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सोमवार, 10 मई 2021

मित्र

 

          उसके पति के देहांत के बाद से बेट्सी अपने अधिकांश दिन अपने घर में अकेले ही बिताती है, टेलीविज़न देखने में या अपने लिए चाय बनाने में अपना समय बिताती है। इस एकाकीपन में वह अकेली नहीं है। अनुमान है कि ब्रिटेन की आबादी के लगभग पंद्रह प्रतिशत से अधिक लोग यह कहते हैं कि वे अपने को अधिकांशतः या हमेशा अकेला अनुभव करते हैं। इस कारण ब्रिटेन की सरकार ने इस अकेलेपन के कारण और उनका निवारण ढूँढने के लिए एक मंत्री को भी नियुक्त किया है।

          अकेलेपन के कुछ कारण तो सबको पता हैं: हम एक से दूसरे स्थान घर बदलते रहते हैं, और कहीं जड़ें नहीं जमाने पाते हैं। कुछ लोगों को लगता है कि वे अपनी देखभाल स्वयं कर सकते हैं, और उन्हें किसी की ओर हाथ बढ़ाने की कोई आवश्यकता अनुभव नहीं होती है। बहुतेरों को आधुनिक तकनीकी और उपकरणों ने वश में कर रखा है, और वे अपने फोन या कंप्यूटर या टी.वी. को ही देखते रहते हैं। सभी के पास अपने अकेलेपन के अपने ही कारण हैं।

          मुझे इस अकेलेपन के अन्धकार का खतरा अनुभव होता है, और हो सकता है कि आपको भी होता हो। इसीलिए हमें मित्रों की आवश्यकता है; हम मसीही विश्वासियों को अन्य मसीही विश्वासियों की संगति और मित्रता आवश्यक है। परमेश्वर के वचन बाइबल में इब्रानियों की पत्री में, प्रभु यीशु के बलिदान की चर्चा का समापन हमें एक दूसरे के साथ मिलते रहने और निरंतर संगति रखने के निर्देश के साथ होता है (10:25)। हम सभी मसीही विश्वासी परमेश्वर के परिवार का अंग हैं, इसलिए हमें भाई-बहनों के समान परस्पर प्रेम दिखाना चाहिए और अजनबियों के प्रति अतिथि-सत्कार की भावना रखनी चाहिए (13:1-2)। यदि हम सभी प्रयास करें, तो हम सभी को एक-दूसरे की देखभाल और संगति के आनन्द का अनुभव भी होगा।

          हो सकता है कि अकेले रहने वाले लोग हमारी इस कृपा का प्रत्युत्तर न देने पाएँ, परन्तु कृपा न करने का यह कोई कारण नहीं है। हमारे प्रभु यीशु ने हमसे वायदा किया है कि वह हमें कभी नहीं छोड़ेगा या त्यागेगा (13:5), इसलिए हमें भी यही तत्परता औरों के साथ दिखानी चाहिए। जैसे वह हर समय, हर बात के लिए, हर परिस्थिति में, हमारा मित्र बनकर हमारे साथ बना रहता है, वैसे ही हम भी औरों के मित्र बनें, उनके साथ निरंतर संगति बनाए रखें। यदि आप स्वयं अकेले हैं, तो भी परमेश्वर के परिवार के अन्य सदस्यों के साथ संपर्क और संगति बनाए रखने, उनके सहायक बनने के तरीके ढूँढें। मसीह यीशु को अपना मित्र बना लें; उसकी मित्रता और आशीषें न केवल इस जीवन में, वरन परलोक में भी सदा साथ रहती हैं। - माइक व्हिटमर

 

अकेलेपन का समाधान परमेश्वर के परिवार का सक्रिय सदस्य होना है।


और एक दूसरे के साथ इकट्ठा होना ने छोड़ें, जैसे कि कितनों की रीति है, पर एक दूसरे को समझाते रहें; और ज्यों ज्यों उस दिन को निकट आते देखो, त्यों त्यों और भी अधिक यह किया करो। - इब्रानियों 10:25

बाइबल पाठ: इब्रानियों 13:1-8

इब्रानियों 13:1 भाईचारे की प्रीति बनी रहे।

इब्रानियों 13:2 पहुनाई करना न भूलना, क्योंकि इस के द्वारा कितनों ने अनजाने स्‍वर्गदूतों की पहुनाई की है।

इब्रानियों 13:3 कैदियों की ऐसी सुधि लो, कि मानो उन के साथ तुम भी कैद हो; और जिन के साथ बुरा बर्ताव किया जाता है, उन की भी यह समझकर सुधि लिया करो, कि हमारी भी देह है।

इब्रानियों 13:4 विवाह सब में आदर की बात समझी जाए, और बिछौना निष्कलंक रहे; क्योंकि परमेश्वर व्यभिचारियों, और परस्त्रीगामियों का न्याय करेगा।

इब्रानियों 13:5 तुम्हारा स्वभाव लोभरहित हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा।

इब्रानियों 13:6 इसलिये हम बेधड़क हो कर कहते हैं, कि प्रभु, मेरा सहायक है; मैं न डरूंगा; मनुष्य मेरा क्या कर सकता है।

इब्रानियों 13:7 जो तुम्हारे अगुवे थे, और जिन्होंने तुम्हें परमेश्वर का वचन सुनाया है, उन्हें स्मरण रखो; और ध्यान से उन के चाल-चलन का अन्त देखकर उन के विश्वास का अनुकरण करो।

इब्रानियों 13:8 यीशु मसीह कल और आज और युगानुयुग एक सा है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • 2 राजाओं 10-12
  • यूहन्ना 1:29-51

मंगलवार, 26 मई 2020

परवाह



     बचपन में मैं जब भी अपने आप को अकेला, या तिरस्कृत, या खेदित अनुभव करता था, तो मेरी माँ मुझे उभारने और प्रसन्न करने के लिए एक छोटा सा गीत गाने लगती थीं, “मुझे कोई नहीं चाहता है; सब मुझ से घृणा करते हैं; मुझे लगता है कि मुझे अब कीड़े ही खाने होंगे।” जब यह सुन कर मेरे चेहरे पर एक मुस्कान आती तो वह मेरे साथ बैठतीं और मुझे उन सभी संबंधों और कृतज्ञ होने के कारणों को समझातीं जो वास्तव में मेरे साथ थे।

     जब मैं परमेश्वर के वचन बाइबल में पढ़ता हूँ कि दाऊद को भी कुछ ऐसी ही अकेलेपन और उपेक्षा की भावनाओं का सामना करना पड़ा था, तो मुझे अपनी माँ का वही गीत स्मरण हो आता है। लेकिन मेरी भावनाओं के समान, दाऊद की वे दुखदायी भावनाएँ कोई बढ़ा-चढ़ा कर कही गई बात नहीं थीं। मैं तो मेरी उस आयु में सामान्यतः सभी को होने वाली भावनाएँ अनुभव करता था, किन्तु दाऊद के पास अकेला और उपेक्षित अनुभव करने के उचित और पर्याप्त कारण थे।

     दाऊद ने वे शब्द एक गुफा में लिखे थे, जहाँ वह शाउल से अपनी जान बचाने के लिए  छुपा हुआ था, क्योंकि शाउल दाऊद की जान लेना चाहता था (1 शमूएल 22:1; 24:3-10)। दाऊद ने शाउल की सेवा में कई वर्ष बिताए थे, और उसे पर्म्केश्वर की ओर से इस्राएल का भावी राजा अभिषेक किया जा चुका था (16:13), परन्तु अब उस का जीवन एक से दूसरे स्थान अपनी जान बचाने के लिए भागते हुए बीत रहा था। अपने उस अकेलेपन और जोखिम की स्थिति में दाऊद ने परमेश्वर को पुकारा, उसे अपना “शरणस्थान” और जीवन का भाग कहा (भजन 142:5)।

     दाऊद के समान हम भी, जब भी अकेला, उपेक्षित, और बेसहारा अनुभव करें, तो अपनी भावनाओं को परमेश्वर के सम्मुख व्यक्त कर सकते हैं, और उस के प्रेम में शरणस्थान पा सकते हैं। परमेश्वर हमारे अकेलेपन को कभी कम नहीं आंकता है। वह हमारे जीवन की गहरी अंधेरी गुफाओं में हमारा साथी बन कर रहना चाहता है। चाहे हमें लगे कि किसी को हमारी परवाह नहीं है, परन्तु परमेश्वर हमेशा हमारी परवाह करता है। - कर्स्टिन होल्म्बर्ग

हमारे जीवन के अकेलेपन के समयों में भी परमेश्वर सदा हमारे साथ है।

तेरे जीवन भर कोई तेरे साम्हने ठहर न सकेगा; जैसे मैं मूसा के संग रहा वैसे ही तेरे संग भी रहूंगा; और न तो मैं तुझे धोखा दूंगा, और न तुझ को छोडूंगा। - यहोशू 1:5

बाइबल पाठ: भजन 142
भजन संहिता 142:1 मैं यहोवा की दोहाई देता, मैं यहोवा से गिड़गिड़ाता हूं,
भजन संहिता 142:2 मैं अपने शोक की बातें उस से खोल कर कहता, मैं अपना संकट उस के आगे प्रगट करता हूं।
भजन संहिता 142:3 जब मेरी आत्मा मेरे भीतर से व्याकुल हो रही थी, तब तू मेरी दशा को जानता था! जिस रास्ते से मैं जाने वाला था, उसी में उन्होंने मेरे लिये फन्दा लगाया।
भजन संहिता 142:4 मैं ने दाहिनी ओर देखा, परन्तु कोई मुझे नहीं देखता है। मेरे लिये शरण कहीं नहीं रही, न मुझ को कोई पूछता है।
भजन संहिता 142:5 हे यहोवा, मैं ने तेरी दोहाई दी है; मैं ने कहा, तू मेरा शरणस्थान है, मेरे जीते जी तू मेरा भाग है।
भजन संहिता 142:6 मेरी चिल्लाहट को ध्यान देकर सुन, क्योंकि मेरी बड़ी दुर्दशा हो गई है! जो मेरे पीछे पड़े हैं, उन से मुझे बचा ले; क्योंकि वे मुझ से अधिक सामर्थी हैं।
भजन संहिता 142:7 मुझ को बन्दीगृह से निकाल कि मैं तेरे नाम का धन्यवाद करूं! धर्मी लोग मेरे चारों ओर आएंगे; क्योंकि तू मेरा उपकार करेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 इतिहास 28-29
  • यूहन्ना 9:24-41



बुधवार, 19 अगस्त 2015

प्रतिज्ञा


   कॉलेज की अपनी पढ़ाई के दौरान मैंने एक नर्सिंग होम में भी कार्य किया था। वहाँ भरती लोगों से मेरी बातचीत में कभी ना कभी हर एक मरीज़ ने अपने जीवन के अकेलेपन का और इस बात के एहसास का वर्णन किया कि वे अपने समकालीन लोगों अधिक आयु के हो गए हैं। उन में से अधिकांश यह भी सोचते थे कि उनके इस संसार से जाने के बाद क्या कोई उनको कभी स्मरण करेगा?

   अकेलेपन और भुला दिए जाने की अनुभूति केवल बुज़ुर्गों को ही नहीं होती है। वास्तविकता तो यह है कि परिस्थितियों के कारण, चाहे वे उचित हों या अनुचित, हम में से बहुतेरे अपने आप को जीव्न में कहीं फंसा हुआ और अकेला अनुभव करते हैं। कई बार हम वैसा भी अनुभव करते हैं जैसा परमेश्वर के वचन बाइबल के एक पात्र यूसुफ ने किया था: जबकि उसे स्मरण करने का हर कारण मौजूद था फिर भी लोगों ने उसे स्मरण नहीं रखा।

   बाइबल में उत्पत्ति नामक पुस्तक के 40वें अध्याय में हम यूसुफ के अनुभवों के बारे में पढ़ते हैं; वह अन्यायपूर्ण और अनुचित रीति से कारावास में फंसा पड़ा है। उसके साथ का एक कैदी, जो कभी राजा फिरौन का पिलानेहारा हुआ करता था, यूसुफ की बताई बात के अनुसार वापस फिरौन की सेवा में बहाल कर दिया गया है। यूसुफ ने उससे आग्रह किया था कि जब वह बहाल हो तो फिरौन से उसकी बारे में कहे, परन्तु वह पिलानेहारा यूसुफ को भूल गया।

   कई परिस्थितियों में हमें भी लग सकता है कि सबने हमें भुला दिया है, परमेश्वर ने भी। लेकिन जैसा यूसुफ के साथ हुआ, हमारे साथ भी वही बात है, ना यूसुफ परमेश्वर द्वारा भुलाया गया था (उत्पत्ति 42:9-13) और ना ही हम भुलाए जा सकते हैं। हमारा उद्धारकर्ता प्रभु यीशु परमेश्वर के दाहिने बैठा है, वह परमेश्वर और हमारे बीच में मध्यस्थ है और उसके द्वारा हमारी प्रार्थनाएं बिना रुकावट के परमेश्वर के पास पहुँच रही हैं। जब कभी हम अपने आप को अकेला अनुभव करें तो प्रभु यीशु की प्रतिज्ञा में आश्वस्त हों कि वह सदा हमारे साथ है (मत्ती 28:20) और हमें ना कभी छोड़ेगा और ना कभी त्यागेगा (इब्रानियों 13:5)। - रैन्डी किल्गोर


प्रभु यीशु अपने लोगों को ना कभी छोड़ता है और ना कभी भूलता है।

और उन्हें सब बातें जो मैं ने तुम्हें आज्ञा दी है, मानना सिखाओ: और देखो, मैं जगत के अन्‍त तक सदैव तुम्हारे संग हूं। - मत्ती28:20
तुम्हारा स्‍वभाव लोभरिहत हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा। - इब्रानियों 13:5

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 40:1-14, 23
Genesis 40:1 इन बातों के पश्चात ऐसा हुआ के राजा के पिलानेहारे और पकानेहारे ने अपने स्वामी का कुछ अपराध किया। 
Genesis 40:2 तब फिरौन ने अपने उन दोनो हाकिमों पर, अर्थात पिलानेहारों के प्रधान, और पकानेहारों के प्रधान पर क्रोधित होकर 
Genesis 40:3 उन्हें कैद करा के जल्लादों के प्रधान के घर के उसी बन्दीगृह में, जहां युसुफ बन्धुआ था, डलवा दिया। 
Genesis 40:4 तब जल्लादों के प्रधान ने उनको यूसुफ के हाथ सौंपा, और वह उनकी सेवा टहल करने लगा: सो वे कुछ दिन तक बन्दीगृह में रहे। 
Genesis 40:5 और मिस्त्र के राजा का पिलानेहारा और पकानेहारा जो बन्दीगृह में बन्द थे, उन दोनों ने एक ही रात में, अपने होनेहार के अनुसार, स्वपन देखा। 
Genesis 40:6 बिहान को जब यूसुफ उनके पास अन्दर गया, तब उन पर दृष्टि की, तो क्या देखा, कि वे उदास हैं। 
Genesis 40:7 सो उसने फिरौन के उन हाकिमों से, जो उसके साथ उसके स्वामी के घर के बन्दीगृह में थे, पूछा, कि आज तुम्हारे मुँह क्यों उदास हैं? 
Genesis 40:8 उन्होंने उस से कहा, हम दोनो ने स्वपन देखा है, और उनके फल का बताने वाला कोई भी नहीं। यूसुफ ने उनसे कहा, क्या स्वपनों का फल कहना परमेश्वर का काम नहीं? मुझे अपना अपना स्वपन बताओ। 
Genesis 40:9 तब पिलानेहारों का प्रधान अपना स्वपन यूसुफ को यों बताने लगा: कि मैंने स्वपन में देखा, कि मेरे सामने दाखलता है; 
Genesis 40:10 और उस दाखलता में तीन डालियां हैं: और उसमें मानो कलियां लगी हैं, और वे फूलीं और उसके गुच्छों में दाख लगकर पक गईं: 
Genesis 40:11 और फिरौन का कटोरा मेरे हाथ में था : सो मैंने उन दाखों को लेकर फिरौन के कटोरे में निचोड़ा, और कटोरे को फिरौन के हाथ में दिया। 
Genesis 40:12 यूसुफ ने उस से कहा, इसका फल यह है; कि तीन डालियों का अर्थ तीन दिन है : 
Genesis 40:13 सो अब से तीन दिन के भीतर तेरा सर ऊँचा करेगा, और फिर से तेरे पद पर तुझे नियुक्त करेगा, और तू पहले की नाईं फिरौन का पिलानेहारा होकर उसका कटोरा उसके हाथ में फिर दिया करेगा 
Genesis 40:14 सो जब तेरा भला हो जाए तब मुझे स्मरण करना, और मुझ पर कृपा कर के फिरौन से मेरी चर्चा चलाना, और इस घर से मुझे छुड़वा देना। 
Genesis 40:23 फिर भी पिलानेहारों के प्रधान ने यूसुफ को स्मरण ना रखा; परन्तु उसे भूल गया।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 103-104
  • 1 कुरिन्थियों 2