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गुरुवार, 19 दिसंबर 2019

उपाय



      कुछ वर्ष पहले की बात है, मेरी एक मित्र का पुत्र शिकागो के यूनियन स्टेशन की भीड़ में चलते हुए उससे अलग हो गया। कहने की आवश्यकता नहीं है कि यह उसके लिए बहुत ही भयावह समय था। बहुत चिंता और व्याकुलता के साथ वह उसके नाम को पुकारती हुई, नीचे उतरने वाली स्वचालित सीढ़ियों पर उनके ऊपरी छोर को भागी, और अपने बच्चे को ढूँढने के लिए जिन स्थानों से होकर वह आई थी, वापस उन्हीं पर चलने लगी। कुछ मिनिटों का वह बिछुड़ना घंटों के समान लग रहा था, और फिर अचानक ही भीड़ में से निकलकर उसका बेटा भागता हुआ अपनी माँ की बांहों में आ गया।

      मेरी उस मित्र के साथ घटित उस घटना पर विचार करते समय, जो अपने बेटे को वापस पा लेने के लिए कुछ भी करने के लिए तैयार थी, मेरा मन परमेश्वर के प्रति नई कृतज्ञता से भर जाता है, हमें पापों से छुड़ाने और बचाने के लिए उसके द्वारा किए गए अद्भुत कार्य के लिए। जब से आदम और हव्वा, जिन्हें परमेश्वर ने अपने स्वरूप में बनाया था, पाप में पड़कर परमेश्वर से दूर चले गए हैं, परमेश्वर अपने लोगों के साथ संगति न कर पाने के लिए दुखी रहता है। जैसा परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बताती है, इस संगति को बहाल करने के लिए उसने महान प्रयास किया और कीमत को चुकाया; उसने अपने एकलौते पुत्र को “खोए हुओं को ढूँढने और उनका उद्धार करने के लिए भेजा” (लूका 19:10)। यदि प्रभु यीशु मसीह ने इस संसार में जन्म न लिया होता, और हमारे पापों के कीमत चुकाने के लिए अपना बलिदान देना स्वीकार न किया होता, तो हमारे पास परमेश्वर के साथ संगति को बहाल करने का कोई उपाय न होता, और न ही क्रिसमस पर कुछ उत्सव मनाने के लिए होता।

      इसलिए इस क्रिसमस के समय हम परमेश्वर के धन्यवादी हों, उसके उस महान उपाय के लिए, जिसके द्वारा उसके साथ हमारी संगति बहाल हो सकी। हम सभी तो अपने पापों में खोए हुए थे; परन्तु प्रभु यीशु  के कारण हम खोज लिए गए हैं। परमेश्वर के इस महान और अद्भुत उपाय के लिए उसके बहुत धन्यवादी रहें। - जो स्टोवैल

पाप में खोए हूँ को खोज लाने के लिए परमेश्वर ने प्रभु यीशु मसीह को भेजा।

परमेश्वर को उसके उस दान के लिये जो वर्णन से बाहर है, धन्यवाद हो। - 2 कुरिन्थियों 9:15

बाइबल पाठ: लूका 19:1-10
Luke 19:1 वह यरीहो में प्रवेश कर के जा रहा था।
Luke 19:2 और देखो, ज़क्कई नाम एक मनुष्य था जो चुंगी लेने वालों का सरदार और धनी था।
Luke 19:3 वह यीशु को देखना चाहता था कि वह कौन सा है परन्तु भीड़ के कारण देख न सकता था। क्योंकि वह नाटा था।
Luke 19:4 तब उसको देखने के लिये वह आगे दौड़कर एक गूलर के पेड़ पर चढ़ गया, क्योंकि वह उसी मार्ग से जाने वाला था।
Luke 19:5 जब यीशु उस जगह पहुंचा, तो ऊपर दृष्टि कर के उस से कहा; हे ज़क्कई झट उतर आ; क्योंकि आज मुझे तेरे घर में रहना अवश्य है।
Luke 19:6 वह तुरन्त उतर कर आनन्द से उसे अपने घर को ले गया।
Luke 19:7 यह देख कर सब लोगे कुड़कुड़ा कर कहने लगे, वह तो एक पापी मनुष्य के यहां जा उतरा है।
Luke 19:8 ज़क्कई ने खड़े हो कर प्रभु से कहा; हे प्रभु, देख मैं अपनी आधी सम्पत्ति कंगालों को देता हूं, और यदि किसी का कुछ भी अन्याय कर के ले लिया है तो उसे चौगुना फेर देता हूं।
Luke 19:9 तब यीशु ने उस से कहा; आज इस घर में उद्धार आया है, इसलिये कि यह भी इब्राहीम का एक पुत्र है।
Luke 19:10 क्योंकि मनुष्य का पुत्र खोए हुओं को ढूंढ़ने और उन का उद्धार करने आया है।

एक साल में बाइबल: 
  • योना 1-4
  • प्रकाशितवाक्य 10



बुधवार, 18 दिसंबर 2019

आशा



      क्रिसमस को एक सप्ताह शेष था, और मेरी माँ के देहांत के दो महीने हुए थे, ऐसे में त्यौहार के लिए ख़रीदारी करना और घर को सजाना मेरी प्राथमिकताओं की सूची में बहुत नीचे था। मैं अपनी माँ के देहांत का शोक मना रही थी, और मुझे सान्तवना देने के मेरे पति के सभी प्रयासों का प्रतिरोध कर रही थी। जब मेरा बेटे जेवियर, क्रिसमस की बत्तियों को दीवारों पर लगा रहा था, तब भी मैं बहुत उदास और निष्क्रीय थी। मेरे व्यवहार को देख कर मेरे बेटे ने बिना कुछ कहे उन बत्तियों के तार को बिजली के प्लग के साथ जोड़कर अपने पिता के साथ घर से बाहर काम पर जाते हुए, उन्हें चालू कर दिया।

      उन रंगीन बत्तियों के जगमगाहट में होकर परमेश्वर ने मुझे धीरे से मेरे अन्धकार में से बाहर खींचा। परिस्थितियाँ चाहे कितनी भी पीड़ादायक क्यों न हों मेरी आशा परमेश्वर के उस सत्य की ज्योति में सुरक्षित है, जो सदा ही उसके अपरिवर्तनीय चरित्र को दिखाता है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 146 हमें स्मरण करवाता है कि मेरी अनन्त आशा “परमेश्वर यहोवा पर है” जो मेरा सहायक, मेरा सर्वशक्तिमान और करुणामय परमेश्वर है (पद 5)। वह हम सभी का सृष्टिकर्ता है और हमारे प्रति “अपना वचन सदा के लिए पूरा करता रहेगा” (पद 6)। वही “पिसे हुओं का न्याय चुकाता हिया और भूखों को रोटी देता है” (पद 7)। “यहोवा झुके हुओं को सीधा खड़ा करता है” (पद 8)। वह “ रक्षा करता है,” “संभालता है,” और वही “पीढ़ी पीढ़ी राज्य करता रहेगा” (पद 9, 10)।

      कभी कभी जब क्रिसमस आता है तब हमारे दिन आनन्द भरे होंगे। और कभी कभी हम किसी हानि का सामना कर रहे होंगे, किसी दुःख में से होकर निकल रहे होंगे, या अपने आप को अकेला अनुभव कर रहे होंगे। परन्तु हर समय में और हर परिस्थिति में हमारा परमेश्वर हमारे प्रत्येक अन्धकार में हमारी ज्योति बने रहने का वायदा करता है, हमें वास्तविक सहायता और अनंतकाल की आशा प्रदान करता है। - जोशील डिक्सन

परमेश्वर अपने कभी न बदलने वाले चरित्र द्वारा हमारी आशा को सुरक्षित बनाए रहता है।

यीशु मसीह कल और आज और युगानुयुग एकसा है। - इब्रानियों 13:8

बाइबल पाठ: भजन 146
Psalms 146:1 याह की स्तुति करो। हे मेरे मन यहोवा की स्तुति कर!
Psalms 146:2 मैं जीवन भर यहोवा की स्तुति करता रहूंगा; जब तक मैं बना रहूंगा, तब तक मैं अपने परमेश्वर का भजन गाता रहूंगा।
Psalms 146:3 तुम प्रधानों पर भरोसा न रखना, न किसी आदमी पर, क्योंकि उस में उद्धार करने की भी शक्ति नहीं।
Psalms 146:4 उसका भी प्राण निकलेगा, वही भी मिट्टी में मिल जाएगा; उसी दिन उसकी सब कल्पनाएं नाश हो जाएंगी।
Psalms 146:5 क्या ही धन्य वह है, जिसका सहायक याकूब का ईश्वर है, और जिसका भरोसा अपने परमेश्वर यहोवा पर है।
Psalms 146:6 वह आकाश और पृथ्वी और समुद्र और उन में जो कुछ है, सब का कर्ता है; और वह अपना वचन सदा के लिये पूरा करता रहेगा।
Psalms 146:7 वह पिसे हुओं का न्याय चुकाता है; और भूखों को रोटी देता है। यहोवा बन्धुओं को छुड़ाता है;
Psalms 146:8 यहोवा अन्धों को आंखें देता है। यहोवा झुके हुओं को सीधा खड़ा करता है; यहोवा धर्मियों से प्रेम रखता है।
Psalms 146:9 यहोवा परदेशियों की रक्षा करता है; और अनाथों और विधवा को तो सम्भालता है; परन्तु दुष्टों के मार्ग को टेढ़ा मेढ़ा करता है।
Psalms 146:10 हे सिय्योन, यहोवा सदा के लिये, तेरा परमेश्वर पीढ़ी पीढ़ी राज्य करता रहेगा। याह की स्तुति करो!

एक साल में बाइबल: 
  • ओबद्याह
  • प्रकाशितवाक्य 9



मंगलवार, 17 दिसंबर 2019

नम्रता



      जीवन की परेशानियां हमें चिड़चिड़ा और तुनक मिज़ाज़ बना सकती हैं, परन्तु इस प्रकार के बुरे व्यवहार के लिए हमें बहानों के पीछे छिपने के प्रयास नहीं करने चाहिएं क्योंकि ऐसे व्यवहार से हमारे आस-पास दुःख का वातावरण रहता है तथा यह उन्हें, जिनसे हम प्रेम करते हैं, निराश कर सकता है। जब तक कि हम मनोहर रहना नहीं सीख लेते हैं, हम औरों के प्रति अपने कर्तव्य को पूर्ण नहीं करते हैं।

      परमेश्वर के वचन बाइबल के नए नियम खंड में उस गुण को एक नाम दिया गया है जो हमारे इस प्रकार से अप्रिय होने को सुधारता है; वह सद्गुण है नम्रता। नम्रता वह गुण है जो एक दयालु और अनुग्रही आत्मा को दिखाता है। इफिसियों 4:2 हमें स्मरण करवाता है कि “सारी दीनता और नम्रता सहित, और धीरज धरकर प्रेम से एक दूसरे की सह लो।”

      नम्रता में होकर हम अपनी सीमाओं और दुखों को स्वीकार करते हुए, अपने क्रोध या खिसियाहट को किसी अन्य पर नहीं निकालते हैं। इसी के द्वारा हम छोटी से छोटी सेवा के लिए भी कृतज्ञ होना जानते हैं और जो हमारी सेवा करने में कुछ कमी भी रखते हैं, हम उनके प्रति भी सहनशील रहते हैं। नम्रता के कारण हम परेशान करने वालों को भी सहन कर लेते हैं – विशेषकर उन्हें जो शोर मचाने वाले हैं या उपद्रवी हैं, जैसे कि बच्चे; क्योंकि बच्चों के प्रति सहनशील तथा दयालु रहना एक भले और नम्र व्यक्ति की पहचान है। नम्रता भड़काए जाने पर भी उत्तेजित होकर व्यवहार नहीं करती है, वरन ऐसे में भी धीमी शांत आवाज़ में बात करती है, और वह शांत भी रह सकते है क्योंकि कभी-कभी शान्ति बनाए रखना ही कठोर और कडुवे शब्दों का सबसे उपयुक्त प्रत्युत्तर होता है।

      प्रभु यीशु मसीह ने कहा “मुझ से सीखो; क्योंकि मैं नम्र और मन में दीन हूं: और तुम अपने मन में विश्राम पाओगे” (मत्ती 11:29)। यदि हम अपने जीवन प्रभु को समर्पित करें और उसे अनुमति दें, तो वह अंश-अंश करके हमें अपने स्वरूप में बदलता चला जाएगा (2 कुरिन्थियों 3:18)। स्कॉटलैंड के एक लेखक जॉर्ज मैकडौनल्ड ने कहा है, “[परमेश्वर] हमसे बातचीत का ऐसी कोई भी ऐसा लहज़ा नहीं सुनेगा जिससे किसी दूसरे को धक्का लगे, कोई ऐसा शब्द जो किसी के दिल को दुखाए ... ऐसे और अन्य सभी पापों से हमें छुड़ाने के लिए ही प्रभु यीशु ने इस पृथ्वी पर जन्म लिया था।” – डेविड रोपर

परमेश्वर के प्रति विनम्र और समर्पित रहना, हमें औरों के प्रति दीन बनाएगा।

जैसा मसीह यीशु का स्‍वभाव था वैसा ही तुम्हारा भी स्‍वभाव हो। - फिलिप्पियों 2:5

बाइबल पाठ: इफिसियों 4:1-6
Ephesians 4:1 सो मैं जो प्रभु में बन्‍धुआ हूं तुम से बिनती करता हूं, कि जिस बुलाहट से तुम बुलाए गए थे, उसके योग्य चाल चलो।
Ephesians 4:2 अर्थात सारी दीनता और नम्रता सहित, और धीरज धरकर प्रेम से एक दूसरे की सह लो।
Ephesians 4:3 और मेल के बन्ध में आत्मा की एकता रखने का यत्‍न करो।
Ephesians 4:4 एक ही देह है, और एक ही आत्मा; जैसे तुम्हें जो बुलाए गए थे अपने बुलाए जाने से एक ही आशा है।
Ephesians 4:5 एक ही प्रभु है, एक ही विश्वास, एक ही बपतिस्मा।
Ephesians 4:6 और सब का एक ही परमेश्वर और पिता है, जो सब के ऊपर और सब के मध्य में, और सब में है।

एक साल में बाइबल: 
  • अमोस 7-9
  • प्रकाशितवाक्य 8



सोमवार, 16 दिसंबर 2019

बड़ा और छोटा



      हम कार चलाते हुए उत्तरी मिशिगन से होकर निकल रहे थे, कि मेरी पत्नि मार्लीन ने आश्चर्यचकित होकर कहा “विशवास नहीं होता है कि हमारा संसार इतना बड़ा है!” उसने या टिप्पणी तब की जब हमने उस संकेत को पार किया जो भूमध्य रेखा और उत्तरी ध्रुव के मध्य की दूरी के बीच में स्थित समानान्तर की रेखा को दिखाता है। हम आपस में बात करते रहे कि हमारा संसार कितना बड़ा है और हम कितने छोटे हैं। फिर भी सृष्टि की तुलना में हमारा छोटा सा गृह धूल के एक कण के समान है।

      यदि हमारा संसार बड़ा है, और जगत उससे भी कहीं अधिक बड़ा है, तो वह कितना बड़ा होगा जिसने अपनी सामर्थ्य से इस सब की सृष्टि की? परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बताती है कि “क्योंकि उसी [प्रभु यीशु] में सारी वस्‍तुओं की सृष्‍टि हुई, स्वर्ग की हो अथवा पृथ्वी की, देखी या अनदेखी, क्या सिंहासन, क्या प्रभुतांए, क्या प्रधानताएं, क्या अधिकार, सारी वस्तुएं उसी के द्वारा और उसी के लिये सृजी गई हैं” (कुलुस्सियों 1:16)।

      यह एक अच्छा समाचार है क्योंकि जिस प्रभु यीशु ने इस जगत की सृष्टि की, वही हमें हमारे पापों से सदा कल के लिए छुड़ाने के लिए आया है। अपनी मृत्यु से पहले की रात्रि को प्रभु यीशु ने अपने शिष्यों से कहा, “मैं ने ये बातें तुम से इसलिये कही हैं, कि तुम्हें मुझ में शान्‍ति मिले; संसार में तुम्हें क्‍लेश होता है, परन्तु ढाढ़स बांधो, मैं ने संसार को जीन लिया है” (यूहन्ना 16:33)।

      जब हम मसीही विश्वासी जीवन की छोटी – बड़ी चुनौतियों का सामना करते हैं, तो हम उसे पुकारते हैं जिसने इस सृष्टि की रचना की, तथा जो हमारे लिए मारा गया और फिर तीसरे दिन जी भी उठा, और जिसने इस संसार के पाप के टूटेपन पर विजय प्राप्त की। हमारी हर परिस्थिति में वह अपनी शान्ति हमें देता है। वह बड़ा परमेश्वर हमारी छोटी समस्याओं में भी हमारे साथ होता है। - बिल क्राउडर

परमेश्वर का अनुग्रह असीमित है, उसकी करुणा अपार है, और उसकी शान्ति अवर्णनीय है।

मैं तुम्हें शान्‍ति दिए जाता हूं, अपनी शान्‍ति तुम्हें देता हूं; जैसे संसार देता है, मैं तुम्हें नहीं देता: तुम्हारा मन न घबराए और न डरे। - यूहन्ना 14:27

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 1:12-17
Colossians 1:12 और पिता का धन्यवाद करते रहो, जिसने हमें इस योग्य बनाया कि ज्योति में पवित्र लोगों के साथ मीरास में समभागी हों।
Colossians 1:13 उसी ने हमें अन्धकार के वश से छुड़ाकर अपने प्रिय पुत्र के राज्य में प्रवेश कराया।
Colossians 1:14 जिस में हमें छुटकारा अर्थात पापों की क्षमा प्राप्त होती है।
Colossians 1:15 वह तो अदृश्य परमेश्वर का प्रतिरूप और सारी सृष्‍टि में पहिलौठा है।
Colossians 1:16 क्योंकि उसी में सारी वस्‍तुओं की सृष्‍टि हुई, स्वर्ग की हो अथवा पृथ्वी की, देखी या अनदेखी, क्या सिंहासन, क्या प्रभुतांए, क्या प्रधानताएं, क्या अधिकार, सारी वस्तुएं उसी के द्वारा और उसी के लिये सृजी गई हैं।
Colossians 1:17 और वही सब वस्‍तुओं में प्रथम है, और सब वस्तुएं उसी में स्थिर रहती हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • अमोस 4-6
  • प्रकाशितवाक्य 7



रविवार, 15 दिसंबर 2019

आशा



      सन 2017 में ‘स्टार वार्स’ फिल्म श्रंखला के चाहने वाले उत्सुकता के साथ उसके आठवीं कड़ी, ‘द लास्ट जेड्डाई’ के ज़ारी किए जाने की प्रतीक्षा कर रहे थे। आलोचकों ने 1977 से चली आ रही इस फिल्म श्रंखला की अद्भुत सफलता का विश्लेषण किया। सी.एन.एन. मनि के लिए मीडिया रिपोर्टर फ्रैंक पलोटा ने कहा कि ‘स्टार वार्स’ उन सब के साथ संपर्क साधती है जो “एक नई आशा और अच्छाई के एक बल की इच्छा रखते हैं, इस ऐसे समय में जब संसार को नायकों की आवश्यकता है।”

      प्रभु यीशु मसीह के जन्म के समय, इस्राएल के लोग शोषित थे तथा सताव झेल रहे थे, और अपने लंबे समय से प्रतिज्ञा किए हुए मसीहा की प्रतीक्षा कर रहे थे। बहुतेरों की आशा थी कि एक नायक आएगा जो उन्हें रोमी अत्याचार से छुड़ाएगा; परन्तु प्रभु यीशु किसी सैन्य अथवा राजनितिक नायक के रूप में नहीं आए। वरन उन्होंने एक शिशु के रूप में बैत्लेहम में जन्म लिया। इस कारण से बहुतेरों ने उनके सच्चे स्वरूप को नहीं पहचाना। परमेश्वर के वचन बाइबल में, प्रेरित यूहन्ना ने उनके लिए लिखा, “वह अपने घर आया और उसके अपनों ने उसे ग्रहण नहीं किया” (यूहन्ना 1:11)।

      नायक से भी बढ़कर, प्रभु यीशु हमारे मुक्तिदाता बनाकर आए थे। उनका जन्म परमेश्वर की ज्योति को पाप के अन्धकार से भरे संसार में पहुंचाने के लिए, तथा अपने प्राण बलिदान देने के लिए हुआ था, जिससे जो कोई भी उनपर विश्वास लाए, वह पापों से क्षमा और अनन्त जीवन पाए, तथा पापों के दुष्प्रभाव से मुक्त हो जाए। यूहन्ना ने उन्हें “और वचन देहधारी हुआ; और अनुग्रह और सच्चाई से परिपूर्ण हो कर हमारे बीच में डेरा किया, और हम ने उस की ऐसी महिमा देखी, जैसी पिता के एकलौते की महिमा” (पद 14) कहा। निःसंदेह, प्रभु यीशु मसीह ही वह एकमात्र सच्ची आशा हैं, जिसकी संसार को आवश्यकता है। - डेविड मैक्कैसलैंड

बैतलहम में परमेश्वर ने दिखाया कि प्रेम का अर्थ है देना।

परमेश्वर ने अपने पुत्र को जगत में इसलिये नहीं भेजा, कि जगत पर दंड की आज्ञा दे परन्तु इसलिये कि जगत उसके द्वारा उद्धार पाए। जो उस पर विश्वास करता है, उस पर दंड की आज्ञा नहीं होती, परन्तु जो उस पर विश्वास नहीं करता, वह दोषी ठहर चुका; इसलिये कि उसने परमेश्वर के एकलौते पुत्र के नाम पर विश्वास नहीं किया। - यूहन्ना 3:17-18

बाइबल पाठ: यूहन्ना 1:1-5, 9-14
John 1:1 आदि में वचन था, और वचन परमेश्वर के साथ था, और वचन परमेश्वर था।
John 1:2 यही आदि में परमेश्वर के साथ था।
John 1:3 सब कुछ उसी के द्वारा उत्पन्न हुआ और जो कुछ उत्पन्न हुआ है, उस में से कोई भी वस्तु उसके बिना उत्पन्न न हुई।
John 1:4 उस में जीवन था; और वह जीवन मुनष्यों की ज्योति थी।
John 1:5 और ज्योति अन्धकार में चमकती है; और अन्धकार ने उसे ग्रहण न किया।
John 1:9 सच्ची ज्योति जो हर एक मनुष्य को प्रकाशित करती है, जगत में आनेवाली थी।
John 1:10 वह जगत में था, और जगत उसके द्वारा उत्पन्न हुआ, और जगत ने उसे नहीं पहिचाना।
John 1:11 वह अपने घर आया और उसके अपनों ने उसे ग्रहण नहीं किया।
John 1:12 परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं।
John 1:13 वे न तो लोहू से, न शरीर की इच्छा से, न मनुष्य की इच्छा से, परन्तु परमेश्वर से उत्पन्न हुए हैं।
John 1:14 और वचन देहधारी हुआ; और अनुग्रह और सच्चाई से परिपूर्ण हो कर हमारे बीच में डेरा किया, और हम ने उस की ऐसी महिमा देखी, जैसी पिता के एकलौते की महिमा।

एक साल में बाइबल: 
  • अमोस 1-3
  • प्रकाशितवाक्य 6



शनिवार, 14 दिसंबर 2019

सहायता



      जैसे-जैसे मेरी आयु बढ़ रही है, मैं अधिकाधिक जोड़ों के दर्द को अनुभव कर रही हूँ, विशेषकर तब जब मौसम ठण्डा होता है। कुछ दिन तो ऐसे होते हैं जिनमें मैं अपने अप को विजेता काम और वृद्धावस्था की चुनौतियों से हारी हुए वरिष्ठ नागरिक अधिक अनुभव करती हूँ।

      इसीलिए मेरा एक नायक परमेश्वर के वचन बाइबल में मुझ से अधिक आयु वाला व्यक्ति कालेब है। कालेब उन बारह भेदियों में से एक था जिन्हें मूसा ने वाचा किए हुए देश कनान का भेद लेने के लिए भेजा था (गिनती 13-14)। उन बारहों, जिनपर परमेश्वर का अनुग्रह हुआ कि वे वाचा किए हुए देश में प्रवेश करें, में से केवल कालेब और यहोशू ही थे जिन्होंने वहाँ की अच्छी रिपोर्ट नहीं दी; शेष सभी ने उस देश के विषय बुरी रिपोर्ट ही दी। अब गिनती 14 में कालेब के लिए समय आ गया है कि वह अपने हिस्से की भूमि को प्राप्त करे। किन्तु वहाँ पर अभी भी शत्रु थे, जिन्हें भगाना शेष था। कालेब सेवानिवृत्ति लेकर युद्ध को जवान पीढ़ी के लिए छोड़ने वालों में से नहीं था। कालेब ने कहा, “इसलिये अब वह पहाड़ी मुझे दे जिसकी चर्चा यहोवा ने उस दिन की थी; तू ने तो उस दिन सुना होगा कि उस में अनाकवंशी रहते हैं, और बड़े बड़े गढ़ वाले नगर भी हैं; परन्तु क्या जाने सम्भव है कि यहोवा मेरे संग रहे, और उसके कहने के अनुसार मैं उन्हें उनके देश से निकाल दूं” (यहोशू 14:12)।

      सम्भव है कि यहोवा मेरे संग रहे” यही वह मानसिकता है जिससे कालेब युद्ध के लिए सदा सक्षम रहा करता था। उसका ध्यान अपनी सामर्थ्य अथवा बढ़ती हुई आयु पर नहीं वरन परमेश्वर की सामर्थ्य पर लगा रहता था। उसका भरोसा था कि जो कुछ भी करना आवश्यक होगा, परमेश्वर वह करने में उसकी सहायता करेगा।

      हम से अधिकाँश एक आयु पर पहुंच जाने के पश्चात कोई बड़ा काम हाथ में लेना नहीं चाहते हैं। परन्तु हमारी आयु चाहे जो भी हो, हम परमेश्वर के लिए फिर भी बड़े कार्य कर सकते हैं। जब कालेब के समान अवसर हमारे सामने आएं, तो हमें उन से बच कर निकलने का प्रयास नहीं करना चाहिए। परमेश्वर की सहायता से, हम उनपर विजयी हो सकते हैं। - लिंडा वॉशिंगटन

जो मुझे सामर्थ्य देता है उस में मैं सब कुछ कर सकता हूं। - फिलिप्पियों 4:13

धर्मी लोग खजूर के समान फूले फलेंगे, और लबानोन के देवदार के समान बढ़ते रहेंगे। वे यहोवा के भवन में रोपे जा कर, हमारे परमेश्वर के आंगनों में फूले फलेंगे। वे पुराने होने पर भी फलते रहेंगे, और रस भरे और लहलहाते रहेंगे – भजन 92:12-14

बाइबल पाठ: यहोशू 14:7-15
Joshua 14:7 जब यहोवा के दास मूसा ने मुझे इस देश का भेद लेने के लिये कादेशबर्ने से भेजा था तब मैं चालीस वर्ष का था; और मैं सच्चे मन से उसके पास सन्देश ले आया।
Joshua 14:8 और मेरे साथी जो मेरे संग गए थे उन्होंने तो प्रजा के लोगों को निराश कर दिया, परन्तु मैं ने अपने परमेश्वर यहोवा की पूरी रीति से बात मानी।
Joshua 14:9 तब उस दिन मूसा ने शपथ खाकर मुझ से कहा, तू ने पूरी रीति से मेरे परमेश्वर यहोवा की बातों का अनुकरण किया है, इस कारण नि:सन्देह जिस भूमि पर तू अपने पांव धर आया है वह सदा के लिये तेरा और तेरे वंश का भाग होगी।
Joshua 14:10 और अब देख, जब से यहोवा ने मूसा से यह वचन कहा था तब से पैंतालीस वर्ष हो चुके हैं, जिन में इस्राएली जंगल में घूमते फिरते रहे; उन में यहोवा ने अपने कहने के अनुसार मुझे जीवित रखा है; और अब मैं पचासी वर्ष का हूं।
Joshua 14:11 जितना बल मूसा के भेजने के दिन मुझ में था उतना बल अभी तक मुझ में है; युद्ध करने, वा भीतर बाहर आने जाने के लिये जितनी उस समय मुझ मे सामर्थ्य थी उतनी ही अब भी मुझ में सामर्थ्य है।
Joshua 14:12 इसलिये अब वह पहाड़ी मुझे दे जिसकी चर्चा यहोवा ने उस दिन की थी; तू ने तो उस दिन सुना होगा कि उस में अनाकवंशी रहते हैं, और बड़े बड़े गढ़ वाले नगर भी हैं; परन्तु क्या जाने सम्भव है कि यहोवा मेरे संग रहे, और उसके कहने के अनुसार मैं उन्हें उनके देश से निकाल दूं।
Joshua 14:13 तब यहोशू ने उसको आशीर्वाद दिया; और हेब्रोन को यपुन्ने के पुत्र कालेब का भाग कर दिया।
Joshua 14:14 इस कारण हेब्रोन कनजी यपुन्ने के पुत्र कालेब का भाग आज तक बना है, क्योंकि वह इस्राएल के परमेश्वर यहोवा का पूरी रीति से अनुगामी था।
Joshua 14:15 पहिले समय में तो हेब्रोन का नाम किर्यतर्बा था; वह अर्बा अनाकियों में सब से बड़ा पुरूष था। और उस देश को लड़ाई से शान्ति मिली।

एक साल में बाइबल: 
  • योएल 1-3
  • प्रकाशितवाक्य 5



शुक्रवार, 13 दिसंबर 2019

मैं नहीं



      बीसवीं सदी के सबसे अधिक विख्यात ऑर्केस्ट्रा संचालकों में से एक, आरट्यूरो टोसकनिनी को इस बात के लिए भी स्मरण किया जाता है कि वे उसे अवश्य ही श्रेय देते थे, जिसे श्रेय मिलना चाहिए। डेविड इवन की पुस्तक “डिक्टेटर्स औफ द बैटन” में लेखक ने बताया है कि किस प्रकार से न्यू यॉर्क फिल्हार्मोनिक ऑर्केस्ट्रा के संगीतज्ञों ने बीथोवेन की ‘नाइन्थ सिम्फनी’ के एक अभ्यास के बाद खड़े होकर टोस्किनिनी की प्रशंसा की। जब उस प्रशंसा की ध्वनि कुछ कम हुई, तो आँखों में आंसूओं के साथ टोसकनिनी को भरभराई आवाज़ में कहते सुना गया, “यह मैं नहीं...यह तो बीथोवेन हैं!...टोसकनिनी तो कुछ भी नहीं है।”

      परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस द्वारा लिखित पत्रियों में भी हम देखते हैं कि उसने किसी भी आत्मिक अंतदृष्टि और प्रभाव के लिए श्रेय लेने से इन्कार किया। वह जानता था कि वह अनेकों ऐसे लोगों के लिए जिन्होंने प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास किया है, आत्मिक माता-पिता के समान है। उसने यह भी माना कि बहुतेरों के मसीही विश्वास को प्रोत्साहित करने, उन्हें आशा और प्रेम देने के लिए उसने बहुत कठिन परिश्रम किया तथा सताव भी झेले हैं (1 कुरिन्थियों 15:10)। परन्तु उसका विवेक उसे उनकी प्रशंसा को स्वीकार करने की अनुमति नहीं देता था जिन्होंने उसके जीवन में मसीही विश्वास, प्रेम, और अंतदृष्टि द्वारा प्रेरणा पाई थी।

      अपने तब, तथा अब के, सभी पाठकों के लिए, पौलुस एक प्रकार से यही कह रहा था कि, “भाइयों और बहिनों, यह मैं नहीं हूँ। यह तो प्रभु यीशु मसीह है...पौलुस तो कुछ नहीं है।” हम अपने आप में कुछ नहीं हैं, हम केवल अपने प्रभु के संदेशवाहक हैं; और वही समस्त श्रेय तथा प्रशंसा का हकदार है। - मार्ट डीहॉन

बुद्धिमान है वह व्यक्ति जो सम्मान लेने के स्थान पर देना जानता है।

अपुल्लोस क्या है? और पौलुस क्या है? केवल सेवक, जिन के द्वारा तुम ने विश्वास किया, जैसा हर एक को प्रभु ने दिया। मैं ने लगाया, अपुल्लोस ने सींचा, परन्तु परमेश्वर ने बढ़ाया। - 1 कुरिन्थियों 3:5-6

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 15:1-11
1 Corinthians 15:1 हे भाइयों, मैं तुम्हें वही सुसमाचार बताता हूं जो पहिले सुना चुका हूं, जिसे तुम ने अंगीकार भी किया था और जिस में तुम स्थिर भी हो।
1 Corinthians 15:2 उसी के द्वारा तुम्हारा उद्धार भी होता है, यदि उस सुसमाचार को जो मैं ने तुम्हें सुनाया था स्मरण रखते हो; नहीं तो तुम्हारा विश्वास करना व्यर्थ हुआ।
1 Corinthians 15:3 इसी कारण मैं ने सब से पहिले तुम्हें वही बात पहुंचा दी, जो मुझे पहुंची थी, कि पवित्र शास्त्र के वचन के अनुसार यीशु मसीह हमारे पापों के लिये मर गया।
1 Corinthians 15:4 ओर गाड़ा गया; और पवित्र शास्त्र के अनुसार तीसरे दिन जी भी उठा।
1 Corinthians 15:5 और कैफा को तब बारहों को दिखाई दिया।
1 Corinthians 15:6 फिर पांच सौ से अधिक भाइयों को एक साथ दिखाई दिया, जिन में से बहुतेरे अब तक वर्तमान हैं पर कितने सो गए।
1 Corinthians 15:7 फिर याकूब को दिखाई दिया तब सब प्रेरितों को दिखाई दिया।
1 Corinthians 15:8 और सब के बाद मुझ को भी दिखाई दिया, जो मानो अधूरे दिनों का जन्मा हूं।
1 Corinthians 15:9 क्योंकि मैं प्रेरितों में सब से छोटा हूं, वरन प्रेरित कहलाने के योग्य भी नहीं, क्योंकि मैं ने परमेश्वर की कलीसिया को सताया था।
1 Corinthians 15:10 परन्तु मैं जो कुछ भी हूं, परमेश्वर के अनुग्रह से हूं: और उसका अनुग्रह जो मुझ पर हुआ, वह व्यर्थ नहीं हुआ परन्तु मैं ने उन सब से बढ़कर परिश्रम भी किया: तौभी यह मेरी ओर से नहीं हुआ परन्तु परमेश्वर के अनुग्रह से जो मुझ पर था।
1 Corinthians 15:11 सो चाहे मैं हूं, चाहे वे हों, हम यही प्रचार करते हैं, और इसी पर तुम ने विश्वास भी किया।

एक साल में बाइबल: 
  • होशे 12-14
  • प्रकाशितवाक्य 4