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मंगलवार, 16 मई 2017

प्रेरक


   1920 के दशक में, व्यवसायिक खिलाड़ी न होते हुए भी, बॉबी जोन्स ने गोल्फ के संसार में अपना वर्चस्व बना रखा था। उनके जीवन पर बनी एक फिल्म Bobby Jones: Stroke of Genius में एक दृश्य है जहाँ एक व्यवसायिक गोल्फ खिलाड़ी उनसे पूछता है कि वे कब व्यवसायिक खिलाड़ी बनकर अन्य खिलाड़ियों के समान पैसे के लिए खेलना आरंभ करेंगे? जोन्स ने उसे उत्तर दिया कि वह गोल्फ पैसे के लिए नहीं खेलते, वरन इसलिए क्योंकि उन्हें गोल्फ से प्रेम है। उनका यह प्रेम ही उनके उत्कृष्ठ खेल का प्रेरक था।

   हमारे उद्देश्य ही हमारे कार्य, हम जो करते हैं वह क्यों करते हैं, में अन्तर लाते हैं। यह बात प्रभु यीशु के अनुयायियों पर भी लागू होती है। परमेश्वर के वचन बाइबल में, कुरिन्थुस के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी दूसरी पत्री में, प्रेरित पौलुस अपने जीवन से इस बात का उदाहरण प्रस्तुत करता है। इस पूरी पत्री में पौलुस ने अपने आचरण, चरित्र और मसीह यीशु की सेवकाई के लिए अपने बुलाए जाने का बचाव किया है। उसकी इस मसीही सेवकाई के लिए जो उसके उद्देश्यों पर प्रश्न उठाते थे, उन्हें प्रत्युत्तर में पौलुस ने लिखा, "क्योंकि मसीह का प्रेम हमें विवश कर देता है; इसलिये कि हम यह समझते हैं, कि जब एक सब के लिये मरा तो सब मर गए। और वह इस निमित्त सब के लिये मरा, कि जो जीवित हैं, वे आगे को अपने लिये न जीएं परन्तु उसके लिये जो उन के लिये मरा और फिर जी उठा" (2 कुरिन्थियों 5:14-15)।

   प्रभु यीशु का प्रेम अन्य हर प्रेरणा देने वाली बात से कहीं अधिक प्रेरक है। इस प्रेम के अन्तर्गत प्रभु यीशु के अनुयायी अपने लिए नहीं वरन उसके लिए, जिसने अपने प्राण उनके उध्दार के लिए बलिदान कर दिए, जीवन व्यतीत करते हैं। - बिल क्राउडर


जिस से हम सबसे अधिक प्रेम करते हैं, 
वही हमारे व्यवहार और चरित्र को प्रभावित करता है।

और मसीह के उस प्रेम को जान सको जो ज्ञान से परे है, कि तुम परमेश्वर की सारी भरपूरी तक परिपूर्ण हो जाओ। - इफिसियों 3:19 

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 5:9-21
2 Corinthians 5:9 इस कारण हमारे मन की उमंग यह है, कि चाहे साथ रहें, चाहे अलग रहें पर हम उसे भाते रहें। 
2 Corinthians 5:10 क्योंकि अवश्य है, कि हम सब का हाल मसीह के न्याय आसन के साम्हने खुल जाए, कि हर एक व्यक्ति अपने अपने भले बुरे कामों का बदला जो उसने देह के द्वारा किए हों पाए।
2 Corinthians 5:11 सो प्रभु का भय मानकर हम लोगों को समझाते हैं और परमेश्वर पर हमारा हाल प्रगट है; और मेरी आशा यह है, कि तुम्हारे विवेक पर भी प्रगट हुआ होगा। 
2 Corinthians 5:12 हम फिर भी अपनी बड़ाई तुम्हारे साम्हने नहीं करते वरन हम अपने विषय में तुम्हें घमण्‍ड करने का अवसर देते हैं, कि तुम उन्हें उत्तर दे सको, जो मन पर नहीं, वरन दिखवटी बातों पर घमण्‍ड करते हैं। 
2 Corinthians 5:13 यदि हम बेसुध हैं, तो परमेश्वर के लिये; और यदि चैतन्य हैं, तो तुम्हारे लिये हैं। 
2 Corinthians 5:14 क्योंकि मसीह का प्रेम हमें विवश कर देता है; इसलिये कि हम यह समझते हैं, कि जब एक सब के लिये मरा तो सब मर गए। 
2 Corinthians 5:15 और वह इस निमित्त सब के लिये मरा, कि जो जीवित हैं, वे आगे को अपने लिये न जीएं परन्तु उसके लिये जो उन के लिये मरा और फिर जी उठा। 
2 Corinthians 5:16 सो अब से हम किसी को शरीर के अनुसार न समझेंगे, और यदि हम ने मसीह को भी शरीर के अनुसार जाना था, तौभी अब से उसको ऐसा नहीं जानेंगे। 
2 Corinthians 5:17 सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्‍टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं। 
2 Corinthians 5:18 और सब बातें परमेश्वर की ओर से हैं, जिसने मसीह के द्वारा अपने साथ हमारा मेल-मिलाप कर लिया, और मेल-मिलाप की सेवा हमें सौंप दी है। 
2 Corinthians 5:19 अर्थात परमेश्वर ने मसीह में हो कर अपने साथ संसार का मेल मिलाप कर लिया, और उन के अपराधों का दोष उन पर नहीं लगाया और उसने मेल मिलाप का वचन हमें सौंप दिया है।
2 Corinthians 5:20 सो हम मसीह के राजदूत हैं; मानो परमेश्वर हमारे द्वारा समझाता है: हम मसीह की ओर से निवेदन करते हैं, कि परमेश्वर के साथ मेल मिलाप कर लो। 
2 Corinthians 5:21 जो पाप से अज्ञात था, उसी को उसने हमारे लिये पाप ठहराया, कि हम उस में हो कर परमेश्वर की धामिर्कता बन जाएं।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 राजा 24-25
  • यूहन्ना 5:1-24


सोमवार, 15 मई 2017

प्रेम


   एक डूबते हुए जहाज़ से बचाए जाने के पश्चात, एक 71 वर्षीय महिला आत्म-ग्लानि से परेशान रहने लगी। अस्पताल के अपने बिस्तर पर लेटे लेटे वह कह रही थी कि उसे समझ नहीं आ रहा है कि जब उस त्रासदी में इतने लोगों की, जो उससे कम आयु के थे, मृत्यु हो गई, तो उसके लिए जीवित बच जाना सही कैसे हो सकता है? उसे इस बात का भी खेद था कि वह उस नौजवान व्यक्ति का नाम भी नहीं जानती थी जिसने उसे पानी में से खींच कर निकाला था, जबकि वह सारी आशा छोड़ चुकी थी। वह चाहती थी कि उस नौजवान को वह कम से कम एक बार भोजन करवा दे, उसका हाथ पकड़कर उसे धन्यवाद कह सके, उसे गले लगा सके।

   उस वृध्द महिला की भावनाओं से मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस का ध्यान आया। वह अपने पड़ौसियों और देशवासियों के लिए इतना चिंतित था कि यदि संभव होता तो वह उन्हें बचाने के लिए मसीह के साथ के अपने संबंध का सौदा कर लेता: "क्योंकि मैं यहां तक चाहता था, कि अपने भाईयों, के लिये जो शरीर के भाव से मेरे कुटुम्बी हैं, आप ही मसीह से शापित हो जाता" (रोमियों 9:3)।

   साथ ही पौलुस ने परमेश्वर के प्रति अपना व्यक्तिगत तथा बहुत गहरा आभार भी प्रगट किया। वह जानता था कि वह परमेश्वर के कार्य करने की विधियों और न्याय को कभी पूरी तरह से समझ नहीं सकता है (पद 14-24)। इसलिए सब को मसीह यीशु में मिलने वाले पापों की क्षमा और उध्दार का सुसमाचार सुनाने का भरसक प्रयत्न करते हुए, उसने उस परमेश्वर में अपनी शान्ति और आनन्द को ढूँढ़ा, जिसका हृदय सारे संसार के सभी लोगों के लिए इतने अधिक प्रेम से भरा है, जितना प्रेम हम कभी कर नहीं सकते, जैसे प्रेम की हम कल्पना भी नहीं कर सकते। - मार्ट डीहॉन


परमेश्वर के प्रति कृतज्ञता से परमेश्वर की निकटता में बढ़ोतरी होती है।

वह यह चाहता है, कि सब मनुष्यों का उद्धार हो; और वे सत्य को भली भांति पहिचान लें। क्योंकि परमेश्वर एक ही है: और परमेश्वर और मनुष्यों के बीच में भी एक ही बिचवई है, अर्थात मसीह यीशु जो मनुष्य है। - 1 तिमुथियुस 2:4-5

बाइबल पाठ: रोमियों 9:1-5
Romans 9:1 मैं मसीह में सच कहता हूं, झूठ नहीं बोलता और मेरा विवेक भी पवित्र आत्मा में गवाही देता है। 
Romans 9:2 कि मुझे बड़ा शोक है, और मेरा मन सदा दुखता रहता है। 
Romans 9:3 क्योंकि मैं यहां तक चाहता था, कि अपने भाईयों, के लिये जो शरीर के भाव से मेरे कुटुम्बी हैं, आप ही मसीह से शापित हो जाता। 
Romans 9:4 वे इस्त्राएली हैं; और लेपालकपन का हक और महिमा और वाचाएं और व्यवस्था और उपासना और प्रतिज्ञाएं उन्हीं की हैं। 
Romans 9:5 पुरखे भी उन्हीं के हैं, और मसीह भी शरीर के भाव से उन्हीं में से हुआ, जो सब के ऊपर परम परमेश्वर युगानुयुग धन्य है। आमीन।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 राजा 22-23
  • यूहन्ना 4:31-54


रविवार, 14 मई 2017

सुनना


   एक शाम, हमारे छोटे से चर्च में, एक युवा मिशनरी ने प्रवचन दिया। जिस देश में वह और उसकी पत्नि सेवकाई करते थे, उसमें धर्म के नाम पर बहुत उथल-पुथल चल रही थी, और वहाँ की स्थिति बच्चों के लिए बहुत खतरनाक मानी जाती थी। वहाँ की घटनाएं बताते हुए उसने एक आप-बीती हृदय-विदारक घटना का उल्लेख किया, जब उसे अपनी बेटी को एक विद्यालय के हॉस्टल में छोड़कर आना पड़ा और उसकी बेटी उससे बहुत आग्रह करती रही कि वह उसे छोड़कर न जाए।

   उस समय मैं हाल ही में पिता बना था, मुझे एक बेटी की आशीष प्राप्त हुई थी। उस मिशनरी से यह घटना सुन कर मैं अपने आप से बुड़बुड़ाने लगा, "कोई प्रेमी माता-पिता अपनी बेटी को ऐसे अकेला छोड़कर कैसे आ सकते हैं?" उस मिशनरी द्वारा अपना प्रवचन समाप्त करने के समय तक, इस बात को लेकर मैं इतना खिसिया चुका था कि मैंने उस मिशनरी से भेंट करने का निमंत्रण भी ठुकरा दिया, और आवेश में चर्च के बाहर यह कहता हुआ निकला: "मैं प्रसन्न हूँ कि मैं उसके समान नहीं हूँ...।"

   उसी पल, परमेश्वर के पवित्र आत्मा ने मुझे वहीं रोक दिया। मैं अपने मुँह से निकल रहा वाक्य भी पूरा नहीं कर पाया। मैं लगभग वही शब्द दोहरा रहा था जो उस फरीसी ने अपनी प्रार्थना में परमेश्वर से कहे थे: "...हे परमेश्वर, मैं तेरा धन्यवाद करता हूं, कि मैं और मनुष्यों की नाईं ..." (लूका 18:11)। मैं अपने आप से बहुत निराश हुआ; और मुझे बोध हुआ कि परमेश्वर भी मुझसे बहुत निराश हुआ होगा!

   उस शाम के बाद से मैंने परमेश्वर से माँगा है कि वह मुझे दूसरों की बात नम्रता और संयम से सुनने वाला बनाए, जब वे अपने हृदय के भाव, अपनी दुःख और पीड़ा, अपने अंगीकार सुनाते हैं। मैं उनकी परिस्थिति और आवश्यकता को समझ सकूँ, न कि जल्दबाज़ी में उन्हें जाँचने वाला या उनपर टिप्पणी करने वाला बनूँ। प्रभु मुझे सुनने का मन दे। - रैंडी किल्गोर


दूसरों का न्याय करने से हम परमेश्वर की निकटता में नहीं बढ़ते हैं।

जब तू परमेश्वर के भवन में जाए, तब सावधानी से चलना; सुनने के लिये समीप जाना मूर्खों के बलिदान चढ़ाने से अच्छा है; क्योंकि वे नहीं जानते कि बुरा करते हैं। बातें करने में उतावली न करना, और न अपने मन से कोई बात उतावली से परमेश्वर के साम्हने निकालना, क्योंकि परमेश्वर स्वर्ग में हैं और तू पृथ्वी पर है; इसलिये तेरे वचन थोड़े ही हों। - सभोपदेशक 5:1-2

बाइबल पाठ: लूका 18:9-14
Luke 18:9 और उसने कितनो से जो अपने ऊपर भरोसा रखते थे, कि हम धर्मी हैं, और औरों को तुच्‍छ जानते थे, यह दृष्‍टान्‍त कहा। 
Luke 18:10 कि दो मनुष्य मन्दिर में प्रार्थना करने के लिये गए; एक फरीसी था और दूसरा चुंगी लेने वाला। 
Luke 18:11 फरीसी खड़ा हो कर अपने मन में यों प्रार्थना करने लगा, कि हे परमेश्वर, मैं तेरा धन्यवाद करता हूं, कि मैं और मनुष्यों की नाईं अन्‍धेर करने वाला, अन्यायी और व्यभिचारी नहीं, और न इस चुंगी लेने वाले के समान हूं। 
Luke 18:12 मैं सप्‍ताह में दो बार उपवास करता हूं; मैं अपनी सब कमाई का दसवां अंश भी देता हूं। 
Luke 18:13 परन्तु चुंगी लेने वाले ने दूर खड़े हो कर, स्वर्ग की ओर आंखें उठाना भी न चाहा, वरन अपनी छाती पीट-पीटकर कहा; हे परमेश्वर मुझ पापी पर दया कर। 
Luke 18:14 मैं तुम से कहता हूं, कि वह दूसरा नहीं; परन्तु यही मनुष्य धर्मी ठहराया जा कर अपने घर गया; क्योंकि जो कोई अपने आप को बड़ा बनाएगा, वह छोटा किया जाएगा; और जो अपने आप को छोटा बनाएगा, वह बड़ा किया जाएगा।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 राजा 19-21
  • यूहन्ना 4:1-30


शनिवार, 13 मई 2017

धन


   संसार भर में 100 से भी अधिक देशों में सरकारों द्वारा संचालित लॉट्रियाँ पाई जाती हैं। हाल के वर्षों में, केवल अमेरिका और कैनाडा में ही लॉट्री टिकिटों की बिक्री 85 बिलियन डॉलर की हो चुकी थी, जो संसार भर में होने वाली बिक्री का एक भाग मात्र है। बहुत बड़ी रकम जीतने की संभावना के लालच ने लोगों में यह मानसिकता ला दी है कि यदि मैं लॉट्री जीत जाऊँगा तो मेरे जीवन की सभी समस्याओं का समाधान हो जाएगा।

   अपने आप में धन में कोई बुराई नहीं है, परन्तु धन का लोभ हमें इस भ्रम में डाल देता है कि हमारी सभी आवश्यकताओं, सभी समस्याओं का उत्तर धन में है। परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार ने इससे पृथक दृष्टिकोण जताते हुए कहा, "मैं तेरी चितौनियों के मार्ग से, मानों सब प्रकार के धन से हर्षित हुआ हूं। मैं तेरे उपदेशों पर ध्यान करूंगा, और तेरे मार्गों की ओर दृष्टि रखूंगा। मैं तेरी विधियों से सुख पाऊंगा; और तेरे वचन को न भूलूंगा" (भजन 119:14-16)। आत्मिक धन का यह विचार परमेश्वर के प्रति आज्ञाकारिता और उसके मार्गों पर चलने पर केन्द्रित है (पद 35)।

   कैसा हो यदि हम किसी लॉट्री की भारी-भरकम रकम जीतने के स्थान पर परमेश्वर के वचन को जानने और मानने के प्रति उत्साहित रहें, उस पर ध्यान केंद्रित करें। तब हम भी भजनकार के साथ परमेश्वर से कह सकेंगे, "मेरे मन को लोभ की ओर नहीं, अपनी चितौनियों ही की ओर फेर दे। मेरी आंखों को व्यर्थ वस्तुओं की ओर से फेर दे; तू अपने मार्ग में मुझे जिला" (पद 36-37)।

   परमेश्वर के वचन की आज्ञाकारिता का धन - एक मात्र सच्चा अक्षय धन - उन सभी के लिए सदा उपलब्ध है जो प्रभु यीशु के अनुयायी बन गए हैं, उसके वचन से प्रेम करते हैं, उसका अध्ययन करते हैं और उससे अपने जीवन का मार्गदर्शन प्राप्त करते हैं। - डेविड मैक्कैसलैंड


परमेश्वर को जानना और उसके वचन को मानना ही सफलता की कुंजी है।

पर जो धनी होना चाहते हैं, वे ऐसी परीक्षा, और फंदे और बहुतेरे व्यर्थ और हानिकारक लालसाओं में फंसते हैं, जो मनुष्यों को बिगाड़ देती हैं और विनाश के समुद्र में डूबा देती हैं। क्योंकि रूपये का लोभ सब प्रकार की बुराइयों की जड़ है, जिसे प्राप्त करने का प्रयत्न करते हुए कितनों ने विश्वास से भटक कर अपने आप को नाना प्रकार के दुखों से छलनी बना लिया है। - 1 तिमुथियुस 6:9-10

बाइबल पाठ: भजन 119:33-40
Psalms 119:33 हे यहोवा, मुझे अपनी विधियों का मार्ग दिखा दे; तब मैं उसे अन्त तक पकड़े रहूंगा। 
Psalms 119:34 मुझे समझ दे, तब मैं तेरी व्यवस्था को पकड़े रहूंगा और पूर्ण मन से उस पर चलूंगा। 
Psalms 119:35 अपनी आज्ञाओं के पथ में मुझ को चला, क्योंकि मैं उसी से प्रसन्न हूं। 
Psalms 119:36 मेरे मन को लोभ की ओर नहीं, अपनी चितौनियों ही की ओर फेर दे। 
Psalms 119:37 मेरी आंखों को व्यर्थ वस्तुओं की ओर से फेर दे; तू अपने मार्ग में मुझे जिला। 
Psalms 119:38 तेरा वचन जो तेरे भय मानने वालों के लिये है, उसको अपने दास के निमित्त भी पूरा कर। 
Psalms 119:39 जिस नामधराई से मैं डरता हूं, उसे दूर कर; क्योंकि तेरे नियम उत्तम हैं। 
Psalms 119:40 देख, मैं तेरे उपदेशों का अभिलाषी हूं; अपने धर्म के कारण मुझ को जिला।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 राजा 17-18
  • यूहन्ना 3:19-36


शुक्रवार, 12 मई 2017

टेक


   हमारी सहेली, हेलेन का देहांत हो गया था, और हम उसके अन्तिम संस्कार के पश्चात बाहर आ रहे थे; सिंडी ने टिप्पणी की, "यह कैसा अनोखा अन्तिम संस्कार था।" हेलेन को दी जाने वाली इस अन्तिम विदाई के समय एक के बाद एक मित्र, सहेली, परिवारजन ने उसके हँसमुख तथा सदा आनन्दमय व्यवहार को स्मरण किया। परन्तु हेलेन का जीवन केवल हँसी-मज़ाक और चुटकुले ही नहीं था। उसके भान्जे ने मसीह यीशु में हेलेन के विश्वास के, तथा दुसरों की देखभाल करने की उसकी प्रवृत्ति के बारे में बताया। उसने बताया कि कैसे, जब वह किशोर था और संघर्ष कर रहा था, ऐसे में हेलेन ने उसे अपने घर में स्थान दिया। आज वह जीवन के तीसरे दशक में था, और कह रहा था, "हेलेन आन्टी मेरे लिए माँ के समान थीं। मेरे संघर्षों में उन्होंने कभी मेरा साथ नहीं छोड़ा। मुझे पूरा विश्वास है कि यदि उनका साथ नहीं होता तो मैं अपने मसीही विश्वास से कब का पीछे हट चुका होता।" वाह! कैसा अद्भुत प्रभाव! हेलेन ने प्रभु यीशु को अपनी टेक बनाया, उसका सहारा लिया, और अपने भान्जे को भी प्रभु की टेक, उसका सहारा लेना सिखाया।

   परमेश्वर के वचन बाइबल के पुराने नियम में हम पढ़ते हैं कि राजा दाउद ने एक जवान पुरुष, मपीबोशेत को, अपने घर में स्थान दिया जिससे उसके पिता और दाऊद के दिवंगत मित्र योनातान के कारण मपीबोशेत पर अनुकंपा दिखा सके (देखें 2 शमूएल 9:1)। कई वर्ष पहले, जब उसके पिता के युध्द में मारे जाने का समाचार आया था, तो जब मपीबोशेत की धाय उसे लेकर भागी तो वह उसकी गोदी से गिर गया और घायल हो गया (4:4), अब वह ठीक से चल नहीं सकता था। मपीबोशेत को आश्चर्य हुआ कि राजा दाऊद उसकी देखभाल करना चाहता था; क्योंकि अपनी दृष्टि में मपीबोशेत तो "मरे हुए कुते" के समान था (9:8)। परन्तु दाऊद ने उससे अपने पुत्र के समान व्यवहार किया (9:11)।

   मैं भी ऐसा व्यक्ति बनना चाहूँगी; क्या आप ऐसा बनना नहीं चाहेंगे? ऐसा व्यक्ति जो दूसरों की देखभाल और सहायता करे, उन्हें हर परिस्थित, परेशानी, संघर्ष में भी मसीह यीशु में विश्वास बनाए रखने में सहायक हो। जो दूसरों के लिए टेक बन सके, और सारे संसार के सभी लोगों के आश्रय स्थान तथा सहारे प्रभु यीशु की ओर लोगों को आकर्षित कर सके। - ऐनी सेटास


परमेश्वर लोगों के जीवनों में अन्य लोगों के द्वारा ही अपना अधिकांश कार्य करता है।

क्योंकि तू संकट में दीनों के लिये गढ़, और जब भयानक लोगों का झोंका भीत पर बौछार के समान होता था, तब तू दरिद्रों के लिये उनकी शरण, और तपन में छाया का स्थान हुआ। - यशायाह 25:4

बाइबल पाठ: 2 शमूएल 9
2 Samuel 9:1 दाऊद ने पूछा, क्या शाऊल के घराने में से कोई अब तक बचा है, जिस को मैं योनातन के कारण प्रीति दिखाऊं? 
2 Samuel 9:2 शाऊल के घराने का सीबा नाम एक कर्मचारी था, वह दाऊद के पास बुलाया गया; और जब राजा ने उस से पूछा, क्या तू सीबा है? तब उसने कहा, हां, तेरा दास वही है। 
2 Samuel 9:3 राजा ने पूछा, क्या शाऊल के घराने में से कोई अब तक बचा है, जिस को मैं परमेश्वर की सी प्रीति दिखाऊं? सीबा ने राजा से कहा, हां, योनातन का एक बेटा तो है, जो लंगड़ा है। 
2 Samuel 9:4 राजा ने उस से पूछा, वह कहां है? सीबा ने राजा से कहा, वह तो लोदबार नगर में, अम्मीएल के पुत्र माकीर के घर में रहता है। 
2 Samuel 9:5 तब राजा दाऊद ने दूत भेज कर उसको लोदबार से, अम्मीएल के पुत्र माकीर के घर से बुलवा लिया। 
2 Samuel 9:6 जब मपीबोशेत, जो योनातन का पुत्र और शाऊल का पोता था, दाऊद के पास आया, तब मुह के बल गिर के दण्डवत्‌ किया। दाऊद ने कहा, हे मपीबोशेत! उसने कहा, तेरे दास को क्या आज्ञा? 
2 Samuel 9:7 दाऊद ने उस से कहा, मत डर; तेरे पिता योनातन के कारण मैं निश्चय तुझ को प्रीति दिखाऊंगा, और तेरे दादा शाऊल की सारी भूमि तुझे फेर दूंगा; और तू मेरी मेज पर नित्य भोजन किया कर। 
2 Samuel 9:8 उसने दण्डवत्‌ कर के कहा, तेरा दास क्या है, कि तू मुझे ऐसे मरे कुत्ते की ओर दृष्टि करे? 
2 Samuel 9:9 तब राजा ने शाऊल के कर्मचारी सीबा को बुलवाकर उस से कहा, जो कुछ शाऊल और उसके समस्त घराने का था वह मैं ने तेरे स्वामी के पोते को दे दिया है। 
2 Samuel 9:10 अब से तू अपने बेटों और सेवकों समेत उसकी भूमि पर खेती कर के उसकी उपज ले आया करना, कि तेरे स्वामी के पोते को भोजन मिला करे; परन्तु तेरे स्वामी का पोता मपीबोशेत मेरी मेज पर नित्य भोजन किया करेगा। और सीबा के तो पन्द्रह पुत्र और बीस सेवक थे। 
2 Samuel 9:11 सीबा ने राजा से कहा, मेरा प्रभु राजा अपने दास को जो जो आज्ञा दे, उन सभों के अनुसार तेरा दास करेगा। दाऊद ने कहा, मपीबोशेत राजकुमारों की नाईं मेरी मेज पर भोजन किया करे। 
2 Samuel 9:12 मपीबोशेत के भी मीका नाम एक छोटा बेटा था। और सीबा के घर में जितने रहते थे वे सब मपीबोशेत की सेवा करते थे। 
2 Samuel 9:13 और मपीबोशेत यरूशलेम में रहता था; क्योंकि वह राजा की मेज पर नित्य भोजन किया करता था। और वह दोनों पांवों का पंगुला था।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 राजा 15-16
  • यूहन्ना 3:1-18


गुरुवार, 11 मई 2017

गवाही


   एक भूतपूर्व कैदी, माइकल डिन्समोर, हाल ही में मसीही विश्वास में आया था; उसे बन्दिगृह में अपने जीवन की कहानी सुनाने, मसीही विश्वास के अपने जीवन की गवाही देने को कहा गया। उसके द्वारा अपनी गवाही सुनाने के पश्चात, बन्दिगृह के कुछ बन्दियों ने आकर उससे कहा, "यह हमारे जीवन की सबसे अधिक उत्साहवर्धक सभा थी।" माइकल चकित हुआ कि उसके जीवन की साधारण सी गवाही को परमेश्वर इतनी सामर्थ्य के साथ उपयोग कर सकता है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि पौलुस ने तिमुथियुस को लिखी अपनी प्रथम पत्री में पहले तो उसे निर्देश दिया कि वह सुसमाचार प्रचार करने के अपने पथ पर दृढ़ता से बना रहे (1:1-11)। इस निर्देश के पश्चात, उस नौजवान पास्टर को प्रोत्साहित करने के लिए, पौलुस ने उससे अपने जीवन की गवाही साझा की (पद 12-16)। पौलुस ने बताया कि कैसे प्रभु यीशु ने उस पर दया की, जबकि पौलुस प्रभु का उपहास करता था, उसकी अवहेलना करता था; लेकिन फिर भी प्रभु ने अपने बड़े प्रेम और दया में होकर उसके जीवन को बदल डाला। प्रभु ने न केवल पौलुस को विश्वासयोग्य जाना, वरन अपने लिए पौलुस को करने के लिए कार्य और ज़िम्मेदारी भी सौंपी, और उस ज़िम्मेदारी के योग्य सामर्थ्य भी प्रदान किया (पद 12)। पौलुस अपने आप को संसार का सबसे बड़ा पापी मानता था, परन्तु प्रभु ने उसका भी उध्दार किया, उसे बदल दिया और अपने लिए कार्य करने वाला बना दिया (पद 15)।

   परमेश्वर ऐसा कर सकने के योग्य है। पौलुस यही बात तिमुथियुस को दिखाना चाहता था; और इसी बात को आज हमें भी देखना, समझना और स्वीकार करना है, उसका पालन करना है। पौलुस की गवाही के द्वारा हम परमेश्वर की दया को देखते हैं। यदि परमेश्वर पौलुस जैसे व्यक्ति को बदल सकता है, उसे अपने लिए उपयोगी बना सकता है, तो पौलुस के समान वह हमें भी उपयोग कर सकता है। यदि परमेश्वर संसार के सबसे बड़े पापी का उध्दार कर सकता है तो किसी का भी कर सकता है, कोई उसकी दया और करुणा की सीमा से परे नहीं है।

   परमेश्वर द्वारा हमारे जीवनों में किए गए कार्यों की गवाही किसी अन्य के लिए प्रोत्साहन हो सकती है। अपने आस-पास के लोगों के साथ अपने जीवन में हुए परमेश्वर के कार्यों की गवाही को साझा करें; उन्हें बताएं कि बाइबल का परमेश्वर आज भी कार्य कर रहा है, जीवन बदल रहा है! - पोह फैंग चिया


परमेश्वर के प्रेम और दया की पहुँच से बाहर कोई नहीं है।

तेरे कामों की प्रशंसा और तेरे पराक्रम के कामों का वर्णन, पीढ़ी पीढ़ी होता चला जाएगा। मैं तेरे ऐश्वर्य की महिमा के प्रताप पर और तेरे भांति भांति के आश्चर्यकर्मों पर ध्यान करूंगा। लोग तेरे भयानक कामों की शक्ति की चर्चा करेंगे, और मैं तेरे बड़े बड़े कामों का वर्णन करूंगा। लोग तेरी बड़ी भलाई का स्मरण कर के उसकी चर्चा करेंगे, और तेरे धर्म का जयजयकार करेंगे। - भजन 145:4-7

बाइबल पाठ: 1 तिमुथियुस 1:12-20
1 Timothy 1:12 और मैं, अपने प्रभु मसीह यीशु का, जिसने मुझे सामर्थ्य दी है, धन्यवाद करता हूं; कि उसने मुझे विश्वास योग्य समझकर अपनी सेवा के लिये ठहराया। 
1 Timothy 1:13 मैं तो पहिले निन्‍दा करने वाला, और सताने वाला, और अन्‍धेर करने वाला था; तौभी मुझ पर दया हुई, क्योंकि मैं ने अविश्वास की दशा में बिन समझे बूझे, ये काम किए थे। 
1 Timothy 1:14 और हमारे प्रभु का अनुग्रह उस विश्वास और प्रेम के साथ जो मसीह यीशु में है, बहुतायत से हुआ। 
1 Timothy 1:15 यह बात सच और हर प्रकार से मानने के योग्य है, कि मसीह यीशु पापियों का उद्धार करने के लिये जगत में आया, जिन में सब से बड़ा मैं हूं। 
1 Timothy 1:16 पर मुझ पर इसलिये दया हुई, कि मुझ सब से बड़े पापी में यीशु मसीह अपनी पूरी सहनशीलता दिखाए, कि जो लोग उस पर अनन्त जीवन के लिये विश्वास करेंगे, उन के लिये मैं एक आदर्श बनूं। 
1 Timothy 1:17 अब सनातन राजा अर्थात अविनाशी अनदेखे अद्वैत परमेश्वर का आदर और महिमा युगानुयुग होती रहे। आमीन।
1 Timothy 1:18 हे पुत्र तीमुथियुस, उन भविष्यद्वाणियों के अनुसार जो पहिले तेरे विषय में की गई थीं, मैं यह आज्ञा सौंपता हूं, कि तू उन के अनुसार अच्छी लड़ाई को लड़ता रहे। 
1 Timothy 1:19 और विश्वास और उस अच्‍छे विवेक को थामें रहे जिसे दूर करने के कारण कितनों का विश्वास रूपी जहाज डूब गया। 
1 Timothy 1:20 उन्‍हीं में से हुमिनयुस और सिकन्‍दर हैं जिन्हें मैं ने शैतान को सौंप दिया, कि वे निन्‍दा करना न सीखें।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 राजा 13-14
  • यूहन्ना 2


बुधवार, 10 मई 2017

साधारण


   बहुत सी ऐसी माताएं, जिनके बच्चे अभी छोटे ही थे, प्रार्थनाओं के उत्साहजनक उत्तरों के बारे में अपने अनुभव साझा कर रही थीं। परन्तु फिर भी एक महिला ने कहा कि अपनी व्यक्तिगत आवश्यकताओं को लेकर परमेश्वर को परेशान करना उसे स्वार्थी लगता है। उसने समझाया, "परमेश्वर का सामने सारे संसार की इतनी बड़ी-बड़ी समस्याएं और आवश्यकताएं हैं; ऐसे में मेरी परिस्थितियाँ और आवश्यकताएं उन्हें बहुत साधारण और ध्यान देने योग्य नहीं लगते होंगे।" कुछ ही पल बाद उस महिला का बेटा चिल्लाकर रोता हुआ अपनी माँ के पास भागता हुआ आया; उसकी अँगुली दरवाज़े में दब गई थी। उस महिला ने अपने बेटे के साथ बहुत कोमलता और करुणा दिखाई; तब उस महिला ने अपने बेटे से यह नहीं कहा कि, "मैं इतनी व्यस्त हूँ और तुम हो कि एक छोटी सी चोट के कारण मुझे परेशान कर रहे हो।" यह उस प्रेम के कारण था जो वह महिला अपने पुत्र से करती थी।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 103:13 हमें परमेश्वर के प्रेम के बारे में समझाता है, उसके प्रेम को पिता के प्रेम के समान बताता है। यशायाह 49 में परमेश्वर कहता है कि चाहे माता अपने बच्चे पर करुणा करना भूल जाए लेकिन परमेश्वर अपने बच्चों को कभी नहीं भूलता है (पद 15)। इस विषय में परमेश्वर ने अपने लोगों को आश्वासन दिया है, "देख, मैं ने तेरा चित्र हथेलियों पर खोदकर बनाया है; तेरी शहरपनाह सदैव मेरी दृष्टि के साम्हने बनी रहती है" (पद 16)।

   परमेश्वर के साथ ऐसी निकटता उन ही की होती है जो उसका भय मानते हैं, और स्वयं अपने ऊपर निर्भर रहने के स्थान पर परमेश्वर पर निर्भर रहते हैं। जैसे वह बच्चा अपनी दुःखती हुई अँगुली लेकर निःसंकोच अपनी माँ के पास भागा चला आया, उसी प्रकार हम भी अपनी प्रत्येक समस्या और परिस्थिति को लेकर प्रतिदिन परमेश्वर के पास आया करें।

   हमारा करुणामय परमेश्वर हमारी चिन्ताओं और आवश्यकताओं के समाधान के लिए किसी अन्य की उपेक्षा नहीं करता है। उसके पास अपनी प्रत्येक सन्तान की प्रत्येक चिंता तथा आवश्यकता के लिए असीम समय, प्रेम और संसाधन हैं। उसके लिए हमारी कोई चिंता, कोई समस्या, कोई आवश्यकता साधारण नहीं है। - जोनी योडर


परमेश्वर अपने बच्चों को अपनी हथेली में थामे रहता है।

उदयाचल अस्ताचल से जितनी दूर है, उसने हमारे अपराधों को हम से उतनी ही दूर कर दिया है। जैसे पिता अपने बालकों पर दया करता है, वैसे ही यहोवा अपने डरवैयों पर दया करता है। क्योंकि वह हमारी सृष्टि जानता है; और उसको स्मरण रहता है कि मनुष्य मिट्टी ही है। भजन 103:12-14

बाइबल पाठ: यशायाह 49:13-18
Isaiah 49:13 हे आकाश, जयजयकार कर, हे पृथ्वी, मगन हो; हे पहाड़ों, गला खोल कर जयजयकार करो! क्योंकि यहोवा ने अपनी प्रजा को शान्ति दी है और अपने दीन लोगों पर दया की है।
Isaiah 49:14 परन्तु सिय्योन ने कहा, यहोवा ने मुझे त्याग दिया है, मेरा प्रभु मुझे भूल गया है। 
Isaiah 49:15 क्या यह हो सकता है कि कोई माता अपने दूधपिउवे बच्चे को भूल जाए और अपने जन्माए हुए लड़के पर दया न करे? हां, वह तो भूल सकती है, परन्तु मैं तुझे नहीं भूल सकता। 
Isaiah 49:16 देख, मैं ने तेरा चित्र हथेलियों पर खोदकर बनाया है; तेरी शहरपनाह सदैव मेरी दृष्टि के साम्हने बनी रहती है। 
Isaiah 49:17 तेरे लड़के फुर्ती से आ रहे हैं और खण्डहर बनाने वाले और उजाड़ने वाले तेरे बीच से निकले जा रहे हैं। 
Isaiah 49:18 अपनी आंखें उठा कर चारों ओर देख, वे सब के सब इकट्ठे हो कर तेरे पास आ रहे हैं। यहोवा की यह वाणी है कि मेरे जीवन की शपथ, तू निश्चय उन सभों को गहने के समान पहिल लेगी, तू दुल्हिन की नाईं अपने शरीर में उन सब को बान्ध लेगी।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 राजा 10-12
  • यूहन्ना 1:29-51