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शुक्रवार, 17 अप्रैल 2015

घर


   यह घटना उस समय की है जब मैं एक निर्माण कंपनी में अधिकारी का कार्य कर रहा था; हमारी कंपनी को पड़ौस के राज्य में कार्य करने का ठेका मिला। इस कार्य को करने के लिए हमारे कर्मचारियों को अपने दिन भर के कार्य समय के अतिरिक्त कार्य-स्थल तक पहुँचने और लौटने के लिए एक तरफ ही दो घंटे की यात्रा करनी पड़ती। उन कर्मचारियों का जीवन सरल करने के उद्देश्य से हमारी कंपनी ने कार्य-स्थल के निकट ही कार्य-अवधि के लिए होटल में कुछ कमरे किराए पर ले लिए, किंतु साथ ही कर्मचारियों को यह विकल्प भी दिया कि यदि वे प्रतिदिन अपने घर से ही कार्य-स्थल तक आना-जाना करना चाहते हैं तो कंपनी उनके लिए गाड़ियों का प्रबंध भी करेगी। हमें आश्चर्य हुआ कि लगभग सभी कर्मचारियों ने कार्य-स्थल के निकट होटल में रहने की बजाए घर से ही प्रतिदिन आने-जाने के विकल्प को चुना!

   हमारे सबसे चिड़चिड़े कर्मचारियों में से एक ने अपने व्यवहार को बदल लिया। उसने अपनी पत्नि तथा बच्चों के आनन्द से भरे आश्चर्य के बारे में बताया, क्योंकि कार्य के पहले दिन उस ने उन्हें यह नहीं बताया था कि वह रात को वापस घर आ जाएगा; वह उन्हें चकित करना चाहता था। इसलिए जब वह रात को घर वापस लौटा तो उसे घर आया देखकर परिवार-जनों का आश्चर्य तथा आनन्द उसके लिए बड़ा उत्साहित करने वाला था। उसकी पत्नि ने हमारी कंपनी में फोन कर के बहुत धन्यवाद किया और कहा कि वे ऐसी कंपनी में आजीवन वफादारी से कार्य करना चाहेंगे जो उनके लिए इतना सोचती है, और इस बात को समझती है कि कर्मचारियों के लिए घर कितना महत्वपूर्ण होता है।

   जिस किसी को भी, चाहे थोड़े समय के लिए ही सही, घर के आराम से वंचित रहना पड़ा है वह प्रभु यीशु द्वारा अपने चेलों को दी गई प्रतिज्ञा के महत्व को भली-भाँति समझ सकता है कि प्रभु उनके लिए स्वर्ग में अनन्तकाल तक के लिए घर बना रहा है; इससे भी बढ़कर प्रभु यीशु ने अपने अनुयायियों से यह भी वायदा किया है कि वह स्वयं उन्हें वहाँ ले जाने आएगा और उनके साथ वहाँ रहेगा (यूहन्ना 14:2-3)।

   स्मरण रखिए कि इस जीवन के महानत्म सुख - घर के आनन्द के बारे में प्रभु को आपका ध्यान है, वह अपने अनुयायियों के लिए स्थान तैयार कर रहा है और अन्ततः उनके साथ वहाँ अनन्तकाल तक रहेगा। - रैन्डी किलगोर


घर के समान कोई दूसरा स्थान नहीं है; विशेषकर तब जब घर स्वर्ग में हो।

यदि कोई मेरी सेवा करे, तो मेरे पीछे हो ले; और जहां मैं हूं वहां मेरा सेवक भी होगा; यदि कोई मेरी सेवा करे, तो पिता उसका आदर करेगा। - यूहन्ना 12:26

बाइबल पाठ: यूहन्ना 14:1-6
John 14:1 तुम्हारा मन व्याकुल न हो, तुम परमेश्वर पर विश्वास रखते हो मुझ पर भी विश्वास रखो। 
John 14:2 मेरे पिता के घर में बहुत से रहने के स्थान हैं, यदि न होते, तो मैं तुम से कह देता क्योंकि मैं तुम्हारे लिये जगह तैयार करने जाता हूं। 
John 14:3 और यदि मैं जा कर तुम्हारे लिये जगह तैयार करूं, तो फिर आकर तुम्हें अपने यहां ले जाऊंगा, कि जहां मैं रहूं वहां तुम भी रहो। 
John 14:4 और जहां मैं जाता हूं तुम वहां का मार्ग जानते हो। 
John 14:5 थोमा ने उस से कहा, हे प्रभु, हम नहीं जानते कि तू हां जाता है तो मार्ग कैसे जानें? 
John 14:6 यीशु ने उस से कहा, मार्ग और सच्चाई और जीवन मैं ही हूं; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुंच सकता।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमूएल 1-2
  • लूका 14:1-24



गुरुवार, 16 अप्रैल 2015

संकट स्थल


   जून 10, 1770 के दिन ब्रिटिश नाविक जेम्स कुक का जहाज़ ऑस्ट्रेलिया के उत्तर-पूर्वी तट के समीप पानी के नीचे छिपी चट्टानों से टकराया। उसने अपना जहाज़ उन चट्टानों से निकालकर और गहरे पानी में जाने का प्रयास किया किंतु फिर से उसका जहाज़ पानी में छिपी चट्टनों से टकराया, और इस बार के टकराने से जहाज़ लगभग डूबने की स्थिति में आ गया। इस अनुभव को जहाज़ के प्रतिदिन के यात्रा-विवरण में दर्ज करते समय जेम्स ने लिखा, "उस उत्तरी बिन्दु को संकट स्थल नाम दिया क्योंकि वहीं से हमारे दुखों का आरंभ हुआ।"

   हम में से बहुतेरों ने अपने जीवनों में ऐसे संकटों का सामना किया है जो फिर अन्य संकटों के आने का आरंभ बन गए; जैसे किसी प्रीय जन की मृत्यु, कोई अनचाहा तलाक, लगातार गिरती हुई सेहत इत्यादि बातों जैसी अन्य कोई भी बात इस सूचि का भाग हो सकते हैं। यद्यपि ये संकट हमारे लिए भी ’संकट स्थल’ अर्थात अन्य दुखों का आरंभ हो सकते हैं, तो भी हम मसीही विश्वासियों को यह निश्चय है कि परमेश्वर हर बात पर सर्वे-सर्वा है तथा हमारी प्रत्येक परिस्थिति का नियंत्रक भी है। वह संकट और दुखः के समयों का उपयोग हमारे जीवनों में लचीलापन, अर्थात सभी परिस्थितियों में स्थिर बने रहने का गुण विकसित करने के लिए करता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में याकूब नाम का परमेश्वर का एक दास लिखता है, "हे मेरे भाइयों, जब तुम नाना प्रकार की परीक्षाओं में पड़ो तो इसको पूरे आनन्द की बात समझो, यह जान कर, कि तुम्हारे विश्वास के परखे जाने से धीरज उत्पन्न होता है" (याकूब 1:2-3)। यहाँ जिस शब्द का अनुवाद ’धीरज’ किया गया है, मूल यूनानी भाषा में उस शब्द का अर्थ सहन शक्ति अथवा स्थिर बने रहने की सामर्थ भी होता है।

   अपने जीवन में जीवन परिवर्तित कर देने वाली परिस्थितियों का सामना करते समय यह कभी नहीं भूलें कि परमेश्वर नियंत्रण में है तथा आपके जीवन में कार्यरत भी है। वह आपके ’संकट स्थल’ वाले अनुभवों का उपयोग आपके चरित्र को बनाने एवं निखारने के लिए करता है और उसका यह वायदा है कि उन समयों में वह आपको उनके लिए आवश्यक अनुग्रह तथा सामर्थ भी देगा (2 कुरिन्थियों 12:9)। - डेनिस फिशर


संकट की शरद ऋतु में ही विश्वास का सर्वोत्तम विकास होता है। - रदरफोर्ड

और उसने मुझ से कहा, मेरा अनुग्रह तेरे लिये बहुत है; क्योंकि मेरी सामर्थ निर्बलता में सिद्ध होती है; इसलिये मैं बड़े आनन्द से अपनी निर्बलताओं पर घमण्‍ड करूंगा, कि मसीह की सामर्थ मुझ पर छाया करती रहे। - 2 कुरिन्थियों 12:9 

बाइबल पाठ: याकूब 1:1-8
James 1:1 परमेश्वर के और प्रभु यीशु मसीह के दास याकूब की ओर से उन बारहों गोत्रों को जो तित्तर बित्तर हो कर रहते हैं नमस्‍कार पहुंचे। 
James 1:2 हे मेरे भाइयों, जब तुम नाना प्रकार की परीक्षाओं में पड़ो 
James 1:3 तो इसको पूरे आनन्द की बात समझो, यह जान कर, कि तुम्हारे विश्वास के परखे जाने से धीरज उत्पन्न होता है। 
James 1:4 पर धीरज को अपना पूरा काम करने दो, कि तुम पूरे और सिद्ध हो जाओ और तुम में किसी बात की घटी न रहे।
James 1:5 पर यदि तुम में से किसी को बुद्धि की घटी हो, तो परमेश्वर से मांगे, जो बिना उलाहना दिए सब को उदारता से देता है; और उसको दी जाएगी। 
James 1:6 पर विश्वास से मांगे, और कुछ सन्‍देह न करे; क्योंकि सन्‍देह करने वाला समुद्र की लहर के समान है जो हवा से बहती और उछलती है। 
James 1:7 ऐसा मनुष्य यह न समझे, कि मुझे प्रभु से कुछ मिलेगा। 
James 1:8 वह व्यक्ति दुचित्ता है, और अपनी सारी बातों में चंचल है।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 30-31
  • लूका 13:23-35


बुधवार, 15 अप्रैल 2015

धन संबंधित


   मैरिलिन और स्टीवन के विवाह को कुछ ही वर्ष हुए थे, और उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं चल रही थी, घर चलाने के लिए पैसे जुटा पाना कठिन होता था। फिर भी अपने बिस्तर पर लगी और जीर्ण हो चली चादर को देखकर आखिरकर मैरिलिन ने उसके स्थान पर नई चादर ले कर लगाने का निर्णय लिया। क्योंकि चादर खरीदने के लिए पैसे नहीं थे इसलिए उसने यह कार्य क्रेडिट-कार्ड द्वारा करने का विचार किया, इस आशा में कि आते समय कहीं से कुछ पैसों का इंतिज़ाम हो ही जाएगा और वह क्रेडिट-कार्ड पर लिया गया यह ऋण चुका देगी।

   खरीदने जाने से पहले वह अपनी दिनचर्या के अनुसार परमेश्वर के बारे में मनन करने में सहायता करने वाले पाठ को लेकर बैठी, जो उसे परमेश्वर के वचन बाइबल में नीतिवचन 22:27 पर ले गया, जिसे पढ़कर वह चकित हुई, क्योंकि वहाँ लिखा था, "यदि भर देने के लिये तेरे पास कुछ न हो, तो वह क्यों तेरे नीचे से खाट खींच ले जाए?" (नीतिवचन 22:27); परमेश्वर के वचन से मिली अगुवाई का ध्यान कर के मैरिलिन ने उधार पर नई चादर खरीदने का अपना निर्णय बदल दिया।

   हम अपने पैसे को कैसे खर्च करते हैं यह हमारे तथा हमारी सब आशीषों के स्त्रोत, परमेश्वर, के बीच का व्यक्तिगत मामला है। कभी कभी सही निर्णय लेना हमें कठीन लग सकता है, लेकिन हमारे परमेश्वर पिता ने हमें असहाय नहीं छोड़ा है; उसने अपने जीवते वचन बाइबल में हमारे लिए अनेक निर्देश दिए हैं, जैसे कि: "अपनी संपत्ति के द्वारा और अपनी भूमि की पहिली उपज दे देकर यहोवा की प्रतिष्ठा करना" (नीतिवचन 3:9); तथा "कोई मनुष्य दो स्‍वामियों की सेवा नहीं कर सकता, क्योंकि वह एक से बैर ओर दूसरे से प्रेम रखेगा, वा एक से मिला रहेगा और दूसरे को तुच्‍छ जानेगा; “तुम परमेश्वर और धन दोनों की सेवा नहीं कर सकते” " (मत्ती 6:24)।

   धन के प्रयोग से संबंधित इन निर्देषों के अतिरिक्त हमें और भी निर्देष मिलते हैं, जैसे: "और उसने उन से कहा, चौकस रहो, और हर प्रकार के लोभ से अपने आप को बचाए रखो: क्योंकि किसी का जीवन उस की संपत्ति की बहुतायत से नहीं होता" (लूका12:15)। और, "धनी, निर्धन लोगों पर प्रभुता करता है, और उधार लेने वाला उधार देने वाले का दास होता है" (नीतिवचन 22:7); तथा तिमुथियुस में हम धनवानों के लिए लिखा पाते हैं, "भलाई करें, और भले कामों में धनी बनें, और उदार और सहायता देने में तत्‍पर हों" (1 तिमुथियुस 6:18)।

   धन सभी के लिए एक महत्वपूर्ण विषय है और परमेश्वर ने, जो हमारी आवश्यकताओं को पूरा करने का वायदा करता है, धन के सही एवं उपयुक्त उपयोग से संबंधित अनेक शिक्षाएं अपने वचन में हमारे लिए रख छोड़ी हैं जिससे हम धन तथा उसके उपयोग से परमेश्वर की महीमा कर सकें। - डेव एग्नर

कभी पैसे को अपना परमेश्वर ना बनने दें।

इसलिये पहिले तुम परमेश्वर के राज्य और धर्म की खोज करो तो ये सब वस्तुएं भी तुम्हें मिल जाएंगी। - मत्ती 6:33

बाइबल पाठ: 1 तिमुथियुस 6:6-18
1 Timothy 6:6 पर सन्‍तोष सहित भक्ति बड़ी कमाई है। 
1 Timothy 6:7 क्योंकि न हम जगत में कुछ लाए हैं और न कुछ ले जा सकते हैं। 
1 Timothy 6:8 और यदि हमारे पास खाने और पहिनने को हो, तो इन्‍हीं पर सन्‍तोष करना चाहिए। 
1 Timothy 6:9 पर जो धनी होना चाहते हैं, वे ऐसी परीक्षा, और फंदे और बहुतेरे व्यर्थ और हानिकारक लालसाओं में फंसते हैं, जो मनुष्यों को बिगाड़ देती हैं और विनाश के समुद्र में डूबा देती हैं। 
1 Timothy 6:10 क्योंकि रूपये का लोभ सब प्रकार की बुराइयों की जड़ है, जिसे प्राप्त करने का प्रयत्न करते हुए कितनों ने विश्वास से भटक कर अपने आप को नाना प्रकार के दुखों से छलनी बना लिया है।
1 Timothy 6:11 पर हे परमेश्वर के जन, तू इन बातों से भाग; और धर्म, भक्ति, विश्वास, प्रेम, धीरज, और नम्रता का पीछा कर। 
1 Timothy 6:12 विश्वास की अच्छी कुश्‍ती लड़; और उस अनन्त जीवन को धर ले, जिस के लिये तू बुलाया, गया, और बहुत गवाहों के साम्हने अच्छा अंगीकार किया था। 
1 Timothy 6:13 मैं तुझे परमेश्वर को जो सब को जीवित रखता है, और मसीह यीशु को गवाह कर के जिसने पुन्‍तियुस पीलातुस के साम्हने अच्छा अंगीकार किया, यह आज्ञा देता हूं, 
1 Timothy 6:14 कि तू हमारे प्रभु यीशु मसीह के प्रगट होने तक इस आज्ञा को निष्‍कलंक और निर्दोष रख। 
1 Timothy 6:15 जिसे वह ठीक समयों में दिखाएगा, जो परमधन्य और अद्वैत अधिपति और राजाओं का राजा, और प्रभुओं का प्रभु है। 
1 Timothy 6:16 और अमरता केवल उसी की है, और वह अगम्य ज्योति में रहता है, और न उसे किसी मनुष्य ने देखा, और न कभी देख सकता है: उस की प्रतिष्‍ठा और राज्य युगानुयुग रहेगा। आमीन।
1 Timothy 6:17 इस संसार के धनवानों को आज्ञा दे, कि वे अभिमानी न हों और चंचल धन पर आशा न रखें, परन्तु परमेश्वर पर जो हमारे सुख के लिये सब कुछ बहुतायत से देता है। 
1 Timothy 6:18 और भलाई करें, और भले कामों में धनी बनें, और उदार और सहायता देने में तत्‍पर हों।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 27-29
  • लूका 13:1-22



मंगलवार, 14 अप्रैल 2015

आशा


   डेविड स्कम की मृत्योप्रांत यादगार सभा में हम ने रोग के कारण ग्रसित मस्तिष्क और नाड़ी तंत्र को प्रतिदिन के सामन्य कार्यों के लिए भी ठीक से उपयोग ना कर पाने वाले व्यक्ति की आशावादिता, विश्वास और धैर्य तथा लगन के साथ डटे रहने का उत्सव मनाया। सेरिब्रल पाल्सी से पीड़ित होने के कारण डेविड को अपने जीवन के सभी 74 वर्षों में दैनिक जीवन के साधारण और सामान्य कार्यों को करने के लिए भी बहुत कठिनाईयों का सामना करना पड़ता था। लेकिन इन सब कठिनाईयों के बावजूद वह सदा मुस्कुराता रहता था, तथा दूसरों की सहायता करता रहता था। उसने अपने जीवन में 23,000 से भी अधिक घंटे अस्पताल में स्वयंसेवी कार्यों में बिताए जहाँ वह उन किशोरों को प्रोत्साहित करता था जो सही देख-रेख के अभाव में किसी खतरे में आ जाते थे।

   डेविड की प्रेर्णा का स्त्रोत था परमेश्वर के वचन बाइबल में से यशायाह की पुस्तक का एक भाग - यशायाह 35:3-10 - "ढीले हाथों को दृढ़ करो और थरथराते हुए घुटनों को स्थिर करो। घबराने वालों से कहो, हियाव बान्धो, मत डरो! देखो, तुम्हारा परमेश्वर पलटा लेने और प्रतिफल देने को आ रहा है। हां, परमेश्वर आकर तुम्हारा उद्धार करेगा। तब लंगड़ा हरिण की सी चौकडिय़ां भरेगा और गूंगे अपनी जीभ से जयजयकार करेंगे। क्योंकि जंगल में जल के सोते फूट निकलेंगे और मरूभूमि में नदियां बहने लगेंगी" (यशायाह 35:3-4, 6)। परमेश्वर ने यह प्रतिज्ञा इस्त्राएल की प्रजा को उनके बंधुआई के समय में दी थी, और आज भी यह प्रतिज्ञा हम मसीही विश्वासियों को हमारी उस आशा का स्मरण करवाती है जब मसीह यीशु अपने अनुयायियों को लेने वापस आएगा।

   अपने जीवन के अन्तिम सप्ताहों में, मिलने आने वालों से डेविड बिस्तर के पास लगे मसीह यीशु के बड़े से चित्र को दिखा कर कहता था, "ये मुझे ले जाने के लिए जल्द ही आने वाले हैं।" यही आशा प्रभु यीशु अपने प्रत्येक विश्वासी को देता है कि वह कभी अकेला या बेसहारा नहीं है - ना इस जीवन में और ना ही इस जीवन के पश्चात; और यही आशा हमारे लिए उसका गुणानुवाद करने, उसका धन्यवादी होने और उसका गवाह होने की प्रेर्णा है। - डेविड मैक्कैसलैंड


ऐसे जीवन व्यतीत करें मानो प्रभु यीशु कल ही गया था, और आज ही वापस आ रहा है।

इतना हो कि तू हियाव बान्धकर और बहुत दृढ़ हो कर जो व्यवस्था मेरे दास मूसा ने तुझे दी है उन सब के अनुसार करने में चौकसी करना; और उस से न तो दाहिने मुड़ना और न बांए, तब जहां जहां तू जाएगा वहां वहां तेरा काम सफल होगा। - यहोशू 1:7

बाइबल पाठ: यशायाह 35:3-10
Isaiah 35:3 ढीले हाथों को दृढ़ करो और थरथराते हुए घुटनों को स्थिर करो। 
Isaiah 35:4 घबराने वालों से कहो, हियाव बान्धो, मत डरो! देखो, तुम्हारा परमेश्वर पलटा लेने और प्रतिफल देने को आ रहा है। हां, परमेश्वर आकर तुम्हारा उद्धार करेगा।
Isaiah 35:5 तब अन्धों की आंखे खोली जाएंगी और बहिरों के कान भी खोले जाएंगे; 
Isaiah 35:6 तब लंगड़ा हरिण की सी चौकडिय़ां भरेगा और गूंगे अपनी जीभ से जयजयकार करेंगे। क्योंकि जंगल में जल के सोते फूट निकलेंगे और मरूभूमि में नदियां बहने लगेंगी 
Isaiah 35:7 मृगतृष्णा ताल बन जाएगी और सूखी भूमि में सोते फूटेंगे; और जिस स्थान में सियार बैठा करते हैं उस में घास और नरकट और सरकण्डे होंगे।
Isaiah 35:8 और वहां एक सड़क अर्थात राजमार्ग होगा, उसका नाम पवित्र मार्ग होगा; कोई अशुद्ध जन उस पर से न चलने पाएगा; वह तो उन्हीं के लिये रहेगा और उस मार्ग पर जो चलेंगे वह चाहे मूर्ख भी हों तौभी कभी न भटकेंगे। 
Isaiah 35:9 वहां सिंह न होगा ओर न कोई हिंसक जन्तु उस पर न चढ़ेगा न वहां पाया जाएगा, परन्तु छुड़ाए हुए उस में नित चलेंगे। 
Isaiah 35:10 और यहोवा के छुड़ाए हुए लोग लौटकर जयजयकार करते हुए सिय्योन में आएंगे; और उनके सिर पर सदा का आनन्द होगा; वे हर्ष और आनन्द पाएंगे और शोक और लम्बी सांस का लेना जाता रहेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 25-26
  • लूका 12:32-59


सोमवार, 13 अप्रैल 2015

कहानी


   ’वायर्ड’ पत्रिका को दिए एक साक्षात्कार में फिल्म निर्माता जौर्ज ल्यूकस से पूछा गया कि वह कैसे चाहेंगे कि उन्हें याद किया जाए? उनका उत्तर था, "एक फिल्मकार के रूप में। संभवतः मेरे द्वारा कही गई कुछ कहानियाँ आगे भी प्रासंगिक बनी रहेंगी। यदि आपने बच्चों की परवरिश करी है तो आप जानते हैं कि आपको उन्हें अनेक बातों को बताना और समझाना पड़ता है। यदि आप ऐसा नहीं करते तो फिर वे उन बातों को कठिन और शायद कुछ गलत तरीकों से सीखेंगे। इसलिए पुरानी कहानियों को भी एक ऐसी नई रीति से जो उस पीढ़ी के लिए अर्थपूर्ण हो, बताना पड़ता है। मैं नहीं सोचता कि मैं कभी उन पुरानी कहानियों से आगे निकलूँगा, क्योंकि उन कहानियों को अभी भी सुनाते रहने की आवश्यकता है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में, भजन 78 के भजनकार को ऐसा आभास था कि परमेश्वर के महान कार्यों को भुला दिया जाएगा, उस पीढ़ी की कथा लुप्त हो जाएगी; इसलिए उसने परमेश्वर के लोगों से कहा कि वे परमेश्वर द्वारा पिछली पीढ़ीयों के साथ किए गए छुटकारे के कार्यों का वर्णन अगली पीढ़ी को सुनाने से कभी हिचकिचाए नहीं, थकें नहीं (पद 4)। इस प्रकार बीती पीढ़ी के इतिहास को दोहराते रहने का उद्देश्य केवल ऐतिहासिक बातों तथा तथ्यों को स्मरण रखना ही नहीं था, वरन ऐसा करने के द्वारा परमेश्वर में विश्वास, आज्ञाकारिता और आशा को बनाए रखना था जिससे आने वाली पीढ़ीयाँ अविश्वास और अनाज्ञाकारिता के अन्धकार तथा उनके दुषप्रभावों में पड़ने से बची रह सकें (पद 7-8)।

   हमारे जीवनों में कार्यकारी परमेश्वर की महान सामर्थ तथा अनुग्रह के कारण हम मसीही विश्वासियों में यह लालसा होनी चाहिए कि हम उसकी इन बातों को दूसरों को बताते रहें, अपने जीवनों में अनुभव करे गए उसके कार्यों की गवाही देते रहें, और लोगों तथा आती पीढ़ीयों को परमेश्वर के प्रति विश्वास एवं आज्ञाकारिता रखने के लिए उभारते रहें, उन्हें प्रेरित करते रहें। - मार्विन विलियम्स


बीते समय में परमेश्वर के अनुग्रह की चर्चा, आते समय में उस पर विश्वास रखने के लिए प्रेरित करती हैं।

और तू इन्हें अपने बाल-बच्चों को समझाकर सिखाया करना, और घर में बैठे, मार्ग पर चलते, लेटते, उठते, इनकी चर्चा किया करना। - व्यवस्थाविवरण 6:7

बाइबल पाठ: भजन 78:1-8
Psalms 78:1 हे मेरे लोगों, मेरी शिक्षा सुनो; मेरे वचनों की ओर कान लगाओ! 
Psalms 78:2 मैं अपना मूंह नीतिवचन कहने के लिये खोलूंगा; मैं प्राचीन काल की गुप्त बातें कहूंगा, 
Psalms 78:3 जिन बातों को हम ने सुना, ओर जान लिया, और हमारे बाप दादों ने हम से वर्णन किया है। 
Psalms 78:4 उन्हें हम उनकी सन्तान से गुप्त न रखेंगें, परन्तु होनहार पीढ़ी के लोगों से, यहोवा का गुणानुवाद और उसकी सामर्थ और आश्चर्यकर्मों का वर्णन करेंगें। 
Psalms 78:5 उसने तो याकूब में एक चितौनी ठहराई, और इस्त्राएल में एक व्यवस्था चलाई, जिसके विषय उसने हमारे पितरों को आज्ञा दी, कि तुम इन्हें अपने अपने लड़के बालों को बताना; 
Psalms 78:6 कि आने वाली पीढ़ी के लोग, अर्थात जो लड़के बाले उत्पन्न होने वाले हैं, वे इन्हें जानें; और अपने अपने लड़के बालों से इनका बखान करने में उद्यत हों, जिस से वे परमेश्वर का आसरा रखें, 
Psalms 78:7 और ईश्वर के बड़े कामों को भूल न जाएं, परन्तु उसकी आज्ञाओं का पालन करते रहें; 
Psalms 78:8 और अपने पितरों के समान न हों, क्योंकि उस पीढ़ी के लोग तो हठीले और झगड़ालू थे, और उन्होंने अपना मन स्थिर न किया था, और न उनकी आत्मा ईश्वर की ओर सच्ची रही।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 22-24
  • लूका 12:1-31



रविवार, 12 अप्रैल 2015

ईमानदारी


   हमारे घर के आस-पास के बहुत से परिवार अपने बाग़ीचे में उगने वाले फल, फूल और उनके पौधों को सड़क के किनारे रखकर बेचते हैं। इनमें से कुछ बेचने वाले, खरीदने वालों की ईमानदारी पर विश्वास रखते हैं; उनके उत्पाद के निकट उन्हें बेचने के लिए कोई खड़ा नहीं रहता। जो ग्राहक उनका उत्पाद खरीदना चाहते हैं वे अपनी पसन्द के अनुसार, और जितना उन्हें चाहिए होता है लेकर वहीं रखे एक गुलक या डिब्बे में उनकी कीमत डाल देते हैं, और सामान लेकर चले जाते हैं।

   लेकिन यह ईमानदारी सदा कार्य नहीं करती। मेरी एक सहेली जैकी ने अपने घर के सामने फूल और फूल के पौधे ईमानदारी पद्धति द्वारा बेचने का स्टॉल लगा रखा है। एक दिन उसने अपनी खिड़की से देखा कि एक महिला ने, जो अच्छे कपड़े पहने हुए थी और अच्छे घर की प्रतीत हो रही थी, उसके स्टॉल के सामने अपनी गाड़ी रोकी और वहाँ रखे फूल और पौधे गाड़ी के अन्दर एक एक करके भरने लगी। मेरी सहेली ने मन ही मन अन्दाज़ा लगाया कि उन फूल पौधों पर लगी उसकी मेहनत और लागत से आज उसे कम से कम 50 डॉलर की कमाई तो हो ही जाएगी; और वह अपने और कार्य में लग गई। थोड़ी देर बाद जाकर जब उसने पैसे डालने वाले डिब्बे में देखा तो वह खाली था - वह महिला बिना कोई कीमत डाले सब कुछ उठा कर ले गई थी। ईमानदारी पद्धति उस महिला के साथ कार्यकारी नहीं रही थी!

   संभवतः उस महिला के लिए इस तरह फूल, पौधे उठा लेना कोई छोटी सी बात थी, लेकिन उसका ऐसा करना उसके अन्दर की प्रवृत्ति को दिखाता है। प्रभु यीशु ने अपने चेलों को सिखाया: "जो थोड़े से थोड़े में सच्चा है, वह बहुत में भी सच्चा है: और जो थोड़े से थोड़े में अधर्मी है, वह बहुत में भी अधर्मी है" (लूका 16:10)। अपने जीवन के हर क्षेत्र में ईमानदारी के द्वारा हम अपने उद्धारकर्ता प्रभु यीशु को आदर देते हैं, उसे संसार के सामने गौरवान्वित करते हैं।

   किसी भी मसीही विश्वासी के लिए अनुसरण करने को सबसे अच्छी ईमानदारी पद्धति है परमेश्वर के वचन बाइबल में कुलुस्सियों की मसीही विश्वासी मण्डली को लिखी बात: "और वचन से या काम से जो कुछ भी करो सब प्रभु यीशु के नाम से करो, और उसके द्वारा परमेश्वर पिता का धन्यवाद करो" (कुलुस्सियों 3:17)। हम मसीही विश्वासियों को चाहिए कि हम जीवन के हर क्षेत्र में अपनी ईमानदारी द्वारा अपने तथा जगत के उद्धारकर्ता प्रभु यीशु के सच्चे गवाह बनकर रहें। - सिंडी कैस्पर


ईमानदारी का अर्थ है किसी भी बात के लिए दूसरों द्वारा देख लिए जाने का भय ना रखना।

सच्चे मनुष्य पर बहुत आशीर्वाद होते रहते हैं, परन्तु जो धनी होने में उतावली करता है, वह निर्दोष नहीं ठहरता। - नीतिवचन 28:20

बाइबल पाठ: लूका 16:1-10
Luke 16:1 फिर उसने चेलों से भी कहा; किसी धनवान का एक भण्‍डारी था, और लोगों ने उसके साम्हने उस पर यह दोष लगाया कि यह तेरी सब संपत्ति उड़ाए देता है। 
Luke 16:2 सो उसने उसे बुलाकर कहा, यह क्या है जो मैं तेरे विषय में सुन रहा हूं? अपने भण्‍डारीपन का लेखा दे; क्योंकि तू आगे को भण्‍डारी नहीं रह सकता। 
Luke 16:3 तब भण्‍डारी सोचने लगा, कि अब मैं क्या करूं क्योंकि मेरा स्‍वामी अब भण्‍डारी का काम मुझ से छीन ले रहा है: मिट्टी तो मुझ से खोदी नहीं जाती: और भीख मांगने से मुझे लज्ज़ा आती है। 
Luke 16:4 मैं समझ गया, कि क्या करूंगा: ताकि जब मैं भण्‍डारी के काम से छुड़ाया जाऊं तो लोग मुझे अपने घरों में ले लें। 
Luke 16:5 और उसने अपने स्‍वामी के देनदारों में से एक एक को बुलाकर पहिले से पूछा, कि तुझ पर मेरे स्‍वामी का क्या आता है? 
Luke 16:6 उसने कहा, सौ मन तेल; तब उसने उस से कहा, कि अपनी खाता-बही ले और बैठकर तुरन्त पचास लिख दे। 
Luke 16:7 फिर दूसरे से पूछा; तुझ पर क्या आता है? उसने कहा, सौ मन गेहूं; तब उसने उस से कहा; अपनी खाता-बही ले कर अस्‍सी लिख दे। 
Luke 16:8 स्‍वामी ने उस अधर्मी भण्‍डारी को सराहा, कि उसने चतुराई से काम किया है; क्योंकि इस संसार के लोग अपने समय के लोगों के साथ रीति व्यवहारों में ज्योति के लोगों से अधिक चतुर हैं। 
Luke 16:9 और मैं तुम से कहता हूं, कि अधर्म के धन से अपने लिये मित्र बना लो; ताकि जब वह जाता रहे, तो वे तुम्हें अनन्त निवासों में ले लें। 
Luke 16:10 जो थोड़े से थोड़े में सच्चा है, वह बहुत में भी सच्चा है: और जो थोड़े से थोड़े में अधर्मी है, वह बहुत में भी अधर्मी है।

एक साल में बाइबल:
  • 1 शमूएल 19-21
  • लूका 11:29-54



शनिवार, 11 अप्रैल 2015

भरपाई


   हम में से कोई यह नहीं कह सकता कि उसे अपने जीवन में किसी बात का पछतावा नहीं है। अनेक बार हम अपने द्वारा किए गए बुरे चुनावों के कारण गलत राह पर चल निकलते हैं, उन निर्णयों के लघु एवं दीर्घकालीन दुषपरिणामों को भुगतते हैं। हमारे द्वारा चुनी गई कुछ गलत राहें छोटी होती हैं और हम उनसे शीघ्र ही बाहर निकल आते हैं, तो कुछ लंबी होती हैं, उनसे बाहर निकलने में हमें समय लगता है और उनके कारण मन, मस्तिष्क और देह पर आए दुषप्रभावों को आगे लंबे समय तक देखा जा सकता है।

   मेरे एक मित्र ने अपने जीवन के अनेक वर्ष शराब और नशीले पदार्थों के सेवन में बिता दिए। लेकिन परमेश्वर ने उसके जीवन में अद्भुत काम किया और उसे इन बुरी आदतों से बाहर निकाला; हाल ही में उसने इन आदतों से मिले छुटकारे के 25 वर्ष पूरे किए हैं। वह आज एक सफल व्यवसायी है, उसके पास उससे बहुत प्रेम करने वाली पत्नी है और उसके बच्चे भी प्रभु यीशु से प्रेम करते हैं। अब उसे जीवन के अन्धेरों में पड़े लोगों को प्रभु यीशु की ज्योति में लाने का बहुत लगाव है और वह ऐसा करता भी रहता है; अपने स्वयं के अनुभवों के कारण वह उन लोगों को समझाने के लिए एक अच्छा और समझदार परामर्शदाता होता है। परमेश्वर ने उसके बीते जीवन की बुराई को आज अन्य लोगों की भलाई के लिए प्रयोग करने का मार्ग और सदबुद्धि उसे प्रदान करी है।

   परमेश्वर किसी को कभी नहीं छोड़ता, किसी से हार नहीं मानता, हमारे पार्थिव जीवन की अन्तिम श्वास तक वह हमारे उस के पास लौट आने की प्रतीक्षा करता है, अवसर और मार्ग देता है। इसलिए चाहे आप ने अपने बीते जीवन में कैसे भी बुरे और गलत चुनाव किए हों, परमेश्वर आपको आज और अभी यह अवसर दे रहा है कि अब आप सही चुनाव कर लें, उसके पक्ष में निर्णय ले लें। यह हमारे ऊपर है कि चाहे तो हम दुषपरिणामों को भोगने और पछतावे में दुखी जीवन बिताते रहें, या फिर साधारण विश्वास में प्रभु यीशु के पास आकर उससे पापों की क्षमा माँग लें, अपना जीवन उसे समर्पित कर दें और उसे अवसर दें कि वह हमारे बिगड़े हुए जीवन को संवार कर उसे अपने तथा दूसरों के लिए लाभकारी बना दे। जब भी हम स्वेच्छा तथा पश्चाताप में आकर विश्वास से उस से अपनी इन बुराईयों से चंगाई तथा स्वतंत्रता माँगते हैं, वह अपने अनुग्रह और दया में होकर हमें प्रदान करता है।

   मसीही विश्वास में आने के बाद हमारे बीते बुरे जीवन के कुछ परिणाम यदि हमारे साथ बने भी रहें, तो भी प्रभु यीशु की हमारे साथ बनी हुई उपस्थिति हमें कभी अकेला नहीं छोड़ती और प्रभु में होकर हमारे लिए एक उज्जवल और महिमामय भविष्य सुरक्षित रहता है। - जो स्टोवैल


हमारे बिगड़े जीवन से कुछ सुन्दर और आकर्षक बनाने के लिए परमेश्वर सदा प्रयासरत रहता है।

जब मैं ने अपना पाप तुझ पर प्रगट किया और अपना अधर्म न छिपाया, और कहा, मैं यहोवा के साम्हने अपने अपराधों को मान लूंगा; तब तू ने मेरे अधर्म और पाप को क्षमा कर दिया। - भजन 32:5

बाइबल पाठ: योएल 2:21-27
Joel 2:21 हे देश, तू मत डर; तू मगन हो और आनन्द कर, क्योंकि यहोवा ने बड़े बड़े काम किए हैं! 
Joel 2:22 हे मैदान के पशुओं, मत डरो, क्योंकि जंगल में चराई उगेगी, और वृक्ष फलने लगेंगे; अंजीर का वृक्ष और दाखलता अपना अपना बल दिखाने लगेंगी। 
Joel 2:23 हे सिय्योनियों, तुम अपने परमेश्वर यहोवा के कारण मगन हो, और आनन्द करो; क्योंकि तुम्हारे लिये वह वर्षा, अर्थात बरसात की पहिली वर्षा बहुतायत से देगा; और पहिले के समान अगली और पिछली वर्षा को भी बरसाएगा। 
Joel 2:24 तब खलिहान अन्न से भर जाएंगे, और रसकुण्ड नये दाखमधु और ताजे तेल से उमड़ेंगे। 
Joel 2:25 और जिन वर्षों की उपज अर्बे नाम टिड्डियों, और येलेक, और हासील ने, और गाजाम नाम टिड्डियों ने, अर्थात मेरे बड़े दल ने जिस को मैं ने तुम्हारे बीच भेजा, खा ली थी, मैं उसकी हानि तुम को भर दूंगा।। 
Joel 2:26 तुम पेट भरकर खाओगे, और तृप्त होगे, और अपने परमेश्वर यहोवा के नाम की स्तुति करोगे, जिसने तुम्हारे लिये आश्चर्य के काम किए हैं। और मेरी प्रजा की आशा फिर कभी न टूटेगी। 
Joel 2:27 तब तुम जानोगे कि मैं इस्राएल के बीच में हूं, और मैं, यहोवा, तुम्हारा परमेश्वर हूं और कोई दूसरा नहीं है। और मेरी प्रजा की आशा फिर कभी न टूटेगी।

एक साल में बाइबल:
  • 1 शमूएल 17-18
  • लूका 11:1-28