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बुधवार, 18 अप्रैल 2018

प्रेम



   मेरी सहेली की बच्ची को दौरे पड़ने लगे, इसलिए वे उसे एम्बुलेंस में लेकर अस्पताल की ओर तेज़ी से जा रहे थे। रास्ते भर बच्ची की माँ का हृदय तेज़ी से धड़कता रहा, वह उसके लिए प्रार्थना करती जा रही थी। माँ ने बच्ची का छोटी उँगलियाँ थामी हुईं थीं जो उस बच्ची के प्रति माँ के प्रेम की गहराई को दिखा रहा था। यही उसे इस बात को भी स्मरण करवा रहा था कि प्रभु परमेश्वर भी हम से कितना अधिक प्रेम करता है, जिस प्रेम के अन्तर्गत वह हमें अपनी “आँख की पुतली” कहता है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में ज़कर्याह भविष्यद्वक्ता ने यह वाक्याँश उन लोगों के लिए प्रयोग किया जो बाबुल की बंधुवाई से निकलकर यरूशलेम आए थे। ज़कर्याह उन्हें पश्चाताप करने, परमेश्वर के मंदिर का पुनः निर्माण करने, और सच्चे जीवते परमेश्वर के प्रति प्रेम के लिए हृदयों को तैयार करने को कहता है। क्योंकि परमेश्वर उन लोगों से बहुत प्रेम करता है, वे उसकी आँख की पुतली हैं।

   इब्रानी भाषा के विद्वानों का मानना है कि यह वाक्याँश दूसरे की आँख की पुतली में अपने प्रतिबिंब को देखने से सम्बन्धित है। क्योंकि आँखे बहुमूल्य और नाज़ुक होती हैं, इसलिए उन्हें सदा सुरक्षा की आवश्यकता होती है। और हमारा प्रभु परमेश्वर हमें ऐसे ही प्रेम और सुरक्षा प्रदान करना चाहता है – अपने हृदय के अति-निकट बनाए रख कर।

   प्रभु, जो सदा हमारे साथ निवास करता है, अपने प्रेम को हम पर उंडेलता है – किसी भी प्रेमी माँ द्वारा अपने बच्चे पर उंडेले जाने वाले प्रेम से कहीं अधिक! हम उसकी आँख की पुतली के समान हैं, उसके प्रिय। - एमी बाउचर पाई

                                        
बच्चे के प्रति माता-पिता का प्रेम, 
हमारे प्रति परमेश्वर पिता के प्रेम को प्रतिबिंबित करता है।

क्या यह हो सकता है कि कोई माता अपने दूधपिउवे बच्चे को भूल जाए और अपने जन्माए हुए लड़के पर दया न करे? हां, वह तो भूल सकती है, परन्तु मैं तुझे नहीं भूल सकता। - यशायाह 49:15

बाइबल पाठ: ज़कर्याह 2
Zechariah 2:1 फिर मैं ने आंखें उठाईं तो क्या देखा, कि हाथ में नापने की डोरी लिये हुए एक पुरूष है।
Zechariah 2:2 तब मैं ने उस से पूछा, तू कहां जाता है? उसने मुझ से कहा, यरूशलेम को नापने जाता हूं कि देखूं उसकी चौड़ाई कितनी, और लम्बाई कितनी है।
Zechariah 2:3 तब मैं ने क्या देखा, कि जो दूत मुझ से बातें करता था वह चला गया, और दूसरा दूत उस से मिलने के लिये आकर,
Zechariah 2:4 उस से कहता है, दौड़ कर उस जवान से कह, यरूशलेम मनुष्यों और घरैलू पशुओं की बहुतायत के मारे शहरपनाह के बाहर बाहर भी बसेगी।
Zechariah 2:5 और यहोवा की यह वाणी है, कि मैं आप उसके चारों ओर आग की से शहरपनाह ठहरूंगा, और उसके बीच में तेजोमय हो कर दिखाई दूंगा।
Zechariah 2:6 यहोवा की यह वाणी है, देखो, सुनो उत्तर के देश में से भाग जाओ, क्योंकि मैं ने तुम को आकाश की चारों वायुओं के समान तितर बितर किया है।
Zechariah 2:7 हे बाबुल वाली जाति के संग रहने वाली, सिय्योन को बच कर निकल भाग!
Zechariah 2:8 क्योंकि सेनाओं का यहोवा यों कहता है, उस तेज के प्रगट होने के बाद उसने मुझे उन जातियों के पास भेजा है जो तुम्हें लूटती थीं, क्योंकि जो तुम को छूता है, वह मेरी आंख की पुतली ही को छूता है।
Zechariah 2:9 देखो, मैं अपना हाथ उन पर उठाऊंगा, तब वे उन्हीं से लूटे जाएंगे जो उनके दास हुए थे। तब तुम जानोगे कि सेनाओं के यहोवा ने मुझे भेजा है।
Zechariah 2:10 हे सिय्योन, ऊंचे स्वर से गा और आनन्द कर, क्योंकि देख, मैं आकर तेरे बीच में निवास करूंगा, यहोवा की यही वाणी है।
Zechariah 2:11 उस समय बहुत सी जातियां यहोवा से मिल जाएंगी, और मेरी प्रजा हो जाएंगी; और मैं तेरे बीच में वास करूंगा,
Zechariah 2:12 और तू जानेगी कि सेनाओं के यहोवा ने मुझे तेरे पास भेज दिया है। और यहोवा यहूदा को पवित्र देश में अपना भाग कर लेगा, और यरूशलेम को फिर अपना ठहराएगा।
Zechariah 2:13 हे सब प्राणियों! यहोवा के साम्हने चुपके रहो; क्योंकि वह जाग कर अपने पवित्र निवास स्थान से निकला है।


एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमूएल 3-5
  • लूका 14:25-35



मंगलवार, 17 अप्रैल 2018

साथ



   जब हम गिरगिट की बात करते हैं, तो हमारा विचार उसके रंग बदल लेने की क्षमता की ओर जाता है। परन्तु गिरगिट का एक और रोचक गुण है; मैंने अनेकों अवसरों पर गिरगिट को चलते हुए देखा है और मैं अचरज करता हूँ कि वह अपने गंतव्य तक पहुँच कैसे जाता है? चलने के लिए बड़े अनमने से भाव से वह एक पाँव आगे बढाता है, फिर जैसे अपना मन बदलकर, एक और प्रयास करता है, और फिर बड़ी सावधानी के साथ, हिचकिचाते हुए वह अपना पाँव धरती पर जमाता है, मानो उसे डर हो कि कहीं उसके पाँव-तले से धरती सरक तो नहीं जाएगी। इसीलिए मेरी हंसी निकल गई जब मैंने किसी को कहते हुए सुना, “गिरगिट के समान चर्च के सदस्य न बनो जो कहते हैं, ‘मैं आज चर्च जाऊँगा; नहीं, मैं अगले सप्ताह चला जाऊँगा; नहीं, नहीं, मुझे थोड़ा रुक कर सोच लेने दो!’”

   यरूशलेम में “यहोवा का भवन” राजा दाऊद का उपासना गृह था, और वह परमेश्वर की आराधना में कभी गिरगिट के समान अनिश्चित नहीं था; वरन “जब लोगों ने मुझ से कहा, कि हम यहोवा के भवन को चलें, तब मैं आनन्दित हुआ” (भजन 122:1)। यही बात प्रारंभिक मसीही विश्वासियों की मण्डली में भी पाई जाती थी। उनके लिए परमेश्वर के वचन बाइबल में लिखा गया है “और वे प्रेरितों से शिक्षा पाने, और संगति रखने में और रोटी तोड़ने में और प्रार्थना करने में लौलीन रहे।... और वे प्रति दिन एक मन हो कर मन्दिर में इकट्ठे होते थे...” (प्रेरितों 2:42, 46)।

   अन्य मसीही विश्वासियों के साथ मिलकर प्रभु परमेश्वर की आराधना में और परस्पर संगति में सम्मिलित होने में कितना आनन्द होता है। साथ मिलकर प्रार्थना और आराधना करना, साथ मिलकर पवित्र-शास्त्र का अध्ययन करना, एक दूसरे की देखभाल करना आदि हमारी आत्मिक उन्नति के लिए आवश्यक और हमारे परस्पर एकता के लिए अनिवार्य हैं। - लॉरेंस दरमानी


साथ मिल कर आराधना करने से आनन्द और सामर्थ्य मिलते हैं।

और एक दूसरे के साथ इकट्ठा होना ने छोड़ें, जैसे कि कितनों की रीति है, पर एक दूसरे को समझाते रहें; और ज्यों ज्यों उस दिन को निकट आते देखो, त्यों त्यों और भी अधिक यह किया करो। - इब्रानियों 10:25

बाइबल पाठ: प्रेरितों 2:41-47
Acts 2:41 सो जिन्हों ने उसका वचन ग्रहण किया उन्होंने बपतिस्मा लिया; और उसी दिन तीन हजार मनुष्यों के लगभग उन में मिल गए।
Acts 2:42 और वे प्रेरितों से शिक्षा पाने, और संगति रखने में और रोटी तोड़ने में और प्रार्थना करने में लौलीन रहे।
Acts 2:43 और सब लोगों पर भय छा गया, और बहुत से अद्भुत काम और चिन्ह प्रेरितों के द्वारा प्रगट होते थे।
Acts 2:44 और वे सब विश्वास करने वाले इकट्ठे रहते थे, और उन की सब वस्तुएं साझे की थीं।
Acts 2:45 और वे अपनी अपनी सम्पत्ति और सामान बेच बेचकर जैसी जिस की आवश्यकता होती थी बांट दिया करते थे।
Acts 2:46 और वे प्रति दिन एक मन हो कर मन्दिर में इकट्ठे होते थे, और घर घर रोटी तोड़ते हुए आनन्द और मन की सीधाई से भोजन किया करते थे।
Acts 2:47 और परमेश्वर की स्‍तुति करते थे, और सब लोग उन से प्रसन्न थे: और जो उद्धार पाते थे, उन को प्रभु प्रति दिन उन में मिला देता था।


एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमूएल 1-2
  • लूका 14:1-24



सोमवार, 16 अप्रैल 2018

गैरपारंपरिक



   सन 1980 में, बॉस्टन मैराथन दौड़ के दौरान, एक महिला दौड़ में से निकल कर भूमिगत ट्रेन पर चढ़ गई; इसमें कोई विचित्र बात नहीं है। लेकिन उसी महिला को गवाहों ने दौड़ समाप्त होने की रेखा से एक मील से भी कम दूरी पर ट्रेन से निकलकर फिर से मैराथन दौड़ में सम्मिलित होते देखा! उसे मैराथन भाग कर पूरा करना था, परन्तु अपने इस उनेप्क्षित तरीके से वह अन्य महिला धावकों से बहुत पहले समापन रेखा पर पहुँच गई, और वह न तो हांफ रही थी, न ही उसे कुछ खास पसीना आ रहा था। कुछ समय तक लगा कि वही विजेता है।

   बहुत पहले एक युद्ध में, परमेश्वर के वचन बाइबल में आया है, कुछ ऐसे लोगों ने जो युद्ध को हार जाने की स्थिति में थे, विजय प्राप्त करने का एक आदरपूर्ण और गैरपारंपरिक तरीका अपनाया। जब राजा यहोशापात को समाचार मिला कि एक अति विशाल सेना उस पर चढ़ाई करने के लिए आ रही है, तो वह घबरा गया (2 इतिहास 20:2-3)। परन्तु अपने भय की इस स्थिति में विशिष्ट सैनिक रणनीतियों को अपनाने के स्थान पर यहोशापात परमेश्वर की ओर मुड़ा। उसने अपने भय और असमंजस को तथा परमेश्वर की सामर्थ्य और प्रभुता को स्वीकार किया, “...यह जो बड़ी भीड़ हम पर चढ़ाई कर रही है, उसके साम्हने हमारा तो बस नहीं चलता और हमें हुछ सूझता नहीं कि क्या करना चाहिये? परन्तु हमारी आंखें तेरी ओर लगी हैं” (पद 12)। फिर परमेश्वर के निर्देशानुसार, वह अपनी सेना को युद्ध-भूमि पर ले गया, और उसकी सेना के आगे-आगे स्तुतिगान करने वाले चल रहे थे, जो युद्ध की ललकार के स्थान पर परमेश्वर के प्रेम के विषय में स्तुतिगान कर रहे थे। इस गैरपारंपरिक गतिविधि का परिणाम भौंचका कर देने वाला था; यहोशापात के शत्रु आपस में ही लड़ने लगे, और सभी परस्पर लड़ मरे (पद 22-24)। सब कुछ हो जाने के पश्चात, “यहोशापात के राज्य को चैन मिला, क्योंकि उसके परमेश्वर ने उसको चारों ओर से विश्राम दिया” (पद 30)।

   जीवन हमारे सामने अभिभूत कर देने वाली चुनौतियां लेकर आ सकता है। परन्तु हमारे भय और अनिश्चितताएं हमें अवसर प्रदान करते हैं कि उनके समाधान के लिए हम अपने सर्व-सामर्थी परमेश्वर की ओर मुड़ें – वह गैरपारंपरिक विधियों का विशेषज्ञ है। - टिम गुस्ताफासन


हमारे परमेश्वर की कार्य-विधि के विषय 
कभी भविष्यवाणी तो नहीं की जा सकती है, 
परन्तु वह  हमेशा भरोसेमंद रहता है।

मेरी आंखे सदैव यहोवा पर टकटकी लगाए रहती हैं, क्योंकि वही मेरे पांवों को जाल में से छुड़ाएगा। - भजन 25:15

बाइबल पाठ: 2 इतिहास 20:1-13
2 Chronicles 20:1 इसके बाद मोआबियों और अम्मोनियों ने और उनके साथ कई मूनियों ने युद्ध करने के लिये यहोशापात पर चढ़ाई की।
2 Chronicles 20:2 तब लोगों ने आकर यहोशापात को बता दिया, कि ताल के पार से एदोम देश की ओर से एक बड़ी भीड़ तुझ पर चढ़ाई कर रही है; और देख, वह हसासोन्तामार तक जो एनगदी भी कहलाता है, पहुंच गई है।
2 Chronicles 20:3 तब यहोशपात डर गया और यहोवा की खोज में लग गया, और पूरे यहूदा में उपवास का प्रचार करवाया।
2 Chronicles 20:4 सो यहूदी यहोवा से सहायता मांगने के लिये इकट्ठे हुए, वरन वे यहूदा के सब नगरों से यहोवा से भेंट करने को आए।
2 Chronicles 20:5 तब यहोशपात यहोवा के भवन में नये आंगन के साम्हने यहूदियों और यरूशलेमियों की मण्डली में खड़ा हो कर
2 Chronicles 20:6 यह कहने लगा, कि हे हमारे पितरों के परमेश्वर यहोवा! क्या तू स्वर्ग में परमेश्वर नहीं है? और क्या तू जाति जाति के सब राज्यों के ऊपर प्रभुता नहीं करता? और क्या तेरे हाथ में ऐसा बल और पराक्रम नहीं है कि तेरा साम्हना कोई नहीं कर सकता?
2 Chronicles 20:7 हे हमारे परमेश्वर! क्या तू ने इस देश के निवासियों अपनी प्रजा इस्राएल के साम्हने से निकाल कर इन्हें अपने मित्र इब्राहीम के वंश को सदा के लिये नहीं दे दिया?
2 Chronicles 20:8 वे इस में बस गए और इस में तेरे नाम का एक पवित्र स्थान बना कर कहा,
2 Chronicles 20:9 कि यदि तलवार या मरी अथवा अकाल वा और कोई विपत्ति हम पर पड़े, तौभी हम इसी भवन के साम्हने और तेरे साम्हने (तेरा नाम तो इस भवन में बसा है) खड़े हो कर, अपने क्लेश के कारण तेरी दोहाई देंगे और तू सुन कर बचाएगा।
2 Chronicles 20:10 और अब अम्मोनी और मोआबी और सेईर के पहाड़ी देश के लोग जिन पर तू ने इस्राएल को मिस्र देश से आते समय चढ़ाई करने न दिया, और वे उनकी ओर से मुड़ गए और उन को विनाश न किया,
2 Chronicles 20:11 देख, वे ही लोग तेरे दिए हुए अधिकार के इस देश में से जिसका अधिकार तू ने हमें दिया है, हम को निकाल कर कैसा बदला हमें दे रहे हैं।
2 Chronicles 20:12 हे हमारे परमेश्वर, क्या तू उनका न्याय न करेगा? यह जो बड़ी भीड़ हम पर चढ़ाई कर रही है, उसके साम्हने हमारा तो बस नहीं चलता और हमें हुछ सूझता नहीं कि क्या करना चाहिये? परन्तु हमारी आंखें तेरी ओर लगी हैं।
2 Chronicles 20:13 और सब यहूदी अपने अपने बाल-बच्चों, स्त्रिीयों और पुत्रों समेत यहोवा के सम्मुख खड़े रहे।


एक साल में बाइबल: 
1 शमूएल 30-31
लूका 13:23-35


रविवार, 15 अप्रैल 2018

बलिदान



   डब्ल्यू. टी. स्टेड एक अंग्रेज़ी पत्रकार थे जो 19वीं शताब्दी के अन्त तथा 20वीं शताब्दी के आरंभिक समय में कुछ नया करने की रुचि के साथ कार्य करते थे, और विवादास्पद बातों के बारे में लिखने के लिए जाने जाते थे। उनके द्वारा लिखे गए दो लेख जलयानों में, सवारियों की संख्या के अनुपात में कम रक्षा-नौकाओं के रखे जाने के बारे में थे। विडंबना की बात है कि स्टेड भी टाईटेनिक में यात्रा कर रहे थे जब 15 अप्रैल 1912 को वह एक बर्फ की चट्टान से टकराया और डूब गया। एक रिपोर्ट के अनुसार, महिलाओं और बच्चों की रक्षा-नौकाओं में चढ़ने में सहायता करने के पश्चात, स्टेड ने रक्षा-नौका में अपने स्थान तथा डूबने से बचाने वाली जैकेट को दूसरे को देने के द्वारा अपने जीवन को भी बलिदान कर दिया।

   दूसरों के लिए स्वयं अपना बलिदान कर देने की बात में कुछ खलबली मचा देने वाला होता है। स्वयं अपना बलिदान कर देने का सर्वोत्तम उदाहरण प्रभु यीशु मसीह हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल में इब्रानियों का लेखक प्रभु के इस बलिदान के विषय में लिखता है, “पर यह व्यक्ति तो पापों के बदले एक ही बलिदान सर्वदा के लिये चढ़ा कर परमेश्वर के दाहिने जा बैठा। क्योंकि उसने एक ही चढ़ावे के द्वारा उन्हें जो पवित्र किए जाते हैं, सर्वदा के लिये सिद्ध कर दिया है” (इब्रानियों 10:12, 14)। गलातिया के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री के आरंभ में प्रेरित पौलुस ने प्रभु यीशु के इस महान बलिदान के विषय में लिखा, “परमेश्वर पिता, और हमारे प्रभु यीशु मसीह की ओर से तुम्हें अनुग्रह और शान्‍ति मिलती रहे। उसी ने अपने आप को हमारे पापों के लिये दे दिया, ताकि हमारे परमेश्वर और पिता की इच्छा के अनुसार हमें इस वर्तमान बुरे संसार से छुड़ाए” (गलतियों 1:3-4)।

   प्रभु यीशु का अपने आप को हमारे पापों के लिए बलिदान कर देना, जिससे हम पापों की क्षमा और उद्धार पा सकें, हमारे प्रति उसके प्रेम का प्रमाण और माप है। उनका यह स्वेच्छा से दिया गया बलिदान आज भी लोगों को बचा रहा है, परमेश्वर के साथ परम-आनन्द में अनन्तकाल व्यतीत करने का मार्ग दे रहा है। - बिल क्राउडर


प्रभु यीशु ने हमारे प्रति अपने प्रेम के अन्तर्गत 
हमारे लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया।

इस से बड़ा प्रेम किसी का नहीं, कि कोई अपने मित्रों के लिये अपना प्राण दे। यूहन्ना 15:13

बाइबल पाठ: इब्रानियों 10:5-18
Hebrews 10:5 इसी कारण वह जगत में आते समय कहता है, कि बलिदान और भेंट तू ने न चाही, पर मेरे लिये एक देह तैयार किया।
Hebrews 10:6 होम-बलियों और पाप-बलियों से तू प्रसन्न नहीं हुआ।
Hebrews 10:7 तब मैं ने कहा, देख, मैं आ गया हूं, (पवित्र शास्त्र में मेरे विषय में लिखा हुआ है) ताकि हे परमेश्वर तेरी इच्छा पूरी करूं।
Hebrews 10:8 ऊपर तो वह कहता है, कि न तू ने बलिदान और भेंट और होम-बलियों और पाप-बलियों को चाहा, और न उन से प्रसन्न हुआ; यद्यपि ये बलिदान तो व्यवस्था के अनुसार चढ़ाए जाते हैं।
Hebrews 10:9 फिर यह भी कहता है, कि देख, मैं आ गया हूं, ताकि तेरी इच्छा पूरी करूं; निदान वह पहिले को उठा देता है, ताकि दूसरे को नियुक्त करे।
Hebrews 10:10 उसी इच्छा से हम यीशु मसीह की देह के एक ही बार बलिदान चढ़ाए जाने के द्वारा पवित्र किए गए हैं।
Hebrews 10:11 और हर एक याजक तो खड़े हो कर प्रति दिन सेवा करता है, और एक ही प्रकार के बलिदान को जो पापों को कभी भी दूर नहीं कर सकते; बार बार चढ़ाता है।
Hebrews 10:12 पर यह व्यक्ति तो पापों के बदले एक ही बलिदान सर्वदा के लिये चढ़ा कर परमेश्वर के दाहिने जा बैठा।
Hebrews 10:13 और उसी समय से इस की बाट जोह रहा है, कि उसके बैरी उसके पांवों के नीचे की पीढ़ी बनें।
Hebrews 10:14 क्योंकि उसने एक ही चढ़ावे के द्वारा उन्हें जो पवित्र किए जाते हैं, सर्वदा के लिये सिद्ध कर दिया है।
Hebrews 10:15 और पवित्र आत्मा भी हमें यही गवाही देता है; क्योंकि उसने पहिले कहा था
Hebrews 10:16 कि प्रभु कहता है; कि जो वाचा मैं उन दिनों के बाद उन से बान्‍धूंगा वह यह है कि मैं अपनी व्यवस्थाओं को उनके हृदय पर लिखूंगा और मैं उन के विवेक में डालूंगा।
Hebrews 10:17 (फिर वह यह कहता है, कि) मैं उन के पापों को, और उन के अधर्म के कामों को फिर कभी स्मरण न करूंगा।
Hebrews 10:18 और जब इन की क्षमा हो गई है, तो फिर पाप का बलिदान नहीं रहा।


एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 27-29
  • लूका 13:1-22



शनिवार, 14 अप्रैल 2018

आज का दिन



   सन 1940 में, 27 वर्षीय डॉ. वर्जिनिया कौनाली, बहुत विरोध और आलोचना का सामना करते हुए, एबीलीन, टेक्सास की पहली महिला चिकित्सक बन गईं। सन 2012  में, उनके 100वें जन्मदिन से कुछ माह पहले, टेक्सास मेडिकल एस्सोशिएशन ने उन्हें टेक्सास के सर्वोच्च चिकित्सा पुरूस्कार, विशिष्ट सेवा पुरूस्कार, से सम्मानित किया। इन दो ऐतिहासिक घटनाओं के मध्य, डॉ. कौनाली ने अपनी अनेकों चिकित्सा मिशन यात्राओं के दौरान, बड़े उत्साह के साथ सँसार भर में सुसमाचार के प्रचार के कार्य को किया। दिन-प्रतिदिन के अनुसार जीवन जीते हुए, वे सदा परमेश्वर और मनुष्यों की सेवा के लिए अपना जीवन बिताती रहीं ।
   डॉ. कौनाली के पास्टर, फिल क्रिस्टोफर ने कहा, “उनके लिए प्रत्येक दिन एक उपहार है।” उन्होंने उनके द्वारा लिखे गए एक पत्र को स्मरण करते हुए वह बताया जो उन्होंने लिखा था: “मैं सोचती हूँ कि प्रत्येक यात्रा, प्रत्येक प्रयास, मेरा अंतिम तथा निर्णायक हो सकता है। केवल परमेश्वर ही जानता है। और मेरे लिए यही पर्याप्त है।”

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार ने लिखा, “आज वह दिन है जो यहोवा ने बनाया है; हम इस में मगन और आनन्दित हों” (भजन 118:24)। कितनी ही बार हम बीते हुए कल की निराशाओं पर, या फिर आने वाले कल की अनिश्चितताओं पर अपने ध्यान केंद्रित करे रहते हैं, और परमेश्वर के अद्भुत उपहार, आज के दिन, के बारे में भूल जाते हैं।

   डॉ. कौनाली ने मसीह के साथ अपनी यात्रा के विषय में कहा, “जब आप विश्वास का जीवन व्यतीत करते हैं तो आप यह नहीं देखते रहते हैं कि आपको परिणाम मिल रहे हैं कि नहीं। मैं तो बस वही करती रही जो परमेश्वर ने मेरे मन और जीवन में उस दिन के लिए डाला।”

   परमेश्वर ने आज के दिन को बनाया है; हम इस दिन का उत्सव मनाएं, और परमेश्वर तथा दूसरों की सेवा के प्रत्येक अवसर का सदुपयोग करें। - डेविड मैक्कैस्लैंड


प्रत्येक दिन का स्वागत परमेश्वर से मिले उपहार के समान करें।

जैसा कहा जाता है, कि यदि आज तुम उसका शब्द सुनो, तो अपने मनों को कठोर न करो, जैसा कि क्रोध दिलाने के समय किया था। - इब्रानियों 3:15

बाइबल पाठ: भजन 118:19-29
Psalms 118:19 मेरे लिये धर्म के द्वार खोलो, मैं उन से प्रवेश कर के याह का धन्यवाद करूंगा।
Psalms 118:20 यहोवा का द्वार यही है, इस से धर्मी प्रवेश करने पाएंगे।
Psalms 118:21 हे यहोवा मैं तेरा धन्यवाद करूंगा, क्योंकि तू ने मेरी सुन ली है और मेरा उद्धार ठहर गया है।
Psalms 118:22 राजमिस्त्रियों ने जिस पत्थर को निकम्मा ठहराया था वही कोने का सिरा हो गया है।
Psalms 118:23 यह तो यहोवा की ओर से हुआ है, यह हमारी दृष्टि में अद्भुत है।
Psalms 118:24 आज वह दिन है जो यहोवा ने बनाया है; हम इस में मगन और आनन्दित हों।
Psalms 118:25 हे यहोवा, बिनती सुन, उद्धार कर! हे यहोवा, बिनती सुन, सफलता दे!
Psalms 118:26 धन्य है वह जो यहोवा के नाम से आता है! हम ने तुम को यहोवा के घर से आशीर्वाद दिया है।
Psalms 118:27 यहोवा ईश्वर है, और उसने हम को प्रकाश दिया है। यज्ञपशु को वेदी के सींगों से रस्सियों बान्धो!
Psalms 118:28 हे यहोवा, तू मेरा ईश्वर है, मैं तेरा धन्यवाद करूंगा; तू मेरा परमेश्वर है, मैं तुझ को सराहूंगा।
Psalms 118:29 यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि वह भला है; और उसकी करूणा सदा बनी रहेगी!


एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 25-26
  • लूका 12:32-59



शुक्रवार, 13 अप्रैल 2018

हृदय



   जब भी मैं शिकागो में ट्रेन से यात्रा करता हूँ, तो मैं “व्यवहार के मौखिक नियमों,” जैसे कि, अपने पास बैठे किसी भी व्यक्ति से कोई बातचीत नहीं करनी यदि आप उनसे पहले से ही परिचित नहीं हैं, आदि का अवश्य ही पालन करता हूँ। लेकिन ऐसा करना मेरे जैसे व्यक्ति के लिए बहुत कठिन होता है क्योंकि मैं अपरिचितों से भी वार्तालाप आरंभ कर लेता हूँ, उन्हें अपरिचित नहीं रहने देता हूँ। यद्यपि मैं खामोश रहने के नियम का पालन करता हूँ, लेकिन मैं ने सीखा है कि बिना बात किए हुए भी, उनके समाचार-पत्र पढ़ने के तरीके से, इसपर ध्यान देने से कि वे समाचार-पत्र का कौन सा भाग पहले और अधिक रुचि के साथ पढ़ते हैं, मैं उनके बारे में काफी जानकारी एकत्रित कर सकता हूँ।

   हमारे चुनाव हमारे व्यवहार को प्रगट करते हैं, परन्तु परमेश्वर को हमारे हृदय की दशा जानने के लिए हमारे चुनावों को देखने की प्रतीक्षा करने की आवश्यकता नहीं होती है। हमारे समय और ध्यान को आकर्षित करने और उपयोग करने वाली बातें हमारे बारे में बहुत कुछ कहती हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल के नए नियम खण्ड में प्रभु यीशु ने कहा, “क्योंकि जहां तुम्हारा धन है, वहां तुम्हारा मन भी लगा रहेगा” (लूका 12:34)। हम चाहे अपने आप को कैसा भी दिखाना चाहे, परन्तु अपने समय, धन, योग्यताओं आदि का हम कैसे और किन बातों में निवेश करते हैं, हमारे हृदय की दशा को स्पष्ट प्रगट कर देता है। जब हम अपने व्यवहार की इन बातों को परमेश्वर की बातों और कार्यों में लगाते हैं तो यह दिखाता है कि हमारे हृदय उसके साथ जुड़े हुए हैं, उसको समर्पित हैं।

   परमेश्वर का हृदय अपने लोगों की आवश्यकताओं और अपनी महिमा के प्रति लगा रहता है। आपका व्यवहार और आपके चुनाव आपके हृदय के बारे में क्या प्रगट करते हैं? – जो स्टोवैल


आपका धन क्या और कहाँ है?

इसलिये पहिले तुम उसे राज्य और धर्म की खोज करो तो ये सब वस्तुएं भी तुम्हें मिल जाएंगी। - मत्ती 6:33

बाइबल पाठ: लूका 12:22-34
Luke 12:22 फिर उसने अपने चेलों से कहा; इसलिये मैं तुम से कहता हूं, अपने प्राण की चिन्‍ता न करो, कि हम क्या खाएंगे; न अपने शरीर की कि क्या पहिनेंगे।
Luke 12:23 क्योंकि भोजन से प्राण, और वस्‍त्र से शरीर बढ़कर है।
Luke 12:24 कौवों पर ध्यान दो; वे न बोते हैं, न काटते; न उन के भण्‍डार और न खत्ता होता है; तौभी परमेश्वर उन्हें पालता है; तुम्हारा मूल्य पक्षियों से कहीं अधिक है।
Luke 12:25 तुम में से ऐसा कौन है, जो चिन्‍ता करने से अपनी अवस्था में एक घड़ी भी बढ़ा सकता है?
Luke 12:26 इसलिये यदि तुम सब से छोटा काम भी नहीं कर सकते, तो और बातों के लिये क्यों चिन्‍ता करते हो?
Luke 12:27 सोसनों के पेड़ों पर ध्यान करो कि वे कैसे बढ़ते हैं; वे न परिश्रम करते, न कातते हैं: तौभी मैं तुम से कहता हूं, कि सुलैमान भी, अपने सारे वैभव में, उन में से किसी एक के समान वस्‍त्र पहिने हुए न था।
Luke 12:28 इसलिये यदि परमेश्वर मैदान की घास को जो आज है, और कल भाड़ में झोंकी जाएगी, ऐसा पहिनाता है; तो हे अल्प विश्वासियों, वह तुम्हें क्यों न पहिनाएगा?
Luke 12:29 और तुम इस बात की खोज में न रहो, कि क्या खाएंगे और क्या पीएंगे, और न सन्‍देह करो।
Luke 12:30 क्योंकि संसार की जातियां इन सब वस्‍तुओं की खोज में रहती हैं: और तुम्हारा पिता जानता है, कि तुम्हें इन वस्‍तुओं की आवश्यकता है।
Luke 12:31 परन्तु उसके राज्य की खोज में रहो, तो ये वस्‍तुऐं भी तुम्हें मिल जाएंगी।
Luke 12:32 हे छोटे झुण्ड, मत डर; क्योंकि तुम्हारे पिता को यह भाया है, कि तुम्हें राज्य दे।
Luke 12:33 अपनी संपत्ति बेचकर दान कर दो; और अपने लिये ऐसे बटुए बनाओ, जो पुराने नहीं होते, अर्थात स्वर्ग पर ऐसा धन इकट्ठा करो जो घटता नहीं और जिस के निकट चोर नहीं जाता, और कीड़ा नहीं बिगाड़ता।
Luke 12:34 क्योंकि जहां तुम्हारा धन है, वहां तुम्हारा मन भी लगा रहेगा।


एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 22-24
  • लूका 12:1-31



गुरुवार, 12 अप्रैल 2018

पाप और परीक्षा



   वीनस फ्लाए ट्रैप नामक पौधा अपने अन्दर फंसे किसी कीट को 10 दिन में पचा लेता है। यह प्रक्रिया आरंभ होती है जब कोई कीड़ा, संदेह किए बिना उस पौधे के फंदे को बनाने वाले पत्तों पर लगे मधुरस की गंध से आकर्षित होकर उन पत्तों पर आकर बैठता है, और उस मधुरस का स्वाद लेते हुए और अधिक पाने के प्रयास में पत्तों के फंदे में और अन्दर तक चला जाता है, और अन्दर पहुँचकर फंदे में फंस जाता है, आधे सेकेंड के अन्दर पत्ते उस पर बन्द हो जाते हैं और वह कीट अन्दर ही फंसा रह जाता है, जहाँ उसे पचाने वाले पदार्थ होते हैं जो उसे समाप्त कर देते हैं।

   यह मांसाहारी पौधा मुझे पाप की याद दिलाता है जो हमारे लिए भूखा रहता है और यदि हम आकर्षित होकर उसमें फंस जाएँ  तो हमें नाश कर देता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में परमेश्वर ने कैन को सचेत किया, “यदि तू भला करे, तो क्या तेरी भेंट ग्रहण न की जाएगी? और यदि तू भला न करे, तो पाप द्वार पर छिपा रहता है, और उसकी लालसा तेरी और होगी, और तू उस पर प्रभुता करेगा” (उत्पत्ति 4:7); परन्तु इसके कुछ समय बाद ही कैन ने जाकर अपने भाई हाबिल की हत्या कर दी और सदा के लिए श्रापित हो गया।

   हमें फंसाने के लिए पाप हमें किसी नए अनुभव का आनन्द लेने के लिए लुभाता है, हमें आश्वस्त करने का प्रयास करता है कि सही और ईमानदारी का जीवन जीने से कोई लाभ नहीं होता, या हमारे शरीर की इन्द्रियों के आकर्षणों के द्वारा हमें परीक्षाओं में डालने के प्रयास करता है। परन्तु बाइबल हमें मार्ग बताती है कि हम पाप को अपने ऊपर जयवंत होने देने के स्थान पर किस प्रकार पाप पर जयवंत रह सकते हैं। बाइबल कहती है, “पर मैं कहता हूं, आत्मा के अनुसार चलो, तो तुम शरीर की लालसा किसी रीति से पूरी न करोगे” (गलतियों 5:16); “पर हे परमेश्वर के जन, तू इन बातों से भाग; और धर्म, भक्ति, विश्वास, प्रेम, धीरज, और नम्रता का पीछा कर” (1 तिमुथियुस 6:11)।

   हम जब भी परीक्षाओं का सामना करें, हमें पाप से अकेले संघर्ष करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि इसके लिए हमारे प्रभु परमेश्वर ने हमें अलौकिक सामर्थ्य प्रदान की है। परमेश्वर के आत्मा की सामर्थ्य पर भरोसा रखने और उसके निर्देशों के पालन के द्वारा हम परमेश्वर की महिमा के लिए पाप और परीक्षाओं पर विजयी जीवन जी सकते हैं। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


यदि हम परीक्षाओं से भागेंगे नहीं, तो उनमें गिर जाएँगे।

तुम किसी ऐसी परीक्षा में नहीं पड़े, जो मनुष्य के सहने से बाहर है: और परमेश्वर सच्चा है: वह तुम्हें सामर्थ से बाहर परीक्षा में न पड़ने देगा, वरन परीक्षा के साथ निकास भी करेगा; कि तुम सह सको। - 1 कुरिन्थियों 10:13

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 4:1-8
Genesis 4:1 जब आदम अपनी पत्नी हव्वा के पास गया तब उसने गर्भवती हो कर कैन को जन्म दिया और कहा, मैं ने यहोवा की सहायता से एक पुरूष पाया है।
Genesis 4:2 फिर वह उसके भाई हाबिल को भी जन्मी, और हाबिल तो भेड़-बकरियों का चरवाहा बन गया, परन्तु कैन भूमि की खेती करने वाला किसान बना।
Genesis 4:3 कुछ दिनों के पश्चात कैन यहोवा के पास भूमि की उपज में से कुछ भेंट ले आया।
Genesis 4:4 और हाबिल भी अपनी भेड़-बकरियों के कई एक पहिलौठे बच्चे भेंट चढ़ाने ले आया और उनकी चर्बी भेंट चढ़ाई; तब यहोवा ने हाबिल और उसकी भेंट को तो ग्रहण किया,
Genesis 4:5 परन्तु कैन और उसकी भेंट को उसने ग्रहण न किया। तब कैन अति क्रोधित हुआ, और उसके मुंह पर उदासी छा गई।
Genesis 4:6 तब यहोवा ने कैन से कहा, तू क्यों क्रोधित हुआ? और तेरे मुंह पर उदासी क्यों छा गई है?
Genesis 4:7 यदि तू भला करे, तो क्या तेरी भेंट ग्रहण न की जाएगी? और यदि तू भला न करे, तो पाप द्वार पर छिपा रहता है, और उसकी लालसा तेरी और होगी, और तू उस पर प्रभुता करेगा।
Genesis 4:8 तब कैन ने अपने भाई हाबिल से कुछ कहा: और जब वे मैदान में थे, तब कैन ने अपने भाई हाबिल पर चढ़ कर उसे घात किया।
 Genesis 4:9 तब यहोवा ने कैन से पूछा, तेरा भाई हाबिल कहां है? उसने कहा मालूम नहीं: क्या मैं अपने भाई का रखवाला हूं?
Genesis 4:10 उसने कहा, तू ने क्या किया है? तेरे भाई का लोहू भूमि में से मेरी ओर चिल्ला कर मेरी दोहाई दे रहा है!
Genesis 4:11 इसलिये अब भूमि जिसने तेरे भाई का लोहू तेरे हाथ से पीने के लिये अपना मुंह खोला है, उसकी ओर से तू शापित है।
Genesis 4:12 चाहे तू भूमि पर खेती करे, तौभी उसकी पूरी उपज फिर तुझे न मिलेगी, और तू पृथ्वी पर बहेतू और भगोड़ा होगा।


एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 19-21
  • लूका 11:29-54