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शनिवार, 12 अक्टूबर 2019

चरवाहा



      मैं अपने पति के साथ अस्पताल के कमरे में थी और चिन्तित होकर प्रतीक्षा कर रही थी। हमारे बेटे की आँखों का ऑपरेशन होना था, और मैं चिन्तित तथा बेचैन होकर कभी बैठती, कभी इधर से उधर टहलती। मैंने बैठकर प्रार्थना करने का भी प्रयास किया, कि परमेश्वर मुझे अपनी शान्ति प्रदान करे; और परमेश्वर के वचन बाइबल की अपनी प्रति के भी पन्ने पलटने में लगी रही कि कुछ शांतिदायक बात मेरे सामने आ जाए। फिर मैंने बाइबल का अपना जाना-पहचाना भाग यशायाह 40 खोला, इस आशा के साथ कि उसमें से कुछ नया और दिलासा देने वाला मुझे मिलेगा।

      पढ़ते हुए मैं साँस रोक कर ठहर गई; हज़ारों वर्ष पुराने उस लेख के शब्द मुझे स्मरण करवा रहे थे कि प्रभु एक चरवाहे के समान अपने झुण्ड की रखवाली करता है, अपने परेशान लोगों को मेमनों के समान अपनी गोद में उठाए रहता है, अपने हृदय के समीप रखता है (पद 11)। उसी क्षण, जैसे ही मुझे यह एहसास हुआ कि प्रभु मुझे और मेरे परिवार को थामे हुए है, हमारा मार्गदर्शन कर रहा है, हमारा ध्यान रखे हुए है, मेरी सारी चिंता जाती रही। मैंने लंबी साँस लेते हुए मन ही में धन्यवाद की प्रार्थना करते हुए प्रभु से कहा, “मुझे इसी की तो आवश्यकता थी।” मेरे बेटे का ऑपरेशन भी ठीक से हो गया और उस पूरे ऑपरेशन के दौरान तथा उसके बाद भी मुझे परमेश्वर की शान्ति का एहसास बना रहा।

      परमेश्वर ने अपने लोगों से यह प्रतिज्ञा की है कि वह एक चरवाहे के समान उनकी देखभाल करेगा, उनके दैनिक जीवन की आवश्यकताओं की पूर्ति करता रहेगा, उन्हें शान्ति में बनाए रखेगा। हम जब उसे अपनी चिंताओं और परेशानियों से, हमें विचलित करने वाली बातों और विचारों से अवगत करवाते हैं, और उसकी शान्ति तथा प्रेम के खोजी होते हैं, तो हमें भी उसकी कोमल देखभाल का अनुभव होता है। हम जानने पाते हैं कि वह हमारा अच्छा चरवाहा है जो हमें अपने हृदय से लगाए रखता है और अपनी बाहों में भर कर हमें लिए चलता है। - एमी बाउचर पाई

अच्छा चरवाहा अपनी भेड़ों की चिन्ता करता है।

प्रभु यीशु ने कहा: “अच्छा चरवाहा मैं हूं; अच्छा चरवाहा भेड़ों के लिये अपना प्राण देता है।” - यूहन्ना 10:11

बाइबल पाठ: यशायाह 40: 3-11
Isaiah 40:3 किसी की पुकार सुनाई देती है, जंगल में यहोवा का मार्ग सुधारो, हमारे परमेश्वर के लिये अराबा में एक राजमार्ग चौरस करो।
Isaiah 40:4 हर एक तराई भर दी जाए और हर एक पहाड़ और पहाड़ी गिरा दी जाए; जो टेढ़ा है वह सीधा और जो ऊंचा नीचा है वह चौरस किया जाए।
Isaiah 40:5 तब यहोवा का तेज प्रगट होगा और सब प्राणी उसको एक संग देखेंगे; क्योंकि यहोवा ने आप ही ऐसा कहा है।
Isaiah 40:6 बोलने वाले का वचन सुनाई दिया, प्रचार कर! मैं ने कहा, मैं क्या प्रचार करूं? सब प्राणी घास हैं, उनकी शोभा मैदान के फूल के समान है।
Isaiah 40:7 जब यहोवा की सांस उस पर चलती है, तब घास सूख जाती है, और फूल मुर्झा जाता है; नि:सन्देह प्रजा घास है।
Isaiah 40:8 घास तो सूख जाती, और फूल मुर्झा जाता है; परन्तु हमारे परमेश्वर का वचन सदैव अटल रहेगा।
Isaiah 40:9 हे सिय्योन को शुभ समचार सुनाने वाली, ऊंचे पहाड़ पर चढ़ जा; हे यरूशलेम को शुभ समाचार सुनाने वाली, बहुत ऊंचे शब्द से सुना, ऊंचे शब्द से सुना, मत डर; यहूदा के नगरों से कह, अपने परमेश्वर को देखो!
Isaiah 40:10 देखो, प्रभु यहोवा सामर्थ्य दिखाता हुआ आ रहा है, वह अपने भुजबल से प्रभुता करेगा; देखो, जो मजदूरी देने की है वह उसके पास है और जो बदला देने का है वह उसके हाथ में है।
Isaiah 40:11 वह चरवाहे के समान अपने झुण्ड को चराएगा, वह भेड़ों के बच्चों को अंकवार में लिये रहेगा और दूध पिलानेवालियों को धीरे धीरे ले चलेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 39-40
  • कुलुस्सियों 4



शुक्रवार, 11 अक्टूबर 2019

भला



      पाँच वर्ष तक वह मिट्टी की मोहर यरूशलेम के पुरातत्व इंस्टीट्यूट की एक अलमारी में बन्द पड़ी रही। यरूशलेम की प्राचीन दीवार के दक्षिणी भाग में खुदाई के दौरान मिली उस लगभग 3000 वर्ष पुरानी मोहर की आरंभिक जाँच में उसके महत्व की कोई पहचान नहीं हो सकी। लेकिन फिर एक शोधकर्ता ने उसपर लिखे अक्षरों की बड़ी बारीकी से जाँच की, जिससे एक बड़ी प्रमुख बात सामने आई। उस मोहर पर लिखा था “यहूदा के राजा आहाज़ [के पुत्र] हिजकिय्याह का।”

      उस मोहर के मध्य में दो पँख लगा हुआ सूर्य है और उसके इर्द-गिर्द जीवन के प्रतीक दो आकृतियाँ हैं। जिन पुरातत्वविदों ने इस मोहर को खोजा था उनका विश्वास है कि राजा हिजकिय्याह ने इस मोहर को परमेश्वर की सुरक्षा के प्रतीक के रूप में तब से प्रयोग करना आरंभ किया जब परमेश्वर ने उसे जीवन का ख़तरा बन गई उसकी बीमारी से चंगाई दी – जिसका विवरण परमेश्वर के वचन बाइबल में यशायाह 38:1-8 में पाया जाता है। हिजकिय्याह परमेश्वर से विनती कर रहा था कि उसे स्वस्थ कर दे; परमेश्वर ने उसकी प्रार्थना को सुना, और अपनी बात की पुष्टि के लिए हिजकिय्याह को चिन्ह दिया, “और यहोवा की ओर से इस बात का तेरे लिये यह चिन्ह होगा कि धूप की छाया जो आहाज की धूपघड़ी में ढल गई है, मैं दस अंश पीछे की ओर लौटा दूंगा। सो वह छाया जो दस अंश ढल चुकी थी लौट गई” (पद 8)।

      इस पुरातत्व खोज से संबंधित तथ्य हमें प्रोत्साहित करने वाली स्मृति प्रदान करते हैं कि बाइबल के समय के लोग भी वैसे ही सीख रहे थे जैसे अभी हम सीख रहे हैं, कि जब हम परमेश्वर को सहायता के लिए पुकारते हैं तो वह हमारी सुनता है। और चाहे उसके उत्तर वैसे न भी हों जैसी हमको अपेक्षा है, लेकिन वह जो भी करता है हमारी भलाई के लिए करता है। वह कृपालु है, सर्व-सामर्थी है और हमारे लिए सदा भला है। - पोह फैंग चिया

परमेश्वर को पुकारिए; वह आपको सुनना चाहता है।

और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं। - रोमियों 8:28

बाइबल पाठ: यशायाह 38:1-8
Isaiah 38:1 उन दिनों में हिजकिय्याह ऐसा रोगी हुआ कि वह मरने पर था। और आमोस के पुत्र यशायाह नबी ने उसके पास जा कर कहा, यहोवा यों कहता है, अपने घराने के विषय जो आज्ञा देनी हो वह दे, क्योंकि तू न बचेगा मर ही जाएगा।
Isaiah 38:2 तब हिजकिय्याह ने भीत की ओर मुंह फेर कर यहोवा से प्रार्थना कर के कहा;
Isaiah 38:3 हे यहोवा, मैं बिनती करता हूं, स्मरण कर कि मैं सच्चाई और खरे मन से अपने को तेरे सम्मुख जानकर चलता आया हूं और जो तेरी दृष्टि में उचित था वही करता आया हूं। और हिजकिय्याह बिलख बिलखकर रोने लगा।
Isaiah 38:4 तब यहोवा का यह वचन यशायाह के पास पहुंचा,
Isaiah 38:5 जा कर हिजकिय्याह से कह कि तेरे मूलपुरूष दाऊद का परमेश्वर यहोवा यों कहता है, मैं ने तेरी प्रार्थना सुनी और तेरे आंसू देखे हैं; सुन, मैं तेरी आयु पन्द्रह वर्ष और बढ़ा दूंगा।
Isaiah 38:6 अश्शूर के राजा के हाथ से मैं तेरी और इस नगर की रक्षा कर के बचाऊंगा।
Isaiah 38:7 यहोवा अपने इस कहे हुए वचन को पूरा करेगा,
Isaiah 38:8 और यहोवा की ओर से इस बात का तेरे लिये यह चिन्ह होगा कि धूप की छाया जो आहाज की धूपघड़ी में ढल गई है, मैं दस अंश पीछे की ओर लौटा दूंगा। सो वह छाया जो दस अंश ढल चुकी थी लौट गई।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 37-38
  • कुलुस्सियों 3



गुरुवार, 10 अक्टूबर 2019

जागृत



      उन वर्षों में जब मैं बहुत यात्राएं किया करता था और प्रत्येक रात्रि को किसी भिन्न शहर में सोया करता था, तो सोने के लिए होटल में जाते समय मैं उनसे मुझे प्रातः उठाने के लिए समय बता दिया करता था। अपने व्यक्तिगत अलार्म के साथ, मुझे प्रातः जागृत हो जाने के लिए टेलीफोन की तेज़ झनझनाहट वाली घंटी की भी आवश्यकता होती थी।

      परमेश्वर के वचन बाइबल की अंतिम पुस्तक, प्रकाशितवाक्य में भी प्रेरित यूहन्ना द्वारा एशिया के सात प्रान्तों के कलीसियाओं को लिखे पत्रों में जागृत होने का आह्वान है। सरदीस की कलीसिया के लिए प्रभु यीशु मसीह का यह सन्देश था: “और सरदीस की कलीसिया के दूत को लिख, कि, जिस के पास परमेश्वर की सात आत्माएं और सात तारे हैं, यह कहता है, कि मैं तेरे कामों को जानता हूं, कि तू जीवता तो कहलाता है, पर, है मरा हुआ। जागृत रह, और उन वस्‍तुओं को जो बाकी रह गई हैं, और जो मिटने को थी, उन्हें दृढ़ कर; क्योंकि मैं ने तेरे किसी काम को अपने परमेश्वर के निकट पूरा नहीं पाया” (प्रकाशितवाक्य 3:1-2)।

      आत्मिक थकान के समय में हो सकता है हमारे ध्यान में वह सुस्ती न आए जो हमारे और परमेश्वर के मध्य संबंधों में आने लग गई है, और बढ़ रही है। परन्तु प्रभु परमेश्वर हमें जागृत और सचेत करते हुए कहता है, “सो चेत कर, कि तु ने किस रीति से शिक्षा प्राप्त की और सुनी थी, और उस में बना रह, और मन फिरा: और यदि तू जागृत न रहेगा, तो मैं चोर के समान आ जाऊंगा और तू कदापि न जान सकेगा, कि मैं किस घड़ी तुझ पर आ पडूंगा” (पद 3)।

      बहुत से लोगों ने पाया है कि प्रति प्रातः कुछ समय बाइबल पढ़ने और प्रार्थना में परमेश्वर के साथ बातचीत करने के द्वारा उन्हें आत्मिक जागृति मिलती है और वे दिन भर चुस्त-दुरुस्त रहते हैं। ऐसा करना कोई काम नहीं है, वरन आनन्द की बात है; प्रभु के साथ समय बिताना हमें दिन में जो कुछ भी हमारी ओर आए उसके लिए तैयार करता है, हर बात के लिए जागृत और तैयार रखता है। - डेविड मैक्कैस्लैंड

प्रभु के साथ समय बिताना आनन्द है!

ढीले हाथों को दृढ़ करो और थरथराते हुए घुटनों को स्थिर करो। घबराने वालों से कहो, हियाव बान्धो, मत डरो! देखो, तुम्हारा परमेश्वर पलटा लेने और प्रतिफल देने को आ रहा है। हां, परमेश्वर आकर तुम्हारा उद्धार करेगा। - यशायाह 35:3-4

बाइबल पाठ: प्रकाशितवाक्य 3:1-6
Revelation 3:1 और सरदीस की कलीसिया के दूत को लिख, कि, जिस के पास परमेश्वर की सात आत्माएं और सात तारे हैं, यह कहता है, कि मैं तेरे कामों को जानता हूं, कि तू जीवता तो कहलाता है, पर, है मरा हुआ।
Revelation 3:2 जागृत रह, और उन वस्‍तुओं को जो बाकी रह गई हैं, और जो मिटने को थी, उन्हें दृढ़ कर; क्योंकि मैं ने तेरे किसी काम को अपने परमेश्वर के निकट पूरा नहीं पाया।
Revelation 3:3 सो चेत कर, कि तु ने किस रीति से शिक्षा प्राप्त की और सुनी थी, और उस में बना रह, और मन फिरा: और यदि तू जागृत न रहेगा, तो मैं चोर के समान आ जाऊंगा और तू कदापि न जान सकेगा, कि मैं किस घड़ी तुझ पर आ पडूंगा।
Revelation 3:4 पर हां, सरदीस में तेरे यहां कुछ ऐसे लोग हैं, जिन्हों ने अपने अपने वस्‍त्र अशुद्ध नहीं किए, वे श्वेत वस्‍त्र पहिने हुए मेरे साथ घूमेंगे क्योंकि वे इस योग्य हैं।
Revelation 3:5 जो जय पाए, उसे इसी प्रकार श्वेत वस्‍त्र पहिनाया जाएगा, और मैं उसका नाम जीवन की पुस्‍तक में से किसी रीति से न काटूंगा, पर उसका नाम अपने पिता और उसके स्‍वर्गदूतों के साम्हने मान लूंगा।
Revelation 3:6 जिस के कान हों, वह सुन ले कि आत्मा कलीसियाओं से क्या कहता है।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 34-36
  • कुलुस्सियों 2



बुधवार, 9 अक्टूबर 2019

भय



      दस वर्षीय क्लियो पहली बार मछली पकड़ने के लिए गया था। वहाँ पहुँचकर जब उसने चारे के डिब्बे में देखा तो उसे बहुत हिचकिचाहट हुई। उसने मेरे पति से इसके लिए सहायता माँगी। जब मेरे पति ने उससे पूछा कि उसे किस बात के कारण हिचकिचाहट है, तो क्लियो ने बताया कि उसे चारे के लिए कांटे पर लगाए जाने वाले कीड़े हाथ में पकड़ने से भय लगता था। उसके भय ने उसे निष्क्रीय कर दिया था।

      भय वयस्कों को भी पंगु कर देता है। परमेश्वर के वचन बाइबल का एक नायक गिदोन भी इस्राएलियों के शत्रु मिद्यानियों से भयभीत था और उनसे छिपकर गेहूँ फटक रहा था, जब उसके पास परमेश्वर का एक दूत आया (न्यायियों 6:11)। उस दूत ने गिदोन को बताया कि परमेश्वर ने उसे चुना था कि वह मिद्यानियों के विरुद्ध युद्ध में परमेश्वर के लोगों की अगुवाई करे (पद 12-14)।

      गिदोन ने क्या प्रत्युत्तर दिया? उसने कहा, “उसने कहा, हे मेरे प्रभु, बिनती सुन, मैं इस्राएल को क्योंकर छुड़ाऊ? देख, मेरा कुल मनश्शे में सब से कंगाल है, फिर मैं अपने पिता के घराने में सब से छोटा हूं” (पद 15)। परमेश्वर की उसके साथ उपस्थिति के विषय आश्वस्त किए जाने के पश्चात भी गिदोन भयभीत रहा, और उसने परमेश्वर से चिन्ह मांगे कि परमेश्वर अपने कहे के अनुसार इस्राएल को गिदोन के द्वारा विजयी करेगा (पद 36-40)। परमेश्वर ने गिदोन की बात का उत्तर दिया। गिदोन ने युद्ध में इस्राएल की परमेश्वर के कहे के अनुसार अगुवाई की; इस्राएली युद्ध में विजयी रहे, और चालीस वर्ष तक शान्ति का आनन्द लेते रहे।

      हम सब को कोई न कोई भय होता है। गिदोन की घटना हम को सिखाती है कि हम इस बात के प्रति निश्चित रह सकते हैं कि, यदि परमेश्वर ने हमें कुछ करने के लिए कहा है, तो फिर वह उसके लिए आवश्यक बल, बुद्धि, और सामर्थ्य भी देगा। - ऐनी सेटास

जीवन से भय को निकाल दें; जीवते परमेश्वर पर भरोसा रखें।

और मुझे इस बात का भरोसा है, कि जिसने तुम में अच्छा काम आरम्भ किया है, वही उसे यीशु मसीह के दिन तक पूरा करेगा। - फिलिप्पियों 1:6

बाइबल पाठ: न्यायियों 6:11-16, 36-40
Judges 6:11 फिर यहोवा का दूत आकर उस बांज वृक्ष के तले बैठ गया, जो ओप्रा में अबीएजेरी योआश का था, और उसका पुत्र गिदोन एक दाखरस के कुण्ड में गेहूं इसलिये झाड़ रहा था कि उसे मिद्यानियों से छिपा रखे।
Judges 6:12 उसको यहोवा के दूत ने दर्शन देकर कहा, हे शूरवीर सूरमा, यहोवा तेरे संग है।
Judges 6:13 गिदोन ने उस से कहा, हे मेरे प्रभु, बिनती सुन, यदि यहोवा हमारे संग होता, तो हम पर यह सब विपत्ति क्यों पड़ती? और जितने आश्चर्यकर्मों का वर्णन हमारे पुरखा यह कहकर करते थे, कि क्या यहोवा हम को मिस्र से छुड़ा नहीं लाया, वे कहां रहे? अब तो यहोवा ने हम को त्याग दिया, और मिद्यानियों के हाथ कर दिया है।
Judges 6:14 तब यहोवा ने उस पर दृष्टि कर के कहा, अपनी इसी शक्ति पर जा और तू इस्राएलियों को मिद्यानियों के हाथ से छुड़ाएगा; क्या मैं ने तुझे नहीं भेजा?
Judges 6:15 उसने कहा, हे मेरे प्रभु, बिनती सुन, मैं इस्राएल को क्योंकर छुड़ाऊ? देख, मेरा कुल मनश्शे में सब से कंगाल है, फिर मैं अपने पिता के घराने में सब से छोटा हूं।
Judges 6:16 यहोवा ने उस से कहा, निश्चय मैं तेरे संग रहूंगा; सो तू मिद्यानियों को ऐसा मार लेगा जैसा एक मनुष्य को।
Judges 6:36 तब गिदोन ने परमेश्वर से कहा, यदि तू अपने वचन के अनुसार इस्राएल को मेरे द्वारा छुड़ाएगा,
Judges 6:37 तो सुन, मैं एक भेड़ी की ऊन खलिहान में रखूंगा, और यदि ओस केवल उस ऊन पर पड़े, और उसे छोड़ सारी भूमि सूखी रह जाए, तो मैं जान लूंगा कि तू अपने वचन के अनुसार इस्राएल को मेरे द्वारा छुड़ाएगा।
Judges 6:38 और ऐसा ही हुआ। इसलिये जब उसने बिहान को सबेरे उठ कर उस ऊन को दबाकर उस में से ओस निचोड़ी, तब एक कटोरा भर गया।
Judges 6:39 फिर गिदोन ने परमेश्वर से कहा, यदि मैं एक बार फिर कहूं, तो तेरा क्रोध मुझ पर न भड़के; मैं इस ऊन से एक बार और भी तेरी परीक्षा करूं, अर्थात केवल ऊन ही सूखी रहे, और सारी भूमि पर ओस पड़े।
Judges 6:40 इस रात को परमेश्वर ने ऐसा ही किया; अर्थात केवल ऊन ही सूखी रह गई, और सारी भूमि पर ओस पड़ी।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 32-33
  • कुलुस्सियों 1



मंगलवार, 8 अक्टूबर 2019

पर्याप्त



      जब मुझ से तथा मेरे पति से पहली बार हमारे छोटे से मसीही समूह की अपने घर में मेज़बानी करने के लिए पूछा गया, तो मेरी पहली प्रतिक्रया थी कि हम इन्कार कर दें। मैं अपने आप को अपर्याप्त समझती थी। हमारे छोटे से घर में सबके बैठने के लिए पर्याप्त कुर्सियाँ नहीं थीं, और घर में लोगों के एकत्रित होने लायक स्थान की भी कमी थी। मुझे नहीं लगता था कि हम में चर्चा को आरंभ करने तथा संचालित करते रहने की योग्यताएं थीं। मुझे चिंता थी मुझ से आने वाले लोगों के लिए भोजन बनाने के लिए कहा जाएगा, जिसके लिए मेरे पास इच्छा और संसाधन दोनों ही की कमी थी। मुझे लगता था कि हमारे पास यह करने के लिए पर्याप्त नहीं है; मुझे नहीं लगता था कि यह करने के लिए मैं पर्याप्त हूँ। किन्तु हम परमेश्वर और अपने समुदाय के लिए कुछ करना भी चाहते थे; इसलिए अपनी शंकाओं और हिचकिचाहट के होते हुए भी हमने “हाँ” कह दिया। और तब से लेकर अगले पाँच वर्षों तक अपने समूह की मेज़बानी करने से हमें बहुत आनन्द और आशीष मिलती रही है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में भी मुझे इसी प्रकार का संकोच उस व्यक्ति में दिखाई देता है जो परमेश्वर के नबी एलीशा के पास रोटी लेकर आया था। एलीशा ने उससे कहा कि वह उस रोटी को उपस्थित लोगों में बाँट दे, परन्तु उस व्यक्ति ने प्रश्न किया कि वह बीस रोटियाँ, कैसे सौ लोगों के लिए पर्याप्त होंगी? प्रतीत होता है कि वह उस भोजन को परोसना ही नहीं चाह रहा था क्योंकि उसकी मानवीय समझ के अनुसार, वह भोजन-मात्रा पर्याप्त नहीं थी। परन्तु अन्त में पता चला कि वह पर्याप्त से भी अधिक था (2 राजाओं 4:44), क्योंकि परमेश्वर ने उसकी उस भेंट को लिया और उसकी आज्ञाकारिता के कारण उसे पर्याप्त बना दिया।

      जब हमें लगे कि हम अयोग्य हैं, या जो हम देना चाह रहे हैं वह अपर्याप्त है, तो हम यह स्मरण करें कि परमेश्वर ने हम से जो भी हमारे पास है उसे आज्ञाकारिता में दे देने के लिए कहा है। हमारी भेंट को पर्याप्त वह बनाता है। - कर्स्टन होल्म्बर्ग

विश्वास और आज्ञाकारिता के साथ दी गई प्रत्येक भेंट पर्याप्त होती है।

इसलिये मैं तुम से कहता हूं, कि अपने प्राण के लिये यह चिन्‍ता न करना कि हम क्या खाएंगे? और क्या पीएंगे? और न अपने शरीर के लिये कि क्या पहिनेंगे? क्या प्राण भोजन से, और शरीर वस्‍त्र से बढ़कर नहीं? – मत्ती 6:25

बाइबल पाठ: 2 राजाओं 4: 42-44; मत्ती 6:31-34
2 Kings 4:42 और कोई मनुष्य बालशालीशा से, पहिले उपजे हुए जव की बीस रोटियां, और अपनी बोरी में हरी बालें परमेश्वर के भक्त के पास ले आया; तो एलीशा ने कहा, उन लोगों को खाने के लिये दे।
2 Kings 4:43 उसके टहलुए ने कहा, क्या मैं सौ मनुष्यों के साम्हने इतना ही रख दूं? उसने कहा, लोगों को दे दे कि खाएं, क्योंकि यहोवा यों कहता है, उनके खाने के बाद कुछ बच भी जाएगा।
2 Kings 4:44 तब उसने उनके आगे धर दिया, और यहोवा के वचन के अनुसार उनके खाने के बाद कुछ बच भी गया।

Matthew 6:31 इसलिये तुम चिन्‍ता कर के यह न कहना, कि हम क्या खाएंगे, या क्या पीएंगे, या क्या पहिनेंगे?
Matthew 6:32 क्योंकि अन्यजाति इन सब वस्‍तुओं की खोज में रहते हैं, और तुम्हारा स्‍वर्गीय पिता जानता है, कि तुम्हें ये सब वस्तुएं चाहिए।
Matthew 6:33 इसलिये पहिले तुम उसे राज्य और धर्म की खोज करो तो ये सब वस्तुएं भी तुम्हें मिल जाएंगी।
Matthew 6:34 सो कल के लिये चिन्‍ता न करो, क्योंकि कल का दिन अपनी चिन्‍ता आप कर लेगा; आज के लिये आज ही का दुख बहुत है।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 30-31
  • फिलिप्पियों 4



सोमवार, 7 अक्टूबर 2019

प्रतीक्षा



      जब मेरा विवाह हुआ तो मुझे लगा कि अब शीघ्र ही मेरे बच्चे भी होंगे; परन्तु ऐसा नहीं हुआ। जाँच करने पर पता चला कि मैं बाँझ हूँ और इस पीड़ा ने मुझे घुटनों पर ला दिया। मैं अकसर परमेश्वर के सामने गिड़गिड़ाती, और पुकारती, “प्रभु कब तक?” मैं जानती थी कि परमेश्वर मेरी परिस्थितियों को बदल सकता है; परन्तु वह ऐसा करता क्यों नहीं था?

      क्या आप भी परमेश्वर से किसी बात की प्रतीक्षा कर रहे हैं? क्या आप भी पूछ रहें “प्रभु कब तक?” क्या आपको भी सँसार में न्याय के आने की प्रतीक्षा है? क्या आप भी कैंसर के पूर्ण इलाज की प्रतीक्षा में हैं? क्या आपको भी अपने क़र्ज़ से मुक्त होने की प्रतीक्षा है?

      परमेश्वर के वचन बाइबल में नबी हबक्कूक भी ऐसी ही भावनाओं से भली-भांति परिचित था। सातवीं शताब्दी ईसा पूर्व का यह नबी परमेश्वर के आगे गिड़गिड़ाया, “हे यहोवा मैं कब तक तेरी दोहाई देता रहूंगा, और तू न सुनेगा? मैं कब तक तेरे सम्मुख उपद्रव”, “उपद्रवचिल्लाता रहूंगा? क्या तू उद्धार नहीं करेगा? तू मुझे अनर्थ काम क्यों दिखाता है? और क्या कारण है कि तू उत्पात को देखता ही रहता है? मेरे साम्हने लूट-पाट और उपद्रव होते रहते हैं; और झगड़ा हुआ करता है और वादविवाद बढ़ता जाता है” (हबक्कूक 1:2-3)। वह बहुत लंबे समय तक प्रार्थनाएं करता रहा; यह समझने का प्रयास करता रहा कि एक सामर्थी और न्यायी परमेश्वर दुष्टता, अन्याय, और भ्रष्टाचार को यहूदा में कैसे बने रहने दे सकता है? हबक्कूक के अपने विचार के अनुसार अब तक तो परमेश्वर को हस्तक्षेप कर लेना चाहिए था; उसने हस्तक्षेप क्यों नहीं किया? परमेश्वर क्यों कुछ नहीं कर रहा था?

      हमारे साथ भी ऐसे दिन आते हैं जब हमें लगता है कि परमेश्वर कुछ नहीं कर रहा है। हम भी हबक्कूक के समान गिड़गिड़ाते हैं, “प्रभु कब तक?”

      लेकिन हम अकेले नहीं हैं। जैसे हबक्कूक के साथ हुआ, परमेश्वर हमारी भी सुनता है; हमारे बोझों पर ध्यान करता है। हमें अपने बोझ उस पर डालते रहना चाहिए, क्योंकि वह हमारी चिन्ता करता है। परमेश्वर हमारी सुनता है, और अपने समय में हमें उत्तर भी देगा। प्रतीक्षा में निराश न हों। - कैरेन वुल्फ

बुराई के कारण निराश न हों; अंतिम विजय परमेश्वर ही की होगी।

और अपनी सारी चिन्‍ता उसी पर डाल दो, क्योंकि उसको तुम्हारा ध्यान है। - 1 पतरस 5:7

बाइबल पाठ: हबक्कूक 1:2-11
Habakkuk 1:2 हे यहोवा मैं कब तक तेरी दोहाई देता रहूंगा, और तू न सुनेगा? मैं कब तक तेरे सम्मुख उपद्रव”, “उपद्रवचिल्लाता रहूंगा? क्या तू उद्धार नहीं करेगा?
Habakkuk 1:3 तू मुझे अनर्थ काम क्यों दिखाता है? और क्या कारण है कि तू उत्पात को देखता ही रहता है? मेरे साम्हने लूट-पाट और उपद्रव होते रहते हैं; और झगड़ा हुआ करता है और वादविवाद बढ़ता जाता है।
Habakkuk 1:4 इसलिये व्यवस्था ढीली हो गई और न्याय कभी नहीं प्रगट होता। दुष्ट लोग धर्मी को घेर लेते हैं; सो न्याय का खून हो रहा है।
Habakkuk 1:5 अन्यजातियों की ओर चित्त लगा कर देखो, और बहुत ही चकित हो। क्योंकि मैं तुम्हारे ही दिनों में ऐसा काम करने पर हूं कि जब वह तुम को बताया जाए तो तुम उसकी प्रतीति न करोगे।
Habakkuk 1:6 देखो, मैं कसदियों को उभारने पर हूं, वे क्रूर और उतावली करने वाली जाति हैं, जो पराए वासस्थानों के अधिकारी होने के लिये पृथ्वी भर में फैल गए हैं।
Habakkuk 1:7 वे भयानक और डरावने हैं, वे आप ही अपने न्याय की बड़ाई और प्रशंसा का कारण हैं।
Habakkuk 1:8 उनके घोड़े चीतों से भी अधिक वेग चलने वाले हैं, और सांझ को आहेर करने वाले हुंडारों से भी अधिक क्रूर हैं; उनके सवार दूर दूर कूदते-फांदते आते हैं। हां, वे दूर से चले आते हैं; और आहेर पर झपटने वाले उकाब की नाईं झपट्टा मारते हैं।
Habakkuk 1:9 वे सब के सब उपद्रव करने के लिये आते हैं; साम्हने की ओर मुख किए हुए वे सीधे बढ़े चले जाते हैं, और बंधुओं को बालू के किनकों के समान बटोरते हैं।
Habakkuk 1:10 राजाओं को वे ठट्ठों में उड़ाते और हाकिमों का उपहास करते हैं; वे सब दृढ़ गढ़ों को तुच्छ जानते हैं, क्योंकि वे दमदमा बान्ध कर उन को जीत लेते हैं।
Habakkuk 1:11 तब वे वायु के समान चलते और मर्यादा छोड़ कर दोषी ठहरते हैं, क्योंकि उनका बल ही उनका देवता है।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 28-29
  • फिलिप्पियों 3



रविवार, 6 अक्टूबर 2019

स्वतंत्र



      अपने काम पर जाते समय मैं एक गीत “Dear Younger Me” सुन रही थी; इस गीत में बड़ी सुंदरता से पूछा गया है कि यदि आप अपने जीवन में वापस लौट सकते तो अपने अभी तक के अनुभवों के आधार पर अपने उस युवा व्यक्तित्व से क्या कहते, उसे क्या सिखाते? उस गीत को सुनते हुए मैं उन बुद्धिमत्ता की बातों और चेतावनियों के बारे में सोचने लगी जो मैं अपने उस युवा व्यक्तित्व को बताती, जो तब उतना बुद्धिमान नहीं था जितना मैं अब हो गई हूँ। कभी-न-कभी, हम सब ने अपने जीवनों में इस बात पर विचार किया है कि यदि हमें फिर से अवसर मिलता तो हम कैसे कुछ बातों को उससे भिन्न करते जैसा हम ने कर दिया है।

      परन्तु वह गीत यह भी सिखाता है कि चाहे अपने अतीत को लेकर हम कुछ बातों के लिए खेदित हो सकते हैं, फिर भी आज जो हम हैं वह अपनी उन अनुभवों के कारण ही हैं। हम पीछे लौट कर अपने  कार्यों, चुनावों और पापों को तो नहीं बदल सकते हैं, और न ही उनके कारण हमारे जीवन में आए परिणामों को बदल सकते हैं; परन्तु परमेश्वर का धन्यवाद हो कि प्रभु यीशु मसीह ने जो हमारे लिए किया है उसके कारण हमें अपनी गलतियों और पापों के भारी बोझ को उठाए हुए चलते जाने की कोई आवश्यकता नहीं है। परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बताती है कि, “हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर और पिता का धन्यवाद दो, जिसने यीशु मसीह के हुओं में से जी उठने के द्वारा, अपनी बड़ी दया से हमें जीवित आशा के लिये नया जन्म दिया” (1 पतरस 1:3)।

      यदि हम अपने पापों के लिए सच्चे पश्चाताप के साथ प्रभु यीशु की ओर, उसमें पूर्ण विश्वास तथा समर्पण के साथ मुड़ते हैं, तो वह हमारे पापों को क्षमा कर देता है। प्रभु से क्षमा प्राप्त करते ही हम तुरंत ही एक नई सृष्टि हो जाते हैं, और हमारे आत्मिक परिवर्तन की प्रक्रिया भी आरंभ हो जाती है (2 कुरिन्थियों 5:17)। फिर इसका कोई महत्व नहीं रहता है कि हमने क्या किया था या नहीं किया था; हमारी क्षमा और परिवर्तन प्रभु यीशु द्वारा हमारे लिए किए गए पर आधारित है, न कि हमारे अपने किसी काम पर। फिर हम निःसंकोच जीवन में आगे बढ़ सकते हैं, वर्तमान का पूरा लाभ उठाते हुए तथा, प्रभु के साथ अपने उज्जवल और अनन्त भविष्य के आश्वासन के साथ। मसीह यीशु में हम पापों तथा पापों के दुष्परिणामों से पूर्णतः स्वतंत्र किए गए हैं। - एलीसन कीडा

अपने सभी बोझ प्रभु परमेश्वर को सौंप दें।

हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा। - मत्ती 11:28

बाइबल पाठ: 1 पतरस 1:3-9
1 Peter 1:3 हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर और पिता का धन्यवाद दो, जिसने यीशु मसीह के हुओं में से जी उठने के द्वारा, अपनी बड़ी दया से हमें जीवित आशा के लिये नया जन्म दिया।
1 Peter 1:4 अर्थात एक अविनाशी और निर्मल, और अजर मीरास के लिये।
1 Peter 1:5 जो तुम्हारे लिये स्वर्ग में रखी है, जिन की रक्षा परमेश्वर की सामर्थ से, विश्वास के द्वारा उस उद्धार के लिये, जो आने वाले समय में प्रगट होने वाली है, की जाती है।
1 Peter 1:6 और इस कारण तुम मगन होते हो, यद्यपि अवश्य है कि अब कुछ दिन तक नाना प्रकार की परीक्षाओं के कारण उदास हो।
1 Peter 1:7 और यह इसलिये है कि तुम्हारा परखा हुआ विश्वास, जो आग से ताए हुए नाशमान सोने से भी कहीं, अधिक बहुमूल्य है, यीशु मसीह के प्रगट होने पर प्रशंसा, और महिमा, और आदर का कारण ठहरे।
1 Peter 1:8 उस से तुम बिन देखे प्रेम रखते हो, और अब तो उस पर बिन देखे भी विश्वास कर के ऐसे आनन्‍दित और मगन होते हो, जो वर्णन से बाहर और महिमा से भरा हुआ है।
1 Peter 1:9 और अपने विश्वास का प्रतिफल अर्थात आत्माओं का उद्धार प्राप्त करते हो।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 26-27
  • फिलिप्पियों 2