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सोमवार, 3 जून 2013

एक शहर, दो कहानियाँ


   परमेश्वर के वचन बाइबल में एक ही शहर - निनवे के दो भिन्न पुस्तकों में दो भिन्न कथानक हैं। पहला मिलता है योना नबी की पुस्तक में और दूसरा नहूम नबी की पुस्तक में। इन दोनो पुस्तकों में इस एक ही शहर के दो भिन्न अन्जाम सामने आते हैं। 

   पहले कथानक में निनवे दुष्टता से भरा एक गैर-इस्त्राएली शहर था जिसकी दुष्टता का कटोरा भर चला था और इससे पहले कि उस शहर के निवासीयों को परमेश्वर के न्याय का सामना करना पड़े, परमेश्वर उन्हें पश्चाताप का एक अवसर देना चाहता है। परमेश्वर ने अपने नबी योना को निनवे जाकर उन्हें यह पश्चाताप करने का सन्देश देने को कहा लेकिन योना को निनवे के लोगों से कोई हमदर्दी नहीं थी और वह परमेश्वर की आज्ञा से बचने के लिए विपरीत दिशा में जाने वाले एक समुद्री जहाज़ के भीतरी भागों में जाकर सो गया। लेकिन परमेश्वर की नज़र और ज़िम्मेदारी से बचना संभव नहीं है; परमेश्वर ने एक बड़ा तूफान उठाया, जहाज़ के लोग परेशान हो गए, तब योना ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए उनसे कहा कि वे उसे समुद्र में फेंक दें। जान बचाने का और कोई चारा ना पाकर नाविकों ने ऐसा ही किया; लेकिन योना का निनवे जाने से बचने का उद्देश्य यहाँ भी सफल नहीं हुआ, क्योंकि परमेश्वर ने एक बड़ी मछली तैयार करके वहाँ भेज दी जिसने योना को निगल लिया और लाकर निनवे के तट पर उगल दिया। अन्ततः योना ने जाकर निनवे में लोगों को पापों से पश्चाताप करने का प्रचार किया और राजा समेत सारा निनवे पश्चाताप के साथ परमेश्वर के सामने झुक गया।

   दूसरा कथानक इससे लगभग सौ वर्ष बाद का है; निनवे की दशा फिर पहले जैसी हो गई है और उनका पाप एक बार फिर न्याय के लिए तैयार है। लेकिन इस बार वे पापों के लिए पश्चातापी नहीं वरन घमंडी हैं और परमेश्वर का नबी नहूम उन्हें परमेश्वर का सन्देश देता है: "यहोवा विलम्ब से क्रोध करने वाला और बड़ा शक्तिमान है; वह दोषी को किसी प्रकार निर्दोष न ठहराएगा..." (नहूम 1:3)। लेकिन साथ ही अपना भय मानने वालों को आश्वासन भी कि: "यहोवा भला है; संकट के दिन में वह दृढ़ गढ़ ठहरता है, और अपने शरणागतों की सुधी रखता है" (नहूम 1:7)।

   इस एक शहर की दो कहानीयों से हम कुछ बातों को सीखते हैं - हर पीढ़ी को परमेश्वर के साथ अपना संबंध स्वयं ठीक करना है। बीती पीढ़ी की धार्मिकता या पश्चाताप वर्तमान या भविष्य की पीढ़ी पर लागू नहीं होता। पाप के प्रति परमेश्वर का दृष्टिकोण कभी नहीं बदलता; वह विलम्ब से कोप करने वाला अवश्य है और सबको, अपने ना मानने वालों को भी, पश्चाताप का भरपूर अवसार देता है, लेकिन पाप से समझौता कभी नहीं करता। जो पश्चाताप के अवसर को स्वीकार कर लेते हैं वे उसकी आशीषों के भागी होते हैं, जो नहीं करते वे अपने निर्णय के अनुसार उसके दण्ड के भागी होते हैं।

   परमेश्वर का यह सन्देश आज भी उतना ही स्पष्ट और ताज़ा है, उसमें कोई परिवर्तन नहीं है। सारे संसार के सभी लोगों के उद्धार और पापों की क्षमा के लिए परमेश्वर ने प्रभु यीशु मसीह को ठहराया है। अब निर्णय आपका है कि आप उससे क्या लेना चाहते हैं - पापों से पश्चाताप तथा यीशु मसीह को उद्धारकर्ता स्वीकार करके अनन्तकाल की आशीषें; या अपने पापों में बने रहकर और क्षमा के दिए गए अवसर को तिरस्कृत करके अनन्तकाल का दण्ड! - डेनिस फिशर


परमेश्वर का न्याय भी, और उसकी करुणा तथा क्षमा भी, दोनो ही निश्चित हैं - चुनाव आपका है।

यहोवा भला है; संकट के दिन में वह दृढ़ गढ़ ठहरता है, और अपने शरणागतों की सुधी रखता है। - नहूम 1:7

बाइबल पाठ: नहूम 1:1-15
Nahum 1:1 नीनवे के विषय में भारी वचन। एल्कोशी नहूम के दर्शन की पुस्तक।
Nahum 1:2 यहोवा जल उठने वाला और बदला लेने वाला ईश्वर है; यहोवा बदला लेने वाला और जलजलाहट करने वाला है; यहोवा अपने द्रोहियों से बदला लेता है, और अपने शत्रुओं का पाप नहीं भूलता।
Nahum 1:3 यहोवा विलम्ब से क्रोध करने वाला और बड़ा शक्तिमान है; वह दोषी को किसी प्रकार निर्दोष न ठहराएगा। यहोवा बवंडर और आंधी में हो कर चलता है, और बादल उसके पांवों की धूलि है।
Nahum 1:4 उसके घुड़कने से महानद सूख जाते हैं, और समुद्र भी निर्जल हो जाता है; बाशान और कर्म्मैल कुम्हलाते और लबानोन की हरियाली जाती रहती है।
Nahum 1:5 उसके स्पर्श से पहाड़ कांप उठते हैं और पहाडिय़ां गल जाती हैं; उसके प्रताप से पृथ्वी वरन सारा संसार अपने सब रहने वालों समेत थरथरा उठता है।
Nahum 1:6 उसके क्रोध का साम्हना कौन कर सकता है? और जब उसका क्रोध भड़कता है, तब कौन ठहर सकता है? उसकी जलजलाहट आग की नाईं भड़क जाती है, और चट्टानें उसकी शक्ति से फट फटकर गिरती हैं।
Nahum 1:7 यहोवा भला है; संकट के दिन में वह दृढ़ गढ़ ठहरता है, और अपने शरणागतों की सुधी रखता है।
Nahum 1:8 परन्तु वह उमड़ती हुई धारा से उसके स्थान का अन्त कर देगा, और अपने शत्रुओं को खदेड़ कर अन्धकार में भगा देगा।
Nahum 1:9 तुम यहोवा के विरुद्ध क्या कल्पना कर रहे हो? वह तुम्हारा अन्त कर देगा; विपत्ति दूसरी बार पड़ने न पाएगी।
Nahum 1:10 क्योंकि चाहे वे कांटों से उलझे हुए हों, और मदिरा के नशे में चूर भी हों, तौभी वे सूखी खूंटी की नाईं भस्म किए जाएंगे।
Nahum 1:11 तुझ में से एक निकला है, जो यहोवा के विरुद्ध कल्पना करता और नीचता की युक्ति बान्धता है।
Nahum 1:12 यहोवा यों कहता है, चाहे वे सब प्रकार के सामर्थी हों, और बहुत भी हों, तौभी पूरी रीति से काटे जाएंगे और शून्य हो जाएंगे। मैं ने तुझे दु:ख दिया है, परन्तु फिर न दूंगा।
Nahum 1:13 क्योंकि अब मैं उसका जूआ तेरी गर्दन पर से उतार कर तोड़ डालूंगा, और तेरा बन्धन फाड़ डालूंगा।
Nahum 1:14 यहोवा ने तेरे विषय में यह आज्ञा दी है कि आगे को तेरा वंश न चले; मैं तेरे देवालयों में से ढली और गढ़ी हुई मूरतों को काट डालूंगा, मैं तेरे लिये कबर खोदूंगा, क्योंकि तू नीच है।
Nahum 1:15 देखो, पहाड़ों पर शुभसमाचार का सुनाने वाला और शान्ति का प्रचार करने वाला आ रहा है! अब हे यहूदा, अपने पर्व मान, और अपनी मन्नतें पूरी कर, क्योंकि वह ओछा फिर कभी तेरे बीच में हो कर न चलेगा, और पूरी रीति से नाश हुआ है।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 19-20 
  • यूहन्ना 13:21-38


रविवार, 2 जून 2013

सूर्योदय


   अमेरिका के जिस प्रांत में हम रहते हैं - इडाहो, उसका नाम रेड इंडियन्स के शोशोने कबीले के एक शब्द - ई-डाह-हाओ से आता है, जिसका अर्थ है "देखो! पहाड़ों के ऊपर से सूर्योदय हो रहा है"। जब मैं अपने घर के सामने के पहाड़ों के ऊपर सूर्योदय को होते और सूर्य के प्रकाश को अपनी उस घाटी को रौशन करते हुए देखता हूँ जहाँ हम रहते हैं तो मैं अकसर इसे स्मरण करता हूँ। साथ ही मैं परमेश्वर के वचन बाइबल में मिलने वाली एक भविष्यवाणी और प्रतिज्ञा को भी स्मरण करता हूँ: "परन्तु तुम्हारे लिये जो मेरे नाम का भय मानते हो, धर्म का सूर्य उदय होगा, और उसकी किरणों के द्वारा तुम चंगे हो जाओगे; और तुम निकल कर पाले हुए बछड़ों की नाईं कूदोगे और फांदोगे" (मलाकी 4:2 )। यह परमेश्वर की अटल प्रतिज्ञा है कि प्रभु यीशु के दूसरे आगमन के साथ ही "सृष्टि भी आप ही विनाश के दासत्व से छुटकारा पाकर, परमेश्वर की सन्तानों की महिमा की स्वतंत्रता प्राप्त करेगी" (रोमियों 8:21)।

   हर नया सूर्योदय उस अनन्तकाल के आरंभ के सूर्योदय का स्मरण दिलाता है जब धर्म का सूर्य उदय होगा, उसकी किरणों में चंगाई होगी। तब सारी सृष्टि की सब वस्तुएं सिद्ध हो जाएंगी। उस के बाद फिर कभी कोई दुखता जोड़ या पीड़ा से टूटता बदन नहीं रहेगा, कोई आर्थिक संघर्ष नहीं रहेगा, कोई हानि नहीं होगी और बुढ़ापा नहीं रहेगा; हम सब मसीही विश्वासी प्राण-देह-आत्मा की एक अद्भुत स्वतंत्रता का अनुभव करेंगे और सृष्टि के वर्तमान सभी दुखदायी बन्धनों से स्वतंत्र होकर "पाले हुए बछड़ों की नाईं कूदेंगे और फांदेंगे"। अपने बुढ़ापे और दुखते जोड़ों की अवस्था में मेरे लिए जब यह सब कल्पना करना भी इतना रोमांचकारी है, तो जब प्रत्यक्ष अनुभव करूँगा तो कैसा अद्भुत आनन्द होगा!

   प्रभु यीशु ने आश्वासन दिया है: "हां, मैं शीघ्र आने वाला हूं। आमीन। हे प्रभु यीशु आ।" (प्रकाशितवाक्य 22:20)। - डेविड रोपर


यदि आप प्रभु यीशु के पुनः आगमन की बाट जोह रहे हैं तो आपकी यह आशा व्यर्थ नहीं है।

जो इन बातों की गवाही देता है, वह यह कहता है, हां शीघ्र आने वाला हूं। आमीन। हे प्रभु यीशु आ। प्रभु यीशु का अनुग्रह पवित्र लोगों के साथ रहे। आमीन। - प्रकाशितवाक्य 22:20-21

बाइबल पाठ: मलाकी 4:1-6
Malachi 4:1 क्योंकि देखो, वह धधकते भट्ठे का सा दिन आता है, जब सब अभिमानी और सब दुराचारी लोग अनाज की खूंटी बन जाएंगे; और उस आने वाले दिन में वे ऐसे भस्म हो जाएंगे कि उनका पता तक न रहेगा, सेनाओं के यहोवा का यही वचन है।
Malachi 4:2 परन्तु तुम्हारे लिये जो मेरे नाम का भय मानते हो, धर्म का सूर्य उदय होगा, और उसकी किरणों के द्वारा तुम चंगे हो जाओगे; और तुम निकल कर पाले हुए बछड़ों की नाईं कूदोगे और फांदोगे।
Malachi 4:3 तब तुम दुष्टों को लताड़ डालोगे, अर्थात मेरे उस ठहराए हुए दिन में वे तुम्हारे पांवों के नीचे की राख बन जाएंगे, सेनाओं के यहोवा का यही वचन है।
Malachi 4:4 मेरे दास मूसा की व्यवस्था अर्थात जो जो विधि और नियम मैं ने सारे इस्रएलियों के लिये उसको होरेब में दिए थे, उन को स्मरण रखो।
Malachi 4:5 देखो, यहोवा के उस बड़े और भयानक दिन के आने से पहिले, मैं तुम्हारे पास एलिय्याह नबी को भेजूंगा।
Malachi 4:6 और वह माता पिता के मन को उनके पुत्रों की ओर, और पुत्रों के मन को उनके माता-पिता की ओर फेरेगा; ऐसा न हो कि मैं आकर पृथ्वी को सत्यानाश करूं।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 17-18 
  • यूहन्ना 13:1-20


शनिवार, 1 जून 2013

पाप


   चक ने सामने गाड़ीयों की कतार बनते देख अपनी गाड़ी धीमी कर ली और लगभग रुक ही गया था कि उसकी गाड़ी को पीछे से धक्का लगा और वह अगली गाड़ी में जा टकराई। आवाज़ों से पता चल गया कि टक्कर से होने वाली क्षति गंभीर है। चक अपनी गाड़ी में बैठा हुआ अपने होश संभाल रहा था और स्थिति का जायज़ा ले ही रहा था, कि उसे पीछे का दृश्य देखने वाले आईने में दिखाई दिया कि टक्कर मारने वाली गाड़ी पीछे होकर बाहर हुई और तेज़ी से भाग निकली - उस गाड़ी का चालक पुलिस से अपने आप को बचाना चाह रहा था। लेकिन भागने की जल्दबाज़ी में वह नीचे गिरी पड़ी एक वस्तु पर ध्यान देना भूल गया। थोड़ी देर में जब पुलिस वाले वहाँ पहुँचे तो उन्होंने उसकी गाड़ी की गिरी हुई नम्बर प्लेट उठाते हुए कहा, "वह ज़्यादा दूर नहीं जा पाएगा और ना ही बहुत देर तक बचने पाएगा। उसके घर पहुँचने से पहले ही कोई उसके घर पर उसे लेने के लिए पहुँच चुका होगा।"

   परमेश्वर का वचन बाइबल हमें सिखाती है कि इस बात से सचेत रहो कि तुम्हारा पाप तुम्हें ढूँढ निकालेगा (गिनती 32:23); जैसा कि इस ऐक्सिडेंट कर देने वाले व्यक्ति को पता चला होगा। हो सकता है कि हम अपने आस-पास वाले लोगों से अपने पाप को छिपा लें, लेकिन परमेश्वर की दृष्टि से कोई बात कभी छिपी नहीं रहती है: "और सृष्‍टि की कोई वस्तु उस से छिपी नहीं है वरन जिस से हमें काम है, उस की आंखों के साम्हने सब वस्तुएं खुली और बेपरदा हैं" (इब्रानियों 4:13 )। परमेश्वर ना केवल हमारी हर बात को देखता और समझता है, वरन उसे हमारे हर उद्देश्य और हर बात या कार्य के पीछे छिपी भावना का भी ज्ञान रहता है (1 शमुएल 16:7; लूका 12:2-3)। कोई उसके सामने बात माने या ना माने, उससे कुछ भी छुपा हुआ नहीं है और अन्ततः वह हर बात का न्याय करेगा, हर बात का प्रतिफल देगा; इसीलिए मानकर क्षमा माँग लेना, ढीठ होकर दण्ड का भागी होने से कहीं अधिक भला है।

   हमारे पास परमेश्वर से एक अद्भुत आश्वासन है: "यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है" (1 यूहन्ना 1:9 )। यदि आज तक आपने परमेश्वर प्रभु यीशु के साम्हने अपने पापों का अंगीकार करके उन से पापों की क्षमा नहीं माँगी है तो अभी भी आपके लिए यह अवसर खुला है, उपलब्ध है। यदि पापों की क्षमा पा लेने के बाद भी कोई पाप हो गया है तो भी क्षमा मिलने का द्वार खुला है - उस पाप को मान लीजिए। पाप को छिपा कर उस के परिणामों से बचने का प्रयास ना करें क्योंकि यह संभव नहीं है, और इसके परिणाम बहुत दुखदायी हैं। पापों को अपने और परमेश्वर के बीच में ना आने दें; उन्हें स्वीकार कर के और उन के लिए क्षमा माँग के आज और अभी परमेश्वर से मेल-मिलाप कर लें। - सिंडी हैस कैस्पर


पाप मनुष्यों से तो छुपाया जा सकता है, परमेश्वर से कभी नहीं।

हे परमेश्वर, तू तो मेरी मूढ़ता को जानता है, और मेरे दोष तुझ से छिपे नहीं हैं। - भजन 69:5 

बाइबल पाठ: 1 यूहन्ना 1:5-10
1 John 1:5 जो समाचार हम ने उस से सुना, और तुम्हें सुनाते हैं, वह यह है; कि परमेश्वर ज्योति है: और उस में कुछ भी अन्धकार नहीं।
1 John 1:6 यदि हम कहें, कि उसके साथ हमारी सहभागिता है, और फिर अन्धकार में चलें, तो हम झूठे हैं: और सत्य पर नहीं चलते।
1 John 1:7 पर यदि जैसा वह ज्योति में है, वैसे ही हम भी ज्योति में चलें, तो एक दूसरे से सहभागिता रखते हैं; और उसके पुत्र यीशु का लोहू हमें सब पापों से शुद्ध करता है।
1 John 1:8 यदि हम कहें, कि हम में कुछ भी पाप नहीं, तो अपने आप को धोखा देते हैं: और हम में सत्य नहीं।
1 John 1:9 यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है।
1 John 1:10 यदि कहें कि हम ने पाप नहीं किया, तो उसे झूठा ठहराते हैं, और उसका वचन हम में नहीं है।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 15-16 
  • यूहन्ना 12:27-50


शुक्रवार, 31 मई 2013

गलत चुनाव


   टेलिविज़न पर बुलाए गए मेहमानों से वार्ता करने और भिन्न बातों के प्रति उनके विचार जानने वाले एक कार्यक्रम में प्रस्तुतक्रता लैरी किंग ने एक वृद्ध टेलिविज़न स्टार से पूछा कि स्वर्ग के बारे में उनकी क्या राय है। यह प्रश्न पूछने से पहले लैरी किंग ने सुप्रसिद्ध और अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सुसमाचार प्रचारक बिली ग्राहम द्वारा दिए गए इसी प्रश्न के उत्तर को उन्हें बताया जिसमें बिली ग्राहम ने कहा था कि वे जानते हैं कि आगे उनके लिए क्या रखा हुआ है - वे स्वर्ग में होंगे। किंग ने उस मेहमान टेलिविज़न स्टार से पूछा, "आप का विश्वास क्या है?" मेहमान ने उत्तर दिया, "मुझे बहुत चहल-पहल और गतिविधि का जीवन पसन्द है। मुझे लगता है कि स्वर्ग एक बहुत शांत और नीरस स्थान होगा जबकि नरक में बहुत गतिविधि होगी - जो मुझे अधिक पसन्द है।"

   दुख की बात है कि यह व्यक्ति इस राय को रखने में अकेला नहीं है; संसार के बहुत से लोग यही या इससे मिलती जुलती राय रखते हैं। उनके लिए शैतान के साथ नरक में रहना एक अधिक रोचक विकल्प है। मैंने बहुत से लोगों को कहते सुना है क्योंकि उनके मित्र नरक में ही होंगे इसलिए वे भी वहीं जाना चाहते हैं। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा, "यदि नरक वास्तविक है तो वह कोई बुरा स्थान नहीं होगा क्योंकि बहुत से दिलचस्प लोग वहाँ मिलेंगे।"

   इस प्रकार की विचारधारा रखने वाले भरमाए गए लोगों को यह कैसे समझाया जा सकता है कि नरक उनकी कलपना जैसा कोई विनोद का स्थान नहीं है, और उससे बचकर रहना ही भला है। एक तरीका हो सकता है उन्हें नरक की वास्तविकता के बारे में बताने के द्वारा। परमेश्वर के वचन बाइबल में नरक की कई बातें बताई गई हैं, जैसे, वह आग की झील है (प्रकाशितवाक्य 20:15); एक अनन्त बदनामी और घिनौनेपन का स्थान है (दानिएल 12:2); वह घोर पीड़ा और तड़पने का स्थान है जहाँ से कोई फिर कभी बाहर नहीं निकल सकता (लूका 16:23-26); वहाँ कोई आमोद-प्रमोद या मस्ती नहीं वरन सदाकाल का रोना और दांतों का पीसना ही होगा (मत्ती 8:12) और प्रकाशितवाक्य 14:11 में लिखा है कि जो नरक में होंगे "उन की पीड़ा का धुआं युगानुयुग उठता रहेगा"।

   स्पष्ट है कि बाइबल के सत्य किसी को यह सोचने की अनुमति नहीं देते कि नरक एक रोचक और मज़ेदार स्थान होगा। ज़रा सोचिए, यदि किसी छोटी सी चोट की पीड़ा, या फिर कुछ समय का सिरदर्द या थोड़ा बुखार तबियत को ऐसा कर देता है कि ना मित्रों और ना आमोद-प्रमोद की बातों और ना किसी हँसी-मज़ाक में कोई रुचि रहती है, वरन ये उस कष्ट को और बढ़ाते ही लगते हैं, तो नरक की भयानक और कलपना से परे पीड़ा में क्या किसी को मित्र मण्डली, दिलचस्प लोगों और हँसी-ठिठोली का कोई होश या इच्छा रह सकेगी? उस भयानक पीड़ा के साथ यदि कुछ होगा तो नरक से बचने के उन जान बूझकर गवाँए गए अवसरों के लिए अति गहन शोक तथा ग्लानि की पीड़ा। आज यह चुनाव करने का अवसर आप के पास है; परमेश्वर की चेतावनियों के बावजूद अपने लिए जो भी चुनाव आप करेंगे, उसी चुनाव का निर्वाह बाद में परमेश्वर को करना पड़ेगा और उन परिणामों के ज़िम्मेदार परमेश्वर नहीं आप स्वयं होंगे।

   अपने हाथों अपना सर्वनाश मत कीजिए, अपने अनन्त भविश्य के लिए नरक को मत चुनिए, यह बहुत गलत चुनाव है - जो एक बार वहाँ गया वह फिर कदापि किसी रीति वहाँ से बाहर नहीं आ सकेगा। प्रभु यीशु मसीह में सेंत-मेंत उपलब्ध पापों की क्षमा स्वीकार करके अनन्त काल तक परमेश्वर की संगति तथा अवर्णननीय आनन्द के स्थान स्वर्ग में आज और अभी अपना स्थान सुनिश्चित कर लीजिए। - डेव ब्रैनन


जिस मसीह यीशु ने स्वर्ग के वैभव और आनन्द की बात कही है, वह ही नरक की भयानक पीड़ा तथा वीभत्सता को भी बताता है।

और जो भूमि के नीचे सोए रहेंगे उन में से बहुत से लोग जाग उठेंगे, कितने तो सदा के जीवन के लिये, और कितने अपनी नामधराई और सदा तक अत्यन्त घिनौने ठहरने के लिये। - दानिएलl 12:2 

बाइबल पाठ: प्रकाशितवाक्य 20:11-15
Revelation 20:11 फिर मैं ने एक बड़ा श्वेत सिंहासन और उसको जो उस पर बैठा हुआ है, देखा, जिस के साम्हने से पृथ्वी और आकाश भाग गए, और उन के लिये जगह न मिली।
Revelation 20:12 फिर मैं ने छोटे बड़े सब मरे हुओं को सिंहासन के साम्हने खड़े हुए देखा, और पुस्‍तकें खोली गई; और फिर एक और पुस्‍तक खोली गई; और फिर एक और पुस्‍तक खोली गई, अर्थात जीवन की पुस्‍तक; और जैसे उन पुस्‍तकों में लिखा हुआ था, उन के कामों के अनुसार मरे हुओं का न्याय किया गया।
Revelation 20:13 और समुद्र ने उन मरे हुओं को जो उस में थे दे दिया, और मृत्यु और अधोलोक ने उन मरे हुओं को जो उन में थे दे दिया; और उन में से हर एक के कामों के अनुसार उन का न्याय किया गया।
Revelation 20:14 और मृत्यु और अधोलोक भी आग की झील में डाले गए; यह आग की झील तो दूसरी मृत्यु है।
Revelation 20:15 और जिस किसी का नाम जीवन की पुस्‍तक में लिखा हुआ न मिला, वह आग की झील में डाला गया।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 13-14 
  • यूहन्ना 12:1-26



गुरुवार, 30 मई 2013

श्रद्धा


   अमेरिका में सैनिकों के लिए बने कब्रिस्तानों में से एक है ’आर्लिंगटन नैशनल सिमेट्री’; यहाँ पर एक कब्र बनी है "अनजाने सैनिकों के लिए", अर्थात उन सैनिकों के लिए जिन्होंने देश पर अपने प्राण न्योछावर कर दिए लेकिन किसी कारणवश उनकी पहचान नहीं हो पाई और उनके शव वापस देश लाकर दफनाए नहीं जा सके। उन बेनाम और बेपहचान शहीदों को सम्मान और श्रद्धा देने के लिए वहाँ लगातार एक सैनिक दस्ता तैनात रहता है जिसके सद्स्य वहाँ अपनी ड्यूटी के समय लगातार मार्च करते रहते हैं, चाहे मौसम कैसा भी हो। जब ड्यूटी बदलने का समय आता है तो एक गंभीर किंतु भव्य सादगी के साथ यह रस्म अदा की जाती है और बहुत से लोग उन अनजाने सैनिकों के प्रति, जिनके नाम केवल परमेश्वर जानता है, दी गई इस श्रद्धांजलि को देखने आते हैं। लेकिन उस कब्र पर कोई देखने वाला हो या ना हो, उन सैनिकों का मार्च करना वैसे ही चलता रहता है।

   सितंबर 2003 में जब एक भारी चक्रवाधी तूफान उस इलाके की ओर बढ़ रहा था तो उस तूफान की तीव्रता को देखते हुए उन सैनिकों को अनुमति दी गई कि यदि वे चाहें तो तूफान की तीव्रता के समय में कब्र से हटकर विश्रामग्रह में जाकर तूफान गुज़र जाने की प्रतीक्षा कर सकते हैं। लेकिन किसी को भी सैनिकों के निर्णय से कोई अचंभा नहीं हुआ जब उन्होंने तूफान के पूरे समय भी अपने दिवंगत साथीयों को श्रद्धांजली देना नहीं छोड़ा और अपनी जान की परवाह किए बिना अपनी ड्यूटी पर बने रहे।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में मत्ती 6:1-6 में प्रभु यीशु की शिक्षाएं भी कुछ इसी आशय की हैं - प्रभु यीशु के प्रति उनके शिष्यों की निरन्तर, निस्वार्थ श्रद्धा और समर्पण। शिष्यों को भले कार्यों और पवित्र जीवन में बने तो रहना है, परन्तु संसार को दिखाने और अपने लिए यश या कीर्ति कमाने के उद्देश्य से नहीं वरन अपने प्रभु की आज्ञाकारिता और उपासना के लिए (पद 4-6)। प्रेरित पौलुस ने भी इसी बात और मसीही जीवन के प्रति ऐसे ही नज़रिए की पुष्टि करी जब रोम के विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में उसने लिखा, "इसलिये हे भाइयों, मैं तुम से परमेश्वर की दया स्मरण दिला कर बिनती करता हूं, कि अपने शरीरों को जीवित, और पवित्र, और परमेश्वर को भावता हुआ बलिदान कर के चढ़ाओ: यही तुम्हारी आत्मिक सेवा है" (रोमियों 12:1)।

   हे प्रभु, होने दे कि हमारे व्यक्तिगत और सामाजिक, दोनों ही जीवन सदा ही आपके प्रति हमारे समर्पण और श्रद्धा के सच्चे गवाह बने रहें। - रैण्डी किल्गोर


हम जितना मसीह की सेवा में बढ़ते जाएंगे, हमारी स्वार्थ की सेवा उतनी ही कम होती जाएगी।

सावधान रहो! तुम मनुष्यों को दिखाने के लिये अपने धर्म के काम न करो, नहीं तो अपने स्‍वर्गीय पिता से कुछ भी फल न पाओगे। - मत्ती 6:1 

बाइबल पाठ: मत्ती 6:1-6
Matthew 6:1 सावधान रहो! तुम मनुष्यों को दिखाने के लिये अपने धर्म के काम न करो, नहीं तो अपने स्‍वर्गीय पिता से कुछ भी फल न पाओगे।
Matthew 6:2 इसलिये जब तू दान करे, तो अपने आगे तुरही न बजवा, जैसा कपटी, सभाओं और गलियों में करते हैं, ताकि लोग उन की बड़ाई करें, मैं तुम से सच कहता हूं, कि वे अपना फल पा चुके।
Matthew 6:3 परन्तु जब तू दान करे, तो जो तेरा दाहिना हाथ करता है, उसे तेरा बांया हाथ न जानने पाए।
Matthew 6:4 ताकि तेरा दान गुप्‍त रहे; और तब तेरा पिता जो गुप्‍त में देखता है, तुझे प्रतिफल देगा।
Matthew 6:5 और जब तू प्रार्थना करे, तो कपटियों के समान न हो क्योंकि लोगों को दिखाने के लिये सभाओं में और सड़कों के मोड़ों पर खड़े हो कर प्रार्थना करना उन को अच्छा लगता है; मैं तुम से सच कहता हूं, कि वे अपना प्रतिफल पा चुके।
Matthew 6:6 परन्तु जब तू प्रार्थना करे, तो अपनी कोठरी में जा; और द्वार बन्‍द कर के अपने पिता से जो गुप्‍त में है प्रार्थना कर; और तब तेरा पिता जो गुप्‍त में देखता है, तुझे प्रतिफल देगा।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 10-12 
  • यूहन्ना 11:30-57



बुधवार, 29 मई 2013

बढ़ते रहो


   हाल ही की एक यात्रा में मेरी पत्नि को सीट एक ऐसी महिला के साथ मिली जिसका छोटा बेटा पहली बार हवाई यात्रा कर रहा था। अपनी इस पहली हवाई यात्रा का भरपूर आनान्द उठाने को वह बच्चा खिड़की के साथ वली सीट पर बैठ गया था और अपना चेहरा बाहर का नज़ारा देखते रहने के लिए खिड़की से लगा लिया। वायुयान के उड़ान भरते ही वह विसमित होकर ऊँची आवाज़ में बोला, "माँ देखो हम कितने ऊँचे आ गए हैं, नीचे सब कुछ कितना छोटा होता जा रहा है।" फिर थोड़ी देर बाद वह फिर वैसे ही बोल उठा, "क्या नीचे वे बादल हैं? वे हमारे नीचे कैसे आ गए?" समय बीतने के साथ बाकी यात्री या तो कुछ पढ़ने लगे, या ऊँघने लगे या अपने सामने लगे टेलिविज़न स्क्रीन पर वीडियो देखने लगे। लेकिन यह बालक खिड़की से चिपका बैठा रहा और आँखें फाड़े जो दिख सकता था मन्त्रमुग्ध होकर वह देखता रहा, पूरी यात्रा में ऐसे ही उसका कौतहूल बना रहा, उसकी टिप्पणियाँ चलती रहीं।

  मसीही जीवन की यात्रा करने वाले ’अनुभवी’ लोगों के लिए इस यात्रा का कौतुहल खो बैठने का खतरा बना रहता है। परमेश्वर का वचन जो कभी हमें बड़ा रोमांचक लगता था अब जाना-पहचाना और महज़ शैक्षणिक लगने लगता है। हम सुस्त होकर केवल दिमाग़ से ही प्रार्थना करने वाले बन जाते हैं ना कि हृदय से निकलने वाली प्रार्थनाएं करने वाले। ये लक्षण हैं कि हमारी मसीही यात्रा एक औपचारिकता बन गई है, परमेश्वर की अदभुत बातों की खोज की यात्रा नहीं रही - हम एक खतरनाक स्थिति की ओर बढ़ रहे हैं।

   प्रेरित पतरस ने मसीही अनुयायियों को लिखी अपनी पत्री में उनसे आग्रह किया कि वे अपने विश्वास, सदगुण, ज्ञान, आत्मसंयम, धीरज, भक्ति, भाईचारे की प्रीति और प्रेम में लगातार बढ़ते चले जाएं (2 पतरस 5-7) - किसी एक स्थान पर रुक नहीं जाएं, शिथिल ना पड़ जाएं, वरन आगे, और आगे की ओर चलते जाएं - इसी से वे अपने उद्धारकर्ता और प्रभु, मसीह यीशु के लिए कार्यकारी और फलवन्त होने पाएंगे: "क्योंकि यदि ये बातें तुम में वर्तमान रहें, और बढ़ती जाएं, तो तुम्हें हमारे प्रभु यीशु मसीह के पहचानने में निकम्मे और निष्‍फल न होने देंगी" (2 पतरस 1:8)। अन्यथा आत्मिक अन्धापन उन्हें घेर लेगा और वे अपने उद्धार पाने को भुला बैठेंगे: "और जिस में ये बातें नहीं, वह अन्‍धा है, और धुन्‍धला देखता है, और अपने पूर्वकाली पापों से धुल कर शुद्ध होने को भूल बैठा है" (2 पतरस 1:9)।

   मसीही जीवन एक स्थान पर पहुँचकर स्थिर होकर बैठ जाने का जीवन नहीं है वरन सारी उम्र परिपक्वता की ओर अग्रसर रहने जीवन है। जब तक जीवन है, प्रत्येक मसीही विश्वासी को मसीह यीशु और उसके वचन को जानने में आगे, और आगे बढ़ते ही रहने के प्रयास में रत रहना है। इस प्रयास के लिए अनिवार्य है हमारे उस आरंभिक कौतहूल का बने रहना। यदि वह कौतहूल ठंडा पड़ गया, यदि परमेश्वर से नित प्रायः कुछ नया प्राप्त करने की जिज्ञासा जाती रही तो आत्मिक अन्धापन और शिथिल जीवन दूर नहीं। प्रभु हम पर अपना अनुग्रह बनाए रखे जिससे अपनी पहली हवाई यात्रा कर रहे उस बालक के समान हम लगातार, अपनी पूरी जीवन यात्रा में कुछ नया देखने और खोजने को लालायित बने रहें। - डेविड मैक्कैसलैंड


मसीह में लगातार बढ़ते जाने के लिए मसीह के वचन की गहराईयों को लगातार खोजते रहना अनिवार्य है।

क्योंकि यदि ये बातें तुम में वर्तमान रहें, और बढ़ती जाएं, तो तुम्हें हमारे प्रभु यीशु मसीह के पहचानने में निकम्मे और निष्‍फल न होने देंगी। - 2 पतरस 1:8

बाइबल पाठ: 2 पतरस 1:2-11
2 Peter 1:2 परमेश्वर के और हमारे प्रभु यीशु की पहचान के द्वारा अनुग्रह और शान्‍ति तुम में बहुतायत से बढ़ती जाए।
2 Peter 1:3 क्योंकि उसके ईश्वरीय सामर्थ ने सब कुछ जो जीवन और भक्ति से संबंध रखता है, हमें उसी की पहचान के द्वारा दिया है, जिसने हमें अपनी ही महिमा और सद्गुण के अनुसार बुलाया है।
2 Peter 1:4 जिन के द्वारा उसने हमें बहुमूल्य और बहुत ही बड़ी प्रतिज्ञाएं दी हैं: ताकि इन के द्वारा तुम उस सड़ाहट से छूट कर जो संसार में बुरी अभिलाषाओं से होती है, ईश्वरीय स्‍वभाव के समभागी हो जाओ।
2 Peter 1:5 और इसी कारण तुम सब प्रकार का यत्‍न कर के, अपने विश्वास पर सद्गुण, और सद्गुण पर समझ।
2 Peter 1:6 और समझ पर संयम, और संयम पर धीरज, और धीरज पर भक्ति।
2 Peter 1:7 और भक्ति पर भाईचारे की प्रीति, और भाईचारे की प्रीति पर प्रेम बढ़ाते जाओ।
2 Peter 1:8 क्योंकि यदि ये बातें तुम में वर्तमान रहें, और बढ़ती जाएं, तो तुम्हें हमारे प्रभु यीशु मसीह के पहचानने में निकम्मे और निष्‍फल न होने देंगी।
2 Peter 1:9 और जिस में ये बातें नहीं, वह अन्‍धा है, और धुन्‍धला देखता है, और अपने पूर्वकाली पापों से धुल कर शुद्ध होने को भूल बैठा है।
2 Peter 1:10 इस कारण हे भाइयों, अपने बुलाए जाने, और चुन लिये जाने को सिद्ध करने का भली भांति यत्‍न करते जाओ, क्योंकि यदि ऐसा करोगे, तो कभी भी ठोकर न खाओगे।
2 Peter 1:11 वरन इस रीति से तुम हमारे प्रभु और उद्धारकर्ता यीशु मसीह के अनन्त राज्य में बड़े आदर के साथ प्रवेश करने पाओगे।

एक साल में बाइबल: 

  • 2 इतिहास 7-9 
  • यूहन्ना 11:1-29



मंगलवार, 28 मई 2013

पहले सुनो फिर करो


   वह खिसियाया हुआ था, क्रोधित था और बार-बार हर बात के लिए, वजह-बेवजह दोषी ठहराए जाने से थक चुका था। साल-दर-साल वह उन्हें एक के बाद एक समस्याओं से निकालता आया था; वह लगातार उनके लिए विनती निवेदन करके उन्हें कोप में पड़कर नाश होने से बचाता आया था। लेकिन बड़े धीरज के साथ इतना सब करने पर भी प्रत्युत्तर में उसे केवल और अधिक दुख ही मिला था। अब फिर वही परिस्थिति एक बार फिर बन गई थी और वह अपने आप को बेवजह इलज़ाम में पड़े हुए पा रहा था। रोष से भड़ककर उसने उन लोगों से कहा: "... हे दंगा करने वालो, सुनो; क्या हम को इस चट्टान में से तुम्हारे लिये जल निकालना होगा?" (गिनती 20:10)।

   उसकी यह बात सुनने में असंगत लगती है, लेकिन थी नहीं। लगभग चालीस वर्ष पहले उन लोगों की पिछली पीढ़ी ने भी यही शिकायत करी थी - पानी नहीं है। तब परमेश्वर ने मूसा को एक चट्टान दिखाकर उससे कहा कि अपनी लाठी से वह चट्टान को मारे (निर्गमन 17:6)। जब मूसा ने परमेश्वर के निर्देश के अनुसार किया तो उस चट्टान में से बहुतायत से पानी बह निकला। अब जब वही परिस्थिति उसके सामने फिर से खड़ी थी तो मूसा ने फिर एक बार वही किया जो उसने पहले किया था - चट्टान पर लाठी मारी, लेकिन वह नहीं किया जो उसे करना चाहिए था और जो वह इस्त्राएलियों को करना सिखा रहा था - परमेश्वर की सुनना। इस बार परमेश्वर ने मूसा से चट्टान से पानी देने को कहने के लिए बोला था ना कि उसे मारने के लिए। अपने रोष और खिसियाहट में मूसा परमेश्वर की अनाज्ञाकारिता कर बैठा; चट्टान से पानी तो अवश्य निकला लेकिन अनाज्ञाकारिता का दण्ड भी मूसा को उठाना पड़ा, चालीस साल की यात्रा और दिक्कतों का सामना करने के बाद भी परमेश्वर ने उसे उस वाचा किए हुए देश में जाने से रोक दिया जिसकी आस लगाए वह इस्त्राएलियों को लिए चल रहा था।

   कई बार थकान, रोष खिसियाहट आदि में हम परमेश्वर की ओर ध्यान नहीं देते हैं; उसकी सुनने की बजाए बस वही करते जाते हैं जो पहले करते आए हैं। हम यह मान लेते हैं कि जो पहले होता था वही अब भी होगा। परमेश्वर जैसे पहले काम करता था वैसे ही अब भी करेगा; लेकिन सदा ही यह नहीं होता। परमेश्वर कभी हम से कार्य करने को कहता है, कभी करने की बजाए कुछ बोलने को कहता है और कभी ना तो कुछ बोलने को और ना ही कुछ करने को वरन केवल धीरज के साथ प्रतीक्षा करने को कहता है। हमारी आशीष और प्रतिफल उसकी सुनकर समझकर उसके बाद निर्देशानुसार ही कार्य करने में है। बिना जाने-सोचे-समझे अपनी ही इच्छानुसार परमेश्वर के नाम से कोई भी कार्य करने या कुछ कहने के अन्जाम अच्छे नहीं होते क्योंकि परमेश्वर को हल्के में नहीं लिया जा सकता।

   परमेश्वर के लिए कार्य करना है तो पहले उसकी सुनो फिर उसके कहे अनुसार करो। - जूली एकैरमैन लिंक


पहले आज्ञा जानो - फिर आज्ञा मानो।

उस लाठी को ले, और तू अपने भाई हारून समेत मण्डली को इकट्ठा कर के उनके देखते उस चट्टान से बातें कर, तब वह अपना जल देगी; इस प्रकार से तू चट्टान में से उनके लिये जल निकाल कर मण्डली के लोगों और उनके पशुओं को पिला। - गिनती 20:8 

बाइबल पाठ: गिनती 20:1-13
Numbers 20:1 पहिले महीने में सारी इस्त्राएली मण्डली के लोग सीनै नाम जंगल में आ गए, और कादेश में रहने लगे; और वहां मरियम मर गई, और वहीं उसको मिट्टी दी गई।
Numbers 20:2 वहां मण्डली के लोगों के लिये पानी न मिला; सो वे मूसा और हारून के विरुद्ध इकट्ठे हुए।
Numbers 20:3 और लोग यह कहकर मूसा से झगड़ने लगे, कि भला होता कि हम उस समय ही मर गए होते जब हमारे भाई यहोवा के साम्हने मर गए!
Numbers 20:4 और तुम यहोवा की मण्डली को इस जंगल में क्यों ले आए हो, कि हम अपने पशुओं समेत यहां मर जाएं?
Numbers 20:5 और तुम ने हम को मिस्र से क्यों निकाल कर इस बुरे स्थान में पहुंचाया है? यहां तो बीज, वा अंजीर, वा दाखलता, वा अनार, कुछ नहीं है, यहां तक कि पीने को कुछ पानी भी नहीं है।
Numbers 20:6 तब मूसा और हारून मण्डली के साम्हने से मिलापवाले तम्बू के द्वार पर जा कर अपने मुंह के बल गिरे। और यहोवा का तेज उन को दिखाई दिया।
Numbers 20:7 तब यहोवा ने मूसा से कहा,
Numbers 20:8 उस लाठी को ले, और तू अपने भाई हारून समेत मण्डली को इकट्ठा कर के उनके देखते उस चट्टान से बातें कर, तब वह अपना जल देगी; इस प्रकार से तू चट्टान में से उनके लिये जल निकाल कर मण्डली के लोगों और उनके पशुओं को पिला।
Numbers 20:9 यहोवा की इस आज्ञा के अनुसार मूसा ने उसके साम्हने से लाठी को ले लिया।
Numbers 20:10 और मूसा और हारून ने मण्डली को उस चट्टान के साम्हने इकट्ठा किया, तब मूसा ने उस से कह, हे दंगा करने वालो, सुनो; क्या हम को इस चट्टान में से तुम्हारे लिये जल निकालना होगा?
Numbers 20:11 तब मूसा ने हाथ उठा कर लाठी चट्टान पर दो बार मारी; और उस में से बहुत पानी फूट निकला, और मण्डली के लोग अपने पशुओं समेत पीने लगे।
Numbers 20:12 परन्तु मूसा और हारून से यहोवा ने कहा, तुम ने जो मुझ पर विश्वास नहीं किया, और मुझे इस्त्राएलियों की दृष्टि में पवित्र नहीं ठहराया, इसलिये तुम इस मण्डली को उस देश में पहुंचाने न पाओगे जिसे मैं ने उन्हें दिया है।
Numbers 20:13 उस सोते का नाम मरीबा पड़ा, क्योंकि इस्त्राएलियों ने यहोवा से झगड़ा किया था, और वह उनके बीच पवित्र ठहराया गया।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 4-6 
  • यूहन्ना 10:24-42