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शुक्रवार, 7 जून 2013

विश्वास का तात्पर्य

   स्मुरना के इलाके के बिशप पॉलीकार्प (ई० 59-155) को, उनके मसीही विश्वास और प्रचार के कारण रोमी अधिकारियों ने बन्धक बना लिया और उन से कहा कि यदि वे कैद से मुक्त होना चाहते हैं तो मसीह यीशु को कोसें और उसकी निन्दा करें। पॉलीकार्प का उत्तर था, "छियासी वर्षों से मैं उसकी सेवा करता आया हूँ, और उसने आज तक कभी मेरी कोई हानि नहीं की है। मैं अपने मुक्तिदाता राजा की निन्दा कैसे कर सकता हूँ?" रोमी अधिकारी ने धमकी दी, "यदि तू अपनी मनशा नहीं बदलेगा तो तुझे आग के हवाले कर दिया जाएगा।" पॉलीकार्प अपने निर्णय पर अडिग रहा, और उसे लठ्ठे से बांधकर आग के हवाले कर दिया गया जिससे उसकी मृत्यु हो गई।

   इससे सदियों पहले, तीन जवानों - शदरक, मीशक और अबदनेगो को भी परमेश्वर पर अपने विश्वास के कारण ऐसी ही परिस्थिति का सामना करना पड़ा था। उन्होंने भी राजा नबूकदनेस्सर द्वारा जारी राजा की प्रतिमा के आगे गिरने और उसकी उपासना करने की आज्ञा की अवहेलना की थी क्योंकि वे अपने परमेश्वर यहोवा पर विश्वास रखते थे और केवल उसी की उपासना करते थे। राजा नबूकदनेस्सर ने उनके सामने विकल्प रखा, या तो मेरी प्रतिमा की उपासना स्वीकार करो अथवा आग के भट्टे में झोंके जानो को तैयार हो जाओ। उन तीनों जवानों का राजा को उत्तर था, "...हे नबूकदनेस्सर, इस विषय में तुझे उत्तर देने का हमें कुछ प्रयोजन नहीं जान पड़ता। हमारा परमेश्वर, जिसकी हम उपासना करते हैं वह हम को उस धधकते हुए भट्टे की आग से बचाने की शक्ति रखता है; वरन हे राजा, वह हमें तेरे हाथ से भी छुड़ा सकता है। परन्तु, यदि नहीं, तो हे राजा तुझे मालूम हो, कि हम लोग तेरे देवता की उपासना नहीं करेंगे, और न तेरी खड़ी कराई हुई सोने की मूरत को दण्डवत करेंगे" (दानिय्येल 3:16-18)। उन तीनों को आग के भट्टे में झोंक दिया गया परन्तु आग उन तीनों का कुछ भी नहीं बिगाड़ सकी; जब उन्हें भट्टे से बाहर निकाला गया तो ना तो उनके कपड़े या बाल झुलसे थे और ना ही उनमें आग की कोई गन्ध थी।

   एक ही परमेश्वर के प्रति एक समान विश्वास के लिए एक समान दण्ड, किन्तु दो भिन्न परिणाम - एक आग से जल कर मर गया तो दूसरे आग से अछूते बाहर आ गए। मसीही विश्वास के इन दिग्गजों की गवाही सिखाती है कि मसीही विश्वास में परमेश्वर पर विश्वास का तात्पर्य केवल परमेश्वर की क्षमताओं अथवा हर बात में इच्छित परिणामों की आशा पर विश्वास ही नहीं है वरन सच्चे विश्वास का अर्थ है, चाहे परमेश्वर परिस्थिति से छुड़ाए या ना छुड़ाए, उसपर अडिग अविचिलित विश्वास बनाए रखना। परिस्थिति का अन्जाम चाहे कुछ भी हो, परमेश्वर परमेश्वर ही है और हर बात के लिए अन्तिम निर्णय उसी का है। हम मसीही विश्वासियों का कर्तव्य अपने विश्वास को बनाए रखना है - केवल परिस्थितियों के अनुकूल परिणामों के अनुसार नहीं, वरन, सदा सर्वदा। - एलबर्ट ली


जीवन कठिन है, पर परमेश्वर भला है - हर समय और हर बात में।

स्‍त्रियों ने अपने मरे हुओं को फिर जीवते पाया; कितने तो मार खाते खाते मर गए; और छुटकारा न चाहा; इसलिये कि उत्तम पुनरुत्थान के भागी हों। - इब्रानियों 11:35 

बाइबल पाठ: इब्रानियों 11:32-40
Hebrews 11:32 अब और क्या कहूँ क्योंकि समय नहीं रहा, कि गिदोन का, और बाराक और समसून का, और यिफतह का, और दाऊद का और शामुएल का, और भविष्यद्वक्ताओं का वर्णन करूं।
Hebrews 11:33 इन्‍होंने विश्वास ही के द्वारा राज्य जीते; धर्म के काम किए; प्रतिज्ञा की हुई वस्तुएं प्राप्त की, सिंहों के मुंह बन्‍द किए।
Hebrews 11:34 आग की ज्‍वाला को ठंडा किया; तलवार की धार से बच निकले, निर्बलता में बलवन्‍त हुए; लड़ाई में वीर निकले; विदेशियों की फौजों को मार भगाया।
Hebrews 11:35 स्‍त्रियों ने अपने मरे हुओं को फिर जीवते पाया; कितने तो मार खाते खाते मर गए; और छुटकारा न चाहा; इसलिये कि उत्तम पुनरुत्थान के भागी हों।
Hebrews 11:36 कई एक ठट्ठों में उड़ाए जाने; और कोड़े खाने; वरन बान्‍धे जाने; और कैद में पड़ने के द्वारा परखे गए।
Hebrews 11:37 पत्थरवाह किए गए; आरे से चीरे गए; उन की परीक्षा की गई; तलवार से मारे गए; वे कंगाली में और क्‍लेश में और दुख भोगते हुए भेड़ों और बकिरयों की खालें ओढ़े हुए, इधर उधर मारे मारे फिरे।
Hebrews 11:38 और जंगलों, और पहाड़ों, और गुफाओं में, और पृथ्वी की दरारों में भटकते फिरे।
Hebrews 11:39 संसार उन के योग्य न था: और विश्वास ही के द्वारा इन सब के विषय में अच्छी गवाही दी गई, तौभी उन्हें प्रतिज्ञा की हुई वस्तु न मिली।
Hebrews 11:40 क्योंकि परमेश्वर ने हमारे लिये पहिले से एक उत्तम बात ठहराई, कि वे हमारे बिना सिद्धता को न पहुंचे।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 28-29 
  • यूहन्ना 17


गुरुवार, 6 जून 2013

परीक्षाएं


  एक दोपहर मित्र गोष्ठी के साथ भोजन करते हुए बात-चीत के दौरान एक मित्र ने कहा कि मिशिगन झील में, जो समुद्र से काफी दूर एक स्वच्छ पानी की झील है, एक बार बुल-शार्क मछली द्वारा हमला होने की खबर आ चुकी है। हमारे लिए यह इतना असंभव विचार था कि हम ने इस बात को ठठ्ठों में उड़ा दिया। फिर मैंने इस पर खोज करने का सोचा और इन्टरनैट पर इसके बारे में ढूँढ़ने लगा। वहाँ मुझे मिला कि 1955 में एक ऐसा दावा किया गया था, लेकिन इस दावे की कभी पुष्टि नहीं होने पाई। शार्क! मिशिगन झील में! यदि यह सत्य भी है तो भी एक बहुत दुर्लभ और असामान्य घटना है।

   कितना अच्छा होता यदि हमारे लिए कठिनाईयों और परीक्षाओं का सामना करना भी मिशिगन झील के शार्क हमले के समान ही होता - अति दुर्लभ और असामान्य! लेकिन ऐसा है नहीं। सभी को कठिनाईयों और परीक्षाओं का सामना सामान्यता करना ही होता है; बस जब हमें सामना करना पड़ता है तो हम यही सोचते हैं कि काश ऐसा नहीं होता। इसी लिए प्रेरित पतरस ने पहली शताब्दी के मसीही विश्वासीयों को, जो अपने मसीही विश्वास के कारण घोर अत्यचार और अति विषम परिस्थितियों से होकर निकल रहे थे, लिखी अपनी पत्री में लिखा, "हे प्रियों, जो दुख रूपी अग्‍नि तुम्हारे परखने के लिये तुम में भड़की है, इस से यह समझ कर अचंभा न करो कि कोई अनोखी बात तुम पर बीत रही है" (1 पतरस 4:12)।

   मसीही विश्वासीयों के लिए इस प्रकार की परीक्षाएं कोई अनहोनी या अस्वाभाविक बात नहीं है, वरन उनकी विश्वास यात्रा का एक अनिवर्य भाग है - आखिर शैतान अपने चंगुल से बच निकलने वालों को शांति से कैसे रहने देगा? वह तो अपनी सारी शक्ति और सभी सहायकों द्वारा उनके जीवन को यथासंभव कठिन बनाने का भरसक प्रयास करेगा ही। लेकिन इस दुख रूपी अग्नि में ताए जाकर ही हमारा मसीही विश्वास खरे कुन्दन सा स्वच्छ और बहूमूल्य होकर निकलता है। इस ताए जाने से ही हमारे मसीही विश्वास के जीवन से संबंधित सभी व्यर्थ बातें भी भस्म हो जाती हैं तथा अपने किसी स्वार्थ में होकर या झूठे या दिखावे के विश्वास में मसीह यीशु का अनुकरण करने वालों की छाँटाई भी इससे हो जाती है। शैतान जो युक्तियाँ अपने अनुयायीयों द्वारा मसीही विश्वासियों को सताने के लिए प्रयोग करता है, परमेश्वर उन्हीं के द्वारा उसके ही अनुयायियों की वास्तविकता और उनकी दुष्ट मानसिकता को संसार पर प्रगट कर देता है तथा अपनी मण्डली को भेड़ की खाल में छिपे भेड़ियों से शुद्ध करने के लिए प्रयोग कर लेता है।

   परमेश्वर का प्रेम अपनी सन्तान के प्रति कभी कम नहीं होता, वह उन्हें कभी नहीं छोड़ता, कभी नहीं त्यागता। हर कठिनाई, अत्याचार, विषम परिस्थिति में वह उनके साथ बना रहता है, उन्हें सामर्थ देता है, सहने की शक्ति और परिस्थिति के उपयुक्त शांति देता है, और उनकी इस गवाही को शैतान के प्रयोजनों को विफल करने, अपने अनुयायियों को बड़े प्रतिफल देने तथा उन्हें अपनी महिमा का कारण होने वाला बना लेता है। परीक्षाओं से विचलित ना हों, परीक्षाओं में अपनी मसीही गवाही बनाए रखें - यह आपके लिए अद्भुत प्रतिफलों को प्राप्त करने और परमेश्वर को अपने जीवन से महिमा देने का एक सामर्थी माध्यम हैं। - बिल क्राउडर


अपने प्रेम की रौशनी से परमेश्वर हमारे जीवन की काली घटाओं पर एक सुन्दर, चमकीला और आकर्षक मेघधनुष बना देता है।

हे प्रियों, जो दुख रूपी अग्‍नि तुम्हारे परखने के लिये तुम में भड़की है, इस से यह समझ कर अचंभा न करो कि कोई अनोखी बात तुम पर बीत रही है। - 1 पतरस 4:12

बाइबल पाठ: 1 पतरस 4:12-19
1 Peter 4:12 हे प्रियों, जो दुख रूपी अग्‍नि तुम्हारे परखने के लिये तुम में भड़की है, इस से यह समझ कर अचम्भा न करो कि कोई अनोखी बात तुम पर बीत रही है।
1 Peter 4:13 पर जैसे जैसे मसीह के दुखों में सहभागी होते हो, आनन्द करो, जिस से उसकी महिमा के प्रगट होते समय भी तुम आनन्‍दित और मगन हो।
1 Peter 4:14 फिर यदि मसीह के नाम के लिये तुम्हारी निन्‍दा की जाती है, तो धन्य हो; क्योंकि महिमा का आत्मा, जो परमेश्वर का आत्मा है, तुम पर छाया करता है।
1 Peter 4:15 तुम में से कोई व्यक्ति हत्यारा या चोर, या कुकर्मी होने, या पराए काम में हाथ डालने के कारण दुख न पाए।
1 Peter 4:16 पर यदि मसीही होने के कारण दुख पाए, तो लज्ज़ित न हो, पर इस बात के लिये परमेश्वर की महिमा करे।
1 Peter 4:17 क्योंकि वह समय आ पहुंचा है, कि पहिले परमेश्वर के लोगों का न्याय किया जाए, और जब कि न्याय का आरम्भ हम ही से होगा तो उन का क्या अन्‍त होगा जो परमेश्वर के सुसमाचार को नहीं मानते?
1 Peter 4:18 और यदि धर्मी व्यक्ति ही कठिनता से उद्धार पाएगा, तो भक्तिहीन और पापी का क्या ठिकाना?
1 Peter 4:19 इसलिये जो परमेश्वर की इच्छा के अनुसार दुख उठाते हैं, वे भलाई करते हुए, अपने अपने प्राण को विश्वासयोग्य सृजनहार के हाथ में सौंप दें।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 25-27 
  • यूहन्ना 16


बुधवार, 5 जून 2013

शुद्ध और स्वच्छ


   एक अन्तर्राष्ट्रीय पुस्तक सम्मेलन में लेखक अपनी लिखी पुस्तकों को खरीदने वालों को उन्हें हस्ताक्षारित कर के दे रहे थे। एक फ्रांसिसी लेखक की एक पुस्तक को एक स्त्री ने उठाया, सरसरी नज़र से उसके पन्ने पलटे और उस का आंकलन किया, फिर लंबी साँस भरते हुए बोली, "आखिर, एक साफ-सुथरी कहानी वाली पुस्तक!" उस लेखक ने शालीनता से उत्तर दिया, "महोदया, मैं स्वच्छ सोचता हूँ इसीलिए स्वच्छ लिखता हूँ।" वह लेखक वैसा ही छपने को देता था जैसा कि वह अन्दर से था, क्योंकि प्रभु यीशु में विश्वास के द्वारा उसका जीवन अन्दर से शुद्ध और स्वच्छ हो गया था।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में यूहन्ना के 15 अध्याय में प्रभु यीशु की अपने शिष्यों को एक फलवंत जीवन के लिए दी गई शिक्षाएं हैं जिनका सार है कि उन्हें प्रभु यीशु में उनका लगातार बने रहना है। इस बात को समझाने के लिए प्रभु यीशु ने दाखलता, उसकी डालियों और उसके फलवंत होने के चित्रण का प्रयोग किया है; इस चित्रण में वे एक स्थान पर चेलों से कहते हैं, "तुम तो उस वचन के कारण जो मैं ने तुम से कहा है, शुद्ध हो" (यूहन्ना 15:3)। यहाँ जिस शब्द का अनुवाद "शुद्ध" हुआ है, उस के बारे में बाइबल ज्ञाता तथा बाइबल में प्रयुक्त युनानी भाषा के विद्वान डब्ल्यु. ई. वाईन कहते हैं कि मूल युनानी भाषा में इस शब्द का अर्थ है, "किसी भी अशुद्धता और मिलावट से रहित, दाग़रहित, निष्कलंक"।

   मनुष्य का मन केवल प्रभु यीशु द्वारा मिलने वाली पापों की क्षमा और उसके लहु से धोये जाने से ही शुद्ध और स्वच्छ किया जा सकता है और प्रभु यीशु ही की सामर्थ से मन शुद्ध तथा स्वच्छ बना भी रह सकता है। हम कई बार असफल हो जाते हैं, पाप से समझौते कर बैठते हैं, सांसारिकता में फिसल जाते हैं; लेकिन परमेश्वर प्रभु यीशु का वायदा है कि "यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है" (1 यूहन्ना 1:9)। यह शुद्धता, स्वच्छता और पुनः-नवीनिकरण किसी बाहरी क्रिया-कलापों या विधि-विधानों द्वारा नहीं, वरन हमारे अन्दर से, हमारे मन के शुद्धिकरण द्वारा ही संभव है और प्रभु यीशु में सदा उपलब्ध है।

   प्रभु यीशु ने अपने बलिदान तथा अपने वचन के द्वारा समस्त मानव जाति के लिए पापों की क्षमा तथा अन्दर से शुद्ध और स्वच्छ होने का मार्ग खोल दिया है। जो कोई स्वेच्छा से अपने पापों की क्षमा प्रभु यीशु से माँगता है और अपना जीवन उसे समर्पित करता है, वह प्रभु यीशु द्वारा शुद्ध और स्वच्छ किया जाता है। प्रभु यीशु के हर शिष्य, हर मसीही विश्वासी का यह कर्तव्य है कि वह अपने आचरण और बातचीत द्वारा अपने इस शुद्ध और स्वच्छ होने को प्रदर्षित करे; यह ना केवल उसके प्रभु यीशु में बने होने का प्रमाण है वरन दूसरों को प्रभु यीशु के प्रति आकर्षित करने के लिए एक सक्षम गवाही भी है। - डेविड मैक्कैसलैंड


परमेश्वर से किया गया पाप-अंगीकार, परमेश्वर से मिलने वाली शुद्धता और स्वच्छता को जीवन में ले आता है।

पर जैसा तुम्हारा बुलाने वाला पवित्र है, वैसे ही तुम भी अपने सारे चाल चलन में पवित्र बनो। क्योंकि लिखा है, कि "पवित्र बनो, क्योंकि मैं पवित्र हूं"। - 1 पतरस 1:15-16

बाइबल पाठ: यूहन्ना 15:1-8
John 15:1 सच्ची दाखलता मैं हूं; और मेरा पिता किसान है।
John 15:2 जो डाली मुझ में है, और नहीं फलती, उसे वह काट डालता है, और जो फलती है, उसे वह छांटता है ताकि और फले।
John 15:3 तुम तो उस वचन के कारण जो मैं ने तुम से कहा है, शुद्ध हो।
John 15:4 तुम मुझ में बने रहो, और मैं तुम में: जैसे डाली यदि दाखलता में बनी न रहे, तो अपने आप से नहीं फल सकती, वैसे ही तुम भी यदि मुझ में बने न रहो तो नहीं फल सकते।
John 15:5 मैं दाखलता हूं: तुम डालियां हो; जो मुझ में बना रहता है, और मैं उस में, वह बहुत फल फलता है, क्योंकि मुझ से अलग हो कर तुम कुछ भी नहीं कर सकते।
John 15:6 यदि कोई मुझ में बना न रहे, तो वह डाली की नाईं फेंक दिया जाता, और सूख जाता है; और लोग उन्हें बटोरकर आग में झोंक देते हैं, और वे जल जाती हैं।
John 15:7 यदि तुम मुझ में बने रहो, और मेरी बातें तुम में बनी रहें तो जो चाहो मांगो और वह तुम्हारे लिये हो जाएगा।
John 15:8 मेरे पिता की महिमा इसी से होती है, कि तुम बहुत सा फल लाओ, तब ही तुम मेरे चेले ठहरोगे।

एक साल में बाइबल: 2 इतिहास 23-24 यूहन्ना 15

मंगलवार, 4 जून 2013

प्रभावी


   पिछले कुछ वर्षों में मुझे आठ बार किशोरों के साथ मिशनरी यात्रा करने का सौभाग्य मिला। अपने उन अनुभवों से मैंने सीखा है कि किशोर मसीह यीशु के लिए प्रभावी होने में किसी से कम नहीं होते - उन्होंने मेरे अपने जीवन और दूसरों के जीवन पर भी बहुत प्रभाव डाला है। साथ ही मैंने यह भी देखा है कि वे किशोर जो सबसे अधिक प्रभावकारी हुए, उनके जीवन उन गुणों से भरे हुए थे जिनके विषय में प्रेरित पौलुस ने तिमुथियुस को लिखा था। तिमुथियुस को लिखी अपनी पहली पत्री में पौलुस ने उसे समझाया कि जवान होने अर्थात अन्य लोगों की अपेक्षा अपने उम्र में कम होने के कारण उसे मसीही सेवकाई के लिए अपने आप को कमज़ोर या अयोग्य नहीं समझना चाहिए। पौलुस ने उससे कहा कि वह स्वयं अन्य विश्वासियों के लिए एक आदर्श बने, और कुछ गुण बताए जिनमें उसे यह उदाहरण प्रस्तुत करना है। 
   
   मैंने देखा है कि वे जवान जो मसीह यीशु के लिए प्रभावी होते हैं उनमें पौलुस द्वारा तिमुथियुस को बताए गए ये गुण बहुतायत से कार्यकारी दिखाई देते हैं। जिन गुणों में आदर्श होने के लिए पौलुस ने तिमुथियुस से कहा, और जो मसीह यीशु के लिए प्रभावी लोगों वे हैं:
  • वचन - वे अपने वचनों और बातों पर नियंत्रण रखते हैं, गलत या ओछी बातें नहीं करते और उनके वचन परमेश्वर को महिमा देने वाले होते हैं।
  • आचरण - वे आचरण और व्यवहार में विवेक और बुद्धिमानी प्रदर्शित करते हैं और उनका आचरण संसार के सामने मसीही विश्वास की एक सजीव गवाही होता है।
  • प्रेम - वे परमेश्वर और मनुष्यों दोनों से प्रेम करने की प्रभु यीशु मसीह की शिक्षा (मत्ती 22:37-39) का पालन करते हैं और अपने प्रेमपूर्ण व्यवहार से दिलों को जीत लेते हैं।
  • विश्वास - वे मसीह यीशु में अपने विश्वास को अपने जीवन में जी कर दिखाते हैं।
  • पवित्रता - वे नैतिक और सैद्धांतिक दोनो ही रूपों में पवित्रता का जीवन जीते हैं; उनके चरित्र भी शुद्ध होते हैं और मसीही जीवन जीने के उन के सिद्धांत भी परमेश्वर के वचन के अनुरूप ही होते हैं।


   ऐसा जीवन जीने वाले जवान हम सभी के लिए जीवन जीने के स्तर का अद्भुत मापदण्ड स्थापित करते हैं। पौलुस के ये निर्देश केवल जवानों या किशोरों के लिए नहीं हैं। 

   हम सभी मसीही विश्वासीयों को अपने अपने स्थानों में वचन, आचरण, प्रेम, विश्वास और पवित्रता में एक आदर्श होना चाहिए। तभी हम अपने और संसार के उद्धारकर्ता प्रभु यीशु के लिए एक प्रभावी जीवन व्यतीत करने पाएंगे। - डेव ब्रैनन


परमेश्वर के वचन बाइबल पर सबसे अर्थपूर्ण टीका बाइबल की शिक्षानुसार व्यतीत होने वाला जीवन है।

कोई तेरी जवानी को तुच्‍छ न समझने पाए; पर वचन, और चाल चलन, और प्रेम, और विश्वास, और पवित्रता में विश्वासियों के लिये आदर्श बन जा। - 1 तिमुथियुस 4:12 

बाइबल पाठ: 1 तिमुथियुस 4:6-16
1 Timothy 4:6 यदि तू भाइयों को इन बातों की सुधि दिलाता रहेगा, तो मसीह यीशु का अच्छा सेवक ठहरेगा: और विश्वास और उस अच्‍छे उपदेश की बातों से, जा तू मानता आया है, तेरा पालन-पोषण होता रहेगा।
1 Timothy 4:7 पर अशुद्ध और बूढिय़ों की सी कहानियों से अलग रह; और भक्ति के लिये अपना साधन कर।
1 Timothy 4:8 क्योंकि देह की साधना से कम लाभ होता है, पर भक्ति सब बातों के लिये लाभदायक है, क्योंकि इस समय के और आने वाले जीवन की भी प्रतिज्ञा इसी के लिये है।
1 Timothy 4:9 और यह बात सच और हर प्रकार से मानने के योग्य है।
1 Timothy 4:10 क्योंकि हम परिश्रम और यत्‍न इसी लिये करते हैं, कि हमारी आशा उस जीवते परमेश्वर पर है; जो सब मनुष्यों का, और निज कर के विश्वासियों का उद्धारकर्ता है।
1 Timothy 4:11 इन बातों की आज्ञा कर, और सिखाता रह।
1 Timothy 4:12 कोई तेरी जवानी को तुच्‍छ न समझने पाए; पर वचन, और चाल चलन, और प्रेम, और विश्वास, और पवित्रता में विश्वासियों के लिये आदर्श बन जा।
1 Timothy 4:13 जब तक मैं न आऊं, तब तक पढ़ने और उपदेश और सिखाने में लौलीन रह।
1 Timothy 4:14 उस वरदान से जो तुझ में है, और भविष्यद्वाणी के द्वारा प्राचीनों के हाथ रखते समय तुझे मिला था, निश्‍चिन्‍त न रह।
1 Timothy 4:15 उन बातों को सोचता रह, और इन्हीं में अपना ध्यान लगाए रह ताकि तेरी उन्नति सब पर प्रगट हो। अपनी और अपने उपदेश की चौकसी रख।
1 Timothy 4:16 इन बातों पर स्थिर रह, क्योंकि यदि ऐसा करता रहेगा, तो तू अपने, और अपने सुनने वालों के लिये भी उद्धार का कारण होगा।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 21-22 
  • यूहन्ना 14


सोमवार, 3 जून 2013

एक शहर, दो कहानियाँ


   परमेश्वर के वचन बाइबल में एक ही शहर - निनवे के दो भिन्न पुस्तकों में दो भिन्न कथानक हैं। पहला मिलता है योना नबी की पुस्तक में और दूसरा नहूम नबी की पुस्तक में। इन दोनो पुस्तकों में इस एक ही शहर के दो भिन्न अन्जाम सामने आते हैं। 

   पहले कथानक में निनवे दुष्टता से भरा एक गैर-इस्त्राएली शहर था जिसकी दुष्टता का कटोरा भर चला था और इससे पहले कि उस शहर के निवासीयों को परमेश्वर के न्याय का सामना करना पड़े, परमेश्वर उन्हें पश्चाताप का एक अवसर देना चाहता है। परमेश्वर ने अपने नबी योना को निनवे जाकर उन्हें यह पश्चाताप करने का सन्देश देने को कहा लेकिन योना को निनवे के लोगों से कोई हमदर्दी नहीं थी और वह परमेश्वर की आज्ञा से बचने के लिए विपरीत दिशा में जाने वाले एक समुद्री जहाज़ के भीतरी भागों में जाकर सो गया। लेकिन परमेश्वर की नज़र और ज़िम्मेदारी से बचना संभव नहीं है; परमेश्वर ने एक बड़ा तूफान उठाया, जहाज़ के लोग परेशान हो गए, तब योना ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए उनसे कहा कि वे उसे समुद्र में फेंक दें। जान बचाने का और कोई चारा ना पाकर नाविकों ने ऐसा ही किया; लेकिन योना का निनवे जाने से बचने का उद्देश्य यहाँ भी सफल नहीं हुआ, क्योंकि परमेश्वर ने एक बड़ी मछली तैयार करके वहाँ भेज दी जिसने योना को निगल लिया और लाकर निनवे के तट पर उगल दिया। अन्ततः योना ने जाकर निनवे में लोगों को पापों से पश्चाताप करने का प्रचार किया और राजा समेत सारा निनवे पश्चाताप के साथ परमेश्वर के सामने झुक गया।

   दूसरा कथानक इससे लगभग सौ वर्ष बाद का है; निनवे की दशा फिर पहले जैसी हो गई है और उनका पाप एक बार फिर न्याय के लिए तैयार है। लेकिन इस बार वे पापों के लिए पश्चातापी नहीं वरन घमंडी हैं और परमेश्वर का नबी नहूम उन्हें परमेश्वर का सन्देश देता है: "यहोवा विलम्ब से क्रोध करने वाला और बड़ा शक्तिमान है; वह दोषी को किसी प्रकार निर्दोष न ठहराएगा..." (नहूम 1:3)। लेकिन साथ ही अपना भय मानने वालों को आश्वासन भी कि: "यहोवा भला है; संकट के दिन में वह दृढ़ गढ़ ठहरता है, और अपने शरणागतों की सुधी रखता है" (नहूम 1:7)।

   इस एक शहर की दो कहानीयों से हम कुछ बातों को सीखते हैं - हर पीढ़ी को परमेश्वर के साथ अपना संबंध स्वयं ठीक करना है। बीती पीढ़ी की धार्मिकता या पश्चाताप वर्तमान या भविष्य की पीढ़ी पर लागू नहीं होता। पाप के प्रति परमेश्वर का दृष्टिकोण कभी नहीं बदलता; वह विलम्ब से कोप करने वाला अवश्य है और सबको, अपने ना मानने वालों को भी, पश्चाताप का भरपूर अवसार देता है, लेकिन पाप से समझौता कभी नहीं करता। जो पश्चाताप के अवसर को स्वीकार कर लेते हैं वे उसकी आशीषों के भागी होते हैं, जो नहीं करते वे अपने निर्णय के अनुसार उसके दण्ड के भागी होते हैं।

   परमेश्वर का यह सन्देश आज भी उतना ही स्पष्ट और ताज़ा है, उसमें कोई परिवर्तन नहीं है। सारे संसार के सभी लोगों के उद्धार और पापों की क्षमा के लिए परमेश्वर ने प्रभु यीशु मसीह को ठहराया है। अब निर्णय आपका है कि आप उससे क्या लेना चाहते हैं - पापों से पश्चाताप तथा यीशु मसीह को उद्धारकर्ता स्वीकार करके अनन्तकाल की आशीषें; या अपने पापों में बने रहकर और क्षमा के दिए गए अवसर को तिरस्कृत करके अनन्तकाल का दण्ड! - डेनिस फिशर


परमेश्वर का न्याय भी, और उसकी करुणा तथा क्षमा भी, दोनो ही निश्चित हैं - चुनाव आपका है।

यहोवा भला है; संकट के दिन में वह दृढ़ गढ़ ठहरता है, और अपने शरणागतों की सुधी रखता है। - नहूम 1:7

बाइबल पाठ: नहूम 1:1-15
Nahum 1:1 नीनवे के विषय में भारी वचन। एल्कोशी नहूम के दर्शन की पुस्तक।
Nahum 1:2 यहोवा जल उठने वाला और बदला लेने वाला ईश्वर है; यहोवा बदला लेने वाला और जलजलाहट करने वाला है; यहोवा अपने द्रोहियों से बदला लेता है, और अपने शत्रुओं का पाप नहीं भूलता।
Nahum 1:3 यहोवा विलम्ब से क्रोध करने वाला और बड़ा शक्तिमान है; वह दोषी को किसी प्रकार निर्दोष न ठहराएगा। यहोवा बवंडर और आंधी में हो कर चलता है, और बादल उसके पांवों की धूलि है।
Nahum 1:4 उसके घुड़कने से महानद सूख जाते हैं, और समुद्र भी निर्जल हो जाता है; बाशान और कर्म्मैल कुम्हलाते और लबानोन की हरियाली जाती रहती है।
Nahum 1:5 उसके स्पर्श से पहाड़ कांप उठते हैं और पहाडिय़ां गल जाती हैं; उसके प्रताप से पृथ्वी वरन सारा संसार अपने सब रहने वालों समेत थरथरा उठता है।
Nahum 1:6 उसके क्रोध का साम्हना कौन कर सकता है? और जब उसका क्रोध भड़कता है, तब कौन ठहर सकता है? उसकी जलजलाहट आग की नाईं भड़क जाती है, और चट्टानें उसकी शक्ति से फट फटकर गिरती हैं।
Nahum 1:7 यहोवा भला है; संकट के दिन में वह दृढ़ गढ़ ठहरता है, और अपने शरणागतों की सुधी रखता है।
Nahum 1:8 परन्तु वह उमड़ती हुई धारा से उसके स्थान का अन्त कर देगा, और अपने शत्रुओं को खदेड़ कर अन्धकार में भगा देगा।
Nahum 1:9 तुम यहोवा के विरुद्ध क्या कल्पना कर रहे हो? वह तुम्हारा अन्त कर देगा; विपत्ति दूसरी बार पड़ने न पाएगी।
Nahum 1:10 क्योंकि चाहे वे कांटों से उलझे हुए हों, और मदिरा के नशे में चूर भी हों, तौभी वे सूखी खूंटी की नाईं भस्म किए जाएंगे।
Nahum 1:11 तुझ में से एक निकला है, जो यहोवा के विरुद्ध कल्पना करता और नीचता की युक्ति बान्धता है।
Nahum 1:12 यहोवा यों कहता है, चाहे वे सब प्रकार के सामर्थी हों, और बहुत भी हों, तौभी पूरी रीति से काटे जाएंगे और शून्य हो जाएंगे। मैं ने तुझे दु:ख दिया है, परन्तु फिर न दूंगा।
Nahum 1:13 क्योंकि अब मैं उसका जूआ तेरी गर्दन पर से उतार कर तोड़ डालूंगा, और तेरा बन्धन फाड़ डालूंगा।
Nahum 1:14 यहोवा ने तेरे विषय में यह आज्ञा दी है कि आगे को तेरा वंश न चले; मैं तेरे देवालयों में से ढली और गढ़ी हुई मूरतों को काट डालूंगा, मैं तेरे लिये कबर खोदूंगा, क्योंकि तू नीच है।
Nahum 1:15 देखो, पहाड़ों पर शुभसमाचार का सुनाने वाला और शान्ति का प्रचार करने वाला आ रहा है! अब हे यहूदा, अपने पर्व मान, और अपनी मन्नतें पूरी कर, क्योंकि वह ओछा फिर कभी तेरे बीच में हो कर न चलेगा, और पूरी रीति से नाश हुआ है।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 19-20 
  • यूहन्ना 13:21-38


रविवार, 2 जून 2013

सूर्योदय


   अमेरिका के जिस प्रांत में हम रहते हैं - इडाहो, उसका नाम रेड इंडियन्स के शोशोने कबीले के एक शब्द - ई-डाह-हाओ से आता है, जिसका अर्थ है "देखो! पहाड़ों के ऊपर से सूर्योदय हो रहा है"। जब मैं अपने घर के सामने के पहाड़ों के ऊपर सूर्योदय को होते और सूर्य के प्रकाश को अपनी उस घाटी को रौशन करते हुए देखता हूँ जहाँ हम रहते हैं तो मैं अकसर इसे स्मरण करता हूँ। साथ ही मैं परमेश्वर के वचन बाइबल में मिलने वाली एक भविष्यवाणी और प्रतिज्ञा को भी स्मरण करता हूँ: "परन्तु तुम्हारे लिये जो मेरे नाम का भय मानते हो, धर्म का सूर्य उदय होगा, और उसकी किरणों के द्वारा तुम चंगे हो जाओगे; और तुम निकल कर पाले हुए बछड़ों की नाईं कूदोगे और फांदोगे" (मलाकी 4:2 )। यह परमेश्वर की अटल प्रतिज्ञा है कि प्रभु यीशु के दूसरे आगमन के साथ ही "सृष्टि भी आप ही विनाश के दासत्व से छुटकारा पाकर, परमेश्वर की सन्तानों की महिमा की स्वतंत्रता प्राप्त करेगी" (रोमियों 8:21)।

   हर नया सूर्योदय उस अनन्तकाल के आरंभ के सूर्योदय का स्मरण दिलाता है जब धर्म का सूर्य उदय होगा, उसकी किरणों में चंगाई होगी। तब सारी सृष्टि की सब वस्तुएं सिद्ध हो जाएंगी। उस के बाद फिर कभी कोई दुखता जोड़ या पीड़ा से टूटता बदन नहीं रहेगा, कोई आर्थिक संघर्ष नहीं रहेगा, कोई हानि नहीं होगी और बुढ़ापा नहीं रहेगा; हम सब मसीही विश्वासी प्राण-देह-आत्मा की एक अद्भुत स्वतंत्रता का अनुभव करेंगे और सृष्टि के वर्तमान सभी दुखदायी बन्धनों से स्वतंत्र होकर "पाले हुए बछड़ों की नाईं कूदेंगे और फांदेंगे"। अपने बुढ़ापे और दुखते जोड़ों की अवस्था में मेरे लिए जब यह सब कल्पना करना भी इतना रोमांचकारी है, तो जब प्रत्यक्ष अनुभव करूँगा तो कैसा अद्भुत आनन्द होगा!

   प्रभु यीशु ने आश्वासन दिया है: "हां, मैं शीघ्र आने वाला हूं। आमीन। हे प्रभु यीशु आ।" (प्रकाशितवाक्य 22:20)। - डेविड रोपर


यदि आप प्रभु यीशु के पुनः आगमन की बाट जोह रहे हैं तो आपकी यह आशा व्यर्थ नहीं है।

जो इन बातों की गवाही देता है, वह यह कहता है, हां शीघ्र आने वाला हूं। आमीन। हे प्रभु यीशु आ। प्रभु यीशु का अनुग्रह पवित्र लोगों के साथ रहे। आमीन। - प्रकाशितवाक्य 22:20-21

बाइबल पाठ: मलाकी 4:1-6
Malachi 4:1 क्योंकि देखो, वह धधकते भट्ठे का सा दिन आता है, जब सब अभिमानी और सब दुराचारी लोग अनाज की खूंटी बन जाएंगे; और उस आने वाले दिन में वे ऐसे भस्म हो जाएंगे कि उनका पता तक न रहेगा, सेनाओं के यहोवा का यही वचन है।
Malachi 4:2 परन्तु तुम्हारे लिये जो मेरे नाम का भय मानते हो, धर्म का सूर्य उदय होगा, और उसकी किरणों के द्वारा तुम चंगे हो जाओगे; और तुम निकल कर पाले हुए बछड़ों की नाईं कूदोगे और फांदोगे।
Malachi 4:3 तब तुम दुष्टों को लताड़ डालोगे, अर्थात मेरे उस ठहराए हुए दिन में वे तुम्हारे पांवों के नीचे की राख बन जाएंगे, सेनाओं के यहोवा का यही वचन है।
Malachi 4:4 मेरे दास मूसा की व्यवस्था अर्थात जो जो विधि और नियम मैं ने सारे इस्रएलियों के लिये उसको होरेब में दिए थे, उन को स्मरण रखो।
Malachi 4:5 देखो, यहोवा के उस बड़े और भयानक दिन के आने से पहिले, मैं तुम्हारे पास एलिय्याह नबी को भेजूंगा।
Malachi 4:6 और वह माता पिता के मन को उनके पुत्रों की ओर, और पुत्रों के मन को उनके माता-पिता की ओर फेरेगा; ऐसा न हो कि मैं आकर पृथ्वी को सत्यानाश करूं।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 17-18 
  • यूहन्ना 13:1-20


शनिवार, 1 जून 2013

पाप


   चक ने सामने गाड़ीयों की कतार बनते देख अपनी गाड़ी धीमी कर ली और लगभग रुक ही गया था कि उसकी गाड़ी को पीछे से धक्का लगा और वह अगली गाड़ी में जा टकराई। आवाज़ों से पता चल गया कि टक्कर से होने वाली क्षति गंभीर है। चक अपनी गाड़ी में बैठा हुआ अपने होश संभाल रहा था और स्थिति का जायज़ा ले ही रहा था, कि उसे पीछे का दृश्य देखने वाले आईने में दिखाई दिया कि टक्कर मारने वाली गाड़ी पीछे होकर बाहर हुई और तेज़ी से भाग निकली - उस गाड़ी का चालक पुलिस से अपने आप को बचाना चाह रहा था। लेकिन भागने की जल्दबाज़ी में वह नीचे गिरी पड़ी एक वस्तु पर ध्यान देना भूल गया। थोड़ी देर में जब पुलिस वाले वहाँ पहुँचे तो उन्होंने उसकी गाड़ी की गिरी हुई नम्बर प्लेट उठाते हुए कहा, "वह ज़्यादा दूर नहीं जा पाएगा और ना ही बहुत देर तक बचने पाएगा। उसके घर पहुँचने से पहले ही कोई उसके घर पर उसे लेने के लिए पहुँच चुका होगा।"

   परमेश्वर का वचन बाइबल हमें सिखाती है कि इस बात से सचेत रहो कि तुम्हारा पाप तुम्हें ढूँढ निकालेगा (गिनती 32:23); जैसा कि इस ऐक्सिडेंट कर देने वाले व्यक्ति को पता चला होगा। हो सकता है कि हम अपने आस-पास वाले लोगों से अपने पाप को छिपा लें, लेकिन परमेश्वर की दृष्टि से कोई बात कभी छिपी नहीं रहती है: "और सृष्‍टि की कोई वस्तु उस से छिपी नहीं है वरन जिस से हमें काम है, उस की आंखों के साम्हने सब वस्तुएं खुली और बेपरदा हैं" (इब्रानियों 4:13 )। परमेश्वर ना केवल हमारी हर बात को देखता और समझता है, वरन उसे हमारे हर उद्देश्य और हर बात या कार्य के पीछे छिपी भावना का भी ज्ञान रहता है (1 शमुएल 16:7; लूका 12:2-3)। कोई उसके सामने बात माने या ना माने, उससे कुछ भी छुपा हुआ नहीं है और अन्ततः वह हर बात का न्याय करेगा, हर बात का प्रतिफल देगा; इसीलिए मानकर क्षमा माँग लेना, ढीठ होकर दण्ड का भागी होने से कहीं अधिक भला है।

   हमारे पास परमेश्वर से एक अद्भुत आश्वासन है: "यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है" (1 यूहन्ना 1:9 )। यदि आज तक आपने परमेश्वर प्रभु यीशु के साम्हने अपने पापों का अंगीकार करके उन से पापों की क्षमा नहीं माँगी है तो अभी भी आपके लिए यह अवसर खुला है, उपलब्ध है। यदि पापों की क्षमा पा लेने के बाद भी कोई पाप हो गया है तो भी क्षमा मिलने का द्वार खुला है - उस पाप को मान लीजिए। पाप को छिपा कर उस के परिणामों से बचने का प्रयास ना करें क्योंकि यह संभव नहीं है, और इसके परिणाम बहुत दुखदायी हैं। पापों को अपने और परमेश्वर के बीच में ना आने दें; उन्हें स्वीकार कर के और उन के लिए क्षमा माँग के आज और अभी परमेश्वर से मेल-मिलाप कर लें। - सिंडी हैस कैस्पर


पाप मनुष्यों से तो छुपाया जा सकता है, परमेश्वर से कभी नहीं।

हे परमेश्वर, तू तो मेरी मूढ़ता को जानता है, और मेरे दोष तुझ से छिपे नहीं हैं। - भजन 69:5 

बाइबल पाठ: 1 यूहन्ना 1:5-10
1 John 1:5 जो समाचार हम ने उस से सुना, और तुम्हें सुनाते हैं, वह यह है; कि परमेश्वर ज्योति है: और उस में कुछ भी अन्धकार नहीं।
1 John 1:6 यदि हम कहें, कि उसके साथ हमारी सहभागिता है, और फिर अन्धकार में चलें, तो हम झूठे हैं: और सत्य पर नहीं चलते।
1 John 1:7 पर यदि जैसा वह ज्योति में है, वैसे ही हम भी ज्योति में चलें, तो एक दूसरे से सहभागिता रखते हैं; और उसके पुत्र यीशु का लोहू हमें सब पापों से शुद्ध करता है।
1 John 1:8 यदि हम कहें, कि हम में कुछ भी पाप नहीं, तो अपने आप को धोखा देते हैं: और हम में सत्य नहीं।
1 John 1:9 यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है।
1 John 1:10 यदि कहें कि हम ने पाप नहीं किया, तो उसे झूठा ठहराते हैं, और उसका वचन हम में नहीं है।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 15-16 
  • यूहन्ना 12:27-50