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मंगलवार, 9 जून 2020

पिता


     उस दिन, भीड़ से भरे हुए उस स्टोर में मैं अपने पिता को देने के लिए एक सही कार्ड को ढूढ़ रही थी। मेरे पिता के साथ मेरे संबंध अच्छे नहीं रहे थे, और यदयपि कई वर्षों के तनावपूर्ण संबंधों के पश्चात, हम ने मेल मिलाप कर लिया था, फिर भी मैंने कभी अपने आप को अपने पिता के निकट अनुभव नहीं किया था। मेरे साथ में खड़ी हुई महिला भी कोई कार्ड ढूढ़ रही थी, और उस ने निराशा की आह भर कर अपने हाथ के कार्ड्स को वापस शेल्फ में रखते हुए कहा, “ये लोग उन के लिए कार्ड क्यों नहीं बना सकते हैं जिनके अपने पिता के साथ संबंध ठीक तो नहीं है, किन्तु वे सही संबंध बनाने के प्रयास कर रहे हैं;” और इस से पहले कि मैं कुछ प्रत्युत्तर देने पाती, वह पैर पटकती हुई वहाँ से बाहर चली गई। मैंने मन ही में उस के लिए प्रार्थना की, और परमेश्वर का धन्यवाद किया कि केवल वही है जो एक सिद्ध पिता हो सकता है, और साथ ही उस से माँगा की मेरे पिता के साथ मेरे संबंधों को और सुधार दे, और प्रगाढ़ बना दे।

     मेरी लालसा रहती है कि जैसे मेरे सांसारिक पिता के साथ, वैसे ही मेरे स्वर्गीय पिता, प्रभु परमेश्वर के साथ भी, मेरे संबंध घनिष्ठ और प्रगाढ़ हों। परमेश्वर के वचन बाइबल में जैसे दाऊद का परमेश्वर की निरंतर उपस्थिति, सामर्थ्य, और सुरक्षा में भरोसा था (भजन 27:1-6), वैसा ही भरोसा मैं भी अपने जीवन में चाहती हूँ।

     जब दाऊद ने सहायता के लिए पुकारा, तो उसे परमेश्वर से उत्तर पाने की आशा थी (पद 7-9)। यद्यपि यह संभव है कि सांसारिक माता-पिता अपने बच्चों को तिरिस्कृत, या त्यागा हुआ, या उपेक्षित छोड़ दें, किन्तु दाऊद ने परमेश्वर पिता द्वारा हमें बिना किसी शर्त के स्वीकार करने का आश्वासन दिया है (पद 10)। वह परमेश्वर की भलाई की निश्चितता में जीवन व्यतीत करता था (पद 11-13)। हम सभी के समान, कभी-कभी दाऊद को भी संघर्षों का सामना करना पड़ता था, परन्तु परमेश्वर का पवित्र आत्मा उस की सहायता करता था कि वह प्रभु में अपने भरोसे तथा निर्भरता पर दृढ़ बना रहे (पद 14)।

     हमारे इस पृथ्वी के जीवन में, हमें अपने संबंधों में कठिनाइयों का सामना तो करना पड़ेगा, परन्तु हम मसीही विश्वासी इस तथ्य में आश्वस्त रह सकते हैं कि चाहे लोग हमारी उम्मीदों पर पूरे न उतरें, हमें धोखा दे दें, या हमें दुःख पहुंचाएँ, लेकिन हमारा सिद्ध परमेश्वर पिता हम से सदा पूर्णतः प्रेम करता रहेगा, अपनी सुरक्षा में बनाए रखेगा। - होकिटिल डिक्सन

 

हमारा सिद्ध परमेश्वर पिता हमें न तो कभी छोड़ेगा, 

न हमारे प्रति उसका प्रेम कभी कम होगा, 

और न ही वह कभी हमें धोखा देगा।


क्या यह हो सकता है कि कोई माता अपने दूधपिउवे बच्चे को भूल जाए और अपने जन्माए हुए लड़के पर दया न करे? हां, वह तो भूल सकती है, परन्तु मैं तुझे नहीं भूल सकता। देख, मैं ने तेरा चित्र हथेलियों पर खोदकर बनाया है; तेरी शहरपनाह सदैव मेरी दृष्टि के साम्हने बनी रहती है।  - यशायाह 49:15-16

बाइबल पाठ: भजन 27

भजन संहिता 27:1 यहोवा परमेश्वर मेरी ज्योति और मेरा उद्धार है; मैं किस से डरूं? यहोवा मेरे जीवन का दृढ़ गढ़ ठहरा है, मैं किस का भय खाऊं?

भजन संहिता 27:2 जब कुकर्मियों ने जो मुझे सताते और मुझी से बैर रखते थे, मुझे खा डालने के लिये मुझ पर चढ़ाई की, तब वे ही ठोकर खाकर गिर पड़े।

भजन संहिता 27:3 चाहे सेना भी मेरे विरुद्ध छावनी डाले, तौभी मैं न डरूंगा; चाहे मेरे विरुद्ध लड़ाई ठन जाए, उस दशा में भी मैं हियाव बान्धे निशचिंत रहूंगा।

भजन संहिता 27:4 एक वर मैं ने यहोवा से मांगा है, उसी के यत्न में लगा रहूंगा; कि मैं जीवन भर यहोवा के भवन में रहने पाऊं, जिस से यहोवा की मनोहरता पर दृष्टि लगाए रहूं, और उसके मन्दिर में ध्यान किया करूं।

भजन संहिता 27:5 क्योंकि वह तो मुझे विपत्ति के दिन में अपने मण्डप में छिपा रखेगा; अपने तम्बू के गुप्त स्थान में वह मुझे छिपा लेगा, और चट्टान पर चढ़ाएगा।

भजन संहिता 27:6 अब मेरा सिर मेरे चारों ओर के शत्रुओं से ऊंचा होगा; और मैं यहोवा के तम्बू में जयजयकार के साथ बलिदान चढ़ाऊंगा; और उसका भजन गाऊंगा।

भजन संहिता 27:7 हे यहोवा, मेरा शब्द सुन, मैं पुकारता हूं, तू मुझ पर अनुग्रह कर और मुझे उत्तर दे।

भजन संहिता 27:8 तू ने कहा है, कि मेरे दर्शन के खोजी हो। इसलिये मेरा मन तुझ से कहता है, कि हे यहोवा, तेरे दर्शन का मैं खोजी रहूंगा।

भजन संहिता 27:9 अपना मुख मुझ से न छिपा। अपने दास को क्रोध कर के न हटा, तू मेरा सहायक बना है। हे मेरे उद्धार करने वाले परमेश्वर मुझे त्याग न दे, और मुझे छोड़ न दे!

भजन संहिता 27:10 मेरे माता पिता ने तो मुझे छोड़ दिया है, परन्तु यहोवा मुझे सम्भाल लेगा।

भजन संहिता 27:11 हे यहोवा, अपने मार्ग में मेरी अगुवाई कर, और मेरे द्रोहियों के कारण मुझ को चौरस रास्ते पर ले चल।

भजन संहिता 27:12 मुझ को मेरे सताने वालों की इच्छा पर न छोड़, क्योंकि झूठे साक्षी जो उपद्रव करने की धुन में हैं मेरे विरुद्ध उठे हैं।

भजन संहिता 27:13 यदि मुझे विश्वास न होता कि जीवितों की पृथ्वी पर यहोवा की भलाई को देखूंगा, तो मैं मूर्च्छित हो जाता।

भजन संहिता 27:14 यहोवा की बाट जोहता रह; हियाव बान्ध और तेरा हृदय दृढ़ रहे; हां, यहोवा ही की बाट जोहता रह!   

 

एक साल में बाइबल: 

  • 2 इतिहास 32-33
  • यूहन्ना 18:19-40

सोमवार, 8 जून 2020

चेहरा


           
           जब हमारी पोती सारा बहुत छोटी थी तब एक बार उसने मुझे समझाया कि मरने के बाद हमारे साथ क्या होता है। उसने कहा “केवल हमारा चेहरा ही स्वर्ग जाता है, हमारा शरीर नहीं। वहाँ हमें एक नया शरीर मिलता है लेकिन चेहरा वही रहता है।” हमारी अनंत कालीन दशा के बारे में सारा की जो धारणा थी वह एक बच्चे की समझ के अनुसार थी। किंतु फिर भी उसने जिस महत्वपूर्ण सत्य को समझ लिया था वह यह था कि एक तरह से, हमारे चेहरे ही, हमारे अदृश्य आत्मा को प्रतिबिंबित करते हैं।

            मेरी मां मुझ से कहा करती थी कि किसी दिन एक क्रोधित चेहरा ही मेरे मुंह पर चिपका रह जाएगा। वह नहीं जानती थीं की उन्होंने कितनी बुद्धिमानी की बात कह दी थी। चिंता से चढ़ी हुई भौंहें, क्रोध से टेढ़ा हुआ हमारे मुंह का कोना, हमारी आंखों में चलाकी की झलक, यह सब एक दुखी परेशान आत्मा को दिखाते हैं। किन्तु इस के विपरीत, नम्र आँखें, चेहरे पर शांत भाव तथा प्रेम भरी मुस्कुराहट – चाहे साथ में चेहरे पर झुर्रियां, दाग तथा और कोई निशान ही क्यों ना हों, यह सब एक भीतर आए परिवर्तन के चिह्न होते हैं।

            हम उस चेहरे के बारे में कुछ खास तो नहीं कर पाते हैं जिसके साथ हम जन्मे थे। लेकिन हम उसके बारे में अवश्य कुछ कर सकते हैं जिस प्रकार के व्यक्ति हम बन रहे हैं। हम परमेश्वर के वचन बाइबल में बताए गए आत्मा के फलों के गुणों, नम्रता, धीरज, दयालुता, सहनशीलता, कृतज्ञता, क्षमाशीलता, शान्ति और प्रेम (गलातियों 5:22-26) के हमारे जीवन में भरपूरी से विद्यमान होने के लिए प्रार्थना कर सकते हैं।

            परमेश्वर की कृपा से और उसके समय में, आप और मैं, अन्दर से ही हमारे प्रभु के समानता में बदलते तेरे चले जाएं, और यह समानता हमारे चेहरों पर झलकने लगे, और वृद्धावस्था में भी हमारे चेहरे उस भीतरी परिवर्तन को दिखा सकें। - डेविड एच. रोपर

एक प्रेम से भरे हृदय की सुन्दरता के समान और कोई सुन्दरता नहीं है।

परन्तु जब हम सब के उघाड़े चेहरे से प्रभु का प्रताप इस प्रकार प्रगट होता है, जिस प्रकार दर्पण में, तो प्रभु के द्वारा जो आत्मा है, हम उसी तेजस्‍वी रूप में अंश अंश कर के बदलते जाते हैं। - 2 कुरिन्थियों 3:18

बाइबल पाठ: गलातियों 5:22-26
गलतियों 5:22 पर आत्मा का फल प्रेम, आनन्द, मेल, धीरज,
गलतियों 5:23 और कृपा, भलाई, विश्वास, नम्रता, और संयम हैं; ऐसे ऐसे कामों के विरोध में कोई भी व्यवस्था नहीं।
गलतियों 5:24 और जो मसीह यीशु के हैं, उन्होंने शरीर को उस की लालसाओं और अभिलाषाओं समेत क्रूस पर चढ़ा दिया है।
गलतियों 5:25 यदि हम आत्मा के द्वारा जीवित हैं, तो आत्मा के अनुसार चलें भी।
गलतियों 5:26 हम घमण्‍डी हो कर न एक दूसरे को छेड़ें, और न एक दूसरे से डाह करें।   

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 30-31
  • यूहन्ना 18:1-18


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रविवार, 7 जून 2020

सत्य



     कुछ वर्ष पहले मैं एक ऐसे विवाह समारोह में सम्मिलित हुआ जहाँ विवाह दो भिन्न देशों के लोगों के मध्य था। इस प्रकार का सांस्कृतिक मेल-मिलाप मनोहर हो सकता है, परन्तु इस समारोह में मैंने देखा कि मसीही परम्पराओं के साथ अनेकों देवी-देवताओं की उपासना करने वाले धर्म की विधियों को मिश्रित किया जा रहा है।

     परमेश्वर के वचन बाइबल में परमेश्वर के भविष्यद्वक्ता सपन्याह ने एकमात्र सच्चे जीवते परमेश्वर में विश्वास के साथ अन्य धर्मों को मिश्रित करने (जिसे ‘syncretism’ या ‘समन्वयता’ कहा जाता है) की स्पष्ट निंदा की। सपन्याह के समय में यहूदा के लोग सच्चे परमेश्वर की आराधना तो करते थे, परन्तु साथ ही मोलेक देवता पर भी भरोसा करते थे (सपन्याह 1:5)। सपन्याह ने उन के द्वारा मूर्तिपूजकों की संस्कृति से समझौता करने, उन के रीति-रिवाज़ अपना लेने का वर्णन किया, और उन्हें सचेत किया कि उन के इस व्यवहार के कारण परमेश्वर यहूदा के लोगों को उन के देश से निर्वासित कर देगा।

     परन्तु फिर भी परमेश्वर ने कभी अपने लोगों से प्रेम करना नहीं छोड़ा। परमेश्वर ने जिस न्याय और दण्ड के विषय उन्हें आगाह किया, वह उन्हें वापस उस की ओर मुड़ने की आवश्यकता के लिए जागरूक करने के लिए था। इस लिए परमेश्वर ने सपन्याह में हो कर अपने लोगों से कहा कि “धर्म को ढूँढो,नम्रता को ढूँढो” (2:3)। फिर प्रभु ने उन्हें कोमल शब्दों में प्रतिज्ञा दी कि भविष्य में वे पुनःस्थापित भी किए जाएंगे: “उसी समय मैं तुम्हें ले जाऊंगा, और उसी समय मैं तुम्हें इकट्ठा करूंगा; और जब मैं तुम्हारे साम्हने तुम्हारे बंधुओं को लौटा लाऊंगा, तब पृथ्वी की सारी जातियों के बीच में तुम्हारी कीर्त्ति और प्रशंसा फैला दूंगा, यहोवा का यही वचन है” (3:20)।

     जिस विवाह समारोह में मैं सम्मिलित हुआ था, वहाँ के प्रत्यक्ष दिखने वाली समन्वयता की निंदा करना तो सरल है। परन्तु वास्तविकता यही है कि हम सभी परमेश्वर के सत्यों में अपनी संस्कृति की मान्यताओं एवं परम्पराओं की मिलावट को करते रहते हैं। हमें आवश्यकता है कि हम पवित्र आत्मा की अगुवाई में अपनी मान्यताओं और धारणाओं की जांच परमेश्वर के वचन के सत्य के साथ करें, और फिर उस के अनुसार सत्य में दृढ़ता किन्तु प्रेम के साथ स्थापित हो कर बने रहें।

     हमारा स्वर्गीय परमेश्वर पिता उन का खोजी है जो आत्मा और सच्चाई के साथ उस की आराधना करते हैं (यूहन्ना 4:23-24)। - टिम गुस्ताफसन

परमेश्वर सदा क्षमा करने और पुनःस्थापित करने के लिए तैयार रहता है।

परन्तु वह समय आता है, वरन अब भी है जिस में सच्चे भक्त पिता का भजन आत्मा और सच्चाई से करेंगे, क्योंकि पिता अपने लिये ऐसे ही भजन करने वालों को ढूंढ़ता है। परमेश्वर आत्मा है, और अवश्य है कि उसके भजन करने वाले आत्मा और सच्चाई से भजन करें। - यूहन्ना 4:23-24

बाइबल पाठ: सपन्याह 1:1-6; 2:1-3
सपन्याह 1:1 आमोन के पुत्र यहूदा के राजा योशिय्याह के दिनों में, सपन्याह के पास जो हिजकिय्याह के पुत्र अमर्याह का परपोता और गदल्याह का पोता और कूशी का पुत्र था, यहोवा का यह वचन पहुंचा:
सपन्याह 1:2 मैं धरती के ऊपर से सब का अन्त कर दूंगा, यहोवा की यही वाणी है।
सपन्याह 1:3 मैं मनुष्य और पशु दोनों का अन्त कर दूंगा; मैं आकाश के पक्षियों और समुद्र की मछलियों का, और दुष्टों समेत उनकी रखी हुई ठोकरों के कारण का भी अन्त कर दूंगा; मैं मनुष्य जाति को भी धरती पर से नाश कर डालूंगा, यहोवा की यही वाणी है।
सपन्याह 1:4 मैं यहूदा पर और यरूशलेम के सब रहने वालों पर हाथ उठाऊंगा, और इस स्थान में बाल के बचे हुओं को और याजकों समेत देवताओं के पुजारियों के नाम को नाश कर दूंगा।
सपन्याह 1:5 जो लोग अपने अपने घर की छत पर आकाश के गण को दण्डवत करते हैं, और जो लोग दण्डवत करते हुए यहोवा की सेवा करने की शपथ खाते हैं; और अपने मोलेक की भी शपथ खाते हैं;
सपन्याह 1:6 और जो यहोवा के पीछे चलने से लौट गए हैं, और जिन्होंने न तो यहोवा को ढूंढ़ा, और न उसकी खोज में लगे, उन को भी मैं सत्यानाश कर डालूंगा।
सपन्याह 2:1 हे निर्लज्ज जाति के लोगो, इकट्ठे हो!
सपन्याह 2:2 इस से पहिले कि दण्ड की आज्ञा पूरी हो और बचाव का दिन भूसी के समान निकले, और यहोवा का भड़कता हुआ क्रोध तुम पर आ पड़े, और यहोवा के क्रोध का दिन तुम पर आए, तुम इकट्ठे हो।
सपन्याह 2:3 हे पृथ्वी के सब नम्र लोगों, हे यहोवा के नियम के मानने वालों, उसको ढूंढ़ते रहो; धर्म से ढूंढ़ो, नम्रता से ढूंढ़ो; सम्भव है तुम यहोवा के क्रोध के दिन में शरण पाओ।   

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 28-29
  • यूहन्ना 17



शनिवार, 6 जून 2020

साथ-साथ

     

    प्राचीन काल में टूटी हुई शहरपनाह वाले नगर पराजित लोगों को दिखाते थे, जिन्हें खतरों और लज्जा का सामना करना पड़ता था। इसी लिए निर्वासित यहूदियों ने वापस लौट कर पहले यरूशलेम की शहरपनाह को बनाया। उन्होंने यह कैसे किया? साथ-साथ मिलकर, एक दूसरे की सहायता करते हुए कार्य करने के द्वारा, जिसे हम परमेश्वर के वचन बाइबल में नहेम्याह के 3 अध्याय में देखते हैं।

     पहली झलक में, यह 3 अध्याय किस ने उस पुनःनिर्माण के कार्य में क्या किया का एक उबाऊ विवरण प्रतीत होता है। किन्तु ध्यान से देखने पर समझ आता है कि कैसे लोगों से साथ-साथ मिलकर कार्य किया। मंदिर के याजक, शासन अधिकारियों के साथ मिल कर कार्य कर रहे थे। इत्र बनाने वाले सुनारों के साथ मिलकर कार्य कर रहे थे। कुछ ऐसे थे जो निकट के नगरों में रहा करते थे, और सहायता करने के लिए आए थे। अन्य ऐसे भी थे जिन्होंने अपने घरों के निकट के भागों को बनाया। कुछ महिलाओं ने भी योगदान दिया – शल्लूम की पुत्रियों ने पुरुषों के साथ कार्य में सहयोग दिया (3:12); और तकोईयों के समान कुछ ऐसे भी थे जिन्होंने दो भागों की मरम्मत की (पद 5, 27)।

     इस अध्याय से दो बातें स्पष्ट हो जाती हैं। पहली, सब ने मिलकर एक सामान्य उद्देश्य की पूर्ति के लिए कार्य किया। दूसरी, उस कार्य का भाग होने के लिए उन सभी की सराहना की गई है, चाहे उन्होंने औरों की तुलना में कितना भी कम या अधिक किया हो।

     आज हम टूटे हुए परिवारों और समाज को देखते हैं। प्रभु यीशु जीवनों के परिवर्तन के द्वारा परमेश्वर के राज्य का निर्माण करने के लिए आए थे। हम अपने आस-पास के लोगों को यह दिखाने और बताने के द्वारा कि वे प्रभु यीशु में एक नया जीवन तथा आशा पा सकते हैं, उन के टूटेपन के सुधार और पुनर्निर्माण में सहायक हो सकते हैं। हम सभी के पास कुछ न कुछ करने का गुण, योग्यता, और क्षमता है। इस लिए हम साथ-साथ मिलकर प्रभु के लिए कार्य करें, और अपने दायित्व का निर्वाह करें, और ऐसे समुदाय बनाएं जहां लोग प्रभु यीशु के प्रेम को अनुभव कर सकें। - कीला ओकोआ

 

आईए, हम साथ-साथ मिलकर परमेश्वर के राज्य का निर्माण करें।

एक से दो अच्छे हैं, क्योंकि उनके परिश्रम का अच्छा फल मिलता है। - सभोपदेशक 4:9

बाइबल पाठ: नहेम्याह 3:1-12

नहेम्याह 3:1 तब एल्याशीब महायाजक ने अपने भाई याजकों समेत कमर बान्धकर भेड़फाटक को बनाया। उन्होंने उसकी प्रतिष्ठा की, और उसके पल्लों को भी लगाया; और हम्मेआ नाम गुम्मट तक वरन हननेल के गुम्मट के पास तक उन्होंने शहरपनाह की प्रतिष्ठा की।

नहेम्याह 3:2 उस से आगे यरीहो के मनुष्यों ने बनाया। और इन से आगे इम्री के पुत्र जक्कूर ने बनाया।

नहेम्याह 3:3 फिर मछलीफाटक को हस्सना के बेटों ने बनाया; उन्होंने उसकी कडिय़ां लगाई, और उसके पल्ले, ताले और बेंड़े लगाए।

नहेम्याह 3:4 और उन से आगे मरेमोत ने जो हक्कोस का पोता और ऊरियाह का पुत्र था, मरम्मत की। और इन से आगे मशुल्लाम ने जो मशेजबेल का पोता, और बरेक्याह का पुत्र था, मरम्मत की। और इस से आगे बाना के पुत्र सादोक ने मरम्मत की।

नहेम्याह 3:5 और इन से आगे तकोइयों ने मरम्मत की; परन्तु उनके रईसों ने अपने प्रभु की सेवा का जूआ अपनी गर्दन पर न लिया।

नहेम्याह 3:6 फिर पुराने फाटक की मरम्मत पासेह के पुत्र योयादा और बसोदयाह के पुत्र मशुल्लाम ने की; उन्होंने उसकी कडिय़ां लगाई, और उसके पल्ले, ताले और बेंड़े लगाए।

नहेम्याह 3:7 और उन से आगे गिबोनी मलत्याह और मेरोनोती यादोन ने और गिबोन और मिस्पा के मनुष्यों ने महानद के पार के अधिपति के सिंहासन की ओर से मरम्मत की।

नहेम्याह 3:8 उन से आगे हर्हयाह के पुत्र उजीएल ने और और सुनारों ने मरम्मत की। और इस से आगे हनन्याह ने, जो गन्धियों के समाज का था, मरम्मत की; और उन्होंने चौड़ी शहरपनाह तक यरूशलेम को दृढ़ किया।

नहेम्याह 3:9 और उन से आगे हूर के पुत्र रपायाह ने, जो यरूशलेम के आधे जिले का हाकिम था, मरम्मत की।

नहेम्याह 3:10 और उन से आगे हरुमप के पुत्र यदायाह ने अपने ही घर के साम्हने मरम्मत की; और इस से आगे हशब्नयाह के पुत्र हत्तूश ने मरम्मत की।

नहेम्याह 3:11 हारीम के पुत्र मल्कियाह और पहत्तोआब के पुत्र हश्शूब ने एक और भाग की, और भट्टों के गुम्मट की मरम्मत की।

नहेम्याह 3:12 इस से आगे यरूशलेम के आधे जिले के हाकिम हल्लोहेश के पुत्र शल्लूम ने अपनी बेटियों समेत मरम्मत की।   

 

एक साल में बाइबल: 

  • 2 इतिहास 25-27
  • यूहन्ना 16


शुक्रवार, 5 जून 2020

ज्योति



     कुछ वर्ष पहले, मेरे साथ यात्रा कर रहे एक साथी ने ध्यान किया कि दूर की चीज़ें देखने के लिए मुझे आँखों पर जोर देना पड़ रहा है, मुझे कठिनाई हो रही है। उसने एक साधारण सा, किन्तु जीवन बदलने वाला कार्य किया; उस ने अपना चश्मा उतारा और मुझे देते हुए कहा, “इसे लगा कर देखो” और जब मैंने उस के चश्मे का प्रयोग किया तो मेरी धुंधली दृष्टि स्पष्ट हो गई। मैं चश्मा बनाने वाले के पास गया, आँखों की जांच करवाई, अपने लिए भी एक चश्मा ले लिए, और मुझे भी फिर से स्पष्ट दिखने लगा।

     परमेश्वर के वचन बाइबल से लिया गया हमारा आज का पाठ, एक अंधे व्यक्ति के बारे में है, जो बिलकुल अन्धकार में जीवन व्यतीत कर रहा था, और उस के अंधेपन ने उसे भिखारी बना दिया था। इस अंधे भिखारी ने भी लोकप्रीय शिक्षक और आश्चर्यकर्म करने वाले यीशु के बारे में सुना था। इसलिए जब एक दिन प्रभु यीशु उसी मार्ग से हो कर निकले जिस के किनारे वह अंधा भिखारी बैठा हुआ था, तो उस के मन में भी आशा जागृत हुई, और उस ने पुकारा, “तब उसने पुकार के कहा, हे यीशु दाऊद की सन्तान, मुझ पर दया कर” (लूका 18:38)। वह चाहे शारीरिक रीति से अँधा था, परन्तु उस के पास आत्मिक दृष्टि थी जिस से वह प्रभु यीशु की वास्तविक पहचान को देख सका और उस में विश्वास रख सका, कि वह उस की आवश्यकता को अवश्य पूरी करेगा। लोगों ने उसे चुप रहने के लिए कहा, किन्तु वह और भी जोर से चिल्लाने लगा (39)। परिणाम यह हुआ कि प्रभु यीशु ने उसे अपने पास बुलाया, उसे चंगा किया, और उस का अंधापन जाता रहा। वह बैठ कर भीख मांगने वाले से, उठ कर परमेश्वर की बड़ाई और स्तुति करने वाला बन गया (43), क्योंकि वह अब देख सकता था।

     जब आपके जीवन में अंधकार होता है, कुछ मार्ग सूझ नहीं पड़ता है, तो आप किस की ओर मुड़ते हैं? आप किसे पुकारते हैं? शारीरिक आँखों के चश्मे देखने में सहायता तो करते हैं, परन्तु परमेश्वर के पुत्र प्रभु यीशु का करुणापूर्ण स्पर्श ही आत्मिक अन्धकार से अनंत ज्योति में ले कर आता है। - आर्थर जैकसन

परमेश्वर पिता उस से मांगने वालों को आत्मिक ज्योति देने से प्रसन्न होता है।

कि तू उन की आंखे खोले, कि वे अंधकार से ज्योति की ओर, और शैतान के अधिकार से परमेश्वर की ओर फिरें; कि पापों की क्षमा, और उन लोगों के साथ जो मुझ[यीशु] पर विश्वास करने से पवित्र किए गए हैं, मीरास पाएं। - प्रेरितों 26:18

बाइबल पाठ: लूका 18:35-43
लूका 18:35 जब वह यरीहो के निकट पहुंचा, तो एक अन्‍धा सड़क के किनारे बैठा हुआ भीख मांग रहा था।
लूका 18:36 और वह भीड़ के चलने की आहट सुनकर पूछने लगा, यह क्या हो रहा है?
लूका 18:37 उन्होंने उसको बताया, कि यीशु नासरी जा रहा है।
लूका 18:38 तब उसने पुकार के कहा, हे यीशु दाऊद की सन्तान, मुझ पर दया कर।
लूका 18:39 जो आगे जाते थे, वे उसे डांटने लगे कि चुप रहे: परन्तु वह और भी चिल्लाने लगा, कि हे दाऊद की सन्तान, मुझ पर दया कर।
लूका 18:40 तब यीशु ने खड़े हो कर आज्ञा दी कि उसे मेरे पास लाओ, और जब वह निकट आया, तो उसने उस से यह पूछा।
लूका 18:41 तू क्या चाहता है, कि मैं तेरे लिये करूं? उसने कहा; हे प्रभु यह कि मैं देखने लगूं।
लूका 18:42 यीशु ने उस से कहा; देखने लग, तेरे विश्वास ने तुझे अच्छा कर दिया है।
लूका 18:43 और वह तुरन्त देखने लगा; और परमेश्वर की बड़ाई करता हुआ उसके पीछे हो लिया, और सब लोगों ने देख कर परमेश्वर की स्‍तुति की।   

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 23-24
  • यूहन्ना 15



गुरुवार, 4 जून 2020

देख



     पहली बार जब मैं इस्तांबुल में स्थित यूनानी साम्राज्य के समय में बने अत्याधिक सुन्दर चोरा चर्च को देखने गई, तो मैं उसकी छत पर बने भीति-चित्रों और पच्चीकारी में से कुछ बाइबल की कहानियों को पहचान सकी। परन्तु फिर भी बहुत कुछ था जिसे मैं पहचान या समझ नहीं सकी। लेकिन जब मैं दूसरी बार गई तो मेरे साथ एक गाइड भी था। उस गाइड ने मुझे उन सब बातों और संकेतों को दिखाया जिन पर मैं पहली बार ध्यान नहीं देने पाई थी, और उन सब की सहायता से अब सब कुछ समझ में आ रहा था। उदाहरण के लिए, पहला गलियारा लूका रचित सुसमाचार के अनुसार व्यक्त यीशु के जीवन को दर्शाता था।

     कभी-कभी जब हम परमेश्वर के वचन बाइबल को पढ़ते हैं, तो हम कुछ साधारण बातों को तो समझने पाते हैं, परन्तु वे परस्पर सामंजस्य की बातें, जो पवित्र शास्त्र के एक भाग को दूसरे से जोड़ती हैं, क्या उन्हें देखने, उपयोग करने और उन के अनुसार बाइबल की बातों को समझने पाते हैं? हमारी सहायता के लिए हमारे पास बाइबल की व्याख्याएँ और अन्य अध्ययन में सहायक सामग्री भी है, परन्तु हमें भी एक गाइड की आवश्यकता होती है जो हमारी सहायता और मार्गदर्शन करे, हमारे आँखों को परमेश्वर के वचन में लिखी बातों को देख पाने के लिए सक्षम करे। हमारा यह सहायक, स्वयं परमेश्वर का पवित्र आत्मा है, जो हमें सब कुछ सिखाता है (यूहन्ना 14:26)। पौलुस ने लिखा कि वह “...आत्मा की सिखाई हुई बातों में, आत्मिक बातें आत्मिक बातों से मिला मिला कर सुनाते हैं” (1 कुरिन्थियों 2:13)।

     यह कितनी अद्भुत बात है कि पुस्तक का लेखक स्वयं ही, हमें उस पुस्तक की अद्भुत बातें दिखाता और सिखाता है। न केवल परमेश्वर ने हमें अपना लिखित वचन और प्रकाशन दिया है, परन्तु वह हमें उसे समझाता भी है। इस लिए हम भजनकार के साथ मिल कर कहें, “मेरी आंखें खोल दे, कि मैं तेरी व्यवस्था की अद्भुत बातें देख सकूं” (भजन 119:18)। - कीला ओकोआ

पवित्र शास्त्र को समझने के लिए हमें परमेश्वर की सहायता चाहिए होती है।

मुझ से प्रार्थना कर और मैं तेरी सुन कर तुझे बड़ी-बड़ी और कठिन बातें बताऊंगा जिन्हें तू अभी नहीं समझता। - यिर्मयाह 33:3

बाइबल पाठ: यूहन्ना 14:23-31
यूहन्ना 14:23 यीशु ने उसको उत्तर दिया, यदि कोई मुझ से प्रेम रखे, तो वह मेरे वचन को मानेगा, और मेरा पिता उस से प्रेम रखेगा, और हम उसके पास आएंगे, और उसके साथ वास करेंगे।
यूहन्ना 14:24 जो मुझ से प्रेम नहीं रखता, वह मेरे वचन नहीं मानता, और जो वचन तुम सुनते हो, वह मेरा नहीं वरन पिता का है, जिसने मुझे भेजा।
यूहन्ना 14:25 ये बातें मैं ने तुम्हारे साथ रहते हुए तुम से कहीं।
यूहन्ना 14:26 परन्तु सहायक अर्थात पवित्र आत्मा जिसे पिता मेरे नाम से भेजेगा, वह तुम्हें सब बातें सिखाएगा, और जो कुछ मैं ने तुम से कहा है, वह सब तुम्हें स्मरण कराएगा।
यूहन्ना 14:27 मैं तुम्हें शान्‍ति दिए जाता हूं, अपनी शान्‍ति तुम्हें देता हूं; जैसे संसार देता है, मैं तुम्हें नहीं देता: तुम्हारा मन न घबराए और न डरे।
यूहन्ना 14:28 तुम ने सुना, कि मैं ने तुम से कहा, कि मैं जाता हूं, और तुम्हारे पास फिर आता हूं: यदि तुम मुझ से प्रेम रखते, तो इस बात से आनन्‍दित होते, कि मैं पिता के पास जाता हूं क्योंकि पिता मुझ से बड़ा है।
यूहन्ना 14:29 और मैं ने अब इस के होने से पहिले तुम से कह दिया है, कि जब वह हो जाए, तो तुम प्रतीति करो।
यूहन्ना 14:30 मैं अब से तुम्हारे साथ और बहुत बातें न करूंगा, क्योंकि इस संसार का सरदार आता है, और मुझ में उसका कुछ नहीं।
यूहन्ना 14:31 परन्तु यह इसलिये होता है कि संसार जाने कि मैं पिता से प्रेम रखता हूं, और जिस तरह पिता ने मुझे आज्ञा दी, मैं वैसे ही करता हूं: उठो, यहां से चलें।   

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 21-22
  • यूहन्ना 14



बुधवार, 3 जून 2020

समय



     मेरे पिता का देहांत 58 वर्ष की आयु में हुआ था। तब ही से उन की मृत्यु की तिथि पर मैं जीवन में थोड़ा रुक कर अपने पिताजी के बारे में और मेरे जीवन में उन के प्रभाव के बारे कुछ मनन करता हूँ। जब मुझे यह एहसास हुआ कि मैंने उतना समय उन के साथ नहीं बिताया था, जितना उन के बिना बिता लिया है, तो मैं जीवन के संक्षिप्त होने पर भी विचार करने लग गया हूँ।

     मनन करते समय, हम किसी घटना और उस के द्वारा हमारे अन्दर उत्पन्न होने वाली भावनाओं के साथ संघर्ष कर सकते हैं। यद्यपि हम घड़ियों और कैलेन्डरों के द्वारा समय के बीतने का आकलन करते हैं, परन्तु हम समय को स्मरण उस से सम्बंधित घटनाओं के द्वारा करते हैं। जीवन के उन पलों में, जो हम में गहरी भावनाओं को जागृत कर सकते हैं, हम आनंद, हानि, आशीष, दुःख, सफलता, असफलता, आदि सभी का अनुभव कर सकते हैं।

     परमेश्वर का वचन बाइबल हमें, भजन 62 के द्वारा प्रोत्साहित करती है कि “हे लोगो, हर समय उस पर भरोसा रखो; उस से अपने अपने मन की बातें खोल कर कहो; परमेश्वर हमारा शरणस्थान है” (भजन 62:8)। भरोसे से भरा हुआ यह कथन, भजनकार दाऊद ने आराम के समय में नहीं लिखा था, वरन तब जब वह शत्रुओं से घिरा हुआ था (पद 3-4)। फिर भी वह शांत हो कर परमेश्वर के सम्मुख प्रतीक्षा करता रहा (पद 1, 5)। इस से हमें ध्यान रहता है कि परमेश्वर का हमारे प्रति कभी कम न होने वाले प्रेम हमारे संघर्ष के ऐसे किसी भी समय से, जिसका हम सामना करते हैं, बड़ा है (पद 12)।

     प्रत्येक घटना में हमें यह भरोसा है: हमारा परमेश्वर हमारे साथ खड़ा है, और जीवन के हर पल, हर परिस्थिति में होकर हमें लिए सुरक्षित लिए चलने में वह पूर्णतः सक्षम है। जब भी जीवन के समय हमें अभिभूत करने लगें, उस की आवश्यक एवं पर्याप्त सहायता सही समय पर उपलब्ध हो जाएगी। - बिल क्राउडर

जीवन के हर समय में हमारा प्रभु परमेश्वर हमारे साथ है।

चाहे मैं घोर अन्धकार से भरी हुई तराई में हो कर चलूं, तौभी हानि से न डरूंगा, क्योंकि तू मेरे साथ रहता है; तेरे सोंटे और तेरी लाठी से मुझे शान्ति मिलती है। - भजन 23:4

बाइबल पाठ: भजन 62
भजन संहिता 62:1 सचमुच मैं चुपचाप हो कर परमेरश्वर की ओर मन लगाए हूं; मेरा उद्धार उसी से होता है।
भजन संहिता 62:2 सचमुच वही, मेरी चट्टान और मेरा उद्धार है, वह मेरा गढ़ है; मैं बहुत न डिगूंगा।
भजन संहिता 62:3 तुम कब तक एक पुरूष पर धावा करते रहोगे, कि सब मिलकर उसका घात करो? वह तो झुकी हुई भीत वा गिरते हुए बाड़े के समान है।
भजन संहिता 62:4 सचमुच वे उसको, उसके ऊंचे पद से गिराने की सम्मति करते हैं; वे झूठ से प्रसन्न रहते हैं। मुंह से तो वे आशीर्वाद देते पर मन में कोसते हैं।
भजन संहिता 62:5 हे मेरे मन, परमेश्वर के साम्हने चुपचाप रह, क्योंकि मेरी आशा उसी से है।
भजन संहिता 62:6 सचमुच वही मेरी चट्टान, और मेरा उद्धार है, वह मेरा गढ़ है; इसलिये मैं न डिगूंगा।
भजन संहिता 62:7 मेरा उद्धार और मेरी महिमा का आधार परमेश्वर है; मेरी दृढ़ चट्टान, और मेरा शरणस्थान परमेश्वर है।
भजन संहिता 62:8 हे लोगो, हर समय उस पर भरोसा रखो; उस से अपने अपने मन की बातें खोल कर कहो; परमेश्वर हमारा शरणस्थान है।
भजन संहिता 62:9 सचमुच नीच लोग तो अस्थाई, और बड़े लोग मिथ्या ही हैं; तौल में वे हलके निकलते हैं; वे सब के सब सांस से भी हलके हैं।
भजन संहिता 62:10 अन्धेर करने पर भरोसा मत रखो, और लूट पाट करने पर मत फूलो; चाहे धन सम्पति बढ़े, तौभी उस पर मन न लगाना।
भजन संहिता 62:11 परमेश्वर ने एक बार कहा है; और दो बार मैं ने यह सुना है: कि सामर्थ्य परमेश्वर का है।
भजन संहिता 62:12 और हे प्रभु, करूणा भी तेरी है। क्योंकि तू एक एक जन को उसके काम के अनुसार फल देता है।   

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 19-20
  • यूहन्ना 13:21-38