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सोमवार, 13 जनवरी 2020

परमेश्वर


      जब मैंने कॉलेज में यूनानी और रोमी पौराणिक कथाएँ पढ़ीं, तो मैं हैरान थी, कि उन कथाओं के देवता कितने तुनक-मिज़ाज थे, और कितनी सरलता से क्रोधित हो जाते थे। जो लोग उनके क्रोध के पात्र बनते थे उनके जीवन नाश हो जाते थे, कभी-कभी तो उन देवताओं की एक सनक के कारण ही।

      उनकी इन बातों को पढ़ने के बाद मैंने उपहास करते हुए सोचा कि कोई ऐसे देवताओं पर कैसे विश्वास कर सकता था? परन्तु फिर मैंने अपने आप से भी प्रश्न किया, “जिस एकमात्र और वास्तविक परमेश्वर पर मैं विश्वास रखती हूँ, क्या उसके प्रति मेरा दृष्टिकोण इससे कुछ विशेष भिन्न है? क्या मैं भी यही नहीं सोचती हूँ कि यदि मैं उसपर कुछ संदेह करूं तो वह भी शीघ्र ही क्रोधित हो जाएगा?” मुझे दुःख के साथ स्वीकार करना पड़ता है कि अपने उन प्रश्नों के लिए मेरा उत्तर था “हाँ!”

      इसीलिए मैं परमेश्वर के वचन बाइबल में मूसा द्वारा परमेश्वर से किए गए अनुरोध की सराहना करती हूँ। मूसा ने परमेश्वर से निवेदन किया, “मुझे अपना तेज दिखा” (निर्गमन 33:18)। परमेश्वर ने मूसा को एक विशाल जन समूह, इस्राएलियों, का नेतृत्व करने और उन्हें मिस्र की गुलामी से निकालकर ले जाने और कनान में देश में बसाने के लिए चुना था। किन्तु ये इस्राएली अकसर मूसा और परमेश्वर के विरुद्ध कुड़कुड़ाते रहते थे; मूसा जानना चाहता था कि उन इस्राएलियों की प्रवृत्ति को देखते हुए, इस बड़े और कठिन कार्य में क्या परमेश्वर उसकी सहायता करता रहेगा? परमेश्वर ने मूसा के अनुरोध के फलस्वरूप अपनी महिमा को उसपर प्रगट किया, और उसे अपना नाम तथा गुण बताए। परमेश्वर ने अपने विषय कहा, “यहोवा, ईश्वर दयालु और अनुग्रहकारी, कोप करने में धीरजवन्त, और अति करूणामय और सत्य...” (निर्गमन 34:6)।

      मूसा से कही इस बात के द्वारा मुझे स्मरण आया कि हमारा परमेश्वर पिता आवेश में क्रोधित होकर, लोगों पर टूट पड़ने वाला परमेश्वर नहीं है। यह बहुत शान्तिदायक है, विशेषकर तब जब मैं कितनी ही बार क्रोधित अथवा अधीर होकर उसके विरुद्ध कुछ कटु बोल जाती हूँ या उसपर संदेह करती हूँ। और इसलिए भी क्योंकि उसका आश्वासन है कि वह मुझे धीरे-धीर अपने ही तेजस्वी स्वरुप में ढालता जा रहा है – जिसके लिए उसे मुझे आवश्यकतानुसार काटना, छांटना, और तराशना भी पड़ता है।

      हम अपने जीवनों में ही परमेश्वर की महिमा और हमारे प्रति उसका धैर्य देख सकते हैं – ढलते हुए सूरज का एक सुन्दर दृश्य, किसी मित्र द्वारा प्रोत्साहन और सहारा, और सबसे उत्तम, हमारे अन्दर निवास करने वाले पवित्र-आत्मा की हमारे मार्गदर्शन के लिए कोमल फुसफुसाहट  - ये सभी हमारे जीवनों में परमेश्वर की महिमा और कार्य के चिन्ह हैं। - लिंडा वॉशिंगटन

यद्यपि हम बहुधा बदलते रहते हैं, किन्तु परमेश्वर कभी नहीं बदलता है।

परन्तु जब हम सब के उघाड़े चेहरे से प्रभु का प्रताप इस प्रकार प्रगट होता है, जिस प्रकार दर्पण में, तो प्रभु के द्वारा जो आत्मा है, हम उसी तेजस्‍वी रूप में अंश अंश कर के बदलते जाते हैं। - 2 कुरिन्थियों 3:18

बाइबल पाठ: निर्गमन 33:18-19; 34:1-7
Exodus 33:18 उसने कहा मुझे अपना तेज दिखा दे।
Exodus 33:19 उसने कहा, मैं तेरे सम्मुख हो कर चलते हुए तुझे अपनी सारी भलाई दिखाऊंगा, और तेरे सम्मुख यहोवा नाम का प्रचार करूंगा, और जिस पर मैं अनुग्रह करना चाहूं उसी पर अनुग्रह करूंगा, और जिस पर दया करना चांहू उसी पर दया करूंगा।
Exodus 34:1 फिर यहोवा ने मूसा से कहा, पहिली तख्तियों के समान पत्थर की दो और तख्तियां गढ़ ले; तब जो वचन उन पहिली तख्तियों पर लिखे थे, जिन्हें तू ने तोड़ डाला, वे ही वचन मैं उन तख्तियों पर भी लिखूंगा।
Exodus 34:2 और बिहान को तैयार रहना, और भोर को सीनै पर्वत पर चढ़कर उसकी चोटी पर मेरे साम्हने खड़ा होना।
Exodus 34:3 और तेरे संग कोई न चढ़ पाए, वरन पर्वत भर पर कोई मनुष्य कहीं दिखाई न दे; और न भेड़-बकरी और गाय-बैल भी पर्वत के आगे चरते पाएं।
Exodus 34:4 तब मूसा ने पहिली तख्तियों के समान दो और तख्तियां गढ़ी; और बिहान को सवेरे उठ कर अपने हाथ में पत्थर की वे दोनों तख्तियां ले कर यहोवा की आज्ञा के अनुसार पर्वत पर चढ़ गया।
Exodus 34:5 तब यहोवा ने बादल में उतर के उसके संग वहां खड़ा हो कर यहोवा नाम का प्रचार किया।
Exodus 34:6 और यहोवा उसके साम्हने हो कर यों प्रचार करता हुआ चला, कि यहोवा, यहोवा, ईश्वर दयालु और अनुग्रहकारी, कोप करने में धीरजवन्त, और अति करूणामय और सत्य,
Exodus 34:7 हजारों पीढिय़ों तक निरन्तर करूणा करने वाला, अधर्म और अपराध और पाप का क्षमा करने वाला है, परन्तु दोषी को वह किसी प्रकार निर्दोष न ठहराएगा, वह पितरों के अधर्म का दण्ड उनके बेटों वरन पोतों और परपोतों को भी देने वाला है।

एक साल में बाइबल: 

  • उत्पत्ति 31-32 
  • मत्ती 9:18-38

रविवार, 12 जनवरी 2020

मेल


      ली अपने कार्यस्थल में एक ईमानदार और भरोसेमंद कर्मचारी है। परन्तु फिर भी अपने मसीही विश्वास के निर्वाह के कारण वह अपने आप को औरों से अलग पाता है। और यह उसके व्यावाहारिक जीवन में प्रत्यक्ष दिखाई देता है, जैसे कि जब किसी संगति में कोई अनुचित अथवा भद्दी बातें होने लगती हैं तो वह वहाँ से निकल जाता है। एक बार परमेश्वर के वचन, बाइबल, के अध्ययन के समय उसने अपने मित्रों को बताया कि, “मुझे भय है कि मुझे तरक्की के अवसर नहीं मिल रहे हैं, क्योंकि मैं अन्य सभी के साथ मेल नहीं रखता हूँ।”

      पुराने नियम की अंतिम पुस्तक, मलाकी, के समय में भी परमेश्वर के लोगों के सामने इसी प्रकार की चुनौतियाँ थीं। वे इस्राएली लोग, बाबुल की बन्धुआई से लौट कर आए थे, यरूशलेम का मंदिर बनाया जा चुका था, परन्तु उनके भविष्य के लिए परमेश्वर की योजनाओं को लेकर उन्हें संदेह और असमंजस था। कुछ इस्राएली कहने लग थे, “...परमेश्वर की सेवा करनी व्यर्थ है। हम ने जो उसके बताए हुए कामों को पूरा किया और सेनाओं के यहोवा के डर के मारे शोक का पहिरावा पहिने हुए चले हैं, इस से क्या लाभ हुआ? अब से हम अभिमानी लोगों को धन्य कहते हैं; क्योंकि दुराचारी तो सफल बन गए हैं, वरन वे परमेश्वर की परीक्षा करने पर भी बच गए हैं” (मलाकी 3:14-15)।

      हम परमेश्वर के प्रति उस समाज में दृढ़ होकर कैसे खड़े रह सकते हैं जो यह कहता है कि हमसे मेल नहीं रखोगे, और हमारे समान नहीं होगे तो हानि उठाओगे? मलाकी के समय में परमेश्वर के प्रति भरोसेमंद लोगों ने तब उनके सामने आई इस चुनौती का सामना एक-दूसरे के साथ संगति रखने और एक-दूसरे को प्रोत्साहित करने के द्वारा किया। मलाकी उनकी इस बात के संबंध में एक महत्वपूर्ण बात लिखता है: “तब यहोवा का भय मानने वालों ने आपस में बातें की, और यहोवा ध्यान धर कर उनकी सुनता था...” (पद 16)।

      जितने परमेश्वर का भय मानते और उसका आदर करते हैं, परमेश्वर उनका ध्यान रखता है और उनकी चिंता करता है। उसने हमें संसार से मेल रखने के लिए नहीं बुलाया है, वरन दिन-प्रतिदिन उसकी निकटता में बढ़ते जाने और उस से मेल रखने के लिए बुलाया है। हम मसीही विश्वासी परमेश्वर तथा एक-दूसरे के साथ मेल रखें, एक-दूसरे को प्रोत्साहित करते रहें, और भरोसेमंद बने रहें। - पो फैंग चिया

हमारे विश्वास की परख इसलिए होती है 
ताकि हम परमेश्वर की विश्वासयोग्यता को जान सकें।

और इस संसार के सदृश न बनो; परन्तु तुम्हारी बुद्धि के नये हो जाने से तुम्हारा चाल-चलन भी बदलता जाए, जिस से तुम परमेश्वर की भली, और भावती, और सिद्ध इच्छा अनुभव से मालूम करते रहो। - रोमियों 12:2

बाइबल पाठ: मलाकी 3:13-18
Malachi 3:13 यहोवा यह कहता है, तुम ने मेरे विरुद्ध ढिठाई की बातें कही हैं। परन्तु तुम पूछते हो, हम ने तेरे विरुद्ध में क्या कहा है?
Malachi 3:14 तुम ने कहा है कि परमेश्वर की सेवा करनी व्यर्थ है। हम ने जो उसके बताए हुए कामों को पूरा किया और सेनाओं के यहोवा के डर के मारे शोक का पहिरावा पहिने हुए चले हैं, इस से क्या लाभ हुआ?
Malachi 3:15 अब से हम अभिमानी लोगों को धन्य कहते हैं; क्योंकि दुराचारी तो सफल बन गए हैं, वरन वे परमेश्वर की परीक्षा करने पर भी बच गए हैं।।
Malachi 3:16 तब यहोवा का भय मानने वालों ने आपस में बातें की, और यहोवा ध्यान धर कर उनकी सुनता था; और जो यहोवा का भय मानते और उसके नाम का सम्मान करते थे, उनके स्मरण के निमित्त उसके साम्हने एक पुस्तक लिखी जाती थी।
Malachi 3:17 सेनाओं का यहोवा यह कहता है, कि जो दिन मैं ने ठहराया है, उस दिन वे लोग मेरे वरन मेरे निज भाग ठहरेंगे, और मैं उन से ऐसी कोमलता करूंगा जैसी कोई अपने सेवा करने वाले पुत्र से करे।
Malachi 3:18 तब तुम फिरकर धर्मी और दुष्ट का भेद, अर्थात जो परमेश्वर की सेवा करता है, और जो उसकी सेवा नहीं करता, उन दोनों को भेद पहिचान सकोगे।

एक साल में बाइबल: 

  • उत्पत्ति 29-30 
  • मत्ती 9:1-17

शनिवार, 11 जनवरी 2020

अन्दर


      मैंने अपनी सहेली, एमिली, से, उसकी बेटी द्वारा अपने छोटे से हाथों में पकड़ी हुई कपड़े की गुडिया की सराहना की, तो उसने मुझ से पूछा, “क्या तुम देखना चाहोगी कि उस गुड़िया के अन्दर क्या है?” तुरंत ही कौतुहल के कारण मैंने कहा, “अवश्य।” एमिली ने उस गुड़िया को लिया, घुमाकर उलटा किया, उसकी पीठ में लगी हुई ज़िप को खोला, और उसके अन्दर से एक खज़ाना निकाला – एमिली की अपनी कपड़े की गुड़िया, जिसे वह दो दशक से भी अधिक पहले, अपने बचपन में हर समय लिए रहती थी और जिससे वह बहुत प्रेम करती थी! वह बाहरी गुड़िया तो एक ढाँचा मात्र थी, जिसे उसके अन्दर छिपी एमिली की गुड़िया बल और रूप प्रदान करती थी।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में पौलुस ने प्रभु यीशु मसीह के जीवन, मृत्यु, और पुनरुत्थान का वर्णन एक खज़ाने के समान किया है, जिसे परमेश्वर के लोग अपनी कमज़ोर मानवता में लिए फिरते हैं। जो प्रभु पर विश्वास करते हैं, उसे समर्पित रहते हैं, उन्हें यह खज़ाना सामर्थी करता है कि वे जीवन की विषम और अप्रत्याशित परिस्थितियों में भी अपनी सेवा को ज़ारी रख सकें। और जब वे ऐसा करते हैं, तो प्रभु की ज्योति – उसका जीवन – उनकी मानवता के “दरारों” में से चमकता है, औरों को प्रकाशित करता है। पौलुस हम सभी को प्रोत्साहित करता है कि हम हिम्मत न हारें (2 कुरिन्थियों 4:16), क्योंकि परमेश्वर हमें उसका कार्य करने के लिए बलवन्त करता है।

      उस अन्दर की गुड़िया के समान, हमारे अन्दर बसा प्रभु यीशु के सुसमाचार का खज़ाना, हमें इस जीवन के लिए मसीही स्वरूप,  उद्देश्य और संयम प्रदान करता है। जब हमारे अन्दर से परमेश्वर की सामर्थ्य चमकती है, तो वह औरों को यह पूछने के लिए आमंत्रित करती है कि “अन्दर क्या है?” तब हम अपने हृदय को खोल कर उन्हें दिखा सकते हैं कि हमारे अन्दर प्रभु यीशु मसीह से मिला उसका जीवनदायक वचन और उसकी अटल प्रतिज्ञाएं हैं। - कर्स्टन होल्मबर्ग

सत्य का सुसमाचार परमेश्वर के लोगों के टूटेपन में से होकर चमकता है।

क्योंकि यदि ये बातें तुम में वर्तमान रहें, और बढ़ती जाएं, तो तुम्हें हमारे प्रभु यीशु मसीह के पहचानने में निकम्मे और निष्‍फल न होने देंगी। - 2 पतरस 1:8

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 4:7-18
2 Corinthians 4:7 परन्तु हमारे पास यह धन मिट्ठी के बरतनों में रखा है, कि यह असीम सामर्थ हमारी ओर से नहीं, वरन परमेश्वर ही की ओर से ठहरे।
2 Corinthians 4:8 हम चारों ओर से क्‍लेश तो भोगते हैं, पर संकट में नहीं पड़ते; निरूपाय तो हैं, पर निराश नहीं होते।
2 Corinthians 4:9 सताए तो जाते हैं; पर त्यागे नहीं जाते; गिराए तो जाते हैं, पर नाश नहीं होते।
2 Corinthians 4:10 हम यीशु की मृत्यु को अपनी देह में हर समय लिये फिरते हैं; कि यीशु का जीवन भी हमारी देह में प्रगट हो।
2 Corinthians 4:11 क्योंकि हम जीते जी सर्वदा यीशु के कारण मृत्यु के हाथ में सौंपे जाते हैं कि यीशु का जीवन भी हमारे मरनहार शरीर में प्रगट हो।
2 Corinthians 4:12 सो मृत्यु तो हम पर प्रभाव डालती है और जीवन तुम पर।
2 Corinthians 4:13 और इसलिये कि हम में वही विश्वास की आत्मा है, (जिस के विषय मे लिखा है, कि मैं ने विश्वास किया, इसलिये मैं बोला) सो हम भी विश्वास करते हैं, इसी लिये बोलते हैं।
2 Corinthians 4:14 क्योंकि हम जानते हैं, जिसने प्रभु यीशु को जिलाया, वही हमें भी यीशु में भागी जानकर जिलाएगा, और तुम्हारे साथ अपने साम्हने उपस्थित करेगा।
2 Corinthians 4:15 क्योंकि सब वस्तुएं तुम्हारे लिये हैं, ताकि अनुग्रह बहुतों के द्वारा अधिक हो कर परमेश्वर की महिमा के लिये धन्यवाद भी बढ़ाए।
2 Corinthians 4:16 इसलिये हम हियाव नहीं छोड़ते; यद्यपि हमारा बाहरी मनुष्यत्‍व नाश भी होता जाता है, तौभी हमारा भीतरी मनुष्यत्‍व दिन प्रतिदिन नया होता जाता है।
2 Corinthians 4:17 क्योंकि हमारा पल भर का हल्का सा क्‍लेश हमारे लिये बहुत ही महत्‍वपूर्ण और अनन्त महिमा उत्पन्न करता जाता है।
2 Corinthians 4:18 और हम तो देखी हुई वस्‍तुओं को नहीं परन्तु अनदेखी वस्‍तुओं को देखते रहते हैं, क्योंकि देखी हुई वस्तुएं थोड़े ही दिन की हैं, परन्तु अनदेखी वस्तुएं सदा बनी रहती हैं।

एक साल में बाइबल: 

  • उत्पत्ति 27-28 
  • मत्ती 8:18-34

शुक्रवार, 10 जनवरी 2020

सेवक


      दफतर में काम का वह दिन थका देने वाला रहा था; परन्तु घर पहुँच कर मुझे अपने “दूसरे” काम में लग जाना था। घर में आने पर मेरी पत्नि और बच्चों से मिला स्वागत थोड़े समय में ही विभिन्न निवेदनों में बदल गया, “पापा, रात्रि के भोजन के लिए क्या है?”; “पापा, मुझे थोड़ा पानी देना”; “पापा, क्या हम फुटबाल खेल सकते हैं?”

      मेरा मन तो बस बैठकर आराम करने का था; यद्यपि मुझ में कुछ था जो मुझे एक “अच्छा पापा” होने के लिए प्रेरित कर रहा था, परन्तु मैं परिवार का सेवक बन कर उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने वाला बनना नहीं चाह रहा था। तभी मेरी नज़र उस “धन्यवादी कार्ड” पर गयी, जो मेरी पत्नि को किसी ने चर्च में दिया था। उस कार्ड पर एक बर्तन में पानी, एक तौलिया, और कुछ मैले सैंडल बने हुए थे, और उसके नीचे परमेश्वर के वचन बाइबल में से लिए गए ये शब्द “पर मैं तुम्हारे बीच में सेवक के समान हूं” (लूका 22:27) लिखे हुए थे।

      प्रभु यीशु के उनके प्रति, जिन्हें वह खोजने और बचाने आया था (लूका 19:10), उद्देश्य का यह वाक्य मेरी उस समय की आवश्यकता के अनुसार था। यदि प्रभु यीशु अपने अनुयायियों के मैले पैरों को धोकर साफ़ करने (यूहन्ना 13:1-17) के लिए तैयार थे - तो फिर मैं अपने परिवार की सहायता बिना कुड़कुड़ाए क्यों नहीं कर सकता था। उस पल में मुझे स्मरण हो आया कि मेरे परिवारजनों द्वारा उनकी सहायता के लिए किए जा रहे निवेदन केवल मेरा दायित्व ही नहीं थे, वरन मेरे लिए अवसर थे कि प्रभु यीशु के समान प्रेम दिखाने और सेवक होने के उदाहरण को कर के दिखा सकूँ।

      जब हम से सेवा के लिए निवेदन किए जाते हैं, तो वे अवसर होते हैं कि हम अपने प्रभु के और भी अधिक समान बन सकें, उसके समान सेवक हो सकें जिसने अपनी सेवा में हमारे लिए अपने प्राण बलिदान कर दिए। - एडम होल्ज़

हमारे प्रति परमेश्वर का प्रेम हमें औरों की सेवा करने का बल देता है।

क्योंकि मनुष्य का पुत्र खोए हुओं को ढूंढ़ने और उन का उद्धार करने आया है। - लूका 19:10

बाइबल पाठ: लूका 22:24-30
Luke 22:24 उन में यह वाद-विवाद भी हुआ; कि हम में से कौन बड़ा समझा जाता है
Luke 22:25 उसने उन से कहा, अन्यजातियों के राजा उन पर प्रभुता करते हैं; और जो उन पर अधिकार रखते हैं, वे उपकारक कहलाते हैं।
Luke 22:26 परन्तु तुम ऐसे न होना; वरन जो तुम में बड़ा है, वह छोटे के समान और जो प्रधान है, वह सेवक के समान बने।
Luke 22:27 क्योंकि बड़ा कौन है; वह जो भोजन पर बैठा या वह जो सेवा करता है? क्या वह नहीं जो भोजन पर बैठा है? पर मैं तुम्हारे बीच में सेवक के समान हूं।
Luke 22:28 परन्तु तुम वह हो, जो मेरी परीक्षाओं में लगातार मेरे साथ रहे।
Luke 22:29 और जैसे मेरे पिता ने मेरे लिये एक राज्य ठहराया है,
Luke 22:30 वैसे ही मैं भी तुम्हारे लिये ठहराता हूं, ताकि तुम मेरे राज्य में मेरी मेज पर खाओ-पिओ; वरन सिंहासनों पर बैठकर इस्त्राएल के बारह गोत्रों का न्याय करो।

एक साल में बाइबल: 

  • उत्पत्ति 25-26 
  • मत्ती 8:1-17

गुरुवार, 9 जनवरी 2020

स्मृति चिन्ह



      कई बार जब मैं इंटर्नेट चालू करके फेसबुक पर जाती हूँ, तो फेसबुक मुझे पिछले वर्षों में, उस दिन मैंने फेसबुक पर क्या पोस्ट किया था, उन बातों की स्मृतियाँ दिखाती है। ये स्मृतियाँ कुछ फोटो हो सकती हैं, जैसे कि मेरे भाई के विवाह की फोटो, या मेरी बेटी का मेरी दादी के साथ खेलने का वीडियो हो सकता है, और इन्हें देखकर अकसर मेरे चेहरे पर मुस्कराहट आ जाती है। परन्तु कभी-कभी उन स्मृतियों से कुछ भावुक बातें भी स्मरण हो आती हैं, जैसे कि मेरे बहनोई की कीमोथेरपी की याद, या मेरी माँ के मस्तिष्क के ओपरेशन के बाद की फोटो, आदि। ये सभी मुझे, मेरी हर परिस्थिति में मेरे साथ बनी रहने वाली परमेश्वर की भरोसेमंद उपस्थिति को स्मरण दिलाती हैं। फेसबुक की यह स्मृतियाँ मुझे परमेश्वर के प्रति धन्यवादी, और प्रार्थना करने वाला बनाने की ओर बढ़ावा देती हैं।

      हम सभी को स्मृतियों की आवशयकता होती है, नहीं तो हम कई बातों को जो परमेश्वर ने हमारे लिए की हैं भूल जाते हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि जब यहोशू परमेश्वर के लोगों, इस्राएलियों, को वाचा किए हुए देश में बसाने के लिए लेकर चला, तो उन्हें उस देश में प्रवेश करने के लिए यर्दन नदी को पार करना था (यहोशू 3:15-16)। परमेश्वर ने यर्दन के पानी को विभाजित कर दिया, और उसके लोग सूखी भूमि पर से होकर पार उतर गए (पद 17)। इस आश्चर्यकर्म का स्मृति चिन्ह बनाने के लिए उन्होंने नदी में से बारह बड़े पत्थर उठाए और पार की भूमि पर उनका ढेर बना दिया (4:3, 6-7)। यह इसलिए था कि आते समयों में जब भी उनकी संतानें या कोई अन्य उनके बारे में पूछे तो परमेश्वर के लोग उन्हें बताएं कि उस दिन परमेश्वर ने उनके लिए क्या कर के दिया था।

      बीते समय में हमारे प्रति परमेश्वर की विश्वासयोग्यता के स्मृति-चिन्ह हमें उस पर अपने वर्तमान तथा भविष्य के लिए भरोसा बनाए रखने में सहायक हो सकते हैं। - एमी पीटरसन

बीते वर्षों में, और आते समयों के लिए, 
परमेश्वर की विश्वासयोग्यता के लिए उसका धन्यवाद।

यहोवा और उसकी सामर्थ को खोजो, उसके दर्शन के लगातार खोजी बने रहो! उसके किए हुए आश्चर्यकर्म स्मरण करो, उसके चमत्कार और निर्णय स्मरण करो! – भजन 105:4 - 5

बाइबल पाठ: यहोशू 3:14 - 4:7
Joshua 3:14 सो जब प्रजा के लोगों ने अपने डेरों से यरदन पार जाने को कूच किया, और याजक वाचा का सन्दूक उठाए हुए प्रजा के आगे आगे चले,
Joshua 3:15 और सन्दूक के उठाने वाले यरदन पर पहुंचे, और सन्दूक के उठाने वाले याजकों के पांव यरदन के तीर के जल में डूब गए (यरदन का जल तो कटनी के समय के सब दिन कड़ारों के ऊपर ऊपर बहा करता है),
Joshua 3:16 तब जो जल ऊपर की ओर से बहा आता था वह बहुत दूर, अर्थात आदाम नगर के पास जो सारतान के निकट है रूककर एक ढेर हो गया, और दीवार सा उठा रहा, और जो जल अराबा का ताल, जो खारा ताल भी कहलाता है, उसकी ओर बहा जाता था, वह पूरी रीति से सूख गया; और प्रजा के लाग यरीहो के साम्हने पार उतर गए।
Joshua 3:17 और याजक यहोवा की वाचा का सन्दूक उठाए हुए यरदन के बीचोंबीच पहुंचकर स्थल पर स्थिर खड़े रहे, और सब इस्राएली स्थल ही स्थल पार उतरते रहे, निदान उस सारी जाति के लोग यरदन पार हो गए।
Joshua 4:1 जब उस सारी जाति के लोग यरदन के पार उतर चुके, तब यहोवा ने यहोशू से कहा,
Joshua 4:2 प्रजा में से बारह पुरूष, अर्थात गोत्र पीछे एक एक पुरूष को चुनकर यह आज्ञा दे,
Joshua 4:3 कि तुम यरदन के बीच में, जहां याजकों ने पांव धरे थे वहां से बारह पत्थर उठा कर अपने साथ पार ले चलो, और जहां आज की रात पड़ाव होगा वहीं उन को रख देना।
Joshua 4:4 तब यहोशू ने उन बारह पुरूषों को, जिन्हें उसने इस्राएलियों के प्रत्येक गोत्र में से छांटकर ठहरा रखा था,
Joshua 4:5 बुलवाकर कहा, तुम अपने परमेश्वर यहोवा के सन्दूक के आगे यरदन के बीच में जा कर इस्राएलियों के गोत्रों की गिनती के अनुसार एक एक पत्थर उठा कर अपने अपने कन्धे पर रखो,
Joshua 4:6 जिस से यह तुम लोगों के बीच चिन्हानी ठहरे, और आगे को जब तुम्हारे बेटे यह पूछें, कि इन पत्थरों का क्या मतलब है?
Joshua 4:7 तब तुम उन्हें उत्तर दो, कि यरदन का जल यहोवा की वाचा के सन्दूक के साम्हने से दो भाग हो गया था; क्योंकि जब वह यरदन पार आ रहा था, तब यरदन का जल दो भाग हो गया। सो वे पत्थर इस्राएल को सदा के लिये स्मरण दिलाने वाले ठहरेंगे।

एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 23-24
  • मत्ती 7



बुधवार, 8 जनवरी 2020

क्षमा



      मेरी चिकत्सा के बिल को देखकर मेरी आँखों में आँसू आ गए। लंबे समय तक बेरोजगार रहने के बाद अब मेरे पति को मिलने वाली मासिक आय में से उस बिल को किश्तों में भी चुकाने में हमें कई वर्ष लग जाने थे। मैंने डॉक्टर के दफ्तर में फोन करके उसे अपनी परिस्थिति समझाने और बिल को मासिक किश्तों में चुकाने की अनुमति मांगने से पहले परमेश्वर से प्रार्थना की। डॉक्टर के दफ्तर में फोन उसकी सेक्रेटरी ने उठाया और मेरी बात सुनने के बाद मुझ से कहा कि मैं थोड़ी देर फोन पर बनी रहूं, जब तक कि वह डॉक्टर से बात करके मुझे उसका उत्तर न बता दे। कुछ ही समय में सेक्रेटरी ने मुझे बताया कि डॉक्टर ने मेरा पूरा बिल माफ़ कर दिया है, अब मुझे कुछ भी चुकाने की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।

      मैंने उनके इस उदार उपहार के लिए सुबकते हुए उनके प्रति अपना धन्यवाद प्रगट किया; मैं उनके प्रति अपनी कृतज्ञता से अभिभूत थी। फोन को रखते हुए मैंने परमेश्वर का भी धन्यवाद किया, और मैं उस बिल को स्मृति के रूप में बचा कर रखने पर विचार करने लगी – उसके लिए नहीं जो मुझे चुकाना था, वरन उसके लिए जो परमेश्वर ने मेरे लिए करके दिया था।

      मेरे चिकित्सक द्वारा मेरा बिल को क्षमा कर देना चुनना मुझे परमेश्वर द्वारा मेरे अजेय पापों को क्षमा कर देने को स्मरण दिलाता है। परमेश्वर का वचन बाइबल हमें आश्वस्त करती है कि हमारा परमेश्वर “दयालु, अनुग्रहकारी, और अत्यंत करुणामय है” (भजन 103:8)। वह हमसे “हमारे पापों के अनुसार व्यवहार नहीं करता है” (पद 10) वरन वह हमारे पापों को हमसे इतना दूर कर देता है जितना “पूर्व से पश्चिम दूर है” (पद 12)। हम जब अपने पापों को मानकर उनके लिए पश्चाताप करते हैं, प्रभु यीशु से उनके लिए क्षमा मांगकर अपने जीवन प्रभु को समर्पित कर देते हैं तो वह हमारे पापों कू पूर्णतः क्षमा कर के उन्हें मिटा देता है, फिर हमारे चुकाने के लिए कुछ भी शेष नहीं रह जाता है।

      एक बार जब हमें प्रभु से यह क्षमा प्राप्त हो जाती है तो फिर हमारा यह बीते समय का ॠण हमें किसी भी प्रकार से सीमित अथवा परिभाषित नहीं कर सकता है। प्रभु परमेश्वर से मिली क्षमा की इस असाधारण और बहुमूल्य भेंट के लिए हमें उसके कृतज्ञ रहना चाहिए,  उसका धन्यवाद और गुणगान, उसकी आराधना करते रहना चाहिए और उसके इस कार्य का बखान संसार के लोगों के समक्ष करते रहना चाहिए। - जोशील डिक्सन

पाप द्वारा हम पर चढ़ा अजेय ॠण, महान प्रभु द्वारा उतार दिया गया है।

तेरे समान ऐसा परमेश्वर कहां है जो अधर्म को क्षमा करे और अपने निज भाग के बचे हुओं के अपराध को ढांप दे? वह अपने क्रोध को सदा बनाए नहीं रहता, क्योंकि वह करूणा से प्रीति रखता है। - मीका 7:18

बाइबल पाठ: भजन 103:1-12
Psalms 103:1 हे मेरे मन, यहोवा को धन्य कह; और जो कुछ मुझ में है, वह उसके पवित्र नाम को धन्य कहे!
Psalms 103:2 हे मेरे मन, यहोवा को धन्य कह, और उसके किसी उपकार को न भूलना।
Psalms 103:3 वही तो तेरे सब अधर्म को क्षमा करता, और तेरे सब रोगों को चंगा करता है,
Psalms 103:4 वही तो तेरे प्राण को नाश होने से बचा लेता है, और तेरे सिर पर करूणा और दया का मुकुट बान्धता है,
Psalms 103:5 वही तो तेरी लालसा को उत्तम पदार्थों से तृप्त करता है, जिस से तेरी जवानी उकाब के समान नई हो जाती है।
Psalms 103:6 यहोवा सब पिसे हुओं के लिये धर्म और न्याय के काम करता है।
Psalms 103:7 उसने मूसा को अपनी गति, और इस्राएलियों पर अपने काम प्रगट किए।
Psalms 103:8 यहोवा दयालु और अनुग्रहकरी, विलम्ब से कोप करने वाला और अति करूणामय है।
Psalms 103:9 वह सर्वदा वादविवाद करता न रहेगा, न उसका क्रोध सदा के लिये भड़का रहेगा।
Psalms 103:10 उसने हमारे पापों के अनुसार हम से व्यवहार नहीं किया, और न हमारे अधर्म के कामों के अनुसार हम को बदला दिया है।
Psalms 103:11 जैसे आकाश पृथ्वी के ऊपर ऊंचा है, वैसे ही उसकी करूणा उसके डरवैयों के ऊपर प्रबल है।
Psalms 103:12 उदयाचल अस्ताचल से जितनी दूर है, उसने हमारे अपराधों को हम से उतनी ही दूर कर दिया है।

एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 20-22
  • मत्ती 6:19-34



मंगलवार, 7 जनवरी 2020

नाम



      क्लियोपेट्रा, गैलीलियो, शेक्सपियर, एल्विस, पेले आदि ऐसे सुविख्यात नाम हैं कि उनकी पहचान समझने के लिए बस उनका नाम लेना ही काफी है। उन्होंने जो किया और जो वो थे, उसके कारण उन्होंने इतिहास में अपना नाम और स्थान बना लिया है। परन्तु एक नाम और है जो समस्त संसार के इतिहास में अद्वितीय और सर्वोच्च है – प्रभु यीशु मसीह।

      परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बताती है कि संसार में परमेश्वर का पुत्र बनकर उनके जन्म लेने से पहले, परमेश्वर की ओर से भेजे गए स्वर्गदूत ने प्रभु यीशु की सांसारिक माता पिता, मरियम और यूसुफ से कहा था कि, “वह पुत्र जनेगी और तू उसका नाम यीशु रखना; क्योंकि वह अपने लोगों का उन के पापों से उद्धार करेगा” (मती 1:21); और “वह महान होगा; और परमप्रधान का पुत्र कहलाएगा; और प्रभु परमेश्वर उसके पिता दाऊद का सिंहासन उसको देगा” (लूका 1:32)। प्रभु यीशु इस संसार में कोई प्रसिद्ध व्यक्ति बनकर नहीं आए, वरन एक ऐसे सेवक के स्वरूप में आए जिसने अपने आप को दीन और नम्र किया तथा बनाए रखा, और क्रूस पर अपना बलिदान दे दिया जिससे जो भी स्वेच्छा से उनपर विश्वास करे वह अपने इस विश्वास के आधार पर पापों से मुक्ति और उद्धार प्राप्त कर सके।

      प्रेरित पौलुस ने लिखा, “इस कारण परमेश्वर ने उसको अति महान भी किया, और उसको वह नाम दिया जो सब नामों में श्रेष्ठ है। कि जो स्वर्ग में और पृथ्वी पर और जो पृथ्वी के नीचे है; वे सब यीशु के नाम पर घुटना टेकें। और परमेश्वर पिता की महिमा के लिये हर एक जीभ अंगीकार कर ले कि यीशु मसीह ही प्रभु है” (फिलिप्पियों 2:9-11)।

      हमारे सबसे अधिक आनन्द का समय हो या हमारी सबसे गहरी आवश्यकता का समय, हम जिस नाम को थामे रहते हैं वह है “प्रभु यीशु मसीह” – उसका वायदा है कि वह न हमें कभी छोड़ेगा और न कभी त्यागेगा, वरन हर समय हमारे साथ बना रहेगा। - डेविड मैक्कैसलैंड

जब तक कि प्रभु यीशु को सर्वोपरि नहीं जाना जाता है, उसे जाना ही नहीं जाता है।

तुम्हारा स्‍वभाव लोभरिहत हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा। इसलिये हम बेधड़क हो कर कहते हैं, कि प्रभु, मेरा सहायक है; मैं न डरूंगा; मनुष्य मेरा क्या कर सकता है। - इब्रानियों 13:5-6

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 2: 5-11
Philippians 2:5 जैसा मसीह यीशु का स्‍वभाव था वैसा ही तुम्हारा भी स्‍वभाव हो।
Philippians 2:6 जिसने परमेश्वर के स्‍वरूप में हो कर भी परमेश्वर के तुल्य होने को अपने वश में रखने की वस्तु न समझा।
Philippians 2:7 वरन अपने आप को ऐसा शून्य कर दिया, और दास का स्‍वरूप धारण किया, और मनुष्य की समानता में हो गया।
Philippians 2:8 और मनुष्य के रूप में प्रगट हो कर अपने आप को दीन किया, और यहां तक आज्ञाकारी रहा, कि मृत्यु, हां, क्रूस की मृत्यु भी सह ली।
Philippians 2:9 इस कारण परमेश्वर ने उसको अति महान भी किया, और उसको वह नाम दिया जो सब नामों में श्रेष्ठ है।
Philippians 2:10 कि जो स्वर्ग में और पृथ्वी पर और जो पृथ्वी के नीचे है; वे सब यीशु के नाम पर घुटना टेकें।
Philippians 2:11 और परमेश्वर पिता की महिमा के लिये हर एक जीभ अंगीकार कर ले कि यीशु मसीह ही प्रभु है।

एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 18-19
  • मत्ती 6:1-18