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शुक्रवार, 4 दिसंबर 2020

प्रश्न

 

         कैलेंडर में दिसंबर माह आरंभ होने से बहुत पहले ही हमारे शहर में क्रिसमस का उत्साह दिखाई देने लगता है। एक चिकित्सा दफतर अपने परिसर के पेड़ों और झाड़ियों के चारों ओर रंग-बिरंगी लाईट लगा देता है जिससे रात में वहाँ अद्भुत रंगीन रौशनी रहती है। एक अन्य व्यवसाय केंद्र अपने भवन को एक विशाल उपहार के समान सजा देता है। जिस ओर भी मुड़ो क्रिसमस – या कम से कम मौसमी व्यापार के उत्सव का उत्साह का कोई न कोई प्रमाण दिखाई देता है।

         कुछ लोगों को इस उत्सव के ये भव्य प्रदर्शन बहुत पसंद आते हैं। कुछ इनके प्रति आलोचनात्मक दृष्टिकोण रखते हैं। परन्तु महत्वपूर्ण प्रश्न यह नहीं है कि अन्य लोग क्रिसमस किस प्रकार से मनाते हैं, वरन हम में से प्रत्येक को विचार करना चाहिए कि हमारे लिए इस उत्सव का क्या अर्थ है?

         परमेश्वर के वचन बाइबल में, अपने जन्म के लगभग तीस वर्ष के पश्चात, प्रभु यीशु ने अपने शिष्यों से पूछा,लोग मनुष्य के पुत्र को क्या कहते हैं?” (मत्ती 16:13)। उन्होंने वे प्रतिक्रियाएं बताईं जो औरों ने दी थीं: यूहन्ना बपतिस्मा देने वाला, एलिय्याह, या कोई अन्य भविष्यद्वक्ता। फिर प्रभु यीशु ने इस प्रश्न को उन शिष्यों के लिए और व्यक्तिगत कर दिया, और पूछा: “परन्तु तुम मुझे क्या कहते हो?” (पद 15)। पतरस ने उत्तर दिया,तू जीवते परमेश्वर का पुत्र मसीह है” (पद 16)।

         अनेकों, बिना इस बात पर विचार करे कि वह शिशु वास्तव में कौन है, क्रिसमस का उत्सव मनाएंगे। जब भी हमारा उन लोगों के साथ इस विषय पर वार्तालाप हो, हम उन्हें क्रिसमस से सम्बन्धित कुछ विशिष्ट प्रश्नों पर विचार करने में सहायता कर सकते हैं: क्या क्रिसमस चरनी में जन्म लेने वाले एक शिशु की केवल एक मर्मस्पर्शी कहानी मात्र है? या,  हमारा सृष्टिकर्ता वास्तव में अपनी सृष्टि में हमारे स्वरूप में आया और हमारे समान एक मनुष्य बनकर रहा? उसके स्वर्ग का वैभव छोड़कर पृथ्वी पर आने, रहने, और क्रूस पर मारे जाने, फिर तीसरे दिन जी उठने का क्या अभिप्राय और महत्व है? – टिम गुस्ताफसन

 

आपको क्या लगता है कि प्रभु यीशु कौन है?


पर मसीह को प्रभु जान कर अपने अपने मन में पवित्र समझो, और जो कोई तुम से तुम्हारी आशा के विषय में कुछ पूछे, तो उसे उत्तर देने के लिये सर्वदा तैयार रहो, पर नम्रता और भय के साथ। - 1 पतरस 3:15

बाइबल पाठ: मत्ती 16:13-21

मत्ती 16:13 यीशु कैसरिया फिलिप्पी के देश में आकर अपने चेलों से पूछने लगा, कि लोग मनुष्य के पुत्र को क्या कहते हैं?

मत्ती 16:14 उन्होंने कहा, कितने तो यूहन्ना बपतिस्मा देने वाला कहते हैं और कितने एलिय्याह, और कितने यिर्मयाह या भविष्यद्वक्ताओं में से कोई एक कहते हैं।

मत्ती 16:15 उसने उन से कहा; परन्तु तुम मुझे क्या कहते हो?

मत्ती 16:16 शमौन पतरस ने उत्तर दिया, कि तू जीवते परमेश्वर का पुत्र मसीह है।

मत्ती 16:17 यीशु ने उसको उत्तर दिया, कि हे शमौन योना के पुत्र, तू धन्य है; क्योंकि मांस और लहू ने नहीं, परन्तु मेरे पिता ने जो स्वर्ग में है, यह बात तुझ पर प्रगट की है।

मत्ती 16:18 और मैं भी तुझ से कहता हूं, कि तू पतरस है; और मैं इस पत्थर पर अपनी कलीसिया बनाऊंगा: और अधोलोक के फाटक उस पर प्रबल न होंगे।

मत्ती 16:19 मैं तुझे स्वर्ग के राज्य की कुंजियां दूंगा: और जो कुछ तू पृथ्वी पर बान्धेगा, वह स्वर्ग में बन्‍धेगा; और जो कुछ तू पृथ्वी पर खोलेगा, वह स्वर्ग में खुलेगा।

मत्ती 16:20 तब उसने चेलों को चिताया, कि किसी से न कहना! कि मैं मसीह हूं।

मत्ती 16:21 उस समय से यीशु अपने चेलों को बताने लगा, कि मुझे अवश्य है, कि यरूशलेम को जाऊं, और पुरनियों और महायाजकों और शास्त्रियों के हाथ से बहुत दुख उठाऊं; और मार डाला जाऊं; और तीसरे दिन जी उठूं।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यहेजकेल 47-48
  • 1 यूहन्ना 3

गुरुवार, 3 दिसंबर 2020

कृतज्ञ

 

         मैं एक कैंसर इलाज केंद्र में अपनी माँ की देखभाल कर रही थी; वहाँ पर मेरी भेंट एक और स्त्री, लोरी से हुई जो अपने पति की देखभाल कर रही थी, और हम मित्र बन गए। हम दोनों साथ बातें करते, हंसते, अपने दिल की भड़ास एक-दूसरे के सामने निकालते, रोते, और प्रार्थना करते थे। अपने प्रिय जनों के देखभाल करते हुए हमें एक दूसरे की सहायता करते रहने में आनन्द आता था।

         एक दिन मैं कैंसर केंद्र से दुकानों तक आने-जाने के लिए देखभाल करने वालों के लिए उपलब्ध करवाई गई मुफ्त बस सेवा में जाने से चुक गई। लोरी ने प्रस्ताव किया कि वह मुझे शाम को अपनी कार में दुकानों तक खरीददारी के लिए ले जाएगी। कृतज्ञता के आँसुओं के साथ, मैंने उसके प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया। मैंने उस से कहा, “जो तुम हो, उसके लिए बहुत धन्यवाद” मैं वास्तव में जो वह थी उसके लिए उसकी बहुत सराहना करती थी, न कि केवल उस सहायता के लिए जो मुझे उससे मिलती थी।

         परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 100 में भजनकार परमेश्वर के प्रति अपनी कृतज्ञता को व्यक्त करता है, उस सब के लिए जो परमेश्वर है, न कि केवल उसके लिए जो वह करता है। इस भजन में भजनकार “सारी पृथ्वी के लोगों को” (पद 1) “आनन्द से यहोवा की आराधना” करने के लिए निमंत्रण देता है (पद 2), इस बात में भरोसा रखते हुए कि “यहोवा ही परमेश्वर है” (पद 3)। हमारा सृजनहार हमें अपनी उपस्थिति में आमंत्रित करता है कि हम आकर धन्यवाद दें और उसकी स्तुति करें (पद 4)। हमारा प्रभु परमेश्वर हमारे निरंतर धन्यवाद का पात्र है क्योंकि “वह भला है,” “उसकी करुणा सदा की है,” और “उसकी सच्चाई पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहती है (पद 5)”।

         परमेश्वर सदा ही जगत का सृजनहार और पालनहार, तथा हमारा बहुतायत से प्रेम करते रहने वाला प्रेमी पिता रहेगा। जो वह है, उसके लिए वह हमारी कृतज्ञता का पात्र है। - सोहचील डिक्सन

 

आज आप किसे के साथ परमेश्वर के प्रेम को बाँट सकते हैं?


हर बात में धन्यवाद करो: क्योंकि तुम्हारे लिये मसीह यीशु में परमेश्वर की यही इच्छा है। - 1 थिस्स्लुनीकियों 5:18

बाइबल पाठ: भजन  100

भजन संहिता 100:1 हे सारी पृथ्वी के लोगों यहोवा का जयजयकार करो!

भजन संहिता 100:2 आनन्द से यहोवा की आराधना करो! जयजयकार के साथ उसके सम्मुख आओ!

भजन संहिता 100:3 निश्चय जानो, कि यहोवा ही परमेश्वर है। उसी ने हम को बनाया, और हम उसी के हैं; हम उसकी प्रजा, और उसकी चराई की भेड़ें हैं।

भजन संहिता 100:4 उसके फाटकों से धन्यवाद, और उसके आंगनों में स्तुति करते हुए प्रवेश करो, उसका धन्यवाद करो, और उसके नाम को धन्य कहो!

भजन संहिता 100:5 क्योंकि यहोवा भला है, उसकी करुणा सदा के लिये, और उसकी सच्चाई पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहती है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यहेजकेल 45-46
  • 1 यूहन्ना 2

बुधवार, 2 दिसंबर 2020

सुरक्षित स्थान

 

         मेरी और मेरे भाइयों की परवरिश पश्चिम वर्जिनिया के पहाड़ी ढालों पर उगे जंगलों के निकट के क्षेत्र में हुई थी, जो हमारी कल्पनाओं की उड़ानों के लिए एक अच्छी पृष्ठभूमि प्रदान करता था। चाहे टारजन के समान पेड़ों की लताओं पर झूलना हो या स्विस फैमिली रोबिनसन के सदस्यों के समान पेड़ों पर घर बनाकर रहना हो, हम उन कहानियों और फिल्मों की बातों के अनुरूप दृश्यों को बना और निभा सकते थे। हमारा एक मनपसंद खेल था किले बनाकर उनमें रहना और सोचना कि हम काल्पनिक शत्रुओं के आक्रमणों से सुरक्षित हैं। वर्षों बाद मेरे बच्चे भी चादरों, तकियों और कम्बलों से ऐसे ही किले बनाकर उनमें छुपते थे और अपने आप को अपने काल्पनिक शत्रुओं से सुरक्षित अनुभव करते थे। हमारे लिए एक छुपने का शरण स्थान होने की इच्छा रखना, जहाँ हम सुरक्षित अनुभव करें स्वाभाविक लालसा है।

         परमेश्वर के वचन बाइबल में इस्राएल के भजनकार दाऊद ने भी एक सुरक्षित स्थान को चाहा, और इसके लिए उसने परमेश्वर को ही अपनी सुरक्षा के लिए शरणस्थान बनाया। वो भजन 17:8 में कहता है,अपने आंखों की पुतली के समान सुरक्षित रख; अपने पंखों के तले मुझे छिपा रख।” जब हम पुराने नियम में दिए गए दाऊद के जीवन, और उसपर लगभग निरंतर बने रहने वालों खतरों के वर्णन को पढ़ते हैं, तो हमें बोध होता है कि उसे परमेश्वर पर कितना अद्भुत भरोसा था (पद 6)। उन खतरों के बावजूद, वह निश्चित था कि उसकी सच्ची सुरक्षा परमेश्वर ही में है।

         हम भी इसी भरोसे का अनुभव कर सकते हैं। वह परमेश्वर जिसने हम से प्रतिज्ञा की है कि वह हमें कभी नहीं छोड़ेगा, और न कभी त्यागेगा (इब्रानियों 13:5), हम अपने जीवनों के लिए प्रति दिन उसी पर भरोसा रख सकते हैं। यद्यपि हम एक खतरनाक संसार में रहते हैं, परन्तु हमारा परमेश्वर हमें शान्ति और आश्वासन देता है – अभी भी और अनन्तकाल के लिए भी। वही हमारा सुरक्षित स्थान है। - बिल क्राउडर

 

परमेश्वर का धन्यवाद करें कि वह आपका सुरक्षित शरण स्थान है।


तुम्हारा स्वभाव लोभरहित हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा। इसलिये हम बेधड़क हो कर कहते हैं, कि प्रभु, मेरा सहायक है; मैं न डरूंगा; मनुष्य मेरा क्या कर सकता है। - इब्रानियों 13:5-6

बाइबल पाठ: भजन 17:1-9

भजन संहिता 17:1 हे यहोवा परमेश्वर सच्चाई के वचन सुन, मेरी पुकार की ओर ध्यान दे। मेरी प्रार्थना की ओर जो निष्कपट मुंह से निकलती है कान लगा।

भजन संहिता 17:2 मेरे मुकद्दमे का निर्णय तेरे सम्मुख हो! तेरी आंखें न्याय पर लगी रहें!

भजन संहिता 17:3 तू ने मेरे हृदय को जांचा है; तू ने रात को मेरी देखभाल की, तू ने मुझे परखा परन्तु कुछ भी खोटापन नहीं पाया; मैं ने ठान लिया है कि मेरे मुंह से अपराध की बात नहीं निकलेगी।

भजन संहिता 17:4 मानवी कामों में मैं तेरे मुंह के वचन के द्वारा क्रूरों की सी चाल से अपने को बचाए रहा।

भजन संहिता 17:5 मेरे पांव तेरे पथों में स्थिर रहे, फिसले नहीं।

भजन संहिता 17:6 हे ईश्वर, मैं ने तुझ से प्रार्थना की है, क्योंकि तू मुझे उत्तर देगा। अपना कान मेरी ओर लगाकर मेरी बिनती सुन ले।

भजन संहिता 17:7 तू जो अपने दाहिने हाथ के द्वारा अपने शरणागतों को उनके विरोधियों से बचाता है, अपनी अद्भुत करुणा दिखा।

भजन संहिता 17:8 अपने आंखों की पुतली के समान सुरक्षित रख; अपने पंखों के तले मुझे छिपा रख,

भजन संहिता 17:9 उन दुष्टों से जो मुझ पर अत्याचार करते हैं, मेरे प्राण के शत्रुओं से जो मुझे घेरे हुए हैं।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यहेजकेल 42-44
  • 1 यूहन्ना 1

मंगलवार, 1 दिसंबर 2020

भरोसा

 

         जब प्रार्थना समूह के लोग अपने परिवार जनों और मित्रों के लिए, जो जीवन में किसी प्रकार की कोई चुनौती या संघर्ष का सामना कर रहे थे, प्रार्थना के विषय व्यक्त कर रहे थे तब डाईएन शान्ति के साथ उनकी बातें सुन रही थी। उसके परिवार का भी एक सदस्य था जो कई वर्षों से एक बुरी लत के साथ संघर्ष कर रहा था। परन्तु डाईएन ने अपने अनुरोध को व्यक्त नहीं किया। वह लोगों के चेहरे पर आने वाले भाव और उनके उन प्रश्नों तथा परामर्शों का सामना नहीं कर सकती थी जो सामने आने लगते थे, जब भी वह इस बात को उजागर करती थी। इसलिए उसे लगता था कि यह निवेदन न बताना ही अधिक भला है। औरों के लिए यह समझना बहुत कठिन होता था कि कोई कैसे मसीही विश्वासी भी हो सकता है और फिर भी प्रतिदिन अपने जीवन में बुरी लत के साथ संघर्ष कर सकता है।

         चाहे डाईएन ने समूह के साथ अपने निवेदन को साझा नहीं किया था, परन्तु फिर भी उसके साथ कुछ भरोसेमंद मित्र जन थे जिन्हें वह अपने साथ प्रार्थना करने के लिए कहती थी। साथ मिलकर वे लोग परमेश्वर से आग्रह करते थे कि उसके उस प्रिय जन को उसके उस बुरी लत के शक्तिशाली बंधन से मुक्त कर दे, जिससे वह मसीह में मिलने वाली स्वतंत्रता का अनुभव कर सके – और साथ ही परमेश्वर डाईएन को भी इसके लिए आवश्यक धैर्य और शान्ति को प्रदान करे। प्रार्थना करने के द्वारा उसने अपने प्रिय जन के साथ अपने संबंध में ढाढ़स और सामर्थ्य का अनुभव किया।

         हम में से अनेकों के पास ऐसे गंभीर और निरंतर बने हुए विषय होते हैं जिनके लिए की जा रही प्रार्थनाएँ अनुत्तरित जा रही हैं। परन्तु हम इस बात के प्रति आश्वस्त रह सकते हैं कि परमेश्वर को हमारी चिंता है और वह हमारी प्रार्थना के उन विषयों को सुनता तथा जानता है, तथा अपने समय, और इच्छा में सभी की भलाई के लिए उनके उत्तर भी देगा। परमेश्वर चाहता है कि हम उसके साथ निकटता से बने रहें, उसके साथ मिलकर चलते रहें, और “आशा में आनन्दित, क्लेश में स्थिर, तथा प्रार्थना में नित्य लगे रहें।”  हम उसपर अपना भरोसा बनाए रखें, क्योंकि वह उत्तर अवश्य देगा। - एलीसन कीडा

 

तो आओ; हम सच्चे मन, और पूरे विश्वास के साथ

और विवेक को दोष दूर करने के लिये हृदय पर छिड़काव ले कर

और देह को शुद्ध जल से धुलवा कर परमेश्वर के समीप जाएं। - इब्रानियों 10:22


इसलिये ढीले हाथों और निर्बल घुटनों को सीधे करो। और अपने पांवों के लिये सीधे मार्ग बनाओ, कि लंगड़ा भटक न जाए, पर भला चंगा हो जाए। - इब्रानियों 12:12-13

बाइबल पाठ: रोमियों 12:9-21

रोमियों 12:9 प्रेम निष्कपट हो; बुराई से घृणा करो; भलाई में लगे रहो।

रोमियों 12:10 भाईचारे के प्रेम से एक दूसरे पर दया रखो; परस्पर आदर करने में एक दूसरे से बढ़ चलो।

रोमियों 12:11 प्रयत्न करने में आलसी न हो; आत्मिक उन्माद में भरो रहो; प्रभु की सेवा करते रहो।

रोमियों 12:12 आशा में आनन्दित रहो; क्लेश में स्थिर रहो; प्रार्थना में नित्य लगे रहो।

रोमियों 12:13 पवित्र लोगों को जो कुछ अवश्य हो, उस में उन की सहायता करो; पहुनाई करने में लगे रहो।

रोमियों 12:14 अपने सताने वालों को आशीष दो; आशीष दो श्राप न दो।

रोमियों 12:15 आनन्द करने वालों के साथ आनन्द करो; और रोने वालों के साथ रोओ।

रोमियों 12:16 आपस में एक सा मन रखो; अभिमानी न हो; परन्तु दीनों के साथ संगति रखो; अपनी दृष्टि में बुद्धिमान न हो।

रोमियों 12:17 बुराई के बदले किसी से बुराई न करो; जो बातें सब लोगों के निकट भली हैं, उन की चिन्ता किया करो।

रोमियों 12:18 जहां तक हो सके, तुम अपने भरसक सब मनुष्यों के साथ मेल मिलाप रखो।

रोमियों 12:19 हे प्रियो अपना पलटा न लेना; परन्तु क्रोध को अवसर दो, क्योंकि लिखा है, पलटा लेना मेरा काम है, प्रभु कहता है मैं ही बदला दूंगा।

रोमियों 12:20 परन्तु यदि तेरा बैरी भूखा हो तो उसे खाना खिला; यदि प्यासा हो, तो उसे पानी पिला; क्योंकि ऐसा करने से तू उसके सिर पर आग के अंगारों का ढेर लगाएगा।

रोमियों 12:21 बुराई से न हारो परन्तु भलाई से बुराई का जीत लो।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यहेजकेल 40-41
  • 2 पतरस 3

सोमवार, 30 नवंबर 2020

धन्यवाद

 

         डॉक्टर मेरे पति डैन से, अभी हाल ही में पता चले उसके कैंसर के बारे में बात कर रहे थे, परन्तु उस डॉक्टर के चेहरे पर कोई चिंता की शिकन नहीं थी। मुस्कराते हुए उसने डैन से कहा कि वह अपने प्रत्येक दिन का आरंभ, कम से कम तीन बातों के लिए परमेश्वर को धन्यवाद के साथ करे। डैन ने उसकी बात मान ली, यह जानते हुए कि धन्यवादी और कृतज्ञ होने से मन को परमेश्वर की भलाई में प्रोत्साहन मिलता है; और डैन अपने प्रत्येक दिन का आरंभ स्तुति और धन्यवाद के शब्दों के साथ करता है। वह प्रति प्रातः परमेश्वर का धन्यवाद करता है रात्रि के आराम और अच्छी नींद के लिए, साफ़-सुथरे बिस्तर के लिए, सूर्य के प्रकाश के लिए, मेज़ पर उपलब्ध भोजन के लिए, और मेरे होंठों की मुस्कान के लिए।

         उसका प्रत्येक शब्द दिल से आता है। परन्तु क्या यह मामूली भी प्रतीत हो सकता है? क्या जीवन की छोटी छोटी बातों के लिए हमारी स्तुति और धन्यवाद सर्वशक्तिमान परमेश्वर के लिए कोई महत्व रखते हैं? परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 50 में भजनकार आसाप, जो दाऊद का प्रधान संगीतकार था, एक स्पष्ट बात कहता है। “मैं न तो तेरे घर से बैल न तेरे पशु-शालाओं से बकरे ले लूंगा” (पद 9)। इस्राएलियों के द्वारा पारंपरिक रीति से चढ़ाए जाने वाले इन बलिदानों की बजाए, परमेश्वर चाहता है कि उसके लोग अपने हृदय उसे समर्पित करें और उसके प्रति कृतज्ञ होकर जीवन व्यतीत करें (पद 14, 23)।

         जैसा मेरे पति ने अनुभव किया, सच्चे मन से दिया गया धन्यवाद, हमारी आत्माओं को प्रफुल्लित करता है। तब, जब हम अपने संकट के दिन में परमेश्वर को पुकारते हैं, वह हमें छुड़ाता है (पद 15)। क्या इसका यह अर्थ है कि उसके दो वर्ष के इलाज के दौरान डैन शारीरिक और आत्मिक रीति से पूर्णतः चंगा हो जाएगा? या इस जीवन के बाद ही उसकी चंगाई पूर्ण होगी? हम नहीं जानते हैं; परन्तु अभी, डैन परमेश्वर को अपने धन्यवाद चढ़ाने से आनन्दित होता है। वह परमेश्वर का कृतज्ञ है उसके प्रेम, और उसके छुड़ाने वाला, चंगाई देने वाला मित्र होने के लिए। और हमारे मित्रगण इन बातों को सुनने से आनन्दित होते हैं। - पेट्रीशिया रेबौन

 

परमेश्वर के प्रति मेरा धन्यवाद और कृतज्ञता, उसके लिए बहुत महत्व रखता है।


किसी भी बात की चिन्ता मत करो: परन्तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और बिनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख उपस्थित किए जाएं। - फिलिप्पियों 4:6

बाइबल पाठ: भजन 50:7-15

भजन संहिता 50:7 हे मेरी प्रजा, सुन, मैं बोलता हूं, और हे इस्राएल, मैं तेरे विषय साक्षी देता हूं। परमेश्वर तेरा परमेश्वर मैं ही हूं।

भजन संहिता 50:8 मैं तुझ पर तेरे मेल बलियों के विषय दोष नहीं लगाता, तेरे होमबलि तो नित्य मेरे लिये चढ़ते हैं।

भजन संहिता 50:9 मैं न तो तेरे घर से बैल न तेरे पशु-शालाओं  से बकरे ले लूंगा।

भजन संहिता 50:10 क्योंकि वन के सारे जीव-जन्तु और हजारों पहाड़ों के जानवर मेरे ही हैं।

भजन संहिता 50:11 पहाड़ों के सब पक्षियों को मैं जानता हूं, और मैदान पर चलने फिरने वाले जानवर मेरे ही हैं।

भजन संहिता 50:12 यदि मैं भूखा होता तो तुझ से न कहता; क्योंकि जगत और जो कुछ उस में है वह मेरा है।

भजन संहिता 50:13 क्या मैं बैल का मांस खाऊं, या बकरों का लहू पीऊं?

भजन संहिता 50:14 परमेश्वर को धन्यवाद ही का बलिदान चढ़ा, और परमप्रधान के लिये अपनी मन्नतें पूरी कर;

भजन संहिता 50:15 और संकट के दिन मुझे पुकार; मैं तुझे छुड़ाऊंगा, और तू मेरी महिमा करने पाएगा।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यहेजकेल 37-39
  • 2 पतरस 2

रविवार, 29 नवंबर 2020

समय

 

         कुछ समय पहले की बात है कि मैं अपने बेटे के, जो हमारे घर से लगभग तीन घंटे की यात्रा की दूरी पर रहता था, घर पर चल रहे कुछ निर्माण के काम में लगा हुआ था। उस कार्य को पूरा होने में अनुमान से अधिक दिन लग रहे थे। प्रति प्रातः हम प्रार्थना करते कि आज यह निर्माण कार्य पूर्ण हो जाए, और प्रति संध्या हमें पता चलता कि अभी कुछ और करना शेष है, जिसके लिए अगले दिन फिर से लगना पड़ेगा।

         मुझे समझ नहीं आ रहा था कि ऐसा क्यों हो रहा है; क्या इसके पीछे कोई कारण था? अगली ही प्रातः हमें उत्तर मिल गया। मैं एक औज़ार को उठा रहा था कि फोन की घंटी बजी और किसी अजनबी की आवाज़ ने हमें बहुत व्याकुलता से बताया कि हमारी बेटी एक कार दुर्घटना में घायल हो गई है और हमें तुरंत उसके पास पहुँचने की आवश्यकता है।

         क्योंकि वह हमारे बेटे के घर के पास ही रहती थी, इसलिए हमें उसके पास पहुंचने में केवल चौदह मिनिट ही लगे। यदि मैं अपने घर पर होता, तो मुझे कम से कम तीन घंटे लगते। मैं उसे अस्पताल ले जाने वाली एम्बुलेंस के पीछे पीछे अस्पताल तक गया, और उसके आपरेशन से पहले उसे सांत्वना दी, उसकी हिम्मत बढ़ाई। मैं अस्पताल में जब उसके साथ बैठा हुआ था, तो मुझे एहसास हुआ कि यदि बेटे के घर की निर्माण परियोजना में विलम्ब नहीं होते, तो मैं उसके पास उपस्थित नहीं हो पाता।

         हमारे जीवन का हर पल परमेश्वर का है। यह अनुभव उस स्त्री का था जिसके पुत्र को एलिशा भविष्यद्वक्ता के द्वारा परमेश्वर ने फिर से जिलाया था (2 राजाओं 4:18-37)। अकाल के कारण वह देश छोड़ कर चली गई और फिर वर्षों के बाद लौट कर वापस आई, तथा राजा के पास गई कि उसकी भूमि उसे लौटा दी जाए। ठीक उसी समय जब वह आई, राजा भविष्यद्वक्ता के सेवक गहेज़ी के साथ वार्तालाप कर रहा था, और गहेज़ी राजा को बता रहा था कि कैसे एलिशा ने उसके पुत्र को फिर से जिला उठाया था, और वही स्त्री वहाँ तभी राजा के समक्ष आ खड़ी हुई (8:5)। राजा ने तुरंत उसके आग्रह को स्वीकार कर लिया, उसकी भूमि उसे लौटा दी।

         हम समय के बारे में कुछ नहीं जानते हैं; हमें नहीं पता है कि अगला ही पल क्या ले कर आएगा। परन्तु परमेश्वर प्रत्येक बात, प्रत्येक परिस्थिति को भलाई के लिए प्रयोग कर सकता है। परमेश्वर हमें अनुग्रह प्रदान करे कि हम अपने जीवन के समय उसके हाथों में रखे रहें और उसकी योजनाओं तथा कार्यों को उसके समय एवं इच्छा के अनुसार निभाते रहें। - जेम्स बैंक्स

 

हमारे जीवन, हमारे अपने हाथों की बजाए, परमेश्वर के हाथों में अधिक सुरक्षित हैं।


इस कारण मैं इन दुखों को भी उठाता हूं, पर लजाता नहीं, क्योंकि मैं उसे जिस की मैं ने प्रतीति की है, जानता हूं; और मुझे निश्चय है, कि वह मेरी धरोहर की उस दिन तक रखवाली कर सकता है। - 2 तीमुथियुस 1:12

बाइबल पाठ: 2 राजाओं 8:1-6

2 राजा 8:1 जिस स्त्री के बेटे को एलिशा ने जिलाया था, उस से उसने कहा था कि अपने घराने समेत यहां से जा कर जहां कहीं तू रह सके वहां रह; क्योंकि यहोवा की इच्छा है कि अकाल पड़े, और वह इस देश में सात वर्ष तक बना रहेगा।

2 राजा 8:2 परमेश्वर के भक्त के इस वचन के अनुसार वह स्त्री अपने घराने समेत पलिश्तियों के देश में जा कर सात वर्ष रही।

2 राजा 8:3 सात वर्ष के बीतने पर वह पलिश्तियों के देश से लौट आई, और अपने घर और भूमि के लिये दोहाई देने को राजा के पास गई।

2 राजा 8:4 राजा परमेश्वर के भक्त के सेवक गहेज़ी से बातें कर रहा था, और उसने कहा कि जो बड़े बड़े काम एलिशा ने किए हैं उन्हें मुझ से वर्णन कर।

2 राजा 8:5 जब वह राजा से यह वर्णन कर ही रहा था कि एलिशा ने एक मुर्दे को जिलाया, तब जिस स्त्री के बेटे को उसने जिलाया था वही आकर अपने घर और भूमि के लिये दोहाई देने लगी। तब गहेज़ी ने कहा, हे मेरे प्रभु! हे राजा! यह वही स्त्री है और यही उसका बेटा है जिसे एलिशा ने जिलाया था।

2 राजा 8:6 जब राजा ने स्त्री से पूछा, तब उसने उस से सब कह दिया। तब राजा ने एक हाकिम को यह कह कर उसके साथ कर दिया कि जो कुछ इसका था वरन जब से इस ने देश को छोड़ दिया तब से इसके खेत की जितनी आमदनी अब तक हुई हो सब इसे फेर दे।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यहेजकेल 35-36
  • 2 पतरस 1

शनिवार, 28 नवंबर 2020

चट्टान

 

         पिछले गर्मियों में मेरे पति और मैं ग्रामीण पेन्सिल्वेनिया में स्थित एक प्रसिद्ध मकान – फौलिंगवाटर्स को देखने गए। इसे वास्तुकार फ्रैंक लौएड राईट ने 1935 में परिकल्पना करके बनाया था। मैंने कभी उस मकान के समान कोई अन्य मकान नहीं देखा है। राईट ऐसा घर बनाना चाहता था जो मानो जैविक रीति से आस-पास के मैदान में से उगता हुआ प्रतीत हो, और वह अपने उद्देश्य में कामयाब रहा था। उसने वह घर वहाँ मौजूद एक झरने के चारों ओर बनाया था, और उसकी शैली में वहाँ की चट्टानों को देखा जा सकता है। हमारे गाईड ने हमें बताया कि उस घर को जो बात सुरक्षित बनाती थी वह यह थी कि उस घर का मुख्य केन्द्रीय भाग चट्टानों पर आधारित है।

         यह सुनकर मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु द्वारा अपने शिष्यों से कहे गए शब्द स्मरण हो आए। अपने द्वारा दिए गए पहाड़ी उपदेश में प्रभु यीशु ने शिष्यों को बताया था कि जो वह उन्हें सिखा रहा है वह उनके जीवन के लिए दृढ़ नींव बन जाएगा। यदि वे उसकी कही बातों को सुनें और उनका पालन करें, तो वे जीवन के किसी भी तूफ़ान का सफलता से सामना करने पाएँगे। इसकी तुलना में, जो सुनते हैं परन्तु मानते नहीं हैं, बालू पर बनाए हुए घर के समान होंगे (मत्ती 7:24-27)। बाद में पौलुस ने भी यही बात दोहराई, कि प्रभु यीशु मसीह ही मसीही विश्वासी के जीवन की नींव है, और हमें उसी पर टिकाऊ वस्तुओं द्वारा निर्माण करना है (1 कुरिन्थियों 3:11)।

         जब हम प्रभु यीशु की बातों को सुनते और मानते हैं, तब हम अपने जीवनों को स्थिर चट्टान समान नींव पर बनाते हैं, जो उस फौलिंगवाटर्स मकान के समान दिखने में सुन्दर, अद्भुत और चट्टान पर स्थिर बने रहने वाला होगा। - एमी पीटरसन

 

आप अपना जीवन किस पर आधारित कर के बना रहे हैं?


क्योंकि उस नींव को छोड़ जो पड़ी है, और वह यीशु मसीह है कोई दूसरी नींव नहीं डाल सकता। - 1 कुरिन्थियों 3:11

बाइबल पाठ: मत्ती 7:24-27

मत्ती 7:24 इसलिये जो कोई मेरी ये बातें सुनकर उन्हें मानता है वह उस बुद्धिमान मनुष्य के समान ठहरेगा जिसने अपना घर चट्टान पर बनाया।

मत्ती 7:25 और मेंह बरसा और बाढ़ें आईं, और आन्‍धियाँ चलीं, और उस घर पर टक्करें लगीं, परन्तु वह नहीं गिरा, क्योंकि उस की नींव चट्टान पर डाली गई थी।

मत्ती 7:26 परन्तु जो कोई मेरी ये बातें सुनता है और उन पर नहीं चलता वह उस निर्बुद्धि मनुष्य के समान ठहरेगा जिसने अपना घर बालू पर बनाया।

मत्ती 7:27 और मेंह बरसा, और बाढ़ें आईं, और आन्‍धियाँ चलीं, और उस घर पर टक्करें लगीं और वह गिरकर सत्यानाश हो गया।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यहेजकेल 33-34
  • 1 पतरस 5