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शुक्रवार, 16 सितंबर 2016

शरणस्थान


   एक युवा महिला अपनी 4 तथा 2 वर्षीय पुत्रियों के साथ हवाई यात्रा कर रही थी, और उन दोनों को व्यस्त रखने में लगी हुई थी जिससे वे दोनों अन्त यात्रियों को परेशान ना करने पाएं। जब विमान-चालक ने सूचना देने के लिए विमान के लाऊडस्पीकरों पर उद्घोषणा करनी आरंभ करी तो छोटी बेटी शांत होकर, अपना सिर झुकाकर बैठ गई, और उद्घोषणा समाप्त होने पर बोली "आमीन", जो कि प्रार्थना कि समाप्ति पर बोला जाता है; उस बच्ची को लगा कि विमान-चालक प्रार्थना कर रहा है!

   मैं भी चाहती हूँ कि मेरा मन भी उस बच्ची के समान रहे, जो तुरंत प्रार्थना में परमेश्वर की ओर मुड़ जाता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन-संहिता के अनेकों भजनों के रचियता दाऊद का मन ऐसा ही था। हम दाऊद द्वारा लिखे भजन, भजन 27 में इस बात के संकेत पाते हैं, जहाँ वह कठिन शत्रुओं का सामना करने के बारे में लिखता है (पद 2)। दाऊद लिखता है, "तू ने कहा है, कि मेरे दर्शन के खोजी हो। इसलिये मेरा मन तुझ से कहता है, कि हे यहोवा, तेरे दर्शन का मैं खोजी रहूंगा" (भजन 27:8)। कुछ लोगों का मानना है कि इस भजन को लिखते समय दाऊद शाऊल से (1 शमूएल 21:10) या फिर अपने बेटे अबशालोम के षड़यंत्र से (2 शमूएल 15:13-14) जान बचाकर भागने के अपने अनुभवों को स्मरण कर रहा था। प्रार्थना करना और परमेश्वर पर निर्भर रहना दाऊद के रवैये में सर्वोपरि रहते थे; उसने परमेश्वर को अपना शरणस्थान बना रखा था (भजन 27:4-5)।

   हम सभी को शरणस्थान की आवश्यकता रहती है, विशेषकर कठिन परिस्थितियों और परेशानी के समयों में। इस, तथा अन्य भजनों को पढ़ना और प्रार्थना का आधार बनाना हमारे लिए अपने परमेश्वर पिता के साथ वैसा ही निकट संबंध बनाने में सहायक हो सकता है जैसा दाऊद के साथ था। जब हम परमेश्वर को अपना शरणस्थान बना लेंगे, तो स्वतः ही प्रार्थना और आवश्यकता के समयों में हम उसमें शांति तथा विश्राम भी पाएंगे। - ऐनी सेटास


प्रार्थना के समयों में परमेश्वर हमारे हृदयों को शांत करके, 
हमारे मनों को स्थिर करता है।

हे परमेश्वर, जब मैं तेरी दोहाई दूं, तब मेरी सुन; शत्रु के उपजाए हुए भय के समय मेरे प्राण की रक्षा कर। - भजन 64:1

बाइबल पाठ: भजन 27:1-14
Psalms 27:1 यहोवा परमेश्वर मेरी ज्योति और मेरा उद्धार है; मैं किस से डरूं? यहोवा मेरे जीवन का दृढ़ गढ़ ठहरा है, मैं किस का भय खाऊं? 
Psalms 27:2 जब कुकर्मियों ने जो मुझे सताते और मुझी से बैर रखते थे, मुझे खा डालने के लिये मुझ पर चढ़ाई की, तब वे ही ठोकर खाकर गिर पड़े।
Psalms 27:3 चाहे सेना भी मेरे विरुद्ध छावनी डाले, तौभी मैं न डरूंगा; चाहे मेरे विरुद्ध लड़ाई ठन जाए, उस दशा में भी मैं हियाव बान्धे निशचिंत रहूंगा।
Psalms 27:4 एक वर मैं ने यहोवा से मांगा है, उसी के यत्न में लगा रहूंगा; कि मैं जीवन भर यहोवा के भवन में रहने पाऊं, जिस से यहोवा की मनोहरता पर दृष्टि लगाए रहूं, और उसके मन्दिर में ध्यान किया करूं।
Psalms 27:5 क्योंकि वह तो मुझे विपत्ति के दिन में अपने मण्डप में छिपा रखेगा; अपने तम्बू के गुप्त स्थान में वह मुझे छिपा लेगा, और चट्टान पर चढ़ाएगा। 
Psalms 27:6 अब मेरा सिर मेरे चारों ओर के शत्रुओं से ऊंचा होगा; और मैं यहोवा के तम्बू में जयजयकार के साथ बलिदान चढ़ाऊंगा; और उसका भजन गाऊंगा।
Psalms 27:7 हे यहोवा, मेरा शब्द सुन, मैं पुकारता हूं, तू मुझ पर अनुग्रह कर और मुझे उत्तर दे। 
Psalms 27:8 तू ने कहा है, कि मेरे दर्शन के खोजी हो। इसलिये मेरा मन तुझ से कहता है, कि हे यहोवा, तेरे दर्शन का मैं खोजी रहूंगा। 
Psalms 27:9 अपना मुख मुझ से न छिपा।। अपने दास को क्रोध कर के न हटा, तू मेरा सहायक बना है। हे मेरे उद्धार करने वाले परमेश्वर मुझे त्याग न दे, और मुझे छोड़ न दे! 
Psalms 27:10 मेरे माता पिता ने तो मुझे छोड़ दिया है, परन्तु यहोवा मुझे सम्भाल लेगा।
Psalms 27:11 हे यहोवा, अपने मार्ग में मेरी अगुवाई कर, और मेरे द्रोहियों के कारण मुझ को चौरस रास्ते पर ले चल। 
Psalms 27:12 मुझ को मेरे सताने वालों की इच्छा पर न छोड़, क्योंकि झूठे साक्षी जो उपद्रव करने की धुन में हैं मेरे विरुद्ध उठे हैं।
Psalms 27:13 यदि मुझे विश्वास न होता कि जीवितों की पृथ्वी पर यहोवा की भलाई को देखूंगा, तो मैं मूर्च्छित हो जाता। 
Psalms 27:14 यहोवा की बाट जोहता रह; हियाव बान्ध और तेरा हृदय दृढ़ रहे; हां, यहोवा ही की बाट जोहता रह!

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 25-26
  • 2 कुरिन्थियों 9


गुरुवार, 15 सितंबर 2016

निर्णय


   जब जेनी के पति ने उसे छोड़ कर एक अन्य स्त्री के साथ रहने का निर्णय लिया, तो जेनी ने प्रण किया कि वह उस दूसरी स्त्री से कभी नहीं मिलेगी। लेकिन जब उसने देखा कि उसके मन की यह कटुता उसके बच्चों के अपने पिता के साथ संबंधों में बिगाड़ उत्पन्न कर रही है, तो उसने परमेश्वर से प्रार्थना करी कि उसकी सहायता करे जिससे वह उस परिस्थिति के प्रति जिसे वह बदल नहीं सकती थी, अपने मन की कड़ुवाहट पर जय पा सके।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में उत्पत्ति 16 में हम एक निःसंतान दंपत्ति की कहानी पढ़ते हैं, जिसे परमेश्वर से प्रतिज्ञा मिली थी कि परमेश्वर उन्हें संतान देगा। लेकिन पत्नि सारै ने इस बात को लेकर परमेश्वर पर पूरा विश्वास नहीं रखा और अपने पति अब्राम से कहा कि वह सारै की दासी हाजिरा को ले और उससे संतान उत्पन्न करे जिसे फिर सारै अपना लेगी। जब सारै के कहने अनुसार करने से हाजिरा गर्भवती हुई, तो हाजिरा ने सारै को तुच्छ जाना (उत्पत्ति 16:3-4), जिसे सारै कुँठित हो गई (पद 5-6)।

   अभी तक हाजिरा दासी थी, जिसके कोई अधिकार नहीं थे, परन्तु गर्भवती होते ही वह विशिष्ट हो गई; इसपर सारै ने क्या प्रतिक्रिया दी? सारै अपनी गलती के लिए दूसरों पर दोषारोपण करने लग गई, अपने पति अब्राम पर भी (पद 5)। परमेश्वर ने जो संतान की प्रतिज्ञा उन से करी थी, वह और 14 वर्ष के पश्चात पूरी हुई; लेकिन इतने समय तक भी सारै के मन की कड़ुवाहट बनी रही, और इस कड़ुवाहट ने सारै के पुत्र के दूध छुड़ाने के उत्सव को भी बिगाड़ दिया (उत्पत्ति 21:8-10)। परमेश्वर की योजना से आगे निकल कर अपनी इच्छानुसार करने के निर्णय के परिणामों को निभाना सारै के लिए कभी भी सरल नहीं रहा। सारै अपना निर्णय बदल नहीं सकती थी, और इस निर्णय ने उसके जीवन को कड़ुवाहट और कठिनाईयों भरा बना दिया। सारै के रवैये को बदलने के लिए संभवतः अनुग्रह के आश्चर्यकर्म की आवश्यकता होती, परन्तु यदि ऐसा हो जाता तो उसके लिए सब कुछ बदल जाता।

   किंतु हम मसीही विश्वासियों के लिए हमारे प्रभु परमेश्वर की प्रतिज्ञा है कि यदि हम अपने पापों को मान लें तो वह हमें क्षमा कर के हमारे उन गलत निर्णयों से हमें शुद्ध कर देगा (1 यूहन्ना 1:9)। क्या आपने प्रभु यीशु से अपने पापों की क्षमा प्राप्त करने और अपना जीवन उसे समर्पित कर देने का निर्णय ले लिया है? - मेरियन स्ट्राउड


परमेश्वर का अनुग्रह हमारे अन्धियारे जीवनों को भी ज्योतिर्मय बना देता है।

यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है। - 1 यूहन्ना 1:9 

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 16:1-10; 21:6-13
Genesis 16:1 अब्राम की पत्नी सारै के कोई सन्तान न थी: और उसके हाजिरा नाम की एक मिस्री लौंडी थी। 
Genesis 16:2 सो सारै ने अब्राम से कहा, देख, यहोवा ने तो मेरी कोख बन्द कर रखी है सो मैं तुझ से बिनती करती हूं कि तू मेरी लौंडी के पास जा: सम्भव है कि मेरा घर उसके द्वारा बस जाए। 
Genesis 16:3 सो सारै की यह बात अब्राम ने मान ली। सो जब अब्राम को कनान देश में रहते दस वर्ष बीत चुके तब उसकी स्त्री सारै ने अपनी मिस्री लौंडी हाजिरा को ले कर अपने पति अब्राम को दिया, कि वह उसकी पत्नी हो। 
Genesis 16:4 और वह हाजिरा के पास गया, और वह गर्भवती हुई और जब उसने जाना कि वह गर्भवती है तब वह अपनी स्वामिनी को अपनी दृष्टि में तुच्छ समझने लगी। 
Genesis 16:5 तब सारै ने अब्राम से कहा, जो मुझ पर उपद्रव हुआ सो तेरे ही सिर पर हो: मैं ने तो अपनी लौंडी को तेरी पत्नी कर दिया; पर जब उसने जाना कि वह गर्भवती है, तब वह मुझे तुच्छ समझने लगी, सो यहोवा मेरे और तेरे बीच में न्याय करे। 
Genesis 16:6 अब्राम ने सारै से कहा, देख तेरी लौंडी तेरे वश में है: जैसा तुझे भला लगे वैसा ही उसके साथ कर। सो सारै उसको दु:ख देने लगी और वह उसके साम्हने से भाग गई। 
Genesis 16:7 तब यहोवा के दूत ने उसको जंगल में शूर के मार्ग पर जल के एक सोते के पास पाकर कहा, 
Genesis 16:8 हे सारै की लौंडी हाजिरा, तू कहां से आती और कहां को जाती है? उसने कहा, मैं अपनी स्वामिनी सारै के साम्हने से भाग आई हूं।
Genesis 16:9 यहोवा के दूत ने उस से कहा, अपनी स्वामिनी के पास लौट जा और उसके वश में रह। 
Genesis 16:10 और यहोवा के दूत ने उस से कहा, मैं तेरे वंश को बहुत बढ़ाऊंगा, यहां तक कि बहुतायत के कारण उसकी गणना न हो सकेगी। 

Genesis 21:6 और सारा ने कहा, परमेश्वर ने मुझे प्रफुल्लित कर दिया है; इसलिये सब सुनने वाले भी मेरे साथ प्रफुल्लित होंगे। 
Genesis 21:7 फिर उसने यह भी कहा, कि क्या कोई कभी इब्राहीम से कह सकता था, कि सारा लड़कों को दूध पिलाएगी? पर देखो, मुझ से उसके बुढ़ापे में एक पुत्र उत्पन्न हुआ। 
Genesis 21:8 और वह लड़का बढ़ा और उसका दूध छुड़ाया गया: और इसहाक के दूध छुड़ाने के दिन इब्राहीम ने बड़ी जेवनार की। 
Genesis 21:9 तब सारा को मिस्री हाजिरा का पुत्र, जो इब्राहीम से उत्पन्न हुआ था, हंसी करता हुआ देख पड़ा। 
Genesis 21:10 सो इस कारण उसने इब्राहीम से कहा, इस दासी को पुत्र सहित बरबस निकाल दे: क्योंकि इस दासी का पुत्र मेरे पुत्र इसहाक के साथ भागी न होगा। 
Genesis 21:11 यह बात इब्राहीम को अपने पुत्र के कारण बुरी लगी। 
Genesis 21:12 तब परमेश्वर ने इब्राहीम से कहा, उस लड़के और अपनी दासी के कारण तुझे बुरा न लगे; जो बात सारा तुझ से कहे, उसे मान, क्योंकि जो तेरा वंश कहलाएगा सो इसहाक ही से चलेगा। 
Genesis 21:13 दासी के पुत्र से भी मैं एक जाति उत्पन्न करूंगा इसलिये कि वह तेरा वंश है।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 22-24
  • 2 कुरिन्थियों 8


बुधवार, 14 सितंबर 2016

यीशु


   सुप्रसिद्ध मसीही प्रचारक चार्ल्स वेस्ली (1707-1788) ने परमेश्वर की स्तुति में 9000 भजन और कविताएं लिखीं थीं। उन में से कुछ, जैसे कि "काश कि हज़ार ज़ुबानों से" स्तुति और आराधना की महान कृतियाँ हैं। उनकी एक कविता, "कोमल यीशु, नम्र एवं सौम्य" जो पहली बार 1742 में प्राकाशित हुई थी, एक बच्चे के समान करी गई शांत मन की प्रार्थना है जो दिखाती है कि हमें कैसे साधारण विश्वास और ईमानदारी के साथ प्रभु यीशु का खोजी होना चाहिए:
प्रेमी यीशु, कोमल मेमने,
आपके कृपालु हाथों में समर्पित हूँ;
मेरे उद्धारकर्ता, मुझे अपनी समानता में लाएं,
आप स्वयं मेरे हृदय में निवास करें।

   जब प्रभु यीशु के कुछ चेले उसके स्वर्गीय राज्य में उच्च स्थान प्राप्त करने के लिए तरकीबें लड़ा रहे थे, तब प्रभु यीशु ने "...एक बालक को पास बुलाकर उन के बीच में खड़ा किया। और कहा, मैं तुम से सच कहता हूं, यदि तुम न फिरो और बालकों के समान न बनो, तो स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने नहीं पाओगे" (मत्ती 18:2-3)।

   बच्चे बहुत कम ही किसी उच्च पद की या सामर्थ पाने की लालसा करते हैं; इससे अधिक वे सुरक्षा और स्वीकृति चाहते हैं; बच्चे उन व्यसकों के साथ रहना चाहते हैं जो उन्हें प्रेम करते हैं, उनकी देखभाल करते हैं। प्रभु यीशु ने कभी बच्चों को अपने से दूर नहीं किया।

   वेस्ली की इस कविता का अंतीम अंतरा एक बालक के समान प्रभु यीशु की समानता में ढलने की लालसा को दिखाता है:
तब मैं आपकी प्रशंसा प्रदर्शित करने पाऊँगा,
खुशियों से भरे अपने सारे दिनों में आपकी सेवा करूँगा;
तब संसार सदा देखने पाएगा,
मसीह, पवित्र बालक को मुझ में।
 - डेविड मैक्कैसलैंड

विश्वास सबसे अच्छा एक बच्चे के समान निर्मल हृदय में ही चमकता है।

यीशु ने कहा, बालकों को मेरे पास आने दो: और उन्हें मना न करो, क्योंकि स्वर्ग का राज्य ऐसों ही का है। - मत्ती 19:14

बाइबल पाठ: मत्ती 18:1-10
Matthew 18:1 उसी घड़ी चेले यीशु के पास आकर पूछने लगे, कि स्वर्ग के राज्य में बड़ा कौन है? 
Matthew 18:2 इस पर उसने एक बालक को पास बुलाकर उन के बीच में खड़ा किया। 
Matthew 18:3 और कहा, मैं तुम से सच कहता हूं, यदि तुम न फिरो और बालकों के समान न बनो, तो स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने नहीं पाओगे। 
Matthew 18:4 जो कोई अपने आप को इस बालक के समान छोटा करेगा, वह स्वर्ग के राज्य में बड़ा होगा। 
Matthew 18:5 और जो कोई मेरे नाम से एक ऐसे बालक को ग्रहण करता है वह मुझे ग्रहण करता है। 
Matthew 18:6 पर जो कोई इन छोटों में से जो मुझ पर विश्वास करते हैं एक को ठोकर खिलाए, उसके लिये भला होता, कि बड़ी चक्की का पाट उसके गले में लटकाया जाता, और वह गहिरे समुद्र में डुबाया जाता। 
Matthew 18:7 ठोकरों के कारण संसार पर हाय! ठोकरों का लगना अवश्य है; पर हाय उस मनुष्य पर जिस के द्वारा ठोकर लगती है। 
Matthew 18:8 यदि तेरा हाथ या तेरा पांव तुझे ठोकर खिलाए, तो काटकर फेंक दे; टुण्‍डा या लंगड़ा हो कर जीवन में प्रवेश करना तेरे लिये इस से भला है, कि दो हाथ या दो पांव रहते हुए तू अनन्त आग में डाला जाए। 
Matthew 18:9 और यदि तेरी आंख तुझे ठोकर खिलाए, तो उसे निकाल कर फेंक दे। 
Matthew 18:10 काना हो कर जीवन में प्रवेश करना तेरे लिये इस से भला है, कि दो आंख रहते हुए तू नरक की आग में डाला जाए।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 19-21
  • 2 कुरिन्थियों 7


मंगलवार, 13 सितंबर 2016

स्मरण


   मसीही विश्वास में आने के बाद के मेरे आरंभिक वर्ष एक गहन दुराग्रह से भरे हुए थे। मुझे यह लगता था कि जब प्रभु यीशु मसीह का पुनःआगमन होगा और हम मसीही विश्वासी उसके साथ रहने तथा अपने कार्यों के प्रतिफलों को पाने के लिए उसके पास स्वर्ग में उठाए जाएंगे, तब जैसे औरों के वैसे ही मेरे कार्यों के विशलेषण के लिए मेरे सभी पाप और बुराईयाँ भी एक बड़े पटल पर सब के सामने प्रदर्शित होंगे।

   लेकिन आज मैं जानता हूँ कि परमेश्वर ने चुना है कि वह किसी भी मसीही विश्वासी के पापों को, जिनके लिए वे प्रभु यीशु मसीह के नाम में विश्वास लाकर क्षमा माँग चुके हैं और पा चुके हैं, कभी स्मरण नहीं करेगा; वे सारे पाप समुद्र की गहराईयों में सदा के लिए दफन कर दिए गए हैं और उन्हें वहाँ से कभी निकाला या जाँचा नहीं जाएगा।

   एमी कार्माईकिल ने लिखा, "एक या दो दिन पहले मैं अपने अतीत के बारे में दुःखी होकर विचार कर रही थी - मेरे जीवन में कितनी ही गलतियाँ तथा असफलताएं थीं। मैं यशायाह 43 पढ़ रही थी और उसके 24वें पद में मैं अपने आप को देख रही थी जहाँ परमेश्वर कह रहा है: "...परन्तु तू ने अपने पापों के कारण मुझ पर बोझ लाट दिया है, और अपने अधर्म के कामों से मुझे थका दिया है"; और फिर पहली बार मेरा ध्यान एक बात पर गया - पद 24 तथा पद 25 के बीच में कोई रिक्त स्थान नहीं दिया गया है, और पद 25 में परमेश्वर आगे कहता है: "मैं वही हूं जो अपने नाम के निमित्त तेरे अपराधों को मिटा देता हूं और तेरे पापों को स्मरण न करूंगा।"

   इसमें कोई शंका नहीं है कि जब प्रभु यीशु पुनः आएगा तब, जैसा कि परमेश्वर के वचन बाइबल में लिखा गया है: "...वही तो अन्धकार की छिपी बातें ज्योति में दिखाएगा, और मनों की मतियों को प्रगट करेगा, तब परमेश्वर की ओर से हर एक की प्रशंसा होगी" (1 कुरिन्थियों 4:5)। उस दिन हमारे सभी कार्य जाँचे अवश्य जाएंगे जिससे कि हम अपने प्रतिफल पा सकें; और यह भी संभव है कि हमें कुछ बातों के लिए अपने प्रतिफलों की हानि भी उठानी पड़े, लेकिन हम मसीही विश्वासी पापों के न्याय का सामना कदापि नहीं करेंगे (1 कुरिन्थियों 3:11-15)। परमेश्वर हमें प्रभु यीशु के बलिदान द्वारा क्षमा पाए हुआ, उसके लहु से धुल कर निष्पाप किए गई देखता है, और हमारा कोई भी पाप कभी स्मरण नहीं किया जाएगा। - डेविड रोपर


जब परमेश्वर हमारा उद्धार करता है तो 
हमारे पाप क्षमा करके उन्हें सदा के लिए मिटा भी देता है।

सो हम इन बातों के विषय में क्या कहें? यदि परमेश्वर हमारी ओर है, तो हमारा विरोधी कौन हो सकता है? जिसने अपने निज पुत्र को भी न रख छोड़ा, परन्तु उसे हम सब के लिये दे दिया: वह उसके साथ हमें और सब कुछ क्योंकर न देगा? परमेश्वर के चुने हुओं पर दोष कौन लगाएगा? परमेश्वर वह है जो उन को धर्मी ठहराने वाला है। - रोमियों 8:31-33

बाइबल पाठ: यशायाह 43:22-28; 1 कुरिन्थियों 3:11-15
Isaiah 43:22 तौभी हे याकूब, तू ने मुझ से प्रार्थना नहीं की; वरन हे इस्राएल तू मुझ से उकता गया है! 
Isaiah 43:23 मेरे लिये होमबलि करने को तू मेम्ने नहीं लाया और न मेलबलि चढ़ा कर मेरी महिमा की है। देख, मैं ने अन्नबलि चढ़ाने की कठिन सेवा तुझ से नहीं कराई, न तुझ से धूप ले कर तुझे थका दिया है। 
Isaiah 43:24 तू मेरे लिये सुगन्धित नरकट रूपये से मोल नहीं लाया और न मेलबलियों की चर्बी से मुझे तृप्त किया। परन्तु तू ने अपने पापों के कारण मुझ पर बोझ लाट दिया है, और अपने अधर्म के कामों से मुझे थका दिया है।
Isaiah 43:25 मैं वही हूं जो अपने नाम के निमित्त तेरे अपराधों को मिटा देता हूं और तेरे पापों को स्मरण न करूंगा। 
Isaiah 43:26 मुझे स्मरण करो, हम आपस में विवाद करें; तू अपनी बात का वर्णन कर जिस से तू निर्दोष ठहरे। 
Isaiah 43:27 तेरा मूलपुरूष पापी हुआ और जो जो मेरे और तुम्हारे बीच बिचवई हुए, वे मुझ से बलवा करते चले आए हैं। 
Isaiah 43:28 इस कारण मैं ने पवित्रस्थान के हाकिमों को अपवित्र ठहराया, मैं ने याकूब को सत्यानाश और इस्राएल को निन्दित होने दिया है।

1 Corinthians 3:11 क्योंकि उस नेव को छोड़ जो पड़ी है, और वह यीशु मसीह है कोई दूसरी नेव नहीं डाल सकता। 
1 Corinthians 3:12 और यदि कोई इस नेव पर सोना या चान्दी या बहुमोल पत्थर या काठ या घास या फूस का रद्दा रखता है। 
1 Corinthians 3:13 तो हर एक का काम प्रगट हो जाएगा; क्योंकि वह दिन उसे बताएगा; इसलिये कि आग के साथ प्रगट होगा: और वह आग हर एक का काम परखेगी कि कैसा है। 
1 Corinthians 3:14 जिस का काम उस पर बना हुआ स्थिर रहेगा, वह मजदूरी पाएगा। 
1 Corinthians 3:15 और यदि किसी का काम जल जाएगा, तो हानि उठाएगा; पर वह आप बच जाएगा परन्तु जलते जलते।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 16-18
  • 2 कुरिन्थियों 6


सोमवार, 12 सितंबर 2016

छुटकारा


   परमेश्वर के वचन बाइबल में छोटे लड़के दाऊद द्वारा दैत्याकार गोलियत के वध की घटना दर्ज है। दैत्याकार गोलियत एला की तराई में आता है, वह 9 फुट ऊँचा है, उसने काँसे की झिलम पहन रखी है जो सूरज की रौशनी में चमक रही है, उसके हाथ में भाला है जिसपर रस्सी लिपटी है जिससे वह अच्छी पकड़ के साथ दूर तक फेंका जा सके और हवा में घूमता हुआ जाकर निशाने पर अचूक लगे; गोलियत अजेय प्रतीत हो रहा है।

   लेकिन दाऊद, चाहे वह लड़का और देखने में गोलियत से छोटा ही है, परिणाम को गोलियत से बेहतर जानता है। गोलियत दैत्याकार दिख भी रहा था और व्यवहार भी वैसा ही कर रहा था, परन्तु जीवते परमेश्वर के सामने गोलियत की कोई हस्ती नहीं है। दाऊद के पास परमेश्वर का सही दृष्टिकोण था, इसलिए दाऊद परिस्थितियों का भी सही आंकलन कर रहा था - उसे गोलियत केवल वह दीख पड़ रहा था जो जीवते परमेश्वर की सेना को ललकार रहा था (1 शमूएल 17:26)। दाऊद गोलियत के सामने अपने चरवाहे के वस्त्रों में, अपनी लाठी, गोफन और पाँच पत्थरों को लेकर बड़े हियाव के साथ आया; क्योंकि उसका भरोसा उस पर नहीं था जो उसके पास है, वरन उसपर था जो उसके साथ है - जीवता परमेश्वर (पद 45)। दाऊद के इसी दृष्टिकोण और भरोसे ने उसे गोलियत पर विजयी किया।

   आज आप अपने जीवन में किस गोलियत का सामना कर रहे हैं? हो सकता है आपकी परेशानी का कारण आपके कार्यस्थल की कोई असंभव प्रतीत होने वाली परिस्थिति है, या कोई आर्थिक कठिनाई, या फिर कोई टूटा हुआ संबंध। ये सब या अन्य कोई भी विपरीत परिस्थिति आपको दैत्याकार लग सकती है, परन्तु परमेश्वर के सामने इन बातों की कोई हस्ती नहीं है। स्तुति गीत लेखक चार्ल्स वैस्ली द्वारा लिखे गए शब्द हमें स्मरण दिलाते हैं कि: "विश्वास, सामर्थी विश्वास, वायदा केवल उसे ही देखता है; असंभव पर हंसता है और पुकारता है कि हो जाएगा।"

   यदि परमेश्वर की इच्छा में है तो अवश्य ही आपको छुटकारा मिल जाएगा, और ऐसे तरीके से मिलेगा जिसकी आप ने कलपना भी नहीं करी होगी। - पोह फैंग चिया


परमेश्वर को यह मत बताईए कि आपकी कठिनाईयाँ कितनी बड़ी हैं; 
अपनी कठिनाईयों को यह बताईए कि आपका परमेश्वर कितना बड़ा है।

तब उसने मुझे उत्तर देकर कहा, जरूब्बाबेल के लिये यहोवा का यह वचन है : न तो बल से, और न शक्ति से, परन्तु मेरे आत्मा के द्वारा होगा, मुझ सेनाओं के यहोवा का यही वचन है। - ज़कर्याह 4:6 

बाइबल पाठ: 1 शमूएल 17:32-37, 42-51
1 Samuel 17:32 तब दाऊद ने शाऊल से कहा, किसी मनुष्य का मन उसके कारण कच्चा न हो; तेरा दास जा कर उस पलिश्ती से लड़ेगा। 
1 Samuel 17:33 शाऊल ने दाऊद से कहा, तू जा कर उस पलिश्ती के विरुद्ध नहीं युद्ध कर सकता; क्योंकि तू तो लड़का ही है, और वह लड़कपन ही से योद्धा है। 
1 Samuel 17:34 दाऊद ने शाऊल से कहा, तेरा दास अपने पिता की भेड़ बकरियां चराता था; और जब कोई सिंह वा भालू झुंड में से मेम्ना उठा ले गया, 
1 Samuel 17:35 तब मैं ने उसका पीछा कर के उसे मारा, और मेम्ने को उसके मुंह से छुड़ाया; और जब उसने मुझ पर चढ़ाई की, तब मैं ने उसके केश को पकड़कर उसे मार डाला। 
1 Samuel 17:36 तेरे दास ने सिंह और भालू दोनों को मार डाला; और वह खतनारहित पलिश्ती उनके समान हो जाएगा, क्योंकि उसने जीवित परमेश्वर की सेना को ललकारा है। 
1 Samuel 17:37 फिर दाऊद ने कहा, यहोवा जिसने मुझ सिंह और भालू दोनों के पंजे से बचाया है, वह मुझे उस पलिश्ती के हाथ से भी बचाएगा। शाऊल ने दाऊद से कहा, जा, यहोवा तेरे साथ रहे।
1 Samuel 17:42 जब पलिश्ती ने दृष्टि कर के दाऊद को देखा, तब उसे तुच्छ जाना; क्योंकि वह लड़का ही था, और उसके मुख पर लाली झलकती थी, और वह सुन्दर था। 
1 Samuel 17:43 तब पलिश्ती ने दाऊद से कहा, क्या मैं कुत्ता हूं, कि तू लाठी ले कर मेरे पास आता है? तब पलिश्ती अपने देवताओं के नाम ले कर दाऊद को कोसने लगा। 
1 Samuel 17:44 फिर पलिश्ती ने दाऊद से कहा, मेरे पास आ, मैं तेरा मांस आकाश के पक्षियों और वनपशुओं को दे दूंगा। 
1 Samuel 17:45 दाऊद ने पलिश्ती से कहा, तू तो तलवार और भाला और सांग लिये हुए मेरे पास आता है; परन्तु मैं सेनाओं के यहोवा के नाम से तेरे पास आता हूं, जो इस्राएली सेना का परमेश्वर है, और उसी को तू ने ललकारा है। 
1 Samuel 17:46 आज के दिन यहोवा तुझ को मेरे हाथ में कर देगा, और मैं तुझ को मारूंगा, और तेरा सिर तेरे धड़ से अलग करूंगा; और मैं आज के दिन पलिश्ती सेना की लोथें आकाश के पक्षियों और पृथ्वी के जीव जन्तुओं को दे दूंगा; तब समस्त पृथ्वी के लोग जान लेंगे कि इस्राएल में एक परमेश्वर है। 
1 Samuel 17:47 और यह समस्त मण्डली जान लेगी की यहोवा तलवार वा भाले के द्वारा जयवन्त नहीं करता, इसलिये कि संग्राम तो यहोवा का है, और वही तुम्हें हमारे हाथ में कर देगा। 
1 Samuel 17:48 जब पलिश्ती उठ कर दाऊद का साम्हना करने के लिये निकट आया, तब दाऊद सेना की ओर पलिश्ती का साम्हना करने के लिये फुर्ती से दौड़ा। 
1 Samuel 17:49 फिर दाऊद ने अपनी थैली में हाथ डालकर उस में से एक पत्थर निकाला, और उसे गोफन में रखकर पलिश्ती के माथे पर ऐसा मारा कि पत्थर उसके माथे के भीतर घुस गया, और वह भूमि पर मुंह के बल गिर पड़ा। 
1 Samuel 17:50 यों दाऊद ने पलिश्ती पर गोफन और एक ही पत्थर के द्वारा प्रबल हो कर उसे मार डाला; परन्तु दाऊद के हाथ में तलवार न थी। 
1 Samuel 17:51 तब दाऊद दौड़कर पलिश्ती के ऊपर खड़ा हुआ, और उसकी तलवार पकड़कर मियान से खींची, और उसको घात किया, और उसका सिर उसी तलवार से काट डाला। यह देखकर कि हमारा वीर मर गया पलिश्ती भाग गए। 

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 13-15
  • 2 कुरिन्थियों 5


रविवार, 11 सितंबर 2016

बचाने के लिए


   11 सितंबर 2001 को न्यूयॉर्क शहर में हुए आतंकी हमले में वहाँ के ट्विन टावर्स के ध्वस्त हो जाने के बाद के बचाव कार्य में सहायता के लिए लाए गए खोजी कुत्तों की देखभाल सिंथिया ऑटो कर रही थीं। कुछ वर्ष पश्चात सिंथिया ने कार्य आने वाले कुत्तों के लिए एक केंद्र खोला जहाँ छोटे पिल्लों को आगे चल कर आपदा पीड़ित व्यक्त्तियों के बचाव में सहायता देने के लिए विशिष्ट प्रशीक्षण दिया जाता है। इन बचाव जानवरों के संबंध में सिंथिया ऑटो ने एक टिप्पणी करी: "ऐसे अनेकों कार्य हैं जहाँ कुत्तों की सहायता ली जाती है...वे जान बचाने में भी सहायक होते हैं।" उन पिल्लों के लिए ऑटो ने कहा कि एक दिन जान के खतरे वाली स्थिति में वे लोगों की महत्वपूर्ण सहायता करेंगे; वे बचाने के लिए ही जन्मे हैं।

   परमेश्वर का वचन बाइबल हमें प्रभु यीशु मसीह के बारे में बताती है जो मानव जाति को पाप के दण्ड से बचाने के लिए जन्मे थे। जो कार्य प्रभु यीशु ने किया वह तुलना में संसार के समस्त इतिहास के किसी भी व्यक्ति के किसी भी कार्य से कहीं बढ़कर है। दो हज़ार वर्ष पूर्व परमेश्वर स्वयं मनुष्य बन कर आ गया ताकि हमारे लिए वह कर के दे जो हम अपने लिए कभी कर नहीं सकते थे। जब परमेश्वर प्रभु यीशु के नाम से मनुष्य बनकर अवतरित हुआ तो वह यह जानता था, और उसने इसकी घोषणा भी करी, कि वह बचाने के लिए आया है; प्रभु यीशु ने कहा, "मनुष्य का पुत्र इसलिये नहीं आया, कि उस की सेवा टहल की जाए, पर इसलिये आया, कि आप सेवा टहल करे, और बहुतों की छुड़ौती के लिये अपना प्राण दे" (मरकुस 10:45)।

   आईए हम इस अद्भुत तारणहार, प्रभु यीशु मसीह को समर्पण करें, उसकी जो स्वर्ग की महिमा छोड़कर पृथ्वी पर हमें बचाने के लिए आ गया ताकि जो कोई स्वेच्छा से उस पर विश्वास करे वह नाश ना हो परन्तु अनन्त जीवन पाए (यूहन्ना 3:16), आराधना और स्तुति करें। - डैनिस फिशर


प्रभु यीशु मसीह खोए हुओं को ढ़ूँढ़ने और बचाने के लिए आए।

क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए। - यूहन्ना 3:16

बाइबल पाठ: मरकुस 10:35-45
Mark 10:35 तब जब्‍दी के पुत्र याकूब और यूहन्ना ने उसके पास आकर कहा, हे गुरू, हम चाहते हैं, कि जो कुछ हम तुझ से मांगे, वही तू हमारे लिये करे। 
Mark 10:36 उसने उन से कहा, तुम क्या चाहते हो कि मैं तुम्हारे लिये करूं? 
Mark 10:37 उन्होंने उस से कहा, कि हमें यह दे, कि तेरी महिमा में हम में से एक तेरे दाहिने और दूसरा तेरे बांए बैठे। 
Mark 10:38 यीशु ने उन से कहा, तुम नहीं जानते, कि क्या मांगते हो? जो कटोरा मैं पीने पर हूं, क्या पी सकते हो? और जो बपतिस्मा मैं लेने पर हूं, क्या ले सकते हो? 
Mark 10:39 उन्होंने उस से कहा, हम से हो सकता है: यीशु ने उन से कहा: जो कटोरा मैं पीने पर हूं, तुम पीओगे; और जो बपतिस्मा मैं लेने पर हूं, उसे लोगे। 
Mark 10:40 पर जिन के लिये तैयार किया गया है, उन्हें छोड़ और किसी को अपने दाहिने और अपने बाएं बिठाना मेरा काम नहीं। 
Mark 10:41 यह सुन कर दसों याकूब और यूहन्ना पर रिसयाने लगे। 
Mark 10:42 और यीशु ने उन को पास बुला कर उन से कहा, तुम जानते हो, कि जो अन्यजातियों के हाकिम समझे जाते हैं, वे उन पर प्रभुता करते हैं; और उन में जो बड़ें हैं, उन पर अधिकार जताते हैं। 
Mark 10:43 पर तुम में ऐसा नहीं है, वरन जो कोई तुम में बड़ा होना चाहे वह तुम्हारा सेवक बने। 
Mark 10:44 और जो कोई तुम में प्रधान होना चाहे, वह सब का दास बने। 
Mark 10:45 क्योंकि मनुष्य का पुत्र इसलिये नहीं आया, कि उस की सेवा टहल की जाए, पर इसलिये आया, कि आप सेवा टहल करे, और बहुतों की छुड़ौती के लिये अपना प्राण दे।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 10-12
  • 2 कुरिन्थियों 4


शनिवार, 10 सितंबर 2016

प्रेम-पत्र


   मैं और मेरी पत्नी जब अपनी डाक का डब्बा खोलते हैं तो यदा-कदा हमें एक पत्र मिलता है जिसमें कोई शब्द नहीं लिखे होते हैं; जब हम लिफाफे से उस पत्र को निकालते हैं तो वह केवल एक कागज़ होता है जिस पर रंगीन स्केच-पेन से कुछ निशान बने होते हैं। ये पत्र हमारे हृदयों को हर्षित करते हैं क्योंकि वे हमारी पोती केटी द्वारा हमें लिखे गए संदेश हैं; केटी हम से दूर एक अलग प्रांत में रहती है और उसकी आयु अभी स्कूल जाने लायक नहीं हुई है। बिना कोई शब्द लिखे, केटी हम तक यह सन्देश पहुँचा देती है कि वह हम से प्रेम करती है और हमारे बारे में सोचती है।

   अपने प्रीय जनों से आने वाले पत्र हम सभी को पसंद होते हैं, और हम में से अनेक लोग उन्हें संजो कर भी रखते हैं तथा बार-बार उन्हें देखते-पढ़ते हैं। इसीलिए यह तथ्य कि हमारे परमेश्वर पिता ने हमें एक प्रेम-पत्र लिखा है, जिसका नाम बाइबल है, इतना उत्साहवर्धक है। परमेश्वर के इस वचन, बाइबल, का मूल्य उसके सामर्थ, चुनौती तथा समझदारी से भरे वचनों से बढ़कर है; वह जीवते वचन - प्रभु यीशु मसीह का प्रतिरूप है, जो परमेश्वर के साथ था और परमेश्वर है (यूहन्ना 1:1)।

   बाइबल की अनेकों घटनाओं और बातों में, उसकी शिक्षाओं और मार्गदर्शन में, जो एक बात बारंबार हमारे सामने आती है, वह है कि परमेश्वर हम से प्रेम करता है और उसने हमें पापों के दुषप्रभावों से बचाने की योजना बनाकर कार्यान्वित कर रखी है। बाइबल हमें बताती है कि परमेश्वर की नज़र हमारे अस्तित्व पर हमारे जन्म लेने से पूर्व से ही लगातार बनी हुई है (भजन 139); वह हमारी प्रत्येक आवश्यकता को जानता है और उसे पूरा करता है (मत्ती 6:25-34); वह हमें शान्ति तथा सांत्वना देता है (2 कुरिन्थियों 1:3-4) और अपने पुत्र प्रभु यीशु मसीह के बलिदान के द्वारा उसने हमें बचाया है (रोमियों 1:16-17)।

   परमेश्वर ने अपने इस प्रेम-पत्र बाइबल द्वारा समस्त मानव-जाति को यह जता दिया है कि जितना प्रेम वह आपसे करता है वह हमारी कलपना से भी कहीं बढ़कर है। इसीलिए, कोई अचरज की बात नहीं कि भजनकार ने इस अद्भुत प्रेम-पत्र के संबंध में लिखा है, "मैं तेरी विधियों से सुख पाऊंगा; और तेरे वचन को न भूलूंगा" (भजन 119:16)।


परमेश्वर का प्रेम, हमारे लिए लिखे गए उसके पत्र बाइबल में प्रगट है।

आदि में वचन था, और वचन परमेश्वर के साथ था, और वचन परमेश्वर था। यही आदि में परमेश्वर के साथ था। सब कुछ उसी के द्वारा उत्पन्न हुआ और जो कुछ उत्पन्न हुआ है, उस में से कोई भी वस्तु उसके बिना उत्पन्न न हुई। 
 - यूहन्ना 1:1-3

बाइबल पाठ: भजन 119:9-16
Psalms 119:9 जवान अपनी चाल को किस उपाय से शुद्ध रखे? तेरे वचन के अनुसार सावधान रहने से। 
Psalms 119:10 मैं पूरे मन से तेरी खोज में लगा हूं; मुझे तेरी आज्ञाओं की बाट से भटकने न दे! 
Psalms 119:11 मैं ने तेरे वचन को अपने हृदय में रख छोड़ा है, कि तेरे विरुद्ध पाप न करूं। 
Psalms 119:12 हे यहोवा, तू धन्य है; मुझे अपनी विधियां सिखा! 
Psalms 119:13 तेरे सब कहे हुए नियमों का वर्णन, मैं ने अपने मुंह से किया है। 
Psalms 119:14 मैं तेरी चितौनियों के मार्ग से, मानों सब प्रकार के धन से हर्षित हुआ हूं। 
Psalms 119:15 मैं तेरे उपदेशों पर ध्यान करूंगा, और तेरे मार्गों की ओर दृष्टि रखूंगा। 
Psalms 119:16 मैं तेरी विधियों से सुख पाऊंगा; और तेरे वचन को न भूलूंगा।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 8-9
  • 2 कुरिन्थियों 3