा रहता है। लेकिन हाल ही में मैंने कुछ समय स्पेन में बिताया, और मुझे बहुत शीघ्र यह एहसास हो गया कि मेरी हलके रंग की त्वचा के कारण मैं दस मिनिट से अधिक धूप में नहीं रह सकती थी, मुझे छाते के नीचे शरण लेनी ही पड़ती थी।

      मैं जब उस भूमध्यसागरीय क्षेत्र की चिलचिलाती धूप के बारे में विचार कर रही थी, तब मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में परमेश्वर के हमारे दाहिनी ओर आड़ होने की बात और अधिक गहराई से समझ में आई। मध्य-पूर्व के निवासी जानते थे कि चिलचिलाती धूप क्या होती है, और सूर्य की इस तेज धूप से शरण पाना कितना महत्वपूर्ण होता है।

      भजनकार, भजन 121 में प्रभु के आड़ होने के इस शब्द-चित्र को प्रयोग करता है, जिसे प्रभु की भलाई और विश्वासयोग्यता के विषय स्वयं से एक संवाद के रूप में देखा जा सकता है। जब हम इस भजन को अपनी प्रार्थनाओं में प्रयोग करते हैं, तब हम अपने आप को आश्वस्त कर सकते हैं कि प्रभु हमें कभी नहीं छोड़ेगा, वह हमारे चारों ओर एक सुरक्षा-कवच बनाए रखता है। जैसे हम छातों के नीचे सूर्य से सुरक्षा लेते हैं, वैसे ही हम प्रभु में भी अपने लिए एक सुरक्षित स्थान को पा सकते हैं।

      हम अपनी आँखों को आकाश और पृथ्वी के सृष्टिकर्ता की ओर लगाते हैं, क्योंकि चाहे धूप के समय हों या बरसात के, हमें उससे उपहार, तरोताजगी, और सुरक्षा सदा मिलती रहती है। - एमी बाउचर पाई


हमारी सुरक्षा हमारा प्रभु परमेश्वर है।

यहोवा मेरी चट्टान, और मेरा गढ़ और मेरा छुड़ाने वाला है; मेरा ईश्वर, मेरी चट्टान है, जिसका मैं शरणागत हूं, वह मेरी ढ़ाल और मेरी मुक्ति का सींग, और मेरा ऊँचा गढ़ है। - भजन 18:2

बाइबल पाठ: भजन 121
Psalms 121:1 मैं अपनी आंखें पर्वतों की ओर लगाऊंगा। मुझे सहायता कहां से मिलेगी?
Psalms 121:2 मुझे सहायता यहोवा की ओर से मिलती है, जो आकाश और पृथ्वी का कर्ता है।
Psalms 121:3 वह तेरे पांव को टलने न देगा, तेरा रक्षक कभी न ऊंघेगा।
Psalms 121:4 सुन, इस्राएल का रक्षक, न ऊंघेगा और न सोएगा।
Psalms 121:5 यहोवा तेरा रक्षक है; यहोवा तेरी दाहिनी ओर तेरी आड़ है।
Psalms 121:6 न तो दिन को धूप से, और न रात को चांदनी से तेरी कुछ हानि होगी।
Psalms 121:7 यहोवा सारी विपत्ति से तेरी रक्षा करेगा; वह तेरे प्राण की रक्षा करेगा।
Psalms 121:8 यहोवा तेरे आने जाने में तेरी रक्षा अब से ले कर सदा तक करता रहेगा।


एक साल में बाइबल: 
  • भजन 79-80
  • रोमियों 11:1-18



गुरुवार, 9 अगस्त 2018

स्वतंत्रता



      दूसरा विश्व युद्ध समाप्त हो गया था, और शान्ति घोषित हो चुकी थी। परन्तु जापानी शाही सेना के जवान लेफ्टिनेंट हीरू ओनोडा, जिन्हें फिलीपींस के एक द्वीप पर तैनात किया गया था, यह नहीं जानते थे कि युद्ध समाप्त हो चुका है। उनका पता लगाने के लिए प्रयास किए गए। उनके संभावित स्थान पर वायुयान द्वारा इस संबंध में पर्चे डलवाए गए, परन्तु ओनोडा ने, जिनको 1945 में अंतिम आज्ञा मिली थी कि वे अपने स्थान पर डटे रहें और लड़ते रहें, इन सभी प्रयासों को शत्रु की चालाकी और दुष्प्रचार माना, और उन पर्चों के संदेशों की अवहेलना कर दी। अन्ततः युद्ध की समाप्ति के लगभग तीस वर्ष के बाद उन्होंने मार्च 1974 में तब समर्पण किया, जब उनके भूतपूर्व अफसर ने जापान से फिलीपींस आकर उन्हें पहले दिए गई आज्ञा को निरस्त किया और ओनोडा को आधिकारिक तौर पर उस द्वीप पर डटे रहने की जिम्मेदारी से मुक्त नहीं कर दिया। तब ही ओनोडा ने अन्ततः स्वीकार किया कि युद्ध की समाप्ति हो चुकी थी।

      प्रभु यीशु मसीह के सुसमाचार के विषय भी अभी तक बहुत से लोगों ने या तो सुना नहीं है, या फिर वे उस सुसमाचार पर विश्वास नहीं करते हैं कि प्रभु यीशु में विश्वास और पापों की क्षमा के द्वारा अनन्त जीवन की आशीष सारे सँसार के सभी लोगों के लिए सेंत-मेंत उपलब्ध है (2 तिमुथियुस 1:10)।हम में से कुछ, जिन्होंने सुना और विश्वास किया भी है, वे भी अभी तक एक हारा हुआ जीवन व्यतीत कर रहे हैं, अपने ही बल-बूते पर जीवन के संघर्षों से पार पाने के तरीके ढूँढ़ रहे हैं।

      आज ऐसे लोगों की आवश्यकता है जो जाकर प्रभु यीशु मसीह के द्वारा पाप और मृत्यु पर हासिल की गई विजय के बारे में लोगों को बताएँ, उनके संदेह या संशय का निवारण करने में उनकी सहायता करें। उनकी उस स्वतंत्रता की कल्पना करें जिसे वे तब अनुभव करेंगे जब मसीह यीशु उनके मनों को पाप के विरुद्ध युद्ध को जीत लिए जाने के समाचार से भर देगा। - पो फैंग चिया


क्या आज आप किसी को सुसमाचार बताएंगे?

पर अब हमारे उद्धारकर्ता मसीह यीशु के प्रगट होने के द्वारा प्रकाश हुआ, जिसने मृत्यु का नाश किया, और जीवन और अमरता को उस सुसमाचार के द्वारा प्रकाशमान कर दिया। - 2 तिमुथियुस 1:10

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 4:1-6
2 Corinthians 4:1 इसलिये जब हम पर ऐसी दया हुई, कि हमें यह सेवा मिली, तो हम हियाव नहीं छोड़ते।
2 Corinthians 4:2 परन्तु हम ने लज्ज़ा के गुप्‍त कामों को त्याग दिया, और न चतुराई से चलते, और न परमेश्वर के वचन में मिलावट करते हैं, परन्तु सत्य को प्रगट कर के, परमेश्वर के साम्हने हर एक मनुष्य के विवेक में अपनी भलाई बैठाते हैं।
2 Corinthians 4:3 परन्तु यदि हमारे सुसमाचार पर परदा पड़ा है, तो यह नाश होने वालों ही के लिये पड़ा है।
2 Corinthians 4:4 और उन अविश्वासियों के लिये, जिन की बुद्धि को इस संसार के ईश्वर ने अन्‍धी कर दी है, ताकि मसीह जो परमेश्वर का प्रतिरूप है, उसके तेजोमय सुसमाचार का प्रकाश उन पर न चमके।
2 Corinthians 4:5 क्योंकि हम अपने को नहीं, परन्तु मसीह यीशु को प्रचार करते हैं, कि वह प्रभु है; और अपने विषय में यह कहते हैं, कि हम यीशु के कारण तुम्हारे सेवक हैं।
2 Corinthians 4:6 इसलिये कि परमेश्वर ही है, जिसने कहा, कि अन्धकार में से ज्योति चमके; और वही हमारे हृदयों में चमका, कि परमेश्वर की महिमा की पहिचान की ज्योति यीशु मसीह के चेहरे से प्रकाशमान हो।


एक साल में बाइबल: 
  • भजन 77-78
  • रोमियों 10