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रविवार, 26 दिसंबर 2010

प्रबल आशा

आज नास्तिक साम्यवाद का प्रभाव संसार में कम होता जा रहा है, किंतु जब साम्यवाद संसार में एक बड़ी शक्ति के रूप में उभरा था तो उसके प्रतिपादकों ने घोषणा करी कि ईश्वर का कोई असतित्व नहीं है और इस जीवन के बाद किसी जीवन की आशा रखना धोखा और भ्रम है। रूस के राष्ट्रपति लियोनिड ब्रैज़नेव अपने समय में इस मार्क्सवादि सिद्धांत की प्रतिमूर्ति थे; लेकिन उनकी अंतिम क्रिया के समय कुछ ऐसा हुआ जिसने इस नास्तिक्ता के सिद्धांत का खण्डन किया। उस समय जार्ज बुश अमेरिका के उपराष्ट्रपति थे और ब्रैज़नेव के अन्तिम संसकार में अमेरिका का प्रतिनिधित्व कर रहे थे।

जार्ज बुश ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि जब तक कफन का ढक्कन खुला रहा तब तक ब्रैज़नेव की पत्नि उसके पास अविचल खड़ी अपने पति के शव की ओर देखती रही। सनिकों के कफन को बंद करने के कुछ क्षण पहले उन्होंने हाथ बढ़ा कर अपनी उंगुली से ब्रैज़नेव की छाती पर क्रूस का निशान बना दिया; कैसा अर्थपूर्ण और भावनात्मक प्रयास! उस विध्वा को शायद यह आशा थी कि सारी उम्र जिस परमेश्वर को उसका पति अपनी पूरी सामर्थ से नकारता रहा और जिसका विरोध करता रहा, वही अब अपनी करुणा में उस पर दया दिखाएगा।

परमेश्वर का धन्यवाद हो कि हमारे लिये इस पृथ्वी के जीवन बाद भी एक आशा का मार्ग है। बस हमें इतना करना है कि सच्चे मन और विश्वास से क्रूस के उद्धारकारी संदेश - प्रभु यीशु हमारे पापों के लिये मारा गया और तीसरे दिन जी उठा जिससे हम उसके साथ अनन्तकाल तक जी सकें, को मानकर ग्रहण कर लेना है।

क्या आप ने यह विश्वास किया है? यदि हां तो प्रेरित पौलुस के साथ मिलकर कहिये "हमारी आशा उस जीवते परमेश्वर पर है जो सब मनुष्यों का, और निज करके विश्वासियों का उद्धारकर्ता है।" (१ तिमुथियुस ४:१०)


अनन्त जीवन का एकमात्र मार्ग यीशु मसीह के कलवरी के क्रूस से होकर ही है।

पर ऐसा न हो, कि मैं और किसी बात का घमण्‍ड करूं, केवल हमारे प्रभु यीशु मसीह के क्रूस का जिस के द्वारा संसार मेरी दृष्‍टि में और मैं संसार की दृष्‍टि में क्रूस पर चढ़ाया गया हूं। - गलतियों ६:१४


बाइबल पाठ: फिलिपियों २:५-११

जैसा मसीह यीशु का स्‍वभाव था वैसा ही तुम्हारा भी स्‍वभाव हो।
जिस ने परमेश्वर के स्‍वरूप में होकर भी परमेश्वर के तुल्य होने को अपने वश में रखने की वस्‍तु न समझा।
वरन अपने आप को ऐसा शून्य कर दिया, और दास का स्‍वरूप धारण किया, और मनुष्य की समानता में हो गया।
और मनुष्य के रूप में प्रगट होकर अपने आप को दीन किया, और यहां तक आज्ञाकारी रहा, कि मृत्यु, हां, क्रूस की मृत्यु भी सह ली।
इस कारण परमेश्वर ने उसको अति महान भी किया, और उसको वह नाम दिया जो सब नामों में श्रेष्‍ठ है।
कि जो स्‍वर्ग में और पृथ्वी पर और जो पृथ्वी के नीचे हैं वे सब यीशु के नाम पर घुटना टेकें।
और परमेश्वर पिता की महिमा के लिये हर एक जीभ अंगीकार कर ले कि यीशु मसीह ही प्रभु है।

एक साल में बाइबल:
  • हग्गै १, २
  • प्रकाशितवाक्य १७

शनिवार, 25 दिसंबर 2010

मरियम का क्रिसमस

बैतलहेम की वह रात, जिस रात उसने राजाओं के राजा को जन्म दिया, सहमी हुई युवती मरियम के लिये शान्त और सौम्य नहीं रही होगी। मरियम के पास अपने शिशु के जन्म की पीड़ा को सहने में सहायातार्थ सिवाय उसके बढ़ई पति यूसुफ के सख्त और खुरदुरे हाथों के और कुछ नही था। निकट के मैदानों में चरवाहों ने तो उस शिशु के जन्म की खुशी में स्वर्गदूतों से गीत सुने परन्तु मरियम और युसुफ के लिये तो गौशाला के जान्वरों की, प्रसव पीड़ा की और नवजात शिशु के रोने की आवाज़ ही थी। बाहर आकाश में एक विशेष सितारा अपनी चमक बिखेर रहा था, लेकिन इन दो परदेशी आगन्तुकों के लिये गौशाला का निरानन्द दृश्य ही था।

जब युसुफ ने मरियम के हाथों में उस शिशु को रखा तो विस्मय, पीड़ा, भय और आनन्द की मिली-जुली भावनाएं उसके हृदय से होकर गुज़री होंगी। स्वर्गदूत की प्रतिज्ञा के कारण वह जानती थी कि कपड़े में लिपटा यह नन्हा सा बालक "परमप्रधान का पुत्र" (लूका १:३२) है, और जब उस धुंधली सी रौशनी में मरियम ने उस शिशु की आंखों में झांक कर फिर युसुफ की ओर देखा होगा तो उसे असमंजस हुआ होगा कि वह कैसे सृष्टि के चलाने वाले और ऐसे अधिपति के मातृत्व की ज़िम्मेवारी संभाल पाएगी, जिसके राज्य का कोई अन्त नहीं होगा।

उस विशेष रात्रि को मरियम के लिये विचार करने को बहुत कुछ था।

अब २००० वर्ष के पश्चात, हम में से प्रत्येक को यीशु के जन्म के महत्व और बाद में उसके मारे जाने, पुनुरुत्थान और फिर लौट कर आने के वायदे के बारे में गंभीरता से विचार करने की आवश्यक्ता है। - डेव ब्रैनन


परमेश्वर हमारे साथ रहने आया, जिससे हमें उसके साथ निवास करने का मार्ग मिल सके।

परन्‍तु मरियम ये सब बातें अपने मन में रखकर सोचती रही। - लूका २:१९


बाइबल पाठ: लूका १:२६-३५

छठवें महीने में परमेश्वर की ओर से जिब्राईल स्‍वर्गदूत गलील के नासरत नगर में एक कुंवारी के पास भेजा गया।
जिस की मंगनी यूसुफ नाम दाऊद के घराने के एक पुरूष से हुई थी: उस कुंवारी का नाम मरियम था।
और स्‍वर्गदूत ने उसके पास भीतर आकर कहा, आनन्‍द और जय तेरी हो, जिस पर ईश्वर का अनुग्रह हुआ है, प्रभु तेरे साथ है।
वह उस वचन से बहुत घबरा गई, और सोचने लगी, कि यह किस प्रकार का अभिवादन है?
स्‍वर्गदूत ने उस से कहा, हे मरियम, भयभीत न हो, क्‍योंकि परमेश्वर का अनुग्रह तुझ पर हुआ है।
और देख, तू गर्भवती होगी, और तेरे एक पुत्र उत्‍पन्न होगा, तू उसका नाम यीशु रखना।
वह महान होगा और परमप्रधान का पुत्र कहलाएगा और प्रभु परमेश्वर उसके पिता दाऊद का सिंहासन उस को देगा।
और वह याकूब के घराने पर सदा राज्य करेगा और उसके राज्य का अन्‍त न होगा।
मरियम ने स्‍वर्गदूत से कहा, यह क्‍योंकर होगा? मैं तो पुरूष को जानती ही नहीं।
स्‍वर्गदूत ने उस को उत्तर दिया कि पवित्र आत्मा तुझ पर उतरेगा, और परमप्रधान की सामर्थ तुझ पर छाया करेगी इसलिये वह पवित्र जो उत्‍पन्न होने वाला है, परमेश्वर का पुत्र कहलाएगा।

एक साल में बाइबल:
  • सपन्याह १-३
  • प्रकाशितवाक्य १६

शुक्रवार, 24 दिसंबर 2010

परमेश्वर का विशेष स्थान

एक युवती, ग्रेस डिटमैनसन ऐडम्स, अपने मिशनरी माता-पिता के साथ, १९२० के दशक के अंतिम वर्षों में, चीन के अन्दरूनी इलाकों में यात्राएं किया करती थी। बाद में उसने अपनी इन यात्राओं और रात ठहरने के लिये भीड़-भाड़ वाले स्थानों के अनुभवों के बारे में लिखा। गांवों की उन सरायों में लोग भरे होते थे, कोई खांसता होता था, कोई छींकता तो कई धुम्रपान करते रहते; नन्हे शिशु रोते रहते और बच्चे खिसियाते होते थे। ऐसे स्थानों में उनका परिवार सभी लोगों के साथ किसी बड़े से कमरे में उन्हें जहां जगह मिलती वहां अपना बिस्तर लकड़ी के तखतों पर बिछाकर रात काट लेता था।

एक बरफीली रात वे एक सराय में पहुंचे तो मालुम पड़ा कि वो बिल्कुल ठसाठस भरी हुई है। सराय के मालिक ने पहले तो उन्हें जगह देने में अपनी असमर्थता बताई, फिर थोड़ा ठहरकर उसने उनसे कहा "मेरे पीछे आईये।" वह उन्हें साथ के एक कमरे में ले गया जो खेती के सामान और भूसे को रखने का गोदाम था। उस रात उनका परिवार भीड़ के शोर और परेशानी से दूर, शान्ति के साथ अपने विशेष स्थान में आराम से सोया।

इसके बाद जब भी ग्रेस प्रभु यीशु के जन्म के बारे में पढ़ती थी कि यीशु की माता मरियम "...अपना पहिलौठा पुत्र जनी और उसे कपड़े में लपेट कर चरनी में रखा: क्‍योंकि उन के लिये सराय में जगह न थी" (लूका २:७), तो उसका दृष्टिकोण इस घटना के बारे में अन्य लोगों से भिन्न होता था। प्रभु के जन्म की इस घटना को लेकर बहुत से लोग सराय के स्वामी को प्रभु यीशु को तिरिस्कृत करने वाले निष्ठुर और पापी संसार के प्रतीक के रूप में देखते हैं, लेकिन अब ग्रेस ने समझा कि परमेश्वर ने उस सराय के स्वामी को प्रभु यीशु के लिये भीड़ से अलग, एकान्त में विशेष जन्म स्थान उपलब्ध कराने के लिये प्रयोग किया।

विश्वास की आंखों से हम मरियम के लिये परमेश्वर के विशेष स्थान के प्रबंध को देख सकते हैं। यदि आप अपनी कठिनाइयों और परिस्थितियों में अपने को लाचार पाते हैं, तो स्मरण रखिये कि आपको सकुशल रखने के लिये भी परमेश्वर के पास कोई विशेष स्थान है। - डेविड मैककैसलैंड


जो परमेश्वर को जीवन की आपूर्ति करने देते हैं वे संतुष्ट और सुखी रहते हैं।

और वह अपना पहिलौठा पुत्र जनी और उसे कपड़े में लपेट कर चरनी में रखा: क्‍योंकि उन के लिये सराय में जगह न थी। - लूका २:७


बाइबल पाठ: लूका २:१-७

उन दिनों में औगूस्‍तुस कैसर की ओर से आज्ञा निकली, कि सारे जगत के लोगों के नाम लिखे जाएं।
यह पहली नाम लिखाई उस समय हुई, जब क्‍विरिनयुस सूरिया का हाकिम था।
और सब लोग नाम लिखवाने के लिये अपने अपने नगर को गए।
सो यूसुफ भी इसलिये कि वह दाऊद के घराने और वंश का था, गलील के नासरत नगर से यहूदिया में दाऊद के नगर बैतलहम को गया।
कि अपनी मंगेतर मरियम के साथ जो गर्भवती थी नाम लिखवाए।
उस के वहां रहते हुए उसके जनने के दिन पूरे हुए।
और वह अपना पहिलौठा पुत्र जनी और उसे कपड़े में लपेट कर चरनी में रखा: क्‍योंकि उन के लिये सराय में जगह न थी।

एक साल में बाइबल:
  • हबकुक १-३
  • प्रकाशितवाक्य १५

गुरुवार, 23 दिसंबर 2010

उदार मन

अपनी अन्तदृष्टिपूर्ण कहानियों के संकलन "The Forgotten Man" में लेखिका एमिटी शलेस ने १९३० के दशक में अमेरिका की भयानक आर्थिक मंदी के समय के जीवन के पहलुओं पर ध्यान आकर्षित किया है। इन कहानियों का केंद्र बिंदु है "भुलाया हुआ मनुष्य" - जो उस समय के अनगिनित बेरोज़गार लोगों के लिये प्रयोग होने वाली संज्ञा थी।

उस आर्थिक मंदी के दौर का एक प्रचलित गीत ऐसे लोगों की व्यथा को मार्मिक रूप में कहता है। गीत कुछ इस तरह से है:
"वे मुझसे कहते थे कि मैं आने वाली शान्ति और गौरव का सपना साकार कर रहा हूं; तो फिर मैं रोटी की भिक्षा पाने की प्रतीक्षा में पंक्ति में क्यों खड़ा हूं?
कभी मैं रेल पथ का निर्माण कर रहा था, मैंने उसे बनाया और चलाया, समय से तेज़ चलाया; कभी मैंने रेलपथ बनाया था, अब जब वह बन चुका है, तो भाई क्या मुझे कुछ दमड़ी दान दे सकते हो?"

जैसे ये गीत के बोल याद दिलाते हैं, आर्थिक मंदी मेहनतकश लोगों के हालात उथल-पुथल कर देती है। ऐसे में, मसीही होने के नाते, हमें उनकी सहायता के लिये जो बन सके वो करना चाहिये।

गलतियों कि मण्डली को लिखे अपने पत्र में पौलुस स्मरण करता है कि कैसे उसे और बरनबास को यरुशलेम में मण्डली के अगुवों ने "केवल यह कहा, कि हम कंगालों की सुधि लें, और इसी काम के करने का मैं आप भी यत्‍न कर रहा था।" (गलतियों २:१०) पौलुस के जीवन में हम देखते हैं कि कैसे वह सुसमाचार प्रचार करने और आर्थिक रूप से ज़रूरतमंदों की सहायता करने में लगा रहा (प्रेरितों ११:२९, ३०; १ कुरिन्थियों १६:१-३)।

कठिन समयों में, पौलुस के समान, हमें भी आत्मिक और शारीरिक ज़रूरतमंदों की सहायता में सन्लगन रहना चाहिये। थोड़ा सा धन चाहे ज़्यादा दूर तक साथ न दे, परन्तु उदार मन बहुत दूर तक साथ निभाता है; और उद्धारकर्ता परमेश्वर प्रभु यीशु, इस जीवन के बाद भी साथ निभाता है। - डेनिस फिशर


झुककर किसी दूसरे को उठना हृदय के लिये अच्छा व्यायाम है।

जो अपने पड़ोसी को तुच्छ जानता, वह पाप करता है, परन्तु जो दीन लोगों पर अनुग्रह करता, वह धन्य होता है। - नीतिवचन १४:२१


बाइबल पाठ: २ कुरिन्थियों ९:६-१५

परन्‍तु बात तो यह है, कि जो थोड़ा बोता है वह थोड़ा काटेगा भी और जो बहुत बोता है, वह बहुत काटेगा।
हर एक जन जैसा मन में ठाने वैसा ही दान करे न कुढ़ कुढ़ के, और न दबाव से, क्‍योंकि परमेश्वर हर्ष से देने वाले से प्रेम रखता है।
और परमेश्वर सब प्रकार का अनुग्रह तुम्हें बहुतायत से दे सकता है जिस से हर बात में और हर समय, सब कुछ, जो तुम्हें आवश्यक हो, तुम्हारे पास रहे, और हर एक भले काम के लिये तुम्हारे पास बहुत कुछ हो।
जैसा लिखा है, उस ने बिथराया, उस ने कंगालों को दान दिया, उसका धर्म सदा बना रहेगा।
सो जो बोने वाले को बीज, और भोजन के लिये रोटी देता है वह तुम्हें बीज देगा, और उसे फलवन्‍त करेगा और तुम्हारे धर्म के फलों को बढ़ाएगा।
कि तुम हर बात में सब प्रकार की उदारता के लिये जो हमारे द्वारा परमेश्वर का धन्यवाद करवाती है, धनवान किए जाओ।
क्‍योंकि इस सेवा के पूरा करने से, न केवल पवित्र लोगों की घटियां पूरी होती हैं, परन्‍तु लोगों की ओर से परमेश्वर का बहुत धन्यवाद होता है।
क्‍योंकि इस सेवा से प्रमाण लेकर परमेश्वर की महिमा प्रगट करते हैं, कि तुम मसीह के सुसमाचार को मान कर उसके आधीन रहते हो, और उन की, और सब की सहायता करने में उदारता प्रगट करते रहते हो।
ओर वे तुम्हारे लिये प्रार्थना करते हैं और इसलिये कि तुम पर परमेश्वर का बड़ा ही अनुग्रह है, तुम्हारी लालसा करते रहते हैं।
परमेश्वर को उसके उस दान के लिये जो वर्णन से बाहर है, धन्यवाद हो।

एक साल में बाइबल:
  • नहूम १-३
  • प्रकाशितवाक्य १४

बुधवार, 22 दिसंबर 2010

उद्धारकर्ता या न्यायी?

किसी रात जब आप शहर की रौशनी और चकाचौंध से दूर हों तो अपनी नज़रें ऊपर उठाकर देखियेगा, वहां आकाश में आपको क्षितिज से क्षितिज तक चमकते सितारों का पुंज दिखाई देगा और दूधिया आकाशगंगा की पट्टी, जिसका हम एक हिस्सा हैं, दिखाई देगी। परमेश्वर, अपने पवित्र वचन बाइबल में पूछता है "अपनी आंखें ऊपर उठाकर देखो, किस ने इनको सिरजा?" (यशायाह ४०:२६)

खगोल शास्त्री साईमन ड्राइवर का कहना है कि यदि आपकी दृष्टि ठीक है तो आप लगभग ५००० सितारे देख सकते हैं। लेकिन इससे भी कहीं आधिक संख्या उन नक्षत्रों की है जिन्हें बिना विशेष उपकरणों के नहीं देखा जा सकता। सन १९९५ में Hubble Deep Field Study के वैज्ञानिक अपने अंत्रिक्ष अनुसंधान द्वारा इस निषकर्ष पर पहुंचे कि आकाश में करोड़ों नक्षत्र पुंज (galaxy) हैं और हर नक्षत्र पुंज में करोड़ों नक्षत्र हैं। एक अनुमान के अनुसार, पृथ्वी के हर ज़र्रे के लिये १० से भी अधिक नक्षत्र आकाश में मौजूद हैं।

लेकिन फिर भी, हर रात परमेश्वर "...इन गणों को गिन गिन कर निकालता, उन सब को नाम ले लेकर बुलाता है; वह ऐसा सामर्थी और अत्यन्त बली है कि उन में के कोई बिना आए नहीं रहता।" (यशायाह ४०:२६) भजनकार कहता है "वह तारों को गिनता, और उन में से एक एक का नाम रखता है।" (भजन १४७:४) जो ऐसा सामर्थी और सर्वज्ञानी परमेश्वर है उसके लिये फिर क्यों लोग सोचते हैं कि "...मेरा मार्ग यहोवा के छिपा हुआ है, मेरा परमेश्वर मेरे न्याय की कुछ चिन्ता नहीं करता?" (यशायाह ४०:२७) जो परमेश्वर प्रत्येक नक्षत्र का स्थान निर्धारित करके उसे नाम लेकर बुला सकता और उसको संभाल सकता है, वह आप को भी अपनी उसी सामर्थ से संभाल सकता है। ऐसा अद्भुत परमेश्वर किसी कल्पना का विष्य नहीं है और न ही उसके न्याय को, जिसका प्रमाण उसने प्रभु यीशु को मुर्दों से जिलाकर दिया, हंसी में उड़ाया जा सकता है। "सो परमेश्वर का वंश होकर हमें यह समझना उचित नहीं, कि ईश्वरत्‍व, सोने या रूपे या पत्थर के समान है, जो मनुष्य की कारीगरी और कल्पना से गढ़े गए हों। इसलिये परमेश्वर आज्ञानता के समयों की अनाकानी करके, अब हर जगह सब मनुष्यों को मन फिराने की आज्ञा देता है। क्‍योंकि उस ने एक दिन ठहराया है, जिस में वह उस मनुष्य के द्वारा धर्म से जगत का न्याय करेगा, जिसे उस ने ठहराया है और उसे मरे हुओं में से जिलाकर, यह बात सब पर प्रामाणित कर दी है।" (प्रेरितों १७:२९-३१)

आज रात अपनी आंखें ऊपर उठाकर देखिये और अपने आप से पूछिये, ऐसे अद्भुत और पराक्रमी परमेश्वर से आप किस रूप में मिलना चाहेंगे - अपने निज उद्धारकर्ता और रक्षक के रूप में, या न्याय सिहांसन पर बैठ कर आपके जीवन का हिसाब लेने वाले के रूप में? फैसला आपका है! - डेविड रोपर


हम आंखों से सृष्टिकर्ता परमेश्वर की सामर्थ को देखते हैं और मन से उसके प्रेम को अनुभव करते हैं।

अपनी आंखें ऊपर उठाकर देखो, किस ने इनको सिरजा? - यशायाह ४०:२६


बाइबल पाठ: यशायाह ४०:२५-२७

सो तुम मुझे किस के समान बताओगे कि मैं उसके तुल्य ठहरूं? उस पवित्र का यही वचन है।
अपनी आंखें ऊपर उठाकर देखो, किस ने इनको सिरजा? वह इन गणों को गिन गिनकर निकालता, उन सब को नाम ले लेकर बुलाता है; वह ऐसा सामर्थी और अत्यन्त बली है कि उन में से कोई बिना आए नहीं रहता।
हे याकूब, तू क्यों कहता है, हे इस्राएल तू क्यों बोलता है, मेरा मार्ग यहोवा से छिपा हुआ है, मेरा परमेश्वर मेरे न्याय की कुछ चिन्ता नहीं करता?

एक साल में बाइबल:
  • मीका ६, ७
  • प्रकाशितवाक्य १३

मंगलवार, 21 दिसंबर 2010

केवल परमेश्वर

मई २९, १९५३ के दिन, न्यूज़ीलैंड के एडमंड हिलेरी और उनके शेरपा तेनज़िंग नोरगे संसार के सबसे ऊंचे पर्वत एवरेस्ट के शिखर पर चढ़ने वाले सबसे पहले व्यक्ति बने। क्योंकि तेनज़िंग को कैमरा प्रयोग करना नहीं आता था इसलिये एडमंड ने प्रमाण के लिये शिखर पर तेनज़िंग की फोटो खींची।

बाद में पत्रकारों ने बार बार प्रश्न किया कि शिखर पर पहले कौन पहुंचा? अभियान के नेता जौन हन्ट ने यही उत्तर दिया के वे एक टीम कि तरह एकसाथ ही ऊपर पहुंचे। वे दोनो एक ही लक्ष्य की प्राप्ति के लिये एक साथ थे और उनमें में से किसी को भी इससे कोई मतलब नहीं था कि किसे अधिक श्रेय मिलेगा।

जब कोई भला काम किया जाता है तो इस बात की चिंता करना कि किसे अधिक श्रेय मिलेगा, काम की सफलता में अवरोध बन जाता है। कोरिंथ नगर की मण्डली दो भागों में विभाजित हो रही थी - वे जो पौलुस का अनुसरण करते थे और वे जो अपुल्लोस का अनुसरण करते थे। प्रेरित पौलुस ने उन्हें समझाया "अपुल्लोस क्‍या है और पौलुस क्‍या केवल सेवक, जिन के द्वारा तुम ने विश्वास किया, जैसा हर एक को प्रभु ने दिया। मैं ने लगाया, अपुल्लोस ने सींचा, परन्‍तु परमेश्वर ने बढ़ाया। इसलिये न तो लगाने वाला कुछ है, और न सींचने वाला, परन्‍तु परमेश्वर जो बढ़ाने वाला है।" - १ कुरिंथियों ३:३-७

जब हम परमेश्वर के लिये या परमेश्वर के नाम से काम करें तो अपनी प्रशंसा या अपने नाम को ऊंचा उठाने के लिये नहीं वरन इस उद्देश्य से करें कि परमेश्वर को ही सारा आदर और महिमा मिले। यदि हम अपने नाम या प्रशंसा के महत्वकांक्षी होंगे तो आपसी कलह और फूट के शिकार भी होंगे, किंतु यदि केवल प्रभु को आदर देने की इच्छा से काम करेंगे तो एकजुट भी रहेंगे और मसीह के सच्चे गवाह भी ठहरेंगे। - सी. पी. हिया


जब मेरे जीवन में ’मैं’ घटेगा तब ही मसीह बढ़ेगा।

क्‍योंकि हम परमेश्वर के सहकर्मी हैं। - १ कुरिंथियों ३:९


बाइबल पाठ: १ कुरिंथियों ३:१-९

हे भाइयों, मैं तुम से इस रीति से बातें न कर सका, जैसे आत्मिक लोगों से, परन्‍तु जैसे शारीरिक लोगों से, और उन से जो मसीह में बालक हैं।
मैं ने तुम्हें दूध पिलाया, अन्न न खिलाया, क्‍योंकि तुम उस को न खा सकते थे; वरन अब तक भी नहीं खा सकते हो।
क्‍योंकि अब तक शारीरिक हो, इसलिये, कि जब तुम में डाह और झगड़ा है, तो क्‍या तुम शारीरिक नहीं, और मनुष्य की रीति पर नहीं चलते?
इसलिये कि जब एक कहता है, कि मैं पौलुस का हूं, और दूसरा कि मैं अपुल्लोस का हूं, तो क्‍या तुम मनुष्य नहीं?
अपुल्लोस क्‍या है और पौलुस क्‍या केवल सेवक, जिन के द्वारा तुम ने विश्वास किया, जैसा हर एक को प्रभु ने दिया।
मैं ने लगाया, अपुल्लोस ने सींचा, परन्‍तु परमेश्वर ने बढ़ाया।
इसलिये न तो लगाने वाला कुछ है, और न सींचने वाला, परन्‍तु परमेश्वर जो बढ़ाने वाला है।
लगाने वाला और सींचने वाला दानों एक हैं परन्‍तु हर एक व्यक्ति अपने ही परिश्र्म के अनुसार अपनी ही मजदूरी पाएगा।
क्‍योंकि हम परमेश्वर के सहकर्मी हैं; तुम परमेश्वर की खेती और परमेश्वर की रचना हो।

एक साल में बाइबल:
  • मीका ४, ५
  • प्रकाशितवाक्य १२

सोमवार, 20 दिसंबर 2010

आनन्द से जयजयकार करो

ड्यूक विश्वविद्यालय के बास्केटबॉल प्रेमियों को ’कैमरून क्रेज़ीस’ के उपनाम से भी जाना जाता है। जब भी ड्यूक अपने प्रतिद्वन्दी नौर्थ कैरोलाइना से खेलता है तो क्रेज़ीस को बताया जाता है: "यही वह खेल का अवसर है जिसकी प्रतीक्षा की जा रही थी। अब कोई बहाना नहीं, बस अपना पूरा ज़ोर लगा दो। आज की रात कैमरून क्रीड़ास्थल जय के नारों से गूंजना चाहिये, नारों की आवाज़ में कोई कमी न हो।" स्पष्ट है कि ड्यूक के खेल प्रेमी ड्यूक से अपनी वफादारी को बहुत गंभीरता से लेते हैं।

भजन १०० के लिखने वाले ने भी परमेश्वर के प्रति अपनी वफादारी को बड़ी गंभीरता से लिया, और चाहा कि दूसरे भी ऐसा ही करें। उसने अपने उदगार प्रगट किये "हे सारी पृथ्वी के लोगों यहोवा का जयजयकार करो!" (भजन १००:१)। परमेश्वर के लोगों को परमेश्वर के प्रति अपनी स्तुति और प्रशंसा के भाव बिना हिचकिचाहट के प्रगट करने चाहियें, क्योंकि वह वाचा को बांधने और निभाने वाला वह परमेश्वर है जो उन सभी से जो इश्वर कहलाते हैं अति महान है। परमेश्वर की प्रजा को उस पर और उसकी भलाई पर अपनी सारी सामर्थ केंद्रित करनी चाहिये।

परमेश्वर का अनुग्रह और भलाई हमें प्रेरित करती है कि हम मुक्त भाव से उसके प्रति अपने प्रेम और वफादारी को अभिव्यक्त करें। इसके लिये जो लोग शांत रहते हैं उन्हें अपनी खामोशी की सीमाओं को तोड़कर सीखना चाहिये कि कि उन्मुक्त भाव से स्तुति करना कैसा होता है; और जो इतने उन्मुक्त रहते हैं कि मौन आराधना की खुबसूरती को नहीं समझ पाते, उन्हें भी मौन आराधना को समझना है। अन्ततः सच्चे परमेश्वर की सच्ची आराधाना सच्चे मन से आनी चाहिये, क्योंकि वह ऐसी आराधना ही चाहता है "परन्‍तु वह समय आता है, वरन अब भी है जिस में सच्‍चे भक्त पिता का भजन आत्मा और सच्‍चाई से करेंगे, क्‍योंकि पिता अपने लिये ऐसे ही भजन करने वालों को ढूंढ़ता है।" (यूहन्ना ४:२३)

आराधना समय है अपने सृजनहार, पालनहार और तारणहार परमेश्वर पर और उसके कार्यों पर ध्यान करने का और उसकी जयजयकार करने का। - मार्विन विलियम्स


परमेश्वर के प्रति हमारे विचारों ऐसे हों कि हम आनन्द से उसकी जयजयकार करने को प्रेरित हों।

हे सारी पृथ्वी के लोगों यहोवा का जयजयकार करो! - भजन १००:१


बाइबल पाठ: भजन १००

हे सारी पृथ्वी के लोगों यहोवा का जयजयकार करो!
आनन्द से यहोवा की आराधना करो! जयजयकार के साथ उसके सम्मुख आओ!
निश्चय जानो, कि यहोवा ही परमेश्वर है। उसी ने हम को बनाया, और हम उसी के हैं, हम उसकी प्रजा, और उसकी चराई की भेड़ें हैं।
उसके फाटकों से धन्यवाद, और उसके आंगनों में स्तुति करते हुए प्रवेश करो, उसका धन्यवाद करो, और उसके नाम को धन्य कहो!
क्योंकि यहोवा भला है, उसकी करूणा सदा के लिये, और उसकी सच्चाई पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहती है।

एक साल में बाइबल:
  • मीका १-३
  • प्रकाशितवाक्य ११