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बुधवार, 10 जुलाई 2019

न्याय



      जून 2004 में, वैंकूवर आर्ट गैलरी में, कैनाडा की क्रॉस-कंट्री स्की करने वाली खिलाड़ी, बेकी स्कॉट को ओलंपिक स्वर्ण-पदक प्रदान किया गया। यह रोचक था, क्योंकि वे ओलंपिक खेल तो 2002 में ऊटाह में आयोजित हुए थे। उस समय स्कॉट को दो अन्य प्रतियोगियों के बाद तीसरा स्थान और कांस्य पदक मिला था; परन्तु कुछ माह पश्चात यह पता चला के पहले दोनों प्रतियोगियों ने वर्जित पदार्थों का प्रयोग किया था, जिसके कारण उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया और तीसरा स्थान पाने वाली स्कॉट को अब प्रथम स्थान तथा स्वर्ण-पदक दिया गया।

      यह अच्छा तो है कि स्कॉट को अन्ततः उसका स्वर्ण पदक मिल गया, परन्तु वह पल जब उसे सब के सामने मंच पर खड़े होकर वह पदक लेना था और उसके देश का राष्ट्रगान बजाया जाना था सदा के लिए जा चुका था। उस अन्याय की पूर्ति कभी नहीं की जा सकेगी।

      किसी भी प्रकार का अन्याय हमें विचलित करता है, और स्वर्ण-पदक न मिल पाने से बढ़कर और भी अनेकों प्रकार के अन्याय सँसार में होते हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल के आरंभ में ही कैन और हाबिल की कहानी अन्याय की एक चर्म सीमा को दिखाती है (उत्पत्ति 4:8)। पहली झलक में यह लगता है कि कैन अपने भाई हाबिल की हत्या करके भी बच निकला। उसने एक लंबा भरपूरी का जीवन जीया और एक शहर भी बसाया (पद 17)।

      परन्तु स्वयँ परमेश्वर ने कैन का सामना किया; परमेश्वर ने कैन से कहा, “...तेरे भाई का लोहू भूमि में से मेरी ओर चिल्ला कर मेरी दोहाई दे रहा है” (पद 10)। बाद में चलकर नए नियम में कैन को ऐसा व्यक्ति बताया गया जिसके उदाहरण का अनुसरण नहीं करना चाहिए (1 यूहन्ना 3:2; यहूदा 1:11)। परन्तु हाबिल के विषय नए नियम में आया है, “विश्वास ही से हाबिल ने कैन से उत्तम बलिदान परमेश्वर के लिये चढ़ाया; और उसी के द्वारा उसके धर्मी होने की गवाही भी दी गई: क्योंकि परमेश्वर ने उस की भेंटों के विषय में गवाही दी; और उसी के द्वारा वह मरने पर भी अब तक बातें करता है” (इब्रानियों 11:4)।

      परमेश्वर न्याय करने, गलत को सही करने, तथा निर्बलों का बचाव करने के विषय बहुत ध्यान करता है। अन्ततः कोई उसके न्याय से बच नहीं सकता है, और वह उसमें लाए गए विश्वास के अन्तर्गत किए गए कार्यों का प्रतिफल भी देगा। - टिम गुस्ताफासन


अन्ततः पाप का न्याय वैसे नहीं होगा, जैसे हम उसे देखते हैं; 
वरन वैसे जैसे परमेश्वर पाप को देखता है।

फिर मैं ने छोटे बड़े सब मरे हुओं को सिंहासन के साम्हने खड़े हुए देखा, और पुस्‍तकें खोली गई; और फिर एक और पुस्‍तक खोली गई; और फिर एक और पुस्‍तक खोली गई, अर्थात जीवन की पुस्‍तक; और जैसे उन पुस्‍तकों में लिखा हुआ था, उन के कामों के अनुसार मरे हुओं का न्याय किया गया। - प्रकाशिताक्य 20:12

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 4:1-12
Genesis 4:1 जब आदम अपनी पत्नी हव्वा के पास गया तब उसने गर्भवती हो कर कैन को जन्म दिया और कहा, मैं ने यहोवा की सहायता से एक पुरूष पाया है।
Genesis 4:2 फिर वह उसके भाई हाबिल को भी जन्मी, और हाबिल तो भेड़-बकरियों का चरवाहा बन गया, परन्तु कैन भूमि की खेती करने वाला किसान बना।
Genesis 4:3 कुछ दिनों के पश्चात कैन यहोवा के पास भूमि की उपज में से कुछ भेंट ले आया।
Genesis 4:4 और हाबिल भी अपनी भेड़-बकरियों के कई एक पहिलौठे बच्चे भेंट चढ़ाने ले आया और उनकी चर्बी भेंट चढ़ाई; तब यहोवा ने हाबिल और उसकी भेंट को तो ग्रहण किया,
Genesis 4:5 परन्तु कैन और उसकी भेंट को उसने ग्रहण न किया। तब कैन अति क्रोधित हुआ, और उसके मुंह पर उदासी छा गई।
Genesis 4:6 तब यहोवा ने कैन से कहा, तू क्यों क्रोधित हुआ? और तेरे मुंह पर उदासी क्यों छा गई है?
Genesis 4:7 यदि तू भला करे, तो क्या तेरी भेंट ग्रहण न की जाएगी? और यदि तू भला न करे, तो पाप द्वार पर छिपा रहता है, और उसकी लालसा तेरी और होगी, और तू उस पर प्रभुता करेगा।
Genesis 4:8 तब कैन ने अपने भाई हाबिल से कुछ कहा: और जब वे मैदान में थे, तब कैन ने अपने भाई हाबिल पर चढ़ कर उसे घात किया।
Genesis 4:9 तब यहोवा ने कैन से पूछा, तेरा भाई हाबिल कहां है? उसने कहा मालूम नहीं: क्या मैं अपने भाई का रखवाला हूं?
Genesis 4:10 उसने कहा, तू ने क्या किया है? तेरे भाई का लोहू भूमि में से मेरी ओर चिल्ला कर मेरी दोहाई दे रहा है!
Genesis 4:11 इसलिये अब भूमि जिसने तेरे भाई का लोहू तेरे हाथ से पीने के लिये अपना मुंह खोला है, उसकी ओर से तू शापित है।
Genesis 4:12 चाहे तू भूमि पर खेती करे, तौभी उसकी पूरी उपज फिर तुझे न मिलेगी, और तू पृथ्वी पर बहेतू और भगोड़ा होगा।

एक साल में बाइबल: 
  • अय्यूब 41-42
  • प्रेरितों 16:22-40



मंगलवार, 9 जुलाई 2019

आनन्द



      मेरी नातिन की पसंदीदा धुन जौन फिलिप सौसा द्वारा मार्च करने के लिए बनाई गई एक धुन है। सौसा को मार्चिंग धुनों का राजा भी कहा जाता है और वह उन्नीसवीं शताब्दी के अन्त के समय अमेरिका में धुनों का एक रचियता था। मेरी नातिन, मोरियाह, किसी मार्चिंग बैंड की सदस्या नहीं है, वह केवल बीस महीने की ही है। उसे बस वह धुन पसन्द है और वह उसके कुछ एक सुर गुनगुना भी लेती है। मोरियाह इसे आनन्द के समयों के साथ जोड़ती है। जब हमारा परिवार एकत्रित होता है तब हम अकसर इस धुन को गुनगुनाते हैं, तालिया बजाते तथा अन्य प्रबल धवानियाँ उत्पन्न करते हैं, और हमारे नाती-पोते इस धुन पर नाचते या गोल गोल घूमते हुए मार्च करते हैं – हम सब के लिए एक बहुत आनन्द का समय होता है।

      इस प्रकार आनन्द के स्वर निकालने से मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में एक भजन की याद आती है जो हमें “आनन्द से यहोवा की आराधना” करने को कहता है (भजन 100:2)। जब राजा सुलेमान ने मंदिर का समर्पण किया, तब इस्राएलियों ने स्तुतिगान करते हुए उत्सव मनाया (2 इतिहास 7:5-6)। उस समय उनके द्वारा गाए गए भजनों में से संभवतः भजन 100 भी के था। इस भजन में लिखा है: “हे सारी पृथ्वी के लोगों यहोवा का जयजयकार करो! आनन्द से यहोवा की आराधना करो! जयजयकार के साथ उसके सम्मुख आओ!...उसके फाटकों से धन्यवाद, और उसके आंगनों में स्तुति करते हुए प्रवेश करो, उसका धन्यवाद करो, और उसके नाम को धन्य कहो!” (पद 1-2, 4)। ऐसा क्यों? “क्योंकि यहोवा भला है, उसकी करूणा सदा के लिये, और उसकी सच्चाई पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहती है” (पद 5)।

      हमारा परमेश्वर हम से प्रेम करता है! उसके प्रति कृतज्ञतापूर्ण प्रत्युत्तर में हम आनन्द के साथ उसकी जयजयकार करें (भजन 100: 1)। - एलीसन कीडा


स्तुति आनदित हृदय से निकला प्रवाह है।

निश्चय जानो, कि यहोवा ही परमेश्वर है। उसी ने हम को बनाया, और हम उसी के हैं; हम उसकी प्रजा, और उसकी चराई की भेड़ें हैं। - भजन 100:3

बाइबल पाठ: 2 इतिहास 7:1-10
2 Chronicles 7:1 जब सुलैमान यह प्रार्थना कर चुका, तब स्वर्ग से आग ने गिर कर होमबलियों तथा और बलियों को भस्म किया, और यहोवा का तेज भवन में भर गया।
2 Chronicles 7:2 और याजक यहोवा के भवन में प्रवेश न कर सके, क्योंकि यहोवा का तेज यहोवा के भवन में भर गया था।
2 Chronicles 7:3 और जब आग गिरी और यहोवा का तेज भवन पर छा गया, तब सब इस्राएली देखते रहे, और फर्श पर झुक कर अपना अपना मुंह भूमि की ओर किए हुए दण्डवत किया, और यों कह कर यहोवा का धन्यवाद किया कि, वह भला है, उसकी करुणा सदा की है।
2 Chronicles 7:4 तब सब प्रजा समेत राजा ने यहोवा को बलि चढ़ाई।
2 Chronicles 7:5 और राजा सुलैमान ने बाईस हजार बैल और एक लाख बीस हजार भेड़ -बकरियां चढ़ाई। यों पूरी प्रजा समेत राजा ने यहोवा के भवन की प्रतिष्ठा की।
2 Chronicles 7:6 और याजक अपना अपना कार्य करने को खड़े रहे, और लेवीय भी यहोवा के गीत के गाने के लिये बाजे लिये हुए खड़े थे, जिन्हें दाऊद राजा ने यहोवा की सदा की करुणा के कारण उसका धन्यवाद करने को बनाकर उनके द्वारा स्तुति कराई थी; और इनके साम्हने याजक लोग तुरहियां बजाते रहे; और सब इस्राएली खड़े रहे।
2 Chronicles 7:7 फिर सुलैमान ने यहोवा के भवन के साम्हने आंगन के बीच एक स्थान पवित्र कर के होमबलि और मेलबलियों की चर्बी वहीं चढ़ाई, क्योंकि सुलैमान की बनाईं हुई पीतल की वेदी होमबलि और अन्नबलि और चर्बी के लिये छोटी थी।
2 Chronicles 7:8 उसी समय सुलैमान ने और उसके संग हमात की घाटी से ले कर मिस्र के नाले तक के सारे इस्राएल की एक बहुत बड़ी सभा ने सात दिन तक पर्व को माना।
2 Chronicles 7:9 और आठवें दिन को उन्होंने महासभा की, उन्होंने वेदी की प्रतिष्ठा सात दिन की; और पर्वों को भी सात दिन माना।
2 Chronicles 7:10 निदान सातवें महीने के तेइसवें दिन को उसने प्रजा के लोगों को विदा किया, कि वे अपने अपने डेरे को जाएं, और वे उस भलाई के कारण जो यहोवा ने दाऊद और सुलैमान और अपनी प्रजा इस्राएल पर की थी आनन्दित थे।

एक साल में बाइबल: 
  • अय्यूब 38-40
  • प्रेरितों 16:1-21



सोमवार, 8 जुलाई 2019

विश्राम



      एक इतवार, मैं हमारी उत्तरी लंडन के रिहायशी इलाके से होकर बहने वाली छोटी सी नदी के किनारे खड़ी थी और उसे निहार रही थी, उसके द्वारा उस आबादी क्षेत्र को मिलने वाली सुन्दरता और मनोहरता में आनन्दित हो रही थी। उस बहते हुए पानी की धवनी और चिड़ियों के चहचहाने की आवाजों को सुनने से मुझे आराम मिला और मैंने प्रभु को धन्यवाद दिया कि किस प्रकार वह हमारे मनों को आराम मिलने के प्रावधान करता है।

      प्रभु परमेश्वर ने अपने लोगों, इस्राएलियों, के लिए एक विश्राम का दिन – सब्त, निर्धारित कर के दिया, जिस दिन वे विश्राम करें और उसकी आराधना में समय बिताएं, तथा अपने जीवनों को नवीनीकृत करें; क्योंकि वह उन्हें बढ़ता तथा फलते-फूलते देखना चाहता था। जैसा हम परमेश्वर के वचन बाइबल में निर्गमन की पुस्तक में देखते हैं, परमेश्वर ने छः दिन कार्य करके सातवें दिन विश्राम करने को कहा, और उन्हें भूमि को भी विश्राम देने के लिए कहा; परमेश्वर ने इस्राएलियों को निर्देश दिए कि वे छः वर्ष अपने खेत में अन्न उपजाएँ और सातवें वर्ष में कोई फसल न बोएं और न काटें। इस्राएलियों की यह जीवन शैली उन्हें और सभी जातियों से पृथक करती थी, क्योंकि विश्राम के इस नमूने का पालन न केवल उन्होंने, वरन उनके घर में रहने वाले परदेसी और उनके दास-दासियों को भी करना था।

      हम अपने विश्राम दिन का निर्वाह आशापूर्ण तथा रचनात्मक रीति से कर सकते हैं, परमेश्वर द्वारा उसकी आराधना करने में समय बिताने तथा अपनी आत्माओं को पोषित करने के अवसर का सदुपयोग कर सकते हैं। अपने शरीर और आत्मा को विश्राम तथा पोषण देने के लिए लोग विभिन्न तरीके अपनाते हैं। कुछ लोग सामूहिक खेल खेलते हैं, कुछ बागबानी करते हैं, कुछ परिवार या मित्र जनों के साथ सामूहिक भोजन करते हैं; तो कुछ सो कर आराम करते हैं।

      हम विश्राम दिन को अपने जीवन का अभिन्न भाग बना कर उसमें परमेश्वर के साथ संगति तथा शारीरिक विश्राम द्वारा अपने जीवनों को सुव्यवस्थित, आनन्दमय, और पोषित बना सकते हैं। - एमी बाउचर पाई


हमारे विश्वास और सेवा में विश्राम का भी कार्य के समान ही महत्व है।

उस[प्रभु यीशु]ने उन से कहा; तुम आप अलग किसी जंगली स्थान में आकर थोड़ा विश्राम करो; क्योंकि बहुत लोग आते जाते थे, और उन्हें खाने का अवसर भी नहीं मिलता था। - मरकुस 6:31

बाइबल पाठ: निर्गमन 23:10-13
Exodus 23:10 छ: वर्ष तो अपनी भूमि में बोना और उसकी उपज इकट्ठी करना;
Exodus 23:11 परन्तु सातवें वर्ष में उसको पड़ती रहने देना और वैसा ही छोड़ देना, तो तेरे भाई बन्धुओं में के दरिद्र लोग उस से खाने पाएं, और जो कुछ उन से भी बचे वह बनैले पशुओं के खाने के काम में आए। और अपनी दाख और जलपाई की बारियों को भी ऐसे ही करना।
Exodus 23:12 छ: दिन तक तो अपना काम काज करना, और सातवें दिन विश्राम करना; कि तेरे बैल और गदहे सुस्ताएं, और तेरी दासियों के बेटे और परदेशी भी अपना जी ठंडा कर सकें।
Exodus 23:13 और जो कुछ मैं ने तुम से कहा है उस में सावधान रहना; और दूसरे देवताओं के नाम की चर्चा न करना, वरन वे तुम्हारे मुंह से सुनाईं भी न दें।

एक साल में बाइबल: 
  • अय्यूब 36-37
  • प्रेरितों 15:22-41



रविवार, 7 जुलाई 2019

अच्छा



      मेरे माता-पिता ने मुझे और मेरी बहन को बचपन से ही “अच्छे लोग” होने की परवरिश दी। हमारे घर में “अच्छा” होने का अर्थ था माता-पिता का आज्ञाकारी होना, सदा सच बोलना, स्कूल और कार्य-स्थल के सभी दायित्वों के निर्वाह में सफल होना, और चर्च जाना...कम से कम क्रिसमस और ईस्टर पर तो अवश्य। मेरा मानना है कि अच्छा होने की यह परिभाषा बहुतेरे लोगों के लिए चिर-परिचित है, वे चाहे किसी भी स्थान या संस्कृति के क्यों न हों। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने फिलिप्पी के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में अपनी संस्कृति के अनुसार “अच्छे” होने की परिभाषा के द्वारा एक बड़ी बात को समझाया।

      पौलुस, प्रथम शताब्दी का एक भक्त यहूदी व्यक्ति थी, और अपनी संस्कृति के नैतिक व्यवस्था का बहुत कड़ाई से पालन करता था। उसका जन्म “अच्छे” परिवार में हुआ था, उसे “अच्छी” शिक्षा मिली थी, और वह “अच्छे” धर्म का सही निर्वाह करता था। वह यहूदी मान्यताओं के अनुसार “अच्छा” व्यक्ति होने के सभी मानकों पर खरा उतरता था। पौलुस ने अपनी पत्री में यह भी लिखा कि यदि वह चाहता तो अपने अच्छे होने पर घमण्ड भी कर सकता था। परन्तु इतना सब अच्छा होते हुए भी, एक बार जब पौलुस का प्रभु यीशु मसीह से साक्षात्कार हो गया, तो उसने अपने अच्छे होने की वास्तविकता को पहचाना, और जान लिया कि चाहे अच्छा होना भला है, किन्तु परमेश्वर को प्रसन्न करने के लिए पर्याप्त नहीं है।

      पौलुस ने आगे लिखा, कि परमेश्वर को प्रसन्न करने के लिए प्रभु यीशु मसीह को व्यक्तिगत रीति से जानना अनिवार्य है। पौलुस ने स्वयँ अपने विषय कहा कि अपनी सभी घमंड कर सकने योग्य बातों को वह, प्रभु यीशु मसीह की पहचान की उत्तमता के सामने “कूड़ा” समझता है। जो बात पौलुस ने अपने उदाहरण से हमें समझाई है वह है : अपनी अच्छाई मात्र से ही हम परमेश्वर को प्रसन्न करने वाले और उसे ग्रहण योग्य नहीं हो जाते हैं; केवल जब प्रभु यीशु मसीह ही में हमारा विश्वास, समर्पण और आशा होते हैं, तब ही हम वास्तव में “अच्छे” होते हैं और परमेश्वर को प्रसन्न करने पाते हैं। - कैरेन वुल्फ


हम भले, और परमेश्वर को प्रसन्न करने वाले तब ही होते हैं, 
जब हम केवल प्रभु यीशु मसीह ही में विश्वास और आशा रखते हैं।

हम तो सब के सब अशुद्ध मनुष्य के से हैं, और हमारे धर्म के काम सब के सब मैले चिथड़ों के समान हैं। हम सब के सब पत्ते के समान मुर्झा जाते हैं, और हमारे अधर्म के कामों ने हमें वायु के समान उड़ा दिया है। - यशायाह 64:6

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 3:1-11
Philippians 3:1 निदान, हे मेरे भाइयो, प्रभु में आनन्‍दित रहो: वे ही बातें तुम को बार बार लिखने में मुझे तो कोई कष्‍ट नहीं होता, और इस में तुम्हारी कुशलता है।
Philippians 3:2 कुत्तों से चौकस रहो, उन बुरे काम करने वालों से चौकस रहो, उन काट कूट करने वालों से चौकस रहो।
Philippians 3:3 क्योंकि खतना वाले तो हम ही हैं जो परमेश्वर के आत्मा की अगुवाई से उपासना करते हैं, और मसीह यीशु पर घमण्‍ड करते हैं और शरीर पर भरोसा नहीं रखते।
Philippians 3:4 पर मैं तो शरीर पर भी भरोसा रख सकता हूं यदि किसी और को शरीर पर भरोसा रखने का विचार हो, तो मैं उस से भी बढ़कर रख सकता हूं।
Philippians 3:5 आठवें दिन मेरा खतना हुआ, इस्त्राएल के वंश, और बिन्यामीन के गोत्र का हूं; इब्रानियों का इब्रानी हूं; व्यवस्था के विषय में यदि कहो तो फरीसी हूं।
Philippians 3:6 उत्‍साह के विषय में यदि कहो तो कलीसिया का सताने वाला; और व्यवस्था की धामिर्कता के विषय में यदि कहो तो निर्दोष था।
Philippians 3:7 परन्तु जो जो बातें मेरे लाभ की थीं, उन्‍हीं को मैं ने मसीह के कारण हानि समझ लिया है।
Philippians 3:8 वरन मैं अपने प्रभु मसीह यीशु की पहिचान की उत्तमता के कारण सब बातों को हानि समझता हूं: जिस के कारण मैं ने सब वस्‍तुओं की हानि उठाई, और उन्हें कूड़ा समझता हूं, जिस से मैं मसीह को प्राप्त करूं।
Philippians 3:9 और उस में पाया जाऊं; न कि अपनी उस धामिर्कता के साथ, जो व्यवस्था से है, वरन उस धामिर्कता के साथ जो मसीह पर विश्वास करने के कारण है, और परमेश्वर की ओर से विश्वास करने पर मिलती है।
Philippians 3:10 और मैं उसको और उसके मृत्युंजय की सामर्थ को, और उसके साथ दुखों में सहभागी हाने के मर्म को जानूँ, और उस की मृत्यु की समानता को प्राप्त करूं।
Philippians 3:11 ताकि मैं किसी भी रीति से मरे हुओं में से जी उठने के पद तक पहुंचूं।

एक साल में बाइबल: 
  • अय्यूब 34-35
  • प्रेरितों 15:1-21



शनिवार, 6 जुलाई 2019

पहल



      हमने अनाथालय से एक लड़के को गोद लिया और उसे अपना पुत्र बनाकर हमारे परिवार में उसके नए जीवन के अनुकूल बनने में उसकी सहायता और मार्गदर्शन करने लगे। अनाथालय में उसके जीवन के आरंभिक दिनों में मिले मानसिक आघात उसके अंदर से कुछ नकारात्मक व्यवहार को उत्पन्न कर रहे थे। यद्यपि जीवन के आरंभिक समय में उसके द्वारा झेली गई उन कठिनाईयों के प्रति मुझे बहुत अनुकम्पा थी, परन्तु उसके उन नकारात्मक व्यवहारों के कारण मुझे लगने लगा कि मैं उससे कुछ दूरी बनाने लगी हूँ। मुझे अपने इस रवैये पर ग्लानि हुई और मैंने उसके मानसिक चिकित्सिक के साथ अपनी यह व्यथा साझा की। उस चिकित्सक के कोमल किन्तु सटीक उत्तर ने तुरंत ही मुझे सही रास्ता दिखाया; उस का परामर्श था, “उसे आपकी पहल की आवश्यकता है...आपको पहल करके उसे दिखाना होगा कि वह जैसा भी है, आपके प्रेम के योग्य है और आप व्यवाहारिक रीति से वास्तव में उससे प्रेम करती हैं; तब ही वह प्रेम के व्यवहार को जानने, समझने, और सीखने पाएगा।”

      परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित यूहन्ना अपनी पत्रियों के पाठकों को प्रेम की अद्भुत गहराईयों में ले जाता है, और परमेश्वर के प्रेम को एक दूसरे के प्रति प्रेम का स्त्रोत और कारण दिखाता है (1 यूहन्ना 4:7, 11)। मैं मानती हूँ कि मैं औरों के प्रति, वे चाहे अजनबी हों, या मित्रगण, अथवा मेरे बच्चे, बहुधा ऐसा प्रेम नहीं दिखाने पाती हूँ। परन्तु यूहन्ना के शब्द मेरे अन्दर ऐसा करने के प्रयास को पुनः करने और ऐसा करने के योग्य बनने को प्रेरित करते हैं – क्योंकि मेरे प्रति प्रेम करने और दिखाने की पहल परमेश्वर ने की। परमेश्वर ने अपने पुत्र को भेजा कि हमारे प्रति अपने प्रेम की भरपूरी उसमें होकर प्रगट करे। मैं परमेश्वर की बहुत कृतज्ञ हूँ कि वह हमारे प्रति वैसा रवैया नहीं रखता है, जैसा हम रखने की प्रवृत्ति रखते हैं – दूरी बना लेने का; परमेश्वर हमसे कभी दूर नहीं होता है।

      यद्यपि हमारे पापमय व्यवहार परमेश्वर के प्रेम को तो आकर्षित नहीं करते हैं, परन्तु फिर भी वह अपने प्रेम को सदा हमें प्रदान करता रहता है (रोमियों 5:8)। परमेश्वर द्वारा की गई “पहल” हमें बाध्य करती है कि उसके उस प्रेम के प्रत्युत्तर में हम एक दूसरे के प्रति भी प्रेम रखें। - कर्स्टन होल्मबर्ग


परमेश्वर ने हमसे पहले प्रेम किया जिससे हम औरों से प्रेम कर सकें।

परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा। - रोमियों 5:8

बाइबल पाठ: 1 यूहन्ना 4:7-21
1 John 4:7 हे प्रियों, हम आपस में प्रेम रखें; क्योंकि प्रेम परमेश्वर से है: और जो कोई प्रेम करता है, वह परमेश्वर से जन्मा है; और परमेश्वर को जानता है।
1 John 4:8 जो प्रेम नहीं रखता, वह परमेश्वर को नहीं जानता है, क्योंकि परमेश्वर प्रेम है।
1 John 4:9 जो प्रेम परमेश्वर हम से रखता है, वह इस से प्रगट हुआ, कि परमेश्वर ने अपने एकलौते पुत्र को जगत में भेजा है, कि हम उसके द्वारा जीवन पाएं।
1 John 4:10 प्रेम इस में नहीं कि हम ने परमेश्वर ने प्रेम किया; पर इस में है, कि उसने हम से प्रेम किया; और हमारे पापों के प्रायश्‍चित्त के लिये अपने पुत्र को भेजा।
1 John 4:11 हे प्रियो, जब परमेश्वर ने हम से ऐसा प्रेम किया, तो हम को भी आपस में प्रेम रखना चाहिए।
1 John 4:12 परमेश्वर को कभी किसी ने नहीं देखा; यदि हम आपस में प्रेम रखें, तो परमेश्वर हम में बना रहता है; और उसका प्रेम हम में सिद्ध हो गया है।
1 John 4:13 इसी से हम जानते हैं, कि हम उस में बने रहते हैं, और वह हम में; क्योंकि उसने अपने आत्मा में से हमें दिया है।
1 John 4:14 और हम ने देख भी लिया और गवाही देते हैं, कि पिता ने पुत्र को जगत का उद्धारकर्ता कर के भेजा है।
1 John 4:15 जो कोई यह मान लेता है, कि यीशु परमेश्वर का पुत्र है: परमेश्वर उस में बना रहता है, और वह परमेश्वर में।
1 John 4:16 और जो प्रेम परमेश्वर हम से रखता है, उसको हम जान गए, और हमें उस की प्रतीति है; परमेश्वर प्रेम है: जो प्रेम में बना रहता है, वह परमेश्वर में बना रहता है; और परमेश्वर उस में बना रहता है।
1 John 4:17 इसी से प्रेम हम में सिद्ध हुआ, कि हमें न्याय के दिन हियाव हो; क्योंकि जैसा वह है, वैसे ही संसार में हम भी हैं।
1 John 4:18 प्रेम में भय नहीं होता, वरन सिद्ध प्रेम भय को दूर कर देता है, क्योंकि भय से कष्‍ट होता है, और जो भय करता है, वह प्रेम में सिद्ध नहीं हुआ।
1 John 4:19 हम इसलिये प्रेम करते हैं, कि पहिले उसने हम से प्रेम किया।
1 John 4:20 यदि कोई कहे, कि मैं परमेश्वर से प्रेम रखता हूं; और अपने भाई से बैर रखे; तो वह झूठा है: क्योंकि जो अपने भाई से, जिस उसने देखा है, प्रेम नहीं रखता, तो वह परमेश्वर से भी जिसे उसने नहीं देखा, प्रेम नहीं रख सकता।
1 John 4:21 और उस से हमें यह आज्ञा मिली है, कि जो कोई अपने परमेश्वर से प्रेम रखता है, वह अपने भाई से भी प्रेम रखे।

एक साल में बाइबल: 
  • अय्यूब 32-33
  • प्रेरितों 14



शुक्रवार, 5 जुलाई 2019

भरोसा



      बच्चों के विकास में उनके व्यवहार से संबंधित समस्याओं की विशेषज्ञा, डॉ. बारबरा हॉवर्ड ने कहा, “भाई-बहनों के परस्पर झगड़ों में अभिभावकों द्वारा पक्षपात की अनुभूति सबसे प्रमुख कारणों में से एक है” (“When Parents Have a Favorite Child” nytimes.com)। इसका एक उदाहरण होगा परमेश्वर के वचन बाइबल का एक पात्र – युसूफ। युसूफ अपने पिता का दुलारा था, और इस कारण उसके बड़े भाई उससे चिढ़ते थे (उत्पत्ति 37:3-4)। इसलिए उन भाईयों ने मौक़ा पाकर उसे मिस्र को जाने वाले व्यापारियों को बेच दिया और घर पर यह दिखाया कि उसे किसी जंगली जानवर ने मार डाला था (उत्पत्ति 37:12-36)। उन व्यापारियों ने युसूफ को मिस्र में लेजाकर दास के समान बेच दिया; युसूफ के सपने बिखर गए और उसका भविष्य अन्धकारमय लगने लगा। परन्तु युसूफ ने परमेश्वर पर अपना भरोसा बनाए रखा।

      दास के रूप में अपनी जीवन की यात्रा में, वह परमेश्वर के प्रति विश्वासयोग्य बना रहा, और चाहे परिस्थितियाँ और भी बिगड़ती हुई लगीं, किन्तु उसने परमेश्वर पर अपने भरोसे और उसके अनुरूप व्यवहार को नहीं छोड़ा। उसके स्वामी की पत्नि ने उसे व्यभिचार में गिराना चाहा, किन्तु उसने जब ऐसा नहीं होने दिया, तो उस स्त्री ने उसपर झूठे आरोप मढ़े और युसूफ बंदीगृह में डलवा दिया गया। वहाँ भी उसने परमेश्वर के प्रति अपने भरोसे और व्यवहार को बनाए रखा; और उचित समय पर परमेश्वर ने युसूफ को कल्पना से भी परे प्रतिफल दिया, उसे मिस्र का प्रधान-मंत्री बना दिया।

      वर्षों के बाद, अकाल के समय जब उसके भाई मिस्र में अनाज लेने के लिए आए, तो वे अपने भाई को मिस्र के प्रधान-मंत्री के रूप में देखकर घबरा गए। परन्तु युसूफ ने उन्हें आश्वस्त किया और कहा, “अब तुम लोग मत पछताओ, और तुम ने जो मुझे यहां बेच डाला, इस से उदास मत हो; क्योंकि परमेश्वर ने तुम्हारे प्राणों को बचाने के लिये मुझे आगे से भेज दिया है... इस रीति अब मुझ को यहां पर भेजने वाले तुम नहीं, परमेश्वर ही ठहरा” (उत्पत्ति 45:5, 8)।

      युसूफ द्वारा अपने भाईयों से कहे गए ये विनम्रता के शब्द मुझे चकित करते हैं और मैं सोचता हूँ, ऐसे में मेरा रवैया कैसा होता? क्या मैं प्रतिशोध लेता, या युसूफ के समान उनके प्रति अनुग्रहकारी होता? क्योंकि युसूफ का भरोसा परमेश्वर पर से कभी डिगने नहीं पाया, इसलिए उसने वह पाया जिसकी कभी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था, और उसने वह किया जो आज भी आश्चर्यचकित करता है, विचार करने के लिए बाध्य करता है। - डेविड मैक्कैस्लैंड


जीवन के सबसे अंधकारमय समयों में, 
केवल विश्वास की दृष्टि के द्वारा ही हम 
परमेश्वर के प्रेमपूर्ण हाथ को अपने साथ देख सकते हैं।

हे याकूब के घराने, हे इस्राएल के घराने के सब बचे हुए लोगो, मेरी ओर कान लगाकर सुनो; तुम को मैं तुम्हारी उत्पत्ति ही से उठाए रहा और जन्म ही से लिये फिरता आया हूं। तुम्हारे बुढ़ापे में भी मैं वैसा ही बना रहूंगा और तुम्हारे बाल पकने के समय तक तुम्हें उठाए रहूंगा। मैं ने तुम्हें बनाया और तुम्हें लिये फिरता रहूंगा; - यशायाह 46:3-4

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 45:1-11
Genesis 45:1 तब यूसुफ उन सब के साम्हने, जो उसके आस पास खड़े थे, अपने को और रोक न सका; और पुकार के कहा, मेरे आस पास से सब लोगों को बाहर कर दो। भाइयों के साम्हने अपने को प्रगट करने के समय यूसुफ के संग और कोई न रहा।
Genesis 45:2 तब वह चिल्ला चिल्लाकर रोने लगा: और मिस्रियों ने सुना, और फिरौन के घर के लोगों को भी इसका समाचार मिला।
Genesis 45:3 तब यूसुफ अपने भाइयों से कहने लगा, मैं यूसुफ हूं, क्या मेरा पिता अब तब जीवित है? इसका उत्तर उसके भाई न दे सके; क्योंकि वे उसके साम्हने घबरा गए थे।
Genesis 45:4 फिर यूसुफ ने अपने भाइयों से कहा, मेरे निकट आओ। यह सुनकर वे निकट गए। फिर उसने कहा, मैं तुम्हारा भाई यूसुफ हूं, जिस को तुम ने मिस्र आनेहारों के हाथ बेच डाला था।
Genesis 45:5 अब तुम लोग मत पछताओ, और तुम ने जो मुझे यहां बेच डाला, इस से उदास मत हो; क्योंकि परमेश्वर ने तुम्हारे प्राणों को बचाने के लिये मुझे आगे से भेज दिया है।
Genesis 45:6 क्योंकि अब दो वर्ष से इस देश में अकाल है; और अब पांच वर्ष और ऐसे ही होंगे, कि उन में न तो हल चलेगा और न अन्न काटा जाएगा।
Genesis 45:7 सो परमेश्वर ने मुझे तुम्हारे आगे इसी लिये भेजा, कि तुम पृथ्वी पर जीवित रहो, और तुम्हारे प्राणों के बचने से तुम्हारा वंश बढ़े।
Genesis 45:8 इस रीति अब मुझ को यहां पर भेजने वाले तुम नहीं, परमेश्वर ही ठहरा: और उसी ने मुझे फिरौन का पिता सा, और उसके सारे घर का स्वामी, और सारे मिस्र देश का प्रभु ठहरा दिया है।
Genesis 45:9 सो शीघ्र मेरे पिता के पास जा कर कहो, तेरा पुत्र यूसुफ इस प्रकार कहता है, कि परमेश्वर ने मुझे सारे मिस्र का स्वामी ठहराया है; इसलिये तू मेरे पास बिना विलम्ब किए चला आ।
Genesis 45:10 और तेरा निवास गोशेन देश में होगा, और तू, बेटे, पोतों, भेड़-बकरियों, गाय-बैलों, और अपने सब कुछ समेत मेरे निकट रहेगा।
Genesis 45:11 और अकाल के जो पांच वर्ष और होंगे, उन में मैं वहीं तेरा पालन पोषण करूंगा; ऐसा न हो कि तू, और तेरा घराना, वरन जितने तेरे हैं, सो भूखों मरें।

एक साल में बाइबल: 
  • अय्यूब 30-31
  • प्रेरितों 13:26-52



गुरुवार, 4 जुलाई 2019

स्वतंत्र



      न्यू ज़ीलैंड के एक समाचार कैमरामैन, ओलाफ विग ने अगुवा होकर तेरह दिन तक बन्धक रखे जाने और फिर स्वतंत्र होने पर चहरे पर एक बड़ी सी मुस्कान के साथ कहा, “मैं आज उतना अधिक जीवित अनुभव कर रहा हूँ जितना अपने सारे जीवन भर कभी नहीं किया।”

      यह समझाने में कठिन होता है, किन्तु स्वतंत्र होते समय जो अत्याधिक हर्ष होता है वह स्वतंत्र होकर जीवित रहने में नहीं होता है।

      हम जो प्रतिदिन स्वतंत्रता का अनुभव करते हैं, हमारे लिए ओलाफ  का आनन्द करना एक अच्छा स्मरण करवाना था कि हम कितने आशीषित हैं। यही बात आत्मिक जीवन के लिए भी ऐसे ही लागू होती है। हम में से जो लंबे समय से मसीही विश्वासी रहे हैं, बहुधा भूल जाते हैं कि पाप का दासत्व कैसा अनुभव होता है। हम इसके प्रति लापरवाह और कृतघ्न भी हो सकते हैं। परन्तु फिर परमेश्वर हमें स्मरण करवाने को एक नए विश्वासी के रूप में किसी को भेजता है, और उसके जीवन की उल्लासपूर्ण गवाही कि परमेश्वर ने कैसे उसके जीवन में कार्य किया है, हमें याद दिलाती है कि जब हम “पाप और मृत्यु की व्यवस्था से स्वतंत्र” (रोमियों 8:2) होते हैं तो कैसे आनन्द के हकदार होते हैं।

      यदि स्वतंत्रता आपके लिए उबाऊ हो गई है, या आप उन बातों पर ध्यान केंद्रित करते रहते हैं जिन्हें आप कर नहीं पा रहे हैं, तो इस बात पर ध्यान कीजिए: न केवल आप अब पाप के दास नहीं हैं, परन्तु आप पवित्र होने तथा प्रभु यीशु के साथ अनन्त जीवन का आनन्द लेने के लिए स्वतंत्र किए गए हैं! (6:22)।

      मसीह में विश्वास के द्वारा पापों से मिली स्वतंत्रता का आनन्द लें, उन बातों के लिए परमेश्वर का धन्यवाद करें जिन्हें आप उसकी सन्तान होकर करने के लिए अब स्वतंत्र हैं। - जूली एकेरमैन लिंक


मसीह के लिए जीवन जीने से वास्तविक स्वतंत्रता मिलती है।

हे भाइयों, तुम स्‍वतंत्र होने के लिये बुलाए गए हो परन्तु ऐसा न हो, कि यह स्‍वतंत्रता शारीरिक कामों के लिये अवसर बने, वरन प्रेम से एक दूसरे के दास बनो। - गलातियों 5:13

बाइबल पाठ: रोमियों 6:15-23
Romans 6:15 तो क्या हुआ क्या हम इसलिये पाप करें, कि हम व्यवस्था के आधीन नहीं वरन अनुग्रह के आधीन हैं? कदापि नहीं।
Romans 6:16 क्या तुम नहीं जानते, कि जिस की आज्ञा मानने के लिये तुम अपने आप को दासों के समान सौंप देते हो, उसी के दास हो: और जिस की मानते हो, चाहे पाप के, जिस का अन्त मृत्यु है, चाहे आज्ञा मानने के, जिस का अन्त धामिर्कता है
Romans 6:17 परन्तु परमेश्वर का धन्यवाद हो, कि तुम जो पाप के दास थे तौभी मन से उस उपदेश के मानने वाले हो गए, जिस के सांचे में ढाले गए थे।
Romans 6:18 और पाप से छुड़ाए जा कर धर्म के दास हो गए।
Romans 6:19 मैं तुम्हारी शारीरिक दुर्बलता के कारण मनुष्यों की रीति पर कहता हूं, जैसे तुम ने अपने अंगो को कुकर्म के लिये अशुद्धता और कुकर्म के दास कर के सौंपा था, वैसे ही अब अपने अंगों को पवित्रता के लिये धर्म के दास कर के सौंप दो।
Romans 6:20 जब तुम पाप के दास थे, तो धर्म की ओर से स्वतंत्र थे।
Romans 6:21 सो जिन बातों से अब तुम लज्ज़ित होते हो, उन से उस समय तुम क्या फल पाते थे?
Romans 6:22 क्योंकि उन का अन्त तो मृत्यु है परन्तु अब पाप से स्वतंत्र हो कर और परमेश्वर के दास बनकर तुम को फल मिला जिस से पवित्रता प्राप्त होती है, और उसका अन्त अनन्त जीवन है।
Romans 6:23 क्योंकि पाप की मजदूरी तो मृत्यु है, परन्तु परमेश्वर का वरदान हमारे प्रभु मसीह यीशु में अनन्त जीवन है।

एक साल में बाइबल: 
  • अय्यूब 28-29
  • प्रेरितों 13:1-25