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मंगलवार, 6 सितंबर 2016

गीत-संगीत


   मैंने अपने एक मित्र से उसकी माँ की हालत के बारे में पूछा, तो उसने बताया कि बुढ़ापे ने उनकी स्मरण-शक्ति क्षीण कर दी है, और उन्हें कई लोगों के नाम और बीते समय की अनेकों घटनाएं अब याद नहीं रहती हैं। उसने आगे बताया कि, फिर भी, वे आज भी प्यानो पर बैठकर, बिना किसी छपी हुई हुए गीत-संगीत पुस्तक के, अनेकों भजन अपनी स्मरण-शक्ति से गा लेती हैं।

   प्राचीन दार्शनिकों, प्लेटो और अरस्तु ने संगीत के चँगाई देने वाले गुण के बारे में 2500 वर्ष पूर्व लिखा था। लेकिन उन से भी सदियों पहले, परमेश्वर के वचन बाइबल की पुस्तकों में गीत-संगीत की भरपूरी थी। बाइबल की प्रथम पुस्तक उत्पत्ति में यूबाल जो "...वीणा और बांसुरी आदि बाजों के बजाने की सारी रीति का उत्पादक हुआ" (उत्पत्ति 4:21) के उल्लेख से लेकर, बाइबल की अन्तिम पुस्तक प्रकाशितवाक्य तक जहाँ परमेश्वर के लोगों को दिखाया गया है कि, "और वे परमेश्वर के दास मूसा का गीत, और मेम्ने का गीत गा गाकर कहते थे, कि हे र्स्‍वशक्तिमान प्रभु परमेश्वर, तेरे कार्य बड़े, और अद्भुत हैं, हे युग युग के राजा, तेरी चाल ठीक और सच्ची है" (प्रकाशितवाक्य 15:3), बाइबल के पन्ने गीत-संगीत की गूंज से भरे पड़े हैं। भजन संहिता बाइबल की गीत-संगीत की पुस्तक है जिसके भजन हमें परमेश्वर की विश्वासयोग्यता और प्रेम के बारे में बताते हैं; और इस पुस्तक का अन्त होता है इस आहावहन से: "जितने प्राणी हैं सब के सब याह की स्तुति करें! याह की स्तुति करो" (भजन 150:6)।

   आज हमें अपने हृदयों में परमेश्वर की इस गीत-संगीत की सेवकाई की आवश्यकता इतिहास के किसी भी काल में रही आवश्यकता से बढ़कर है। दिन में हमारी चाहे जो भी परिस्थिति रही हो, संध्या के समय हम यही गाते हुए पाए जाएं: "हे मेरे बल, मैं तेरा भजन गाऊँगा, क्योंकि हे परमेश्वर, तू मेरा ऊँचा गढ़, और मेरा करुणामय परमेश्वर है" (भजन 59:17)। - डेविड मैक्कैसलैंड


जब आप अपनी आशीषों को गिनने लगते हैं, 
तो परमेश्वर कि स्तुति और आराधना स्वतः ही निकलने लगती है।

आओ हम यहोवा के लिये ऊंचे स्वर से गाएं, अपने उद्धार की चट्टान का जयजयकार करें! - भजन 95:1

बाइबल पाठ: भजन 150
Psalms 150:1 याह की स्तुति करो! ईश्वर के पवित्रस्थान में उसकी स्तुति करो; उसकी सामर्थ्य से भरे हुए आकाशमण्डल में उसी की स्तुति करो! 
Psalms 150:2 उसके पराक्रम के कामों के कारण उसकी स्तुति करो; उसकी अत्यन्त बड़ाई के अनुसार उसकी स्तुति करो! 
Psalms 150:3 नरसिंगा फूंकते हुए उसकी स्तुति करो; सारंगी और वीणा बजाते हुए उसकी स्तुति करो! 
Psalms 150:4 डफ बजाते और नाचते हुए उसकी स्तुति करो; तार वाले बाजे और बांसुली बजाते हुए उसकी स्तुति करो! 
Psalms 150:5 ऊंचे शब्द वाली झांझ बजाते हुए उसकी स्तुति करो; आनन्द के महाशब्द वाली झांझ बजाते हुए उसकी स्तुति करो! 
Psalms 150:6 जितने प्राणी हैं सब के सब याह की स्तुति करें! याह की स्तुति करो!

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 148-150
  • 1 कुरिन्थियों 15:29-58


सोमवार, 5 सितंबर 2016

अनन्त


   अमेरीकी गृह-युद्ध से पहले के उथल-पुथल भरे वर्षों में, सन 1859 में, एब्राहम लिंकन को विस्कौनसिन प्रांत के मिल्वॉकी शहर के कृषि संघ को संबोधित करने का अवसर मिला। अपने संबोधन में उन्होंने एक प्राचीन राजा की कहानी सुनाई जो एक ऐसे वाक्य की खोज में था जो हर समय और परिस्थिति में लागू हो। उस राजा के बुद्धिमान सभापतियों के लिए यह कठिन चुनौती थी, लेकिन उन्होंने वह वाक्य पा ही लिया; वाक्य था, "यह भी बीत जाएगा।"

   यह वाक्य हमारे आज के संसार के लिए, जो लगातार बद से बदतर होता जा रहा है, सर्वथा उपयुक्त है। यह बात केवल संसार पर ही लागू नहीं होती; यह हमारे जीवन पर भी लागू होती है क्योंकि हमारे दिन गिनती के हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल में याकूब ने अपनी पत्री में लिखा, "और यह नहीं जानते कि कल क्या होगा: सुन तो लो, तुम्हारा जीवन है ही क्या? तुम तो मानो भाप समान हो, जो थोड़ी देर दिखाई देती है, फिर लोप हो जाती है" (याकूब 4:14)।

   यद्यपि हमारे वर्तमान दिन कुछ समय के हैं और बीत जाएंगे, लेकिन जिस परमेश्वर की हम उपासना और सेवा करते हैं वह अनन्तकाल का है। हमारे अनन्तकाल के परमेश्वर ने अपने पुत्र प्रभु यीशु मसीह में होकर यह अनन्तकाल की आशीष संसार के लोगों के साथ बाँटनी चाही है। वह हम से ऐसे जीवन का वायदा करता है जो कभी समाप्त नहीं होगा, जिसका आनन्द कभी जाता नहीं रहेगा: "क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए" (यूहन्ना 3:16)।

   जब मसीह यीशु का पुनःआगमन होगा, वह हमें अपने साथ स्वर्ग ले जाएगा जहाँ हम अनन्तकाल तक उसके साथ रहेंगे। - बिल क्राउडर


आज की आशा के लिए कहानी के अन्त को स्मरण करें
 - परमेश्वर के साथ अनन्तकाल।

और वह उन की आंखों से सब आंसू पोंछ डालेगा; और इस के बाद मृत्यु न रहेगी, और न शोक, न विलाप, न पीड़ा रहेगी; पहिली बातें जाती रहीं। - प्रकाशितवाक्य 21:4

बाइबल पाठ: याकूब 4:11
James 4:11 हे भाइयों, एक दूसरे की बदनामी न करो, जो अपने भाई की बदनामी करता है, या भाई पर दोष लगाता है, वह व्यवस्था की बदनामी करता है, और व्यवस्था पर दोष लगाता है; और यदि तू व्यवस्था पर दोष लगाता है, तो तू व्यवस्था पर चलने वाला नहीं, पर उस पर हाकिम ठहरा। 
James 4:12 व्यवस्था देने वाला और हाकिम तो एक ही है, जिसे बचाने और नाश करने की सामर्थ है; तू कौन है, जो अपने पड़ोसी पर दोष लगाता है? 
James 4:13 तुम जो यह कहते हो, कि आज या कल हम किसी और नगर में जा कर वहां एक वर्ष बिताएंगे, और व्यापार कर के लाभ उठाएंगे। 
James 4:14 और यह नहीं जानते कि कल क्या होगा: सुन तो लो, तुम्हारा जीवन है ही क्या? तुम तो मानो भाप समान हो, जो थोड़ी देर दिखाई देती है, फिर लोप हो जाती है। 
James 4:15 इस के विपरीत तुम्हें यह कहना चाहिए, कि यदि प्रभु चाहे तो हम जीवित रहेंगे, और यह या वह काम भी करेंगे। 
James 4:16 पर अब तुम अपनी ड़ींग पर घमण्‍ड करते हो; ऐसा सब घमण्‍ड बुरा होता है। 
James 4:17 इसलिये जो कोई भलाई करना जानता है और नहीं करता, उसके लिये यह पाप है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 146-147
  • 1 कुरिन्थियों 15:1-28


रविवार, 4 सितंबर 2016

नाम


   एक चिड़िया-घर देखने आने वाले लोग क्रोधित हो गए जब जिस ’अफ्रीकी शेर’ को देखने वे आए थे, वह दहाड़ने की बजाए, भौंकने लग गया! चिड़िया-घर के कर्मचारियों ने बताया कि क्योंकि उनके पास शेर को लाने और रखने के लायक धन नहीं था, इसलिए उन्होंने तिब्बती मैस्टिफ जाति के बड़े से कुत्ते को शेर का सा बना कर रख लिया था। कहने की आवश्यकता नहीं है कि उस चिड़िया-घर की साख़ को बट्टा लगा और लोग वहाँ पुनः जाकर कुछ देखने से पहले भली-भांति सोचेंगे।

   साख़ बहुत नाज़ुक होती है; एक बार बिगड़ जाए तो उसे फिर से स्थापित कर पाना कठिन हो जाता है। ताकत, शोहरत और धन अर्जित करने की वेदी पर साख़ की बलि चढ़ा देना अकसर देखा जाता है; ऐसा हमारे साथ भी हो सकता है। परमेश्वर का वचन बाइबल हमें सचेत करती है कि, "बड़े धन से अच्छा नाम अधिक चाहने योग्य है, और सोने चान्दी से औरों की प्रसन्नता उत्तम है" (नीतिवचन 22:1); तात्पर्य यह कि परमेश्वर हमें बता रहा है कि सच्ची कीमत उस की है जो हम हैं, ना कि उस की जो हमारे पास है।

   प्राचीन यूनानी दार्शनिक सुकरात ने कहा, "अच्छी साख़ कमाने के लिए वैसा बनने का सच्चा प्रयास करें जैसा आप दिखाई देना चाहते हैं।" प्रभु यीशु मसीह के अनुयायी होने के नाते, प्रभु का नाम हमारे साथ जुड़ा है। हमारे प्रति प्रभु के प्रेम के कारण हम उसके नाम के योग्य चाल-चलन बनाए रखने के प्रयासरत रहें, अपने कार्यों और वचनों से उसकी समानता में होने को अपने जीवनों में दिखाएं।

   हम यदि अपने प्रभु की समानत में चलने के अपने इस प्रयास में असफल भी रहें, तो भी वह अपने प्रेम में होकर हमें उठाकर खड़ा करता है, हमें फिर से सामर्थ और अवसर देता है कि हम उसके नाम के अनुरूप चल सकें। हमारे जीवन और उदाहरण के कारण, हमारे आस-पास के लोग भी हमें बचाने और बदलने वाले प्रभु परमेश्वर को महिमा और आदर देने के लिए प्रेरित होंगे - क्योंकि प्रभु का नाम महिमा, आदर और सारी प्रशंसा के योग्य है। - पोह फैंग चिया


पार्थिव जीवन का सबसे शुद्ध और बहुमूल्य खज़ाना एक निर्मल प्रतिष्ठा है। - शेक्सपियर

यहोवा का नाम दृढ़ गढ़ है; धर्मी उस में भाग कर सब दुर्घटनाओं से बचता है। - नीतिवचन 18:10

बाइबल पाठ: नीतिवचन 22:1-5
Proverbs 22:1 बड़े धन से अच्छा नाम अधिक चाहने योग्य है, और सोने चान्दी से औरों की प्रसन्नता उत्तम है। 
Proverbs 22:2 धनी और निर्धन दोनों एक दूसरे से मिलते हैं; यहोवा उन दोनों का कर्त्ता है। 
Proverbs 22:3 चतुर मनुष्य विपत्ति को आते देख कर छिप जाता है; परन्तु भोले लोग आगे बढ़ कर दण्ड भोगते हैं। 
Proverbs 22:4 नम्रता और यहोवा के भय मानने का फल धन, महिमा और जीवन होता है। 
Proverbs 22:5 टेढ़े मनुष्य के मार्ग में कांटे और फन्दे रहते हैं; परन्तु जो अपने प्राणों की रक्षा करता, वह उन से दूर रहता है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 143-145
  • 1 कुरिन्थियों 14:21-40


शनिवार, 3 सितंबर 2016

आशा


   सौर-ऊर्जा से चलने वाला वायु-यान सोलर इंपल्स बिना ईधन लिए दिन और रात उड़ता रह सकता है। इसके अविष्कारक बर्टरैंड पिकर्ड और आन्द्रे बॉर्शबर्ग इससे सारे संसार का चक्कर लगाना चाहते हैं। जब दिन में वायुयान सौर ऊर्जा से उड़ रहा होता है तब साथ ही वह इतनी ऊर्जा और अर्जित कर लेता है कि रात भर भी उड़ सके। जब सूर्योदय होता है, पिकर्ड का कहना है कि तब "फिर से आशा आती है कि हम आगे बढ़ते रह सकते हैं।"

   सूर्योदय के साथ आशा आने की बात से मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल के आज के पाठ, विलापगीत 3 की यह बात स्मरण हो आती है: "परन्तु मैं यह स्मरण करता हूँ, इसीलिये मुझे आाशा है: हम मिट नहीं गए; यह यहोवा की महाकरुणा का फल है, क्योंकि उसकी दया अमर है। प्रति भोर वह नई होती रहती है; तेरी सच्चाई महान है" (पद 21-23)। जब परमेश्वर की प्रजा घोर निराशा में थी, यरूशालेम को बाबुल की सेनाओं ने रौंद कर तहस-नहस कर दिया था, नबी यिर्मयाह ने कहा कि तब भी उनके पास आशा रखने का कारण है - परमेश्वर की दया और करुणा उनके साथ अभी भी बनी हुई है।

   कभी-कभी हमें अपने संघर्ष रात के समय में अधिक बहुत कठिन प्रतीत होते हैं, परन्तु जब भोर होती है तो एक नई आशा जागृत होती है कि हम आगे बढ़ सकते हैं। भजनकार ने कहा, "क्योंकि उसका क्रोध, तो क्षण भर का होता है, परन्तु उसकी प्रसन्नता जीवन भर की होती है। कदाचित रात को रोना पड़े, परन्तु सबेरे आनन्द पहुंचेगा" (भजन 30:5)।

   हे परमेश्वर पिता आपका धन्यवाद हो उस आशा के लिए जो आप प्रति भोर हमारे लिए भेजते हैं; आपकी उस दया और करुणा के लिए जो प्रति भोर हमारे लिए नई होती रहती है। - ऐनी सेटास


प्रत्येक नया दिन हमें परमेश्वर की आराधना के नए अवसर प्रदान करता है।

परन्तु तुम्हारे लिये जो मेरे नाम का भय मानते हो, धर्म का सूर्य उदय होगा, और उसकी किरणों के द्वारा तुम चंगे हो जाओगे; और तुम निकल कर पाले हुए बछड़ों की नाईं कूदोगे और फांदोगे। - मलाकी 4:2

बाइबल पाठ: विलापगीत 3:18-33
Lamentations 3:18 इसलिऐ मैं ने कहा, मेरा बल नाश हुआ, और मेरी आश जो यहोवा पर थी, वह टूट गई है। 
Lamentations 3:19 मेरा दु:ख और मारा मारा फिरना, मेरा नागदौने और-और विष का पीना स्मरण कर! 
Lamentations 3:20 मैं उन्हीं पर सोचता रहता हूँ, इस से मेरा प्राण ढला जाता है। 
Lamentations 3:21 परन्तु मैं यह स्मरण करता हूँ, इसीलिये मुझे आाशा है: 
Lamentations 3:22 हम मिट नहीं गए; यह यहोवा की महाकरुणा का फल है, क्योंकि उसकी दया अमर है। 
Lamentations 3:23 प्रति भोर वह नई होती रहती है; तेरी सच्चाई महान है। 
Lamentations 3:24 मेरे मन ने कहा, यहोवा मेरा भाग है, इस कारण मैं उस में आशा रखूंगा। 
Lamentations 3:25 जो यहोवा की बाट जोहते और उसके पास जाते हैं, उनके लिये यहोवा भला है। 
Lamentations 3:26 यहोवा से उद्धार पाने की आशा रख कर चुपचाप रहना भला है। 
Lamentations 3:27 पुरुष के लिये जवानी में जूआ उठाना भला है। 
Lamentations 3:28 वह यह जान कर अकेला चुपचाप रहे, कि परमेश्वर ही ने उस पर यह बोझ डाला है; 
Lamentations 3:29 वह अपना मुंह धूल में रखे, क्या जाने इस में कुछ आशा हो; 
Lamentations 3:30 वह अपना गाल अपने मारने वाले की ओर फेरे, और नामधराई सहता रहे। 
Lamentations 3:31 क्योंकि प्रभु मन से सर्वदा उतारे नहीं रहता, 
Lamentations 3:32 चाहे वह दु:ख भी दे, तौभी अपनी करुणा की बहुतायत के कारण वह दया भी करता है; 
Lamentations 3:33 क्योंकि वह मनुष्यों को अपने मन से न तो दबाता है और न दु:ख देता है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 140-142
  • 1 कुरिन्थियों 14:1-20


शुक्रवार, 2 सितंबर 2016

प्रत्युत्तर


   सड़क पर सवारियाँ बहुत थीं जिससे यातायात बहुत धीमा चल रहा था, और उस गरम दोपहर में सभी चिड़चिड़े हो रखे थे। मैंने देखा कि दो जवान अपनी कार में बैठे फास्ट-फूड रेस्ट्रॉन्ट से निकल कर मुख्य मार्ग में घुसने के लिए गाड़ियों के बीच कोई स्थान देख रहे थे। मुझे लगा कि यह अच्छा हुआ जब मुझ से आगे वाली गाड़ी के चालक ने उन्हें अपने आगे आकर मुख्य सड़क पर यातायात में घुस जाने दिया। लेकिन जब मुझ से आगे वाले उस ’भले’ कार चालक को इस भलाई के लिए प्रत्युत्तर में कोई धन्यवाद के शब्द या सिर अथवा हाथ हिला कर किया गया धन्यवाद कोई संकेत भी नहीं मिला, तो वह बदतमीज़ हो गया। पहले वह अपनी गाड़ी खिड़की नीची कर के उन पर चिल्लाया; फिर वह अपनी गाड़ी को हॉर्न बजाते, चिल्लाते और अपने गुस्से का प्रदर्शन करते हुए तेज़ी से अपनी गाड़ी उनकी गाड़ी की तरफ बढ़ाने लगा, मानों उन की गाड़ी टकरा देगा।

   यहाँ किस की गलती ज़्यादा थी? क्या उस जवान चालक के धन्यवादी ना होने के कारण, उस ’भले’ चालक के क्रोध प्रदर्शन सही था? क्या उन जवानों के लिए उसे धन्यवाद देना अनिवार्य था?

   परमेश्वर के वचन बाइबल में हम पाते हैं कि प्रभु यीशु ने 10 कोढ़ियों को चंगा किया और उन कोढ़ियों का प्रभु के प्रति कृतज्ञ होना बनता था; लेकिन उन में से केवल एक ही प्रभु को धन्यवाद कहने के लिए लौट कर आया। प्रभु यीशु इस बात से चकित हुए और उन्होंने कहा, "क्या इस परदेशी को छोड़ कोई और न निकला, जो परमेश्वर की बड़ाई करता?" (लूका 17:18)

   यदि उस सृष्टिकर्ता परमेश्वर, राजाओं के राजा और प्रभुओं के प्रभु को ही 10 में से केवल 1 का धन्यवाद प्रत्युत्तर में मिला, तो हम फिर इससे अधिक की क्या आशा रख सकते हैं? हमारे लिए यह भला है कि हम अपने कार्य परमेश्वर की महिमा के लिए, उसे आदर देने के लिए और उसकी सेवकाई को पूरी करने के लिए करते रहें ना कि अपने भले कार्य लोगों से प्रत्युत्तर में धन्यवाद एकत्रित करने के लिए करें।

   यदि हमारे भले कार्यों के प्रत्युत्तर में हमें कुछ ना भी मिले, तो भी परमेश्वर का अनुग्रह हमारे जीवनों से दिखाई देता रहना चाहिए। - रैंडी किलगोर


उसी प्रकार तुम्हारा उजियाला मनुष्यों के साम्हने चमके कि 
वे तुम्हारे भले कामों को देखकर तुम्हारे पिता की, जो स्वर्ग में हैं, बड़ाई करें। - मत्ती 5:16

अन्यजातियों में तुम्हारा चालचलन भला हो; इसलिये कि जिन जिन बातों में वे तुम्हें कुकर्मी जान कर बदनाम करते हैं, वे तुम्हारे भले कामों को देख कर; उन्‍हीं के कारण कृपा दृष्टि के दिन परमेश्वर की महिमा करें। - 1 पतरस 2:12

बाइबल पाठ: लूका 17:11-19
Luke 17:11 और ऐसा हुआ कि वह यरूशलेम को जाते हुए सामरिया और गलील के बीच से हो कर जा रहा था। 
Luke 17:12 और किसी गांव में प्रवेश करते समय उसे दस कोढ़ी मिले। 
Luke 17:13 और उन्होंने दूर खड़े हो कर, ऊंचे शब्द से कहा, हे यीशु, हे स्‍वामी, हम पर दया कर। 
Luke 17:14 उसने उन्हें देखकर कहा, जाओ; और अपने तई याजकों को दिखाओ; और जाते ही जाते वे शुद्ध हो गए। 
Luke 17:15 तब उन में से एक यह देखकर कि मैं चंगा हो गया हूं, ऊंचे शब्द से परमेश्वर की बड़ाई करता हुआ लौटा। 
Luke 17:16 और यीशु के पांवों पर मुंह के बल गिरकर, उसका धन्यवाद करने लगा; और वह सामरी था। 
Luke 17:17 इस पर यीशु ने कहा, क्या दसों शुद्ध न हुए? तो फिर वे नौ कहां हैं? 
Luke 17:18 क्या इस परदेशी को छोड़ कोई और न निकला, जो परमेश्वर की बड़ाई करता? 
Luke 17:19 तब उसने उस से कहा; उठ कर चला जा; तेरे विश्वास ने तुझे चंगा किया है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 137-139
  • 1 कुरिन्थियों 13


गुरुवार, 1 सितंबर 2016

समाधान


   प्रतीक्षा करना सदा कठिन होता है; जब दिन, सप्ताह, महीने बीतते चले जाते हैं और हमारी प्रार्थनाओं का कोई उत्तर नहीं आता, तो यह मान लेना कि परमेश्वर ने हमें भुला दिया है सहज होता है। ऐसे में दिन तो इधर-उधर ध्यान लगाकर निकल जाता है लेकिन रात निकालना दूभर हो जाता है। चिंताएं और परेशानियों की संभावनाओं के विचार रात के पलों को और लंबा बना देते हैं; फिर थकान के कारण नए दिन का सामना करना और असंभव सा लगता है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार का भी यही हाल था, वह अपनी प्रतीक्षा से थक चला था (भजन 13:1)। उसे लगा जैसे वह त्याग दिया गया है और उसके शत्रु उसपर प्रबल होते जा रहे हैं (पद 2)। परमेश्वर से जब अनेकों बार करी गई प्रार्थनाओं के उत्तर पाने या किसी कठिन परिस्थिति के समाधान के लिए हम प्रतीक्षा कर रहे होते हैं, तो निराश हो जाना आसान होता है।

   शैतान कान में फुसफुसाता है कि परमेश्वर हमें भूल गया है, और हालात कभी बदलने वाले नहीं हैं; हम निराशा के सामने घुटने टेकने के लिए बाध्य से होने लगते हैं। मन में प्रश्न उठते हैं कि बाइबल पढ़ने या प्रार्थना करने से क्या लाभ? अन्य मसीही विश्वासियों के साथ मिलकर उपासना और आराधना में क्यों जाएं? लेकिन इन अत्मिक जीवन-सुरक्षा सहायकों की हमें सबसे अधिक आवश्यकता ऐसे प्रतीक्षा के समयों में ही होती है। इन ही के सहारे हम परमेश्वर के प्रेम में अपने विश्वास को बनाए रख सकते हैं और उसके आत्मा की आवाज़ के प्रति संवेदनशील रह सकते हैं।

   भजनकार के पास समाधान भी था। उसने अपना ध्यान परमेश्वर के प्रेम पर लगाया - जितना भी वह उस प्रेम के बारे में जानता था, जैसा उसने अनुभव किया था। वह पिछले दिनों की आशीषों को याद करने लगा और अन्य सब बातों से ध्यान हटाकर परमेश्वर की आराधना करने लगा, उस परमेश्वर की जो कभी अपने बच्चों को भूल नहीं सकता।

   जो समाधान भजनकार के लिए कार्यकारी हुआ, वही हमारे लिए भी कार्यकारी होगा - आज़मा कर देख लें। - मेरियन स्ट्राउड


परमेश्वर का समय सबसे सही समय होता है; उसकी प्रतीक्षा करना उचित होता है।

परन्तु जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वे नया बल प्राप्त करते जाएंगे, वे उकाबों की नाईं उड़ेंगे, वे दौड़ेंगे और श्रमित न होंगे, चलेंगे और थकित न होंगे। - यशायाह 40:31

बाइबल पाठ: भजन 13
Psalms 13:1 हे परमेश्वर तू कब तक? क्या सदैव मुझे भूला रहेगा? तू कब तक अपना मुखड़ा मुझ से छिपाए रहेगा? 
Psalms 13:2 मैं कब तक अपने मन ही मन में युक्तियां करता रहूं, और दिन भर अपने हृदय में दुखित रहा करूं, कब तक मेरा शत्रु मुझ पर प्रबल रहेगा? 
Psalms 13:3 हे मेरे परमेश्वर यहोवा मेरी ओर ध्यान दे और मुझे उत्तर दे, मेरी आंखों में ज्योति आने दे, नहीं तो मुझे मृत्यु की नींद आ जाएगी; 
Psalms 13:4 ऐसा न हो कि मेरा शत्रु कहे, कि मैं उस पर प्रबल हो गया; और ऐसा न हो कि जब मैं डगमगाने लगूं तो मेरे शत्रु मगन हों।
Psalms 13:5 परन्तु मैं ने तो तेरी करूणा पर भरोसा रखा है; मेरा हृदय तेरे उद्धार से मगन होगा। 
Psalms 13:6 मैं परमेश्वर के नाम का भजन गाऊंगा, क्योंकि उसने मेरी भलाई की है।

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 135-136
  • 1 कुरिन्थियों 12

बुधवार, 31 अगस्त 2016

बलिदान


   चीन के हुनान प्रान्त में जब डेंग जिंजी ने सनशुई नदी के पानी में फंसे लोगों को देखा तो वह उन्हें नज़रन्दाज़ करके आगे नहीं बढ़ गया, वरन पानी में कूदा और उस परिवार के चार लोगों को बचाया। लेकिन वे बचाए हुए लोग उसके पानी से बाहर आने के लिए रुके नहीं, उसे पानी में ही छोड़कर आगे चले गए। जिंजी, जो इस बचाव कार्य की मेहनत से बहुत थक गया था, थकान के मारे पानी में स्थिर नहीं रह सका और धारा उसे बहा कर ले गई, वह डूब गया।

   हम जब पाप में डूब रहे थे तब प्रभु यीशु हमें बचाने के लिए पाप से भरे इस संसार में मानव रूप में आए। हम सभी के सारे पापों को अपने ऊपर लेकर, हमारे लिए क्रूस पर दिए गए अपने बलिदान और मृत्योपरांत तीसरे दिन अपने पुनरुत्थान के द्वारा उन्होंने पापों से हमारे बचाव का मार्ग तैयार करके दिया। परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बताती है कि, "हम ने प्रेम इसी से जाना, कि उसने हमारे लिये अपने प्राण दे दिए; और हमें भी भाइयों के लिये प्राण देना चाहिए" (1 यूहन्ना 3:16)। प्रभु यीशु का अपने बलिदान द्वारा प्रदर्शित यह प्रेम अब हमें उकसाता है कि हम भी दूसरों के प्रति ऐसा ही सच्चा प्रेम दिखाएं, कार्यों और सत्य के द्वारा (पद 18)।

   यदि हम प्रभु यीशु के इस निःस्वार्थ बलिदान और प्रेम को नज़रन्दाज़ करते हैं, तो यह सूचक है कि हमने अपने प्रति उसके प्रेम की महानता को नहीं पहचाना है। वह आपको पापों के दुषपरिणामों से बचाने के लिए स्वर्ग के वैभव और महिमा को छोड़कर पृथ्वी पर आ गया और बलिदान हुआ। उसके बलिदान को अपने जीवन में सार्थक करें; उसके प्रेम को स्वीकार करके उसके साथ आशीषित अनन्त जीवन का संबंध बना लें। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


प्रभु यीशु ने हमारे प्रति अपने प्रेम को दिखाने के लिए अपना जीवन बलिदान किया।

वह आप ही हमारे पापों को अपनी देह पर लिये हुए क्रूस पर चढ़ गया जिस से हम पापों के लिये मर कर के धामिर्कता के लिये जीवन बिताएं: उसी के मार खाने से तुम चंगे हुए। - 1 पतरस 2:24

बाइबल पाठ: 1 यूहन्ना 3:16-24
1 John 3:16 हम ने प्रेम इसी से जाना, कि उसने हमारे लिये अपने प्राण दे दिए; और हमें भी भाइयों के लिये प्राण देना चाहिए। 
1 John 3:17 पर जिस किसी के पास संसार की संपत्ति हो और वह अपने भाई को कंगाल देख कर उस पर तरस न खाना चाहे, तो उस में परमेश्वर का प्रेम क्योंकर बना रह सकता है? 
1 John 3:18 हे बालकों, हम वचन और जीभ ही से नहीं, पर काम और सत्य के द्वारा भी प्रेम करें। 
1 John 3:19 इसी से हम जानेंगे, कि हम सत्य के हैं; और जिस बात में हमारा मन हमें दोष देगा, उसके विषय में हम उसके साम्हने अपने अपने मन को ढाढ़स दे सकेंगे। 
1 John 3:20 क्योंकि परमेश्वर हमारे मन से बड़ा है; और सब कुछ जानता है। 
1 John 3:21 हे प्रियो, यदि हमारा मन हमें दोष न दे, तो हमें परमेश्वर के साम्हने हियाव होता है। 
1 John 3:22 और जो कुछ हम मांगते हैं, वह हमें उस से मिलता है; क्योंकि हम उस की आज्ञाओं को मानते हैं; और जो उसे भाता है वही करते हैं। 
1 John 3:23 और उस की आज्ञा यह है कि हम उसके पुत्र यीशु मसीह के नाम पर विश्वास करें और जैसा उसने हमें आज्ञा दी है उसी के अनुसार आपस में प्रेम रखें। 
1 John 3:24 और जो उस की आज्ञाओं को मानता है, वह उस में, और वह उन में बना रहता है: और इसी से, अर्थात उस आत्मा से जो उसने हमें दिया है, हम जानते हैं, कि वह हम में बना रहता है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 132-134
  • 1 कुरिन्थियों 11:17-34