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बुधवार, 5 जनवरी 2011

हमारी सुनने वाला परमेश्वर

कुछ वैज्ञानिक अपना ध्यान आकाश की ओर लगा रहे हैं, परन्तु यह स्वर्ग और परमेश्वर की ओर नहीं है। उन्होंने अनुमन लगाया है कि अंतरिक्ष में लगभग ५ करोड़ सभ्यताएं विद्यमान हो सकती हैं, और उनका यह भी विश्वास है कि उनमें से कुछ ने जीवन को सुधारने और मृत्यु के समय को नियंत्रित करने के उपाय भी खोज लिये होंगे। नवम्बर १९७४ में इन वैज्ञानिकों ने एके सन्देश हमारी आकाशगंगा के छोर की ओर भेजा। समस्या यह है कि यदि वह सन्देश किसी को मिल भी जाए, और वे उसका उत्तर भी दें, तो भी उस उत्तर पृथ्वी तक आने में ४८००० वर्ष लग सकते हैं।

मसीही विश्वासियों को ये प्रयास चाहे बेतुके लगें, लेकिन वे वैज्ञानिक अपने इन प्रयासों को लेकर बहुत गंभीर हैं, जबकि हम विश्वासी, जो वास्तव में एक अलौकिक संसार से संबंध बना कर रखते हैं कभी कभी ऐसे व्यवहार करते हैं जैसे हमारी प्रार्थनाएं कोई नहीं सुनता। परमेश्वर के हर सन्तान को यह अधिकार और अवसर है कि वह परमेश्वर से कभी भी संपर्क कर सके। जिसने इस सृष्टि को बनाया और नक्षत्रसमूहों (galaxies) को आकार देकर स्थापित किया, हमें उसके साथ क्षण भर में संपर्क स्थापित करने का अधिकार और विधि है। जिस क्षण हम प्रार्थना में उसके पास आते हैं, वह हमारी सुनता है और अपनी इच्छा में उसका उत्तर भी देता है। प्रार्थना की अद्भुत सुविधा के माध्यम से प्रत्येक मसीही विश्वासी सर्वश्क्तिमान के सन्मुख आ सकता है, उसके जो स्वर्ग में होकर भी उनकी सुनता है और जो मनुष्यों की परिस्थितियों को बदलने की सामर्थ रखता है और उन्हें बदलता भी है।

परमेश्वर के साथ हमारे संबंध के अनुसार हम स्वर्ग को अपने सन्देश पूरे विश्वास के साथ भेज सकते हैं, क्योंकि हम जानते हैं कि वह हमारी सुनता भी है और उत्तर भी देता है। - मार्ट डी हॉन


जब हम प्रार्थना में अपने घुटने झुकाते हैं तो परमेश्वर हमारी सुनने के लिये अपने कान हमारी ओर झुकाता है।

...तुम्हारा पिता तुम्हारे मांगने से पहिले ही जानता है, कि तुम्हारी क्‍या क्‍या आवश्यक्ता है। - मत्ती ६:८


बाइबल पाठ: मत्ती ६:५-८

और जब तू प्रार्थना करे, तो कपटियों के समान न हो क्‍योंकि लोगों को दिखाने के लिये सभाओं में और सड़कों के मोड़ों पर खड़े होकर प्रार्थना करना उन को अच्‍छा लगता है; मैं तुम से सच कहता हूं, कि वे अपना प्रतिफल पा चुके।
परन्‍तु जब तू प्रार्थना करे, तो अपनी कोठरी में जा और द्वार बन्‍द कर के अपने पिता से जो गुप्‍त में है प्रार्थना कर, और तब तेरा पिता जो गुप्‍त में देखता है, तुझे प्रतिफल देगा।
प्रार्थना करते समय अन्यजातियों की नाई बक बक न करो क्‍योंकि वे समझते हैं कि उनके बहुत बोलने से उन की सुनी जाएगी।
सो तुम उन की नाई न बनो, क्‍योंकि तुम्हारा पिता तुम्हारे मांगने से पहिले ही जानता है, कि तुम्हारी क्‍या क्‍या आवश्यक्ता है।

एक साल में बाइबल:
  • उत्पत्ति १३-१५
  • मत्ती ५:१-२६

मंगलवार, 4 जनवरी 2011

तरबूज़ की गवाही

विलियम जैनिंग ब्रायन्स को यह जानकर अचंभा हुआ कि १ पौंड (आधा किलो से कुछ कम) वज़न पूरा करने के लिये तरबूज़ के लगभग ५००० बीज चाहिये होते हैं। उसने लिखा, "हाल ही में किसी ने तरबूज़ का एक छोटा बीज बो दिया। पानी और धूप के प्रभाव से, उस बीज ने अपना बाहरी छिलका उतार दिया और अपना काम करना आरंभ कर दिया। उसने अपने वज़न से २००,००० गुणा वज़न का सामान धरती और आकाश से जमा किया, उसे पतले से तने और डालियों में प्रवाहित किया और फिर उस बेल की डालियों में नये तरबूज़ बना दिये। हर तरबूज़ का हरे रंग का सख्त बाहरी खोल था, उसके अन्दर सफेद रंग की मोटी और कुछ कम सख्त रक्षा देने वाली परन्तु स्वाद में फीकी परत थी और फिर उसके अन्दर लाल रंग का नरम, मीठे रस से भरा गूदा था जिसमें ढेर सारे बीज जगह जगह रखे हुए थे, और हर बीज इसी प्रक्रिया को दोहराने की क्षमता रखता था। किस योजनाकार ने यह सब सिसिलेवार इतनी निपुणता से करने की योजना बनाई? उस छोटे से बीज में इतनी सामर्थ कैसे आई? उसे कैसे पता चला कि भिन्न रंग, सखती और स्वाद देने के लिये किस चीज़ को कितनी मात्रा में, कहां से लेकर, कब और कैसे औरों के साथ मिश्र्ति करना है कि हर तरबूज़ में यही नतीजा निकले, तथा हर तरबूज़ लगभग एक सी आकृति और आकार का ही हो?"

ब्रायन्स ने कहा कि यदि हम एक तरबूज़ की रचना को नहीं समझ और समझा पाते तो हम परमेश्वर को और उसकी असीम सामर्थ और कार्यविधी को कैसे समझ पाएंगे! इस तरह के अनेक और अद्भुत उदाहरण सृष्टि के प्रत्येक पहलू में रखकर परमेश्वर ने अपनी असीम सामर्थ और ज्ञान का उदाहरण दिया है जिसे हम अपने सीमित बुद्धि से कभी समझ नहीं सकते।

एक तरबूज़ की रचना में विदित परमेश्वर की अद्भुत सृष्टि हमें अचंभित कर सकती है। उसके अवर्णनीय आश्चर्यकर्मों को देखकर हम भजनकार के साथ नम्रता और विस्मय सहित उसके सन्मुख झुककर इतना ही कह सकते हैं "हे यहोवा तेरे काम अनगिनित हैं! इन सब वस्तुओं को तू ने बुद्धि से बनाया है; पृथ्वी तेरी सम्पत्ति से परिपूर्ण है।" - भजन १०४:२४ - हेनरी बौश


परमेश्वर की सृष्टि पर उसके हस्ताक्षर उसकी महिमा की घोषणा करते हैं।

हे यहोवा तेरे काम अनगिनित हैं! इन सब वस्तुओं को तू ने बुद्धि से बनाया है? पृथ्वी तेरी सम्पत्ति से परिपूर्ण है। - भजन १०४:२४


बाइबल पाठ: उत्पत्ति १:९-१३

फिर परमेश्वर ने कहा, आकाश के नीचे का जल एक स्थान में इकट्ठा हो जाए और सूखी भूमि दिखाई दे, और वैसा ही हो गया।
और परमेश्वर ने सूखी भूमि को पृथ्वी कहा, तथा जो जल इकट्ठा हुआ उसको उस ने समुद्र कहा: और परमेश्वर ने देखा कि अच्छा है।
फिर परमेश्वर ने कहा, पृथ्वी से हरी घास, तथा बीज वाले छोटे छोटे पेड़, और फलदाई वृक्ष भी जिनके बीज उन्ही में एक एक की जाति के अनुसार होते हैं पृथ्वी पर उगें, और वैसा ही हो गया।
तो पृथ्वी से हरी घास, और छोटे छोटे पेड़ जिन में अपनी अपनी जाति के अनुसार बीज होता है, और फलदाई वृक्ष जिनके बीज एक एक की जाति के अनुसार उन्ही में होते हैं उगे और परमेश्वर ने देखा कि अच्छा है।
तथा सांझ हुई फिर भोर हुआ। इस प्रकार तीसरा दिन हो गया।

एक साल में बाइबल:
  • उत्पत्ति १०-१२
  • मत्ती ४

सोमवार, 3 जनवरी 2011

कहीं नहीं, या, अभी यहीं!

एक नास्तिक वकील ने अपने दफतर की दीवार पर एक पट्टी लगा रखी थी जिसपर लिखा था "GOD IS NOWHERE" - परमेश्वर कहीं नहीं है। एक दिन उसकी प्रतीक्षा में बैठी उसकी छोटी बेटी, समय बिताने के लिये कागज़ पर इस पंक्ति को बार बार लिखने लगी। लिखते लिखते, अन्जाने में उसने NOWHERE के W और H के बीच में अन्तर डाल दिया और वाक्य का अर्थ पूर्णत्या बदल गया, क्योंकि अब वह हो गया "GOD IS NOW HERE" - परमेश्वर अभी यहीं है!

यह छोटी कहानी दर्शाती है कि वास्तविक जीवन में क्या होता है। अविश्वासी कहते हैं कि यह संसार एक दीर्घकालीन क्रमिक विकास (evolution) का नतीजा है और उन्हें सृष्टि में कहीं भी परमेश्वर के होने का कोई प्रमाण नहीं दीख पड़ता, जबकि सृष्टि परमेश्वर के कार्यकौशल से भरी पड़ी है। वे मूर्खतापूर्वक कहते और मानते हैं कि सृष्टि बिना सृष्टिकर्ता के अस्तित्व में आ गई। लेकिन मसीही विश्वासी, सृष्टि में परमेश्वर की अद्भुत कला, योजना और सुन्दरता देखते हैं और उसपर विश्वास करके उसकी इस विलक्षण सृष्टि के लिये महिमा करते हैं। हम भजनकार के साथ कहते हैं "आकाश ईश्वर की महिमा वर्णन कर रहा है, और आकशमण्डल उसकी हस्तकला को प्रगट कर रहा है।" (भजन १९:१)

उस वकील के दफतर की पट्टी पर लिखे अक्षर दो अलग तरह से पढ़े जा सकते हैं, लेकिन उन दोनो में से केवल एक ही सत्य है। बहुत से लोग सृष्टि में परमेश्वर की महान हस्तकला को देख कर उसे ’केवल संयोग’ मानकर दरकिनार कर देते हैं, परन्तु कुछ हैं जो उसमें ’महान सृष्टिकर्ता’ को देखते हैं, जो यथार्त है। बाइबल हमें इस यथार्त को समझने और मानने की समझ देती है।

जो उस पट्टी पर लिखे वाक्य को "GOD IS NOW HERE" करके पढ़ते हैं, वे ही वास्तव में सत्य को जानते हैं। - रिचर्ड डी हॉन


’प्रकृति’ परमेश्वर की हस्तकला का एक नाम है।

मूर्ख ने अपने मन में कहा है, कोई परमेश्वर है ही नहीं। - भजन १४:१


बाइबल पाठ: भजन १९:१-६

आकाश ईश्वर की महिमा वर्णन कर रहा है, और आकशमण्डल उसकी हस्तकला को प्रगट कर रहा है।
दिन से दिन बातें करता है, और रात को रात ज्ञान सिखाती है।
न तो कोई बोली है और न कोई भाषा जहां उनका शब्द सुनाई नहीं देता है।
उनका स्वर सारी पृथ्वी पर गूंज गया है, और उनके वचन जगत की छोर तक पहुंच गए हैं। उन में उस ने सूर्य के लिये एक मण्डप खड़ा किया है,
जो दुल्हे के समान अपने महल से निकलता है। वह शूरवीर की नाई अपनी दौड़ दौड़ने को हर्षित होता है।
वह आकाश की एक छोर से निकलता है, और वह उसकी दूसरी छोर तक चक्कर मारता है, और उसकी गर्मी सब को पहुंचती है।

एक साल में बाइबल:
  • उत्पत्ति ७-९
  • मत्ती ३

रविवार, 2 जनवरी 2011

विश्वास का आधार

पत्रकार सिडनी जे. हैरिस कहते हैं: " ’मान लीजिए आप वर्तमान के ज्ञान के साथ समय में पीछे जाकर एक मध्यकालीन सन्यासी से कहें कि इस सृष्टि में करोड़ों नक्षत्रसमूह (galaxies) हैं, प्रत्येक नक्षत्रसमूह करोड़ों नक्षत्रों से मिल कर बना है और करोड़ों मील के आकार का है, और प्रत्येक नक्षत्रसमूह एक दूसरे से तीव्र गति से दूर होता जा रहा है; हर समूह जितना दूर होता जाता है, उतनी उसकी गति बढ़ती जाती है।’ आपसे वर्तमान का यह ज्ञान सुनकर वह मध्यकालीन सन्यासी, अपने संसामयिक ज्ञान के संदर्भ में, क्या आपको पागल नहीं समझेगा?"

जो बात श्रीमान हैरिस उजागर करना मांग रहे हैं वह यह है: आप जिस भी मत को माने - चाहे परंपरागत धार्मिक मत को अथवा प्रचलित वैज्ञानिक मत को, बिना ’विश्वास’ को आधार बनाए आप किसी को भी स्वीकार नहीं कर सकते। उनका निष्कर्ष है कि जिस व्यक्ति को "ब्लैक होल" के अस्तित्व को स्वीकार करने में कोई आपत्ति नहीं है, उसे "स्वर्ग" के अस्तित्व को स्वीकर करने में भी कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिये - दोनो के अस्तित्व की स्वीकृति केवल ’विश्वास’ पर है।

कुछ लोग हमें मूर्ख समझते हैं क्योंकि हम बाइबल में उत्पति की पुस्तक में वर्णित सृष्टि की रचना के इतिहास को सत्य मानते हैं, उसपर विश्वास करते हैं। किंतु वे भी जिन बातों को मानते हैं, उनको अपने विश्वास के आधार पर ही मानते हैं; फर्क केवल इतना है कि उनका विश्वास सीमित अवलोकनों और ऐसे निष्कर्षों पर आधारित है जो गलत भी हो सकते हैं - और विज्ञान के कई सिद्धांत और निष्कर्ष गलत प्रमाणित होकर बदले गए हैं, जबकि हमारा विश्वास परमेश्वर के कभी न झुठलाए जाने और कभी न बदलने वाले अटल वचन पर आधारित है - आज तक बाइबल की एक भी बात, अनेक प्रयासों के बावजूद, गलत प्रमाणित नहीं हुई है।

इस कारण जो परमेश्वर के अस्तित्व से इन्कार करके, विज्ञान को अपने विश्वास का आधार बनाते हैं वे घाटे में हैं क्योंकि उनके विश्वास का आधार नई खोजों के साथ बदल भी सकता है और जो आज सत्य माना जाता है, कल वो उसी विज्ञान के आधार पर असत्य भी घोषित हो सकता है।

परन्तु हम मसीही विश्वासियों के लिये ऐसी कोई अनिश्चितता नहीं है, हमारा विश्वास सृष्टि के सृष्टिकर्ता के अटल वचन पर आधारित है। परमेश्वर का वचन हमें सच्चा ज्ञान और समझ देता है और उसपर विश्वास करना हमारे लिये लज्जा की नहीं गर्व की बात है। - रिचर्ड डी हॉन


सृष्टि को हमने जितना जटिल जाना है, वह उससे कहीं कहीं अधिक जटिल है।

आदि में परमेश्वर ने आकाश और पृथ्वी की सृष्टि की। - उतपत्ति १:१


बाइबल पाठ: इब्रानियों ११:१-६

अब विश्वास आशा की हुई वस्‍तुओं का निश्‍चय, और अनदेखी वस्‍तुओं का प्रमाण है।
क्‍योंकि इसी के विषय में प्राचीनों की अच्‍छी गवाही दी गई।
विश्वास ही से हम जान जाते हैं, कि सारी सृष्‍टि की रचना परमेश्वर के वचन के द्वारा हुई है। यह नहीं, कि जो कुछ देखने में आता है, वह देखी हुई वस्‍तुओं से बना हो।
विश्वास ही से हाबिल ने कैन से उत्तम बलिदान परमेश्वर के लिये चढ़ाया और उसी के द्वारा उसके धर्मी होने की गवाही भी दी गई: क्‍योंकि परमेश्वर ने उस की भेंटों के विषय में गवाही दी और उसी के द्वारा वह मरने पर भी अब तक बातें करता है।
विश्वास ही से हनोक उठा लिया गया, कि मृत्यु को न देखे, और उसका पता नहीं मिला; क्‍योंकि परमेश्वर ने उसे उठा लिया था, और उसके उठाए जाने से पहिले उस की यह गवाही दी गई थी, कि उस ने परमेश्वर को प्रसन्न किया है।
और विश्वास बिना उसे प्रसन्न करना अनहोना है, क्‍योंकि परमेश्वर के पास आने वाले को विश्वास करना चाहिए, कि वह है, और अपके खोजने वालों को प्रतिफल देता है।

एक साल में बाइबल:
  • उत्पत्ति ४-६
  • मत्ती २

शनिवार, 1 जनवरी 2011

अति महिमामय नाम

मेरा एक मित्र कुर्सी, सोफा सेट, दीवान अदि पर कपड़ा चढ़ाने और उन्हें सजाने का कम करता है। उसने अपनी विलक्षण कारीगरी से बहुत नाम कमाया है। उसका काम इतना श्रेष्ठ होता है कि उसका नाम हमारे इलाके से भी बाहर प्रसिद्ध हो गया है। अपनी प्रसिद्धी के कारण उसे अपना यह काम प्रदेश के राज भवन, बड़े होटलों और हमारे प्रदेश के सबसे धनवान लोगों के लिये करने का अवसर मिला। उसके काम ही ने उसे नाम दिया है।

परमेश्वर का महिमामय नाम भी उसकी कारीगरी के कारण जाना जाता है। भजन ८:५, ६ में भजनकार के कहने का तातपर्य है: "आकाशमंडल की ओर देखो, सितारों, ग्रहों और नक्षत्रों में परमेश्वर की महिमा को सराहो। समुद्र और पृथ्वी के जीव-जन्तुओं में उसकी अद्भुत कारिगरी का अवलोकन करो - विलक्षण सृष्टि, परमेश्वर के हाथ से बनी और विस्मित कर देने वाली, आपसी तालमेल तथा सुन्दरता के साथ एक साथ मिलकर काम करने वाली।"

हम परमेश्वर की स्तुति करें; उसकी, जिसके शब्द में सृष्टि की सामर्थ है, जिसने कहा और जैसा कहा वैसा हो गया; उसकी, जो नक्षत्रों और ग्रहों को उनके अदृश्य मार्गों में स्थिर रखता है। उसकी बड़ाई और प्रशंसा करें, जो रहस्यमय सागरों, पहाड़ों, मैदानों, जंगलों, रेगिस्तानों, नदी-नालों, झरनों की सुन्दरता और उनमें रहने वाले विलक्षण जीव-जन्तुओं और वनस्पति से हमें आश्चर्यचकित करता है। हम अपने जीवनों में उसे ऊंचे पर उठाएं, जिसने हमें रचा, जो हमारी देख-रेख करता है और जो हमें महिमा और आदर का मुकुट देना चाहता है।

हे प्रभु, तेरा नाम कितना प्रतापमय है। - डेव एगनर


सृष्टि द्वारा सृष्टिकर्ता स्तुति और प्रशंसा का पात्र है।

हे यहोवा हमारे प्रभु, तेरा नाम सारी पृथ्वी पर क्या ही प्रतापमय है! तू ने अपना विभव स्वर्ग पर दिखाया है। - भजन ८:१


बाइबल पाठ: भजन ८

हे यहोवा हमारे प्रभु, तेरा नाम सारी पृथ्वी पर क्या ही प्रतापमय है! तू ने अपना विभव स्वर्ग पर दिखाया है।
तू ने अपने बैरियों के कारण बच्चों और दूध पिउवों के द्वारा सामर्थ्य की नेव डाली है, ताकि तू शत्रु और पलटा लेने वालों को रोक रखे।
जब मैं आकाश को, जो तेरे हाथों का कार्य है, और चंद्रमा और तरागण को जो तू ने नियुक्त किए हैं, देखता हूं;
तो फिर मनुष्य क्या है कि तू उसका स्मरण रखे, और आदमी क्या है कि तू उसकी सुधि ले?
क्योंकि तू ने उसको परमेश्वर से थोड़ा ही कम बनाया है, और महिमा और प्रताप का मुकुट उसके सिर पर रखा है।
तू ने उसे अपने हाथों के कार्यों पर प्रभुता दी है; तू ने उसके पांव तले सब कुछ कर दिया है।
सब भेड़- बकरी और गाय- बैल और जितने वन पशु हैं,
आकाश के पक्षी और समुद्र की मछलियां, और जितने जीव-जन्तु समुद्रों में चलते फिरते हैं।
हे यहोवा, हे हमारे प्रभु, तेरा नाम सारी पृथ्वी पर क्या ही प्रतापमय है।

एक साल में बाइबल:
  • उत्पत्ति १-३
  • मती १

शुक्रवार, 31 दिसंबर 2010

देखभाल का वायदा

कैलिफोर्निया के एक बुज़ुर्ग पास्टर रे स्टैडमैन ने एक बार अपनी मण्डली से अपने संदेश में कहा: "नव वर्ष की पूर्व सन्ध्या पर, अपने जीवन के किसी भी अन्य समय से अधिक, हमें यह एहसास होता है कि हम बीते हुए वक्त को पलट नहीं सकते; ....हम पिछली यादों को दोहरा अवश्य सकते हैं, परन्तु बीते वर्ष के एक भी पल को दोबारा नहीं जी सकते।"

फिर स्टैडमैन ने बाइबल से इस्त्राएलियों का उदाहरण दिया जब वे एक नए स्थान में प्रवेश करके उसे अपना देश बनाने की कगार पर थे। चार दशकों तक बियाबान में भटकने, पुरानी पीढ़ी के गुज़र जाने के बाद, प्रवेश की कगार पर खड़ी इस नई पीढ़ी में असमंजस रहा होगा कि क्या उनमें वह विश्वास और धैर्य होगा जिससे वे इस वाचा की भूमि को अपना बना सकेंगे?

उनका नेतृत्व करने वाले मूसा ने उन्हें स्मरण दिलाया "परन्तु यहोवा के इन सब बड़े बड़े कामों को तुम ने अपनी आंखों से देखा है।" (व्यवस्थाविवरण ११:७); और, यह कि उनकी मंज़िल एक ऐसा देश है "वह ऐसा देश है जिसकी तेरे परमेश्वर यहोवा को सुधि रहती है; और वर्ष के आदि से लेकर अन्त तक तेरे परमेश्वर यहोवा की दृष्टि उस पर निरन्तर लगी रहती है।"(व्यवस्थाविवरण ११:१२)

इस नव वर्ष की पूर्व संध्या पर हम बीते समयों की घटनाओं के कारण भविष्य के लिये चिंतित हो सकते हैं, परन्तु हमें अतीत से बंधे रहने की आवश्यक्ता नहीं है क्योंकि हम भविष्य को जानने वाले अपने परमेश्वर पर नज़रें लगा कर आगे बढ़ सकते हैं। जैसे उसकी नज़रें इस्त्राएल और वाचा की हुई भूमि पर हैं, वैसे ही हम पर भी रहतीं हैं।

परमेश्वर की देखभाल हमारे लिये नये साल के प्रत्येक दिन पर उपलब्ध रहेगी, हम इस वायदे पर पूरा पूरा विश्वास रख सकते हैं। - डेविड मैककैसलैंड


हमारे भविष्य का "क्या" अनन्त के परमेश्वर के हाथों में है।

...वर्ष के आदि से लेकर अन्त तक तेरे परमेश्वर यहोवा की दृष्टि उस पर निरन्तर लगी रहती है। - व्यवस्थाविवरण ११:१२


बाइबल पाठ: व्यवस्थाविवरण ११:७-१२

परन्तु यहोवा के इन सब बड़े बड़े कामों को तुम ने अपनी आंखों से देखा है।
इस कारण जितनी आज्ञाएं मैं आज तुम्हें सुनाता हूं उन सभों को माना करना, इसलिये कि तुम सामर्थी होकर उस देश में जिसके अधिकारी होने के लिये तुम पार जा रहे हो प्रवेश करके उसके अधिकारी हो जाओ,
और उस देश में बहुत दिन रहने पाओ, जिसे तुम्हें और तुम्हारे वंश को देने की शपथ यहोवा ने तुम्हारे पूर्वजों से खाई थी, और उस में दूध और मधु की धाराएं बहती हैं।
देखो, जिस देश के अधिकारी होने को तुम जा रहे हो वह मिस्र देश के समान नहीं है, जहां से निकल कर आए हो, जहां तुम बीज बोते थे और हरे साग के खेत की रीति के अनुसार अपने पांव की नलियां बना कर सींचते थे;
परन्तु जिस देश के अधिकारी होने को तुम पार जाने पर हो वह पहाड़ों और तराईयों का देश है, और आकाश की वर्षा के जल से सिंचता है,
वह ऐसा देश है जिसकी तेरे परमेश्वर यहोवा को सुधि रहती है; और वर्ष के आदि से लेकर अन्त तक तेरे परमेश्वर यहोवा की दृष्टि उस पर निरन्तर लगी रहती है।

एक साल में बाइबल:
  • मलाकी १-४
  • प्रकाशितवाक्य २२

गुरुवार, 30 दिसंबर 2010

सही उद्देश्य

वह खिलाड़ी अपने अभ्यास और व्यायाम को काफी समय से छोड़ चुका था। अब उसने फिर से अभ्यास आरंभ करने की ठानी, इसलिये उसने अपने लिये व्यायाम का क्रम निर्धारित किया। पहले दिन उसने कई डंड बैठकें और हलकी दौड़ लगाई। अगले दिन, कुछ और अधिक डंड बैठकें, कुछ और लम्बी दौड़। तीसरे दिन फिर कुछ अधिक व्यायाम और कुछ और लम्बी दौड़। चौथे दिन जब हमारा यह खिलाड़ी सुबह उठा तो उसका गला बैठा हुआ था और तबियत खराब थी।

अब उसने अपनी स्थिति पर विचार किया और इस निष्कर्श पर पहुंचा कि यदि व्यायाम द्वारा इतना हांफने और तेज़ सांस लेने का यही नतीजा निकला तो वह व्यायाम नहीं करेगा, वह जैसा है वैसा ही भला!

अब एक दूसरा दृश्य देखते हैं, खिलाड़ी की जगह मसीही विश्वासी को रख देते हैं। इस विश्वासी को एहसास होता है कि उसने बहुत समय से परमेश्वर के साथ अपने संबंध को नज़रंदाज़ किया हुआ है, और इसे ठीक करने के लिये वह अपने आत्मिक व्यायाम - बाइबल पढ़ने और प्रार्थना करने का नया क्रम आरंभ करता है। यह आरंभ करने के कुछ दिनों पश्चात ही उसके जीवन में कुछ समस्याएं आ जातीं हैं। अब उसे किस निष्कर्श पर पहुंचना चाहिये? क्या उस खिलाड़ी के समान उसे सोच लेना चाहिये कि उसकी आत्मिक प्रगति का व्यायाम एक व्यर्थ प्रयास है जिससे उसे कुछ लाभ नहीं हुआ? कदापि नहीं!

हमें यह बात स्पष्ट रूप से समझ लेनी चाहिये कि हमारा बाइबल पढ़ना, प्रार्थना करना, परमेश्वर के लोगों की संगति करना आदि का उद्देश्य यह नहीं है कि हमें कष्ट और परेशानी से रहित जीवन मिल जाए। हम यह इसलिये करते हैं ताकि हम उस सिद्ध परमेश्वर के और निकट आ सकें, उसे और भली भांति जान सकें और उसकी इच्छाओं को पूरा कर सकें। प्रभु यीशु ने कभी अपने अनुयायीयों को यह आश्वासन नहीं दिया कि उन्हें संसार में कष्ट रहित जीवन और संसार के सब सुख मिलेंगे। प्रभु ने कहा "ये बातें मैं ने तुम से इसलिये कहीं कि तुम ठोकर न खाओ। वे तुम्हें आराधनालयों में से निकाल देंगे, वरन वह समय आता है, कि जो कोई तुम्हें मार डालेगा यह समझेगा कि मैं परमेश्वर की सेवा करता हूं। और यह वे इसलिये करेंगे कि उन्‍होंने न पिता को जाना है और न मुझे जानते हैं। परन्‍तु ये बातें मैं ने इसलिये तुम से कहीं, कि जब उन का समय आए तो तुम्हें स्मरण आ जाए, कि मैं ने तुम से पहिले ही कह दिया था:" (यूहन्ना १६:१-४) "मैं ने तेरा वचन उन्‍हें पहुंचा दिया है, और संसार ने उन से बैर किया, क्‍योंकि जैसा मैं संसार का नहीं, वैसे ही वे भी संसार के नहीं।" (यूहन्ना १७:१४) पौलुस ने लिखा "पर जितने मसीह यीशु में भक्ति के साथ जीवन बिताना चाहते हैं वे सब सताए जाएंगे" (२ तिमुथियुस ३:१२)।

मसीही विश्वासी के लिये परमेश्वर भक्ति का उद्देश्य सांसारिक उप्लब्धियां नहीं हैं "यदि हम केवल इसी जीवन में मसीह से आशा रखते हैं तो हम सब मनुष्यों से अधिक अभागे हैं" (१ कुरिन्थियों १५:१९)। परमेश्वर इस संसार में भी हमें बहुत कुछ दे सकता है और देता है, परन्तु हमारी आशा और प्रतिफल उस स्वर्ग के अनन्त जीवन के हैं जहां अन्ततः हमने जाना है। इसलिये "तो आओ, हम सच्‍चे मन, और पूरे विश्वास के साथ, और विवेक का दोष दूर करने के लिये हृदय पर छिड़काव लेकर, और देह को शुद्ध जल से धुलवाकर परमेश्वर के समीप जाएं। और अपनी आशा के अंगीकार को दृढ़ता से थामें रहें; क्‍योंकि जिस ने प्रतिज्ञा किया है, वह सच्‍चा है।" (इब्रानियों १०:२२, २३) - डेव ब्रैनन


परमेश्वर के वचन और प्रार्थना में विश्वासी जीवन की जड़ें धंसाने से ही जीवन में स्थिरता और शांति आती है।

तो आओ, हम सच्‍चे मन, और पूरे विश्वास के साथ, और विवेक का दोष दूर करने के लिये हृदय पर छिड़काव लेकर, और देह को शुद्ध जल से धुलवाकर परमेश्वर के समीप जाएं। - इब्रानियों १०:२२


बाइबल पाठ: इब्रानियों १०:२२-३९

तो आओ, हम सच्‍चे मन, और पूरे विश्वास के साथ, और विवेक का दोष दूर करने के लिये हृदय पर छिड़काव लेकर, और देह को शुद्ध जल से धुलवाकर परमेश्वर के समीप जाएं।
और अपनी आशा के अंगीकार को दृढ़ता से थामें रहें; क्‍योंकि जिस ने प्रतिज्ञा किया है, वह सच्‍चा है।
और प्रेम, और भले कामों में उकसाने के लिये एक दूसरे की चिन्‍ता किया करें।
और एक दूसरे के साथ इकट्ठा होना ने छोड़ें, जैसे कि कितनों की रीति है, पर एक दूसरे को समझाते रहें, और ज्यों ज्यों उस दिन को निकट आते देखो, त्यों त्यों और भी अधिक यह किया करो।
क्‍योंकि सच्‍चाई की पहिचान प्राप्‍त करने के बाद यदि हम जान बूझकर पाप करते रहें, तो पापों के लिये फिर कोई बलिदान बाकी नहीं।
हां, दण्‍ड का एक भयानक बाट जोहना और आग का ज्‍वलन बाकी है जो विरोधियों को भस्म कर देगा।
जब कि मूसा की व्यवस्था का न मानने वाला दो या तीन जनों की गवाही पर, बिना दया के मार डाला जाता है।
तो सोच लो कि वह कितने और भी भारी दण्‍ड के योग्य ठहरेगा, जिस ने परमेश्वर के पुत्र को पांवों से रौंदा, और वाचा के लोहू को जिस के द्वारा वह पवित्र ठहराया गया था, अपवित्र जाना है, और अनुग्रह की आत्मा का अपमान किया।
क्‍योंकि हम उसे जानते हैं, जिस ने कहा, कि पलटा लेना मेरा काम है, मैं ही बदला दूंगा: और फिर यह, कि प्रभु अपने लोगों का न्याय करेगा।
जीवते परमेश्वर के हाथों में पड़ना भयानक बात है।
परन्‍तु उन पहिले दिनों को स्मरण करो, जिन में तुम ज्योति पाकर दुखों के बड़े झमेले में स्थिर रहे।
कुछ तो यों, कि तुम निन्‍दा, और क्‍लेश सहते हुए तमाशा बने, और कुछ यों, कि तुम उन के साझी हुए जिन की र्दुदशा की जाती थी।
क्‍योंकि तुम कैदियों के दुख में भी दुखी हुए, और अपनी संपत्ति भी आनन्‍द से लुटने दी; यह जानकर, कि तुम्हारे पास एक और भी उत्तम और सर्वदा ठहरने वाली संपत्ति है।
सो अपना हियाव न छोड़ो क्‍योंकि उसका प्रतिफल बड़ा है।
क्‍योंकि तुम्हें धीरज धरना अवश्य है, ताकि परमेश्वर की इच्‍छा को पूरी करके तुम प्रतिज्ञा का फल पाओ।
क्‍योंकि अब बहुत ही थोड़ा समय रह गया है जब कि आने वाला आएगा, और देर न करेगा।
और मेरा धर्मी जन विश्वास से जीवित रहेगा, और यदि वह पीछे हट जाए तो मेरा मन उस से प्रसन्न न होगा।
पर हम हटने वाले नहीं, कि नाश हो जाएं पर विश्वास करने वाले हैं, कि प्राणों को बचाएं।

एक साल में बाइबल:
  • ज़क्कर्याह १३-१४
  • प्रकाशितवाक्य २१