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शुक्रवार, 21 अगस्त 2015

संभावनाएं


   हम में से बहुतेरे लोग संभावनाओं के आधार पर दैनिक जीवन से संबंधित निर्णय लेते हैं; उदाहरण्स्वरूप, यदि बारिश पड़ने की 20% संभावना है तो उसे नज़रन्दाज़ किया जा सकता है, परन्तु यदि 90% है तो फिर छाता साथ ले लेते हैं। किसी भी बात के होने की जितनी अधिक संभावना होगी, उसके अनुसार ही हमारे निर्णय भी होंगे क्योंकि हम बुद्धिमानी से चुनाव करने तथा हर बात में सफल रहने वाले होना चाहते हैं।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरितों के काम नामक पुस्तक के 12वें अध्याय में एक परिस्थिति दी गई है जिसमें ज़िंदा बचने की संभावना ना के बराबर थी। प्रभु यीशु के चेले पतरस को पकड़वा कर बन्दीगृह में डाला गया था, जहाँ उसे दो पहरेदारों के बीच ज़ंज़ीरों से बान्ध कर रखा गया था, और एक अन्य पहरेदार दरवाज़े पर तैनात था (पद 6)। हाकिम हेरोदेस ने प्रभु यीशु के एक अन्य करीबी चेले और पतरस के साथी याकूब को पहले ही मरवा डाला था, और उसने पतरस को भी इसी उद्देश्य से पकड़वाकर रखा था (पद 1-3)। कोई भी सट्टेबाज़ इस परिस्थिति से पतरस के ज़िंदा निकल आने पर कभी भी सट्टा नहीं लगाता।

   लेकिन पतरस के लिए परमेश्वर की योजना कुछ और ही थी, ऐसी विलक्षण कि पतरस के वे साथी जो उसके बचाने के लिए प्रार्थना कर रहे थे, वे भी एकाएक विश्वास नहीं कर सके (पद 13-16); परमेश्वर पतरस को अद्भुत रीति से बन्दीगृह से ज़िंदा निकाल कर ले आया, और प्रार्थना कर रहे उसके साथियों के बीच ला कर खड़ा कर दिया!

   परमेश्वर संभावनाओं से परे होकर कार्य कर सकता है क्योंकि वह सर्वशक्तिमान है, उसके लिए कुछ भी असंभव नहीं है। वह जिसने हम से प्रेम किया, हमारे लिए अपने प्राण दिए और हमारे उद्धार के लिए मृतकों में से जीवित हो उठा, वही प्रभु हमारे जीवनों का नियंत्रण भी करता है, चाहे वह हमें सफलताओं की भरपूरी में रखे या हमें दुखों का सामना करना पड़े, वह सर्वदा हमारे साथ है, हमारे हित में कार्य कर रहा है। इसलिए सदा विश्वास रखें कि चाहे परिस्थितियाँ अनुकूल हों अथवा प्रतिकूल, परमेश्वर हर परिस्थिति में अपनी सामर्थ प्रकट कर सकता है; चाहे संभावनाएं संभव हों या असंभव, परमेश्वर अपने निर्धारित कार्य निर्विरोध कर सकता है। - डेविड मैक्कैसलैण्ड


पृष्ठभूमि में रहकर भी परमेश्वर सदा नियंत्रण में बना रहता है।

फिर उसने इस के विषय में कि नित्य प्रार्थना करना और हियाव न छोड़ना चाहिए उन से यह दृष्‍टान्‍त कहा। - लूका 18:1

बाइबल पाठ: प्रेरितों 12:1-17
Acts 12:1 उस समय हेरोदेस राजा ने कलीसिया के कई एक व्यक्तियों को दुख देने के लिये उन पर हाथ डाले। 
Acts 12:2 उसने यूहन्ना के भाई याकूब को तलवार से मरवा डाला। 
Acts 12:3 और जब उसने देखा, कि यहूदी लोग इस से आनन्‍दित होते हैं, तो उसने पतरस को भी पकड़ लिया: वे दिन अखमीरी रोटी के दिन थे। 
Acts 12:4 और उसने उसे पकड़ के बन्‍दीगृह में डाला, और रखवाली के लिये, चार चार सिपाहियों के चार पहरों में रखा: इस मनसा से कि फसह के बाद उसे लोगों के साम्हने लाए। 
Acts 12:5 सो बन्‍दीगृह में पतरस की रखवाली हो रही थी; परन्तु कलीसिया उसके लिये लौ लगाकर परमेश्वर से प्रार्थना कर रही थी। 
Acts 12:6 और जब हेरोदेस उसे उन के साम्हने लाने को था, तो उसी रात पतरस दो जंजीरों से बन्‍धा हुआ, दो सिपाहियों के बीच में सो रहा था: और पहरूए द्वार पर बन्‍दीगृह की रखवाली कर रहे थे। 
Acts 12:7 तो देखो, प्रभु का एक स्वर्गदूत आ खड़ा हुआ: और उस कोठरी में ज्योति चमकी: और उसने पतरस की पसली पर हाथ मार के उसे जगाया, और कहा; उठ, फुरती कर, और उसके हाथ से जंजीरें खुलकर गिर पड़ीं। 
Acts 12:8 तब स्वर्गदूत ने उस से कहा; कमर बान्‍ध, और अपने जूते पहिन ले: उसने वैसा ही किया, फिर उसने उस से कहा; अपना वस्‍त्र पहिनकर मेरे पीछे हो ले। 
Acts 12:9 वह निकलकर उसके पीछे हो लिया; परन्तु यह न जानता था, कि जो कुछ स्वर्गदूत कर रहा है, वह सचमुच है, वरन यह समझा, कि मैं दर्शन देख रहा हूं। 
Acts 12:10 तब वे पहिले और दूसरे पहरे से निकलकर उस लोहे के फाटक पर पहुंचे, जो नगर की ओर है; वह उन के लिये आप से आप खुल गया: और वे निकलकर एक ही गली हो कर गए, इतने में स्वर्गदूत उसे छोड़कर चला गया। 
Acts 12:11 तब पतरस ने सचेत हो कर कहा; अब मैं ने सच जान लिया कि प्रभु ने अपना स्वर्गदूत भेज कर मुझे हेरोदेस के हाथ से छुड़ा लिया, और यहूदियों की सारी आशा तोड़ दी।
Acts 12:12 और यह सोचकर, वह उस यूहन्ना की माता मरियम के घर आया, जो मरकुस कहलाता है; वहां बहुत लोग इकट्ठे हो कर प्रार्थना कर रहे थे। 
Acts 12:13 जब उसने फाटक की खिड़की खटखटाई; तो रूदे नाम एक दासी सुनने को आई। 
Acts 12:14 और पतरस का शब्द पहचानकर, उसने आनन्द के मारे फाटक न खोला; परन्तु दौड़कर भीतर गई, और बताया कि पतरस द्वार पर खड़ा है। 
Acts 12:15 उन्होंने उस से कहा; तू पागल है, परन्तु वह दृढ़ता से बोली, कि ऐसा ही है: तब उन्होंने कहा, उसका स्वर्गदूत होगा। 
Acts 12:16 परन्तु पतरस खटखटाता ही रहा: सो उन्होंने खिड़की खोली, और उसे देखकर चकित हो गए। 
Acts 12:17 तब उसने उन्हें हाथ से सैन किया, कि चुप रहें; और उन को बताया, कि प्रभु किस रीति से मुझे बन्‍दीगृह से निकाल लाया है: फिर कहा, कि याकूब और भाइयों को यह बात कह देना; तब निकलकर दूसरी जगह चला गया।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 107-109
  • 1 कुरिन्थियों 4



गुरुवार, 20 अगस्त 2015

स्वरूप और चरित्र


   जब मैं अपने अन्य परिवारजनों के साथ अपने परिवार के लोगों की पुरानी तसवीरें देखती हूँ तो हम अकसर उनकी उन शारीरिक विशेषताओं को लेकर हलक-फुलका मज़ाक करते हैं, जो अब हम में दिखाई देती हैं। सामान्यतः हमारा ध्यान शरीर के विकारों या भद्देपन पर अधिक जाता है, जैसे कि छोटी टाँगें, टेढ़े-मेढ़े दाँत, अव्यवस्थित बाल इत्यादि। हम में से प्रत्येक जन अपने शरीर की कोई ना कोई कुरुपता अपने पूर्वजों में ढ़ूँढ़ ही लेता है और उसके लिए उन्हें ज़िम्मेदार बताता है। लेकिन हमने केवल शरीर के स्वरूप को ही अपने पूर्वजों से नहीं पाया है, हमने उनके स्वभाव को भी किसी ना किसी सीमा तक उन से प्राप्त किया है, बुरे या अरुचिकर स्वभाव को भी, लेकिन हम उन स्वभाव सम्बंधी बातों पर उतना ध्यान नहीं देते हैं जितना शारीरिक स्वरूप पर देते हैं।

   जैसा मैंने ध्यान किया है, लोग शरीर के विकारों और भद्देपन को छुपाने या सुधारने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं - व्यायाम करना, वज़न घटाना, श्रंगार करना, बालों को रंगना आदि। लेकिन ऐसे ही प्रयास वे अपने चरित्र के विकारों को सुधारने के लिए करने की बजाए, उन विकारों को तर्क संगत ठहराने के लिए पूर्वजों से मिले अनुवांषिक बुरे व्यवहार को ज़िम्मेदार बताने तक ही रह जाते हैं। शायद इसलिए क्योंकि शारीरिक स्वरूप को बदलना चरित्र बदलने से अधिक सरल है। लेकिन ज़रा विचार कीजिए, यदि हम अपने चरित्र को सुधारने के लिए मेहनत करें तो हम सब के लिए कितना भला होगा।

   परमेश्वर की सन्तान होने के नाते हम मसीही विश्वासी अपनी आनुवांशिक रचना से बंधे नहीं हैं। हम परमेश्वर के सामने अपनी खामियों को मान कर उन्हें उसके हाथों में सौंप सकते हैं और उससे यह आग्रह कर सकते हैं कि वह हमें सुधारे; हमें बनाते समय जो कुछ उसने हमारे लिए सोचा और ठहराया था उन सब बातों को अपनी इच्छा और योजना के अनुसार हम में पूरा करे, जिससे हम संसार के समक्ष उसके प्रेम की अभिव्यक्ति के अनुपम उदाहरण बन सकें।

   परमेश्वर चाहता है कि हम उसके पुत्र और सारे जगत के उद्धाकर्ता प्रभु यीशु के स्वरूप में हो जाएं, और वह हमें अंश अंश करके उसके स्वरूप में बदलता भी जा रहा है (2 कुरिन्थियों 3:18)। उसे अपना यह कार्य करने की खुली छुट दें, वह आपका स्वरूप और चरित्र दोनों ही निखार देगा। - जूली ऐकैअरमैन लिंक


परमेश्वर का आत्मा हमें परमेश्वर के पुत्र के स्वरूप और चरित्र में ढालता जाता है।

और जैसे हम ने उसका रूप जो मिट्टी का था धारण किया वैसे ही उस स्‍वर्गीय का रूप भी धारण करेंगे। - 1 कुरिन्थियों 15:49

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 3:1-3, 17-18
2 Corinthians 3:1 क्या हम फिर अपनी बड़ाई करने लगे? या हमें कितनों कि नाईं सिफारिश की पत्रियां तुम्हारे पास लानी या तुम से लेनी हैं? 
2 Corinthians 3:2 हमारी पत्री तुम ही हो, जो हमारे हृदयों पर लिखी हुई है, और उसे सब मनुष्य पहिचानते और पढ़ते है। 
2 Corinthians 3:3 यह प्रगट है, कि तुम मसीह की पत्री हो, जिस को हम ने सेवकों की नाईं लिखा; और जो सियाही से नहीं, परन्तु जीवते परमेश्वर के आत्मा से पत्थर की पटियों पर नहीं, परन्तु हृदय की मांस रूपी पटियों पर लिखी है। 
2 Corinthians 3:17 प्रभु तो आत्मा है: और जहां कहीं प्रभु का आत्मा है वहां स्‍वतंत्रता है। 
2 Corinthians 3:18 परन्तु जब हम सब के उघाड़े चेहरे से प्रभु का प्रताप इस प्रकार प्रगट होता है, जिस प्रकार दर्पण में, तो प्रभु के द्वारा जो आत्मा है, हम उसी तेजस्‍वी रूप में अंश अंश कर के बदलते जाते हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 105-106
  • 1 कुरिन्थियों 3


बुधवार, 19 अगस्त 2015

प्रतिज्ञा


   कॉलेज की अपनी पढ़ाई के दौरान मैंने एक नर्सिंग होम में भी कार्य किया था। वहाँ भरती लोगों से मेरी बातचीत में कभी ना कभी हर एक मरीज़ ने अपने जीवन के अकेलेपन का और इस बात के एहसास का वर्णन किया कि वे अपने समकालीन लोगों अधिक आयु के हो गए हैं। उन में से अधिकांश यह भी सोचते थे कि उनके इस संसार से जाने के बाद क्या कोई उनको कभी स्मरण करेगा?

   अकेलेपन और भुला दिए जाने की अनुभूति केवल बुज़ुर्गों को ही नहीं होती है। वास्तविकता तो यह है कि परिस्थितियों के कारण, चाहे वे उचित हों या अनुचित, हम में से बहुतेरे अपने आप को जीव्न में कहीं फंसा हुआ और अकेला अनुभव करते हैं। कई बार हम वैसा भी अनुभव करते हैं जैसा परमेश्वर के वचन बाइबल के एक पात्र यूसुफ ने किया था: जबकि उसे स्मरण करने का हर कारण मौजूद था फिर भी लोगों ने उसे स्मरण नहीं रखा।

   बाइबल में उत्पत्ति नामक पुस्तक के 40वें अध्याय में हम यूसुफ के अनुभवों के बारे में पढ़ते हैं; वह अन्यायपूर्ण और अनुचित रीति से कारावास में फंसा पड़ा है। उसके साथ का एक कैदी, जो कभी राजा फिरौन का पिलानेहारा हुआ करता था, यूसुफ की बताई बात के अनुसार वापस फिरौन की सेवा में बहाल कर दिया गया है। यूसुफ ने उससे आग्रह किया था कि जब वह बहाल हो तो फिरौन से उसकी बारे में कहे, परन्तु वह पिलानेहारा यूसुफ को भूल गया।

   कई परिस्थितियों में हमें भी लग सकता है कि सबने हमें भुला दिया है, परमेश्वर ने भी। लेकिन जैसा यूसुफ के साथ हुआ, हमारे साथ भी वही बात है, ना यूसुफ परमेश्वर द्वारा भुलाया गया था (उत्पत्ति 42:9-13) और ना ही हम भुलाए जा सकते हैं। हमारा उद्धारकर्ता प्रभु यीशु परमेश्वर के दाहिने बैठा है, वह परमेश्वर और हमारे बीच में मध्यस्थ है और उसके द्वारा हमारी प्रार्थनाएं बिना रुकावट के परमेश्वर के पास पहुँच रही हैं। जब कभी हम अपने आप को अकेला अनुभव करें तो प्रभु यीशु की प्रतिज्ञा में आश्वस्त हों कि वह सदा हमारे साथ है (मत्ती 28:20) और हमें ना कभी छोड़ेगा और ना कभी त्यागेगा (इब्रानियों 13:5)। - रैन्डी किल्गोर


प्रभु यीशु अपने लोगों को ना कभी छोड़ता है और ना कभी भूलता है।

और उन्हें सब बातें जो मैं ने तुम्हें आज्ञा दी है, मानना सिखाओ: और देखो, मैं जगत के अन्‍त तक सदैव तुम्हारे संग हूं। - मत्ती28:20
तुम्हारा स्‍वभाव लोभरिहत हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा। - इब्रानियों 13:5

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 40:1-14, 23
Genesis 40:1 इन बातों के पश्चात ऐसा हुआ के राजा के पिलानेहारे और पकानेहारे ने अपने स्वामी का कुछ अपराध किया। 
Genesis 40:2 तब फिरौन ने अपने उन दोनो हाकिमों पर, अर्थात पिलानेहारों के प्रधान, और पकानेहारों के प्रधान पर क्रोधित होकर 
Genesis 40:3 उन्हें कैद करा के जल्लादों के प्रधान के घर के उसी बन्दीगृह में, जहां युसुफ बन्धुआ था, डलवा दिया। 
Genesis 40:4 तब जल्लादों के प्रधान ने उनको यूसुफ के हाथ सौंपा, और वह उनकी सेवा टहल करने लगा: सो वे कुछ दिन तक बन्दीगृह में रहे। 
Genesis 40:5 और मिस्त्र के राजा का पिलानेहारा और पकानेहारा जो बन्दीगृह में बन्द थे, उन दोनों ने एक ही रात में, अपने होनेहार के अनुसार, स्वपन देखा। 
Genesis 40:6 बिहान को जब यूसुफ उनके पास अन्दर गया, तब उन पर दृष्टि की, तो क्या देखा, कि वे उदास हैं। 
Genesis 40:7 सो उसने फिरौन के उन हाकिमों से, जो उसके साथ उसके स्वामी के घर के बन्दीगृह में थे, पूछा, कि आज तुम्हारे मुँह क्यों उदास हैं? 
Genesis 40:8 उन्होंने उस से कहा, हम दोनो ने स्वपन देखा है, और उनके फल का बताने वाला कोई भी नहीं। यूसुफ ने उनसे कहा, क्या स्वपनों का फल कहना परमेश्वर का काम नहीं? मुझे अपना अपना स्वपन बताओ। 
Genesis 40:9 तब पिलानेहारों का प्रधान अपना स्वपन यूसुफ को यों बताने लगा: कि मैंने स्वपन में देखा, कि मेरे सामने दाखलता है; 
Genesis 40:10 और उस दाखलता में तीन डालियां हैं: और उसमें मानो कलियां लगी हैं, और वे फूलीं और उसके गुच्छों में दाख लगकर पक गईं: 
Genesis 40:11 और फिरौन का कटोरा मेरे हाथ में था : सो मैंने उन दाखों को लेकर फिरौन के कटोरे में निचोड़ा, और कटोरे को फिरौन के हाथ में दिया। 
Genesis 40:12 यूसुफ ने उस से कहा, इसका फल यह है; कि तीन डालियों का अर्थ तीन दिन है : 
Genesis 40:13 सो अब से तीन दिन के भीतर तेरा सर ऊँचा करेगा, और फिर से तेरे पद पर तुझे नियुक्त करेगा, और तू पहले की नाईं फिरौन का पिलानेहारा होकर उसका कटोरा उसके हाथ में फिर दिया करेगा 
Genesis 40:14 सो जब तेरा भला हो जाए तब मुझे स्मरण करना, और मुझ पर कृपा कर के फिरौन से मेरी चर्चा चलाना, और इस घर से मुझे छुड़वा देना। 
Genesis 40:23 फिर भी पिलानेहारों के प्रधान ने यूसुफ को स्मरण ना रखा; परन्तु उसे भूल गया।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 103-104
  • 1 कुरिन्थियों 2


मंगलवार, 18 अगस्त 2015

भला


   कभी कभी जब मैं दफतर जाने के लिए बाहर निकलने को होता हूँ, तो मेरी पत्नि मुझे यह कहकर टोक देती है, "आप ऐसे कपड़े पहन कर तो दफतर नहीं जा सकते!" यह मेरे पहने कपड़ों में किसी असंगति के कारण होता है; या तो मेरी टाई, या फिर मेरी पतलून मेरी जैकेट से मेल नहीं खा रही होती है, या ऐसी ही कोई अन्य असंगति उसे दिखाई दे जाती है। यद्यपि पहरावे और फैशन संबंधित चुनावों के बारे में टोका जाना अपमानजनक लग सकता है, लेकिन मैंने अनुभव से यह भी जान लिया है कि मेरी पत्नि का यह सुधार के लिए टोकना मेरे लिए भला ही होता है।

   परमेश्वर का वचन बाइबल हम मसीही विश्वासियों को सदा ऐसे आचरण और व्यवहार को धारण कर लेने के लिए कहती है जो हमारे मसीही विश्वास के अनुरूप हों। जैसे जीवन के कार्यों में कई दफा हम अपने पहने हुए कपड़ों से अपनी पहचान प्रगट करते हैं, वैसे ही हम अपने धारण किए हुए आचरण और व्यवहार से हमारे जीवनों में मसीह यीशु की उपस्थिति को प्रगट करते हैं। प्रेरित पौलुस ने धारण करने के लिए कुछ आचरणों और व्यवहारों की सूची दी है; ये हैं करुणा, भलाई, दीनता, नम्रता और सहनशीलता (कुलुस्सियों 3:12) और इनके अतिरिक्त, प्रेम और परमेश्वर की शान्ति (कुलुस्सियों 3:14-15)।

   प्रभु यीशु के समान आचरण और व्यवहार को धारण कर पाना, प्रभु यीशु के साथ संगति रखने से आरंभ होता है और उसके साथ बिताए गए समय द्वारा परिपक्व होता है। यदि आप कभी प्रभु को आप से कहते सुनें, "आप ऐसे तो संसार के सामने नहीं जा सकते", तो रुक जाएं, उसे अवसर दें कि वह आपके आचरण या व्यवहार में आई असंगित को दूर करे, आपको और अधिक अपनी समानता में बदले। उसे ऐसा करने देना सदा ही आपके भले ही के लिए होगा। - जो स्टोवैल


प्रभु यीशु के आचरण और व्यवहार को धारण किए रहना हमारे जीवनों में बनी हुई उसकी उपस्थिति को दिखाता है।

और इस संसार के सदृश न बनो; परन्तु तुम्हारी बुद्धि के नये हो जाने से तुम्हारा चाल-चलन भी बदलता जाए, जिस से तुम परमेश्वर की भली, और भावती, और सिद्ध इच्छा अनुभव से मालूम करते रहो। - रोमियों 12:2

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 3:12-17
Colossians 3:12 इसलिये परमेश्वर के चुने हुओं की नाईं जो पवित्र और प्रिय हैं, बड़ी करूणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो। 
Colossians 3:13 और यदि किसी को किसी पर दोष देने को कोई कारण हो, तो एक दूसरे की सह लो, और एक दूसरे के अपराध क्षमा करो: जैसे प्रभु ने तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी करो। 
Colossians 3:14 और इन सब के ऊपर प्रेम को जो सिद्धता का कटिबन्‍ध है बान्‍ध लो। 
Colossians 3:15 और मसीह की शान्‍ति जिस के लिये तुम एक देह हो कर बुलाए भी गए हो, तुम्हारे हृदय में राज्य करे, और तुम धन्यवादी बने रहो। 
Colossians 3:16 मसीह के वचन को अपने हृदय में अधिकाई से बसने दो; और सिद्ध ज्ञान सहित एक दूसरे को सिखाओ, और चिताओ, और अपने अपने मन में अनुग्रह के साथ परमेश्वर के लिये भजन और स्‍तुतिगान और आत्मिक गीत गाओ। 
Colossians 3:17 और वचन से या काम से जो कुछ भी करो सब प्रभु यीशु के नाम से करो, और उसके द्वारा परमेश्वर पिता का धन्यवाद करो।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 100-102
  • 1 कुरिन्थियों 1


सोमवार, 17 अगस्त 2015

शान्त समय


   मुझे हमारी पृथ्वी के सागरों पर चन्द्रमा के गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव द्वारा उत्पन्न होने वाले ज्वार और भाटे की लहरों के बारे में सोचकर बड़ा विलक्षण लगता है - पानी में लहरें चाँद के प्रभाव से ऊँची और नीची होती हैं। ज्वार से भाटे में परिवर्तित होते समय एक छोटा सा ऐसा समय होता है जब पानी का स्तर ना तो ऊँचा होता है और ना ही नीचा। वैज्ञानिक कहते हैं कि यह वह समय होता है जब पानी पर कोई ज़ोर नहीं होता; यह ज्वार के पुनः उठने से पहले का शान्त समय होता है।

   जीवन के कार्यों की व्यस्तता में हम अपने आप को विभिन्न आवश्यक ज़िम्मेदारियों के कारण कभी एक ओर तो कभी दूसरी ओर खिंचता हुआ अनुभव करते हैं जो हमारे जीवनों पर प्रभाव डालता है। मसीही सेवकाई में भी यह दिखाई देता है और हमारा प्रभु यीशु इस बात से भली-भांति परिचित था, वह जानता था कि उसके चेलों पर कैसे दबाव पड़ेंगे और उनको विश्राम की आवश्यकता होगी। जब प्रभु के चेले अपने पहले प्रचार और सेवकाई अभियान से वापस लौट कर आए तो उन्होंने बड़े उत्साह के साथ अपने अनुभव प्रभु यीशु को बताए (मरकुस 6:7-13; 30); परन्तु प्रभु यीशु ने उन से कहा, "...तुम आप अलग किसी जंगली स्थान में आकर थोड़ा विश्राम करो; क्योंकि बहुत लोग आते जाते थे, और उन्हें खाने का अवसर भी नहीं मिलता था" (मरकुस 6:31)।

   क्या ज़िम्मेदारियाँ का निर्वाह आपको दबाव में ला रहा है, भिन्न दिशाओं में खींच रहा है? ऐसे में विश्राम करने और थकान को दूर करके अपने शरीर को तरो-ताज़ा करने की योजना बनाना आपके लिए सर्वथा उपयुक्त और उचित है। हमारे शरीरों को इसकी आवश्यकता है और प्रभु यीशु ने इसकी सलाह दी है। जीवन की व्यस्तताओं में से कुछ शान्त समय निकालिए, वहाँ आप प्रभु से मिलें, उससे प्रार्थना में संगति करें,  ऐसा समय आपको ताज़गी देगा, ज़िम्मेदारियों को और भी भली भांति निभाने की सदबुद्धि और सामर्थ देगा। - डेनिस फिशर


परमेश्वर के साथ शान्त समय बिताना, परमेश्वर से ताज़गी पाने का तरीका है।

और भोर को दिन निकलने से बहुत पहिले, वह[प्रभु यीशु] उठ कर निकला, और एक जंगली स्थान में गया और वहां प्रार्थना करने लगा। - मरकुस 1:35

बाइबल पाठ: मरकुस 6:7-13; 30-32
Mark 6:7 और वह बारहों को अपने पास बुलाकर उन्हें दो दो कर के भेजने लगा; और उन्हें अशुद्ध आत्माओं पर अधिकार दिया। 
Mark 6:8 और उसने उन्हें आज्ञा दी, कि मार्ग के लिये लाठी छोड़ और कुछ न लो; न तो रोटी, न झोली, न पटुके में पैसे। 
Mark 6:9 परन्तु जूतियां पहिनो और दो दो कुरते न पहिनो। 
Mark 6:10 और उसने उन से कहा; जहां कहीं तुम किसी घर में उतरो तो जब तक वहां से विदा न हो, तब तक उसी में ठहरे रहो। 
Mark 6:11 जिस स्थान के लोग तुम्हें ग्रहण न करें, और तुम्हारी न सुनें, वहां से चलते ही अपने तलवों की धूल झाड़ डालो, कि उन पर गवाही हो। 
Mark 6:12 और उन्होंने जा कर प्रचार किया, कि मन फिराओ। 
Mark 6:13 और बहुतेरे दुष्टात्माओं को निकाला, और बहुत बीमारों पर तेल मलकर उन्हें चंगा किया। 
Mark 6:30 प्रेरितों ने यीशु के पास इकट्ठे हो कर, जो कुछ उन्होंने किया, और सिखाया था, सब उसको बता दिया। 
Mark 6:31 उसने उन से कहा; तुम आप अलग किसी जंगली स्थान में आकर थोड़ा विश्राम करो; क्योंकि बहुत लोग आते जाते थे, और उन्हें खाने का अवसर भी नहीं मिलता था। 
Mark 6:32 इसलिये वे नाव पर चढ़कर, सुनसान जगह में अलग चले गए।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 97-99
  • रोमियों 16


रविवार, 16 अगस्त 2015

नियंत्रित


   जून 2012 में कॉलेरेडो प्रांत में वाल्डो घाटी में स्थित कॉलेरेडो स्प्रिंग्स इलाके के 346 घर आग से जलकर राख हो गए और 18,000 एकड़ से भी अधिक का जंगल नाश हो गया। उस आग को फैलने से रोकने के लिए आग से जल रहे जंगल के चारों ओर आग रोकने वाली सीमा रेखाएं बनाई गईं। जब आग के चारों ओर वे नियंत्रण करने वाली सीमा रेखाएं बन गईं तब यह निश्चित हो गया कि आग अब इससे आगे नहीं फैलेगी और फिर उस आग को बुझाने के प्रयास आरंभ कर दिए गए। उस इलाके के अन्य निवासियों को आग बुझाने वाले दल के अधिकारी ने सूचित किया कि अभी उन्हें आग की लपटें और धुंआ दिखाई देता रहेगा क्योंकि आग सीमित तो कर दी गई है किंतु नियंत्रण में नहीं है और बुझी नहीं है।

   जब हमारा संसार त्रासदी और दुष्टता के कार्यों से हिलाया जाता है, तो हमारे अन्दर उस दिन की लालसा और भी तीव्र हो उठती है जब शैतान और उसकी दुष्टता सदा के लिए नाश कर दी जाएगी, संसार के इतिहास का अन्तिम पन्ना लिख दिया जाएगा और धर्म तथा न्याय के साथ परमेश्वर का अनन्त राज्य स्थापित हो जाएगा। लेकिन वह दिन आने तक परमेश्वर हमें अनुग्रह और सामर्थ प्रदान करता है कि हम उसके राज्य की बाट जोहते हुए, उसके गवाह बन कर उस पर लाए गए विश्वास के उद्देश्यपूर्ण जीवन व्यतीत करें। इस जीवन को जीने से संबंधित कुछ निर्देश हमें परमेश्वर के वचन बाइबल में इब्रानियों की पत्री के 10वें अध्याय में मिलते हैं:
  • हमें सच्चे मन से परमेश्वर के निकट आना है (पद 22);
  • हमें अपनी आशा के अंगीकार को दृढ़ता से थामे रहना है (पद 23);
  • हमें एक दूसरे को प्रेम तथा भले कार्यों के लिए प्रोत्साहित करते रहना है (पद 24);
  • और परमेश्वर के उस दिन को निकट आता देख एक दूसरे को उभारने के लिए एक दूसरे के साथ और भी अधिक सहभागिता रखनी है (पद 25);

   प्रभु यीशु मसीह में होकर परमेश्वर ने सारे संसार के सभी लोगों के पाप क्षमा और उद्धार के लिए शैतान की योजनाओं को नियंत्रित कर दिया है। अब जब तक परमेश्वर उस दुष्टता की आग को सदा के लिए बुझा नहीं देता, हमें उसके अनुग्रह और सामर्थ से प्रभु के पुनःआगमन की बाट जोहते हुए जीवन की परीक्षाओं की लपटों का सामना करना है, क्योंकि उन लपटों से बचाव का मार्ग उसने हमें तैयार कर के दे दिया है। - डेविड मैक्कैसलैण्ड


प्रभु यीशु शीघ्र आने वाला है - संभवतः आज ही!

प्रभु अपनी प्रतिज्ञा के विषय में देर नहीं करता, जैसी देर कितने लोग समझते हैं; पर तुम्हारे विषय में धीरज धरता है, और नहीं चाहता, कि कोई नाश हो; वरन यह कि सब को मन फिराव का अवसर मिले। - 2 पतरस 3:9

बाइबल पाठ: इब्रानियों 10:19-39
Hebrews 10:19 सो हे भाइयो, जब कि हमें यीशु के लोहू के द्वारा उस नए और जीवते मार्ग से पवित्र स्थान में प्रवेश करने का हियाव हो गया है। 
Hebrews 10:20 जो उसने परदे अर्थात अपने शरीर में से हो कर, हमारे लिये अभिषेक किया है, 
Hebrews 10:21 और इसलिये कि हमारा ऐसा महान याजक है, जो परमेश्वर के घर का अधिकारी है। 
Hebrews 10:22 तो आओ; हम सच्चे मन, और पूरे विश्वास के साथ, और विवेक को दोष दूर करने के लिये हृदय पर छिड़काव ले कर, और देह को शुद्ध जल से धुलवा कर परमेश्वर के समीप जाएं। 
Hebrews 10:23 और अपनी आशा के अंगीकार को दृढ़ता से थामें रहें; क्योंकि जिसने प्रतिज्ञा किया है, वह सच्चा है। 
Hebrews 10:24 और प्रेम, और भले कामों में उक्साने के लिये एक दूसरे की चिन्‍ता किया करें। 
Hebrews 10:25 और एक दूसरे के साथ इकट्ठा होना ने छोड़ें, जैसे कि कितनों की रीति है, पर एक दूसरे को समझाते रहें; और ज्यों ज्यों उस दिन को निकट आते देखो, त्यों त्यों और भी अधिक यह किया करो।। 
Hebrews 10:26 क्योंकि सच्चाई की पहिचान प्राप्त करने के बाद यदि हम जान बूझ कर पाप करते रहें, तो पापों के लिये फिर कोई बलिदान बाकी नहीं। 
Hebrews 10:27 हां, दण्‍ड का एक भयानक बाट जोहना और आग का ज्‍वलन बाकी है जो विरोधियों को भस्म कर देगा। 
Hebrews 10:28 जब कि मूसा की व्यवस्था का न मानने वाला दो या तीन जनों की गवाही पर, बिना दया के मार डाला जाता है। 
Hebrews 10:29 तो सोच लो कि वह कितने और भी भारी दण्‍ड के योग्य ठहरेगा, जिसने परमेश्वर के पुत्र को पांवों से रौंदा, और वाचा के लोहू को जिस के द्वारा वह पवित्र ठहराया गया था, अपवित्र जाना है, और अनुग्रह की आत्मा का अपमान किया। 
Hebrews 10:30 क्योंकि हम उसे जानते हैं, जिसने कहा, कि पलटा लेना मेरा काम है, मैं ही बदला दूंगा: और फिर यह, कि प्रभु अपने लोगों का न्याय करेगा। 
Hebrews 10:31 जीवते परमेश्वर के हाथों में पड़ना भयानक बात है।
Hebrews 10:32 परन्तु उन पहिले दिनों को स्मरण करो, जिन में तुम ज्योति पाकर दुखों के बड़े झमेले में स्थिर रहे। 
Hebrews 10:33 कुछ तो यों, कि तुम निन्‍दा, और क्‍लेश सहते हुए तमाशा बने, और कुछ यों, कि तुम उन के साझी हुए जिन की र्दुदशा की जाती थी। 
Hebrews 10:34 क्योंकि तुम कैदियों के दुख में भी दुखी हुए, और अपनी संपत्ति भी आनन्द से लुटने दी; यह जान कर, कि तुम्हारे पास एक और भी उत्तम और सर्वदा ठहरने वाली संपत्ति है। 
Hebrews 10:35 सो अपना हियाव न छोड़ो क्योंकि उसका प्रतिफल बड़ा है। 
Hebrews 10:36 क्योंकि तुम्हें धीरज धरना अवश्य है, ताकि परमेश्वर की इच्छा को पूरी कर के तुम प्रतिज्ञा का फल पाओ। 
Hebrews 10:37 क्योंकि अब बहुत ही थोड़ा समय रह गया है जब कि आने वाला आएगा, और देर न करेगा। 
Hebrews 10:38 और मेरा धर्मी जन विश्वास से जीवित रहेगा, और यदि वह पीछे हट जाए तो मेरा मन उस से प्रसन्न न होगा। 
Hebrews 10:39 पर हम हटने वाले नहीं, कि नाश हो जाएं पर विश्वास करने वाले हैं, कि प्राणों को बचाएं।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 94-96
  • रोमियों 15:14-33


शनिवार, 15 अगस्त 2015

लंगर


   मैं अपने दो मित्रों के साथ एक झील में मछली पकड़ने के लिए गया हुआ था। हम तीनों एक छोटी नाव में थे, और जहाँ लाकर हमने नाव को झील में रखा था वहाँ मछलियाँ चारा लेने के लिए बहुतायत से आ रही थीं, और हम काँटे पर चारा लगाने और मछली फंसाने में व्यस्त हो गए। कुछ देर में हमने देखा कि चारे पर आने वाली मछलियाँ धीरे धीरे कम होती जा रही हैं; चारों ओर ध्यान से देखने पर हमें कारण पता चल गया - नाव वहाँ नहीं थी जहाँ लाकर हमने उसे रखा था। हुआ यह था कि तेज़ हवा ने नाव को धकेल कर पानी में और आगे कर दिया था, जो लंगर हमने नाव को एक स्थान पर स्थिर करने के लिए डाला था वह नीचे झील के तले में पकड़ नहीं ले पाया था और नाव के साथ खिसक गया था। हमने लंगर को ऊपर उठाया और पुनः उस स्थान पर आ गए जहाँ मछलियाँ बहुतायत से थीं; लेकिन थोड़ी देर में फिर वही हुआ जो पहले हुआ था। हमने एक और बार वापस लौट कर लंगर डाला, लेकिन लंगर नीचे कोई पकड ले नहीं पा रहा था, इसलिए हम वापस किनारे पर लौट आए।

   जब बात हमारे उद्धार की आती है, तो हम मसीही विश्वासियों की आशा परमेश्वर की प्रतिज्ञा तथा प्रभु यीशु मसीह के अटल कार्य पर स्थिर है। शैतान द्वारा हम पर भेजे गए सन्देह, निराशा, आत्मिक आक्रमण आदि के तेज़ झोंके हमारे अन्दर यह विचार उत्पन्न कर सकते हैं कि हमारा जीवन असुरक्षित इधर-उधर हिचकोले ले रहा है, हमारा उद्धार निश्चित नहीं है। लेकिन ऐसा कदापि नहीं है! परमेश्वर ने हमें प्रतिज्ञा दी है कि हमारा उद्धार सुरक्षित है (इब्रानियों 6:18-19) और परमेश्वर कभी झूठ नहीं बोल सकता। हमारी आशा प्रभु यीशु के साथ दृढ़ता से जुड़ी हुई है; उस प्रभु के साथ जिसने अपने बलिदान, क्रूस की मृत्यु, पुनरुत्थान और स्वर्गारोहण के द्वारा एक ही बार सदा-सर्वदा के लिए पाप और पाप के दण्ड से हमारा छुटकारा कर दिया।

   हमारे जीवन और अनन्तकाल का लंगर एक अटल चट्टान - प्रभु यीशु है। उसका असीम प्रेम हमें स्थिर और दृढ़ रीति से थामे रहता है; शैतान का कोई दाँव हमें उसकी निकटता से हिला नहीं सकता। - डेविड एग्नर


हमारा स्थिर लंगर चट्टान प्रभु यीशु है।

क्या ही धन्य वह है, जिसका सहायक याकूब का ईश्वर है, और जिसका भरोसा अपने परमेश्वर यहोवा पर है। वह आकाश और पृथ्वी और समुद्र और उन में जो कुछ है, सब का कर्ता है; और वह अपना वचन सदा के लिये पूरा करता रहेगा। - भजन 146:5-6

बाइबल पाठ: इब्रानियों 6:13-20
Hebrews 6:13 और परमेश्वर ने इब्राहीम को प्रतिज्ञा देते समय जब कि शपथ खाने के लिये किसी को अपने से बड़ा न पाया, तो अपनी ही शपथ खाकर कहा। 
Hebrews 6:14 कि मैं सचमुच तुझे बहुत आशीष दूंगा, और तेरी सन्तान को बढ़ाता जाऊंगा। 
Hebrews 6:15 और इस रीति से उसने धीरज धर कर प्रतिज्ञा की हुई बात प्राप्त की। 
Hebrews 6:16 मनुष्य तो अपने से किसी बड़े की शपथ खाया करते हैं और उन के हर एक विवाद का फैसला शपथ से पक्का होता है। 
Hebrews 6:17 इसलिये जब परमेश्वर ने प्रतिज्ञा के वारिसों पर और भी साफ रीति से प्रगट करना चाहा, कि उसकी मनसा बदल नहीं सकती तो शपथ को बीच में लाया। 
Hebrews 6:18 ताकि दो बे-बदल बातों के द्वारा जिन के विषय में परमेश्वर का झूठा ठहरना अन्‍होना है, हमारा दृढ़ता से ढाढ़स बन्ध जाए, जो शरण लेने को इसलिये दौड़े है, कि उस आशा को जो साम्हने रखी हुई है प्राप्त करें। 
Hebrews 6:19 वह आशा हमारे प्राण के लिये ऐसा लंगर है जो स्थिर और दृढ़ है, और परदे के भीतर तक पहुंचता है। 
Hebrews 6:20 जहां यीशु मलिकिसिदक की रीति पर सदा काल का महायाजक बन कर, हमारे लिये अगुआ की रीति पर प्रवेश हुआ है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 91-93
  • रोमियों 15:1-13