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Sunday, July 31, 2016

जैसा मैं हूँ


   मैं एक संगीत-समारोह में गई हुई थी, और संगीत मण्डली के अगुवे ने जो गीत वे गाने वाले थे: "Just as I am" (जैसा मैं हूँ) का परिचय दिया ही था। इस गीत के बारे में सुनकर मेरे मन में कई सुखद यादें आ गईं। मुझे याद आया कि हमारे चर्च में जब पादरी अपने सन्देश के अन्त में उपस्थित लोगों से आवाहन करते थे कि जिन्होंने अपने पापों की क्षमा के लिए प्रभु यीशु को स्वीकार किया है, वे प्रार्थना के लिए आगे आएं, तो लोगों के आगे आने के समय में हम यही गीत गाया करते थे।

   लेकिन उस संगीत मण्डली के अगुवे ने हमारे द्वारा इस गीत को गाने के एक और समय का भी सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि वे सोचते हैं कि जब उनका देहान्त होगा और वे प्रभु यीशु के साथ रहने के लिए स्वर्ग पहुँचेंगे, तो प्रभु के महान अनुग्रह और क्षमा के प्रति धन्यवाद के लिए भी वे यही गीत गाएंगे:
जैसा मैं हूँ, बगैर एक बात,
पर तेरे लहू से है हयात,
अब तेरे नाम से है नजात,
मसीह, मसीह मैं आता हूँ

   यह गीत छार्लेट ईलियट नामक एक महिला ने लिखा था। इस गीत के लिखने से कई वर्ष पहले उसने एक पादरी से पूछा था कि वह कैसे प्रभु यीशु को पा सकती है? उस पादरी ने उसे उत्तर दिया था, "आप जैसी भी हैं बस प्रभु को अपनाकर उस के पास आ जाईए"; और वह आ गई थी। बाद में बीमारी की एक निराशाजनक हालत में उन्होंने उस दिन अपने मसीह यीशु के पास आने और उससे अपने पापों की क्षमा पाने के अनुभव को इस गीत में उतारा था।

   परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बताती है कि प्रभु यीशु हमें प्रोत्साहित करता है कि हम उसके खोजी बनें, "जब तक यहोवा मिल सकता है तब तक उसकी खोज में रहो, जब तक वह निकट है तब तक उसे पुकारो" (यशायाह 55:6); वह हमें पुकारता है: "अहो सब प्यासे लोगो, पानी के पास आओ;....कान लगाओ, और मेरे पास आओ; सुनो, तब तुम जीवित रहोगे" (पद 1, 3)।

   प्रभु यीशु की मृत्यु और पुनरुत्थान के द्वारा मिले उद्धार के मार्ग के द्वारा आज, कभी भी, हम जैसे भी हों, जिस भी स्थिति में हों, हम उसके पास आ सकते हैं; और फिर एक दिन हम उसके पास स्वर्ग में जाएंगे, उसके साथ अनन्तकाल तक आनन्दित तथा मग्न रहने के लिए।

   क्या आपने प्रभु यीशु के पास आने का यह निर्णय ले लिया है? क्या आपने प्रभु से कहा है "जैसा मैं हूँ, बगैर एक बात,....मसीह मैं आता हूँ"? - ऐनी सेटास


और आत्मा, और दुल्हिन दोनों कहती हैं, आ; और सुनने वाला भी कहे, कि आ; 
और जो प्यासा हो, वह आए और जो कोई चाहे वह जीवन का जल सेंत-मेंत ले। - प्रकाशितवाक्य 22:17

क्या मेरा घराना ईश्वर की दृष्टि में ऐसा नहीं है? उसने तो मेरे साथ सदा की एक ऐसी वाचा बान्धी है, जो सब बातों में ठीक की हुई और अटल भी है। क्योंकि चाहे वह उसको प्रगट न करे, तौभी मेरा पूर्ण उद्धार और पूर्ण अभिलाषा का विषय वही है। - 2 शमूएल 23:5

बाइबल पाठ: यशायाह 55:1-7
Isaiah 55:1 अहो सब प्यासे लोगों, पानी के पास आओ; और जिनके पास रूपया न हो, तुम भी आकर मोल लो और खाओ! दाखमधु और दूध बिन रूपए और बिना दाम ही आकर ले लो। 
Isaiah 55:2 जो भोजनवस्तु नहीं है, उसके लिये तुम क्यों रूपया लगाते हो, और, जिस से पेट नहीं भरता उसके लिये क्यों परिश्रम करते हो? मेरी ओर मन लगाकर सुनो, तब उत्तम वस्तुएं खाने पाओगे और चिकनी चिकनी वस्तुएं खाकर सन्तुष्ट हो जाओगे। 
Isaiah 55:3 कान लगाओ, और मेरे पास आओ; सुनो, तब तुम जीवित रहोगे; और मैं तुम्हारे साथ सदा की वाचा बान्धूंगा अर्थात दाऊद पर की अटल करूणा की वाचा। 
Isaiah 55:4 सुनो, मैं ने उसको राज्य राज्य के लोगों के लिये साक्षी और प्रधान और आज्ञा देने वाला ठहराया है। 
Isaiah 55:5 सुन, तू ऐसी जाति को जिसे तू नहीं जानता बुलाएगा, और ऐसी जातियां जो तुझे नहीं जानतीं तेरे पास दौड़ी आएंगी, वे तेरे परमेश्वर यहोवा और इस्राएल के पवित्र के निमित्त यह करेंगी, क्योंकि उसने तुझे शोभायमान किया है।
Isaiah 55:6 जब तक यहोवा मिल सकता है तब तक उसकी खोज में रहो, जब तक वह निकट है तब तक उसे पुकारो; 
Isaiah 55:7 दुष्ट अपनी चालचलन और अनर्थकारी अपने सोच विचार छोड़कर यहोवा ही की ओर फिरे, वह उस पर दया करेगा, वह हमारे परमेश्वर की ओर फिरे और वह पूरी रीति से उसको क्षमा करेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 54-56
  • रोमियों 3


Saturday, July 30, 2016

पहचान चिन्ह


   आयरलैण्ड के पश्चिमी तट के निकट एरन द्वीप-समूह है जो अपने खूबसूरत ऊनी स्वेटरों के लिए प्रसिद्ध है। उन स्वेटरों को बनाते समय भेड़ के ऊन के द्वारा ही नमूने स्वेटरों में बुन दिए जाते हैं। इन में से कई नमूने वहाँ की संस्कृति और पारंपरिक बातों पर आधारित होते हैं, लेकिन कुछ अन्य नमूने विशिष्ट एवं व्यक्तिगत होते हैं। उन द्वीपों में बसने वाले प्रत्येक परिवार के अपने ही विशिष्ट पहचान चिन्ह (ट्रेडमार्क) होते हैं, जो परस्पर इतने भिन्न होते हैं कि कहा जाता है कि वहाँ यदि कोई मछुआरा डूब कर मर भी जाए तो उसके पहने हुए स्वेटर से उसके परिवार का पता चल सकता है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित यूहन्ना द्वारा लिखी गई उसकी प्रथम पत्री में भी परमेश्वर के घराने के लोगों, अर्थात मसीही विश्वासियों के कुछ पहचान चिन्ह दिए गए हैं। 1 यूहन्ना 3:1 में प्रेरित यूहन्ना इस बात को सुनिश्चित करता है कि हम मसीही विश्वासी परमेश्वर के घराने के लोग हैं: "देखो पिता ने हम से कैसा प्रेम किया है, कि हम परमेश्वर की सन्तान कहलाएं, और हम हैं भी: इस कारण संसार हमें नहीं जानता, क्योंकि उसने उसे भी नहीं जाना"; फिर वह परमेश्वर की सन्तान कहलाए जाने वाले लोगों के पहचान चिन्ह बताता है, जिन में से एक है, "हे प्रियों, हम आपस में प्रेम रखें; क्योंकि प्रेम परमेश्वर से है: और जो कोई प्रेम करता है, वह परमेश्वर से जन्मा है; और परमेश्वर को जानता है" (1 यूहन्ना 4:7)।

   क्योंकि प्रेम परमेश्वर से है, इसलिए परमेश्वर के हृदय को प्रतिबिंबित करने का मुख्य तरीका है उस प्रेम को प्रदर्शित करना जो परमेश्वर का प्रमुख गुण है। क्योंकि यह प्रेम हम मसीही विश्वासियों के स्वर्गीय परिवार का पहचान चिन्ह है, इसलिए होने दें कि आज आप इस पहचान चिन्ह को अपने जीवन से प्रदर्शित करें और दूसरों तक इसे पहुँचाने का माध्यम बनें। - बिल क्राउडर


मसीह यीशु के अनुयायियों में प्रेम ही पहचान चिन्ह के रूप में संसार को दिखाई देना चाहिए।

मैं तुम्हें एक नई आज्ञा देता हूं, कि एक दूसरे से प्रेम रखो: जैसा मैं ने तुम से प्रेम रखा है, वैसा ही तुम भी एक दुसरे से प्रेम रखो। यदि आपस में प्रेम रखोगे तो इसी से सब जानेंगे, कि तुम मेरे चेले हो। - यूहन्ना 13:34-35

बाइबल पाठ: 1 यूहन्ना 4:7-16
1 John 4:7 हे प्रियों, हम आपस में प्रेम रखें; क्योंकि प्रेम परमेश्वर से है: और जो कोई प्रेम करता है, वह परमेश्वर से जन्मा है; और परमेश्वर को जानता है। 
1 John 4:8 जो प्रेम नहीं रखता, वह परमेश्वर को नहीं जानता है, क्योंकि परमेश्वर प्रेम है। 
1 John 4:9 जो प्रेम परमेश्वर हम से रखता है, वह इस से प्रगट हुआ, कि परमेश्वर ने अपने एकलौते पुत्र को जगत में भेजा है, कि हम उसके द्वारा जीवन पाएं। 
1 John 4:10 प्रेम इस में नहीं कि हम ने परमेश्वर ने प्रेम किया; पर इस में है, कि उसने हम से प्रेम किया; और हमारे पापों के प्रायश्‍चित्त के लिये अपने पुत्र को भेजा। 
1 John 4:11 हे प्रियो, जब परमेश्वर ने हम से ऐसा प्रेम किया, तो हम को भी आपस में प्रेम रखना चाहिए। 
1 John 4:12 परमेश्वर को कभी किसी ने नहीं देखा; यदि हम आपस में प्रेम रखें, तो परमेश्वर हम में बना रहता है; और उसका प्रेम हम में सिद्ध हो गया है। 
1 John 4:13 इसी से हम जानते हैं, कि हम उस में बने रहते हैं, और वह हम में; क्योंकि उसने अपने आत्मा में से हमें दिया है। 
1 John 4:14 और हम ने देख भी लिया और गवाही देते हैं, कि पिता ने पुत्र को जगत का उद्धारकर्ता कर के भेजा है। 
1 John 4:15 जो कोई यह मान लेता है, कि यीशु परमेश्वर का पुत्र है: परमेश्वर उस में बना रहता है, और वह परमेश्वर में। 
1 John 4:16 और जो प्रेम परमेश्वर हम से रखता है, उसको हम जान गए, और हमें उस की प्रतीति है; परमेश्वर प्रेम है: जो प्रेम में बना रहता है, वह परमेश्वर में बना रहता है; और परमेश्वर उस में बना रहता है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 51-53
  • रोमियों 2


Friday, July 29, 2016

मार्ग


   फ्रांस में नौरमैन्डी के समुद्र-तट से करीब आधा मील दूर स्थित मॉन्ट सेंट-माईकल टापू है जिस पर एक मठ बना है। सदियों से यह स्थान धार्मिक तीर्थयात्रियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है। जब तक वहाँ पहुँचने का मार्ग नहीं बन गया, उस टापू तक जाना खतरनाक रहा, और वहाँ पहुँचने के प्रयासों में कुछ तीर्थयात्रियों की जान भी जा चुकी है। जब समुद्र में ज्वार होता है तो वह टापू पानी से घिरा रहता है, और जब भाटा होता है तो टापू के आस-पास उबड़-खाबड़ रेत फैली होती है। उस मार्ग के बन जाने से पहले, उस टापू तक पहुँचना भय से भरा होता था।

   पुराने नियम के समय के यहूदियों के लिए परमेश्वर तक पहुँचना भी भय से भरा होता था। जब परमेश्वर ने अपनी आज्ञाएं दीं तो उसकी आवाज़ के भीषण गर्जन के कारण वे यहूदी लोग उसके समीप आने से डरने लगे (निर्गमन 19:10-16)। जब महायाजक के माध्यम से परमेश्वर तक पहुँचने का मार्ग मिला तो भी कुछ अनुष्ठान और विधियाँ पूरी करे बिना यह संभव नहीं था (लैव्यवस्था 16:1-34)। परमेश्वर की पवित्र उपस्थिति के प्रतीक वाचा के सन्दूक को गलती से भी छू लेना, मृत्यु का कारण बन सकता था (2 शमूएल 6:7-8)।

   किंतु प्रभु यीशु के बलिदान और मृतकों में से पुनरुत्थान के द्वारा आज हमारे लिए परमेश्वर तक निर्भीक होकर पहुँचने का मार्ग तैयार और उपलब्ध है। प्रभु यीशु के बलिदान ने समस्त मानव जाति के पापों के दण्ड की कीमत चुका दी है; प्रभु में लाए गए विश्वास के द्वारा किसी भी मसीही विश्वासी को अपने पापों के दण्ड को भोगने की कोई आवश्यकता नहीं रह गई है; अब प्रभु यीशु के सभी विश्वासियों को परमेश्वर की उपस्थिति में निमंत्रण है: "इसलिये आओ, हम अनुग्रह के सिंहासन के निकट हियाव बान्‍धकर चलें, कि हम पर दया हो, और वह अनुग्रह पाएं, जो आवश्यकता के समय हमारी सहायता करे" (इब्रानियों 4:16)।

   प्रभु यीशु मसीह में सभी मनुष्यों के लिए कभी भी, कहीं भी प्रार्थना में परमेश्वर की उपस्थिति में आने का मार्ग तैयार और उपलब्ध हो गया है। - डेनिस फिशर


प्रभु यीशु के नाम से करी गई प्रार्थना के द्वारा प्रमेश्वर पिता तक हमारी तात्कालिक पहुँच होती है।

और उसने आकर तुम्हें जो दूर थे, और उन्हें जो निकट थे, दानों को मेल-मिलाप का सुसमाचार सुनाया। क्योंकि उस ही के द्वारा हम दोनों की एक आत्मा में पिता के पास पंहुच होती है। - इफिसियों 2:17-18

बाइबल पाठ: इब्रानियों 4:14-16; 10:19-22
Hebrews 4:14 सो जब हमारा ऐसा बड़ा महायाजक है, जो स्‍वर्गों से हो कर गया है, अर्थात परमेश्वर का पुत्र यीशु; तो आओ, हम अपने अंगीकार को दृढ़ता से थामें रहे। 
Hebrews 4:15 क्योंकि हमारा ऐसा महायाजक नहीं, जो हमारी निर्बलताओं में हमारे साथ दुखी न हो सके; वरन वह सब बातों में हमारी नाईं परखा तो गया, तौभी निष्‍पाप निकला। 
Hebrews 4:16 इसलिये आओ, हम अनुग्रह के सिंहासन के निकट हियाव बान्‍धकर चलें, कि हम पर दया हो, और वह अनुग्रह पाएं, जो आवश्यकता के समय हमारी सहायता करे।
Hebrews 10:19 सो हे भाइयो, जब कि हमें यीशु के लोहू के द्वारा उस नए और जीवते मार्ग से पवित्र स्थान में प्रवेश करने का हियाव हो गया है। 
Hebrews 10:20 जो उसने परदे अर्थात अपने शरीर में से हो कर, हमारे लिये अभिषेक किया है, 
Hebrews 10:21 और इसलिये कि हमारा ऐसा महान याजक है, जो परमेश्वर के घर का अधिकारी है। 
Hebrews 10:22 तो आओ; हम सच्चे मन, और पूरे विश्वास के साथ, और विवेक को दोष दूर करने के लिये हृदय पर छिड़काव ले कर, और देह को शुद्ध जल से धुलवा कर परमेश्वर के समीप जाएं।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 49-50
  • रोमियों 1


Thursday, July 28, 2016

साहस एवं प्रोत्साहन


   मैं, एटलान्टा कॉन्सटिट्यूशन नामक अखबार के 1960 से 1968 तक रहे संपादक, तथा अपने श्रेष्ठ कार्य के लिए पुलिट्ज़र पुरुस्कार प्राप्त करने वाले यूजीन पैटरसन के देहांत पर उनके बारे छपे लेख को पढ़ रहा था। उनके जीवन की दो बातों ने मुझे बहुत प्रभावित किया; पहली यह कि कई वर्षों तक ऐसे समय में जब रंग के आधार पर अमेरिका के उस क्षेत्र में सभी मनुष्यों की समानता का कड़ा विरोध किया जा रहा था, वे मानव-अधिकारों की अडिग निर्भीक आवाज़ बने रहे; और दूसरा यह कि दिन-प्रतिदिन, वर्ष-प्रतिवर्ष, 8 वर्षों तक वे अखबार में अपना स्तंभ छापते रहे, अर्थात उन्होंने 2922 स्तंभ लिखे और प्रकाशित किए। साहस और अटलता उनके जीवन द्वारा प्रभावित करने वाले मुख्य गुण रहे।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भी हम प्रेरित पौलुस में ऐसे ही साहस और अटलता के गुण देखते हैं। प्रेरितों के कार्य 13-28 में, हम एक के बाद एक विषम परिस्थिति तथा कठिनाई में भी प्रदर्शित पौलुस के साहस को देखते हैं। जब उसे रोमी सम्राट कैसर के सामने मुकदमे में खड़े होने के लिए जल-पोत से रोम ले जाया जा रहा था, तो वह पोत क्षतिग्रस्त हो गया और पौलुस को रोम के दक्षिण में उतरना पड़ा, जहाँ कई मसीही विश्वासी भाई उससे मिलने आए (प्रेरितों 28:11-15)। लूका लिखता है कि, "वहां से भाई हमारा समाचार सुनकर अप्‍पियुस के चौक और तीन-सराए तक हमारी भेंट करने को निकल आए जिन्हें देखकर पौलुस ने परमेश्वर का धन्यवाद किया, और ढाढ़स बान्‍धा" (पद 15)। अगले दो वर्षों तक वह अपने मुकदमे की प्रतीक्षा में बन्दी बनकर रहा, किंतु उसे अपना ही घर किराए पर लेकर रहने की अनुमति मिल गई, "और वह पूरे दो वर्ष अपने भाड़े के घर में रहा। और जो उसके पास आते थे, उन सब से मिलता रहा और बिना रोक टोक बहुत निडर हो कर परमेश्वर के राज्य का प्रचार करता और प्रभु यीशु मसीह की बातें सिखाता रहा" (पद 30-31)।

   प्रभु यीशु मसीह का प्रत्येक अनुयायी, पौलुस के समान ही साहस तथा प्रोत्साहन को पाने और देने वाला हो सकता है; साहस और प्रोत्साहन के अपने आधार प्रभु यीशु मसीह के बारे में बताने वाला बन सकता है। आज हम जहाँ भी हैं, जिन भी परिस्थितियों में हैं, प्रभु परमेश्वर हमें वहीं अन्य लोगों के साहस एवं प्रोत्साहन के लिए इस्तेमाल कर सकता है। - डेविड मैक्ककैसलैंड



जब लोग आपके साथ अपने भय बाँटें, 
तो साहस के अपने आधार को उनके साथ बाँटने के द्वारा उन्हें प्रोत्साहित करें।

तुम मेरी सी चाल चलो जैसा मैं मसीह की सी चाल चलता हूं। हे भाइयों, मैं तुम्हें सराहता हूं, कि सब बातों में तुम मुझे स्मरण करते हो: और जो व्यवहार मैं ने तुम्हें सौंप दिए हैं, उन्हें धारण करते हो। - 1 कुरिन्थियों 11:1-2

बाइबल पाठ: प्रेरितों 28:11-31
Acts 28:11 तीन महीने के बाद हम सिकन्‍दिरया के एक जहाज पर चल निकले, जो उस टापू में जाड़े भर रहा था; और जिस का चिन्ह दियुसकूरी था। 
Acts 28:12 सुरकूसा में लंगर डाल कर के हम तीन दिन टिके रहे। 
Acts 28:13 वहां से हम घूमकर रेगियुम में आए: और एक दिन के बाद दक्खिनी हवा चली तब हम दुसरे दिन पुतियुली में आए। 
Acts 28:14 वहां हम को भाई मिले, और उन के कहने से हम उन के यहां सात दिन तक रहे; और इस रीति से रोम को चले। 
Acts 28:15 वहां से भाई हमारा समाचार सुनकर अप्‍पियुस के चौक और तीन-सराए तक हमारी भेंट करने को निकल आए जिन्हें देखकर पौलुस ने परमेश्वर का धन्यवाद किया, और ढाढ़स बान्‍धा।
Acts 28:16 जब हम रोम में पहुंचे, तो पौलुस को एक सिपाही के साथ जो उस की रखवाली करता था, अकेले रहने की आज्ञा हुई।
Acts 28:30 और वह पूरे दो वर्ष अपने भाड़े के घर में रहा। 
Acts 28:31 और जो उसके पास आते थे, उन सब से मिलता रहा और बिना रोक टोक बहुत निडर हो कर परमेश्वर के राज्य का प्रचार करता और प्रभु यीशु मसीह की बातें सिखाता रहा।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 46-48
  • प्रेरितों 28


Wednesday, July 27, 2016

दृष्टिकोण


   बसन्त ऋतु की छुट्टियों में जेसन अमेरिका के न्यू यॉर्क शहर घूमने के लिए गया। एक दोपहर वह और उसके दोस्त कार में बैठकर न्यू योर्क की प्रसिद्ध गगनचुंबी इमारत एम्पायर स्टेट बिल्डिंग देखने गए। एम्पायर स्टेट बिलडिंग तक की वह कार यात्रा, शहर के रास्ते और उन रास्तों पर चल रहे लोगों तथा गाड़ियों के कारण वह शहर जेसन को अव्यवस्थित और खतरनाक लगा। लेकिन जब उसने इमारत के ऊपर पहुँचकर उस ऊँचाई से नीचे फैले न्य़ू यॉर्क शहर को देखा तो उसे उस शहर के निर्माण तथा उसके मार्गों की बनावट में अव्यवस्था नहीं वरन चकित कर देने वाली योजनाबद्ध व्यवस्था दिखाई दी। परिपेक्ष के बदले जाने से शहर के प्रति जेसन के दृष्टिकोण में बहुत बड़ा परिवर्तन आ गया।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भी हम हबक्कूक के जीवन में भी हम कुछ ऐसा ही देखते हैं। जब हबक्कूक ने पृथ्वी पर के अपने दृष्टिकोण से जीवन को देखा, तो उसे प्रतीत हुआ कि समाज में व्याप्त बुराई के प्रति परमेश्वर उदासीन है (हबक्कूक 1:2-4)। लेकिन परमेश्वर ने हबक्कूक को ईश्वरीय दृष्टिकोण प्रदान किया, और वह देखने पाया कि जीवन जैसा दिखाई पड़ता है, उससे बहुत आगे और भी कुछ है; तथा मनुष्य के कार्य परमेश्वर की योजनाओं को विफल नहीं कर सकते (हबक्कूक 2:3)।

   हमें प्रतीत हो सकता है कि जो परमेश्वर की परवाह भी नहीं करते वे फलते-फूलते हैं; किंतु समयानुसार परमेश्वर प्रत्येक बात और बुराई को ठीक कर देगा। जो कुछ भी हो रहा है उसमें भी परमेश्वर अपनी सार्वभौमिकता में होकर कार्य कर रहा है जिससे उसकी भली योजनाएं पूरी हो जाएं। परमेश्वर के कार्य कभी अधूरे नहीं रहते, कभी टल नहीं सकते और अपने नियोजित समयानुसार पूरे भी होंगे (पद 3)।

   हम अपने जीवनों में जिस स्थान पर खड़े हैं वहाँ से जीवन का विहंगम दृश्य तो नहीं देख सकते, किंतु परमेश्वर हम सबके समस्त जीवन के बारे में सब कुछ देखता और जानता है; इसलिए हमें जो दिखाई देता है उसके आधार पर नहीं वरन प्रभु परमेश्वर पर लाए गए अपने विश्वास के आधार पर हमें अपने