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Monday, August 31, 2015

वास्तविक सत्य


   कभी-कभी दादाजी की अटारी को साफ करना फायदेमंद रहता है। ओहायो प्रांत के एक व्यक्ति के लिए यह लाखों डॉलर का फायदा साबित हुआ, जब उसे अटारी की सफाई करते समय 100 वर्ष से भी अधिक पुराने बेसबॉल कार्ड्स का एक संकलन मिला, जो बहुत संभाल के रखा गया था और बिलकुल नए होने के समान दशा में था; मूल्यांकन करने वालों ने उन प्राचीन और असली कार्डों की कीमत 30 लाख डॉलर आंकी!

   उन पुराने कार्ड्स की इतनी अधिक कीमत आंके जाने के दो कारण थे, पहला यह कि वे बहुत अच्छे से संभाल के रखे गए थे और ज़रा भी खराब नहीं हुए थे, लेकिन इस से भी बढ़कर महत्वपूर्ण दूसरा कारण था - वे असली थे। यदि वे नकली होते तो फिर चाहे कितनी भी अच्छी तरह से रखे गए होते, उनकी कीमत ना के बराबर ही होती।

   यही बात मसीही विश्वास और परमेश्वर के वचन बाइबल के लिए भी सत्य है; प्रेरित पौलुस ने कुरिन्थ के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में उन्हें कहा कि उनका प्रभु यीशु मसीह में विश्वास बिलकुल अर्थहीन और नकली होता यदि प्रभु यीशु मृतकों में से जी नहीं उठा होता। पौलुस के लिए यह कहना कि "और यदि मसीह भी नहीं जी उठा, तो हमारा प्रचार करना भी व्यर्थ है; और तुम्हारा विश्वास भी व्यर्थ है" (1 कुरिन्थियों 15:14); तथा यह कि, "और यदि मसीह नहीं जी उठा, तो तुम्हारा विश्वास व्यर्थ है; और तुम अब तक अपने पापों में फंसे हो" (1 कुरिन्थियों 15:17) बहुत साहस और दृढ़ विश्वास की बात थी।

   मसीही विश्वास इस एक सत्य पर आधारित है कि प्रभु यीशु मसीह क्रूस पर मारा गया और तीसरे दिन मृतकों में से जी भी उठा। परमेश्वर का धन्यवाद हो उन स्पष्ट प्रमाणों के लिए जो प्रभु यीशु के पुनरुत्थान को प्रमाणित करते हैं। क्योंकि यह वास्त्विक सत्य है, इसलिए हम ना केवल अपना वर्तमान वरन अपना अनन्तकाल का भविष्य भी बिलकुल निश्चिंत होकर इस बात के आधार पर टिका सकते हैं तथा परमेश्वर पर पूरी तरह से विश्वास रख कर उसपर पूरी तरह से भरोसा रख सकते हैं। - डेव ब्रैनन


केवल प्रभु परमेश्वर ही सच्चा एवं एकमात्र परमेश्वर है।

कि मसीह को दुख उठाना होगा, और वही सब से पहिले मरे हुओं में से जी उठ कर, हमारे लोगों में और अन्यजातियों में ज्योति का प्रचार करेगा। - प्रेरितों 26:23

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 15:1-21
1 Corinthians 15:1 हे भाइयों, मैं तुम्हें वही सुसमाचार बताता हूं जो पहिले सुना चुका हूं, जिसे तुम ने अंगीकार भी किया था और जिस में तुम स्थिर भी हो। 
1 Corinthians 15:2 उसी के द्वारा तुम्हारा उद्धार भी होता है, यदि उस सुसमाचार को जो मैं ने तुम्हें सुनाया था स्मरण रखते हो; नहीं तो तुम्हारा विश्वास करना व्यर्थ हुआ। 
1 Corinthians 15:3 इसी कारण मैं ने सब से पहिले तुम्हें वही बात पहुंचा दी, जो मुझे पहुंची थी, कि पवित्र शास्त्र के वचन के अनुसार यीशु मसीह हमारे पापों के लिये मर गया। 
1 Corinthians 15:4 ओर गाड़ा गया; और पवित्र शास्त्र के अनुसार तीसरे दिन जी भी उठा। 
1 Corinthians 15:5 और कैफा को तब बारहों को दिखाई दिया। 
1 Corinthians 15:6 फिर पांच सौ से अधिक भाइयों को एक साथ दिखाई दिया, जिन में से बहुतेरे अब तक वर्तमान हैं पर कितने सो गए। 
1 Corinthians 15:7 फिर याकूब को दिखाई दिया तब सब प्रेरितों को दिखाई दिया। 
1 Corinthians 15:8 और सब के बाद मुझ को भी दिखाई दिया, जो मानो अधूरे दिनों का जन्मा हूं। 
1 Corinthians 15:9 क्योंकि मैं प्रेरितों में सब से छोटा हूं, वरन प्रेरित कहलाने के योग्य भी नहीं, क्योंकि मैं ने परमेश्वर की कलीसिया को सताया था। 
1 Corinthians 15:10 परन्तु मैं जो कुछ भी हूं, परमेश्वर के अनुग्रह से हूं: और उसका अनुग्रह जो मुझ पर हुआ, वह व्यर्थ नहीं हुआ परन्तु मैं ने उन सब से बढ़कर परिश्रम भी किया: तौभी यह मेरी ओर से नहीं हुआ परन्तु परमेश्वर के अनुग्रह से जो मुझ पर था। 
1 Corinthians 15:11 सो चाहे मैं हूं, चाहे वे हों, हम यही प्रचार करते हैं, और इसी पर तुम ने विश्वास भी किया।
1 Corinthians 15:12 सो जब कि मसीह का यह प्रचार किया जाता है, कि वह मरे हुओं में से जी उठा, तो तुम में से कितने क्योंकर कहते हैं, कि मरे हुओं का पुनरुत्थान है ही नहीं? 
1 Corinthians 15:13 यदि मरे हुओं का पुनरुत्थान ही नहीं, तो मसीह भी नहीं जी उठा। 
1 Corinthians 15:14 और यदि मसीह भी नहीं जी उठा, तो हमारा प्रचार करना भी व्यर्थ है; और तुम्हारा विश्वास भी व्यर्थ है। 
1 Corinthians 15:15 वरन हम परमेश्वर के झूठे गवाह ठहरे; क्योंकि हम ने परमेश्वर के विषय में यह गवाही दी कि उसने मसीह को जिला दिया यद्यपि नहीं जिलाया, यदि मरे हुए नहीं जी उठते। 
1 Corinthians 15:16 और यदि मुर्दे नहीं जी उठते, तो मसीह भी नहीं जी उठा। 
1 Corinthians 15:17 और यदि मसीह नहीं जी उठा, तो तुम्हारा विश्वास व्यर्थ है; और तुम अब तक अपने पापों में फंसे हो। 
1 Corinthians 15:18 वरन जो मसीह में सो गए हैं, वे भी नाश हुए। 
1 Corinthians 15:19 यदि हम केवल इसी जीवन में मसीह से आशा रखते हैं तो हम सब मनुष्यों से अधिक अभागे हैं। 
1 Corinthians 15:20 परन्तु सचमुच मसीह मुर्दों में से जी उठा है, और जो सो गए हैं, उन में पहिला फल हुआ। 
1 Corinthians 15:21 क्योंकि जब मनुष्य के द्वारा मृत्यु आई; तो मनुष्य ही के द्वारा मरे हुओं का पुनरुत्थान भी आया।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 132-134
  • 1 कुरिन्थियों 11:17-34


Sunday, August 30, 2015

जोखिम


   सितंबर 7, 1838 को ग्रेस डार्लिंग नामक एक महिला ने, जो समुद्र के किनारे के खतरों के प्रति सचेत करने के लिए बनाए गए प्रकाश सतंभ के रखवाले की बेटी थी, समुद्र में डूबते हुए जलपोत और बचने के लिए किनारे की ओर तैरने का प्रयास करते हुए लोगों को देखा। अपने पिता के साथ मिलकर ग्रेस लगभग एक मील दूर तक नाव को खेकर गई और बहुत से लोगों को बचाया। अपने जीवन को जोखिम में डालकर दूसरों के प्रति अनुकंपा दिखाने और स्थिर हाथों से उनकी जान बचाने के प्रयास के लिए ग्रेस प्रसिद्ध हो गई।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने एक अन्य स्त्री-पुरुष की जोड़ी के बारे में उल्लेख किया जिन्होंने दूसरों की सहायता के लिए जोखिम उठाए। पौलुस ने प्रिसका एवं अक्वीला के बारे में लिखा, जो प्रभु यीशु में उसके सहकर्मी थे; पौलुस ने उनके विषय में लिखा कि "उन्होंने मेरे प्राण के लिये अपना ही सिर दे रखा था और केवल मैं ही नहीं, वरन अन्यजातियों की सारी कलीसियाएं भी उन का धन्यवाद करती हैं" (रोमियों 16:4)।

   पौलुस ने यह तो स्पष्ट नहीं लिखा कि उन दोनों ने उसके लिए क्या जोखिम उठाया, लेकिन पौलुस के मसीही सेवकाई के जीवन में उसे जैसे पीटे जाने, बन्दीगृह में डाले जाने, जलयान के समुद्र में टूटने, जान की धमकी दिए जाने आदि बातों के द्वारा जोखिम उठाने पड़े थे, उससे यह समझना कठिन नहीं है कि उस दंपत्ति को अपने मित्र पौलुस के लिए कैसे जोखिम को उठाना पड़ा होगा। संभवतः उन दोनों के लिए पौलुस की जान बचाना उनकी अपनी सुरक्षा से बढ़कर था।

   दुसरों को खतरों से, वो चाहे शारीरिक हों या आत्मिक, बचाने का प्रयास करना अकसर जोखिम भरा होता है। लेकिन जब हम यह जोखिम उठाकर दूसरों की सहायातार्थ अपना हाथ बढ़ाते हैं तो हम अपने तथा सारे जगत के उद्धारकर्ता प्रभु यीशु मसीह के मन को, जिसने हमारे लिए अपना सब कुछ दे दिया, प्रतिबिंबित करते हैं। - डेनिस फिशर


यदि आप बचा लिए गए हैं तो फिर आप औरों के बचाए जाने के लिए प्रयास करेंगे।

इसलिये, जैसा मसीह ने भी परमेश्वर की महिमा के लिये तुम्हें ग्रहण किया है, वैसे ही तुम भी एक दूसरे को ग्रहण करो। - रोमियों 15:7

बाइबल पाठ: रोमियों 16:1-7
Romans 16:1 मैं तुम से फीबे की, जो हमारी बहिन और किंख्रिया की कलीसिया की सेविका है, बिनती करता हूं।
Romans 16:2 कि तुम जैसा कि पवित्र लोगों को चाहिए, उसे प्रभु में ग्रहण करो; और जिस किसी बात में उसको तुम से प्रयोजन हो, उस की सहायता करो; क्योंकि वह भी बहुतों की वरन मेरी भी उपकारिणी हुई है।ज़ 
Romans 16:3 प्रिसका और अक्विला को जो मसीह यीशु में मेरे सहकर्मी हैं, नमस्कार। 
Romans 16:4 उन्होंने मेरे प्राण के लिये अपना ही सिर दे रखा था और केवल मैं ही नहीं, वरन अन्यजातियों की सारी कलीसियाएं भी उन का धन्यवाद करती हैं। 
Romans 16:5 और उस कलीसिया को भी नमस्कार जो उन के घर में है। मेरे प्रिय इपैनितुस को जो मसीह के लिये आसिया का पहिला फल है, नमस्कार। 
Romans 16:6 मरियम को जिसने तुम्हारे लिये बहुत परिश्रम किया, नमस्कार। 
Romans 16:7 अन्द्रुनीकुस और यूनियास को जो मेरे कुटम्बी हैं, और मेरे साथ कैद हुए थे, और प्रेरितों में नामी हैं, और मुझ से पहिले मसीह में हुए थे, नमस्कार।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 129-131
  • 1 कुरिन्थियों 11:1-16


Saturday, August 29, 2015

प्रेम


   कुछ समय पहले मैंने अपनी पत्नि मर्लीन की चक्कर आने की बीमारी के साथ उसके संघर्ष के बारे में एक लेख लिखा था। उस लेख के छपने के पश्चात जो पाठकों द्वारा प्रोत्साहन के प्रत्युत्तरों की बाढ़ आई, मैं उसके लिए कतई तैयार नहीं था। पाठकों ने ना केवल प्रोत्साहन, वरन सलाह, सहायता और उसके स्वास्थ्य को लेकर उनकी चिंता को अपने प्रत्युत्तर में व्यक्त किया। ये सन्देश सारे संसार से आए, जीवन के सभी क्षेत्रों में कार्यरत लोगों से आए। प्रेम भरी चिंता के ये सन्देश संख्या में इतने अधिक थे कि हमारे लिए उन सभी का व्यक्तिगत उत्तर देना संभव नहीं रहा। एक अंग के परेशानी में पड़ने के कारण मसीह की देह द्वारा उसको इस प्रकार प्रेम से संभालना, हमारे लिए भलाई से भरा अपरिहार्य अनुभव था, जिसके लिए हम अति कृतज्ञ थे और सदा रहेंगे।

   यथार्त में मसीह की देह अर्थात मसीही विश्वासियों की मण्डली को इसी प्रकार कार्य करना चाहिए; मसीह यीशु में अपने भाई-बहिनों के प्रति प्रेम भरी चिंता रखना इस बात का प्रमाण है कि हमने मसीह के प्रेम को चखा है। प्रभु यीशु ने पकड़वाए जाकर क्रूस पर चढ़ा दिए जाने से पहले अपने चेलों के साथ किए गए अंतिम भोज के दौरान अपने चेलों से कहा, "मैं तुम्हें एक नई आज्ञा देता हूं, कि एक दूसरे से प्रेम रखो: जैसा मैं ने तुम से प्रेम रखा है, वैसा ही तुम भी एक दुसरे से प्रेम रखो। यदि आपस में प्रेम रखोगे तो इसी से सब जानेंगे, कि तुम मेरे चेले हो" (यूहन्ना 13:34-35)।

   मैंने और मर्लीन ने मसीह के समान किए गए प्रेम और चिंता का स्वाद उन संदेशों द्वारा चखा। हम सब मसीही विश्वासियों का यह कर्तव्य है कि हम अपने तथा सारे जगत के उद्धारकर्ता प्रभु यीशु के प्रेम को दूसरों को दिखाएं और अपनी इस गवाही से अपने प्रभु की आराधना तथा बड़ाई करें। - बिल क्राउडर


एक दूसरे के प्रति रखे गए हमारे प्रेम की गहराई ही परमेश्वर के प्रति हमारे प्रेम की ऊंचाई को दिखाती है। - मोर्ली

क्योंकि यह कि व्यभिचार न करना, हत्या न करना; चोरी न करना; लालच न करना; और इन को छोड़ और कोई भी आज्ञा हो तो सब का सारांश इस बात में पाया जाता है, कि अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रख। - रोमियों 13:9 

बाइबल पाठ: यूहन्ना 13:31-35 मत्ती 22:37-40
John 13:31 जब वह बाहर चला गया तो यीशु ने कहा; अब मनुष्य पुत्र की महिमा हुई, और परमेश्वर की महिमा उस में हुई। 
John 13:32 और परमेश्वर भी अपने में उस की महिमा करेगा, वरन तुरन्त करेगा। 
John 13:33 हे बालकों, मैं और थोड़ी देर तुम्हारे पास हूं: फिर तुम मुझे ढूंढोगे, और जैसा मैं ने यहूदियों से कहा, कि जहां मैं जाता हूं, वहां तुम नहीं आ सकते वैसा ही मैं अब तुम से भी कहता हूं। 
John 13:34 मैं तुम्हें एक नई आज्ञा देता हूं, कि एक दूसरे से प्रेम रखो: जैसा मैं ने तुम से प्रेम रखा है, वैसा ही तुम भी एक दुसरे से प्रेम रखो। 
John 13:35 यदि आपस में प्रेम रखोगे तो इसी से सब जानेंगे, कि तुम मेरे चेले हो।

Matthew 22:37 उसने उस से कहा, तू परमेश्वर अपने प्रभु से अपने सारे मन और अपने सारे प्राण और अपनी सारी बुद्धि के साथ प्रेम रख। 
Matthew 22:38 बड़ी और मुख्य आज्ञा तो यही है। 
Matthew 22:39 और उसी के समान यह दूसरी भी है, कि तू अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रख। 
Matthew 22:40 ये ही दो आज्ञाएं सारी व्यवस्था और भविष्यद्वक्ताओं का आधार है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 126-128
  • 1 कुरिन्थियों 10:19-33


Friday, August 28, 2015

बचाव का मार्ग


   पश्चिमी वर्जीनिया के अपालाचियन पहाड़ों से होकर गुज़रने वाले राजमार्ग 77 पर अनियंत्रित ट्रकों को मार्ग से किनारे कर के रोक लेने के लिए ढलानों पर अनेक स्थान बने हुए हैं। ये आधे-पक्के किए हुए स्थान राजमार्ग के उस भाग पर स्थित हैं जो 6 मील की दूरी में 1300 फीट नीचे उतर आता है। सड़क के घुमावदार होने के साथ इस तीव्र ढलान के कारण गाड़ियों, विशेषकर ट्रकों के लिए समस्या होने की संभावना सदा बनी रहती है, इसीलिए अधिकारियों ने उनकी सहायता के लिए पहले से ही उपाय बना कर रख दिया है।

   जैसे ढाल पर अनियंत्रित गाड़ी या ट्रक को बचने का मार्ग चाहिए होता है, हमें भी जीवन के मार्ग में कई बातों से बचने में सहायता चाहिए होती है, विशेषकर तब जब अनियंत्रित अभिलाषाएं हमारे आत्मिक जीवन को जोखिम में डालने लगती हैं। हमारा परमेश्वर पिता हमारी इस संभावना और स्थिति को अच्छे से जानता है, इसीलिए उसने हमारी सहायता के लिए पहले ही से साधन बना कर दे दिया है। जब भी हम किसी अनुचित प्रलोभन या लालसा में पड़ें, तो परमेश्वर के वायदे को स्मरण रखें: "...परमेश्वर सच्चा है: वह तुम्हें सामर्थ से बाहर परीक्षा में न पड़ने देगा, वरन परीक्षा के साथ निकास भी करेगा..." (1 कुरिन्थियों 10:13)। परमेश्वर अपने वचन के द्वारा हमें प्रलभोनों को "नहीं" कहने की सामर्थ देता है; जब शैतान ने प्रभु यीशु की सेवकाई के आरंभ में उनके 40 दिनों के उपवास के पश्चात भोजन, अधिकार तथा परमेश्वर पर विश्वास की बातों को लेकर परीक्षा करी तो प्रभु यीशु ने उसके प्रत्येक वार को परमेश्वर के वचन के सही प्रयोग के द्वारा विफल किया।

   जब हम किसी प्रलोभन या परीक्षा में पड़ें तो हमें प्रतीत हो सकता है कि बस अब हमारा विनाश आने ही वाला है, बीते समयों की असफलताएं तथा दूसरों द्वारा हमारे तिरिस्कार की यादें हमारी निराशा को और भी बढ़ा सकती हैं। लेकिन ऐसे में भी हम परमेश्वर पर भरोसा बनाए रख सकते हैं कि हमारी हर परीक्षा में वह हमारे प्रति वफादार और सहायक है; वह ना केवल हमें परीक्षा का सामना करने की सामर्थ देगा वरन उससे बच कर निकल पाने का मार्ग भी देगा। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


प्रलोभन और परीक्षा से बचने का सबसे उत्त्म मार्ग है परमेश्वर कि शरण में भाग जाना।

इसलिये जान रख कि तेरा परमेश्वर यहोवा ही परमेश्वर है, वह विश्वासयोग्य ईश्वर है; और जो उस से प्रेम रखते और उसकी आज्ञाएं मानते हैं उनके साथ वह हजार पीढ़ी तक अपनी वाचा पालता, और उन पर करूणा करता रहता है; - व्यवस्थाविवरण 7:9 

बाइबल पाठ: मत्ती4:1-11 1 कुरिन्थियों 10:12-13
Matthew 4:1 तब उस समय आत्मा यीशु को जंगल में ले गया ताकि इब्‍लीस से उस की परीक्षा हो। 
Matthew 4:2 वह चालीस दिन, और चालीस रात, निराहार रहा, अन्‍त में उसे भूख लगी। 
Matthew 4:3 तब परखने वाले ने पास आकर उस से कहा, यदि तू परमेश्वर का पुत्र है, तो कह दे, कि ये पत्थर रोटियां बन जाएं। 
Matthew 4:4 उसने उत्तर दिया; कि लिखा है कि मनुष्य केवल रोटी ही से नहीं, परन्तु हर एक वचन से जो परमेश्वर के मुख से निकलता है जीवित रहेगा। 
Matthew 4:5 तब इब्‍लीस उसे पवित्र नगर में ले गया और मन्दिर के कंगूरे पर खड़ा किया। 
Matthew 4:6 और उस से कहा यदि तू परमेश्वर का पुत्र है, तो अपने आप को नीचे गिरा दे; क्योंकि लिखा है, कि वह तेरे विषय में अपने स्‍वर्गदूतों को आज्ञा देगा; और वे तुझे हाथों हाथ उठा लेंगे; कहीं ऐसा न हो कि तेरे पांवों में पत्थर से ठेस लगे। 
Matthew 4:7 यीशु ने उस से कहा; यह भी लिखा है, कि तू प्रभु अपने परमेश्वर की परीक्षा न कर। 
Matthew 4:8 फिर शैतान उसे एक बहुत ऊंचे पहाड़ पर ले गया और सारे जगत के राज्य और उसका वैभव दिखाकर 
Matthew 4:9 उस से कहा, कि यदि तू गिरकर मुझे प्रणाम करे, तो मैं यह सब कुछ तुझे दे दूंगा। 
Matthew 4:10 तब यीशु ने उस से कहा; हे शैतान दूर हो जा, क्योंकि लिखा है, कि तू प्रभु अपने परमेश्वर को प्रणाम कर, और केवल उसी की उपासना कर। 
Matthew 4:11 तब शैतान उसके पास से चला गया, और देखो, स्वर्गदूत आकर उस की सेवा करने लगे।

1 Corinthians 10:12 इसलिये जो समझता है, कि मैं स्थिर हूं, वह चौकस रहे; कि कहीं गिर न पड़े। 
1 Corinthians 10:13 तुम किसी ऐसी परीक्षा में नहीं पड़े, जो मनुष्य के सहने से बाहर है: और परमेश्वर सच्चा है: वह तुम्हें सामर्थ से बाहर परीक्षा में न पड़ने देगा, वरन परीक्षा के साथ निकास भी करेगा; कि तुम सह सको।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 123-125
  • 1 कुरिन्थियों 10:1-18



Thursday, August 27, 2015

करुणा


   उस विशाल विज्ञापन पटल की ओर निगाह का ना जाना लगभग असंभव था; उस लाल पृष्ठभूमि वाले पटल पर बड़े बड़े सफेद अक्षरों से लिखा था, "इस वर्ष हज़ारों लोग अपनी ढिटाई के कारण मर जाएंगे!" बाद में मुझे मालुम पड़ा कि उसके जैसे सैंकड़ों और विज्ञापन पटल स्थान स्थान पर लगाए गए थे, और उनके संदेश का निशाना अधेड़ उम्र के वे हज़ारों लोग थे जो चिकित्सा जाँच करवाने से जान-बूझ कर बचते रहते थे और फिर ऐसी बीमारियों से मर जाते थे जिन से बचा जा सकता था।

   परमेश्वर के वचन बाइबल का 32वें भजन एक ऐसी ही बीमारी के बारे में है जिससे बचने का सरल और मुफ्त उपाय तो है लेकिन फिर भी प्रतिदिन संसार के हज़ारों लोग उस बीमारी और उसके अनन्तकालीन परिणामों की गंभीरता को नज़रंदाज़ करके अनन्तकाल के विनाश में चले जाते हैं। वह बीमारी है मनुष्य का पाप; जिसका बड़ा सरल, सब के लिए सेंत-मेंत उपलब्ध और सदैव कारगर उपाय विद्यमान है - अपने पापों का अंगीकार करके सच्चे, सीधे मन से प्रभु यीशु से उन पापों की क्षमा माँगना और अपना जीवन प्रभु को समर्पित कर देना।

   भजन 32 के पहले पाँच पद दोष को छुपाने से होने वाली पीड़ा और फिर उन पापों को परमेश्वर के समक्ष मान लेने से मिलने वाली क्षमा के आनन्द का वर्णन करते हैं। फिर आगे हम 6-8 पद में पाते हैं कि परमेश्वर लालसा रखता है कि हम अपने संकट में उससे सहायता लें, और जो उससे सहायता तथा मार्गदर्शन माँगते हैं, उन्हें वह देता भी है: "मैं तुझे बुद्धि दूंगा, और जिस मार्ग में तुझे चलना होगा उस में तेरी अगुवाई करूंगा; मैं तुझ पर कृपा दृष्टि रखूंगा और सम्मत्ति दिया करूंगा" (भजन 32:8)। आगे परमेश्वर सचेत भी करता है कि हम ढिटाई में ना पड़ें, जिस में से परमेश्वर को हमें बरबस निकालना पड़े, "तुम घोड़े और खच्चर के समान न बनो जो समझ नहीं रखते, उनकी उमंग लगाम और बाग से रोकनी पड़ती है, नहीं तो वे तेरे वश में नहीं आने के" (भजन 32:9)। भजन का अन्त परमेश्वर की करुणा के आश्वासन और उस करुणा के आनन्द के साथ होता है, "दुष्ट को तो बहुत पीड़ा होगी; परन्तु जो यहोवा पर भरोसा रखता है वह करूणा से घिरा रहेगा" (भजन 32:10)।

   क्या आप ने परमेश्वर की करुणा का लाभ उठा कर अपने अनन्तकाल को सुनिश्चित कर लिया है, या आप अभी भी अपनी ढिटाई में अनन्तकाल के विनाश को ही थामे हुए है? परमेश्वर की करुणा और क्षमा आप के लिए आज और अभी उपलब्ध है, उसे नज़रन्दाज़ मत कीजिए। - डेविड मैक्कैसलैंड


परमेश्वर की क्षमा को प्राप्त करने के लिए पहला कदम है यह अंगीकार करना कि हमें उस क्षमा की आवश्यकता है।

धन्य है वह पुरुष जो यहोवा पर भरोसा रखता है, जिसने परमेश्वर को अपना आधार माना हो। वह उस वृक्ष के समान होगा जो नदी के तीर पर लगा हो और उसकी जड़ जल के पास फैली हो; जब घाम होगा तब उसको न लगेगा, उसके पत्ते हरे रहेंगे, और सूखे वर्ष में भी उनके विषय में कुछ चिन्ता न होगी, क्योंकि वह तब भी फलता रहेगा। - यिर्मियाह 17:7-8 

बाइबल पाठ: भजन 32
Psalms 32:1 क्या ही धन्य है वह जिसका अपराध क्षमा किया गया, और जिसका पाप ढ़ाँपा गया हो। 
Psalms 32:2 क्या ही धन्य है वह मनुष्य जिसके अधर्म का यहोवा लेखा न ले, और जिसकी आत्मा में कपट न हो। 
Psalms 32:3 जब मैं चुप रहा तब दिन भर कराहते कराहते मेरी हडि्डयां पिघल गई। 
Psalms 32:4 क्योंकि रात दिन मैं तेरे हाथ के नीचे दबा रहा; और मेरी तरावट धूप काल की सी झुर्राहट बनती गई। 
Psalms 32:5 जब मैं ने अपना पाप तुझ पर प्रगट किया और अपना अधर्म न छिपाया, और कहा, मैं यहोवा के साम्हने अपने अपराधों को मान लूंगा; तब तू ने मेरे अधर्म और पाप को क्षमा कर दिया। 
Psalms 32:6 इस कारण हर एक भक्त तुझ से ऐसे समय में प्रार्थना करे जब कि तू मिल सकता है। निश्चय जब जल की बड़ी बाढ़ आए तौभी उस भक्त के पास न पहुंचेगी। 
Psalms 32:7 तू मेरे छिपने का स्थान है; तू संकट से मेरी रक्षा करेगा; तू मुझे चारों ओर से छुटकारे के गीतों से घेर लेगा।
Psalms 32:8 मैं तुझे बुद्धि दूंगा, और जिस मार्ग में तुझे चलना होगा उस में तेरी अगुवाई करूंगा; मैं तुझ पर कृपा दृष्टि रखूंगा और सम्मत्ति दिया करूंगा। 
Psalms 32:9 तुम घोड़े और खच्चर के समान न बनो जो समझ नहीं रखते, उनकी उमंग लगाम और बाग से रोकनी पड़ती है, नहीं तो वे तेरे वश में नहीं आने के।
Psalms 32:10 दुष्ट को तो बहुत पीड़ा होगी; परन्तु जो यहोवा पर भरोसा रखता है वह करूणा से घिरा रहेगा। 
Psalms 32:11 हे धर्मियों यहोवा के कारण आनन्दित और मगन हो, और हे सब सीधे मन वालों आनन्द से जयजयकार करो!

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 120-122
  • 1 कुरिन्थियों 9



Wednesday, August 26, 2015

सहारा


   पिछली गर्मियों में जब मेरेलिन ने एक वर्क्ष का पौधा लगाया तो उसके सामने यह प्रश्न था - पौधे को सहारा दिया जाए या ना दिया जाए? जिस से उसने पौधा खरीदा था, उस विक्रेता ने मेरेलिन को कहा था कि, "एक वर्ष तक इस पौधे को सहारा दिए रखिए जिससे वह तेज़ हवाओं को झेल सके, फिर उस सहारे को हटा दीजिए जिस से उसकी जड़ें गहरी और मज़बूत हो जाएं और उसे थामे रहें।" लेकिन मेरेलिन के एक पड़ौसी ने उसे सलाह दी कि "कोई सहारा ना लगाए जिस से वह पौधा आरंभ से ही गहरी और मज़बूत जड़ों वाला हो, वरना बड़ा होने और पूरा पेड़ बनने में उसकी जड़ें कमज़ोर रह जाएंगी। सहारा नहीं देना दीर्घ-कालीन स्वास्थ्य के लिए बेहतर होगा।"

   रिश्तों के पनपने में भी हम इसी प्रश्न को लेकर चिंतित होते हैं। यदि हमारा कोई प्रीय अपने आप को किसी परेशानी में डाल लेता है, तब क्या हमें उसे उस परेशानी से निकालने के द्वारा उसे सहारा देना चाहिए, या फिर उसे अपने किए के परिणाम भुगतने के द्वारा स्वयं को मज़बूत बनने देना चाहिए, अपनी "जड़ें गहरी" करने देना चाहिए? उस व्यक्ति के दीर्घ-कालीन स्वास्थ्य के लिए जो बेहतर हो वही हमें करना चाहिए। परमेश्वर के वचन बाइबल में नीतिवचन नामक पुस्तक के 19 अध्याय में हमें दोनों ही प्रकार के विचार मिलते हैं - हमें दया के साथ सहायता करनी चाहिए (पद 17), परन्तु ऐसा करने से खतरा भी है क्योंकि इसे बारंबार करने की आवश्यकता भी हो सकती है (पद 19)। ऐसे में सही बात को करने के लिए हमें हमारी अपनी समझ-बूझ से बढ़कर बुद्धिमता की आवश्यकता होती है।

   इसीलिए परमेश्वर ने हमें अपने ऊपर ही नहीं छोड़ दिया है। हम जब भी उससे बुद्धि माँगेंगे, उसका आश्वासन है कि वह हमें बुद्धि देगा (याकूब 1:5)। जब हम परमेश्वर को अपना सहारा बना लेते हैं, वह हमें मज़बूती प्रदान करता है और हमारी जड़ों को गहरा करता है। - ऐनी सेटास


सही बुद्धिमता संसार को परमेश्वर के दृष्टिकोण से देखने में है।

पर यदि तुम में से किसी को बुद्धि की घटी हो, तो परमेश्वर से मांगे, जो बिना उलाहना दिए सब को उदारता से देता है; और उसको दी जाएगी। - याकूब 1:5

बाइबल पाठ: नीतिवचन 19:15-25
Proverbs 19:15 आलस से भारी नींद आ जाती है, और जो प्राणी ढिलाई से काम करता, वह भूखा ही रहता है। 
Proverbs 19:16 जो आज्ञा को मानता, वह अपने प्राण की रक्षा करता है, परन्तु जो अपने चाल चलन के विषय में निश्चिन्त रहता है, वह मर जाता है। 
Proverbs 19:17 जो कंगाल पर अनुग्रह करता है, वह यहोवा को उधार देता है, और वह अपने इस काम का प्रतिफल पाएगा। 
Proverbs 19:18 जब तक आशा है तो अपने पुत्र को ताड़ना कर, जान बूझ कर उसको मार न डाल। 
Proverbs 19:19 जो बड़ा क्रोधी है, उसे दण्ड उठाने दे; क्योंकि यदि तू उसे बचाए, तो बारंबार बचाना पड़ेगा। 
Proverbs 19:20 सम्मति को सुन ले, और शिक्षा को ग्रहण कर, कि तू अन्तकाल में बुद्धिमान ठहरे। 
Proverbs 19:21 मनुष्य के मन में बहुत सी कल्पनाएं होती हैं, परन्तु जो युक्ति यहोवा करता है, वही स्थिर रहती है। 
Proverbs 19:22 मनुष्य कृपा करने के अनुसार चाहने योग्य होता है, और निर्धन जन झूठ बोलने वाले से उत्तम है। 
Proverbs 19:23 यहोवा का भय मानने से जीवन बढ़ता है; और उसका भय मानने वाला ठिकाना पा कर सुखी रहता है; उस पर विपत्ती नहीं पड़ने की। 
Proverbs 19:24 आलसी अपना हाथ थाली में डालता है, परन्तु अपने मुंह तक कौर नहीं उठाता। 
Proverbs 19:25 ठट्ठा करने वाले को मार, इस से भोला मनुष्य समझदार हो जाएगा; और समझ वाले को डांट, तब वह अधिक ज्ञान पाएगा।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 119:89-176
  • 1 कुरिन्थियों 8


Tuesday, August 25, 2015

अगला अध्याय


   स्टीव सन 1956 में लगभग 5 वर्ष का था जब उसके पिता, जो मसीही सेवकाई में लगे विमान चालक थे, तथा उनके चार साथियों को मध्य अमेरिका के इक्योडोर देश के वॉवडानी कबीले के लोगों ने मार डाला। लेकिन उन मारे गए लोगों के परिवार जनों द्वारा दिखाए गए प्रेम और क्षमा के कारण आज उस वॉवडानी कबीले में मसीही विश्वासियों का एक बढ़ता हुआ समूह है। बड़ा होकर स्टीव इक्योडोर देश के उसी वॉवडानी कबीले के लोगों में गया और उसके पिता की हत्या करने वाले व्यक्तियों में से एक व्यक्ति, मिनकाए से मित्रता करी।

   जीवन के लिए स्टीव का मानना तथा आदर्श वाक्य है, "अपनी कहानी परमेश्वर को लिखने दीजिए"; उसका कहना है कि "ऐसे बहुत से लोग हैं जो अपनी कहानी स्वयं लिखते हैं परन्तु जब उसमें कोई गड़बड़ होती है या बाधा आती है तो परमेश्वर को उसे सुधारने वाले संपादक के समान प्रयोग करते हैं। लेकिन मैंने बहुत पहले ही ठान लिया था कि मैं अपनी संपूर्ण कहानी परमेश्वर को ही लिखने दूँगा।" जब 2012 में स्टीव गंभीर दुर्घटना का शिकार हुआ तो उसने अपने परिवार को सांत्वना देते हुए कहा, "परमेश्वर को यह अध्याय भी लिखने दो।" आज भी उसका मसीही विश्वास ही उसे आगे लेकर चल रहा है।

   प्रभु यीशु के अनुयायियों की कहानी निरन्तर लिखी जाती है, तथा उजागर होती रहती है। हम में से कोई नहीं जानता कि हमारे जीवन के अगले अध्याय में क्या लिखा जाएगा। लेकिन जब हम मसीह यीशु की ओर देखते हुए धीरज से अपनी दौड़ को दौड़ते रहते हैं, तो हम अपने विश्वास के कर्ता और सिद्ध करने वाले (इब्रानियों 12:1-2) प्रभु यीशु पर विश्वास के साथ आगे भी बढ़ते रह सकते हैं।

   प्रभु यीशु ने ही हमारे जीवन-गाथा के आरंभ को लिखा, और वही हमारे जीवन के अगले अध्याय को और फिर अन्त को भी लिखेगा। - सिंडी हैस कैस्पर


अपने आस-पास के संसार को आपके जीवन में लिखी गई प्रभु यीशु के प्रेम और अनुग्रह की कहानी को बताते रहिए।

भविष्य में मेरे लिये धर्म का वह मुकुट रखा हुआ है, जिसे प्रभु, जो धर्मी, और न्यायी है, मुझे उस दिन देगा और मुझे ही नहीं, वरन उन सब को भी, जो उसके प्रगट होने को प्रिय जानते हैं। - 2 तिमुथियुस 4:8 

बाइबल पाठ: इब्रानियों12:1-11
Hebrews 12:1 इस कारण जब कि गवाहों का ऐसा बड़ा बादल हम को घेरे हुए है, तो आओ, हर एक रोकने वाली वस्तु, और उलझाने वाले पाप को दूर कर के, वह दौड़ जिस में हमें दौड़ना है, धीरज से दौड़ें। 
Hebrews 12:2 और विश्वास के कर्ता और सिद्ध करने वाले यीशु की ओर ताकते रहें; जिसने उस आनन्द के लिये जो उसके आगे धरा था, लज्ज़ा की कुछ चिन्‍ता न कर के, क्रूस का दुख सहा; और सिंहासन पर परमेश्वर के दाहिने जा बैठा। 
Hebrews 12:3 इसलिये उस पर ध्यान करो, जिसने अपने विरोध में पापियों का इतना वाद-विवाद सह लिया कि तुम निराश हो कर हियाव न छोड़ दो। 
Hebrews 12:4 तुम ने पाप से लड़ते हुए उस से ऐसी मुठभेड़ नहीं की, कि तुम्हारा लोहू बहा हो। 
Hebrews 12:5 और तुम उस उपदेश को जो तुम को पुत्रों की नाईं दिया जाता है, भूल गए हो, कि हे मेरे पुत्र, प्रभु की ताड़ना को हलकी बात न जान, और जब वह तुझे घुड़के तो हियाव न छोड़। 
Hebrews 12:6 क्योंकि प्रभु, जिस से प्रेम करता है, उस की ताड़ना भी करता है; और जिसे पुत्र बना लेता है, उसको कोड़े भी लगाता है। 
Hebrews 12:7 तुम दुख को ताड़ना समझकर सह लो: परमेश्वर तुम्हें पुत्र जान कर तुम्हारे साथ बर्ताव करता है, वह कौन सा पुत्र है, जिस की ताड़ना पिता नहीं करता? 
Hebrews 12:8 यदि वह ताड़ना जिस के भागी सब होते हैं, तुम्हारी नहीं हुई, तो तुम पुत्र नहीं, पर व्यभिचार की सन्तान ठहरे! 
Hebrews 12:9 फिर जब कि हमारे शारीरिक पिता भी हमारी ताड़ना किया करते थे, तो क्या आत्माओं के पिता के और भी आधीन न रहें जिस से जीवित रहें। 
Hebrews 12:10 वे तो अपनी अपनी समझ के अनुसार थोड़े दिनों के लिये ताड़ना करते थे, पर यह तो हमारे लाभ के लिये करता है, कि हम भी उस की पवित्रता के भागी हो जाएं। 
Hebrews 12:11 और वर्तमान में हर प्रकार की ताड़ना आनन्द की नहीं, पर शोक ही की बात दिखाई पड़ती है, तौभी जो उसको सहते सहते पक्के हो गए हैं, पीछे उन्हें चैन के साथ धर्म का प्रतिफल मिलता है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 119:1-88
  • 1 कुरिन्थियों 7:20-40


Monday, August 24, 2015

सहायक


   ओलंपिक खेलों में भाग लेने वाली जिमनास्ट, गैब्बी डगलस ने 2012 के लंडन खेलों में दो स्वर्णपदक जीतने के बाद घोषणा करी: "परमेश्वर आपको कभी नहीं छोड़ेगा। वह सदा आपके साथ रहेगा।"

   कभी कभी किसी खिलाड़ी द्वारा इस प्रकार के कथन कहे जाने का गलत अर्थ निकाल लिया जाता है; लोग समझते हैं कि खिलाड़ी कह रहा है कि क्योंकि परमेश्वर मेरे साथ है इसलिए मैं कभी हार नहीं सकता! किंतु यदि हम परमेश्वर के वचन बाइबल में से भजन 118:5-6 को देखें तो हमें वास्तविक स्थिति, और गैब्बी के कथन का सही अर्थ पता चलता है। वहाँ भजनकार ने लिखा, "मैं ने सकेती में परमेश्वर को पुकारा, परमेश्वर ने मेरी सुन कर, मुझे चौड़े स्थान में पहुंचाया। यहोवा मेरी ओर है, मैं न डरूंगा। मनुष्य मेरा क्या कर सकता है?" (भजन 118:5-6) - यहाँ स्पष्ट है कि भजन के लेखक का इस कथन से तात्पर्य है कि जब भी संकट हमारे जीवन में आएगा, प्रेम और दया से भरा हुआ परमेश्वर सदा हमारा ध्यान रखेगा, हमें आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाएगा।

   हम उस साहसी ओलंपिक विजेता से सीख ले सकते हैं। जब भी संकट आएं, अर्थव्यवस्था लड़खड़ाने लगे, हमें अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति भारी लगने लगे, गैब्बी की बात ध्यान रखें: "परमेश्वर आपको कभी नहीं छोड़ेगा।" यदि हमारा कोई प्रीय रिश्ता टूटने लगे, या अन्य कोई परेशानी आ जाए, स्थिति चाहे कोई भी हो, मसीह यीशु के अनुयायी होने के कारण हमें निश्चय है कि हमारी सहायता कहाँ से आएगी - परमेश्वर हमारा सर्वदा उपलब्ध और हमारे पक्ष में कार्यरत सहायक है। - डेव ब्रैनन


हर परीक्षा और संघर्ष में परमेश्वर हमारे साथ है।

संकट के समय मैं ने यहोवा को पुकारा, और उसने मेरी सुन ली। - भजन 120:1

बाइबल पाठ: भजन 118:1-6
Psalms 118:1 यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि वह भला है; और उसकी करूणा सदा की है! 
Psalms 118:2 इस्राएल कहे, उसकी करूणा सदा की है। 
Psalms 118:3 हारून का घराना कहे, उसकी करूणा सदा की है। 
Psalms 118:4 यहोवा के डरवैये कहें, उसकी करूणा सदा की है। 
Psalms 118:5 मैं ने सकेती में परमेश्वर को पुकारा, परमेश्वर ने मेरी सुन कर, मुझे चौड़े स्थान में पहुंचाया। 
Psalms 118:6 यहोवा मेरी ओर है, मैं न डरूंगा। मनुष्य मेरा क्या कर सकता है?

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 116-118
  • 1 कुरिन्थियों 7:1-19


Sunday, August 23, 2015

उपहार


   सर क्रिस्टोफर रेन ने 17वीं शताब्दी के अन्त के समय में लंडन शहर में 50 से भी अधिक चर्च भवनों का नक्शा और निर्माण किया। उनके चर्च भवन बनाने में दो प्रमुख विशेषताएं थीं, पहली थी कि उनके द्वारा योजनाबद्ध किए हुए चर्च में ऊँचे और नोकीले, मीनार के समान दिखने वाले ढांचे होते थे। दूसरी विशेषता के साथ कुछ गहरा अर्थ जुड़ा हुआ था। रेन को इस बात का दृढ़ निश्चय था कि उनके द्वारा बनाए गए चर्च भवन की खिड़कियों में काँच पारदर्शी और रंगहीन हों, जबकि उन दिनों चर्च में रंगीन और चित्रों को दिखाने वाले काँच लगाने की परंपरा थी। पारदर्शी और रंगविहीन काँच लगाने के पीछे रेन का कारण, रेन ही के शब्दों में था: "मानव जाति के लिए परमेश्वर का सबसे उत्तम उपहार ज्योति है।" रेन चाहते थे कि जब लोग परमेश्वर की आराधना के लिए चर्च में एकत्रित हों तो वे परमेश्वर के उस उपहार, ज्योति, में बैठें और उसका भरपूर उपयोग करें।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में उत्पत्ति की पुस्तक में दिए गए सृष्टि की रचना के वर्णन में सृष्टि की रचना के पहले ही दिन परमेश्वर ने ज्योति को बनाया (उत्पत्ति 1:3)। परमेश्वर द्वारा बनाई गई ज्योति केवल देखने का माध्यम ही नहीं थी, वह उस आने वाली बात का भी प्रतिरूप थी जो बाद में प्रभु यीशु अपने साथ इस पाप के अन्धकार से भरे संसार में लेकर आया। प्रभु यीशु ने अपने बारे में कहा, "तब यीशु ने फिर लोगों से कहा, जगत की ज्योति मैं हूं; जो मेरे पीछे हो लेगा, वह अन्धकार में न चलेगा, परन्तु जीवन की ज्योति पाएगा" (यूहन्ना 8:12)। प्रभु यीशु के अनुयायी के लिए, ज्योति, उसके तथा संसार के मुक्तिदाता के चरित्र को स्मरण करवाने का एक बड़ा और प्रत्यक्ष माध्यम है; पापों के दुषप्रभाव से मिलने वाली उस मुक्ति का जिसके लिए प्रभु यीशु ने अपने प्राण क्रूस पर बलिदान किए थे।

   रेन का मानना बिल्कुल सही था; मानव जाति के लिए परमेश्वर का सबसे बड़ा उपहार ज्योति ही है - प्रभु यीशु, जो जगत की ज्योति है। - बिल क्राउडर


प्रभु यीशु पाप के अन्धकार में पड़े संसार को अनन्त जीवन की ज्योति देने आया।

और दंड की आज्ञा का कारण यह है कि ज्योति जगत में आई है, और मनुष्यों ने अन्धकार को ज्योति से अधिक प्रिय जाना क्योंकि उन के काम बुरे थे। - यूहन्ना 3:19

बाइबल पाठ: यूहन्ना 8:12-20
John 8:12 तब यीशु ने फिर लोगों से कहा, जगत की ज्योति मैं हूं; जो मेरे पीछे हो लेगा, वह अन्धकार में न चलेगा, परन्तु जीवन की ज्योति पाएगा। 
John 8:13 फरीसियों ने उस से कहा; तू अपनी गवाही आप देता है; तेरी गवाही ठीक नहीं। 
John 8:14 यीशु ने उन को उत्तर दिया; कि यदि मैं अपनी गवाही आप देता हूं, तौभी मेरी गवाही ठीक है, क्योंकि मैं जानता हूं, कि मैं कहां से आया हूं और कहां को जाता हूं परन्तु तुम नहीं जानते कि मैं कहां से आता हूं या कहां को जाता हूं। 
John 8:15 तुम शरीर के अनुसार न्याय करते हो; मैं किसी का न्याय नहीं करता। 
John 8:16 और यदि मैं न्याय करूं भी, तो मेरा न्याय सच्चा है; क्योंकि मैं अकेला नहीं, परन्तु मैं हूं, और पिता है जिसने मुझे भेजा। 
John 8:17 और तुम्हारी व्यवस्था में भी लिखा है; कि दो जनों की गवाही मिलकर ठीक होती है। 
John 8:18 एक तो मैं आप अपनी गवाही देता हूं, और दूसरा पिता मेरी गवाही देता है जिसने मुझे भेजा। 
John 8:19 उन्होंने उस से कहा, तेरा पिता कहां है? यीशु ने उत्तर दिया, कि न तुम मुझे जानते हो, न मेरे पिता को, यदि मुझे जानते, तो मेरे पिता को भी जानते। 
John 8:20 ये बातें उसने मन्दिर में उपदेश देते हुए भण्‍डार घर में कहीं, और किसी ने उसे न पकड़ा; क्योंकि उसका समय अब तक नहीं आया था।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 113-115
  • 1 कुरिन्थियों 6


Saturday, August 22, 2015

वचन


   इंटरनैट के इस युग में संगीत से संबंधित एक चमत्कार है पैंडोरा नामक एक प्रोग्राम। इस प्रोग्राम के द्वारा आप अपने लिए अपनी पसन्द के गाने बजाने वाला रेडियो-स्टेशन बना सकते हैं। इसकी कार्यविधि सरल है, पैंडोरा आपके लिए कोई गाना बजाता है, उस गाने को सुनकर आपको अपनी पसन्द के अनुसार उसे स्वीकार या अस्वीकार करना होता है। इस प्रकार आप अपनी पसन्द के गानों का संकलन बना लेते हैं और फिर उसी संकलन के गाने पैंडोरा पर आपके लिए बजते हैं।

   दुर्भाग्यवश हम में से बहुतेरे यही कार्य परमेश्वर के वचन बाइबल के साथ भी करते हैं। हम बाइबल के कुछ ऐसे खण्ड चुन लेते हैं जो हमें पसन्द हैं और शेष को नज़रन्दाज़ कर देते हैं, इस प्रकार हम अपनी पसन्द के अनुसार बाइबल की शिक्षाओं और बातों का संकलन बना लेते हैं, और उन्हीं को ध्यान में रखते हैं। परन्तु भजनकार ने परमेश्वर के वचन को उसके समूचे स्वरूप में आदर दिया; उसने कहा, "तेरा सारा वचन सत्य ही है; और तेरा एक एक धर्ममय नियम सदा काल तक अटल है" (भजन 119:160)। प्रेरित पौलुस ने अपने युवा सहकर्मी तिमुथियुस से कहा, "हर एक पवित्रशास्‍त्र परमेश्वर की प्रेरणा से रचा गया है और उपदेश, और समझाने, और सुधारने, और धर्म की शिक्षा के लिये लाभदायक है। ताकि परमेश्वर का जन सिद्ध बने, और हर एक भले काम के लिये तत्‍पर हो जाए" (2 तिमुथियुस 3:16-17)।

   परमेश्वर का वचन प्रभु यीशु के लिए बहुत महत्वपूर्ण था (मत्ती 5:17-18), परन्तु प्रभु का दृष्टिकोण उस समय के धर्मगुरुओं से भिन्न था; प्रभु उन धर्मगुरुओं के समान परमेश्वर के वचन का केवल ऊपरी रीति से या दिखाने को पालन करने के पक्ष में नहीं था, वरन वह चाहता था कि लोगों के मन उस वचन की गहराई को समझें और वे सच्चे तथा खरे मन से उसका पालन करें; उदाहरणस्वरूप, प्रभु यीशु के लिए परमेश्वर की दस आज्ञाओं में से एक, "तू हत्या न करना" (निर्गमन 20:13) का अर्थ केवल शरीर की हत्या नहीं था, वरन यदि कोई अपने भाई से अकारण क्रुद्ध होकर उसे अपशब्द कहे तो यह भी उसकी हत्या करने के समान ही था (मत्ती 5:21-22)।

   हम जितना अधिक परमेश्वर के वचन को अपनाएंगे, उसका अध्ययन और मनन करेंगे, हम उतना ही अधिक परमेश्वर को जानेंगे और उसका आदर करने पाएंगे, उससे आशीषित होने पाएंगे। - मार्विन विलियम्स


जब भी आप अपनी बाइबल खोलें, उसके रचियेता से प्रार्थना भी करें कि वह आपके हृदय को उसकी सच्चाईयों के लिए खोले।

मैं तेरे पवित्र मन्दिर की ओर दण्डवत करूँगा, और तेरी करुणा और सच्चाई के कारण तेरे नाम का धन्यवाद करूँगा, क्योंकि तू ने अपने वचन को अपने बड़े नाम से अधिक महत्त्व दिया है। - भजन 138:2

बाइबल पाठ: मत्ती 5:17-22
Matthew 5:17 यह न समझो, कि मैं व्यवस्था था भविष्यद्वक्ताओं की पुस्‍तकों को लोप करने आया हूं। 
Matthew 5:18 लोप करने नहीं, परन्तु पूरा करने आया हूं, क्योंकि मैं तुम से सच कहता हूं, कि जब तक आकाश और पृथ्वी टल न जाएं, तब तक व्यवस्था से एक मात्रा या बिन्‍दु भी बिना पूरा हुए नहीं टलेगा। 
Matthew 5:19 इसलिये जो कोई इन छोटी से छोटी आज्ञाओं में से किसी एक को तोड़े, और वैसा ही लोगों को सिखाए, वह स्वर्ग के राज्य में सब से छोटा कहलाएगा; परन्तु जो कोई उन का पालन करेगा और उन्हें सिखाएगा, वही स्वर्ग के राज्य में महान कहलाएगा। 
Matthew 5:20 क्योंकि मैं तुम से कहता हूं, कि यदि तुम्हारी धामिर्कता शास्‍त्रियों और फरीसियों की धामिर्कता से बढ़कर न हो, तो तुम स्वर्ग के राज्य में कभी प्रवेश करने न पाओगे।
Matthew 5:21 तुम सुन चुके हो, कि पूर्वकाल के लोगों से कहा गया था कि हत्या न करना, और जो कोई हत्या करेगा वह कचहरी में दण्‍ड के योग्य होगा। 
Matthew 5:22 परन्तु मैं तुम से यह कहता हूं, कि जो कोई अपने भाई पर क्रोध करेगा, वह कचहरी में दण्‍ड के योग्य होगा: और जो कोई अपने भाई को निकम्मा कहेगा वह महासभा में दण्‍ड के योग्य होगा; और जो कोई कहे “अरे मूर्ख” वह नरक की आग के दण्‍ड के योग्य होगा।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 110-112
  • 1 कुरिन्थियों 5


Friday, August 21, 2015

संभावनाएं


   हम में से बहुतेरे लोग संभावनाओं के आधार पर दैनिक जीवन से संबंधित निर्णय लेते हैं; उदाहरण्स्वरूप, यदि बारिश पड़ने की 20% संभावना है तो उसे नज़रन्दाज़ किया जा सकता है, परन्तु यदि 90% है तो फिर छाता साथ ले लेते हैं। किसी भी बात के होने की जितनी अधिक संभावना होगी, उसके अनुसार ही हमारे निर्णय भी होंगे क्योंकि हम बुद्धिमानी से चुनाव करने तथा हर बात में सफल रहने वाले होना चाहते हैं।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरितों के काम नामक पुस्तक के 12वें अध्याय में एक परिस्थिति दी गई है जिसमें ज़िंदा बचने की संभावना ना के बराबर थी। प्रभु यीशु के चेले पतरस को पकड़वा कर बन्दीगृह में डाला गया था, जहाँ उसे दो पहरेदारों के बीच ज़ंज़ीरों से बान्ध कर रखा गया था, और एक अन्य पहरेदार दरवाज़े पर तैनात था (पद 6)। हाकिम हेरोदेस ने प्रभु यीशु के एक अन्य करीबी चेले और पतरस के साथी याकूब को पहले ही मरवा डाला था, और उसने पतरस को भी इसी उद्देश्य से पकड़वाकर रखा था (पद 1-3)। कोई भी सट्टेबाज़ इस परिस्थिति से पतरस के ज़िंदा निकल आने पर कभी भी सट्टा नहीं लगाता।

   लेकिन पतरस के लिए परमेश्वर की योजना कुछ और ही थी, ऐसी विलक्षण कि पतरस के वे साथी जो उसके बचाने के लिए प्रार्थना कर रहे थे, वे भी एकाएक विश्वास नहीं कर सके (पद 13-16); परमेश्वर पतरस को अद्भुत रीति से बन्दीगृह से ज़िंदा निकाल कर ले आया, और प्रार्थना कर रहे उसके साथियों के बीच ला कर खड़ा कर दिया!

   परमेश्वर संभावनाओं से परे होकर कार्य कर सकता है क्योंकि वह सर्वशक्तिमान है, उसके लिए कुछ भी असंभव नहीं है। वह जिसने हम से प्रेम किया, हमारे लिए अपने प्राण दिए और हमारे उद्धार के लिए मृतकों में से जीवित हो उठा, वही प्रभु हमारे जीवनों का नियंत्रण भी करता है, चाहे वह हमें सफलताओं की भरपूरी में रखे या हमें दुखों का सामना करना पड़े, वह सर्वदा हमारे साथ है, हमारे हित में कार्य कर रहा है। इसलिए सदा विश्वास रखें कि चाहे परिस्थितियाँ अनुकूल हों अथवा प्रतिकूल, परमेश्वर हर परिस्थिति में अपनी सामर्थ प्रकट कर सकता है; चाहे संभावनाएं संभव हों या असंभव, परमेश्वर अपने निर्धारित कार्य निर्विरोध कर सकता है। - डेविड मैक्कैसलैण्ड


पृष्ठभूमि में रहकर भी परमेश्वर सदा नियंत्रण में बना रहता है।

फिर उसने इस के विषय में कि नित्य प्रार्थना करना और हियाव न छोड़ना चाहिए उन से यह दृष्‍टान्‍त कहा। - लूका 18:1

बाइबल पाठ: प्रेरितों 12:1-17
Acts 12:1 उस समय हेरोदेस राजा ने कलीसिया के कई एक व्यक्तियों को दुख देने के लिये उन पर हाथ डाले। 
Acts 12:2 उसने यूहन्ना के भाई याकूब को तलवार से मरवा डाला। 
Acts 12:3 और जब उसने देखा, कि यहूदी लोग इस से आनन्‍दित होते हैं, तो उसने पतरस को भी पकड़ लिया: वे दिन अखमीरी रोटी के दिन थे। 
Acts 12:4 और उसने उसे पकड़ के बन्‍दीगृह में डाला, और रखवाली के लिये, चार चार सिपाहियों के चार पहरों में रखा: इस मनसा से कि फसह के बाद उसे लोगों के साम्हने लाए। 
Acts 12:5 सो बन्‍दीगृह में पतरस की रखवाली हो रही थी; परन्तु कलीसिया उसके लिये लौ लगाकर परमेश्वर से प्रार्थना कर रही थी। 
Acts 12:6 और जब हेरोदेस उसे उन के साम्हने लाने को था, तो उसी रात पतरस दो जंजीरों से बन्‍धा हुआ, दो सिपाहियों के बीच में सो रहा था: और पहरूए द्वार पर बन्‍दीगृह की रखवाली कर रहे थे। 
Acts 12:7 तो देखो, प्रभु का एक स्वर्गदूत आ खड़ा हुआ: और उस कोठरी में ज्योति चमकी: और उसने पतरस की पसली पर हाथ मार के उसे जगाया, और कहा; उठ, फुरती कर, और उसके हाथ से जंजीरें खुलकर गिर पड़ीं। 
Acts 12:8 तब स्वर्गदूत ने उस से कहा; कमर बान्‍ध, और अपने जूते पहिन ले: उसने वैसा ही किया, फिर उसने उस से कहा; अपना वस्‍त्र पहिनकर मेरे पीछे हो ले। 
Acts 12:9 वह निकलकर उसके पीछे हो लिया; परन्तु यह न जानता था, कि जो कुछ स्वर्गदूत कर रहा है, वह सचमुच है, वरन यह समझा, कि मैं दर्शन देख रहा हूं। 
Acts 12:10 तब वे पहिले और दूसरे पहरे से निकलकर उस लोहे के फाटक पर पहुंचे, जो नगर की ओर है; वह उन के लिये आप से आप खुल गया: और वे निकलकर एक ही गली हो कर गए, इतने में स्वर्गदूत उसे छोड़कर चला गया। 
Acts 12:11 तब पतरस ने सचेत हो कर कहा; अब मैं ने सच जान लिया कि प्रभु ने अपना स्वर्गदूत भेज कर मुझे हेरोदेस के हाथ से छुड़ा लिया, और यहूदियों की सारी आशा तोड़ दी।
Acts 12:12 और यह सोचकर, वह उस यूहन्ना की माता मरियम के घर आया, जो मरकुस कहलाता है; वहां बहुत लोग इकट्ठे हो कर प्रार्थना कर रहे थे। 
Acts 12:13 जब उसने फाटक की खिड़की खटखटाई; तो रूदे नाम एक दासी सुनने को आई। 
Acts 12:14 और पतरस का शब्द पहचानकर, उसने आनन्द के मारे फाटक न खोला; परन्तु दौड़कर भीतर गई, और बताया कि पतरस द्वार पर खड़ा है। 
Acts 12:15 उन्होंने उस से कहा; तू पागल है, परन्तु वह दृढ़ता से बोली, कि ऐसा ही है: तब उन्होंने कहा, उसका स्वर्गदूत होगा। 
Acts 12:16 परन्तु पतरस खटखटाता ही रहा: सो उन्होंने खिड़की खोली, और उसे देखकर चकित हो गए। 
Acts 12:17 तब उसने उन्हें हाथ से सैन किया, कि चुप रहें; और उन को बताया, कि प्रभु किस रीति से मुझे बन्‍दीगृह से निकाल लाया है: फिर कहा, कि याकूब और भाइयों को यह बात कह देना; तब निकलकर दूसरी जगह चला गया।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 107-109
  • 1 कुरिन्थियों 4



Thursday, August 20, 2015

स्वरूप और चरित्र


   जब मैं अपने अन्य परिवारजनों के साथ अपने परिवार के लोगों की पुरानी तसवीरें देखती हूँ तो हम अकसर उनकी उन शारीरिक विशेषताओं को लेकर हलक-फुलका मज़ाक करते हैं, जो अब हम में दिखाई देती हैं। सामान्यतः हमारा ध्यान शरीर के विकारों या भद्देपन पर अधिक जाता है, जैसे कि छोटी टाँगें, टेढ़े-मेढ़े दाँत, अव्यवस्थित बाल इत्यादि। हम में से प्रत्येक जन अपने शरीर की कोई ना कोई कुरुपता अपने पूर्वजों में ढ़ूँढ़ ही लेता है और उसके लिए उन्हें ज़िम्मेदार बताता है। लेकिन हमने केवल शरीर के स्वरूप को ही अपने पूर्वजों से नहीं पाया है, हमने उनके स्वभाव को भी किसी ना किसी सीमा तक उन से प्राप्त किया है, बुरे या अरुचिकर स्वभाव को भी, लेकिन हम उन स्वभाव सम्बंधी बातों पर उतना ध्यान नहीं देते हैं जितना शारीरिक स्वरूप पर देते हैं।

   जैसा मैंने ध्यान किया है, लोग शरीर के विकारों और भद्देपन को छुपाने या सुधारने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं - व्यायाम करना, वज़न घटाना, श्रंगार करना, बालों को रंगना आदि। लेकिन ऐसे ही प्रयास वे अपने चरित्र के विकारों को सुधारने के लिए करने की बजाए, उन विकारों को तर्क संगत ठहराने के लिए पूर्वजों से मिले अनुवांषिक बुरे व्यवहार को ज़िम्मेदार बताने तक ही रह जाते हैं। शायद इसलिए क्योंकि शारीरिक स्वरूप को बदलना चरित्र बदलने से अधिक सरल है। लेकिन ज़रा विचार कीजिए, यदि हम अपने चरित्र को सुधारने के लिए मेहनत करें तो हम सब के लिए कितना भला होगा।

   परमेश्वर की सन्तान होने के नाते हम मसीही विश्वासी अपनी आनुवांशिक रचना से बंधे नहीं हैं। हम परमेश्वर के सामने अपनी खामियों को मान कर उन्हें उसके हाथों में सौंप सकते हैं और उससे यह आग्रह कर सकते हैं कि वह हमें सुधारे; हमें बनाते समय जो कुछ उसने हमारे लिए सोचा और ठहराया था उन सब बातों को अपनी इच्छा और योजना के अनुसार हम में पूरा करे, जिससे हम संसार के समक्ष उसके प्रेम की अभिव्यक्ति के अनुपम उदाहरण बन सकें।

   परमेश्वर चाहता है कि हम उसके पुत्र और सारे जगत के उद्धाकर्ता प्रभु यीशु के स्वरूप में हो जाएं, और वह हमें अंश अंश करके उसके स्वरूप में बदलता भी जा रहा है (2 कुरिन्थियों 3:18)। उसे अपना यह कार्य करने की खुली छुट दें, वह आपका स्वरूप और चरित्र दोनों ही निखार देगा। - जूली ऐकैअरमैन लिंक


परमेश्वर का आत्मा हमें परमेश्वर के पुत्र के स्वरूप और चरित्र में ढालता जाता है।

और जैसे हम ने उसका रूप जो मिट्टी का था धारण किया वैसे ही उस स्‍वर्गीय का रूप भी धारण करेंगे। - 1 कुरिन्थियों 15:49

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 3:1-3, 17-18
2 Corinthians 3:1 क्या हम फिर अपनी बड़ाई करने लगे? या हमें कितनों कि नाईं सिफारिश की पत्रियां तुम्हारे पास लानी या तुम से लेनी हैं? 
2 Corinthians 3:2 हमारी पत्री तुम ही हो, जो हमारे हृदयों पर लिखी हुई है, और उसे सब मनुष्य पहिचानते और पढ़ते है। 
2 Corinthians 3:3 यह प्रगट है, कि तुम मसीह की पत्री हो, जिस को हम ने सेवकों की नाईं लिखा; और जो सियाही से नहीं, परन्तु जीवते परमेश्वर के आत्मा से पत्थर की पटियों पर नहीं, परन्तु हृदय की मांस रूपी पटियों पर लिखी है। 
2 Corinthians 3:17 प्रभु तो आत्मा है: और जहां कहीं प्रभु का आत्मा है वहां स्‍वतंत्रता है। 
2 Corinthians 3:18 परन्तु जब हम सब के उघाड़े चेहरे से प्रभु का प्रताप इस प्रकार प्रगट होता है, जिस प्रकार दर्पण में, तो प्रभु के द्वारा जो आत्मा है, हम उसी तेजस्‍वी रूप में अंश अंश कर के बदलते जाते हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 105-106
  • 1 कुरिन्थियों 3


Wednesday, August 19, 2015

प्रतिज्ञा


   कॉलेज की अपनी पढ़ाई के दौरान मैंने एक नर्सिंग होम में भी कार्य किया था। वहाँ भरती लोगों से मेरी बातचीत में कभी ना कभी हर एक मरीज़ ने अपने जीवन के अकेलेपन का और इस बात के एहसास का वर्णन किया कि वे अपने समकालीन लोगों अधिक आयु के हो गए हैं। उन में से अधिकांश यह भी सोचते थे कि उनके इस संसार से जाने के बाद क्या कोई उनको कभी स्मरण करेगा?

   अकेलेपन और भुला दिए जाने की अनुभूति केवल बुज़ुर्गों को ही नहीं होती है। वास्तविकता तो यह है कि परिस्थितियों के कारण, चाहे वे उचित हों या अनुचित, हम में से बहुतेरे अपने आप को जीव्न में कहीं फंसा हुआ और अकेला अनुभव करते हैं। कई बार हम वैसा भी अनुभव करते हैं जैसा परमेश्वर के वचन बाइबल के एक पात्र यूसुफ ने किया था: जबकि उसे स्मरण करने का हर कारण मौजूद था फिर भी लोगों ने उसे स्मरण नहीं रखा।

   बाइबल में उत्पत्ति नामक पुस्तक के 40वें अध्याय में हम यूसुफ के अनुभवों के बारे में पढ़ते हैं; वह अन्यायपूर्ण और अनुचित रीति से कारावास में फंसा पड़ा है। उसके साथ का एक कैदी, जो कभी राजा फिरौन का पिलानेहारा हुआ करता था, यूसुफ की बताई बात के अनुसार वापस फिरौन की सेवा में बहाल कर दिया गया है। यूसुफ ने उससे आग्रह किया था कि जब वह बहाल हो तो फिरौन से उसकी बारे में कहे, परन्तु वह पिलानेहारा यूसुफ को भूल गया।

   कई परिस्थितियों में हमें भी लग सकता है कि सबने हमें भुला दिया है, परमेश्वर ने भी। लेकिन जैसा यूसुफ के साथ हुआ, हमारे साथ भी वही बात है, ना यूसुफ परमेश्वर द्वारा भुलाया गया था (उत्पत्ति 42:9-13) और ना ही हम भुलाए जा सकते हैं। हमारा उद्धारकर्ता प्रभु यीशु परमेश्वर के दाहिने बैठा है, वह परमेश्वर और हमारे बीच में मध्यस्थ है और उसके द्वारा हमारी प्रार्थनाएं बिना रुकावट के परमेश्वर के पास पहुँच रही हैं। जब कभी हम अपने आप को अकेला अनुभव करें तो प्रभु यीशु की प्रतिज्ञा में आश्वस्त हों कि वह सदा हमारे साथ है (मत्ती 28:20) और हमें ना कभी छोड़ेगा और ना कभी त्यागेगा (इब्रानियों 13:5)। - रैन्डी किल्गोर


प्रभु यीशु अपने लोगों को ना कभी छोड़ता है और ना कभी भूलता है।

और उन्हें सब बातें जो मैं ने तुम्हें आज्ञा दी है, मानना सिखाओ: और देखो, मैं जगत के अन्‍त तक सदैव तुम्हारे संग हूं। - मत्ती28:20
तुम्हारा स्‍वभाव लोभरिहत हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा। - इब्रानियों 13:5

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 40:1-14, 23
Genesis 40:1 इन बातों के पश्चात ऐसा हुआ के राजा के पिलानेहारे और पकानेहारे ने अपने स्वामी का कुछ अपराध किया। 
Genesis 40:2 तब फिरौन ने अपने उन दोनो हाकिमों पर, अर्थात पिलानेहारों के प्रधान, और पकानेहारों के प्रधान पर क्रोधित होकर 
Genesis 40:3 उन्हें कैद करा के जल्लादों के प्रधान के घर के उसी बन्दीगृह में, जहां युसुफ बन्धुआ था, डलवा दिया। 
Genesis 40:4 तब जल्लादों के प्रधान ने उनको यूसुफ के हाथ सौंपा, और वह उनकी सेवा टहल करने लगा: सो वे कुछ दिन तक बन्दीगृह में रहे। 
Genesis 40:5 और मिस्त्र के राजा का पिलानेहारा और पकानेहारा जो बन्दीगृह में बन्द थे, उन दोनों ने एक ही रात में, अपने होनेहार के अनुसार, स्वपन देखा। 
Genesis 40:6 बिहान को जब यूसुफ उनके पास अन्दर गया, तब उन पर दृष्टि की, तो क्या देखा, कि वे उदास हैं। 
Genesis 40:7 सो उसने फिरौन के उन हाकिमों से, जो उसके साथ उसके स्वामी के घर के बन्दीगृह में थे, पूछा, कि आज तुम्हारे मुँह क्यों उदास हैं? 
Genesis 40:8 उन्होंने उस से कहा, हम दोनो ने स्वपन देखा है, और उनके फल का बताने वाला कोई भी नहीं। यूसुफ ने उनसे कहा, क्या स्वपनों का फल कहना परमेश्वर का काम नहीं? मुझे अपना अपना स्वपन बताओ। 
Genesis 40:9 तब पिलानेहारों का प्रधान अपना स्वपन यूसुफ को यों बताने लगा: कि मैंने स्वपन में देखा, कि मेरे सामने दाखलता है; 
Genesis 40:10 और उस दाखलता में तीन डालियां हैं: और उसमें मानो कलियां लगी हैं, और वे फूलीं और उसके गुच्छों में दाख लगकर पक गईं: 
Genesis 40:11 और फिरौन का कटोरा मेरे हाथ में था : सो मैंने उन दाखों को लेकर फिरौन के कटोरे में निचोड़ा, और कटोरे को फिरौन के हाथ में दिया। 
Genesis 40:12 यूसुफ ने उस से कहा, इसका फल यह है; कि तीन डालियों का अर्थ तीन दिन है : 
Genesis 40:13 सो अब से तीन दिन के भीतर तेरा सर ऊँचा करेगा, और फिर से तेरे पद पर तुझे नियुक्त करेगा, और तू पहले की नाईं फिरौन का पिलानेहारा होकर उसका कटोरा उसके हाथ में फिर दिया करेगा 
Genesis 40:14 सो जब तेरा भला हो जाए तब मुझे स्मरण करना, और मुझ पर कृपा कर के फिरौन से मेरी चर्चा चलाना, और इस घर से मुझे छुड़वा देना। 
Genesis 40:23 फिर भी पिलानेहारों के प्रधान ने यूसुफ को स्मरण ना रखा; परन्तु उसे भूल गया।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 103-104
  • 1 कुरिन्थियों 2


Tuesday, August 18, 2015

भला


   कभी कभी जब मैं दफतर जाने के लिए बाहर निकलने को होता हूँ, तो मेरी पत्नि मुझे यह कहकर टोक देती है, "आप ऐसे कपड़े पहन कर तो दफतर नहीं जा सकते!" यह मेरे पहने कपड़ों में किसी असंगति के कारण होता है; या तो मेरी टाई, या फिर मेरी पतलून मेरी जैकेट से मेल नहीं खा रही होती है, या ऐसी ही कोई अन्य असंगति उसे दिखाई दे जाती है। यद्यपि पहरावे और फैशन संबंधित चुनावों के बारे में टोका जाना अपमानजनक लग सकता है, लेकिन मैंने अनुभव से यह भी जान लिया है कि मेरी पत्नि का यह सुधार के लिए टोकना मेरे लिए भला ही होता है।

   परमेश्वर का वचन बाइबल हम मसीही विश्वासियों को सदा ऐसे आचरण और व्यवहार को धारण कर लेने के लिए कहती है जो हमारे मसीही विश्वास के अनुरूप हों। जैसे जीवन के कार्यों में कई दफा हम अपने पहने हुए कपड़ों से अपनी पहचान प्रगट करते हैं, वैसे ही हम अपने धारण किए हुए आचरण और व्यवहार से हमारे जीवनों में मसीह यीशु की उपस्थिति को प्रगट करते हैं। प्रेरित पौलुस ने धारण करने के लिए कुछ आचरणों और व्यवहारों की सूची दी है; ये हैं करुणा, भलाई, दीनता, नम्रता और सहनशीलता (कुलुस्सियों 3:12) और इनके अतिरिक्त, प्रेम और परमेश्वर की शान्ति (कुलुस्सियों 3:14-15)।

   प्रभु यीशु के समान आचरण और व्यवहार को धारण कर पाना, प्रभु यीशु के साथ संगति रखने से आरंभ होता है और उसके साथ बिताए गए समय द्वारा परिपक्व होता है। यदि आप कभी प्रभु को आप से कहते सुनें, "आप ऐसे तो संसार के सामने नहीं जा सकते", तो रुक जाएं, उसे अवसर दें कि वह आपके आचरण या व्यवहार में आई असंगित को दूर करे, आपको और अधिक अपनी समानता में बदले। उसे ऐसा करने देना सदा ही आपके भले ही के लिए होगा। - जो स्टोवैल


प्रभु यीशु के आचरण और व्यवहार को धारण किए रहना हमारे जीवनों में बनी हुई उसकी उपस्थिति को दिखाता है।

और इस संसार के सदृश न बनो; परन्तु तुम्हारी बुद्धि के नये हो जाने से तुम्हारा चाल-चलन भी बदलता जाए, जिस से तुम परमेश्वर की भली, और भावती, और सिद्ध इच्छा अनुभव से मालूम करते रहो। - रोमियों 12:2

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 3:12-17
Colossians 3:12 इसलिये परमेश्वर के चुने हुओं की नाईं जो पवित्र और प्रिय हैं, बड़ी करूणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो। 
Colossians 3:13 और यदि किसी को किसी पर दोष देने को कोई कारण हो, तो एक दूसरे की सह लो, और एक दूसरे के अपराध क्षमा करो: जैसे प्रभु ने तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी करो। 
Colossians 3:14 और इन सब के ऊपर प्रेम को जो सिद्धता का कटिबन्‍ध है बान्‍ध लो। 
Colossians 3:15 और मसीह की शान्‍ति जिस के लिये तुम एक देह हो कर बुलाए भी गए हो, तुम्हारे हृदय में राज्य करे, और तुम धन्यवादी बने रहो। 
Colossians 3:16 मसीह के वचन को अपने हृदय में अधिकाई से बसने दो; और सिद्ध ज्ञान सहित एक दूसरे को सिखाओ, और चिताओ, और अपने अपने मन में अनुग्रह के साथ परमेश्वर के लिये भजन और स्‍तुतिगान और आत्मिक गीत गाओ। 
Colossians 3:17 और वचन से या काम से जो कुछ भी करो सब प्रभु यीशु के नाम से करो, और उसके द्वारा परमेश्वर पिता का धन्यवाद करो।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 100-102
  • 1 कुरिन्थियों 1


Monday, August 17, 2015

शान्त समय


   मुझे हमारी पृथ्वी के सागरों पर चन्द्रमा के गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव द्वारा उत्पन्न होने वाले ज्वार और भाटे की लहरों के बारे में सोचकर बड़ा विलक्षण लगता है - पानी में लहरें चाँद के प्रभाव से ऊँची और नीची होती हैं। ज्वार से भाटे में परिवर्तित होते समय एक छोटा सा ऐसा समय होता है जब पानी का स्तर ना तो ऊँचा होता है और ना ही नीचा। वैज्ञानिक कहते हैं कि यह वह समय होता है जब पानी पर कोई ज़ोर नहीं होता; यह ज्वार के पुनः उठने से पहले का शान्त समय होता है।

   जीवन के कार्यों की व्यस्तता में हम अपने आप को विभिन्न आवश्यक ज़िम्मेदारियों के कारण कभी एक ओर तो कभी दूसरी ओर खिंचता हुआ अनुभव करते हैं जो हमारे जीवनों पर प्रभाव डालता है। मसीही सेवकाई में भी यह दिखाई देता है और हमारा प्रभु यीशु इस बात से भली-भांति परिचित था, वह जानता था कि उसके चेलों पर कैसे दबाव पड़ेंगे और उनको विश्राम की आवश्यकता होगी। जब प्रभु के चेले अपने पहले प्रचार और सेवकाई अभियान से वापस लौट कर आए तो उन्होंने बड़े उत्साह के साथ अपने अनुभव प्रभु यीशु को बताए (मरकुस 6:7-13; 30); परन्तु प्रभु यीशु ने उन से कहा, "...तुम आप अलग किसी जंगली स्थान में आकर थोड़ा विश्राम करो; क्योंकि बहुत लोग आते जाते थे, और उन्हें खाने का अवसर भी नहीं मिलता था" (मरकुस 6:31)।

   क्या ज़िम्मेदारियाँ का निर्वाह आपको दबाव में ला रहा है, भिन्न दिशाओं में खींच रहा है? ऐसे में विश्राम करने और थकान को दूर करके अपने शरीर को तरो-ताज़ा करने की योजना बनाना आपके लिए सर्वथा उपयुक्त और उचित है। हमारे शरीरों को इसकी आवश्यकता है और प्रभु यीशु ने इसकी सलाह दी है। जीवन की व्यस्तताओं में से कुछ शान्त समय निकालिए, वहाँ आप प्रभु से मिलें, उससे प्रार्थना में संगति करें,  ऐसा समय आपको ताज़गी देगा, ज़िम्मेदारियों को और भी भली भांति निभाने की सदबुद्धि और सामर्थ देगा। - डेनिस फिशर


परमेश्वर के साथ शान्त समय बिताना, परमेश्वर से ताज़गी पाने का तरीका है।

और भोर को दिन निकलने से बहुत पहिले, वह[प्रभु यीशु] उठ कर निकला, और एक जंगली स्थान में गया और वहां प्रार्थना करने लगा। - मरकुस 1:35

बाइबल पाठ: मरकुस 6:7-13; 30-32
Mark 6:7 और वह बारहों को अपने पास बुलाकर उन्हें दो दो कर के भेजने लगा; और उन्हें अशुद्ध आत्माओं पर अधिकार दिया। 
Mark 6:8 और उसने उन्हें आज्ञा दी, कि मार्ग के लिये लाठी छोड़ और कुछ न लो; न तो रोटी, न झोली, न पटुके में पैसे। 
Mark 6:9 परन्तु जूतियां पहिनो और दो दो कुरते न पहिनो। 
Mark 6:10 और उसने उन से कहा; जहां कहीं तुम किसी घर में उतरो तो जब तक वहां से विदा न हो, तब तक उसी में ठहरे रहो। 
Mark 6:11 जिस स्थान के लोग तुम्हें ग्रहण न करें, और तुम्हारी न सुनें, वहां से चलते ही अपने तलवों की धूल झाड़ डालो, कि उन पर गवाही हो। 
Mark 6:12 और उन्होंने जा कर प्रचार किया, कि मन फिराओ। 
Mark 6:13 और बहुतेरे दुष्टात्माओं को निकाला, और बहुत बीमारों पर तेल मलकर उन्हें चंगा किया। 
Mark 6:30 प्रेरितों ने यीशु के पास इकट्ठे हो कर, जो कुछ उन्होंने किया, और सिखाया था, सब उसको बता दिया। 
Mark 6:31 उसने उन से कहा; तुम आप अलग किसी जंगली स्थान में आकर थोड़ा विश्राम करो; क्योंकि बहुत लोग आते जाते थे, और उन्हें खाने का अवसर भी नहीं मिलता था। 
Mark 6:32 इसलिये वे नाव पर चढ़कर, सुनसान जगह में अलग चले गए।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 97-99
  • रोमियों 16


Sunday, August 16, 2015

नियंत्रित


   जून 2012 में कॉलेरेडो प्रांत में वाल्डो घाटी में स्थित कॉलेरेडो स्प्रिंग्स इलाके के 346 घर आग से जलकर राख हो गए और 18,000 एकड़ से भी अधिक का जंगल नाश हो गया। उस आग को फैलने से रोकने के लिए आग से जल रहे जंगल के चारों ओर आग रोकने वाली सीमा रेखाएं बनाई गईं। जब आग के चारों ओर वे नियंत्रण करने वाली सीमा रेखाएं बन गईं तब यह निश्चित हो गया कि आग अब इससे आगे नहीं फैलेगी और फिर उस आग को बुझाने के प्रयास आरंभ कर दिए गए। उस इलाके के अन्य निवासियों को आग बुझाने वाले दल के अधिकारी ने सूचित किया कि अभी उन्हें आग की लपटें और धुंआ दिखाई देता रहेगा क्योंकि आग सीमित तो कर दी गई है किंतु नियंत्रण में नहीं है और बुझी नहीं है।

   जब हमारा संसार त्रासदी और दुष्टता के कार्यों से हिलाया जाता है, तो हमारे अन्दर उस दिन की लालसा और भी तीव्र हो उठती है जब शैतान और उसकी दुष्टता सदा के लिए नाश कर दी जाएगी, संसार के इतिहास का अन्तिम पन्ना लिख दिया जाएगा और धर्म तथा न्याय के साथ परमेश्वर का अनन्त राज्य स्थापित हो जाएगा। लेकिन वह दिन आने तक परमेश्वर हमें अनुग्रह और सामर्थ प्रदान करता है कि हम उसके राज्य की बाट जोहते हुए, उसके गवाह बन कर उस पर लाए गए विश्वास के उद्देश्यपूर्ण जीवन व्यतीत करें। इस जीवन को जीने से संबंधित कुछ निर्देश हमें परमेश्वर के वचन बाइबल में इब्रानियों की पत्री के 10वें अध्याय में मिलते हैं:
  • हमें सच्चे मन से परमेश्वर के निकट आना है (पद 22);
  • हमें अपनी आशा के अंगीकार को दृढ़ता से थामे रहना है (पद 23);
  • हमें एक दूसरे को प्रेम तथा भले कार्यों के लिए प्रोत्साहित करते रहना है (पद 24);
  • और परमेश्वर के उस दिन को निकट आता देख एक दूसरे को उभारने के लिए एक दूसरे के साथ और भी अधिक सहभागिता रखनी है (पद 25);

   प्रभु यीशु मसीह में होकर परमेश्वर ने सारे संसार के सभी लोगों के पाप क्षमा और उद्धार के लिए शैतान की योजनाओं को नियंत्रित कर दिया है। अब जब तक परमेश्वर उस दुष्टता की आग को सदा के लिए बुझा नहीं देता, हमें उसके अनुग्रह और सामर्थ से प्रभु के पुनःआगमन की बाट जोहते हुए जीवन की परीक्षाओं की लपटों का सामना करना है, क्योंकि उन लपटों से बचाव का मार्ग उसने हमें तैयार कर के दे दिया है। - डेविड मैक्कैसलैण्ड


प्रभु यीशु शीघ्र आने वाला है - संभवतः आज ही!

प्रभु अपनी प्रतिज्ञा के विषय में देर नहीं करता, जैसी देर कितने लोग समझते हैं; पर तुम्हारे विषय में धीरज धरता है, और नहीं चाहता, कि कोई नाश हो; वरन यह कि सब को मन फिराव का अवसर मिले। - 2 पतरस 3:9

बाइबल पाठ: इब्रानियों 10:19-39
Hebrews 10:19 सो हे भाइयो, जब कि हमें यीशु के लोहू के द्वारा उस नए और जीवते मार्ग से पवित्र स्थान में प्रवेश करने का हियाव हो गया है। 
Hebrews 10:20 जो उसने परदे अर्थात अपने शरीर में से हो कर, हमारे लिये अभिषेक किया है, 
Hebrews 10:21 और इसलिये कि हमारा ऐसा महान याजक है, जो परमेश्वर के घर का अधिकारी है। 
Hebrews 10:22 तो आओ; हम सच्चे मन, और पूरे विश्वास के साथ, और विवेक को दोष दूर करने के लिये हृदय पर छिड़काव ले कर, और देह को शुद्ध जल से धुलवा कर परमेश्वर के समीप जाएं। 
Hebrews 10:23 और अपनी आशा के अंगीकार को दृढ़ता से थामें रहें; क्योंकि जिसने प्रतिज्ञा किया है, वह सच्चा है। 
Hebrews 10:24 और प्रेम, और भले कामों में उक्साने के लिये एक दूसरे की चिन्‍ता किया करें। 
Hebrews 10:25 और एक दूसरे के साथ इकट्ठा होना ने छोड़ें, जैसे कि कितनों की रीति है, पर एक दूसरे को समझाते रहें; और ज्यों ज्यों उस दिन को निकट आते देखो, त्यों त्यों और भी अधिक यह किया करो।। 
Hebrews 10:26 क्योंकि सच्चाई की पहिचान प्राप्त करने के बाद यदि हम जान बूझ कर पाप करते रहें, तो पापों के लिये फिर कोई बलिदान बाकी नहीं। 
Hebrews 10:27 हां, दण्‍ड का एक भयानक बाट जोहना और आग का ज्‍वलन बाकी है जो विरोधियों को भस्म कर देगा। 
Hebrews 10:28 जब कि मूसा की व्यवस्था का न मानने वाला दो या तीन जनों की गवाही पर, बिना दया के मार डाला जाता है। 
Hebrews 10:29 तो सोच लो कि वह कितने और भी भारी दण्‍ड के योग्य ठहरेगा, जिसने परमेश्वर के पुत्र को पांवों से रौंदा, और वाचा के लोहू को जिस के द्वारा वह पवित्र ठहराया गया था, अपवित्र जाना है, और अनुग्रह की आत्मा का अपमान किया। 
Hebrews 10:30 क्योंकि हम उसे जानते हैं, जिसने कहा, कि पलटा लेना मेरा काम है, मैं ही बदला दूंगा: और फिर यह, कि प्रभु अपने लोगों का न्याय करेगा। 
Hebrews 10:31 जीवते परमेश्वर के हाथों में पड़ना भयानक बात है।
Hebrews 10:32 परन्तु उन पहिले दिनों को स्मरण करो, जिन में तुम ज्योति पाकर दुखों के बड़े झमेले में स्थिर रहे। 
Hebrews 10:33 कुछ तो यों, कि तुम निन्‍दा, और क्‍लेश सहते हुए तमाशा बने, और कुछ यों, कि तुम उन के साझी हुए जिन की र्दुदशा की जाती थी। 
Hebrews 10:34 क्योंकि तुम कैदियों के दुख में भी दुखी हुए, और अपनी संपत्ति भी आनन्द से लुटने दी; यह जान कर, कि तुम्हारे पास एक और भी उत्तम और सर्वदा ठहरने वाली संपत्ति है। 
Hebrews 10:35 सो अपना हियाव न छोड़ो क्योंकि उसका प्रतिफल बड़ा है। 
Hebrews 10:36 क्योंकि तुम्हें धीरज धरना अवश्य है, ताकि परमेश्वर की इच्छा को पूरी कर के तुम प्रतिज्ञा का फल पाओ। 
Hebrews 10:37 क्योंकि अब बहुत ही थोड़ा समय रह गया है जब कि आने वाला आएगा, और देर न करेगा। 
Hebrews 10:38 और मेरा धर्मी जन विश्वास से जीवित रहेगा, और यदि वह पीछे हट जाए तो मेरा मन उस से प्रसन्न न होगा। 
Hebrews 10:39 पर हम हटने वाले नहीं, कि नाश हो जाएं पर विश्वास करने वाले हैं, कि प्राणों को बचाएं।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 94-96
  • रोमियों 15:14-33


Saturday, August 15, 2015

लंगर


   मैं अपने दो मित्रों के साथ एक झील में मछली पकड़ने के लिए गया हुआ था। हम तीनों एक छोटी नाव में थे, और जहाँ लाकर हमने नाव को झील में रखा था वहाँ मछलियाँ चारा लेने के लिए बहुतायत से आ रही थीं, और हम काँटे पर चारा लगाने और मछली फंसाने में व्यस्त हो गए। कुछ देर में हमने देखा कि चारे पर आने वाली मछलियाँ धीरे धीरे कम होती जा रही हैं; चारों ओर ध्यान से देखने पर हमें कारण पता चल गया - नाव वहाँ नहीं थी जहाँ लाकर हमने उसे रखा था। हुआ यह था कि तेज़ हवा ने नाव को धकेल कर पानी में और आगे कर दिया था, जो लंगर हमने नाव को एक स्थान पर स्थिर करने के लिए डाला था वह नीचे झील के तले में पकड़ नहीं ले पाया था और नाव के साथ खिसक गया था। हमने लंगर को ऊपर उठाया और पुनः उस स्थान पर आ गए जहाँ मछलियाँ बहुतायत से थीं; लेकिन थोड़ी देर में फिर वही हुआ जो पहले हुआ था। हमने एक और बार वापस लौट कर लंगर डाला, लेकिन लंगर नीचे कोई पकड ले नहीं पा रहा था, इसलिए हम वापस किनारे पर लौट आए।

   जब बात हमारे उद्धार की आती है, तो हम मसीही विश्वासियों की आशा परमेश्वर की प्रतिज्ञा तथा प्रभु यीशु मसीह के अटल कार्य पर स्थिर है। शैतान द्वारा हम पर भेजे गए सन्देह, निराशा, आत्मिक आक्रमण आदि के तेज़ झोंके हमारे अन्दर यह विचार उत्पन्न कर सकते हैं कि हमारा जीवन असुरक्षित इधर-उधर हिचकोले ले रहा है, हमारा उद्धार निश्चित नहीं है। लेकिन ऐसा कदापि नहीं है! परमेश्वर ने हमें प्रतिज्ञा दी है कि हमारा उद्धार सुरक्षित है (इब्रानियों 6:18-19) और परमेश्वर कभी झूठ नहीं बोल सकता। हमारी आशा प्रभु यीशु के साथ दृढ़ता से जुड़ी हुई है; उस प्रभु के साथ जिसने अपने बलिदान, क्रूस की मृत्यु, पुनरुत्थान और स्वर्गारोहण के द्वारा एक ही बार सदा-सर्वदा के लिए पाप और पाप के दण्ड से हमारा छुटकारा कर दिया।

   हमारे जीवन और अनन्तकाल का लंगर एक अटल चट्टान - प्रभु यीशु है। उसका असीम प्रेम हमें स्थिर और दृढ़ रीति से थामे रहता है; शैतान का कोई दाँव हमें उसकी निकटता से हिला नहीं सकता। - डेविड एग्नर


हमारा स्थिर लंगर चट्टान प्रभु यीशु है।

क्या ही धन्य वह है, जिसका सहायक याकूब का ईश्वर है, और जिसका भरोसा अपने परमेश्वर यहोवा पर है। वह आकाश और पृथ्वी और समुद्र और उन में जो कुछ है, सब का कर्ता है; और वह अपना वचन सदा के लिये पूरा करता रहेगा। - भजन 146:5-6

बाइबल पाठ: इब्रानियों 6:13-20
Hebrews 6:13 और परमेश्वर ने इब्राहीम को प्रतिज्ञा देते समय जब कि शपथ खाने के लिये किसी को अपने से बड़ा न पाया, तो अपनी ही शपथ खाकर कहा। 
Hebrews 6:14 कि मैं सचमुच तुझे बहुत आशीष दूंगा, और तेरी सन्तान को बढ़ाता जाऊंगा। 
Hebrews 6:15 और इस रीति से उसने धीरज धर कर प्रतिज्ञा की हुई बात प्राप्त की। 
Hebrews 6:16 मनुष्य तो अपने से किसी बड़े की शपथ खाया करते हैं और उन के हर एक विवाद का फैसला शपथ से पक्का होता है। 
Hebrews 6:17 इसलिये जब परमेश्वर ने प्रतिज्ञा के वारिसों पर और भी साफ रीति से प्रगट करना चाहा, कि उसकी मनसा बदल नहीं सकती तो शपथ को बीच में लाया। 
Hebrews 6:18 ताकि दो बे-बदल बातों के द्वारा जिन के विषय में परमेश्वर का झूठा ठहरना अन्‍होना है, हमारा दृढ़ता से ढाढ़स बन्ध जाए, जो शरण लेने को इसलिये दौड़े है, कि उस आशा को जो साम्हने रखी हुई है प्राप्त करें। 
Hebrews 6:19 वह आशा हमारे प्राण के लिये ऐसा लंगर है जो स्थिर और दृढ़ है, और परदे के भीतर तक पहुंचता है। 
Hebrews 6:20 जहां यीशु मलिकिसिदक की रीति पर सदा काल का महायाजक बन कर, हमारे लिये अगुआ की रीति पर प्रवेश हुआ है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 91-93
  • रोमियों 15:1-13


Friday, August 14, 2015

निराशा


   जब मैं कॉलेज मे था तो मैंने कॉलेज के एक ऐसे संगीत दल में सम्मिलित होने के लिए परीक्षण दिया जो स्थान स्थान पर जाकर गीत और भजनों द्वारा प्रभु यीशु की सेवकाई और सुसमाचार प्रचार करता था। मैं इस भ्रमण के अवसर को लेकर बहुत उत्साहित था, किंतु जब परीक्षण के परिणाम आए तो मुझे यह जानकर बहुत निराशा हुई कि मुझे उस संगीत दल का भाग होने के लिए चुना नहीं गया। अपनी इस निराशा में मैं केवल इस विश्वास से सांत्वना पा सका कि परमेश्वर के उद्देश्य मेरे उद्देश्यों से बेहतर और बढ़कर हैं।

   कुछ महीनों के बाद मुझे एक अन्य संगीत दल में सम्मिलित होने का अवसर मिला, लेकिन मेरी इच्छा से भिन्न भूमिका - एक बाइबल शिक्षक के रूप में। आगे चलकर उस समूह के साथ उस भूमिका में सेवकाई करने के जो परिणाम निकलकर आए वे मेरी कलपना से भी कहीं अधिक उत्तम थे। ना केवल भविष्य में चलकर मेरी पत्नि बनने वाली युवती उस समूह का भाग थी, जिसके साथ प्रभु यीशु की सेवकाई करने के कई अवसर मुझे मिले, वरन अगले तीन वर्षों तक मैं अनेक स्थानों पर प्रचार भी करने पाया, जो मेरे लिए मेरी आने वाले सेवकाई के जीवन की तैयारी करने का एक बहुमूल्य अवसर था।

   कई बार हम इस सच्चाई के साथ संघर्ष करते हैं कि परमेश्वर पिता को हमारी आवश्यकताएं सबसे बेहतर पता हैं। हम अकसर यही सोच कर चलते हैं कि जो हम चाहते हैं, जो हमारे विचार हैं वे ही सबसे अच्छे और उचित हैं। लेकिन जब हम परमेश्वर पर भरोसा रख कर सब कुछ उसके हाथों में छोड़ देते हैं, तो उसकी योजनाएं, उसके तरीके हमारे लिए सर्वोत्तम ठहरते हैं और उसकी महिमा के कारण बन जाते हैं। लेकिन यह भी एक सच्चाई है कि ऐसा कहना तब तो सरल होता है जब परिणाम हमारी आशा से बढ़कर अच्छे निकल आएं; परन्तु जब परिणाम सामने ना हों, या कठिनाईयों का समय चल रहा हो, या उस भलाई को देखने के लिए हमें स्वर्ग पहुँचने की प्रतीक्षा करनी पड़े तो यही दृष्टिकोण रख पाना कठिन हो जाता है।

   इसीलिए हमें बुद्धिमान राजा सुलेमान की बात सदा स्मरण रखनी चाहिए: "तू अपनी समझ का सहारा न लेना, वरन सम्पूर्ण मन से यहोवा पर भरोसा रखना। उसी को स्मरण कर के सब काम करना, तब वह तेरे लिये सीधा मार्ग निकालेगा" (नीतिवचन 3:5-6)। - बिल क्राउडर


आज की घटनाओं में निहित परमेश्वर के उद्देश्य शायद कल भी दिखाई ना दें, लेकिन वे होंगे हमारी भलाई ही के लिए।

ऐसा भी मार्ग है, जो मनुष्य को सीधा देख पड़ता है, परन्तु उसके अन्त में मृत्यु ही मिलती है। - नीतिवचन 16:25

बाइबल पाठ: नीतिवचन 3:1-12
Proverbs 3:1 हे मेरे पुत्र, मेरी शिक्षा को न भूलना; अपने हृदय में मेरी आज्ञाओं को रखे रहना; 
Proverbs 3:2 क्योंकि ऐसा करने से तेरी आयु बढ़ेगी, और तू अधिक कुशल से रहेगा। 
Proverbs 3:3 कृपा और सच्चाई तुझ से अलग न होने पाएं; वरन उन को अपने गले का हार बनाना, और अपनी हृदय रूपी पटिया पर लिखना। 
Proverbs 3:4 और तू परमेश्वर और मनुष्य दोनों का अनुग्रह पाएगा, तू अति बुद्धिमान होगा। 
Proverbs 3:5 तू अपनी समझ का सहारा न लेना, वरन सम्पूर्ण मन से यहोवा पर भरोसा रखना। 
Proverbs 3:6 उसी को स्मरण कर के सब काम करना, तब वह तेरे लिये सीधा मार्ग निकालेगा। 
Proverbs 3:7 अपनी दृष्टि में बुद्धिमान न होना; यहोवा का भय मानना, और बुराई से अलग रहना। 
Proverbs 3:8 ऐसा करने से तेरा शरीर भला चंगा, और तेरी हड्डियां पुष्ट रहेंगी। 
Proverbs 3:9 अपनी संपत्ति के द्वारा और अपनी भूमि की पहिली उपज दे देकर यहोवा की प्रतिष्ठा करना; 
Proverbs 3:10 इस प्रकार तेरे खत्ते भरे और पूरे रहेंगे, और तेरे रसकुण्डों से नया दाखमधु उमण्डता रहेगा। 
Proverbs 3:11 हे मेरे पुत्र, यहोवा की शिक्षा से मुंह न मोड़ना, और जब वह तुझे डांटे, तब तू बुरा न मानना, 
Proverbs 3:12 क्योंकि यहोवा जिस से प्रेम रखता है उसको डांटता है, जैसे कि बाप उस बेटे को जिसे वह अधिक चाहता है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 89-90
  • रोमियों 14


Thursday, August 13, 2015

नीची नज़र


   मेरी आँख का एक छोटा ऑपरेशन होने के बाद नर्स ने मुझ से कहा, "दो सपताह तक नज़र नीचे करके मत देखना। तब तक कोई खाना नहीं पकाना और कोई सफाई नहीं करना।" ऑपरेशन के बाद लगे टांकों को भरने के लिए समय चाहिए था, जिस दौरान उन पर कोई ज़ोर नहीं आना था, इसीलिए नर्स ने मुझे ये निर्देश दिए। उन निर्देशों के दूसरे भाग का पालन करना तो आसान था, किंतु पहले भाग का पालन कुछ कठिन था।

   प्रसिद्ध लेखक सी. एस. ल्यूईस ने अपनी पुस्तक Mere Christianity में एक अन्य प्रकार की नीची नज़र के बारे में लिखा, जिसके कारण भी लोगों को परेशानी होती है। उन्होंने कहा, "परमेश्वर में हम एक ऐसी हस्ती के समक्ष आते हैं जो हर बात में, हर रीति से, अपने प्रत्येक विचार में, हम से असीम श्रेष्ठ है...जब तक घमण्ड आपके अन्दर है, आप परमेश्वर को नहीं जान सकते। एक घमण्डी व्यक्ति सदा दूसरों को नीची नज़रों से देखता है, और जब तक नज़र नीची रहेगी आप अपने से ऊपर का कुछ भी देख नहीं सकेंगे।"

   प्रभु यीशु ने, परमेश्वर के मन्दिर में खड़े एक फरीसी (धर्मगुरु) के व्यवहार के दृष्टांत द्वारा यही बात समझाई (लूका 18:9-14)। उस फरीसी को अपने धर्मी होने का घमण्ड था, मन्दिर में खड़ा होकर वह प्रार्थना कर रहा था और उसका घमण्ड उसकी प्रार्थना से प्रकट हो रहा था - उसने परमेश्वर का धन्यवाद किया कि वह अन्य लोगों के समान नहीं था; उसने अन्धेर करने वालों, अन्यायियों, व्यभिचारियों और पास ही खड़े प्रार्थना कर रहे एक महसूल लेने वाले को नीच दृष्टि से देखा और अपने आप को परमेश्वर के समक्ष उन से उत्तम प्रस्तुत किया। इसकी तुलना में उस महसूल लेने वाले ने स्वीकार किया कि वह पापी है और परमेश्वर से क्षमा और दया की प्रार्थना करी। प्रभु यीशु ने बताया कि उस मन्दिर में वह फरीसी नहीं वरन वह महसूल लेने वाला धर्मी ठहराया गया।

   घमण्ड हम सब के लिए एक समस्या हो सकता है। ना हो कि हम दूसरों को नीची नज़रों से देखें, वरन हम सदा परमेश्वर के सम्मुख अपनी नज़रें नीची रखें, अपने मन नम्र बनाए रखें। - ऐनी सेटास


आत्मिक घमण्ड सब प्रकार के घमण्डों से बढ़कर विनाशकारी होता है।

क्योंकि मैं उस अनुग्रह के कारण जो मुझ को मिला है, तुम में से हर एक से कहता हूं, कि जैसा समझना चाहिए, उस से बढ़कर कोई भी अपने आप को न समझे पर जैसा परमेश्वर ने हर एक को परिमाण के अनुसार बांट दिया है, वैसा ही सुबुद्धि के साथ अपने को समझे। - रोमियों 12:3

बाइबल पाठ: लूका 18:9-14
Luke 18:9 और उसने कितनो से जो अपने ऊपर भरोसा रखते थे, कि हम धर्मी हैं, और औरों को तुच्‍छ जानते थे, यह दृष्‍टान्‍त कहा। 
Luke 18:10 कि दो मनुष्य मन्दिर में प्रार्थना करने के लिये गए; एक फरीसी था और दूसरा चुंगी लेने वाला। 
Luke 18:11 फरीसी खड़ा हो कर अपने मन में यों प्रार्थना करने लगा, कि हे परमेश्वर, मैं तेरा धन्यवाद करता हूं, कि मैं और मनुष्यों की नाईं अन्‍धेर करने वाला, अन्यायी और व्यभिचारी नहीं, और न इस चुंगी लेने वाले के समान हूं। 
Luke 18:12 मैं सप्‍ताह में दो बार उपवास करता हूं; मैं अपनी सब कमाई का दसवां अंश भी देता हूं। 
Luke 18:13 परन्तु चुंगी लेने वाले ने दूर खड़े हो कर, स्वर्ग की ओर आंखें उठाना भी न चाहा, वरन अपनी छाती पीट-पीटकर कहा; हे परमेश्वर मुझ पापी पर दया कर। 
Luke 18:14 मैं तुम से कहता हूं, कि वह दूसरा नहीं; परन्तु यही मनुष्य धर्मी ठहराया जा कर अपने घर गया; क्योंकि जो कोई अपने आप को बड़ा बनाएगा, वह छोटा किया जाएगा; और जो अपने आप को छोटा बनाएगा, वह बड़ा किया जाएगा।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 87-88
  • रोमियों 13


Wednesday, August 12, 2015

धन्य आशा


   परमेश्वर के वचन बाइबल में वर्णित संसार के अन्त के बारे में अनेक मनुष्यों द्वारा कही गई अनेक भविष्यवाणियाँ गलत साबित हो चुकी हैं। ये भविष्यवाणियाँ लोगों के मन में भय उत्पन्न करती हैं, उन्हें अस्थिर करती हैं, और जब वे पूरी नहीं होतीं, तो परमेश्वर के वचन के प्रति मन में शक और उपहास भी उत्पन्न करती हैं। लेकिन बाइबल एक ऐसे दिन के बारे में अवश्य बताती है, जिसे "प्रभु का दिन" कहा गया, जिस दिन प्रभु यीशु का पुनःआगमन होगा, अनेक दिल दहला देने वाली घटनाएं घटेंगी और फिर संसार के न्याय का समय भी आएगा; लेकिन यह सब कब होगा? बाइबल बड़ी स्पष्टता से बताती है कि उस दिन के बारे में सिवाय परमेश्वर के और कोई नहीं जानता, इसलिए किसी भी मनुष्य द्वारा उस दिन के विषय में अटकलें लगाना और भविष्यवाणियाँ करना लोगों को धोखा देना है।

   प्रभु का वह दिन एक ऐसा दिन है मसीही विश्वासी जिस की आनन्द के साथ बाट जोह सकते हैं क्योंकि वह दिन उनके लिए अनन्त आशीष और सुख को ले कर आएगा, परन्तु जितनों ने प्रभु यीशु पर विश्वास नहीं किया उनके लिए वह दिन अनन्त काल की पीड़ा के आरंभ का दिन हो जाएगा। उस आने वाले दिन के विषय प्रेरित पतरस हमें बताता है कि हम मसीही विश्वासी कैसे आनन्दमय उद्देश्य के साथ उस दिन की बाट जोह सकते हैं (2 पतरस 3:10-18)। परमेश्वर के वचन का यह खण्ड हमें सिखाता है कि हम कैसे मसीह को महिमा देने वाले जीवन व्यतीत करने के द्वारा स्वर्गीय दृष्टिकोण रख सकते हैं (पद 11)। हम अपने अन्दर परमेश्वर के सम्मुख खड़े होने की तैयारी रख सकते हैं (पद 14), और अपने बाहर की बातों का ध्यान रखते हुए चौकस रह सकते हैं जिससे कि किसी गलत शिक्षा या भ्रम ना फंस जाएं (पद 17)।

   यह सब हम कैसे करने पाएंगे? पतरस इसका मार्ग बताता है: "...हमारे प्रभु, और उद्धारकर्ता यीशु मसीह के अनुग्रह और पहचान में बढ़ते जाओ..." (2 पतरस 3:18)। जब हम परमेश्वर के लिखित वचन के द्वारा अपने चरित्र में उन्नत होते हैं तो हम प्रभु यीशु की, जो परमेश्वर का जीवित वचन है, और भी अधिक निकटता में बढ़ने लगते हैं। परमेश्वर का पवित्र आत्मा परमेश्वर के जीवित तथा लिखित वचन के द्वारा हमारा मार्गदर्शन करता है, हमें खराई से जीना सिखाता है।

   मसीह यीशु के अनुयायियों के लिए प्रभु का वह दिन कोई भयभीत करने वाला दिन नहीं होना चाहिए, क्योंकि उस दिन हमारा प्रभु, हमारा राजा आएगा और सब कुछ जो गलत है उसे सुधार देगा और सच्चे तथा खरे न्याय के साथ राज्य करेगा। हम बड़ी आशा के साथ उस दिन की बाट जोहते हैं; वह हमारी धन्य आशा है (तीतुस 2:13)। - सी. पी. हिया


एक दिन प्रभु यीशु न्याय के साथ राज्य करने के लिए लौट कर अवश्य आएगा।

और उस धन्य आशा की अर्थात अपने महान परमेश्वर और उद्धारकर्ता यीशु मसीह की महिमा के प्रगट होने की बाट जोहते रहें। - तीतुस 2:13 

बाइबल पाठ: 2 पतरस 3:10-18
2 Peter 3:10 परन्तु प्रभु का दिन चोर की नाईं आ जाएगा, उस दिन आकाश बड़ी हड़हड़ाहट के शब्द से जाता रहेगा, और तत्‍व बहुत ही तप्‍त हो कर पिघल जाएंगे, और पृथ्वी और उस पर के काम जल जाऐंगे। 
2 Peter 3:11 तो जब कि ये सब वस्तुएं, इस रीति से पिघलने वाली हैं, तो तुम्हें पवित्र चाल चलन और भक्ति में कैसे मनुष्य होना चाहिए। 
2 Peter 3:12 और परमेश्वर के उस दिन की बाट किस रीति से जोहना चाहिए और उसके जल्द आने के लिये कैसा यत्‍न करना चाहिए; जिस के कारण आकाश आग से पिघल जाएंगे, और आकाश के गण बहुत ही तप्‍त हो कर गल जाएंगे। 
2 Peter 3:13 पर उस की प्रतिज्ञा के अनुसार हम एक नए आकाश और नई पृथ्वी की आस देखते हैं जिन में धामिर्कता वास करेगी।
2 Peter 3:14 इसलिये, हे प्रियो, जब कि तुम इन बातों की आस देखते हो तो यत्‍न करो कि तुम शान्‍ति से उसके साम्हने निष्‍कलंक और निर्दोष ठहरो। 
2 Peter 3:15 और हमारे प्रभु के धीरज को उद्धार समझो, जैसे हमारे प्रिय भाई पौलुस न भी उस ज्ञान के अनुसार जो उसे मिला, तुम्हें लिखा है। 
2 Peter 3:16 वैसे ही उसने अपनी सब पत्रियों में भी इन बातों की चर्चा की है जिन में कितनी बातें ऐसी है, जिनका समझना कठिन है, और अनपढ़ और चंचल लोग उन के अर्थों को भी पवित्र शास्त्र की और बातों की नाईं खींच तान कर अपने ही नाश का कारण बनाते हैं। 
2 Peter 3:17 इसलिये हे प्रियो तुम लोग पहिले ही से इन बातों को जान कर चौकस रहो, ताकि अधर्मियों के भ्रम में फंस कर अपनी स्थिरता को हाथ से कहीं खो न दो। 
2 Peter 3:18 पर हमारे प्रभु, और उद्धारकर्ता यीशु मसीह के अनुग्रह और पहचान में बढ़ते जाओ। उसी की महिमा अब भी हो, और युगानुयुग होती रहे। आमीन।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 84-86
  • रोमियों 12


Tuesday, August 11, 2015

क्षमा


   समाचारों में पहले तो प्रसिद्ध लोगों द्वारा की गई गलतियों को, और फिर उन प्रसिद्ध लोगों की उस गलती के लिए करी गई क्षमा याचना को भी बड़े खुलासे से बयान किया जाता है। गलती करने वाला कोई प्रसिद्ध खिलाड़ी हो सकता है जो नशे की हालत में गाड़ी चलाते हुए पकड़ा गया; या वह कोई राजनेता हो सकता है जिसके द्वारा करा गया कोई अनुचित कार्य उजागर हो गया हो। मनुष्य के हृदय की वास्तविक दशा तो केवल परमेश्वर ही जानता है, लेकिन जब गलतियों के लिए पकड़े जाने पर हम उन लोगों को हिचकिचाते हुए या अटक अटक कर स्पष्टिकरण देते तथा क्षमा याचना करते हुए सुनते हैं तो यह विचार मन में अवश्य आता है कि क्या वे वास्तव में अपनी गलती के लिए शर्मिंदा हैं या उनका वह शोक मात्र औपचारिकता है, केवल उनके पकड़े जाने के कारण किया गया दिखावा है!

   परमेश्वर के वचन बाइबल के एक प्रसिद्ध पात्र, दाऊद द्वारा अपनी गलती के लिए लिखे गए पश्चताप के भजन, भजन 51 को जब हम पढ़ते हैं तो लगता है जैसे दाऊद वास्तव में अपनी गलती के लिए शोकित था। इस भजन में राजा दाऊद, जिसके जीवन में पहले भी अनेक छुपे हुए पाप थे (2 शमूएल 12:1-13; भजन 32:3-5) अपने पाप का सार्वजनिक अंगीकार करता है, और परमेश्वर से दया की भीख माँगता है। दाऊद ने पहचाना कि उसका पाप ना केवल उसकी प्रजा का वरन सबसे बढ़कर परमेश्वर का अपमान है, और केवल परमेश्वर ही है जो उसका न्याय कर सकता है (भजन 51:1-6)। उसने एहसास किया कि उसे परमेश्वर के हाथों से शुद्ध होने की आवश्यकता है (पद 7-10); और इस शुद्धी के मिलने का उत्सव वह सेवा एवं आराधना द्वारा मनाता है (पद 11-17)।

   हम में से कोई नहीं है जिससे जाने या अनजाने में कभी पाप नहीं होता और जो अपने पाप के कारण परमेश्वर की महिमा से चूक नहीं जाता। जब भी हम जीवन में पाप के दबा देने वाल बोझ को अनुभव करें, तो हमें स्मरण करना चाहिए कि हमारे पास परमेश्वर द्वारा पाप के अंगीकार एवं क्षमा द्वारा आशीषित होने का भी मार्ग उपलब्ध है (1 यूहन्ना 1:9)। यह हमारे परमेश्वर पिता की महानता ही है जो हमारे पापों को भी हमारी आत्मिक बढ़ोतरी का मार्ग बना देता है, उन पापों द्वारा हमें उसके प्रेम और सामर्थ को समझ पाने का माध्यम देता है।

   परमेश्वर से सच्चे और समर्पित मन से क्षमा माँगने में कभी ना हिचकिचाएं; उसकी क्षमा सदा उपलब्ध और सदा भली है। - डेव ब्रैनन


अंगीकार का अर्थ है परमेश्वर के साथ अपने पाप के विषय में सहमत होना।

यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है। - 1 यूहन्ना 1:9

बाइबल पाठ: 51
Psalms 51:1 हे परमेश्वर, अपनी करूणा के अनुसार मुझ पर अनुग्रह कर; अपनी बड़ी दया के अनुसार मेरे अपराधों को मिटा दे। 
Psalms 51:2 मुझे भलीं भांति धोकर मेरा अधर्म दूर कर, और मेरा पाप छुड़ाकर मुझे शुद्ध कर! 
Psalms 51:3 मैं तो अपने अपराधों को जानता हूं, और मेरा पाप निरन्तर मेरी दृष्टि में रहता है। 
Psalms 51:4 मैं ने केवल तेरे ही विरुद्ध पाप किया, और जो तेरी दृष्टि में बुरा है, वही किया है, ताकि तू बोलने में धर्मी और न्याय करने में निष्कलंक ठहरे। 
Psalms 51:5 देख, मैं अधर्म के साथ उत्पन्न हुआ, और पाप के साथ अपनी माता के गर्भ में पड़ा।
Psalms 51:6 देख, तू हृदय की सच्चाई से प्रसन्न होता है; और मेरे मन ही में ज्ञान सिखाएगा। 
Psalms 51:7 जूफा से मुझे शुद्ध कर, तो मैं पवित्र हो जाऊंगा; मुझे धो, और मैं हिम से भी अधिक श्वेत बनूंगा। 
Psalms 51:8 मुझे हर्ष और आनन्द की बातें सुना, जिस से जो हडि्डयां तू ने तोड़ डाली हैं वह मगन हो जाएं। 
Psalms 51:9 अपना मुख मेरे पापों की ओर से फेर ले, और मेरे सारे अधर्म के कामों को मिटा डाल।
Psalms 51:10 हे परमेश्वर, मेरे अन्दर शुद्ध मन उत्पन्न कर, और मेरे भीतर स्थिर आत्मा नये सिरे से उत्पन्न कर। 
Psalms 51:11 मुझे अपने साम्हने से निकाल न दे, और अपने पवित्र आत्मा को मुझ से अलग न कर। 
Psalms 51:12 अपने किए हुए उद्धार का हर्ष मुझे फिर से दे, और उदार आत्मा देकर मुझे सम्भाल।
Psalms 51:13 तब मैं अपराधियों को तेरा मार्ग सिखाऊंगा, और पापी तेरी ओर फिरेंगे। 
Psalms 51:14 हे परमेश्वर, हे मेरे उद्धारकर्ता परमेश्वर, मुझे हत्या के अपराध से छुड़ा ले, तब मैं तेरे धर्म का जयजयकार करने पाऊंगा।
Psalms 51:15 हे प्रभु, मेरा मुंह खोल दे तब मैं तेरा गुणानुवाद कर सकूंगा। 
Psalms 51:16 क्योंकि तू मेलबलि से प्रसन्न नहीं होता, नहीं तो मैं देता; होमबलि से भी तू प्रसन्न नहीं होता। 
Psalms 51:17 टूटा मन परमेश्वर के योग्य बलिदान है; हे परमेश्वर, तू टूटे और पिसे हुए मन को तुच्छ नहीं जानता।
Psalms 51:18 प्रसन्न हो कर सिय्योन की भलाई कर, यरूशलेम की शहरपनाह को तू बना, 
Psalms 51:19 तब तू धर्म के बलिदानों से अर्थात सर्वांग पशुओं के होमबलि से प्रसन्न होगा; तब लोग तेरी वेदी पर बैल चढ़ाएंगे।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 81-83
  • रोमियों 11:19-36