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शनिवार, 7 सितंबर 2019

शोक



      सन 2002 में, मेरी बहन मार्था और उसके पति जिम के देहांत के कुछ माह पश्चात, मेरे एक मित्र ने मुझे हमारे चर्च में “शोक द्वारा बढ़ोतरी” विषय पर आयोजित की गई एक कार्य-चर्चा में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया। मैंने उसके पहले सत्र में भाग लेने के लिए अनिच्छापूर्वक सहमति तो व्यक्त कर दी परन्तु मेरा इरादा इसके बाद के किसी सत्र में जाने का नहीं था। मैं वहाँ जाकर चकित हुआ, मुझे वहाँ ध्यान रखने और चिंता करने वाले लोग मिले जो अपने जीवन में आई किसी गंभीर हानि के दुःख का सामना करने के लिए परमेश्वर और दुःख के अनुभव से होकर निकलने वाले अन्य लोगों की सहायता के खोजी थे। एक दूसरे के साथ अपने शोक के दुःख को बाँटने, एक दूसरे के दुःख के साथ सहानुभूति रखने, एक-दूसरे के दुःख में परस्पर सहायता करने से मुझे मिली शान्ति के कारण मैं वहाँ प्रति सप्ताह जाने लगा और उनसे मिलने वाली सांत्वना में बढ़ने लगा।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि किसी प्रिय जन या मित्र की आकस्मिक मृत्यु के कारण होने वाले आघात और दुःख के समान ही आरंभिक कलीसिया के लोगों को स्तिफ्नुस, जो कि एक सक्रीय और जोशीला कार्यकर्ता तथा प्रभु यीशु का गवाह था, की मृत्यु पर गहरा शोक हुआ (प्रेरितों 7:57-60)। यहूदियों द्वारा स्तिफनुस को मार डालने और प्रारंभिक कलीसिया पर सताव लाने के उस कठिन समय में “और भक्तों ने स्‍तिुफनुस को कब्र में रखा; और उसके लिये बड़ा विलाप किया” (8:2)। जैसा लिखा गया है, इन मसीही विश्वासियों ने दो कार्य साथ-साथ किए: उन्होंने स्तिफनुस को दफनाया, जो अंतिम बिछुड़ने और गहरे दुःख का प्रतीक था; और उन्होंने उसके लिए बड़ा विलाप – गहन शोक, किया, जो उनकी सामूहिक हानि का प्रतीक था।

      प्रभु यीशु मसीह के अनुयायी होने के कारण हमें अपने शोक अकेले ही सहने की आवश्यकता नहीं है। हम प्रेम और सत्यनिष्ठा के साथ ऐसे अन्य लोगों की ओर हाथ बढ़ा सकते हैं जो दुःख में है, तथा हमारी ओर इसी प्रकार से हाथ बढ़ाने वालों और साथ खड़े होने वालों की सहायता को नम्रता के साथ स्वीकार कर सकते हैं।

      जब हम साथ शोक मनाते हैं, तो हम साथ-साथ समझ-बूझ और उस शान्ति में भी उन्नति कर सकते हैं जो प्रभु यीशु मसीह में होकर हमें मिलती है। प्रभु हमारे प्रत्येक शोक को, तथा उसके लिए आवश्यक सांत्वना के मार्ग को जानता है। - डेविड मैक्कैस्लैंड


औरों के साथ शोक करने के सेवकाई से मनों को चंगाई मिलती है।

आनन्द करने वालों के साथ आनन्द करो; और रोने वालों के साथ रोओ। - रोमियों 12:15

बाइबल पाठ: प्रेरितों 7:54-8:2
Acts 7:54 ये बातें सुनकर वे जल गए और उस पर दांत पीसने लगे।
Acts 7:55 परन्तु उसने पवित्र आत्मा से परिपूर्ण हो कर स्वर्ग की ओर देखा और परमेश्वर की महिमा को और यीशु को परमेश्वर की दाहिनी ओर खड़ा देखकर।
Acts 7:56 कहा; देखों, मैं स्वर्ग को खुला हुआ, और मनुष्य के पुत्र को परमेश्वर के दाहिनी ओर खड़ा हुआ देखता हूं।
Acts 7:57 तब उन्होंने बड़े शब्द से चिल्लाकर कान बन्‍द कर लिये, और एक चित्त हो कर उस पर झपटे।
Acts 7:58 और उसे नगर के बाहर निकाल कर पत्थरवाह करने लगे, और गवाहों ने अपने कपड़े उतार रखे।
Acts 7:59 और वे स्‍तिुफनुस को पत्थरवाह करते रहे, और वह यह कहकर प्रार्थना करता रहा; कि हे प्रभु यीशु, मेरी आत्मा को ग्रहण कर।
Acts 7:60 फिर घुटने टेककर ऊंचे शब्द से पुकारा, हे प्रभु, यह पाप उन पर मत लगा, और यह कहकर सो गया: और शाऊल उसके बध में सहमत था।
Acts 8:1 उसी दिन यरूशलेम की कलीसिया पर बड़ा उपद्रव होने लगा और प्रेरितों को छोड़ सब के सब यहूदिया और सामरिया देशों में तित्तर बित्तर हो गए।
Acts 8:2 और भक्तों ने स्‍तिुफनुस को कब्र में रखा; और उसके लिये बड़ा विलाप किया।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 1-2
  • 1 कुरिन्थियों 16



शुक्रवार, 6 सितंबर 2019

दृष्टिकोण



      मेरी किशोरावस्था में जब भी मैं किसी बड़ी चुनौती या जोखिम भरे बड़े निर्णय को लेने के संबंध में असमंजस में होती थी, तो जैसा मेरी माँ ने मुझे सिखाया था, मैं सही दृष्टिकोण को पाने के लिए अपनी समस्या और उसके विभिन्न पहलुओं तथा समाधानों को कागज़ पर लिख लेती थी। जब मैं अनिश्चित होती थी कि मुझे अध्ययन के लिए कौन से विषय चुनने चाहिएँ, या कौन सी नौकरी करनी चाहिए, या व्यसक होने की अभिभूत करने वाली सच्चाइयों का सामना कैसे करना है, तो मैं अपनी माँ की बताई विधि के अनुसार, समस्या से संबंधित प्रमुख बातें, उन बातों से संबंधित कार्यवाहियाँ, और उनके संभावित परिणाम लिख लिया करती थी। उस पृष्ठ पर अपने मन की बातें लिख लेने के पश्चात, मैं उस समस्या से थोड़ा सा पीछे हटकर उसे अधिक वास्तविक स्वरूप में देखने पाती थी, क्योंकि तब मेरी भावनाएँ मेरे दृष्टिकोण को प्रभावित नहीं करने पातीं थीं।

      जिस प्रकार से पृष्ठ पर अपने विचारों को लिखने के द्वारा मुझे समस्याओं के लिए एक नया दृष्टिकोण प्राप्त होता है, वैसे ही परमेश्वर के सामने प्रार्थना में अपने हृदयों को उंडेलने से हमें उस बात के लिए उसके दृष्टिकोण और उसकी सामर्थ्य का अंदाजा होता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि राजा हिजकिय्याह ने भी यही किया, जब एक प्रबल शत्रु ने उसे एक चुनौतीपूर्ण पत्र लिखा। अश्शूरियों ने यरूशलेम को वैसे ही नाश कर डालने की धमकी भेजी थी जैसे कि वे अनेकों अन्य राष्ट्रों को कर चुके थे। राजा हिजकिय्याह ने वह धमकी का पत्र ले जाकर प्रभु परमेश्वर के सम्मुख रख दिया, और प्रार्थनापूर्वक उसे तथा लोगों को बचाने का निवेदन किया जिससे सँसार के लोग जान सकें कि सच्चा परमेश्वर केवल एक ही हैं (2 राजाओं 19:19)।

      हम जब भी किसी ऐसी परिस्थिति का सामना करें जिससे घबराहट, भय, या उससे पार पाने में अपनी असमर्थता का बोध हो, तो हम राजा हिजकिय्याह द्वारा किए गए का अनुसरण करें, और सीधे प्रभु परमेश्वर के सामने जाएँ। उसके समान हम भी अपनी समस्या प्रभु के सम्मुख रख सकते हैं, और उसपर भरोसा रख सकते हैं कि वह हमारे बेचैन हृदयों को शान्त करेगा, हमें सही दृष्टिकोण प्रदान करगा और हमारा मार्गदर्शन करेगा। - कर्स्टन होल्मबर्ग

समस्याओं के समय में परमेश्वर हमारा सबसे उत्तम सहायक होता है।

और संकट के दिन मुझे पुकार; मैं तुझे छुड़ाऊंगा, और तू मेरी महिमा करने पाएगा। - भजन 50:15

बाइबल पाठ: 2 राजाओं 19: 9-19
2 Kings 19:9 और जब उसने कूश के राजा तिर्हाका के विष्य यह सुना, कि वह मुझ से लड़ने को निकला है, तब उसने हिजकिय्याह के पास दूतों को यह कह कर भेजा,
2 Kings 19:10 तुम यहूदा के राजा हिजकिय्याह से यों कहना: तेरा परमेश्वर जिसका तू भरोसा करता है, यह कह कर तुझे धोखा न देने पाए, कि यरूशलेम अश्शूर के राजा के वश में न पड़ेगा।
2 Kings 19:11 देख, तू ने तो सुना है अश्शूर के राजाओं ने सब देशों से कैसा व्यवहार किया है उन्हें सत्यानाश कर दिया है। फिर क्या तू बचेगा?
2 Kings 19:12 गोजान और हारान और रेसेप और तलस्सार में रहने वाले एदेनी, जिन जातियों को मेरे पुरखाओं ने नाश किया, क्या उन में से किसी जाति के देवताओं ने उसको बचा लिया?
2 Kings 19:13 हमात का राजा, और अर्पाद का राजा, और समवैंम नगर का राजा, और हेना और इव्वा के राजा ये सब कहां रहे? इस पत्री को हिजकिय्याह ने दूतों के हाथ से ले कर पढ़ा।
2 Kings 19:14 तब यहोवा के भवन में जा कर उसको यहोवा के साम्हने फैला दिया।
2 Kings 19:15 और यहोवा से यह प्रार्थना की, कि हे इस्राएल के परमेश्वर यहोवा! हे करूबों पर विराजने वाले ! पृथ्वी के सब राज्यों के ऊपर केवल तू ही परमेश्वर है। आकाश और पृथ्वी को तू ही ने बनाया है।
2 Kings 19:16 हे यहोवा! कान लगाकर सुन, हे यहोवा आंख खोल कर देख, और सन्हेरीब के वचनों को सुन ले, जो उसने जीवते परमेश्वर की निन्दा करने को कहला भेजे हैं।
2 Kings 19:17 हे यहोवा, सच तो है, कि अश्शूर के राजाओं ने जातियों को और उनके देशों को उजाड़ा है।
2 Kings 19:18 और उनके देवताओं को आग में झोंका है, क्योंकि वे ईश्वर न थे; वे मनुष्यों के बनाए हुए काठ और पत्थर ही के थे; इस कारण वे उन को नाश कर सके।
2 Kings 19:19 इसलिये अब हे हमारे परमेश्वर यहोवा तू हमें उसके हाथ से बचा, कि पृथ्वी के राज्य राज्य के लोग जान लें कि केवल तू ही यहोवा है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 148-150
  • 1 कुरिन्थियों 15:29-58



गुरुवार, 5 सितंबर 2019

स्वर्ग



      मैं अपने अध्ययन-कक्ष की खिड़की से बाहर जब देखा, तो मुझे पेड़ों में वायु का मंद प्रवाह दिखाई और सुनाई दिया, पक्षी चहचहा रहे थे, और मेरे पड़ौसी के जोते हुए खेत में पुआल के ढेर पड़े दिख रहे थे। चमकदार नीले आकाश की तुलना में सफ़ेद बादल दिखाई दे रहे थे। मुझे लगा मानो मैं स्वर्ग का थोड़ा सा आनन्द ले रही हूँ। किन्तु इसमें भी कुछ समस्या है, हमारे घर के निकट से निकलने वाली सड़क पर लगभग लगातार चलने वाले यातायात का शोर और मेरी पीठ का वह हल्का सा दर्द, मेरे उस आनन्द में विघ्न डालता है।

      मैंने स्वर्ग शब्द का प्रयोग कुछ हलके में किया है, क्योंकि यद्यपि एक समय था जब हमारी पृथ्वी पूर्णतः भली थी, परन्तु अब नहीं है। जब मनुष्य ने पाप किया, तो हमें अदन की वाटिका से बाहर निकाल दिया गया, और भूमि श्रापित हो गई (देखें उत्पत्ति 3)। तब से पृथ्वी और उसमें का सब कुछ “विनाश के दासत्व” है। दुःख, बीमारी, और हमारी मृत्यु, सभी कुछ मनष्य के पाप में पड़ जाने के कारण है (रोमियों 8:18-23)।

      परन्तु परमेश्वर सब कुछ को नया कर रहा है। एक दिन उसका निवास-स्थान, हम जो उसके लोग हैं उनके मध्य होगा, एक नवीनीकृत तथा बहाल की गई सृष्टि में – “एक नया आकाश और नई पृथ्वी” – जहाँ पर “वह उन की आंखों से सब आंसू पोंछ डालेगा; और इस के बाद मृत्यु न रहेगी, और न शोक, न विलाप, न पीड़ा रहेगी” (प्रकाशितवाक्य 21:4)। उस दिन तक, हम प्रकृति और सँसार की सुन्दरता का आनन्द ले सकते हैं, जो उस स्वर्ग का अंश मात्र है जो आने वाला है। - एलीसन कीडा


परमेश्वर सब कुछ नया कर रहा है।

सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्‍टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं। - 2 कुरिन्थियों 5:17

बाइबल पाठ: रोमियों 8:18-23; प्रकाशितवाक्य 21:1-5
Romans 8:18 क्योंकि मैं समझता हूं, कि इस समय के दु:ख और क्लेश उस महिमा के साम्हने, जो हम पर प्रगट होने वाली है, कुछ भी नहीं हैं।
Romans 8:19 क्योंकि सृष्टि बड़ी आशाभरी दृष्टि से परमेश्वर के पुत्रों के प्रगट होने की बाट जोह रही है।
Romans 8:20 क्योंकि सृष्टि अपनी इच्छा से नहीं पर आधीन करने वाले की ओर से व्यर्थता के आधीन इस आशा से की गई।
Romans 8:21 कि सृष्टि भी आप ही विनाश के दासत्व से छुटकारा पाकर, परमेश्वर की सन्तानों की महिमा की स्वतंत्रता प्राप्त करेगी।
Romans 8:22 क्योंकि हम जानते हैं, कि सारी सृष्टि अब तक मिलकर कराहती और पीड़ाओं में पड़ी तड़पती है।
Romans 8:23 और केवल वही नहीं पर हम भी जिन के पास आत्मा का पहिला फल है, आप ही अपने में कराहते हैं; और लेपालक होने की, अर्थात अपनी देह के छुटकारे की बाट जोहते हैं।

Revelation 21:1 फिर मैं ने नये आकाश और नयी पृथ्वी को देखा, क्योंकि पहिला आकाश और पहिली पृथ्वी जाती रही थी, और समुद्र भी न रहा।
Revelation 21:2 फिर मैं ने पवित्र नगर नये यरूशलेम को स्वर्ग पर से परमेश्वर के पास से उतरते देखा, और वह उस दुल्हिन के समान थी, जो अपने पति के लिये सिंगार किए हो।
Revelation 21:3 फिर मैं ने सिंहासन में से किसी को ऊंचे शब्द से यह कहते सुना, कि देख, परमेश्वर का डेरा मनुष्यों के बीच में है; वह उन के साथ डेरा करेगा, और वे उसके लोग होंगे, और परमेश्वर आप उन के साथ रहेगा; और उन का परमेश्वर होगा।
Revelation 21:4 और वह उन की आंखों से सब आंसू पोंछ डालेगा; और इस के बाद मृत्यु न रहेगी, और न शोक, न विलाप, न पीड़ा रहेगी; पहिली बातें जाती रहीं।
Revelation 21:5 और जो सिंहासन पर बैठा था, उसने कहा, कि देख, मैं सब कुछ नया कर देता हूं: फिर उसने कहा, कि लिख ले, क्योंकि ये वचन विश्वास के योग्य और सत्य हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 148-150
  • 1 कुरिन्थियों 15:29-58



बुधवार, 4 सितंबर 2019

निर्भर



      हम हमारे घर के निकट एक नदी के किनारे पैदल घूमने के लिए अपने पड़ौसियों के साथ निकले थे। एक युवक एलन ने पूछा, “क्या मार्ग में हमें साँप भी मिलेंगे?” मैंने उत्तर दिया, “अभी तक तो हमें कभी भी नहीं मिले हैं; परन्तु संभावना तो है! इसलिए चलो हम परमेश्वर से प्रार्थना करके ही आगे चलते हैं कि वह हमें सुरक्षित रखे।” हम रुके, हमने प्रार्थना की, और फिर आगे चलने लगे। कुछ ही मिनिट चलने के बाद अचानक ही मेरी पत्नि कैरी ने अपने कदम रोके और वह पीछे हट गई। वहाँ मार्ग पर एक ज़हरीला साँप कुंडली मारे पड़ा था उर कैरी का पाँव उस पर पड़ने ही वाला था। हम वहीं रुक गए, और वह साँप मार्ग से हटकर चला गया। हमने फिर से रुक कर परमेश्वर का धन्यवाद किया कि किसी को कोई हानि नहीं हुई। मेरा विश्वास है कि एलन के प्रश्न द्वारा परमेश्वर ने हमें सचेत किया था कि हम इस घटना के लिए तैयार हो जाएँ, परमेश्वर से सामर्थ्य प्राप्त कर लें, और हमारा प्रार्थना करना उस पर हमारे निर्भर होने के द्वारा सुरक्षित हो जाने का एक भाग था।

      उस संध्या को हमारा खतरे का सामना करना, मेरे मन में परमेश्वर के वचन बाइबल में लिखे दाऊद के वचनों : “यहोवा और उसकी सामर्थ की खोज करो; उसके दर्शन के लिये लगातार खोज करो” (1 इतिहास 16:11) के महत्व को प्रत्यक्ष करता है। दाऊद द्वारा कही गई यह बात उस भजन का एक भाग है जो उसने वाचा के सन्दूक के यरूशलेम लाए जाने के समय कहा था। उसके इस भजन में परमेश्वर की, उसके लोगों के प्रति विश्वासयोग्यता का वर्णन किया गया है – उनका इतिहास गवाह है कि जब-जब भी परमेश्वर के लोग संघर्षों में आए हैं, परमेश्वर उनके प्रति विश्वासयोग्य रहा है। इसलिए दाऊद कहता है कि वे लोग सदा परमेश्वर की स्तुति करें, और उसे पुकारते रहें (पद 35)।

      परमेश्वर के दर्शन के लिए उसके खोजी होने का क्या अर्थ है? इसका अर्थ होता है कि जीवन के सर्वाधिक साधारण प्रतीत होने वाले पलों में भी हम अपने मन उसकी ओर लगाएँ। हो सकता है कि हमारी प्रार्थनाओं का उत्तर उससे भिन्न हो जैसी हमने अपेक्षा की थी, परन्तु जो भी हो परमेश्वर सदा ही विश्वासयोग्य रहता है। हमारा अच्छा चरवाहा हमारा मार्गदर्शन करेगा और हमें अपनी करुणा, सामर्थ्य, और प्रेम में बनाए रखेगा। हम सदा उस पर निर्भर बने रह सकते हैं। - जेम्स बैंक्स


प्रार्थना सामर्थ्य प्रदान करती है कि मूर्छित हुए बिना चलते रहें। - ओसवौल्ड चेंबर्स

प्रार्थना में लगे रहो, और धन्यवाद के साथ उस में जागृत रहो। - कुलुस्सियों 4:2

बाइबल पाठ: 1 इतिहास 16:11-18, 28-36
1 Chronicles 16:11 यहोवा और उसकी सामर्थ की खोज करो; उसके दर्शन के लिये लगातार खोज करो।
1 Chronicles 16:12 उसके किए हुए आश्चर्यकर्म, उसके चमत्कार और न्यायवचन स्मरण करो।
1 Chronicles 16:13 हे उसके दास इस्राएल के वंश, हे याकूब की सन्तान तुम जो उसके चुने हुए हो!
1 Chronicles 16:14 वही हमारा परमेश्वर यहोवा है, उसके न्याय के काम पृथ्वी भर में होते हैं।
1 Chronicles 16:15 उसकी वाचा को सदा स्मरण रखो, यह वही वचन है जो उसने हजार पीढिय़ों के  लिये ठहरा दिया।
1 Chronicles 16:16 वह वाचा उसने इब्राहीम के साथ बान्धी, उौर उसी के विषय उसने इसहाक से शपथ खाई,
1 Chronicles 16:17 और उसी को उसने याकूब के लिये विधि कर के और इस्राएल के लिये सदा की वाचा बान्ध कर यह कह कर दृढ़ किया, कि
1 Chronicles 16:18 मैं कनान देश तुझी को दूंगा, वह बांट में तुम्हारा निज भाग होगा।
1 Chronicles 16:28 हे देश देश के कुलों, यहोवा का गुणानुवाद करो,
1 Chronicles 16:29 यहोवा की महिमा और सामर्थ को मानो। यहोवा के नाम की महिमा ऐसी मानो जो उसके नाम के योग्य है। भेंट ले कर उसके सम्मुख आाओ, पवित्रता से शोभायमान हो कर यहोवा को दण्डवत करो।
1 Chronicles 16:30 हे सारी पृथ्वी के लोगो उसके साम्हने थरथराओ! जगत ऐसा स्थिर है, कि वह टलने का नहीं।
1 Chronicles 16:31 आकाश आनन्द करे और पृथ्वी मगन हो, और जाति जाति में लोग कहें, कि यहोवा राजा हुआ है।
1 Chronicles 16:32 समुद्र और उस में की सब वस्तुएं गरज उठें, मैदान और जो कुछ उस में है सो प्रफुल्लित हों।
1 Chronicles 16:33 उसी समय वन के वृक्ष यहोवा के साम्हने जयजयकार करें, क्योंकि वह पृथ्वी का न्याय करने को आने वाला है।
1 Chronicles 16:34 यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि वह भला है; उसकी करुणा सदा की है।
1 Chronicles 16:35 और यह कहो, कि हे हमारे उद्धार करने वाले परमेश्वर हमारा उद्धार कर, और हम को इकट्ठा कर के अन्यजातियों से छुड़ा, कि हम तेरे पवित्र नाम का धन्यवाद करें, और तेरी स्तुति करते हुए तेरे विषय बड़ाई करें।
1 Chronicles 16:36 अनादिकाल से अनन्तकाल तक इस्राएल का परमेश्वर यहोवा धन्य है। तब सब प्रजा ने आमीन कहा: और यहोवा की स्तुति की।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 143-145
  • 1 कुरिन्थियों 14:21-40



मंगलवार, 3 सितंबर 2019

आराधना



      मैं लेखन के द्वारा परमेश्वर की सेवा और आराधना करती हूँ; अब यह मेरे लिए और भी अधिक महत्वपूर्ण इसलिए हो गया है क्योंकि अपनी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण मेरा चलना-फिरना और एक से दूसरे स्थान को जाना बहुत सीमित हो गया है। इसलिए जब एक जानकार ने मुझ से कहा कि उसे मेरे लेखों में कुछ भी महत्व का नहीं मिलता है तो मैं बहुत निराश हुई। मुझे परमेश्वर को अर्पित की गई अपनी इस छोटी आराधना के महत्व पर संदेह होने लगा।

      लेकिन मेरे पति, परिवार-जनों, और मित्रों ने मुझे प्रोत्साहित किया, और उनकी सहायता तथा परमेश्वर के वचन बाइबल के अध्ययन, और प्रार्थना के द्वारा मैंने प्रभु परमेश्वर से पुष्टि प्राप्त की, कि केवल मेरा प्रभु परमेश्वर ही है जो मेरी उस आराधना का आँकलन और महत्व निर्धारित कर सकता है तथा करता है – किसी भी मनुष्य की आंकलन और राय का उसमें कोई स्थान नहीं है। फिर मैंने सभी उपहारों को देने वाले मेरे प्रभु परमेश्वर से प्रार्थना की, कि वह मेरी सहायता करता रहे, लिखने के मेरे इस कौशल को और अधिक विक्सित करने तथा उसके द्वारा मुझे प्रदान किए जा रहे संसाधनों को औरों के साथ बाँटने में मुझे और उन्नत करे।

      बाइबल में हम प्रभु यीशु द्वारा परमेश्वर के आँकलन के माप-दण्ड का मनुष्यों के माप-दण्ड से भिन्न होने के संबंध में एक घटना पढ़ते हैं (मरकुस 12:41-44)। प्रभु मंदिर में लोगों द्वारा दीए जा रहे दान को देख रहे थे। धनी लोग तो मंदिर के खजाने में बहुत धन डाल रहे थी, परन्तु एक कंगाल विधवा ने अपना सब कुछ – दो दमड़ी – ही डाला। परन्तु प्रभु यीशु ने कहा कि उस विधवा ने सबसे अधिक दान डाला है, यद्यपि सांसारिक मानकों के आधार पर उसके द्वारा डाला गया पैसा न के बराबर था।

      यद्यपि उस विधवा की यह घटना दान में डाले गए धन की मात्रा पर केंद्रित है, परन्तु परमेश्वर को दिया गया कुछ भी उसके प्रति प्रेम, आदर और आराधना का सूचक हो सकता है। उस विधवा के समान, जब हम परमेश्वर द्वारा हमें दिए गए संसाधनों में से  स्वेच्छा से उदार और बलिदान रूपी भाग परमेश्वर को अर्पित करते हैं, तो हम उस से उसका आदर और आराधना करते हैं। हमारे द्वारा परमेश्वर को अपने समय, कौशल, और धन का सर्वोत्तम भाग दिया जाना, उसके प्रति हमारी आराधना का स्वरूप है। - जोशील डिक्सन


परमेश्वर के प्रति हमारे प्रेम के अन्तर्गत उसे अर्पित की गई बलिदान रूपी भेंटें, 
हमारी आराधना की अमूल्य अभिव्यक्ति हैं।

यहोवा के नाम की ऐसी महिमा करो जो उसके योग्य है; भेंट ले कर उसके आंगनों में आओ! – भजन 96:8

बाइबल पाठ: मरकुस  12:38-44
Mark 12:38 उसने अपने उपदेश में उन से कहा, शस्‍त्रियों से चौकस रहो, जो लम्बे वस्‍त्र पहिने हुए फिरना।
Mark 12:39 और बाजारों में नमस्‍कार, और आराधनालयों में मुख्य मुख्य आसन और जेवनारों में मुख्य मुख्य स्थान भी चाहते हैं।
Mark 12:40 वे विधवाओं के घरों को खा जाते हैं, और दिखाने के लिये बड़ी देर तक प्रार्थना करते रहते हैं, ये अधिक दण्‍ड पाएंगे।
Mark 12:41 और वह मन्दिर के भण्‍डार के साम्हने बैठकर देख रहा था, कि लोग मन्दिर के भण्‍डार में किस प्रकार पैसे डालते हैं, और बहुत धनवानों ने बहुत कुछ डाला।
Mark 12:42 इतने में एक कंगाल विधवा ने आकर दो दमडिय़ां, जो एक अधेले के बराबर होती है, डालीं।
Mark 12:43 तब उसने अपने चेलों को पास बुलाकर उन से कहा; मैं तुम से सच कहता हूं, कि मन्दिर के भण्‍डार में डालने वालों में से इस कंगाल विधवा ने सब से बढ़कर डाला है।
Mark 12:44 क्योंकि सब ने अपने धन की बढ़ती में से डाला है, परन्तु इस ने अपनी घटी में से जो कुछ उसका था, अर्थात अपनी सारी जीविका डाल दी है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 140-142
  • 1 कुरिन्थियों 14:1-20



सोमवार, 2 सितंबर 2019

साथी



      मेरे पति, जैक 26 मील की लंबी दूरी की दौड़ में भाग ले रहे थे और जब वे 25वें मील पर थे तो उनकी शक्ति जवाब दे गई। यह उनकी लंबी दूरी की पहली दौड़ थी, और वे अकेले ही दौड़ रहे थे। सहायता के लिए बने स्थानों में से एक पर पानी पीने के लिए रुकने पर उन्हें बहुत थकान महसूस हुई और वे वहीं मार्ग के पास की घास पर बैठ गए। कुछ मिनिट बीत गए किन्तु उनसे खड़ा नहीं हुआ गया। उन्होंने दौड़ से हट जाने की लगभग ठान ही ली थी कि दो अधेड़ आयु की महिलाएँ वहाँ से दौड़ती हुई निकलीं। वे और जैक एक-दूसरे के लिए बिलकुल अपरिचित थे, परन्तु फिर भी उन्होंने जैक से पूछा कि क्या वे उनके साथ दौड़ना पसन्द करेंगे। तुरंत ही जैक में एक नई स्फूर्ति आ गई और वे खड़े हो गए तथा उन दोनों महिलाओं के साथ दौड़ते हुए उन्होंने अपनी दौड़ को पूरा कर लिया।

      उन दो महिलाओं द्वारा जैक को मिली सहायता से मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में मूसा को हारून और हूर द्वारा मिली सहायता की याद हो आई। मूसा इस्राएलियों की अगुवाई करता हुआ उन्हें मिस्र के दासत्व से निकाल कर प्रतिज्ञा किए हुए कनान देश को ले जा रहा था। इस यात्रा में एक समय ऐसा आया जब इस्राएलियों को अमालेकियों से युद्ध लड़ना पड़ा (निर्गमन 17:8-13), और मूसा निकट के एक टीले पर चढ़ गया, जब तक मूसा हाथ उठाए हुए अपनी लाठी को ऊँचा किए रहता, इस्राएली युद्ध में विजयी होते जाते थे (पद 11)। परन्तु हाथ उठाए-उठाए जब वह थक कर हाथ नीचे कर लेता तो अमालेकी विजयी होने लगते। इसलिए जब मूसा की शक्ति क्षीण होने लगी तो हारून और हूर उसके दोनों ओर खड़े हो गए और उसके हाथों को सूर्यास्त होने ऊँचा उठाए रहे (पद 12), और इस्राएली अमालेकियों के विरुद्ध वह युद्ध जीत गए।

      परमेश्वर का अनुयायी होकर जीना जीवन मार्ग पर अकेले चलने का प्रयास नहीं है; परमेश्वर ने हमें जीवन की दौड़ अकेले ही दौड़ने के लिए नहीं सृजा है। परमेश्वर ने हमें जिस कार्य के लिए बनाया और बुलाया है, उसमें न केवल वह हमें वह साथी प्रदान करता रहता है कि जीवन के विभिन्न पड़ावों पर हमारी सहायता होती रहे, वरन हमारा प्रभु परमेश्वर भी सदा हमारे साथ बना रहता है। - एमी पीटर्सन


आज मैं किसे कठिनाई का सामना करने के लिए प्रोत्साहित कर सकता हूँ?

और मैं पिता से बिनती करूंगा, और वह तुम्हें एक और सहायक देगा, कि वह सर्वदा तुम्हारे साथ रहे। - यूहन्ना 14:16

बाइबल पाठ: निर्गमन 17:8-13
Exodus 17:8 तब अमालेकी आकर रपीदीम में इस्राएलियों से लड़ने लगे।
Exodus 17:9 तब मूसा ने यहोशू से कहा, हमारे लिये कई एक पुरूषों को चुनकर छांट ले, ओर बाहर जा कर अमालेकियों से लड़; और मैं कल परमेश्वर की लाठी हाथ में लिये हुए पहाड़ी की चोटी पर खड़ा रहूंगा।
Exodus 17:10 मूसा की इस आज्ञा के अनुसार यहोशू अमालेकियों से लड़ने लगा; और मूसा, हारून, और हूर पहाड़ी की चोटी पर चढ़ गए।
Exodus 17:11 और जब तक मूसा अपना हाथ उठाए रहता था तब तक तो इस्राएल प्रबल होता था; परन्तु जब जब वह उसे नीचे करता तब तब अमालेक प्रबल होता था।
Exodus 17:12 और जब मूसा के हाथ भर गए, तब उन्होंने एक पत्थर ले कर मूसा के नीचे रख दिया, और वह उस पर बैठ गया, और हारून और हूर एक एक अलंग में उसके हाथों को सम्भाले रहें; और उसके हाथ सूर्यास्त तक स्थिर रहे।
Exodus 17:13 और यहोशू ने अनुचरों समेत अमालेकियों को तलवार के बल से हरा दिया।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 137-139
  • 1 कुरिन्थियों 13



रविवार, 1 सितंबर 2019

अवसर



      मैं हाल ही में एक मसीहियों के चर्चा-समूह में थी; उस समूह के अगुए ने हमारे सम्मुख प्रश्न रखा, “क्या परमेश्वर आपके जीवन में कुछ नया कर रहा है?” मेरे सहेली मिंडी, जो जीवन में कुछ कठिन परिस्थितियों का सामना कर रही है, ने इस प्रश्न का उत्तर दिया। उसने अपने जीवन के अनुभव के आधार पर अपने वृद्ध माता-पिता की देख-भाल करते हुए और अधिक धैर्य की आवश्यकता, उसके पति की स्वास्थ्य समस्याओं में उनकी सहायता करने के लिए और अधिक शक्ति, और अपने बच्चों तथा नाती-पोतों के प्रति जिन्होंने अभी तक प्रभु यीशु को अपना मुक्तिदाता ग्रहण नहीं किया था, और अधिक समझ-बूझ बनाए रखने के बारे में बताया। फिर उसने एक गंभीर टिप्पणी की, जो स्वाभाविक विचार-धारा के अनुरूप नहीं थी; उसने कहा, “मेरा विश्वास है कि जो नया काम परमेश्वर मेरे जीवन में कर रहा है वह है प्रेम करने की मेरी क्षमता और मेरे अवसरों को वह बढ़ा रहा है।”

      यह परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस की उस प्रार्थना के साथ बहुत मेल खाता है, जो उसने थिस्सुलुनीके के मसीही विश्वासियों के लिए की। पौलुस ने उन्हें लिखी अपनी पत्री में लिखा, “और प्रभु ऐसा करे, कि जैसा हम तुम से प्रेम रखते हैं; वैसा ही तुम्हारा प्रेम भी आपस में, और सब मनुष्यों के साथ बढ़े, और उन्नति करता जाए” (1 थिस्सलुनीकियों 3:12)। पौलुस ने उन्हें प्रभु यीशु मसीह के विषय बताया था, किन्तु वहाँ उसके विरुद्ध भड़के प्रतिरोध और दंगे के कारण उसे अचानक से वहाँ से जाना पड़ा था (प्रेरितों 17:1-9)। अब अपने लिखी पत्री में वह उन्हें प्रोत्साहित कर रहा था कि वे अपने मसीही विश्वास में स्थिर होकर खड़े रहें (1 थिस्सलुनीकियों 3:7-8); और उनके लिए प्रार्थना की, कि प्रभु सभी के लिए उनके प्रेम को और बढ़ाए।

      कठिन समयों में हम बहुधा कुड़कुड़ाते हैं और प्रश्न करते हैं कि मेरे ही साथ ऐसा क्यों हो रहा है? ऐसे समयों की परिस्थितियों का सामना करने का, हम मसीही विश्वासियों के लिए, एक और तरीका यह भी हो सकता है कि हम प्रभु से प्रार्थना करें कि वह हमारे हृदयों में अपने प्रेम को और बढ़ाए तथा हमारी सहायता करे कि औरों के प्रति प्रेम प्रकट करने के नए अवसरों का हम सदुपयोग कर सकें। - ऐनी सेटास


हमारी समस्याएँ, हमारी प्रार्थनाओं में, औरों के प्रति प्रेम और सहानुभूति को बढ़ा सकती हैं।

तुम एक दूसरे के भार उठाओ, और इस प्रकार मसीह की व्यवस्था को पूरी करो। - गलातियों 6:2

बाइबल पाठ: 1 थिस्सलुनीकियों 3:6-13
1 Thessalonians 3:6 पर अभी तिमुथियुस ने जो तुम्हारे पास से हमारे यहां आकर तुम्हारे विश्वास और प्रेम का सुसमाचार सुनाया और इस बात को भी सुनाया, कि तुम सदा प्रेम के साथ हमें स्मरण करते हो, और हमारे देखने की लालसा रखते हो, जैसा हम भी तुम्हें देखने की।
1 Thessalonians 3:7 इसलिये हे भाइयों, हम ने अपनी सारी सकेती और क्‍लेश में तुम्हारे विश्वास से तुम्हारे विषय में शान्‍ति पाई।
1 Thessalonians 3:8 क्योंकि अब यदि तुम प्रभु में स्थिर रहो तो हम जीवित हैं।
1 Thessalonians 3:9 और जैसा आनन्द हमें तुम्हारे कारण अपने परमेश्वर के सामने है, उसके बदले तुम्हारे विषय में हम किस रीति से परमेश्वर का धन्यवाद करें?
1 Thessalonians 3:10 हम रात दिन बहुत ही प्रार्थना करते रहते हैं, कि तुम्हारा मुंह देखें, और तुम्हारे विश्वास की घटी पूरी करें।
1 Thessalonians 3:11 अब हमारा परमेश्वर और पिता आप ही और हमारा प्रभु यीशु, तुम्हारे यहां आने के लिये हमारी अगुवाई करे।
1 Thessalonians 3:12 और प्रभु ऐसा करे, कि जैसा हम तुम से प्रेम रखते हैं; वैसा ही तुम्हारा प्रेम भी आपस में, और सब मनुष्यों के साथ बढ़े, और उन्नति करता जाए।
1 Thessalonians 3:13 ताकि वह तुम्हारे मनों को ऐसा स्थिर करे, कि जब हमारा प्रभु यीशु अपने सब पवित्र लोगों के साथ आए, तो वे हमारे परमेश्वर और पिता के साम्हने पवित्रता में निर्दोष ठहरें।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 135-136
  • 1 कुरिन्थियों 12