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मंगलवार, 29 दिसंबर 2015

रुचि


   अपने जीवन के अन्तिम दिनों में भी सी. एस. ल्यूईस युवा मसीही विश्वासियों की आत्मिक उन्नति में रुचि रखते थे। अपने देहांत के समय वे अस्वस्थ थे, फिर भी फिलिप नामक एक बच्चे के पत्र का उन्होंने उत्तर दिया। अपने उत्तर में उन्होंने उस बच्चे की लिखने की शैली की प्रशंसा करी, और उससे कहा कि वे यह जानकर बहुत प्रसन्न हैं कि उसने यह समझ लिया है कि नारनिया संबंधित उनकी कहानियों में असलन नाम का सिंह प्रभु यीशु मसीह को दर्शाता है। यह उत्तर लिखने के अगले दिन, ऑक्सफर्ड, इंगलैंड में स्थित उनके घर में, उनके 65वें जन्मदिन से एक सप्ताह पूर्व, ल्यूईस की मृत्यु हो गई।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित यूहन्ना ने अपने आत्मिक बच्चों को, अपने अन्तिम वर्षों में, पत्र लिखे। उन पत्रों में हम एक परिपक्व मसीही विश्वासी के आनन्द को देखते हैं, जो अपने युवा आत्मिक बच्चों को प्रोत्साहित कर रहा है कि सत्य और मसीह यीशु के पीछे चलते रहें। यूहन्ना ने लिखा, "मुझे इस से बढ़कर और कोई आनन्द नहीं, कि मैं सुनूं, कि मेरे लड़के-बाले सत्य पर चलते हैं" (3 यूहन्ना 1:4)। चाहे यूहन्ना द्वारा लिखित यह पत्री छोटी ही है, लेकिन इसमें हम उस आनन्द को स्पष्ट देख सकते हैं जो आने वाली पीढ़ी का आत्मिक पालन-पोषण करने, उन्हें संभालने और प्रोत्साहित करने और उन्हें बढ़ता हुआ देखने से आता है।

   हर परिपक्व मसीही विश्वासी का यह ध्येय होना चाहिए कि वह मसीही विश्वासियों की अगली पीढ़ी को आत्मिक समझ-बूझ में बढ़ावा दे, समझाए, प्रोत्साहित करे। ऐसा करने के लिए वे विभिन्न तरीके अपना सकते हैं - प्रोत्साहन के कुछ शब्द लिखकर भेजना, उनके साथ प्रार्थना करना, उन्हें अच्छी और सही सलाह देना इत्यादि, जिनके द्वारा वे परमेश्वर के साथ अपनी आत्मिक यात्रा में आगे बढ़ सकते हैं। परिपक्व विश्वासियों द्वारा आत्मिक बच्चों के जीवनों में दिखाई गई रुचि उन बच्चों को परिपक्व होने में बहुत सहायक होगी। - डेनिस फिशर


मार्ग की जानकारी रखने वाले के साथ यात्रा करना यात्रा को बेहतर बना देता है।

यह मनुष्य का पुत्र कौन है? यीशु ने उन से कहा, ज्योति अब थोड़ी देर तक तुम्हारे बीच में है, जब तक ज्योति तुम्हारे साथ है तब तक चले चलो; ऐसा न हो कि अन्धकार तुम्हें आ घेरे; जो अन्धकार में चलता है वह नहीं जानता कि किधर जाता है। जब तक ज्योति तुम्हारे साथ है, ज्योति पर विश्वास करो कि तुम ज्योति के सन्तान होओ। ये बातें कहकर यीशु चला गया और उन से छिपा रहा। - यूहन्ना 12:35-36


बाइबल पाठ: 3 यूहन्ना
3 John 1:1 मुझ प्राचीन की ओर से उस प्रिय गयुस के नाम, जिस से मैं सच्चा प्रेम रखता हूं।
3 John 1:2 हे प्रिय, मेरी यह प्रार्थना है; कि जैसे तू आत्मिक उन्नति कर रहा है, वैसे ही तू सब बातों मे उन्नति करे, और भला चंगा रहे। 
3 John 1:3 क्योंकि जब भाइयों ने आकर, तेरे उस सत्य की गवाही दी, जिस पर तू सचमुच चलता है, तो मैं बहुत ही आनन्‍दित हुआ। 
3 John 1:4 मुझे इस से बढ़कर और कोई आनन्द नहीं, कि मैं सुनूं, कि मेरे लड़के-बाले सत्य पर चलते हैं। 
3 John 1:5 हे प्रिय, जो कुछ तू उन भाइयों के साथ करता है, जो परदेशी भी हैं, उसे विश्वासी की नाईं करता है। 
3 John 1:6 उन्होंने मण्‍डली के साम्हने तेरे प्रेम की गवाही दी थी: यदि तू उन्हें उस प्रकार विदा करेगा जिस प्रकार परमेश्वर के लोगों के लिये उचित है तो अच्छा करेगा। 
3 John 1:7 क्योंकि वे उस नाम के लिये निकले हैं, और अन्यजातियों से कुछ नहीं लेते। 
3 John 1:8 इसलिये ऐसों का स्‍वागत करना चाहिए, जिस से हम भी सत्य के पक्ष में उन के सहकर्मी हों।
3 John 1:9 मैं ने मण्‍डली को कुछ लिखा था; पर दियुत्रिफेस जो उन में बड़ा बनना चाहता है, हमें ग्रहण नहीं करता। 
3 John 1:10 सो जब मैं आऊंगा, तो उसके कामों की जो वह कर रहा है सुधि दिलाऊंगा, कि वह हमारे विषय में बुरी बुरी बातें बकता है; और इस पर भी सन्‍तोष न कर के आप ही भाइयों को ग्रहण नहीं करता, और उन्हें जो ग्रहण करना चाहते हैं, मना करता है: और मण्‍डली से निकाल देता है। 
3 John 1:11 हे प्रिय, बुराई के नहीं, पर भलाई के अनुयायी हो, जो भलाई करता है, वह परमेश्वर की ओर से है; पर जो बुराई करता है, उसने परमेश्वर को नहीं देखा। 
3 John 1:12 देमेत्रियुस के विषय में सब ने वरन सत्य ने भी आप ही गवाही दी: और हम भी गवाही देते हैं, और तू जानता है, कि हमारी गवाही सच्ची है।
3 John 1:13 मुझे तुझ को बहुत कुछ लिखना तो था; पर सियाही और कलम से लिखना नहीं चाहता। 
3 John 1:14 पर मुझे आशा है कि तुझ से शीघ्र भेंट करूंगा: तब हम आम्हने साम्हने बातचीत करेंगे: तुझे शान्‍ति मिलती रहे। यहां के मित्र तुझे नमस्‍कार करते हैं: वहां के मित्रों से नाम ले ले कर नमस्‍कार कह देना।

एक साल में बाइबल: 
  • ज़कर्याह 9-12
  • प्रकाशितवाक्य 20


सोमवार, 28 दिसंबर 2015

परिवरतन


   मेरी पत्नि मार्टी बहुत अच्छा खाना बनाती है। दिन भर के काम के बाद मैं उसके बनाए भोजन की सुगंध लेने की प्रतीक्षा में रहता हूं जो मेरे लिए अच्छा भोजन उपलब्ध होने का प्रमाण होता है। ना केवल उसे भोजन अच्छा बनाना आता है, वह उस भोजन को अच्छे से परोसना भी जानती। विभिन्न भोजन वस्तुओं को उनके रंग और स्वाद के ताल-मेल के साथ मेज़ पर सजाकर रखे हुए देखना मेरे लिए आमंत्रण होता है कि मैं अपनी कुर्सी खेंच कर बैठ जाऊँ और उस उत्तम भोजन का आनन्द लूँ। लेकिन मार्टी के हाथों में आने से पूर्व वे सब भोजन वस्तुएं इतनी आकर्षक और ऐसी स्वादिष्ट नहीं थीं; मार्टी को उन्हें धोना, काटना, छीलना, पकाना, अन्य वस्तुओं के साथ मिलाना और अन्य वस्तुओं के द्वारा सजाना पड़ा, तब ही वे ऐसी स्वादिष्ट और आकर्षक बन सकीं।

   यह मुझे उस अनुग्रहपूर्ण कार्य का स्मरण दिलाता है जो प्रभु यीशु ने मेरे साथ किया है। मैं अपनी कमज़ोरियों को और अपने पाप करने की प्रवृति को अच्छे से जानता हूँ। मैं यह भली-भांति जानता हूँ कि मैं अपने आप में परमेश्वर के सम्मुख आने के योग्य नहीं हूँ। लेकिन जब मैंने मसीह यीशु पर विश्वास द्वारा और उससे मिली पाप क्षमा द्वारा उद्धार और नया जन्म पाया, तब प्रभु यीशु ने मुझे एक नई सृष्टि भी बना दिया (2 कुरिन्थियों 5:17)। मैं अपने पापों और बुराईयों में जैसा भी था, मसीह यीशु ने मुझे स्वीकार किया और मुझे वह बना दिया जैसा मुझे होना चाहिए था - "पवित्र और निष्‍कलंक, और निर्दोष" (कुलुस्सियों 1:22)। अब प्रभु मुझे परमेश्वर के सामने एक ऐसी सुन्दर कलाकृति के समान प्रस्तुत करता है जो उसके सम्मुख आने के योग्य है।

   मसीह यीशु द्वारा अपने विश्वासियों के जीवन में किया जाने वाला यह परिवरतन ना केवल हमें उसके प्रति कृतज्ञ बनाता है वरन हमें प्रोत्साहित भी करता है कि हम उस नए जीवन और स्वरूप के अनुरूप अपना जीवन जीएं और बिताएं (2 कुरिन्थियों 5:15) जिससे अन्य भी प्रभु यीशु की ओर आकर्षित हो सकें। - जो स्टोवैल


मसीह यीशु हमें जैसे हम हैं लेकर, जैसा हमें होना चाहिए वैसा बना देता है।

और वह इस निमित्त सब के लिये मरा, कि जो जीवित हैं, वे आगे को अपने लिये न जीएं परन्तु उसके लिये जो उन के लिये मरा और फिर जी उठा। सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्‍टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं। - 2 कुरिन्थियों 5:15, 17

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 1:21-23
Colossians 1:21 और उसने अब उसकी शारीरिक देह में मृत्यु के द्वारा तुम्हारा भी मेल कर लिया जो पहिले निकाले हुए थे और बुरे कामों के कारण मन से बैरी थे। 
Colossians 1:22 ताकि तुम्हें अपने सम्मुख पवित्र और निष्‍कलंक, और निर्दोष बनाकर उपस्थित करे। 
Colossians 1:23 यदि तुम विश्वास की नेव पर दृढ़ बने रहो, और उस सुसमाचार की आशा को जिसे तुम ने सुना है न छोड़ो, जिस का प्रचार आकाश के नीचे की सारी सृष्‍टि में किया गया; और जिस का मैं पौलुस सेवक बना।

एक साल में बाइबल: 
  • ज़कर्याह 5-8
  • प्रकाशितवाक्य 19


रविवार, 27 दिसंबर 2015

चुनौति


   केन डील ने 86 वर्ष की आयु में 3 दशकों से भी अधिक की कारागारों में स्वयंसेवी सेवकाई का अन्त इतवार के चर्च सन्देश के साथ किया। अपने उस अन्तिम सन्देश में भी उन्होंने कारावास में पड़े उन लोगों को परमेश्वर के लिए कार्य करने को प्रोत्साहित किया। उस सन्देश में दिए गए उदाहरणों में से अनेक उदाहरण कैदियों के जीवनों से ही थे, कुछ ऐसे कैदियों के भी थे जो उम्र-कैद काट रहे थे। एक ऐसे स्थान पर जिस से सब बाहर निकलना चाहते हैं, केन ने सुनने वालों को प्रोत्साहित किया कि वे मसीह यीशु पर विश्वास लाएं, उसमें बढ़ें और अन्य लोगों के साथ मसीह यीशु के सुसमाचार को बाँटें।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में हम इस्त्राएल के इतिहास से कुछ शिक्षा पाते हैं। परमेश्वर की अनाज्ञाकारिता के कारण नबूकदनेस्सर राजा के द्वारा यहूदा के लोगों को बन्दी बनाकर बाबुल ले जाया गया। उस बन्धुआई में यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता के द्वारा परमेश्वर ने उन इस्त्राएलियों को सन्देश भेजा: "घर बना कर उन में बस जाओ; बारियां लगा कर उनके फल खाओ। ब्याह कर के बेटे-बेटियां जन्माओ; और अपने बेटों के लिये स्त्रियां ब्याह लो और अपनी बेटियां पुरुषों को ब्याह दो, कि वे भी बेटे-बेटियां जन्माएं; और वहां घटो नहीं वरन बढ़ते जाओ" (यिर्मयाह 29:5-6)।

   संभव है कि आज हम कुछ ऐसी परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं जिनके कारण हम आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं, सीमित तथा संकुचित अनुभव कर रहे हैं। हमारे ये बन्धन चाहे हमारे अपने किसी किए के कारण हों या उनके लिए हमारा अपना कोई दोष ना भी हो, लेकिन उन्हें लेकर हमारे पास दो विकल्प हैं - हम उनमें से होकर बस निकल सकते हैं अन्यथा उनमें होते हुए भी हम बढ़ सकते हैं। हमें सीमित करने और बांधे रखने वाली हर बात से हमारे लिए चुनौति होती है कि हम उसके बावजूद बढें ना कि घटें, उन्नति करें ना कि अवनति में गिरें।

   हमारी हर परिस्थिति में परमेश्वर हमें कुशलता और आशा ही देना चाहता है (यिर्मयाह 29:11)। - डेविड मैक्कैसलैंड


एक सीमित परिस्थिति भी आत्मा को उन्नति का अवसर प्रदान कर सकती है।

पर हमारे प्रभु, और उद्धारकर्ता यीशु मसीह के अनुग्रह और पहचान में बढ़ते जाओ। उसी की महिमा अब भी हो, और युगानुयुग होती रहे। आमीन। - 2 पतरस 3:18

बाइबल पाठ: यिर्मयाह 29:4-14
Jeremiah 29:4 उस में लिखा था कि जितने लोगों को मैं ने यरूशलेम से बंधुआ कर के बाबुल में पहुंचवा दिया है, उन सभों से इस्राएल का परमेश्वर सेनाओं का यहोवा यों कहता हे: 
Jeremiah 29:5 घर बना कर उन में बस जाओ; बारियां लगा कर उनके फल खाओ। 
Jeremiah 29:6 ब्याह कर के बेटे-बेटियां जन्माओ; और अपने बेटों के लिये स्त्रियां ब्याह लो और अपनी बेटियां पुरुषों को ब्याह दो, कि वे भी बेटे-बेटियां जन्माएं; और वहां घटो नहीं वरन बढ़ते जाओ। 
Jeremiah 29:7 परन्तु जिस नगर में मैं ने तुम को बंधुआ करा के भेज दिया है, उसके कुशल का यत्न किया करो, और उसके हित के लिये यहोवा से प्रार्थना किया करो। क्योंकि उसके कुशल से तुम भी कुशल के साथ रहोगे। 
Jeremiah 29:8 क्योंकि इस्राएल का परमेश्वर, सेनाओं का यहोवा तुम से यों कहता है कि तुम्हारे जो भविष्यद्वक्ता और भावी कहने वाले तुम्हारे बीच में हैं, वे तुम को बहकाने न पाएं, और जो स्वप्न वे तुम्हारे निमित्त देखते हैं उनकी ओर कान मत धरो, 
Jeremiah 29:9 क्योंकि वे मेरे नाम से तुम को झूठी भविष्यद्वाणी सुनाते हैं; मैं ने उन्हें नहीं भेजा, मुझ यहोवा की यह वाणी है। 
Jeremiah 29:10 यहोवा यों कहता है कि बाबुल के सत्तर वर्ष पूरे होने पर मैं तुम्हारी सुधि लूंगा, और अपना यह मनभवना वचन कि मैं तुम्हें इस स्थान में लौटा ले आऊंगा, पूरा करूंगा। 
Jeremiah 29:11 क्योंकि यहोवा की यह वाणी है, कि जो कल्पनाएं मैं तुम्हारे विषय करता हूँ उन्हें मैं जानता हूँ, वे हानी की नहीं, वरन कुशल ही की हैं, और अन्त में तुम्हारी आशा पूरी करूंगा। 
Jeremiah 29:12 तब उस समय तुम मुझ को पुकारोगे और आकर मुझ से प्रार्थना करोगे और मैं तुम्हारी सुनूंगा।
Jeremiah 29:13 तुम मुझे ढूंढ़ोगे और पाओगे भी; क्योंकि तुम अपने सम्पूर्ण मन से मेरे पास आओगे। 
Jeremiah 29:14 मैं तुम्हें मिलूंगा, यहोवा की यह वाणी है, और बंधुआई से लौटा ले आऊंगा; और तुम को उन सब जातियों और स्थानों में से जिन में मैं ने तुम को बरबस निकाल दिया है, और तुम्हें इकट्ठा कर के इस स्थान में लौटा ले आऊंगा जहां से मैं ने तुम्हें बंधुआ करवा के निकाल दिया था, यहोवा की यही वाणी है।

एक साल में बाइबल: 
  • ज़कर्याह 1-4
  • प्रकाशितवाक्य 18


शनिवार, 26 दिसंबर 2015

उपस्थिति


   कनेटिकट के एक स्कूल के 20 बच्चों और 6 कर्मचारियों की हत्या किए जाने से सारा देश स्तब्ध था कि ऐसी निर्मम घटना कैसे घटित हो गई। हर एक का ध्यान उस त्रासदी और उससे संबंधित प्रश्नों पर केंद्रित था: कैसा व्यक्ति यह कर सकता है? हम इसके दोबारा होने को कैसे रोक सकते हैं? जो उस घटना से होकर निकले हैं उनकी सहायता कैसे करी जा सकती है? उस घटना और उसके बाद संबंधित लोगों के अस्त-व्यस्त जीवन में एक अप्रत्याशित समूह आया और उसके द्वारा उन आहत लोगों के जीवनों में एक बड़ा सकारात्मक परिवर्तन आया।

   शिकागो से कुछ विशेष प्रशिक्षण प्राप्त कुत्ते भेजे गए। गोल्डन रिट्रिवर जाति के इन कुत्तों को केवल प्रेम जताना सिखाया गया था। कुत्ते कोई सलाह नहीं देते; वे केवल साथ उपस्थित रहते हैं। वे बच्चे जो उस त्रासदी से आहत होकर अपने में सिमट गए थे, किसी से कोई बात नहीं कर रहे थे, उन कुत्तों के साथ खुलने लगे, उन से अपने वे भय और भावनाएं व्यक्त करने लगे जो उन्होंने कभी किसी वयस्क से नहीं कही थीं। लूथरन चर्च चैरिटीस के टिम हैट्ज़नर ने उन कुत्तों के बारे में कहा, "उनके प्रशिक्षण का सबसे महत्वपूर्ण भाग है उन्हें बिलकुल शान्त रहना सिखाया जाना।"

   परमेश्वर के वचन बाइबल में अय्युब की पुस्तक से भी हम यही सीखते हैं; शोकित और दुःखी लोगों को हमेशा ही शब्दों की आवश्यकता नहीं होती। कई बार उन्हें किसी ऐसे की आवश्यकता होती है जो उनके साथ खामोशी से बैठा रहे; जब वे बोलें तो उनकी सुन ले, और जब उनका दुःख आँसू बनकर बाहर आएँ तो उन्हें गले लगा कर रोने के लिए एक कंधा दे।

   परमेश्वर हमारे दुःखों के कारणों को चाहे हमें ना समझाए और ना ही हमारी परिस्थितियों को बदले, परन्तु अन्य मसीही विश्वासियों की उपस्थिति के द्वारा वह हमारे लिए सांत्वना उपलब्ध करवाए रखता है (2 कुरिन्थियों 1:4)। यदि आप मसीही विश्वासी हैं तो आपकी उपस्थिति दूसरों के लिए सांत्वना का कारण होनी चाहिए। - जूली ऐकैरमैन लिंक


संभवतः सुनना ही वह सबसे अधिक मसीह के चरित्र के अनुरूप और प्रेम पूर्ण बात है जो आज आप कर सकते हैं।

वह हमारे सब क्‍लेशों में शान्‍ति देता है; ताकि हम उस शान्‍ति के कारण जो परमेश्वर हमें देता है, उन्हें भी शान्‍ति दे सकें, जो किसी प्रकार के क्‍लेश में हों। - 2 कुरिन्थियों 1:4

बाइबल पाठ: अय्युब 2:3-13
Job 2:3 यहोवा ने शैतान से पूछा, क्या तू ने मेरे दास अय्यूब पर ध्यान दिया है कि पृथ्वी पर उसके तुल्य खरा और सीधा और मेरा भय मानने वाला और बुराई से दूर रहने वाला मनुष्य और कोई नहीं है? और यद्यापि तू ने मुझे उसको बिना कारण सत्यानाश करने को उभारा, तौभी वह अब तक अपनी खराई पर बना है। 
Job 2:4 शैतान ने यहोवा को उत्तर दिया, खाल के बदले खाल, परन्तु प्राण के बदले मनुष्य अपना सब कुछ दे देता है। 
Job 2:5 सो केवल अपना हाथ बढ़ाकर उसकी हड्डियां और मांस छू, तब वह तेरे मुंह पर तेरी निन्दा करेगा। 
Job 2:6 यहोवा ने शैतान से कहा, सुन, वह तेरे हाथ में है, केवल उसका प्राण छोड़ देना। 
Job 2:7 तब शैतान यहोवा के साम्हने से निकला, और अय्यूब को पांव के तलवे से ले सिर की चोटी तक बड़े बड़े फोड़ों से पीड़ित किया। 
Job 2:8 तब अय्यूब खुजलाने के लिये एक ठीकरा ले कर राख पर बैठ गया। 
Job 2:9 तब उसकी स्त्री उस से कहने लगी, क्या तू अब भी अपनी खराई पर बना है? परमेश्वर की निन्दा कर, और चाहे मर जाए तो मर जा। 
Job 2:10 उसने उस से कहा, तू एक मूढ़ स्त्री की सी बातें करती है, क्या हम जो परमेश्वर के हाथ से सुख लेते हैं, दु:ख न लें? इन सब बातों में भी अय्यूब ने अपने मुंह से कोई पाप नहीं किया। 
Job 2:11 जब तेमानी एलीपज, और शूही बिलदद, और नामाती सोपर, अय्यूब के इन तीन मित्रों ने इस सब विपत्ति का समाचार पाया जो उस पर पड़ी थीं, तब वे आपस में यह ठान कर कि हम अय्यूब के पास जा कर उसके संग विलाप करेंगे, और उसको शान्ति देंगे, अपने अपने यहां से उसके पास चले। 
Job 2:12 जब उन्होंने दूर से आंख उठा कर अय्यूब को देखा और उसे न चीन्ह सके, तब चिल्लाकर रो उठे; और अपना अपना बागा फाड़ा, और आकाश की ओर धूलि उड़ाकर अपने अपने सिर पर डाली। 
Job 2:13 तब वे सात दिन और सात रात उसके संग भूमि पर बैठे रहे, परन्तु उसका दु:ख बहुत ही बड़ा जान कर किसी ने उस से एक भी बात न कही।

एक साल में बाइबल: 
  • हग्गै 1-2
  • प्रकाशितवाक्य 17


शुक्रवार, 25 दिसंबर 2015

ख्रिस्टिंगल


   चेक गणराज्य तथा अन्य स्थानों पर मनाए जाने वाले क्रिसमस के उत्सव में ख्रिस्टिंगल का भी उपयोग होता है। ख्रिस्टिंगल वास्तव में एक संतरा होता है, जो संसार का प्रतीक है और उसके ऊपर एक मोमबत्ती लगी होती है, जो जगत की ज्योति मसीह यीशु को दर्शाती है। उस संतरे के चारों ओर एक लाल फीता बंधा होता है, जो मसीह यीशु के बलिदान के लहू को दिखाता है और चार तिनकों में सूखे मेवे लगा कर उस फीते में से संतरे के चारों ओर लगा दिए जाते हैं जो मसीह के लिए संसार से आए फल अर्थात मसीह यीशु को समर्पित लोगों को दर्शाते हैं।

   यह साधारण सा प्रतीक मसीह यीशु के संसार में आने के उद्देश्य को बड़ी खूबसूरती से दिखाता है - पाप के अन्धकार में पड़े संसार के लिए जीवन की ज्योति लाना और अपने बलिदान के लहू द्वारा पाप के बन्धन में पड़े लोगों को मुक्त करने का मार्ग प्रदान करना।

   प्रेरित यूहन्ना द्वारा लिखे गए प्रभु यीशु के जीवन के वृतान्त में यूहन्ना ने प्रभु यीशु को संसार की ज्योति कहा है। प्रभु यीशु के जन्म के संदर्भ में यूहन्ना ने लिखा: "सच्ची ज्योति जो हर एक मनुष्य को प्रकाशित करती है, जगत में आनेवाली थी" (यूहन्ना 1:9)। मसीह जो संसार की ज्योति है वह ना केवल पाप के अन्धकार को दूर करने के लिए आया, वरन वह "...परमेश्वर का मेम्ना है, जो जगत के पाप उठा ले जाता है" (यूहन्ना 1:29)।

   ज़रा इस बात पर विचार कीजिए; बेतलहेम में जन्मा वह शिशु वही मसीह यीशु है जिसके जीवन बलिदान और मृतकों में से पुनरुत्थान के कारण आज समस्त संसार के प्रत्येक व्यक्ति को पाप के दण्ड से बचने का मार्ग सेंत-मेंत उपलब्ध है। इसीलिए यूहन्ना हमें कहता है, "पर यदि जैसा वह ज्योति में है, वैसे ही हम भी ज्योति में चलें, तो एक दूसरे से सहभागिता रखते हैं; और उसके पुत्र यीशु का लोहू हमें सब पापों से शुद्ध करता है" (1 John 1:7)। प्रभु यीशु की ज्योति में चलने का निर्णय लेने वाला हर जन प्रभु की शांति एवं सुरक्षा में बने रहने की आशीष भी पा लेता है। - बिल क्राउडर


नवजात शिशु मसीह यीशु जगत की ज्योति और परमेश्वर की ओर से दिया गया उद्धार का मार्ग ठहरा।

तब यीशु ने फिर लोगों से कहा, जगत की ज्योति मैं हूं; जो मेरे पीछे हो लेगा, वह अन्धकार में न चलेगा, परन्तु जीवन की ज्योति पाएगा। - यूहन्ना 8:12

बाइबल पाठ: यूहन्ना 1:1-7
John 1:1 आदि में वचन था, और वचन परमेश्वर के साथ था, और वचन परमेश्वर था। 
John 1:2 यही आदि में परमेश्वर के साथ था। 
John 1:3 सब कुछ उसी के द्वारा उत्पन्न हुआ और जो कुछ उत्पन्न हुआ है, उस में से कोई भी वस्तु उसके बिना उत्पन्न न हुई। 
John 1:4 उस में जीवन था; और वह जीवन मुनष्यों की ज्योति थी। 
John 1:5 और ज्योति अन्धकार में चमकती है; और अन्धकार ने उसे ग्रहण न किया। 
John 1:6 एक मनुष्य परमेश्वर की ओर से आ उपस्थित हुआ जिस का नाम यूहन्ना था। 
John 1:7 यह गवाही देने आया, कि ज्योति की गवाही दे, ताकि सब उसके द्वारा विश्वास लाएं।

एक साल में बाइबल: 
  • सपन्याह 1-3
  • प्रकाशितवाक्य 16


गुरुवार, 24 दिसंबर 2015

उस रात


   साइमन नेदेरलैण्ड्स से आकर अमेरिका में बस गया था, उसकी पत्नी अमेरिका से ही थी और तीनों बच्चे भी अमेरिका में ही पैदा हुए। बड़े होकर साइमन की बेटी जेनि ने पनामा निवासी रोबर्टो से विवाह किया, एक बेटे बिल ने पुर्तगाल की वानिया से और दूसरे बेटे ल्यूकास ने दक्षिणी कोरिया की बोरा से। क्रिसमस की संध्या को जब परिवार के सभी जन एकत्रित हुए तो उन सब ने अपनी अपनी मूल भाषा में क्रिसमस के गीत गाए। उस रात उस परिवार द्वारा परमेश्वर के पुत्र का जन्म दिन अलग अलग भाषाओं लेकिन एक ही उद्देश्य के लिए मधुर स्वरों में मनाया गया।

   दो हज़ार वर्ष पहले एक शांत रात की खामोशी स्वर्गदूतों के गीत से टूटी जब उन स्वर्गदूतों ने चरवाहों को बताया कि एक बालक उत्पन्न हुआ है: "तब स्वर्गदूत ने उन से कहा, मत डरो; क्योंकि देखो मैं तुम्हें बड़े आनन्द का सुसमाचार सुनाता हूं जो सब लोगों के लिये होगा। कि आज दाऊद के नगर में तुम्हारे लिये एक उद्धारकर्ता जन्मा है, और यही मसीह प्रभु है" (लूका 2:10-11) और फिर वे स्वर्गदुत परमेश्वर की महिमा के लिए स्तुतिगान करने लगे (लूका 2:13-14)।

   परमेश्वर की अनुग्रहपूर्ण भेंट, उसका पुत्र, जिसके आगमन का समाचार उस रात सुनाया गया, वह समस्त मानव-जाति के उद्धार और पाप-क्षमा के लिए आया था (तीतुस 2:11-14; प्रकाशितवाक्य 5:9-10), "क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए" (यूहन्ना 3:16)। - सिंडी हैस कैस्पर


जब स्वर्ग का राजा धरती पर तारणहार बनकर जन्मा तो स्वर्गदूत धरती पर उसकी स्तुति करने आ गए।

और वे यह नया गीत गाने लगे, कि तू इस पुस्‍तक के लेने, और उसकी मुहरें खोलने के योग्य है; क्योंकि तू ने वध हो कर अपने लोहू से हर एक कुल, और भाषा, और लोग, और जाति में से परमेश्वर के लिये लोगों को मोल लिया है। - प्रकाशितवाक्य 5:9

बाइबल पाठ:  लूका 2:1-14
Luke 2:1 उन दिनों में औगूस्‍तुस कैसर की ओर से आज्ञा निकली, कि सारे जगत के लोगों के नाम लिखे जाएं। 
Luke 2:2 यह पहिली नाम लिखाई उस समय हुई, जब क्‍विरिनियुस सूरिया का हाकिम था। 
Luke 2:3 और सब लोग नाम लिखवाने के लिये अपने अपने नगर को गए। 
Luke 2:4 सो यूसुफ भी इसलिये कि वह दाऊद के घराने और वंश का था, गलील के नासरत नगर से यहूदिया में दाऊद के नगर बैतलहम को गया। 
Luke 2:5 कि अपनी मंगेतर मरियम के साथ जो गर्भवती थी नाम लिखवाए। 
Luke 2:6 उन के वहां रहते हुए उसके जनने के दिन पूरे हुए। 
Luke 2:7 और वह अपना पहिलौठा पुत्र जनी और उसे कपड़े में लपेटकर चरनी में रखा: क्योंकि उन के लिये सराय में जगह न थी। 
Luke 2:8 और उस देश में कितने गड़ेरिये थे, जो रात को मैदान में रहकर अपने झुण्ड का पहरा देते थे। 
Luke 2:9 और प्रभु का एक दूत उन के पास आ खड़ा हुआ; और प्रभु का तेज उन के चारों ओर चमका, और वे बहुत डर गए। 
Luke 2:10 तब स्वर्गदूत ने उन से कहा, मत डरो; क्योंकि देखो मैं तुम्हें बड़े आनन्द का सुसमाचार सुनाता हूं जो सब लोगों के लिये होगा। 
Luke 2:11 कि आज दाऊद के नगर में तुम्हारे लिये एक उद्धारकर्ता जन्मा है, और यही मसीह प्रभु है। 
Luke 2:12 और इस का तुम्हारे लिये यह पता है, कि तुम एक बालक को कपड़े में लिपटा हुआ और चरनी में पड़ा पाओगे। 
Luke 2:13 तब एकाएक उस स्वर्गदूत के साथ स्‍वर्गदूतों का दल परमेश्वर की स्‍तुति करते हुए और यह कहते दिखाई दिया। 
Luke 2:14 कि आकाश में परमेश्वर की महिमा और पृथ्वी पर उन मनुष्यों में जिनसे वह प्रसन्न है शान्‍ति हो।

एक साल में बाइबल: 
  • हबक्कूक 1-3
  • प्रकाशितवाक्य 15


बुधवार, 23 दिसंबर 2015

उपस्थिति


   उस कमरे में उसकी उपस्थिति प्रकट थी; उसके अलावा वहाँ उपस्थित सभी जन सभा की औपचारिकता के अनुकूल वस्त्र पहने हुए थे, केवल वही जीन्स, टी-शर्ट और पुरानी सी बेसबॉल टोपी पहने हुए था। उस दिन रोमानिया के ब्युकारेस्ट शहर में स्थित बाइबल कॉलेज के छात्रों को संबोधित करते हुए मेरा ध्यान अनायास ही उस पर जा रहा था। मुझे बिलकुल पता नहीं है कि उस ने सब के समान औपचारिक वेश-भूषा क्यों नहीं पहनी थी, लेकिन मुझे उसका नाम आज भी स्मरण है। सभा के अन्त में जब सब लोगों के समान वह भी मुझ से मिलने आया तो मैंने उससे उसका नाम पूछा, और उसने बताया - इम्मैनुएल! मैं उसके उत्तर से थोड़ा चकित हुआ, और उससे पूछा, "क्या तुम्हें अपने नाम का अर्थ पता है?" उसने निःसंकोच उत्तर दिया, "जी हाँ, परमेश्वर हमारे साथ!"

   मैंने कई बार उस जवान के बारे में सोचा है, और कैसे वह भीड़ में भी अन्य सब से अलग दिखाई दे रहा था, जैसे कि वह जिसके नाम पर उसका नाम रखा गया था - प्रभु यीशु मसीह। प्रभु यीशु परमेश्वर की उपस्थिति को हम मनुष्यों के बीच में निवास करवाने के लिए आए थे, जैसा कि स्वर्गदूत ने यूसुफ को याद दिलाया, "कि, देखो एक कुंवारी गर्भवती होगी और एक पुत्र जनेगी और उसका नाम इम्मैनुएल रखा जाएगा जिस का अर्थ यह है ’परमेश्वर हमारे साथ’ " (मत्ती 1:23)। उसी प्रभु यीशु ने अपने चेलों से कहा, "यीशु ने फिर उन से कहा, तुम्हें शान्‍ति मिले; जैसे पिता ने मुझे भेजा है, वैसे ही मैं भी तुम्हें भेजता हूं" (यूहन्ना 20:21), जिससे कि हम उसकी उपस्थिति का उपहार अपने आस-पास वालों को भी दे सकें।

   हम अपने जीवनों के द्वारा परमेश्वर की उपस्थिति के उपहार को दूसरों तक पहुँचा सकते हैं, यदि हमारे जीवन हमारे अन्दर और हमारे साथ रहने वाले इम्मैनुएल को प्रदर्शित करें। ऐसे में स्वतः ही हम अन्य लोगों से भिन्न दिखेंगे, लोगों का ध्यान उस प्रभु की ओर खेंचेंगे जिसने हमारे जीवनों में यह बड़ा काम किया, और प्रभु यीशु की उपस्थिति उनके जीवनों को भी बदल देगी, उसके प्रेम और अनुग्रह से परिपूर्ण करके उन्हें भी अनन्त स्वर्गीय जीवन और आनन्द का भागी बना देगी। - जो स्टोवैल


परमेश्वर की आपके जीवन में उपस्थिति का प्रदर्शन, आपके द्वारा उपहारस्वरूप इम्मैनुएल को दूसरों को उपलब्ध करवाना है।

इसलिये तुम जा कर सब जातियों के लोगों को चेला बनाओ और उन्हें पिता और पुत्र और पवित्रआत्मा के नाम से बपतिस्मा दो। और उन्हें सब बातें जो मैं ने तुम्हें आज्ञा दी है, मानना सिखाओ: और देखो, मैं जगत के अन्‍त तक सदैव तुम्हारे संग हूं। - मत्ती 28:19-20

बाइबल पाठ: मत्ती 1:18-25
Matthew 1:18 अब यीशु मसीह का जन्म इस प्रकार से हुआ, कि जब उस की माता मरियम की मंगनी यूसुफ के साथ हो गई, तो उन के इकट्ठे होने के पहिले से वह पवित्र आत्मा की ओर से गर्भवती पाई गई। 
Matthew 1:19 सो उसके पति यूसुफ ने जो धर्मी था और उसे बदनाम करना नहीं चाहता था, उसे चुपके से त्याग देने की मनसा की। 
Matthew 1:20 जब वह इन बातों के सोच ही में था तो प्रभु का स्वर्गदूत उसे स्‍वप्‍न में दिखाई देकर कहने लगा; हे यूसुफ दाऊद की सन्तान, तू अपनी पत्‍नी मरियम को अपने यहां ले आने से मत डर; क्योंकि जो उसके गर्भ में है, वह पवित्र आत्मा की ओर से है। 
Matthew 1:21 वह पुत्र जनेगी और तू उसका नाम यीशु रखना; क्योंकि वह अपने लोगों का उन के पापों से उद्धार करेगा। 
Matthew 1:22 यह सब कुछ इसलिये हुआ कि जो वचन प्रभु ने भविष्यद्वक्ता के द्वारा कहा था; वह पूरा हो। 
Matthew 1:23 कि, देखो एक कुंवारी गर्भवती होगी और एक पुत्र जनेगी और उसका नाम इम्मैनुएल रखा जाएगा जिस का अर्थ यह है “ परमेश्वर हमारे साथ”। 
Matthew 1:24 सो यूसुफ नींद से जागकर प्रभु के दूत की आज्ञा अनुसार अपनी पत्‍नी को अपने यहां ले आया। 
Matthew 1:25 और जब तक वह पुत्र न जनी तब तक वह उसके पास न गया: और उसने उसका नाम यीशु रखा।

एक साल में बाइबल: 
  • नहूम 1-3
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