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शुक्रवार, 7 दिसंबर 2018

एकता



      तीन बड़े और हिंसक जानवरों को एक साथ खेलते और आपस में लिपटते देखना बहुत ही असामान्य है। परन्तु यह जोर्जिया प्रांत के एक पशु शरणस्थान में प्रतिदिन होता रहता है। सन 2001 में, महीनों से उपेक्षा और दुर्व्यवहार झेल रहे एक शेर, एक बाघ और एक भालू को संरक्षकों ने बचाया। उस शरणस्थान के उप्निर्देश्क ने कहा, “हम इन्हें अलग-अलग रख सकते थे, परन्तु क्योंकि ये एक परिवार के समान साथ ही आए थे इसलिए हमने उन्हें साथ ही रहने देने का निर्णय लिया। उन तीनों जनावारों को, उनके साथ हो रहे दुर्व्यवहार के समय में, एक दूसरे के साथ से सुख मिलता था, और अपनी भिन्नताओं के बावजूद वे अभी भी एक-दूसरे के साथ शान्ति से रहते हैं।

      एकता बहुत सुन्दर बात है। परन्तु परमेश्वर के वचन बाइबल में जिस एकता के विषय पौलुस ने इफिसियों की मण्डली को अपने द्वारा लिखी गई पत्री में लिखा था वह अनुपम है। पौलुस ने उन्हें प्रोत्साहित किया कि वे मसीह में एक देह होकर रहने की अपनी बुलाहट के अनुसार रहें (इफिसियों 4:4-5)। पवित्र आत्मा की सामर्थ्य से वे एकमनता के साथ रहने पाते, और उनमें नम्रता, कोमलता, और धैर्य बढ़ता जाता। यही गुण हमें, मसीह यीशु में होकर हमें मिले सामान्य आधार के द्वारा, “एक दूसरे की सहने” में भी सहायता करते हैं (4:2)।

      हमारी परस्पर भिन्नताओं के बावजूद, परमेश्वर के परिवार के सदस्य होने के नाते, उसके साथ हमारा मेल-मिलाप हमारे उद्धारकर्ता की मृत्यु के द्वारा हुआ है, और एक दूसरे के साथ हमारा मेल-मिलाप हमारे जीवन में चल रहे पवित्र आत्मा के कार्य के द्वारा होता है। - मारविन विलियम्स


आत्मा में एक होने के द्वारा ही हम एकता को बनाए रख सकते हैं।

सो यदि मसीह में कुछ शान्‍ति और प्रेम से ढाढ़स और आत्मा की सहभागिता, और कुछ करूणा और दया है। तो मेरा यह आनन्द पूरा करो कि एक मन रहो और एक ही प्रेम, एक ही चित्त, और एक ही मनसा रखो। - फिलिप्पियों 2:1-2

बाइबल पाठ:इफिसियों 4:1-6
Ephesians 4:1 सो मैं जो प्रभु में बन्‍धुआ हूं तुम से बिनती करता हूं, कि जिस बुलाहट से तुम बुलाए गए थे, उसके योग्य चाल चलो।
Ephesians 4:2 अर्थात सारी दीनता और नम्रता सहित, और धीरज धरकर प्रेम से एक दूसरे की सह लो।
Ephesians 4:3 और मेल के बन्ध में आत्मा की एकता रखने का यत्‍न करो।
Ephesians 4:4 एक ही देह है, और एक ही आत्मा; जैसे तुम्हें जो बुलाए गए थे अपने बुलाए जाने से एक ही आशा है।
Ephesians 4:5 एक ही प्रभु है, एक ही विश्वास, एक ही बपतिस्मा।
Ephesians 4:6 और सब का एक ही परमेश्वर और पिता है, जो सब के ऊपर और सब के मध्य में, और सब में है।


एक साल में बाइबल: 
  • दानिय्येल 5-7
  • 2 यूहन्ना



गुरुवार, 6 दिसंबर 2018

दयालुता



      जब मैं बच्चा था, तब मैं एल. फ्रैंक बौम की ‘लैंड ऑफ ओज़’ श्रंखला की पुस्तकों को बड़ी रुचि के साथ पढ़ता था। हाल ही में उसी श्रंखला की एक पुस्तक रिंकीटिंक इन ओज़ मेरे हाथ लगी, समस्त मूल कलाकृतियों के साथ। एक बार फिर मैं बौम के उस व्यावाहारिक भलाई से भरे चरित्र, राजा रिंकीटिंक की मस्खरी हरकतों पर हँसा। उस पुस्तक के एक अन्य चरित्र, राजकुमार इंगा ने राजा का सही वर्णन दिया: “उनका हृदय दयालु और कोमल है, और यह बुद्धिमान होने से कहीं बेहतर है।”

      यह बात कितनी साधारण किन्तु कितनी विवेकपूर्ण है। परन्तु शायद ही कोई होगा जिसने अपने किसी प्रिय जन का हृदय अपनी किसी कठोर बात के द्वारा दुखाया न हो। ऐसा करने के द्वारा हम न केवल उस समय की शान्ति और सुख में परेशानी उत्पन्न करते हैं परन्तु जिनसे हम प्रेम करते हैं उनके प्रति की गई भलाई में से भी बहुत कुछ बिगाड़ देते हैं। एक 18वीं सदी की लेखिका हन्नाह मोर ने कहा, “एक छोटी सी दयाहीनता, बहुत बड़ा अपराध होती है।”

      भला समाचार यह है कि कोई भी दयालु हो सकता है। हो सकता है कि हम कोई प्रोत्साहित करने वाला सन्देश प्रचार न कर सकें, कठिन प्रश्नों के उत्तर न देने पाएँ, या बहुत से लोगों तक सुसमाचार सन्देश न पहुँचा पाएँ; परन्तु हम सभी दयालु अवश्य हो सकते हैं।

      कैसे? प्रार्थना के द्वारा। हमारे हृदयों को नम्र करने का यही एक तरीका है। परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार ने कहा: “हे यहोवा, मेरे मुख का पहरा बैठा, मेरे होठों के द्वार पर रखवाली कर! मेरा मन किसी बुरी बात की ओर फिरने न दे; मैं अनर्थकारी पुरूषों के संग, दुष्ट कामों में न लगूं, और मैं उनके स्वादिष्ट भोजन वस्तुओं में से कुछ न खाऊं!” (भजन 141: 3-4)।

      ऐसे सँसार में जहाँ प्रेम ठण्डा पड़ गया है, परमेश्वर के हृदय से आने वाली दयालुता किसी के भी लिए सबसे अधिक सहायक और स्वस्थ करने वाली बात हो सकती है। - डेविड रोपर


यह ज्ञान कि परमेश्वर ने मुझ से असीम प्रेम किया है, 
मुझे बाध्य करेगा कि मैं भी सँसार में जाऊँ तथा औरों से ऐसा ही प्रेम करूँ। - ओस्वोल्ड चैम्बर्स

और अधर्म के बढ़ने से बहुतों का प्रेम ठण्‍डा हो जाएगा। परन्तु जो अन्‍त तक धीरज धरे रहेगा, उसी का उद्धार होगा। - मत्ती 24:12-13


बाइबल पाठ: भजन 141
Psalms 141:1 हे यहोवा, मैं ने तुझे पुकारा है; मेरे लिये फुर्ती कर! जब मैं तुझ को पुकारूं, तब मेरी ओर कान लगा!
Psalms 141:2 मेरी प्रार्थना तेरे साम्हने सुगन्ध धूप, और मेरा हाथ फैलाना, संध्या काल का अन्नबलि ठहरे!
Psalms 141:3 हे यहोवा, मेरे मुख का पहरा बैठा, मेरे होठों के द्वार पर रखवाली कर!
Psalms 141:4 मेरा मन किसी बुरी बात की ओर फिरने न दे; मैं अनर्थकारी पुरूषों के संग, दुष्ट कामों में न लगूं, और मैं उनके स्वादिष्ट भोजन वस्तुओं में से कुछ न खाऊं!
Psalms 141:5 धर्मी मुझ को मारे तो यह कृपा मानी जाएगी, और वह मुझे ताड़ना दे, तो यह मेरे सिर पर का तेल ठहरेगा; मेरा सिर उस से इन्कार न करेगा। लोगों के बुरे काम करने पर भी मैं प्रार्थना में लौलीन रहूंगा।
Psalms 141:6 जब उनके न्यायी चट्टान के पास गिराए गए, तब उन्होंने मेरे वचन सुन लिये; क्योंकि वे मधुर हैं।
Psalms 141:7 जैसे भूमि में हल चलने से ढेले फूटते हैं, वैसे ही हमारी हडि्डयां अधोलोक के मुंह पर छितराई हुई हैं।
Psalms 141:8 परन्तु हे यहोवा, प्रभु, मेरी आंखे तेरी ही ओर लगी हैं; मैं तेरा शरणागत हूं; तू मेरे प्राण जाने न दे!
Psalms 141:9 मुझे उस फन्दे से, जो उन्होंने मेरे लिये लगाया है, और अनर्थकारियों के जाल से मेरी रक्षा कर!
Psalms 141:10 दुष्ट लोग अपने जालों में आप ही फंसें, और मैं बच निकलूं।


एक साल में बाइबल: 
  • दानिय्येल 3-4
  • 1 यूहन्ना 5



बुधवार, 5 दिसंबर 2018

ज्योति



      प्रति वर्ष, क्रिसमस के निकट के कुछ सप्ताह के लिए, सिंगापुर का सैलानियों का प्रमुख क्षेत्र, औरर्चर्ड रोड, ज्योति और रंगों के अद्भुत सँसार में परिवर्तित हो जाता है। ज्योति का यह नज़ारा, इस “व्यवसाय के सुनहरे माह” में, सैलानियों को आकर्षित कर के उन्हें वहाँ की दुकानों से सामान खरीदने में पैसा खर्च करवाने के लिए उत्साहित करने के लिए होता है। खरीददार आते हैं, उत्सव का आनन्द लेते हैं, संगीत मंडलियों को परिचित क्रिसमस गीत गाते हुए सुनते हैं, और कलाकारों को प्रदर्शन करते हुए देखते हैं।

      इसकी तुलना में, सबसे पहले “क्रिसमस” पर ज्योति का प्रदर्शन बिजली के तारों और चमकती हुई बत्तियों से नहीं हुआ था, परन्तु “प्रभु का एक दूत उन के पास आ खड़ा हुआ; और प्रभु का तेज उन के चारों ओर चमका” (लूका 2:9)। किसी सैलानी ने उस प्रदर्शन को नहीं देखा, केवल कुछ साधारण से चरवाहों ने, जो मैदान में भेड़ चारा रहे थे ही उसे देखा। उसके पश्चात स्वर्गदूतों की संगीत मण्डली ने परमेश्वर का स्तुतिगान किया (लूका 2:14)। और इस सब का उद्देश्य लोगों से पैसा कमाकर अपना लाभ अर्जित करना नहीं वरन सँसार के लिए बलिदान देकर पापों से बचने तथा उद्धार का मार्ग देने वाले प्रभु यीशु को प्रस्तुत करना था।

      वे चरवाहे बैतलहम गए, यह देखने के लिए कि जो कुछ बताया गया था वह सत्य है कि नहीं (लूका 2:15) और जब उन्होंने बात को सत्य पाया तो वे इस आनन्द के समाचार को अपनी तक सीमित नहीं रख सके, उन्होंने जाकर सब को बताया: “इन्हें देखकर उन्होंने वह बात जो इस बालक के विषय में उन से कही गई थी, प्रगट की” (लूका 2:17)।

      हम में से बहुतेरों ने क्रिसमस की कहानी अकसर सुनी है। इस क्रिसमस पर क्यों न जीवन की ज्योति की यह सच्चाई औरों के साथ भी बांटे कि “जगत की ज्योति” प्रभु यीशु सँसार में आ चुका है, अब किसी को भी पाप के अन्धकार में जीवन बिताने की आवश्यकता नहीं है। - सी. पी. हिया


हमारे अन्दर परमेश्वर के प्रेम का उपहार, 
किसी के भी अंधकारमय जीवन को ज्योतिर्मय बना सकता है।

तब यीशु ने फिर लोगों से कहा, जगत की ज्योति मैं हूं; जो मेरे पीछे हो लेगा, वह अन्धकार में न चलेगा, परन्तु जीवन की ज्योति पाएगा। - यूहन्ना 8:12

बाइबल पाठ: लूका 2:4-18
Luke 2:4 सो यूसुफ भी इसलिये कि वह दाऊद के घराने और वंश का था, गलील के नासरत नगर से यहूदिया में दाऊद के नगर बैतलहम को गया।
Luke 2:5 कि अपनी मंगेतर मरियम के साथ जो गर्भवती थी नाम लिखवाए।
Luke 2:6 उन के वहां रहते हुए उसके जनने के दिन पूरे हुए।
Luke 2:7 और वह अपना पहिलौठा पुत्र जनी और उसे कपड़े में लपेटकर चरनी में रखा: क्योंकि उन के लिये सराय में जगह न थी।
Luke 2:8 और उस देश में कितने गड़ेरिये थे, जो रात को मैदान में रहकर अपने झुण्ड का पहरा देते थे।
Luke 2:9 और प्रभु का एक दूत उन के पास आ खड़ा हुआ; और प्रभु का तेज उन के चारों ओर चमका, और वे बहुत डर गए।
Luke 2:10 तब स्वर्गदूत ने उन से कहा, मत डरो; क्योंकि देखो मैं तुम्हें बड़े आनन्द का सुसमाचार सुनाता हूं जो सब लोगों के लिये होगा।
Luke 2:11 कि आज दाऊद के नगर में तुम्हारे लिये एक उद्धारकर्ता जन्मा है, और यही मसीह प्रभु है।
Luke 2:12 और इस का तुम्हारे लिये यह पता है, कि तुम एक बालक को कपड़े में लिपटा हुआ और चरनी में पड़ा पाओगे।
Luke 2:13 तब एकाएक उस स्वर्गदूत के साथ स्‍वर्गदूतों का दल परमेश्वर की स्‍तुति करते हुए और यह कहते दिखाई दिया।
Luke 2:14 कि आकाश में परमेश्वर की महिमा और पृथ्वी पर उन मनुष्यों में जिनसे वह प्रसन्न है शान्‍ति हो।
Luke 2:15 जब स्वर्गदूत उन के पास से स्वर्ग को चले गए, तो गड़ेरियों ने आपस में कहा, आओ, हम बैतलहम जा कर यह बात जो हुई है, और जिसे प्रभु ने हमें बताया है, देखें।
Luke 2:16 और उन्होंने तुरन्त जा कर मरियम और यूसुफ को और चरनी में उस बालक को पड़ा देखा।
Luke 2:17 इन्हें देखकर उन्होंने वह बात जो इस बालक के विषय में उन से कही गई थी, प्रगट की।
Luke 2:18 और सब सुनने वालों ने उन बातों से जो गड़िरयों ने उन से कहीं आश्चर्य किया।


एक साल में बाइबल: 
  • दानिय्येल 1-2
  • 1 यूहन्ना 4



मंगलवार, 4 दिसंबर 2018

खज़ाना



      मेक्सिको के पुरातत्ववेता,एल्फोंसो कासो ने 1932 में मोंटे एल्बन, ओक्साका में कब्र 7 को खोजा था। वहाँ उसे चार सौ से भी अधिक शिल्पकृतियाँ मिली, जिनमें मेक्सिको पर स्पेन के कब्ज़े से पहले के सैंकड़ों भी जवाहरात हैं। उसने इस खज़ाने को “मोंटे एल्बन का खज़ाना” कहा। यह मेक्सिको की पुरातत्व खोज के इतिहास में एक प्रमुख खोज है। हम कासो की उत्तेजना की कल्पना कर सकते हैं जब उसने उस खज़ाने के जवाहरात को अपने हाथों में उठाया होगा।

      इससे भी सदियों पहले परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार ने ऐसे खज़ाने के विषय लिखा था जो सोने या स्फटिक से भी अधिक मूल्यवान है। भजनकार ने कहा, “जैसे कोई बड़ी लूट पा कर हर्षित होता है, वैसे ही मैं तेरे वचन के कारण हर्षित हूं” (भजन 119:162)। भजन 119 में लेखक जानता था कि परमेश्वर के निर्देश और प्रतिज्ञाएँ हमारे जीवनों के लिए कितने बहुमूल्य हैं, इसलिए उसने उनकी तुलना विजयी शासक को लूट में मिलने वाले खज़ाने से की।

      आज कासो का नाम उसके द्वारा कब्र 7 को खोज निकालने के लिए किया जाता है। उसके द्वारा खोजे गए खज़ाने को देखने का आनन्द हम ओक्साका के संग्रहालय में जाकर ही ले सकते हैं। परन्तु भजनकार का खज़ाना हमारे हाथों में उपलब्ध है। हम दिन-प्रतिदिन पवित्र शास्त्र में खोज कर परमेश्वर की प्रतिज्ञाओं, आशा और बुद्धिमता के बहुमूल्य रत्न प्राप्त कर सकते हैं। परन्तु जो सबसे महान और बहुमूल्य बात हम बाइबल में पाते हैं वह है प्रभु यीशु मसीह का व्यक्तित्व, जिसके बारे में बाइबल बयान करती है, क्योंकि वही तो बाइबल का लेखक है।

      हम इस भरोसे के साथ कि हम उससे समृद्ध हो जाएँगे, मेहनत से प्रतिदिन बाइबल के खज़ाने को तलाशें; जैसा कि भजनकार ने कहा, “मैं ने तेरी चितौनियों को सदा के लिये अपना निज भाग कर लिया है, क्योंकि वे मेरे हृदय के हर्ष का कारण हैं” (भजन 119:111)।  - केला ओकोआ


परमेश्वर का वचन बहुमूल्य संपत्ति और जीवन का मार्गदर्शक है।

आदि में वचन था, और वचन परमेश्वर के साथ था, और वचन परमेश्वर था। यही आदि में परमेश्वर के साथ था। सब कुछ उसी के द्वारा उत्पन्न हुआ और जो कुछ उत्पन्न हुआ है, उस में से कोई भी वस्तु उसके बिना उत्पन्न न हुई। - यूहन्ना 1:1-3

बाइबल पाठ: भजन 119:161-168
Psalms 119:161 हाकिम व्यर्थ मेरे पीछे पड़े हैं, परन्तु मेरा हृदय तेरे वचनों का भय मानता है।
Psalms 119:162 जैसे कोई बड़ी लूट पा कर हर्षित होता है, वैसे ही मैं तेरे वचन के कारण हर्षित हूं।
Psalms 119:163 झूठ से तो मैं बैर और घृणा रखता हूं, परन्तु तेरी व्यवस्था से प्रीति रखता हूं।
Psalms 119:164 तेरे धर्ममय नियमों के कारण मैं प्रतिदिन सात बार तेरी स्तुति करता हूं।
Psalms 119:165 तेरी व्यवस्था से प्रीति रखने वालों को बड़ी शान्ति होती है; और उन को कुछ ठोकर नहीं लगती।
Psalms 119:166 हे यहोवा, मैं तुझ से उद्धार पाने की आशा रखता हूं; और तेरी आज्ञाओं पर चलता आया हूं।
Psalms 119:167 मैं तेरी चितौनियों को जी से मानता हूं, और उन से बहुत प्रीति रखता आया हूं।
Psalms 119:168 मैं तेरे उपदेशों और चितौनियों को मानता आया हूं, क्योंकि मेरी सारी चालचलन तेरे सम्मुख प्रगट है।


एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 47-48
  • 1 यूहन्ना 3



सोमवार, 3 दिसंबर 2018

कार्यकर्त्ता



      रात में मेरे पति, जो चर्च में पादरी हैं, के फोन की घंटे बजी। हमारे चर्च की एक प्रार्थना योद्धा, एक महिला को जो 70 से अधिक वर्ष की आयु की थी और अकेली रहती थी, अस्पताल ले जाया जा रहा था। वह इतनी अस्वस्थ थी कि वह कुछ खा-पी नहीं रही थी, न ही देखने या चलने पा रही थी। न जानते हुए कि वह जीवित रहेगी कि नहीं, उस महिला के हालचाल के प्रति चिन्तित होते हुए, हमने परमेश्वर से उसकी दया और सहायता के लिए प्रार्थना की। चर्च के लोग भी सक्रीय हो गए और उसकी देखभाल तथा उससे मिलने के लिए आनेवाले आगंतुकों की सहायता के लिए, तथा अन्य मरीजों एवँ चिकित्सा से संबंधित कर्मचारियों की सहायता के लिए कोई-न-कोई 24 घंटे वहाँ उस बीमार महिला के साथ रहता था।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रारंभिक यहूदी मसीहियों को लिखी अपनी पत्री में याकूब ने चर्च के लोगों को प्रोत्साहित किया कि वे ज़रूरतमंदों की सहायता किया करें। याकूब चाहता था कि मसीही केवल परमेश्वर के वचन को सुनने वाले ही न बनें परन्तु उस वचन को, और अपने मसीही विश्वास को अपने कार्यों द्वारा व्यावाहारिक उपयोग में लाएँ और लोगों को दिखाएँ (याकूब 1:22-25)। अनाथों और विधवाओं की देखभाल करने के लिए कहकर (पद 27) उसने एक कमज़ोर समूह की ओर ध्यान खींचा, क्योंकि उन प्राचीन समयों में परिवार के सदस्यों को ही उनकी देखभाल करनी होती थी।

      हमारे चर्च और समाज में जो लोग आवश्यकता तथा जोखिम में होते हैं, उनके प्रति हमारा क्या व्यवहार होता है? क्या हमारे लिए विधवाओं और अनाथों की देखभाल करना हमारे मसीही विश्वास को कार्यकारी रूप में दिखाने का महत्वपूर्ण भाग होते हैं? परमेश्वर हमारी आँखों को खोले कि हम हमारे आस-पास के लोगों की सहायता करने के लिए मसीही कार्यकर्ता बनाकर उपयोगी हो सकें। - एमी बाउचर पाई


वास्तविक मसीही विश्वास केवल हमारे वचन ही नहीं, परन्तु कार्य भी माँगता है।

वैसे ही विश्वास भी, यदि कर्म सहित न हो तो अपने स्‍वभाव में मरा हुआ है। - याकूब 2:17

बाइबल पाठ: याकूब 1:22-27
James 1:22 परन्तु वचन पर चलने वाले बनो, और केवल सुनने वाले ही नहीं जो अपने आप को धोखा देते हैं।
James 1:23 क्योंकि जो कोई वचन का सुनने वाला हो, और उस पर चलने वाला न हो, तो वह उस मनुष्य के समान है जो अपना स्‍वाभाविक मुंह दर्पण में देखता है।
James 1:24 इसलिये कि वह अपने आप को देख कर चला जाता, और तुरन्त भूल जाता है कि मैं कैसा था।
James 1:25 पर जो व्यक्ति स्‍वतंत्रता की सिद्ध व्यवस्था पर ध्यान करता रहता है, वह अपने काम में इसलिये आशीष पाएगा कि सुनकर नहीं, पर वैसा ही काम करता है।
James 1:26 यदि कोई अपने आप को भक्त समझे, और अपनी जीभ पर लगाम न दे, पर अपने हृदय को धोखा दे, तो उस की भक्ति व्यर्थ है।
James 1:27 हमारे परमेश्वर और पिता के निकट शुद्ध और निर्मल भक्ति यह है, कि अनाथों और विधवाओं के क्‍लेश में उन की सुधि लें, और अपने आप को संसार से निष्‍कलंक रखें।


एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 45-46
  • 1 यूहन्ना 2



रविवार, 2 दिसंबर 2018

स्मरण



      क्या आप कभी अपने आप से बातें करते हैं? कभी-कभी यदि मैं किसी योजना पर कार्य कर रहा होता हूँ – सामान्यतः कार के इंजन की मरम्मत का – तो मुझे सुविधाजनक लगता है कि मैं अपने विचारों को बोलकर व्यक्त करता रहूँ, मरम्मत करने के विकल्पों और सबसे उचित तरीके के बारे में बोल कर विचार और निर्णय करूँ। यदि ऐसे में कोई आ जाए और मुझे अकेले ही बातें करते हुए देख ले तो कुछ अटपटा अवश्य लगता है – चाहे अपने आप से बोलना हम में से बहुतेरे प्रतिदिन करते रहते हों।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार भजनों में बहुधा अपने आप से बातें करते थे। भजन 116 का लेखक इसका अपवाद नहीं है। पद 7 में वह वह लिखता है, “हे मेरे प्राण तू अपने विश्राम स्थान में लौट आ; क्योंकि यहोवा ने तेरा उपकार किया है।” बीते समयों में अनुभव की गई परमेश्वर की दयालुता और विश्वासयोग्यता का स्मरण, वर्तमान में भजनकार के लिए व्यावाहारिक सुख और सहायता है। हम भजनों में इस प्रकार के संवादों को बहुधा देखते हैं। भजन 103:1 में दाऊद अपने आप से कहता है, “हे मेरे मन, यहोवा को धन्य कह; और जो कुछ मुझ में है, वह उसके पवित्र नाम को धन्य कहे!” और भजन 62:5 में वह कहता है “हे मेरे मन, परमेश्वर के साम्हने चुपचाप रह, क्योंकि मेरी आशा उसी से है।”

      यह हमारे लिए भला रहता है कि हम परमेश्वर की विश्वासयोग्यता और उसमें उपलब्ध आशा को स्मरण करते रहें। हम भजनकार के उदाहरण का अनुसरण कर सकते हैं और कुछ समय उन सब भलाईयों को दोहराने में बिता सकते हैं जो परमेश्वर ने हमारे प्रति की हैं। ऐसे स्मरण करने से हम प्रोत्साहित होंगे कि वही परमेश्वर जो बीते समय में विश्वासयोग्य रहा है, भविष्य में भी हमारे प्रति उसका प्रेम बना रहेगा। - जेम्स बैंक्स


अपने आप को परमेश्वर की भलाई स्मरण करवाने से हम उसकी शान्ति से भरे रह सकते हैं।

हे मेरे मन, यहोवा को धन्य कह, और उसके किसी उपकार को न भूलना। - भजन 103:2

बाइबल पाठ: भजन 116:5-9
Psalms 116:5 यहोवा अनुग्रहकारी और धर्मी है; और हमारा परमेश्वर दया करने वाला है।
Psalms 116:6 यहोवा भोलों की रक्षा करता है; जब मैं बलहीन हो गया था, उसने मेरा उद्धार किया।
Psalms 116:7 हे मेरे प्राण तू अपने विश्राम स्थान में लौट आ; क्योंकि यहोवा ने तेरा उपकार किया है।
Psalms 116:8 तू ने तो मेरे प्राण को मृत्यु से, मेरी आंख को आंसू बहाने से, और मेरे पांव को ठोकर खाने से बचाया है।
Psalms 116:9 मैं जीवित रहते हुए, अपने को यहोवा के साम्हने जान कर नित चलता रहूंगा।


एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 42-44
  • 1 यूहन्ना 1



शनिवार, 1 दिसंबर 2018

जीवन



      अंतरिक्ष यान दल के एक सदस्य चार्ल्स फ्रैंक बोल्डन जूनियर ने कहा कि “मेरे पहली बार अंतरिक्ष में जाने पर ही पृथ्वी के प्रति मेरा दृष्टिकोण एकदम बदल गया।” पृथ्वी से चार सौ मील की दूरी पर उन्हें पृथ्वी पर सब कुछ शान्त और सुन्दर दिखाई दे रहा था। किन्तु बोल्डन ने बताया कि जब उनका यान मध्य-पूर्व पर से गुज़र रहा था तो उनका ध्यान “वहाँ की वास्तविकता के द्वारा झकझोर दिया गया।” फिल्म निर्माता जारेड लेटो को दिए जाने वाले एक साक्षात्कार में बोल्डन ने कहा कि उस पल उन्होंने पृथ्वी को उस दृष्टिकोण से देखा जैसी वह होनी चाहिए – और उससे उन्हें एक चुनौती की अनुभूति हुई कि पृथ्वी को एक बेहतर स्थान बनाने के लिए जो कुछ संभव होगा उन्हें वह करना है।

      जब प्रभु यीशु का जन्म यरूशलेम में हुआ था तब भी पृथ्वी वैसी नहीं थी जैसी परमेश्वर चाहता था कि हो। पृथ्वी पर पाप के कारण छाए नैतिक और आत्मिक अन्धकार में प्रभु यीशु मसीह सँसार के सभी लोगों के लिए जीवन की ज्योति बनकर आए (यूहन्ना 1:4)। यद्यपि सँसार ने प्रभु को नहीं पहचाना, परन्तु “परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं” (पद 12)।

      जब भी जीवन वैसा नहीं होता है जैसा हम चाहते हैं कि वह हो, जब परिवारों में विच्छेद होते हैं, जब बच्चे भूखे रहते हैं, जब सँसार में युद्ध होते हैं, तो हमारा उदास या निराश होना स्वाभाविक होता है। परन्तु परमेश्वर का यह वायदा है कि प्रभु यीशु मसीह में लाए गए विश्वास के द्वारा प्रत्येक मसीही विश्वासी एक नई और सही दिशा में बढ़ सकता है।

      क्रिसमस का यह समय हमें स्मरण दिलाता है कि सँसार का उद्धारकर्ता प्रभु यीशु हर उस व्यक्ति को जीवन की ज्योति देता है जो उसे स्वीकार करता है, उसपर विश्वास करता है। - डेविड मैक्कैसलैंड


हमें वैसा बनाने के लिए, जैसा वह चाहता है, परमेश्वर निरन्तर कार्यरत रहता है।

परन्तु जब हम सब के उघाड़े चेहरे से प्रभु का प्रताप इस प्रकार प्रगट होता है, जिस प्रकार दर्पण में, तो प्रभु के द्वारा जो आत्मा है, हम उसी तेजस्‍वी रूप में अंश अंश कर के बदलते जाते हैं। - 2 कुरिन्थियों 3:18

बाइबल पाठ: यूहन्ना 1:1-14
John 1:1 आदि में वचन था, और वचन परमेश्वर के साथ था, और वचन परमेश्वर था।
John 1:2 यही आदि में परमेश्वर के साथ था।
John 1:3 सब कुछ उसी के द्वारा उत्पन्न हुआ और जो कुछ उत्पन्न हुआ है, उस में से कोई भी वस्तु उसके बिना उत्पन्न न हुई।
John 1:4 उस में जीवन था; और वह जीवन मुनष्यों की ज्योति थी।
John 1:5 और ज्योति अन्धकार में चमकती है; और अन्धकार ने उसे ग्रहण न किया।
John 1:6 एक मनुष्य परमेश्वर की ओर से आ उपस्थित हुआ जिस का नाम यूहन्ना था।
John 1:7 यह गवाही देने आया, कि ज्योति की गवाही दे, ताकि सब उसके द्वारा विश्वास लाएं।
John 1:8 वह आप तो वह ज्योति न था, परन्तु उस ज्योति की गवाही देने के लिये आया था।
John 1:9 सच्ची ज्योति जो हर एक मनुष्य को प्रकाशित करती है, जगत में आनेवाली थी।
John 1:10 वह जगत में था, और जगत उसके द्वारा उत्पन्न हुआ, और जगत ने उसे नहीं पहिचाना।
John 1:11 वह अपने घर आया और उसके अपनों ने उसे ग्रहण नहीं किया।
John 1:12 परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं।
John 1:13 वे न तो लोहू से, न शरीर की इच्छा से, न मनुष्य की इच्छा से, परन्तु परमेश्वर से उत्पन्न हुए हैं।
John 1:14 और वचन देहधारी हुआ; और अनुग्रह और सच्चाई से परिपूर्ण हो कर हमारे बीच में डेरा किया, और हम ने उस की ऐसी महिमा देखी, जैसी पिता के एकलौते की महिमा।


एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 40-41
  • 2 पतरस 3