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गुरुवार, 25 अगस्त 2016

प्रतीक्षा एवं पुनःआगमन


   मैं यह तो नहीं जानती कि आप जहाँ रहते हैं वहाँ कैसे होता है, लेकिन मैं जहाँ रहती हूँ वहाँ यदि मेरा कोई उपकरण खराब हो जाए और मैं उपकरण की कंपनी को फोन करके उसकी मरम्मत के लिए कहूँ, तो वो मुझे कुछ ऐसा उत्तर देते हैं: "मरम्मत करने वाला आपके पास दोपहर बाद 1:00 से 5:00 के बीच में पहुँच जाएगा"। अब क्योंकि मैं यह नहीं जानती हूँ कि वह किस समय आएगा, इस लिए सिवाय प्रतीक्षा करने के मेरे पास और कोई चारा नहीं होता।

   प्रभु यीशु ने पृथ्वी पर अपनी सेवकाई के समय में अपने अनुयायियों से कहा था कि वे शीघ्र उन्हें छोड़कर जाएंगे और उन लोगों को कुछ समय के लिए (यूहन्ना 16:16) उनके पुनःआगमन की प्रतीक्षा करनी होगी। प्रभु यीशु के पुनरुत्थान के बाद चेलों ने उन्हें देखा और चेलों को लगा कि प्रभु अब पृथ्वी पर अपना राज्य स्थापित करेंगे; लेकिन प्रभु यीशु ने उन से कहा, "...उन समयों या कालों को जानना, जिन को पिता ने अपने ही अधिकार में रखा है, तुम्हारा काम नहीं" (प्रेरितों 1:7); अब उनकी प्रतीक्षा का समय और बढ़ गया।

   लेकिन प्रभु ने अपने चेलों से केवल प्रतीक्षा-मात्र ही करने के लिए नहीं कहा, वरन उस प्रतीक्षा के समय में चेलों को प्रभु का गवाह भी होना था: "परन्तु जब पवित्र आत्मा तुम पर आएगा तब तुम सामर्थ पाओगे; और यरूशलेम और सारे यहूदिया और सामरिया में, और पृथ्वी की छोर तक मेरे गवाह होगे" (प्रेरितों 1:8)। ऐसा करने के लिए प्रभु यीशु ने अपने चेलों को परमेश्वर का पवित्र-आत्मा भी दिया जो उन्हें इस सेवकाई के लिए सिखाने, संवारने, संभालने और सामर्थ देने के लिए था।

   हम मसीही विश्वासी आज भी प्रभु यीशु के पुनःआगमन की प्रतीक्षा में हैं। इस प्रतीक्षा के समय में हमें पवित्र-आत्मा कि अगुवाई और सामर्थ से औरों को यह बताना और दिखाना है कि प्रभु यीशु कौन है, उसने समस्त संसार के प्रत्येक जन के लिए कैसे अपने बलिदान और पुनरुत्थान के द्वारा पापों की क्षमा और उद्धार का मार्ग तैयार करके दे दिया है, जिससे अपने पुनःआगमन पर वह अपने चेलों को अपने साथ लेकर जा सके। - ऐनी सेटास


प्रभु यीशु के पुनःआगमन तक प्रतीक्षा करें और उसकी गवाही दें।

यीशु ने उन के पास आकर कहा, कि स्वर्ग और पृथ्वी का सारा अधिकार मुझे दिया गया है। इसलिये तुम जा कर सब जातियों के लोगों को चेला बनाओ और उन्हें पिता और पुत्र और पवित्रआत्मा के नाम से बपतिस्मा दो। और उन्हें सब बातें जो मैं ने तुम्हें आज्ञा दी है, मानना सिखाओ: और देखो, मैं जगत के अन्‍त तक सदैव तुम्हारे संग हूं। - मत्ती 28:18-20

बाइबल पाठ: प्रेरितों 1:1-11
Acts 1:1 हे थियुफिलुस, मैं ने पहिली पुस्तिका उन सब बातों के विषय में लिखी, जो यीशु ने आरम्भ में किया और करता और सिखाता रहा। 
Acts 1:2 उस दिन तक जब वह उन प्रेरितों को जिन्हें उसने चुना था, पवित्र आत्मा के द्वारा आज्ञा देकर ऊपर उठाया न गया। 
Acts 1:3 और उसने दु:ख उठाने के बाद बहुत से बड़े प्रमाणों से अपने आप को उन्हें जीवित दिखाया, और चालीस दिन तक वह उन्हें दिखाई देता रहा: और परमेश्वर के राज्य की बातें करता रहा। 
Acts 1:4 ओर उन से मिलकर उन्हें आज्ञा दी, कि यरूशलेम को न छोड़ो, परन्तु पिता की उस प्रतिज्ञा के पूरे होने की बाट जोहते रहो, जिस की चर्चा तुम मुझ से सुन चुके हो। 
Acts 1:5 क्योंकि यूहन्ना ने तो पानी में बपतिस्मा दिया है परन्तु थोड़े दिनों के बाद तुम पवित्रात्मा से बपतिस्मा पाओगे। 
Acts 1:6 सो उन्हों ने इकट्ठे हो कर उस से पूछा, कि हे प्रभु, क्या तू इसी समय इस्त्राएल को राज्य फेर देगा? 
Acts 1:7 उसने उन से कहा; उन समयों या कालों को जानना, जिन को पिता ने अपने ही अधिकार में रखा है, तुम्हारा काम नहीं। 
Acts 1:8 परन्तु जब पवित्र आत्मा तुम पर आएगा तब तुम सामर्थ पाओगे; और यरूशलेम और सारे यहूदिया और सामरिया में, और पृथ्वी की छोर तक मेरे गवाह होगे। 
Acts 1:9 यह कहकर वह उन के देखते देखते ऊपर उठा लिया गया; और बादल ने उसे उन की आंखों से छिपा लिया। 
Acts 1:10 और उसके जाते समय जब वे आकाश की ओर ताक रहे थे, तो देखो, दो पुरूष श्वेत वस्‍त्र पहिने हुए उन के पास आ खड़े हुए। 
Acts 1:11 और कहने लगे; हे गलीली पुरूषों, तुम क्यों खड़े स्वर्ग की ओर देख रहे हो? यही यीशु, जो तुम्हारे पास से स्वर्ग पर उठा लिया गया है, जिस रीति से तुम ने उसे स्वर्ग को जाते देखा है उसी रीति से वह फिर आएगा।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 119:1-88
  • 1 कुरिन्थियों 7:20-40


बुधवार, 24 अगस्त 2016

धन्यवादी


   जब हम कठिनाईयों और संकटों का सामना कर रहे होते हैं, तब परमेश्वर के अनुग्रह और विश्वासयोग्यता को भूल जाना आसान होता है। लेकिन बीते समयों में हमारे प्रति उसकी भलाईयों के लिए परमेश्वर के प्रति एक धन्यवादी हृदय बनाए रखना सदा अच्छा रहता है, और ऐसा करने का एक तरीका है प्रतिदिन कुछ तय समय निर्धारित करना जिसमें हम बीते दिनों में परमेश्वर से मिली सहायता, उसके प्रावधानों और उसकी दया को ध्यान लगाकर स्मरण करें और उनके लिए उसका धन्यवाद करें।

   जब इस्त्राएल के लोग मिस्त्र की गुलामी से निकलकर कनान देश की ओर जा रहे थे तो बंजर बीहड़ की कठिन परिस्थितियों में आने पर वे अपने प्रति परमेश्वर के कार्यों और भलाईयों को भूल गए। वे इच्छा करने लगे कि काश वे वापस मिस्त्र में होते, और वहाँ तरह-तरह के भोजन का स्वाद ले रहे होते (निर्गमन 16:2-3); कुछ समय बाद वे पानी की कमी को लेकर कुड़कुड़ाने लगे (निर्गमन 17:2)। वे परमेश्वर के उन महान कार्यों को भूल गए जिनके कारण उन्हें गुलामी से स्वतंत्रता मिली थी; वे उस संपदा को भी भूल गए जो मिस्त्र से निकलते समय उन्हें मिल गई थी (निर्गमन 12:36)। वे इस्त्राएली केवल अपनी वर्तमान परिस्थितियों पर ही केंद्रित थे, और बीते समय में उनके प्रति प्रदर्शित परमेश्वर की विश्वासयोग्यता को भूल बैठे थे।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार हमें उत्साहित करता है, "यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि वह भला है; और उसकी करूणा सदा की है" (भजन 118:1)। जिस शब्द अनुवाद ’करुणा’ हुआ है, उसका तात्पर्य ’लगातार बना रहने वाला प्रेम’ भी है, जो परमेश्वर की सदाकाल की विश्वासयोग्यता को दिखाता है। परमेश्वर ने अपने बच्चों से वायदा किया है कि वह सदा उनके साथ रहेगा और उनकी देख-भाल करता रहेगा।

   जब हम उन बातों और कार्यों को स्मरण करते हैं जिनमें होकर हमने परमेश्वर के प्रावधान और सहायता को अनुभव किया है, उनके लिए परमेश्वर के प्रति धन्यवादी होते हैं, तो इससे परिस्थितियों और समस्याओं के प्रति हमारा दृष्टिकोण बेहतर के लिए परिवर्तित हो जाता है, हमारा विश्वास और भी दृढ़ हो जाता है कि परमेश्वर की विश्वासयोग्यता सदा बनी रहती है। - डेनिस फिशर


बीते समय में परमेश्वर से मिली सहायता और प्रावधान 
आज के लिए सामर्थ और आते समय के लिए आशा प्रदान करते हैं।

तुम्हारा स्‍वभाव लोभरिहत हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा। - इब्रानियों 13:5

बाइबल पाठ: भजन 118:1-14
Psalms 118:1 यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि वह भला है; और उसकी करूणा सदा की है! 
Psalms 118:2 इस्राएल कहे, उसकी करूणा सदा की है। 
Psalms 118:3 हारून का घराना कहे, उसकी करूणा सदा की है। 
Psalms 118:4 यहोवा के डरवैये कहें, उसकी करूणा सदा की है। 
Psalms 118:5 मैं ने सकेती में परमेश्वर को पुकारा, परमेश्वर ने मेरी सुन कर, मुझे चौड़े स्थान में पहुंचाया। 
Psalms 118:6 यहोवा मेरी ओर है, मैं न डरूंगा। मनुष्य मेरा क्या कर सकता है? 
Psalms 118:7 यहोवा मेरी ओर मेरे सहायकों में है; मैं अपने बैरियों पर दृष्टि कर सन्तुष्ट हूंगा। 
Psalms 118:8 यहोवा की शरण लेनी, मनुष्य पर भरोसा रखने से उत्तम है। 
Psalms 118:9 यहोवा की शरण लेनी, प्रधानों पर भी भरोसा रखने से उत्तम है।
Psalms 118:10 सब जातियों ने मुझ को घेर लिया है; परन्तु यहोवा के नाम से मैं निश्चय उन्हें नाश कर डालूंगा! 
Psalms 118:11 उन्होंने मुझ को घेर लिया है, नि:सन्देह घेर लिया है; परन्तु यहोवा के नाम से मैं निश्चय उन्हें नाश कर डालूंगा! 
Psalms 118:12 उन्होंने मुझे मधुमक्खियों की नाईं घेर लिया है, परन्तु कांटों की आग की नाईं वे बुझ गए; यहोवा के नाम से मैं निश्चय उन्हें नाश कर डालूंगा! 
Psalms 118:13 तू ने मुझे बड़ा धक्का दिया तो था, कि मैं गिर पडूं परन्तु यहोवा ने मेरी सहायता की। 
Psalms 118:14 परमेश्वर मेरा बल और भजन का विषय है; वह मेरा उद्धार ठहरा है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 116-118
  • 1 कुरिन्थियों 7:1-19


मंगलवार, 23 अगस्त 2016

प्रेम की ज्योति


   जे. आर. आर. टॉलकिन के उपन्यास The Hobbit में जादूगर गैंडाल्फ समझाता है कि उसने छोटे आकार के हॉबिट बिल्बो को बौनों के साथ जाकर शत्रु से लड़ने के लिए क्यों चुना है: "सरूमन का मानना है कि बुराई को रोके रखने में केवल विशाल बल ही सफल हो सकता है, लेकिन यह मेरा अनुभव नहीं है। मैंने तो यह देखा है कि साधारण लोगों के छोटे-छोटे कार्य बुराई के अन्धकार को रोके रखते हैं; दया और प्रेम के छोटे-छोटे कार्य।"

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भी हम यही शिक्षा पाते हैं; प्रभु यीशु मसीह ने अपने अनुयायियों से कहा कि संसार में पाप और बुराई के अन्धकार के बावजूद, उसमें होने के कारण वे जगत की ज्योति हैं (मत्ती 5:14)। प्रेरित पतरस ने अपने मसीही विश्वास के कारण घोर सताव से होकर निकल रहे मसीह यीशु के अनुयायियों को लिखी अपनी पत्री में कहा कि वे ऐसे जीवन जीएं जिससे उन्हें सताने वाले "उनके भले कामों को देखकर, परमेश्वर की महिमा करें" (1 पतरस 2:12)।

   एक बल है जिसपर पाप का अन्धकार प्रबल नहीं हो पाता - प्रभु यीशु के नाम और सामर्थ से करे गए प्रेम और दया के कार्य। ये प्रभु यीशु के अनुयायी ही हैं जो अपना दूसरा गाल फेर देते हैं, अतिरिक्त मील चलने के लिए तैयार हो जाते हैं और अपने दुशमनों को भी क्षमा कर देते हैं, उनसे प्रेम का व्यवहार करते हैं; उनके पास ही बुराई के बल को पराजित करने की सामर्थ है। इसलिए आज प्रभु यीशु मसीह के नाम में भलाई और दया के कार्य करने के अपने विशेषाधिकार का प्रयोग करने के लिए तैयार रहें, औरों के जीवनों में मसीह यीशु के प्रेम की ज्योति को पहुँचाएं। - जो स्टोवैल


प्रेम और दया के कार्यों द्वारा संसार और जीवन को प्रकाशमान करें।

अन्यजातियों में तुम्हारा चालचलन भला हो; इसलिये कि जिन जिन बातों में वे तुम्हें कुकर्मी जान कर बदनाम करते हैं, वे तुम्हारे भले कामों को देख कर; उन्‍हीं के कारण कृपा दृष्टि के दिन परमेश्वर की महिमा करें। - 1 पतरस 2:12

बाइबल पाठ: मत्ती 5:11-16
Matthew 5:11 धन्य हो तुम, जब मनुष्य मेरे कारण तुम्हारी निन्दा करें, और सताएं और झूठ बोल बोलकर तुम्हरो विरोध में सब प्रकार की बुरी बात कहें। 
Matthew 5:12 आनन्‍दित और मगन होना क्योंकि तुम्हारे लिये स्वर्ग में बड़ा फल है इसलिये कि उन्होंने उन भविष्यद्वक्ताओं को जो तुम से पहिले थे इसी रीति से सताया था।
Matthew 5:13 तुम पृथ्वी के नमक हो; परन्तु यदि नमक का स्‍वाद बिगड़ जाए, तो वह फिर किस वस्तु से नमकीन किया जाएगा? फिर वह किसी काम का नहीं, केवल इस के कि बाहर फेंका जाए और मनुष्यों के पैरों तले रौंदा जाए। 
Matthew 5:14 तुम जगत की ज्योति हो; जो नगर पहाड़ पर बसा हुआ है वह छिप नहीं सकता। 
Matthew 5:15 और लोग दिया जलाकर पैमाने के नीचे नहीं परन्तु दीवट पर रखते हैं, तब उस से घर के सब लोगों को प्रकाश पहुंचता है। 
Matthew 5:16 उसी प्रकार तुम्हारा उजियाला मनुष्यों के साम्हने चमके कि वे तुम्हारे भले कामों को देखकर तुम्हारे पिता की, जो स्वर्ग में हैं, बड़ाई करें।

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 113-115
  • 1 कुरिन्थियों 6


सोमवार, 22 अगस्त 2016

अनुग्रह


   मेरी मित्र रॉक्सैन अफ्रीका के जिस स्थान में कार्य कर रही है, वहाँ पानी बेशकीमती है; लोगों को मीलों जाकर छोटे तथा दूषित नालों से पानी लाना पड़ता है जो बीमारियों और मृत्यु का कारण बना रहता है। पानी की कमी के कारण अनाथालयों और चर्चों को लोगों की सेवा करने में कठिनाई बनी रहती है। लेकिन इस सब में अब कुछ सुधार आ रहा है।

   रॉक्सैन की अगुवाई तथा स्थापित चर्चों के प्रेम रखने वाले कुछ लोगों के निःस्वार्थ दान तथा सहायता से अब वहाँ स्वच्छ जल के लिए कुछ कुएं खोदे जा रहे हैं, जिनमें से छः अब काम कर रहे हैं, जिससे वहाँ के चर्च अब प्रोत्साहन और आशा के स्थान देखे जा रहे हैं। वहां 700 अनाथ बच्चों के लिए अनाथालय और एक स्वास्थ्य केंद्र भी खुलने वाला है, क्योंकि स्वच्छ जल अब उपलब्ध हो रहा है।

   यह सब उस प्रेम और अनुग्रह का उदाहरण है जो उन मसीही विश्वासियों से होकर निकलता है जिन्होंने प्रभु परमेश्वर के अनुग्रह और प्रेम को अपने जीवनों में स्वयं अनुभव किया है। परमेश्वर के वचन बाइबल में 1 कुरिन्थियों 13 में प्रेरित पौलुस कहता है कि यदि हममें प्रेम नहीं है तो हमारे शब्द लोगों के कानों को केवल झनझनाएंगे और लोगों के लिए हमारा विश्वास निरर्थक होगा। प्रेरित यूहन्ना ने लिखा है कि यदि हमारे पास आवश्यक संसाधन हैं और हम उनके द्वारा ज़रूरतमन्द लोगों की सहायता करते हैं, तो यह इस बात का प्रमाण है कि प्रभु परमेश्वर का प्रेम हममें बसता है (1 यूहन्ना 3:16)।

   परमेश्वर चाहता है कि हम ज़रूरतमन्द लोगों के प्रति वैसे ही अनुग्रहकारी रहें (भजन 112:5) जैसा परमेश्वर हमारे प्रति रहता है। - डेव ब्रैनन


अनुग्रह कार्यकारी मसीही विश्वास की पहचान है।

हम ने प्रेम इसी से जाना, कि उसने हमारे लिये अपने प्राण दे दिए; और हमें भी भाइयों के लिये प्राण देना चाहिए। - 1 यूहन्ना 3:16

बाइबल पाठ: भजन 112
Psalms 112:1 याह की स्तुति करो। क्या ही धन्य है वह पुरूष जो यहोवा का भय मानता है, और उसकी आज्ञाओं से अति प्रसन्न रहता है! 
Psalms 112:2 उसका वंश पृथ्वी पर पराक्रमी होगा; सीधे लोगों की सन्तान आशीष पाएगी। 
Psalms 112:3 उसके घर में धन सम्पत्ति रहती है; और उसका धर्म सदा बना रहेगा। 
Psalms 112:4 सीधे लोगों के लिये अन्धकार के बीच में ज्योति उदय होती है; वह अनुग्रहकारी, दयावन्त और धर्मी होता है। 
Psalms 112:5 जो पुरूष अनुग्रह करता और उधार देता है, उसका कल्याण होता है, वह न्याय में अपने मुकद्दमें को जीतेगा। 
Psalms 112:6 वह तो सदा तक अटल रहेगा; धर्मी का स्मरण सदा तक बना रहेगा। 
Psalms 112:7 वह बुरे समाचार से नहीं डरता; उसका हृदय यहोवा पर भरोसा रखने से स्थिर रहता है। 
Psalms 112:8 उसका हृदय सम्भला हुआ है, इसलिये वह न डरेगा, वरन अपने द्रोहियों पर दृष्टि कर के सन्तुष्ट होगा। 
Psalms 112:9 उसने उदारता से दरिद्रों को दान दिया, उसका धर्म सदा बना रहेगा और उसका सींग महिमा के साथ ऊंचा किया जाएगा। 
Psalms 112:10 दुष्ट उसे देख कर कुढेगा; वह दांत पीस- पीसकर गल जाएगा; दुष्टों की लालसा पूरी न होगी।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 110-112
  • 1 कुरिन्थियों 5


रविवार, 21 अगस्त 2016

अनुभव और भरोसा


   एक पुरानी कहावत है, "उतना ही मुँह में लो जितना कि चबा सकते हो"; अर्थात क्षमता से अधिक कुछ भी हाथ में ना लो; उत्तरदायित्व भी उतने ही लो जितने निभाने पाओ। लेकिन यह ध्यान रखने के बावजूद, जो कार्य या ज़िम्मेदारी हमने हाथ में ली है, कभी-कभी उसकी विशालता या कठिनाई से हम अभिभूत हो भी सकते हैं। यह हमारे मसीही विश्वास और प्रभु यीशु मसीह के प्रति हमारे समर्पण के साथ भी हो सकता है। लेकिन प्रभु पर हमारा भरोसा यदि डगमगाने भी लगे, तो प्रभु के पास हमारे प्रोत्साहन के लिए उपयुक्त शब्द उपलब्ध हैं (1 कुरिन्थियों 10:13)।

   हमारे प्रोत्साहन का एक और तरीका है परमेश्वर की हमारे प्रति सदा बने रहने वाली विश्वासयोग्यता को स्मरण करते रहना, उसका ध्यान बनाए रखना। परमेश्वर के वचन बाइबल में इब्रानियों को लिखी पत्री का लेखक उन्हें उनके उस साहस को स्मरण करने के लिए कहता है जो उन्होंने अपने मसीही विश्वास में आने के प्राथमिक दिनों में दिखाया था (इब्रानियों 10:32-33)। सामाजिक अपमान, तिरिस्कार और ताड़ना के बावजूद, उन्होंने बंदीगृह में डाले गए मसीही विश्वासियों की सहायता करी, अपनी संपत्ति को आनन्द से लुटने दिया (पद 33-34)। इस बात को आधार बना कर लेखक उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए कहता है: "सो अपना हियाव न छोड़ो क्योंकि उसका प्रतिफल बड़ा है। पर हम हटने वाले नहीं, कि नाश हो जाएं पर विश्वास करने वाले हैं, कि प्राणों को बचाएं" (पद 35-36)।

   आज हम मसीही विश्वासियों की आशा का आधार हमारी अपनी कोई योग्यता या क्षमता नहीं, वरन प्रभु यीशु मसीह, उसका जीवता वचन और सही समय पर उसके पुनरागमन की आशा है। यह परमेश्वर से हमें मिलने वाली सामर्थ ही है जिससे संसार और शैतान द्वारा मार्ग में डाली जाने वाली हर बाधा और निराशा के बावजूद हम अपने मसीही विश्वास की यात्रा को ज़ारी रखते हुए अपने स्वर्गीय गन्तव्य की ओर बढ़ते रहते हैं, सकुशल बने रहते हैं। बीते दिनों में हमारे प्रति बनी रही परमेश्वर की विश्वासयोग्यता के अनुभव, आने वाले दिनों की सभी बातों के लिए उस में हमारे भरोसे को दृढ़ और स्थिर करती है। - डेविड मैक्कैसलैंड


परमेश्वर की विश्वासयोग्यता हमारे भरोसे को उकसाती और बढ़ाती है।

तुम किसी ऐसी परीक्षा में नहीं पड़े, जो मनुष्य के सहने से बाहर है: और परमेश्वर विश्वासयोग्य है: वह तुम्हें सामर्थ से बाहर परीक्षा में न पड़ने देगा, वरन परीक्षा के साथ निकास भी करेगा; कि तुम सह सको। - 1 कुरिन्थियों 10:13

बाइबल पाठ: इब्रानियों 10:32-39
Hebrews 10:32 परन्तु उन पहिले दिनों को स्मरण करो, जिन में तुम ज्योति पाकर दुखों के बड़े झमेले में स्थिर रहे। 
Hebrews 10:33 कुछ तो यों, कि तुम निन्‍दा, और क्‍लेश सहते हुए तमाशा बने, और कुछ यों, कि तुम उन के साझी हुए जिन की र्दुदशा की जाती थी। 
Hebrews 10:34 क्योंकि तुम कैदियों के दुख में भी दुखी हुए, और अपनी संपत्ति भी आनन्द से लुटने दी; यह जान कर, कि तुम्हारे पास एक और भी उत्तम और सर्वदा ठहरने वाली संपत्ति है। 
Hebrews 10:35 सो अपना हियाव न छोड़ो क्योंकि उसका प्रतिफल बड़ा है। 
Hebrews 10:36 क्योंकि तुम्हें धीरज धरना अवश्य है, ताकि परमेश्वर की इच्छा को पूरी कर के तुम प्रतिज्ञा का फल पाओ। 
Hebrews 10:37 क्योंकि अब बहुत ही थोड़ा समय रह गया है जब कि आने वाला आएगा, और देर न करेगा। 
Hebrews 10:38 और मेरा धर्मी जन विश्वास से जीवित रहेगा, और यदि वह पीछे हट जाए तो मेरा मन उस से प्रसन्न न होगा। 
Hebrews 10:39 पर हम हटने वाले नहीं, कि नाश हो जाएं पर विश्वास करने वाले हैं, कि प्राणों को बचाएं।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 107-109
  • 1 कुरिन्थियों 4


शनिवार, 20 अगस्त 2016

बुनियाद


   जर्मनी के बावेरिया प्रांत में स्थित नॉर्डलिंगन शहर अद्वितीय है क्योंकि वह एक विशाल गोलाकार गढ्ढे में स्थित है। बहुत वर्ष पहले यह गढ्ढा एक उलका-पिण्ड के टकराव से बना था। उस टकराव से इतना अधिक दबाव और गर्मी उत्पन्न हुई कि वहाँ की चट्टानें रवेदार हो गईं और वहाँ अनगिनित सूक्षम हीरे बन गए। 13वीं शताब्दी में उन रवेदार चट्टानों और सूक्षम हीरों से जड़े पत्थरों से वहाँ का सेंट जॉर्ज चर्च बनाया गया। आज भी उस चर्च को देखने के लिए आने वाले उसकी दीवारों और बुनियाद में उन पत्थरों में बने सुन्दर मणियों और रत्नों को देख सकते हैं, और उन्हें देखकर कुछ लोग यह भी कहते हैं कि उस चर्च की बुनियाद अलौकिक है।

   परमेश्वर का वचन, बाइबल, हम मसीही विश्वासियों की एक अन्य अलौकिक बुनियाद के बारे में भी बताती है - प्रभु यीशु मसीह। प्रभु यीशु स्मस्त मानव-जाति के उद्धार के लिए स्वर्ग से उतरकर आए (यूहन्ना 3:13) और अपने बलिदान, पुनरुत्थान और स्वर्गारोहण के पश्चात वापस स्वर्ग को लौट गए; लेकिन पृथ्वी पर अपने अनुयायियों को, जिन्हें बाइबल में परमेश्वर का "जीवित मन्दिर" भी कहा जाता है, अपने कार्य को आगे बढ़ाने के लिए छोड़ गए; और इस जीवित मन्दिर की वे स्वयं ही बुनियाद हैं। प्रेरित पौलुस ने इस बुनियाद के विषय में लिखा, "क्योंकि उस नेव को छोड़ जो पड़ी है, और वह यीशु मसीह है कोई दूसरी नेव नहीं डाल सकता" (1 कुरिन्थियों 3:11)।

   बावेरिया में बना वह भौतिक चर्च भवन की बुनियाद और निर्माण पृथ्वी के पत्थरों से है; परन्तु वह आत्मिक चर्च - अर्थात सभी मसीही विश्वासियों का समूह, सर्वश्रेष्ठ एवं सर्वोत्तम स्वर्गीय बुनियाद - प्रभु यीशु मसीह पर स्थापित है, और उसके निर्माण के लिए परमेश्वर हम मसीही विश्वासियों को प्रयोग कर रहा है (यशायाह 28:16; 1 कुरिन्थियों 10:3-4)।

   परमेश्वर की स्तुति एवं प्रशंसा हो कि जो कार्य हमारे उद्धार के लिए प्रभु यीशु ने पूरा कर के दे दिया है, उसके कारण हमारा उद्धार अनन्तकाल के लिए सुदृढ़ और सुरक्षित है। - डेनिस फिशर


हमारे विश्वास की चट्टान, मसीह यीशु ही हमारी दृढ़ आशा है।

इसलिये तुम अब विदेशी और मुसाफिर नहीं रहे, परन्तु पवित्र लोगों के संगी स्‍वदेशी और परमेश्वर के घराने के हो गए। और प्रेरितों और भविष्यद्वक्ताओं की नेव पर जिसके कोने का पत्थर मसीह यीशु आप ही है, बनाए गए हो। जिस में सारी रचना एक साथ मिलकर प्रभु में एक पवित्र मन्दिर बनती जाती है। जिस में तुम भी आत्मा के द्वारा परमेश्वर का निवास स्थान होने के लिये एक साथ बनाए जाते हो। - इफिसियों 2:19-22

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 3:1-11
1 Corinthians 3:1 हे भाइयों, मैं तुम से इस रीति से बातें न कर सका, जैसे आत्मिक लोगों से; परन्तु जैसे शारीरिक लोगों से, और उन से जो मसीह में बालक हैं। 
1 Corinthians 3:2 मैं ने तुम्हें दूध पिलाया, अन्न न खिलाया; क्योंकि तुम उसको न खा सकते थे; वरन अब तक भी नहीं खा सकते हो। 
1 Corinthians 3:3 क्योंकि अब तक शारीरिक हो, इसलिये, कि जब तुम में डाह और झगड़ा है, तो क्या तुम शारीरिक नहीं? और मनुष्य की रीति पर नहीं चलते? 
1 Corinthians 3:4 इसलिये कि जब एक कहता है, कि मैं पौलुस का हूं, और दूसरा कि मैं अपुल्लोस का हूं, तो क्या तुम मनुष्य नहीं? 
1 Corinthians 3:5 अपुल्लोस क्या है? और पौलुस क्या है? केवल सेवक, जिन के द्वारा तुम ने विश्वास किया, जैसा हर एक को प्रभु ने दिया। 
1 Corinthians 3:6 मैं ने लगाया, अपुल्लोस ने सींचा, परन्तु परमेश्वर ने बढ़ाया। 
1 Corinthians 3:7 इसलिये न तो लगाने वाला कुछ है, और न सींचने वाला, परन्तु परमेश्वर जो बढ़ाने वाला है। 
1 Corinthians 3:8 लगाने वाला और सींचने वाला दानों एक हैं; परन्तु हर एक व्यक्ति अपने ही परिश्रम के अनुसार अपनी ही मजदूरी पाएगा। 
1 Corinthians 3:9 क्योंकि हम परमेश्वर के सहकर्मी हैं; तुम परमेश्वर की खेती और परमेश्वर की रचना हो। 
1 Corinthians 3:10 परमेश्वर के उस अनुग्रह के अनुसार, जो मुझे दिया गया, मैं ने बुद्धिमान राजमिस्री की नाईं नेव डाली, और दूसरा उस पर रद्दा रखता है; परन्तु हर एक मनुष्य चौकस रहे, कि वह उस पर कैसा रद्दा रखता है। 
1 Corinthians 3:11 क्योंकि उस नेव को छोड़ जो पड़ी है, और वह यीशु मसीह है कोई दूसरी नेव नहीं डाल सकता।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 105-106
  • 1 कुरिन्थियों 3


शुक्रवार, 19 अगस्त 2016

अनुसरण


   मेरे घर के निकट कुत्तों की एक प्रदर्शनी आयोजित हुई; उस प्रदर्शनी में अनेक तरह के कुत्ते थे और उनके मालिक उन कुत्तों की विशेषताएं भी दिखा रहे थे। एक विशेष जाति के कुत्ते ने, जिसका नाम ट्रेवर था, अपने स्वामी के निर्देषानुसार कई बातों को कर के दिखाया। अपने स्वामी के कहने पर ट्रेवर कुछ दूर तक दौड़ कर गया और तुरंत लौटकर वापस भी आया; उसने बाड़ के ऊपर से छलांगें लगाईं, सूँघकर भिन्न वस्तुओं को पहिचना। हर कार्य को करने के पश्चात ट्रेवर वापस आकर अपने स्वामी के कदमों पर बैठ जाता था, और अगले निर्देष की प्रतीक्षा करने लगता था और फिर निर्देष पाने पर ही वह स्वामी के कदमों से उसे पूरा करने के लिए हटता था।

   ट्रेवर की इस निर्देष पाने पर ही हिलने की बात ने मुझे उस समर्पण की याद दिलाई जो परमेश्वर अपने लोगों से चाहता है। जब परमेश्वर इस्त्राएलियों को मिस्त्र के दास्तव से निकाल कर वाचा किए हुए कनान देश की ओर लेकर चला, तो वह स्वयं ही बादल और अग्नि के खंबे के रूप में उनका मार्गदर्शक बनकर उनके आगे चला। यदि परमेश्वर की उपस्थिति का बादल ऊपर उठता था तो परमेश्वर के लोग आगे बढ़ते थे, और यदि बादल नीचे उतर जाता तो वे लोग उस स्थान पर शिविर लगा लेते थे और वहीं रहते थे जब तक कि बादल पुनः उठकर आगे ना बढ़ने लगे: "यहोवा की आज्ञा से वे अपने डेरें खड़े करते, और यहोवा ही की आज्ञा से वे प्रस्थान करते थे; जो आज्ञा यहोवा मूसा के द्वारा देता था उसको वे माना करते थे" (गिनती 9:23)। वे इस्त्राएली दिन-रात, इसी रीति का पालन करते रहे और चाहे जितना भी समय किसी एक स्थान पर बिताना पड़ता था, वे बिताते थे और परमेश्वर के निर्देष पर ही आगे कनान की ओर बढ़ते थे।

   ऐसा करके परमेश्वर उन इस्त्राएलियों की केवल परीक्षा ही नहीं ले रहा था, वरन उस वाचा किए हुए उत्तम कनान देश में पहुँचकर बसने और फलवन्त होने के लिए उनका प्रशिक्षण भी कर रहा था। आज परमेश्वर का अनुसरण करने की यही बात हम मसीही विश्वासियों के साथ भी है। परमेश्वर चाहता है कि हम उसके साथ निकट-संगति रखें, उसकी आशीषों के संभागी हों। परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बताती है कि जो दीन और नम्र होकर उसका अनुसरण करते हैं, परमेश्वर उनके प्रति विश्वासयोग्य और प्रेमी रहता है, उनकी भलाई करने में लगा रहता है। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


परमेश्वर चाहता है कि उसकी सन्तान उसका अनुसरण करे।

भला होता कि उनका मन सदैव ऐसा ही बना रहे, कि वे मेरा भय मानते हुए मेरी सब आज्ञाओं पर चलते रहें, जिस से उनकी और उनके वंश की सदैव भलाई होती रहे! - व्यवस्थाविवरण 5:29

बाइबल पाठ: गिनती 9:15-23
Numbers 9:15 जिस दिन निवास जो साक्षी का तम्बू भी कहलाता है खड़ा किया गया, उस दिन बादल उस पर छा गया; और सन्ध्या को वह निवास पर आग सा दिखाई दिया और भोर तक दिखाई देता रहा। 
Numbers 9:16 और नित्य ऐसा ही हुआ करता था; अर्थात दिन को बादल छाया रहता, और रात को आग दिखाई देती थी। 
Numbers 9:17 और जब जब वह बादल तम्बू पर से उठ जाता तब इस्त्राएली प्रस्थान करते थे; और जिस स्थान पर बादल ठहर जाता वहीं इस्त्राएली अपने डेरे खड़े करते थे। 
Numbers 9:18 यहोवा की आज्ञा से इस्त्राएली कूच करते थे, और यहोवा ही की आज्ञा से वे डेरे खड़े भी करते थे; और जितने दिन तक वह बादल निवास पर ठहरा रहता उतने दिन तक वे डेरे डाले पड़े रहते थे। 
Numbers 9:19 और जब जब बादल बहुत दिन निवास पर छाया रहता तब इस्त्राएली यहोवा की आज्ञा मानते, और प्रस्थान नहीं करते थे। 
Numbers 9:20 और कभी कभी वह बादल थोड़े ही दिन तक निवास पर रहता, और तब भी वे यहोवा की आज्ञा से डेरे डाले पड़े रहते थे और फिर यहोवा की आज्ञा ही से प्रस्थान करते थे।
Numbers 9:21 और कभी कभी बादल केवल सन्ध्या से भोर तक रहता; और जब वह भोर को उठ जाता था तब वे प्रस्थान करते थे, और यदि वह रात दिन बराबर रहता तो जब बादल उठ जाता तब ही वे प्रस्थान करते थे। 
Numbers 9:22 वह बादल चाहे दो दिन, चाहे एक महीना, चाहे वर्ष भर, जब तक निवास पर ठहरा रहता तब तक इस्त्राएली अपने डेरों में रहते और प्रस्थान नहीं करते थे; परन्तु जब वह उठ जाता तब वे प्रस्थान करते थे। 
Numbers 9:23 यहोवा की आज्ञा से वे अपने डेरे खड़े करते, और यहोवा ही की आज्ञा से वे प्रस्थान करते थे; जो आज्ञा यहोवा मूसा के द्वारा देता था उसको वे माना करते थे।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 103-104
  • 1 कुरिन्थियों 2