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बुधवार, 20 मार्च 2019

विश्राम



      मेरा ध्यान उस प्रमुख समाचार की ओर गया: “धावकों के लिए विश्राम दिन भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।” अमेरिका के पहाड़ों पर दौड़ने वाले दल के भूतपूर्व सदस्य, टॉमी मैन्निंग द्वारा लिखे गए उस लेख में लेखक ने एक ऐसे सिद्धान्त पर बल दिया था, समर्पित खिलाड़ी जिसकी कभी-कभी उपेक्षा करते हैं – व्यायाम के पश्चात शरीर को फिर से बल प्राप्ति के लिए विश्राम की आवश्यकता होती है। मैन्निंग ने लिखा, “शरीर की रचना और संचालन के दृष्टिकोण से, प्रशिक्षण में सीखे और अर्जित किए गए परिवर्तन विश्राम के समय में ही शरीर में उन उपयोगी परिवर्तनों को लाने पाते हैं। इसका अर्थ है कि विश्राम भी परिश्रम के समान ही उपयोगी है।”

      यही सिद्धान्त हमारे मसीही विश्वास के जीवन में भी उतना ही सत्य है। हतोत्साहित होने और थक कर शिथिल पड़ जाने से बच कर रहने के लिए विश्राम के नियमित समय आवश्यक हैं, परिश्रम और विश्राम में एक संतुलन बनाए रखना चाहिए। पृथ्वी पर अपनी सेवकाई के समय में प्रभु यीशु ने इस आत्मिक संतुलन को बनाए रखने के अवसरों का उपयोग किया, उसके समय पर होने वाली अत्याधिक मांगों के बावजूद।

      जब प्रभु के शिष्य प्रचार और चंगाई के थका देने वाले कठिन कार्य को कर के लौटे तो प्रभु ने उनसे कहा कि “तुम आप अलग किसी जंगली स्थान में आकर थोड़ा विश्राम करो; क्योंकि बहुत लोग आते जाते थे, और उन्हें खाने का अवसर भी नहीं मिलता था” (मरकुस 6:31)। परन्तु एक बड़ी भीड़ उनके पीछे आ गई, और वे विश्राम न कर सके, तो प्रभु यीशु ने उस भीड़ को परमेश्वर के राज्य के विषय सिखाया और पाँच रोटी तथा दो मछली से उस भीड़ को भोजन करवाया (पद 32-44)। जब भीड़ चली गई, तो यीशु “उन्हें विदा कर के पहाड़ पर प्रार्थना करने को गया” (पद 46)।

      यदि हमारे जीवन केवल हमारे कार्य तथा सेवकाई ही से व्यस्त रहते हैं, तो शीघ्र ही हम अपने कार्यों में कम प्रभावी होते चले जाएँगे। प्रभु यीशु हमें आमंत्रित करता है कि हम नियमित कुछ समय उसके साथ प्रार्थना और विश्राम में बिताने के लिए निकाला करें, जिससे थक कर शिथिल और निष्क्रीय होने से बचे रह सकें। - डेविड मैक्कैस्लैंड


मसीही विश्वास और सेवकाई के हमारे जीवनों में विश्राम भी सेवकाई के कार्य जितना महत्वपूर्ण है।

और भोर को दिन निकलने से बहुत पहिले, वह उठ कर निकला, और एक जंगली स्थान में गया और वहां प्रार्थना करने लगा। - मरकुस 1:35

बाइबल पाठ: मरकुस 6:30-46
Mark 6:30 प्रेरितों ने यीशु के पास इकट्ठे हो कर, जो कुछ उन्होंने किया, और सिखाया था, सब उसको बता दिया।
Mark 6:31 उसने उन से कहा; तुम आप अलग किसी जंगली स्थान में आकर थोड़ा विश्राम करो; क्योंकि बहुत लोग आते जाते थे, और उन्हें खाने का अवसर भी नहीं मिलता था।
Mark 6:32 इसलिये वे नाव पर चढ़कर, सुनसान जगह में अलग चले गए।
Mark 6:33 और बहुतों ने उन्हें जाते देखकर पहिचान लिया, और सब नगरों से इकट्ठे हो कर वहां पैदल दौड़े और उन से पहिले जा पहुंचे।
Mark 6:34 उसने निकलकर बड़ी भीड़ देखी, और उन पर तरस खाया, क्योंकि वे उन भेड़ों के समान थे, जिन का कोई रखवाला न हो; और वह उन्हें बहुत सी बातें सिखाने लगा।
Mark 6:35 जब दिन बहुत ढल गया, तो उसके चेले उसके पास आकर कहने लगे; यह सुनसान जगह है, और दिन बहुत ढल गया है।
Mark 6:36 उन्हें विदा कर, कि चारों ओर के गांवों और बस्‍तियों में जा कर, अपने लिये कुछ खाने को मोल लें।
Mark 6:37 उसने उन्हें उत्तर दिया; कि तुम ही उन्हें खाने को दो: उन्हों ने उस से कहा; क्या हम सौ दीनार की रोटियां मोल लें, और उन्हें खिलाएं?
Mark 6:38 उसने उन से कहा; जा कर देखो तुम्हारे पास कितनी रोटियां हैं? उन्होंने मालूम कर के कहा; पांच और दो मछली भी।
Mark 6:39 तब उसने उन्हें आज्ञा दी, कि सब को हरी घास पर पांति पांति से बैठा दो।
Mark 6:40 वे सौ सौ और पचास पचास कर के पांति पांति बैठ गए।
Mark 6:41 और उसने उन पांच रोटियों को और दो मछिलयों को लिया, और स्वर्ग की ओर देखकर धन्यवाद किया और रोटियां तोड़ तोड़ कर चेलों को देता गया, कि वे लोगों को परोसें, और वे दो मछिलयां भी उन सब में बांट दीं।
Mark 6:42 और सब खाकर तृप्‍त हो गए।
Mark 6:43 और उन्होंने टुकडों से बारह टोकिरयां भर कर उठाई, और कुछ मछिलयों से भी।
Mark 6:44 जिन्हों ने रोटियां खाईं, वे पांच हजार पुरूष थे।
Mark 6:45 तब उसने तुरन्त अपने चेलों को बरबस नाव पर चढाया, कि वे उस से पहिले उस पार बैतसैदा को चले जांए, जब तक कि वह लोगों को विदा करे।
Mark 6:46 और उन्हें विदा कर के पहाड़ पर प्रार्थना करने को गया।

एक साल में बाइबल:  
  • यहोशू 4-6
  • लूका 1:1-20



मंगलवार, 19 मार्च 2019

शब्द



      वह इतवार की रात थी, और अधिकांश लोग सो रहे थे जब पुडिंग लेन में स्थित थॉमस फैरिनर की बेकरी में एक छोटी सी आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटों ने एक से दूसरे घर फैलना आरंभ कर दिया और और शीघ्र ही लंडन सन 1666 के भयानक अग्निकांड में घिर गया जिसमें 70,000 से अधिक लोग बेघर हो गए और शहर का 4/5 भाग ध्वस्त हो गया। एक छोटी सी आग से इतना बड़ा विनाश आया।

      परमेश्वर का वचन बाइबल हमें एक अन्य छोटी परन्तु अत्यन्त विनाशकारी आग के विषय बताता है। जब याकूब ने लिखा, तब वह जीवनों और संबंधों के विषय चिन्तित था न कि मकानों के। याकूब ने अपनी पत्री में कहा, “वैसे ही जीभ भी एक छोटा सा अंग है और बड़ी बड़ी डींगे मारती है: देखो, थोड़ी सी आग से कितने बड़े वन में आग लग जाती है” (याकूब 3:5)।

      हमारे शब्द रचनात्मक भी हो सकते हैं। नीतिवचन 16:24 में  लिखा है, “मन भावने वचन मधु भरे छते के समान प्राणों को मीठे लगते, और हड्डियों को हरी-भरी करते हैं” प्रेरित पौलुस ने लिखा, “तुम्हारा वचन सदा अनुग्रह सहित और सलोना हो, कि तुम्हें हर मनुष्य को उचित रीति से उत्तर देना आ जाए” (कुलुस्सियों 4:6)। जैसे नमक हमारे भोजन को स्वाद देता है, उसी प्रकार अनुग्रह सहित कहे गए हमारे शब्द औरों को बलवंत करने में सहायक होते हैं।

      पवित्र आत्मा की सहायता से हमारे शब्द उन्हें सहायता प्रदान कर सकते हैं जो दुखित हैं, जो अपने विश्वास में बढ़ना चाहते हैं, या जिन्हें उद्धारकर्ता के पास आने की आवश्यकता है। हमारे शब्द आग लगाने की बजाए आग बुझाने और लोगों को सुधारने-संवारने का भी काम कर सकते हैं। - बिल क्राउडर


हमारे शब्द आज कैसे होंगे?

बुद्धिमान ज्ञान का ठीक बखान करते हैं, परन्तु मूर्खों के मुंह से मूढ़ता उबल आती है। - नीतिवचन 15:2

बाइबल पाठ: याकूब 3:3-12
James 3:3 जब हम अपने वश में करने के लिये घोड़ों के मुंह में लगाम लगाते हैं, तो हम उन की सारी देह को भी फेर सकते हैं।
James 3:4 देखो, जहाज भी, यद्यपि ऐसे बड़े होते हैं, और प्रचण्‍ड वायु से चलाए जाते हैं, तौभी एक छोटी सी पतवार के द्वारा मांझी की इच्छा के अनुसार घुमाए जाते हैं।
James 3:5 वैसे ही जीभ भी एक छोटा सा अंग है और बड़ी बड़ी डींगे मारती है: देखो, थोड़ी सी आग से कितने बड़े वन में आग लग जाती है।
James 3:6 जीभ भी एक आग है: जीभ हमारे अंगों में अधर्म का एक लोक है और सारी देह पर कलंक लगाती है, और भवचक्र में आग लगा देती है और नरक कुण्ड की आग से जलती रहती है।
James 3:7 क्योंकि हर प्रकार के बन-पशु, पक्षी, और रेंगने वाले जन्‍तु और जलचर तो मनुष्य जाति के वश में हो सकते हैं और हो भी गए हैं।
James 3:8 पर जीभ को मनुष्यों में से कोई वश में नहीं कर सकता; वह एक ऐसी बला है जो कभी रुकती ही नहीं; वह प्राण नाशक विष से भरी हुई है।
James 3:9 इसी से हम प्रभु और पिता की स्‍तुति करते हैं; और इसी से मनुष्यों को जो परमेश्वर के स्‍वरूप में उत्पन्न हुए हैं श्राप देते हैं।
James 3:10 एक ही मुंह से धन्यवाद और श्राप दोनों निकलते हैं।
James 3:11 हे मेरे भाइयों, ऐसा नहीं होना चाहिए।
James 3:12 क्या सोते के एक ही मुंह से मीठा और खारा जल दोनों निकलते हैं? हे मेरे भाइयों, क्या अंजीर के पेड़ में जैतून, या दाख की लता में अंजीर लग सकते हैं? वैसे ही खारे सोते से मीठा पानी नहीं निकल सकता।

एक साल में बाइबल:  
  • यहोशू 1-3
  • मरकुस 16



सोमवार, 18 मार्च 2019

निकट



      हमारे पुत्र, एलेन के जन्म की अगली प्रातः डॉक्टर ने मेरे पास बैठकर हमारे पुत्र के विषय मुझ से कहा, “कुछ गड़बड़ी है” – हमारा पुत्र जो बाहर से देखने में इतना सुडौल दिखा रहा था, उसमें एक जन्म-दोष था जिससे उसकी जान खतरे में थी और उसे तुरंत ऑपरेशन के लिए 700 मील दूर एक अन्य अस्पताल में ले जाना आवश्यक था।

      जब डॉक्टर आपसे कहता है कि आपके बच्चे के साथ कुछ गड़बड़ी है, तो आपका जीवन घबराहट से भर जाता है। आगे के संभावित खतरे से आपकी आत्मा कुचली हुई अनुभव करती है और आप लड़खड़ाते हुए परमेश्वर को थामने का प्रयास करने लगते हैं जो आपको इतनी सामर्थ्य दे कि आप अपने बच्चे को संभाल सकें। आप विचारते हैं, “क्या एक प्रेमी परमेश्वर यह होने देगा?” और साथ ही, “क्या उसे मेरे बच्चे की चिंता है? क्या वह वास्तव में है?” इन, तथा इन जैसे अन्य विचारों ने उस प्रातः मेरे विश्वास को झकझोर दिया।

      फिर मेरे पति, हिराम, आए और उन्हें यह जानकारी दी गई। डॉक्टर के जाने के पश्चात, हिराम ने कहा, “जोलीन, चलो प्रार्थना करें” और मैंने सहमति में सर हिलाया। उन्होंने मेरा हाथ अपने हाथों में लेकर प्रार्थना की, “पिता परमेश्वर हम आपका धन्यवाद करते हैं एलेन को हमें देने के लिए। प्रभु, वह आपका है, हमारा नहीं। इससे पहले कि हम उसे जानने पाते, आपने उससे प्रेम किया, और वह आपका ही है। हमारी प्रार्थना है कि हम चाहे उसके साथ न हो सकें, परन्तु आप हर समय उसके साथ बने रहें। आमीन।”

      हीराम सदा ही कम बोलने वाले रहे हैं। उन्हें अपने विचार शब्दों में व्यक्त करने में कठिनाई होती है, और वे बोलकर व्यक्त करने का प्रयास भी कम ही करते हैं, यह जानते हुए कि उनके न बोलने पर भी मेरे पास समझने के लिए पर्याप्त शब्द रहते हैं। परन्तु उस दिन जब मेरा हृदय टूटा हुआ था, मेरी आत्मा कुचला हुआ अनुभव कर रही थी, और मेरा विश्वास जाता रहा था, परमेश्वर ने हिराम को वे शब्द कहने की सामर्थ्य दी जो मैं नहीं बोलने पाई थी। और अपने पति के हाथों को कसकर पकड़े हुए, अपने आँसुओं और चुप्पी में, मैंने अनुभव किया कि परमेश्वर मेरे बहुत निकट है। - जोलीन फिलो, अतिथि लेखिका


सबसे अच्छा मित्र, प्रार्थना करने वाला मित्र होता है।

जब तू जल में हो कर जाए, मैं तेरे संग संग रहूंगा और जब तू नदियों में हो कर चले, तब वे तुझे न डुबा सकेंगी; जब तू आग में चले तब तुझे आंच न लगेगी, और उसकी लौ तुझे न जला सकेगी। क्योंकि मैं यहोवा तेरा परमेश्वर हूं, इस्राएल का पवित्र मैं तेरा उद्धारकर्ता हूं। – यशायाह 43:2-3

बाइबल पाठ: भजन 34:11-18
Psalms 34:11 हे लड़कों, आओ, मेरी सुनो, मैं तुम को यहोवा का भय मानना सिखाऊंगा।
Psalms 34:12 वह कौन मनुष्य है जो जीवन की इच्छा रखता, और दीर्घायु चाहता है ताकि भलाई देखे?
Psalms 34:13 अपनी जीभ को बुराई से रोक रख, और अपने मुंह की चौकसी कर कि उस से छल की बात न निकले।
Psalms 34:14 बुराई को छोड़ और भलाई कर; मेल को ढूंढ और उसी का पीछा कर।
Psalms 34:15 यहोवा की आंखे धर्मियों पर लगी रहती हैं, और उसके कान भी उसकी दोहाई की ओर लगे रहते हैं।
Psalms 34:16 यहोवा बुराई करने वालों के विमुख रहता है, ताकि उनका स्मरण पृथ्वी पर से मिटा डाले।
Psalms 34:17 धर्मी दोहाई देते हैं और यहोवा सुनता है, और उन को सब विपत्तियों से छुड़ाता है।
Psalms 34:18 यहोवा टूटे मन वालों के समीप रहता है, और पिसे हुओं का उद्धार करता है।

एक साल में बाइबल:  
  • व्यवस्थाविवरण 32-34
  • मरकुस 15:26-47



रविवार, 17 मार्च 2019

भरोसा



      कुछ संस्कृतियों में यह अपेक्षा की जाती है कि आयु में कम व्यक्ति अपने से बड़े को कमरे में पहले जाने देगा; जबकि कुछ अन्य में इस बात का ध्यान रखा जाता है कि जिसका ओहदा अधिक ऊँचा होगा, वह पहले प्रवेश करेगा। हमारी परम्पराएँ चाहे जो भी हों, ऐसे समय भी आते हैं जब यह चुनना कठिन होता है कि महत्वपूर्ण मामलों में पहले कौन होगा, विशेषकर तब जब पहले होने का विशेषाधिकार हमारा अपना होता है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल के एक नायक, अब्राहम, के विषय हम देखते हैं कि उसके तथा उसके भतीजे लूत के पास इतना पशु-धन और नौकर थे कि उनके सेवकों में बारंबार होने वाली नोक-झोंक के कारण उनका साथ रहना और यात्रा करना कठिन होने लगा था। संघर्ष से बच कर रहने के लिए अब्राहम ने सलाह दी कि वे दोनों अलग हो जाएँ, और उदारतापूर्वक लूत को अधिकार दिया कि वह पहला चुनाव करे कि उसे किस ओर जाना है “तब अब्राम लूत से कहने लगा, मेरे और तेरे बीच, और मेरे और तेरे चरवाहों के बीच में झगड़ा न होने पाए; क्योंकि हम लोग भाई बन्धु हैं। क्या सारा देश तेरे साम्हने नहीं? सो मुझ से अलग हो, यदि तू बाईं ओर जाए तो मैं दाहिनी ओर जाऊंगा; और यदि तू दाहिनी ओर जाए तो मैं बाईं ओर जाऊंगा” (उत्पत्ति 13:8-9)। लूत ने अपने लिए यार्दन नदी की घाटी का उपजाऊ इलाका चुना, और अब्राहम के लिए शेष इलाका जो उसके समान उपजाऊ नहीं था, छोड़ दिया।

      बड़ा होने पर भी अब्राहम ने इस परिस्थिति में अपने विशेषाधिकार पर बल नहीं दिया, परन्तु अपने भविष्य को परमेश्वर के हाथों में छोड़ दिया। लूत के चुनाव ने आगे चलाकर उसके तथा उसके परिवार के लिए बहुत परेशानी खड़ी कर दी (देखें उत्पत्ति 19)। किन्तु अब्राहम परमेश्वर की अगुवाई और अनुग्रह में बढ़ता तथा सामर्थी होता चला गया।

      आज जब हमारे समक्ष अनेकों प्रकार के विकल्प और चुनाव होते हैं, तो हम अपने स्वर्गीय पिता पर भरोसा रखें कि वह हमारा मार्गदर्शन करेगा, हमें सही मार्ग पर ले जाएगा। उसका हमसे वायदा है कि वह हमारी देखभाल करेगा, हमारी प्रत्येक आवश्यकता को पूरा करेगा; हम उसपर भरोसा बनाए रखें। - डेविड मैक्कैस्लैंड


जो चुनाव परमेश्वर पर छोड़ देते हैं, परमेश्वर उन्हें सदा सर्वोत्तम ही देता है। - जिम ईलियट

और जब कभी तुम दाहिनी वा बाईं ओर मुड़ने लगो, तब तुम्हारे पीछे से यह वचन तुम्हारे कानों में पड़ेगा, मार्ग यही है, इसी पर चलो। – यशायाह 30:21

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 13:1-18
Genesis 13:1 तब अब्राम अपनी पत्नी, और अपनी सारी सम्पत्ति ले कर, लूत को भी संग लिये हुए, मिस्र को छोड़ कर कनान के दक्खिन देश में आया।
Genesis 13:2 अब्राम भेड़-बकरी, गाय-बैल, और सोने-रूपे का बड़ा धनी था।
Genesis 13:3 फिर वह दक्खिन देश से चलकर, बेतेल के पास उसी स्थान को पहुंचा, जहां उसका तम्बू पहले पड़ा था, जो बेतेल और ऐ के बीच में है।
Genesis 13:4 यह स्थान उस वेदी का है, जिसे उसने पहले बनाई थी, और वहां अब्राम ने फिर यहोवा से प्रार्थना की।
Genesis 13:5 और लूत के पास भी, जो अब्राम के साथ चलता था, भेड़-बकरी, गाय-बैल, और तम्बू थे।
Genesis 13:6 सो उस देश में उन दोनों की समाई न हो सकी कि वे इकट्ठे रहें: क्योंकि उनके पास बहुत धन था इसलिये वे इकट्ठे न रह सके।
Genesis 13:7 सो अब्राम, और लूत की भेड़-बकरी, और गाय-बैल के चरवाहों के बीच में झगड़ा हुआ: और उस समय कनानी, और परिज्जी लोग, उस देश में रहते थे।
Genesis 13:8 तब अब्राम लूत से कहने लगा, मेरे और तेरे बीच, और मेरे और तेरे चरवाहों के बीच में झगड़ा न होने पाए; क्योंकि हम लोग भाई बन्धु हैं।
Genesis 13:9 क्या सारा देश तेरे साम्हने नहीं? सो मुझ से अलग हो, यदि तू बाईं ओर जाए तो मैं दाहिनी ओर जाऊंगा; और यदि तू दाहिनी ओर जाए तो मैं बाईं ओर जाऊंगा।
Genesis 13:10 तब लूत ने आंख उठा कर, यरदन नदी के पास वाली सारी तराई को देखा, कि वह सब सिंची हुई है। जब तक यहोवा ने सदोम और अमोरा को नाश न किया था, तब तक सोअर के मार्ग तक वह तराई यहोवा की बाटिका, और मिस्र देश के समान उपजाऊ थी।
Genesis 13:11 सो लूत अपने लिये यरदन की सारी तराई को चुन के पूर्व की ओर चला, और वे एक दूसरे से अलग हो गए।
Genesis 13:12 अब्राम तो कनान देश में रहा, पर लूत उस तराई के नगरों में रहने लगा; और अपना तम्बू सदोम के निकट खड़ा किया।
Genesis 13:13 सदोम के लोग यहोवा के लेखे में बड़े दुष्ट और पापी थे।
Genesis 13:14 जब लूत अब्राम से अलग हो गया तब उसके पश्चात यहोवा ने अब्राम से कहा, आंख उठा कर जिस स्थान पर तू है वहां से उत्तर-दक्खिन, पूर्व-पश्चिम, चारों ओर दृष्टि कर।
Genesis 13:15 क्योंकि जितनी भूमि तुझे दिखाई देती है, उस सब को मैं तुझे और तेरे वंश को युग युग के लिये दूंगा।
Genesis 13:16 और मैं तेरे वंश को पृथ्वी की धूल के किनकों के समान बहुत करूंगा, यहां तक कि जो कोई पृथ्वी की धूल के किनकों को गिन सकेगा वही तेरा वंश भी गिन सकेगा।
Genesis 13:17 उठ, इस देश की लम्बाई और चौड़ाई में चल फिर; क्योंकि मैं उसे तुझी को दूंगा।
Genesis 13:18 इसके पशचात्‌ अब्राम अपना तम्बू उखाड़ कर, माम्रे के बांजों के बीच जो हेब्रोन में थे जा कर रहने लगा, और वहां भी यहोवा की एक वेदी बनाई।

एक साल में बाइबल:  
  • व्यवस्थाविवरण 30-31
  • मरकुस 15:1-25



शनिवार, 16 मार्च 2019

हाथ



      मैंने असावधानी के कारण रेस्टोरेंट के काउंटर पर अपने ग्लास को लुढ़का दिया, और उसका पेय निकलकर काउंटर के किनारे से होकर नीचे फर्श की ओर बहने लगा। अपने शर्मिन्दगी को छुपाने के प्रयासों में मैं उस तरल पेय को हाथों से चुल्लू बनाकर समेटने के प्रयासों में लग गई, किन्तु जो हाथों में आया भी, वह उँगलियों के बीच में से होकर फिर नीचे बह गया, और कुछ ही देर में मेरे पैर गीले फर्श पर थे, और मेरे हाथों में चम्मच भर भी पेय नहीं था।

      कभी-कभी मेरा जीवन भी ऐसा ही  होता है। मैं अपने आप को अनेकों कार्यों में एक साथ फंसा हुआ पाती हूँ – समस्याओं के समाधान ढूँढने, विभिन्न बातों के विवरणों पर ध्यान रखने, और परिस्थितियों पर नियंत्रण रखने के प्रयासों में फंसा हुआ। परन्तु मैं चाहे जितना भी प्रयास कर लूँ, अपने हाथों को चाहे जैसे भी संभाल लूँ और उनसे ज़ोर लगा लूँ, मेरे दुर्बल हाथ उन सभी बातों को एक साथ संभालने में सक्षम नहीं होने पाते हैं और कुछ न कुछ मेरे हाथों से फिसलकर नीचे गिर ही जाता है और मुझे फिर शर्मिन्दगी होती है।

      परन्तु मेरा परमेश्वर सब कुछ कर पाने में सक्षम है। परमेश्वर के वचन बाइबल में यशायाह नबी की पुस्तक में लिखा है कि परमेश्वर विश्व भर के जल – अर्थात सभी महासागरों, नदियों, जलाशयों, और वर्षा को, अपने चुल्लू में ले सकता है (40:12)! केवल उसके ही हाथ इतने बड़े और सामर्थी हैं कि सब कुछ को सुरक्षित थामे रह सकते हैं। इसलिए हमें उस चम्मच भर से अधिक को थामने और संभालने का प्रयास नहीं करना चाहिए, जितने के लिए उसने हमारे हाथ बनाए हैं। किसी भी बात से कभी भी अभिभुतित अनुभव होने के स्थान पर, हम निःसंकोच होकर अपने चिंताएं और देखभाल उसके सक्षम हाथों में छोड़ सकते हैं। - कर्स्टेन होम्बर्ग


हम अपनी सभी चिंताओं और देखभाल को परमेश्वर पर छोड़ सकते हैं।

इसलिये परमेश्वर के बलवन्‍त हाथ के नीचे दीनता से रहो, जिस से वह तुम्हें उचित समय पर बढ़ाए। और अपनी सारी चिन्‍ता उसी पर डाल दो, क्योंकि उसको तुम्हारा ध्यान है। - 1 पतरस 5:6-7

बाइबल पाठ: यशायाह 40:9-17
Isaiah 40:9 हे सिय्योन को शुभ समचार सुनाने वाली, ऊंचे पहाड़ पर चढ़ जा; हे यरूशलेम को शुभ समाचार सुनाने वाली, बहुत ऊंचे शब्द से सुना, ऊंचे शब्द से सुना, मत डर; यहूदा के नगरों से कह, अपने परमेश्वर को देखो!
Isaiah 40:10 देखो, प्रभु यहोवा सामर्थ दिखाता हुआ रहा है, वह अपने भुजबल से प्रभुता करेगा; देखो, जो मजदूरी देने की है वह उसके पास है और जो बदला देने का है वह उसके हाथ में है।
Isaiah 40:11 वह चरवाहे के समान अपने झुण्ड को चराएगा, वह भेड़ों के बच्चों को अंकवार में लिये रहेगा और दूध पिलानेवालियों को धीरे धीरे ले चलेगा।
Isaiah 40:12 किस ने महासागर को चुल्लू से मापा और किस के बित्ते से आकाश का नाप हुआ, किस ने पृथ्वी की मिट्टी को नपवे में भरा और पहाड़ों को तराजू में और पहाडिय़ों को कांटे में तौला है?
Isaiah 40:13 किस ने यहोवा की आत्मा को मार्ग बताया वा उसका मन्त्री हो कर उसको ज्ञान सिखाया है?
Isaiah 40:14 उसने किस से सम्मति ली और किस ने उसे समझाकर न्याय का पथ बता दिया और ज्ञान सिखा कर बुद्धि का मार्ग जता दिया है?
Isaiah 40:15 देखो, जातियां तो डोल की एक बून्द वा पलड़ों पर की धूलि के तुल्य ठहरीं; देखो, वह द्वीपों को धूलि के किनकों सरीखे उठाता है।
Isaiah 40:16 लबानोन भी ईधन के लिये थोड़ा होगा और उस में के जीव-जन्तु होमबलि के लिये बस न होंगे।
Isaiah 40:17 सारी जातियां उसके साम्हने कुछ नहीं हैं, वे उसकी दृष्टि में लेश और शून्य से भी घट ठहरीं हैं।

एक साल में बाइबल:  
  • व्यवस्थाविवरण 28-29
  • मरकुस 14:54-72



शुक्रवार, 15 मार्च 2019

विरासत



      हमारे दादा-दादी धनी नहीं थे, परन्तु फिर भी वे प्रत्येक क्रिसमस समय को हम सब भाई-बहनों के लिए विशेष बनाते थे। हम सब जब वहाँ एकत्रित होते थे तो सदा ही बहुत सा भोजन, आनन्द और प्रेम होता था। और छोटी आयु से ही हम सभी बच्चों ने यह सीखा कि यह उत्सव मसीह यीशु के कारण संभव हुआ था।

      हम भी अपने बच्चों के लिए ऐसी ही विरासत छोडकर जाना चाहते हैं। जब हम पिछले वर्ष परिवार जनों के साथ क्रिसमस मनाने के लिए एकत्रित हुए, तो हमें एहसास हुआ कि इस परंपरा का आरंभ दादा-दादी से हुआ था। वे हमें विरासत में धन-संपत्ति तो छोड़ कर नहीं जा सके, परन्तु उन्होंने हमारे जीवनों में प्रेम, आदर, और विश्वास के बीज बोए – जिससे हम, जो उनके बच्चों के बच्चे हैं, उनके उदाहरण का अनुसरण कर सकें।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम नानी लोइस और माँ यूनिके के विषय पढ़ते हैं , जिन्होंने तिमुथियुस के साथ उसके बचपन से ही वास्तविक विश्वास को बाँटा (2 तिमुथियुस 1:5)। उनके प्रभाव के द्वारा वह प्रभु यीशु में मिलने वाले उद्धार के सुसमाचार को अन्य अनेकों के साथ बाँटने वाला बन सका।

      परमेश्वर के साथ निकटता से रहने के द्वारा हम उनके लिए एक आत्मिक विरासत तैयार कर सकते हैं, जिनके जीवनों को हम प्रभावित करते हैं। हम व्यावाहारिक तरीकों से परमेश्वर के प्रेम को औरों के लिए वास्तविक बना सकते हैं, जब हम उन्हें अपना पूरा ध्यान दें, जो वे विचारते तथा करते हैं उसमें रुचि दिखाएँ, उनके साथ जीवन को साझा करें। हम उन्हें अपने उत्सवों में भी आमंत्रित कर सकते हैं! जब हमारे जीवन परमेश्वर के प्रेम की वास्तविकता को प्रतिबिंबित करते हैं, तब हम औरों के उपयोग के लिए एक स्थाई एवँ उत्तम विरासत छोड़ते हैं। - कीला ओकोआ


यदि किसी ने आपके लिए एक ईश्वरीय विरासत छोड़ी है, 
तो उसे किसी अन्य के जीवन में निवेश करें।

इस कारण मैं इन दुखों को भी उठाता हूं, पर लजाता नहीं, क्योंकि मैं उसे जिस की मैं ने प्रतीति की है, जानता हूं; और मुझे निश्‍चय है, कि वह मेरी थाती की उस दिन तक रखवाली कर सकता है। - 2 तिमुथियुस 1:12

बाइबल पाठ: 2 तिमुथियुस 1: 1-7
2 Timothy 1:1 पौलुस की ओर से जो उस जीवन की प्रतिज्ञा के अनुसार जो मसीह यीशु में है, परमेश्वर की इच्छा से मसीह यीशु का प्रेरित है।
2 Timothy 1:2 प्रिय पुत्र तीमुथियुस के नाम। परमेश्वर पिता और हमारे प्रभु मसीह यीशु की ओर से तुझे अनुग्रह और दया और शान्‍ति मिलती रहे।
2 Timothy 1:3 जिस परमेश्वर की सेवा मैं अपने बाप दादों की रीति पर शुद्ध विवेक से करता हूं, उसका धन्यवाद हो कि अपनी प्रार्थनाओं में तुझे लगातार स्मरण करता हूं।
2 Timothy 1:4 और तेरे आंसुओं की सुधि कर कर के रात दिन तुझ से भेंट करने की लालसा रखता हूं कि आनन्द से भर जाऊं।
2 Timothy 1:5 और मुझे तेरे उस निष्‍कपट विश्वास की सुधि आती है, जो पहिले तेरी नानी लोइस, और तेरी माता यूनीके में थी, और मुझे निश्‍चय हुआ है, कि तुझ में भी है।
2 Timothy 1:6 इसी कारण मैं तुझे सुधि दिलाता हूं, कि तू परमेश्वर के उस वरदान को जो मेरे हाथ रखने के द्वारा तुझे मिला है चमका दे।
2 Timothy 1:7 क्योंकि परमेश्वर ने हमें भय की नहीं पर सामर्थ, और प्रेम, और संयम की आत्मा दी है।

एक साल में बाइबल:  
  • व्यवस्थाविवरण 26-27
  • मरकुस 14:27-53



गुरुवार, 14 मार्च 2019

खुली बाहें



      मैंने और मेरे पति डैन ने अपने वृद्ध माता-पिता की देखभाल करने की सेवा जिस दिन आरंभ की, हमें लगा मानो हमने एक साथ हाथ बाँधकर एक ऊँची चट्टान पर से नीचे गहरी खाई में छलांग लगा दी हो। हमने यह नहीं सोचा था कि इस प्रकार देखभाल करने में जो सबसे कठिन कार्य हमारे सामने होगा वह होगा हमारे हृदयों का टटोला जाना, हमें परमेश्वर द्वारा ढाला जाना, और परमेश्वर द्वारा हमें उसकी समानता में आने के लिए नई रीतियों से बदला जाना।

      जिन दिनों में मुझे लगता था कि मैं बेकाबू होकर नीचे की ओर गिरी जा रही हूँ, परमेश्वर मुझे मेरी अपनी योजनाएँ, मेरे संकोच, मेरे भय, मेरा घमण्ड, और मेरा स्वार्थ दिखाता था। उसने मेरे टूटेपन के द्वारा मेरे प्रति अपने प्रेम और क्षमा का बोध करवाया।

      मेरे पास्टर कहते हैं, “आपका सबसे अच्छा दिन वह होता है जब आप अपने आप को वैसा देखते हो जैसे आप वास्तव में हो – मसीह यीशु के बिना असहाय और अपूर्ण। तब आप अपने आप को वैसा देखें जैसा प्रभु यीशु आपको देखता है – प्रभु में परिपूर्ण और जयवंत।” मेरे जीवन में देखभाल करने के द्वारा आने वाली यही आशीष थी। जब मैंने समझा कि परमेश्वर ने मुझे क्या होने के लिए बनाया है, तो मैं रोती हुई भागकर उसकी बाहों में चली गई। मैंने भी भजनकार के साथ कहा, “हे ईश्वर, मुझे जांच कर जान ले! मुझे परख कर मेरी चिन्ताओं को जान ले!” (भजन 139:23)।

      आपके लिए भी मेरी यही प्रार्थना है – आप भी अपनी परिस्थितियों में आप अपने आप को अपनी वास्तविक स्थिति में देखें और समझें; और, आप भी पलटकर प्रभु परमेश्वर की खुली बाहों में आ जाएँ, उसके प्रेम और क्षमा का आनन्द अनुभव करें। - सहेली बीच, अतिथि लेखिका


जब चिन्ता अन्दर आती है, तो सामर्थ्य बाहर चली जाती है। 
जब हम परमेश्वर के पास आते हैं, सामर्थ्य फिर से आ जाती है।

टूटा मन परमेश्वर के योग्य बलिदान है; हे परमेश्वर, तू टूटे और पिसे हुए मन को तुच्छ नहीं जानता। - भजन 51:17

बाइबल पाठ: भजन 139:17-24
Psalms 139:17 और मेरे लिये तो हे ईश्वर, तेरे विचार क्या ही बहुमूल्य हैं! उनकी संख्या का जोड़ कैसा बड़ा है।
Psalms 139:18 यदि मैं उन को गिनता तो वे बालू के किनकों से भी अधिक ठहरते। जब मैं जाग उठता हूं, तब भी तेरे संग रहता हूं।
Psalms 139:19 हे ईश्वर निश्चय तू दुष्ट को घात करेगा! हे हत्यारों, मुझ से दूर हो जाओ।
Psalms 139:20 क्योंकि वे तेरी चर्चा चतुराई से करते हैं; तेरे द्रोही तेरा नाम झूठी बात पर लेते हैं।
Psalms 139:21 हे यहोवा, क्या मैं तेरे बैरियों से बैर न रखूं, और तेरे विरोधियों से रूठ न जाऊं?
Psalms 139:22 हां, मैं उन से पूर्ण बैर रखता हूं; मैं उन को अपना शत्रु समझता हूं।
Psalms 139:23 हे ईश्वर, मुझे जांच कर जान ले! मुझे परख कर मेरी चिन्ताओं को जान ले!
Psalms 139:24 और देख कि मुझ में कोई बुरी चाल है कि नहीं, और अनन्त के मार्ग में मेरी अगुवाई कर!

एक साल में बाइबल:  
  • व्यवस्थाविवरण 23-25
  • मरकुस 14:1-26