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शुक्रवार, 4 मार्च 2016

पक्षपात


   न्यूज़वीक पत्रिका द्वारा सन 2010 में किए गए एक सर्वेक्षण से कुछ चौंका देने वाले आँकड़े सामने आए। इस सर्वेक्षण के अनुसार, लोगों को काम के लिए चुनने और रखने वाले प्रबंधकों में से 57% का मानना था कि देखने में अनाकर्षक व्यक्ति का नौकरी के लिए चुने जाना कठिन था चाहे वह उस कार्य के लिए योग्य शिक्षा रखता हो; 84% प्रबंधकों का मानना था कि उनके अधिकारी अपने से बड़ी उम्र के व्यक्ति को नौकरी के लिए चुनने में आनाकानी करेंगे और 64% का मानना था कि कंपनियों को नौकरी के लिए लोगों के रूप-रंग के अनुसार चुनने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। ये सभी अनुचित और अस्वीकारीय पक्षपात के उदाहरण हैं।

   पक्षपात कोई नई बात नहीं है, और शायद ही कोई स्थान हो जहाँ यह किसी ना किसी रूप में ना मिलता हो। पक्षपात मसीही विश्वासियों की आरंभिक मण्डली में भी दिखाई देने लगा था और प्रभु यीशु के अनुयायी तथा मण्डली के अगुवे याकूब ने इसका सीधे-सीधे सामना किया। एक पास्टर के संवेदनशील हृदय और मण्डली के भविष्य का ध्यान रखते हुए याकूब ने लिखा, "हे मेरे भाइयों, हमारे महिमायुक्त प्रभु यीशु मसीह का विश्वास तुम में पक्षपात के साथ न हो" (याकूब 2:1) और इस पक्षपात का उदाहरण भी दिया: गरीबों की अवहेलना करना और धनी व्यक्तियों का पक्ष लेना (पद 2-4)। याकूब ने समझाया कि ऐसा करना प्रभु यीशु में लाए गए विश्वास के अनुकूल क्यों नहीं है (पद 1); क्योंकि ऐसा करना परमेश्वर के अनुग्रह के साथ विश्वासघात है (पद 5-7), प्रेम के नियम का उल्लंघन है (पद 8) और पाप है (पद 9)। ऐसे पक्षपात करने से बचने का उपाय है प्रभु यीशु के उदाहरण, अपने पड़ौसी से अपने समान प्रेम करो (पद 8), का अनुसरण करना।

   परमेश्वर ने जो प्रेम हमारे प्रति दिखाया है जब हम उसे दूसरों के प्रति दिखाए गए प्रेम और व्यावहार में अपने जीवनों से पूर्णतः प्रगट होने देते हैं, तो हम पक्षपात करने के पाप से बचे रहते हैं। - मार्विन विलियम्स

प्रभु यीशु की ओर ऊपर देखते रहने से हम दूसरों को नीची नज़रों से कभी नहीं देख सकते।

उसने उस से कहा, तू परमेश्वर अपने प्रभु से अपने सारे मन और अपने सारे प्राण और अपनी सारी बुद्धि के साथ प्रेम रख। बड़ी और मुख्य आज्ञा तो यही है। और उसी के समान यह दूसरी भी है, कि तू अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रख। - मत्ती 22:37-39

बाइबल पाठ: याकूब 2:1-10
James 2:1 हे मेरे भाइयों, हमारे महिमायुक्त प्रभु यीशु मसीह का विश्वास तुम में पक्षपात के साथ न हो। 
James 2:2 क्योंकि यदि एक पुरूष सोने के छल्ले और सुन्‍दर वस्‍त्र पहिने हुए तुम्हारी सभा में आए और एक कंगाल भी मैले कुचैले कपड़े पहिने हुए आए। 
James 2:3 और तुम उस सुन्‍दर वस्‍त्र वाले का मुंह देख कर कहो कि तू वहां अच्छी जगह बैठ; और उस कंगाल से कहो, कि तू यहां खड़ा रह, या मेरे पांव की पीढ़ी के पास बैठ। 
James 2:4 तो क्या तुम ने आपस में भेद भाव न किया और कुविचार से न्याय करने वाले न ठहरे? 
James 2:5 हे मेरे प्रिय भाइयों सुनो; क्या परमेश्वर ने इस जगत के कंगालों को नहीं चुना कि विश्वास में धनी, और उस राज्य के अधिकारी हों, जिस की प्रतिज्ञा उसने उन से की है जो उस से प्रेम रखते हैं 
James 2:6 पर तुम ने उस कंगाल का अपमान किया: क्या धनी लोग तुम पर अत्याचार नहीं करते? और क्या वे ही तुम्हें कचहिरयों में घसीट घसीट कर नहीं ले जाते? 
James 2:7 क्या वे उस उत्तम नाम की निन्‍दा नहीं करते जिस के तुम कहलाए जाते हो? 
James 2:8 तौभी यदि तुम पवित्र शास्त्र के इस वचन के अनुसार, कि तू अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रख, सचमुच उस राज व्यवस्था को पूरी करते हो, तो अच्छा ही करते हो। 
James 2:9 पर यदि तुम पक्षपात करते हो, तो पाप करते हो; और व्यवस्था तुम्हें अपराधी ठहराती है। 
James 2:10 क्योंकि जो कोई सारी व्यवस्था का पालन करता है परन्तु एक ही बात में चूक जाए तो वह सब बातों में दोषी ठहरा।

एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 31-33
  • मरकुस 9:1-29


गुरुवार, 3 मार्च 2016

तत्काल और तुरंत


   जब 1972 में पोलोरॉइड एस.एक्स.-70 कैमरा संसार के समक्ष लाया गया तो उससे फोटो खींचने में क्रांति सी आ गई। स्मिथसोनियन पत्रिका में लिखे एक लेख में ओवेन एडवर्डस ने उस कैमरे के वर्णन में उसे भौतिक शास्त्र, प्रकाश विज्ञान तथा इलैकट्रौनिक्स से बना अजूबा बताया। उस कैमरे से जब कोई चित्र लिया जाता तो एक खाली चौकोर कागज़ बाहर निकल कर आता और आँखों के सामने ही उस कागज़ में तस्वीर बनकर तैयार हो जाती। लोग इस तत्काल परिणाम से बहुत आकर्षित हुए।

   विख्यात प्रचारक और परमेश्वर के वचन बाइबल के टीकाकार ओस्वॉल्ड चैम्बर्स ने हमारे तत्काल परिणाम पाने की लालसा और हवस में एक गहरा संबंध देखा: "हवस कहती है ’मुझे यह तुरंत चाहिए’; जिसकी लालसा करी गई है वह कोई शारीरिक भूख हो सकती है या कोई आत्मिक अधिकार। हवस परमेश्वर के समय की प्रतीक्षा नहीं कर सकती, उसे परमेश्वर अपनी लालसाओं के प्रति बहुत उदासीन लगता है।"

   दाऊद ने भजन 27 में घोर समस्या के समय में जब कुछ भी उपाय सूझ नहीं रहा था, तब भी अपने परमेश्वर की प्रतीक्षा करने के बारे में लिखा। निराश और हताश होने कि बजाए दाउद ने अपने भरोसे को बनाए रखा और कहा, "यदि मुझे विश्वास न होता कि जीवितों की पृथ्वी पर यहोवा की भलाई को देखूंगा, तो मैं मूर्च्छित हो जाता" (भजन 27:13)।

   हम एक ऐसे संसार में रहते हैं जो तात्काल और तुरंत की उपासना करता है। लेकिन जब हमारी गहरी अभिलाषाओं और लालसाओं के पूरे हो पाने का कोई लक्षण भी दिखाई ना दे रहा हो तब भी भजनकार हम मसीही विश्वासियों से कहता है: "यहोवा की बाट जोहता रह; हियाव बान्ध और तेरा हृदय दृढ़ रहे; हां, यहोवा ही की बाट जोहता रह" (भजन 27:14)। - डेविड मैक्कैसलैंड


तत्काल और तुरंत की हवस पर जयवंत होने का उपाय है अपने विचारों और दृष्टिकोण को अनन्त पर केन्द्रित रखना।

परन्तु जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वे नया बल प्राप्त करते जाएंगे, वे उकाबों की नाईं उड़ेंगे, वे दौड़ेंगे और श्रमित न होंगे, चलेंगे और थकित न होंगे। - यशायाह 40:31

बाइबल पाठ: भजन 27:1-14
Psalms 27:1 यहोवा परमेश्वर मेरी ज्योति और मेरा उद्धार है; मैं किस से डरूं? यहोवा मेरे जीवन का दृढ़ गढ़ ठहरा है, मैं किस का भय खाऊं? 
Psalms 27:2 जब कुकर्मियों ने जो मुझे सताते और मुझी से बैर रखते थे, मुझे खा डालने के लिये मुझ पर चढ़ाई की, तब वे ही ठोकर खाकर गिर पड़े।
Psalms 27:3 चाहे सेना भी मेरे विरुद्ध छावनी डाले, तौभी मैं न डरूंगा; चाहे मेरे विरुद्ध लड़ाई ठन जाए, उस दशा में भी मैं हियाव बान्धे निशचिंत रहूंगा।
Psalms 27:4 एक वर मैं ने यहोवा से मांगा है, उसी के यत्न में लगा रहूंगा; कि मैं जीवन भर यहोवा के भवन में रहने पाऊं, जिस से यहोवा की मनोहरता पर दृष्टि लगाए रहूं, और उसके मन्दिर में ध्यान किया करूं।
Psalms 27:5 क्योंकि वह तो मुझे विपत्ति के दिन में अपने मण्डप में छिपा रखेगा; अपने तम्बू के गुप्त स्थान में वह मुझे छिपा लेगा, और चट्टान पर चढ़ाएगा। 
Psalms 27:6 अब मेरा सिर मेरे चारों ओर के शत्रुओं से ऊंचा होगा; और मैं यहोवा के तम्बू में जयजयकार के साथ बलिदान चढ़ाऊंगा; और उसका भजन गाऊंगा।
Psalms 27:7 हे यहोवा, मेरा शब्द सुन, मैं पुकारता हूं, तू मुझ पर अनुग्रह कर और मुझे उत्तर दे। 
Psalms 27:8 तू ने कहा है, कि मेरे दर्शन के खोजी हो। इसलिये मेरा मन तुझ से कहता है, कि हे यहोवा, तेरे दर्शन का मैं खोजी रहूंगा। 
Psalms 27:9 अपना मुख मुझ से न छिपा। अपने दास को क्रोध कर के न हटा, तू मेरा सहायक बना है। हे मेरे उद्धार करने वाले परमेश्वर मुझे त्याग न दे, और मुझे छोड़ न दे! 
Psalms 27:10 मेरे माता पिता ने तो मुझे छोड़ दिया है, परन्तु यहोवा मुझे सम्भाल लेगा।
Psalms 27:11 हे यहोवा, अपने मार्ग में मेरी अगुवाई कर, और मेरे द्रोहियों के कारण मुझ को चौरस रास्ते पर ले चल। 
Psalms 27:12 मुझ को मेरे सताने वालों की इच्छा पर न छोड़, क्योंकि झूठे साक्षी जो उपद्रव करने की धुन में हैं मेरे विरुद्ध उठे हैं।
Psalms 27:13 यदि मुझे विश्वास न होता कि जीवितों की पृथ्वी पर यहोवा की भलाई को देखूंगा, तो मैं मूर्च्छित हो जाता। 
Psalms 27:14 यहोवा की बाट जोहता रह; हियाव बान्ध और तेरा हृदय दृढ़ रहे; हां, यहोवा ही की बाट जोहता रह!

एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 28-30
  • मरकुस 8:22-38



बुधवार, 2 मार्च 2016

प्रेम का प्रमाण


   यह निःसन्देह असाधारण था; मैंने एक ही दिन में तीन भिन्न लोगों द्वारा और भिन्न परिस्थितियों में एक ही गीत - ’यीशु मुझसे प्रेम करता है’ सुना। दोपहर में मैं एक वृद्धाश्रम में थी, जहाँ सभा के अन्त में वहाँ रहने वाली एक वृद्ध महिला ने चाहा कि हम सब मिलकर गाएं ’यीशु मुझसे प्रेम करता है’। शाम को मैं एक जवानों की सभा में गई जहाँ उन्होंने यही गीत बड़े जोश के साथ हाथों से ताली बजाते और कदमों से ताल देते हुए गाया। बाद में उस रात मेरे फोन पर एक सन्देश आया जिसके साथ मेरे भाई की ढाई वर्षीय पोती द्वारा गाया गया यही गीत संलग्न था। एक बच्ची, कुछ किशोर और कुछ वृद्ध, उस दिन सभी एक ही गीत गा रहे थे, और मैं उनके इस गीत के गाए जाने को सुन रही थी।

   एक ही दिन में तीन बार इस सामान्य से गीत को सुन कर मैं सोचने लगी कि संभवतः प्रभु परमेश्वर मुझसे कुछ कहना चाह रहा है। लेकिन परमेश्वर केवल मुझ से ही नहीं सारे संसार से यही बात कह रहा है - यीशु आपसे प्रेम करता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में हम पढ़ते हैं कि हम पापी मनुष्यों के प्रति अपने महान, समझ से बाहर और बेबयान प्रेम के अन्तर्गत ही प्रभु यीशु ने अपने सिर पर काँटों का ताज रखा जाने दिया, उन आताताईयों को अपना ठठा उड़ाने, मारने-पीटने, सार्वजनिक स्थान पर नंगा करके क्रूस पर चढ़ा लेने दिया। प्रभु के पास उन्हें यह सब करने से रोकने की सामर्थ थी, लेकिन वे खामोश रहे। उन्होंने यह सब केवल इसलिए किया क्योंकि वह हम सब से प्रेम करते हैं, हमें पापों में नाश होते देखना नहीं चाहते, इसीलिए उन्होंने हम सब के सभी पापों को अपने ऊपर लेकर उनका पूरा-पूरा दण्ड चुका दिया। आज प्रभु यीशु हम सब को, सारे संसार के सभी लोगों को, अपनी धार्मिकता सेंत-मेंत देना चाहते हैं, यदि हम अपने पापों को मान लें, प्रभु यीशु से उन पापों के लिए क्षमा माँग लें और अपने जीवन उन्हें सौंप कर उन्हें अपना प्रभु मान लें।

   यह जानने के लिए कि प्रभु परमेश्वर हम से कितना प्रेम करता है, क्रूस पर चढ़ाए गए प्रभु यीशु की ओर देखें और उसके द्वारा स्वेच्छा से दिए गए अपने बलिदान पर विचार करें। उनका हमारे लिए मारा जाना, गाड़ा जाना और तीसरे दिन मृतकों में से जी उठकर आज हमें अनन्त जीवन का दान देना ही हमारे प्रति उनके प्रेम का प्रमाण है। - ऐनी सेटास


परमेश्वर के प्रेम का सबसे सच्चा माप यही है कि वह हमसे किसी भी माप से परे प्रेम करता है। - क्लैरवॉ के बर्नार्ड

क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए। - यूहन्ना 3:16

बाइबल पाठ: यूहन्ना 19:17-24
John 19:17 तब वे यीशु को ले गए। और वह अपना क्रूस उठाए हुए उस स्थान तक बाहर गया, जो खोपड़ी का स्थान कहलाता है और इब्रानी में गुलगुता। 
John 19:18 वहां उन्होंने उसे और उसके साथ और दो मनुष्यों को क्रूस पर चढ़ाया, एक को इधर और एक को उधर, और बीच में यीशु को। 
John 19:19 और पीलातुस ने एक दोष-पत्र लिखकर क्रूस पर लगा दिया और उस में यह लिखा हुआ था, यीशु नासरी यहूदियों का राजा। 
John 19:20 यह दोष-पत्र बहुत यहूदियों ने पढ़ा क्योंकि वह स्थान जहां यीशु क्रूस पर चढ़ाया गया था नगर के पास था और पत्र इब्रानी और लतीनी और यूनानी में लिखा हुआ था। 
John 19:21 तब यहूदियों के महायाजकों ने पीलातुस से कहा, यहूदियों का राजा मत लिख परन्तु यह कि “उसने कहा, मैं यहूदियों का राजा हूं”। 
John 19:22 पीलातुस ने उत्तर दिया, कि मैं ने जो लिख दिया, वह लिख दिया।
John 19:23 जब सिपाही यीशु को क्रूस पर चढ़ा चुके, तो उसके कपड़े ले कर चार भाग किए, हर सिपाही के लिये एक भाग और कुरता भी लिया, परन्तु कुरता बिन सीअन ऊपर से नीचे तक बुना हुआ था: इसलिये उन्होंने आपस में कहा, हम इस को न फाडें, परन्तु इस पर चिट्ठी डालें कि वह किस का होगा। 
John 19:24 यह इसलिये हुआ, कि पवित्र शास्त्र की बात पूरी हो कि उन्होंने मेरे कपड़े आपस में बांट लिये और मेरे वस्‍त्र पर चिट्ठी डाली: सो सिपाहियों ने ऐसा ही किया।

एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 26-27
  • मरकुस 8:1-21



मंगलवार, 1 मार्च 2016

अनन्त


   आज प्रातः एक अद्भुत सूर्योदय हुआ, लेकिन मैं उसका आनन्द नहीं ले पाया क्योंकि मैं अन्य बातों में बहुत व्यस्त था; मैंने उस पर ध्यान देने की बजाए और बातों पर अपना ध्यान लगा लिया। अभी कुछ देर पहले ही मैंने उस सूर्योदय के बारे में सोचा और जाना कि आज प्रातः परमेश्वर की आराधना करने का एक सुअवसर मैंने गवाँ दिया था।

   हमारी व्यस्तता और तनावों से भरी दिनचर्या के कार्यों में, यहाँ-वहाँ परमेश्वर ने अपनी भलाईयों और महिमा की निशानियों को डाल रखा है। सृष्टि की दीवार पर बने ये वे स्थान हैं जहाँ से स्वर्ग के दर्शन मिल सकते हैं, यदि हम थम कर उन पर ध्यान दें और उन में होकर हमारे प्रति परमेश्वर के प्रेम के प्रगटिकरण पर मनन करें।

   ज़रा सोचिए, क्या होता यदि मूसा उस झाड़ी की एक झलक भर देखता परन्तु उसपर ध्यान ही नहीं देता, जो जल तो रही थी किंतु भस्म नहीं हो रही थी (निर्गमन 3:2)? क्या होता यदि वह इस अद्भुत दृश्य को नज़रंदाज़ करके अपने अन्य कार्य करने के लिए आगे बढ़ जाता - उसके पास ध्यान रखने के लिए भेड़ें थीं और उन पर से ध्यान हटाना बहुत हानिकारक हो सकता था! यदि उस समय वह उस दृश्य को नज़रंदाज़ कर देता तो परमेश्वर के साथ जीवन परिवर्तित कर देने वाले साक्षात्कार के अवसर को खो देता (निर्गमन 3:4-12)।

   जीवन में अकसर हमें जल्दबाज़ी में कार्य करने होते हैं, परन्तु सामान्यतः हमें जीवन को जल्दबाज़ी का कम और ध्याने देने वाला अधिक बनाना चाहिए। जीवन वर्तमान में जीने में है, जीवन चैतन्य रहने में है, जीवन परमेश्वर द्वारा हमारे प्रति उसके प्रेम की निशानियों, जैसे कि उस अद्भुत सूर्योदय की सुन्दरता, को पहिचानने में है। ये निशानियाँ चाहे थोड़े ही समय में बीत जाने वाली हो सकती हैं, परन्तु वे हमें यह भरोसा दे जाती हैं कि परमेश्वर की ओर से एक महिमामय और आनन्दमय अनन्त उसके बच्चों की प्रतीक्षा कर रहा है। - डेविड रोपर


हे प्रभु हमारी आँखे खोल दे कि हम आपके प्रेम की निशानियों को देख सकें!

मेरी आंखें खोल दे, कि मैं तेरी व्यवस्था की अद्भुत बातें देख सकूं। - भजन 119:18

बाइबल पाठ: निर्गमन 3:1-12
Exodus 3:1 मूसा अपने ससुर यित्रो नाम मिद्यान के याजक की भेड़-बकरियों को चराता था; और वह उन्हें जंगल की परली ओर होरेब नाम परमेश्वर के पर्वत के पास ले गया। 
Exodus 3:2 और परमेश्वर के दूत ने एक कटीली झाड़ी के बीच आग की लौ में उसको दर्शन दिया; और उसने दृष्टि उठा कर देखा कि झाड़ी जल रही है, पर भस्म नहीं होती। 
Exodus 3:3 तब मूसा ने सोचा, कि मैं उधर फिरके इस बड़े अचम्भे को देखूंगा, कि वह झाड़ी क्यों नहीं जल जाती। 
Exodus 3:4 जब यहोवा ने देखा कि मूसा देखने को मुड़ा चला आता है, तब परमेश्वर ने झाड़ी के बीच से उसको पुकारा, कि हे मूसा, हे मूसा। मूसा ने कहा, क्या आज्ञा। 
Exodus 3:5 उसने कहा इधर पास मत आ, और अपने पांवों से जूतियों को उतार दे, क्योंकि जिस स्थान पर तू खड़ा है वह पवित्र भूमि है। 
Exodus 3:6 फिर उसने कहा, मैं तेरे पिता का परमेश्वर, और इब्राहीम का परमेश्वर, इसहाक का परमेश्वर, और याकूब का परमेश्वर हूं। तब मूसा ने जो परमेश्वर की ओर निहारने से डरता था अपना मुंह ढ़ांप लिया। 
Exodus 3:7 फिर यहोवा ने कहा, मैं ने अपनी प्रजा के लोग जो मिस्र में हैं उनके दु:ख को निश्चय देखा है, और उनकी जो चिल्लाहट परिश्रम कराने वालों के कारण होती है उसको भी मैं ने सुना है, और उनकी पीड़ा पर मैं ने चित्त लगाया है ; 
Exodus 3:8 इसलिये अब मैं उतर आया हूं कि उन्हें मिस्रियों के वश से छुड़ाऊं, और उस देश से निकाल कर एक अच्छे और बड़े देश में जिस में दूध और मधु की धारा बहती है, अर्थात कनानी, हित्ती, एमोरी, परिज्जी, हिव्वी, और यबूसी लोगों के स्थान में पहुंचाऊं। 
Exodus 3:9 सो अब सुन, इस्राएलियों की चिल्लाहट मुझे सुनाईं पड़ी है, और मिस्रियों का उन पर अन्धेर करना भी मुझे दिखाई पड़ा है, 
Exodus 3:10 इसलिये आ, मैं तुझे फिरौन के पास भेजता हूं कि तू मेरी इस्राएली प्रजा को मिस्र से निकाल ले आए। 
Exodus 3:11 तब मूसा ने परमेश्वर से कहा, मैं कौन हूं जो फिरौन के पास जाऊं, और इस्राएलियों को मिस्र से निकाल ले आऊं? 
Exodus 3:12 उसने कहा, निश्चय मैं तेरे संग रहूंगा; और इस बात का कि तेरा भेजने वाला मैं हूं, तेरे लिये यह चिन्ह होगा कि जब तू उन लोगों को मिस्र से निकाल चुके तब तुम इसी पहाड़ पर परमेश्वर की उपासना करोगे।

एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 23-25
  • मरकुस 7:14-37



सोमवार, 29 फ़रवरी 2016

उड़ान


   परमेश्वर के वचन बाइबल में यशायाह भविष्यद्वक्ता द्वारा धीरज से प्रभु की प्रतीक्षा करने को कही गई बात (यशायाह 40:31) हमें भविष्य के लिए भरोसेमन्द आशा प्रदान करती है। आज हम अपनी परीक्षाओं के स्थान में अपने उस छुटकारे की प्रतीक्षा कर रहे हैं जिसका आना अवश्यंभावी है, क्योंकि प्रभु यीशु ने अपने अनुयायियों को आशावासन दिया है, "धन्य हैं वे, जो शोक करते हैं, क्योंकि वे शांति पाएंगे" (मत्ती 5:4)।

   क्योंकि हम यह जानते हैं कि हमारा भविष्य स्वर्ग जाने की निश्चित आशा है, महिमामय है, हम यहाँ इस पृथ्वी पर अपने कार्यों और ज़िम्मेदारियों के लिए अपने कदम और दृढ़ता से बढ़ा सकते हैं; चाहे हम थके ही क्यों ना हों, हम अपने पंख पसार कर ऊँचाईयों को छू सकते हैं। हम प्रभु की आज्ञाकारिता के मार्ग पर चलने के लिए थकित नहीं हों; अपनी दिनचर्या निभाते हुए श्रमित नहीं हों। हमारी आशा है कि हम मसीही विश्वासियों के लिए एक बेहतर संसार आने वाला है जब हमारी आत्माएं हमें कार्य के लिए बुलाएंगी और प्रत्युत्तर में हमारे शरीर उनमुक्त होकर दौड़ेंगे, कूदेंगे और उड़ान भरेंगे।

   इस बीच, जब तक यह होने का समय आए, वर्तमान में भी हम अपने लिए इसे सत्य बना सकते हैं; कैसे? अपनी थकान में भी दृढ़, धीरजवन्त और आनन्दित रहने के द्वारा; अपनी कमज़ोरियों और निराशाओं पर ध्यान लगाने की बजाए शान्त और नम्र होकर अपनी नहीं वरन दूसरों के हित की चिंता करने के द्वारा; जो लोग कठिनाईयों में संघर्ष कर रहे हैं उनसे प्रेम के कुछ शब्द कहने के द्वारा। उस दिन के लिए जिस दिन हमारी आत्माएं उड़ान भरेंगी हम आज और अभी से तैयार हो सकते हैं। - डेविड रोपर


जब आप जीवन के संघर्षों से थकने लगें तो प्रभु यीशु में विश्राम लें।

हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा। - मत्ती 11:28

बाइबल पाठ: यशायाह 40:27-31
Isaiah 40:27 हे याकूब, तू क्यों कहता है, हे इस्राएल तू क्यों बोलता है, मेरा मार्ग यहोवा से छिपा हुआ है, मेरा परमेश्वर मेरे न्याय की कुछ चिन्ता नहीं करता? 
Isaiah 40:28 क्या तुम नहीं जानते? क्या तुम ने नहीं सुना? यहोवा जो सनातन परमेश्वर और पृथ्वी भर का सिरजनहार है, वह न थकता, न श्रमित होता है, उसकी बुद्धि अगम है। 
Isaiah 40:29 वह थके हुए को बल देता है और शक्तिहीन को बहुत सामर्थ देता है। 
Isaiah 40:30 तरूण तो थकते और श्रमित हो जाते हैं, और जवान ठोकर खाकर गिरते हैं; 
Isaiah 40:31 परन्तु जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वे नया बल प्राप्त करते जाएंगे, वे उकाबों की नाईं उड़ेंगे, वे दौड़ेंगे और श्रमित न होंगे, चलेंगे और थकित न होंगे।



रविवार, 28 फ़रवरी 2016

स्त्रोत


   अमेरिका के मिशिगन प्रांत के ऊपरी प्रायद्वीप में एक अद्भुत प्राकृतिक अजूबा है - एक कुण्ड जो लगभग 40 फीट गहरा और 300 फीट चौड़ा है। उस इलाके के मूल निवासी उसे "किच-इटी- किपि" अर्थात "बड़ा ठण्डा पानी" कहते थे। आज यह कुण्ड "बड़ा झरना" कहलाता है। इस कुण्ड का स्त्रोत धरती के अन्दर से चट्टानों में होकर आने वाला पानी है जो 10,000 गैलन प्रति मिनिट की गति से इसमें आता रहता है। इसकी एक और विलक्षण बात है इसका निरन्तर एक समान रहने वाला तापमान - हर ऋतु में इस झरने के जल का तापमान 45 डिग्री फैरन्हाईट ही बना रहता है; इसलिए उस इलाके की भीषण ठण्ड में भी इसका पानी जमता नहीं और सैलानी सारे वर्ष इसका आनन्द ले सकते हैं।

   जब प्रभु यीशु का, सामरिया के एक गाँव में स्थित याकूब के कुएं पर, एक स्त्री से वार्तालाप हुआ तो प्रभु ने उस स्त्री को एक सदा सन्तुष्ट करने वाले जल-स्त्रोत के बारे में बताया। लेकिन यह जल-स्त्रोत कोई झरना, कुण्ड, नदी या तालाब नहीं था, और ना ही कोई सामान्य दिखने वाला जल था। प्रभु यीशु ने उस स्त्री से जीवन के जल की बात करी जो अनन्त जीवन के लिए था: "परन्तु जो कोई उस जल में से पीएगा जो मैं उसे दूंगा, वह फिर अनन्तकाल तक प्यासा न होगा: वरन जो जल मैं उसे दूंगा, वह उस में एक सोता बन जाएगा जो अनन्त जीवन के लिये उमड़ता रहेगा" (यूहन्ना 4:14)।

   किसी भी प्राकृतिक जल के स्त्रोत से मिलने वाली तृप्ति बढ़कर वह तृप्ति है जो प्रभु यीशु मसीह से हमें मिलती है। केवल प्रभु यीशु से मिलने वाले जीवन के जल से ही हमारी अनन्त जीवन की प्यास बुझ सकती है, और ना केवल वह जीवन जल हमारी प्यास बुझाता है वरन हम में होकर औरों तक भी पहुँचता है उनकी भी प्यास बुझाता है। संसार के सभी लोगों के लिए प्रभु यीशु ही जीवन-जल का कभी ना समाप्त होने वाला स्त्रोत है। - बिल क्राउडर


जीवन की प्यास बुझाने का एकमात्र सच्चा स्त्रोत है प्रभु यीशु मसीह।

यीशु ने उन से कहा, जीवन की रोटी मैं हूं: जो मेरे पास आएगा वह कभी भूखा न होगा और जो मुझ पर विश्वास करेगा, वह कभी प्यासा न होगा। - यूहन्ना 6:35

बाइबल पाठ: यूहन्ना 4:5-14
John 4:5 सो वह सूखार नाम सामरिया के एक नगर तक आया, जो उस भूमि के पास है, जिसे याकूब ने अपने पुत्र यूसुफ को दिया था। 
John 4:6 और याकूब का कूआं भी वहीं था; सो यीशु मार्ग का थका हुआ उस कूएं पर यों ही बैठ गया, और यह बात छठे घण्टे के लगभग हुई। 
John 4:7 इतने में एक सामरी स्त्री जल भरने को आई: यीशु ने उस से कहा, मुझे पानी पिला। 
John 4:8 क्योंकि उसके चेले तो नगर में भोजन मोल लेने को गए थे। 
John 4:9 उस सामरी स्त्री ने उस से कहा, तू यहूदी हो कर मुझ सामरी स्त्री से पानी क्यों मांगता है? (क्योंकि यहूदी सामरियों के साथ किसी प्रकार का व्यवहार नहीं रखते)। 
John 4:10 यीशु ने उत्तर दिया, यदि तू परमेश्वर के वरदान को जानती, और यह भी जानती कि वह कौन है जो तुझ से कहता है; मुझे पानी पिला तो तू उस से मांगती, और वह तुझे जीवन का जल देता। 
John 4:11 स्त्री ने उस से कहा, हे प्रभु, तेरे पास जल भरने को तो कुछ है भी नहीं, और कूआं गहिरा है: तो फिर वह जीवन का जल तेरे पास कहां से आया? 
John 4:12 क्या तू हमारे पिता याकूब से बड़ा है, जिसने हमें यह कूआं दिया; और आप ही अपने सन्तान, और अपने ढोरों समेत उस में से पीया? 
John 4:13 यीशु ने उसको उत्तर दिया, कि जो कोई यह जल पीएगा वह फिर प्यासा होगा। 
John 4:14 परन्तु जो कोई उस जल में से पीएगा जो मैं उसे दूंगा, वह फिर अनन्तकाल तक प्यासा न होगा: वरन जो जल मैं उसे दूंगा, वह उस में एक सोता बन जाएगा जो अनन्त जीवन के लिये उमड़ता रहेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 20-22
  • मरकुस 7:1-13


शनिवार, 27 फ़रवरी 2016

सृष्टि


   मुझे प्रकृति को निहारना और प्रकृति के सृष्टिकर्ता की आराधना करना अच्छा लगता है, लेकिन कभी-कभी मैं अपने आप को प्रकृति में अत्याधिक रुचि दिखाने की दोषी महसूस करती हूँ। मुझे लगता है कि प्रकृति में मेरी रुचि और उसे निहारना कहीं अनुचित तो नहीं है? फिर मुझे स्मरण हो आता है कि हमारे प्रभु यीशु और उसके अनुयायियों ने प्रकृति का उपयोग शिक्षा देने के लिए किया है। उदाहरणस्वरूप, लोगों को अपनी आवश्यकताओं के लिए चिंतित होने की बजाए परमेश्वर पर भरोसा रखना सिखाने के लिए प्रभु यीशु ने साधारण से जंगली सोसन के फूलों का उपयोग किया। प्रभु ने अपने चेलों से कहा, "जंगली सोसनों पर ध्यान करो" और उन्हें स्मरण करवाया कि ये फूल कोई भी परिश्रम नहीं करते, फिर भी उनकी सुन्दरता देखते ही बनती है। प्रभु ने निष्कर्ष दिया कि यदि परमेश्वर थोड़े ही समय रहने वाले उन जंगली फूलों का इतना ध्यान रखता है, उन्हें वैभव देता है, तो अवश्य ही वह हमारे लिए इससे कहीं बढ़कर क्यों ना करेगा? (मत्ती 6:28-34)

   परमेश्वर के वचन बाइबल के अन्य भाग भी हमें सिखाते हैं कि परमेश्वर अपनी सृष्टि में होकर भी अपने आप को हम मनुष्यों पर प्रकट करता है:
  •    दाऊद ने लिखा, "आकाश ईश्वर की महिमा वर्णन कर रहा है; और आकशमण्डल उसकी हस्तकला को प्रगट कर रहा है। दिन से दिन बातें करता है, और रात को रात ज्ञान सिखाती है" (भजन 19:1-2)।
  •    आसाप ने कहा, "और स्वर्ग उसके धर्मी होने का प्रचार करेगा क्योंकि परमेश्वर तो आप ही न्यायी है" (भजन 50:6)।
  •    पौलुस ने बताया, "क्योंकि उसके अनदेखे गुण, अर्थात उस की सनातन सामर्थ, और परमेश्वरत्व जगत की सृष्टि के समय से उसके कामों के द्वारा देखने में आते है, यहां तक कि वे निरुत्तर हैं" (रोमियों 1:20)।


   परमेश्वर हम से इतना प्रेम करता है, और इतना चाहता है कि हम उसे जानें, कि जहाँ-जहाँ हमारी दृष्टि जा सकती है, वहाँ-वहाँ सृष्टि में उसने अपने बारे में प्रमाण रख दिए हैं। - जूली ऐकैरमैन लिंक


परमेश्वर की सृष्टि और प्रकृति उसके बारे में अनेक पाठ हमें पढ़ाती है।

हे यहोवा तेरे काम अनगिनित हैं! इन सब वस्तुओं को तू ने बुद्धि से बनाया है; पृथ्वी तेरी सम्पत्ति से परिपूर्ण है। - भजन 104:24

बाइबल पाठ: मत्ती 6:25-34
Matthew 6:25 इसलिये मैं तुम से कहता हूं, कि अपने प्राण के लिये यह चिन्‍ता न करना कि हम क्या खाएंगे? और क्या पीएंगे? और न अपने शरीर के लिये कि क्या पहिनेंगे? क्या प्राण भोजन से, और शरीर वस्‍त्र से बढ़कर नहीं? 
Matthew 6:26 आकाश के पक्षियों को देखो! वे न बोते हैं, न काटते हैं, और न खत्तों में बटोरते हैं; तौभी तुम्हारा स्‍वर्गीय पिता उन को खिलाता है; क्या तुम उन से अधिक मूल्य नहीं रखते। 
Matthew 6:27 तुम में कौन है, जो चिन्‍ता कर के अपनी अवस्था में एक घड़ी भी बढ़ा सकता है 
Matthew 6:28 और वस्‍त्र के लिये क्यों चिन्‍ता करते हो? जंगली सोसनों पर ध्यान करो, कि वै कैसे बढ़ते हैं, वे न तो परिश्रम करते हैं, न कातते हैं। 
Matthew 6:29 तौभी मैं तुम से कहता हूं, कि सुलैमान भी, अपने सारे वैभव में उन में से किसी के समान वस्‍त्र पहिने हुए न था। 
Matthew 6:30 इसलिये जब परमेश्वर मैदान की घास को, जो आज है, और कल भाड़ में झोंकी जाएगी, ऐसा वस्‍त्र पहिनाता है, तो हे अल्पविश्वासियों, तुम को वह क्योंकर न पहिनाएगा? 
Matthew 6:31 इसलिये तुम चिन्‍ता कर के यह न कहना, कि हम क्या खाएंगे, या क्या पीएंगे, या क्या पहिनेंगे? 
Matthew 6:32 क्योंकि अन्यजाति इन सब वस्‍तुओं की खोज में रहते हैं, और तुम्हारा स्‍वर्गीय पिता जानता है, कि तुम्हें ये सब वस्तुएं चाहिए। 
Matthew 6:33 इसलिये पहिले तुम उसके राज्य और धर्म की खोज करो तो ये सब वस्तुएं भी तुम्हें मिल जाएंगी। 
Matthew 6:34 सो कल के लिये चिन्‍ता न करो, क्योंकि कल का दिन अपनी चिन्‍ता आप कर लेगा; आज के लिये आज ही का दुख बहुत है।

एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 17-19
  • मरकुस 6:30-56