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शुक्रवार, 16 फ़रवरी 2018

साझा


   बहुत से परिवारों में कोई-कोई वयंजन बनाने की पारिवारिक विधि होती है, जो पीढ़ी से पीढ़ी को सौंपी जाती है, और उस व्यंजन को एक विशेष स्वाद देती है। हम हक्कास चीनियों के पास भी ऐसी ही एक व्यंजन बनाने की विधि होती थी, और हमारी दादी उसे सबसे बढ़िया बनाती थीं। प्रति वर्ष चीनी नए वर्ष के उपलक्ष में जब परिवार के सभी सदस्य एकत्रित होते थे, और दादी अपनी उस विधी से वह व्यंजन बनाती थीं, तो हम एक दूसरे से कहते थे, “हमें दादी से इसे बनाने की यह वीधी अवश्य सीखनी चाहिए।” परन्तु हमने कभी दादी से उसे सीखा नहीं, और अब वे हमारे बीच में नहीं रही हैं; उनके साथ ही उनकी वह विधी भी जाती रही है।

   हमें दादी की कमी खलती है, और उनकी उस विधी की भी। परन्तु इससे भी कहीं अधिक दुखद बात होगी विश्वास की उस विरासत को बिसरा देना जो परमेश्वर ने हमें सौंपी है। परमेश्वर चाहता है कि प्रत्येक पीढ़ी अगली पीढ़ी को परमेश्वर द्वारा किए गए महान कार्यों के बारे में बताए। परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार ने कहा, “तेरे कामों की प्रशंसा और तेरे पराक्रम के कामों का वर्णन, पीढ़ी पीढ़ी होता चला जाएगा” (भजन 145:4), जो सदियों पहले मूसा ने भी कहा था “प्राचीनकाल के दिनों को स्मरण करो, पीढ़ी पीढ़ी के वर्षों को विचारो; अपने बाप से पूछो, और वह तुम को बताएगा; अपने वृद्ध लोगों से प्रश्न करो, और वे तुझ से कह देंगे” (व्यवस्थाविवरण 32:7)।

   परमेश्वर ने हमें ऐसा बनाया है कि हम अपने अनुभवों को औरों के साथ साझा करने के द्वारा एक दूसरे के साथ का आनन्दित भी हों और एक दूसरे के अनुभवों से लाभान्वित भी हों। जब हम अपने उद्धार पाने और परमेश्वर से विभिन्न परिस्थितियों में मिली सहायता की बातों और घटनाओं को दूसरों के साथ साझा करते हैं, तो न केवल हम उन्हें भी प्रोत्साहित करते हैं तथा परमेश्वर को आदर देते हैं, परन्तु शैतान और उसकी युक्तियों पर जयवंत होने के अपने मार्ग को भी दृढ़ करते हैं (प्रकाशितवाक्य 12:11)। - पो फैंग चिया


आज जो हम अपने बच्चों को सिखाते हैं, 
वह कल के सँसार को प्रभावित करेगा।

और वे मेम्ने के लोहू के कारण, और अपनी गवाही के वचन के कारण, उस पर जयवन्‍त हुए, और उन्होंने अपने प्राणों को प्रिय न जाना, यहां तक कि मृत्यु भी सह ली। - प्रकाशितवाक्य 12:11

बाइबल पाठ: भजन 145:1-13
Psalms 145:1 हे मेरे परमेश्वर, हे राजा, मैं तुझे सराहूंगा, और तेरे नाम को सदा सर्वदा धन्य कहता रहूंगा।
Psalms 145:2 प्रति दिन मैं तुझ को धन्य कहा करूंगा, और तेरे नाम की स्तुति सदा सर्वदा करता रहूंगा।
Psalms 145:3 यहोवा महान और अति स्तुति के योग्य है, और उसकी बड़ाई अगम है।
Psalms 145:4 तेरे कामों की प्रशंसा और तेरे पराक्रम के कामों का वर्णन, पीढ़ी पीढ़ी होता चला जाएगा।
Psalms 145:5 मैं तेरे ऐश्वर्य की महिमा के प्रताप पर और तेरे भांति भांति के आश्चर्यकर्मों पर ध्यान करूंगा।
Psalms 145:6 लोग तेरे भयानक कामों की शक्ति की चर्चा करेंगे, और मैं तेरे बड़े बड़े कामों का वर्णन करूंगा।
Psalms 145:7 लोग तेरी बड़ी भलाई का स्मरण कर के उसकी चर्चा करेंगे, और तेरे धर्म का जयजयकार करेंगे।।
Psalms 145:8 यहोवा अनुग्रहकारी और दयालु, विलम्ब से क्रोध करने वाला और अति करूणामय है।
Psalms 145:9 यहोवा सभों के लिये भला है, और उसकी दया उसकी सारी सृष्टि पर है।
Psalms 145:10 हे यहोवा, तेरी सारी सृष्टि तेरा धन्यवाद करेगी, और तेरे भक्त लोग तुझे धन्य कहा करेंगे!
Psalms 145:11 वे तेरे राज्य की महिमा की चर्चा करेंगे, और तेरे पराक्रम के विषय में बातें करेंगे;
Psalms 145:12 कि वे आदमियों पर तेरे पराक्रम के काम और तेरे राज्य के प्रताप की महिमा प्रगट करें।
Psalms 145:13 तेरा राज्य युग युग का और तेरी प्रभुता सब पीढ़ियों तक बनी रहेगी।


एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 19-20
  • मत्ती 27:51-66



गुरुवार, 15 फ़रवरी 2018

सांतवना


   हमारी एक मित्र के पति का अचानक ही देहांत हो गया, और उसके साथ हम भी शोकित हुए। हमारी मित्र स्वयं एक सलाहकार हैं, और उन्होंने अनेकों लोगों को ऐसी ही परिस्थितियों में सांतवना दी है, उन्हें संभाला है। अब विवाह के 40 वर्ष पश्चात, उन्हें स्वयं रोज संध्या को एक खाली घर में आने की अप्रिय परिस्थिति का सामना करना था।

   अपने इस दुःख में उस मित्र ने उसका सहारा लिया जिसके विषय परमेश्वर के वचन बाइबल में आया है कि वह “टूटे मन वालों के समीप रहता है।” परमेश्वर उनके साथ उनके दुःख में चला, और उन्होंने हम से कहा कि उन्होंने अपने “विधवा” नाम को गर्व के साथ स्वीकार करने का निर्णय लिया क्योंकि उन्हें निश्चय था कि उनका विधवा होना परमेश्वर की ओर से है।

   प्रत्येक दुःख व्यक्तिगत होता है, और सब का दुःख सहने का अपना तरीका होता है। उनके दुःख सहने के इस तरीके से न तो दुःख कम होता है और न ही उनके घर का खालीपन कम होता है। परन्तु परमेश्वर के साथ चलना यह स्मरण करवाता है कि हमारे सबसे घोर दुःख में भी हम परमेश्वर पर विश्वास बनाए रख सकते हैं, हमारा प्रेमी परमेश्वर पिता सदा हमारे साथ रहता है।

   हमारे स्वर्गीय परमेश्वर पिता ने भी अलगाव की अत्यंत पीड़ा सही थी। जब प्रभु यीशु मसीह, सारे सँसार के सभी मनुष्यों के पापों को लिए क्रूस पर बलिदान हुए, तो वे पुकार उठे, “...हे मेरे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर, तू ने मुझे क्यों छोड़ दिया?” (मत्ती 27:46)। परन्तु फिर भी उन्होंने क्रूस की मृत्यु तथा परमेश्वर पिता से दूरी की पीड़ा को हमारे लिए, हमारे प्रति अपने प्रेम के लिए सहा।

   वह हमारे दुखों को समझता है! और क्योंकि “यहोवा टूटे मन वालों के समीप रहता है” (भजन 34:18), इसलिए उसमें हमें हर परिस्थिति के लिए उपयुक्त सांतवना मिलाती है। वह सदा हमारे निकट रहता है। - डेव ब्रैनन


परमेश्वर हमारे दुखों को बांट लेता है।

क्योंकि जो महान और उत्तम और सदैव स्थिर रहता, और जिसका नाम पवित्र है, वह यों कहता है, मैं ऊंचे पर और पवित्र स्थान में निवास करता हूं, और उसके संग भी रहता हूं, जो खेदित और नम्र हैं, कि, नम्र लोगों के हृदय और खेदित लोगों के मन को हषिर्त करूं। - यशायाह 57:15

बाइबल पाठ: भजन 34:15-22
Psalms 34:15 यहोवा की आंखे धर्मियों पर लगी रहती हैं, और उसके कान भी उसकी दोहाई की ओर लगे रहते हैं।
Psalms 34:16 यहोवा बुराई करने वालों के विमुख रहता है, ताकि उनका स्मरण पृथ्वी पर से मिटा डाले।
Psalms 34:17 धर्मी दोहाई देते हैं और यहोवा सुनता है, और उन को सब विपत्तियों से छुड़ाता है।
Psalms 34:18 यहोवा टूटे मन वालों के समीप रहता है, और पिसे हुओं का उद्धार करता है।
Psalms 34:19 धर्मी पर बहुत सी विपत्तियां पड़ती तो हैं, परन्तु यहोवा उसको उन सब से मुक्त करता है।
Psalms 34:20 वह उसकी हड्डी हड्डी की रक्षा करता है; और उन में से एक भी टूटने नहीं पाती।
Psalms 34:21 दुष्ट अपनी बुराई के द्वारा मारा जाएगा; और धर्मी के बैरी दोषी ठहरेंगे।
Psalms 34:22 यहोवा अपने दासों का प्राण मोल ले कर बचा लेता है; और जितने उसके शरणागत हैं उन में से कोई भी दोषी न ठहरेगा।


एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 17-18
  • मत्ती 27:27-50



बुधवार, 14 फ़रवरी 2018

कृतघ्न


   तेज बारिश में मैं एक पुरानी गाड़ी चलाने का, जो 80,000 किलोमीटर से अधिक चल चुकी थी, जिस में साईड से टक्कर लगने पर बच्चों की सुरक्षा के लिए कोई एयरबैग भी नहीं थे, और जिसे मैंने अभी खरीदा था, अदि होने का प्रयास कर रहा था। उस गाड़ी को चला पाने का आदि होने का प्रयास और तेज बारिश में कार के वाईपरों का शोर मुझे खिसिया रहा था। इस गाड़ी को तथा कुछ अतिआवश्यक किराने के सामान को खरीद पाने के लिए आवश्यक धन जुटाने के लिए मुझे अपना अंतिम ‘खज़ाना’ 1992 में निर्मित मेरी वोल्वो गाड़ी, जिसमें बच्चों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतज़ाम थे, बेचनी पड़ी थी, क्योंकि तब तक और सब कुछ बिक चुका था। हमारा घर, हमारी बचत, सब कुछ जीवन के लिए घातक हो सकने वाली बीमारियों के इलाज की भेंट चढ़ चुका था।

   मैंने खिसियाहट में, ऊँची आवाजा में बोल ही दिया, “परमेश्वर ठीक है; अब मैं अपने बच्चों को सुरक्षा भी नहीं दे सकता हूँ। अब यदि उन्हें कुछ हुआ न तो फिर देखना मैं क्या करता हूँ...”; और तुरंत मैं अपने किए और कहे पर शर्मिन्दा हो गया। पिछले दो वर्षों में परमेश्वर ने मुझे, मेरी पत्नि और मेरे बेटे को लगभग निश्चित मृत्यु से बचाया था, लेकिन यहाँ मैं उन ‘वस्तुओं’ को लेकर खिसिया रहा था जो मेरे पास से जाती रही थीं। मैंने तुरंत एहसास किया कि कितने जल्दी मैं परमेश्वर के प्रति कृतघ्न हो सकता हूँ। उस प्रेमी पिता परमेश्वर के प्रति जिसने मुझे मेरे पापों के दण्ड और परिणाम से बचाने के लिए अपने पुत्र को बलिदान होने के लिए स्वर्ग से पृथ्वी पर भेज दिया; जिस पिता ने मेरे बेटे को चमत्कारिक रीति से बचाया था।

   मैंने तुरंत प्रार्थना की, “हे पिता मुझे क्षमा करें” और मुझे उत्तर भी मिल गया, “मेरे बेटे, मैंने पहले ही कर दिया था!” – रैंडी किल्गोर


धन्यवादी होना वह भूमि है जिसमें आनन्द पनपने पाता है।

यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है। - 1 यूहन्ना 1:9

बाइबल पाठ: इब्रानियों 12:18-29
Hebrews 12:18 तुम तो उस पहाड़ के पास जो छूआ जा सकता था और आग से प्रज्‍वलित था, और काली घटा, और अन्‍धेरा, और आन्‍धी के पास।
Hebrews 12:19 और तुरही की ध्‍वनि, और बोलने वाले के ऐसे शब्द के पास नहीं आए, जिस के सुनने वालों ने बिनती की, कि अब हम से और बातें न की जाएं।
Hebrews 12:20 क्योंकि वे उस आज्ञा को न सह सके, कि यदि कोई पशु भी पहाड़ को छूए, तो पत्थरवाह किया जाए।
Hebrews 12:21 और वह दर्शन ऐसा डरावना था, कि मूसा ने कहा; मैं बहुत डरता और कांपता हूं।
Hebrews 12:22 पर तुम सिय्योन के पहाड़ के पास, और जीवते परमेश्वर के नगर स्‍वर्गीय यरूशलेम के पास।
Hebrews 12:23 और लाखों स्‍वर्गदूतों और उन पहिलौठों की साधारण सभा और कलीसिया जिन के नाम स्वर्ग में लिखे हुए हैं: और सब के न्यायी परमेश्वर के पास, और सिद्ध किए हुए धर्मियों की आत्माओं।
Hebrews 12:24 और नई वाचा के मध्यस्थ यीशु, और छिड़काव के उस लोहू के पास आए हो, जो हाबिल के लोहू से उत्तम बातें कहता है।
Hebrews 12:25 सावधान रहो, और उस कहने वाले से मुंह न फेरो, क्योंकि वे लोग जब पृथ्वी पर के चितावनी देने वाले से मुंह मोड़ कर न बच सके, तो हम स्वर्ग पर से चितावनी करने वाले से मुंह मोड़ कर क्योंकर बच सकेंगे?
Hebrews 12:26 उस समय तो उसके शब्द ने पृथ्वी को हिला दिया पर अब उसने यह प्रतिज्ञा की है, कि एक बार फिर मैं केवल पृथ्वी को नहीं, वरन आकाश को भी हिला दूंगा।
Hebrews 12:27 और यह वाक्‍य एक बार फिरइस बात को प्रगट करता है, कि जो वस्तुएं हिलाई जाती हैं, वे सृजी हुई वस्तुएं होने के कारण टल जाएंगी; ताकि जो वस्तुएं हिलाई नहीं जातीं, वे अटल बनी रहें।
Hebrews 12:28 इस कारण हम इस राज्य को पाकर जो हिलने का नहीं, उस अनुग्रह को हाथ से न जाने दें, जिस के द्वारा हम भक्ति, और भय सहित, परमेश्वर की ऐसी आराधना कर सकते हैं जिस से वह प्रसन्न होता है।
Hebrews 12:29 क्योंकि हमारा परमेश्वर भस्म करने वाली आग है।


एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 15-16
  • मत्ती 27:1-26



मंगलवार, 13 फ़रवरी 2018

अनुपम


   पन्द्रह वर्षीय विलसन बेंटली हिमकणों की जटिल किंतु अद्भुत सुंदरता देखकर उन पर मोहित हो गया। उसकी माँ ने उसे एक पुराना सूक्ष्मदर्शी (microscope) दिया था, जिसके द्वारा वह उन हिमकणों को देखकर उनकी अद्भुत और विशिष्ट रचना के रेखाचित्र बनाया करता था। किंतु क्योंकि वे बहुत तेज़ी से पिघल जाते थे इसलिए वह उनका विवरण पूरी तरह से नहीं बना पाता था। कुछ वर्षों के बाद, 1885 में, उसने सूक्ष्मदर्शी के साथ एक कैमरा जोड़ा, और अनेकों प्रयासों के बाद हिमकण का पहला चित्र लिया। अपने जीवनकाल में बेंटली ने हिमकणों के 5,000 चित्र लिए, और प्रत्येक हिमकण अनुपम था। उसने उन्हें “सुंदरता के छोटे आश्चर्यकर्म” और “बर्फ के फूल” कहा।

   कोई भी दो हिमकण एक समान नहीं होते हैं, लेकिन फिर भी वे सब एक ही स्रोत से आते हैं। यही बात मसीह यीशु के अनुयायियों के साथ भी है। हम सभी मसीही विश्वासी एक ही सृष्टिकर्ता और उद्धारकर्ता से हैं, परन्तु हम सभी विशिष्ट हैं, भिन्न हैं। परमेश्वर की अद्भुत योजना में उसने भिन्न प्रकार के लोगों को एकसाथ लाकर संगठित पूर्ण बनाया है, और हमें भिन्न वरदान दिए हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल में, मसीही विश्वासियों को दिए गए वरदानों के बारे में लिखते हुए, प्रेरित पौलुस ने कहा, “वरदान तो कई प्रकार के हैं, परन्तु आत्मा एक ही है। और सेवा भी कई प्रकार की है, परन्तु प्रभु एक ही है। और प्रभावशाली कार्य कई प्रकार के हैं, परन्तु परमेश्वर एक ही है, जो सब में हर प्रकार का प्रभाव उत्पन्न करता है” (1 कुरिन्थियों 12:4-6)।

   दूसरों की सहायता तथा परमेश्वर की सेवकाई में अनुपम योगदान कर पाने की क्षमता जो उसने हमें प्रदान की है, और हमारी अनुपम रचना के लिए, परमेश्वर का धन्यवाद हो । - डेनिस फिशर


प्रत्येक व्यक्ति परमेश्वर की प्रेम भरी रचना का अनुपम उदाहरण है।

क्योंकि हम उसके बनाए हुए हैं; और मसीह यीशु में उन भले कामों के लिये सृजे गए जिन्हें परमेश्वर ने पहिले से हमारे करने के लिये तैयार किया। - इफिसियों 2:10

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 12:4-14
1 Corinthians 12:4 वरदान तो कई प्रकार के हैं, परन्तु आत्मा एक ही है।
1 Corinthians 12:5 और सेवा भी कई प्रकार की है, परन्तु प्रभु एक ही है।
1 Corinthians 12:6 और प्रभावशाली कार्य कई प्रकार के हैं, परन्तु परमेश्वर एक ही है, जो सब में हर प्रकार का प्रभाव उत्पन्न करता है।
1 Corinthians 12:7 किन्‍तु सब के लाभ पहुंचाने के लिये हर एक को आत्मा का प्रकाश दिया जाता है।
1 Corinthians 12:8 क्योंकि एक को आत्मा के द्वारा बुद्धि की बातें दी जाती हैं; और दूसरे को उसी आत्मा के अनुसार ज्ञान की बातें।
1 Corinthians 12:9 और किसी को उसी आत्मा से विश्वास; और किसी को उसी एक आत्मा से चंगा करने का वरदान दिया जाता है।
1 Corinthians 12:10 फिर किसी को सामर्थ के काम करने की शक्ति; और किसी को भविष्यद्वाणी की; और किसी को आत्माओं की परख, और किसी को अनेक प्रकार की भाषा; और किसी को भाषाओं का अर्थ बताना।
1 Corinthians 12:11 परन्तु ये सब प्रभावशाली कार्य वही एक आत्मा करवाता है, और जिसे जो चाहता है वह बांट देता है।
1 Corinthians 12:12 क्योंकि जिस प्रकार देह तो एक है और उसके अंग बहुत से हैं, और उस एक देह के सब अंग, बहुत होने पर भी सब मिलकर एक ही देह हैं, उसी प्रकार मसीह भी है।
1 Corinthians 12:13 क्योंकि हम सब ने क्या यहूदी हो, क्या युनानी, क्या दास, क्या स्‍वतंत्र एक ही आत्मा के द्वारा एक देह होने के लिये बपतिस्मा लिया, और हम सब को एक ही आत्मा पिलाया गया।
1 Corinthians 12:14 इसलिये कि देह में एक ही अंग नहीं, परन्तु बहुत से हैं।


एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 14
  • मत्ती 26:51-75



सोमवार, 12 फ़रवरी 2018

ज्ञान


   भाषा पर अपनी पुस्तक में, ब्रिटिश राजनयिक, लांसेलौट ओलिफेंट (1881-1965) ने बताया कि बहुत से विद्यार्थी परिक्षा में तो सही उत्तर लिखते हैं, परन्तु उन्हीं उत्तरों को अपने व्यवहार में नहीं लाने पाते हैं। ओलिफेंट ने कहा कि ऐसे अनपचे ज्ञान का कोई लाभ नहीं है।

   लेखक बर्नाबास पाइपर ने इस बात का समानांतर अपने जीवन में देखा, उन्होंने कहा: “मुझे लगता था कि मैं परमेश्वर के निकट हूँ क्योंकि मुझे सभी उत्तर पता थे, परन्तु मैंने अपने आप को इस भ्रम में रखा हुआ था कि यह प्रभु यीशु के साथ संबंध बनाने के समान है।”

   परमेश्वर के वचन बाइबल में हम पढ़ते हैं कि एक दिन मंदिर में प्रभु यीशु की बातचीत ऐसे लोगों से हुई जिन्हें लगता था कि उनके पास सभी उत्तर उपलब्ध हैं। वे बड़े गर्व के साथ अपने आप को अब्राहम की संतान तो बताते थे, परन्तु परमेश्वर के पुत्र पर विश्वास करने से इनकार करते थे।

   प्रभु यीशु ने उनसे कहा, “यदि तुम इब्राहीम के सन्तान होते, तो इब्राहीम के समान काम करते” (यूहन्ना 8:39); और वह काम क्या था? अब्राहम ने “यहोवा पर विश्वास किया; और यहोवा ने इस बात को उसके लेखे में धर्म गिना” (उत्पत्ति 15:6)। लेकिन उन लोगों ने प्रभु यीशु की बात फिर भी नहीं सुनी, “...उन्होंने उस से कहा, हम व्यभिचार से नहीं जन्मे; हमारा एक पिता है अर्थात परमेश्वर” (यूहन्ना 8:41)। तब प्रभु यीशु ने प्रत्युत्तर दिया, “जो परमेश्वर से होता है, वह परमेश्वर की बातें सुनता है; और तुम इसलिये नहीं सुनते कि परमेश्वर की ओर से नहीं हो” (पद 47)।

   लेखक बर्नाबास पाइपर ने स्मरण किया कि कैसे उनके लिए सब बिखर गया, और उसके बाद उन्होंने बड़ी गहराई से परमेश्वर के अनुग्रह और प्रभु यीशु के व्यक्तित्व को प्राप्त किया। जब हम परमेश्वर के सत्य के ज्ञान को व्यवहार में लाकर उसे अपने जीवन को परिवर्तित करने देते हैं, तब हम ‘सही उत्तर’ वाले ज्ञान से कहीं अधिक बढ़कर प्राप्त करते हैं; हम सँसार का परिचय प्रभु यीशु से करवाते हैं। - टिम गुस्ताफ्सन


विश्वास परमेश्वर की सच्चाई को स्वीकार करना भर नहीं है, 
वरन परमेश्वर के जीवन को प्राप्त करना है।

तब यीशु ने उन यहूदियों से जिन्हों ने उन की प्रतीति की थी, कहा, यदि तुम मेरे वचन में बने रहोगे, तो सचमुच मेरे चेले ठहरोगे। और सत्य को जानोगे, और सत्य तुम्हें स्‍वतंत्र करेगा। - यूहन्ना 8:31-32

बाइबल पाठ: यूहन्ना 8:39-47
John 8:39 उन्होंने उन को उत्तर दिया, कि हमारा पिता तो इब्राहीम है: यीशु ने उन से कहा; यदि तुम इब्राहीम के सन्तान होते, तो इब्राहीम के समान काम करते।
John 8:40 परन्तु अब तुम मुझ ऐसे मनुष्य को मार डालना चाहते हो, जिसने तुम्हें वह सत्य वचन बताया जो परमेश्वर से सुना, यह तो इब्राहीम ने नहीं किया था।
John 8:41 तुम अपने पिता के समान काम करते हो: उन्होंने उस से कहा, हम व्यभिचार से नहीं जन्मे; हमारा एक पिता है अर्थात परमेश्वर।
John 8:42 यीशु ने उन से कहा; यदि परमेश्वर तुम्हारा पिता होता, तो तुम मुझ से प्रेम रखते; क्योंकि मैं परमेश्वर में से निकल कर आया हूं; मैं आप से नहीं आया, परन्तु उसी ने मुझे भेजा।
John 8:43 तुम मेरी बात क्यों नहीं समझते? इसलिये कि मेरा वचन सुन नहीं सकते।
John 8:44 तुम अपने पिता शैतान से हो, और अपने पिता की लालसाओं को पूरा करना चाहते हो। वह तो आरम्भ से हत्यारा है, और सत्य पर स्थिर न रहा, क्योंकि सत्य उस में है ही नहीं: जब वह झूठ बोलता, तो अपने स्‍वभाव ही से बोलता है; क्योंकि वह झूठा है, वरन झूठ का पिता है।
John 8:45 परन्तु मैं जो सच बोलता हूं, इसीलिये तुम मेरी प्रतीति नहीं करते।
John 8:46 तुम में से कौन मुझे पापी ठहराता है? और यदि मैं सच बोलता हूं, तो तुम मेरी प्रतीति क्यों नहीं करते?
John 8:47 जो परमेश्वर से होता है, वह परमेश्वर की बातें सुनता है; और तुम इसलिये नहीं सुनते कि परमेश्वर की ओर से नहीं हो।


एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 13
  • मत्ती 26:26-50



रविवार, 11 फ़रवरी 2018

क्षमा


   अपने बेटे के विवाह भोज के समय, मेरे मित्र बॉब ने नवविवाहितों को आने वाले वैवाहिक जीवन के लिए परामर्श और प्रोत्साहन देते हुए एक घटना बताई। उसने निकट के एक शहर के एक फुटबॉल प्रशिक्षक के बारे में बताया, जिसकी टीम अपना एक खेल हार गई थी। अपनी टीम को यह बात याद दिलाते रहने के लिए उसने सारे सप्ताह उनके हारने वाले अंकों को स्कोरबोर्ड पर लगाए रखा। हो सकता है कि यह फुटबॉल में अच्छी रणनीति हो, परन्तु बॉब ने बुद्धिमता से सलाह दी कि विवाह में ऐसा करना बहुत हानिकारक होता है। यदि आपका जोड़ीदार किसी रीति से आपको परेशान या विचलित कर देता है, या आपकी आशा के अनुरूप कार्य नहीं करता है, तो उसकी इस विफलता के बारे में लगातार उसे स्मरण मत दिलाते रहिए। हिसाब रखने के स्कोरबोर्ड से उस बात को हटा दीजिए।

   कितना भला परामर्श! परमेश्वर का वचन बाइबल एक दूसरे से प्रेम रखने और एक दूसरे की गलतियों को नज़रंदाज़ करने के निर्देषों और आज्ञाओं से भरी पड़ी है। हमें स्मरण दिलाया गया है कि प्रेम बुरा नहीं मानता है (1 कुरिन्थियों 13:5), और हमें भी एक दूसरे को वैसे ही क्षमा कर देने को तैयार रहना चाहिए, जैसे परमेश्वर ने हमारे साथ किया है: “और एक दूसरे पर कृपाल, और करूणामय हो, और जैसे परमेश्वर ने मसीह में तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी एक दूसरे के अपराध क्षमा करो” (इफिसियों 4:32)।

   मैं परमेश्वर का बहुत कृतज्ञ और आभारी हूँ कि वह मेरी गलतियों का हिसाब नहीं रखता है। जब भी हम अपनी गलतियों के लिए पश्चाताप करते हैं, वह केवल हमारी गलतियों और अपराधों को क्षमा ही नहीं करता है, वरन उन्हें उतनी दूर कर देता है, जितना पूरब से पश्चिम दूर है (भजन 103:12)। परमेश्वर के साथ क्षमा का अर्थ है कि हमारा पाप न केवल दृष्टि से दूर है, वरन उसके मन से भी हट गया है। परमेश्वर हमें अनुग्रह प्रदान करे कि हम भी औरों को ऐसे ही क्षमा कर सकें जैसे परमेश्वर ने हमें क्षमा किया है। - जो स्टोवैल


वैसे क्षमा करें जैसे परमेश्वर आपको करता है; हिसाब न रखें।

उदयाचल अस्ताचल से जितनी दूर है, उसने हमारे अपराधों को हम से उतनी ही दूर कर दिया है। - भजन 103:12  

बाइबल पाठ: इफिसियों 4:25-32
Ephesians 4:25 इस कारण झूठ बोलना छोड़कर हर एक अपने पड़ोसी से सच बोले, क्योंकि हम आपस में एक दूसरे के अंग हैं।
Ephesians 4:26 क्रोध तो करो, पर पाप मत करो: सूर्य अस्‍त होने तक तुम्हारा क्रोध न रहे।
Ephesians 4:27 और न शैतान को अवसर दो।
Ephesians 4:28 चोरी करने वाला फिर चोरी न करे; वरन भले काम करने में अपने हाथों से परिश्रम करे; इसलिये कि जिसे प्रयोजन हो, उसे देने को उसके पास कुछ हो।
Ephesians 4:29 कोई गन्‍दी बात तुम्हारे मुंह से न निकले, पर आवश्यकता के अनुसार वही जो उन्नति के लिये उत्तम हो, ताकि उस से सुनने वालों पर अनुग्रह हो।
Ephesians 4:30 और परमेश्वर के पवित्र आत्मा को शोकित मत करो, जिस से तुम पर छुटकारे के दिन के लिये छाप दी गई है।
Ephesians 4:31 सब प्रकार की कड़वाहट और प्रकोप और क्रोध, और कलह, और निन्‍दा सब बैरभाव समेत तुम से दूर की जाए।
Ephesians 4:32 और एक दूसरे पर कृपाल, और करूणामय हो, और जैसे परमेश्वर ने मसीह में तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी एक दूसरे के अपराध क्षमा करो।


एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 11-12
  • मत्ती 26:1-25



शनिवार, 10 फ़रवरी 2018

सर्वप्रथम


   मेरे मित्र के बेटे ने एक दिन अपने स्कूल की पोषाक के ऊपर एक स्पोर्ट्स कमीज़ पहन ली। वह अपनी मनपसंद टीम के लिए, जो उस संध्या एक महत्वपूर्ण खेल खेलने जा रही थी, अपना समर्थन दिखाना चाह रहा था। घर से बाहर निकलने से पहले उस स्पोर्ट्स कमीज़ के ऊपर उसने कुछ और डाल लिया – एक चेन जिसमें लगी लटकन पर लिखा था ‘यीशु’। उसके इस साधारण से कार्य ने एक महत्वपूर्ण और गहरे सत्य को प्रकट किया: हमारे जीवन की प्रत्येक बात में, प्रभु यीशु ही सर्वप्रथम, सर्वोच्च स्थान के हकदार हैं।

   परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बताती है कि प्रभु यीशु ही “सब वस्‍तुओं में प्रथम है” (कुलुस्सियों 1:17)। प्रभु यीशु समस्त सृष्टि में सर्वोच्च हैं (पद 15-16); और “वही देह, अर्थात कलीसिया का सिर हैं” (पद 18)। इस बात के कारण उन्हें सब बातों में पहला स्थान मिलना चाहिए।

   जब अपने जीवन की प्रत्येक बात में हम प्रभु यीशु को आदर का सर्वोच्च स्थान देते हैं, तो उसका सत्य हमारे आस-पास के लोगों पर प्रकट हो जाता है। हमें विचार करना चाहिए कि, अपने कार्यस्थल में क्या हम सर्वप्रथम परमेश्वर के लिए कार्य कर रहे हैं या केवल अपने अधिकारी को प्रसन्न करने के लिए? (3:23); औरों के साथ हमारे व्यवहार में हम परमेश्वर के मानकों को कैसे प्रकट करते हैं? (12-14)। क्या अपने जीवन-यापन, अपनी दिनचर्या, अपनी मनपसंद गतिविधियों में हम उसे सर्वप्रथम स्थान देते हैं?

   जब हमारे जीवनों पर प्रभाव डालने वाले सबसे महत्वपूर्ण प्रभु यीशु होंगे, तो हमारे ह्रदयों में उनका सही स्थान – सर्वप्रथम, भी हो जाएगा। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


प्रभु यीशु को अपने जीवन की हर बात में सर्वप्रथम रखिए।

प्रभु परमेश्वर वह जो है, और जो था, और जो आने वाला है; जो सर्वशक्तिमान है: यह कहता है, कि मैं ही अल्फा और ओमेगा हूं। - प्रकाशितवाक्य 1:8

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 1:12-20
Colossians 1:12 और पिता का धन्यवाद करते रहो, जिसने हमें इस योग्य बनाया कि ज्योति में पवित्र लोगों के साथ मीरास में समभागी हों।
Colossians 1:13 उसी ने हमें अन्धकार के वश से छुड़ाकर अपने प्रिय पुत्र के राज्य में प्रवेश कराया।
Colossians 1:14 जिस में हमें छुटकारा अर्थात पापों की क्षमा प्राप्त होती है।
Colossians 1:15 वह तो अदृश्य परमेश्वर का प्रतिरूप और सारी सृष्‍टि में पहिलौठा है।
Colossians 1:16 क्योंकि उसी में सारी वस्‍तुओं की सृष्‍टि हुई, स्वर्ग की हो अथवा पृथ्वी की, देखी या अनदेखी, क्या सिंहासन, क्या प्रभुताएं, क्या प्रधानताएं, क्या अधिकार, सारी वस्तुएं उसी के द्वारा और उसी के लिये सृजी गई हैं।
Colossians 1:17 और वही सब वस्तुओं में प्रथम है, और सब वस्तुएं उसी में स्थिर रहती हैं।
Colossians 1:18 और वही देह, अर्थात कलीसिया का सिर है; वही आदि है और मरे हुओं में से जी उठने वालों में पहिलौठा कि सब बातों में वही प्रधान ठहरे।
Colossians 1:19 क्योंकि पिता की प्रसन्नता इसी में है कि उस में सारी परिपूर्णता वास करे।
Colossians 1:20 और उसके क्रूस पर बहे हुए लोहू के द्वारा मेल मिलाप कर के, सब वस्‍तुओं का उसी के द्वारा से अपने साथ मेल कर ले चाहे वे पृथ्वी पर की हों, चाहे स्वर्ग में की।


एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 8-10
  • मत्ती 25:31-46